देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, देवरिया में आगामी 31 दिसंबर 2025 को अप्रेंटिस मेला आयोजित किया जाएगा। यह मेला प्रातः 10:30 बजे से संस्थान परिसर में संपन्न होगा।नोडल प्रधानाचार्य द्वारा जारी सूचना के अनुसार, इस अप्रेंटिस मेले मे क्लासिक मोटर्स इंजीनियरिंग एरिया, देवरिया द्वारा अप्रेंटिस के लिए चयन प्रक्रिया की जाएगी। मेले में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों के लिए इलेक्ट्रिशियन, डीजल मैकेनिक एवं मैकेनिक मोटर व्हीकल ट्रेड में तकनीकी योग्यता होना आवश्यक है।अभ्यर्थियों की आयु सीमा 18 से 30 वर्ष निर्धारित की गई है। चयन प्रक्रिया में सम्मिलित होने हेतु अभ्यर्थियों को अपने समस्त शैक्षिक प्रमाण पत्रों की मूल प्रति व छायाप्रति, बायोडाटा, आधार कार्ड, पैन कार्ड एवं चार पासपोर्ट साइज फोटो साथ लाना अनिवार्य होगा।साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन अभ्यर्थियों को अप्रेंटिस मेले में सम्मिलित होना है, उनका Apprenticeship India पोर्टल(www.apprenticeshipindia.gov.in) पर पंजीकरण होना अनिवार्य है। पंजीकरण की एक प्रति मेले के दौरान प्रस्तुत करनी होगी।संस्थान प्रशासन ने पात्र एवं इच्छुक अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि एवं समय पर उपस्थित होकर इस अवसर का लाभ उठाएं।
ठंड में अवकाश के बाद भी स्कूलों पर ताले, शिक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। कड़ाके की ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा छोटे बच्चों के लिए दो दिवसीय अवकाश घोषित किए जाने के बाद जब विद्यालय खुलने चाहिए थे, उसी समय सदर ब्लॉक क्षेत्र के कई स्कूलों में ताले लटकते मिले। इस स्थिति ने एक बार फिर सरकारी शिक्षा व्यवस्था, विभागीय अनुशासन और शिक्षकों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सदर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत बड़हरा राजा स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय की स्थिति बेहद चिंताजनक पाई गई। दोपहर करीब 1:48 बजे जब मीडिया टीम विद्यालय पहुंची तो मुख्य द्वार पर ताला लटका हुआ था। विद्यालय पूरी तरह बंद मिलने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी गई। लोगों का कहना है कि यह कोई पहली बार नहीं है, बल्कि आए दिन ऐसी शिकायतें सामने आती रहती हैं। वहीं परासखाड़ क्षेत्र के झुगवा टोला स्थित कंपोजिट विद्यालय में स्थिति कुछ बेहतर जरूर दिखी, लेकिन यहां भी पूर्ण उपस्थिति नहीं पाई गई। विद्यालय में केवल तीन शिक्षक—पवन कुमार, दिनेश प्रसाद और वेद कुमार उपस्थित मिले, जबकि अन्य शिक्षक नदारद रहे।
ग्रामीणों का आरोप है कि समय से विद्यालय न पहुंचना और ड्यूटी के प्रति लापरवाही अब आम बात बनती जा रही है। क्षेत्रीय लोगों के अनुसार सदर ब्लॉक के कई विद्यालयों में शिक्षकों की अनियमितता बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। इससे न केवल बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, बल्कि सरकारी स्कूलों की साख भी लगातार गिरती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय आदेशों की अनदेखी कर कुछ शिक्षक मनमाने ढंग से विद्यालयों से गायब रहते हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती।
ग्रामीणों ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषी शिक्षकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो सरकारी शिक्षा व्यवस्था और अधिक चरमरा जाएगी।
इस संबंध में जब बेसिक शिक्षा अधिकारी महराजगंज, रिद्धि पांडेय से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि वह फिलहाल एक बैठक में व्यस्त हैं और शीघ्र ही इस विषय पर जानकारी दी जाएगी।
वीर बाल दिवस आगरा: केंद्रीय मंत्री ने अनाथ बच्चों को किया सम्मानित
साहिबजादों की शहादत को नमन, आगरा में भव्य आयोजन, अनाथ बच्चों को मिला सम्मान
आगरा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)जनपद में वीर बाल दिवस के अवसर पर साहिबजादों की अमर शहादत को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित मुख्य समारोह की अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने की। इस अवसर पर धर्म और राष्ट्र की रक्षा में बलिदान देने वाले गुरु गोविंद सिंह जी के चारों साहिबजादों के त्याग, साहस और वीरता की गाथा को भावपूर्ण शब्दों में प्रस्तुत किया गया।
