Thursday, June 25, 2026
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कांग्रेस ने देश को आजादी दिलाने से लेकर आत्मनिर्भर बनाने का किया काम – केशवचन्द यादव

कांग्रेसियों ने पार्टी के स्थापना दिवस पर किया ब्लॉक, मण्डल मुख्यालय पर कार्यक्रम

सलेमपुर, देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। कांग्रेस पार्टी का 141 वां स्थापना दिवस क्षेत्र के सभी ब्लॉक और मण्डल मुख्यालय पर दल का ध्वज फहरा व गोष्ठी का आयोजन कर कांग्रेसियों ने मनाया। इस दौरान मनरेगा योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाने के विरोध में उनके चित्र के साथ लोगों से जनसम्पर्क कर इसे महात्मा गांधी का अपमान बताया। गोष्ठी को सम्बोधित करते युवा कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष ,उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निवर्तमान उपाध्यक्ष केशवचन्द यादव ने कहा कि कांग्रेस का गौरवशाली इतिहास रहा है, देश को आजादी दिलाने से लेकर आत्मनिर्भर बनाने का काम कांग्रेस ने किया है। जिस देश मे सुई का निर्माण नही होता था वहां अब मंगलयान बन रहा है यह कांग्रेस की देन है।देश मे फैली सामाजिक कुरीतियों को मिटा कर सबको एक समान सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार कांग्रेस ने ही दिलाया। भाजपा सरकार मनरेगा योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाकर उनका अपमान कर रही है।ब्लॉक उपाध्यक्ष डॉ धर्मेन्द्र पांडेय ने कहा कि आज गरीब ,दलित व पिछड़ा समाज कांग्रेस के नीतियों व सिद्धांतो के बल पर ही आगे बढ़ रहा है।आज कांग्रेस के विरोधी समाज में नफरत फैलाने का काम कर रहे हैं।जिला महासचिव जगरनाथ यादव ने कहा कि बिना कांग्रेस के इस देश में लोकतंत्र सुरक्षित नहीं रहेगा।गोष्ठी को सत्यम पांडेय,ध्रुव प्रसाद आर्य,परमानन्द प्रसाद,मनीष कुमार रजक,सत्यपाल कुशवाहा, संदीप यादव, जेपी यादव, जितेन्द्र यादव, सुच्चन खान,मिठाई लाल, लालसाहब यादव,अवधेश यादव, रोहित यादव, अवधेश पांडेय, जालन्धर पांडेय, मनोज पांडेय, जावेद अंसारी,रामप्रवेश यादव, देवांग कश्यप,मुकेश कुशवाहा, विराट यादव, सलीम अली,मंगल गौतम, छोटेलाल यादव आदि ने सम्बोधित किया।

निलंबित डिप्टी कलेक्टर से 3 लाख की ठगी, विभागीय जांच में सजा कम कराने का दिया झांसा

सीएम पोर्टल अधिकारी बनकर की गई साइबर ठगी, ग्वालियर में मामला दर्ज

ग्वालियर/मध्य प्रदेश (राष्ट्र की परम्परा)। मध्य प्रदेश में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां निलंबित डिप्टी कलेक्टर से ठगों ने विभागीय जांच में सजा कम कराने का झांसा देकर करीब तीन लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने खुद को सीएम पोर्टल और सीएम ऑफिस का कर्मचारी बताकर यह ठगी की।

थाटीपुर थाना क्षेत्र की न्यू अशोक कॉलोनी में रहने वाले अरविंद सिंह माहौर, जो मुरैना जिले के सबलगढ़ में पदस्थ थे, ने पुलिस को बताया कि उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आया। कॉल रिसीव न करने पर ठगों ने कलेक्टर महोदय को फोन कर यह कह दिया कि डिप्टी कलेक्टर कॉल नहीं उठा रहे हैं। इसके बाद कलेक्टर के संदर्भ का हवाला देकर दोबारा कॉल किया गया।

कुछ देर बाद डिप्टी कलेक्टर के मोबाइल पर एक कॉल आया, जिसमें नंबर “CM Portal Ashwini” के नाम से शो हो रहा था। कलेक्टर का नाम लेने के कारण उन्होंने कॉल रिसीव कर लिया। फोन करने वाले ने खुद को सीएम ऑफिस का कर्मचारी बताते हुए कहा कि विभागीय जांच में सजा कम कराने के लिए कुछ राशि योगदान के रूप में जमा करनी होगी।
आरोपी की बातों में आकर डिप्टी कलेक्टर अरविंद सिंह माहौर ने अलग-अलग समय पर ऑनलाइन वॉलेट और बैंक खातों के माध्यम से विभिन्न नंबरों पर करीब 2 लाख 95 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद भी आरोपी लगातार और पैसे की मांग करता रहा, जिससे उन्हें संदेह हुआ।

संदेह होने पर डिप्टी कलेक्टर ने स्वयं जानकारी जुटाई, जिसमें सामने आया कि सीएम ऑफिस में अश्विनी नाम का कोई कर्मचारी पदस्थ नहीं है। जब उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपी ने संपर्क तोड़ दिया।
घटना के बाद पीड़ित अधिकारी ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर ई-जीरो एफआईआर दर्ज कराई। शिकायत CCTNS के माध्यम से थाटीपुर थाना पहुंची, जहां शनिवार को साइबर फ्रॉड का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई।

