Thursday, June 11, 2026
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महान व्यक्तित्वों का निधन और उनकी अमर विरासत

🔴 27 जनवरी को हुए ऐतिहासिक निधन: भारत और विश्व के महान व्यक्तित्व जिनकी स्मृति अमर है

प्रस्तावना

इतिहास केवल घटनाओं का संकलन नहीं होता, बल्कि उन व्यक्तित्वों की स्मृति भी होता है जिन्होंने अपने कार्य, विचार और संघर्ष से समाज को दिशा दी। 27 जनवरी को हुए निधन की सूची में ऐसे ही अनेक महान नाम शामिल हैं, जिन्होंने राजनीति, साहित्य, कला, संगीत और सिनेमा के क्षेत्र में अमिट छाप छोड़ी।आज का यह लेख 27 जनवरी इतिहास निधन से जुड़े उन्हीं महापुरुषों को श्रद्धांजलि स्वरूप समर्पित है।

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हुमायूँ (1556) – मुग़ल साम्राज्य के संघर्षशील बादशाह27 जनवरी निधन की ऐतिहासिक सूची में सबसे प्राचीन नाम मुग़ल बादशाह हुमायूँ का है।हुमायूँ मुग़ल साम्राज्य के दूसरे शासक थे और बाबर के पुत्र थे। उनका जीवन संघर्षों से भरा रहा। सत्ता छिनने के बाद उन्होंने वर्षों तक निर्वासन झेला, लेकिन हार नहीं मानी।फारस से सहायता लेकर उन्होंने पुनः भारत में मुग़ल शासन की स्थापना की, जिससे आगे चलकर अकबर जैसे महान सम्राट का मार्ग प्रशस्त हुआ।हुमायूँ की मृत्यु एक दुर्घटना थी, लेकिन उनका संघर्ष और धैर्य उन्हें 27 जनवरी को हुए ऐतिहासिक निधन में विशेष स्थान देता है।

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भारत भूषण (1992) – हिन्दी सिनेमा के संवेदनशील अभिनेता27 जनवरी को हुए निधन में हिन्दी सिनेमा के प्रतिष्ठित अभिनेता भारत भूषण का नाम श्रद्धा से लिया जाता है।उन्होंने भारतीय फिल्मों में गंभीर, सांस्कृतिक और भावनात्मक किरदारों को नई ऊँचाई दी।“बैजू बावरा” जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को आज भी याद किया जाता है।उनका योगदान हिन्दी सिनेमा के स्वर्णिम युग की पहचान है।

निखिल बैनर्जी (1986) – सितार संगीत के महान साधकभारतीय शास्त्रीय संगीत जगत में निखिल बैनर्जी का नाम अत्यंत सम्मान के साथ लिया जाता है।27 जनवरी निधन के इस अध्याय में वे 20वीं सदी के सबसे प्रभावशाली सितार वादकों में गिने जाते हैं।उनकी संगीत साधना में गहराई, शुद्धता और आत्मिक अनुभूति स्पष्ट झलकती थी।उन्होंने भारतीय संगीत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रतिष्ठा दिलाई।

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कमलेश्वर (2007) – साहित्य और सिनेमा का सशक्त हस्ताक्षर27 जनवरी को हुए निधन में हिन्दी साहित्य के प्रसिद्ध कथाकार कमलेश्वर का जाना एक बड़ी क्षति थी।वे उपन्यासकार, पत्रकार और सफल पटकथा लेखक थे।उनकी रचनाओं में सामाजिक यथार्थ, आम आदमी का संघर्ष और समय की सच्चाई स्पष्ट दिखाई देती है।कमलेश्वर ने साहित्य और सिनेमा के बीच एक मजबूत सेतु का निर्माण किया।

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आर. वेंकटरमन (2009) – भारत के 8वें राष्ट्रपति27 जनवरी इतिहास निधन में भारत के पूर्व राष्ट्रपति आर. वेंकटरमन का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है।वे एक स्वतंत्रता सेनानी, संविधान विशेषज्ञ और कुशल प्रशासक थे।राष्ट्रपति पद पर रहते हुए उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की और संवैधानिक मर्यादाओं को सर्वोच्च रखा।उनका जीवन सार्वजनिक सेवा और राष्ट्रनिष्ठा का प्रतीक रहा।

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गुम्माडी वेंकटेश्वर राव (2010) – तेलुगु सिनेमा के स्तंभतेलुगु फिल्म जगत के दिग्गज अभिनेता गुम्माडी वेंकटेश्वर राव भी 27 जनवरी को हुए निधन की सूची में शामिल हैं।उन्होंने अपने सशक्त अभिनय से पारिवारिक, सामाजिक और नैतिक मूल्यों को परदे पर जीवंत किया।दक्षिण भारतीय सिनेमा में उनका योगदान अविस्मरणीय है।इतिहास में 27 जनवरी का महत्व27 जनवरी को हुए ऐतिहासिक निधन हमें यह स्मरण कराते हैं कि महान व्यक्तित्व भले ही देह रूप में न रहें, लेकिन उनके विचार, कर्म और योगदान समय से परे होते हैं।ऐसे दिवस नई पीढ़ी को प्रेरणा लेने और इतिहास से सीखने का अवसर देते हैं।

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निष्कर्ष – आज का यह लेख 27 जनवरी निधन से जुड़े उन महापुरुषों को नमन है, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्टता का मानक स्थापित किया।इनका जीवन हमें संघर्ष, सृजन और सेवा का संदेश देता है।इतिहास में ऐसे दिन केवल स्मरण के नहीं, बल्कि आत्मचिंतन और प्रेरणा के भी होते हैं।

किन राशियों पर बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा नौकरी-व्यवसाय में किसे मिलेगा लाभ

🔮 आज का राशिफल 27 जनवरी 2026: चंद्रमा मेष में, जानें मेष से मीन तक करियर, नौकरी, प्रेम और धन का हाल

ग्रह-नक्षत्रों की चाल के आधार पर दैनिक राशिफल व्यक्ति के जीवन के हर पहलू—नौकरी, व्यवसाय, शिक्षा, प्रेम, स्वास्थ्य और राजनीति—पर प्रभाव डालता है।
27 जनवरी 2026, सोमवार को चंद्रमा मेष राशि में गोचर कर रहे हैं।
गुरु मिथुन, शनि मीन, राहु कुंभ और केतु सिंह राशि में विराजमान हैं, जबकि सूर्य, बुध, शुक्र और मंगल मकर राशि में स्थित हैं।
आइए जानते हैं कि आज का राशिफल 27 जनवरी आपके लिए क्या संकेत दे रहा है।
मेष राशि (Aries Horoscope Today)
आज ऊर्जा से भरपूर दिन है। लंबे समय से चली आ रही स्वास्थ्य समस्या में राहत मिलेगी।
नौकरी में अधिकारी आपके काम से प्रभावित होंगे।
व्यवसाय में विस्तार के योग हैं।
प्रेम संबंधों में मधुरता और संतान से सुख मिलेगा।
राजनीति और सामाजिक क्षेत्र में मान-सम्मान बढ़ेगा।
उपाय: लाल वस्तु पास रखें।
वृषभ राशि (Taurus Horoscope Today)
बाहरी रूप से सब ठीक दिखेगा, लेकिन मन में अनजाना डर और बेचैनी बनी रह सकती है।
नौकरी में स्थिरता रहेगी।
व्यवसाय सामान्य लाभ देगा।
प्रेम जीवन ठीक रहेगा, पर भावनात्मक उलझन रहेगी।
उपाय: लाल वस्तु का दान करें।

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मिथुन राशि (Gemini Horoscope Today)
दिन थोड़ा संघर्षपूर्ण लेकिन परिणाम देने वाला रहेगा।
नौकरी में स्थान परिवर्तन या नई जिम्मेदारी मिल सकती है।
छात्रों को पढ़ाई में अतिरिक्त मेहनत करनी होगी।
आय के नए स्रोत बनेंगे।
यात्रा से लाभ संभव है।
उपाय: हरी वस्तु पास रखें।
कर्क राशि (Cancer Horoscope Today)
स्वास्थ्य अच्छा रहेगा लेकिन रिश्तों में भ्रम की स्थिति रहेगी।
विवाह योग्य जातकों को कई प्रस्ताव मिल सकते हैं, जिससे निर्णय कठिन होगा।
व्यवसाय में लाभ के संकेत हैं।
राजनीति से जुड़े लोगों को नई भूमिका मिल सकती है।
उपाय: लाल वस्तु पास रखें।
सिंह राशि (Leo Horoscope Today)
शत्रु सक्रिय रहेंगे लेकिन आप स्थिति पर नियंत्रण पा लेंगे।
नौकरी में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव संभव है।
प्रेम और संतान पक्ष मजबूत रहेगा।
उपाय: पीली वस्तु पास रखें।
कन्या राशि (Virgo Horoscope Today)
मानसिक तनाव और क्रोध पर नियंत्रण जरूरी है।
नौकरी में बॉस से मतभेद से बचें।
व्यवसाय स्थिर रहेगा।
छात्रों को फोकस बनाए रखना होगा।
उपाय: हरी वस्तु पास रखें।
तुला राशि (Libra Horoscope Today)
घरेलू मामलों में तनाव रह सकता है।
मां के स्वास्थ्य पर ध्यान दें।
भूमि-भवन से जुड़े कार्यों में अड़चन आएगी।
हालांकि प्रेम, संतान और व्यापार अच्छा रहेगा।
उपाय: शनिदेव को प्रणाम करें।
वृश्चिक राशि (Scorpio Horoscope Today)
पराक्रम से सफलता मिलेगी।
नौकरी और व्यापार में उन्नति के योग हैं।
राजनीति में प्रभाव बढ़ेगा।
स्वास्थ्य और प्रेम जीवन शानदार रहेगा।
उपाय: पीली वस्तु पास रखें।

