Saturday, March 14, 2026
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नन्हे विद्यार्थियों ने मंच पर बिखेरी प्रतिभा, सौर मंडल और ऋतुओं की दी प्रभावशाली प्रस्तुति

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिला मुख्यालय खलीलाबाद के विधियानी स्थित राज ग्लोबल किड्स एकेडमी में शनिवार को आयोजित क्लास प्रेजेंटेशन कार्यक्रम में प्लेवे से यूकेजी तक के विद्यार्थियों ने आत्मविश्वास और उत्साह के साथ मंच पर प्रस्तुतियां दीं। सौर मंडल, विभिन्न ऋतुओं और रंगों पर आधारित प्रस्तुतियां कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहीं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को अंत में प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय परंपरा के अनुसार मैनेजिंग डायरेक्टर सुधा सिंह, प्रधानाचार्य आर.के. श्रीवास्तव और कार्यक्रम समन्वयक कविता एस. महान द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। उद्घाटन के बाद सभागार तालियों की गूंज से भर गया और बच्चों ने क्रमवार अपनी प्रस्तुतियां दीं।

यूकेजी एवं एलकेजी के विद्यार्थियों ने सौर मंडल की प्रस्तुति देते हुए ग्रहों के नाम, उनकी विशेषताएं और अंतरिक्ष में उनकी स्थिति के बारे में जानकारी साझा की। कम आयु में विषय की स्पष्ट समझ और मंच पर सशक्त अभिव्यक्ति ने अभिभावकों को प्रभावित किया।
एलकेजी के विद्यार्थियों ने विभिन्न ऋतुओं का जीवंत मंचन किया, जिसमें आकर्षक वेशभूषा और प्रभावी संवाद अदायगी देखने को मिली।
प्लेवे के बच्चों ने रंगों पर आधारित प्रस्तुति देकर अपनी मासूम अदाओं और सुस्पष्ट उच्चारण से सभी का मन मोह लिया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों की रचनात्मकता, अभिव्यक्ति कौशल और नेतृत्व क्षमता स्पष्ट रूप से दिखाई दी। अभिभावकों ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से बच्चों में मंच भय समाप्त होता है और आत्मविश्वास बढ़ता है।
प्रधानाचार्य आर.के. श्रीवास्तव ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यपुस्तक ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के समग्र व्यक्तित्व विकास से जुड़ा है। विद्यालय निरंतर ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देता है।
मैनेजिंग डायरेक्टर सुधा सिंह ने कहा कि प्रारंभिक शिक्षा जीवन की नींव है और इस स्तर पर आत्मविश्वास, अनुशासन तथा नेतृत्व गुणों का विकास आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों के सहयोग को बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला बताया।
उत्कृष्ट प्रस्तुति देने वाले प्रमुख छात्र-छात्राओं में आरना, विनायक त्रिपाठी और निमिषा शामिल रहीं। कार्यक्रम का वातावरण उत्साह और प्रेरणा से ओतप्रोत रहा।

नाविकों की तत्परता से टली अनहोनी, भागलपुर पक्का पुल पर युवती की बची जान


भागलपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।भागलपुर स्थित पक्का पुल, जिसे हाल के दिनों में घटनाओं के कारण “डेथ पॉइंट” के रूप में चर्चा मिल रही थी, शनिवार को मानवता और साहस की मिसाल बन गया। पुल से नदी में कूदने वाली एक युवती को नाविकों ने समय रहते सुरक्षित बाहर निकालकर उसकी जान बचा ली।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बलिया जनपद की 19 वर्षीय ज्योति चौहान, पुत्री विश्वकर्मा चौहान, निवासी गगहा डीह थाना नगरा (देवरिया), ने अचानक भागलपुर पक्के पुल से नदी में छलांग लगा दी। उस समय नदी में मौजूद नाविकों की नजर जैसे ही युवती पर पड़ी, वे तत्काल उसकी ओर बढ़े और बिना समय गंवाए उसे पानी से बाहर निकाल लिया।
बताया जा रहा है कि यह घटना उभाव थाना क्षेत्र के अंतर्गत भागलपुर पक्का पुल के पास हुई। इसी स्थान के समीप तुर्तीपार क्षेत्र में नए पुल का निर्माण कार्य भी जारी है, जिससे इलाके में गतिविधियां बढ़ी हुई हैं।
नाविकों ने युवती को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद तत्काल उसके परिजनों को सूचना दी। प्राथमिक उपचार की व्यवस्था कर उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। नाविकों की सतर्कता और साहसिक प्रयास से एक बड़ा हादसा टल गया।
स्थानीय लोगों ने नाविकों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सजगता और मानवीय संवेदनशीलता के कारण एक अनमोल जीवन बच सका।