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इस मामले में एएसपी अनु बेनीवाल ने बताया कि प्रदेश में ई-जीरो एफआईआर अभियान चलाया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि खुद को सरकारी कर्मचारी बताकर एक शासकीय अधिकारी से 2.95 लाख रुपये की साइबर ठगी की गई है। आरोपियों की पहचान और पैसे की रिकवरी के प्रयास किए जा रहे हैं।

गौरतलब है कि फरियादी अरविंद सिंह माहौर पहले से एक विवादित मामले में निलंबित हैं। ग्वालियर की एक महिला ने उन पर अपनी बेटी को फोन कर परेशान करने का आरोप लगाया था। महिला ने जनसुनवाई में कलेक्टर को वीडियो समेत शिकायत सौंपी थी, जिसमें एसडीएम के अभद्र भाषा प्रयोग का आरोप लगाया गया है। यह मामला भी विभागीय जांच के दायरे में है।

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कानून-व्यवस्था, थाना प्रबंधन और पुलिस प्रशिक्षण को लेकर सीएम योगी के सख्त निर्देश

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था, पुलिसिंग और न्यायिक प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आयोजित यूपी पुलिस मंथन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस और प्रशासन के लिए स्पष्ट रोडमैप पेश किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता का भरोसा ही पुलिस की सबसे बड़ी ताकत है, और सरकार की प्राथमिकता इसे जमीनी स्तर पर और मजबूत करना है।

अपने संबोधन में सीएम योगी ने गांव की सुरक्षा, महिला-बाल संरक्षण, थाना प्रबंधन, साइबर अपराध, पुलिस प्रशिक्षण, अभियोजन, कारागार सुधार और फॉरेंसिक व्यवस्था सहित हर महत्वपूर्ण पहलू पर विस्तार से दिशा-निर्देश दिए।

गांव की सुरक्षा को मिलेगी नई धार

बीट पुलिसिंग के समापन सत्र में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि ग्राम पंचायत स्तर के चौकीदारों को पुलिस बीट व्यवस्था से प्रभावी रूप से जोड़ा जाए। चौकीदार स्थानीय सामाजिक ढांचे और हालात से परिचित होते हैं, जिससे अपराध की रोकथाम, समय पर सूचना और त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी।

सीएम ने बीट पुलिस के आरक्षियों और दारोगाओं को गांवों में नियमित संवाद, जनसंपर्क और भरोसे का वातावरण बनाने पर जोर दिया।

मिशन शक्ति पर विशेष जोर

महिला, बाल सुरक्षा और मानव तस्करी के मुद्दों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मिशन शक्ति केवल पुलिस का कार्यक्रम नहीं, बल्कि सभी विभागों के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने महिला सुरक्षा को आंतरिक और बाहरी दोनों स्तरों पर मजबूत करने की जरूरत बताई।

परिवार और समाज में ऐसा माहौल बने, जहां महिलाएं बिना डर अपनी बात रख सकें, वहीं सार्वजनिक स्थलों, बाजारों और कार्यस्थलों पर एंटी रोमियो स्क्वॉड और महिला बीट पुलिस की प्रभावी मौजूदगी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

थाना प्रबंधन और पुलिस व्यवहार में सुधार

मुख्यमंत्री ने कहा कि थाने पुलिसिंग सिस्टम की रीढ़ हैं। थाना प्रभारियों की तैनाती केवल मेरिट के आधार पर हो और राजनीतिक हस्तक्षेप न्यूनतम रखा जाए। सुरक्षा व्यवस्था जरूरत के अनुसार हो, न कि स्टेटस सिंबल के रूप में।

उन्होंने बताया कि करीब 50 हजार पुलिसकर्मियों को थानों में तैनात करने, शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग आधुनिक थाना मॉडल, पार्किंग, बैरक और पब्लिक सर्विस स्पेस विकसित किए जाने की आवश्यकता है।

पुलिस व्यवहार सुधार के लिए नियमित काउंसलिंग, बीट सिस्टम की निगरानी और इसे ACR से जोड़ने पर भी जोर दिया गया।

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साइबर क्राइम पर जागरूकता जरूरी

सीएम योगी ने कहा कि डिजिटल लेन-देन बढ़ने के साथ-साथ साइबर ठगी के मामले भी बढ़े हैं। इसे रोकने के लिए बीसी सखी, बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट, बीट पुलिस और महिला बीट के माध्यम से व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए।

उन्होंने बताया कि राज्य में साइबर हेल्प डेस्क 2 से बढ़कर 75 हो चुकी हैं और 1930 हेल्पलाइन का विस्तार किया गया है। भविष्य में साइबर मुख्यालय और क्विक रिस्पांस सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा।

पुलिस प्रशिक्षण, अभियोजन और कारागार सुधार

मुख्यमंत्री ने बताया कि 2017 तक पुलिस प्रशिक्षण की क्षमता सीमित थी, जिसे बढ़ाकर अब लगभग 60 हजार कर दिया गया है। उन्होंने पुलिस लाइन को प्रशासनिक इकाई के साथ-साथ जन-जागरूकता केंद्र के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए।

