Thursday, May 14, 2026
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बरेली सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री सस्पेंड, जांच के आदेश

बरेली/उत्तर प्रदेश (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से प्रशासनिक हलकों में हलचल मचाने वाली बड़ी खबर सामने आई है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर नाराजगी जताते हुए इस्तीफा देने वाले बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के खिलाफ योगी आदित्यनाथ सरकार ने कड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने अलंकार अग्निहोत्री को निलंबित (सस्पेंड) कर दिया है।
सरकारी आदेश के अनुसार, पूरे मामले की जांच अब बरेली मंडलायुक्त द्वारा की जाएगी। जांच अवधि के दौरान अलंकार अग्निहोत्री को जिलाधिकारी कार्यालय, शामली से अटैच कर दिया गया है।

इस्तीफा देने के बाद सस्पेंशन, प्रशासनिक गलियारों में चर्चा

बरेली सिटी मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात रहे PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने सोमवार, 26 जनवरी को सेवा से इस्तीफा दे दिया था। उनका इस्तीफा गणतंत्र दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर दिया जाना प्रशासनिक और राजनीतिक दृष्टि से काफी संवेदनशील माना जा रहा है।

इस्तीफे के कुछ ही समय बाद राज्य सरकार द्वारा उन्हें निलंबित किए जाने से यह मामला और भी गंभीर हो गया है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, सरकार इस पूरे घटनाक्रम को अनुशासनहीनता और सेवा नियमों के उल्लंघन के तौर पर देख रही है।

जांच के दौरान DM कार्यालय शामली से रहेंगे अटैच

जारी आदेश में कहा गया है कि जांच पूरी होने तक अलंकार अग्निहोत्री को बरेली से हटाकर शामली जिलाधिकारी कार्यालय से संबद्ध किया गया है। मंडलायुक्त बरेली को इस मामले की निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि जांच पूरी होने तक किसी भी तरह का अंतिम निर्णय नहीं लिया जाएगा।

सरकारी आवास खाली किया, प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

निलंबन से पहले ही अलंकार अग्निहोत्री ने सरकारी आवास खाली कर दिया था। उन्होंने बरेली जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था।
अलंकार अग्निहोत्री का कहना है कि उन्हें जिलाधिकारी द्वारा बातचीत के लिए बुलाया गया था, लेकिन वहां का माहौल असहज था। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि उन पर मानसिक दबाव बनाया गया।

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने की फोन पर बातचीत

निलंबन की खबर सामने आने के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अलंकार अग्निहोत्री से फोन पर बात की। बातचीत के दौरान शंकराचार्य ने कहा कि उनके साथ जो हुआ वह गलत है।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक पद भले ही चला गया हो, लेकिन धर्म क्षेत्र में उन्हें इससे भी बड़ा स्थान मिलेगा। शंकराचार्य ने यह भी कहा कि जिस तरह अलंकार अग्निहोत्री ने सनातन धर्म के प्रति अपनी निष्ठा दिखाई है, उससे पूरा सनातनी समाज उनका सम्मान करता है।

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UGC के नए नियमों से थे नाराज

अलंकार अग्निहोत्री ने अपने इस्तीफे में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों पर कड़ी आपत्ति जताई थी। उन्होंने इन नियमों को ‘काला कानून’ करार दिया था।
उनका कहना था कि ये नियम कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के शैक्षणिक वातावरण को दूषित कर रहे हैं। UGC के नए दिशा-निर्देशों के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति आधारित भेदभाव रोकने के लिए विशेष समितियों, हेल्पलाइन और निगरानी तंत्र के गठन का प्रावधान किया गया है।

इन नियमों का उद्देश्य अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों की शिकायतों का समाधान करना है, लेकिन अलंकार अग्निहोत्री ने इन्हें सामाजिक विभाजन को बढ़ावा देने वाला बताया।

शंकराचार्य से जुड़े मामले पर भी जताई थी नाराजगी

UGC नियमों के साथ-साथ अलंकार अग्निहोत्री ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े एक मामले पर भी असहमति जताई थी। उनका कहना था कि कुछ सरकारी नीतियां समाज और राष्ट्र को विभाजित करने का कार्य कर रही हैं।
इन्हीं मुद्दों को लेकर उन्होंने इस्तीफा देने जैसा बड़ा कदम उठाया।

नेताओं ने बताया प्रशासनिक दबाव का मामला

PCS 2019 बैच के अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने राज्यपाल और बरेली के जिलाधिकारी अविनाश सिंह को ई-मेल के माध्यम से अपना इस्तीफा भेजा था।
इस पूरे घटनाक्रम पर कई नेताओं ने प्रतिक्रिया दी है। नेताओं का कहना है कि यह इस्तीफा प्रशासनिक दबाव का संकेत देता है। बरेली के महापौर डॉ. उमेश गौतम भी शाम के समय अलंकार अग्निहोत्री के आवास पहुंचे थे।

