Thursday, June 25, 2026
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वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह संपन्न

मुंबई (राष्ट्र की परम्परा )हिन्दी विद्या प्रचार समिति द्वारा संचालित हिन्दी हाई स्कूल घाटकोपर का वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह श्री बैजनाथ साबू सभागृह में बड़े हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ । समारोह में समिति के अध्यक्ष तथा समारोह अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र सिंह , मुख्य अतिथि तथा विद्यालय के पूर्व प्रधानाचार्य रमेशचन्द्र सिंह, वर्तमान प्रधानाचार्य राजेन्द्र कुमार डी सिंह , उप प्रधानाचार्य अभय प्रताप सिंह , हिन्दी प्राथमिक विभाग के मुख्याध्यापक घनश्याम मौर्य आदि मान्यवर उपस्थित थे ।
इस दौरान शैक्षणिक वर्ष 2025-26 में शैक्षणिक तथा गैर शैक्षणिक गतिविधियों में सर्वोत्तम प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को नकद पुरस्कार, प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया । तत्पश्चात विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया ।
समारोह अध्यक्ष तथा हिन्दी विद्या प्रचार समिति के अध्यक्ष डॉ . राजेन्द्र सिंह ने आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को समिति की ओर से लगभग साठ हजार रुपए की नकद धनराशि छात्रवृत्ति स्वरूप प्रदान की । मुख्य अतिथि रमेशचंद्र सिंह ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनके आचरण आहार और अनुशासन की अनिवार्यता पर प्रकाश डाला । प्रधानाचार्य राजेन्द्र कुमार सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत किया । कार्यक्रम का सूत्र संचालन उप प्रधानाचार्य अभय प्रताप सिंह एवं शिक्षिका रेखा सिंह ने तथा आभार प्रदर्शन पर्यवेक्षिका ननिता भांबरी ने किया ।

भारत–नेपाल सीमा पर तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 118 बोरी विदेशी मक्का और दो पिकअप जब्त

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। भारत–नेपाल सीमा पर अवैध तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत महराजगंज पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस अधीक्षक सोमेन्द्र मीना के सख्त निर्देशों के क्रम में सीमावर्ती थाना क्षेत्रों में तस्करी के विरुद्ध कार्रवाई तेज कर दी गई है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के निर्देशन में थाना नौतनवा पुलिस ने विदेशी मक्का की बड़ी खेप बरामद की है।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुखबिर की सूचना पर थाना नौतनवा पुलिस ने बुधवार सुबह लगभग 6 बजे पिपरहवा घाट पर छापेमारी की। इस दौरान नेपाल सीमा की ओर से अवैध रूप से लाए जा रहे 118 बोरी ब्राजीलियन मक्का को दो पिकअप वाहनों के जरिए परिवहन करते हुए पकड़ा गया। मौके से पिकअप वाहन संख्या UP56 AT 9838 और UP56 BT 2477 को भी जब्त कर लिया गया।

इस कार्रवाई में पुलिस ने दुर्गा शंकर पुत्र धर्मवीर चौधरी और विनोद पुत्र बनारसी, दोनों निवासी हरदीडाली, तथा दशरथ सहानी पुत्र महेन्द्र सहानी निवासी सिंहपुर कला, थाना नौतनवा, जनपद महराजगंज को हिरासत में लिया है। बरामद मक्का को कस्टम अधिनियम की धारा 111 के अंतर्गत दर्शाते हुए अग्रिम विधिक कार्रवाई के लिए कस्टम कार्यालय नौतनवा भेज दिया गया है।

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इस संयुक्त अभियान में थाना नौतनवा पुलिस के साथ 66वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवानों की भी अहम भूमिका रही। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक मनीष कुमार, कांस्टेबल शैलेन्द्र मौर्या सहित एसएसबी के एसआई जतिन सिंह, एएसआई फुलेश्वर गोहाई, तथा कांस्टेबल मंजेश पटेल, रोहित सिंह, अमन कमलापुरी और शिव प्रजापति शामिल रहे।

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सीमावर्ती इलाकों में तस्करी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में इस तरह के अभियान और तेज किए जाएंगे। इस कार्रवाई से तस्करों में हड़कंप मचा है, वहीं आम जनता में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर भरोसा और मजबूत हुआ है।

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युवा कांग्रेसी चलाएंगे सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन – प्रदीप ठकुराई

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सबसे अधिक परेशान युवा वर्ग है। नौजवान रोजगार के लिए दर-दर भटक रहा है, लेकिन सरकार के वादे ज़मीनी हकीकत से कोसों दूर हैं। यह बातें युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदीप ठकुराई ने देवरिया विधानसभा क्षेत्र के खरोह चौराहे पर आयोजित संगठनात्मक समीक्षा बैठक के दौरान कहीं।

