Tuesday, June 23, 2026
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दूरदर्शी व्यक्तित्व के धनी रहे स्वामी विवेकानंद: अपर जिला जज

विवेकानंद युवा सप्ताह के अंतर्गत डायट में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

संत कबीर नगर(राष्ट्र की परम्परा)। जनपद न्यायाधीश मोहन लाल विश्वकर्मा के निर्देशन में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) खलीलाबाद में विवेकानंद युवा सप्ताह के अंतर्गत कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं अपर जिला जज देवेंद्र नाथ गोस्वामी रहे।
अपर जिला जज ने युवाओं को संबोधित करते हुए स्वामी विवेकानंद के दूरदर्शी विचारों को आत्मसात करने पर जोर दिया और नशामुक्त जीवन अपनाने की शपथ दिलाई। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में 5 से 12 जनवरी तक विवेकानंद युवा सप्ताह मनाया जा रहा है। इस अवसर पर “जीवन को हां और ड्रग्स को ना” का संदेश देते हुए इलेक्ट्रॉनिक प्रमाण पत्र प्राप्त करने की जानकारी भी दी गई।
लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के चीफ अन्जय कुमार श्रीवास्तव ने स्वामी विवेकानंद के आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए विधिक सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 15100 और ‘न्याय मार्ग’ एप की जानकारी दी।
कार्यक्रम में प्रवक्ता अभीष्ट देव पांडेय, संतोष कुमार मिश्रा, उपेन्द्र यादव, चौधरी साधना पटेल, पुनीता गर्ग, परमात्मा यादव सहित अन्य शिक्षक एवं प्रशिक्षु उपस्थित रहे।

डीएम की अध्यक्षता में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 पर बैठक में आलेख्य प्रकाशित

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के अंतर्गत मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की फोटोयुक्त निर्वाचक नामावलियों का आलेख्य प्रकाशन किया गया तथा राजनैतिक दलों को मतदाता सूची की प्रतियां वितरित की गईं।
बताया गया कि अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के आधार पर 04 नवम्बर से 26 दिसम्बर 2025 तक घर-घर गणना की गई थी। पात्र मतदाता फार्म-6 के माध्यम से नाम जोड़ने, फार्म-8 से संशोधन तथा फार्म-7 द्वारा नाम विलोपन की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। voters.eci.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध है।
बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी/अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) जयप्रकाश, समाजवादी पार्टी के पूर्व प्रदेश सचिव रामदरश, अपना दल (यस) के जिला अध्यक्ष सचिन सिंह सैंथवार, भाजपा के जिला उपाध्यक्ष आदित्य प्रताप यादव, कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष सुनील पांडेय, आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष दुर्विजय सिंह, बहुजन समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष झिनकान प्रसाद, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्ससिस्ट) के सचिव ईश्वर चंद्र पाठक सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