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कार्यक्रम के दौरान लखनऊ से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम और दिल्ली से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का सजीव प्रसारण देखा और सुना गया। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा वीर बाल दिवस की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए देशभर के वीर बालकों को सम्मानित करने का संदेश प्रेरणास्पद रहा।
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केंद्रीय मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत कोविड-19 महामारी के कारण अनाथ हुए बच्चों को उपहार देकर सम्मानित किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में इस योजना के तहत बच्चों के भरण-पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए हर संभव सहायता दी जा रही है। आगरा जनपद में इस योजना के अंतर्गत 327 बच्चे पंजीकृत हैं, जिन्हें प्रतिमाह आर्थिक सहायता, निःशुल्क शिक्षा, लैपटॉप सुविधा और बालिकाओं के विवाह हेतु आर्थिक सहयोग प्रदान किया जा रहा है।
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अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी के चारों पुत्रों का बलिदान केवल सिख समाज ही नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए प्रेरणा है। साहिबजादा जोराबर सिंह और साहिबजादा फतेह सिंह की अल्पायु में दी गई शहादत और बड़े साहिबजादों का युद्ध में बलिदान भारतीय इतिहास के स्वर्णिम अध्याय हैं।
कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, विभागीय प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही। वीर बाल दिवस ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि त्याग, साहस और राष्ट्रभक्ति की भावना ही भारत की असली शक्ति है।
गोसदन मधवलियां को आत्मनिर्भर बनाने की कवायद तेज, आय बढ़ाने के लिए नई योजनाओं पर सहमति
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जिला गोसदन मधवलियां के सुचारु संचालन, बेहतर प्रबंधन और आर्थिक सुदृढ़ता को लेकर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में गोसदन प्रबंध कार्यकारिणी समिति की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने की। बैठक में गोसदन में संरक्षित गोवंशीय पशुओं की स्थिति, उनके भरण-पोषण तथा संसाधनों की उपलब्धता की विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने गोसदन में हरा चारा उत्पादन, भूसा, राइस ब्रान, चोकर एवं पशु आहार की उपलब्धता की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि गोवंशीय पशुओं के लिए भोजन, पानी और स्वास्थ्य संबंधी किसी भी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गोसदन केवल संरक्षण केंद्र न रहकर आत्मनिर्भर इकाई के रूप में विकसित होना चाहिए।बैठक में गोसदन की आय बढ़ाने को लेकर गहन विचार-विमर्श हुआ। जिलाधिकारी ने कटहल एवं बांस के पौधे रोपित करने तथा मक्का की बुवाई कर गोसदन की आय में वृद्धि करने का प्रस्ताव समिति के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से एक ओर गोसदन को नियमित आय का स्रोत मिलेगा, वहीं दूसरी ओर भविष्य में चारा उत्पादन की समस्या से भी निजात मिलेगी। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि प्रस्तावित योजनाओं को शीघ्र अमल में लाया जा सके। साथ ही गोसदन परिसर की साफ-सफाई, पशुओं के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और देखभाल व्यवस्था को और मजबूत करने पर भी बल दिया गया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. हौसला प्रसाद, उप जिलाधिकारी निचलौल, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी निचलौल एवं खंड विकास अधिकारी निचलौल उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने गोसदन को बेहतर ढंग से संचालित करने और उसे आत्मनिर्भर बनाने में हर-संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