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धनु राशि (Sagittarius Horoscope Today)
शत्रुओं पर विजय मिलेगी।
वाणी पर संयम रखें।
नौकरी में प्रमोशन की चर्चा हो सकती है।
व्यवसाय और प्रेम जीवन अच्छा रहेगा।
उपाय: लाल वस्तु पास रखें।
मकर राशि (Capricorn Horoscope Today)
गृह कलह से बचना जरूरी है।
भूमि, भवन या वाहन खरीदने का प्रबल योग है।
करियर में बड़ा निर्णय ले सकते हैं।
उपाय: काली जी को प्रणाम करें।
कुंभ राशि (Aquarius Horoscope Today)
पराक्रम से लाभ होगा।
व्यवसाय मजबूत होगा लेकिन पार्टनरशिप में सावधानी रखें।
सरकारी मामलों से दूरी रखें।
पिता के स्वास्थ्य को लेकर चिंता रह सकती है।
उपाय: सूर्य को जल अर्पित करें।
मीन राशि (Pisces Horoscope Today)
धन लाभ का उत्तम दिन है।
नए और पुराने दोनों स्रोतों से आय होगी।
परिवार में खुशखबरी मिल सकती है।
नौकरी, व्यापार, प्रेम—तीनों में सफलता मिलेगी।
उपाय: पीली वस्तु पास रखें।

कल्याण-डोंबिवली में शिवसेना (UBT) के 4 नवनिर्वाचित कॉर्पोरेटर लापता, पुलिस ने शुरू की जांच

कल्याण-डोंबिवली (राष्ट्र की परम्परा)। महाराष्ट्र के कल्याण-डोंबिवली से एक बड़ी और चिंताजनक राजनीतिक खबर सामने आई है। शिवसेना (UBT) के चार नवनिर्वाचित कॉर्पोरेटरों के लापता होने की सूचना मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए इस मामले में कोलसेवाड़ी पुलिस स्टेशन में उनकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामला संवेदनशील होने के कारण इसे गंभीरता से लिया जा रहा है और सभी संभावित पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।

सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, पुलिस ने तेज की कार्रवाई

कॉर्पोरेटरों के अचानक लापता होने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस महकमे को अलर्ट कर दिया गया है। पुलिस ने प्राथमिक जांच के तहत CCTV फुटेज खंगालने का काम शुरू कर दिया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे आखिरी बार कब और कहां देखे गए थे।
इसके साथ ही पुलिस टीम कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की भी जांच कर रही है, जिससे उनकी हालिया गतिविधियों और संपर्कों का सुराग मिल सके।

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तलाशी अभियान जारी, कई टीमें गठित

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, लापता कॉर्पोरेटरों की तलाश के लिए विशेष तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए अलग-अलग पुलिस टीमें गठित की गई हैं, जो संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
पुलिस का कहना है कि अभी किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी, लेकिन हर एंगल से जांच की जा रही है।

राजनीतिक हलकों में बढ़ी चिंता

चार नवनिर्वाचित कॉर्पोरेटरों के एक साथ लापता होने की घटना ने राजनीतिक गलियारों में भी चिंता बढ़ा दी है। शिवसेना (UBT) से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मामले की निष्पक्ष और जल्द जांच की मांग की है।
हालांकि, इस मामले में अभी तक किसी तरह की फिरौती, धमकी या अपहरण की पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस ने आम लोगों से मांगी मदद

कोलसेवाड़ी पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी को इन कॉर्पोरेटरों के बारे में कोई भी जानकारी मिले, तो वे तुरंत पुलिस से संपर्क करें। पुलिस का कहना है कि सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

जांच जारी, पुलिस का आधिकारिक बयान

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल जांच जारी है और जल्द ही स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि लापता कॉर्पोरेटरों को सुरक्षित खोज निकालने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।

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अमेरिका के बिना यूरोप असुरक्षित: NATO प्रमुख रुटे

ब्रसेल्स (राष्ट्र की परम्परा)। NATO के महासचिव मार्क रुटे ने यूरोप की सुरक्षा को लेकर बेहद साफ और सख्त संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अमेरिका के बिना यूरोप अपनी रक्षा नहीं कर सकता। रुटे ने यूरोपीय नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई यह सोचता है कि यूरोप या यूरोपीय संघ अकेले अपनी सुरक्षा संभाल सकता है, तो वह “सपनों की दुनिया” में जी रहा है।
यूरोपीय संघ के सांसदों को संबोधित करते हुए रुटे ने कहा कि यूरोप और अमेरिका एक-दूसरे के बिना अधूरे हैं और NATO की मजबूती इसी साझेदारी पर टिकी हुई है।

अमेरिका के बिना सुरक्षा नामुमकिन: मार्क रुटे

ब्रसेल्स में दिए अपने संबोधन में NATO महासचिव ने कहा,
“अगर किसी को लगता है कि यूरोप अमेरिका के बिना खुद को बचा सकता है, तो वह सपना ही देखता रहे। ऐसा मुमकिन नहीं है।”
उन्होंने दो टूक कहा कि यूरोप को अमेरिका की जरूरत है और अमेरिका को यूरोप की, और यही NATO की असली ताकत है। रुटे के इस बयान को ऐसे समय में बेहद अहम माना जा रहा है, जब ट्रांस-अटलांटिक रिश्तों में तनाव की खबरें सामने आ रही हैं।

NATO के भीतर क्यों बढ़ा तनाव?

हाल के हफ्तों में NATO के भीतर तनाव बढ़ने की बड़ी वजह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान रहे हैं। ट्रंप ने डेनमार्क के अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र ग्रीनलैंड को अमेरिका के नियंत्रण में लेने की बात कही थी।
इसके अलावा, ग्रीनलैंड का समर्थन करने वाले यूरोपीय देशों पर नए टैरिफ लगाने की धमकी भी दी गई थी। हालांकि, बाद में एक शुरुआती समझौते के बाद इन टैरिफ को फिलहाल रोक दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम में मार्क रुटे की भूमिका अहम बताई जा रही है, जिन्होंने हालात को संभालने की कोशिश की।

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NATO की रीढ़: आर्टिकल 5 क्या है?

NATO के 32 सदस्य देशों के बीच एक बेहद अहम सुरक्षा प्रावधान है—आर्टिकल 5।
इस नियम के तहत अगर NATO के किसी एक सदस्य देश पर हमला होता है, तो बाकी सभी सदस्य देश उसे अपनी जिम्मेदारी मानते हुए उसकी रक्षा के लिए आगे आते हैं।
यही वजह है कि आर्टिकल 5 को NATO की सबसे बड़ी ताकत और सामूहिक सुरक्षा की गारंटी माना जाता है।

रक्षा खर्च बढ़ाने पर बनी सहमति

जुलाई में हेग में आयोजित NATO शिखर सम्मेलन के दौरान यूरोपीय देशों और कनाडा ने अमेरिका के दबाव में रक्षा खर्च बढ़ाने पर सहमति जताई।
स्पेन को छोड़कर NATO के लगभग सभी सदस्य देशों ने यह वादा किया है कि वे अगले 10 वर्षों में अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए ज्यादा निवेश करेंगे। अमेरिका लंबे समय से यह मांग करता रहा है कि यूरोप अपनी सुरक्षा का ज्यादा बोझ खुद उठाए।

2035 तक GDP का 5% रक्षा और सुरक्षा पर खर्च

NATO देशों के बीच यह भी सहमति बनी है कि वे 2035 तक कुल GDP का 5% रक्षा और सुरक्षा से जुड़ी जरूरतों पर खर्च करेंगे।
इसमें—

• 3.5% GDP सीधे रक्षा खर्च पर

• 1.5% GDP सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं पर

खर्च किया जाएगा। इसे NATO के इतिहास में रक्षा निवेश को लेकर एक बड़ा और निर्णायक कदम माना जा रहा है।

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अकेले चलना है तो 10% खर्च करना होगा: रुटे

मार्क रुटे ने यूरोप को एक और सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर यूरोप वाकई अमेरिका के बिना आगे बढ़ना चाहता है, तो 5% GDP खर्च भी नाकाफी होगा।

रुटे ने कहा,
“अगर आप अकेले चलना चाहते हैं, तो आपको 10% खर्च करना होगा। इसके साथ-साथ खुद की परमाणु क्षमता भी विकसित करनी होगी, जिस पर अरबों यूरो खर्च होंगे।”
यह बयान इस बात की ओर इशारा करता है कि अमेरिका के बिना यूरोप को अपनी सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से नए सिरे से खड़ी करनी पड़ेगी।

अमेरिका की परमाणु छतरी के बिना यूरोप असुरक्षित

NATO महासचिव ने अमेरिका की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि यूरोप की सबसे बड़ी सुरक्षा गारंटी अमेरिका की परमाणु छतरी है।

उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा,
“अगर अमेरिका नहीं हुआ, तो हमारी आज़ादी की आखिरी गारंटी भी चली जाएगी। फिर… गुड लक।”
रुटे के इस बयान को यूरोप के लिए एक कड़ा रियलिटी चेक माना जा रहा है।

यूरोप के लिए बड़ा सवाल

मार्क रुटे के बयानों ने यूरोप के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—
क्या यूरोप अमेरिका पर निर्भर रहना जारी रखेगा या फिर अपनी सुरक्षा के लिए भारी कीमत चुकाने को तैयार होगा?

