11 हजार बिजली लाइन की चपेट में आया ट्रक, चालक की हालत मरणासन्न
बिजली विभाग की लापरवाही या हादसा? सलेमपुर सोहनाग मार्ग पर बड़ा सवाल
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद अंतर्गत सलेमपुर सोहनाग मार्ग पर दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया। जानकारी के अनुसार एक ट्रक अचानक 11 हजार बिजली लाइन की चपेट में आ गया, जिससे ट्रक चालक गंभीर रूप से झुलस गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक चालक की हालत मरणासन्न बताई जा रही है और उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया है। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत बिजली विभाग और पुलिस को सूचना दी। कुछ देर के लिए सलेमपुर सोहनाग मार्ग पर यातायात भी बाधित रहा।
कैसे हुआ हादसा? प्राप्त जानकारी के अनुसार ट्रक सोहनाग की ओर से सलेमपुर की तरफ आ रहा था। मार्ग के किनारे झुकी हुई 11 हजार बिजली लाइन अचानक ट्रक के ऊपरी हिस्से से छू गई। जैसे ही ट्रक हाई वोल्टेज तार के संपर्क में आया, तेज चिंगारी और धमाके की आवाज सुनाई दी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि चालक ने कूदकर जान बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक वह करंट की चपेट में आ चुका था। मौके पर मौजूद लोगों ने लकड़ी और सूखे डंडों की मदद से चालक को ट्रक से अलग किया। इस सलेमपुर बिजली हादसा के बाद आसपास के दुकानदारों और ग्रामीणों में दहशत फैल गई। चालक की हालत गंभीर घायल ट्रक चालक को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार शरीर का बड़ा हिस्सा झुलस गया है। चिकित्सकों का कहना है कि हाई वोल्टेज 11 हजार बिजली लाइन का करंट बेहद घातक होता है और इससे गंभीर आंतरिक क्षति हो सकती है। फिलहाल चालक की स्थिति नाजुक बनी हुई है। बिजली विभाग की लापरवाही पर उठे सवाल स्थानीय लोगों का आरोप है कि सलेमपुर सोहनाग मार्ग पर कई जगहों पर बिजली के तार झुके हुए हैं, जिसकी शिकायत पहले भी की जा चुकी है। बावजूद इसके मरम्मत नहीं कराई गई। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते लाइन को दुरुस्त किया जाता तो यह ट्रक चालक हादसा टाला जा सकता था। बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है और संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। कुछ समय के लिए मार्ग को सील कर बिजली सप्लाई बंद कराई गई, ताकि कोई और दुर्घटना न हो। प्रशासन ने कहा है कि सलेमपुर बिजली हादसा की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और यदि लापरवाही पाई गई तो संबंधित जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी। क्षेत्र में बढ़ती दुर्घटनाएं गौरतलब है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर 11 हजार बिजली लाइन नीचे लटकती रहती है, जिससे भारी वाहनों के लिए खतरा बना रहता है। विशेषज्ञों के अनुसार: हाई वोल्टेज लाइन की न्यूनतम ऊंचाई तय होती है। समय-समय पर निरीक्षण आवश्यक है। मानसून और तेज हवाओं के बाद तारों की जांच जरूरी है। यदि इन मानकों का पालन नहीं किया जाता, तो इस तरह का ट्रक चालक हादसा दोबारा हो सकता है। प्रत्यक्षदर्शियों ने क्या कहा? स्थानीय निवासी रामनरेश यादव ने बताया कि “हमने जोरदार धमाका सुना। बाहर निकलकर देखा तो ट्रक में आग जैसी चमक दिख रही थी। चालक बेहोश पड़ा था।” एक अन्य दुकानदार ने कहा कि “यह सलेमपुर सोहनाग मार्ग पहले भी खतरनाक माना जाता रहा है। बिजली के तार काफी नीचे हैं।” सुरक्षा के लिए जरूरी कदम इस घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि: सभी झुकी हुई 11 हजार बिजली लाइन की तुरंत मरम्मत हो। सड़क किनारे चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं। भारी वाहनों के लिए ऊंचाई माप संकेतक लगाए जाएं। सामाजिक प्रतिक्रिया घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी सलेमपुर बिजली हादसा चर्चा का विषय बन गया। लोग प्रशासन से जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं। स्थानीय संगठनों ने पीड़ित चालक के परिवार को आर्थिक सहायता देने की अपील की है। सलेमपुर सोहनाग मार्ग पर हुआ यह हादसा एक गंभीर चेतावनी है। 11 हजार बिजली लाइन जैसी हाई वोल्टेज व्यवस्था में थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। यह आवश्यक है कि प्रशासन, बिजली विभाग और स्थानीय निकाय मिलकर सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करें, ताकि भविष्य में कोई और ट्रक चालक हादसा न हो।
आज के दौर में पूंजी बाजार संभावतःकेवल मौलिक आर्थिक संकेतकों,जीडीपी वृद्धि, मुद्रास्फीति या ब्याज दर से संचालित नहीं होते, बल्कि वे सूचना-आधारित अपेक्षाओं पर अधिक निर्भर हैं -एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
गोंदिया – वैश्विक वित्तीय परिवेश में आज सूचना,अनुमान और तकनीकी घोषणाएँ कितनी तीव्रता से पूंजी बाजारों को प्रभावित करती हैं।इसका सटीक उदाहरण 24 फरवरी 2026 को भारतीय शेयर बाजार में दर्ज की गई गिरावट से देखने को मिला। संभवतः एक बार फिर यह साबित हों गया, दोपहर के सत्र में जब कृत्रिम बुद्धिमत्ता कंपनी एथ्रोंपिक ने अपने एआई मॉडल क्लाउडे कोट के लिए एक नया टूल प्रस्तुत करने की घोषणा की, जिसका उद्देश्य आधुनिक प्रणालियों में रूपांतरित करना बताया गया,पुराने कोबोल कोड को मॉडर्न बनाने में मदद करेगा।इससे माना जा रहा है कि सॉफ्टवेयर सर्विसेज की मांग कम हो सकती है।तो कुछ ही घंटों में भारतीय आईटी शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली।दिन के दौरान निफ्टी आईटी सूचकांक लगभग 4.74 प्रतिशत तक गिर गया और प्रमुख सूचकांक बीएसई सेंसेक्स 1,068 अंकों से अधिक टूटकर 82,225.92 पर तथा निफ़्टी 50 288 अंकों सेअधिक गिरकर 25,424.65 पर बंद हुआ।मैं एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र यह मानता हूं कि, अब प्रश्न यह उठता है कि क्या केवल एक तकनीकी घोषणा इतनी बड़ी गिरावट का कारण बन सकती है,या यह गिरावट पहले से मौजूद आशंकाओं की परिणति थी?