बरहज /देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
23 फरवरी 2026, सोमवार को राष्ट्रीय समानता दल के तत्वावधान में बरहज क्षेत्र में रेल सेवा के विस्तार और सुदृढ़ व्यवस्था बनाए जाने की मांग को लेकर, सीपीआई तथा क्षेत्रीय जनता द्वारा सतराव रेलवे स्टेशन परिसर में लोककल्याणकारी सविनय निवेदन, मांग बैठक एवं ज्ञापन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व राज्य सभा सांसद आस मोहम्मद ने किया।पूर्व सांसद आस मोहम्मद ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रेलसेवा मजबूत करने की जरूरत है।कार्यक्रम का नेतृत्व करते हुए संजयदीप कुशवाहा, प्रदेश अध्यक्ष राष्ट्रीय समानता दल, ने कहा कि बरहज बाजार क्षेत्र ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। अमर शहीद रामप्रसाद बिस्मिल का समाधि स्थल, संत बाबा राघवदास की कर्मस्थली तथा वर्ष 1929 में अंग्रेजी शासन द्वारा रेलमार्ग एवं स्टेशन का निर्माण इस क्षेत्र के महत्व के प्रमाण हैं, किंतु वर्तमान में यह क्षेत्र उपेक्षा का शिकार है। उन्होंने कहा कि बरहज को विकसित बरहज बनाने के लिए रेल नेटवर्क को मजबूत करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने ट्रेन संख्या 65115 एवं 65116, जो वर्तमान में भटनी जंक्शन से चलकर अयोध्या धाम तक जाती है, का प्रस्थान–आगमन संचालन बरहज बाजार स्टेशन से किए जाने की मांग रखी।राष्ट्रीय मुख्य महासचिव आरएसडी अगमस्वरूप कुशवाहा ने बरहज बाजार, सिसई गुलाब राय, सतराव और देवरहवा बाबा हॉल्ट स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन योजना में शामिल करने की मांग की। प्रदेश सचिव सपा सुनील कुशवाहा ने कहा कि बरहज को विकसित करने के लिए रेल सेवा विस्तार की जरूरत है, हरेराम आर्य प्रदेश उपाध्यक्ष सपा अनुसूचित प्रकोष्ठ ने कहा कि रेल यात्रियों की जीवन रेखा है। आरएसडी प्रदेश सचिव अनिल शर्मा ने कहा कि रेल सेवा मजबूत किया जाय।सीपीआई के जिला सचिव अरविंद कुशवाहा ने कहा कि बरहज का विकास एक महत्वपूर्ण प्रश्न है और इसके लिए संघर्ष जारी रहेगा। डॉ. चतुरानन ओझा ने बरहज बाजार को दोहरीघाट–सहजनवा नवनिर्मित रेलमार्ग से जोड़ने की मांग रखी। सुभावती देवी ने कहा कि कम आय वर्ग के लोगों के लिए रेल सेवा जीवनरेखा है। मानसिंह कुशवाहा ने कहा कि बरहज की उपेक्षा जनता अब बर्दाश्त नहीं करेगी।
कार्यक्रम में विजय कुमार जिलाध्यक्ष आरएसडी, विमलेश कुमार, अभय कुमार, मानसिंह ,सुभावती देवी,राजाराम कुशवाहा,शेषमणि ,रामशकल कुशवाहा, रामदवन, उमाशंकर,तुलसी देवी मोतीलाल हरिनारायण सहित ग्रामवासियों ने अनवरत संघर्ष का संकल्प लिया। कार्यक्रम में सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
बरहज रेलवे के विस्तार एवं सुदृढ़ व्यवस्था की मांग को लेकर ज्ञापन सौपा
अपहरण व दुष्कर्म के आरोपी को उभांव पुलिस ने किया गिरफ्तार
बलिया(राष्ट्र की परम्परा)
जनपद बलिया के थाना उभांव पुलिस ने अपहरण, दुष्कर्म एवं पॉक्सो एक्ट से संबंधित एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। यह कार्रवाई ओमवीर सिंह, पुलिस अधीक्षक बलिया के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराधियों के विरुद्ध अभियान के तहत की गई।अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी दिनेश कुमार शुक्ला के पर्यवेक्षण एवं क्षेत्राधिकारी रसड़ा आलोक कुमार गुप्ता के नेतृत्व में थाना उभांव पुलिस टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।पुलिस के अनुसार, 18 दिसंबर को वादिनी की तहरीर के आधार पर थाना उभांव में मु0अ0सं0 318/25 धारा 87/137(2) बीएनएस के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया था। विवेचना के दौरान पीड़िता की बरामदगी कर उसके बयान धारा 180/183 बीएनएसएस के अंतर्गत दर्ज किए गए। साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में धारा 65(1) बीएनएस तथा 5एम/6 पॉक्सो एक्ट की बढ़ोत्तरी की गई। इसी क्रम में 18 फरवरी 2026 को उ0नि0 मुकेश कुमार मय हमराह क्षेत्र में गश्त पर थे। मुखबिर की सूचना पर अभियुक्त ऋषिनन्दन बाल्मिकी पुत्र उपेन्द्र भारती निवासी वार्ड नं. 2, कस्बा भटनी, थाना भटनी, जनपद देवरिया को मधुवन ढाला के पास से सुबह करीब 9:40 बजे गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद अभियुक्त को न्यायालय भेज दिया गया।
T20 World Cup 2026: सुपर-8 में हार से बिगड़ा भारत का गणित, NRR बना सबसे बड़ी टेंशन
ICC T20 World Cup के सुपर-8 चरण में पहले ही मुकाबले में भारत को 76 रन की करारी हार झेलनी पड़ी। South Africa national cricket team ने 187/7 का मजबूत स्कोर खड़ा किया और भारत को 111 रन पर समेट दिया। इस हार के बाद टीम इंडिया का नेट रन रेट (NRR) -3.800 पर पहुंच गया है, जो सेमीफाइनल की राह में बड़ी चुनौती बन गया है।
सुपर-8 ग्रुप-1 की मौजूदा अंक तालिका
| टीम | मैच | जीत | हार | अंक | नेट रन रेट |
| दक्षिण अफ्रीका | 1 | 1 | 0 | 2 | +3.800 |
| वेस्टइंडीज | 0 | 0 | 0 | 0 | 0.000 |
| जिम्बाब्वे | 0 | 0 | 0 | 0 | 0.000 |
| भारत | 1 | 0 | 1 | 0 | -3.800 |
मैच में क्या हुआ?
