Saturday, June 27, 2026
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मेडिकल कॉलेज में ऑटोक्लेव मशीन फटने से मचा हड़कंप, ऑपरेशन थिएटर में भर गया धुआं; जांच समिति गठित

बहराइच/उत्तर प्रदेश (राष्ट्र की परम्परा)। यूपी के बहराइच मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी विभाग में सोमवार दोपहर उस समय अफरातफरी मच गई, जब ऑपरेशन थिएटर में लगी ऑटोक्लेव मशीन तेज धमाके के साथ फट गई। यह हादसा करीब दोपहर 12:15 बजे हुआ। गनीमत रही कि घटना के समय ओटी में मौजूद नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारी बाहर थे, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में नियमित कार्य चल रहा था। ऑपरेशन थिएटर में कॉटन और अन्य कपड़ों को स्टरलाइज करने के लिए उपयोग में लाई जा रही ऑटोक्लेव मशीन चालू की गई थी। नर्सिंग कर्मचारी मशीन को चालू कर बाहर निकला ही था कि अचानक जोरदार धमाका हुआ और मशीन फट गई। धमाके के साथ ही ओटी के अंदर धुआं भर गया, जिससे कुछ देर के लिए इमरजेंसी सेवाएं प्रभावित हुईं।

धमाके की आवाज से मचा हड़कंप

तेज धमाके की आवाज सुनते ही आसपास मौजूद डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे। तत्काल स्थिति को नियंत्रित किया गया और एहतियातन ओटी क्षेत्र को खाली कराया गया। राहत की बात यह रही कि किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

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प्रारंभिक जांच में अधिक स्टीम बनने की आशंका

घटना की जानकारी मिलते ही मेडिकल कॉलेज प्रशासन मौके पर पहुंचा। मेडिकल कॉलेज के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एमएमएम त्रिपाठी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में ऑटोक्लेव मशीन में अधिक भाप (स्टीम) बनने के कारण धमाका होने की आशंका जताई जा रही है। उन्होंने कहा कि घटना में किसी मरीज या कर्मचारी को कोई चोट नहीं आई है।

जांच समिति गठित, रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई

डॉ. त्रिपाठी ने बताया कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच समिति गठित कर दी गई है। यह समिति यह जांच करेगी कि मशीन में कोई तकनीकी खराबी थी या संचालन में किसी तरह की लापरवाही हुई। जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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इस घटना के बाद मेडिकल कॉलेज में सुरक्षा मानकों और मेडिकल उपकरणों की नियमित जांच को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि प्रशासन का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

श्रीराम मंदिर आंदोलन के प्रखर सूत्रधार पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती का निधन, देशभर में शोक की लहर

अयोध्याधाम (राष्ट्र की परम्परा)। श्रीराम मंदिर आंदोलन के प्रमुख स्तंभ, प्रखर संत और पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती का मध्य प्रदेश के रीवा में इलाज के दौरान निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही अयोध्या सहित पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। संत समाज, साधु-संतों, रामभक्तों और उनके शिष्यों में गहरा शोक व्याप्त है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रीवा जनपद में प्रवास के दौरान डॉ. वेदांती की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। इसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों के अथक प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और उन्होंने अंतिम सांस ली।

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पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती का पार्थिव शरीर मध्य प्रदेश से अयोध्या लाया जा रहा है। उनके शिष्य एवं उत्तराधिकारी पार्थिव शरीर को लेकर शीघ्र ही अयोध्या के लिए प्रस्थान करेंगे। अयोध्या पहुंचने पर अंतिम दर्शन के पश्चात विधि-विधान से अंतिम संस्कार की प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी।

श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में डॉ. वेदांती की भूमिका ऐतिहासिक और अत्यंत प्रभावशाली रही। वे आंदोलन के अग्रिम पंक्ति के योद्धा रहे और जीवनभर सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति और राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित रहे। उनके निधन को आध्यात्मिक जगत और सनातन परंपरा के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।

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उनके निधन पर संत समाज, धार्मिक संगठनों और रामभक्तों ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। सभी ने प्रभु श्रीराम से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने और शोक संतप्त अनुयायियों एवं शिष्यों को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

विरासत गलियारा परियोजना का डीएम–एसएसपी ने किया निरीक्षण, मूलभूत सुविधाओं को लेकर दिए सख्त निर्देश

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। निर्माणाधीन विरासत गलियारा परियोजना की प्रगति और आम जनता को हो रही समस्याओं को लेकर सोमवार को जिलाधिकारी दीपक मीणा एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राज करन नय्यर ने संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान नाला निर्माण, जलनिकासी, बिजली आपूर्ति, सड़क और यातायात व्यवस्था से जुड़ी मूलभूत सुविधाओं की गहन समीक्षा की गई।

