Saturday, June 27, 2026
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ज्ञान कुंज एकेडमी के पूर्व छात्र प्रिंसराज पाण्डेय का UPSC में चयन, विद्यालय गौरवान्वित


सिकंदरपुर/बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

बंशी बाजार स्थित ज्ञान कुंज एकेडमी के लिए यह अत्यंत गर्व और हर्ष का क्षण है। विद्यालय के पूर्व छात्र प्रिंसराज पाण्डेय ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में 18वीं रैंक प्राप्त कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। उनका चयन EPFO विभाग में PA पद पर हुआ है, जिससे पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है।
उल्लेखनीय है कि सिकंदरपुर तहसील मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित ज्ञान कुंज एकेडमी शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता आ रहा है। यहां के छात्र-छात्राएं अपने परिश्रम और अनुशासन के बल पर देशभर में विभिन्न उच्च पदों पर चयनित होकर विद्यालय और क्षेत्र का नाम रोशन कर रहे हैं। प्रिंसराज पाण्डेय ने हाईस्कूल परीक्षा वर्ष 2014-15 इंटरमीडिएट परीक्षा वर्ष 2016-17 में उत्तीर्ण की थी। इससे पूर्व उनका चयन बिहार सरकार के अंतर्गत मोतिहारी जिले में जिला एवं सत्र न्यायालय में स्टेनोग्राफर पद पर 24वीं रैंक के साथ हुआ था, लेकिन उन्होंने अपने उच्च लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास जारी रखा और अंततः UPSC में सफलता प्राप्त की। इस सफलता पर विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती सुधा पाण्डेय ने छात्र एवं उनके परिवार को बधाई देते हुए इसे कठिन परिश्रम और निरंतर प्रयास का परिणाम बताया। विद्यालय के प्रबंधक डॉ. देवेंद्र सिंह, उप-प्रधानाचार्या शीला सिंह तथा अध्यक्ष ज्योति स्वरूप पाण्डेय ने भी प्रिंसराज पाण्डेय को शुभकामनाएं दीं और इसे अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया। विद्यालय परिवार एवं क्षेत्रवासियों में हर्ष और गर्व का माहौल है।

जनपद के लाल रवि सिंह व मंगेश यादव आईपीएल में दिखाएंगे कमाल..डॉ संजय सिंह

जिला क्रिकेट संघ मऊ द्वारा खिलाड़ियों के उत्थान एवं विकास के लिए किया जा रहा सतत् प्रयास

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)आईपीएल आक्शन में दो बड़ी फ्रेंचाइजी द्वारा जनपद के दो युवाओं का चयन किये जाने पर जिला क्रिकेट संघ ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनको बधाई दिया है। जिला क्रिकेट संघ अध्यक्ष डॉ संजय सिंह ने बताया कि इमिलियाडीह निवासी रवि सिंह को राजस्थान रायल्स तथा कैथवली जमीन कैथवली निवासी मंगेश यादव को रायल चैलेंजर बैंगलूरु द्वारा खरीदे जाने से जिले में चारो तरफ प्रसन्नता है। ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर देश की दो बड़ी फ्रेंचाईजी के लिए इन्हें खेलते देखना अपने आप में गर्व का क्षण होगा।

डॉ संजय सिंह ने बताया कि जिला क्रिकेट संघ द्वारा खिलाड़ियों के उत्थान एवं विकास के लिए सतत प्रयास किया जा रहा है। इस दिशा में मंडल से लेकर प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर तक उनका दिशा निर्देश किया जा रहा है। रवि सिंह और मंगेश यादव का चयन होने से खिलाड़ियों का हौसला बढ़ेगा। आने वाले दिनों में प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी अपने जनपद से निकलेंगे। डॉ संजय सिंह ने दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके सुखद भविष्य की शुभकामना दिया।

मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में किसान दिवस का हुआ आयोजन