जवाहरलाल नेहरू पीजी कॉलेज से मतदाता पंजीकरण अभियान 2026 का शुभारंभ

जवाहरलाल नेहरू पीजी कॉलेज से मतदाता पंजीकरण अभियान 2026 का शुभारंभ

डीएम बोले—स्वच्छ मतदाता सूची ही मजबूत लोकतंत्र की आधारशिला

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। संविधान निर्मात्री सभा के विद्वान सदस्य प्रो. शिब्बन लाल सक्सेना की कर्मभूमि जवाहरलाल नेहरू स्नातकोत्तर महाविद्यालय से मंगलवार को मतदाता पंजीकरण अभियान– 2026 का विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने किया।
इस अवसर पर छात्र–छात्राओं को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि प्रो. शिब्बन लाल सक्सेना जैसे महान लोकतंत्र प्रहरी की कर्मभूमि से मतदाता पंजीकरण अभियान की शुरुआत करना गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि मतदान लोकतंत्र का सबसे सशक्त अधिकार है, जिसके माध्यम से प्रत्येक नागरिक देश की दिशा और दशा तय करने वाली सरकार का चयन करता है।
उन्होंने एसआईआर (विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण) अभियान के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 06 जनवरी से 06 फरवरी 2026 तक ड्राफ्ट मतदाता सूची के संबंध में दावे एवं आपत्तियां स्वीकार की जाएंगी। जिला प्रशासन का उद्देश्य एक ऐसी स्वच्छ, पारदर्शी और त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करना है, जिसमें कोई भी पात्र मतदाता छूटने न पाए और कोई अपात्र व्यक्ति शामिल न हो।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि जिनकी आयु 18 वर्ष पूर्ण हो चुकी है, वे अनिवार्य रूप से मतदाता बनें तथा बूथों पर प्रकाशित ड्राफ्ट रोल के संबंध में अपने परिवार व आसपास के लोगों को जागरूक करें, ताकि समय सीमा के भीतर संभावित त्रुटियों का सुधार सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि स्वस्थ्य लोकतंत्र की नींव स्वच्छ मतदाता सूची पर टिकी होती है और इस अंतिम चरण में जनसहयोग की भूमिका सबसे अहम है।
कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि जनपद में एसआईआर प्रक्रिया सफलता पूर्वक संचालित हुई है। उन्होंने वयस्क मताधिकार को संविधान की महत्वपूर्ण विशेषता बताते हुए युवाओं से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी की अपील की। इससे पूर्व महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार मिश्रा ने जिलाधिकारी व अपर जिलाधिकारी का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पण के साथ हुई। कार्यक्रम का संचालन नायब तहसीलदार देश दीपक तिवारी ने किया।
इस अवसर पर एसडीएम नंद प्रकाश मौर्य, डीआईओएस प्रदीप कुमार शर्मा, तहसीलदार सदर पंकज शाही, जिला सूचना अधिकारी प्रभाकर मणि त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में छात्र–छात्राएं उपस्थित रहें।

अधिकारियों के दौरे तक ही साफ दिखती हैं सिकंदरपुर की सड़कें, जाते ही लौट आता है अतिक्रमण


सिकंदरपुर /बलिया(राष्ट्र की परम्परा)
सिकंदरपुर नगर की सड़कों की हकीकत यह है कि जब तक पुलिस अधीक्षक बलिया और जिलाधिकारी बलिया का दौरा प्रस्तावित रहता है, तब तक सड़कें साफ-सुथरी, अतिक्रमण मुक्त और क्लीन दिखाई देती हैं। अधिकारी जैसे ही क्षेत्र से रवाना होते हैं, वैसे ही हालात फिर पुराने ढर्रे पर लौट आते हैं। सड़क किनारे ठेले, खोमचे, अस्थायी दुकानें और अवैध पार्किंग दोबारा जगह घेर लेती हैं, लेकिन यह अतिक्रमण संबंधित अधिकारियों को फिर दिखाई नहीं देता।नगर के मुख्य चौराहों, बस स्टैंड, बाजार और अस्पताल मार्गों पर अतिक्रमण आम बात हो गई है। प्रशासनिक निरीक्षण से पहले नगर पंचायत, पुलिस और अन्य विभाग संयुक्त रूप से अभियान चलाकर अतिक्रमण हटवाते हैं, नालियों की सफाई कराई जाती है और सड़कों पर पानी का छिड़काव तक होता है। इससे आमजन को कुछ समय के लिए राहत मिलती है, लेकिन यह राहत स्थायी नहीं होती। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अतिक्रमण हटाओ अभियान केवल “वीआईपी विजिट” तक सीमित रह गया है। स्थायी समाधान की कोई ठोस योजना नहीं बनाई जा रही। दुकानदारों और ठेला चालकों को वैकल्पिक व्यवस्था दिए बिना हटाया जाता है, जिससे वे कुछ ही दिनों में दोबारा सड़क पर आ जाते हैं।
नगरवासियों ने मांग की है कि जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के निर्देशों को केवल कागजों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि नियमित निगरानी, सख्त कार्रवाई और वैकल्पिक बाजार व्यवस्था के जरिए अतिक्रमण की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। जब तक यह नहीं होगा, तब तक सिकंदरपुर की सड़कें केवल अधिकारियों के आने तक ही साफ दिखाई देती

अमेरिकी नीतियों के विरोध में भाकपा (माक्र्सवादी) का प्रदर्शन, साम्राज्यवाद पर साधा निशाना


सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माक्र्सवादी) के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने अमेरिकी राष्ट्रपति की नीतियों के खिलाफ सलेमपुर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को लेकर अमेरिकी रुख की कड़ी आलोचना की तथा अमेरिका पर अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया।
प्रदर्शन के दौरान भाकपा (माक्र्सवादी) नेताओं ने कहा कि अमेरिका की साम्राज्यवादी नीतियां विश्व शांति के लिए खतरा बनती जा रही हैं। उनका आरोप था कि किसी संप्रभु राष्ट्र के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है और इससे वैश्विक अस्थिरता बढ़ती है।
आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर नारेबाजी की। इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति के चित्र का दहन किया गया और “अमेरिकी साम्राज्यवाद मुर्दाबाद”, “साम्राज्यवाद मुर्दाबाद” तथा “वेनेजुएला की जनता जिंदाबाद” जैसे नारे लगाए गए।
वक्ताओं ने केंद्र सरकार से मांग की कि वह इस मुद्दे पर स्पष्ट और सशक्त रुख अपनाए तथा अमेरिका की दखलअंदाजी वाली नीतियों का विरोध करते हुए विश्व शांति, संप्रभुता और लोकतांत्रिक मूल्यों के पक्ष में खड़ी हो।
इस शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में का० सतीश कुमार, का० रामनिवास यादव, हरे कृष्ण कुशवाहा, अभिनाश मौर्य, प्रेमचंद्र यादव, सुशील सहित बड़ी संख्या में भाकपा (माक्र्सवादी) के नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

कंप्यूटर दक्षता की ओर कदम, 25 दिवसीय टैली प्रशिक्षण प्रारंभ

बिछुआ/मध्य प्रदेश(राष्ट्र की परम्परा)। शासकीय महाविद्यालय बिछुआ में उच्च शिक्षा विभाग की योजना क्रमांक 7581 के अंतर्गत स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ एवं इनोवेशन एंड इन्कुबेशन सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में 25 दिवसीय टैली प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ मंगलवार को हुआ। कार्यक्रम का आयोजन प्राचार्य डॉ. आर.पी. यादव के कुशल मार्गदर्शन में तथा कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. पूजा तिवारी की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया।
यह प्रशिक्षण 29 जनवरी 2026 तक संचालित किया जाएगा, जिसमें लगभग 60 विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया है। प्रशिक्षण जीत बिछुआ कंप्यूटर एजुकेशन से पूनम कड़वे द्वारा प्रदान किया जा रहा है। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की वंदना एवं अतिथियों के स्वागत के साथ हुई।
स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. फरहत मंसूरी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों को लक्ष्य-केंद्रित बनाते हैं। उन्होंने बताया कि प्रकोष्ठ द्वारा समय-समय पर आयोजित किए जाने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्वरोजगार एवं रोजगारोन्मुख बनाना है, ताकि महाविद्यालयीन शिक्षा पूर्ण करने के बाद वे अपने जीवन को एक स्पष्ट दिशा प्रदान कर सकें।
कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. पूजा तिवारी ने विद्यार्थियों को प्रशिक्षण को गंभीरता एवं नियमित रूप से करने की सलाह दी और कहा कि टैली जैसे व्यावहारिक पाठ्यक्रम वर्तमान समय में रोजगार की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी हैं। कार्यक्रम का संचालन अजीत सिंह गौतम ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन प्रशिक्षण के संयोजक आकाश अहके द्वारा किया गया। प्रथम दिवस में विद्यार्थियों को टैली से संबंधित बुनियादी जानकारी प्रदान की गई।
इस अवसर पर डॉ. नोखेलाल साहू, मनीष पटेल, मनोज जैन सहित महाविद्यालय परिवार के अन्य सदस्यों की सक्रिय सहभागिता रही। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को कंप्यूटर में दक्ष बनाकर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना है।

Sagar Crime News: दोस्त की गैरमौजूदगी का फायदा उठाकर पत्नी को बंधक बनाकर दुष्कर्म, तीन आरोपी गिरफ्तार

सागर (राष्ट्र की परम्परा)। मध्य प्रदेश के सागर जिले के मोतीनगर थाना क्षेत्र में रिश्तों और इंसानियत को शर्मसार करने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक युवक ने अपने ही दोस्त की गैरमौजूदगी का फायदा उठाते हुए उसकी 28 वर्षीय पत्नी को बहाने से ले जाकर तीन दिनों तक बंधक बनाकर दुष्कर्म किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी समेत उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

