Saturday, June 27, 2026
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आपसी विवाद में सगे भाइयों के परिवारों में मारपीट, चाकू से हमला, एक युवक गंभीर

सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र के उपनगर जमुआ वार्ड नंबर दो में सोमवार देर शाम आपसी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। सगे भाइयों के बीच हुई कहासुनी के बाद मारपीट हो गई, जिसमें चाकू से हमला होने से एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि दो अन्य को हल्की चोटें आई हैं।

जानकारी के अनुसार, वार्ड निवासी गोरे और आज़ाद आपस में सगे भाई हैं। किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते मारपीट शुरू हो गई। इसी दौरान एक भाई के पुत्र द्वारा दूसरे चचेरे भाई पर चाकू से हमला कर दिया गया। इस घटना में गोरे के पुत्र जांबाज़ अहमद गंभीर रूप से घायल हो गए, वहीं गोरे के दूसरे पुत्र प्रिंस अहमद और शेर अहमद को हल्की चोटें आईं।

घायलों को परिजन तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएससी) लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांबाज़ अहमद की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें देवरहवा बाबा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, जबकि प्रिंस अहमद और शेर अहमद का प्राथमिक उपचार किया गया।

प्रभारी निरीक्षक महेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि मामला संज्ञान में है। घायलों का मेडिकल उपचार कराया गया है। प्रथम दृष्टया कोई ठोस तथ्य सामने नहीं आया है, फिर भी पूरे मामले की जांच की जा रही है।

पूर्व सभासद संतोष साहनी का निधन, आमी नदी तट पर दाह संस्कार

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के नगर पंचायत मगहर के पूर्व सभासद संतोष साहनी के निधन से क्षेत्र में शोक की लहर है। उनके निधन की सूचना मिलते ही नगरवासियों में शोक व्याप्त हो गया।
भाजपा नेता गौरव निषाद ने दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि स्व. संतोष साहनी सरल, मिलनसार और जनसेवा के प्रति समर्पित व्यक्ति थे। उनका निधन नगर के लिए अपूरणीय क्षति है।
पूर्व सभासद संतोष साहनी का दाह संस्कार आमी नदी के किनारे स्थित पटना घाट, मगहर में किया गया। इस अवसर पर पूर्व सभासद महेंद्र निषाद, अतुल श्रीवास्तव, चन्दन सैनी, मुकेश सहित बड़ी संख्या में नगरवासी, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और परिचितजन उपस्थित रहे। सभी ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी और उनके व्यक्तित्व व सामाजिक योगदान को स्मरण किया।

बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। महिला कल्याण विभाग उत्तर प्रदेश के निर्देशों के क्रम में एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी सतीश चंद्र के नेतृत्व में बाल विवाह मुक्त भारत 100 दिवसीय अभियान के अंतर्गत जय प्रकाश नारायण सर्वोदय बालिका विद्यालय, चकदही खलीलाबाद में विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को बाल विवाह से होने वाले सामाजिक, शारीरिक एवं मानसिक दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। वक्ताओं ने बताया कि बाल विवाह एक ऐसी कुप्रथा है जो समाज को भीतर से कमजोर करती है। इसी कुरीति पर रोक लगाने के लिए बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2000 लागू किया गया है। बाल विवाह से बच्चों का सर्वांगीण विकास बाधित होता है और पारिवारिक एवं सामाजिक संरचना पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
बच्चों को जागरूक करते हुए बताया गया कि यदि उनके आसपास किसी लड़के या लड़की का बाल विवाह हो रहा हो तो वे 1098, 1090 अथवा 181 पर सूचना दे सकते हैं। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। एक छोटी-सी सूचना से किसी बालिका का भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है।
कार्यक्रम में उपस्थित बच्चों को बाल विवाह मुक्त भारत की शपथ भी दिलाई गई। आयोजकों ने कहा कि एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में बाल विवाह की समाप्ति के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति का सहयोग आवश्यक है। यह कार्यक्रम टीम डीएचईडब्ल्यू एवं वन स्टॉप सेंटर के सहयोग से संचालित किया गया।
कार्यक्रम में विद्यालय की प्रधानाचार्या, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।