किसान दिवस में किसानों की सुनी समस्याएं एवं निस्तारण के दिए निर्देश

मऊ( राष्ट्र की परम्परा)मुख्य विकास अधिकारी प्रशांत नागर की अध्यक्षता में किसान दिसव का आयोजन विकास भवन के सभागार में किया गया, जिसमें सभी विभागों के अधिकारी एवं किसान उपस्थित थे। बैठक में गतमाह आयोजित किसान दिवस की कार्यवृत्त एवं अनुपालन आख्या को जिला कृषि अधिकारी द्वारा पढ़कर सुनाया गया। किसानों द्वारा गतमाह में उठायी गयी समस्याओं के समाधान पर खुशी जाहिर की गयी। इसके पश्चात किसान दिवस की कार्यवाही प्रारम्भ की गयी। किसान दिवस में किसान देवप्रकाश राय द्वारा भगही एवं छोटी सरजू नहर को सिंचाई खण्ड मऊ के अधीन लाने, फोरलेन में टुटे सहरोज प्राथमिक विद्यालय को बनाने हेतु जमीन उपलब्ध कराने तथा घोसी चीनी मिल के कौटो की संख्या यथावत रखने का मुद्दा उठाया। किसान जयप्रकाश सिंह द्वारा गेहूँ की सिचाई हेतु विद्युत सप्लाई अधिकतम दिन में किये जाने एवं खिरिया साधन सहकारी समिति पर यूरिया अबतक उपलब्ध न होने का मुद्दा उठाया गया। किसान राकेश सिह द्वारा मोथा चक्रवात से हुई धान की फसल की क्षति की भरपायी कराने एवं गाढ़ा नगवा डैम तथा खडिया डैम की सफाई कराने की मांग की गयी।

पेंशनर दिवस का आयोजन

आयुक्त सभागार में 80 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों को अंगवस्त्र देकर किया गया सम्मान

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
पेंशनरों के सम्मान एवं उनकी समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से गोरखपुर में पेंशनर दिवस का आयोजन आयुक्त सभागार में किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। आयोजन के दौरान पेंशनरों के योगदान को याद करते हुए उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई।
कार्यक्रम में 80 वर्ष से अधिक आयु पूर्ण कर चुके पेंशनरों को विशेष रूप से अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि पेंशनर समाज की अमूल्य धरोहर हैं, जिन्होंने अपने कार्यकाल में शासन और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनका अनुभव और मार्गदर्शन आज भी प्रशासन एवं समाज के लिए उपयोगी है।
पेंशनर दिवस कार्यक्रम में अंजनी कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी नगर (एडीएम सिटी) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इसके साथ ही जयमंगल राव, अपर निदेशक कोषागार एवं पेंशन, गोरखपुर मंडल, प्रवीण कुमार सिंह, मुख्य कोषाधिकारी गोरखपुर, आशुतोष कुमार मिश्रा, कोषाधिकारी गोरखपुर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने पेंशनरों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके त्वरित समाधान का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम के दौरान पेंशनर्स संगठनों के पदाधिकारियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने पेंशन भुगतान, स्वास्थ्य सुविधाएं, पारिवारिक पेंशन, डिजिटल प्रक्रियाओं में आ रही दिक्कतों और जीवन प्रमाण पत्र से जुड़ी समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि पेंशनरों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रक्रियाओं को और सरल बनाया जाएगा तथा लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण किया जाएगा।
एडीएम सिटी अंजनी कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि पेंशनर शासन-प्रशासन की रीढ़ रहे हैं और उनका सम्मान करना हम सभी का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि पेंशनरों की समस्याओं के समाधान के लिए जिला प्रशासन सदैव तत्पर है। जयमंगल राव ने कोषागार एवं पेंशन से जुड़ी योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी देते हुए पेंशनरों से डिजिटल माध्यमों का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की।
कार्यक्रम के अंत में सभी पेंशनरों का आभार व्यक्त किया गया और भविष्य में भी इस तरह के आयोजनों के माध्यम से संवाद बनाए रखने का संकल्प लिया गया। पेंशनर दिवस का आयोजन पेंशनरों के लिए सम्मान, संवाद और सहयोग का एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ।

राजमिस्त्री का बेटा खेलेगा आईपीएल

पंजाब किंग्स ने विशाल निषाद को 30 लाख में खरीदा, संघर्ष से सफलता तक की प्रेरक कहानी