प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदीप ठकुराई ने कहा कि भाजपा सरकार ने हर साल दो करोड़ नौकरियां देने का वादा किया था, लेकिन यह घोषणा सिर्फ कागज़ों तक ही सीमित रह गई। बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है, वहीं शिक्षा की फीस इतनी महंगी कर दी गई है कि गरीब और मध्यम वर्ग के छात्र उच्च शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों पर गंभीर नहीं है, बल्कि समाज को बांटने और नफरत फैलाने का काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि युवा कांग्रेस सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन चलाएगी और युवाओं की आवाज़ सड़क से सदन तक उठाई जाएगी। साथ ही आगामी पंचायत चुनाव में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता पूरी मजबूती के साथ मैदान में उतरेंगे।

इस मौके पर युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष गोविन्द मिश्र ने कहा कि नौजवानों और बेरोजगार युवाओं की वास्तविक चिंता केवल कांग्रेस पार्टी ही करती है। संगठन को और अधिक मजबूत कर सरकार की जनविरोधी नीतियों को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।

बैठक को जिला उपाध्यक्ष सत्यम पांडेय, हर्षित सिंह, अंकुर भारती, सिकंदर यादव, प्रदीप यादव, आकाश यादव, बृजेश यादव, अमन सोनकर, अनीश कुमार, मोहन यादव, अभिषेक गुप्ता, सिद्धार्थ, सन्नी और आरिफ सहित अन्य युवा नेताओं ने भी संबोधित किया।

बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, शुरू हुई बिजली बिल राहत योजना 2025-26

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। बिजली बिल के बकाया से जूझ रहे उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अंतर्गत विद्युत वितरण खंड प्रथम, महराजगंज द्वारा बिजली बिल राहत योजना 2025-26 की औपचारिक शुरुआत कर दी गई है। योजना का पहला चरण 01 दिसंबर 2025 से लागू हो चुका है, जिसका उद्देश्य लंबे समय से लंबित बिजली बिलों का समाधान कर उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत देना है।

इस योजना के अंतर्गत 1 किलोवाट और 2 किलोवाट भार वाले सभी घरेलू उपभोक्ता तथा 1 किलोवाट भार वाले वाणिज्यिक उपभोक्ता शामिल किए गए हैं, जिन्होंने अपना अंतिम भुगतान 31 मार्च 2025 से पूर्व किया है। पात्र उपभोक्ताओं को विलंबित भुगतान अधिभार (LPSC) में 100 प्रतिशत की छूट दी जा रही है, वहीं मूलधन में भी उल्लेखनीय रियायत का प्रावधान किया गया है। इससे जिले के हजारों बिजली उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

तीन चरणों में लागू होगी योजना

बिजली बिल राहत योजना को तीन चरणों में लागू किया गया है—

प्रथम चरण: 01 दिसंबर 2025 से 31 दिसंबर 2025

द्वितीय चरण: 01 जनवरी 2026 से 31 जनवरी 2026

तृतीय चरण: 01 फरवरी 2026 से 28 फरवरी 2026

विद्युत विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पहले चरण में आवेदन करने पर अधिकतम छूट का लाभ मिलेगा।

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पंजीकरण और भुगतान की सुविधा

योजना का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को ₹2000 की पंजीकरण राशि जमा करनी होगी। भुगतान के लिए उपभोक्ताओं को एकमुश्त भुगतान या ₹750 अथवा ₹500 की मासिक किस्तों में भुगतान का विकल्प दिया गया है। एकमुश्त भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं को पंजीकरण के बाद 30 दिनों की समय-सीमा दी गई है।

पंजीकरण की सुविधा विद्युत विभाग के खंड/उपखंड कार्यालय, कैश काउंटर, जन सेवा केंद्र (CSC) और विभागीय वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन उपलब्ध है। इसके अलावा उपभोक्ता टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1912 पर संपर्क कर भी योजना से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

बिजली चोरी मामलों में भी राहत

योजना के तहत बिजली चोरी से जुड़े मामलों में भी बड़ी राहत दी गई है। ऐसे मामलों में पेनाल्टी पर 50 प्रतिशत तक की छूट का प्रावधान किया गया है।

विद्युत विभाग ने बकायेदार उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर योजना का लाभ उठाकर अपने बिजली बिलों का निस्तारण करें और अतिरिक्त आर्थिक बोझ से बचें।

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UP में ब्राह्मण नाराज? 15 जिलों की 100+ सीटों पर असर, BJP के लिए क्यों अहम है 10% वोटबैंक

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर प्रदेश की राजनीति में जातीय समीकरण एक बार फिर चर्चा में हैं। विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान लखनऊ में हुई बीजेपी के ब्राह्मण विधायकों की बैठक के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। यह बैठक 22 दिसंबर की शाम कुशीनगर से बीजेपी विधायक पंचानंद पाठक के लखनऊ स्थित आवास पर हुई, जिसे औपचारिक रूप से पारिवारिक सह-भोज बताया गया, लेकिन इसके राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं।

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब हाल ही में ठाकुर समुदाय से जुड़े बीजेपी विधायकों की भी बैठक हो चुकी है और इसके साथ ही कुर्मी समाज से आने वाले पंकज चौधरी को यूपी बीजेपी का प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के बाद ब्राह्मण समाज में असंतोष की चर्चाएं सामने आई हैं। ऐसे में इस जुटान को 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।

ब्राह्मण विधायकों की बैठक में क्या हुआ?