अभियोजन और कारागार सत्र में बुजुर्ग, महिला और गंभीर बीमार बंदियों के मामलों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया गया। वहीं माफिया और संगठित अपराधियों पर सख्त निगरानी, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी और जेल सुरक्षा को मजबूत करने के निर्देश दिए गए।

फॉरेंसिक और CCTNS 2.0 से मजबूत होगी कार्रवाई

सीएम योगी ने कहा कि भारतीय न्याय संहिता और फॉरेंसिक साक्ष्यों के प्रभावी उपयोग से अब संगठित अपराधियों पर निर्णायक कार्रवाई संभव हो पाई है। हर जिले में फॉरेंसिक विशेषज्ञ उपलब्ध कराने और वाराणसी में विकसित हो रहे बड़े फॉरेंसिक केंद्र को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

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मेघालय में दाखिल होने की पुष्टि, स्थानीय मददगार और टैक्सी चालक हिरासत में

नई दिल्ली/ढाका (राष्ट्र की परम्परा)। बांग्लादेश में जारी राजनीतिक हिंसा के बीच एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। बांग्लादेश पुलिस ने दावा किया है कि छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या के दो संदिग्ध आरोपी फैसल करीम मसूद और आलमगीर शेख सीमा पार कर भारत में दाखिल हो गए हैं। ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस (डीएमपी) के अतिरिक्त आयुक्त एसएन नजरुल इस्लाम ने बताया कि दोनों आरोपी स्थानीय लोगों की मदद से भारत के मेघालय राज्य में प्रवेश कर गए।

डीएमपी के अनुसार, दोनों आरोपी हलुआघाट सीमा के रास्ते भारत पहुंचे। बांग्लादेशी दैनिक अखबार द डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, सीमा पार करने के बाद एक व्यक्ति पुर्ति ने सबसे पहले दोनों आरोपियों को रिसीव किया। इसके बाद एक टैक्सी चालक सामी उन्हें मेघालय के तुरा शहर तक लेकर गया।

नजरुल इस्लाम ने बताया कि पुलिस को अनौपचारिक जानकारी मिली है कि भारत में आरोपियों की मदद करने वाले पुर्ति और टैक्सी चालक सामी को भारतीय अधिकारियों ने हिरासत में ले लिया है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।

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आरोपियों को वापस लाने के प्रयास तेज

डीएमपी के अतिरिक्त आयुक्त ने कहा कि बांग्लादेश सरकार आरोपियों को वापस लाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। भारत के अधिकारियों से औपचारिक और अनौपचारिक दोनों स्तरों पर संपर्क बनाए रखा गया है, ताकि आरोपियों की गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।

बांग्लादेश में क्यों बढ़ रही है हिंसा?

गौरतलब है कि बीते कुछ दिनों से बांग्लादेश में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। ढाका से लेकर चटगांव तक विरोध प्रदर्शन और हिंसक घटनाओं की खबरें सामने आ रही हैं।

12 दिसंबर को इंकलाब मंच के छात्र नेता उस्मान हादी को गोली मारी गई थी। इलाज के लिए सिंगापुर ले जाए जाने के बाद 18 दिसंबर को उनका निधन हो गया। इस घटना के बाद से देशभर में विरोध और हिंसा तेज हो गई।

इसके बाद चटगांव में एक हिंदू व्यक्ति की लिंचिंग की घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी। हाल ही में नए राजनीतिक दल नेशनल सिटीजन पार्टी (एनसीपी) के एक नेता पर भी हमला हुआ। एनसीपी के मोहम्मद मुतालिब सिकदर को खुलना में गोली मार दी गई, जिसमें उनके सिर में गंभीर चोट आई है और वह अस्पताल में भर्ती हैं।

बांग्लादेश में बढ़ती हिंसा और सीमा पार आरोपियों के भारत में प्रवेश की खबर ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं खड़ी कर दी हैं।

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कप्तानगंज राजवाहा सूखा, हजारों किसानों की आजीविका पर संकट

रबी फसलों की सिंचाई ठप, बरवां एस्केप क्षेत्र में किसानों का फूटा गुस्सा

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद महराजगंज के बरवां एस्केप से निकली कप्तानगंज राजवाहा में लंबे समय से पानी न आने के कारण क्षेत्र की खेती-किसानी गंभीर संकट में फंस गई है। रबी सीजन के सबसे अहम दौर में नहर का सूखा पड़ा रहना हजारों किसानों के लिए बड़ी आपदा बन गया है। गेहूं, आलू, चना, मटर और अन्य दलहनी फसलों को इस समय सिंचाई की सख्त जरूरत है, लेकिन पानी के अभाव में खेतों में दरारें पड़ने लगी हैं और फसलें मुरझाने लगी हैं।

कप्तानगंज राजवाहा बारीगांव, करौता उर्फ नेबुइयां लक्ष्मीपुर, बासपार, परसौनी बुजुर्ग, गोडधोंवा, जगदीशपुर पकड़ी, बिशुनपुर, हरपुर महंत, गबडुआ, बेलवा टीकर, बरवा खुर्द और हरखपुरा सहित दर्जनों गांवों को जोड़ती है। इन गांवों के किसान वर्षों से इसी नहर पर निर्भर होकर खेती करते आ रहे हैं। नहर में पानी न आने से किसानों को मजबूरन डीजल पंप और निजी साधनों से सिंचाई करनी पड़ रही है, जिससे खेती की लागत कई गुना बढ़ गई है।