सीएचसी में आपातकालीन सेवा शुरू होने पर धन्यवाद व मांग पत्र सौंपा
भागलपुर /देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
शुक्रवार को भाकपा एवं राष्ट्रीय समानता दल के नेतृत्व में राष्ट्रीय महिला बहुजन संगठन एवं क्षेत्रीय नागरिकों द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परसिया चंदौर, भागलपुर, जनपद देवरिया के परिसर में एक बैठक आयोजित कर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, देवरिया को धन्यवाद ज्ञापन एवं मांग पत्र सौंपा गया।
बैठक को संबोधित करते हुए संजय दीप कुशवाहा, प्रदेश अध्यक्ष, राष्ट्रीय समानता दल ने कहा कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी देवरिया ने सामाजिक, राजनीतिक प्रतिनिधियों एवं क्षेत्रीय जनता की वर्षों पुरानी मांग को स्वीकार करते हुए सीएचसी परसिया चंदौर पर 24×7 आपातकालीन सेवा प्रारंभ किया जाना एक अत्यंत सराहनीय एवं जनहितकारी कदम है। इसके लिए समस्त क्षेत्रीय जनता की ओर से धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उन्होंने आपातकालीन सेवा को निर्धारित रोस्टर के अनुरूप निरंतर संचालित रखने की मांग दोहराई।
सुरेंद्र बौद्ध, संस्थापक, राष्ट्रीय महिला बहुजन संगठन ने सीएचसी पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियमित तैनाती की आवश्यकता पर बल दिया। वहीं सपा अनुसूचित मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष हरेरामआर्य ने सीएचसी पर ब्लॉक प्रोग्राम हेल्थ यूनिट (BPHU) शीघ्र चालू करने की मांग रखी।
भाकपा जिला सचिव अरविंद कुशवाहा ने सीएचसी परिसर में नामांकन/नामकरण बोर्ड लगाए जाने की मांग की। खेत मजदूर यूनियन प्रदेश सचिव विनोद सिंह ने कहा कि रात्रि में सीएचसी परिसर अंधकार में डूब जाता है, जिससे मरीजों एवं तीमारदारों को कठिनाई होती है, अतः समुचित प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
अभय कुमार ने सीएचसी भवन की रंगाई-पुताई एवं बाउंड्री की मरम्मत कराने की मांग उठाई।
इस अवसर पर ग्राम प्रधान परसिया चंदौर के प्रतिनिधि ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी देवरिया को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया तथा आपातकालीन सेवा प्रारंभ करने पर क्षेत्रीय जनता की ओर से आभार प्रकट किया।
कार्यक्रम का संचालन शेषमणि कुशवाहा, ब्लॉक अध्यक्ष, भागलपुर, राष्ट्रीय समानता दल ने किया। बैठक में विमलेश कुमार जिलासचिव संगठन, अच्छेलाल,रंगीलाल,मुन्नी लाल ,श्रीनिवास राजभर,रामदवन,हरिनारायण, राजपति,राजेन्द्र पाल,रिंकू देवी,रामकेशरी,शीला देवी,रामशकल,राम्प्रभाव,इत्यादिसैकड़ों की संख्या में क्षेत्रीय नागरिक, सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
डिजिटल इंडिया से स्टार्टअप इंडिया तक: युवाओं के लिए अवसरों का विस्तार
वीर बाल दिवस पर पीएम मोदी का संदेश: जेन-जी और जेन-अल्फा ही बनाएंगे ‘विकसित भारत’, युवाओं से कड़ी मेहनत और अनुशासन का आह्वान
नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वीर बाल दिवस के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए देश के युवाओं, विशेष रूप से जेन-जी (Gen Z) और जेन-अल्फा (Gen Alpha) पर गहरा भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की जिम्मेदारी इसी पीढ़ी के कंधों पर है और उनकी क्षमताओं, आत्मविश्वास व ऊर्जा से यह लक्ष्य अवश्य पूरा होगा।
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प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश के सामने अवसरों की कोई कमी नहीं है। विज्ञान, तकनीक, डिजिटल प्लेटफॉर्म, स्टार्टअप, खेल और नवाचार जैसे हर क्षेत्र में युवाओं के लिए संभावनाओं के नए द्वार खुले हैं। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि उम्र कभी भी किसी की महानता तय नहीं करती, बल्कि व्यक्ति अपने कर्मों और उपलब्धियों से बड़ा बनता है। कम उम्र में भी ऐसा कार्य किया जा सकता है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने।