सूत्रों के अनुसार इस बैठक में करीब 45–50 विधायक और एमएलसी शामिल हुए। यूपी विधानसभा में कुल 52 ब्राह्मण विधायक हैं, जिनमें से 46 भाजपा से जुड़े हैं। बैठक में मिर्जापुर विधायक रत्नाकर मिश्रा और एमएलसी उमेश द्विवेदी की भूमिका अहम बताई जा रही है।

खास बात यह रही कि इस बैठक में बीजेपी के अलावा अन्य दलों के ब्राह्मण विधायक भी मौजूद थे। भोजन के रूप में लिट्टी-चोखा और मंगलवार व्रत का फलाहार परोसा गया। वहीं, नृपेन्द्र मिश्रा के पुत्र और एमएलसी साकेत मिश्रा की मौजूदगी ने बैठक को और चर्चा में ला दिया।

ब्राह्मण वोटबैंक: आंकड़े क्या कहते हैं?

उत्तर प्रदेश की राजनीति में ब्राह्मण मतदाता 8 से 10 फीसदी माने जाते हैं। प्रदेश की 110 से अधिक विधानसभा सीटों पर ब्राह्मण वोट निर्णायक भूमिका निभाते हैं। करीब 12–15 जिले ऐसे हैं जहां ब्राह्मण आबादी 15% से अधिक है, जिनमें—

बलरामपुर, बस्ती, संत कबीर नगर, महाराजगंज, गोरखपुर, देवरिया, जौनपुर, अमेठी, वाराणसी, चंदौली, कानपुर और प्रयागराज प्रमुख हैं।

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CSDS-लोकनीति के आंकड़ों के मुताबिक—

• 2022 विधानसभा चुनाव में ब्राह्मणों का 89% वोट BJP को मिला
समाजवादी पार्टी को 6%, कांग्रेस को 1% समर्थन मिला

• 2017 में भी भाजपा को 83% ब्राह्मण वोट मिले थे

ये आंकड़े साफ करते हैं कि ब्राह्मण वोटबैंक बीजेपी के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम है और इसकी नाराजगी पार्टी के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है।

एक बैठक, कई राजनीतिक संकेत

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक यह बैठक केवल सामाजिक चर्चा तक सीमित नहीं थी। माना जा रहा है कि मौजूदा जातीय संतुलन और संगठनात्मक फैसलों से ब्राह्मण समाज खुद को हाशिये पर महसूस कर रहा है। हालांकि बैठक में शामिल विधायकों का कहना है कि यह जुटान पश्चिमी सभ्यता के प्रभाव और सामाजिक मुद्दों पर विचार-विमर्श के लिए थी, न कि किसी नाराजगी के प्रदर्शन के लिए।

फिर भी, 2027 के विधानसभा चुनाव, प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति और लगातार हो रही जातीय बैठकों के बीच यह ब्राह्मण बैठक आने वाले दिनों में यूपी की राजनीति में नई रणनीति और समीकरणों की ओर इशारा कर रही है।

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‘PDA का आरक्षण छीनने वाली BJP’, अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर लगाया गंभीर आरोप

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरियों में आरक्षण को लेकर सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि बीते पांच वर्षों में हुई सरकारी भर्तियों में PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) वर्ग के आरक्षित पदों की बड़े पैमाने पर “लूट” की गई है।

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर आंकड़े साझा करते हुए दावा किया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में OBC/SC/ST वर्ग को मिलने वाला संवैधानिक आरक्षण लगातार छीना गया है।

69,000 शिक्षक भर्ती का जिक्र

सपा अध्यक्ष के अनुसार,
साल 2019 में 69,000 सहायक शिक्षक भर्ती में OBC/SC/ST को आरक्षण के हिसाब से 34,500 पद मिलने चाहिए थे, लेकिन उन्हें केवल 5,161 पद दिए गए। इस तरह 29,333 आरक्षित पदों की लूट हुई।

अन्य भर्तियों में भी आरक्षण लूट का आरोप

अखिलेश यादव ने आगे तीन अन्य भर्तियों का हवाला दिया—

• 2021: बांदा कृषि विश्वविद्यालय में 15 पदों पर भर्ती, 8 आरक्षित होने चाहिए थे, मिले सिर्फ 2

• 2023: लखीमपुर सहकारी बैंक में 27 पद, 14 आरक्षित थे, मिले 8

• 2025: राजस्व लेखपाल भर्ती में 7,994 पद, 3,997 आरक्षित होने चाहिए थे, दिए गए 3,037