वैश्विक वित्तीय बाजारों की संरचना को समझे बिना इस घटना का विश्लेषण अधूरा रहेगा। आज के दौर में पूंजी बाजार केवल मौलिक आर्थिक संकेतकों जैसे जीडीपी वृद्धि, मुद्रास्फीति या ब्याज दर से संचालित नहीं होते, बल्कि वे सूचना-आधारित अपेक्षाओं पर अधिक निर्भर हैं।व्यवहारिक अर्थशास्त्र बताता है कि निवेशकों का निर्णय तर्कसंगत गणनाओं के साथ-साथ मनोवैज्ञानिक संकेतों से भी प्रभावित होता है।जब कोई अग्रणी तकनीकी कंपनी यह संकेत देती है कि वह ऐसे उपकरण विकसित कर रही है जो पारंपरिक सॉफ्टवेयर सेवाओं की आवश्यकता को कम कर सकते हैं, तो निवेशक तुरंत यह अनुमान लगाने लगते हैं कि आईटी सेवा कंपनियों के राजस्व मॉडल पर इसका दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है। परिणामस्वरूप, जोखिम से बचने की प्रवृत्ति सक्रिय हो जाती है।
साथियों बात अगर हम भारतीय आईटी उद्योग पिछले तीन दशकों में वैश्विक आउटसोर्सिंग मॉडल का प्रमुख स्तंभ रहा है इसको समझने की करें तो, बैंकिंग, बीमा, दूरसंचार और सरकारी प्रणालियों में दशकों से उपयोग हो रहे कोबोल जैसे पुराने प्रोग्रामिंग ढाँचों के रखरखाव और आधुनिकीकरण से भारतीय कंपनियों को निरंतर आय प्राप्त होती रही है।यदि एआई आधारित उपकरण स्वचालित रूप से इन कोडों को आधुनिक भाषाओं में रूपांतरित कर दें, तो निवेशकों को यह भय हो सकता है कि परंपरागत मैनपावर- आधारित सेवाओं की मांग घटेगी। हालांकि यह केवल एक संभावित परिदृश्य है, लेकिन बाजार तत्काल संभावनाओं को कीमतों में समाहित कर लेता है। यही कारण है कि एआई संबंधी घोषणाएँ अक्सर तकनीकी शेयरों में असामान्य उतार-चढ़ाव उत्पन्न करती हैं।यह भी ध्यान देने योग्य है कि वैश्विक स्तर पर एआई कंपनियों के उदय ने निवेश परिदृश्य को पुनर्परिभाषित कर दिया है। ओपन एआई ,गूगल , माइक्रोसॉफ्ट और नवीडिया जैसी कंपनियों ने पिछले वर्षों में एआई आधारित उत्पादों और चिप्स के माध्यम से बाजार पूंजीकरण में भारी वृद्धि दर्ज की है। निवेशकों की दृष्टि में एआई अब केवल एक तकनीकी प्रवृत्ति नहीं, बल्कि औद्योगिक क्रांति 4.0 का प्रमुख इंजन है। ऐसे वातावरण में जब कोई नई एआई क्षमता प्रस्तुत होती है, तो बाजार उसे पारंपरिक उद्योगों के लिए संभावित विघटन के रूप में देखता है।24 फरवरी की गिरावट को केवल एक कंपनी के बयान से जोड़ना सरलीकरण होगा। उस समय वैश्विक स्तर पर पहले से ही कई अनिश्चितताएँ मौजूद थीं, अमेरिका में संभावित ब्याज दर नीतियों को लेकर असमंजस, यूरोप में विकास दर की मंदी, और एशियाई बाजारों में निर्यात मांग को लेकर चिंताएँ। जब बाजार पहले से ही अस्थिर मनोदशा में हो, तब कोई भी नकारात्मक संकेत बिकवाली को तेज कर सकता है। इसे ट्रिगर इवेंट कहा जाता है,जहाँ मूल कारण गहरे होते हैं, लेकिन एक छोटा समाचार तत्काल प्रतिक्रिया को सटीक रूप से जन्म देता है।
साथियों बात अगर हम व्यवहारिक वित्त के सिद्धांत हर्ड बिहेवियर इस संदर्भ में महत्वपूर्ण है इसको समझने की करें तो, जब कुछ बड़े संस्थागत निवेशक किसी क्षेत्र में बिकवाली शुरू करते हैं,तो एल्गोरिदमिक ट्रेडिंग सिस्टम और खुदरा निवेशक भी उसी दिशा में कदम बढ़ाते हैं। परिणामस्वरूप, गिरावट अपनी गति स्वयं निर्मित करती है।आईटी क्षेत्र में 4.74 प्रतिशत की गिरावट यह संकेत देती है कि बाजार ने इसे केवल अल्पकालिक समाचार नहीं, बल्कि संभावित संरचनात्मक परिवर्तन के संकेत के रूप में देखा।हालांकि, तकनीकी दृष्टि से यह भी विचारणीय है कि एआई उपकरण पारंपरिक सॉफ्टवेयर सेवाओं का पूर्ण विकल्प नहीं बन सकते।कोड आधुनिकीकरण केवल एक चरण है;उसके बाद परीक्षण, एकीकरण, साइबर सुरक्षा और रखरखाव जैसी सेवाएँ आवश्यक रहेंगी। भारतीय आईटी कंपनियाँ पहले ही एआई को अपनी सेवाओं में समाहित करने की दिशा में अग्रसर हैं। इसलिए दीर्घकाल में यह परिवर्तन उनके लिए अवसर भी सिद्ध हो सकता है। इतिहास बताता है कि तकनीकी क्रांतियाँ रोजगार और सेवाओं को समाप्त करने के साथ-साथ नए क्षेत्रों का सृजन भी करती हैं।
साथियों बात अगर हम दीर्घकालिक निवेशकों के लिए ऐसे उतार-चढ़ाव अवसर भी प्रदान करते हैं, इसको समझने की करें तो,जब किसी क्षेत्र में भय के कारण मूल्य गिरते हैं, तो मजबूत बुनियादी कंपनियों में निवेश का अवसर उत्पन्न होता है। किंतु अल्पकालिक ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों के लिए यह जोखिमपूर्ण समय होता है। इसलिए पोर्टफोलियो विविधीकरण और जोखिम प्रबंधन की रणनीतियाँ अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती हैं।
साथियों बात अगर हम इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण से समझने की करें तो 2000 के डॉट-कॉम बुलबुले के समय भी तकनीकी घोषणाओं ने बाजार में तीव्र उतार-चढ़ाव उत्पन्न किए थे। उस समय इंटरनेट कंपनियों के मूल्यांकन में अत्यधिक आशावाद देखा गया, जो बाद में यथार्थ से टकराकर ध्वस्त हुआ। वर्तमान एआई उछाल की तुलना भी कई विश्लेषक उसी दौर से करते हैं, हालांकि इस बार तकनीकी आधार कहीं अधिक ठोस है। फिर भी, मूल्यांकन और वास्तविक आय के बीच संतुलन महत्वपूर्ण है।भारतीय बाजार की संरचना में आईटी क्षेत्र का भार उल्लेखनीय है। जब आईटीसूचकांक गिरता है,तो समग्र सूचकांकों पर उसका प्रभाव स्वाभाविक है।1,068 अंकों की गिरावट केवल संख्यात्मक घटना नहीं, बल्कि निवेशकों की मनोदशा का प्रतिबिंब है। यह दर्शाता है कि तकनीकी क्षेत्र के प्रति संवेदनशीलता कितनी अधिक है। यदि एआई उपकरणों को लेकर आशंका बढ़ती है, तो विदेशी संस्थागत निवेशक भी अपने पोर्टफोलियो मेंसमायोजन कर सकते हैं, जिससे पूंजी प्रवाह प्रभावित होता है।यह भी समझना आवश्यक है कि बाजार समाचार पर नहीं, बल्कि समाचार की व्याख्या पर प्रतिक्रिया करता है। एथ्रोंपिक का कथन वस्तुतः एक तकनीकी उन्नयन की घोषणा थी, किंतु उसकी व्याख्या इस रूप में की गई कि इससे सॉफ्टवेयर सेवाओं की मांग घट सकती है। यही व्याख्या बिकवाली का आधार बनी। यदि वही घोषणा इस रूप में प्रस्तुत होती कि यह पारंपरिक आईटी कंपनियों के लिए नए अवसर सृजित करेगी, तो प्रतिक्रिया भिन्न हो सकती थी।
