देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के दूसरे दिन जनपद देवरिया में कृषि, ग्रामीण विकास और जनकल्याण योजनाओं का समन्वित स्वरूप देखने को मिला। राजकीय इंटर कॉलेज, देवरिया परिसर में जनपद स्तरीय किसान मेला एवं कृषि प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में किसानों, लाभार्थियों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की बड़ी सहभागिता रही।
कार्यक्रम के दौरान कृषि प्रदर्शनी का उद्घाटन कर विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया गया। इस अवसर पर किसानों से संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने गए। यह आयोजन किसानों को नवीन कृषि तकनीकों, सरकारी योजनाओं और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।
किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का फोकस
अपने संबोधन में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए बहुआयामी प्रयास कर रही है। आधुनिक कृषि तकनीक, यंत्रीकरण, फसल विविधीकरण तथा कृषि को मत्स्य पालन और पशुपालन से जोड़कर किसानों को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।
उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने और सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने की अपील की।
लाभार्थियों को प्रमाण पत्र और स्वीकृति पत्र
कार्यक्रम में कृषि एवं मत्स्य विभाग सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं के अंतर्गत चयनित लाभार्थियों को प्रमाण पत्र एवं स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए, जिससे मत्स्य पालन के क्षेत्र में रोजगार और आय के नए अवसर सृजित होंगे।
आयुष्मान कार्ड वितरण से स्वास्थ्य सुरक्षा को बल
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए। इन कार्डों के माध्यम से लाभार्थियों को पांच लाख रुपये तक के निःशुल्क उपचार की सुविधा मिलेगी। यह योजना ग्रामीण और जरूरतमंद परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत आधार बन रही है।
‘देव हल्दी’ उत्पाद का शुभारंभ
मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह के व्यक्तिगत प्रयास एवं नवाचार के तहत जनपद की स्थानीय हल्दी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘देव हल्दी’ नामक नए उत्पाद का शुभारंभ किया गया। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना और देवरिया को एक कृषि ब्रांड के रूप में स्थापित करना है। उपस्थित किसानों और जनप्रतिनिधियों ने इस प्रयास की सराहना की।
महिला एवं बाल विकास से जुड़े कार्यक्रम
कार्यक्रम के दौरान छह माह के बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया तथा गर्भवती महिलाओं को पुष्टाहार वितरित किया गया। इससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और सरकारी प्रतिबद्धता स्पष्ट दिखाई दी। सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाली छात्राओं को भी सम्मानित किया गया।
कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा
सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन योजना के अंतर्गत फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना के लिए 40 प्रतिशत अनुदान पर चयनित कृषकों को ट्रैक्टर की प्रतीकात्मक चाबी सौंपी गई। इससे खेती की लागत घटाने और उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
कृषि और ग्रामीण विकास का सशक्त मंच
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह, उपायुक्त मनरेगा आलोक पांडे, परियोजना निदेशक अनिल कुमार, उप निदेशक कृषि सुभाष मौर्य, जिला कृषि अधिकारी उदय शंकर सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य विजय मिश्र, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शालिनी श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
कार्यक्रम का संचालन पंकज शुक्ला ने किया। देवरिया में आयोजित यह किसान मेला और कृषि प्रदर्शनी कृषि, ग्रामीण विकास और सामाजिक कल्याण का सशक्त मंच बनकर उभरी, जिसने किसानों को नई दिशा और नए अवसर प्रदान किए।
देव हल्दी उत्पाद के शुभारंभ से स्थानीय किसानों को मिला नया अवसर
राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर युवाओं ने निकाली जागरूकता पदयात्रा
मऊ (राष्ट्र की परम्परा)l राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर लोकतांत्रिक चेतना को मजबूत करने और युवाओं को मतदान के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मऊ जनपद में एक प्रेरणादायक जागरूकता पदयात्रा का आयोजन किया गया। यह पदयात्रा मेरा युवा भारत केंद्र, मऊ एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के संयुक्त तत्वाधान में डीसीएसके पीजी कॉलेज, मऊ से गाजीपुर तिराहा तक निकाली गई। कार्यक्रम में युवाओं, शिक्षकों और स्वयंसेवकों की व्यापक सहभागिता देखने को मिली।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं एवं आम नागरिकों को मताधिकार के महत्व से अवगत कराना, लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जिम्मेदारी का बोध कराना तथा अधिक से अधिक नागरिकों को मतदान प्रक्रिया से जोड़ना रहा।
हरी झंडी दिखाकर पदयात्रा का हुआ शुभारंभ
मतदाता जागरूकता पदयात्रा का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रतीक जायसवाल, डीसीएसके पीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर शर्वेश पांडेय तथा कार्यक्रम की संयोजक राशि मिश्रा द्वारा संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर किया गया। पदयात्रा के प्रारंभ होते ही पूरा परिसर लोकतंत्र और मतदान के संदेशों से गूंज उठा।
