Friday, March 13, 2026
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मऊ में सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वालों पर सख्ती, कई हिरासत में

घोसी (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद मऊ में सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने और नशे में उत्पात मचाने वालों के खिलाफ पुलिस ने सख्त अभियान शुरू कर दिया है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद घोसी थाना क्षेत्र में विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया।

बाजार और सड़क किनारे चला अभियान

पुलिस टीम ने बाजार, सड़क किनारे और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर औचक निरीक्षण किया। अभियान के दौरान सार्वजनिक जगहों पर शराब पीते और नशा करते पाए गए कई लोगों को हिरासत में लेकर थाने लाया गया। सभी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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कानून व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीना कानूनन अपराध है और इससे सामाजिक माहौल खराब होता है। ऐसे मामलों में आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

पुलिस की अपील

घोसी पुलिस ने आमजन से अपील की है कि सार्वजनिक स्थानों पर नशा कर रहे लोगों की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखी जा सके।

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महराजगंज में शादी की जिद पर युवती मोबाइल टावर पर चढ़ी, 5 घंटे चला हाईवोल्टेज ड्रामा

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के डोमा काटी गांव में शुक्रवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब 18 वर्षीय युवती प्रेमी से शादी की जिद में गांव के मोबाइल टावर पर चढ़ गई। करीब पांच घंटे तक चले हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद प्रेमी के सार्वजनिक आश्वासन पर युवती नीचे उतरी। पुलिस ने एहतियातन दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

गांव में मचा हड़कंप, टावर पर चढ़ी युवती

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवती अचानक घर से निकलकर सीधे मोबाइल टावर पर चढ़ गई। टावर की ऊंचाई पर युवती को देखकर गांव में अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और उसे समझाने का प्रयास करने लगे, लेकिन वह अपनी मांग पर अड़ी रही।

शादी का सार्वजनिक आश्वासन मांग रही थी युवती

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। पुलिस और ग्रामीणों ने करीब पांच घंटे तक समझाइश दी। इस दौरान युवती ने स्पष्ट कहा कि जब तक उसका प्रेमी सार्वजनिक रूप से शादी का वादा नहीं करेगा, वह नीचे नहीं उतरेगी।

मौके पर पहुंचे युवक ने खुद को युवती का प्रेमी बताया। परिजनों के अनुसार युवती मानसिक दबाव में थी और उसने पहले परिवार को जहर खाने की धमकी भी दी थी।

प्रेमी के वादे पर उतरी नीचे

घंटों चले नाटकीय घटनाक्रम के बाद युवक ने सबके सामने शादी का आश्वासन दिया। इसके बाद युवती शांत हुई और सावधानीपूर्वक टावर से नीचे उतर आई। युवती के सुरक्षित नीचे आते ही ग्रामीणों और पुलिस ने राहत की सांस ली।

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पुलिस ने दोनों को लिया हिरासत में

घटना के बाद पुलिस ने एहतियातन दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि परिजनों से बातचीत कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी और दोनों की काउंसलिंग भी कराई जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

दिनभर चर्चा में रहा मामला

इस पूरे घटनाक्रम के दौरान गांव में लोगों की भीड़ लगी रही। कई लोग मोबाइल से वीडियो बनाते नजर आए। क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।

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बलिया: बेलहरी में 211 हैंडपंप खराब, जल संकट गहराया

बलिया। जनपद के बेलहरी क्षेत्र में गर्मी से पहले ही पेयजल संकट गहरा गया है। क्षेत्र पंचायत बेलहरी अंतर्गत गांवों में कुल 211 इंदिरा मार्का हैंडपंप खराब पड़े हैं, जबकि 81 हैंडपंप रीबोर के इंतजार में हैं। आर्सेनिक प्रभावित इलाके में स्वच्छ पानी की कमी से ग्रामीणों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं।

गर्मी से पहले बिगड़े हालात

स्थानीय लोगों का कहना है कि हैंडपंपों की मरम्मत को लेकर अब तक ठोस पहल नहीं की गई है। कई गांवों में महिलाएं और बच्चे दूर-दराज के इलाकों से पानी लाने को मजबूर हैं। भीषण गर्मी से पहले ही हालात चिंताजनक हो चुके हैं।

ग्राम प्रधान बनाम भुगतान विवाद

ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान इस मुद्दे पर गंभीर नहीं हैं। वहीं ग्राम प्रधानों का कहना है कि पिछले वर्ष खराब हुए हैंडपंपों की मरम्मत का भुगतान अब तक शासन से नहीं मिला है। भुगतान लंबित होने के कारण नए सिरे से मरम्मत या रीबोर कराना आर्थिक रूप से संभव नहीं हो पा रहा है।

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81 हैंडपंप रीबोर सूची में

सूत्रों के अनुसार, 81 हैंडपंप रीबोर की सूची में शामिल हैं और प्रस्ताव ब्लॉक स्तर पर भेजे जाने की प्रक्रिया जारी है। ग्राम पंचायत राज अधिकारी, बलिया ने सभी ग्राम पंचायतों को निर्देश दिया है कि गर्मी शुरू होने से पहले खराब हैंडपंपों की सूची ब्लॉक कार्यालय में जमा कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

आर्सेनिक से बढ़ा स्वास्थ्य खतरा

बेलहरी क्षेत्र को आर्सेनिक प्रभावित माना जाता है। भूजल में आर्सेनिक की अधिक मात्रा के कारण लोगों को आरओ का पानी खरीदना पड़ रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह अतिरिक्त खर्च भारी पड़ रहा है। स्वच्छ पेयजल की कमी से स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बढ़ने लगे हैं।

डीएम से त्वरित कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी, बलिया से हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द मरम्मत और रीबोर की व्यवस्था नहीं की गई तो गर्मी में हालात और विकट हो सकते हैं। लोगों ने प्रशासन से आपातकालीन योजना बनाकर त्वरित समाधान निकालने की अपील की है।

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महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। ग्रामीण विकास की प्रमुख योजना महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को जमीनी स्तर पर लागू करने वाले ग्राम रोजगार सेवक खुद आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। जनपद के सैकड़ों कर्मियों का आरोप है कि जुलाई माह से अब तक उनका मानदेय लंबित है। सात माह से भुगतान न होने के कारण उनके सामने परिवार चलाने का संकट खड़ा हो गया है।

काम पूरा, भुगतान शून्य

ग्राम रोजगार सेवकों का कहना है कि वे मजदूरों की उपस्थिति दर्ज करने, जॉब कार्ड सत्यापन, मास्टर रोल संधारण, कार्यस्थल निरीक्षण और ऑनलाइन फीडिंग जैसे अहम दायित्व निभा रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें समय पर मानदेय नहीं मिल रहा।

एक रोजगार सेवक ने कहा, “सरकार हमसे हर लक्ष्य समय पर पूरा कराती है, लेकिन भुगतान के समय फाइलें अटक जाती हैं। बच्चों की फीस, राशन और दवाइयों का खर्च कैसे उठाएं?”