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
गोरखपुर के लिए यह गर्व का क्षण है एक साधारण परिवार से निकलकर गोरखपुर के युवा क्रिकेटर विशाल निषाद ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में जगह बनाकर इतिहास रच दिया है। आईपीएल ऑक्शन में पंजाब किंग्स (PBKS) ने विशाल निषाद को उनकी बेस प्राइस 30 लाख रुपये में अपनी टीम में शामिल किया। 21 वर्षीय विशाल एक राइट आर्म मिस्ट्री स्पिन गेंदबाज हैं और अपनी घातक गेंदबाजी के लिए पहचाने जाते हैं।
विशाल निषाद बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखते हैं। वह राजघाट थाना क्षेत्र के जंगल अयोध्या प्रसाद लहसड़ी गांव के निवासी हैं। उनके पिता उमेश निषाद पेशे से राजमिस्त्री हैं, जबकि मां सुनीता देवी गृहिणी हैं। आर्थिक तंगी के बावजूद विशाल ने कभी अपने सपनों से समझौता नहीं किया। वह कई बार अपने पिता के साथ मजदूरी के काम में हाथ बंटाते थे, लेकिन दिल में क्रिकेटर बनने का जज्बा हमेशा जिंदा रहा।
विशाल की मेहनत और लगन को देखते हुए उनके पिता ने सीमित आय के बावजूद क्रिकेट प्रशिक्षण दिलाने का साहसिक निर्णय लिया। क्रिकेट अकादमी की फीस, किट और आने-जाने के खर्चों को किसी तरह पूरा किया गया। माता-पिता के इस संघर्ष और समर्थन ने विशाल को आगे बढ़ने की ताकत दी।
विशाल ने यूपी-टी20 लीग में गोरखपुर लायंस की ओर से खेलते हुए शानदार प्रदर्शन किया। इसी दौरान उन्होंने अनुभवी बल्लेबाज नीतीश राणा को पवेलियन भेजकर क्रिकेट विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींचा। उनकी जादुई मिस्ट्री स्पिन गेंदबाजी के चलते यह माना जाने लगा था कि आईपीएल में उन पर जरूर बोली लगेगी।
वर्तमान में विशाल संस्कृति क्रिकेट एकेडमी में प्रशिक्षण ले रहे हैं, जहां उन्हें कोच कल्याण सिंह का मार्गदर्शन मिल रहा है। कोच का कहना है कि विशाल में एक बड़े खिलाड़ी बनने की पूरी क्षमता है और आने वाले समय में वह पंजाब किंग्स के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकते हैं।
आईपीएल में चयन की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों ने मिठाइयां बांटी और विशाल की सफलता को संघर्ष और मेहनत की जीत बताया। विशाल निषाद आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं।

रेड हिल्स ग्रुप पर आयकर विभाग का शिकंजा, 24 घंटे से छापेमारी जारी, जालसाजी के आरोप भी सामने आए

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के चर्चित रियल एस्टेट समूह रेड हिल्स ग्रुप पर आयकर विभाग की कार्रवाई दूसरे दिन भी जारी रही। मंगलवार से शुरू हुई यह छापेमारी अब केवल कार्यालय तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रुप के प्रबंध निदेशक (MD) आलमगीर अंसारी के आवास, उनके करीबी रिश्तेदारों और बैंक खातों तक फैल चुकी है। कसया के दीनदयाल नगर स्थित रेड हिल्स ग्रुप के मुख्य कार्यालय में आयकर विभाग की टीमें आय-व्यय से जुड़े दस्तावेजों और बड़े वित्तीय लेन-देन की गहन जांच कर रही हैं।

लगातार 24 घंटे से अधिक समय से चल रही इस कार्रवाई से जिले के प्रॉपर्टी बाजार में हलचल मच गई है। आयकर विभाग की टीम ग्रुप से जुड़े मैनेजरों और एमडी के करीबी लोगों से लंबी पूछताछ कर रही है, जिससे कई अहम खुलासों की संभावना जताई जा रही है।

बताया जाता है कि मूल रूप से बिहार के सिवान निवासी आलमगीर अंसारी ने वर्ष 2019 में कुशीनगर आकर रेड हिल्स ग्रुप की शुरुआत की थी। महज कुछ ही वर्षों में शून्य से करोड़ों का कारोबार खड़ा करने वाली इस कंपनी की तेजी से हुई तरक्की अब जांच के दायरे में है। आयकर विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि ग्रुप की आर्थिक गतिविधियां नियमों के अनुरूप हैं या फिर इसके पीछे कोई अनियमितता छिपी है।