किसानों का आरोप है कि सिंचाई विभाग की लापरवाही के कारण यह समस्या हर वर्ष दोहराई जाती है। किसानों का कहना है कि जब पानी की जरूरत नहीं होती, तब नहर में पानी छोड़ दिया जाता है और जब फसल को सबसे अधिक सिंचाई की आवश्यकता होती है, तब नहर पूरी तरह सूखी रहती है। इससे किसानों में भारी आक्रोश और असंतोष व्याप्त है।
पकड़ी बिशुनपुर के किसान सुधीर पांडेय ने कहा, “हमारी कई पीढ़ियों से खेती इसी नहर के सहारे चल रही है। इस बार गेहूं की फसल बेहद अच्छी थी, लेकिन अगर समय पर पानी नहीं मिला तो पूरी फसल चौपट हो जाएगी।”

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वहीं, पकड़ी बिशुनपुर निवासी रिंकू गुप्ता ने बताया कि डीजल पंप से सिंचाई करने में रोज हजारों रुपये खर्च हो रहे हैं, जो छोटे और सीमांत किसानों के लिए संभव नहीं है।

भाजपा नेता सत्यदेव शर्मा ने कहा कि हर साल यही स्थिति रहती है। अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई, लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिलते हैं। वहीं समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और किसान पिंटू दुबे ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर कप्तानगंज राजवाहा में पानी नहीं छोड़ा गया तो किसान आंदोलन के लिए मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

क्षेत्र के किसानों का एक स्वर में कहना है कि यदि नहर चालू हो जाए तो हजारों किसान परिवारों को राहत मिल सकती है। किसानों ने जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग से कप्तानगंज राजवाहा में तत्काल पानी छोड़े जाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाए गए तो क्षेत्र की कृषि व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाएगी।

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पुलिस ने तमंचा व कारतूस के साथ अभियुक्त को किया गिरफ्तार

सलेमपुर थाना क्षेत्र में चेकिंग के दौरान कार्रवाई, आर्म्स एक्ट में मुकदमा दर्ज

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद देवरिया में अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना सलेमपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने चेकिंग के दौरान एक अभियुक्त को अवैध तमंचा और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है।

पुलिस अधीक्षक देवरिया संजीव सुमन के निर्देश पर, अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) सुनील कुमार सिंह के निर्देशन एवं क्षेत्राधिकारी सलेमपुर मनोज कुमार के पर्यवेक्षण में थाना सलेमपुर पुलिस द्वारा विगत रात्रि संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की सघन चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर रामपुर बछउर तिराहा के पास से अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया।

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गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान हीरालाल उर्फ किशन पुत्र फेकू प्रसाद, निवासी ठेंगवल ग्यास, थाना सलेमपुर, जनपद देवरिया के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान अभियुक्त के कब्जे से एक नाजायज तमंचा 315 बोर तथा एक जिंदा कारतूस 315 बोर बरामद किया गया।

इस संबंध में थाना सलेमपुर पर मु0अ0सं0 393/2025, धारा 3/25 आर्म्स एक्ट के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कर नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जनपद में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।

गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष महेन्द्र चतुर्वेदी, उपनिरीक्षक अखिलेश कुमार तथा कांस्टेबल दुर्गेश राजभर, राकेश यादव, विकेश चौहान एवं सूरज खरवार शामिल रहे।

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देवरिया पुलिस ने अवैध चाकू के साथ युवक को किया गिरफ्तार

सलेमपुर थाना क्षेत्र में चेकिंग के दौरान बड़ी कार्रवाई, आर्म्स एक्ट में मुकदमा दर्ज

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद देवरिया में अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक और सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक देवरिया संजीव सुमन के निर्देशन में थाना सलेमपुर पुलिस ने अवैध चाकू के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया है।

अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) सुनील कुमार सिंह के निर्देशन एवं क्षेत्राधिकारी सलेमपुर मनोज कुमार के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार, 27 दिसंबर 2025 की शाम संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की चेकिंग के दौरान मुखबिर से मिली सूचना पर रामपुर बछउर तिराहा के पास से अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया।

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गिरफ्तार युवक की पहचान कृष्णा कुमार पुत्र राजेश प्रसाद, निवासी चक हिछौरा लाला, थाना सलेमपुर, जनपद देवरिया के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान उसके पास से एक नाजायज चाकू बरामद किया गया।

इस मामले में थाना सलेमपुर पर मु0अ0सं0 392/2025, धारा 4/25 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।

गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उप निरीक्षक अखिलेश कुमार, कांस्टेबल दुर्गेश राजभर एवं कांस्टेबल राकेश यादव शामिल रहे।

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सड़क हादसे: लापरवाही की कीमत चुकाता आम जनजीवन

महराजगंज में बढ़ती दुर्घटनाएं बनी गंभीर चिंता, सुरक्षित यातायात अब चुनौती

डॉ. सतीश पाण्डेय
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। महराजगंज जिले में सड़क हादसे अब केवल आकस्मिक घटनाएं नहीं रह गए हैं, बल्कि यह एक गंभीर और लगातार बढ़ती समस्या का रूप ले चुके हैं। आए दिन हो रही सड़क दुर्घटनाएं न सिर्फ जान-माल की क्षति कर रही हैं, बल्कि आम जनजीवन को असुरक्षित और भयभीत भी बना रही हैं। हर हादसा किसी परिवार की खुशियां छीन लेता है और समाज को गहरे मानसिक व आर्थिक आघात देता है।