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त्योहार पर बढ़ी चिंता

होली जैसे बड़े पर्व पर भी जेब खाली होने से उनके घरों की खुशियां फीकी पड़ती दिख रही हैं। बढ़ती महंगाई के बीच कई कर्मियों ने उधार लेकर घर चलाने की बात कही है।

रोजगार सेवकों का आरोप है कि अन्य विभागों के संविदा कर्मियों का वेतन नियमित जारी हो रहा है, लेकिन मनरेगा कर्मियों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। कई बार ज्ञापन देने के बावजूद समाधान नहीं हुआ।

आंदोलन की चेतावनी

कर्मियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो वे सामूहिक आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उनका कहना है कि सम्मान और अधिकार के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
इस संबंध में डीसी मनरेगा गौरवेंद्र सिंह ने बताया कि प्रायः प्रमुख त्योहारों पर वेतन जारी किया जाता है। मानदेय आने की संभावना है, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है।

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महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। टेट (TET) अनिवार्यता के विरोध में गुरुवार को जिले में शिक्षकों का बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के आह्वान पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) कार्यालय परिसर में विशाल धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न विकास खंडों से पहुंचे हजारों शिक्षकों ने भाग लिया।

निर्णय वापस लेने की मांग तेज

धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व जिलाध्यक्ष केशव मणि त्रिपाठी, डॉ. त्रिभुवन नारायण गोपाल, मंत्री सत्येंद्र कुमार मिश्र और उपेन्द्र पाण्डेय ने किया। वक्ताओं ने टेट अनिवार्यता को शिक्षकों के लिए अन्यायपूर्ण बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की।

जिलाध्यक्ष केशव मणि त्रिपाठी ने कहा कि इस निर्णय से प्रदेश के तीन से चार लाख शिक्षकों की नौकरी पर संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने शिक्षकों से लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया।

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शिक्षा व्यवस्था में अस्थिरता का आरोप

वक्ताओं ने आरोप लगाया कि बार-बार नियमों में बदलाव से शिक्षा व्यवस्था में अस्थिरता पैदा हो रही है। विजय प्रताप पाण्डेय ने कहा कि प्राथमिक विद्यालयों में लगातार नए प्रयोग लागू किए जा रहे हैं, जिससे शिक्षकों में असंतोष बढ़ रहा है।

हिसामुद्दीन अंसारी, दिनेश यादव, राघवेन्द्र पाण्डेय, मनोज वर्मा, अखिलेश पाठक और दिनेश कुमार सिंह सहित कई वक्ताओं ने शिक्षकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। दिनेश मणि त्रिपाठी ने टेट अनिवार्यता के विरोध में स्वरचित कविता प्रस्तुत कर आंदोलन को भावनात्मक स्वर दिया।

ज्ञापन सौंपा गया

कार्यक्रम के अंत में जिला मंत्री सत्येंद्र कुमार मिश्र ने ज्ञापन पढ़कर सुनाया। प्रतिनिधिमंडल ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रिद्धि पाण्डेय को प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा, जिसे जिलाधिकारी के माध्यम से अग्रेषित करने की प्रक्रिया पूरी की गई।
धरना-प्रदर्शन का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। शिक्षकों ने एक स्वर में टेट अनिवार्यता वापस लेने तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प दोहराया।

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अध्यात्म: जीवन के हर प्रश्न का मौन उत्तर

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। आधुनिक जीवन की तेज रफ्तार में भौतिक उपलब्धियां बढ़ी हैं, लेकिन मन के प्रश्न आज भी अनुत्तरित हैं—“मैं कौन हूँ?”, “जीवन का उद्देश्य क्या है?”, “सुख और शांति का वास्तविक स्रोत कहां है?”। इन्हीं सवालों के बीच अध्यात्म एक मौन उत्तर बनकर उभरता है, जो व्यक्ति को भीतर की यात्रा की ओर प्रेरित करता है।

आत्मचिंतन ही स्थायी शांति का मार्ग

अध्यात्म किसी बाहरी प्रदर्शन या कर्मकांड का विषय नहीं, बल्कि आत्मा के साथ गहरे संवाद की प्रक्रिया है। यह व्यक्ति को अपने विचारों, भावनाओं और कर्मों का साक्षी बनने की प्रेरणा देता है।

जब मनुष्य बाहरी शोर से हटकर आत्मचिंतन करता है, तब उसे अनुभव होता है कि कई प्रश्नों के उत्तर शब्दों में नहीं, बल्कि अनुभूति में मिलते हैं। भारतीय चिंतन परंपरा ने इसी आत्मबोध को सर्वोच्च स्थान दिया है।

प्राचीन ग्रंथों की प्रासंगिकता

भारतीय आध्यात्मिक साहित्य में जीवन के जटिल प्रश्नों का सरल समाधान मिलता है।
उपनिषद का महावाक्य “तत्त्वमसि” यह संदेश देता है कि परम सत्य व्यक्ति के भीतर ही विद्यमान है।
वहीं श्रीमद्भगवद्गीता में कर्म, ज्ञान और भक्ति का संतुलित मार्ग जीवन की जटिलताओं को समझने की दिशा प्रदान करता है। परिस्थितियां बदलती रहती हैं, परंतु शांति की तलाश हर युग में समान रहती है।

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सफलता की नई परिभाषा

आज सफलता का मापदंड अक्सर धन, पद और प्रतिष्ठा तक सीमित हो गया है। प्रतिस्पर्धा की इस दौड़ में व्यक्ति तनाव और असंतोष का शिकार हो रहा है। अध्यात्म सिखाता है कि सुख बाहरी वस्तुओं से नहीं, बल्कि मन की अवस्था से उत्पन्न होता है।
जब मन संतुलित होता है, तब कठिन परिस्थितियां भी व्यक्ति को विचलित नहीं कर पातीं।