इसी बीच रेड हिल्स ग्रुप की मुश्किलें तब और बढ़ गईं, जब एक पीड़ित महिला सामने आई। चिलगोड़ा खास निवासी सीमा देवी ने उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के एक सदस्य को शिकायती पत्र भेजकर आरोप लगाया है कि आलमगीर अंसारी ने जमीन दिलाने के नाम पर उनसे करीब 9 लाख रुपये लिए, लेकिन न तो जमीन दी गई और न ही रकम वापस की गई। पीड़िता के अनुसार यह राशि जनवरी 2018 में चेक और नकद के माध्यम से दी गई थी।

ये भी पढ़ें – दर्दनाक सड़क हादसा: दुकान में घुसी मारुति 800, दो जिगरी दोस्तों की मौत, दो गंभीर घायल

फिलहाल आयकर विभाग की छापेमारी और पीड़ितों की शिकायतों के बाद रेड हिल्स ग्रुप पर संकट गहराता जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि मामला केवल टैक्स अनियमितताओं तक सीमित रहेगा या इसमें जालसाजी और अन्य गंभीर आरोप भी जुड़ेंगे। जिला प्रशासन और जांच एजेंसियों की इस कार्रवाई से जिले में अन्य रियल एस्टेट कारोबारियों में भी हलचल देखी जा रही है।

दर्दनाक सड़क हादसा: दुकान में घुसी मारुति 800, दो जिगरी दोस्तों की मौत, दो गंभीर घायल

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के सुखपुरा थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे ने खुशियों को मातम में बदल दिया। ग्राम धरहरा पेट्रोल पंप के पास रात करीब 11:30 बजे सुखपुरा से बलिया की ओर जा रही मारुति सुजुकी 800 कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित एक दुकान में जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

इस दर्दनाक हादसे में कार सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही थाना सुखपुरा पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को एंबुलेंस के जरिए जिला अस्पताल बलिया भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है।

मृतकों की पहचान अपायल निवासी अभिषेक सिंह उर्फ धुरान (24) और रोहित सिंह परिहार उर्फ लड्डू (25) के रूप में हुई है। वहीं, सुजीत तुरहा (21) और आदित्य वर्मा (22) गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है।

ये भी पढ़ें – ईंट खरीद घोटाले के आरोप: हार्डवेयर दुकानों से बिल दिखाकर ग्राम सभा संपत्ति में अनैतिक घालमेल की आशंका

बताया जा रहा है कि चारों युवक आपस में गहरे दोस्त थे। आदित्य वर्मा ने महज पांच दिन पहले ही मारुति 800 कार खरीदी थी, जिसकी खुशी में उसने सुखपुरा के एक होटल में दोस्तों को पार्टी दी थी। खाना खाने के बाद सभी दोस्त रोहित को जिराबस्ती छोड़ने के लिए निकले थे, लेकिन रास्ते में यह हादसा हो गया।

हादसे के बाद कुछ समय तक मौके पर अफरा-तफरी का माहौल रहा, जिसे पुलिस ने संभालते हुए यातायात सुचारु कराया। इस घटना से अपायल और जिराबस्ती गांवों में शोक की लहर दौड़ गई है। जिन घरों में कुछ घंटे पहले खुशियाँ थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है।

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ईंट खरीद घोटाले के आरोप: हार्डवेयर दुकानों से बिल दिखाकर ग्राम सभा संपत्ति में अनैतिक घालमेल की आशंका

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के सदर विकासखंड अंतर्गत कई ग्राम सभाओं में चल रहे निर्माण कार्यों को लेकर ईंट (ब्रिक्स) की खरीद में बड़े पैमाने पर अनियमितता के आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि ग्राम पंचायतों में ईंटों की वास्तविक खरीद ईंट-भट्ठों से न दिखाकर हार्डवेयर दुकानों से दर्शाई जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, कुछ ग्राम प्रधानों द्वारा एक ही हार्डवेयर दुकान से सीमेंट, सरिया और अन्य निर्माण सामग्री के साथ-साथ ईंटों के बिल वाउचर तैयार कर भुगतान कराया जा रहा है। जबकि सामान्यतः ईंटों की आपूर्ति सीधे ईंट-भट्ठों से होती है। इससे ग्राम सभा संपत्ति और सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका गहराती जा रही है।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि मौके पर उपयोग की गई सामग्री और अभिलेखों में दर्शाई गई खरीद के बीच स्पष्ट अंतर नजर आता है। कई ग्राम पंचायतों में ईंटों की आपूर्ति से संबंधित परिवहन रसीद या भट्ठा स्तर का कोई ठोस रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है, इसके बावजूद भुगतान प्रक्रिया पूरी कर ली गई।