साथियों बात अगर हम अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के दृष्टिकोण से देखकर समझने की करें तो वे राजनीतिक स्थिरता और नीति निरंतरता को महत्व देते हैं।जबव्यापार समझौते टूटते हैं या नए प्रतिबंध लगाए जाते हैं,तो जोखिम प्रीमियम बढ़ जाता है। इसका अर्थ है कि निवेशक अधिक प्रतिफल की मांग करते हैं या पूंजी सुरक्षित स्थानों पर ले जाते हैं।उभरते बाजारों में यह प्रभाव अधिक स्पष्ट दिखाई देता है क्योंकि वहाँ की अर्थव्यवस्थाएँ पूंजी प्रवाह पर निर्भर होती हैं। हालांकि यह भी सत्य है कि बाजार केवल नकारात्मक कारकों से संचालित नहीं होते। कई बार टैरिफ की घोषणा के बाद भी यदिकंपनियाँ अपेक्षा से बेहतर लाभ प्रस्तुत करती हैं, तो बाजार में तेजी आ सकती है। निवेशकों का ध्यान दीर्घकालिक विकास क्षमता पर भी रहता है। इसलिए हर उतार-चढ़ाव का कारण केवल ट्रंप या टैरिफ नहीं होता, बल्कि व्यापक आर्थिक संकेतक, तकनीकी नवाचार और उपभोक्ता मांग भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।तकनीकी क्षेत्र में अमेरिका-चीन प्रतिस्पर्धा ने भी बाजारों को प्रभावित किया है।सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और 5जी तकनीक में प्रतिस्पर्धा के कारण निर्यात प्रतिबंध लगाए गए। इससे संबंधित कंपनियों के शेयरों में अस्थिरता बढ़ी। निवेशकों को यह समझने में समय लगा कि कौन-सी कंपनियाँ नए नियमों के अनुकूल स्वयं को ढाल पाएंगी।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे क़ि 24 फरवरी 2026 की घटना यह स्पष्ट करती है कि आज के वैश्विकीकृत वित्तीय तंत्र में तकनीकी घोषणाएँ केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि वे समूचे पूंजी बाजार को प्रभावित कर सकती हैं। एआई की प्रगति निस्संदेह पारंपरिक उद्योगों के लिए चुनौती है, किंतु यह अवसरों का द्वार भी खोलती है। बाजार की तात्कालिक प्रतिक्रिया को दीर्घकालिक वास्तविकता मान लेना उचित नहीं होगा। इतिहास साक्षी है कि तकनीकी परिवर्तन प्रारंभ में अस्थिरता लाते हैं, परंतु अंततः वे आर्थिक संरचना को अधिक उत्पादक और दक्ष बनाते हैं। इसलिए आवश्यक है कि निवेशक भावनात्मक प्रतिक्रियाओं के बजाय तथ्यों, दीर्घकालिक रुझानों और कंपनी की मूलभूत क्षमताओं के आधार पर निर्णय लें। यही संतुलित दृष्टिकोण वैश्विक वित्तीय अस्थिरताओं के बीच स्थिरता प्रदान कर सकता है।
-संकलनकर्ता लेखक – क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए(एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र
25 फ़रवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ 25 फ़रवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ भारतीय और विश्व इतिहास में कई बड़े राजनीतिक, सैन्य और सांस्कृतिक बदलावों की गवाह रही हैं। आइए जानते हैं 25 फ़रवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ विस्तार से, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदली।
1586 – बीरबल का बलिदान मुगल सम्राट अकबर के दरबारी कवि और नवरत्नों में शामिल बीरबल 1586 में विद्रोही यूसुफजई कबीलों से लड़ाई के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए। यह घटना मुगल शासन के लिए एक बड़ा झटका थी।
1760 – रॉबर्ट क्लाइव का भारत छोड़ना रॉबर्ट क्लाइव 1760 में पहली बार भारत से इंग्लैंड लौटे। वे ईस्ट इंडिया कंपनी के प्रभावशाली अधिकारी थे और बाद में 1765 में पुनः भारत आए। क्लाइव को भारत में ब्रिटिश सत्ता की नींव मजबूत करने का श्रेय दिया जाता है। 1788 – पिट्स रेग्यूलेटरी एक्ट पारित ब्रिटिश संसद ने पिट्स इंडिया एक्ट पारित किया, जिससे भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी के प्रशासन पर ब्रिटिश सरकार का नियंत्रण और मजबूत हुआ। यह कानून भारतीय प्रशासनिक इतिहास में महत्वपूर्ण माना जाता है।
1921 – तिब्लिसी पर रूस का कब्ज़ा रूस की रेड आर्मी ने जॉर्जिया की राजधानी तिब्लिसी पर कब्ज़ा कर लिया और वहां सोवियत शासन स्थापित हुआ। यह घटना सोवियत संघ के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम थी। 1925 – जापान-सोवियत संबंध स्थापित जापान और पूर्व सोवियत संघ के बीच राजनयिक रिश्ते स्थापित हुए, जिससे एशिया की कूटनीति में नया अध्याय जुड़ा। 1945 – तुर्की ने जर्मनी के खिलाफ युद्ध की घोषणा द्वितीय विश्व युद्ध के अंतिम चरण में तुर्की ने जर्मनी के विरुद्ध युद्ध की घोषणा की।
1952 – ओस्लो शीतकालीन ओलंपिक समापन नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में आयोजित छठे शीतकालीन ओलंपिक खेलों का समापन हुआ।
1962 – तीसरे लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत देश के तीसरे आम चुनाव में कांग्रेस पार्टी को बहुमत मिला और जवाहरलाल नेहरू लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बने। 1975 – शाह फैसल की हत्या शाह फैसल की उनके भतीजे फैसल बिन मुसाद ने हत्या कर दी। यह घटना सऊदी अरब के इतिहास में बड़ा राजनीतिक मोड़ साबित हुई। 1986 – फिलीपींस में सत्ता परिवर्तन कोराजोन अकीनो के राष्ट्रपति बनने के साथ ही फर्डिनांड मार्कोस का शासन समाप्त हुआ।
1988 – पृथ्वी मिसाइल का सफल परीक्षण भारत की पहली सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल ‘पृथ्वी’ का सफल प्रक्षेपण हुआ। इस उपलब्धि ने भारत की रक्षा क्षमता को नई मजबूती दी। 2003 – क्वालालंपुर घोषणा स्वीकृत गुटनिरपेक्ष आन्दोलन के 13वें शिखर सम्मेलन में ‘क्वालालंपुर घोषणा’ को मंजूरी दी गई। 2006 – ‘वाटर’ को गोल्डन किन्नारी पुरस्कार दीपा मेहता की फिल्म वाटर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘गोल्डन किन्नारी’ सम्मान मिला। 2008 – एचडीएफसी और सेंचुरियन बैंक विलय HDFC Bank और Centurion Bank of Punjab के विलय को मंजूरी दी गई। इसी वर्ष फिल्म No Country for Old Men को 80वें अकादमी पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ फिल्म चुना गया।