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पीएम मोदी ने युवाओं को अल्पकालिक लोकप्रियता और तात्कालिक दिखावे से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और त्वरित प्रसिद्धि की चकाचौंध से भटकने के बजाय युवाओं को अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहना चाहिए। देश के महान व्यक्तित्वों और आदर्शों से सीख लेते हुए, सफलता को केवल व्यक्तिगत उपलब्धि न मानकर राष्ट्र की सफलता से जोड़ना ही सच्चा राष्ट्र निर्माण है।
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प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि पहले की व्यवस्थाओं में निराशा और हताशा का माहौल था, जिससे युवा सपने देखने से भी डरते थे। लेकिन आज भारत प्रतिभाओं को खोजता है, उन्हें मंच देता है और आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करता है। डिजिटल इंडिया के कारण इंटरनेट और ज्ञान के संसाधन युवाओं की पहुंच में हैं। स्टार्टअप इंडिया, खेलो इंडिया और नवाचार से जुड़ी कई योजनाएं युवाओं को सशक्त बना रही हैं।
वीर साहिबजादों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने युवाओं को बड़े सपने देखने, निरंतर मेहनत करने और आत्मविश्वास को कभी कमजोर न पड़ने देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि 1.4 अरब भारतीयों की सामूहिक शक्ति युवाओं के सपनों के साथ खड़ी है।
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प्रधानमंत्री मोदी का यह संदेश न केवल युवाओं को प्रेरित करता है, बल्कि यह स्पष्ट करता है कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब जेन-जी और जेन-अल्फा पूरी निष्ठा, अनुशासन और राष्ट्रभाव के साथ आगे बढ़ें।
शिक्षा संग संस्कार का संदेश, ग्लोबल मार्क स्कूल के वार्षिक समारोह में उमड़ा उत्साह
नन्हे सितारों की प्रस्तुति से रोशन हुआ ग्लोबल मार्क स्कूल, वार्षिक समारोह में बच्चों ने बिखेरी प्रतिभा की चमक
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।जनपद देवरिया के सोंदा चौराहा स्थित ग्लोबल मार्क स्कूल एवं दि आई स्कूल का प्रांगण 25 दिसंबर को बाल प्रतिभा, उल्लास और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर नजर आया। अवसर था विद्यालय के वार्षिक उत्सव समारोह का, जिसमें 3 से 7 वर्ष तक के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने मंच पर अपनी मासूम अदाओं और आत्मविश्वास से भरी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में बच्चों की नृत्य, कविता पाठ, अभिनय और समूह प्रस्तुतियों ने उपस्थित अभिभावकों और अतिथियों को भाव-विभोर कर दिया।
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दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ समारोह का शुभारंभ
समारोह का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि बरहज विधायक दीपक मिश्रा द्वारा मां सरस्वती के पूजन और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। मंच से बच्चों का उत्साह और आत्मविश्वास देख विधायक दीपक मिश्रा ने विद्यालय परिवार की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि “आज मंच पर खड़े ये नन्हे बच्चे ही कल देश का भविष्य हैं, और इनमें आत्मविश्वास का बीज अभी से रोपा जा रहा है।”
आत्मविश्वास और संस्कार पर आधारित शिक्षा – विकास शाही
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विद्यालय प्रबंधक विकास शाही ने अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि बच्चों में आत्मविश्वास, संस्कार और रचनात्मकता का विकास भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने बताया कि वार्षिक समारोह जैसे आयोजन बच्चों के संकोच को दूर कर उन्हें मंच पर खुलकर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान करते हैं।
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मदर्स फूड स्टॉल बना उत्सव का खास आकर्षण
इस वार्षिक उत्सव की एक विशेष झलक मदर्स फूड स्टॉल के रूप में देखने को मिली। बच्चों की माताओं द्वारा लगाए गए विभिन्न स्वादिष्ट व्यंजनों के स्टॉल ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। पारंपरिक और आधुनिक व्यंजनों की खुशबू से पूरा परिसर महक उठा, जिसकी आगंतुकों और अभिभावकों ने जमकर प्रशंसा की।