तेज रफ्तार वाहन, यातायात नियमों की खुलेआम अनदेखी, ओवरलोडिंग और जर्जर सड़कों की स्थिति सड़क हादसों के प्रमुख कारण बन चुके हैं। विडंबना यह है कि इन कारणों से प्रशासन और समाज लंबे समय से अवगत हैं, फिर भी इनके स्थायी समाधान की दिशा में ठोस और निरंतर प्रयास अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाए हैं।

जिले के कई इलाकों में ट्रैफिक संकेतकों का अभाव, संकरी सड़कों पर भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही और कमजोर ट्रैफिक नियंत्रण व्यवस्था दुर्घटनाओं को बढ़ावा दे रही है। सड़क हादसों का असर केवल पीड़ित परिवारों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि एक दुर्घटना पूरे मार्ग को घंटों तक जाम कर देती है। इससे स्कूल जाने वाले बच्चे, अस्पताल पहुंचने वाले मरीज, दफ्तर जाने वाले कर्मचारी और व्यापारिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित होती हैं।

सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि दुर्घटना-संभावित स्थानों पर न तो पर्याप्त चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और न ही प्रभावी स्पीड कंट्रोल के उपाय नजर आते हैं। पैदल यात्रियों, साइकिल चालकों और दोपहिया वाहन चालकों की सुरक्षा व्यवस्था को भी अक्सर नजरअंदाज किया जाता है। विकास का प्रतीक मानी जाने वाली सड़कें अब जोखिम भरे सफर का कारण बनती जा रही हैं।

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अब समय आ गया है कि सड़क सुरक्षा को केवल औपचारिक घोषणाओं तक सीमित न रखकर इसे प्राथमिकता का विषय बनाया जाए। सख्त यातायात नियमों का पालन, प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन, दुर्घटनाजन्य स्थलों पर पुलिस की स्थायी तैनाती, व्यापक जन-जागरूकता अभियान और सड़कों के बुनियादी ढांचे में सुधार जैसे कदम इस समस्या के समाधान में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।

सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की भी साझा जिम्मेदारी है। जब तक नागरिक स्वयं यातायात नियमों का पालन नहीं करेंगे और सुरक्षा को गंभीरता से नहीं लेंगे, तब तक हादसों की यह श्रृंखला नहीं टूटेगी। महराजगंज की सड़कों को अब दुर्घटनाओं की पहचान से मुक्त कर सुरक्षित और सुगम यातायात का उदाहरण बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

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महाराजगंज: सीमावर्ती जिला, बदला हुआ आत्मविश्वास

हाशिये से मुख्यधारा तक, ज़मीन पर दिखता विकास का बदलाव

कैलाश सिंह
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। नेपाल सीमा से सटा महराजगंज जिला लंबे समय तक उपेक्षा, सीमित संसाधनों और विकास की धीमी गति का प्रतीक माना जाता रहा है। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण सुरक्षा चुनौतियां और बुनियादी सुविधाओं की कमी ने जिले को हाशिये पर बनाए रखा। लेकिन बीते पांच वर्षों में महराजगंज की तस्वीर में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिला है, जिसने जिले के आत्मविश्वास को नई पहचान दी है।

सड़क और संपर्क व्यवस्था में सुधार, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली, आवास और राशन की बेहतर पहुंच ने विकास को जमीन पर उतारा है। सीमावर्ती सुरक्षा को मजबूत करने और प्रशासनिक सतर्कता बढ़ाने से जिले को मुख्यधारा से जोड़ने की ठोस कोशिश दिखाई देती है। सरकारी योजनाएं अब केवल फाइलों तक सीमित नहीं रह गई हैं, बल्कि आम लोगों तक अधिकार के रूप में पहुंचती नजर आ रही हैं।

जल जीवन मिशन के तहत घर-घर पेयजल आपूर्ति, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना और सार्वजनिक वितरण प्रणाली ने ग्रामीण जीवन की बुनियादी समस्याओं को काफी हद तक कम किया है। इन योजनाओं का प्रभाव महराजगंज के गांवों में साफ तौर पर देखा जा सकता है, जहां सुविधाओं की पहुंच ने जीवन स्तर में सुधार किया है।

पूर्वांचल के संदर्भ में गोरखपुर की भूमिका भी बदली है। कभी केवल राजनीतिक पहचान तक सीमित रहा गोरखपुर, भाजपा सरकार के कार्यकाल में विकास के केंद्र के रूप में उभरा है। एम्स, मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार ने इसे पूर्वांचल की स्वास्थ्य धुरी बना दिया है। सड़क, रेल कनेक्टिविटी, औद्योगिक निवेश और शहरी सुविधाओं के विस्तार ने गोरखपुर को आर्थिक नक्शे पर मजबूती से स्थापित किया है।