काम के बहाने ले गया, कमरे में रखा बंधक

पुलिस के अनुसार, पीड़िता का पति किसी मामले में कुछ दिनों से जेल में बंद था। इसी दौरान पति का करीबी दोस्त देवा विश्वकर्मा (26), जिसका पीड़िता के घर आना-जाना था, किसी जरूरी काम का बहाना बनाकर महिला को अपने साथ ले गया।

आरोपी महिला को अपने साथियों प्रकाश और रवि अहिरवार के कमरे में ले गया, जहां उसने महिला के साथ जबरन दुष्कर्म किया। आरोप है कि तीनों ने मिलकर महिला को तीन दिनों तक कमरे में बंधक बनाकर रखा।

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पति के जेल से बाहर आते ही सामने आई सच्चाई

किसी तरह आरोपियों के चंगुल से निकलकर पीड़िता सुरक्षित बाहर आई। जब हाल ही में उसका पति जेल से रिहा होकर घर पहुंचा, तब पीड़िता ने पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद दंपती ने मोतीनगर थाने पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई, तीनों आरोपी जेल भेजे गए

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी देवा विश्वकर्मा सहित उसके साथी प्रकाश और रवि अहिरवार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद तीनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से अदालत के आदेश पर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच जारी है और पीड़िता को हरसंभव कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

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Dowry Murder Case: प्रेम विवाह के 11 महीने बाद पति ने भाइयों संग की पत्नी की गला दबाकर हत्या, फिर झूठी कहानी गढ़ी

लुधियाना (राष्ट्र की परम्परा)। प्यार और साथ निभाने की कसमें खाने वाला पति ही अपनी पत्नी का कातिल निकला। शादी के महज 11 महीने बाद पति ने अपने दो भाइयों के साथ मिलकर पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी और मामले को हार्ट अटैक बताने की कोशिश की। मृतका की पहचान भावना (25) के रूप में हुई है।

हत्या के बाद आरोपियों ने भावना के मायके पक्ष को सूचना दी कि उसकी हार्ट अटैक से मौत हो गई है। लेकिन जब परिजन मौके पर पहुंचे तो शव के गले पर गहरे निशान देखकर उन्हें शक हुआ। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।

गले के निशान देख खुला हत्या का राज

परिवार वालों का आरोप है कि भावना की गला दबाकर हत्या की गई है। जांच के बाद थाना जमालपुर पुलिस ने इस मामले में होशियारपुर के गांव हाजीपुर निवासी परमिंदर सिंह की शिकायत पर मुंडियां कलां स्थित न्यू गुरु नानक नगर निवासी पति राहुल गोदारा, उसके भाई रोहित और रिंकू गोदारा के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज किया है।

पुलिस ने मुख्य आरोपी राहुल गोदारा को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके दोनों भाई अभी फरार बताए जा रहे हैं। उनकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।

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प्रेम विवाह के बाद शुरू हुआ दहेज का दबाव

परमिंदर सिंह के अनुसार, उनकी बेटी भावना ने मार्च 2025 में राहुल गोदारा से प्रेम विवाह किया था। शुरुआत में परिवार इस शादी के लिए राजी नहीं था, लेकिन बेटी की खुशी के लिए सभी मान गए और धूमधाम से विवाह किया गया।

शादी के कुछ समय बाद ही आरोपियों ने दहेज की मांग को लेकर भावना को परेशान करना शुरू कर दिया। आरोप है कि उसके साथ मारपीट भी की जाती थी। भावना ने कई बार अपने परिवार को इसकी जानकारी दी, लेकिन हर बार आरोपी माफी मांगकर मामला शांत कर देता था।

5 जनवरी को की गई हत्या, आरोपी भाइयों की तलाश जारी

परिवार का आरोप है कि 5 जनवरी को आरोपियों ने भावना की गला दबाकर हत्या कर दी और मामले को छिपाने के लिए हार्ट अटैक की झूठी सूचना दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और जल्द ही फरार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

Supreme Court Bail: ₹27,000 करोड़ बैंक धोखाधड़ी मामले में एमटेक ग्रुप के पूर्व चेयरमैन अरविंद धाम को जमानत