फिलहाल संकेत साफ हैं कि NATO की मौजूदा संरचना में अमेरिका की भूमिका को नजरअंदाज करना यूरोप के लिए आसान नहीं होगा।

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देवरिया में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, 1650 मरीजों का इलाज

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। कड़ाके की ठंड के बीच मानवता, सेवा और संवेदना की गर्माहट का सशक्त उदाहरण देवरिया जनपद के तेलियां कला क्षेत्र में देखने को मिला, जहाँ राजेश सिंह दयाल फ़ाउंडेशन द्वारा एक विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। इस जनसेवा अभियान में 1650 से अधिक मरीजों ने निःशुल्क चिकित्सकीय परामर्श, जांच और दवाइयों का लाभ उठाया।
शिविर में उमड़ी भारी भीड़ ने यह स्पष्ट कर दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं की आज भी कितनी बड़ी आवश्यकता है। दूर-दराज़ से आए गरीब और वंचित वर्ग के लोगों के लिए यह शिविर किसी वरदान से कम नहीं रहा।

100 से अधिक मोतियाबिंद मरीजों को मिली नई दृष्टि

इस निःशुल्क चिकित्सा शिविर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक 100 से अधिक मोतियाबिंद (कैटरेक्ट) से पीड़ित मरीजों की पहचान रही। इन मरीजों को न केवल निःशुल्क जांच उपलब्ध कराई गई, बल्कि आगे के उपचार और सर्जरी के लिए उचित मार्गदर्शन भी दिया गया।
नेत्र रोग से वर्षों से जूझ रहे कई जरूरतमंद मरीजों के लिए यह शिविर नई रोशनी और नई उम्मीद लेकर आया। आंखों की जांच के दौरान कई ऐसे मरीज सामने आए, जिन्हें समय पर इलाज न मिलने के कारण गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

निःशुल्क एंबुलेंस सेवा ने बढ़ाई सुविधा

मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए राजेश सिंह दयाल फ़ाउंडेशन की ओर से निःशुल्क एंबुलेंस सेवा भी उपलब्ध कराई गई। इस सेवा के माध्यम से दूरस्थ ग्रामीण इलाकों से आए मरीजों को शिविर स्थल तक लाने और उपचार के बाद सुरक्षित वापस पहुंचाने की व्यवस्था की गई।
ग्रामीणों ने बताया कि परिवहन सुविधा की वजह से वे समय पर शिविर तक पहुंच सके, जिससे उन्हें इलाज में किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई।

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‘मन की बात’ का विशेष प्रसारण, ग्रामीणों से जुड़ा संदेश

शिविर के दौरान मरीजों और ग्रामीणों के लिए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का विशेष प्रसारण भी किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोगों ने प्रधानमंत्री के विचारों को ध्यानपूर्वक सुना।
इस मौके पर श्री राजेश सिंह दयाल ने कहा कि प्रधानमंत्री के राष्ट्रनिर्माण से जुड़े विचारों और जनकल्याणकारी सोच को उन ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाना बेहद आवश्यक है, जहाँ आमतौर पर ऐसे कार्यक्रम देखने और सुनने की सुविधाएं उपलब्ध नहीं होतीं।

गंभीर मरीजों को गोरक्षनाथ चिकित्सालय किया गया रेफर

शिविर के दौरान जिन मरीजों में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पाई गईं, उन्हें श्री गोरक्षनाथ चिकित्सालय के लिए रेफर किया गया। यह चिकित्सालय माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी की एक महत्वपूर्ण और जनहितकारी पहल है।
रेफर किए गए मरीजों को यह आश्वासन दिया गया कि उन्हें वहां उच्चस्तरीय, निरंतर और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

अनुभवी चिकित्सकों की टीम ने दी ओपीडी सेवाएं

इस निःशुल्क चिकित्सा शिविर में श्री गोरक्षनाथ मेडिकल हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर के अनुभवी और विशेषज्ञ चिकित्सकों ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। शिविर में निम्नलिखित विभागों की ओपीडी सेवाएं उपलब्ध रहीं—

• न्यूरोलॉजी
• बाल रोग
• स्त्री एवं प्रसूति रोग
• फेफड़ा रोग
• हड्डी रोग
• नेत्र रोग
• जनरल मेडिसिन
• ईएनटी
• डेंटल एवं अन्य विशेषज्ञ सेवाएं

शिविर स्थल पर ही ऑन-द-स्पॉट जांच केंद्र, आवश्यक टेस्ट और निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया गया, जिससे मरीजों को एक ही स्थान पर समुचित इलाज मिल सका।

गरीब और वंचित वर्ग को मिला सीधा लाभ

इस जनसेवा अभियान के माध्यम से तेलिया कला, बरहज, देवरिया सहित आसपास के क्षेत्रों के गरीब, वंचित और जरूरतमंद लोगों को सीधे तौर पर लाभ मिला। स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित कई परिवारों के लिए यह शिविर राहत और विश्वास का माध्यम बना।
स्थानीय लोगों ने फ़ाउंडेशन के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण क्षेत्र के लिए अत्यंत आवश्यक कदम बताया।

भविष्य में भी ऐसे शिविर लगाने का संकल्प

प्रेस को संबोधित करते हुए “यूपी के मेडिसिन मैन” के नाम से प्रसिद्ध श्री राजेश सिंह दयाल ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे अनेक निःशुल्क स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिविर आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने इस जनसेवा अभियान के सफल आयोजन के लिए माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी, श्री गोरक्षनाथ मेडिकल हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर तथा सभी चिकित्सकों और सहयोगियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।

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WhatsApp पर एड-फ्री इस्तेमाल के लिए आ सकता है पेड प्लान

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। दुनिया की सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाली मैसेजिंग ऐप WhatsApp को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। आने वाले समय में व्हाट्सऐप चलाने के लिए यूजर्स को पैसे देने पड़ सकते हैं। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि कंपनी एक नए सब्सक्रिप्शन प्लान पर काम कर रही है, जिसके तहत यूजर्स को एड-फ्री एक्सपीरियंस मिलेगा।
इसका मतलब यह है कि अगर यूजर्स व्हाट्सऐप स्टेटस और चैनल्स में दिखने वाले विज्ञापन नहीं देखना चाहते हैं, तो उन्हें पेड प्लान सब्सक्राइब करना पड़ सकता है। हालांकि, इस प्लान को लेकर अभी कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

WhatsApp में एड-फ्री एक्सपीरियंस के लिए पेड प्लान की तैयारी

रिपोर्ट्स के मुताबिक, व्हाट्सऐप का यह नया सब्सक्रिप्शन प्लान खासतौर पर एड हटाने पर फोकस करेगा। यानी जो यूजर्स बिना किसी विज्ञापन के व्हाट्सऐप इस्तेमाल करना चाहते हैं, उन्हें इसके लिए भुगतान करना पड़ सकता है।
फिलहाल इस प्लान की कीमत, लॉन्च डेट और रोलआउट को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन ऐप के कोड में नए संकेत मिलने के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि मेटा आने वाले समय में व्हाट्सऐप को भी सब्सक्रिप्शन मॉडल की ओर ले जा सकती है।

पिछले साल शुरू हुए थे WhatsApp पर विज्ञापन

मेटा ने पिछले साल व्हाट्सऐप स्टेटस और चैनल्स में विज्ञापन दिखाने की शुरुआत की थी। यह फैसला कंपनी के लिए कमाई बढ़ाने के लिहाज से अहम था, लेकिन यूजर्स के बीच इसका काफी विरोध देखने को मिला।
अब तक व्हाट्सऐप अपने सिंपल और एड-फ्री इंटरफेस के लिए जाना जाता रहा है। ऐसे में स्टेटस और चैनल्स में एड आने के बाद कई यूजर्स ने नाराजगी जाहिर की थी। इसके बावजूद मेटा ने अपने फैसले में कोई बदलाव नहीं किया।

WhatsApp यूजर्स को पसंद नहीं आए थे विज्ञापन

व्हाट्सऐप पर विज्ञापन दिखने के बाद यूजर्स ने सोशल मीडिया पर इसका जमकर विरोध किया था। कई लोगों का कहना था कि व्हाट्सऐप की सबसे बड़ी खासियत उसका बिना किसी रुकावट वाला अनुभव है।
हालांकि, कंपनी का मानना है कि विज्ञापन केवल स्टेटस और चैनल्स तक सीमित हैं और पर्सनल चैट पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। इसके बावजूद यूजर्स का एक बड़ा वर्ग एड-फ्री एक्सपीरियंस चाहता है, जिसे देखते हुए अब सब्सक्रिप्शन प्लान की चर्चा शुरू हो गई है।