खरमास माना जाता है देवताओं का विश्राम का समय – आचार्य अजय शुक्ल

16 दिसम्बर से शुरू होकर 14 जनवरी को होगा खरमास का समापन

खरमास में होता है मांगलिक व नवीन कार्य वर्जित

सलेमपुर, देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। वैदिक पंचाग के अनुसार इस वर्ष खरमास 16 दिसम्बर की रात 10 बजकर 19 मिनट पर शुरू होगा ,इस समय सूर्य वृश्चिक राशि से निकलकर धनु राशि में प्रवेश करेंगें, जिसे धनु संक्रांति के नाम से भी जाना जाता है, इसका समापन अंग्रेजी वर्ष 2026 में 14 जनवरी को जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगें तो होगा। इस दौरान मांगलिक व नवीन कार्य वर्जित होता है।उक्त बातें बताते हुए जयराम ब्रम्ह स्थान मंगराइच के आचार्य अजय शुक्ल ने कहा कि यह समय देवी देवताओं के विश्राम करने का समय होता है। विवाह, सगाई, गृह निर्माण व प्रवेश, मुण्डन, जनेऊ नया वाहन,जमीन, आभूषण व व्यापार की शुरुआत जैसे कार्य नही किये जाते हैं। आचार्य शुक्ल ने बताया कि ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार यह मास जब सूर्य धनु राशि में होते हैं तो उनका प्रभाव कम हो जाता है जिससे शुभ कार्य का फल कम या बाधित होता है। खरमास का समय भौतिकवादी व मांगलिक कार्यों को टालने के समय है। इस महीने में भगवान विष्णु जी व सूर्यदेव की पूजा,दान,जप,ध्यान पर केंद्रित करने का समय होता है।

पशु चिकित्सालयों की बदहाली पर संयुक्त प्रतिनिधि मंडल ने जताई चिंता, त्वरित सुधार की मांग

सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
सोमवार को राष्ट्रीय समानता दल उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष संजयदीप कुशवाहा, सपा अनुसूचित मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष हरेराम आर्य एवं सुरेंद्र बौद्ध (आरएमबीयस) के नेतृत्व में एक संयुक्त प्रतिनिधि मंडल ने पशु चिकित्सालय सलेमपुर पहुंचकर पशुपालकों की समस्याओं से संबंधित ज्ञापन उपस्थित अधिकारी को सौंपा। प्रतिनिधि मंडल ने बदहाल पशु चिकित्सा सेवाओं के तत्काल निराकरण की मांग की।

प्रदेश अध्यक्ष संजयदीप कुशवाहा ने बताया कि सलेमपुर तहसील क्षेत्र अंतर्गत पशुपालन विभाग की स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है। उप पशु चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सलेमपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार क्षेत्र के कई पशु चिकित्सालय और पशु सेवा केंद्र वर्षों से कर्मचारियों एवं संसाधनों के अभाव में बंद पड़े हैं या नाम मात्र की सेवाओं के सहारे संचालित हो रहे हैं।

प्राप्त विवरण के अनुसार पशु चिकित्सालय सलेमपुर में वर्तमान में फार्मासिस्ट की तैनाती नहीं है। पशु सेवा केंद्र पुरैना में पशुधन अधिकारी का पद रिक्त है, जिससे केंद्र ड्रेसर के भरोसे चल रहा है। वहीं जमुआ, निजामाबाद, अनुआपर (पिवकोल), छत्रपुरा एवं मझौली स्थित पशु सेवा केंद्र वर्षों से संसाधनों और कर्मचारियों के अभाव में बंद पड़े हैं। उप पशु चिकित्सालय सोहनाग में केवल अनुचर के सहारे कार्य किया जा रहा है, जहां न तो पशुधन अधिकारी हैं और न ही फार्मासिस्ट।

इन हालातों के चलते क्षेत्र के पशुपालकों को समय पर उपचार, टीकाकरण एवं अन्य आवश्यक पशु चिकित्सा सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं, जिससे पशुपालन कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