सपा प्रमुख का दावा है कि इन चार भर्तियों में ही 30 हजार से अधिक PDA पदों की लूट की गई।

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अखिलेश यादव का भाजपा पर तीखा हमला

अखिलेश यादव ने X पर लिखा कि पिछले पांच वर्षों की सभी भर्तियों में PDA वर्ग के पदों में गड़बड़ी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब-जब आरक्षण में चोरी पकड़ी गई, तब-तब सरकार ने “तथाकथित कमेटियां” बनाईं, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

उन्होंने सवाल किया कि आखिर भाजपा सरकार कब तक OBC/SC/ST आरक्षण की अनदेखी करती रहेगी। साथ ही उन्होंने ‘Not Found Suitable’ जैसे फॉर्मूले को गैरकानूनी बताते हुए इसे कोर्ट में चुनौती देने की बात कही।

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के एजेंडे में न नौकरी है और न ही PDA समाज का हक। उन्होंने तंज कसते हुए कहा—
“भाजपा जाए तो नौकरी-भर्ती आए।”

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बांग्लादेश में हिंदुओं पर करीब 2,500 हमले, ईशनिंदा के आरोप में हत्याएं; चुनाव से पहले बढ़ी चिंता

ढाका (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद से बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा के मामलों में गंभीर बढ़ोतरी देखी गई है। बांग्लादेश हिंदू बौद्ध क्रिश्चियन यूनिटी काउंसिल (BHBCUC) और अन्य रिपोर्ट्स के अनुसार, अगस्त 2024 से जून 2025 के बीच हिंदुओं पर 2,442 से अधिक हमले दर्ज किए गए। इन घटनाओं में मंदिरों में तोड़फोड़, घरों में आगजनी, लूटपाट और हत्याएं शामिल हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई हत्याएं कथित ईशनिंदा (ब्लास्फेमी) के आरोप में की गईं, जबकि कुछ मामलों में राजनीतिक प्रतिशोध को कारण बताया गया है। इन घटनाओं ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

चटगांव और लक्ष्मीपुर की घटनाओं से मचा आक्रोश

हिंदुओं पर हमलों की हालिया घटनाएं चटगांव से सामने आई हैं, जहां दो हिंदू परिवारों के घरों में आग लगा दी गई। बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में आरोप लगाया गया कि इस्लामिक कट्टरपंथियों ने हिंदू परिवारों को निशाना बनाया। यह घटना 23 दिसंबर 2025 की बताई जा रही है, जिसमें भारी संपत्ति नुकसान हुआ।
इससे पहले 19 दिसंबर की रात लक्ष्मीपुर सदर में एक घर को बाहर से बंद कर आग लगाए जाने की घटना सामने आई थी, जिसमें एक 7 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई और तीन लोग गंभीर रूप से झुलस गए।

ईशनिंदा के आरोप में हुईं कई हत्याएं

दिसंबर 2025 में ईशनिंदा के आरोपों को लेकर कई हिंसक घटनाएं सामने आईं—

• ढाका के पास भालुका में हिंदू युवक दीपू चंद्र की पीट-पीटकर हत्या

• रंगपुर में दुकानदार उत्तम कुमार बर्मन की लिंचिंग

• नरसिंगदी में ज्वेलर प्रांतोष कर्मकार की गोली मारकर हत्या

• फरीदपुर में मछली व्यापारी उत्पल सरकार की हत्या

• रंगपुर में स्वतंत्रता सेनानी दंपति योगेश चंद्र रॉय और सुबर्णा रॉय की मौत

BHBCUC के अनुसार, शेख हसीना सरकार के जाने के बाद से अब तक 23 से 27 हिंदुओं की हत्या की पुष्टि हुई है, हालांकि कुछ मामलों में नाम सार्वजनिक नहीं किए गए।

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चुनाव से पहले हालात बिगड़ने की आशंका

मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने इन घटनाओं की निंदा करते हुए कई गिरफ्तारियां की हैं, लेकिन हिंदू और अन्य अल्पसंख्यक समुदाय सुरक्षा की ठोस गारंटी की मांग कर रहे हैं। भारत ने भी इन घटनाओं पर चिंता जताई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि कई हमले कथित तौर पर अवामी लीग समर्थक होने के आरोप में किए गए, लेकिन इसके साथ ही धार्मिक तनाव भी तेजी से बढ़ा है। फरवरी 2026 में होने वाले राष्ट्रीय चुनाव से पहले हालात और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।