अजीतमल में संपूर्ण समाधान दिवस: 106 शिकायतें प्राप्त, 7 का मौके पर निस्तारण

औरैया (राष्ट्र की परम्परा)अजीतमल संपूर्ण समाधान दिवस के तहत शनिवार को तहसील सभागार में जनसुनवाई का आयोजन किया गया, जहां प्रशासनिक अधिकारियों ने आमजन की समस्याएं सुनीं और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। डॉ. इन्द्रमणि त्रिपाठी, जिलाधिकारी औरैया एवं अभिषेक भारती, पुलिस अधीक्षक, ने संयुक्त रूप से फरियादियों के आवेदन पत्रों पर संज्ञान लिया।अजीतमल संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 106 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 7 मामलों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी शिकायतों का स्थलीय सत्यापन कर नियमानुसार, समयबद्ध और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि लापरवाही या अनियमितता किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। साथ ही निस्तारण के साक्ष्य के रूप में गवाहों के हस्ताक्षर, फोटोग्राफी और वीडियो रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए।जनसुनवाई में बिजली बिल से जुड़ी शिकायत, विधवा पेंशन पुनः प्रारंभ कराने का मामला और भूमि विवाद जैसे प्रकरण प्रमुख रहे। एक प्रार्थिनी ने फर्जी बिजली चोरी चालान निरस्त कराने की मांग की, जिस पर अधिशासी अभियंता विद्युत को जांच के निर्देश दिए गए। वहीं विधवा पेंशन बंद होने की शिकायत पर जिला प्रोबेशन अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के लिए कहा गया। भूमि विवाद के मामले में तहसीलदार अजीतमल को जांच कर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।अजीतमल संपूर्ण समाधान दिवस में प्रशासन की सक्रियता से फरियादियों को भरोसा मिला कि उनकी समस्याओं का समाधान पारदर्शी और प्रभावी ढंग से किया जाएगा।

विकासखंड का औचक निरीक्षण, योजनाओं की प्रगति और अभिलेखों की हुई गहन समीक्षा

मोहम्दाबाद (राष्ट्र की परम्परा)l मोहम्दाबाद गोहना विकासखंड में प्रशासन ने कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा करते हुए औचक निरीक्षण किया। जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र विकासखंड कार्यालय पहुंचे और विभिन्न पटलों का निरीक्षण कर पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान स्थापना रजिस्टर, सर्विस बुक, शिकायत पंजिका, योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट सहित अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों की बारीकी से जांच की गई। विशेष रूप से मनरेगा पटल पर संबंधित रजिस्टरों तथा प्रधानमंत्री आवास योजना की पत्रावलियों का परीक्षण किया गया। दस्तावेजों का सुव्यवस्थित रख-रखाव और कार्यालय की साफ-सफाई संतोषजनक पाई गई, जिस पर संतोष व्यक्त किया गया।ग्रांट रजिस्टर की समीक्षा में दो बंद हो चुकी परियोजनाओं की अप्रयुक्त धनराशि अवशेष मिली। इस पर संबंधित मदों में शेष धनराशि तत्काल वापस कर इसकी सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। ग्राम पंचायतों में संचालित विकास कार्यों, खासकर मनरेगा के अंतर्गत चल रहे कार्यों का स्थलीय सत्यापन और क्रॉस-चेकिंग अनिवार्य रूप से कराने को कहा गया।सभी एडीओ से योजनाओं की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट ली गई तथा अभिलेखों के बेहतर संरक्षण के लिए मूल रजिस्टर तैयार रखने पर बल दिया गया। साथ ही कार्यालय में समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने और आमजन की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण व त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।मोहम्दाबाद गोहना विकासखंड निरीक्षण से स्पष्ट है कि जिला प्रशासन विकास कार्यों की सतत निगरानी और वित्तीय अनुशासन को लेकर गंभीर है।

पुलिस प्रशासन ने अभिलेख, मालखाना व हवालात व्यवस्था की जांच

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)l जिले के थाना तरकुलवा निरीक्षण के तहत पुलिस प्रशासन ने व्यापक समीक्षा अभियान चलाया। आनन्द कुमार पाण्डेय, अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी), ने थाना परिसर पहुंचकर व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान थाना कार्यालय में रखे अपराध रजिस्टर, लंबित विवेचनाएं, माल मुकदमाती अभिलेख तथा अन्य दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई। लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण और जब्त माल के विधिक प्रक्रिया के तहत समयबद्ध समाधान पर विशेष जोर दिया गया। मालखाना प्रबंधन की समीक्षा करते हुए सूचीकरण, अभिलेखीकरण और सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त बनाए रखने के निर्देश दिए गए।हवालात का निरीक्षण करते समय बंदियों की सुरक्षा, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल और मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता का परीक्षण किया गया। मेस और आरक्षी बैरक की साफ-सफाई एवं अनुशासन व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के निर्देश भी जारी किए गए। शस्त्रागार में रखे हथियारों की नियमित जांच, साफ-सफाई और सुरक्षित रख-रखाव सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।इसके अतिरिक्त सीसीटीएनएस शाखा का निरीक्षण कर ऑनलाइन अपराध डेटा की प्रविष्टि और अपडेट की स्थिति की समीक्षा की गई। इस अवसर पर संजय कुमार रेड्डी (क्षेत्राधिकारी नगर) तथा भूपेन्द्र सिंह (प्रभारी थानाध्यक्ष) भी उपस्थित रहे।देवरिया थाना तरकुलवा निरीक्षण से स्पष्ट है कि जनपद में पुलिस व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और प्रभावी बनाने की दिशा में प्रशासन सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।

कलश यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब, जयकारों और वैदिक मंत्रों से गूंजा गांव