स्पष्ट विचारों और सख्त कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं

कानपुर नगर के निवासी अलंकार अग्निहोत्री इससे पहले उन्नाव, बलरामपुर और लखनऊ समेत कई जिलों में SDM के रूप में कार्य कर चुके हैं। प्रशासनिक हलकों में वे अपने स्पष्ट विचारों और सख्त कार्यशैली के लिए पहचाने जाते रहे हैं।

उनके इस्तीफे और निलंबन ने उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था और सरकारी नीतियों पर एक नई बहस छेड़ दी है।

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अशोक वाटिका से लंका दहन तक: हनुमान की अद्भुत शक्ति की कहानी

प्रस्तावना
रामायण का सुंदरकांड भारतीय संस्कृति और आस्था का वह अमूल्य अध्याय है, जिसमें लंका में हनुमान की लीला अपने चरम पर दिखाई देती है। यह केवल एक कथा नहीं, बल्कि भक्ति, साहस, बुद्धि और समर्पण का जीवंत उदाहरण है। हनुमान लंका कथा में प्रभु श्रीराम के दूत के रूप में हनुमान जी का लंका प्रवेश, माता सीता से भेंट, रावण को चेतावनी और अंततः लंका दहन—हर प्रसंग प्रेरणा से भरा है।

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समुद्र लांघकर लंका में प्रवेश
जब हनुमान जी समुद्र पार कर लंका पहुँचते हैं, तब यह स्पष्ट हो जाता है कि हनुमान जी लंका में केवल संदेशवाहक नहीं, बल्कि धर्म के रक्षक बनकर आए हैं। रात्रि के समय लंका की स्वर्णमयी नगरी में प्रवेश करते हुए वे लंकिनी को परास्त करते हैं। यह प्रसंग दर्शाता है कि अधर्म के द्वार पर धर्म की शक्ति कैसी प्रचंड होती है।
अशोक वाटिका की खोज और माता सीता का दर्शन
लंका में प्रवेश के बाद हनुमान जी माता सीता की खोज में निकलते हैं। अंततः उन्हें अशोक वाटिका में माता सीता मिलती हैं। यह दृश्य अशोक वाटिका हनुमान प्रसंग के नाम से प्रसिद्ध है।
माता सीता की दुर्दशा देखकर हनुमान जी का हृदय करुणा से भर जाता है, किंतु वे स्वयं को संयमित रखते हैं। वे श्रीराम की अंगूठी दिखाकर माता सीता को विश्वास दिलाते हैं कि श्रीराम शीघ्र ही उन्हें मुक्त कराने आएंगे। यही वह क्षण है, जहाँ लंका में हनुमान की लीला भक्ति और करुणा का सर्वोच्च उदाहरण बनती है।

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राक्षसों से सामना और वाटिका विध्वंस
माता सीता से भेंट के बाद हनुमान जी अशोक वाटिका में राक्षसों का संहार करते हैं। यह लीला दर्शाती है कि जब धर्म के मार्ग में बाधा आती है, तब शक्ति का प्रयोग आवश्यक हो जाता है। वाटिका विध्वंस केवल क्रोध नहीं, बल्कि रावण को चेतावनी थी कि अधर्म का अंत निश्चित है। हनुमान लंका कथा में यह प्रसंग साहस और रणनीति का अद्भुत मेल है।

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मेघनाद से युद्ध और ब्रह्मास्त्र
हनुमान जी को पकड़ने के लिए मेघनाद ब्रह्मास्त्र का प्रयोग करता है। हनुमान जी जानते हुए भी स्वयं को बाँधने देते हैं, क्योंकि वे ब्रह्मा जी के वरदान का सम्मान करते हैं। यह प्रसंग बताता है कि शक्ति के साथ विवेक और मर्यादा भी आवश्यक है। हनुमान जी लंका में केवल बलवान ही नहीं, अत्यंत बुद्धिमान भी हैं।
रावण के दरबार में हनुमान
रावण के दरबार में हनुमान जी निर्भीक होकर श्रीराम का संदेश सुनाते हैं। वे रावण को चेतावनी देते हैं कि यदि उसने माता सीता को नहीं छोड़ा, तो लंका का विनाश निश्चित है। रावण का अहंकार उसे सत्य स्वीकार करने से रोक देता है। यहीं से लंका दहन कथा की भूमिका बनती है।

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लंका दहन: अधर्म का दहन
रावण के आदेश पर हनुमान जी की पूंछ में आग लगाई जाती है, किंतु वही आग लंका के लिए विनाश बन जाती है। हनुमान जी पूरी लंका को जलाकर यह संदेश देते हैं कि अधर्म चाहे कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंततः भस्म हो जाता है। लंका में हनुमान की लीला का यह प्रसंग सबसे अधिक प्रसिद्ध और प्रेरणादायक है।