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टीमवर्क और समर्पण से बना समारोह यादगार
कार्यक्रम की सफलता के पीछे विद्यालय परिवार का समर्पण और सामूहिक प्रयास रहा। विद्यालय कमेटी अध्यक्ष पप्पू शाही और प्रधानाचार्या इंजीनियर शुभांगी शाही के निर्देशन में पूरी टीम सक्रिय रही।
प्रबंधन टीम में मैनेजर आकाश सिंह, जावेद सर, राज विश्वकर्मा, विपिन जायसवाल सहित शिक्षण स्टाफ में प्रिया चौबे, शालिनी चौबे, प्रिया मिश्रा, रितु मणि, अंजलि द्विवेदी, अर्पिता शुक्ला, सभ्यता मिश्रा, सिम्पू कुशवाहा, अर्पिता कुशवाहा और राहुल सर का विशेष योगदान रहा।
बच्चों की मेहनत और शिक्षकों के मार्गदर्शन से यह वार्षिक समारोह देवरिया के शैक्षणिक आयोजनों में एक नई मिसाल बन गया।
लापता 10 वर्षीय बालक अरबाज अली का अब तक नहीं चला सुराग, माता-पिता बदहवास
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। रामगढ़ताल थाना क्षेत्र से लापता हुए 10 वर्षीय बालक अरबाज अली का अब तक कोई सुराग नहीं लग सका है। दिसंबर माह में रहस्यमय परिस्थितियों में घर से लापता हुआ यह बच्चा अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर है, जिससे उसके माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और घर में मायूसी का माहौल बना हुआ है।
पीड़ित परिवार ने अपने बेटे के लापता होने की लिखित सूचना 10 दिसंबर 2025 को रामगढ़ताल थाने में दी थी। इसके बावजूद कई दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका है। परिजन लगातार थाने के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक बच्चे की बरामदगी को लेकर कोई सकारात्मक जानकारी सामने नहीं आई है।
प्रेस क्लब में परिजनों की गुहार
इस मामले को लेकर प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अरबाज अली के पिता नासिर अली भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि उनका बेटा हंसता-खेलता घर से निकला था, लेकिन अचानक लापता हो गया। उन्होंने कहा कि पुलिस को तहरीर देने के बावजूद अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही है।
नासिर अली ने यह भी बताया कि वे एक आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से हैं और अपने बेटे की तलाश में दर-दर भटकने को मजबूर हैं। उन्होंने प्रशासन, पुलिस और समाज से अपील की कि उनके बेटे को खोजने में सहयोग किया जाए।
बच्चे का हुलिया
लापता बालक अरबाज अली का विवरण इस प्रकार है:
उम्र: लगभग 10 वर्ष
रंग: गोरा
लंबाई: लगभग 4 फीट 5 इंच
परिजनों ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी को यह बच्चा कहीं दिखाई दे या उसके संबंध में कोई भी जानकारी मिले, तो तुरंत मोबाइल नंबर 7393095465 पर संपर्क करें, ताकि परिवार को राहत मिल सके और उनके घर में फिर से खुशियां लौट सकें।
इंतजार खत्म, विकास को मिली रफ्तार: शहर के भीतर शुरू हुआ एनएच-730 एस का चौड़ीकरण, बदलेगी महराजगंज की तस्वीर
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। लंबे समय से मानकों और तकनीकी अड़चनों में उलझा राष्ट्रीय राजमार्ग-730 एस (NH-730S) अब शहर के भीतर नई पहचान गढ़ने को तैयार है। महीनों के इंतजार के बाद आखिरकार महराजगंज शहर के अंदर एनएच-730 एस के चौड़ीकरण कार्य की शुरुआत हो गई है। ठूठीबारी की ओर से बढ़ता हुआ यह राष्ट्रीय राजमार्ग अब नगर सीमा में प्रवेश कर चुका है, जिससे शहरवासियों को बड़ी राहत मिली है।
दुर्गा मंदिर और हाजी कॉम्प्लेक्स के बीच नाला निर्माण के लिए जेसीबी से खुदाई शुरू होते ही यह साफ हो गया कि एनएच-730 एस का निर्माण कार्य अब पूरी गति से आगे बढ़ेगा। इससे पहले सड़क की चौड़ाई, नाली और फुटपाथ के मानकों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी, जिसके चलते काम बार-बार रुक रहा था। इसका सीधा असर आम जनता, व्यापारियों और यात्रियों पर पड़ रहा था। जाम, धूल और अव्यवस्थित यातायात से लोग काफी परेशान थे।
संयुक्त सर्वे के बाद तय हुए तकनीकी मानक