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। सदर विकास खंड के ग्रामसभा अगया में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के प्रथम दिन शनिवार को भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। ऐतिहासिक काली माता मंदिर प्रांगण से गाजे-बाजे, जयकारों और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच निकली शोभा यात्रा ने पूरे गांव को भक्तिमय वातावरण में सराबोर कर दिया।
आचार्य शिवशंकर द्विवेदी के नेतृत्व में वैदिक मंत्रों की गूंज के साथ यात्रा यजमान रमाकांत मौर्य के आवास से प्रारंभ होकर पूरे अगया गांव का भ्रमण करते हुए अगया पुल पहुंची, जहां 101 कुंवारी कन्याओं ने विधि-विधान से कलशों में पवित्र जल भरा। इस दौरान जय श्रीराम और धार्मिक नारों की गूंज से वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा और श्रद्धालु भक्ति भाव में डूबे नजर आए।
जल भरने के बाद शोभायात्रा पुनः कथा स्थल पहुंची, जहां 33 कोटि देवी-देवताओं का आह्वान कर श्रीमद्भागवत कथा के महामंत्रों के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया तथा यात्रा में शामिल सभी लोगों के लिए जलपान की व्यवस्था की गई, जिससे आयोजन में सहभागिता और उत्साह और बढ़ गया।
कार्यक्रम की सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए शिकारपुर चौकी प्रभारी अवधेश सिंह पुलिस बल के साथ पूरे समय मुस्तैद रहे। आयोजक शत्रुजीत मौर्य ने बताया कि कथा के सातों दिन धार्मिक प्रवचन, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक एकता को बल मिलेगा।
इस अवसर पर कथावाचक अजय शंकर तिवारी भार्गव महाराज (काशी), आचार्य शिवशंकर द्विवेदी, सहयोगी प्रतीप मिश्रा, संगीतकार अविनाश द्विवेदी, तबला वादक अनिल द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में श्रोता और ग्रामवासी मौजूद रहें।

परिवहन विभाग का विशेष मेला, कर भुगतान प्रक्रिया को बनाया गया आसान

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)सहायक सम्भागीय परिवहन कार्यालय में आयोजित परिवहन मेला के दौरान एकमुश्त कर जमा योजना को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अवसर पर सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी सुहेल अहमद ने जनपद की ऑटो रिक्शा यूनियन, ट्रक यूनियन एवं बस यूनियन के पदाधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक कर योजना की विशेषताओं और लाभों की जानकारी दी। उन्होंने वाहन स्वामियों से अपील की कि वे एकमुश्त कर जमा योजना का लाभ उठाते हुए अपना बकाया कर एकबारीय जमा करें और भविष्य की जटिलताओं से बचें।
वाहन स्वामियों को दी गई विस्तृत जानकारी
बैठक में बताया गया कि शासन द्वारा लागू एकमुश्त कर जमा योजना के अंतर्गत विभिन्न श्रेणी के व्यवसायिक वाहनों के लिए अलग-अलग दरें निर्धारित की गई हैं। इसका उद्देश्य कर प्रणाली को सरल बनाना और वाहन स्वामियों को राहत प्रदान करना है।
अधिकारी ने बताया कि भाड़े या पारिश्रमिक पर संचालित दो पहिया मोटरसाइकिल पर वाहन मूल्य का 12 प्रतिशत कर निर्धारित है। तिपहिया मोटर कैब पर 7 प्रतिशत कर देय होगा। वहीं 10 लाख रुपये तक की कीमत वाली मोटर कैब/मैक्सी कैब पर 10 प्रतिशत तथा 10 लाख रुपये से अधिक कीमत वाली मोटर कैब/मैक्सी कैब पर 12 प्रतिशत कर निर्धारित किया गया है।
इसी प्रकार निर्माण उपस्कर या विशेष प्रयोजन यान पर 6 प्रतिशत कर निर्धारित किया गया है। 3000 किलोग्राम तक के सकल भार वाले माल वाहनों पर 3 प्रतिशत तथा 3000 किलोग्राम से 7500 किलोग्राम तक के माल वाहनों पर 6 प्रतिशत कर देय होगा।
इन दरों के माध्यम से एकमुश्त कर जमा योजना के अंतर्गत वाहन स्वामियों को एक ही बार में कर भुगतान कर दीर्घकालिक राहत प्राप्त करने का अवसर दिया जा रहा है।
कर भुगतान में सरलता और पारदर्शिता
सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि एकमुश्त कर जमा योजना का मुख्य उद्देश्य कर भुगतान प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाना है। नियमित किस्तों या लंबित बकाये की जटिलताओं से बचते हुए वाहन स्वामी एकमुश्त कर जमा कर अपने वाहन संचालन को सुचारु रूप से जारी रख सकते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि समय पर कर भुगतान न करने पर वाहन स्वामियों को दंडात्मक कार्रवाई, जुर्माना अथवा अन्य प्रशासनिक बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में एकमुश्त कर जमा योजना उनके लिए एक सुनहरा अवसर है।
यूनियन पदाधिकारियों ने जताई सहमति
ऑटो, ट्रक और बस यूनियन के पदाधिकारियों ने बैठक में भाग लेते हुए योजना के प्रति सकारात्मक रुख दिखाया। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे अपने-अपने यूनियन सदस्यों को एकमुश्त कर जमा योजना की जानकारी देंगे और अधिक से अधिक वाहन स्वामियों को इस योजना से जोड़ने का प्रयास करेंगे।
यूनियन प्रतिनिधियों ने कहा कि यह योजना न केवल कर भुगतान को सरल बनाती है बल्कि भविष्य में किसी प्रकार की प्रशासनिक परेशानी से भी बचाती है।
परिवहन मेला का उद्देश्य
परिवहन मेला का आयोजन केवल कर वसूली तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे जागरूकता और संवाद का मंच बनाया गया। अधिकारी और कर्मचारियों ने वाहन स्वामियों की समस्याओं को भी सुना तथा समाधान का आश्वासन दिया।
एकमुश्त कर जमा योजना के प्रचार-प्रसार के माध्यम से विभाग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि अधिक से अधिक वाहन स्वामी स्वेच्छा से कर जमा करें और शासन की राजस्व प्रणाली को मजबूत बनाएं।
राजस्व वृद्धि और विकास में योगदान
विशेषज्ञों का मानना है कि एकमुश्त कर जमा योजना से न केवल वाहन स्वामियों को लाभ होगा, बल्कि राज्य के राजस्व में भी वृद्धि होगी। कर संग्रहण में पारदर्शिता आने से विकास योजनाओं के लिए संसाधन उपलब्ध होंगे।
परिवहन विभाग द्वारा आयोजित ऐसे मेलों से प्रशासन और आमजन के बीच विश्वास भी बढ़ता है। यह पहल सरकार की कर सुधार नीति के अनुरूप मानी जा रही है।
बकाया कर से मुक्ति का अवसर
कई वाहन स्वामी ऐसे हैं जिनका कर लंबे समय से बकाया है। ऐसे में एकमुश्त कर जमा योजना उन्हें एक अवसर प्रदान करती है कि वे एक ही बार में कर जमा कर अपने रिकॉर्ड को अपडेट करा लें। इससे वाहन का पंजीकरण, फिटनेस, परमिट आदि कार्यों में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी।
कार्यालय के कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी
इस कार्यक्रम में सहायक सम्भागीय परिवहन कार्यालय के सभी कर्मचारीगण उपस्थित रहे। उन्होंने वाहन स्वामियों को फार्म भरने, दरों की जानकारी देने और प्रक्रिया समझाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के अंत में पुनः अपील की गई कि सभी पात्र वाहन स्वामी एकमुश्त कर जमा योजना का लाभ अवश्य उठाएं और समय रहते अपना कर जमा करें।