इस मौके पर राष्ट्रीय समानता दल के प्रदेश अध्यक्ष संजयदीप कुशवाहा एवं सपा अनुसूचित मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष हरेराम आर्य ने प्रदेश सरकार और पशुपालन विभाग से मांग की कि वर्षों से बंद पड़े सभी पशु सेवा केंद्रों को तत्काल प्रभाव से चालू किया जाए, रिक्त पदों पर शीघ्र पशुधन अधिकारी, फार्मासिस्ट एवं अन्य आवश्यक कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए तथा ग्रामीण पशुपालकों को सुचारु एवं सुलभ पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।

नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो पार्टी पशुपालकों के हित में आंदोलन करने को विवश होगी।

युवती के अपहरण का आरोपी गिरफ्तार, कोर्ट भेजा गया

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

थाना भीमपुरा पुलिस ने अपहरण के एक मामले में फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर सोमवार को न्यायालय भेज दिया। आरोपी पर एक युवती को बहला-फुसलाकर भगाने का आरोप है। पुलिस के अनुसार यह घटना पांच दिन पूर्व की है, जब आरोपी युवती को लेकर घर से गायब हो गया था। युवती की मां की तहरीर पर थाना भीमपुरा में अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस लगातार आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी। सोमवार को पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी कंधरापुर गांव के समीप मौजूद है। सूचना के आधार पर थानाध्यक्ष के निर्देशन में पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। थानाध्यक्ष भीमपुरा अखिलेश चंद्र पांडेय ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान साबिर अली पुत्र सौकत अली, निवासी बनकट, थाना मधुबन, जनपद मऊ के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ युवती को भगाने के आरोप में मुकदमा दर्ज था। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी पर पहले से ही थाना मधुबन में आपराधिक मामला दर्ज है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद न्यायालय भेज दिया। वहीं बरामद की गई युवती को सकुशल उसके परिजनों को सौंप दिया गया है, जिससे परिजनों ने राहत की सांस ली। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक सरीमन सोनकर, कांस्टेबल अमित मिश्रा और धर्मेंद्र भारती शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि मामले की आगे की विवेचना जारी है और कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय चेरो सलेमपुर मे स्थापना दिवस पर सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन

सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)।
केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) का स्थापना दिवस सोमवार, 15 दिसंबर 2025 को पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय चेरो सलेमपुर में हर्षोल्लास एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाया गया। यह कार्यक्रम विद्यालय के प्राचार्य श्री आशुतोष पाण्डेय के कुशल निर्देशन एवं मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। स्थापना दिवस विद्यालय परिवार के लिए गौरव का क्षण रहा, जिसमें संगठन की शैक्षिक प्रतिबद्धता और गौरवशाली यात्रा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. पी.के. तिवारी, सेवानिवृत्त प्राध्यापक, बुद्धा महाविद्यालय कुशीनगर, उपस्थित रहे। वहीं विशिष्ट अतिथियों में श्री एस.एन. शुक्ला, संस्थापक प्राचार्य, के.वि. चेरो सलेमपुर; श्री रामरूद्ध प्रसाद, सेवानिवृत्त शिक्षक, के.वि. देवरिया; तथा श्री बी.के. शुक्ला, प्रधानाचार्य, सेंट जेवियर्स सीनियर सेकेंड्री स्कूल, सलेमपुर ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।

स्थापना दिवस समारोह के दौरान शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं नवोन्मेषी गतिविधियों का प्रेरणादायी संगम देखने को मिला। केंद्रीय विद्यालय संगठन मुख्यालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिनमें केवीएस के मूल्यों और उद्देश्यों की झलक स्पष्ट दिखाई दी। इसके साथ ही शिक्षकों और छात्रों ने केवीएस की उपलब्धियों, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) तथा राष्ट्रीय पाठ्यचर्या ढांचा (एनसीएफ) के प्रभावी क्रियान्वयन पर आधारित शैक्षिक प्रदर्शनी और मॉडल प्रस्तुत किए।

अतिथियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए केवीएस की शैक्षिक परंपरा और राष्ट्र निर्माण में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों को संगठन की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।

प्राचार्य श्री आशुतोष पाण्डेय ने अपने संबोधन में केंद्रीय विद्यालय संगठन की विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति निरंतर समर्पण बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्थापना दिवस हमें सामूहिक संकल्प को सुदृढ़ करने और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने का अवसर प्रदान करता है।