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आरोप यह भी लगाए जा रहे हैं कि इस पूरे मामले में संबंधित विभागीय कर्मचारियों की कथित मिलीभगत से फाइलों को पास किया गया। सामाजिक संगठनों और ग्रामीणों ने मांग की है कि ग्राम पंचायतों में हुए निर्माण कार्यों की भौतिक जांच, साथ ही ईंट खरीद से जुड़े बिलों और वाउचरों की तकनीकी व वित्तीय जांच कराई जाए।

यदि लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला पंचायत स्तर पर वित्तीय अनुशासन, निगरानी व्यवस्था और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करेगा। फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर किसी आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है, लेकिन जांच शुरू होने की स्थिति में कई ग्राम पंचायतें इसकी जद में आ सकती हैं।

देवरिया में स्वरोज़गार को मिलेगा बढ़ावा: RSETI–SHG उम्मीदवारों के लिए 21 दिसंबर को उत्पाद प्रदर्शनी एवं बिक्री मेला

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। देवरिया में ग्रामीण युवाओं, महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों (SHG) को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। ग्रामीण स्वरोज़गार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) द्वारा प्रशिक्षित कैंडिडेट्स और पंजीकृत स्वयं सहायता समूहों के लिए उत्पाद प्रदर्शनी एवं बिक्री मेले का आयोजन किया जा रहा है।

यह मेला 21 दिसंबर 2025 को प्रातः 9:30 बजे से आयोजित होगा। आयोजन स्थल आर.सेटी पुरुषोतमपुर, डुमरी चौराहा से लगभग 1 किलोमीटर पहले निर्धारित किया गया है। इस मेले का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में तैयार हो रहे स्थानीय उत्पादों को बाज़ार उपलब्ध कराना, स्वरोज़गार को बढ़ावा देना और नए उद्यमियों को प्रत्यक्ष मार्केटिंग का अनुभव देना है।

इस प्रदर्शनी एवं बिक्री मेले में वही कैंडिडेट भाग ले सकेंगे जिन्होंने RSETI से प्रशिक्षण प्राप्त किया हो, साथ ही सभी पंजीकृत स्वयं सहायता समूह (SHG) के सदस्य भी इसमें शामिल हो सकते हैं। यह मंच प्रतिभागियों के हुनर को पहचान दिलाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का अवसर प्रदान करेगा।

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मेले में हस्तशिल्प व हस्तनिर्मित वस्तुएँ, घरेलू व पैक्ड खाद्य पदार्थ, सिलाई-कढ़ाई व रेडीमेड वस्त्र, कृषि आधारित उत्पाद सहित अन्य स्वरोज़गार से जुड़े उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री की जाएगी। इससे स्थानीय उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुँचने का अवसर मिलेगा।

आयोजकों के अनुसार, इच्छुक कैंडिडेट्स एवं SHG सदस्यों को निर्धारित तिथि तक पंजीकरण कराना अनिवार्य है। खाद्य पदार्थ बेचने वाले प्रतिभागियों को स्वच्छता एवं पैकेजिंग नियमों का पालन करना होगा। स्टॉल संचालन से संबंधित आवश्यक सामग्री प्रतिभागियों को स्वयं उपलब्ध करानी होगी।

पंजीकरण एवं जानकारी के लिए संपर्क करें

विशाल गुप्ता (निदेशक), RSETI देवरिया
मोबाइल: 9451330003

यह मेला आय सृजन, विपणन अनुभव और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण अवसर साबित होगा। आयोजकों ने सभी योग्य RSETI प्रशिक्षित कैंडिडेट्स और SHG सदस्यों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की है।

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ठिठुरन बढ़ते ही गर्म कपड़ों के कारोबार में आई तेजी

सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। मौसम में बढ़ती ठिठुरन के साथ ही सर्दी का असर अब साफ नजर आने लगा है। बुधवार सुबह घना कोहरा और ठंडी हवा चलने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिसका सीधा असर बाजारों में देखने को मिला। ठंड बढ़ते ही लोगों ने गर्म कपड़ों की खरीदारी शुरू कर दी, जिससे बाजारों में रौनक लौट आई।