2010 – भारत-पाक विदेश मंत्रियों की वार्ता 2008 मुंबई हमलों के बाद पहली बार भारत और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों के बीच आधिकारिक वार्ता हुई। निष्कर्ष 25 फ़रवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ इतिहास के विविध आयामों को दर्शाती हैं — चाहे वह बीरबल का बलिदान हो, पृथ्वी मिसाइल का परीक्षण या वैश्विक कूटनीतिक फैसले। 25 फ़रवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ हमें अतीत की सीख और वर्तमान की समझ दोनों प्रदान करती हैं।
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के धनघटा थाना क्षेत्र के पौली ब्लॉक में भाजपा मंडल अध्यक्ष पर महिला बीडीओ और दलित पंचायत सचिव से दुर्व्यवहार तथा सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगा है। बीडीओ श्वेता वर्मा और पंचायत सचिव रमाकांत ने थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। तहरीर के अनुसार मंगलवार को बीडीओ श्वेता वर्मा एसआईआर कार्य निपटाने के बाद एडीओ पंचायत कार्यालय पहुंचीं थीं।
इसी दौरान अमौली गांव निवासी मंडल अध्यक्ष अरविंद सिंह राशन कार्ड से संबंधित प्रार्थना पत्र पर तत्काल रिपोर्ट लगाने का दबाव बनाने लगे। आरोप है कि उन्होंने हस्ताक्षर किए बिना किसी को ब्लॉक से बाहर न जाने देने की बात कही। हस्ताक्षर होने के बाद भी गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया गया। बीडीओ ने विवाद के दौरान अनुचित हरकत करने का भी आरोप लगाया है।
पंचायत सचिव रमाकांत ने आरोप लगाया कि उनके साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया, जान से मारने की धमकी दी गई और डंडा लेकर दौड़ाया गया।
घटना की जानकारी मिलते ही विकास विभाग के कर्मचारी और भाजपा के पदाधिकारी थाने पहुंच गए, जिससे दोनों पक्षों के समर्थकों का जमावड़ा लग गया। सूचना पर एसडीएम डॉ. सुनील कुमार और पुलिस क्षेत्राधिकारी अभयनाथ मिश्र मौके पर पहुंचे और स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया।
दूसरी ओर मंडलाध्यक्ष अरविंद सिंह ने आरोपों से इनकार करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। माल क्षेत्र के जलौली गांव में मंगलवार सुबह दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। 40 वर्षीय सीमा ने गांव के विजय की बाग में कथित तौर पर प्लास्टिक की रस्सी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के वक्त उनकी 10 वर्षीय दिव्यांशी और 3 वर्षीय रुचि पास ही मौजूद थीं।
बेटियों के सामने उठाया कदम
परिवार के अनुसार, सीमा सुबह करीब 8:30 बजे जान देने की बात कहकर घर से निकली थीं। मौसी रेनू उन्हें समझाकर वापस ले आईं। करीब एक घंटे बाद वह दोबारा शौच का बहाना बनाकर बाग की ओर चली गईं।
बेटियां भी पीछे-पीछे पहुंचीं तो देखा कि मां पेड़ पर चढ़कर फंदा लगा रही हैं। बड़ी बेटी दिव्यांशी ने रोकने की कोशिश की, लेकिन सीमा ने उसे धक्का दे दिया। शोर सुनकर ग्रामीण पहुंचे तो सीमा का शव पेड़ से लटका मिला।
सीमा की मां कलावती ने दामाद जितेंद्र पर हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि वह बेटी के साथ मारपीट करता था और उसी ने हत्या कर शव लटका दिया। वहीं किसान जितेंद्र का कहना है कि पत्नी लंबे समय से पथरी और कमर दर्द से परेशान थीं और तीन साल से इलाज चल रहा था। घटना के समय वह खेत पर थे।
पुलिस जांच जारी
इंस्पेक्टर नवाब अहमद के अनुसार, प्रारंभिक जांच में बीमारी से परेशान होकर आत्महत्या की बात सामने आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट होगी। फिलहाल कोई तहरीर नहीं मिली है।
नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। राजधानी दिल्ली के कश्मीरी गेट इलाके में मंगलवार (24 फरवरी) की रात सनसनीखेज फायरिंग की घटना सामने आई। गैंगस्टर Lawrence Bishnoi की कानूनी टीम से जुड़े होने का दावा करने वाले वकील की कार पर अज्ञात हमलावरों ने 4 राउंड फायरिंग की। इस हमले में एक व्यक्ति घायल हो गया है।
रात साढ़े 10 बजे हुई वारदात
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, रात करीब 10:30 बजे कश्मीरी गेट स्थित हनुमान मंदिर के पास पांच लोगों को ले जा रही सुजुकी सियाज कार पर पीछे से गोलियां चलाई गईं। हमले में कार का पिछला शीशा टूट गया।
एक व्यक्ति की कमर में लगी गोली
घटना में संदीप नामक युवक घायल हो गया, जिसे कमर में गोली लगी है। उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने बताया कि गाड़ी में सवार पांच लोगों में से एक वकील हैं, जो लॉरेंस बिश्नोई की लीगल टीम का हिस्सा होने का दावा करते हैं।
वकील दीपक खत्री ने मीडिया से बातचीत में बताया कि एक स्कूटी पर तीन लोग सवार थे। उन्होंने आशंका जताई कि पहले से रेकी की जा रही थी या उनका पीछा किया जा रहा था। मंदिर से निकलकर घर जाते समय कार के पिछले हिस्से को निशाना बनाया गया।
किसने करवाई फायरिंग?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस हमले के पीछे कौन है। फिलहाल किसी भी गैंग या व्यक्ति ने घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है। दिल्ली पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और मामले की जांच जारी है।
आज का इतिहास 25 फ़रवरी: क्यों है यह दिन खास? आज का इतिहास 25 फ़रवरी राजनीतिक बदलावों, सांस्कृतिक उपलब्धियों और ऐतिहासिक निर्णयों के लिए जाना जाता है। 25 फ़रवरी का इतिहास देश और दुनिया में कई महत्वपूर्ण घटनाओं का साक्षी रहा है। आइए विस्तार से जानते हैं 25 February History में दर्ज प्रमुख घटनाएं, प्रसिद्ध जन्म और निधन।