• डेविड मिलर (63) और डेवाल्ड ब्रेविस (45) ने भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाया।
• जसप्रीत बुमराह ने 3/15 की शानदार गेंदबाजी की, लेकिन अन्य गेंदबाज महंगे साबित हुए।
• 188 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम लड़खड़ा गई।
• मार्को यानसेन ने 4 विकेट लेकर मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया।
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सेमीफाइनल के लिए पूरा समीकरण
समीकरण 1: भारत दोनों मैच जीते, दक्षिण अफ्रीका भी जीते
अगर India national cricket team अपने दोनों बचे मैच (जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज के खिलाफ) जीत ले और दक्षिण अफ्रीका भी अपने बाकी मैच जीत जाए, तो भारत 4 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रह सकता है। यह सबसे आसान रास्ता है।
समीकरण 2: तीन टीमें 4 अंकों पर
अगर दक्षिण अफ्रीका एक मैच हार जाए और भारत दोनों मैच जीत ले, तो तीन टीमें 4-4 अंकों पर पहुंच सकती हैं।
ऐसी स्थिति में फैसला नेट रन रेट से होगा। भारत का मौजूदा NRR (-3.800) बेहद कमजोर है, इसलिए उसे बड़े अंतर से जीत दर्ज करनी होगी।
समीकरण 3: दक्षिण अफ्रीका दोनों मैच हारे
अगर दक्षिण अफ्रीका अपने दोनों मैच हार जाए और भारत दोनों मुकाबले जीत जाए, तो भारत सीधे 4 अंकों के साथ क्वालिफाई कर सकता है। उस स्थिति में वेस्टइंडीज बनाम जिम्बाब्वे का मुकाबला निर्णायक होगा।
समीकरण 4: भारत एक ही मैच जीते
अगर भारत सिर्फ एक मैच जीतता है, तो मामला पूरी तरह NRR और अन्य टीमों के नतीजों पर निर्भर करेगा। यह सबसे जोखिम भरी स्थिति होगी।
सुपर-8 ग्रुप-1 के बचे हुए मुकाबले
• 23 फरवरी: वेस्टइंडीज vs जिम्बाब्वे (मुंबई)
• 26 फरवरी: दक्षिण अफ्रीका vs वेस्टइंडीज (अहमदाबाद)
• 26 फरवरी: भारत vs जिम्बाब्वे (चेन्नई)
• 1 मार्च: दक्षिण अफ्रीका vs जिम्बाब्वे (दिल्ली)
• 1 मार्च: भारत vs वेस्टइंडीज (कोलकाता)
भारत के सामने बड़ी चुनौती
• दोनों मुकाबले जीतना अनिवार्य
• नेट रन रेट में भारी सुधार
• बल्लेबाजी में स्थिरता
• डेथ ओवरों में कसी हुई गेंदबाजी
• प्लेइंग-11 का संतुलन
सुपर-8 में मिली 76 रन की हार ने भारत का गणित बिगाड़ दिया है। अब सिर्फ जीत नहीं, बल्कि बड़ी जीत जरूरी है। वरना सेमीफाइनल की उम्मीदें नेट रन रेट और दूसरी टीमों के भरोसे रह जाएंगी।
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महराजगंज में 7 माह से मानदेय बंद, ग्राम रोजगार सेवकों ने सीएम को भेजा ज्ञापन
महराजगंज/उत्तर प्रदेश (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के ग्राम रोजगार सेवकों में पिछले 7 माह से मानदेय न मिलने को लेकर भारी नाराजगी व्याप्त है। उत्तर प्रदेश ग्राम रोजगार सेवक संघ की जिला इकाई महराजगंज के जिलाध्यक्ष/प्रांतीय उपाध्यक्ष ब्रह्मानंद ने जिलाधिकारी के माध्यम से योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन भेजकर लंबित मानदेय के तत्काल भुगतान की मांग की है।
अगस्त 2025 से लंबित है भुगतान
ज्ञापन में कहा गया है कि अगस्त 2025 से अब तक ग्राम रोजगार सेवकों को मानदेय नहीं मिला, जिससे उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। संघ का कहना है कि ग्राम रोजगार सेवक मनरेगा सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में ग्राम पंचायत स्तर पर अहम भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद भुगतान में लगातार देरी हो रही है।
त्योहारों के बीच बढ़ी आर्थिक तंगी
संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि लगातार मानदेय न मिलने से परिवारों के सामने रोजमर्रा के खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया है। त्योहारों के समय आर्थिक तंगी और बढ़ जाती है, जिससे ग्राम रोजगार सेवकों में मानसिक तनाव और असंतोष की स्थिति बन रही है।
जिलाध्यक्ष ब्रह्मानंद ने आरोप लगाया कि कई बार संबंधित अधिकारियों को समस्या से अवगत कराने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला। मानदेय न मिलने के कारण कुछ कर्मचारी कर्ज लेने को मजबूर हैं, जबकि कई परिवारों की आर्थिक स्थिति दयनीय हो चुकी है।

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आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन में मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर शीघ्र बकाया भुगतान जारी कराने की मांग की गई है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द मानदेय जारी नहीं हुआ तो ग्राम रोजगार सेवक आंदोलन का रास्ता अपनाने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
इस दौरान इंद्रमणि विश्वकर्मा, अंबिका प्रसाद, अनीता वर्मा, असगर अली, राजेश तिवारी, प्रमोद कुमार, बंधु मद्धेशिया (ब्लॉक अध्यक्ष घुघली), राहुल गुप्ता (ब्लॉक मंत्री घुघली), अंजना गुप्ता, संगीता पांडेय, राजेश प्रजापति, शिल्पी राय, गंगोत्री, रीता देवी, राजकुमार, अयोध्या, सर्वेश कुमार, बाबूराम सहित बड़ी संख्या में ग्राम रोजगार सेवक मौजूद रहे।