पदयात्रा में महाविद्यालय के एनसीसी, एनएसएस, रोवर्स-रेंजर्स एवं मेरा युवा भारत केंद्र के स्वयंसेवकों ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ भाग लिया। हाथों में स्लोगन और बैनर लिए युवाओं ने “हर वोट जरूरी है”, “पहले मतदान, फिर जलपान” जैसे नारों के माध्यम से आमजन को मतदान के लिए प्रेरित किया।
लोकतंत्र की मजबूती में युवाओं की भूमिका अहम
मुख्य अतिथि प्रतीक जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति जागरूक नागरिकों में निहित होती है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक, विशेषकर युवा वर्ग का मतदान में भाग लेना लोकतंत्र को सशक्त बनाता है। यदि युवा अपने मताधिकार का जिम्मेदारीपूर्वक प्रयोग करें, तो देश का भविष्य और अधिक मजबूत हो सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि मतदाता जागरूकता कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने की निरंतर प्रक्रिया है।
मतदान अधिकार नहीं, बल्कि नैतिक कर्तव्य: प्राचार्य
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डीसीएसके पीजी कॉलेज, मऊ के प्राचार्य प्रोफेसर शर्वेश पांडेय ने कहा कि मतदान केवल हमारा संवैधानिक अधिकार नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति हमारा नैतिक और सामाजिक कर्तव्य भी है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे न केवल स्वयं मतदान करें, बल्कि अपने परिवार और समाज के अन्य लोगों को भी मतदान के लिए प्रेरित करें।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होता है, जब प्रत्येक नागरिक बिना किसी भय और लालच के अपने मत का प्रयोग करता है।
कार्यक्रम के सफल संचालन में रही अहम भूमिका
कार्यक्रम की संयोजक राशि मिश्रा ने पूरे आयोजन की रूपरेखा तैयार करने के साथ-साथ कार्यक्रम के समन्वय और संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके कुशल प्रबंधन से पदयात्रा एवं अन्य कार्यक्रम व्यवस्थित और सफलतापूर्वक संपन्न हुए।
कार्यक्रम के सहसंयोजक के रूप में एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. विशाल कुमार जायसवाल एवं रविन्द्र कुमार ने सक्रिय योगदान दिया, जबकि कार्यक्रम के नियंत्रक ओमकार सिंह के निर्देशन में संपूर्ण आयोजन अनुशासन और समयबद्धता के साथ संपन्न हुआ।
मतदाता शपथ और नव मतदाताओं का सम्मान
गाजीपुर तिराहा तक पहुंचने के पश्चात पदयात्रा पुनः डीसीएसके पीजी कॉलेज परिसर में संपन्न हुई। यहां सभी प्रतिभागियों को मतदाता जागरूकता की शपथ दिलाई गई, जिसमें उन्होंने लोकतंत्र के प्रति निष्ठा रखने और निष्पक्ष रूप से मतदान करने का संकल्प लिया।
इसके उपरांत नव-पंजीकृत मतदाताओं, यानी नए वोटरों को सम्मानित किया गया। इस सम्मान समारोह का उद्देश्य युवाओं में मतदान के प्रति उत्साह, गर्व और जिम्मेदारी की भावना को और अधिक प्रबल करना रहा।
लोकतांत्रिक चेतना का प्रेरक उदाहरण बना कार्यक्रम
राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षकगण, कर्मचारी, छात्र-छात्राएं एवं स्वयंसेवक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन, उत्साह और देशभक्ति की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
यह मतदाता जागरूकता पदयात्रा लोकतांत्रिक चेतना, सामाजिक जिम्मेदारी और युवाओं की सक्रिय भागीदारी का एक प्रेरक उदाहरण बनी। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए जागरूक और सक्रिय मतदाता सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है।
समाज में सकारात्मक संदेश
आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रम भविष्य में भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग तक मतदान के महत्व का संदेश पहुंचाया जा सके। मेरा युवा भारत केंद्र और एनएसएस का यह संयुक्त प्रयास निश्चित रूप से मतदाता जागरूकता अभियान को नई दिशा देगा।
देवरिया में यातायात नियम तोड़ने वालों पर सख्ती, 10 वाहन सीज
देवरिया।(राष्ट्र की परम्परा)l जनपद देवरिया में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण एवं यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से यातायात पुलिस द्वारा व्यापक चेकिंग अभियान चलाया गया। पुलिस अधीक्षक देवरिया संजीव सुमन के निर्देश पर दिनांक 25 जनवरी 2026 को यातायात प्रभारी गुलाब सिंह के नेतृत्व में शहर के प्रमुख मार्गों और चौराहों पर सघन वाहन जांच की गई। इस दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले कुल 146 वाहनों का ई-चालान किया गया, जबकि 10 वाहनों को सीज करने की कार्रवाई की गई।
यह अभियान न केवल नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई तक सीमित रहा, बल्कि इसके माध्यम से आमजन को सुरक्षित यातायात के प्रति जागरूक करने का भी प्रयास किया गया।
शहर के प्रमुख स्थानों पर चला विशेष चेकिंग अभियान
यातायात पुलिस की टीम द्वारा गोरखपुर ओवरब्रिज, कसया ओवरब्रिज, मालवीय रोड, पुलिस लाइन मोड़ एवं बस स्टैंड जैसे अत्यधिक भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। इन स्थानों पर अक्सर यातायात नियमों की अनदेखी, अवैध रूप से सवारी भरना और तेज गति से वाहन चलाने की शिकायतें सामने आती रही हैं।
अभियान के दौरान सड़क पर वाहन खड़ा कर सवारी भरने वाले ऑटो एवं ई-रिक्शा चालकों, बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों, तीन सवारी बैठाने वालों तथा वाहन से स्टंट करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई।
एमवी एक्ट के तहत की गई सख्त कार्रवाई