फरेंदा में संपूर्ण समाधान दिवस: डीएम-एसपी ने सुनीं सैकड़ों फरियादें, भूमि विवादों के त्वरित निस्तारण पर जोर

मौके पर जांच, समयबद्ध कार्रवाई और पारदर्शी समाधान के सख्त निर्देश,
फरियादियों को मिला भरोसा

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। तहसील फरेंदा में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस जनसमस्याओं के समाधान का प्रभावी मंच साबित हुआ, जहां जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से फरियादियों की शिकायतें सुनकर संबंधित अधिकारियों को त्वरित व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। समाधान दिवस में दूर-दराज गांवों से बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने भूमि विवाद, अवैध कब्जा, पारिवारिक झगड़े, पुलिस कार्रवाई, राजस्व अभिलेख त्रुटि और जनसुविधाओं से जुड़ी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। अधिकारियों ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से सुनते हुए कई मामलों में मौके पर ही संबंधित विभागों को कार्रवाई के आदेश दिए।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनपद में भूमि विवादों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के लिए पहले से भूमि विवाद सेल का गठन किया गया है। इस सेल में राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम बनाकर शिकायतों की जमीनी स्तर पर जांच और निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। टीमों को निर्देशित किया गया है कि वे शिकायत मिलने के बाद मौके पर पहुंचकर तथ्यात्मक जांच करें और दोनों पक्षों को सुनकर विवाद का स्थायी समाधान निकालें, जिससे छोटे विवाद बड़े कानून- व्यवस्था के मुद्दे में न बदलें।
पुलिस अधीक्षक ने समाधान दिवस में मौजूद पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त शिकायती प्रार्थना पत्रों का केवल औपचारिक निस्तारण न कर गुणवत्तापूर्ण और स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए। जिन मामलों का निस्तारण क्षेत्रीय स्तर पर संभव नहीं है, उनमें विस्तृत आख्या लगाकर संबंधित उच्चाधिकारियों को तत्काल प्रेषित किया जाए, ताकि शिकायतकर्ताओं को अनावश्यक चक्कर न लगाना पड़े और समय से न्याय मिल सके। इसके अतिरिक्त विभिन्न तहसीलों में क्षेत्राधिकारियों ने संबंधित उपजिलाधिकारियों के साथ मिलकर शिकायतें सुनीं और निस्तारण के लिए अधीनस्थ अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों ने कहा कि समाधान दिवस का उद्देश्य जनता को एक ही मंच पर त्वरित राहत देना है और इसमें लापरवाही या अनावश्यक विलंब किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। फरियादियों ने भी समाधान दिवस में अपनी समस्याएं सीधे शीर्ष अधिकारियों के सामने रखने का अवसर मिलने पर संतोष जताया और निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद व्यक्त की।

श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ एवं प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का भव्य समापन, बनकटाशिव धाम में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। भटनी क्षेत्र के सल्लहपुर स्थित बनकटाशिव में आयोजित श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ एवं विग्रह प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का शनिवार को भव्य समापन हुआ। नवनिर्मित मंदिर परिसर में अंतिम दिन भी हजारों श्रद्धालुओं ने परिक्रमा और दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। आसपास के गांवों और नगरों में मंदिर की भव्यता और आयोजन की चर्चा प्रमुख रूप से होती रही।

यज्ञ मंडप में ब्रह्म मुहूर्त से पूर्णाहुति तक यज्ञाचार्य श्री रंगनाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में 27 आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन और पूर्णाहुति कराई। महायज्ञ के प्रमुख यजमान डॉ. नंद किशोर तिवारी सहित क्षेत्र के कई गणमान्य लोग सपत्नीक यज्ञ में शामिल हुए।