25 फ़रवरी की प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं 🇬🇪 जॉर्जिया पर सोवियत कब्जा (1921) 25 फ़रवरी 1921 को सोवियत रूस की रेड आर्मी ने जॉर्जिया की राजधानी त्बिलिसी पर कब्जा कर लिया। इसके साथ ही जॉर्जिया में सोवियत शासन स्थापित हुआ। यह घटना काकेशस क्षेत्र की राजनीति में बड़ा बदलाव लेकर आई। 🏛 निकिता ख्रुश्चेव का ऐतिहासिक भाषण (1956) 1956 में सोवियत संघ के नेता Nikita Khrushchev ने कम्युनिस्ट पार्टी की 20वीं कांग्रेस में पूर्व तानाशाह Joseph Stalin की नीतियों की कड़ी आलोचना की। इस भाषण को “सीक्रेट स्पीच” के नाम से जाना जाता है, जिसने सोवियत राजनीति की दिशा बदल दी और स्टालिन युग की नीतियों पर पुनर्विचार शुरू हुआ।
🏑 ध्यानचंद के सम्मान में डाक टिकट (1980) 1980 में भारत सरकार ने महान हॉकी खिलाड़ी Dhyan Chand के सम्मान में डाक टिकट जारी किया। उन्हें “हॉकी का जादूगर” कहा जाता है और भारतीय खेल इतिहास में उनका योगदान अतुलनीय है। 🇵🇭 फिलीपींस में सत्ता परिवर्तन (1986) 1986 में फिलीपींस के राष्ट्रपति Ferdinand Marcos देश छोड़कर भाग गए। इसके बाद Corazon Aquino ने राष्ट्रपति पद संभाला। यह घटना “पीपुल पावर रिवोल्यूशन” के रूप में जानी जाती है और लोकतंत्र की बहाली का प्रतीक बनी।
🇺🇸🇨🇦 अमेरिका-कनाडा समझौता (2009) 2009 में अमेरिका और कनाडा ने सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए समझौता किया। इस समझौते का उद्देश्य आतंकवाद और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना था। 25 फ़रवरी को जन्मे प्रसिद्ध व्यक्ति
🎖 मोतीलाल तेजावत (1894) Motilal Tejawat का जन्म 25 फ़रवरी 1894 को हुआ। वे स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक थे, जिन्होंने आदिवासी समुदाय के अधिकारों के लिए संघर्ष किया।
🎬 डिंपल कपाड़िया (1948) 25 फ़रवरी 1948 को बॉलीवुड अभिनेत्री Dimple Kapadia का जन्म हुआ। उन्होंने फिल्म बॉबी से अपने करियर की शुरुआत की और कई हिट फिल्मों में अभिनय किया।
🎥 शाहिद कपूर (1981) Shahid Kapoor का जन्म 25 फ़रवरी 1981 को हुआ। वे हिंदी सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेताओं में से एक हैं और कई सफल फिल्मों में काम कर चुके हैं। 25 फ़रवरी को हुए निधन
📚 एम. आर. जयकर (1964) M. R. Jayakar का निधन 25 फ़रवरी 1964 को हुआ। वे स्वतंत्रता सेनानी, विधिवेत्ता और शिक्षाविद् थे। 🎨 बापू (2001) Bapu (प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक और कलाकार) का निधन 25 फ़रवरी 2001 को हुआ। भारतीय सिनेमा में उनका योगदान यादगार है।
निष्कर्ष: क्यों महत्वपूर्ण है आज का इतिहास 25 फ़रवरी? आज का इतिहास 25 फ़रवरी हमें बताता है कि यह दिन राजनीतिक क्रांतियों, सांस्कृतिक उपलब्धियों और महान व्यक्तित्वों की स्मृतियों से जुड़ा है। 25 फ़रवरी का इतिहास विश्व राजनीति, खेल और सिनेमा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलावों का गवाह रहा है। इतिहास के पन्नों में दर्ज 25 February History हमें अतीत से सीख लेकर भविष्य की दिशा तय करने की प्रेरणा देता है।
आज 24 फरवरी 2026 की तिथि का मूलांक 6 (2+4=6) बनता है। अंक ज्योतिष के अनुसार मूलांक 6 का स्वामी ग्रह शुक्र है, जो प्रेम, सौंदर्य, कला, विलासिता और सुख-सुविधाओं का कारक माना जाता है। ऐसे में मूलांक फल 24 फरवरी 2026 खासतौर पर रचनात्मक कार्यों, प्रेम संबंधों और आर्थिक मामलों में प्रभावशाली रहेगा। नीचे पढ़ें मूलांक फल 24 फरवरी 2026 के अनुसार 1 से 9 तक सभी मूलांकों का विस्तृत भविष्यफल।
मूलांक 1 (जन्म तारीख: 1, 10, 19, 28) आज नेतृत्व क्षमता उभरकर सामने आएगी। कार्यक्षेत्र में नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं। अधिकारी आपके कार्य से प्रभावित रहेंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, लेकिन अहंकार से बचें। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, नियमित व्यायाम लाभकारी रहेगा। मूलांक 2 (जन्म तारीख: 2, 11, 20, 29) भावनात्मक उतार-चढ़ाव संभव है। परिवार, विशेषकर माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। निवेश के लिए दिन सामान्य है, जल्दबाजी में निर्णय न लें। ध्यान और योग से मानसिक शांति प्राप्त होगी।
मूलांक 3 (जन्म तारीख: 3, 12, 21, 30) शिक्षा, ज्ञान और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े लोगों के लिए दिन शुभ है। धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी। किसी वरिष्ठ या गुरु का मार्गदर्शन लाभ देगा। मूलांक 4 (जन्म तारीख: 4, 13, 22, 31) आज अचानक बदलाव संभव है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। खर्चों पर नियंत्रण रखें, अन्यथा बजट बिगड़ सकता है। वाणी में संयम रखें, विवाद की स्थिति बन सकती है। मूलांक 5 (जन्म तारीख: 5, 14, 23) व्यापार और मार्केटिंग से जुड़े लोगों के लिए दिन अनुकूल है। नेटवर्किंग और संचार कौशल से लाभ होगा। दोस्तों और सहकर्मियों के साथ समय अच्छा बीतेगा।
मूलांक 6 (जन्म तारीख: 6, 15, 24) आज का दिन आपके लिए विशेष शुभ है। सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी। प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी। अविवाहित लोगों को प्रस्ताव मिल सकता है। कला, फैशन और डिजाइन क्षेत्र में सफलता के योग हैं। मूलांक 7 (जन्म तारीख: 7, 16, 25) आध्यात्मिक झुकाव बढ़ेगा। शोध, लेखन और गहन अध्ययन से जुड़े कार्यों में लाभ होगा। स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें, विशेषकर पेट संबंधी समस्याओं से बचें। एकांत में समय बिताना लाभकारी रहेगा। मूलांक 8 (जन्म तारीख: 8, 17, 26) मेहनत का फल मिलने का समय है। संपत्ति और कानूनी मामलों में प्रगति हो सकती है। धैर्य बनाए रखें, सफलता थोड़ी धीमी पर स्थायी होगी। आर्थिक स्थिरता की दिशा में ठोस कदम उठाएंगे।
मूलांक 9 (जन्म तारीख: 9, 18, 27) ऊर्जा और उत्साह से भरे रहेंगे। अधूरे कार्य पूरे करने का सही समय है। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें। साहसिक निर्णय लाभकारी साबित होंगे। मूलांक फल 24 फरवरी 2026 के अनुसार आज का दिन विशेष रूप से मूलांक 6 के जातकों के लिए शुभ रहेगा, जबकि अन्य मूलांक भी अपने-अपने क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम प्राप्त करेंगे। शुक्र के प्रभाव से प्रेम, सौंदर्य और आर्थिक मामलों में सुधार देखने को मिलेगा। अगर आप नियमित रूप से मूलांक फल 24 फरवरी 2026 और अंक ज्योतिष से जुड़ी जानकारी पढ़ना चाहते हैं, तो इसे अपने मित्रों के साथ अवश्य साझा करें।