पलायन नहीं, सजगता का मार्ग

अध्यात्म जिम्मेदारियों से दूर भागने का नहीं, बल्कि उन्हें अधिक सजगता और समर्पण से निभाने का मार्ग है। निष्काम कर्म की भावना परिणाम की चिंता से मुक्त कर कार्य में उत्कृष्टता लाती है।

समय की मांग है कि अध्यात्म को आधुनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाया जाए—परिवारों में संवाद और संस्कार मजबूत हों, शिक्षण संस्थानों में योग और ध्यान को बढ़ावा मिले। विशेषकर युवाओं के लिए आत्मबोध और मानसिक संतुलन अत्यंत आवश्यक है।

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सबूत साफ़, साहिबा फरार: देवरिया शिक्षा विभाग में ‘कातिलों’ का नंगा नाच; विधायक की आशंका सच, पुलिस को ठेंगा दिखा उड़ाया DVR फुटेज!

बड़ा विस्फोट: CDO की जांच में जो फुटेज था, पुलिस के आते ही वो ‘गायब’ कैसे हुआ? क्या सस्पेंशन रोकने वाली ‘लखनऊ की लॉबी’ ही मिटा रही है ‘कातिल’ साक्ष्य?


गौरव कुशवाहा विशेष संवाददाता

देवरिया/गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा ) शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह को मौत के फंदे तक पहुँचाने वाले ‘सिस्टम’ ने अब उनके खून के निशानों को मिटाना शुरू कर दिया है। देवरिया सदर विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी ने जिस ‘साक्ष्य मिटाने’ की आशंका जताते हुए बेसिक शिक्षा मंत्री को कड़ा पत्र लिखा था, वह खौफनाक सच 24 घंटे के भीतर सामने आ गया। जिस डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR) में 20 फरवरी को शिक्षक के साथ हुई अंतिम बदसलूकी और ‘वसूली कांड’ का कच्चा चिट्ठा कैद था, वह गुलरिहा पुलिस के हाथ लगते ही ‘कोरा’ (खाली) निकला। यह महज़ तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि कानून की आंखों में धूल झोंककर किया गया ‘ऑर्गेनाइज्ड क्राइम’ है।

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विधायक का ‘विस्फोटक’ पत्र: अपनी ही सरकार की अफसरशाही पर अविश्वास!

​विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने अपने पत्र (पत्रांक: MLA/VIP/544558/26) के जरिए शासन को आईना दिखाया है। उन्होंने साफ कहा कि आरोपी BSA को तत्काल निलंबित न करना ‘साक्ष्यों को नष्ट’ करने का मौका देने जैसा है। विधायक की यह चिंता तब हकीकत में बदल गई जब पुलिस को दफ्तर में ‘खाली’ डीवीआर थमा दिया गया। सवाल उठता है कि जब सोमवार को CDO राजेश कुमार सिंह की टीम ने फुटेज देखकर उसे सुरक्षित किया था, तो पुलिस के पहुँचने तक वह डीवीआर किसने बदला या ‘फॉर्मेट’ किया? क्या विभाग के भीतर बैठे ‘सफेदपोश मददगार’ अब भी भगोड़ी साहिबा के लिए बैटिंग कर रहे हैं?

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भगोड़ी BSA का हाईकोर्ट वाला ‘कवच’: पत्नी गुड़िया सिंह को बनाया पक्षकार

​एक तरफ दफ्तर में सबूत मिटाए जा रहे हैं, दूसरी तरफ आरोपी BSA शालिनी श्रीवास्तव गिरफ्तारी से बचने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट की शरण में पहुँच गई हैं। मंगलवार को दाखिल अपनी याचिका में उन्होंने चालाकी दिखाते हुए एसएसपी गोरखपुर और वादिनी गुड़िया सिंह (मृतक की पत्नी) को पक्षकार बनाया है ताकि कानूनी दांव-पेच में मामले को उलझाया जा सके। हैरानी की बात यह है कि DM की रिपोर्ट के 72 घंटे बाद भी लखनऊ से ‘निलंबन’ का आदेश न आना यह साबित करता है कि कैबिनेट मंत्री का ‘वरदहस्त’ कानून के हाथ बांधे हुए है।

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एसपी सिटी की दो-टूक: ‘साजिश हुई तो सीधे जाएंगे जेल’

​इस महा-जालसाजी पर एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि 20 फरवरी के फुटेज का गायब होना गंभीर मामला है और यदि जानबूझकर छेड़छाड़ की पुष्टि हुई, तो संबंधित कर्मचारियों पर संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाएगा। पुलिस अब उन चेहरों की पहचान कर रही है जिन्होंने जांच दल के जाने और पुलिस के आने के बीच डीवीआर के साथ खेल किया।

संघर्ष की कहानी के नायक के पिता नहीं रहे: रिंकू सिंह परिवार पर दुखों का पहाड़

क्रिकेटर रिंकू सिंह के सिर से उठा पिता का साया: स्टेज-4 लिवर कैंसर से लंबी जंग के बाद निधन

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)भारतीय क्रिकेट जगत से एक भावुक कर देने वाली खबर सामने आई है। टीम इंडिया के उभरते सितारे रिंकू सिंह के पिता का स्टेज-4 लिवर कैंसर से लंबी जंग के बाद निधन हो गया। रिंकू सिंह पिता लंबे समय से गंभीर रूप से बीमार थे और उनका इलाज चल रहा था, लेकिन अंततः बीमारी ने उन्हें हमसे छीन लिया।
यह खबर सामने आते ही क्रिकेट जगत और खेल प्रेमियों में शोक की लहर दौड़ गई। सोशल मीडिया पर फैंस लगातार रिंकू सिंह और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।
स्टेज-4 लिवर कैंसर से जूझ रहे थे
परिवार के करीबी सूत्रों के अनुसार, रिंकू सिंह पिता को कुछ समय पहले लिवर कैंसर का पता चला था। जांच के दौरान बीमारी स्टेज-4 में पहुंच चुकी थी, जो कैंसर का अंतिम और सबसे गंभीर चरण माना जाता है।
डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी था। परिवार ने पूरी कोशिश की, लेकिन बीमारी की गंभीरता के कारण स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई।
लिवर कैंसर के स्टेज-4 में मरीज की हालत बेहद नाजुक हो जाती है। ऐसे में उपचार सीमित हो जाता है और मरीज को गहन चिकित्सा देखभाल की जरूरत होती है।