WhatsApp के नए वर्जन में मिले संकेत

रिपोर्ट्स के अनुसार, व्हाट्सऐप के 2.26.3.9 वर्जन के ऐप कोड में कुछ नए स्ट्रिंग्स देखे गए हैं। इन स्ट्रिंग्स से यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि कंपनी एड-फ्री एक्सपीरियंस के लिए एक नया सब्सक्रिप्शन प्लान तैयार कर रही है।
हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं है कि यह फीचर टेस्टिंग स्टेज में है या जल्द ही यूजर्स के लिए रोल आउट किया जाएगा।

प्रीमियम फीचर्स मिलने की संभावना कम

रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि इस सब्सक्रिप्शन प्लान में कोई खास प्रीमियम फीचर्स शामिल नहीं होंगे। इसका मुख्य उद्देश्य केवल विज्ञापनों को हटाना हो सकता है।
यानि अगर कोई यूजर यह उम्मीद कर रहा है कि पेड प्लान में एक्स्ट्रा स्टोरेज, एडवांस चैट फीचर्स या कोई नया टूल मिलेगा, तो फिलहाल इसकी संभावना कम बताई जा रही है।

कीमत और रोलआउट को लेकर सस्पेंस बरकरार

सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस सब्सक्रिप्शन प्लान की कीमत क्या होगी और यह किन देशों में लॉन्च किया जाएगा। फिलहाल मेटा ने इस पर कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है।
यह भी साफ नहीं है कि व्हाट्सऐप इस प्लान को ग्लोबली लॉन्च करेगी या फिर कुछ चुनिंदा देशों में ही इसे उपलब्ध कराया जाएगा।

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Facebook और Instagram पर पहले आ चुका है ऐसा मॉडल

मेटा इससे पहले फेसबुक और इंस्टाग्राम पर भी एड-फ्री सब्सक्रिप्शन ऑप्शन लॉन्च कर चुकी है। हालांकि, यह सुविधा कुछ चुनिंदा देशों, खासतौर पर यूरोपीय संघ (EU) में ही दी गई थी।
बताया गया था कि यूरोपीय संघ के नियमों और दबाव के चलते मेटा को यह कदम उठाना पड़ा था। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या व्हाट्सऐप पर भी यह सब्सक्रिप्शन प्लान नियमों के चलते आएगा या यह कंपनी की नई कमाई रणनीति का हिस्सा है।

WhatsApp यूजर्स के लिए क्या बदलेगा?

अगर यह सब्सक्रिप्शन प्लान लागू होता है, तो यूजर्स के पास दो विकल्प होंगे—

• फ्री में व्हाट्सऐप इस्तेमाल करें और स्टेटस व चैनल्स में एड देखें

• या फिर पैसे देकर एड-फ्री एक्सपीरियियंस पाएं

हालांकि, पर्सनल चैट, कॉलिंग और मैसेजिंग पर इसका कोई असर पड़ेगा या नहीं, इसको लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है।

आने वाले समय में बड़ा बदलाव संभव

व्हाट्सऐप लंबे समय से फ्री प्लेटफॉर्म रहा है, लेकिन मेटा के लगातार नए प्रयोग यह संकेत दे रहे हैं कि आने वाले समय में ऐप का स्वरूप बदल सकता है। विज्ञापन और सब्सक्रिप्शन मॉडल के जरिए कंपनी अपने रेवेन्यू को बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
अब देखना यह होगा कि यूजर्स इस बदलाव को कितनी आसानी से स्वीकार करते हैं।

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बरेली सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री सस्पेंड, जांच के आदेश

बरेली/उत्तर प्रदेश (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से प्रशासनिक हलकों में हलचल मचाने वाली बड़ी खबर सामने आई है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर नाराजगी जताते हुए इस्तीफा देने वाले बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के खिलाफ योगी आदित्यनाथ सरकार ने कड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने अलंकार अग्निहोत्री को निलंबित (सस्पेंड) कर दिया है।
सरकारी आदेश के अनुसार, पूरे मामले की जांच अब बरेली मंडलायुक्त द्वारा की जाएगी। जांच अवधि के दौरान अलंकार अग्निहोत्री को जिलाधिकारी कार्यालय, शामली से अटैच कर दिया गया है।

इस्तीफा देने के बाद सस्पेंशन, प्रशासनिक गलियारों में चर्चा

बरेली सिटी मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात रहे PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने सोमवार, 26 जनवरी को सेवा से इस्तीफा दे दिया था। उनका इस्तीफा गणतंत्र दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर दिया जाना प्रशासनिक और राजनीतिक दृष्टि से काफी संवेदनशील माना जा रहा है।

इस्तीफे के कुछ ही समय बाद राज्य सरकार द्वारा उन्हें निलंबित किए जाने से यह मामला और भी गंभीर हो गया है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, सरकार इस पूरे घटनाक्रम को अनुशासनहीनता और सेवा नियमों के उल्लंघन के तौर पर देख रही है।

जांच के दौरान DM कार्यालय शामली से रहेंगे अटैच

जारी आदेश में कहा गया है कि जांच पूरी होने तक अलंकार अग्निहोत्री को बरेली से हटाकर शामली जिलाधिकारी कार्यालय से संबद्ध किया गया है। मंडलायुक्त बरेली को इस मामले की निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि जांच पूरी होने तक किसी भी तरह का अंतिम निर्णय नहीं लिया जाएगा।

सरकारी आवास खाली किया, प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

निलंबन से पहले ही अलंकार अग्निहोत्री ने सरकारी आवास खाली कर दिया था। उन्होंने बरेली जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था।
अलंकार अग्निहोत्री का कहना है कि उन्हें जिलाधिकारी द्वारा बातचीत के लिए बुलाया गया था, लेकिन वहां का माहौल असहज था। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि उन पर मानसिक दबाव बनाया गया।

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने की फोन पर बातचीत

निलंबन की खबर सामने आने के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अलंकार अग्निहोत्री से फोन पर बात की। बातचीत के दौरान शंकराचार्य ने कहा कि उनके साथ जो हुआ वह गलत है।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक पद भले ही चला गया हो, लेकिन धर्म क्षेत्र में उन्हें इससे भी बड़ा स्थान मिलेगा। शंकराचार्य ने यह भी कहा कि जिस तरह अलंकार अग्निहोत्री ने सनातन धर्म के प्रति अपनी निष्ठा दिखाई है, उससे पूरा सनातनी समाज उनका सम्मान करता है।

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UGC के नए नियमों से थे नाराज

अलंकार अग्निहोत्री ने अपने इस्तीफे में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों पर कड़ी आपत्ति जताई थी। उन्होंने इन नियमों को ‘काला कानून’ करार दिया था।
उनका कहना था कि ये नियम कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के शैक्षणिक वातावरण को दूषित कर रहे हैं। UGC के नए दिशा-निर्देशों के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति आधारित भेदभाव रोकने के लिए विशेष समितियों, हेल्पलाइन और निगरानी तंत्र के गठन का प्रावधान किया गया है।

इन नियमों का उद्देश्य अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों की शिकायतों का समाधान करना है, लेकिन अलंकार अग्निहोत्री ने इन्हें सामाजिक विभाजन को बढ़ावा देने वाला बताया।

शंकराचार्य से जुड़े मामले पर भी जताई थी नाराजगी

UGC नियमों के साथ-साथ अलंकार अग्निहोत्री ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े एक मामले पर भी असहमति जताई थी। उनका कहना था कि कुछ सरकारी नीतियां समाज और राष्ट्र को विभाजित करने का कार्य कर रही हैं।
इन्हीं मुद्दों को लेकर उन्होंने इस्तीफा देने जैसा बड़ा कदम उठाया।

नेताओं ने बताया प्रशासनिक दबाव का मामला

PCS 2019 बैच के अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने राज्यपाल और बरेली के जिलाधिकारी अविनाश सिंह को ई-मेल के माध्यम से अपना इस्तीफा भेजा था।
इस पूरे घटनाक्रम पर कई नेताओं ने प्रतिक्रिया दी है। नेताओं का कहना है कि यह इस्तीफा प्रशासनिक दबाव का संकेत देता है। बरेली के महापौर डॉ. उमेश गौतम भी शाम के समय अलंकार अग्निहोत्री के आवास पहुंचे थे।

स्पष्ट विचारों और सख्त कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं

कानपुर नगर के निवासी अलंकार अग्निहोत्री इससे पहले उन्नाव, बलरामपुर और लखनऊ समेत कई जिलों में SDM के रूप में कार्य कर चुके हैं। प्रशासनिक हलकों में वे अपने स्पष्ट विचारों और सख्त कार्यशैली के लिए पहचाने जाते रहे हैं।

उनके इस्तीफे और निलंबन ने उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था और सरकारी नीतियों पर एक नई बहस छेड़ दी है।

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अशोक वाटिका से लंका दहन तक: हनुमान की अद्भुत शक्ति की कहानी