हाल ही में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों और जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से शहर के भीतर विस्तृत सर्वे किया। इसके बाद सभी तकनीकी मापदंडों को अंतिम रूप दिया गया, जिससे निर्माण कार्य की दिशा पूरी तरह स्पष्ट हो गई।
तय योजना के अनुसार:
• मुख्य चौराहा से आगे लगभग 180 मीटर तक सड़क 14 मीटर चौड़ी बनाई जाएगी।
• इसके बाद करीब 1.25 किलोमीटर तक एनएच-730 एस को 20 मीटर चौड़ाई में विकसित किया जाएगा।
• 20 मीटर चौड़ी सड़क में 12 मीटर हिस्सा मुख्य मार्ग का होगा।
सड़क के दोनों ओर पौने दो-पौने दो मीटर चौड़ी नालियों का निर्माण किया जाएगा।
• नालियों के बाहर फुटपाथ बनाए जाएंगे, जिससे पैदल यात्रियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी।
• पूरे मार्ग पर स्ट्रीट लाइटिंग की भी व्यवस्था की जाएगी।
चरणबद्ध होगा निर्माण कार्य
कार्यदायी संस्था द्वारा नाली निर्माण के लिए सड़क के बीच से करीब छह मीटर की दूरी पर खुदाई शुरू कर दी गई है। एनएच की अभियंता सांभवी त्रिपाठी ने बताया कि चौड़ीकरण का कार्य तय मानकों के अनुसार चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा, ताकि निर्माण की गुणवत्ता बनी रहे और आम नागरिकों को न्यूनतम असुविधा हो।
शहर के विकास को मिलेगी नई दिशा
शहर के भीतर एनएच-730 एस का निर्माण शुरू होने से यातायात व्यवस्था मजबूत होगी, व्यापार को गति मिलेगी और महराजगंज की सुंदरता को नया आयाम मिलेगा। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि यह परियोजना शहर के समग्र विकास में मील का पत्थर साबित होगी।
धनघटा में शीतलहर से बचाव को लेकर डीएम का रात्रि भ्रमण, कंबल वितरण व व्यवस्थाओं का निरीक्षण
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। भीषण शीतलहर और कड़ाके की ठंड के दृष्टिगत जिलाधिकारी आलोक कुमार ने देर रात्रि तहसील धनघटा क्षेत्र का भ्रमण कर राहत एवं बचाव व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान साधु-संतों सहित गरीब, जरूरतमंद व असहाय लोगों में कंबल वितरित किए गए।
जिलाधिकारी धनघटा क्षेत्र के बिड़हल घाट स्थित मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने साधु-संतों में कंबल वितरण कर उनका कुशल-क्षेम जाना। मंदिर परिसर में उपस्थित गोताखोर को भी कंबल प्रदान किया गया।
भ्रमण के क्रम में धनघटा सर्किल के गो-आश्रय स्थल मजोरा व कटिया गौशाला का स्थलीय निरीक्षण किया गया। कटिया गौशाला में 45 गोवंश पाए गए। शीतलहर से बचाव के दृष्टिगत संबंधित खंड विकास अधिकारी को गौशाला में टीन शेड की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए।
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इसी क्रम में बंडा बाजार स्थित रैन बसेरा का निरीक्षण कर वहां ठहरे जरूरतमंदों में कंबल वितरित किए गए। जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी धनघटा व खंड विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि सार्वजनिक स्थलों व आवश्यक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था सतत बनी रहे।
इसके अतिरिक्त गागर घाट चौराहा पर अलाव के पास बैठे लोगों को देखकर जिलाधिकारी ने वाहन रुकवाकर जरूरतमंदों में कंबल वितरित किए और शीतलहर व ठंड से बचाव के प्रति लोगों को सतर्क किया।
निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी धनघटा डॉ. सुनील कुमार, ओएसडी राकेश कुमार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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गोरखपुर में 8 अपराधियों पर गैंगेस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में संगठित अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना शाहपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सक्रिय आपराधिक गिरोह के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया है। इस कार्रवाई में गिरोह के सरगना सहित कुल 08 अपराधियों को नामजद किया गया है।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह संगठित तरीके से गो-तस्करी, गो-वध, लूट और छिनैती जैसे गंभीर अपराधों को अंजाम दे रहा था। गिरोह का सरगना अनूप यादव पुत्र दिनेश यादव, निवासी हरसेवकपुर नंबर-02 टोला दहला, थाना गुलरिहा, जनपद गोरखपुर बताया गया है। अनूप यादव अपने साथियों के साथ मिलकर लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त था, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ था।