यातायात पुलिस द्वारा मोटर वाहन अधिनियम (एमवी एक्ट) के अंतर्गत नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध ई-चालान की कार्रवाई की गई। जिन वाहनों द्वारा बार-बार नियमों की अनदेखी की जा रही थी या जो सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन रहे थे, उन्हें सीज किया गया।
यातायात प्रभारी श्री गुलाब सिंह ने बताया कि अभियान के दौरान कुल 146 वाहनों का ई-चालान किया गया और 10 वाहनों को सीज किया गया। यह कार्रवाई पूरी तरह नियमों के अनुसार और पारदर्शी ढंग से की गई।
दुर्घटनाओं की रोकथाम है अभियान का मुख्य उद्देश्य
यातायात पुलिस का यह अभियान सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। तेज गति, बिना हेलमेट वाहन चलाना, ओवरलोडिंग और स्टंटबाजी जैसे कारण सड़क हादसों की प्रमुख वजह बनते हैं। इन्हीं कारणों को ध्यान में रखते हुए यह विशेष अभियान चलाया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें आम नागरिकों की सहभागिता भी उतनी ही आवश्यक है।
चालकों को दिया गया सख्त संदेश
अभियान के माध्यम से वाहन चालकों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि यातायात नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमों की अनदेखी करने पर न केवल आर्थिक दंड लगेगा, बल्कि वाहन सीज जैसी कठोर कार्रवाई भी की जा सकती है।
यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की कि वे हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें, निर्धारित क्षमता से अधिक सवारी न बैठाएं और सड़क पर किसी भी प्रकार का स्टंट न करें।
यातायात नियमों के पालन से ही सुरक्षित सफर संभव
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यातायात नियम केवल दंड के लिए नहीं बनाए गए हैं, बल्कि ये नियम वाहन चालकों और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हैं। नियमों का पालन करने से न केवल दुर्घटनाओं में कमी आती है, बल्कि शहर की यातायात व्यवस्था भी सुचारु बनी रहती है।
इस अभियान के दौरान कई वाहन चालकों को मौके पर ही यातायात नियमों की जानकारी दी गई और उन्हें भविष्य में नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया गया।
निरंतर जारी रहेगा चेकिंग अभियान
यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकार के चेकिंग अभियान आगे भी नियमित रूप से जारी रहेंगे। खासतौर पर स्कूल-कॉलेज खुलने के समय, बाजार क्षेत्रों और प्रमुख चौराहों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
पुलिस अधीक्षक श्री संजीव सुमन ने कहा कि जनपद में सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
आमजन से सहयोग की अपील
यातायात पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे स्वयं यातायात नियमों का पालन करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। किसी भी आपात स्थिति या यातायात नियमों के उल्लंघन की सूचना तुरंत पुलिस को देने का अनुरोध किया गया है।
देवरिया में चलाया गया यह अभियान स्पष्ट करता है कि प्रशासन सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर है और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है।
देवरिया पुलिस की बड़ी कार्रवाई, टप्पेबाजी गिरोह के चार सदस्य दबोचे गए
देवरिया।(राष्ट्र की परम्परा)
जनपद देवरिया में लगातार हो रही छिनैती और टप्पेबाजी की घटनाओं पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना भलुअनी, बरहज, सलेमपुर और खुखुन्दू पुलिस की संयुक्त टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम देते हुए आरोपियों के कब्जे से कुल 31,550 रुपये नकद बरामद किए हैं। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक देवरिया संजीव सुमन के निर्देश पर चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत की गई।
पुलिस की इस सफलता को जनपद में कानून-व्यवस्था के लिहाज से बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि गिरफ्तार अभियुक्त लंबे समय से आमजन, विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों को निशाना बनाकर वारदातों को अंजाम दे रहे थे।
संयुक्त पुलिस टीम की सतर्कता से हुई गिरफ्तारी
अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी सुनील कुमार सिंह के कुशल निर्देशन एवं क्षेत्राधिकारी बरहज श्री राजेश चतुर्वेदी के पर्यवेक्षण में दिनांक 24 जनवरी 2026 की शाम थाना भलुअनी पुलिस कस्बा भलुअनी क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने भलुअनी से करौंदी जाने वाले मार्ग पर मस्जिद के पास से दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान मनीष डोम पुत्र मनोज उर्फ नाटे और कृष्णा डोम पुत्र जितेन्द्र डोम, निवासी काशीराम आवास पूर्वा चौराहा, थाना कोतवाली देवरिया के रूप में हुई। इनके पास से छिनैती और टप्पेबाजी से प्राप्त 10,050 रुपये नकद बरामद किए गए। साथ ही अभियुक्तों के घर से अतिरिक्त 13,500 रुपये भी बरामद हुए।
अन्य दो अभियुक्तों की गिरफ्तारी, गिरोह का पूरा नेटवर्क उजागर
गिरफ्तार अभियुक्तों की निशानदेही पर थाना भलुअनी, बरहज, सलेमपुर और खुखुन्दू की संयुक्त पुलिस टीम ने आगे कार्रवाई करते हुए इस गिरोह में शामिल दो अन्य अपराधियों को भी गिरफ्तार कर लिया। काशीराम आवास क्षेत्र से रोहित उर्फ टिमल पुत्र गुड्डू कुमार डोम और जितेन्द्र पुत्र स्वर्गीय महेन्द्र डोम को गिरफ्तार किया गया। इनके कब्जे से 8,000 रुपये नकद बरामद किए गए।
इस प्रकार पुलिस ने कुल चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 31,550 रुपये नकद बरामद किए हैं। सभी अभियुक्तों के खिलाफ संबंधित धाराओं में विधिक कार्रवाई की जा रही है।
टप्पेबाजी का शातिर तरीका, महिलाओं और बुजुर्गों को बनाते थे शिकार
पूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे बेहद शातिर तरीके से वारदातों को अंजाम देते थे। गिरोह के सदस्य बाजार, बस स्टैंड, बैंक और एटीएम के आसपास नोटों की गड्डी को कपड़े में बांधकर जानबूझकर गिरा देते थे। इसके बाद वही लोग उसे उठाकर सामने खड़े व्यक्ति को हिस्सा देने का लालच देते थे।
इसी दौरान वे नकली सोने की चैन या अंगूठी दिखाकर सामने वाले को भ्रमित करते और सुरक्षा का हवाला देकर महिलाओं या पुरुषों से उनके असली जेवर उतरवा लेते थे। शोरगुल और अफरा-तफरी के बीच असली जेवर बदलकर आरोपी मौके से फरार हो जाते थे।
कई थानों में दर्ज हैं गंभीर आपराधिक मामले
अभियुक्तों ने पूछताछ में यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने पिछले वर्ष अक्टूबर में बरहज बस स्टैंड के पास एक महिला का बैग छीना था। नवंबर माह में खुखुन्दू कस्बे में सेंट्रल बैंक के पास एक बुजुर्ग से करीब 25,000 रुपये की टप्पेबाजी की थी। इसके अलावा सलेमपुर बाजार, पंजाब बैंक एटीएम और हरैया तिराहे के पास कई महिलाओं से सोने की चैन और नकदी छीनने की घटनाओं को भी अंजाम दिया गया।
इन घटनाओं के संबंध में थाना भलुअनी, खुखुन्दू, सलेमपुर और बरहज थानों में पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं। अभियुक्तों का लंबा आपराधिक इतिहास पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज है।
पुलिस अधीक्षक ने टीम की सराहना की
पुलिस अधीक्षक देवरिया संजीव सुमन ने इस सफल कार्रवाई के लिए संयुक्त पुलिस टीम की सराहना की है। उन्होंने कहा कि जनपद में अपराधियों के खिलाफ सख्त अभियान लगातार जारी रहेगा और आमजन की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें और टप्पेबाजों के झांसे में न आएं।
अपराध नियंत्रण की दिशा में बड़ी सफलता
देवरिया पुलिस की यह कार्रवाई न केवल छिनैती और टप्पेबाजी की घटनाओं पर अंकुश लगाने में सहायक होगी, बल्कि आम जनता में सुरक्षा की भावना को भी मजबूत करेगी। पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि अपराधियों के लिए जनपद में कोई स्थान नहीं है।
राष्ट्रीय बालिका दिवस पर विधिक साक्षरता शिविर आयोजित
बलिया(राष्ट्र की परम्परा)
उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार एवं जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बलिया अनिल कुमार झा के आदेश के अनुपालन में शनिवार को राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर एक विशेष विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बलिया के तत्वावधान में राजकीय बाल गृह (बालिका), निधरिया, बलिया में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम का संचालन पूनम सिंह, असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल द्वारा किया गया। उन्होंने उपस्थित बालिकाओं को राष्ट्रीय बालिका दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए उनके अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रत्येक बालिका को न्याय, सुरक्षा और समान अवसर दिलाने के लिए दृढ़ संकल्पित है। बालिकाओं का सर्वांगीण विकास तभी संभव है जब उन्हें शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान का समान अधिकार मिले।
उन्होंने अपने संबोधन में बालिकाओं की शिक्षा को समाज की प्रगति की नींव बताया और कहा कि बेटियों को बेटों के समान अवसर देना केवल परिवार का ही नहीं बल्कि पूरे समाज का दायित्व है। लैंगिक भेदभाव, सामाजिक असमानता और भेदभावपूर्ण सोच को समाप्त करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। जागरूक और शिक्षित बालिकाएँ ही आत्मनिर्भर बनकर समाज और देश को सशक्त बना सकती हैं।शिविर के दौरान बालिकाओं को यौन उत्पीड़न से संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) सहित अन्य महत्वपूर्ण कानूनों की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि किसी भी प्रकार के उत्पीड़न, शोषण या हिंसा की स्थिति में वे निडर होकर अपनी आवाज उठाएँ और विधिक सहायता प्राप्त करें। अपराधियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई संभव है और इसके लिए कानून पूरी तरह से उनके साथ है।इस अवसर पर संस्था की अधीक्षिका अमिता रानी जैन तथा अन्य कर्मचारीगण भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ाना तथा उन्हें उनके विधिक अधिकारों के प्रति सजग बनाना रहा।
मिशन शक्ति फेज5 के तहत महिलाओं की शिकायतों पर त्वरित व निष्पक्ष कार्रवाई
शाहजहाँपुर(राष्ट्र की परम्परा)
पुलिस अधीक्षक शाहजहाँपुर के निर्देशन में जनपद में संचालित मिशन शक्ति फेज5 अभियान के अंतर्गत थाना जैतीपुर की महिला हेल्पडेस्क महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण को लेकर पूरी तरह सक्रिय नजर आ रही है। महिला हेल्पडेस्क पर आने वाली महिलाओं की शिकायतों को पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ सुना जा रहा है तथा प्रत्येक शिकायत पर त्वरित, निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
महिला पुलिसकर्मियों द्वारा न केवल समस्याओं का समाधान किया जा रहा है, बल्कि महिलाओं को उनके अधिकारों और सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी जा रही हैं। इस दौरान महिलाओं को 1090 (वीमेन पावर लाइन), 181 (महिला हेल्पलाइन), 112 (आपातकालीन सेवा) और 1930 (साइबर अपराध हेल्पलाइन) जैसे महत्वपूर्ण नंबरों की जानकारी देकर जागरूक किया गया।
इसके साथ ही महिला हेल्पडेस्क द्वारा सरकार की विभिन्न महिला कल्याण योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी जा रही है, ताकि महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें और किसी भी प्रकार की समस्या या उत्पीड़न की स्थिति में बिना डर के मदद ले सकें।
शाहजहाँपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा जनपद पुलिस महिलाओं को सुरक्षित वातावरण देने और उन्हें सशक्त बनाने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।
बांग्लादेश में फिर जिंदा जलाया गया हिंदू युवक, वीडियो ने खोले राज
ढाका/नरसिंगदी (राष्ट्र की परम्परा)। बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला नरसिंगदी जिले से सामने आया है, जहां एक 23 वर्षीय हिंदू युवक को कथित तौर पर गैरेज के अंदर जिंदा जलाकर मार दिया गया। इस निर्मम और सुनियोजित हत्या ने एक बार फिर बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं खड़ी कर दी हैं।
मृतक की पहचान
‘इंडिया टुडे’ की रिपोर्ट के अनुसार मृतक की पहचान चंचल चंद्र भौमिक के रूप में हुई है। चंचल मूल रूप से कुमिला जिले के लक्ष्मीपुर गांव का निवासी था और रोजगार के सिलसिले में लंबे समय से नरसिंगदी में रहकर एक गैरेज में काम कर रहा था। वह अपने परिवार का मंझला बेटा था और परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य भी था।
क्या है पूरा मामला
यह दर्दनाक घटना नरसिंगदी पुलिस लाइंस से सटे मस्जिद बाजार क्षेत्र के पास हुई। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, यह हमला शुक्रवार देर रात उस समय किया गया जब चंचल गैरेज के अंदर सो रहा था। आरोप है कि हमलावरों ने पहले दुकान के शटर पर बाहर से पेट्रोल डाला और फिर उसमें आग लगा दी।
आग लगते ही कुछ ही पलों में लपटें गैरेज के अंदर फैल गईं, जिससे बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति को दुकान के बाहर आग लगाते हुए देखा जा सकता है। इसके तुरंत बाद आग तेजी से पूरे गैरेज में फैल जाती है।
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प्रत्यक्षदर्शियों का बयान
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने दमकल विभाग को सूचना दी। नरसिंगदी दमकल सेवा की टीम मौके पर पहुंची और लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग बुझने के बाद गैरेज के अंदर से चंचल चंद्र भौमिक का बुरी तरह झुलसा हुआ शव बरामद किया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पीड़ित काफी समय तक आग के बीच फंसा रहा, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। गैरेज के अंदर मौजूद सामान पूरी तरह जलकर खाक हो गया।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने घटनास्थल से अहम सबूत जुटाए हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच हर पहलू से की जा रही है और दोषियों की पहचान के प्रयास जारी हैं।
हिंदू समुदाय में रोष
इस घटना के बाद स्थानीय हिंदू समुदाय में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। समुदाय के नेताओं ने इस नृशंस हत्या की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से क्षेत्र में रह रहे अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने की अपील की है।
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अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर सवाल
इस घटना ने बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। मानवाधिकार संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने ऐसी घटनाओं पर गहरी चिंता जताई है और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर सहकारी समिति में शपथ कार्यक्रम
शाहजहांपुर (राष्ट्र की परम्परा)। राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर गढ़िया रंगीन कस्बा स्थित सहकारी समिति खाद गोदाम में शनिवार को एक शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों को लोकतंत्र में मताधिकार के महत्व के प्रति जागरूक करना तथा निष्पक्ष और निर्भीक मतदान के लिए प्रेरित करना रहा।
लोकतंत्र की मजबूती का लिया संकल्प
समारोह के दौरान समिति के पदाधिकारियों, किसानों और ग्रामीणों ने देश की लोकतांत्रिक परंपराओं को बनाए रखने की शपथ ली। सभी उपस्थित लोगों ने यह संकल्प लिया कि वे धर्म, जाति, वर्ग, समुदाय या किसी भी प्रकार के प्रलोभन से प्रभावित हुए बिना अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे और स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन की गरिमा को बनाए रखेंगे।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर सहकारी समिति के सभापति विजय प्रकाश यादव, सचिव नेत्रपाल, शिव प्रकाश, राजीव यादव, डॉ. निखिल, अजीत कुमार सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
इसके साथ ही जयकरन सिंह, जुम्मन, आसाराम, पूरन, निसार हुसैन समेत अन्य ग्रामीणों ने भी कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाई।
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मतदाता जागरूकता पर दिया गया जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समिति के सचिव नेत्रपाल ने कहा कि राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ना और उन्हें मतदान के प्रति जागरूक करना है।
वहीं सभापति विजय प्रकाश यादव ने कहा कि एक-एक वोट देश के भविष्य को दिशा देता है, इसलिए प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराना चाहिए और मतदान के दिन अपने अधिकार का प्रयोग अवश्य करना चाहिए।
लोकतंत्र के प्रति जागरूकता का संदेश
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि मजबूत लोकतंत्र के लिए जागरूक और जिम्मेदार मतदाता होना आवश्यक है। सहकारी समिति में आयोजित इस शपथ कार्यक्रम ने ग्रामीण स्तर पर लोकतांत्रिक चेतना को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।