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रिंकू सिंह का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। साधारण परिवार में जन्मे रिंकू सिंह ने कठिन परिस्थितियों के बीच क्रिकेट को अपना करियर बनाया। उनके पिता परिवार का पालन-पोषण करने के लिए मेहनत मजदूरी करते थे।
रिंकू सिंह कई बार अपने इंटरव्यू में बता चुके हैं कि उनके पिता ने उन्हें आगे बढ़ने के लिए हर संभव त्याग किया। आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने बेटे के सपनों को कभी टूटने नहीं दिया।
आज जब रिंकू सिंह भारतीय क्रिकेट में अपनी पहचान बना चुके हैं, तब रिंकू सिंह पिता का निधन उनके लिए व्यक्तिगत रूप से एक बहुत बड़ा झटका है।
भावुक हुए रिंकू सिंह
करीबी सूत्रों के अनुसार, पिता के निधन की खबर से रिंकू सिंह बेहद टूट गए हैं। परिवार के साथ समय बिताने के लिए उन्होंने अपने कार्यक्रमों में बदलाव किया है।
कहा जाता है कि रिंकू सिंह अपने पिता से बेहद जुड़े हुए थे। क्रिकेट के हर बड़े मुकाम पर वे अपने पिता को श्रेय देते रहे हैं।
क्रिकेट जगत ने जताया शोक
कई क्रिकेटरों और खेल हस्तियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से रिंकू सिंह पिता के निधन पर शोक व्यक्त किया।
भारतीय क्रिकेट के दिग्गजों ने लिखा कि यह समय रिंकू सिंह और उनके परिवार के लिए बेहद कठिन है और वे इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़े हैं।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

रिंकू सिंह पिता का निधन सिर्फ एक व्यक्तिगत क्षति नहीं, बल्कि पूरे परिवार के लिए गहरा आघात है। परिवार के सदस्यों ने बताया कि वे पिछले कई महीनों से अस्पताल के चक्कर लगा रहे थे।
आर्थिक और मानसिक दबाव के बीच परिवार ने हिम्मत नहीं हारी, लेकिन बीमारी ने अंततः जीत हासिल कर ली।
लिवर कैंसर: एक गंभीर बीमारी
लिवर कैंसर भारत सहित दुनिया भर में तेजी से बढ़ रही गंभीर बीमारियों में से एक है। विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर जांच और इलाज से इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है।
स्टेज-4 में पहुंचने के बाद उपचार चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे में शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
फैंस की प्रार्थनाएं और समर्थन
रिंकू सिंह के फैंस लगातार सोशल मीडिया पर #RinkuSingh के साथ श्रद्धांजलि संदेश साझा कर रहे हैं।
लोग लिख रहे हैं कि रिंकू सिंह ने देश को कई यादगार पल दिए हैं और यह समय है जब देश उनके साथ खड़ा हो।
फिलहाल रिंकू सिंह अपने परिवार के साथ हैं। क्रिकेट से जुड़ी उनकी आगामी योजनाओं को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
संभावना है कि वे कुछ समय के लिए खेल से दूरी बना सकते हैं, ताकि परिवार को संभाल सकें।
रिंकू सिंह पिता का निधन न सिर्फ उनके परिवार के लिए बल्कि क्रिकेट प्रेमियों के लिए भी दुखद खबर है। स्टेज-4 लिवर कैंसर से लंबी जंग के बाद उनका जाना यह याद दिलाता है कि जीवन कितना अनिश्चित है।
रिंकू सिंह की सफलता के पीछे उनके पिता का संघर्ष और त्याग हमेशा याद किया जाएगा।

प्लॉट विवाद बना खूनी खेल: बेटे के सिर में कील ठोंकने का सनसनीखेज आरोप

पिता-भाई पर संगीन इल्जाम

फिरोजाबाद कील कांड: क्या है पूरा मामला?


फिरोजाबाद (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में सामने आया फिरोजाबाद कील कांड पूरे इलाके में सनसनी का कारण बन गया है। थाना नारखी क्षेत्र के गांव नगला सौंठ में 22 वर्षीय युवक ने अपने सगे पिता और भाई पर सोते समय उसके सिर में लोहे की कील ठोंकने का आरोप लगाया है।
घायल युवक जब सिर में कील गड़ी हालत में नारखी थाने पहुंचा तो पुलिसकर्मी और मौजूद ग्रामीण स्तब्ध रह गए। प्राथमिक उपचार के बाद युवक को गंभीर हालत में आगरा रेफर कर दिया गया है।
यह मामला अब फिरोजाबाद कील कांड के नाम से चर्चा में है और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

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पीड़ित का आरोप: प्लॉट विवाद बना हिंसा की वजह
पीड़ित युवक सुनील (22) के अनुसार परिवार में लंबे समय से प्लॉट को लेकर विवाद चल रहा था। बृहस्पतिवार शाम वह अपने कमरे में सो रहा था, तभी उसके पिता और भाई ने मिलकर उसे दबोच लिया।
युवक का आरोप है कि आरोपियों ने हथौड़े से उसके सिर में लोहे की कील ठोंक दी। दर्द से कराहते हुए उसने खुद को छुड़ाया और किसी तरह मौके से भागकर सीधे नारखी थाने पहुंचा।
सुनील का कहना है कि यदि वह समय रहते थाने नहीं पहुंचता तो उसकी जान भी जा सकती थी।
इस फिरोजाबाद कील कांड में पारिवारिक जमीन विवाद को मुख्य कारण बताया जा रहा है।