निरीक्षण के दौरान डीएम दीपक मीणा ने कहा कि विरासत गलियारा गोरखपुर की पहचान से जुड़ी एक महत्वपूर्ण परियोजना है, इसलिए निर्माण कार्य गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि नाले का निर्माण इस प्रकार किया जाए, जिससे बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या न हो और स्थानीय नागरिकों को किसी तरह की परेशानी न उठानी पड़े।

डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि निर्माण कार्य के कारण कहीं सड़क, बिजली, पानी या आवागमन प्रभावित हो रहा है, तो उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन, चेतावनी संकेतक, बैरिकेडिंग और वैकल्पिक मार्गों की उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राज करन नय्यर ने निरीक्षण के दौरान यातायात और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य के चलते यातायात बाधित न हो, इसके लिए पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के दौरान स्थानीय पार्षद अशोक यादव ने क्षेत्रीय नागरिकों की समस्याओं से अधिकारियों को अवगत कराया। इस पर डीएम ने आश्वासन दिया कि जनप्रतिनिधियों से समन्वय स्थापित कर सभी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा।

इस मौके पर एडीएम प्रशासन सहदेव मिश्र, एसडीएम सदर दीपक गुप्ता, अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा, तहसीलदार ज्ञान प्रताप सिंह, सीओ कोतवाली ओमकार दत्त तिवारी सहित लोक निर्माण विभाग, नगर निगम और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

डीएम ने नाले की चौड़ाई, गहराई और जल निकासी व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि डिजाइन भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाए। बिजली विभाग को निर्देश दिए गए कि निर्माण के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित न हो और वैकल्पिक व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए।

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निरीक्षण के अंत में डीएम एवं एसएसपी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य विकास के साथ-साथ आमजन की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करना है, ताकि विरासत गलियारा गोरखपुर की एक आदर्श परियोजना बन सके।

अगर भारतीय रुपया डॉलर के बराबर हो जाए तो iPhone की कीमत कितनी होगी? जानें पूरा असर

Rupee VS Dollar: 15 दिसंबर को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 90.63 के अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। इसके बाद एक बार फिर यह बहस तेज हो गई कि करेंसी की मजबूती या कमजोरी आम लोगों की जिंदगी को कैसे प्रभावित करती है। लेकिन अगर स्थिति बिल्कुल उलट हो जाए और ₹1 = $1 हो जाए, तो देश की अर्थव्यवस्था से लेकर iPhone जैसी लग्जरी चीजों की कीमत तक सब कुछ बदल जाएगा। आइए समझते हैं इसका असर।

अगर रुपया डॉलर के बराबर हो जाए तो iPhone कितना सस्ता होगा?

अगर भारतीय रुपया और अमेरिकी डॉलर बराबर हो जाएं, तो भारत में iPhone की कीमत लगभग अमेरिका के बराबर हो जाएगी।
उदाहरण के लिए, अगर अमेरिका में iPhone 17 की कीमत $799 है, तो भारत में इसकी कीमत लगभग ₹799 होगी।

इसका मतलब साफ है कि जो iPhone आज भारत में ₹70,000–₹80,000 में मिलता है, वह घटकर केवल ₹700–₹800 के आसपास आ सकता है। यानी लग्जरी स्मार्टफोन आम लोगों की पहुंच में आ जाएंगे।

इंपोर्ट होंगे बेहद सस्ते

रुपया मजबूत होते ही इंपोर्टेड सामान की कीमतों में बड़ी गिरावट आएगी।

• कच्चा तेल सस्ता होगा

• पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी कमी

• सोना, इलेक्ट्रॉनिक्स, मेडिकल उपकरण, विमान और भारी मशीनरी सस्ती

• विदेशी शिक्षा, विदेश यात्रा और इंटरनेशनल शॉपिंग भी किफायती

एक्सपोर्ट को लगेगा जोरदार झटका

जहां इंपोर्ट सस्ते होंगे, वहीं एक्सपोर्ट सेक्टर लगभग ठप हो सकता है।
भारतीय सामान विदेशी बाजार में बहुत महंगा हो जाएगा, जिससे: टेक्सटाइल, फार्मा, ऑटो कंपोनेंट्स, कृषि उत्पाद, हस्तशिल्प जैसे सेक्टर ग्लोबल मुकाबले में पिछड़ जाएंगे। इससे व्यापार घाटा तेजी से बढ़ेगा।