समारोह का समापन मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों के सम्मान तथा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। यह स्थापना दिवस न केवल एक उत्सव रहा, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय संगठन की निरंतर प्रगति और उत्कृष्टता के प्रति उसके अटूट संकल्प का सशक्त प्रमाण भी बना।

कुलपति के अध्यक्षता मे सम्पन्न हुआ योग कार्यशाला

गोरखपुर (राष्ट्र क़ी परम्परा)
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय स्थित महायोगी गुरु श्रीगोरक्षनाथ शोधपीठ द्वारा कुलपति प्रो. पूनम टण्डन के संरक्षण में चल रहे सप्तदिवसीय शीतकालीन कार्यशाला ’योग एवं नाथपंथ’ के सातवें एवं अंतिम दिन सम्पन्न हो गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. जयंत नाथ, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा विशेषज्ञ, आयुष विभाग, गोरखपुर रहे। कार्यशाला के इस अंतिम दिन भी सुबह डा. विनय कुमार मल्ल के द्वारा योग प्रशिक्षण दिया गया।
उसके बाद द्वितीय सत्र में 10 बजे मुख्य वक्ता डॉ. जयंत नाथ द्वारा नाथपंथ में योग की उपादेयता विषय पर व्याख्यान दिया गया। उन्होंने अपने उद्बोधन में नाथ पंथ के योग के मूल तत्वों एवं उसके व्यावहारिक पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने अपने व्याख्यान में कहा कि योग की उत्पत्ति मानव सृष्टि से मानी जाती है। गोरखनाथ ने नाथपंथ का विशेष रूप से प्रचार प्रसार किया। गोरखनाथ ने जन जन तक योग के संदेश को पहुचाया। योग के अनेक शाखाएं है जिनमे हठयोग प्रमुख है जिसका नाथपंथ ने प्रचार किया है। उन्होंने कहा कि हठयोग सूर्य और चंद्र नाड़ी के सामंजस्य से सिद्ध होता है। हठयोग शुद्धि की प्रक्रिया है- जिसमे नेति, नौली, त्राटक, कपालभाति, बस्ति आदि प्रमुख है। राजयोग की सिद्धि के लिए हठयोग की आवश्यकता पड़ती है। दोनों का लक्ष्य मोक्ष है।
सबसे पहले विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रिकल इंजीनियर श्रवण कुमार की स्मृति में दो मिनट का मौन रखा गया। तत्पश्चात कुलपति प्रो. पुनम टण्डन, मुख्य अतिथि डॉ. जयंत सिंह, अधिष्ठाता, कला संकाय प्रो. कीर्ति पांडेय एवं शोधपीठ के उप निदेशक डॉ. कुशल नाथ मिश्र के द्वारा गुरु गोरखनाथ के चित्र पर पुष्पार्चन किया गया। इसके बाद शोधपीठ के उप निदेशक डॉ. कुशलनाथ मिश्र द्वारा अतिथियों का स्वागत एवं कार्यशाला का विवरण प्रस्तुत किया गया। प्रो. अनुभूति दुबे ने बच्चों के प्रयास की सराहना की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पूनम टण्डन ने संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि यह दुख का अवसर है कि श्रवण कुमार अब हमारे बीच नहीं है। योग के लाभ को पूरे विश्व ने मान्यता दी है। इसका प्रचार प्रसार पूरे विश्व में चल रहा है। उन्होंने प्रतिभागियों को बधाई दिया।
कार्यक्रम का संचालन शोधपीठ के शोध अध्येता डॉ. हर्षवर्धन सिंह के द्वारा किया गया। धन्यवाद ज्ञापन रिसर्च एसोसिएट डॉ. सुनील कुमार द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न शिक्षकों सहित प्रो. शरद मिश्र, डॉ. पद्मजा सिंह, सहायक निदेशक डॉ. सोनल सिंह, डॉ. संजय कुमार राम, डॉ. रमेश चंद, डॉ. रंजन लता, डॉ. प्रियंका, डॉ. संजय कुमार तिवारी, डॉ. कुलदीपक शुक्ल, सहायक ग्रंथालयी डॉ. मनोज कुमार द्विवेदी, चिन्मयानन्द मल्ल आदि एवं छात्र-छात्रायें उपस्थित रहे। इस कार्यशाला के साथ ही कार्यशाला सहभागिता का प्रमाण पत्र का वितरण भी कुलपति के हाथों किया गया।