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संत कबीर नगर के मदरसे में 125 छात्राओं का रिकॉर्ड गायब, अल्पसंख्यक विभाग ने शुरू की जांच
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिला मुख्यालय खलीलाबाद स्थित मदरसा कुल्लियातुल बनातिर रजविया में छात्राओं के पंजीकरण को लेकर बड़ा अंतर सामने आया है। मदरसा प्रबंधन द्वारा 338 छात्राओं के पंजीकरण की जानकारी दी गई थी, जबकि यू-डायस (U-DISE) पोर्टल पर केवल 213 छात्राएं दर्ज पाई गईं। इस तरह 125 छात्राओं का रिकॉर्ड उपलब्ध न होने से मामला संदिग्ध हो गया है।
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने मांगा स्पष्टीकरण
उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मदरसा प्रबंधन को नोटिस जारी कर शेष छात्राओं का पूरा विवरण उपलब्ध कराने को कहा है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक विभाग को कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ था।
जिला अल्पसंख्यक अधिकारी प्रवीण मिश्र ने बताया कि पंजीकरण में पाए गए अंतर की गहन समीक्षा की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
39 छात्राएं हुई थीं बोर्ड परीक्षा में शामिल
विभागीय पहल पर 39 छात्राएं मदरसा बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित हुई थीं। ऐसे में पंजीकरण और परीक्षा में शामिल छात्राओं की संख्या में अंतर भी जांच का विषय बना हुआ है।
जमीन और सीलिंग विवाद भी चर्चा में
फरवरी 2024 में न्यायालय के आदेश के बाद मदरसे की भूमि राज्य सरकार के खाते में दर्ज कर परिसर को सील कर दिया गया था। बाद में पास की जमीन पर नए भवन में संचालन शुरू किए जाने की शिकायत मिलने पर नवंबर में प्रशासनिक टीम ने उस स्थान को भी सील कर दिया।
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एटीएस रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज
एटीएस की रिपोर्ट के आधार पर ब्रिटिश मौलाना शमशुल हुदा खान के विरुद्ध कोतवाली खलीलाबाद में विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच फिलहाल जारी है।
क्यों अहम है यह मामला?
• 125 छात्राओं का रिकॉर्ड गायब होना प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है
• यू-डायस पोर्टल और वास्तविक पंजीकरण में बड़ा अंतर
• पहले से भूमि और संचालन को लेकर विवाद
• एटीएस जांच के चलते मामला और संवेदनशील
प्रशासनिक स्तर पर यह देखना अहम होगा कि पंजीकरण में हुई गड़बड़ी तकनीकी है या जानबूझकर की गई त्रुटि। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट से स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
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BSA दफ्तर बना ‘कुरुक्षेत्र’: दफ्तर पहुंचीं DM दिव्या मित्तल, क्या रसूखदार ‘मैडम’ की होगी विदाई या लीपापोती की बिछ रही है बिसात?
आरोपी शालिनी श्रीवास्तव के दफ्तर में DM की मौजूदगी से हलचल; 16 लाख की घूस और शिक्षक की मौत के बाद अब ‘आर-पार’ के मूड में प्रशासन! , आरोपी बाबू की नियुक्ति भी सवाल के घेरे में

गौरव कुशवाहा
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या कांड ने अब सीधे जिले के सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारियों को सड़क पर उतार दिया है। सीडीओ और एसडीएम के बाद अब जिलाधिकारी दिव्या मित्तल खुद बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंच चुकी हैं। जिस दफ्तर में बैठकर कल तक ‘रंगदारी’ और ‘वसूली’ का खेल चल रहा था, आज वहां भारी पुलिस बल और आला अधिकारियों का जमावड़ा है।
DM की मौजूदगी: कार्रवाई का संकेत या बचाव का रास्ता?
सूत्रों के मुताबिक, DM दिव्या मित्तल सीधे उस ‘क्राइम सीन’ (BSA दफ्तर) का मुआयना कर रही हैं, जहां कृष्ण मोहन को मौत से पहले आखिरी बार जलील किया गया था। सवाल यह है कि क्या DM साहिबा वहां BSA शालिनी श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश जारी करेंगी, या फिर यह पूरी कवायद केवल उन ‘डिजिटल सबूतों’ और ‘फाइलों’ को सुरक्षित करने की है जो शासन तक पहुंचने वाली हैं?
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आरोपी BSA के चेहरे पर शिकन, पर कुर्सी का मोह बरकरार!
हैरानी की बात यह है कि BNS की धारा 108 और 351(3) में FIR दर्ज होने के बावजूद, आरोपी BSA अभी भी दफ्तर में मौजूद हैं। कानून की नजर में एक अपराधी और जांच अधिकारी का एक ही छत के नीचे होना ‘फेयर इन्वेस्टिगेशन’ के सिद्धांतों की धज्जियां उड़ाना है। क्या DM की मौजूदगी में शालिनी श्रीवास्तव का ‘कन्फेशन’ (जुर्म कुबूल करना) दर्ज होगा, या फिर बाबू संजीव सिंह को बलि का बकरा बनाकर मामले को दफन कर दिया जाएगा?
जनता की नजरें: क्या ‘जीरो टॉलरेंस’ सिर्फ कागजों पर है?
देवरिया की जनता और शिक्षक समाज की नजरें इस वक्त BSA दफ्तर पर टिकी हैं। 16 लाख की घूसखोरी का आरोपी अगर DM के बगल में बैठा है, तो यह सिस्टम की शुचिता पर सबसे बड़ा सवाल है। क्या DM दिव्या मित्तल अपनी उस ‘कठोर छवि’ के अनुरूप कार्रवाई करेंगी जिसके लिए वे जानी जाती हैं, या फिर ‘आईएएस-पीसीएस लॉबी’ एक बार फिर अपने साथी को बचाने के लिए ढाल बन जाएगी?