इससे पूर्व मंदिर में विग्रह की प्राण-प्रतिष्ठा मनोज सिन्हा के करकमलों द्वारा संपन्न की गई थी। प्राण-प्रतिष्ठा के बाद से मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे बनकटाशिव अब एक प्रमुख धार्मिक धाम के रूप में उभर रहा है।

श्रीमद्भागवत कथा में ‘भागवत सार’ का महत्व

अयोध्या धाम से पधारी कथावाचिका लक्ष्मी प्रिया जी ने श्रीमद्भागवत महापुराण के अंतिम अध्याय ‘भागवत सार’ का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि श्रीमद्भागवत पुराणों में श्रेष्ठ है और यह ज्ञान, वैराग्य व भक्ति का सार प्रस्तुत करता है।

उन्होंने अंतिम श्लोक —

“नाम-संकीर्तनं यस्य सर्व-पाप-प्रणाशनम्।
प्रणामो दुःख-शमनं तं नमामि हरिं परम्॥”

—का उल्लेख करते हुए नाम-संकीर्तन की महिमा पर प्रकाश डाला।

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भजन संध्या और रामलीला ने बांधा समां

सायं 6 बजे से आयोजित भजन संध्या में सुश्री शोभित पांडे एवं सुश्री करीना पांडे ने भक्तिमय प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। ‘मैइया बाड़ी सुकवार हो’ और ‘धर्म के करम करब त मैइया आवे के पड़ी’ जैसे भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे।
सुबह 10 बजे रामलीला मंच पर भगवान राम-सीता मिलन एवं अयोध्या में राजतिलक का मंचन किया गया। कलाकारों के सजीव अभिनय ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।

गणमान्य अतिथियों का सम्मान

कथा कार्यक्रम में क्षेत्र प्रचारक श्री सुभाष जी, विधायक श्री सुरेंद्र चौरसिया, एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री भूपेंद्र सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। सभी अतिथियों को आयोजन समिति के प्रमुख श्री प्रभात कुमार राय द्वारा स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।

आयोजक श्री प्रभात कुमार राय ने दूर-दराज से आए संत-महात्माओं, अतिथियों और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनसहयोग से ही यह महायज्ञ सफल हो सका।
समापन के साथ ही बनकटाशिव स्थित मंदिर श्रद्धालुओं के लिए नियमित दर्शन-पूजन हेतु खोल दिया गया है।

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रेल चक्का जाम करने जा रहे कांग्रेसियो को रेलवे प्रशासन ने रोका

काफ़ी जद्दों जहद के बाद मांग पूरी करने पर हुई सहमति

बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
शनिवार की सुबह से ही बरहज रेलवे स्टेशन पर रेलवे पुलिस प्रशासन एवं आमजन मानस की गहमा गहमी रही।
रेल प्रशासन चक्का जाम करने जा रहे कांग्रेसियो व आमजन को रोके रखा।
बताते चले कि धरने के चौथे दिन शनिवार कि सुबह कांग्रेस जन बरहज रेलवे स्टेशन पर पेयजल एवं शौचालय कि मांग पर रेलवे चक्का जाम करने के लिए रेलवे स्टेशन पर नारा लगाते हुए जा रहे थे कि कांग्रेसियों एव आमजन को गेट पर ही रेल प्रशासन ने रोक लिया। इस दौरान रेल प्रतिनिधि व कांग्रेस प्रवक्ता रवि प्रताप सिंह के बीच बरहज रेलवे स्टेशन पर मुल भूत सुविधाओं को पूरा कराने को लेकर काफ़ी बहस हुई। रेल प्रतिनिधि आस मोहम्मद ने कांग्रेस प्रवक्ता रविप्रताप सिंह से कहाँ कि इन तीन दिनों मे आपकी मांगो को रेल मंत्री एवं डी आर एम तक पहुंचा दी गयी है, जिसके परिणामस्वरूप शनिवार से रेलवे प्रशासन द्वारा स्टेशन की रगाई पुताई शुरू कर दी गयी है। और बहुत जल्दी पेयजल व शौचालय की व्यवस्था रेल प्रशासन द्वारा स्टेशन पर ईजाद कर दी जाएगी। इस दौरान रविप्रताप सिंह ने कहाँ की कितने शर्म की बात है कि ब्रिटिश सरकार के समय बना स्टेशन जिसपर यात्रियों के लिए न शौचालय है और ना ही शुद्ध पेयजल।
उन्होंने कहाँ कि हम कांग्रेसी जनो को ट्रेन रोकने से रोका गया जबकि हमलोग गांधीवादी तरिके से धरना कर जनता के लिए पेयजल एवं शौचालय कि मांग कर रहे थे, जिसपर रेल प्रशासन ने मांगो को जल्दी पूरा करने का आश्वासन दिया।
भोला तिवारी ने कहाँ कि कांग्रेस पार्टी भाजपा की तरह बेचने का काम नहीं करती बल्कि इतिहास को सजोने का कार्य करती है। इसी क्रम मे चंद्रभूषण पाण्डेय ने रेल प्रशासन से प्रश्न करते हुए कहाँ की ब्रिटिश हुकूमत के समय मे बना इस बरहज रेलवे स्टेशन को आज तक मुलभुत सुविधाओं से क्यों वँचित रखा गया?
उन्होंने कहाँ की जनहित मे रेल प्रशासन बरहज स्टेशन पर पेयजल एवं शौचालय तथा साफ सफाई की व्यवस्था मुहैया कराये, ताकि यात्रियों व आमजन को दिक्क़तो का सामना न करना पड़े। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओ सहित सैकड़ो लोग उपस्थित रहे।