प्रस्तावना
रामायण का सुंदरकांड भारतीय संस्कृति और आस्था का वह अमूल्य अध्याय है, जिसमें लंका में हनुमान की लीला अपने चरम पर दिखाई देती है। यह केवल एक कथा नहीं, बल्कि भक्ति, साहस, बुद्धि और समर्पण का जीवंत उदाहरण है। हनुमान लंका कथा में प्रभु श्रीराम के दूत के रूप में हनुमान जी का लंका प्रवेश, माता सीता से भेंट, रावण को चेतावनी और अंततः लंका दहन—हर प्रसंग प्रेरणा से भरा है।

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समुद्र लांघकर लंका में प्रवेश
जब हनुमान जी समुद्र पार कर लंका पहुँचते हैं, तब यह स्पष्ट हो जाता है कि हनुमान जी लंका में केवल संदेशवाहक नहीं, बल्कि धर्म के रक्षक बनकर आए हैं। रात्रि के समय लंका की स्वर्णमयी नगरी में प्रवेश करते हुए वे लंकिनी को परास्त करते हैं। यह प्रसंग दर्शाता है कि अधर्म के द्वार पर धर्म की शक्ति कैसी प्रचंड होती है।
अशोक वाटिका की खोज और माता सीता का दर्शन
लंका में प्रवेश के बाद हनुमान जी माता सीता की खोज में निकलते हैं। अंततः उन्हें अशोक वाटिका में माता सीता मिलती हैं। यह दृश्य अशोक वाटिका हनुमान प्रसंग के नाम से प्रसिद्ध है।
माता सीता की दुर्दशा देखकर हनुमान जी का हृदय करुणा से भर जाता है, किंतु वे स्वयं को संयमित रखते हैं। वे श्रीराम की अंगूठी दिखाकर माता सीता को विश्वास दिलाते हैं कि श्रीराम शीघ्र ही उन्हें मुक्त कराने आएंगे। यही वह क्षण है, जहाँ लंका में हनुमान की लीला भक्ति और करुणा का सर्वोच्च उदाहरण बनती है।

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राक्षसों से सामना और वाटिका विध्वंस
माता सीता से भेंट के बाद हनुमान जी अशोक वाटिका में राक्षसों का संहार करते हैं। यह लीला दर्शाती है कि जब धर्म के मार्ग में बाधा आती है, तब शक्ति का प्रयोग आवश्यक हो जाता है। वाटिका विध्वंस केवल क्रोध नहीं, बल्कि रावण को चेतावनी थी कि अधर्म का अंत निश्चित है। हनुमान लंका कथा में यह प्रसंग साहस और रणनीति का अद्भुत मेल है।

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मेघनाद से युद्ध और ब्रह्मास्त्र
हनुमान जी को पकड़ने के लिए मेघनाद ब्रह्मास्त्र का प्रयोग करता है। हनुमान जी जानते हुए भी स्वयं को बाँधने देते हैं, क्योंकि वे ब्रह्मा जी के वरदान का सम्मान करते हैं। यह प्रसंग बताता है कि शक्ति के साथ विवेक और मर्यादा भी आवश्यक है। हनुमान जी लंका में केवल बलवान ही नहीं, अत्यंत बुद्धिमान भी हैं।
रावण के दरबार में हनुमान
रावण के दरबार में हनुमान जी निर्भीक होकर श्रीराम का संदेश सुनाते हैं। वे रावण को चेतावनी देते हैं कि यदि उसने माता सीता को नहीं छोड़ा, तो लंका का विनाश निश्चित है। रावण का अहंकार उसे सत्य स्वीकार करने से रोक देता है। यहीं से लंका दहन कथा की भूमिका बनती है।

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लंका दहन: अधर्म का दहन
रावण के आदेश पर हनुमान जी की पूंछ में आग लगाई जाती है, किंतु वही आग लंका के लिए विनाश बन जाती है। हनुमान जी पूरी लंका को जलाकर यह संदेश देते हैं कि अधर्म चाहे कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंततः भस्म हो जाता है। लंका में हनुमान की लीला का यह प्रसंग सबसे अधिक प्रसिद्ध और प्रेरणादायक है।

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माता सीता को आश्वासन और वापसी
लंका दहन के बाद हनुमान जी पुनः माता सीता से मिलते हैं और उन्हें श्रीराम के आगमन का आश्वासन देते हैं। इसके बाद वे समुद्र पार कर श्रीराम के पास लौट आते हैं और संपूर्ण समाचार देते हैं। हनुमान लंका कथा यहीं से युद्ध की भूमिका तैयार करती है।

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आध्यात्मिक संदेश और महत्व
इस कथा से हमें यह शिक्षा मिलती है कि
भक्ति में अटूट विश्वास हो
धर्म के लिए साहस आवश्यक है
बुद्धि और शक्ति का संतुलन ही विजय दिलाता है
हनुमान जी लंका में हमें सिखाते हैं कि सच्चा सेवक वही है, जो स्वामी के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दे।

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निष्कर्ष
लंका में हनुमान की लीला केवल रामायण का एक अध्याय नहीं, बल्कि जीवन दर्शन है। यह कथा हर युग में उतनी ही प्रासंगिक है, जितनी त्रेता युग में थी। हनुमान लंका कथा पढ़कर पाठक को साहस, भक्ति और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है।

संवैधानिक जागरूकता की दिशा में कन्हैया जूनियर हाई स्कूल की अनूठी पहल

गणतंत्र दिवस पर कन्हैया जूनियर हाई स्कूल में पुस्तकालय की स्थापना, शिक्षा और संवैधानिक चेतना को मिला नया आधार


गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)।गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर कन्हैया जूनियर हाई स्कूल, शाहपुर में विद्यालय परिसर के भीतर एक सुव्यवस्थित पुस्तकालय की स्थापना की गई। यह पहल विद्यार्थियों में पठन-संस्कृति को प्रोत्साहित करने, शिक्षा के स्तर को मजबूत करने और संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक सराहनीय कदम मानी जा रही है।
विद्यालय में पिछले नौ महीनों से जागरूक नागरिक कार्यक्रम के अंतर्गत शिक्षा, संविधान, सामाजिक उत्तरदायित्व और नैतिक मूल्यों से जुड़े विभिन्न अभियान निरंतर संचालित किए जा रहे थे। इन्हीं सतत प्रयासों की कड़ी में गणतंत्र दिवस पर पुस्तकालय की स्थापना कर शिक्षा को व्यवहारिक और सशक्त स्वरूप देने का प्रयास किया गया।
विद्यालय पुस्तकालय के लिए उपयोगी, ज्ञानवर्धक एवं शिक्षाप्रद पुस्तकों की समुचित व्यवस्था की गई है। इस पुस्तक सहयोग में वी एम्ब्रेस ट्रस्ट, नई दिशा सेवा ट्रस्ट तथा रत्न निधि चैरिटेबल ट्रस्ट का महत्वपूर्ण योगदान रहा। विशेष रूप से नई दिशा सेवा ट्रस्ट द्वारा नगर निगम गोरखपुर के आरआरआर केंद्र के संचालन के माध्यम से इस अभियान को सामुदायिक समर्थन प्राप्त हुआ।

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पुस्तकालय की संपूर्ण व्यवस्था विद्यालय परिसर में विधिवत स्थापित कर पुस्तकों को विद्यालय प्रशासन को औपचारिक रूप से सौंपा गया। यह भी स्पष्ट किया गया कि सभी पुस्तकें विद्यालय उपयोग के लिए पूर्णतः समर्पित हैं तथा उनके संरक्षण, संचालन और नियमित उपयोग की जिम्मेदारी विद्यालय प्रशासन की होगी।
इस शैक्षणिक पहल का सफल संचालन जय वर्धन सिंह द्वारा किया गया, जबकि उजैर एवं शिवम पांडेय ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग प्रदान किया। विद्यालय प्रशासन ने इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि यह पुस्तकालय विद्यार्थियों में अध्ययनशीलता, अनुशासन और संवैधानिक चेतना के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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आयोजकों के अनुसार, भविष्य में इसी कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता, संवाद कौशल, नैतिक मूल्य, संवैधानिक समझ और सामाजिक जिम्मेदारी को सुदृढ़ करने हेतु विविध शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।

राजनीति से सिनेमा तक चमकते सितारे

🟢 महत्वपूर्ण जन्म इतिहास

27 जनवरी को जन्मे प्रसिद्ध व्यक्ति भारतीय और विश्व इतिहास में विशेष स्थान रखते हैं। राजनीति, सिनेमा, सेना, साहित्य, न्याय और खेल—हर क्षेत्र में 27 जनवरी को जन्मे महान व्यक्तियों ने अपने कार्यों से समाज को नई दिशा दी। आज हम आपको 27 जनवरी जन्म इतिहास के अंतर्गत ऐसी ही चर्चित और प्रभावशाली हस्तियों से परिचित कराते हैं।