इंक्रेडिबल पब्लिक स्कूल में पांच दिवसीय वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ

सिकंदरपुर/बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। इंक्रेडिबल पब्लिक स्कूल, लिलकर में पांच दिवसीय वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उप जिलाधिकारी सुनील कुमार रहे, जिन्होंने फीता काटकर प्रतियोगिता का उद्घाटन किया और खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साहवर्धन किया।

मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि खेलकूद विद्यार्थियों के शारीरिक व मानसिक विकास के साथ-साथ अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना को भी मजबूत करता है। उन्होंने छात्रों से पढ़ाई के साथ खेलों में भी सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया।

विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन

पांच दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता के दौरान कबड्डी, वॉलीबॉल, बैडमिंटन, खो-खो सहित विभिन्न प्रकार की दौड़ प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। खेलों का संचालन विद्यालय के शारीरिक शिक्षक रामेंद्र तिवारी के कुशल नेतृत्व में किया जा रहा है।

इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक अजय कुमार मिश्रा, अध्यक्ष धनंजय मिश्रा एवं उप प्रधानाचार्य राजेश तिवारी ने मुख्य अतिथि को बुके, स्मृति-चिह्न और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया।

कक्षा 11-12 के विद्यार्थियों ने दिखाया दम

खेल आयोजनों में कक्षा 11 और 12 (मैथ्स, बायो, कॉमर्स व ह्यूमैनिटीज) के विद्यार्थियों के बीच कबड्डी और वॉलीबॉल प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिसमें खिलाड़ियों ने शानदार खेल कौशल और उत्साह का प्रदर्शन किया।

ये भी पढ़ें- नकली नोट तस्करी का पर्दाफाश: जयपुर में 2.90 लाख के जाली नोटों के साथ दो आरोपी गिरफ्तार

19 दिसंबर को होगा समापन

वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता का समापन 19 दिसंबर को होगा। समापन समारोह में विजेता टीमों को मुख्य अतिथि के कर-कमलों द्वारा ट्रॉफी एवं मेडल प्रदान किए जाएंगे। पूरे आयोजन के दौरान खिलाड़ियों ने अनुशासन, खेल भावना और प्रतिभा का उत्कृष्ट परिचय दिया।

कार्यक्रम में उप प्रधानाचार्य योगेश तिवारी सहित शिक्षक प्रज्वल राय, मिथिलेश यादव, गौरव केसरी, अनतोष सिंह, राजवीर सिंह, दिलीप कुमार एवं अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहे।

ये भी पढ़ें – भाजपा ने बिहार में बदली संगठन की कमान, दरभंगा विधायक संजय सरावगी बने प्रदेश अध्यक्ष

नकली नोट तस्करी का पर्दाफाश: जयपुर में 2.90 लाख के जाली नोटों के साथ दो आरोपी गिरफ्तार

जयपुर (राष्ट्र की परम्परा)। जयपुर कमिश्नरेट की क्राइम स्पेशल टीम (CST) ने रविवार रात बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली नोट तस्करी के एक संगठित नेटवर्क का खुलासा किया है। टीम ने चित्रकूट इलाके में दबिश देकर दो आरोपियों को 2.90 लाख रुपये के जाली नोटों के साथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई पुख्ता खुफिया सूचना के आधार पर की गई।

स्पेशल कमिश्नर राहुल प्रकाश के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गोविंद चौधरी (निवासी झालावाड़) और देवांश फांडा (निवासी चित्रकूट नगर, वैशाली नगर) के रूप में हुई है। CST इंस्पेक्टर रतन सिंह की टीम को सूचना मिली थी कि चित्रकूट क्षेत्र में एक युवक कार में नकली नोटों की खेप लेकर घूम रहा है। सूचना की पुष्टि के बाद इलाके में नाकाबंदी कर संदिग्ध कार को रोका गया।