नौकरियों और बिजनेस पर असर

भारत का आईटी और सर्विस सेक्टर, जो डॉलर में कमाई करता है और रुपये में खर्च करता है, सबसे ज्यादा प्रभावित होगा।

• भारत की “कम लागत वाला देश” होने की पहचान खत्म होगी

• विदेशी कंपनियां ऑपरेशन दूसरे सस्ते देशों में शिफ्ट कर सकती हैं

• FDI और पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट घटेगा

• बेरोजगारी का खतरा बढ़ सकता है

पर्सनल फाइनेंस: फायदे भी, नुकसान भी

फायदे:

• डॉलर में लोन लेने वाली कंपनियों का कर्ज सस्ता होगा

• लग्जरी और इंपोर्टेड सामान की खरीद बढ़ेगी

नुकसान:

• घरेलू उद्योग कमजोर होंगे

• नौकरियों पर दबाव बढ़ेगा

• आम लोगों की आय वृद्धि धीमी हो सकती है

विधि परीक्षा में नकल का मामला, छात्रा रस्टीकेट; कॉलेज प्रशासन ने अपनाई सख्त कार्रवाई

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। संत विनोबा स्नातकोत्तर महाविद्यालय में चल रही विधि संकाय की पंचम सेमेस्टर परीक्षा के दौरान नकल का एक गंभीर मामला सामने आया है। सोमवार सुबह की पाली में आयोजित प्रोफेशनल एथिक्स एंड प्रोफेशनल अकाउंटिंग सिस्टम विषय की परीक्षा के दौरान एक छात्रा को नकल करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया, जिसके बाद उसे परीक्षा से रस्टीकेट कर दिया गया।

कक्ष निरीक्षण में पकड़ी गई नकल

कक्ष निरीक्षक डॉ. अभिनव चौबे ने कक्ष संख्या एक में निरीक्षण के दौरान छात्रा के सामने रखी हस्तलिखित चिट देखी। प्रथम दृष्टया नकल की पुष्टि होने पर तत्काल इसकी सूचना दी गई। इसके बाद महिला कक्ष निरीक्षक डॉ. तूलिका पाण्डेय द्वारा छात्रा की जांच की गई, जिसमें उसके पर्स से अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद हुई।

विश्वविद्यालयीय दिशा-निर्देशों के तहत कार्रवाई

परीक्षा नियमों के स्पष्ट उल्लंघन को देखते हुए केन्द्राध्यक्ष प्रो. अर्जुन मिश्र ने विश्वविद्यालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सख्त कदम उठाते हुए छात्रा को परीक्षा से रस्टीकेट कर दिया। कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया कि परीक्षा की पवित्रता और पारदर्शिता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

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शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुई परीक्षा

महाविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इस पाली में विधि पंचम सेमेस्टर के कुल 135 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 134 छात्र-छात्राएं परीक्षा में उपस्थित रहे। एक छात्रा के विरुद्ध कार्रवाई के बावजूद परीक्षा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराई गई।

छात्रों को नियमों के पालन की अपील

कॉलेज प्रशासन ने परीक्षार्थियों से परीक्षा नियमों का पालन करने और अनुचित साधनों से दूर रहने की अपील की है। प्रशासन ने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसे मामलों पर शून्य सहनशीलता नीति के तहत कठोर कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता बनी रहे।

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टीएससीटी देगी दिवंगत शिक्षक शाहनवाज अहमद के परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के सीयर ब्लॉक स्थित जीएमएएम इंटर कॉलेज, बिल्थरारोड के दिवंगत शिक्षक शाहनवाज अहमद के परिवार को टीचर्स सेल्फ केयर टीम (TSCT) की ओर से लगभग 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। यह सहायता उनकी पत्नी इशरत जहाँ को दी जाएगी। शाहनवाज अहमद का निधन 15 दिसंबर 2024 को हार्ट अटैक के कारण हो गया था।

रविवार देर शाम टीएससीटी के पदाधिकारी दिवंगत शिक्षक के पिपरौली बड़ागांव स्थित आवास पर पहुंचे और सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कीं। सोमवार से प्रदेशभर के सदस्यों द्वारा उनके बैंक खाते में अंशदान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जो 25 दिसंबर तक जारी रहेगी।

चार लाख से अधिक सदस्यों वाली सशक्त शिक्षक संस्था

टीचर्स सेल्फ केयर टीम प्रदेश की एक सशक्त संस्था है, जो शिक्षा अधिकारियों, शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के हितों के लिए कार्य करती है। संस्था के प्रदेशभर में चार लाख से अधिक सदस्य जुड़े हुए हैं। संगठन का मुख्य उद्देश्य किसी सदस्य के असामयिक निधन की स्थिति में उसके परिवार को आर्थिक संबल प्रदान करना है।