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🔸 बिंदियारानी देवी (जन्म: 27 जनवरी 1999)
27 जनवरी को जन्मी प्रसिद्ध खिलाड़ी बिंदियारानी देवी भारत की जानी-मानी महिला भारोत्तोलक हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए कई पदक जीते। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने संकल्प और परिश्रम से देश का नाम रोशन किया। आज वे युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा हैं।
🔸 कॉनराड संगमा (जन्म: 27 जनवरी 1978)
27 जनवरी को जन्मे प्रसिद्ध राजनेता कॉनराड संगमा मेघालय राज्य के 12वें मुख्यमंत्री हैं। वे पूर्व लोकसभा अध्यक्ष पी.ए. संगमा के पुत्र हैं। उन्होंने युवा नेतृत्व, स्वच्छ राजनीति और पूर्वोत्तर भारत के विकास के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए हैं।
🔸 ज्ञानेश कुमार (जन्म: 27 जनवरी 1964)
27 जनवरी जन्म इतिहास में ज्ञानेश कुमार का नाम प्रशासनिक क्षेत्र में सम्मान के साथ लिया जाता है। वे भारत के नवनियुक्त चुनाव आयुक्त हैं और निष्पक्ष लोकतंत्र को मजबूत करने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।

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🔸 अमर सिंह (जन्म: 27 जनवरी 1956)
27 जनवरी को जन्मे प्रसिद्ध व्यक्ति अमर सिंह भारतीय राजनीति के चर्चित चेहरे रहे। समाजवादी पार्टी से जुड़े अमर सिंह अपनी बेबाक बयानबाज़ी और राजनीतिक कौशल के लिए जाने जाते थे। उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में प्रभावशाली भूमिका निभाई।
🔸 जनरल अरुण कुमार श्रीधर वैद्य (जन्म: 27 जनवरी 1926)
27 जनवरी को जन्मे महान सैन्य अधिकारी जनरल वैद्य भारतीय सेना के 13वें थल सेनाध्यक्ष थे। वे 1971 के भारत-पाक युद्ध के नायक रहे और भारत की सैन्य शक्ति को मजबूत करने में अहम योगदान दिया।

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🔸 अभिनेता अजीत (जन्म: 27 जनवरी 1922)
27 जनवरी को जन्मे प्रसिद्ध अभिनेता अजीत हिंदी सिनेमा के सबसे प्रभावशाली खलनायकों में गिने जाते हैं। उनकी दमदार आवाज़ और अनोखी शैली ने बॉलीवुड में विलेन की छवि को नया आयाम दिया।
🔸 पंडित सीताराम चतुर्वेदी (जन्म: 27 जनवरी 1907)
27 जनवरी जन्म इतिहास में पंडित सीताराम चतुर्वेदी का स्थान साहित्य और पत्रकारिता में महत्वपूर्ण है। उन्होंने हिंदी साहित्य को समृद्ध किया और सामाजिक चेतना जगाने में अहम भूमिका निभाई।
🔸 लक्ष्मण शास्त्री जोशी (जन्म: 27 जनवरी 1901)
27 जनवरी को जन्मे प्रसिद्ध साहित्यकार लक्ष्मण शास्त्री जोशी मराठी साहित्य के प्रमुख स्तंभ थे। उनके लेखन में दर्शन, संस्कृति और भारतीय परंपराओं की गहरी झलक मिलती है।

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🔸 मुनि जिनविजय (जन्म: 27 जनवरी 1889)
27 जनवरी जन्म इतिहास में मुनि जिनविजय का योगदान प्राचीन भारतीय साहित्य के संरक्षण और शोध में अमूल्य है। वे जैन साहित्य के महान विद्वान और संपादक थे।
🔸 राधाबिनोद पाल (जन्म: 27 जनवरी 1886)
27 जनवरी को जन्मे महान न्यायविद राधाबिनोद पाल टोक्यो युद्ध अपराध न्यायाधिकरण में भारतीय न्यायाधीश थे। उन्होंने न्याय, मानवाधिकार और अंतरराष्ट्रीय कानून की मिसाल पेश की।
🔸 रघुनाथ कृष्ण फड़के (जन्म: 27 जनवरी 1884)
27 जनवरी को जन्मे प्रसिद्ध मूर्तिकार रघुनाथ कृष्ण फड़के को पद्म श्री से सम्मानित किया गया। उनकी मूर्तियां भारतीय कला की उत्कृष्ट मिसाल हैं।

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🟢 निष्कर्ष
27 जनवरी को जन्मे प्रसिद्ध व्यक्ति यह साबित करते हैं कि एक तारीख कई महान विचारों और व्यक्तित्वों को जन्म दे सकती है। राजनीति से लेकर कला, सेना से लेकर खेल तक—इन विभूतियों ने भारत और विश्व के इतिहास को समृद्ध किया। 27 जनवरी जन्म इतिहास आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा।

क्रॉस कंट्री दौड़ प्रतियोगिता: बालक-बालिकाओं ने बढ़ाया जिले का मान

कुशीनगर।(राष्ट्र की परम्परा)देश के 76वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर जनपद कुशीनगर में खेल भावना, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। जिला खेल कार्यालय एवं स्पोर्ट्स स्टेडियम कुशीनगर के संयुक्त तत्वावधान में कुशीनगर क्रॉस कंट्री दौड़ प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें जिले के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह जिला खेल स्टेडियम परिसर में ध्वजारोहण के साथ हुई। क्रीड़ाधिकारी रवि कुमार निषाद द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। ध्वजारोहण के उपरांत राष्ट्रगान हुआ, जिससे पूरे परिसर में देशभक्ति का माहौल बन गया। इस अवसर पर अधिकारियों, खिलाड़ियों और उपस्थित जनसमूह ने गणतंत्र दिवस की गरिमा को आत्मसात किया।

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इसके पश्चात खेलकूद विभाग की ओर से सुबह 9 बजे कुशीनगर क्रॉस कंट्री दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता दो वर्गों में संपन्न हुई, जिसमें बालक वर्ग के लिए 5 किलोमीटर एवं बालिका वर्ग के लिए 3 किलोमीटर की दौड़ निर्धारित की गई थी। प्रतियोगिता का उद्घाटन जिला सूचना विज्ञान अधिकारी मनीष कुमार गुप्ता एवं जिला युवा अधिकारी सचिन कुमार द्वारा संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर किया गया।
इस कुशीनगर क्रॉस कंट्री दौड़ प्रतियोगिता में कुल 51 खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिनमें 30 बालक एवं 21 बालिकाएं शामिल रहीं। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों में जबरदस्त जोश और प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। खिलाड़ियों ने पूरे अनुशासन और खेल भावना के साथ निर्धारित दूरी पूरी की।
प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहे—
बालक वर्ग (5 किलोमीटर): प्रथम स्थान – धनंजय निषाद,द्वितीय स्थान – अंकित,तृतीय स्थान – निखिल सिंह,चतुर्थ स्थान – उपेंद्र यादव,पंचम स्थान – आफताब अली,षष्ठम स्थान – विशाल यादव,बालिका वर्ग (3 किलोमीटर):,प्रथम स्थान – आँचल यादव,द्वितीय स्थान – ज्योति गोंड़,तृतीय स्थान – प्रीति यादव,चतुर्थ,स्थान – सलोनी कुशवाहा,पंचम स्थान – प्रीति,षष्ठम स्थान – दिशा गोंड़,प्रतियोगिता के समापन पर विजेता एवं प्रतिभागी खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। पुरस्कार वितरण समारोह में वरिष्ठ कोषाधिकारी सुनील कुमार यादव, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी मनीष कुमार गुप्ता, जिला युवा अधिकारी सचिन कुमार एवं क्रीड़ाधिकारी रवि कुमार निषाद ने खिलाड़ियों को मेडल एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।

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इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि कुशीनगर क्रॉस कंट्री दौड़ प्रतियोगिता जैसे आयोजन युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित करते हैं और उनमें अनुशासन, टीम भावना एवं आत्मविश्वास का विकास करते हैं। उन्होंने कहा कि खेल न केवल शारीरिक विकास का माध्यम हैं, बल्कि मानसिक और सामाजिक विकास में भी अहम भूमिका निभाते हैं।
क्रीड़ाधिकारी रवि कुमार निषाद ने कहा कि जिला खेल कार्यालय का उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को मंच प्रदान करना है, ताकि वे आगे चलकर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकें। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में कुशीनगर में और भी खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।
कार्यक्रम में जिले के कई गणमान्य नागरिक एवं खेल प्रेमी उपस्थित रहे। इनमें डॉ. विनोद कुमार सिंह, अनिल मिश्रा, ममता भारती, धीरेंद्र प्रताप सिंह, सूरज कुमार, दुर्गावती, राजेंद्र सिंह राजू, पंकज कुमार यादव सहित अनेक लोग शामिल रहे। सभी ने खिलाड़ियों की सराहना की और आयोजन को सफल बनाने में योगदान दिया।

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गौरतलब है कि कुशीनगर क्रॉस कंट्री दौड़ प्रतियोगिता जैसे आयोजन ग्रामीण अंचल के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान करते हैं। गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर इस प्रकार की खेल गतिविधियाँ युवाओं में राष्ट्रभक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं।

जानिए दुनिया बदलने वाले फैसले

27 जनवरी का इतिहास: देश-दुनिया की वे महत्त्वपूर्ण घटनाएँ जिन्होंने बदली दिशा

27 जनवरी का इतिहास जानिए। 27 जनवरी की महत्वपूर्ण घटनाएं, ऐतिहासिक हादसे, वैज्ञानिक उपलब्धियां और विश्व राजनीति से जुड़े