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को ₹27,000 करोड़ के बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एमटेक ग्रुप के पूर्व चेयरमैन अरविंद धाम को बड़ी राहत देते हुए जमानत मंजूर कर ली। शीर्ष अदालत ने इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें धाम की जमानत याचिका खारिज की गई थी।

न्यायमूर्ति संजय कुमार और आलोक अराधे की पीठ ने यह फैसला सुनाया। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा की अध्यक्षता वाली पीठ में शामिल न्यायमूर्ति अराधे ने कहा कि अदालत ने अरविंद धाम की अपील को स्वीकार कर लिया है और उन्हें जमानत दी जाती है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने जमानत क्यों की थी खारिज?

दिल्ली हाईकोर्ट ने 19 अगस्त 2024 को अरविंद धाम की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था कि समय से पहले रिहाई से जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। हाईकोर्ट ने यह भी कहा था कि तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते उपयोग के चलते मनी लॉन्ड्रिंग जैसे आर्थिक अपराध देश की वित्तीय प्रणाली के लिए गंभीर खतरा बन गए हैं।

उच्च न्यायालय के अनुसार, ऐसे मामलों में जांच जटिल और लंबी होती है, इसलिए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि निर्दोष व्यक्तियों को गलत तरीके से न फंसाया जाए और वास्तविक दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाए।

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एमटेक ग्रुप की सैकड़ों करोड़ की संपत्तियां कुर्क

इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग रोधी कानून के तहत एमटेक ग्रुप की कंपनियों की ₹550 करोड़ से अधिक की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की थीं।
इसके अलावा सितंबर 2024 में एजेंसी ने ₹5,115.31 करोड़ की अतिरिक्त संपत्तियां भी अटैच की थीं।

ईडी की कार्रवाई के तहत:

• राजस्थान और पंजाब में 145 एकड़ जमीन
• दिल्ली-एनसीआर में ₹342 करोड़ मूल्य की संपत्तियां
• ₹112.5 करोड़ के फिक्स्ड डिपॉजिट और बैंक बैलेंस
को कुर्क किया गया।

ईडी का आरोप क्या है?

ईडी ने यह जांच 27 फरवरी 2024 को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर शुरू की थी। अरविंद धाम को जुलाई 2024 में गिरफ्तार किया गया था और सितंबर 2024 में उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई।

एजेंसी का आरोप है कि एमटेक ग्रुप की कंपनियों ने वित्तीय दस्तावेजों में हेरफेर, फर्जी ऋण और संपत्तियां दिखाकर बैंकों को गुमराह किया। इस धोखाधड़ी के चलते बैंकों को 80% से अधिक का हेयरकट झेलना पड़ा और सार्वजनिक क्षेत्र के वित्तीय संस्थानों को भारी नुकसान हुआ।

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Delhi Fire News: आदर्श नगर में DMRC क्वार्टर में भीषण आग, एक ही परिवार के तीन सदस्यों की दर्दनाक मौत

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। राजधानी दिल्ली के आदर्श नगर इलाके में सोमवार देर रात एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) के क्वार्टर में लगी भीषण आग में एक ही परिवार के तीन लोगों की जलकर मौत हो गई। हादसे से इलाके में हड़कंप मच गया।

मृतकों की पहचान 42 वर्षीय अजय विमल, उनकी पत्नी नीलम और 10 वर्षीय बेटी जाह्नवी के रूप में हुई है। तीनों एक ही फ्लैट में रहते थे।
दमकल विभाग के अनुसार, मंगलवार देर रात 2:39 बजे आदर्श नगर स्थित डीएमआरसी क्वार्टर की पांचवीं मंजिल पर आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया।

करीब काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इसके बाद दमकल कर्मियों ने फ्लैट में तलाशी अभियान चलाया, जहां कमरे के अंदर से तीन जले हुए शव बरामद हुए। प्रारंभिक जांच में आग घरेलू सामान में लगने की बात सामने आई है।

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आग बुझाने के दौरान दमकल कर्मी राकेश भी घायल हो गए थे, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। वहीं, पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है।

फिलहाल आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट या अन्य कारणों से जुड़ी हो सकती है, जिसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

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अरावली पर सुप्रीम कोर्ट की रोक: राहत जरूर, लेकिन संतुष्ट होने की कोई गुंजाइश नहीं