देवरिया पुलिस का मिशन शक्ति फेज-5.0 अभियान, चौराहों और बाजारों में पहुंचकर किया जागरूक

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।
महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को सशक्त बनाने के उद्देश्य से जनपद देवरिया में मिशन शक्ति फेज-5.0 देवरिया अभियान के तहत व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम चलाया गया। पुलिस अधीक्षक देवरिया श्री संजीव सुमन के निर्देशन में जनपद के सभी थाना क्षेत्रों में मिशन शक्ति एवं एंटी रोमियो टीमों ने सक्रिय भूमिका निभाते हुए विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचकर महिलाओं और बच्चियों को सुरक्षा संबंधी हेल्पलाइन नंबरों व सरकारी योजनाओं की जानकारी दी।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित इस विशेष अभियान का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और आपातकालीन सहायता सेवाओं से जोड़ना है। इसी क्रम में शनिवार को जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाओं और छात्राओं ने भाग लिया।
सेंट्रल बैंक और आदर्श चौराहा पर चला जागरूकता अभियान
थाना रूद्रपुर की मिशन शक्ति टीम ने उपनिरीक्षक बालगंगाधर शुक्ल एवं महिला आरक्षी कंचन यादव के नेतृत्व में सेंट्रल बैंक और आदर्श चौराहा क्षेत्र में पहुंचकर महिलाओं और बालिकाओं को जागरूक किया। टीम ने पम्पलेट वितरित करते हुए महिलाओं को विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों और सुरक्षा सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी।
अभियान के दौरान डायल-112, हेल्पलाइन-181, वुमेन पावर लाइन-1090, चाइल्ड हेल्पलाइन-1098, सीएम हेल्पलाइन-1076, वन स्टॉप सेंटर-181, स्वास्थ्य सेवा हेल्पलाइन-102, एंबुलेंस सेवा-108 और साइबर हेल्पलाइन-1930 जैसे महत्वपूर्ण नंबरों की उपयोगिता समझाई गई। पुलिस टीम ने बताया कि किसी भी आपात स्थिति में महिलाएं इन नंबरों पर तत्काल संपर्क कर सकती हैं और उन्हें त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
मईल चौराहे पर भी दिखी सक्रियता
इसी क्रम में थाना मईल की मिशन शक्ति टीम ने उपनिरीक्षक महेंद्र मोहन मिश्र, आरक्षी पंकज और महिला आरक्षी किरन चौहान के साथ मईल चौराहे पर अभियान चलाया। यहां भी महिलाओं और किशोरियों को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और हेल्पलाइन सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मिशन शक्ति फेज-5.0 देवरिया के अंतर्गत महिलाओं को आत्मरक्षा के प्रति जागरूक करना, उन्हें कानूनी अधिकारों की जानकारी देना और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। अभियान के दौरान स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों को भी महिला सुरक्षा के प्रति सजग रहने का संदेश दिया गया।
सार्वजनिक स्थलों और धार्मिक स्थानों पर विशेष फोकस
जनपद के समस्त थानों की एंटी रोमियो एवं मिशन शक्ति टीमों ने अपने-अपने थाना क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थानों, बाजारों, शिक्षण संस्थानों और धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर महिलाओं से संवाद स्थापित किया। पुलिस टीमों ने न केवल पम्पलेट वितरित किए, बल्कि व्यक्तिगत बातचीत के माध्यम से महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने के लिए प्रेरित किया।
अभियान के दौरान यह भी बताया गया कि साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए साइबर हेल्पलाइन-1930 पर तुरंत शिकायत दर्ज कराना बेहद जरूरी है। डिजिटल माध्यम से होने वाले धोखाधड़ी के मामलों में त्वरित कार्रवाई से आर्थिक नुकसान को रोका जा सकता है।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में ठोस कदम
मिशन शक्ति फेज-5.0 देवरिया के तहत चलाए जा रहे कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को केवल सुरक्षा प्रदान करना ही नहीं, बल्कि उन्हें सामाजिक और आर्थिक रूप से भी सशक्त बनाना है। पुलिस प्रशासन द्वारा लगातार यह संदेश दिया जा रहा है कि महिलाओं की सुरक्षा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन ने स्पष्ट किया कि महिला सुरक्षा के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रत्येक थाने को निर्देशित किया गया है कि वे अपने क्षेत्र में नियमित रूप से गश्त बढ़ाएं, संदिग्ध व्यक्तियों की निगरानी रखें और शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें।
छात्राओं और युवतियों में बढ़ा भरोसा
अभियान के दौरान छात्राओं और युवतियों ने पुलिस टीम से खुलकर संवाद किया। कई छात्राओं ने कहा कि इस तरह की पहल से उनमें सुरक्षा का भरोसा बढ़ता है और वे अपने अधिकारों के प्रति अधिक जागरूक होती हैं। पुलिस टीम ने आत्मरक्षा के सरल उपायों और आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया के बारे में भी जानकारी दी।
महिला आरक्षियों ने बालिकाओं को यह भी समझाया कि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, उत्पीड़न या साइबर बुलिंग की घटना को नजरअंदाज न करें, बल्कि तुरंत पुलिस या संबंधित हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं।
निरंतर चलेगा अभियान
पुलिस विभाग ने बताया कि मिशन शक्ति फेज-5.0 देवरिया अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। प्रत्येक थाना क्षेत्र में समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम, संवाद सत्र और विशेष चेकिंग अभियान चलाए जाएंगे। एंटी रोमियो टीमों को संवेदनशील स्थानों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का मानना है कि जब तक समाज के प्रत्येक वर्ग में जागरूकता नहीं पहुंचेगी, तब तक महिला सुरक्षा के लक्ष्य को पूरी तरह हासिल नहीं किया जा सकता। इसी उद्देश्य से यह अभियान गांव-गांव और मोहल्ले-मोहल्ले तक पहुंचाया जा रहा है।
निष्कर्ष
महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के क्षेत्र में मिशन शक्ति फेज-5.0 देवरिया एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया है। पुलिस प्रशासन की सक्रियता और जनभागीदारी से यह अभियान जिले में सकारात्मक बदलाव की दिशा में मजबूत कदम साबित हो रहा है। महिलाओं और बालिकाओं को हेल्पलाइन नंबरों, सरकारी योजनाओं और कानूनी अधिकारों की जानकारी देकर उन्हें आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाने का प्रयास सराहनीय है।