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माता सीता को आश्वासन और वापसी
लंका दहन के बाद हनुमान जी पुनः माता सीता से मिलते हैं और उन्हें श्रीराम के आगमन का आश्वासन देते हैं। इसके बाद वे समुद्र पार कर श्रीराम के पास लौट आते हैं और संपूर्ण समाचार देते हैं। हनुमान लंका कथा यहीं से युद्ध की भूमिका तैयार करती है।

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आध्यात्मिक संदेश और महत्व
इस कथा से हमें यह शिक्षा मिलती है कि
भक्ति में अटूट विश्वास हो
धर्म के लिए साहस आवश्यक है
बुद्धि और शक्ति का संतुलन ही विजय दिलाता है
हनुमान जी लंका में हमें सिखाते हैं कि सच्चा सेवक वही है, जो स्वामी के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दे।

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निष्कर्ष
लंका में हनुमान की लीला केवल रामायण का एक अध्याय नहीं, बल्कि जीवन दर्शन है। यह कथा हर युग में उतनी ही प्रासंगिक है, जितनी त्रेता युग में थी। हनुमान लंका कथा पढ़कर पाठक को साहस, भक्ति और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है।

संवैधानिक जागरूकता की दिशा में कन्हैया जूनियर हाई स्कूल की अनूठी पहल

गणतंत्र दिवस पर कन्हैया जूनियर हाई स्कूल में पुस्तकालय की स्थापना, शिक्षा और संवैधानिक चेतना को मिला नया आधार


गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)।गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर कन्हैया जूनियर हाई स्कूल, शाहपुर में विद्यालय परिसर के भीतर एक सुव्यवस्थित पुस्तकालय की स्थापना की गई। यह पहल विद्यार्थियों में पठन-संस्कृति को प्रोत्साहित करने, शिक्षा के स्तर को मजबूत करने और संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक सराहनीय कदम मानी जा रही है।
विद्यालय में पिछले नौ महीनों से जागरूक नागरिक कार्यक्रम के अंतर्गत शिक्षा, संविधान, सामाजिक उत्तरदायित्व और नैतिक मूल्यों से जुड़े विभिन्न अभियान निरंतर संचालित किए जा रहे थे। इन्हीं सतत प्रयासों की कड़ी में गणतंत्र दिवस पर पुस्तकालय की स्थापना कर शिक्षा को व्यवहारिक और सशक्त स्वरूप देने का प्रयास किया गया।
विद्यालय पुस्तकालय के लिए उपयोगी, ज्ञानवर्धक एवं शिक्षाप्रद पुस्तकों की समुचित व्यवस्था की गई है। इस पुस्तक सहयोग में वी एम्ब्रेस ट्रस्ट, नई दिशा सेवा ट्रस्ट तथा रत्न निधि चैरिटेबल ट्रस्ट का महत्वपूर्ण योगदान रहा। विशेष रूप से नई दिशा सेवा ट्रस्ट द्वारा नगर निगम गोरखपुर के आरआरआर केंद्र के संचालन के माध्यम से इस अभियान को सामुदायिक समर्थन प्राप्त हुआ।

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पुस्तकालय की संपूर्ण व्यवस्था विद्यालय परिसर में विधिवत स्थापित कर पुस्तकों को विद्यालय प्रशासन को औपचारिक रूप से सौंपा गया। यह भी स्पष्ट किया गया कि सभी पुस्तकें विद्यालय उपयोग के लिए पूर्णतः समर्पित हैं तथा उनके संरक्षण, संचालन और नियमित उपयोग की जिम्मेदारी विद्यालय प्रशासन की होगी।
इस शैक्षणिक पहल का सफल संचालन जय वर्धन सिंह द्वारा किया गया, जबकि उजैर एवं शिवम पांडेय ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग प्रदान किया। विद्यालय प्रशासन ने इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि यह पुस्तकालय विद्यार्थियों में अध्ययनशीलता, अनुशासन और संवैधानिक चेतना के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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आयोजकों के अनुसार, भविष्य में इसी कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता, संवाद कौशल, नैतिक मूल्य, संवैधानिक समझ और सामाजिक जिम्मेदारी को सुदृढ़ करने हेतु विविध शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।

राजनीति से सिनेमा तक चमकते सितारे

🟢 महत्वपूर्ण जन्म इतिहास

27 जनवरी को जन्मे प्रसिद्ध व्यक्ति भारतीय और विश्व इतिहास में विशेष स्थान रखते हैं। राजनीति, सिनेमा, सेना, साहित्य, न्याय और खेल—हर क्षेत्र में 27 जनवरी को जन्मे महान व्यक्तियों ने अपने कार्यों से समाज को नई दिशा दी। आज हम आपको 27 जनवरी जन्म इतिहास के अंतर्गत ऐसी ही चर्चित और प्रभावशाली हस्तियों से परिचित कराते हैं।