स्वेटर, जैकेट, टोपी, मफलर और ऊनी दस्तानों की दुकानों पर ग्राहकों की खासी भीड़ उमड़ पड़ी। उपनगर के सोहनाग मोड़ से लेकर स्टेशन गेट तक गर्म कपड़ों के फुटकर विक्रेताओं की दुकानों पर दिनभर चहल-पहल बनी रही।

दुकानदार इबरार अहमद और वसीम ने बताया कि बुधवार सुबह से ही सर्दी ने दस्तक दे दी है। तापमान में अचानक आई गिरावट के चलते गर्म कपड़ों की मांग तेजी से बढ़ी है, जिससे कारोबार में भी इजाफा हुआ है।

हालांकि, बढ़ती ठंड के बावजूद अभी विद्यालयों में अवकाश घोषित नहीं किया गया है। ठंड से बचाव के लिए लोग सुबह और शाम के समय विभिन्न स्थानों पर अलाव का सहारा लेते नजर आए। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने की संभावना है, जिससे गर्म कपड़ों की मांग और तेज हो सकती है।

महराजगंज में 8 लाख का नुकसान, पुलिस की चुप्पी पर सवाल: पीड़ित ने न्याय के लिए डीएम से लगाई गुहार

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। महराजगंज जिले के थाना कोतवाली सदर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बरवां विद्यापति में पड़ोसी की कथित लापरवाही से कराई गई जेसीबी खुदाई के कारण एक व्यक्ति का पक्का मकान क्षतिग्रस्त हो गया। पीड़ित का आरोप है कि करीब आठ लाख रुपये का नुकसान होने और मारपीट की घटना के बावजूद पुलिस ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।

पीड़ित सोहन पुत्र जमुना के अनुसार, गांव निवासी दुर्गेश पटेल द्वारा 4 नवंबर को घर निर्माण के लिए अत्यधिक गहरी खुदाई कराई गई, जिससे उसके मकान की पक्की दीवार गिर गई और छत को गंभीर क्षति पहुंची। जब सोहन ने खुदाई रोकने का विरोध किया तो आरोप है कि दुर्गेश पटेल और उसके साथियों ने उसके तथा परिजनों के साथ मारपीट की।

घटना के बाद पीड़ित ने थाना कोतवाली सदर में लिखित शिकायत दी, लेकिन न तो एफआईआर दर्ज की गई और न ही मौके की विधिवत जांच की गई। 6 नवंबर को पुलिस ने मामले में केवल सुलहनामा कराकर कार्रवाई पूरी मान ली। सुलहनामे में आरोपी द्वारा 15 दिसंबर तक मकान का पूर्ण पुनर्निर्माण कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन आज तक केवल दीवार का निर्माण कराया गया है। छत व अन्य क्षतिग्रस्त हिस्सों का न तो निर्माण हुआ और न ही किसी प्रकार का मुआवजा दिया गया।

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पीड़ित का कहना है कि वह कई बार थाना कोतवाली सदर के चक्कर लगा चुका है, लेकिन पुलिस ने आरोपी पर कोई दबाव नहीं बनाया। पुलिस की निष्क्रियता से आरोपी के हौसले बढ़ रहे हैं और पीड़ित न्याय से वंचित है।

पुलिस से निराश होकर सोहन ने जिलाधिकारी महाराजगंज को प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की शिकायत की है। उन्होंने घटना, मारपीट, सुलहनामा और नुकसान से संबंधित दस्तावेज भी संलग्न किए हैं। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस मामले में संज्ञान लेकर पीड़ित को न्याय दिलाता है या मामला फाइलों में ही दबा रह जाता है।

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दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे पर भीषण सड़क हादसा: पिकअप में आग लगने से 3 की मौत, 1 गंभीर घायल

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे पर मंगलवार देर रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया। रैणी थाना क्षेत्र में रात करीब 1 बजे एक पिकअप वाहन में आग लग गई, जिससे तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया।

पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि पिकअप वाहन को ड्राइवर साइड से किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। टक्कर के तुरंत बाद वाहन में आग फैल गई। आग तेजी से फैलने के कारण पिकअप में सवार लोग समय पर बाहर नहीं निकल सके।

हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान मोहित (बहादुरगढ़, हरियाणा), दीपेंद्र (सागर, मध्यप्रदेश) और पदम (सागर, मध्यप्रदेश) के रूप में हुई है। वहीं, हादसे में घायल ड्राइवर हन्नी (झज्जर, हरियाणा) को प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में जयपुर रेफर किया गया है।

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आग लगने के बाद एक्सप्रेसवे पर कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। मौके पर मौजूद वाहन चालकों और स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया गया।

पुलिस ने शवों को रैणी अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया है। परिजनों के आने के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। हादसे के कारणों की जांच के लिए एक्सप्रेसवे पर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

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इथियोपिया की संसद में PM मोदी का ऐतिहासिक संबोधन: बोले– 140 करोड़ भारतीयों की दोस्ती का संदेश लाया हूं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 दिसंबर 2025 को इथियोपिया की संसद को संबोधित कर इतिहास रच दिया। यह दुनिया की 18वीं संसद है, जहां प्रधानमंत्री मोदी ने भाषण दिया। अपने संबोधन में उन्होंने भारत और इथियोपिया के बीच गहरे सांस्कृतिक, लोकतांत्रिक और ऐतिहासिक संबंधों पर जोर दिया।

PM मोदी ने इथियोपिया सरकार और जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें मिला सम्मान उनका व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पूरे भारत का सम्मान है। उन्होंने कहा, “मैं भारत के 140 करोड़ लोगों की ओर से दोस्ती, सद्भावना और भाईचारे का संदेश लेकर आया हूं।”

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में हाल ही में हुए पहलगाम हमले की कड़ी निंदा भी की और आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख को दोहराया।

इथियोपिया ‘लैंड ऑफ लायंस’, गुजरात भी शेरों की धरती

PM मोदी ने इथियोपिया को ‘लैंड ऑफ लायंस’ बताते हुए कहा कि उनका गृह राज्य गुजरात भी शेरों की भूमि है, इसलिए उन्हें यहां घर जैसा अनुभव हो रहा है। उन्होंने संसद भवन को लोकतंत्र का मंदिर बताते हुए कहा कि यहां जनता की इच्छा ही नीति बनती है।

भारत–इथियोपिया की साझा सांस्कृतिक विरासत

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और इथियोपिया की सांस्कृतिक विरासत में गहरी समानताएं हैं। उन्होंने कहा, “भारत का राष्ट्रगीत वंदे मातरम और इथियोपिया का राष्ट्रीय गान—दोनों मां के सम्मान की बात करते हैं। अदीस अबाबा हो या अयोध्या, हमारी सभ्यताओं की जड़ें एक-दूसरे से जुड़ी हैं।”

सर्वोच्च सम्मान मिलने पर जताया आभार

PM मोदी ने इथियोपिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘द ग्रेट ऑनर निशां ऑफ इथियोपिया’ से सम्मानित किए जाने पर धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इथियोपिया आज इसलिए आगे बढ़ रहा है क्योंकि उसकी जड़ें मजबूत हैं और वह भविष्य को खुले दिल से अपनाता है। भारत भी प्राचीन सभ्यता होते हुए “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी इस सम्मान को पाने वाले पहले वैश्विक नेता बन गए हैं। इससे पहले इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली ने नेशनल पैलेस में उनका औपचारिक स्वागत किया और दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक भी हुई।

कड़ाके की ठंड में एडीओ पंचायत कार्यालय के बाहर घंटों परेशान रहे ग्रामीण

सलेमपुर (राष्ट्र की परम्परा)। कड़ाके की ठंड के बीच सलेमपुर तहसील परिसर स्थित एडीओ पंचायत कार्यालय के बाहर बुधवार को ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जन्म प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर कराने पहुंचे दो गांवों के आधा दर्जन से अधिक ग्रामीण घंटों तक ठिठुरते रहे, लेकिन अधिकारी के कार्यालय में मौजूद न होने से उनका काम नहीं हो सका।

ग्रामीणों के अनुसार, वे सुबह से ही ब्लॉक गेट पर स्थित एडीओ पंचायत कार्यालय पहुंच गए थे, लेकिन काफी देर तक इंतजार करने के बावजूद अधिकारी नहीं मिले। ग्राम उर्दौली निवासी बबली देवी और ग्राम सोहनाग निवासी संगीता देवी सहित अन्य ग्रामीण जन्म प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर कराने के लिए आए थे।