इस माह 20 परिवारों को मिलेगी सहायता

टीएससीटी द्वारा इस माह प्रदेश के 20 दिवंगत सदस्यों के परिवारों को सहायता दी जा रही है, जिसमें शाहनवाज अहमद की पत्नी का नाम भी शामिल है। अनुमान के मुताबिक लगभग 80 प्रतिशत सदस्य, यानी करीब 3 लाख 25 हजार लोग, प्रत्येक परिवार के लिए 15 रुपये 50 पैसे का योगदान करेंगे। इससे हर परिवार को लगभग 50 लाख रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी।

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संगठन ने परिजनों को बंधाया ढांढस

रविवार को टीएससीटी की जिला टीम दिवंगत शिक्षक के घर पहुंची और परिजनों को ढांढस बंधाया। इस दौरान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष विवेकानंद ने फोन पर इशरत जहाँ से बात कर हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।

इस मौके पर जिला संयोजक सतीश सिंह, जिला प्रवक्ता चंद्रशेखर पासवान, जिला मीडिया प्रभारी सतीश मेहता सहित कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।

अब तक सैकड़ों परिवारों को मिला सहयोग

उल्लेखनीय है कि टीएससीटी अब तक जिले के सात दिवंगत शिक्षक और शिक्षामित्रों के परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान कर चुकी है। वहीं प्रदेश स्तर पर 456 परिवार इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं। संस्था की यह पहल शिक्षक समाज में एकजुटता, सहयोग और मानवीय संवेदना का सशक्त उदाहरण पेश कर रही है।

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दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर कोहरे का कहर: 20 वाहन टकराए, CISF इंस्पेक्टर की मौत; 5 घायल

मेवात (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। घने कोहरे ने सोमवार सुबह दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर भीषण तबाही मचा दी। कम दृश्यता के कारण हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों में करीब 20 वाहन आपस में टकरा गए। पुलिस के अनुसार, इन दुर्घटनाओं में एक सीआईएसएफ इंस्पेक्टर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है और संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

नरियाला गांव के पास पहला बड़ा हादसा

पहला हादसा सुबह करीब 5 बजे नरियाला गांव के पास हुआ। घने कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम थी, जिसके चलते 10 छोटे और 3 बड़े वाहन आपस में टकरा गए। अचानक ब्रेकिंग और कम विजिबिलिटी ने टक्कर की श्रृंखला को और गंभीर बना दिया।

बनारसी गांव के पास दूसरा हादसा, ट्रक पलटा

दूसरा हादसा बनारसी गांव के पास हुआ, जहां 7 वाहन एक-दूसरे से भिड़ गए। जानकारी के मुताबिक, अमरूद से भरा एक ट्रक पहले एक वाहन से टकराया और अनियंत्रित होकर पलट गया। पीछे से आ रहे वाहन कोहरे के कारण समय पर ब्रेक नहीं लगा सके और एक के बाद एक टकराते चले गए।

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एम्बुलेंस देर से पहुंचने का आरोप

हादसे के बाद मौके पर स्थानीय ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को निजी वाहनों से अस्पताल पहुंचाया। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद आधे घंटे से अधिक समय तक एम्बुलेंस नहीं पहुंची, जिससे गंभीर रूप से घायल सीआईएसएफ इंस्पेक्टर ने दम तोड़ दिया।

पुलिस जांच में जुटी, यातायात नियंत्रित

फिलहाल पुलिस मौके पर पहुंचकर हादसों की जांच कर रही है और एक्सप्रेस-वे पर यातायात नियंत्रित किया जा रहा है। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जबकि पहचान की प्रक्रिया जारी है।

तेज रफ्तार का कहर: ढेसो पुल के पास बोलोरो झोपड़ी में घुसी, युवक की मौत, चालक की हालत नाजुक