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🔸 बिंदियारानी देवी (जन्म: 27 जनवरी 1999)
27 जनवरी को जन्मी प्रसिद्ध खिलाड़ी बिंदियारानी देवी भारत की जानी-मानी महिला भारोत्तोलक हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए कई पदक जीते। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने संकल्प और परिश्रम से देश का नाम रोशन किया। आज वे युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा हैं।
🔸 कॉनराड संगमा (जन्म: 27 जनवरी 1978)
27 जनवरी को जन्मे प्रसिद्ध राजनेता कॉनराड संगमा मेघालय राज्य के 12वें मुख्यमंत्री हैं। वे पूर्व लोकसभा अध्यक्ष पी.ए. संगमा के पुत्र हैं। उन्होंने युवा नेतृत्व, स्वच्छ राजनीति और पूर्वोत्तर भारत के विकास के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए हैं।
🔸 ज्ञानेश कुमार (जन्म: 27 जनवरी 1964)
27 जनवरी जन्म इतिहास में ज्ञानेश कुमार का नाम प्रशासनिक क्षेत्र में सम्मान के साथ लिया जाता है। वे भारत के नवनियुक्त चुनाव आयुक्त हैं और निष्पक्ष लोकतंत्र को मजबूत करने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।

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🔸 अमर सिंह (जन्म: 27 जनवरी 1956)
27 जनवरी को जन्मे प्रसिद्ध व्यक्ति अमर सिंह भारतीय राजनीति के चर्चित चेहरे रहे। समाजवादी पार्टी से जुड़े अमर सिंह अपनी बेबाक बयानबाज़ी और राजनीतिक कौशल के लिए जाने जाते थे। उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में प्रभावशाली भूमिका निभाई।
🔸 जनरल अरुण कुमार श्रीधर वैद्य (जन्म: 27 जनवरी 1926)
27 जनवरी को जन्मे महान सैन्य अधिकारी जनरल वैद्य भारतीय सेना के 13वें थल सेनाध्यक्ष थे। वे 1971 के भारत-पाक युद्ध के नायक रहे और भारत की सैन्य शक्ति को मजबूत करने में अहम योगदान दिया।

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🔸 अभिनेता अजीत (जन्म: 27 जनवरी 1922)
27 जनवरी को जन्मे प्रसिद्ध अभिनेता अजीत हिंदी सिनेमा के सबसे प्रभावशाली खलनायकों में गिने जाते हैं। उनकी दमदार आवाज़ और अनोखी शैली ने बॉलीवुड में विलेन की छवि को नया आयाम दिया।
🔸 पंडित सीताराम चतुर्वेदी (जन्म: 27 जनवरी 1907)
27 जनवरी जन्म इतिहास में पंडित सीताराम चतुर्वेदी का स्थान साहित्य और पत्रकारिता में महत्वपूर्ण है। उन्होंने हिंदी साहित्य को समृद्ध किया और सामाजिक चेतना जगाने में अहम भूमिका निभाई।
🔸 लक्ष्मण शास्त्री जोशी (जन्म: 27 जनवरी 1901)
27 जनवरी को जन्मे प्रसिद्ध साहित्यकार लक्ष्मण शास्त्री जोशी मराठी साहित्य के प्रमुख स्तंभ थे। उनके लेखन में दर्शन, संस्कृति और भारतीय परंपराओं की गहरी झलक मिलती है।

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🔸 मुनि जिनविजय (जन्म: 27 जनवरी 1889)
27 जनवरी जन्म इतिहास में मुनि जिनविजय का योगदान प्राचीन भारतीय साहित्य के संरक्षण और शोध में अमूल्य है। वे जैन साहित्य के महान विद्वान और संपादक थे।
🔸 राधाबिनोद पाल (जन्म: 27 जनवरी 1886)
27 जनवरी को जन्मे महान न्यायविद राधाबिनोद पाल टोक्यो युद्ध अपराध न्यायाधिकरण में भारतीय न्यायाधीश थे। उन्होंने न्याय, मानवाधिकार और अंतरराष्ट्रीय कानून की मिसाल पेश की।
🔸 रघुनाथ कृष्ण फड़के (जन्म: 27 जनवरी 1884)
27 जनवरी को जन्मे प्रसिद्ध मूर्तिकार रघुनाथ कृष्ण फड़के को पद्म श्री से सम्मानित किया गया। उनकी मूर्तियां भारतीय कला की उत्कृष्ट मिसाल हैं।

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🟢 निष्कर्ष
27 जनवरी को जन्मे प्रसिद्ध व्यक्ति यह साबित करते हैं कि एक तारीख कई महान विचारों और व्यक्तित्वों को जन्म दे सकती है। राजनीति से लेकर कला, सेना से लेकर खेल तक—इन विभूतियों ने भारत और विश्व के इतिहास को समृद्ध किया। 27 जनवरी जन्म इतिहास आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा।