बांग्लादेश में हिंदू आबादी और स्थिति

जनगणना 2022 के अनुसार, बांग्लादेश में हिंदुओं की आबादी करीब 1.31 करोड़ है, जो कुल जनसंख्या का 7.95% है। उस समय देश की कुल आबादी 16.52 करोड़ थी।वर्ल्डोमीटर के अनुमान के मुताबिक, दिसंबर 2025 तक बांग्लादेश की जनसंख्या लगभग 17.6 करोड़ हो चुकी है। हालांकि, पलायन और अन्य सामाजिक कारणों से हिंदू आबादी के प्रतिशत में गिरावट की आशंका जताई जा रही है।

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राजनीतिक नहीं, सामाजिक उद्देश्य से हुई विधायकों की अहम बैठक

यूपी विधानसभा शीतकालीन सत्र में ब्राह्मण विधायकों की बैठक, सामाजिक एकजुटता और पारिवारिक मूल्यों पर हुआ मंथन

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान ब्राह्मण समुदाय से जुड़े विधायकों ने एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की, जिसमें लगभग चार दर्जन विधायक शामिल हुए। यह बैठक पूरी तरह सामाजिक सरोकारों और समुदाय से जुड़ी जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रही। बैठक में मौजूद विधायक रत्नाकर मिश्रा ने स्पष्ट किया कि इस आयोजन का उद्देश्य किसी भी प्रकार की राजनीतिक रणनीति या असंतोष को व्यक्त करना नहीं था, बल्कि बदलते सामाजिक ढांचे पर गंभीर चर्चा करना था।
रत्नाकर मिश्रा ने कहा कि ब्राह्मण समाज आज तेजी से बिखराव की ओर बढ़ रहा है। पहले संयुक्त परिवारों की परंपरा मजबूत थी, जहां तीन पीढ़ियां एक साथ रहती थीं, लेकिन आधुनिक जीवनशैली और पश्चिमी प्रभाव के कारण अब परिवार छोटे होते जा रहे हैं। इसका सीधा असर बुजुर्गों पर पड़ रहा है, जो मजबूरी में वृद्धाश्रम जाने को विवश हो रहे हैं। उन्होंने इसे समाज के लिए चिंता का विषय बताया।
मिश्रा के अनुसार, बैठक का मूल उद्देश्य नई पीढ़ी को सही दिशा देना, सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ना और परिवार व्यवस्था को मजबूत करना था। उन्होंने कहा कि समाज को मूल्य और संस्कृति देना ब्राह्मणों की ऐतिहासिक भूमिका रही है और यदि इसी उद्देश्य से कोई बैठक होती है तो उसमें कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। बल्कि, हर समुदाय को अपनी सामाजिक मजबूती के लिए ऐसे संवाद करने चाहिए ताकि सभी भारत की मुख्यधारा से जुड़े रहें।
राजनीतिक अटकलों को खारिज करते हुए मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत है, माफिया राज समाप्त हो चुका है और प्रशासनिक व्यवस्थाएं बेहतर हैं, इसलिए राजनीतिक विमर्श की कोई आवश्यकता नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा कि बैठक में विभिन्न दलों के विधायक थे या नहीं, इसकी उन्हें सटीक जानकारी नहीं है क्योंकि वे कुछ देर से पहुंचे थे।
वहीं, कुशीनगर से भाजपा विधायक और बैठक के आयोजक पी.एन. पाठक ने साफ कहा कि इस बैठक में केवल भाजपा के ब्राह्मण विधायक शामिल हुए और इसका कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं था। उन्होंने मीडिया में चल रही उन खबरों को भी खारिज किया जिनमें ब्राह्मण समुदाय की नाराजगी की बात कही जा रही थी। पाठक के अनुसार, बैठक पूरी तरह सामाजिक उत्थान और कल्याण पर केंद्रित थी।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इससे पहले ठाकुर और कुर्मी समुदाय के विधायकों की बैठकें हो चुकी हैं, जिन्हें सकारात्मक पहल माना जाना चाहिए। उनका मानना है कि ऐसे प्रयास सामाजिक संवाद और समरसता को मजबूत करते हैं।

पुलिस कार्यालय में नव निर्मित पुलिस अधीक्षक कक्ष का हुआ शुभारंभ, प्रशासनिक कार्यों को मिलेगी नई गति

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। पुलिस कार्यालय देवरिया परिसर में नव निर्मित पुलिस अधीक्षक कक्ष का आज विधिवत शुभारंभ किया गया। पुलिस अधीक्षक देवरिया संजीव सुमन ने फीता काटकर एवं कक्ष का निरीक्षण कर उद्घाटन किया। इस अवसर पर पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे। शुभारंभ कार्यक्रम सादे एवं गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ।

पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन ने बताया कि यह नया कक्ष आधुनिक सुविधाओं से युक्त है, जिससे प्रशासनिक कार्यों के निष्पादन में अधिक सुगमता, पारदर्शिता और प्रभावशीलता आएगी। उन्होंने कहा कि इस कक्ष के निर्माण से अधिकारियों और कर्मचारियों को बेहतर कार्य वातावरण मिलेगा, जिससे जनसेवा से जुड़े कार्यों को और अधिक कुशलता के साथ संपादित किया जा सकेगा।