औरैया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद औरैया में आगामी 14 मार्च 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसकी तैयारियां तेज कर दी गई हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से बताया गया कि यह लोक अदालत द्वितीय शनिवार को प्रातः 10 बजे से आयोजित होगी।
यह आयोजन के निर्देशानुसार किया जा रहा है। कार्यक्रम का संचालन जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मयंक चौहान के मार्गदर्शन में होगा।
राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए न्यायिक अधिकारियों एवं संबंधित विभागों के बीच समन्वय बैठकों का दौर शुरू हो चुका है। विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट एवं नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत विकास गोस्वामी तथा प्रभारी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तारकेश्वरी प्रसाद सिंह ने संयुक्त रूप से बताया कि अधिकतम मामलों का सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। जिला प्रशासन ने बैंकों, विभागों और वादकारियों से सक्रिय सहयोग की अपील की है।
राष्ट्रीय लोक अदालत में सिविल वाद, राजस्व संबंधी वाद, क्रिमिनल कम्पाउंडेबल दाण्डिक वाद, बिजली चोरी से जुड़े प्रकरण, स्टाम्प अधिनियम से संबंधित मामले, श्रम विवाद, धारा 138 एनआई एक्ट के मामले, भूमि अधिग्रहण विवाद, नगर पालिका के लंबित प्रकरण तथा बैंक रिकवरी एवं अन्य वसूली संबंधी मामलों का निस्तारण किया जाएगा। सभी मामलों का समाधान आपसी सहमति और समझौते के आधार पर होगा।
लोक अदालत के निर्णय के विरुद्ध अपील का प्रावधान नहीं होता और इसका फैसला अंतिम व बाध्यकारी होता है। इससे समय और धन की बचत के साथ न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ भी कम होता है। लोक अदालत का उद्देश्य त्वरित, सस्ता और सुलभ न्याय उपलब्ध कराना है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने आमजन से अपील की है कि जिनके मामले न्यायालयों, बैंकों या अन्य विभागों में लंबित हैं, वे इस अवसर का लाभ उठाकर सुलह-समझौते के माध्यम से विवादों का समाधान कराएं। लोक अदालतें न केवल विवाद निस्तारण का माध्यम हैं, बल्कि सामाजिक सौहार्द को भी बढ़ावा देती हैं।
राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन को लेकर न्यायालय परिसर में आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। विभिन्न विभागों को लंबित मामलों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। बैंक एवं वित्तीय संस्थानों को भी रिकवरी से जुड़े मामलों में समझौते की संभावनाओं पर कार्य करने को कहा गया है। आयोजन के दिन अलग-अलग बेंचों का गठन कर संबंधित न्यायिक अधिकारी मामलों की सुनवाई करेंगे।
मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। वरिष्ठ नागरिकों के सामाजिक, मानसिक और भावनात्मक सशक्तिकरण की दिशा में जनपद में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। जिला समाज कल्याण अधिकारी अनुज कुमार ने बताया कि भारत सरकार के द्वारा संचालित की उप-योजना “वरिष्ठ नागरिकों हेतु राज्य कार्य योजना” के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में श्रेणी-3 जागरूकता एवं सामुदायिक जुड़ाव कार्यक्रम के लिए पंजीकृत गैर सरकारी एवं स्वैच्छिक संगठनों का चयन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस योजना का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना, उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सामुदायिक सहयोग को मजबूत करना है। बदलती पारिवारिक संरचना और तेजी से बढ़ती वृद्ध जनसंख्या के बीच यह योजना बुजुर्गों को सम्मानजनक, सुरक्षित और सक्रिय जीवन उपलब्ध कराने की दिशा में अहम कदम है।
श्रेणी-3 कार्यक्रम के तहत चयनित संस्थाएं वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों पर जागरूकता अभियान चलाएंगी, विधिक एवं सामाजिक परामर्श शिविर आयोजित करेंगी, सहायता दूरभाष (हेल्पलाइन) और परामर्श सुविधा उपलब्ध कराएंगी तथा स्वास्थ्य, पोषण और मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित कार्यशालाएं संचालित करेंगी। इसके साथ ही सामुदायिक सहभागिता कार्यक्रम, संवाद कार्यक्रम और सम्मान समारोह भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि बुजुर्गों को समाज से सक्रिय रूप से जोड़ा जा सके।
चयन प्रक्रिया में विधिवत पंजीकरण, सामाजिक क्षेत्र में कार्यानुभव, वरिष्ठ नागरिकों से संबंधित परियोजनाओं का अनुभव, वित्तीय पारदर्शिता और क्षेत्रीय स्तर पर सक्रिय नेटवर्क को प्राथमिकता दी जाएगी। प्राप्त प्रस्तावों की समीक्षा जिला स्तर पर गठित समिति द्वारा की जाएगी और स्वीकृति मिलने के बाद संस्थाओं को योजना के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्यक्रम संचालित करने होंगे। समय-समय पर प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करना और निर्धारित मानकों के अनुसार कार्य करना अनिवार्य होगा, ताकि योजना का लाभ वास्तविक पात्र वरिष्ठ नागरिकों तक पहुंचे।
जिला समाज कल्याण अधिकारी ने इच्छुक गैर सरकारी एवं स्वैच्छिक संगठनों से अपील की है कि वे विस्तृत दिशा-निर्देश, पात्रता मानदंड एवं आवश्यक अभिलेखों की जानकारी के लिए जिला समाज कल्याण कार्यालय से संपर्क कर निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करें।
देवरिया में स्कूल का अश्लील वीडियो वायरल: क्लासरूम में टीचर-छात्रा का कथित प्रेमालाप, जांच शुरू
इस वायरल वीडियो की पुष्टि RkPnews नहीं करता। इस वीडियो को शेयर करना कानूनी अपराध है।
देवरिया स्कूल वायरल वीडियो मामला: क्या है पूरा घटनाक्रम?