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पूर्वांचल की पारंपरिक समस्याएं—पलायन, बेरोजगारी और कमजोर कानून-व्यवस्था—लंबे समय से चिंता का विषय रही हैं। वर्ष 2020 से 2025 के बीच कानून-व्यवस्था में सुधार और गरीब कल्याण योजनाओं की सीधी पहुंच ने क्षेत्र में भरोसे की वापसी कराई है। रोजगार योजनाएं, आवास, सिंचाई और स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार से पूर्वांचल अब केवल श्रम देने वाला क्षेत्र नहीं, बल्कि संभावनाओं का क्षेत्र बनता दिख रहा है।

महराजगंज की सीमाएं हों, गोरखपुर की रफ्तार, पूर्वांचल की उम्मीदें या बुंदेलखंड का संघर्ष—इन वर्षों में यह स्पष्ट हुआ है कि उत्तर प्रदेश का विकास अब किसी एक शहर या वर्ग तक सीमित नहीं है। भाजपा का 2020–2025 का कार्यकाल इस बात का संकेत देता है कि प्रदेश को चुनावी नहीं, बल्कि क्षेत्रीय जरूरतों के दृष्टिकोण से देखा गया है। आने वाले समय में यह कार्यकाल उत्तर प्रदेश में बदले हुए आत्मविश्वास और जमीन पर दिखते विकास के रूप में याद किया जाएगा।

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रसोई से इलाज तक बढ़ता खर्च, घरेलू बजट पूरी तरह बेहाल

डॉ. सतीश पाण्डेय
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। देश में महंगाई को लेकर सरकारी स्तर पर भले ही संतुलन और नियंत्रण के दावे किए जा रहे हों, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आती है। सरकारी आंकड़ों में महंगाई दर नियंत्रित दिख सकती है, पर आम आदमी की रसोई और बाजार की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। रोजमर्रा की जरूरतों की वस्तुओं के दाम बढ़ने से हर वर्ग का घरेलू बजट चरमरा गया है।

महंगाई की सबसे सीधी और गहरी मार रसोई पर पड़ी है। दाल, चावल, आटा, खाद्य तेल, सब्जियां, दूध और मसाले जैसी जरूरी वस्तुएं आम परिवार की पहुंच से धीरे-धीरे बाहर होती जा रही हैं। महीने की शुरुआत में तैयार किया गया बजट, महीने के बीच में ही जवाब दे देता है। मध्यम वर्ग खर्चों में कटौती कर किसी तरह संतुलन बना रहा है, जबकि गरीब और दिहाड़ी मजदूर वर्ग के लिए जीवन यापन लगातार कठिन होता जा रहा है।

महंगाई का असर केवल खाने-पीने तक सीमित नहीं है। बच्चों की शिक्षा, निजी स्कूलों की बढ़ती फीस, किताबें, इलाज का खर्च, दवाइयां, बिजली-पानी के बिल, मकान किराया और परिवहन खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य सेवाएं आम आदमी की पहुंच से दूर होती जा रही हैं। ईंधन की कीमतों में वृद्धि का सीधा प्रभाव हर वस्तु और सेवा पर पड़ रहा है।

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ग्रामीण इलाकों में भी हालात चिंताजनक हैं। खेती की लागत—खाद, बीज, कीटनाशक, डीजल और मजदूरी—लगातार बढ़ रही है, जबकि किसानों की आमदनी अपेक्षाकृत स्थिर बनी हुई है। शहरों में रोजगार की अनिश्चितता और बढ़ते खर्चों ने युवाओं के सामने भविष्य की नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।

महंगाई का एक गंभीर दुष्परिणाम यह भी है कि लोगों की बचत घटती जा रही है और कर्ज पर निर्भरता बढ़ रही है। रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए लोग उधार और ऋण लेने को मजबूर हैं।

स्पष्ट है कि महंगाई केवल आंकड़ों तक सीमित विषय नहीं, बल्कि हर घर की वास्तविक समस्या है। नीतियों की सफलता तभी सार्थक मानी जाएगी, जब उसका प्रभाव आम आदमी की थाली, जेब और जीवन में स्पष्ट रूप से दिखाई दे। जब तक रसोई का खर्च काबू में नहीं आता और आय के साधन मजबूत नहीं होते, तब तक महंगाई की मार घर-घर महसूस होती रहेगी।

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मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान के तहत पुलिस ने किया आमजन से संवाद, 357 व्यक्तियों व 198 वाहनों की हुई जांच

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)जनपद में शांति, सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा आमजन में सुरक्षा व विश्वास की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक देवरिया संजीव सुमन के निर्देशन में “मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान” चलाया गया।यह अभियान दिनांक 28 दिसंबर 2025 को प्रातः 05 बजे से 08 बजे तक जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों में संचालित किया गया। अभियान के दौरान सभी थाना प्रभारी एवं थानाध्यक्षों द्वारा मॉर्निंग वॉक पर निकले नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित कर उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाया गया।पुलिस द्वारा संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की सघन जांच की गई। इस दौरान चोरी की गाड़ियों की तलाश, तीन सवारी चलने वालों के विरुद्ध कार्रवाई, मॉडिफाइड साइलेंसर लगे दुपहिया वाहनों का चालान, नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने तथा अन्य विधिविरुद्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी गई।संवाद के दौरान नागरिकों को मार्निंग वॉकर अभियान के उद्देश्यों से अवगत कराया गया, जिस पर आमजन ने पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया।अभियान के अंतर्गत जनपद के कुल 19 स्थानों पर चेकिंग की गई, जिसमें 357 व्यक्तियों एवं 198 वाहनों की जांच की गई तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले 02 वाहनों का चालान किया गया।जनपदीय पुलिस ने स्पष्ट किया कि ऐसे जनहितकारी अभियानों को भविष्य में भी निरंतर जारी रखा जाएगा, जिससे आमजन की सुरक्षा, शांति एवं विश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा सके।