मेक्सिको में हिंसा के बीच भारतीय दूतावास की एडवाइजरी
मेक्सिको में जारी हिंसक झड़पों के बीच भारतीय दूतावास, मेक्सिको सिटी ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। रविवार (22 फरवरी 2026) को जारी बयान में दूतावास ने सभी भारतीयों को सतर्क रहने, सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने और भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है।
दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी संदेश में बताया कि Jalisco (पुएर्तो वल्लार्टा, चापाला, ग्वाडलाहारा), Tamaulipas (रेनोसा सहित अन्य नगरपालिकाएं), Michoacán, Guerrero और Nuevo León के कुछ इलाकों में सुरक्षा अभियान, सड़क अवरोध और आपराधिक गतिविधियां जारी हैं। इन क्षेत्रों में मौजूद भारतीय नागरिकों को अगली सूचना तक अपने स्थान पर ही रहने की सलाह दी गई है।
भारतीय नागरिकों के लिए जरूरी सावधानियां
दूतावास ने निम्नलिखित सावधानियां बरतने को कहा है:
• कानून-प्रवर्तन गतिविधियों वाले क्षेत्रों से दूर रहें
• अनावश्यक यात्रा और आवाजाही से बचें
• स्थानीय मीडिया और प्रशासनिक निर्देशों पर नजर रखें
• आपात स्थिति में 911 पर कॉल करें
• परिवार और मित्रों को अपनी स्थिति की जानकारी देते रहें
• सहायता के लिए +52 55 4847 7539 पर दूतावास से संपर्क करें
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ड्रग माफिया सरगना की मौत के बाद भड़की हिंसा
रिपोर्ट्स के अनुसार हिंसा उस समय भड़की जब सेना के एक अभियान में कुख्यात ड्रग माफिया सरगना Nemesio Rubén Oseguera Cervantes उर्फ “एल मेंचो” की मौत हो गई। वह Jalisco New Generation Cartel (CJNG) का प्रमुख था।
मेक्सिको के रक्षा मंत्रालय के अनुसार जालिस्को में मुठभेड़ के दौरान वह गंभीर रूप से घायल हुआ और मेक्सिको सिटी ले जाते समय उसकी मौत हो गई।
CJNG का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क
अमेरिकी Drug Enforcement Administration (DEA) के अनुसार CJNG मेक्सिको के सबसे आक्रामक और प्रभावशाली कार्टेल्स में से एक है। इसका नेटवर्क अमेरिका के सभी 50 राज्यों तक फैला हुआ बताया जाता है और इसे सिनालोआ कार्टेल के बराबर ताकतवर माना जाता है।
मौजूदा हालात को देखते हुए भारतीय नागरिकों से अत्यधिक सतर्कता बरतने और दूतावास के निर्देशों का सख्ती से पालन करने की अपील की गई है।
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लाखों की सड़क 15 दिन में धराशायी: महराजगंज में पैचिंग ध्वस्त, PWD कटघरे में
महराजगंज में 15 दिन में उखड़ी सड़क: डोमा-कलनही मार्ग की पैचिंग ध्वस्त
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)निचलौल क्षेत्र महराजगंज में 15 दिन में उखड़ी सड़क का मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ गया है। डोमा-कलनही मार्ग की पैचिंग ध्वस्त होने से सड़क पर गिट्टियां बिखर गई हैं, जिससे रोजाना हजारों लोगों की जान जोखिम में है। लाखों रुपये खर्च कर कराई गई मरम्मत महज दो हफ्तों में उखड़ने से PWD की कार्यप्रणाली और गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
डोमा-कलनही मार्ग बना हादसों का कारण
डोमा, कलनही और आसपास के गांवों को जोड़ने वाला यह मुख्य संपर्क मार्ग क्षेत्र की जीवनरेखा माना जाता है। प्रतिदिन करीब पांच हजार छात्र-छात्राएं और हजारों ग्रामीण इसी रास्ते से स्कूल, कॉलेज, बाजार और अस्पताल तक पहुंचते हैं।
लेकिन महराजगंज में 15 दिन में उखड़ी सड़क ने हालात बदतर कर दिए हैं। सड़क की ऊपरी परत उखड़कर गिट्टियां सड़क पर फैल गई हैं, जिससे दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में कई लोग मामूली रूप से चोटिल भी हो चुके हैं।
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पैचिंग ध्वस्त: गुणवत्ता पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क मरम्मत कार्य केवल औपचारिकता निभाने के लिए किया गया।सड़क की समुचित सफाई नहीं की गई,बेस लेयर को मजबूत नहीं किया गया
जल्दबाजी में गिट्टी और तारकोल डालकर कार्य पूरा दिखाया गया,गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई,परिणामस्वरूप हल्की बारिश और धूप के बाद ही पैचिंग ध्वस्त हो गई। महराजगंज में 15 दिन में उखड़ी सड़क अब भ्रष्टाचार और लापरवाही की मिसाल बनती दिख रही है।
PWD पर मिलीभगत के आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि संबंधित अधिकारियों की निगरानी केवल कागजों तक सीमित रही। यदि कार्य मानक के अनुरूप किया जाता तो सड़क इतनी जल्दी नहीं उखड़ती।
लोक निर्माण विभाग (PWD) के अवर अभियंता राम नरेश मौर्य ने मौसम को जिम्मेदार बताते हुए कहा कि कुछ स्थानों पर गिट्टियां उखड़ी हैं और शीघ्र ही दोबारा मरम्मत कराई जाएगी।
हालांकि ग्रामीण इस सफाई से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि यदि शुरुआत में गुणवत्ता सुनिश्चित की जाती तो दोबारा मरम्मत की नौबत ही नहीं आती।
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जांच और कार्रवाई की मांग तेज
ग्रामीणों ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद सड़क टिकाऊ नहीं बन पा रही है, तो यह सीधे तौर पर भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।
स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि महराजगंज में 15 दिन में उखड़ी सड़क के मामले में विभाग केवल आश्वासन देगा या जिम्मेदारी तय कर वास्तविक कार्रवाई करेगा।
संभावित खतरे।
दोपहिया चालकों के फिसलने का खतरा
स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर संकट,एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाओं में देरी,ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर असर।
महराजगंज में 15 दिन में उखड़ी सड़क का मामला केवल एक मार्ग की बदहाली नहीं, बल्कि सरकारी कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह है। यदि समय रहते गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित नहीं की गई, तो ऐसी घटनाएं लगातार दोहराई जाती रहेंगी।
सुबह-सुबह सख्त हुई देवरिया पुलिस, 3 घंटे में 18 स्थानों पर सघन जांच
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा) जनपद में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा नागरिकों के बीच सुरक्षा और विश्वास की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से देवरिया पुलिस मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान के तहत सोमवार की सुबह व्यापक स्तर पर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। प्रातः 5 बजे से 8 बजे तक संचालित इस विशेष कार्रवाई में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में एक साथ निगरानी, संवाद और प्रवर्तन की संयुक्त कार्यवाही की गई।