27 जनवरी का इतिहास विश्व और भारत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इस दिन राजनीति, विज्ञान, अंतरिक्ष, युद्ध, तकनीक और सामाजिक घटनाओं से जुड़े कई ऐसे फैसले और घटनाएं हुईं, जिन्होंने आने वाले समय की दिशा तय की। 27 जनवरी की महत्वपूर्ण घटनाएं न केवल ऐतिहासिक दस्तावेज हैं, बल्कि आज की दुनिया को समझने की कुंजी भी हैं। आइए जानते हैं Today in History 27 January के तहत इस दिन की प्रमुख घटनाओं का विस्तृत विवरण।
27 जनवरी की महत्वपूर्ण घटनाएं
1823
अमेरिका के राष्ट्रपति जेम्स मोनरो ने दक्षिण अमेरिका के लिए पहला आधिकारिक राजदूत नियुक्त किया। यह कदम अमेरिकी विदेश नीति और लैटिन अमेरिका के साथ संबंधों की नींव बना।
1880
महान वैज्ञानिक थॉमस अल्वा एडीसन ने बिजली से चलने वाले बल्ब का पेटेंट कराया। यह आविष्कार आधुनिक सभ्यता की सबसे बड़ी तकनीकी क्रांतियों में गिना जाता है।
1888
वाशिंगटन में नेशनल जियोग्राफिक सोसाइटी की स्थापना हुई, जिसने भूगोल, विज्ञान और खोजों को जन-जन तक पहुंचाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई।
1891
अमेरिका के पेंसिल्वेनिया स्थित माउंट प्लीसेंट में खदान विस्फोट हुआ, जिसमें 109 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई। यह औद्योगिक सुरक्षा इतिहास की बड़ी त्रासदियों में शामिल है।
1905
मौरिस राउविएर ने फ्रांस में सरकार बनाई। यह फ्रांसीसी राजनीतिक इतिहास का महत्वपूर्ण मोड़ माना जाता है।
1915
अमेरिकी मरीन सैनिकों ने हैती पर कब्ज़ा किया। यह घटना अमेरिका की सैन्य हस्तक्षेप नीति का प्रतीक बनी।
1943
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिका ने जर्मनी पर पहली बार हवाई हमला किया, जिससे युद्ध की रणनीति में बड़ा बदलाव आया।
1948
दुनिया में पहली बार टेप रिकॉर्डर बाज़ार में बिक्री के लिए उपलब्ध हुआ, जिसने मीडिया और संचार के क्षेत्र में क्रांति ला दी।
1959
नई दिल्ली में पहले इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी कॉलेज की आधारशिला रखी गई। यह भारत के तकनीकी शिक्षा विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम था।
1967
अंतरिक्ष मिशन ‘अपोलो 1’ में भीषण दुर्घटना हुई, जिसमें तीन अमेरिकी अंतरिक्ष यात्रियों की मृत्यु हो गई। इस हादसे ने नासा की सुरक्षा नीतियों को पूरी तरह बदल दिया।
1969
इराक की राजधानी बगदाद में 14 लोगों को जासूसी के आरोप में फांसी दी गई। यह घटना मध्य-पूर्व की राजनीतिक अस्थिरता को दर्शाती है।
1974
भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति वी. वी. गिरि ने नई दिल्ली के तीन मूर्ति स्थित नेहरू मेमोरियल म्यूजियम को राष्ट्र को समर्पित किया। यह स्वतंत्र भारत के ऐतिहासिक स्मारकों में प्रमुख है।
1988
भारत में पहली बार हेलीकॉप्टर डाक सेवा की शुरुआत हुई, जिससे दुर्गम इलाकों में संचार सुविधा बेहतर हुई।
1996
अमेरिका ने पाकिस्तान को 368 करोड़ डॉलर के हथियार आपूर्ति से जुड़े ब्राउन संशोधन को कानूनी मान्यता दी। इसी दिन फ्रांस ने अपना छठा और संभवतः अंतिम परमाणु परीक्षण किया।
2008
पश्चिम बंगाल के 13 जिलों में बर्ड फ्लू फैलने से स्वास्थ्य आपात स्थिति बनी।
इसी दिन इंडोनेशिया के पूर्व राष्ट्रपति हाजी मोहम्मद सुहार्तो का निधन हुआ।
2013
अफगानिस्तान के कंधार में बम धमाकों में 20 पुलिस अधिकारियों की मौत हुई।
मिस्र में विरोध प्रदर्शनों के दौरान 7 लोगों की जान गई और 630 से अधिक घायल हुए।
27 जनवरी का ऐतिहासिक महत्व
27 जनवरी का इतिहास हमें बताता है कि यह दिन नवाचार, संघर्ष, बलिदान और वैश्विक बदलावों का साक्षी रहा है। 27 जनवरी की महत्वपूर्ण घटनाएं आज भी राजनीति, विज्ञान और समाज को समझने में मार्गदर्शन देती हैं। Today in History 27 January न केवल अतीत की याद दिलाता है, बल्कि भविष्य के लिए सीख भी देता है।
निष्कर्ष
यदि आप इतिहास प्रेमी हैं या प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो 27 जनवरी का इतिहास आपके लिए अत्यंत उपयोगी है। यह दिन हमें बताता है कि समय के एक ही पन्ने पर प्रगति और त्रासदी दोनों दर्ज होती हैं।

गणतंत्र दिवस पर स्कूल में दिखा देशभक्ति का उत्साह


बस्ती (राष्ट्र की परम्परा)।बस्ती जनपद के भानपुर क्षेत्र अंतर्गत बरगदवा गांव स्थित सी.बी. एकेडमी स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह बड़े ही हर्षोल्लास, अनुशासन और देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय के नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रभात फेरी निकाली गई, जिसने पूरे गांव में देशप्रेम और राष्ट्रीय चेतना का संदेश फैलाया।
प्रभात फेरी के दौरान बच्चों के हाथों में तिरंगा, संविधान और राष्ट्रभक्ति से जुड़े संदेशों वाली तख्तियां थीं। “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम्” और “संविधान अमर रहे” जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। ग्रामीणों ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए इस पहल की सराहना की।
विद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सी.बी. एकेडमी स्कूल के प्रबंधक ने भारतीय संविधान के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संविधान हर भारतीय नागरिक का सबसे बड़ा हथियार है, जो हमें अधिकार, समानता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रदान करता है। संविधान की मजबूत नींव पर ही हमारा गणतंत्र टिका हुआ है।

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उन्होंने आगे कहा कि गणतंत्र दिवस हमें यह याद दिलाता है कि समानता, भाईचारा और सौहार्द ही एक सशक्त राष्ट्र की पहचान है। संविधान की रक्षा करना ही भारतीय गणतंत्र की रक्षा है और यही हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों को सच्ची श्रद्धांजलि है।
कार्यक्रम में विद्यालय की प्रधानाचार्य सुशीला शर्मा ने बच्चों को संविधान के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ संस्कार और राष्ट्रभक्ति का विकास ही बच्चों को जिम्मेदार नागरिक बनाता है।

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इस अवसर पर अध्यापक शिवकरण चौधरी, भुइधर चौधरी, अजय कुमार यादव, सोभा, रीमा, निरुपमा सहित समस्त शिक्षकगण उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में छात्रों की सहभागिता ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
सी.बी. एकेडमी स्कूल बस्ती में मनाया गया यह गणतंत्र दिवस समारोह बच्चों के लिए प्रेरणादायी और समाज के लिए सकारात्मक संदेश देने वाला रहा।

मूलांक 1 से 9 वालों के लिए बड़ी भविष्यवाणी

🔮 जानिए 27 जनवरी 2026 का अंक ज्योतिष भविष्यफल, मूलांक 1 से 9 तक

अंक ज्योतिष व्यक्ति के जीवन, स्वभाव, भविष्य और निर्णय क्षमता को समझने का एक प्रभावशाली माध्यम है। ज्योतिष शास्त्र की तरह ही अंक ज्योतिष भी जन्म तिथि के आधार पर जीवन के हर पहलू—नौकरी, व्यवसाय, शिक्षा, करियर, प्रेम, विवाह, स्वास्थ्य और राजनीति—पर गहरा प्रभाव डालता है।
अगर आप जानना चाहते हैं कि 27 जनवरी 2026 का दिन आपके लिए क्या खास लेकर आया है, तो अपना मूलांक (Birth Number) जानना जरूरी है।
मूलांक निकालने का तरीका:जन्म तिथि के अंकों को जोड़कर एक अंक में बदलें।जैसे: 8, 17 या 26 तारीख = 8

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🔢 मूलांक 1 (नेतृत्व, आत्मविश्वास, सफलता)
Numerology Horoscope 27 January 2026 के अनुसार मूलांक 1 वालों के लिए यह दिन लीडरशिप और निर्णय क्षमता को मजबूत करने वाला है।
करियर/नौकरी:
आज अधूरे प्रोजेक्ट पूरे होंगे। सीनियर्स आपके अनुभव को महत्व देंगे। प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिलने के संकेत हैं।
व्यवसाय:
नई रणनीति बन सकती है। सरकारी या प्रशासनिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को लाभ।
शिक्षा:
कंपीटीटिव एग्जाम की तैयारी कर रहे छात्रों को फोकस बढ़ेगा।
प्रेम/रिश्ते:
ईगो से बचें, संवाद से रिश्ते मजबूत होंगे।