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। निचलौल थाना क्षेत्र के बहुआर मार्ग स्थित ढेसो पुल के पास शनिवार देर रात तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला। निचलौल की ओर से आ रही एक बोलेरो अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बनी झोपड़ी में जा घुसी। हादसा इतना भीषण था कि झोपड़ी में सो रहे एक युवक की मौके पर ही हालत गंभीर हो गई, जबकि बोलेरो चालक भी बुरी तरह घायल हो गया।
स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निचलौल पहुंचाया गया। वहां डक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल पहुंचने पर झोपड़ी में सो रहे युवक सूरज 26 वर्ष की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि बोलेरो चालक की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार मृतक सूरज गोरखपुर जिले के गोला क्षेत्र का निवासी था। वह अपनी बुजुर्ग मां के साथ ढेसो पुल के पास झोपड़ी डालकर रहता था। आर्थिक तंगी के चलते सूरज अपनी मां के साथ भिक्षाटन कर जीवन यापन करता था। रात में भोजन करने के बाद वह मां के साथ झोपड़ी में सोया हुआ था, तभी तेज रफ्तार बोलेरो अनियंत्रित होकर सीधे झोपड़ी में जा घुसी। हादसे में सूरज की मौके पर ही हालत गंभीर हो गई, जबकि उसकी मां को हल्की चोटें आईं।
बोलेरो चालक की पहचान रवि भारती निवासी बजही के रूप में हुई है, जो इस दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गया। उसका इलाज जिला अस्पताल में महराजगंज में जारी है।
घटना की सूचना पर निचलौल थाना प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार वर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि घायलों को तत्काल अस्पताल भेजा गया, जहां सूरज की मौत हो गई। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी गई है, वहीं बोलेरो चालक का उपचार जारी है। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है।
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के खतरों को उजागर कर दिया है। सड़क किनारे झोपड़ी में जीवन बसर कर रहे गरीब परिवार पर यह हादसा कहर बनकर टूटा, जिससे पूरे इलाके में शोक का माहौल है।

पीएम मोदी तीन देशों के अहम दौरे पर रवाना, जॉर्डन पहला पड़ाव; व्यापार और रणनीतिक मुद्दों पर होगी बड़ी वार्ता

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से तीन देशों के महत्वपूर्ण विदेश दौरे पर रवाना हो गए हैं। इस दौरे के तहत वह जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान की यात्रा करेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा पश्चिम एशिया और अफ्रीका के साथ भारत के रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। दौरे के दौरान व्यापार, निवेश, रणनीतिक सहयोग और क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर व्यापक बातचीत होगी।

यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक अस्थिरता बढ़ी हुई है। भारत इस दौरे के जरिए भरोसेमंद साझेदार देशों के साथ अपने राजनीतिक, आर्थिक और कूटनीतिक संबंधों को नई मजबूती देना चाहता है। खास बात यह है कि जॉर्डन और इथियोपिया की यह प्रधानमंत्री मोदी की पहली पूर्ण द्विपक्षीय यात्रा है, जबकि ओमान का यह उनका दूसरा दौरा होगा।

जॉर्डन से होगी दौरे की शुरुआत

प्रधानमंत्री मोदी 15 दिसंबर को जॉर्डन की राजधानी अम्मान पहुंचेंगे। यहां वह किंग अब्दुल्ला द्वितीय के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे, जिसके बाद प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता होगी। भारत और जॉर्डन के बीच कूटनीतिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं, ऐसे में यह यात्रा विशेष महत्व रखती है। दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और राजनीतिक सहयोग को बढ़ाने पर फोकस रहेगा।

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व्यापार और जन-संपर्क पर विशेष जोर

दौरे के दूसरे दिन प्रधानमंत्री मोदी और किंग अब्दुल्ला भारत-जॉर्डन व्यापार कार्यक्रम को संबोधित करेंगे, जिसमें दोनों देशों के प्रमुख उद्योगपति शामिल होंगे। इसके साथ ही पीएम मोदी जॉर्डन में रह रहे भारतीय समुदाय से भी संवाद करेंगे। युवराज के साथ उनका पेट्रा शहर का दौरा भी प्रस्तावित है, जिसे भारत-जॉर्डन के प्राचीन व्यापारिक संबंधों का प्रतीक माना जाता है।

इथियोपिया में भारत-अफ्रीका साझेदारी पर चर्चा

जॉर्डन के बाद प्रधानमंत्री मोदी 16 से 17 दिसंबर तक इथियोपिया के राजकीय दौरे पर रहेंगे। यह उनकी इथियोपिया की पहली यात्रा होगी। यहां वह प्रधानमंत्री अबी अहमद अली से मुलाकात करेंगे। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग के सभी पहलुओं पर चर्चा होगी। प्रधानमंत्री मोदी इथियोपिया की संसद के संयुक्त सत्र को भी संबोधित करेंगे।

अफ्रीका एजेंडे को मिलेगी नई दिशा

इथियोपिया दौरे के दौरान कई समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। भारत इस यात्रा के माध्यम से अफ्रीका में एक दीर्घकालिक और भरोसेमंद साझेदार के रूप में अपनी भूमिका को और मजबूत करना चाहता है। एजेंडा 2063, विकास, निवेश और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होगा। भारतीय समुदाय से संवाद भी यात्रा का अहम हिस्सा रहेगा।

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ओमान में व्यापार समझौते पर खास नजर