यह अभियान पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन के निर्देशन में संपन्न हुआ। अभियान का मकसद केवल औपचारिक चेकिंग नहीं, बल्कि सामुदायिक पुलिसिंग की अवधारणा को जमीनी स्तर पर लागू करना था। पुलिस अधिकारियों ने मॉर्निंग वॉक पर निकले नागरिकों से सीधे संवाद कर उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाया और स्थानीय स्तर की समस्याओं पर चर्चा भी की।
18 स्थानों पर एक साथ कार्रवाई, संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर
देवरिया पुलिस मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान के दौरान पूरे जनपद में कुल 18 प्रमुख स्थानों पर विशेष चेकिंग प्वाइंट बनाए गए। इन स्थानों पर पुलिस टीमों ने पैदल गश्त, बैरियर चेकिंग और मोबाइल पेट्रोलिंग के माध्यम से निगरानी की।
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अभियान के अंतर्गत:316 व्यक्तियों की पहचान व पूछताछ ,167 वाहनों की जांच ,संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी,यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई, पुलिस ने विशेष रूप से तीन सवारी चलने वाले दोपहिया वाहनों, नाबालिग चालकों, मॉडिफाइड साइलेंसर लगे बाइकों और कागजात विहीन वाहनों पर सख्ती दिखाई। इसके साथ ही अवैध असलहा और मादक पदार्थों की संभावित तस्करी को रोकने के लिए तलाशी अभियान भी चलाया गया।
मित्र पुलिसिंग की मिसाल: संवाद से सुलझे छोटे विवाद, इस देवरिया पुलिस मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता रही – सामुदायिक सहभागिता। थाना प्रभारी और थानाध्यक्षों ने पार्कों, मुख्य सड़कों और कॉलोनियों में मॉर्निंग वॉक पर निकले नागरिकों से सीधे संवाद स्थापित किया।
स्थानीय स्तर पर चल रहे छोटे-मोटे विवादों को मौके पर ही समझाइश देकर सुलझाने का प्रयास किया गया। कई जगहों पर पुलिस अधिकारियों ने लोगों को यातायात नियमों, साइबर अपराध से बचाव और महिला सुरक्षा से संबंधित आवश्यक जानकारी भी दी।
नागरिकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सुबह के समय पुलिस की सक्रिय उपस्थिति से सुरक्षा की भावना और मजबूत हुई है। लोगों ने यह भी कहा कि नियमित रूप से ऐसे अभियान चलाए जाने चाहिए।
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कानून व्यवस्था को लेकर सख्त संदेश
देवरिया पुलिस मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान के माध्यम से पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जिले में कानून व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा। सुबह के समय अपराध की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए यह रणनीतिक कदम उठाया गया।
विशेष रूप से चोरी की घटनाओं, बाइक स्टंटिंग, अवैध हथियारों के प्रदर्शन और नशे की तस्करी जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए यह अभियान प्रभावी साबित हो सकता है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सुबह के समय कई असामाजिक तत्व सक्रिय रहते हैं, जिन्हें चिन्हित करने और रोकने के लिए यह समय सबसे उपयुक्त माना जाता है।
यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई
अभियान के दौरान यातायात नियमों के उल्लंघन पर भी विशेष ध्यान दिया गया। तीन सवारी, हेलमेट न पहनना, तेज रफ्तार और साइलेंसर में अवैध संशोधन जैसे मामलों में चालान की कार्रवाई की गई।
नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के मामलों में अभिभावकों को चेतावनी दी गई और आवश्यकतानुसार विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू की गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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अवैध असलहा और मादक पदार्थों पर नजर
देवरिया पुलिस मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों की तलाशी लेकर अवैध असलहा और मादक पदार्थों की तस्करी पर भी निगरानी रखी गई। हालांकि इस दौरान बड़ी बरामदगी की सूचना नहीं है, लेकिन पुलिस का कहना है कि ऐसे अभियानों से अपराधियों में भय और आम जनता में विश्वास उत्पन्न होता है।
आमजन में दिखा संतोष, सुरक्षा का भरोसा
अभियान के दौरान पुलिस और जनता के बीच सकारात्मक संवाद देखने को मिला। कई नागरिकों ने पुलिस की इस सक्रियता को स्वागतयोग्य कदम बताया। मॉर्निंग वॉक के दौरान पुलिस की मौजूदगी से महिलाओं और बुजुर्गों ने विशेष संतोष व्यक्त किया।
जनपदीय पुलिस ने यह भी संकेत दिया है कि देवरिया पुलिस मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान को आगे भी नियमित रूप से चलाया जाएगा, ताकि अपराध पर अंकुश और सामाजिक समरसता दोनों सुनिश्चित हो सकें।
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भविष्य की रणनीति
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में आगे भी ऐसे संयुक्त अभियानों की रूपरेखा तैयार की जा रही है। तकनीकी निगरानी, सीसीटीवी विश्लेषण और सामुदायिक सूचना तंत्र को भी और मजबूत किया जाएगा।
जनपद में शांति, सुरक्षा और विश्वास का वातावरण बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सक्रिय गश्त और आकस्मिक चेकिंग अभियान निरंतर जारी रहेंगे।
देवरिया पुलिस मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान केवल एक औपचारिक कार्यवाही नहीं, बल्कि सामुदायिक विश्वास और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने की ठोस पहल के रूप में सामने आया है। 18 स्थानों पर व्यापक चेकिंग, 316 व्यक्तियों और 167 वाहनों की जांच, तथा आमजन से सीधा संवाद – ये सभी कदम जनपद में बेहतर सुरक्षा तंत्र की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
यदि इसी प्रकार नियमित और योजनाबद्ध तरीके से अभियान चलते रहे, तो अपराध नियंत्रण के साथ-साथ पुलिस और जनता के बीच विश्वास का सेतु और मजबूत होगा।
बिहार भागने की फिराक में था आरोपी, पुलिस मुठभेड़ में घायल होकर गिरफ्तार
पुलिस मुठभेड़ में 25 हजार का इनामिया गो तस्कर गिरफ्तार, पैर में गोली लगने के बाद दबोचा
बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। बांसडीह पुलिस मुठभेड़ में 25 हजार के इनामिया गो तस्कर को गिरफ्तार करने में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना बांसडीह और एसओजी बलिया की संयुक्त कार्रवाई में हिस्ट्रीशीटर अपराधी को घायल अवस्था में पकड़ा गया। अभियुक्त के कब्जे से अवैध तमंचा, कारतूस और मोटरसाइकिल बरामद की गई है।
बांसडीह पुलिस मुठभेड़: कैसे हुई कार्रवाई?