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ट्रैफिक नियम तोड़े 5 बार तो ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड
नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। भारत में सड़क सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने ट्रैफिक नियमों को सख्त कर दिया है। संशोधित मोटर व्हीकल नियम 2026 के तहत अब अगर कोई ड्राइवर एक ही वर्ष में पांच या उससे अधिक बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड किया जा सकता है। यह नया नियम 1 जनवरी 2026 से पूरे देश में लागू हो चुका है।
सरकार का मानना है कि बार-बार नियम तोड़ने वाले ड्राइवर सड़क दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बनते हैं। ऐसे में इस सख्ती का मकसद ट्रैफिक अनुशासन बढ़ाना और हादसों की संख्या को कम करना है।
क्या कहता है नया नियम
नए नियम के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ एक वर्ष की अवधि में मोटर व्हीकल एक्ट के पांच या उससे अधिक उल्लंघन दर्ज हो जाते हैं, तो उसे ड्राइविंग लाइसेंस रखने के लिए अयोग्य माना जा सकता है। हालांकि, लाइसेंस सस्पेंड करने से पहले ड्राइवर को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार दिया जाएगा।
नियमों के तहत RTO या DTO सीधे लाइसेंस सस्पेंड नहीं करेगा, बल्कि पहले संबंधित ड्राइवर को नोटिस भेजकर उसकी सुनवाई की जाएगी। सुनवाई के बाद ही लाइसेंस सस्पेंड करने का अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
इस नियम में यह भी स्पष्ट किया गया है कि पिछले वर्षों के ट्रैफिक उल्लंघनों को इसमें शामिल नहीं किया जाएगा। केवल उसी कैलेंडर वर्ष में दर्ज मामलों की ही गिनती होगी।
किन ट्रैफिक उल्लंघनों पर होगी गिनती
सरकार की ओर से फिलहाल 24 ट्रैफिक अपराधों को नोटिफाइड किया गया है। इनमें से किसी भी पांच उल्लंघन यदि एक वर्ष के भीतर दर्ज हो जाते हैं, तो ड्राइवर पर लाइसेंस सस्पेंशन की कार्रवाई हो सकती है।
इनमें केवल गंभीर अपराध ही नहीं, बल्कि छोटे-छोटे नियम तोड़ने के मामले भी शामिल हैं। उदाहरण के तौर पर—
• हेलमेट न पहनना
• सीट बेल्ट न लगाना
• ट्रैफिक सिग्नल जंप करना
• ओवरस्पीडिंग
• गलत लेन में वाहन चलाना
इसका मतलब यह है कि बार-बार छोटे नियम तोड़ने पर भी बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
e-Challan से भी होगी कार्रवाई
पहले जहां फिजिकल चालान के आधार पर ऐसी कार्रवाई की जाती थी, वहीं अब e-challan के आधार पर भी ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड किया जा सकता है। डिजिटल रिकॉर्ड की वजह से अब ट्रैफिक उल्लंघनों को ट्रैक करना आसान हो गया है।
सरकार का कहना है कि ई-चालान सिस्टम से पारदर्शिता बढ़ी है और इससे नियम तोड़ने वालों पर प्रभावी कार्रवाई संभव हो पाई है।
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लाइसेंस सस्पेंड करने का अधिकार किसके पास
नए नियमों के तहत ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड करने का अधिकार क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) या जिला परिवहन कार्यालय (DTO) के पास होगा। लाइसेंस कितने समय के लिए सस्पेंड किया जाएगा, यह निर्णय भी वही अधिकारी करेंगे।
लाइसेंस सस्पेंड होने की अवधि उल्लंघनों की गंभीरता और ड्राइवर के रिकॉर्ड के आधार पर तय की जाएगी।
सड़क सुरक्षा बढ़ाने की दिशा में कदम
सरकार का मानना है कि ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन ही सड़क हादसों को कम करने का सबसे प्रभावी तरीका है। बार-बार नियम तोड़ने वालों पर कठोर कार्रवाई से न केवल अनुशासन बढ़ेगा, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह नियम उन ड्राइवरों के लिए चेतावनी है जो बार-बार ट्रैफिक नियमों को हल्के में लेते हैं। इससे लोगों में नियमों के प्रति जिम्मेदारी बढ़ेगी।
ड्राइवरों के लिए जरूरी सलाह
ड्राइवरों को चाहिए कि वे ट्रैफिक नियमों का नियमित रूप से पालन करें और ई-चालान की स्थिति समय-समय पर चेक करते रहें। छोटे नियमों की अनदेखी भी अब भारी पड़ सकती है।
सरकार की यह पहल सड़क सुरक्षा को लेकर एक बड़ा कदम मानी जा रही है, जिसका सीधा असर ट्रैफिक अनुशासन और दुर्घटनाओं की संख्या पर पड़ने की उम्मीद है।
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‘मेरा भारत, मेरा वोट’ थीम संग औरैया में मतदाता दिवस
औरैया (राष्ट्र की परम्परा)। लोकतंत्र की जड़ों को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जनपद औरैया में 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस पूरे उत्साह, गरिमा और जागरूकता के संदेश के साथ मनाया गया। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मानस सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम की थीम “मेरा भारत, मेरा वोट, मैं भारत हूं” रही, जिसने नागरिकों में लोकतांत्रिक जिम्मेदारियों के प्रति नई ऊर्जा का संचार किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिलाधिकारी डॉ. इन्द्रमणि त्रिपाठी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि मतदान केवल एक संवैधानिक अधिकार नहीं, बल्कि लोकतंत्र को मजबूत करने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि मताधिकार का प्रयोग करते समय किसी भी प्रकार के लोभ, लालच, भय या दबाव से ऊपर उठकर निष्पक्ष रूप से मतदान करना ही सशक्त लोकतंत्र की पहचान है।
हर मत का समान मूल्य, यही लोकतंत्र की ताकत