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उन्होंने आगे कहा कि पुलिस कार्यालय की आधारभूत संरचनाओं का सुदृढ़ीकरण विभाग की कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नव निर्मित पुलिस अधीक्षक कक्ष में अब बैठकों, जनसुनवाई, समीक्षा कार्यों और प्रशासनिक निर्णयों को अधिक सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न किया जा सकेगा।

पुलिस अधीक्षक ने निर्माण कार्य से जुड़े सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहना करते हुए समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य के लिए धन्यवाद दिया। इस पहल से पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने में सहायता मिलेगी।

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सुबह की सैर बनी जानलेवा, बेगूसराय में जदयू छात्र नेता को मारी गोली, आधे घंटे तक तड़पता रहा घायल


बेगूसराय (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)बेगूसराय में अपराधियों के हौसले एक बार फिर कानून-व्यवस्था पर भारी नजर आए। बुधवार की तड़के मॉर्निंग वॉक पर निकले जदयू के छात्र नेता सोनू कुमार को बदमाशों ने गोली मार दी। हैरानी और चिंता की बात यह रही कि गोली लगने के बाद करीब 30 मिनट तक युवक सड़क किनारे तड़पता रहा, लेकिन आसपास मौजूद लोगों में से किसी ने भी उसे अस्पताल पहुंचाने की पहल नहीं की।

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घटना लोहिया नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत बाघी रेलवे गुमटी के पास की बताई जा रही है। घायल सोनू कुमार की उम्र लगभग 25 वर्ष है। वे एसबीएसएस कॉलेज में अध्ययनरत हैं और जदयू के छात्र संगठन से सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। वर्तमान में वे जिला मुख्यालय के लोहिया नगर मोहल्ले में किराए के मकान में रह रहे थे।

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सदर अस्पताल में इलाज के दौरान सोनू कुमार ने बताया कि वे रोज की तरह सुबह टहलते हुए जिम जा रहे थे, तभी अज्ञात बदमाशों ने अचानक उन पर फायरिंग कर दी। एक गोली सीधे उनकी जांघ में लगी, जिससे वे मौके पर ही गिर पड़े। उन्होंने राहगीरों से बार-बार मदद की गुहार लगाई, लेकिन डर या उदासीनता के कारण कोई आगे नहीं आया।
करीब आधे घंटे बाद जब स्थिति गंभीर हो गई, तब सोनू ने खुद मोबाइल से अपने परिचित जिम संचालक (मामा) को फोन किया। सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचे और घायल को तत्काल बेगूसराय सदर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज जारी है।
घायल छात्र नेता ने स्पष्ट किया कि उनका किसी से कोई व्यक्तिगत विवाद नहीं था और न ही उन्हें किसी तरह की धमकी मिली थी। सूचना मिलते ही लोहिया नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि हमलावरों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जा सके।

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यह घटना न सिर्फ बेगूसराय में बढ़ते अपराध पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज में घटती संवेदनशीलता को भी उजागर करती है।

‘चुनाव रोकने के लिए हत्या करवाई’, यूनुस सरकार पर उस्मान हादी के भाई का सनसनीखेज आरोप

ढाका (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)।बांग्लादेश में छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद देश में राजनीतिक तनाव और गहरा गया है। राजधानी ढाका में सिर में गोली मारकर की गई हत्या के मामले में अब बड़ा राजनीतिक आरोप सामने आया है। हादी के भाई ने मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के एक धड़े पर फरवरी में प्रस्तावित राष्ट्रीय चुनाव को बाधित करने के लिए हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है।

छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या

शरीफ उस्मान हादी इंकलाब मंच के प्रवक्ता थे। यह एक सांस्कृतिक संगठन है, जो पिछले वर्ष हुए व्यापक विरोध प्रदर्शनों के दौरान उभरा था। इन्हीं प्रदर्शनों के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता छोड़नी पड़ी थी। हादी की हत्या के बाद बांग्लादेश के कई हिस्सों में हिंसक विरोध प्रदर्शन देखने को मिले, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने प्रमुख समाचार पत्रों और सांस्कृतिक संगठनों के कार्यालयों को निशाना बनाया।

सरकार पर भाई के गंभीर आरोप

शाहबाग में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान हादी के भाई शरीफ उमर हादी ने अंतरिम सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया,
“आपने उस्मान हादी की हत्या करवाई और अब इसी मुद्दे का इस्तेमाल कर चुनाव टालने की कोशिश की जा रही है।”
उमर ने दावा किया कि उनके भाई फरवरी तक राष्ट्रीय चुनाव कराने के पक्षधर थे और यही वजह उनकी हत्या बनी।

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न्याय और समय पर चुनाव की मांग