पुलिस अधीक्षक बलिया ओमवीर सिंह के निर्देशन में जनपद में अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 22 फरवरी की रात 11:42 बजे थाना कोतवाली बांसडीह क्षेत्र के हुसैनाबाद मोड़ पर संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग की जा रही थी।
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चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध मोटरसाइकिल सवार को रुकने का इशारा किया गया, लेकिन वह भागने लगा। तेज रफ्तार में भागते समय बाइक फिसल गई और वह सड़क किनारे गिर पड़ा। पुलिस टीम ने जब उसे घेर लिया तो बदमाश ने जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी।
आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में बदमाश के दाहिने पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
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घायल अभियुक्त की पहचान
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान बबलू नट (30 वर्ष) पुत्र सुलेमान नट, निवासी आदर थाना बांसडीह, जनपद बलिया के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, बांसडीह पुलिस मुठभेड़ में पकड़ा गया यह आरोपी 25 हजार रुपये का इनामिया गो तस्कर है और हिस्ट्रीशीटर भी है।
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क्या-क्या हुआ बरामद?
बांसडीह पुलिस मुठभेड़ के दौरान अभियुक्त के कब्जे से निम्न वस्तुएं बरामद की गईं—
01 अदद मोटरसाइकिल
01 अदद नाजायज तमंचा (.315 बोर)
01 अदद जिंदा कारतूस (.315 बोर)
01 अदद खोखा कारतूस (.315 बोर)
पहले भी फरार हो चुका था आरोपी
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 8 फरवरी को गोवंश तस्करी कर बिहार ले जाने के मामले में इसका एक साथी गिरफ्तार हुआ था, जबकि बबलू नट मौके से फरार हो गया था। तभी से पुलिस इसकी तलाश में जुटी थी।
बांसडीह पुलिस मुठभेड़ के बाद अब आरोपी को सदर अस्पताल बलिया में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार चल रहा है।
पुलिस का बयान
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जनपद में अपराध पर नियंत्रण के लिए सख्त अभियान जारी रहेगा। बांसडीह पुलिस मुठभेड़ जैसी कार्रवाई अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश है। अन्य आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है।
यूपी की 6 जल विद्युत परियोजनाएं 42 साल के लिए लीज पर
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश की छह लघु जल विद्युत परियोजनाएं को 42 वर्षों के लिए निजी क्षेत्र को लीज पर देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम ने टेंडर जारी किया है। टेंडर के अनुसार 1.5 करोड़ रुपये प्रति मेगावाट के अग्रिम प्रीमियम पर निजी कंपनियों को ये परियोजनाएं सौंपी जाएंगी, जो 42 वर्षों तक उनका संचालन करेंगी।
प्रदेश में पहले से संचालित प्रमुख जल विद्युत परियोजनाएं
प्रदेश में 300 मेगावाट की रिहंद, 99 मेगावाट की ओबरा, 72 मेगावाट की माताटीला (ललितपुर) और 72 मेगावाट की खारा जल विद्युत परियोजनाएं पहले से संचालित हैं। इसके अतिरिक्त छह लघु जल विद्युत परियोजनाएं भी हैं, जिनके पास करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन और अन्य संपत्तियां हैं।
लीज पर प्रस्तावित परियोजनाएं
लीज पर दी जाने वाली परियोजनाओं में शामिल हैं:
• भोला (2.7 मेगावाट)
• सलावा (3 मेगावाट)
• निर्गजनी (5 मेगावाट)
• चित्तौरा (3 मेगावाट)
• पलरा (0.6 मेगावाट)
• सुमेरा (1.5 मेगावाट)
ये सभी अपर गंगा नहर पर स्थित लगभग 90 से 97 वर्ष पुरानी परियोजनाएं हैं।
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टेंडर जारी होते ही विरोध तेज
टेंडर जारी होने के बाद ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े संगठनों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि ये परियोजनाएं राज्य सरकार के अधीन ही रहनी चाहिए, क्योंकि निजी कंपनियों की नजर इनके साथ जुड़ी बेशकीमती जमीन और संपत्तियों पर भी है। संगठनों ने मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।
ऑल इंडिया पॉवर इंजीनियर्स फेडेरेशन की चेतावनी
ऑल इंडिया पॉवर इंजीनियर्स फेडेरेशन (AIPEF) के अध्यक्ष शैलेंद्र दुबे ने निर्णय का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि अपर गंगा नहर में वर्षभर पानी उपलब्ध रहता है, जिससे निरंतर बिजली उत्पादन संभव है।
उन्होंने आरोप लगाया कि टेंडर में 15.5 मेगावाट की स्थापित क्षमता के बजाय 6.3 मेगावाट दर्शाई गई और संपत्तियों का मूल्य कम आंका गया है। उनका कहना है कि सीमित निवेश से एक वर्ष में आधुनिकीकरण का खर्च निकाला जा सकता है। उन्होंने टेंडर निरस्त होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।
पॉवर ऑफिसर्स एसोसिएशन ने उठाए सवाल
पॉवर ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष आरपी केन और कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने इसे निजीकरण की नई रणनीति बताया। उनका कहना है कि इससे कर्मचारियों की छंटनी हो सकती है और आरक्षण व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
उन्होंने आशंका जताई कि निजी कंपनियां अपनी शर्तों पर नियुक्तियां करेंगी और सरकारी संपत्तियों के दुरुपयोग की संभावना बढ़ेगी। संगठन ने मुख्यमंत्री से टेंडर निरस्त करने और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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नेपाल बस हादसा: धादिंग में 18 मौतें, 25 घायल