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पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना?
मामले को और भी गंभीर बनाता है पीड़ित का यह दावा कि यह पहली बार नहीं हुआ।
सुनील के अनुसार 15 फरवरी को भी आरोपियों ने उसके सिर में कील ठोंकी थी। इसके बाद उसे मानसिक रूप से अस्थिर साबित करने की कोशिश की गई और नशा मुक्ति केंद्र भेज दिया गया।
हालांकि, वहां की मेडिकल टीम ने युवक की हालत देखकर उसे अगले ही दिन वापस घर भेज दिया।
यदि यह दावा सही साबित होता है तो फिरोजाबाद कील कांड केवल घरेलू विवाद नहीं बल्कि सुनियोजित हिंसा का मामला बन सकता है।
पुलिस का बयान
थानाध्यक्ष नारखी राकेश कुमार गिरी ने बताया कि युवक सिर में कील लगी हालत में थाने आया था। उसे तुरंत मेडिकल परीक्षण और उपचार के लिए भेजा गया। अभी तक औपचारिक तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर मिलते ही संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की जांच की जाएगी।
डॉक्टरों ने क्या कहा?
प्राथमिक उपचार के बाद युवक को बेहतर इलाज के लिए आगरा रेफर किया गया है।
चिकित्सकों के अनुसार सिर में कील ठोंकना अत्यंत गंभीर चोट है और इससे मस्तिष्क को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है।
डॉक्टरों की टीम युवक की स्थिति पर नजर रखे हुए है। यदि समय पर इलाज न मिलता तो परिणाम घातक हो सकते थे।

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गांव में दहशत और आक्रोश
नगला सौंठ गांव में इस घटना के बाद दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि पारिवारिक विवाद इस हद तक पहुंच जाएगा, इसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी।
कुछ लोगों का मानना है कि जमीन विवाद लंबे समय से चल रहा था और परिवार के भीतर तनाव बढ़ता जा रहा था।
फिरोजाबाद कील कांड ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि पारिवारिक संपत्ति विवाद किस तरह हिंसक रूप ले सकता है।
कानूनी पहलू
यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला हत्या के प्रयास (धारा 307 IPC) सहित गंभीर धाराओं में दर्ज हो सकता है।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार सिर में कील ठोंकना जानलेवा हमला माना जाएगा।
पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि आरोप कितने सही हैं और किस धारा में कार्रवाई होगी।
सोशल एंगल: क्यों बढ़ रहे हैं पारिवारिक विवाद?
संपत्ति और जमीन को लेकर विवाद ग्रामीण क्षेत्रों में आम होते जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि पारिवारिक संवाद की कमी, कानूनी जागरूकता का अभाव और आर्थिक दबाव ऐसे मामलों को जन्म देते हैं।

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फिरोजाबाद कील कांड समाज के लिए चेतावनी है कि छोटे विवाद समय रहते सुलझाए जाएं।
आगे क्या? पुलिस तहरीर का इंतजार कर रही है,मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर धाराएं तय होंगी,आरोपियों से पूछताछ की जाएगी,जमीन विवाद के दस्तावेजों की जांच होगी ,मामले की निष्पक्ष जांच से ही सच्चाई सामने आएगी।

मिलकर करें राष्ट्र की आराधना: सामाजिक सद्भाव से ही बनेगा समर्थ भारत

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। सदर विकासखंड सभागार में गुरुवार को सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि संगठित समाज ही मजबूत और समर्थ भारत की आधारशिला है।

सामाजिक एकता ही राष्ट्र की शक्ति

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह विभाग कार्यवाहक शिवाकांत ने कहा कि समाज की संगठित शक्ति राष्ट्र को परम वैभव तक पहुंचा सकती है। उन्होंने आह्वान किया कि सभी वर्ग मिलकर राष्ट्र की आराधना करें और समाज को विभाजन से ऊपर उठाकर एकसूत्र में बांधें।
उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर और समर्थ भारत के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

शताब्दी वर्ष के तहत अभियान

यह आयोजन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अंतर्गत चल रहे ‘पांच परिवर्तन एवं सामाजिक सद्भाव अभियान’ की श्रृंखला का हिस्सा था। इसी क्रम में सदर खंड में यह बैठक आयोजित की गई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता गायत्री परिवार के राम प्रीत गुप्त ने की। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में सामाजिक समरसता और भाईचारे की भावना मूल संस्कारों में समाहित है।

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युवाओं ने लिया राष्ट्र निर्माण का संकल्प

संघ चालक साधू शरण शर्मा ने एकजुट समाज को विश्व पटल पर अग्रणी बनने की कुंजी बताया। खंड कार्यवाहक सुनील मिश्र ने नए और समर्थ राष्ट्र के निर्माण हेतु सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया।

बैठक में युवाओं की उल्लेखनीय भागीदारी रही। अंत में उपस्थित लोगों ने सामाजिक सद्भाव, समरसता और राष्ट्र के प्रति समर्पण का सामूहिक संकल्प लिया।
कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि मजबूत समाज ही मजबूत राष्ट्र का आधार है, और निरंतर प्रयासों से ही भारत समर्थ व विकसित राष्ट्र बन सकता है।

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16 समझौते, रक्षा-तकनीक में बढ़त: इजरायल दौरे से मजबूत भारत

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) पीएम मोदी इजरायल दौरा: 24 घंटे में बड़े फैसले, भारत-इजरायल संबंध नई ऊंचाई पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हालिया पीएम मोदी इजरायल दौरा भारत-इजरायल संबंधों के इतिहास में एक अहम पड़ाव बनकर उभरा है। करीब 24 घंटे से कुछ अधिक समय की इस यात्रा को विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने “मील का पत्थर” करार दिया। यह दौरा प्रधानमंत्री के निमंत्रण पर हुआ और लगभग नौ वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की दूसरी इजरायल यात्रा रही।
इस यात्रा ने स्पष्ट कर दिया कि भारत-इजरायल संबंध अब पारंपरिक सहयोग से आगे बढ़कर रणनीतिक, तकनीकी और वैश्विक साझेदारी के नए चरण में प्रवेश कर चुके हैं।
नेसेट में संबोधन और ऐतिहासिक ‘नेसेट मेडल’ सम्मान।
इस दौरे का सबसे चर्चित और प्रतीकात्मक क्षण था प्रधानमंत्री मोदी का इजरायल की संसद Knesset में संबोधन।
प्रधानमंत्री को भारत-इजरायल संबंधों को नई मजबूती देने के लिए ‘नेसेट मेडल’ से सम्मानित किया गया। वे इस सम्मान को पाने वाले दुनिया के पहले नेता बने। यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं बल्कि भारत-इजरायल संबंधों की गहराई और आपसी विश्वास का प्रतीक है।