उमर हादी ने हत्यारों के खिलाफ तुरंत मुकदमा चलाने की मांग करते हुए कहा कि न्याय में देरी से चुनावी माहौल प्रभावित होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि न्याय नहीं मिला, तो इसका गंभीर राजनीतिक परिणाम होगा। उमर ने यह भी आरोप लगाया कि उनके भाई ने किसी एजेंसी या “विदेशी ताकतों” के दबाव में झुकने से इनकार किया था।

इंकलाब मंच ने बताया ‘गहरी साजिश’

द डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, इंकलाब मंच के सदस्य सचिव अब्दुल्ला अल जाबेर ने इस हत्या को जुलाई में हुए विरोध प्रदर्शनों की उपलब्धियों और बांग्लादेश की संप्रभुता को कमजोर करने की “गहरी साजिश” बताया। उन्होंने दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय खुफिया एजेंसियों और देश में मौजूद “फासीवादी सहयोगियों” की इसमें भूमिका हो सकती है।
जाबेर ने सरकार से मांग की है कि हत्यारों को तय समय सीमा में जनता के सामने पेश किया जाए, अन्यथा विरोध और तेज किया जाएगा।

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घुघली पुलिस की तत्परता से जघन्य अपराध का खुलासा, नाबालिग से दुष्कर्म व अपहरण का आरोपी गिरफ्तार


महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद महराजगंज में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत घुघली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। नाबालिग से दुष्कर्म एवं अपहरण जैसे गंभीर अपराध में वांछित आरोपी को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस की सख्ती और जीरो टॉलरेंस नीति स्पष्ट हुई है।

पुलिस अधीक्षक महराजगंज सोमेंद्र मीना के निर्देशन एवं अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के मार्गदर्शन में थाना घुघली पुलिस लगातार अपराधियों की धरपकड़ में जुटी हुई थी। इसी क्रम में थाना घुघली पर पंजीकृत मुकदमा अपराध संख्या 460/2025 के तहत दर्ज
धारा 137(2), 87, 64(1), 351(3), 352 भारतीय न्याय संहिता (BNS), धारा 3/4(1) पोक्सो एक्ट तथा धारा 3(1)ध/3(2)(V) एससी/एसटी एक्ट में वांछित आरोपी सागर यादव पुत्र विंद्याचल यादव को गिरफ्तार किया गया।

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पुलिस के अनुसार आरोपी ने नाबालिग पीड़िता को शादी का झांसा देकर बहला-फुसलाकर घर से भगा लिया था। इसके बाद पीड़िता की इच्छा के विरुद्ध उसके साथ दुष्कर्म किया गया, गाली-गलौज की गई तथा जान से मारने की धमकी भी दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस लगातार आरोपी की तलाश में जुटी थी।

गुप्त सूचना के आधार पर घुघली पुलिस टीम ने 24 दिसंबर 2025 को प्रातः लगभग 7:15 बजे सुखापट्टी मोड़ के पास से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करते हुए आरोपी को महराजगंज न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

इस सफलता पर पुलिस अधीक्षक ने घुघली पुलिस टीम की सराहना करते हुए कहा कि नाबालिगों एवं महिलाओं के विरुद्ध अपराध करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्रीय जनता में सुरक्षा और विश्वास का माहौल मजबूत हुआ है।

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भारतीयों के लिए टूटा अमेरिका का H-1B सपना, लॉटरी सिस्टम खत्म; आज से बदले वीजा नियम

अमेरिका में काम करने का सपना देख रहे भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए बड़ा झटका है। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने H-1B वर्क वीजा के रैंडम लॉटरी सिस्टम को खत्म करने का ऐलान कर दिया है। इसकी जगह अब ‘वेटेड सिलेक्शन सिस्टम’ लागू किया जाएगा, जिसमें ज्यादा स्किल्ड और ज्यादा सैलरी पाने वाले विदेशी वर्कर्स को प्राथमिकता दी जाएगी।
यह बदलाव अमेरिकी वर्कर्स की सैलरी, नौकरियों और कार्य स्थितियों को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किया गया है।

नए नियम का नोटिफिकेशन जारी

US डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) और US सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) ने मंगलवार को नए नियम का नोटिफिकेशन जारी किया।USCIS के प्रवक्ता मैथ्यू ट्रेजेसर के अनुसार, पुरानी रैंडम लॉटरी व्यवस्था का दुरुपयोग कर कई कंपनियां कम सैलरी पर विदेशी वर्कर्स को नियुक्त कर रही थीं, जिससे अमेरिकी कर्मचारियों के अवसर प्रभावित हो रहे थे।

H-1B वीजा के नए नियमों में क्या बदला?