काठमांडू (राष्ट्र की परम्परा)। सोमवार तड़के हुए भीषण नेपाल बस हादसा ने पूरे देश को झकझोर दिया। Dhading District में पोखरा से काठमांडू जा रही एक यात्री बस त्रिशूली नदी में जा गिरी। हादसे में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 से अधिक यात्री घायल बताए जा रहे हैं।
स्थानीय मीडिया के अनुसार घटना भारतीय समयानुसार रात करीब एक बजे चिनाधारा क्षेत्र के पास हुई। बस में 40 से 45 यात्री सवार थे, जिनमें कुछ विदेशी पर्यटक भी शामिल थे।
त्रिशूली नदी में गिरी बस
यह बस पृथ्वी राजमार्ग पर चल रही थी। बताया जा रहा है कि बेनीघाट रोरांग ग्रामीण नगरपालिका-5 के भैसेपाटी इलाके के पास वाहन अचानक अनियंत्रित हो गया।
बस सड़क से फिसलकर करीब 300 मीटर नीचे ढलान से होते हुए Trishuli River किनारे जा गिरी। दुर्घटना के बाद बस बुरी तरह क्षतिग्रस्त हालत में मिली। हादसे की भयावह तस्वीरों ने स्थानीय लोगों को स्तब्ध कर दिया।
मृतकों और घायलों की स्थिति
प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक 18 लोगों की मौत हुई है। इनमें छह महिलाएं और 11 पुरुष शामिल हैं। एक अन्य मृतक की पहचान प्रक्रिया जारी है।
घायलों की संख्या 25 से 27 बताई जा रही है। इनमें आठ महिलाएं, 18 पुरुष और एक नाबालिग लड़की शामिल है। सभी को आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
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रात में राहत कार्य की चुनौती
हादसा रात के अंधेरे में हुआ, जिससे राहत और बचाव अभियान में कठिनाई आई। Nepal Army, Nepal Police और सशस्त्र पुलिस बल के जवानों ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।
हाईवे रेस्क्यू मैनेजमेंट समिति के अध्यक्ष राजकुमार ठाकुरी ने बताया कि घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। अंधेरा और नदी का तेज बहाव बड़ी चुनौती बना रहा।
हादसे की वजह क्या?
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक आशंका है कि चालक ने नियंत्रण खो दिया या सड़क की स्थिति खराब थी।
बस में क्षमता से अधिक यात्री सवार होने की भी जांच की जा रही है।
प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी है और आगे की कार्रवाई जारी है।
पृथ्वी राजमार्ग पर सुरक्षा सवाल
Prithvi Highway नेपाल के प्रमुख राजमार्गों में से एक है, जो पोखरा और काठमांडू को जोड़ता है।
इस मार्ग पर पहले भी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। पहाड़ी इलाकों में संकरी सड़कें, तेज मोड़ और मौसम की स्थिति हादसों का जोखिम बढ़ाती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि सड़क सुरक्षा मानकों को और सख्त करने की जरूरत है।
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संत कबीर नगर: मगहर हाईवे पर कूड़ा डंपिंग से बढ़ा खतरा, धुएं-राख से लोग परेशान
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। संत कबीर नगर के नगर पंचायत मगहर क्षेत्र में मगहर हाईवे कूड़ा डंपिंग ने गंभीर हालात पैदा कर दिए हैं। हाईवे के दोनों किनारों पर कूड़ा डालकर उसमें आग लगाई जा रही है। उठते धुएं से सड़क पर दृश्यता घट रही है और हादसों की आशंका बढ़ गई है।
राहगीरों और वाहन चालकों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है। स्थानीय लोग इसे जनस्वास्थ्य और सड़क सुरक्षा से जुड़ा बड़ा संकट बता रहे हैं।
हनुमान मंदिर से सीहापार हाल्ट तक बदतर स्थिति
जानकारी के मुताबिक Maghar में मगहर हनुमान मंदिर से सीहापार हाल्ट तक कई स्थानों पर प्रतिदिन मोहल्लों से एकत्रित कचरा हाईवे किनारे डंप किया जा रहा है।
बाद में इन ढेरों में आग लगा दी जाती है। धुआं सड़क पर फैलता है और कुछ देर के लिए दृश्यता बेहद कम हो जाती है।
स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि धुएं के कारण ग्राहकों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है।
राख उड़कर आंखों में, खाद्य सामग्री पर असर
जले हुए कूड़े की राख को सड़क किनारे बने गड्ढों में भरने के लिए उपयोग किया जा रहा है। पछुआ हवा चलने पर राख उड़कर राहगीरों की आंखों में चली जाती है।
राख आसपास के घरों और दुकानों तक पहुंच रही है। इससे स्वच्छता प्रभावित हो रही है और खुली खाद्य सामग्री खराब हो रही है।
लोगों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों को सांस लेने में भी दिक्कत हो रही है।
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हादसों का बढ़ता खतरा
हाईवे पर तेज रफ्तार वाहनों के बीच धुआं अचानक फैलने से दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।
चालकों को सामने की गाड़ियां और सड़क किनारे खड़े लोग स्पष्ट दिखाई नहीं देते। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी स्थिति में छोटी सी चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
नगर पंचायत पर उठे सवाल
निवासियों का कहना है कि स्थायी कूड़ा निस्तारण व्यवस्था नहीं होने से यह समस्या लगातार बढ़ रही है।
नगर पंचायत स्तर पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की योजना लागू नहीं की गई है। कचरे को वैज्ञानिक तरीके से निपटाने के बजाय खुले में डंप कर जलाया जा रहा है। लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद समाधान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए।
स्वास्थ्य और पर्यावरण पर असर
विशेषज्ञ बताते हैं कि कूड़ा जलाने से निकलने वाला धुआं विषैला होता है। इससे श्वसन संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ता है।
पर्यावरणीय दृष्टि से भी यह गंभीर समस्या है। प्लास्टिक और अन्य कचरे के जलने से हानिकारक गैसें वातावरण में फैलती हैं।
यदि समय रहते रोकथाम नहीं की गई तो स्थिति और बिगड़ सकती है।
समाधान क्या?