कार और फ्लैट से बरामद हुए जाली नोट

कार की तलाशी में चालक गोविंद चौधरी के पास से 1.90 लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए गए। पूछताछ में उसने नकली नोट तस्करी में शामिल होने की बात स्वीकार की और अपने साथी की जानकारी दी। गोविंद की निशानदेही पर CST टीम ने चित्रकूट इलाके में देवांश फांडा के फ्लैट पर दबिश दी, जहां से 1 लाख रुपये के जाली नोट बरामद हुए। इस तरह कुल 2.90 लाख रुपये के नकली नोट जब्त किए गए।

सहारनपुर से लाई गई थी खेप

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नकली नोटों की खेप उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से लाई गई थी। पूछताछ में आरोपियों ने नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम और उनकी भूमिकाओं से जुड़ी अहम जानकारियां भी दी हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नकली नोट कहां छापे जाते हैं और किन इलाकों में खपाने की तैयारी थी।

CST अधिकारियों के मुताबिक, मामले में आगे और गिरफ्तारियां संभव हैं। नकली नोट तस्करी के इस नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए जांच तेज कर दी गई है।

भाजपा ने बिहार में बदली संगठन की कमान, दरभंगा विधायक संजय सरावगी बने प्रदेश अध्यक्ष

पटना (राष्ट्र की परम्परा)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बिहार संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए दरभंगा शहरी से विधायक संजय सरावगी को बिहार भाजपा का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। वह मौजूदा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल का स्थान लेंगे। यह फैसला पार्टी के आगामी चुनावी और संगठनात्मक रणनीति के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।

इससे पहले भाजपा ने बिहार सरकार में मंत्री नितिन नबीन को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया था। इसके बाद अब राज्य संगठन की कमान संजय सरावगी को सौंपकर भाजपा ने बिहार में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी कर ली है।

पांच बार के विधायक हैं संजय सरावगी

संजय सरावगी दरभंगा शहरी विधानसभा सीट से लगातार पांच बार विधायक चुने जा चुके हैं। उन्होंने पहली बार वर्ष 2005 में विधानसभा चुनाव जीता था और तब से अब तक लगातार इस सीट पर भाजपा का परचम लहरा रहे हैं। वे इससे पहले बिहार सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं।

कौन हैं संजय सरावगी?

• जन्म: 1969

शिक्षा: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय से एमए

• राजनीतिक शुरुआत: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP)

• 2003 में नगर निगम से वार्ड पार्षद के रूप में राजनीतिक सफर की शुरुआत

• 2005, 2010, 2015, 2020 और 2025 में लगातार विधानसभा चुनाव जीते

उन्होंने 2015 के चुनाव में महागठबंधन के उम्मीदवार को हराया था, जबकि 2020 और 2025 में भी राजद प्रत्याशियों को स्पष्ट मतों से शिकस्त दी।

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फायर ब्रांड नेता की पहचान

संजय सरावगी को भाजपा के फायर ब्रांड नेताओं में गिना जाता है। विधानसभा में राजद विधायक भाई वीरेंद्र से हुई तीखी नोकझोंक के बाद वे खासा चर्चा में आए थे। हाल ही में पार्टी ने उन्हें महाराष्ट्र और दिल्ली विधानसभा चुनावों में प्रचार की जिम्मेदारी दी थी, जहां भाजपा को सकारात्मक परिणाम मिले।

इसके अलावा दरभंगा में एम्स शिलान्यास और भागलपुर में प्रधानमंत्री के दौरे की तैयारियों में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी।

व्यक्तिगत जीवन

पिता: परमेश्वर लाल

पत्नी: शोभा सरावगी (गृहिणी)

पेशा: व्यवसाय

भाजपा नेतृत्व को उम्मीद है कि संजय सरावगी के अनुभव और आक्रामक नेतृत्व शैली से पार्टी को बिहार में नई मजबूती मिलेगी।

ये भी पढ़ें – सिकंदरपुर थाना क्षेत्र में लापता वृद्ध का शव मिलने से सनसनी, अज्ञात वाहन पर मुकदमा दर्ज