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ग्रामीणों ने बताया कि अचानक बढ़ी ठंड के बावजूद वे घंटों कार्यालय के बाहर बैठे रहे। इससे पहले भी वे एक दिन पूर्व इसी कार्य के लिए कार्यालय आए थे, लेकिन तब भी घंटों इंतजार के बाद बिना काम कराए लौटना पड़ा था। लगातार चक्कर लगाने के कारण ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई।

इस मामले में जब एडीओ पंचायत से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि वे आवश्यक कार्यवश क्षेत्र में गए हुए थे। हालांकि, ठंड में घंटों तक इंतजार करने को मजबूर ग्रामीणों की यह स्थिति प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।

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मानदेय अटका, घरों में चूल्हा ठंडा: ग्राम रोजगार सेवकों पर रोज़ी-रोटी का संकट

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महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की रीढ़ माने जाने वाले ग्राम रोजगार सेवक आज खुद जीवन की सबसे बड़ी लड़ाई लड़ने को मजबूर हैं। जुलाई माह से अब तक मानदेय का भुगतान न होने के कारण सैकड़ों रोजगार सेवकों के सामने रोज़ी-रोटी का गहरा संकट खड़ा हो गया है। महीनों से बिना वेतन काम कर रहे इन कर्मियों के घरों में आर्थिक तंगी इस कदर बढ़ गई है कि बच्चों की पढ़ाई, इलाज और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना दूभर हो गया है। मनरेगा जैसी महत्वाकांक्षी योजना के सफल क्रियान्वयन में ग्राम रोजगार सेवकों की भूमिका बेहद अहम है। योजना की जमीनी हकीकत यही ग्राम रोजगार सेवक तय करते हैं, लेकिन विडंबना यह है कि इन्हीं की अनदेखी सबसे ज्यादा हो रही है। सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलकर नए नामकरण की कवायद तेज है और इसके जरिए कार्यों में तेजी लाने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन योजना को धरातल पर उतारने वाले रोजगार सेवकों के हितों पर कोई ठोस बात सामने नहीं आई है।रोजगार सेवकों का कहना है कि काम से जुड़ा ऐप तो नियमित रूप से चलता है, हाजिरी और प्रगति रिपोर्ट समय पर अपलोड होती है, लेकिन उनके यूएन खाते में मानदेय और उससे कटी ईपीएफ की धनराशि जमा नहीं हो रही है। यह स्थिति प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करती है और कर्मचारियों का मनोबल तोड़ने वाली है।वर्तमान में ग्राम रोजगार सेवकों को मात्र 7,788 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाता है, जो महंगाई के इस दौर में ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रहा है। रोजगार सेवकों की मांग है कि नाम बदलने के साथ-साथ उन्हें समय पर भुगतान, बुनियादी सुविधाएं और स्थायी वेतनमान भी दिया जाए। यदि सरकार वास्तव में ग्रामीण रोजगार व्यवस्था को मजबूत करना चाहती है, तो ग्राम रोजगार सेवकों को नियमित कर सम्मानजनक वेतनमान देना होगा। अन्यथा नए नामकरण के शोर के बीच रोजगार सेवकों के सामने रोजगार और सम्मान दोनों का संकट यूं ही बना रहेगा। इस संबंध में उत्तर प्रदेश ग्राम रोजगार सेवक संघ महराजगंज के जिला अध्यक्ष/ प्रांतीय उपाध्यक्ष ब्रह्मानंद ने कहा कि भारत सरकार मनरेगा का नाम बदलकर जी राम जी रखकर कुछ परिवर्तन कर रही है। श्रमिकों को 125 दिन की रोजगार देने की बात कर रही है किन्तु इस योजना को धरातल पर उतरने वाले ग्राम रोजगार सेवक व अन्य मनरेगा कर्मियों का मानदेय समय से भुगतान हो, इनके नियमितीकरण के लिए एक्ट में कोई व्यवस्था नहीं कर रही है। लगभग 18 वर्षों से कार्यरत ग्राम रोजगार सेवक सहित अन्य मनरेगा कर्मियों का भविष्य सुदृढ़ करने के लिए सरकार को उनके नियमितीकरण व वेतनमान की व्यवस्था करनी चाहिए।