जनमानस की सुरक्षा और अपराधियों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी गोरखपुर द्वारा अनुमोदित गैंग चार्ट के आधार पर थाना शाहपुर में गैंगेस्टर एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से गिरोह की आर्थिक कमर टूटेगी और इनके आपराधिक नेटवर्क पर प्रभावी प्रहार होगा।
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गिरोह में शामिल अन्य अभियुक्तों में साहब अंसारी, रोजीद अंसारी, सतीश यादव उर्फ लोढ़ी, खुर्शीद अंसारी, परवेज आलम, शोलू यादव उर्फ सोनू यादव और सुलेमान गद्दी शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ पूर्व में गो-तस्करी, आर्म्स एक्ट, लूट, डकैती, हत्या के प्रयास, गैंगेस्टर एक्ट सहित कई गंभीर मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। कुछ अभियुक्त अन्य जनपदों में भी आपराधिक मामलों में वांछित या अभियुक्त रह चुके हैं।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि गैंगेस्टर एक्ट के तहत की गई यह कार्रवाई संगठित अपराधियों के लिए कड़ा संदेश है। जनपद में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते अपराधों पर रोक लगाई जा सके।
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बरियारपुर में खूनी संघर्ष का खुलासा: चार आरोपी गिरफ्तार, दो की हालत गंभीर
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। भिटौली थाना क्षेत्र के बरियारपुर गांव में पुरानी रंजिश को लेकर हुए खूनी संघर्ष का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि दो घायल युवकों की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव के ही कुछ लोगों ने एक परिवार पर अचानक प्राणघातक हमला कर दिया। इस हमले में जब्बार, अयूब, जुरसेद और मजरु गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल जिला चिकित्सालय महराजगंज में भर्ती कराया गया।
इलाज के बाद जब्बार और मजरु की हालत में सुधार होने पर उन्हें अगले दिन अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, जबकि अयूब और जुरसेद की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया गया। फिलहाल दोनों का इलाज गोरखपुर में चल रहा है और उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
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इस घटना के संबंध में जमशेद आलम की तहरीर पर पुलिस ने गांव के ही बिकाऊ, शदरे आलम, फखरे आलम, गोल्डन और अमन समीर के खिलाफ प्राणघातक हमला सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी।
मुखबिर की सूचना पर भिटौली पुलिस टीम ने भैंसा पुल के पास से शदरे आलम, फखरे आलम, समीर और गोल्डन को गिरफ्तार कर लिया। चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
वहीं, शिकायतकर्ता ने गांव के ही आफताब आलम सिद्दीकी पर घटना की साजिश रचने का आरोप लगाया है। पुलिस इस बिंदु पर भी गहन जांच कर रही है।
थानाध्यक्ष मदन मोहन मिश्र ने बताया कि चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि अन्य नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी फरार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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बलिया में चखना दुकानदार की गोली मारकर हत्या, इलाके में दहशत, दो टीमें गठित
बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में बुधवार रात सनसनीखेज वारदात सामने आई है। नगरा थाना क्षेत्र के राघोपुर चट्टी के पास एक चखना दुकानदार की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। घटना 25 दिसंबर की रात करीब 9:45 बजे की बताई जा रही है।
मृतक की पहचान और घटना का विवरण