दौरे के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री मोदी 17 से 18 दिसंबर तक ओमान जाएंगे। भारत और ओमान के बीच कूटनीतिक संबंधों के 70 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इस दौरान भारत-ओमान व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते पर विशेष ध्यान रहेगा। माना जा रहा है कि यह समझौता दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को नई गति देगा।

सोनिया गांधी से राहुल-खरगे की शिकायत करना पड़ा भारी, कांग्रेस ने मोहम्मद मोकिम को पार्टी से निकाला

भुवनेश्वर/नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। कांग्रेस पार्टी की केंद्रीय समिति (AICC) ने ओडिशा के पूर्व विधायक मोहम्मद मोकिम को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित करने का फैसला लिया है। इस संबंध में ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (OPCC) की ओर से आधिकारिक नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में कहा गया है कि मोहम्मद मोकिम पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने के आरोप हैं, जिसके चलते यह कड़ा कदम उठाया गया।

मोहम्मद मोकिम ओडिशा के बाराबती-कटक विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई मोकिम द्वारा हाल ही में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखे गए एक तीखे पत्र के बाद की गई है।

सोनिया गांधी को लिखे पत्र से बढ़ा विवाद

मोहम्मद मोकिम ने अपने पत्र में कांग्रेस की मौजूदा स्थिति, संगठनात्मक कमजोरी और आंतरिक चुनौतियों पर गंभीर सवाल उठाए थे। उन्होंने लिखा था कि कांग्रेस की गिरती स्थिति के लिए बाहरी विपक्ष नहीं, बल्कि पार्टी के अंदर लिए गए फैसले जिम्मेदार हैं।

पत्र में मोकिम ने यह भी दावा किया कि वह पिछले लगभग तीन वर्षों से राहुल गांधी से मुलाकात नहीं कर सके, जो केवल उनकी व्यक्तिगत समस्या नहीं बल्कि देशभर के कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भावनात्मक दूरी को दर्शाता है।

खरगे की उम्र और नेतृत्व पर उठाए सवाल

अपने पत्र में मोकिम ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की उम्र को लेकर भी टिप्पणी की थी। उन्होंने लिखा था कि देश की लगभग 65 प्रतिशत आबादी युवा है, लेकिन 83 वर्षीय नेतृत्व युवाओं से प्रभावी रूप से जुड़ने में असमर्थ दिख रहा है। मोकिम का कहना था कि पार्टी को युवा वर्ग से जोड़ने के लिए नई ऊर्जा और दृष्टिकोण की जरूरत है।

प्रियंका गांधी को बड़ी भूमिका देने की मांग

हालांकि, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे की आलोचना के साथ-साथ मोकिम ने प्रियंका गांधी के नेतृत्व की खुलकर तारीफ भी की थी। उन्होंने सुझाव दिया था कि पार्टी को प्रियंका गांधी को केंद्रीय और सक्रिय भूमिका देनी चाहिए, क्योंकि युवा वर्ग उनके नेतृत्व की प्रतीक्षा कर रहा है।

इसके अलावा, उन्होंने भविष्य के नेतृत्व के लिए सचिन पायलट, डीके शिवकुमार और शशि थरूर जैसे नेताओं को आगे लाने की भी वकालत की थी।

पार्टी ने माना अनुशासनहीनता

कांग्रेस नेतृत्व ने मोकिम के पत्र को अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधि मानते हुए उनकी प्राथमिक सदस्यता समाप्त करने का निर्णय लिया। पार्टी का कहना है कि आंतरिक मुद्दों को सार्वजनिक या शीर्ष नेतृत्व के समक्ष इस तरह उठाना संगठनात्मक अनुशासन के खिलाफ है।

परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का सम्मान

बलिया(राष्ट्र की परम्परा) क्षेत्र के एस.एन. पब्लिक स्कूल, मलेजी नवरतनपुर नवानगर में अर्धवार्षिक परीक्षा के परिणाम घोषित होने के उपरांत विद्यालय में एक संक्षिप्त एवं गरिमामय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में कक्षा में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में उत्साह और प्रसन्नता का माहौल देखने को मिला।कार्यक्रम के दौरान विद्यालय प्रशासन द्वारा मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। शिक्षकों ने छात्रों की मेहनत, अनुशासन और लगन की सराहना करते हुए उन्हें निरंतर परिश्रम करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, बल्कि नियमित अध्ययन और आत्मविश्वास से ही लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।विद्यालय के प्रधानाचार्य विजय गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के सम्मान समारोह विद्यार्थियों के मनोबल को बढ़ाते हैं और अन्य छात्रों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणा देते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से समय प्रबंधन, नियमित अध्ययन एवं सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। समारोह के अंत में विद्यालय प्रबंधक मुन्ना यादव ने सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा आगामी परीक्षाओं में और बेहतर परिणाम की अपेक्षा जताई। विद्यालय के व्यवस्थापक आलोक कुमार ने भी बच्चों को शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम का संचालन परीक्षा प्रभारी धनंजय सेन द्वारा किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के समस्त शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