क्रॉस कंट्री दौड़ प्रतियोगिता: बालक-बालिकाओं ने बढ़ाया जिले का मान

कुशीनगर।(राष्ट्र की परम्परा)देश के 76वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर जनपद कुशीनगर में खेल भावना, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। जिला खेल कार्यालय एवं स्पोर्ट्स स्टेडियम कुशीनगर के संयुक्त तत्वावधान में कुशीनगर क्रॉस कंट्री दौड़ प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें जिले के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह जिला खेल स्टेडियम परिसर में ध्वजारोहण के साथ हुई। क्रीड़ाधिकारी रवि कुमार निषाद द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। ध्वजारोहण के उपरांत राष्ट्रगान हुआ, जिससे पूरे परिसर में देशभक्ति का माहौल बन गया। इस अवसर पर अधिकारियों, खिलाड़ियों और उपस्थित जनसमूह ने गणतंत्र दिवस की गरिमा को आत्मसात किया।

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इसके पश्चात खेलकूद विभाग की ओर से सुबह 9 बजे कुशीनगर क्रॉस कंट्री दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता दो वर्गों में संपन्न हुई, जिसमें बालक वर्ग के लिए 5 किलोमीटर एवं बालिका वर्ग के लिए 3 किलोमीटर की दौड़ निर्धारित की गई थी। प्रतियोगिता का उद्घाटन जिला सूचना विज्ञान अधिकारी मनीष कुमार गुप्ता एवं जिला युवा अधिकारी सचिन कुमार द्वारा संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर किया गया।
इस कुशीनगर क्रॉस कंट्री दौड़ प्रतियोगिता में कुल 51 खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिनमें 30 बालक एवं 21 बालिकाएं शामिल रहीं। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों में जबरदस्त जोश और प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। खिलाड़ियों ने पूरे अनुशासन और खेल भावना के साथ निर्धारित दूरी पूरी की।
प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहे—
बालक वर्ग (5 किलोमीटर): प्रथम स्थान – धनंजय निषाद,द्वितीय स्थान – अंकित,तृतीय स्थान – निखिल सिंह,चतुर्थ स्थान – उपेंद्र यादव,पंचम स्थान – आफताब अली,षष्ठम स्थान – विशाल यादव,बालिका वर्ग (3 किलोमीटर):,प्रथम स्थान – आँचल यादव,द्वितीय स्थान – ज्योति गोंड़,तृतीय स्थान – प्रीति यादव,चतुर्थ,स्थान – सलोनी कुशवाहा,पंचम स्थान – प्रीति,षष्ठम स्थान – दिशा गोंड़,प्रतियोगिता के समापन पर विजेता एवं प्रतिभागी खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। पुरस्कार वितरण समारोह में वरिष्ठ कोषाधिकारी सुनील कुमार यादव, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी मनीष कुमार गुप्ता, जिला युवा अधिकारी सचिन कुमार एवं क्रीड़ाधिकारी रवि कुमार निषाद ने खिलाड़ियों को मेडल एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।

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इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि कुशीनगर क्रॉस कंट्री दौड़ प्रतियोगिता जैसे आयोजन युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित करते हैं और उनमें अनुशासन, टीम भावना एवं आत्मविश्वास का विकास करते हैं। उन्होंने कहा कि खेल न केवल शारीरिक विकास का माध्यम हैं, बल्कि मानसिक और सामाजिक विकास में भी अहम भूमिका निभाते हैं।
क्रीड़ाधिकारी रवि कुमार निषाद ने कहा कि जिला खेल कार्यालय का उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को मंच प्रदान करना है, ताकि वे आगे चलकर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकें। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में कुशीनगर में और भी खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।
कार्यक्रम में जिले के कई गणमान्य नागरिक एवं खेल प्रेमी उपस्थित रहे। इनमें डॉ. विनोद कुमार सिंह, अनिल मिश्रा, ममता भारती, धीरेंद्र प्रताप सिंह, सूरज कुमार, दुर्गावती, राजेंद्र सिंह राजू, पंकज कुमार यादव सहित अनेक लोग शामिल रहे। सभी ने खिलाड़ियों की सराहना की और आयोजन को सफल बनाने में योगदान दिया।

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गौरतलब है कि कुशीनगर क्रॉस कंट्री दौड़ प्रतियोगिता जैसे आयोजन ग्रामीण अंचल के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान करते हैं। गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर इस प्रकार की खेल गतिविधियाँ युवाओं में राष्ट्रभक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं।

जानिए दुनिया बदलने वाले फैसले

27 जनवरी का इतिहास: देश-दुनिया की वे महत्त्वपूर्ण घटनाएँ जिन्होंने बदली दिशा

27 जनवरी का इतिहास जानिए। 27 जनवरी की महत्वपूर्ण घटनाएं, ऐतिहासिक हादसे, वैज्ञानिक उपलब्धियां और विश्व राजनीति से जुड़े