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद में एक बार फिर शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। देवरिया स्कूल वायरल वीडियो मामला सामने आने के बाद पूरे जिले में हड़कंप मच गया है। पथरदेवा कस्बे में स्थित एक निजी स्कूल के शिक्षक और छात्रा का कथित अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि एक शिक्षक क्लासरूम के अंदर छात्रा के साथ अनुचित हरकत करता नजर आ रहा है। वीडियो सामने आने के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
पथरदेवा के निजी स्कूल से जुड़ा है मामला जानकारी के अनुसार, यह मामला देवरिया जिले के पथरदेवा कस्बे में संचालित एक निजी स्कूल का बताया जा रहा है। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक स्कूल किसी प्रभावशाली व्यक्ति से जुड़ा हुआ है, हालांकि प्रशासन की ओर से इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। देवरिया स्कूल वायरल वीडियो सामने आने के बाद स्कूल प्रबंधन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित शिक्षक को तत्काल प्रभाव से सेवा से निष्कासित कर दिया है। प्रबंधन का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आंतरिक जांच भी शुरू कर दी गई है। सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यह वीडियो तेजी से शेयर किया जा रहा है। हालांकि, वीडियो की सत्यता और समय की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे बिना पुष्टि के वीडियो को शेयर न करें, क्योंकि इससे नाबालिग की पहचान उजागर होने का खतरा रहता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में आईटी एक्ट और पॉक्सो एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई हो सकती है, यदि छात्रा नाबालिग पाई जाती है। पुलिस और शिक्षा विभाग ने लिया संज्ञान देवरिया स्कूल वायरल वीडियो मामले को लेकर स्थानीय पुलिस ने स्वतः संज्ञान लिया है। थाना क्षेत्र की पुलिस टीम ने प्राथमिक जांच शुरू कर दी है। संबंधित शिक्षक से पूछताछ की तैयारी की जा रही है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भी मामले की रिपोर्ट तलब की है। जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कार्यालय की ओर से स्कूल प्रबंधन से स्पष्टीकरण मांगा गया है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो स्कूल के खिलाफ भी कार्रवाई संभव है।
अभिभावकों में आक्रोश, सुरक्षा पर सवाल वीडियो वायरल होने के बाद अभिभावकों में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि स्कूल बच्चों के लिए सुरक्षित स्थान होना चाहिए, लेकिन इस तरह की घटनाएं विश्वास को तोड़ती हैं। कई अभिभावकों ने मांग की है कि: स्कूलों में सीसीटीवी कैमरों की नियमित मॉनिटरिंग हो शिक्षकों की नियुक्ति से पहले सख्त सत्यापन हो छात्राओं की सुरक्षा के लिए विशेष प्रोटोकॉल लागू किए जाएं
कानून क्या कहता है? यदि छात्रा नाबालिग है तो मामला पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत दर्ज हो सकता है। इस कानून के तहत नाबालिग के साथ किसी भी प्रकार की अशोभनीय हरकत गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है। इसके अलावा, यदि वीडियो को जानबूझकर वायरल किया गया है तो आईटी एक्ट की धाराएं भी लागू हो सकती हैं। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर कठोर सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है। स्कूल प्रशासन की सफाई स्कूल प्रबंधन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि संस्था किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता या अनैतिक व्यवहार को बर्दाश्त नहीं करती। संबंधित शिक्षक को तत्काल हटाया गया है और जांच में पूरा सहयोग दिया जा रहा है। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल शिक्षक को हटाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरी व्यवस्था की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
विशेषज्ञों की राय: डिजिटल सतर्कता जरूरी शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल युग में किसी भी वीडियो के वायरल होने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूरी है। कई बार पुराने या एडिटेड वीडियो भी वायरल कर दिए जाते हैं, जिससे अनावश्यक विवाद खड़ा हो जाता है। साथ ही, नाबालिग से जुड़े मामलों में मीडिया और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को विशेष संवेदनशीलता बरतनी चाहिए। प्रशासन की अपील पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे देवरिया स्कूल वायरल वीडियो को आगे शेयर न करें और अफवाहों पर ध्यान न दें। यदि किसी के पास इस मामले से जुड़ी ठोस जानकारी है तो वह सीधे पुलिस से संपर्क करे। देवरिया जिले के पथरदेवा क्षेत्र से जुड़ा यह मामला शिक्षा जगत के लिए गंभीर चेतावनी है। देवरिया स्कूल वायरल वीडियो ने एक बार फिर स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था और नैतिक मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब सबकी निगाहें पुलिस और शिक्षा विभाग की जांच पर टिकी हैं। यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह मामला न केवल एक शिक्षक बल्कि पूरे संस्थान की जवाबदेही तय करेगा। समाज और अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को सुरक्षित माहौल दिलाने के लिए सजग रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)l जनपद देवरिया में नाबालिग से जुड़े गंभीर प्रकरण में पुलिस को अहम सफलता हाथ लगी है। Deoria POCSO Arrest अभियान के तहत थाना गौरीबाजार पुलिस ने पाक्सो एक्ट में वांछित चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के अंतर्गत यह कार्रवाई की गई। जनपद में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस प्रशासन लगातार सक्रिय है। इसी क्रम में Deoria के Gauribazar थाना क्षेत्र में दर्ज पाक्सो एक्ट के एक मामले में फरार चल रहे अभियुक्त को गिरफ्तार कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चला अभियान पुलिस अधीक्षक Sanjeev Suman द्वारा जनपद में अपराध की रोकथाम के लिए विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी आनन्द कुमार पाण्डेय के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी रुद्रपुर हरिराम यादव के पर्यवेक्षण में थाना गौरीबाजार की टीम गठित की गई थी। थानाध्यक्ष डॉ. महेन्द्र कुमार के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना के आधार पर कस्बा गौरीबाजार स्थित पुराने बस स्टैंड के पास से आरोपी को धर दबोचा। गिरफ्तार आरोपी की पहचान इम्तियाज अली पुत्र स्वर्गीय हासिम अली निवासी लबकनी, थाना गौरीबाजार, जनपद देवरिया के रूप में हुई है। क्या है पूरा मामला? पुलिस के अनुसार, 14 दिसंबर 2025 को पीड़िता के पिता द्वारा थाना गौरीबाजार में लिखित तहरीर दी गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि 8 दिसंबर 2025 को उनकी नाबालिग पुत्री को आरोपी बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। तहरीर के आधार पर मुकदमा अपराध संख्या 572/2026 के अंतर्गत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) में अभियोग पंजीकृत किया गया। विवेचना के दौरान साक्ष्यों के आधार पर धारा 64(1), 87 बीएनएस तथा ¾ पाक्सो एक्ट की बढ़ोतरी की गई। इस प्रकरण में