जिलाधिकारी डॉ. त्रिपाठी ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र इस मूल सिद्धांत पर आधारित है कि हर नागरिक का मत समान रूप से मूल्यवान है। चाहे मतदाता अमीर हो या गरीब, शिक्षित हो या अशिक्षित, प्रत्येक मत देश की दिशा और दशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में कोई मत छोटा या बड़ा नहीं होता।
उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से अपील की कि 18 वर्ष की आयु पूर्ण होते ही अपना नाम मतदाता सूची में अवश्य दर्ज कराएं और मतदान के दिन पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने मताधिकार का प्रयोग करें। साथ ही उन्होंने ऐसे नागरिकों को भी जागरूक करने का आह्वान किया, जिन्होंने अब तक मतदाता पहचान पत्र नहीं बनवाया है या मतदान से दूरी बनाए हुए हैं।
नव मतदाताओं का सम्मान और पहचान पत्र वितरण
कार्यक्रम के दौरान 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके नवयुवा मतदाताओं को सम्मानित किया गया। जिलाधिकारी द्वारा उन्हें मतदाता परिचय पत्र प्रदान किए गए। पहली बार मतदान करने जा रहे इन युवाओं में गर्व और जिम्मेदारी की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
इसके साथ ही निर्वाचन प्रक्रिया में उत्कृष्ट कार्य करने वाले बीएलओ, सुपरवाइजर, वॉलंटियर, शिक्षक और अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं का भी सम्मान किया गया, जिससे यह संदेश दिया गया कि लोकतंत्र में सभी वर्गों की सहभागिता समान रूप से आवश्यक है।
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राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शपथ
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, एनसीसी कैडेट्स और उपस्थित नागरिकों को राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शपथ दिलाई। शपथ के माध्यम से सभी ने यह संकल्प लिया कि वे स्वयं मतदान करेंगे और दूसरों को भी मतदान के लिए प्रेरित करेंगे, साथ ही निष्पक्ष और जिम्मेदार मतदाता की भूमिका निभाएंगे।
कार्यक्रम का शुभारंभ नवयुवा मतदाताओं द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसने युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सक्रिय भागीदार बनने के लिए प्रेरित किया।
लोकतंत्र के महापर्व में सहभागिता आवश्यक
जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि अधिक मतदान ही मजबूत लोकतंत्र की नींव है। यदि प्रत्येक पात्र नागरिक अपने कर्तव्य को समझते हुए मतदान करता है, तो देश को सक्षम, ईमानदार और जवाबदेह नेतृत्व मिलता है। उन्होंने कहा कि मतदान केवल एक दिन की प्रक्रिया नहीं, बल्कि यह देश के भविष्य के निर्माण में नागरिक की भागीदारी का प्रतीक है।
अधिकारियों और शिक्षण संस्थानों की भागीदारी
कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) अविनाश चन्द्र मौर्य, उप जिलाधिकारी सदर अजय आनन्द वर्मा, डिप्टी कलेक्टर कमल कुमार सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक प्रदीप कुमार मौर्य, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजीव कुमार, तहसीलदार सदर प्रकाश चौधरी सहित अनेक प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
इसके अलावा शिक्षक-शिक्षिकाएं, एनसीसी कैडेट्स, छात्र-छात्राएं और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को और भी प्रभावशाली बनाया।
मतदाता जागरूकता का सशक्त संदेश
राष्ट्रीय मतदाता दिवस के इस आयोजन के माध्यम से जनपद औरैया में मतदाता जागरूकता को नई दिशा मिली। कार्यक्रम ने स्पष्ट संदेश दिया कि लोकतंत्र तभी मजबूत होगा, जब प्रत्येक नागरिक बिना किसी भय या प्रलोभन के अपने मताधिकार का प्रयोग करेगा और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करेगा।
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राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर लोकतंत्र की शपथ, 7 बीएलओ सम्मानित
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस का आयोजन विकास भवन परिसर स्थित डीपीआरसी हाल में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी आलोक कुमार ने की। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वित्त व राजस्व) जयप्रकाश तथा मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी उपस्थित रहे।
समारोह में उपस्थित अधिकारियों, छात्र-छात्राओं एवं गणमान्य व्यक्तियों को मतदाता जागरूकता की शपथ दिलाई गई। शपथ के माध्यम से सभी ने लोकतांत्रिक परंपराओं की मर्यादा बनाए रखने, स्वतंत्र-निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन की गरिमा को अक्षुण्ण रखने तथा बिना किसी धर्म, जाति, वर्ग, भाषा या प्रलोभन के प्रभाव में आए बिना निर्भीक होकर मतदान करने का संकल्प लिया।
जिलाधिकारी ने जनपदवासियों को राष्ट्रीय मतदाता दिवस की बधाई देते हुए कहा कि 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर प्रत्येक नागरिक को मतदान का अधिकार मिलता है। लोकतंत्र में मतदान को पर्व की तरह मनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बीएलओ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि मतदाता सूची की शुद्धता उन्हीं पर निर्भर करती है। जितनी शुद्ध मतदाता सूची होगी, चुनाव उतना ही बेहतर होगा। उन्होंने सभी से स्वयं मतदान करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की, ताकि मतदान प्रतिशत बढ़े और लोकतंत्र मजबूत हो।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि राष्ट्रीय मतदाता दिवस-2026 की थीम “मेरा भारत, मेरा वोट (My India, My Vote)” को जन-जन तक पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार आवश्यक है। साथ ही 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके प्रत्येक युवक-युवती का नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान बूथ स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले 7 बीएलओ को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