• अब रैंडम लॉटरी नहीं, बल्कि वेटेड सिलेक्शन सिस्टम लागू होगा

• चयन सैलरी लेवल के आधार पर किया जाएगा

• डिपार्टमेंट ऑफ लेबर (DOL) के 4 वेज लेवल तय होंगे
1. सबसे कम वेज लेवल: 1 एंट्री
2. सबसे ऊंचा वेज लेवल: 4 एंट्रीज

• हाई-पेड और हाई-स्किल्ड वर्कर्स को मिलेगा ज्यादा फायदा

• एनुअल H-1B कैप में कोई बदलाव नहीं
1. 65,000 जनरल कैटेगरी
2. 20,000 एडवांस्ड डिग्री होल्डर्स

• नया नियम 27 फरवरी 2026 से लागू होगा

• FY 2027 H-1B कैप रजिस्ट्रेशन से सिस्टम प्रभावी होगा

ट्रंप सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?

ट्रंप प्रशासन का कहना है कि पुरानी व्यवस्था में कंपनियां एंट्री-लेवल जॉब दिखाकर कम वेतन पर विदेशी वर्कर्स ला रही थीं, जबकि उनके पास ज्यादा अनुभव होता था। इससे अमेरिकी नागरिकों की नौकरियों और सैलरी पर नकारात्मक असर पड़ रहा था। नया नियम ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति के तहत हाई-स्किल्ड टैलेंट को बढ़ावा देगा।

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भारतीय वर्कर्स पर क्या होगा असर?

भारतीय प्रोफेशनल्स H-1B वीजा के सबसे बड़े लाभार्थी रहे हैं। नए नियमों से:

• एंट्री-लेवल और कम सैलरी वाले युवा भारतीयों के लिए वीजा पाना मुश्किल होगा

• सीनियर, एक्सपीरियंस्ड और हाई-पेड प्रोफेशनल्स को फायदा मिलेगा

• इस साल Amazon सबसे बड़ी H-1B वीजा स्पॉन्सर रही (10,000+), इसके बाद TCS, Microsoft, Apple और Google का नंबर रहा

सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच होगा हिन्दू सम्मेलन, पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में प्रस्तावित हिन्दू सम्मेलन को लेकर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के चाक-चौबंद और व्यापक इंतजाम कर लिए हैं। सम्मेलन को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है।

पुलिस अधीक्षक महराजगंज ने अपर पुलिस अधीक्षक के साथ थाना फरेंदा क्षेत्र के बरदहिया बाजार में आयोजित होने वाले हिन्दू सम्मेलन के कार्यक्रम स्थल का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था के हर पहलू की बारीकी से समीक्षा की।

पुलिस अधीक्षक ने भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, बैरिकेडिंग, पार्किंग व्यवस्था, आपातकालीन निकास मार्ग, सीसीटीवी निगरानी, फायर सेफ्टी और चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार से जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सम्मेलन के दौरान कानून-व्यवस्था में किसी भी प्रकार की चूक न हो और आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहे।

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संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, पैदल व मोबाइल गश्त बढ़ाने, ड्रोन और सीसीटीवी के माध्यम से लगातार निगरानी, तथा यातायात को सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही आयोजकों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।

अपर पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यक्रम से पूर्व सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से पूर्ण कर ली जाएं। उन्होंने अफवाहों पर कड़ी नजर, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और किसी भी भ्रामक सूचना पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखने को कहा।

निरीक्षण के दौरान संबंधित क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी फरेंदा सहित अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। पुलिस प्रशासन की सक्रियता से यह स्पष्ट है कि हिन्दू सम्मेलन को शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में सम्पन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।

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मतदाता पुनरीक्षण सूची 2025 जारी, 30 दिसंबर तक दर्ज करा सकेंगे आपत्ति; 6 जनवरी तक होगा निस्तारण

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। पंचायत चुनाव के मद्देनजर मतदाता पुनरीक्षण–2025 की सूची मंगलवार को जारी कर दी गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने इस सूची पर 30 दिसंबर 2025 तक आपत्तियां आमंत्रित की हैं, जबकि 31 दिसंबर से 6 जनवरी तक आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। इसके बाद 6 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पंचायत चुनाव की तैयारी के तहत विशेष मतदाता पुनरीक्षण अभियान चलाया गया था। अभियान के दौरान 1.81 करोड़ नए मतदाता जोड़े गए, जबकि 1.41 करोड़ अयोग्य मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए। इस तरह पिछली सूची की तुलना में इस बार कुल 40.19 लाख मतदाताओं की वृद्धि दर्ज की गई है।

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आयोग के अनुसार, जारी की गई मतदाता पुनरीक्षण सूची बुधवार से राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध होगी। कोई भी मतदाता वेबसाइट के माध्यम से अपना नाम, पता और अन्य विवरण देख सकता है।

यदि किसी मतदाता को सूची में नाम, उम्र, पता या अन्य विवरण को लेकर कोई आपत्ति है, तो वह आवश्यक दस्तावेजों के साथ आपत्ति दर्ज करा सकता है। इसके लिए संबंधित बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर), ब्लॉक कार्यालय या एसडीएम कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।

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