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✍️ इंदरजीत सिंह/संजय पराते

20 नवंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा अरावली पर्वत श्रृंखला से जुड़े अपने ही फैसले पर रोक लगाए जाने के बाद देशभर में एक अस्थायी राहत की भावना जरूर बनी है, लेकिन इसे अंतिम जीत मान लेना एक बड़ी भूल होगी। इस फैसले के खिलाफ किसानों, महिलाओं, ग्रामीण मजदूरों, आदिवासियों, पर्यावरण कार्यकर्ताओं और नागरिक संगठनों का व्यापक विरोध सामने आया था। विवाद की जड़ वन एवं पर्यावरण मंत्रालय द्वारा पेश की गई वह नई परिभाषा थी, जिसके तहत 100 मीटर से कम ऊंची पहाड़ियों को पहाड़ी न मानते हुए उन्हें खनन से बाहर कर दिया गया था।

जनाक्रोश इतना तीव्र था कि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की बार-बार दी गई सफाइयाँ और डैमेज कंट्रोल की कोशिशें भी नाकाम रहीं। अंततः सुप्रीम कोर्ट को स्वयं संज्ञान लेते हुए 29 दिसंबर को मामले की तत्काल सुनवाई करनी पड़ी, एक नई समिति गठित करनी पड़ी और अपने फैसले पर रोक लगानी पड़ी। यह सकारात्मक कदम जरूर है, लेकिन संतोष की कोई वजह नहीं है, क्योंकि पुरानी परिभाषा के बावजूद अरावली में दशकों से अवैध खनन बेरोकटोक जारी रहा है।

अरावली पर्वतमाला का महत्व

अरावली दुनिया की सबसे प्राचीन पर्वत श्रृंखलाओं में से एक है, जिसकी आयु लगभग 1.5 से 2.5 अरब वर्ष मानी जाती है। गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर के 37 जिलों में फैली यह श्रृंखला केवल पहाड़ों का समूह नहीं, बल्कि उत्तर-पश्चिम भारत की जीवन रेखा है।

करीब 1.44 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली अरावली थार रेगिस्तान के पूर्व की ओर फैलाव को रोकने में प्राकृतिक ढाल का काम करती है। यह मानसून पैटर्न को संतुलित करती है, भूजल पुनर्भरण में सहायक है और जैव विविधता का मजबूत आधार है। यदि अरावली का विनाश जारी रहा, तो जलवायु परिवर्तन, लू, धूल भरी आंधियों और खाद्य संकट जैसी समस्याएँ और गंभीर होंगी।

विडंबना यह है कि दिल्ली की खराब वायु गुणवत्ता के लिए अक्सर किसानों को जिम्मेदार ठहराया जाता है, जबकि अरावली में बड़े पैमाने पर हो रहा अवैध खनन और वनों की कटाई लगभग अनदेखी कर दी जाती है। हरियाणा के सोहना क्षेत्र के सल्फर युक्त गर्म जल स्रोत जैसे कई संवेदनशील पारिस्थितिक क्षेत्र आज गंभीर खतरे में हैं।

अरावली का क्रूर विध्वंस

पिछले कई दशकों से संगठित माफिया और कॉर्पोरेट-राजनीतिक गठजोड़ के चलते अरावली में बेरहम खनन और अंधाधुंध पेड़ कटाई होती रही है। पहले स्थानीय स्तर पर सीमित खनन होता था, लेकिन समय के साथ भारी मशीनों, बुलडोज़रों और विस्फोटकों का इस्तेमाल शुरू हो गया।

आज स्थिति यह है कि पहाड़ों के भीतर गहरे विस्फोट किए जाते हैं, जिनसे आसपास के गांवों में भूकंप जैसे झटके महसूस होते हैं। घरों में दरारें पड़ रही हैं और खेती-बाड़ी तबाह हो रही है। दक्षिण हरियाणा के महेंद्रगढ़ और चरखी दादरी जिलों में ग्रामीणों को खनन बंद कराने के लिए पंचायतें और लंबे धरने देने पड़े हैं।

खनन के साथ-साथ रियल एस्टेट कॉर्पोरेट्स की नजरें भी अरावली पर हैं। गुरुग्राम, फरीदाबाद और दिल्ली-एनसीआर के बाहरी इलाकों में फार्महाउस, रिसॉर्ट और बहुमंजिला इमारतों के लिए पहाड़ियों को समतल किया जा रहा है।