पुलिस ने चलाया स्वच्छता अभियान, श्रमदान से दिया स्वच्छ पर्यावरण का संदेश

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)पर्यावरण को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने के उद्देश्य से जनपद देवरिया की पुलिस द्वारा रविवार को व्यापक स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस दौरान पुलिस कार्यालयों, थानों, चौकियों एवं पुलिस लाइन परिसर में श्रमदान कर साफ-सफाई की गई।अभियान के अंतर्गत परिसरों में फैले कूड़े-कचरे एवं सूखे पत्तों की सफाई की गई, पेड़-पौधों की छंटाई कर उन्हें सुसज्जित किया गया तथा खर-पतवार हटाकर हरियाली को संवारने का कार्य किया गया। साथ ही कार्यालयों में अभिलेखों व संसाधनों को सुव्यवस्थित किया गया और पुलिस वाहनों को क्रमवार खड़ा किया गया।इसके अतिरिक्त कार्यालय फर्नीचर एवं अन्य उपकरणों की भी साफ-सफाई कर उनके रख-रखाव को बेहतर बनाया गया, जिससे कार्यस्थलों की स्वच्छता एवं व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला।
इस अवसर पर पुलिसकर्मियों ने श्रमदान के माध्यम से समाज को स्वच्छता का संदेश देते हुए स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण बनाए रखने का संकल्प लिया। अभियान का उद्देश्य “स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना को जन-जन तक पहुँचाना रहा।

जमुई में बड़ा रेल हादसा, मालगाड़ी की 19 बोगियां पटरी से उतरीं, 3 डिब्बे नदी में गिरे

जमुई/बिहार (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)l बिहार में पड़ रही भीषण ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन के साथ-साथ यातायात व्यवस्था को भी बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। सड़क दुर्घटनाओं के बाद अब रेल हादसों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। इसी कड़ी में शनिवार देर रात जमुई जिले में एक बड़ा रेल हादसा हुआ, जिससे रेल परिचालन पूरी तरह बाधित हो गया।
जमुई जिले के जसीडीह-झाझा मुख्य रेलखंड पर टेलवा बाजार हॉल्ट के पास बधुआ नदी पर बने पुल पर सीमेंट लदी एक मालगाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस रेल हादसे में मालगाड़ी की कुल 19 बोगियां पटरी से उतर गईं, जिनमें से तीन डिब्बे पुल से नीचे नदी में गिर गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मालगाड़ी जसीडीह की ओर से अप ट्रैक पर जा रही थी। जैसे ही ट्रेन टेलवा बाजार हॉल्ट के पास पुल पर पहुंची, अचानक उसके डिब्बे असंतुलित होकर पटरी से उतर गए। कई बोगियां एक-दूसरे पर चढ़ गईं, जबकि कुछ डिब्बे डाउन लाइन पर आ गए, जिससे दोनों रेल पटरियों पर परिचालन ठप हो गया।
रेल हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारी, तकनीकी टीम और सुरक्षा बल मौके पर पहुंच गए और राहत व बहाली कार्य शुरू किया गया। गनीमत यह रही कि दुर्घटनाग्रस्त ट्रेन मालगाड़ी थी। यदि यह कोई पैसेंजर या एक्सप्रेस ट्रेन होती, तो जान-माल का नुकसान कहीं अधिक हो सकता था।
इस रेल हादसे के कारण जसीडीह-झाझा रेलखंड पर चलने वाली कई ट्रेनों को रोकना पड़ा, जबकि कुछ ट्रेनों को वैकल्पिक मार्ग से चलाया गया। रेलवे प्रशासन द्वारा ट्रैक को जल्द बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

सरहद पार शिक्षा की उड़ान: देवरिया के छात्रों ने नेपाल में सीखी सांस्कृतिक एकता की वर्णमाला

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। शिक्षा केवल कक्षा की चारदीवारी तक सीमित नहीं होती, बल्कि अनुभव, संस्कृति और संवाद से भी आकार लेती है। इसी सोच के तहत उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद के एक विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने दो दिवसीय शैक्षिक देशाटन कार्यक्रम के अंतर्गत पड़ोसी देश नेपाल की यात्रा की। इस अंतरराष्ट्रीय भ्रमण ने छात्रों को न केवल भौगोलिक और ऐतिहासिक ज्ञान प्रदान किया, बल्कि भारत-नेपाल सांस्कृतिक एकता का जीवंत अनुभव भी कराया।

बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी से हुई यात्रा की शुरुआत

छात्रों का दल सबसे पहले भगवान बुद्ध की पावन जन्मस्थली लुंबिनी पहुँचा, जहाँ के शांत वातावरण और ऐतिहासिक धरोहरों ने बच्चों को गहराई से प्रभावित किया। बीते वर्ष लखनऊ भ्रमण के बाद इस बार अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करना छात्रों के लिए एक नया और रोमांचक अनुभव रहा।