27 जनवरी का इतिहास विश्व और भारत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इस दिन राजनीति, विज्ञान, अंतरिक्ष, युद्ध, तकनीक और सामाजिक घटनाओं से जुड़े कई ऐसे फैसले और घटनाएं हुईं, जिन्होंने आने वाले समय की दिशा तय की। 27 जनवरी की महत्वपूर्ण घटनाएं न केवल ऐतिहासिक दस्तावेज हैं, बल्कि आज की दुनिया को समझने की कुंजी भी हैं। आइए जानते हैं Today in History 27 January के तहत इस दिन की प्रमुख घटनाओं का विस्तृत विवरण।
27 जनवरी की महत्वपूर्ण घटनाएं
1823
अमेरिका के राष्ट्रपति जेम्स मोनरो ने दक्षिण अमेरिका के लिए पहला आधिकारिक राजदूत नियुक्त किया। यह कदम अमेरिकी विदेश नीति और लैटिन अमेरिका के साथ संबंधों की नींव बना।
1880
महान वैज्ञानिक थॉमस अल्वा एडीसन ने बिजली से चलने वाले बल्ब का पेटेंट कराया। यह आविष्कार आधुनिक सभ्यता की सबसे बड़ी तकनीकी क्रांतियों में गिना जाता है।
1888
वाशिंगटन में नेशनल जियोग्राफिक सोसाइटी की स्थापना हुई, जिसने भूगोल, विज्ञान और खोजों को जन-जन तक पहुंचाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई।
1891
अमेरिका के पेंसिल्वेनिया स्थित माउंट प्लीसेंट में खदान विस्फोट हुआ, जिसमें 109 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई। यह औद्योगिक सुरक्षा इतिहास की बड़ी त्रासदियों में शामिल है।
1905
मौरिस राउविएर ने फ्रांस में सरकार बनाई। यह फ्रांसीसी राजनीतिक इतिहास का महत्वपूर्ण मोड़ माना जाता है।
1915
अमेरिकी मरीन सैनिकों ने हैती पर कब्ज़ा किया। यह घटना अमेरिका की सैन्य हस्तक्षेप नीति का प्रतीक बनी।
1943
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिका ने जर्मनी पर पहली बार हवाई हमला किया, जिससे युद्ध की रणनीति में बड़ा बदलाव आया।
1948
दुनिया में पहली बार टेप रिकॉर्डर बाज़ार में बिक्री के लिए उपलब्ध हुआ, जिसने मीडिया और संचार के क्षेत्र में क्रांति ला दी।
1959
नई दिल्ली में पहले इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी कॉलेज की आधारशिला रखी गई। यह भारत के तकनीकी शिक्षा विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम था।
1967
अंतरिक्ष मिशन ‘अपोलो 1’ में भीषण दुर्घटना हुई, जिसमें तीन अमेरिकी अंतरिक्ष यात्रियों की मृत्यु हो गई। इस हादसे ने नासा की सुरक्षा नीतियों को पूरी तरह बदल दिया।
1969
इराक की राजधानी बगदाद में 14 लोगों को जासूसी के आरोप में फांसी दी गई। यह घटना मध्य-पूर्व की राजनीतिक अस्थिरता को दर्शाती है।
1974
भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति वी. वी. गिरि ने नई दिल्ली के तीन मूर्ति स्थित नेहरू मेमोरियल म्यूजियम को राष्ट्र को समर्पित किया। यह स्वतंत्र भारत के ऐतिहासिक स्मारकों में प्रमुख है।
1988
भारत में पहली बार हेलीकॉप्टर डाक सेवा की शुरुआत हुई, जिससे दुर्गम इलाकों में संचार सुविधा बेहतर हुई।
1996
अमेरिका ने पाकिस्तान को 368 करोड़ डॉलर के हथियार आपूर्ति से जुड़े ब्राउन संशोधन को कानूनी मान्यता दी। इसी दिन फ्रांस ने अपना छठा और संभवतः अंतिम परमाणु परीक्षण किया।
2008
पश्चिम बंगाल के 13 जिलों में बर्ड फ्लू फैलने से स्वास्थ्य आपात स्थिति बनी।
इसी दिन इंडोनेशिया के पूर्व राष्ट्रपति हाजी मोहम्मद सुहार्तो का निधन हुआ।
2013
अफगानिस्तान के कंधार में बम धमाकों में 20 पुलिस अधिकारियों की मौत हुई।
मिस्र में विरोध प्रदर्शनों के दौरान 7 लोगों की जान गई और 630 से अधिक घायल हुए।
27 जनवरी का ऐतिहासिक महत्व
27 जनवरी का इतिहास हमें बताता है कि यह दिन नवाचार, संघर्ष, बलिदान और वैश्विक बदलावों का साक्षी रहा है। 27 जनवरी की महत्वपूर्ण घटनाएं आज भी राजनीति, विज्ञान और समाज को समझने में मार्गदर्शन देती हैं। Today in History 27 January न केवल अतीत की याद दिलाता है, बल्कि भविष्य के लिए सीख भी देता है।
निष्कर्ष
यदि आप इतिहास प्रेमी हैं या प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो 27 जनवरी का इतिहास आपके लिए अत्यंत उपयोगी है। यह दिन हमें बताता है कि समय के एक ही पन्ने पर प्रगति और त्रासदी दोनों दर्ज होती हैं।