जनपद में चल रहे जिमों की स्थिति पर एक नजर


बलिया (राष्ट्र की परम्परा)
जनपद में बीते कुछ वर्षों के दौरान फिटनेस के प्रति लोगों की जागरूकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। खासकर युवाओं में बॉडी फिटनेस, मसल बिल्डिंग और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए शारीरिक दक्षता बढ़ाने को लेकर जिम की ओर रुझान तेजी से बढ़ा है। इसी के चलते नगर क्षेत्रों के साथ-साथ कस्बों और बड़े गांवों में भी जिमों की संख्या में इजाफा हुआ है।जनपद मुख्यालय के अलावा सिकंदरपुर, बेल्थरा रोड, रसड़ा और बांसडीह जैसे क्षेत्रों में भी निजी जिम संचालित हो रहे हैं। इनमें से कुछ जिम आधुनिक मशीनों और प्रशिक्षित ट्रेनरों के साथ बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं, जबकि कई स्थानों पर सीमित संसाधनों में जिम चलाए जा रहे हैं।विशेषज्ञों के अनुसार जिम संचालन के लिए संबंधित विभाग से पंजीकरण, अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र, स्वच्छता मानकों का पालन, प्राथमिक उपचार की व्यवस्था तथा प्रशिक्षित ट्रेनर की नियुक्ति आवश्यक है। हालांकि जनपद में सभी जिम इन मानकों का पूर्ण रूप से पालन कर रहे हों, यह कहना कठिन है। कई जिमों में सुरक्षा उपकरणों और आपातकालीन व्यवस्थाओं की कमी देखी गई है, जिससे किसी दुर्घटना की स्थिति में गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है।फिटनेस के क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण कुछ संचालक आकर्षक ऑफर और कम शुल्क के जरिए युवाओं को जोड़ने का प्रयास करते हैं, लेकिन कम शुल्क के चलते सुविधाओं और सुरक्षा पर समझौता न हो, यह सुनिश्चित करना प्रशासन और संचालकों दोनों की जिम्मेदारी है।चिकित्सकों का मानना है कि बिना उचित मार्गदर्शन के अत्यधिक वजन उठाना, सप्लीमेंट्स का अनियंत्रित सेवन और गलत व्यायाम पद्धति अपनाना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। इसलिए जिम में नामांकन से पहले उसकी वैधता, ट्रेनर की योग्यता और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी लेना आवश्यक है। जनपद में जिम संस्कृति का विस्तार सकारात्मक संकेत है, क्योंकि इससे युवा नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रहकर स्वास्थ्य के प्रति सजग हो रहे हैं। लेकिन इसके साथ ही नियमों का पालन, नियमित निरीक्षण और पारदर्शिता भी उतनी ही जरूरी है। यदि प्रशासन समय-समय पर जांच कर मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करे, तो यह क्षेत्र सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से विकसित हो सकता है।

अवकाश प्राप्त अध्यापक प्रेम शंकर पांडे का 78 वर्ष की आयु में निधन


बलिया(राष्ट्र की परम्परा)
जनपद के लखोलिया बेल्थरारोड़ निवासी अवकाश प्राप्त शिक्षक प्रेम शंकर पांडे का शुक्रवार को 78 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से परिवार, रिश्तेदारों तथा क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। शुक्रवार को उन्होंने अपने आवास पर अंतिम सांस ली।
प्रेम शंकर पांडे अपने पीछे पत्नी और छह बच्चों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। परिवारजनों के अनुसार वे सरल स्वभाव, अनुशासित जीवनशैली और शिक्षा के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते थे। उन्होंने अपने लंबे शिक्षकीय जीवन में सैकड़ों विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान की और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उनके पढ़ाए हुए कई छात्र आज विभिन्न सरकारी एवं निजी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं।ग्रामीणों के अनुसार पांडे जी का व्यक्तित्व बेहद मिलनसार और प्रेरणादायी था। वे न केवल एक शिक्षक के रूप में बल्कि एक समाजसेवी के रूप में भी सक्रिय रहे। गांव में होने वाले सामाजिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों में उनकी सहभागिता रहती थी। शिक्षा के साथ-साथ वे बच्चों को नैतिक मूल्यों और संस्कारों की शिक्षा देने पर भी विशेष बल देते थे।उनके निधन की सूचना मिलते ही गांव एवं आसपास के क्षेत्रों के लोग उनके आवास पर श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचने लगे। कई पूर्व छात्रों ने भी अपने प्रिय गुरु के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि उनका मार्गदर्शन जीवन भर स्मरणीय रहेगा। क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने भी उनके निधन को शिक्षा जगत की अपूरणीय क्षति बताया है।परिजनों ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार शनिवार को मुक्ति धाम हल्दी रामपुर में किया जाएगा। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है। परिवार के सदस्यों ने सभी शुभचिंतकों से अंतिम संस्कार में सम्मिलित होकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करने की अपील की है।
प्रेम शंकर पांडे का जीवन सादगी, सेवा और समर्पण का उदाहरण रहा। शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उनके निधन से न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र को गहरा आघात पहुंचा है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिवार को इस दुख की घड़ी में संबल प्रदान करें।