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🔢 मूलांक 2 (संतुलन, शांति, सहयोग)
Numerology Horoscope 27 January 2026 बताता है कि मूलांक 2 वालों के लिए यह दिन अवसर और आत्मचिंतन का है।
करियर:
टीमवर्क से सफलता मिलेगी। ऑफिस में सराहना मिलेगी।
बिजनेस:
पार्टनरशिप में काम करने वालों को फायदा।
स्वास्थ्य:
मानसिक तनाव से बचें, मेडिटेशन लाभ देगा।
प्रेम जीवन:
भावनाओं को खुलकर व्यक्त करें, रिश्ता मजबूत होगा।
🔢 मूलांक 3 (ज्ञान, मार्गदर्शन, प्रभाव)
Numerology Horoscope 27 January 2026 के अनुसार मूलांक 3 वालों की पॉजिटिव एनर्जी आज सबको प्रभावित करेगी।
करियर:
टीचिंग, मीडिया, राजनीति, मोटिवेशनल फील्ड में सफलता।
व्यवसाय:
नए क्लाइंट जुड़ सकते हैं।
शिक्षा:
छात्रों के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाला दिन।
समाज/राजनीति:
आपकी बातों का प्रभाव बढ़ेगा, सम्मान मिलेगा।

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🔢 मूलांक 4 (स्थिरता, योजना, अनुशासन)
Numerology Horoscope 27 January 2026 में मूलांक 4 वालों को आर्थिक राहत मिलने के संकेत हैं।
फाइनेंस:
पुराना निवेश लाभ दे सकता है।
नौकरी:
स्थिरता आएगी, ट्रांसफर या बदलाव के योग।
व्यवसाय:
जोखिम लेने से बचें, लॉन्ग टर्म प्लानिंग करें।
पारिवारिक जीवन:
घर में संतुलन बना रहेगा।
🔢 मूलांक 5 (आकर्षण, प्रेम, संवाद)
Numerology Horoscope 27 January 2026 के अनुसार मूलांक 5 वालों का दिन प्रेम और रिश्तों के लिए खास है।
लव लाइफ:
पार्टनर के साथ भावनात्मक जुड़ाव बढ़ेगा।
सिंगल लोग:
नई शुरुआत के संकेत।
करियर:
कम्युनिकेशन से जुड़े कामों में सफलता।
सोशल लाइफ:
आज आप सबका ध्यान आकर्षित करेंगे।

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🔢 मूलांक 6 (धन, जिम्मेदारी, क्रिएटिविटी)
Numerology Horoscope 27 January 2026 मूलांक 6 वालों के लिए आर्थिक अवसरों का दिन है।
कमाई:
साइड इनकम या पुराने हुनर से लाभ।
करियर:
क्रिएटिव फील्ड—डिजाइन, फैशन, आर्ट में उन्नति।
पारिवारिक जिम्मेदारी:
आपकी समझदारी से घर में सुख-शांति रहेगी।
🔢 मूलांक 7 (क्रिएटिव सोच, रिसर्च, अंतर्ज्ञान)
Numerology Horoscope 27 January 2026 बताता है कि मूलांक 7 वालों की सोच आज सबसे बड़ी ताकत बनेगी।
नौकरी:
रिसर्च, आईटी, टेक्नोलॉजी, लेखन में सफलता।
व्यवसाय:
नए आइडिया से पहचान बनेगी।
मानसिक स्थिति:
अकेले समय बिताना आपको ऊर्जा देगा।

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🔢 मूलांक 8 (धैर्य, कर्म, संघर्ष)
Numerology Horoscope 27 January 2026 के अनुसार मूलांक 8 वालों को वित्तीय मामलों में सतर्कता बरतनी होगी।
धन:
बड़े निवेश फिलहाल टालें।
करियर:
मेहनत ज्यादा, परिणाम थोड़े धीमे।
सलाह:
आज प्लानिंग और रिसर्च पर ध्यान दें।
🔢 मूलांक 9 (ऊर्जा, साहस, सेवा)
Numerology Horoscope 27 January 2026 में मूलांक 9 वालों के लिए दिन आत्ममंथन का संकेत देता है।
बिजनेस/निवेश:
नतीजे उम्मीद से कम मिल सकते हैं।
करियर:
रणनीति बदलने का सही समय।
सेवा/राजनीति:
समाजसेवा से सम्मान मिलेगा।

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⚠️ डिस्क्लेमर — इस आलेख में दी गई जानकारी अंक ज्योतिष पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सत्यता का दावा नहीं करते। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

सर्वार्थसिद्धि योग से बदल सकती है किस्मत

🔱 पंचांग 27 जनवरी 2026: आज का शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल, चौघड़िया, राशिफल और सर्वार्थसिद्धि योग का महत्व

आज का पंचांग: 27 जनवरी 2026, मंगलवार
विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त)
शक संवत: 1947 (विश्वावसु)
मास: माघ
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: नवमी सुबह से शाम 07:05 PM तक, उपरांत दशमी
वार: मंगलवार
ऋतु: शिशिर
अयन: उत्तरायण
🌅 सूर्य और चंद्रमा का समय
सूर्योदय: 07:12 AM
सूर्यास्त: 06:06 PM
चन्द्रोदय: 12:30 PM
चन्द्रास्त: 02:30 AM (28 जनवरी)
सूर्य राशि: मकर
चंद्र राशि:• 04:44 PM तक – मेष • उसके बाद – वृषभ
🌟 नक्षत्र, योग और करण
नक्षत्र:भरणी – 11:08 AM तक
कृत्तिका – उसके बाद
योग:शुक्ल योग – 03:12 AM तक
ब्रह्म योग – उसके बाद
करण:बालव – 08:14 AM तक
कौलव – 07:05 PM तक
तैतिल – उसके बाद
🚫 अशुभ काल (इन समयों में कार्य न करें)
राहुकाल: 03:22 PM – 04:44 PM
यमगण्ड: 09:56 AM – 11:17 AM
कुलिक काल: 12:39 PM – 02:01 PM
दुर्मुहूर्त:09:23 AM – 10:06 AM
11:20 PM – 12:13 AM
वर्ज्यम्: 10:17 PM – 11:46 PM
✅ शुभ मुहूर्त (आज के सर्वश्रेष्ठ समय)
ब्रह्म मुहूर्त: 05:36 AM – 06:24 AM
अमृत काल: 06:37 AM – 08:08 AM
अभिजीत मुहूर्त: 12:17 PM – 01:01 PM
🌼 विशेष योग
सर्वार्थसिद्धि योग:11:08 AM से 28 जनवरी 09:26 AM तक
👉 यह योग नौकरी, व्यापार, निवेश, परीक्षा, विवाह प्रस्ताव और नई शुरुआत के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
🕉️ आज का त्योहार
महानन्दा नवमी
यह तिथि देवी साधना, मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा के लिए श्रेष्ठ मानी जाती है।
चौघड़िया मुहूर्त
दिन का चौघड़िया
लाभ – 11:17 AM – 12:39 PM
अमृत – 12:39 PM – 02:01 PM
शुभ – 03:22 PM – 04:44 PM
रात का चौघड़िया
शुभ – 11:01 PM – 12:39 AM
अमृत – 12:39 AM – 02:17 AM
🔮 चंद्रबल और ताराबल
चंद्रबल (04:44 PM तक):
मेष, मिथुन, कर्क, तुला, वृश्चिक, कुंभ
चंद्रबल (उसके बाद):
वृषभ, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु, मीन
ताराबल:आज अधिकांश नक्षत्रों के लिए अनुकूल, विशेषकर नौकरी और शिक्षा के लिए।
📊 आज का दिन कैसा रहेगा? (नौकरी, व्यापार, शिक्षा, प्रेम)
💼 नौकरी और करियर
आज का दिन सरकारी नौकरी, इंटरव्यू, प्रमोशन और नई जॉब के लिए अनुकूल है। सर्वार्थसिद्धि योग विशेष लाभ देगा।
💰 व्यापार और निवेश
नया व्यापार शुरू करना, साझेदारी, शेयर मार्केट में लॉन्ग टर्म निवेश के लिए शुभ समय है। दोपहर 12:17 से 02:01 PM श्रेष्ठ।
📚 शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षा
विद्यार्थियों के लिए दिन फोकस और एकाग्रता बढ़ाने वाला है। पढ़ाई की नई योजना बनाने में सफलता मिलेगी।
❤️ प्रेम और वैवाहिक जीवन
प्रेम संबंधों में स्पष्टता आएगी। विवाह प्रस्ताव भेजने के लिए आज का दिन शुभ है। संध्या के बाद बातचीत बेहतर रहेगी।
🏛️ राजनीति और सामाजिक क्षेत्र
नेतृत्व क्षमता बढ़ेगी। जनसंपर्क, बैठक और रणनीति बनाने के लिए दिन अनुकूल है।
🔔 आज के विशेष उपाय

  • हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं
  • “ॐ नमः शिवाय” का 11 बार जाप करें
  • लाल वस्त्र धारण करें
  • क्रोध से बचें
    📌 निष्कर्ष पंचांग 27 जनवरी 2026 के अनुसार आज का दिन शुभ योगों से परिपूर्ण है। नौकरी, व्यापार, शिक्षा और प्रेम सभी क्षेत्रों में सफलता के संकेत हैं, बस राहुकाल में कार्य करने से बचें।