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अपने संबोधन में पीएम मोदी ने लोकतांत्रिक मूल्यों, नवाचार, सुरक्षा सहयोग और साझा भविष्य की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत और इजरायल दोनों ही देश आतंकवाद के खिलाफ दृढ़ हैं और शांति व प्रगति के लिए मिलकर काम करेंगे।
मोदी-नेतन्याहू बैठक: रणनीतिक साझेदारी को ‘स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ का दर्जा
प्रधानमंत्री मोदी ने इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के साथ विस्तृत द्विपक्षीय वार्ता की।
इस बैठक में निर्णय लिया गया कि भारत-इजरायल संबंधों को ‘शांति, इनोवेशन और खुशहाली के लिए भारत-इजरायल स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ तक उन्नत किया जाएगा।
दोनों नेताओं ने रक्षा, तकनीक, कृषि और साइबर सुरक्षा को भविष्य के सहयोग का मुख्य आधार बताया।

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16 महत्वपूर्ण समझौते: तकनीक से रक्षा तक व्यापक सहयोग
पीएम मोदी इजरायल दौरा के दौरान कुल 16 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं:
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सिक्योरिटी
विज्ञान, टेक्नोलॉजी और स्पेस रिसर्च
कृषि नवाचार और जल प्रबंधन
रक्षा उत्पादन और संयुक्त विकास
व्यापार और निवेश विस्तार
भारत-इजरायल संबंधों की मजबूती के लिए साइंस एंड टेक्नोलॉजी जॉइंट कमीशन को अब मंत्रालय स्तर तक उन्नत करने का फैसला भी लिया गया है। इससे संयुक्त परियोजनाओं को तेजी मिलेगी।
रक्षा क्षेत्र में ड्रोन टेक्नोलॉजी, मिसाइल सिस्टम और सीमा सुरक्षा तकनीकों पर सहयोग बढ़ाने की सहमति बनी है।
याद वाशेम में श्रद्धांजलि: इतिहास के प्रति सम्मान
यरुशलम में प्रधानमंत्री ने विश्व होलोकॉस्ट स्मृति केंद्र Yad Vashem का दौरा कर पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
यह दौरा भारत-इजरायल संबंधों में मानवीय संवेदनशीलता और ऐतिहासिक समझ का प्रतीक रहा।
इसके बाद प्रधानमंत्री ने इजरायल के राष्ट्रपति Isaac Herzog से मुलाकात की। ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल के अंतर्गत राष्ट्रपति भवन परिसर में ओक का पौधा लगाया गया, जो पर्यावरण और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक बना।
भारतीय यहूदी समुदाय और सांस्कृतिक संवाद
यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री ने इजरायल में बसे भारतीय मूल के यहूदी समुदाय और इंडोलॉजिस्ट से मुलाकात की।
उन्होंने लोकप्रिय इजरायली टीवी सीरीज Fauda के कलाकारों से भी संवाद किया। यह सांस्कृतिक संपर्क दोनों देशों के बीच जन-से-जन संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
भारत-इजरायल संबंध केवल सरकारों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज, संस्कृति और शिक्षा तक विस्तार पा चुके हैं।

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पश्चिम एशिया में भारत की सक्रिय कूटनीति
पीएम मोदी इजरायल दौरा व्यापक पश्चिम एशिया रणनीति का हिस्सा है। पिछले एक वर्ष में प्रधानमंत्री ने कुवैत, सऊदी अरब, जॉर्डन और ओमान जैसे देशों का दौरा कर भारत की क्षेत्रीय उपस्थिति को सुदृढ़ किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-इजरायल संबंधों की मजबूती पश्चिम एशिया में संतुलित और बहुआयामी विदेश नीति का संकेत है।
क्यों अहम है यह दौरा?
रक्षा सहयोग में नई तेजी
हाई-टेक और स्टार्टअप साझेदारी का विस्तार
जल संकट और कृषि समाधान में संयुक्त नवाचार
आतंकवाद विरोधी सहयोग की मजबूती
वैश्विक मंचों पर साझा रणनीतिक समर्थन
भारत-इजरायल संबंध अब केवल रक्षा खरीद तक सीमित नहीं, बल्कि सह-विकास और सह-उत्पादन के मॉडल की ओर बढ़ रहे हैं।

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विशेषज्ञों की राय
विदेश नीति विशेषज्ञों का कहना है कि यह दौरा भारत को पश्चिम एशिया में एक संतुलित और प्रभावशाली शक्ति के रूप में स्थापित करता है।
पीएम मोदी इजरायल दौरा ने दिखाया कि भारत वैश्विक तकनीकी और सुरक्षा साझेदारियों में अग्रणी भूमिका निभाना चाहता है।
निष्कर्ष: भविष्य की दिशा
यह स्पष्ट है कि पीएम मोदी इजरायल दौरा केवल प्रतीकात्मक यात्रा नहीं थी, बल्कि ठोस नीतिगत परिणामों से भरपूर रही।
भारत-इजरायल संबंध अब रक्षा और कृषि से आगे बढ़कर कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा, स्पेस टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप इकोसिस्टम तक फैल चुके हैं।
नेसेट मेडल सम्मान, 16 समझौते और स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा — ये सभी संकेत हैं कि आने वाले वर्षों में भारत-इजरायल संबंध और मजबूत होंगे।

दिल्ली: राजधानी में महंगी हो सकती है शराब, लाइसेंस शुल्क 10% बढ़ा

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। राजधानी में नए वित्तीय वर्ष से शराब के दाम बढ़ सकते हैं। 2026-27 की आबकारी अवधि के लिए लाइसेंस शुल्क में 10 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी गई है। यह बढ़ोतरी होटल, क्लब और रेस्टोरेंट समेत विभिन्न श्रेणियों के लाइसेंस पर लागू होगी।

1 अप्रैल से लागू होगी नई आबकारी अवधि

दिल्ली सरकार के आबकारी, मनोरंजन एवं लक्जरी टैक्स विभाग ने 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक की लाइसेंस अवधि के लिए संशोधित शुल्क लागू करने का आदेश जारी किया है। सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद एल-28/एल-28एफ और एल-29/एल-29एफ श्रेणी के लाइसेंसों के नवीनीकरण को स्वीकृति दे दी गई है।

नई व्यवस्था के तहत भारतीय और विदेशी शराब पर लगने वाली वार्षिक लाइसेंस फीस में 10% इजाफा किया गया है। जानकारों का मानना है कि लाइसेंस शुल्क बढ़ने का असर बाजार में शराब की खुदरा कीमतों पर भी पड़ सकता है।

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फीस भुगतान की समय सीमा तय

सभी लाइसेंसधारकों को ई-आबकारी पोर्टल पर अपनी एएक्सडी आईडी से ऑनलाइन आवेदन कर नवीनीकरण कराना होगा।

• 28 फरवरी तक: केवल मूल लाइसेंस शुल्क देय
• 1 मार्च से 31 मार्च तक: 25% अतिरिक्त शुल्क
• 1 अप्रैल के बाद: 100% अतिरिक्त शुल्क

विभाग ने स्पष्ट किया है कि समय पर शुल्क जमा न करने पर परिवहन परमिट रोका जा सकता है या अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

क्या बढ़ेंगे शराब के दाम?