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पूंजीवाद का अभिशाप और पर्यावरण संकट

फरवरी 2025 में संसद को दी गई जानकारी के अनुसार, भारत के मरुस्थलीकरण और भूमि क्षरण एटलस 2021 बताता है कि हरियाणा में 3.64 लाख हेक्टेयर, पंजाब में 1.68 लाख और उत्तर प्रदेश में 1.54 लाख हेक्टेयर भूमि पहले ही मरुस्थलीकरण से प्रभावित है। यदि अरावली का दोहन कॉर्पोरेट मुनाफे के लिए जारी रहा, तो यह संकट और गहराएगा।

मार्क्स और एंगेल्स के अनुसार, पूंजीवाद प्रकृति के साथ एक “मेटाबोलिक दरार” पैदा करता है, जहाँ मुनाफे की हवस प्राकृतिक संतुलन को तोड़ देती है। मिट्टी, जंगल और पानी को केवल संसाधन मानने की सोच अंततः मानव समाज को भी विनाश की ओर ले जाती है। अरावली का संकट इसी पूंजीवादी लूट का जीवंत उदाहरण है।

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Kashi Express Train Bomb Threat: मऊ स्टेशन पर काशी एक्सप्रेस में बम की धमकी, दो घंटे चली सघन जांच, यात्रियों में अफरा-तफरी

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। मंगलवार सुबह मऊ रेलवे स्टेशन पर उस समय हड़कंप मच गया, जब काशी एक्सप्रेस ट्रेन (15018) को बम से उड़ाने की धमकी मिली। धमकी की सूचना मिलते ही गोरखपुर से वाराणसी रेलखंड पर रेलवे प्रशासन और पुलिस महकमे में खलबली मच गई। एहतियातन ट्रेन को मऊ जंक्शन पर रोककर सभी यात्रियों को उतार लिया गया और करीब दो घंटे तक सघन चेकिंग अभियान चलाया गया।

काशी एक्सप्रेस रोजाना सुबह गोरखपुर से चलकर मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस तक जाती है। मंगलवार सुबह यह ट्रेन 5:53 बजे गोरखपुर से रवाना हुई थी। इसी दौरान इंटरनेट के माध्यम से ट्रेन में बम होने की सूचना मिली। ट्रेन सुबह 9:32 बजे मऊ जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर पहुंची, जहां पहले से ही सुरक्षा एजेंसियां तैनात थीं।

ट्रेन के पहुंचने से पहले ही एसपी इलामारन जी, एएसपी अनूप कुमार, आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक अजय सिंह, जीआरपी थानाध्यक्ष राजकपूर सिंह बम डिस्पोजल स्क्वाड और टेक्निकल टीम के साथ मौके पर मौजूद रहे। ट्रेन रुकते ही यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालकर एक-एक कोच की बारीकी से तलाशी ली गई।

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चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध बैग जरूर मिला, लेकिन जांच में उसमें कोई विस्फोटक सामग्री नहीं पाई गई। रेलवे की टेक्निकल टीम ने भी अपने स्तर से बैग और ट्रेन की जांच की। इस दौरान स्टेशन परिसर और बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा।

एसपी इलामारन जी ने बताया कि पूरी ट्रेन की जांच के बाद कोई विस्फोटक नहीं मिला है। यह एक अफवाह या शरारतपूर्ण सूचना प्रतीत होती है। गलत सूचना देने वाले व्यक्ति की तलाश की जा रही है और मामले की जांच जारी है।

चेकिंग पूरी होने के बाद सुरक्षाकर्मियों ने यात्रियों को बोगियों के गेट के सामने लाइन लगवाकर दोबारा ट्रेन में बैठाया, जिसके बाद ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया गया।

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UP News: मुठभेड़ में एक घायल, दूसरा गिरफ्तार, हाथ जोड़कर बोला– अब ये गलती नहीं करूंगा

मुजफ्फरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में गौ-तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुठभेड़ के बाद दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई नई मंडी कोतवाली क्षेत्र में सोमवार रात हुई, जहां पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में एक तस्कर गोली लगने से घायल हो गया। घायल बदमाश को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