तहसील दिवस में जनसमस्याओं का हुआ निस्तारण, सीडीओ ने दिए सख्त निर्देश


बलिया(राष्ट्र की परम्परा)
जनपद में आयोजित तहसील दिवस (जनसुनवाई कार्यक्रम) के अंतर्गत मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ने तहसील सभागार में पहुंचकर आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। विकास भवन में आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता के तुरंत बाद सीडीओ तहसील दिवस में पहुंचे और अध्यक्षता करते हुए जनसुनवाई की कार्यवाही प्रारंभ कराई।तहसील सभागार में बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। प्राप्त शिकायतों में मुख्य रूप से अवैध कब्जों, चकमार्गों के विवाद, वरासत (उत्तराधिकार) से जुड़े मामलों की भरमार रही। भूमि संबंधी प्रकरणों की गंभीरता को देखते हुए सीडीओ ने राजस्व एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों को संयुक्त टीम गठित कर मौके पर जाकर विवादों का समाधान करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भूमि विवादों में विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा। सीडीओ ने सभी विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक शिकायत का निस्तारण निर्धारित समय सीमा, अधिकतम एक सप्ताह के भीतर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायतकर्ता मौके पर जाकर समाधान से संतुष्ट भी हो गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी समाधान प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।ग्रामीण क्षेत्रों से पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति से संबंधित शिकायतें भी प्रमुखता से सामने आईं। कई गांवों में बिजली कटौती तथा खराब हैंडपंपों के रीबोर न होने की शिकायतें दर्ज कराई गईं। इस पर सीडीओ ने संबंधित अधिशासी अभियंताओं को तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल एवं बिजली व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पेंशन एवं समाज कल्याण विभाग से जुड़े मामलों में वृद्धावस्था एवं विधवा पेंशन के लंबित आवेदनों की शिकायतें सामने आईं। इस पर संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी लंबित आवेदनों को शीघ्र पोर्टल पर अपडेट कर पात्र लाभार्थियों को समय से लाभ उपलब्ध कराया जाए।तहसील क्षेत्र के कई संपर्क मार्गों के क्षतिग्रस्त होने की शिकायतों पर लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र मरम्मत कार्य प्रारंभ कराने को कहा गया।जनसुनवाई में अनुपस्थित रहने या लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के प्रति सीडीओ ने कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी जारी की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।तहसील दिवस के इस आयोजन से फरियादियों को त्वरित राहत की उम्मीद जगी है तथा प्रशासन ने जनसमस्याओं के समाधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

इंदौर में चौंकाने वाला मामला: पत्नी पर प्रेमी संग साजिश, जहर देने और संपत्ति हड़पने का आरोप

इंदौर (राष्ट्र की परम्परा)। मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के खुडैल थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पेशे से वकील भूपेंद्र नामक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और उसके कथित प्रेमी पर संपत्ति हड़पने, जान से मारने की कोशिश और झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
मामले में खुडैल थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मैट्रिमोनियल साइट से हुई थी शादी

पीड़ित के अनुसार उनकी मुलाकात नीलिमा से एक वैवाहिक वेबसाइट के जरिए हुई थी। महिला ने स्वयं को तलाकशुदा बताया था। नवंबर 2024 में दोनों ने विवाह किया।
शादी के कुछ समय बाद नीलिमा ने शुभम नामक युवक को अपना ‘भाई’ बताकर घर में आना-जाना शुरू कराया। बाद में दस्तावेजों से खुलासा हुआ कि वह कथित रूप से उसका प्रेमी है और उसका वास्तविक उपनाम गुप्ता है।

शिलॉन्ग ट्रिप में जहर और धक्का देने का आरोप

भूपेंद्र का आरोप है कि शादी के बाद दोनों शिलॉन्ग घूमने गए थे। वहां भोजन में कथित रूप से जहरीला पदार्थ मिलाया गया, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ गई। साथ ही एक पहाड़ी स्थल पर ले जाकर धक्का देने की कोशिश का भी आरोप लगाया गया है।

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बीमारी छिपाने और जेवर लेकर फरार होने का आरोप

पीड़ित का दावा है कि पत्नी ने विवाह से पहले अपनी मानसिक बीमारी की जानकारी छिपाई। 3 मार्च 2025 को होली के बहाने वह कथित प्रेमी के साथ उत्तर प्रदेश चली गई और लगभग 25 तोला सोना व नकद राशि लेकर फरार हो गई।
साथ ही झूठे दहेज केस और आत्महत्या के आरोप में फंसाने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।

पुलिस ने BNS की धाराओं में मामला दर्ज किया

मामले की जानकारी देते हुए उपनिरीक्षक सत्येंद्र सिंह सिसोदिया ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 318(4), 303(2) और 61(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है।

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