थाना गौरीबाजार पुलिस ने 9 फरवरी 2026 को पीड़िता को सकुशल बरामद कर लिया था। पीड़िता के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की तलाश तेज कर दी गई थी, जिसके परिणामस्वरूप अब उसकी गिरफ्तारी संभव हो सकी। Deoria POCSO Arrest: कानूनी प्रक्रिया जारी गिरफ्तार आरोपी को नियमानुसार न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में साक्ष्य संकलन, मेडिकल परीक्षण और अन्य विधिक औपचारिकताएं पहले ही पूर्ण की जा चुकी हैं। Deoria POCSO Arrest के तहत हुई इस कार्रवाई को पुलिस की सक्रियता और संवेदनशीलता का उदाहरण माना जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नाबालिगों से जुड़े अपराधों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस टीम की भूमिका गिरफ्तारी करने वाली टीम में शामिल पुलिसकर्मियों की भूमिका सराहनीय रही। टीम में उपनिरीक्षक अरविन्द कुमार यादव और कांस्टेबल रमेश यादव शामिल थे। दोनों ने मुखबिर की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ने में सफलता प्राप्त की। पुलिस अधीक्षक ने टीम के कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि जनपद में महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। POCSO मामलों में सख्ती का संदेश Deoria POCSO Arrest की यह कार्रवाई समाज में स्पष्ट संदेश देती है कि नाबालिगों के विरुद्ध अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पाक्सो एक्ट के तहत दोषी पाए जाने पर कठोर दंड का प्रावधान है, जिसमें लंबी कारावास और आर्थिक दंड शामिल हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में त्वरित गिरफ्तारी और शीघ्र न्यायिक प्रक्रिया से पीड़ित परिवार को न्याय मिलने में सहायता मिलती है और समाज में अपराधियों के मन में भय उत्पन्न होता है। प्रशासन की प्राथमिकता: सुरक्षित देवरिया जनपद देवरिया में हाल के महीनों में अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस ने कई सघन अभियान चलाए हैं। Deoria POCSO Arrest इसी कड़ी का एक महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। पुलिस का कहना है कि जनसहयोग से ही अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है। नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। निष्कर्ष Deoria POCSO Arrest के तहत गौरीबाजार पुलिस द्वारा की गई गिरफ्तारी जनपद में कानून-व्यवस्था की सुदृढ़ स्थिति को दर्शाती है। नाबालिग से जुड़े गंभीर मामले में आरोपी की गिरफ्तारी से पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद जगी है। पुलिस प्रशासन ने दोहराया है कि अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी दोषी को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा। जनपद देवरिया में महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
1 लाख रुपये किलो बिकने की जानकारी के बाद 4 किलो 720 ग्राम बाल चुराए
बुलंदशहर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले की पुलिस ने कटे हुए बाल चोरी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों को जानकारी मिली थी कि मानव बाल बाजार में करीब 1 लाख रुपये प्रति किलो तक बिकते हैं। इसी लालच में गैंग ने एक बाल व्यापारी के यहां से 4 किलो 720 ग्राम बाल चोरी कर लिए।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पहले बाजार की रेकी की और फिर मौका पाकर बाल के बंडल चोरी कर लिए। चोरी किए गए बालों की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है।
• मोहित उर्फ कजरा • अर्जुन उर्फ शाका • टिंकू • संजय शर्मा • बिट्टू उर्फ आलोक को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी किया गया माल भी बरामद कर लिया गया है।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि गिरोह पहले भी ऐसी वारदातों में शामिल रहा है या नहीं।
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।जनपद में निर्वाचन सामग्री की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ईवीएम एवं वीवीपैट स्ट्रांग रूम वेयरहाउस/गोदाम का मासिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी प्रणाली और रख-रखाव संबंधी व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान स्ट्रांग रूम पर तैनात सुरक्षा गार्डों की ड्यूटी, प्रवेश नियंत्रण व्यवस्था तथा सीसीटीवी कंट्रोल रूम की कार्यप्रणाली का बारीकी से परीक्षण किया गया। विद्युत सुरक्षा उपायों, बैकअप व्यवस्था और कैमरों की निरंतर मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही ईवीएम एवं वीवीपैट मशीनों के सुरक्षित रख-रखाव, गार्ड रूम की सुविधाओं तथा वाहन पार्किंग के लिए बने टीनशेड की स्थिति का भी निरीक्षण कर सुधार के निर्देश दिए गए।जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि निर्वाचन सामग्री की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। Election Commission of India के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने तथा स्ट्रांग रूम में प्रवेश केवल निर्धारित नियमों के तहत ही अनुमन्य करने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक गतिविधि की सतत निगरानी, सीसीटीवी कैमरों की नियमित जांच और सुरक्षा रजिस्टर को अद्यतन रखने पर भी बल दिया गया।निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) प्रशांत कुमार सहित निर्वाचन कार्यालय से जुड़े अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए नियमित मॉनिटरिंग बनाए रखने के निर्देश दिए गए, ताकि आगामी निर्वाचन प्रक्रिया शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराई जा सके।
मऊ(राष्ट्र की परम्परा) जिला एवं पुलिस प्रशासन के संयुक्त प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। मऊ सड़क दुर्घटना रैंकिंग 2026 में जनपद ने उल्लेखनीय सुधार दर्ज करते हुए प्रदेश स्तर पर टॉप फाइव जिलों में स्थान बनाया है। जनवरी 2025 की तुलना में जनवरी 2026 में जहां पूरे उत्तर प्रदेश में सड़क हादसों, मृतकों और घायलों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई, वहीं मऊ ने इसके विपरीत कमी हासिल कर मिसाल पेश की है।प्रदेश स्तर पर जारी आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2026 में दुर्घटनाओं की संख्या में 4 प्रतिशत, मृतकों में 0.9 प्रतिशत और घायलों में 4.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई। लेकिन मऊ सड़क दुर्घटना रैंकिंग 2026 के अनुसार जिले में कुल 31 दुर्घटनाओं के मुकाबले इस वर्ष 25 हादसे दर्ज हुए, जो 19.4 प्रतिशत की कमी दर्शाता है।मृतकों की संख्या में भी बड़ा सुधार देखने को मिला। जनवरी 2025 में 19 लोगों की जान गई थी, जबकि 2026 में यह आंकड़ा घटकर 11 रह गया—यानी लगभग 45 प्रतिशत की कमी। घायलों की संख्या भी 14 से घटकर 11 हो गई, जो 21.4 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाती है।प्रदेश में प्रथम स्थान अंबेडकर नगर को मिला, जबकि सबसे खराब प्रदर्शन सुल्तानपुर का रहा। जिला प्रशासन ने इस उपलब्धि का श्रेय यातायात पुलिस, परिवहन विभाग, लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और सेव लाइफ फाउंडेशन के सहयोग को दिया है।जिलाधिकारी ने नागरिकों से यातायात नियमों के पालन की अपील करते हुए सड़क सुरक्षा अभियानों को और तेज करने के निर्देश दिए हैं।