गणतंत्र दिवस पर स्कूल में दिखा देशभक्ति का उत्साह


बस्ती (राष्ट्र की परम्परा)।बस्ती जनपद के भानपुर क्षेत्र अंतर्गत बरगदवा गांव स्थित सी.बी. एकेडमी स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह बड़े ही हर्षोल्लास, अनुशासन और देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय के नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रभात फेरी निकाली गई, जिसने पूरे गांव में देशप्रेम और राष्ट्रीय चेतना का संदेश फैलाया।
प्रभात फेरी के दौरान बच्चों के हाथों में तिरंगा, संविधान और राष्ट्रभक्ति से जुड़े संदेशों वाली तख्तियां थीं। “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम्” और “संविधान अमर रहे” जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। ग्रामीणों ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए इस पहल की सराहना की।
विद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सी.बी. एकेडमी स्कूल के प्रबंधक ने भारतीय संविधान के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संविधान हर भारतीय नागरिक का सबसे बड़ा हथियार है, जो हमें अधिकार, समानता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रदान करता है। संविधान की मजबूत नींव पर ही हमारा गणतंत्र टिका हुआ है।

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उन्होंने आगे कहा कि गणतंत्र दिवस हमें यह याद दिलाता है कि समानता, भाईचारा और सौहार्द ही एक सशक्त राष्ट्र की पहचान है। संविधान की रक्षा करना ही भारतीय गणतंत्र की रक्षा है और यही हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों को सच्ची श्रद्धांजलि है।
कार्यक्रम में विद्यालय की प्रधानाचार्य सुशीला शर्मा ने बच्चों को संविधान के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ संस्कार और राष्ट्रभक्ति का विकास ही बच्चों को जिम्मेदार नागरिक बनाता है।

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इस अवसर पर अध्यापक शिवकरण चौधरी, भुइधर चौधरी, अजय कुमार यादव, सोभा, रीमा, निरुपमा सहित समस्त शिक्षकगण उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में छात्रों की सहभागिता ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
सी.बी. एकेडमी स्कूल बस्ती में मनाया गया यह गणतंत्र दिवस समारोह बच्चों के लिए प्रेरणादायी और समाज के लिए सकारात्मक संदेश देने वाला रहा।

मूलांक 1 से 9 वालों के लिए बड़ी भविष्यवाणी

🔮 जानिए 27 जनवरी 2026 का अंक ज्योतिष भविष्यफल, मूलांक 1 से 9 तक

अंक ज्योतिष व्यक्ति के जीवन, स्वभाव, भविष्य और निर्णय क्षमता को समझने का एक प्रभावशाली माध्यम है। ज्योतिष शास्त्र की तरह ही अंक ज्योतिष भी जन्म तिथि के आधार पर जीवन के हर पहलू—नौकरी, व्यवसाय, शिक्षा, करियर, प्रेम, विवाह, स्वास्थ्य और राजनीति—पर गहरा प्रभाव डालता है।
अगर आप जानना चाहते हैं कि 27 जनवरी 2026 का दिन आपके लिए क्या खास लेकर आया है, तो अपना मूलांक (Birth Number) जानना जरूरी है।
मूलांक निकालने का तरीका:जन्म तिथि के अंकों को जोड़कर एक अंक में बदलें।जैसे: 8, 17 या 26 तारीख = 8

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🔢 मूलांक 1 (नेतृत्व, आत्मविश्वास, सफलता)
Numerology Horoscope 27 January 2026 के अनुसार मूलांक 1 वालों के लिए यह दिन लीडरशिप और निर्णय क्षमता को मजबूत करने वाला है।
करियर/नौकरी:
आज अधूरे प्रोजेक्ट पूरे होंगे। सीनियर्स आपके अनुभव को महत्व देंगे। प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिलने के संकेत हैं।
व्यवसाय:
नई रणनीति बन सकती है। सरकारी या प्रशासनिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को लाभ।
शिक्षा:
कंपीटीटिव एग्जाम की तैयारी कर रहे छात्रों को फोकस बढ़ेगा।
प्रेम/रिश्ते:
ईगो से बचें, संवाद से रिश्ते मजबूत होंगे।