जिले में 17 दिसंबर को पेंशनर्स दिवस बैठक का आयोजन

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

जिलाधिकारी के निर्देशानुसार जनपद में आगामी 17 दिसंबर को पेंशनर्स दिवस के अवसर पर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया जाएगा। यह बैठक पूर्वाह्न 11 बजे से कलेक्ट्रेट स्थित बहुउद्देशीय सभागार में संपन्न होगी। बैठक का उद्देश्य पेंशनरों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना तथा सेवानिवृत्त कार्मिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
जिलाधिकारी द्वारा जनपद के समस्त कार्यालयाध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने कार्यालयों में पेंशन प्रकोष्ठ का गठन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें। साथ ही, सेवानिवृत्ति से संबंधित प्रकरणों की नियमित समीक्षा के लिए प्रत्येक माह कम से कम एक बार मासिक बैठक आयोजित की जाए। इन बैठकों में पेंशन स्वीकृति, भुगतान, पारिवारिक पेंशन, बकाया एरियर एवं अन्य लंबित मामलों की गहन समीक्षा कर उनका शीघ्र निस्तारण किया जाए। प्रशासन की मंशा के अनुरूप, पेंशन से संबंधित प्रकरणों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए गए हैं। कार्यालयाध्यक्षों को यह भी निर्देशित किया गया है कि मासिक बैठकों में प्राप्त सभी प्रकरणों एवं उनके निस्तारण की अद्यतन स्थिति को निर्धारित प्रारूप में संकलित कर प्रतिमाह प्रस्तुत करें। पेंशनर्स दिवस की बैठक में जनपद के समस्त कार्यालयाध्यक्षों, विभागाध्यक्षों एवं पेंशन पटल सहायकों की उपस्थिति अनिवार्य रहेगी। बैठक के दौरान पेंशनरों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा कर उनके समाधान हेतु आवश्यक एवं प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। यह जानकारी वरिष्ठ कोषाधिकारी द्वारा दी गई है।

सिकंदरपुर थाना क्षेत्र में लापता वृद्ध का शव मिलने से सनसनी, अज्ञात वाहन पर मुकदमा दर्ज

सिकंदरपुर/बलिया(राष्ट्र की परम्परा)सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत सिकंदरपुर–बेल्थरा रोड पर रुद्रावतार गांव के पास सोमवार को लापता वृद्ध का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान खवासपुर गांव निवासी 70 वर्षीय रामलगन राजभर के रूप में हुई है, जो बीते 5 दिसंबर से घर से लापता थे।परिजनों के अनुसार रामलगन 5 दिसंबर को घर से निकले थे, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटे। इसके बाद परिवार के लोगों ने रिश्तेदारों और आसपास के गांवों में काफी खोजबीन की, मगर उनका कोई सुराग नहीं लग सका। सोमवार की सुबह रुद्रावार गांव के पास सड़क किनारे स्थित एक गड्ढे में मिट्टी से दबे कपड़े दिखाई दिए। स्थानीय लोगों को किसी अनहोनी की आशंका हुई, जिस पर पुलिस को सूचना दी गई। सूचना पर पीआरबी मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मिट्टी हटाने पर गड्ढे के भीतर एक वृद्ध का शव बरामद हुआ। पीआरबी जवानों ने तत्काल इसकी जानकारी थाना अध्यक्ष सिकंदरपुर मूलचंद चौरसिया को दी। थाना अध्यक्ष मौके पर पहुंचे और शव को बाहर निकलवाया। शव के पास से एक बैंक पासबुक मिली, जिस पर रामलगन राजभर का नाम व पता दर्ज था, जिससे पहचान की पुष्टि हो गई। इसके बाद थाना पकड़ी के माध्यम से परिजनों को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही मृतक के भतीजे जितेंद्र कुमार अपने सहयोगियों के साथ थाने पहुंचे। उनकी तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात वाहन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस आशंका जता रही है कि सड़क दुर्घटना में उनकी मौत हुई और वाहन चालक शव को गड्ढे में छिपाकर फरार हो गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल बलिया भेज दिया है। घटना की जानकारी मिलते ही मृतक के घर में कोहराम मच गया। वहीं घटनास्थल पर उपजिलाधिकारी सिकंदरपुर सुनील कुमार तथा क्षेत्राधिकारी सिकंदरपुर रजनीश कुमार यादव ने पहुंचकर निरीक्षण किया। उल्लेखनीय है कि मौके पर सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है और दोनों पटरियों पर मिट्टी डाली जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रामलगन तीन दिन पहले सड़क किनारे सोते हुए दिखाई दिए थे, आशंका है कि मशीन से काम के दौरान वे नजर न आने के कारण मिट्टी में दब गए हों। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।