उल्लेखनीय है कि 25 जनवरी 1950 को भारत निर्वाचन आयोग का गठन हुआ था तथा वर्ष 2011 से प्रत्येक वर्ष 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जा रहा है। जनपद के अन्य कार्यालयों एवं विद्यालयों में भी शपथ कार्यक्रम और जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से मतदान के महत्व पर प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम में परियोजना निदेशक विजयंत कुमार सिंह, उपायुक्त एनआरएलएम प्रवीण कुमार शुक्ला, उपायुक्त उद्योग राजकुमार शर्मा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
मगहर महोत्सव 2026: डीएम ने संत कबीर स्थली का किया निरीक्षण
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। संत कबीर की परिनिर्वाण स्थली मगहर में आगामी 28 जनवरी से शुरू होने वाले कबीर मगहर महोत्सव 2026 की तैयारियां जोरों पर हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी एवं मगहर महोत्सव अध्यक्ष आलोक कुमार ने संत कबीर स्थली मगहर का स्थलीय निरीक्षण कर आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने महोत्सव स्थल की साफ-सफाई, मंच व्यवस्था, श्रद्धालुओं की आवाजाही, सुरक्षा इंतजाम, पेयजल और विद्युत आपूर्ति सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से तैयारियों की प्रगति की जानकारी लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि महोत्सव से पहले सभी कार्य पूर्ण कर लिए जाएं।
सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा आयोजन
जिलाधिकारी आलोक कुमार ने कहा कि कबीर मगहर महोत्सव न केवल धार्मिक बल्कि जिले की सांस्कृतिक पहचान से भी जुड़ा हुआ है। देश-प्रदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और कबीरपंथी मगहर पहुंचते हैं, ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
व्यवस्थाओं को समय से पूरा करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि—
• महोत्सव स्थल पर व्यापक साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए
• सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखी जाए
• पेयजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो
• विद्युत व्यवस्था में किसी प्रकार की बाधा न हो
• यातायात व्यवस्था सुचारु रखी जाए
• श्रद्धालुओं के बैठने और आवागमन की समुचित व्यवस्था हो
उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि आयोजन सफल और व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके।
अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ निरीक्षण
स्थलीय निरीक्षण के समय अपर जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, उप जिलाधिकारी, तहसीलदार खलीलाबाद, अधिशासी अधिकारी मगहर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। अधिकारियों ने जिलाधिकारी को अब तक की गई तैयारियों की जानकारी दी और शेष कार्यों को समय से पूर्ण करने का आश्वासन दिया।
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श्रद्धालुओं की सुविधा पर विशेष जोर
जिलाधिकारी ने कहा कि महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रवेश और निकास मार्गों पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा भीड़ प्रबंधन की प्रभावी योजना तैयार की जाए।
आयोजन को सफल बनाने का संकल्प
प्रशासनिक अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि मगहर महोत्सव 2026 को सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जा रहा है। संत कबीर की शिक्षाओं और उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने वाले इस आयोजन को भव्य रूप देने की दिशा में तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
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जहाँ न पहुँचे रवि, वहाँ पहुँचे कवि
— डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’
मन की शक्ति के आगे
कोई ताक़त ताकतवर नहीं होती,
रवि किरणें जहाँ नहीं पहुँच पातीं,
कवि की कल्पना वहाँ पहुँच जाती है।
अपनी कल्पना शक्ति का प्रयोग कर
कवि ऐसे स्थानों पर पहुँच जाता है,
जहाँ मनुष्य का पहुँचना असंभव है,
चाहे स्वर्ग लोक हो या भू लोक हो।
कल्पना ही व्यक्ति की सोचने की
शक्ति को विकसित करती है,
इसलिए हर व्यक्ति को सदैव खुले
मन से कल्पनाशील होना चाहिए।
कल्पना वही कर सकता है जिसमें
जिजीविषा हो, जो दृढ़निश्चयी है,
जो क्रियाशील रहता है,
रचनात्मकता उसे कल्पना के लिए प्रेरित करती है।
कवि की कलम में वह शक्ति होती है
कि वह समाज में परिवर्तन और क्रांति
दोनों ला सकता है,
समसामयिक कविता रचकर समाज बदल सकता है।
महाकवि कालिदास ने मेघों को दूत
बना अपनी प्रियतमा के पास भेजा,
यह कवि की कल्पना शक्ति का
ज्वलंत उदाहरण और परिचायक है।
निराला का प्रिय विषय बादल रहा है,
सर्वेश्वर दयाल सक्सेना ने तो
मेघों को ही अतिथि मानकर
‘मेघ आए’ कविता की रचना कर डाली।
आकाश में विद्यमान सूर्य की किरणें
उषाकाल से सायंकाल तक
समस्त संसार के कण-कण को
प्रकाशित और आलोकित करती रहती हैं।
पर कवि की कल्पना रवि किरणों को
भी पार कर आकाश की अंतिम
अनंत सीमा को स्पर्श करती है,
जहाँ सूर्य का पहुँचना संभव नहीं।
हमें सदैव कल्पनाशील रहना चाहिए,
हम जितना चिंतन और मनन करेंगे,
हमारी कल्पना शक्ति का उतना ही
अधिक विकास होता जाएगा।
आदित्य कवि-हृदय इंसान को
अपने भीतर के कवि हृदय को
जाग्रत करने की आवश्यकता होती है,
क्योंकि हर इंसान में कवि की कल्पना होती है।