बीएसएसएस परशुराम सेना मे अधिवक्ता सुनील कुमार दूबे नियुक्त

मऊ(राष्ट्र क़ी परम्परा)
बीएसएसएस परशुराम सेना ने संगठन को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील कुमार दूबे को जिला कार्यकारिणी में कानूनी सलाहकार (उत्तर प्रदेश) के पद पर मनोनीत किया है। यह मनोनयन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनाथ पाण्डेय एवं उत्तर प्रदेश अध्यक्ष पं० अजीत कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में किया गया।
प्रदेश अध्यक्ष पंडित अजीत कुमार पांडे ने बताया कि नवनियुक्त कानूनी सलाहकार सुनील कुमार दूबे, पुत्र दीनानाथ दूबे, मऊ जनपद के बहरामपुर, मानीकपुर के निवासी हैं। वे लंबे समय से अधिवक्ता के रूप में कार्यरत हैं और सामाजिक व कानूनी क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। उनके अनुभव को देखते हुए संगठन ने उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।
मनोनयन पत्र के माध्यम से संगठन ने उनसे ब्राह्मण समाज के हित में कार्य करने की अपेक्षा जताई है। साथ ही बीएसएसएस परशुराम सेना को मजबूत करने, समाज को एकजुट करने और संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने का आग्रह किया गया है। संगठन ने विश्वास व्यक्त किया है कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में संगठन को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयास करेंगे।
इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने सुनील कुमार दूबे को शुभकामनाएं देते हुए आशा जताई कि उनके अनुभव और मार्गदर्शन से संगठन को नई दिशा और मजबूती मिलेगी। उनके मनोनयन से समर्थकों में खुशी का माहौल देखा जा रहा है।

सैनिक से साधक तक का प्रेरक जीवन: स्व. कैप्टन अंबिका प्रसाद गुप्ता को मंदिर समिति ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। सदर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत भिसवां में स्वर्गीय कैप्टन अंबिका प्रसाद गुप्ता के निधन से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। उनके निधन की सूचना मिलते ही न केवल गांव, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी शोक संवेदनाएं व्यक्त की गईं। वे ऐसे व्यक्तित्व के धनी थे, जिनका जीवन देशसेवा, समाजसेवा और आध्यात्मिक साधना का अद्भुत संगम रहा।

कैप्टन अंबिका प्रसाद गुप्ता ने अपने सैन्य जीवन में अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति को सर्वोच्च स्थान दिया। सेना से सेवानिवृत्ति के बाद भी उनका सक्रिय और सेवा-भाव से परिपूर्ण जीवन निरंतर चलता रहा। वे ग्राम भिसवां स्थित भिसवां मंदिर समिति के वरिष्ठतम सदस्य थे और वर्षों तक मंदिर के विकास, विस्तार एवं सुव्यवस्थित संचालन में उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया।

मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण, धार्मिक आयोजनों की मर्यादा तथा सामूहिक सहभागिता को सुदृढ़ करने में उनका मार्गदर्शन मंदिर समिति के लिए सदैव पथ-प्रदर्शक बना रहा। उनका सादा जीवन, स्पष्ट विचार और निःस्वार्थ सेवा भाव आज भी ग्रामवासियों एवं समिति सदस्यों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

समिति के सदस्यों ने बताया कि उनके निधन से जो रिक्तता उत्पन्न हुई है, उसकी भरपाई कर पाना अत्यंत कठिन है। स्वर्गीय कैप्टन अंबिका प्रसाद गुप्ता की आत्मा की शांति के लिए रविवार, 14 दिसंबर को सायं 7 बजे मंदिर समिति द्वारा मंदिर परिसर में विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर समिति के सदस्यों एवं ग्रामवासियों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रार्थना सभा में वक्ताओं ने उनके जीवन को राष्ट्रभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और आध्यात्मिक समर्पण का अनुपम उदाहरण बताया तथा ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।

मॉर्निंग वॉकर चेकिंग अभियान: पुलिस ने लोगों से किया सीधा संवाद, दिलाया सुरक्षा का भरोसा