विशेषज्ञों के अनुसार, लाइसेंस शुल्क में 10% बढ़ोतरी का सीधा असर होटल, बार और रेस्टोरेंट में शराब की कीमतों पर पड़ सकता है। हालांकि अंतिम कीमतें बाजार की प्रतिस्पर्धा और व्यावसायिक निर्णयों पर निर्भर करेंगी।

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No Income Tax In Dubai: बिना पर्सनल टैक्स के कैसे चलता है दुबई का खजाना?

No Income Tax In Dubai: दुनिया भर में मशहूर है कि दुबई में पर्सनल इनकम टैक्स नहीं लगता। यानी यहां काम करने वाले लोगों को अपनी सैलरी पर टैक्स नहीं देना पड़ता। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि अगर इनकम टैक्स नहीं है तो सरकार कमाई कैसे करती है?

असल में दुबई की अर्थव्यवस्था बेहद विविध (diversified) है और यह सर्विस, ट्रेड, टूरिज्म और स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टमेंट पर आधारित मॉडल से रेवेन्यू जुटाता है।

सरकारी फीस और सर्विस चार्ज

दुबई की आय का बड़ा हिस्सा सरकारी फीस से आता है।

• वीजा और रेजिडेंसी परमिट फीस
• वर्क परमिट चार्ज
• ट्रेड लाइसेंस और उसका रिन्यूअल
• म्युनिसिपल टैक्स और प्रॉपर्टी फीस
• ट्रैफिक फाइन और अन्य प्रशासनिक जुर्माना

शहर में रहने वाले लाखों प्रवासी इन सेवाओं के लिए नियमित भुगतान करते हैं, जो सरकार की स्थिर आय बनाते हैं।

कॉरपोरेट और इनडायरेक्ट टैक्स

हालांकि पर्सनल इनकम टैक्स नहीं है, लेकिन बिजनेस पर टैक्स लगता है।

• 2023 से यूएई में AED 3,75,000 से ज्यादा के प्रॉफिट पर 9% कॉरपोरेट टैक्स
• 5% वैल्यू एडेड टैक्स (VAT) ज्यादातर सामान और सेवाओं पर
• विदेशी बैंकों पर लगभग 20% टैक्स
• तेल कंपनियों पर 55% तक टैक्स

इससे सरकार को मजबूत राजस्व प्राप्त होता है।

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टूरिज्म और एविएशन से अरबों की कमाई

टूरिज्म दुबई की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। हर साल लाखों पर्यटक यहां आते हैं।

• होटल बुकिंग पर टूरिज्म लेवी
• रेस्टोरेंट और एंटरटेनमेंट से टैक्स
• दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा से डिपार्चर और सर्विस चार्ज

एविएशन सेक्टर से होने वाली कमाई सरकार के लिए बड़ा स्त्रोत है।

सरकारी कंपनियों से डायरेक्ट प्रॉफिट

दुबई कई सफल सरकारी कंपनियों का मालिक है, जो सीधे रेवेन्यू देती हैं।

• एमिरेट्स एयरलाइन
• रियल एस्टेट प्रोजेक्ट जैसे बुर्ज खलीफा
• कमर्शियल लीजिंग और ग्लोबल इन्वेस्टमेंट

ये कंपनियां सरकार को लाभांश (dividend) और प्रत्यक्ष मुनाफा देती हैं।

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एयरस्ट्राइक का ‘जवाबी वार’: अफगानिस्तान का बड़ा दावा, पाकिस्तान की 15 चौकियों पर कब्जा, 40 सैनिक ढेर!

दक्षिण एशिया में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान में किए गए एयरस्ट्राइक के बाद दोनों देशों के बीच सीमा पर हालात गंभीर हो गए हैं। बीते 48 घंटों से छिटपुट गोलीबारी के बीच अब भारी हथियारों के इस्तेमाल की खबरें सामने आ रही हैं।

एयरस्ट्राइक के बाद बढ़ा तनाव

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान ने 22 फरवरी को अफगानिस्तान के कई इलाकों में आतंकवादियों के ठिकानों को निशाना बनाते हुए हवाई हमले किए। इन हमलों में आम नागरिकों की मौत का दावा किया गया, जिससे स्थिति और संवेदनशील हो गई।

तालिबान सरकार का पलटवार

अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने बयान जारी कर कहा कि आम नागरिकों पर हुए हमलों का जवाब देने के लिए अफगान सेना ने पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।

बताया जा रहा है कि नंगरहार-खैबर और कुनार-बाजौर सीमा क्षेत्रों में टैंक, आर्टिलरी, रॉकेट और मोर्टार का इस्तेमाल किया गया। तालिबान सरकार ने दावा किया है कि पाकिस्तान की 15 चौकियों पर कब्जा कर लिया गया है। साथ ही कुनार सीमा पर 40 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने का दावा भी किया गया है।

हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।

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ऑपरेशन के नाम और सीमाई हालात

अफगान पक्ष के अनुसार, “ऑपरेशन 201 खालिद बिन वालिद ब्रिगेड” और “205 अल बद्र ब्रिगेड” के तहत कार्रवाई की जा रही है। सीमा क्षेत्रों में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।

भारत की प्रतिक्रिया

पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बयान जारी कर अफगानिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के समर्थन की बात कही थी तथा नागरिकों की मौत पर चिंता व्यक्त की थी।

क्षेत्रीय स्थिरता पर असर

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव जारी रहता है तो इसका असर पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता पर पड़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब इस घटनाक्रम पर टिकी हैं।

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India vs Zimbabwe: 72 रन की बड़ी जीत, 1 मार्च को वेस्टइंडीज से सेमीफाइनल का टिकट दांव पर


नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा खेल डेस्क)India vs Zimbabwe: भारत की दमदार जीत, सेमीफाइनल की उम्मीद बरकरार T20 World Cup 2026 के सुपर 8 मुकाबले में India vs Zimbabwe मैच भारतीय टीम के लिए करो या मरो जैसा था। टीम इंडिया ने शानदार बल्लेबाजी और अनुशासित गेंदबाजी के दम पर जिम्बाब्वे को 72 रन से हराकर सेमीफाइनल की उम्मीदों को जीवित रखा। इस जीत के साथ ग्रुप-1 का समीकरण और रोमांचक हो गया है।


अब 1 मार्च को India vs West Indies मुकाबला सेमीफाइनल की तस्वीर साफ करेगा। जो टीम यह मैच जीतेगी, वही अंतिम चार में जगह बनाएगी।
भारत ने बनाया 256 रन – टी20 इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर
पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 4 विकेट पर 256 रन बनाए। यह T20 World Cup 2026 में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा और विश्व कप इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर भी बना।
प्रमुख पारियां:
अभिषेक शर्मा – 55 रन (30 गेंद, 4 छक्के, 4 चौके)
हार्दिक पंड्या – नाबाद 50 रन (23 गेंद, 4 छक्के, 2 चौके)
मध्यक्रम में सूर्यकुमार यादव और शिवम दुबे ने भी तेजी से रन जोड़कर स्कोर को विशाल बनाया।
अभिषेक शर्मा ने पावरप्ले में आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर दबाव बनाया। वहीं हार्दिक पंड्या ने डेथ ओवर्स में विस्फोटक अंदाज में रन बटोरते हुए टीम को 250 के पार पहुंचाया।
जिम्बाब्वे की कोशिश नाकाम, 184 रन पर थमी पारी
257 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए जिम्बाब्वे की टीम 6 विकेट पर 184 रन ही बना सकी। हालांकि सलामी बल्लेबाज ब्रायन बेनेट ने नाबाद 97 रन की शानदार पारी खेली, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से पर्याप्त सहयोग नहीं मिला।
ब्रायन बेनेट – 97* (59 गेंद, 6 छक्के, 8 चौके)
सिकंदर रजा – 31 रन
बेनेट ने आखिरी ओवर तक संघर्ष किया, लेकिन लक्ष्य बहुत बड़ा था और भारतीय गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर मैच पर पकड़ बनाए रखी।
अर्शदीप सिंह की घातक गेंदबाजी
गेंदबाजी में अर्शदीप सिंह भारत के सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 24 रन देकर 3 विकेट चटकाए और जिम्बाब्वे की रन गति पर अंकुश लगाया।
अन्य गेंदबाजों का प्रदर्शन:
अक्षर पटेल – 1 विकेट (35 रन)
वरुण चक्रवर्ती – 1 विकेट (35 रन)
शिवम दुबे – 1 विकेट (46 रन)
अर्शदीप ने नई गेंद से और डेथ ओवरों में बेहतरीन यॉर्कर डालकर विपक्षी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।
सुपर 8 पॉइंट्स टेबल: समीकरण हुआ दिलचस्प
T20 World Cup 2026 के सुपर 8 ग्रुप 1 में स्थिति अब बेहद रोमांचक है।
दक्षिण अफ्रीका – 4 अंक (सेमीफाइनल में क्वालीफाई)
वेस्टइंडीज – 2 अंक (NRR +1.791)
भारत – 2 अंक (NRR -0.100)
भारत की 72 रन की जीत से नेट रन रेट में सुधार हुआ है, लेकिन अभी भी वेस्टइंडीज आगे है। ऐसे में India vs West Indies मुकाबला निर्णायक साबित होगा।
1 मार्च: India vs West Indies – आर-पार की टक्कर
1 मार्च को होने वाला India vs West Indies मैच सेमीफाइनल का टिकट तय करेगा। दोनों टीमों के पास 2-2 अंक हैं, लेकिन नेट रन रेट में वेस्टइंडीज आगे है। भारत को सिर्फ जीत ही नहीं, बल्कि प्रभावशाली जीत दर्ज करनी होगी ताकि सेमीफाइनल का रास्ता साफ हो सके।
क्रिकेट विशेषज्ञों के अनुसार:
पावरप्ले में मजबूत शुरुआत जरूरी
डेथ ओवर्स में रन गति बनाए रखना
गेंदबाजी में शुरुआती विकेट अहम
अगर भारत इसी तरह संतुलित प्रदर्शन दोहराता है, तो सेमीफाइनल का रास्ता आसान हो सकता है।
भारत की रणनीति क्या हो सकती है?
आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखना
मध्यक्रम को स्थिरता देना
स्पिन और तेज गेंदबाजों का संतुलन बनाए रखना
फील्डिंग में कोई चूक न करना
टीम संयोजन में बड़े बदलाव की संभावना कम है, क्योंकि मौजूदा प्लेइंग इलेवन संतुलित नजर आ रही है।
जीत के मायने
India vs Zimbabwe जीत ने तीन बड़े संदेश दिए:
भारत बड़े स्कोर बनाने में सक्षम है
गेंदबाजी आक्रमण दबाव झेल सकता है
टीम निर्णायक मुकाबलों के लिए मानसिक रूप से तैयार है
यह जीत सिर्फ अंक तालिका में सुधार नहीं, बल्कि आत्मविश्वास बढ़ाने वाली भी है।
आगे क्या?
अब पूरा ध्यान India vs West Indies मुकाबले पर है। यह मैच तय करेगा कि T20 World Cup 2026 में भारत का सफर जारी रहेगा या यहीं थम जाएगा।
क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह मुकाबला हाई-वोल्टेज ड्रामा से कम नहीं होगा। अगर टीम इंडिया 256 रन जैसा प्रदर्शन दोहराती है, तो सेमीफाइनल की राह आसान हो सकती है।
India vs Zimbabwe मुकाबले में 72 रन की जीत ने भारत को मजबूत स्थिति में ला दिया है। अब सेमीफाइनल का टिकट 1 मार्च के मुकाबले पर निर्भर है। T20 World Cup 2026 का यह चरण बेहद रोमांचक हो चुका है और हर गेंद के साथ समीकरण बदल सकता है।
भारतीय टीम ने यह साबित कर दिया है कि वह बड़े मंच पर दबाव में भी दमदार प्रदर्शन कर सकती है। अब देखना दिलचस्प होगा कि India vs West Indies मैच में कौन बाजी मारता है।