घायल बदमाश की पहचान सोनू उर्फ कलीम के रूप में हुई है, जो इलाज के दौरान पुलिस के सामने हाथ जोड़कर माफी मांगता नजर आया। उसने कहा, “अब हिंदुस्तान में ये गलती दोबारा नहीं करूंगा, मुझे माफ कर दीजिए।” वहीं दूसरा बदमाश दाऊद पुलिस ने कांबिंग के दौरान गिरफ्तार किया।

मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो गौ-तस्कर बझेड़ी गांव की ओर से गौ मांस लेकर आने वाले हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने देहरादून हाईवे पर चेकिंग शुरू की। जैसे ही पुलिस ने संदिग्धों को रोकने की कोशिश की, बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी और गन्ने के खेत में छिपने लगे।

पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें सोनू उर्फ कलीम घायल हो गया। मौके से पुलिस ने दो अवैध तमंचे, कारतूस और गौ मांस से भरे कट्टे बरामद किए हैं।

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संगठित गिरोह का खुलासा

पूछताछ में सामने आया है कि यह एक संगठित गौ-तस्करी गिरोह है, जो रात के अंधेरे में गौकशी कर मांस की सप्लाई करता था। पुलिस इस गिरोह की एक महिला सदस्य सीमा को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, जो सप्लाई का काम संभालती थी।
सीओ नई मंडी राजू कुमार साव ने बताया कि गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सोनिया गांधी अस्पताल में भर्ती: दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में इलाज जारी, डॉक्टरों की निगरानी में कांग्रेस नेता

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी को मंगलवार सुबह तबीयत बिगड़ने के बाद दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। समाचार एजेंसी PTI के अनुसार, उनकी तबीयत पिछले कुछ समय से ठीक नहीं चल रही थी, जिसके चलते डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें अस्पताल में एडमिट किया गया।

सूत्रों के मुताबिक, सोनिया गांधी को सीने (चेस्ट) से संबंधित परेशानी के चलते विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। अस्पताल प्रशासन की ओर से फिलहाल उनकी स्थिति को लेकर कोई आधिकारिक मेडिकल बुलेटिन जारी नहीं किया गया है, लेकिन बताया जा रहा है कि डॉक्टरों की एक टीम लगातार उनके स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए है।

कांग्रेस पार्टी की ओर से भी अभी तक सोनिया गांधी के स्वास्थ्य को लेकर कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है। उनके अस्पताल में भर्ती होने की खबर के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में चिंता का माहौल है और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की जा रही है।

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Japan Earthquake News: पश्चिमी जापान में सुबह-सुबह भूकंप से दहशत, 6.2 तीव्रता के झटकों से कांपी धरती

जापान के पश्चिमी हिस्से में मंगलवार सुबह भूकंप के तेज झटकों से अफरा-तफरी मच गई। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता 6.2 मापी गई है। भूकंप का केंद्र शिमाने प्रांत के पूर्वी क्षेत्र में बताया जा रहा है। झटके महसूस होते ही लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए।

फिलहाल जान-माल के नुकसान की खबर नहीं

अधिकारियों के मुताबिक, इस भूकंप से अब तक किसी बड़े जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और प्रभावित इलाकों की जांच की जा रही है।

सुनामी का कोई खतरा नहीं

जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि भूकंप के बाद सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।

भूकंप की तीव्रता को लेकर अलग-अलग आकलन

भूकंप की तीव्रता को लेकर विभिन्न एजेंसियों के आंकड़ों में थोड़ा अंतर देखने को मिला है। जहां JMA ने इसकी तीव्रता 6.2 बताई है, वहीं अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने भूकंप की तीव्रता 5.8 दर्ज की है। विशेषज्ञों के अनुसार, मापन प्रणाली में अंतर के कारण ऐसे भेद देखने को मिलते हैं।

भूकंप प्रभावित देश है जापान

गौरतलब है कि जापान भूकंपीय रूप से संवेदनशील क्षेत्र में स्थित है और यहां अक्सर भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं। इसी कारण देश में आपदा प्रबंधन की मजबूत व्यवस्था मौजूद है।
स्थिति सामान्य होने तक प्रशासन की ओर से सतर्कता बरतने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।