मृतक की पहचान संतोष सिंह उर्फ बागी (48) पुत्र राम अवध सिंह, निवासी ग्राम बेलसड़ी, थाना कासिमाबाद, जनपद गाजीपुर के रूप में हुई है। संतोष सिंह नगरा रोड पर स्थित अंग्रेजी शराब की दुकान के पास चखना की दुकान लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, संतोष सिंह रोज की तरह दुकान बंद कर घर जाने की तैयारी कर रहा था, तभी शेखनपुर निवासी गोलू सिंह अपने कुछ साथियों के साथ मौके पर पहुंचा और अचानक पिस्तौल से फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग में संतोष सिंह के सिर और पेट में गोली लग गई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी फरार हो गए।
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पुलिस जांच और कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पर नगरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल को सुरक्षित कर एफएसएल टीम को बुलाकर साक्ष्य एकत्र कराए गए।
पुलिस ने मृतक के परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, हत्या के पीछे आपसी रंजिश, लेन-देन या अन्य विवाद जैसे सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।
पोस्टमार्टम और गिरफ्तारी के प्रयास
पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल बलिया भेज दिया है। घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है, वहीं ग्रामीणों में भारी आक्रोश और भय का माहौल है।
अपर पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दो विशेष पुलिस टीमें गठित की गई हैं। संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और जल्द ही मामले का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
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भारतीय संस्कृति की आत्मा: गायत्री मंत्र में निहित चेतना, विवेक और नैतिक शक्ति
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। भारतीय संस्कृति केवल रीति-रिवाजों, पर्व-त्योहारों और अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह चेतना, विवेक, करुणा और नैतिक मूल्यों की एक जीवंत परंपरा है। यदि इस सांस्कृतिक चेतना की आत्मा किसी एक सूत्र में निहित दिखाई देती है, तो वह है गायत्री मंत्र। वैदिक काल से लेकर आधुनिक युग तक गायत्री मंत्र भारतीय जीवन-दर्शन का मूल आधार रहा है, जिसने व्यक्ति, समाज और राष्ट्र की सोच को दिशा दी है।
बुद्धि के शोधन का संदेश
गायत्री मंत्र का मूल भाव है—बुद्धि का शोधन और सद्बुद्धि का विकास। मंत्र की पंक्ति “धियो यो नः प्रचोदयात्” यह स्मरण कराती है कि शक्ति, संपत्ति और सत्ता से भी बड़ा मूल्य विवेक है। भारतीय संस्कृति ने सदैव बाहरी वैभव की तुलना में आंतरिक पवित्रता, संयम और आत्मिक शुद्धता को सर्वोपरि माना है, और यही भावना गायत्री मंत्र में पूर्ण रूप से प्रतिबिंबित होती है।
संस्कार से समाज तक प्रभाव
भारतीय समाज की जीवन-पद्धति—संस्कार, अनुशासन, करुणा, सहअस्तित्व और सेवा—गायत्री चेतना से ही पुष्ट हुई है। बालक के उपनयन संस्कार से लेकर जीवन के अंतिम चरण में आत्मचिंतन तक, गायत्री मंत्र हर अवस्था में मार्गदर्शक की भूमिका निभाता रहा है। यह मंत्र व्यक्ति को केवल निजी हित तक सीमित नहीं रखता, बल्कि समष्टि के कल्याण के लिए सोचने और कार्य करने की प्रेरणा देता है।
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आधुनिक दौर में प्रासंगिकता
वर्तमान समय में जब वैश्वीकरण, उपभोक्तावाद और भौतिकता के प्रभाव से भारतीय संस्कृति अपनी जड़ों से कटती प्रतीत हो रही है, तब गायत्री मंत्र का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। यह मंत्र आधुनिक जीवन की भागदौड़ में मानसिक शांति, आत्म-संतुलन और नैतिक दृढ़ता प्रदान कर सकता है। विज्ञान और आध्यात्म के बीच सेतु बनकर गायत्री मंत्र मानव जीवन को समग्रता और संतुलन की ओर ले जाता है।
गायत्री मंत्र केवल एक वैदिक मंत्र नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की आत्मा है। यह मनुष्य को स्वार्थ से सेवा, अज्ञान से ज्ञान और विभाजन से समरसता की ओर अग्रसर करता है। यदि भारतीय समाज को अपनी सांस्कृतिक पहचान, नैतिक शक्ति और आध्यात्मिक चेतना को बनाए रखना है, तो गायत्री मंत्र की भावना को केवल जप तक सीमित न रखकर उसे जीवन में उतारना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
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