• कचरे के लिए अलग डंपिंग जोन निर्धारित किया जाए
• वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली लागू हो
• हाईवे किनारे कूड़ा फेंकने और जलाने पर सख्त रोक लगे
• नियमित निगरानी और दंडात्मक कार्रवाई की जाए
स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन जल्द ठोस कदम उठाएगा।
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JNU में देर रात हिंसक झड़प, ABVP का पथराव का आरोप
नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। राजधानी दिल्ली के Jawaharlal Nehru University में एक बार फिर छात्र राजनीति गरमा गई है। 22 फरवरी की रात हुई JNU झड़प में ABVP और लेफ्ट समर्थित छात्र संगठनों के बीच हिंसक टकराव की खबर सामने आई है।
Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad (ABVP) के मुताबिक रात करीब 1:30 बजे पथराव हुआ, जिसमें संगठन के मीडिया संयोजक विजय जायसवाल गंभीर रूप से घायल हो गए। अन्य कई छात्रों के भी चोटिल होने का दावा किया गया है।
घटना के बाद परिसर में तनाव का माहौल है और दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार विवाद की शुरुआत स्कूल बिल्डिंग पर ताला लगाए जाने के मुद्दे से हुई। ABVP ने लेफ्ट समर्थित छात्र संगठनों के इस कदम का विरोध किया।
विरोध के बाद दोनों पक्षों के बीच बहस बढ़ी। देर रात छात्र दो गुटों में बंट गए और परिसर में हंगामा शुरू हो गया।
ABVP का आरोप है कि इस दौरान पथराव किया गया और कई छात्रों के साथ मारपीट हुई।
ABVP का आरोप और मांग
ABVP ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर पोस्ट कर घटना को “भीषण हिंसा” बताया। संगठन का कहना है कि पुस्तकालय में पढ़ाई कर रहे छात्रों को निशाना बनाया गया।
पोस्ट में कहा गया कि यह राजनीति नहीं, बल्कि छात्रों के खिलाफ लक्षित हमला है। ABVP ने दिल्ली पुलिस से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है और दोषियों की गिरफ्तारी की अपील की है।
संगठन ने इसे परिसर में विचारधारात्मक असहिष्णुता का उदाहरण बताया।
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हमले को लेकर गंभीर आरोप
ABVP के एक कार्यकर्ता ने दावा किया कि विचारधारा से असहमत छात्रों को निशाना बनाया गया। आरोप है कि विश्वविद्यालय सुरक्षाकर्मियों और पुलिस की मौजूदगी में भी मारपीट हुई।
संगठन का कहना है कि 70 से अधिक लोगों की भीड़ ने हिंसा को अंजाम दिया। कुछ नामों का भी उल्लेख किया गया है, जिन पर भीड़ का नेतृत्व करने का आरोप है।
हालांकि इन आरोपों पर दूसरी ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
परिसर में तनाव, प्रशासन की भूमिका पर सवाल
घटना के बाद JNU कैंपस में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। छात्र संगठनों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि विश्वविद्यालय परिसर में संवाद और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने की आवश्यकता है। वैचारिक मतभेद बहस का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन हिंसा से समस्या का समाधान नहीं निकलता।
यदि किसी पक्ष की ओर से औपचारिक शिकायत दर्ज होती है, तो पुलिस जांच आगे बढ़ सकती है।
छात्र राजनीति फिर चर्चा में
JNU लंबे समय से वैचारिक बहस और सक्रिय छात्र राजनीति के लिए जाना जाता है।
यह पहली बार नहीं है जब परिसर में दो गुटों के बीच टकराव की खबर आई हो। हर बार ऐसी घटनाएं यह सवाल खड़ा करती हैं कि क्या कैंपस में असहमति को शांतिपूर्ण तरीके से संभालने की व्यवस्था पर्याप्त है?
फिलहाल सभी की नजर प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई पर टिकी है।
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संत कबीर नगर: सिरसी के पास भीषण सड़क हादसा, सपा नेता विनोद यादव की मौत
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। धनघटा थाना क्षेत्र में हुए सिरसी सड़क हादसा में समाजवादी पार्टी के नेता विनोद यादव की दर्दनाक मौत हो गई। देर रात नीलगाय से टकराने के बाद उनकी कार अनियंत्रित होकर पेड़ से जा भिड़ी। इस हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना के बाद समर्थकों और परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई।
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार 48 वर्षीय विनोद यादव कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र के घोरखल गांव के निवासी थे। वे खलीलाबाद से उरुवा (गोरखपुर) एक शादी समारोह में शामिल होकर कार से घर लौट रहे थे।
रात करीब एक बजे सिरसी गांव के पास अचानक सड़क पार कर रही नीलगाय से उनकी कार टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि वाहन बेकाबू होकर सड़क किनारे पेड़ से जा भिड़ा। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
अस्पताल पहुंचते ही मौत
स्थानीय लोगों ने तुरंत मदद की और उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मलौली पहुंचाया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
कार में मौजूद अन्य लोगों को मामूली चोटें आई हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी।
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क्षेत्र में शोक की लहर
समाजवादी पार्टी से जुड़े विनोद यादव क्षेत्र के सक्रिय कार्यकर्ता माने जाते थे। स्थानीय राजनीति में उनकी अच्छी पकड़ थी।
घटना की खबर फैलते ही पोस्टमार्टम हाउस पर समर्थकों और परिचितों की भीड़ जुट गई। केडी यादव, सुबोध यादव, शैलेन्द्र यादव, सुनील सिंह और रमेश यादव सहित कई लोग मौके पर मौजूद रहे।
परिवार में कोहराम मचा है। गांव और आसपास के इलाकों में गहरा शोक व्याप्त है।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह सिरसी सड़क हादसा एक बार फिर रात के समय सड़कों पर घूमने वाले जंगली जानवरों की समस्या को सामने लाता है।
हाईवे और ग्रामीण मार्गों पर नीलगाय और अन्य पशुओं के अचानक सामने आने से कई गंभीर दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क किनारे सुरक्षा उपायों और चेतावनी संकेतों की व्यवस्था मजबूत की जानी चाहिए।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए जाएं।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में नीलगाय से टक्कर के बाद वाहन अनियंत्रित होना हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है।
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