बुटवल की वादियों में प्रकृति से साक्षात्कार

लुंबिनी के बाद छात्रों ने बुटवल की पहाड़ियों, झरनों और प्रसिद्ध फुलवारी पार्क का भ्रमण किया। हरियाली से घिरे वातावरण और पहली बार झूला पुल पर चलने के अनुभव ने छात्रों में आत्मविश्वास और साहस का संचार किया।

वन्यजीव और पर्यावरण से जुड़ाव

यात्रा के दौरान बच्चों ने विभिन्न प्रकार के वन्य जीवों और रंग-बिरंगे पक्षियों को नजदीक से देखा, जिससे उनमें पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता बढ़ी।

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सांस्कृतिक आदान-प्रदान बना यात्रा की पहचान

फुलवारी पार्क में स्थानीय नेपाली नागरिकों के साथ भारतीय छात्रों ने लोकनृत्य में सहभागिता की। भाषा भले अलग थी, लेकिन संगीत, नृत्य और मुस्कान ने भारत-नेपाल की सांस्कृतिक एकता को मजबूत रूप में प्रस्तुत किया।

प्रधानाचार्य ने बताया अनुभव का महत्व

विद्यालय के प्रधानाचार्य कुलदीपक पाठक ने कहा कि शैक्षिक भ्रमण छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान और जीवन के वास्तविक अनुभव प्रदान करता है। नेपाली संस्कृति और पहाड़ी सौंदर्य छात्रों के लिए जीवन भर की स्मृति बन गया है।

इस शैक्षिक यात्रा में शिक्षिकाएं शकुंतला देवी, आसमा खातून और करीना खातून ने मार्गदर्शक की भूमिका निभाई। वहीं अरबाज अंसारी, सानिया खातून, प्रिंस कुमार और सपना कुमारी सहित कई छात्रों ने सक्रिय सहभागिता की। यात्रा के सफल समापन पर अभिभावकों ने विद्यालय के प्रयास की सराहना करते हुए इसे बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए उपयोगी बताया।

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लक्ष्मी नारायण सिंह की पुण्यतिथि पर मानवता का संदेश, 200 जरूरतमंदों को कंबल वितरित

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। कड़ाके की ठंड के बीच मानवता और सेवा की मिसाल उस समय देखने को मिली, जब जन जागृति सेवा संस्थान ने स्वर्गीय लक्ष्मी नारायण सिंह की पुण्यतिथि के अवसर पर 200 जरूरतमंदों को कंबल वितरित कर ठंड से राहत पहुंचाई। यह कार्यक्रम बभनी प्राथमिक विद्यालय परिसर, कोल्हुई में आयोजित किया गया, जहां समाज सेवा की सशक्त भावना देखने को मिली।

कार्यक्रम का शुभारंभ स्वर्गीय लक्ष्मी नारायण सिंह एवं स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। इसके पश्चात महिलाओं, निराश्रितों एवं जरूरतमंद लोगों को कंबल वितरित किए गए। कंबल पाकर लाभार्थियों के चेहरों पर संतोष और खुशी साफ दिखाई दी।

समाज सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं: कमांडेंट जगदीश धवाई

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एसएसबी 66वीं वाहिनी के कमांडेंट जगदीश धवाई ने कहा कि समाज सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं है। उन्होंने जन जागृति सेवा संस्थान के इस प्रयास को सराहनीय और प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

विशिष्ट अतिथि उप प्रभागीय वनाधिकारी, लक्ष्मीपुर सत्येंद्र कुमार सिंह ने कंबल वितरण को अत्यंत मानवीय कार्य बताते हुए पर्यावरण संरक्षण और पौधारोपण पर भी जोर दिया। वहीं उत्तरी चौक रेंज के वन क्षेत्र अधिकारी आर.पी. सिंह ने सामाजिक सहभागिता की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

दो दशकों से समाज सेवा में अग्रसर जन जागृति सेवा संस्थान

अखिल क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री रणवीर सिंह ने कहा कि मानव सेवा ही सच्ची सेवा है और जन जागृति सेवा संस्थान पिछले 20 वर्षों से समाज सेवा के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय है।

संस्थान के अध्यक्ष कालिका सिंह ने बताया कि जन जागृति सेवा संस्थान शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण तथा शीतकाल में कंबल वितरण जैसे कार्यों को लगातार अंजाम दे रहा है। भाई उपेंद्र सिंह ने भी संस्था के प्रयासों की सराहना की।

बड़ी संख्या में लोग रहे उपस्थित

इस अवसर पर कार्तिकेय सिंह, नरेंद्र पांडेय, नन्हे सिंह, शैलेश त्रिपाठी, दीपक पाल, सुनील यादव, हरिराम यादव, सीताराम मौर्य, गोलू सिंह, जितेंद्र गौड़, अंकित राय (फॉरेस्टर), कुलदीप दुबे (फॉरेस्टर), कुलदीप सिंह (वनरक्षक), मोबिन, इसरार रहमान, अर्जुन राम, नयन मौर्य, पंजाबी यादव, गजराज, कृपा शंकर पांडेय, रामरतन मौर्य सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।