श्रीराम मंदिर आंदोलन के प्रखर सूत्रधार पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती का निधन, राष्ट्र में शोक की लहर

अयोध्याधाम (राष्ट्र की परम्परा)।श्रीराम मंदिर आंदोलन के प्रमुख स्तंभ और पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती का मध्य प्रदेश के रीवा में इलाज के दौरान निधन हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही अयोध्या सहित देशभर में शोक की लहर दौड़ गई। संत, साधु-संतों, रामभक्तों और उनके शिष्यों में गहरा दुख है।
मिली जानकारी के अनुसार रीवा जनपद में प्रवास के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। चिकित्सकों के प्रयास के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
डॉ. रामविलास दास वेदांती का पार्थिव शरीर मध्य प्रदेश से अयोध्या लाया जा रहा है। उनके उत्तराधिकारी और शिष्य पार्थिव शरीर लेकर कुछ ही देर में अयोध्या के लिए प्रस्थान करेंगे। अयोध्या पहुंचने पर अंतिम दर्शन और संस्कार की प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी।
श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में डॉ. वेदांती की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। वे आंदोलन के अग्रिम पंक्ति के योद्धा रहे और जीवनपर्यंत सनातन संस्कृति, धर्म और राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित रहे। उनके निधन को आध्यात्मिक जगत और सनातन परंपरा के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
उनके निधन पर संत समाज, धार्मिक संगठनों और रामभक्तों ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। सभी ने प्रभु श्रीराम से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने और शोक संतप्त शिष्यों व अनुयायियों को यह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।

रिटायर्ड दरोगा ने बेटी की हत्या कर शव यमुना नदी में फेंका, प्रेम संबंध बना वजह; परिवार के सदस्य गिरफ्तार

इटावा/फिरोजाबाद (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक रिटायर्ड दरोगा ने कथित तौर पर अपनी 33 वर्षीय बेटी अंशु यादव की हत्या कर दी और बाद में परिवार के सदस्यों की मदद से शव को इटावा में यमुना नदी में फेंक दिया। पुलिस ने इस मामले में पिता, बेटे और एक अन्य रिश्तेदार को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी रिटायर्ड दरोगा रणवीर अपनी बेटी के प्रेम संबंध से नाराज था। अंशु यादव का फिरोजाबाद निवासी अनुराग यादव से प्रेम संबंध था, जिसका पिता विरोध कर रहा था। 24 अक्टूबर की रात अंशु ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अपने प्रेम संबंध को सार्वजनिक किया था।

बताया जा रहा है कि इसके अगले दिन पिता ने कथित तौर पर बेटी की हत्या कर दी। घटना के बाद खुद को बचाने के लिए पिता ने पुलिस में बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस को दिए गए फोटो में अंशु जिन कपड़ों में दिखाई दी थी, वही कपड़े बाद में बरामद अवशेषों के साथ मिले।

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पुलिस जांच में हुआ बड़ा खुलासा

जब अंशु के प्रेमी अनुराग यादव ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया, तब पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की। कड़ाई से पूछताछ के बाद आरोपी पिता पुलिस को इटावा में यमुना नदी किनारे ले गया, जहां कई दिनों की तलाश के बाद एक कंकाल और कुछ कपड़े बरामद किए गए।

कपड़ों के आधार पर पुलिस ने कंकाल की पहचान अंशु यादव के रूप में की। इसके बाद पुलिस ने हत्या के आरोप में पिता, उसके बेटे और एक रिश्तेदार को गिरफ्तार कर लिया।

मां और अन्य की तलाश जारी

पुलिस का कहना है कि शव को ठिकाने लगाने में मदद करने के आरोप में मां और अन्य महिला रिश्तेदारों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। उनकी तलाश जारी है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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