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में शांति, सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से देवरिया पुलिस द्वारा “मॉर्निंग वॉकर चेकिंग अभियान” चलाया गया। यह अभियान पुलिस अधीक्षक देवरिया संजीव सुमन के निर्देशन में प्रातः 05:00 बजे से 08:00 बजे तक संचालित किया गया।

मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान का मुख्य उद्देश्य आमजन से सीधा संवाद स्थापित कर विश्वास व सुरक्षा की भावना को मजबूत करना, छोटे-मोटे विवादों का सामुदायिक स्तर पर समाधान करना तथा मित्र पुलिसिंग की भावना को प्रोत्साहित करना रहा।

अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने मॉर्निंग वॉक पर निकले नागरिकों से बातचीत कर उन्हें सुरक्षा संबंधी जानकारी दी और उनकी समस्याएं सुनीं। इसके साथ-साथ संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों की सघन चेकिंग करते हुए विधिविरुद्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी गई।

• अभियान के दौरान की गई प्रमुख कार्रवाइयां:

• चोरी की वाहनों की पहचान व कार्रवाई

• तीन सवारी चलने वालों के विरुद्ध चालान

• मॉडिफाइड साइलेंसर वाले दोपहिया वाहनों पर कार्रवाई

• नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के मामलों में सख्त कदम

• अवैध असलहा व मादक पदार्थों की जांच

पुलिस अधिकारियों ने संवाद के दौरान जनसामान्य को मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान के उद्देश्यों और लाभों से अवगत कराया। इस पहल की नागरिकों द्वारा सराहना की गई और मॉर्निंग वॉक के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर संतोष व्यक्त किया गया।

आंकड़ों में अभियान

जनपदीय पुलिस द्वारा इस अभियान के अंतर्गत कुल 15 स्थानों पर चेकिंग की गई, जिसमें 336 व्यक्तियों और 201 वाहनों की जांच की गई।

देवरिया पुलिस ने स्पष्ट किया कि ऐसे अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेंगे, ताकि आमजन की सुरक्षा, शांति और विश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा सके।

घना कोहरा, बेलगाम रफ्तार और जल्दबाजी—सड़कों पर मौत का साया

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। ठंड बढ़ते ही जनपद की सड़कों पर घना कोहरा छा गया है, जिससे दृश्यता कुछ मीटर तक सिमट गई है। ऐसे हालात में तेज रफ्तार, लापरवाही और जल्दबाजी सीधे मौत को दावत देने जैसी साबित हो रही है। बावजूद इसके, कई वाहन चालक मानो खतरे को चुनौती देते हुए अनियंत्रित गति से वाहन चला रहे हैं।
सुबह और देर रात राष्ट्रीय राजमार्गों, संपर्क मार्गों और ग्रामीण सड़कों पर स्थिति सबसे अधिक भयावह बनी हुई है। कोहरे में न मोड़ दिखता है, न सामने से आता वाहन और न ही अचानक सड़क पार करने वाले लोग। ऐसे में जरा सी चूक भी गंभीर हादसे में बदल सकती है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए तो यह मौसम किसी परीक्षा से कम नहीं है।
चिंताजनक बात यह है कि कई चालक न तो फॉग लाइट का प्रयोग कर रहे हैं, न ही हेडलाइट को डिप पर रखते हैं। ओवरटेक करने की जल्दबाजी और सुरक्षित दूरी की अनदेखी हादसों की आशंका को कई गुना बढ़ा रही है। यही लापरवाही किसी की जिंदगी और किसी के घर की खुशियां छीन सकती है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों का घर से निकलना डर का कारण बन गया है। स्कूल जाने वाले बच्चों और काम पर निकलने वाले मजदूरों की सुरक्षा को लेकर परिजन लगातार चिंतित हैं।
यातायात पुलिस और प्रशासन द्वारा बार-बार चेतावनी जारी की जा रही है, लेकिन कुछ लोग इसे गंभीरता से नहीं ले रहे। विशेषज्ञ साफ कहते हैं कि कोहरे में तेज रफ्तार आत्मघाती कदम है। थोड़ी सी देर मंजूर
कर लेना बेहतर है, बजाय इसके कि जीवन ही दांव पर लगा दिया जाए। प्रशासन से मांग की जा रही है कि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सख्त निगरानी, अतिरिक्त चेतावनी बोर्ड और गश्त बढ़ाई जाए। वहीं वाहन चालकों से अपील है कि संयम बरतें, गति नियंत्रित रखें और सुरक्षा नियमों का पालन करें। याद रखें—घर पहुंचने में देर हो सकती है, लेकिन अगर लापरवाही हुई तो घर पहुंचना ही नसीब न हो। कोहरे में सावधानी ही जीवन की गारंटी है।