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🔢 मूलांक 2 (संतुलन, शांति, सहयोग)
Numerology Horoscope 27 January 2026 बताता है कि मूलांक 2 वालों के लिए यह दिन अवसर और आत्मचिंतन का है।
करियर:
टीमवर्क से सफलता मिलेगी। ऑफिस में सराहना मिलेगी।
बिजनेस:
पार्टनरशिप में काम करने वालों को फायदा।
स्वास्थ्य:
मानसिक तनाव से बचें, मेडिटेशन लाभ देगा।
प्रेम जीवन:
भावनाओं को खुलकर व्यक्त करें, रिश्ता मजबूत होगा।
🔢 मूलांक 3 (ज्ञान, मार्गदर्शन, प्रभाव)
Numerology Horoscope 27 January 2026 के अनुसार मूलांक 3 वालों की पॉजिटिव एनर्जी आज सबको प्रभावित करेगी।
करियर:
टीचिंग, मीडिया, राजनीति, मोटिवेशनल फील्ड में सफलता।
व्यवसाय:
नए क्लाइंट जुड़ सकते हैं।
शिक्षा:
छात्रों के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाला दिन।
समाज/राजनीति:
आपकी बातों का प्रभाव बढ़ेगा, सम्मान मिलेगा।

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🔢 मूलांक 4 (स्थिरता, योजना, अनुशासन)
Numerology Horoscope 27 January 2026 में मूलांक 4 वालों को आर्थिक राहत मिलने के संकेत हैं।
फाइनेंस:
पुराना निवेश लाभ दे सकता है।
नौकरी:
स्थिरता आएगी, ट्रांसफर या बदलाव के योग।
व्यवसाय:
जोखिम लेने से बचें, लॉन्ग टर्म प्लानिंग करें।
पारिवारिक जीवन:
घर में संतुलन बना रहेगा।
🔢 मूलांक 5 (आकर्षण, प्रेम, संवाद)
Numerology Horoscope 27 January 2026 के अनुसार मूलांक 5 वालों का दिन प्रेम और रिश्तों के लिए खास है।
लव लाइफ:
पार्टनर के साथ भावनात्मक जुड़ाव बढ़ेगा।
सिंगल लोग:
नई शुरुआत के संकेत।
करियर:
कम्युनिकेशन से जुड़े कामों में सफलता।
सोशल लाइफ:
आज आप सबका ध्यान आकर्षित करेंगे।

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🔢 मूलांक 6 (धन, जिम्मेदारी, क्रिएटिविटी)
Numerology Horoscope 27 January 2026 मूलांक 6 वालों के लिए आर्थिक अवसरों का दिन है।
कमाई:
साइड इनकम या पुराने हुनर से लाभ।
करियर:
क्रिएटिव फील्ड—डिजाइन, फैशन, आर्ट में उन्नति।
पारिवारिक जिम्मेदारी:
आपकी समझदारी से घर में सुख-शांति रहेगी।
🔢 मूलांक 7 (क्रिएटिव सोच, रिसर्च, अंतर्ज्ञान)
Numerology Horoscope 27 January 2026 बताता है कि मूलांक 7 वालों की सोच आज सबसे बड़ी ताकत बनेगी।
नौकरी:
रिसर्च, आईटी, टेक्नोलॉजी, लेखन में सफलता।
व्यवसाय:
नए आइडिया से पहचान बनेगी।
मानसिक स्थिति:
अकेले समय बिताना आपको ऊर्जा देगा।

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🔢 मूलांक 8 (धैर्य, कर्म, संघर्ष)
Numerology Horoscope 27 January 2026 के अनुसार मूलांक 8 वालों को वित्तीय मामलों में सतर्कता बरतनी होगी।
धन:
बड़े निवेश फिलहाल टालें।
करियर:
मेहनत ज्यादा, परिणाम थोड़े धीमे।
सलाह:
आज प्लानिंग और रिसर्च पर ध्यान दें।
🔢 मूलांक 9 (ऊर्जा, साहस, सेवा)
Numerology Horoscope 27 January 2026 में मूलांक 9 वालों के लिए दिन आत्ममंथन का संकेत देता है।
बिजनेस/निवेश:
नतीजे उम्मीद से कम मिल सकते हैं।
करियर:
रणनीति बदलने का सही समय।
सेवा/राजनीति:
समाजसेवा से सम्मान मिलेगा।

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⚠️ डिस्क्लेमर — इस आलेख में दी गई जानकारी अंक ज्योतिष पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सत्यता का दावा नहीं करते। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

सर्वार्थसिद्धि योग से बदल सकती है किस्मत

🔱 पंचांग 27 जनवरी 2026: आज का शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल, चौघड़िया, राशिफल और सर्वार्थसिद्धि योग का महत्व

आज का पंचांग: 27 जनवरी 2026, मंगलवार
विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त)
शक संवत: 1947 (विश्वावसु)
मास: माघ
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: नवमी सुबह से शाम 07:05 PM तक, उपरांत दशमी
वार: मंगलवार
ऋतु: शिशिर
अयन: उत्तरायण
🌅 सूर्य और चंद्रमा का समय
सूर्योदय: 07:12 AM
सूर्यास्त: 06:06 PM
चन्द्रोदय: 12:30 PM
चन्द्रास्त: 02:30 AM (28 जनवरी)
सूर्य राशि: मकर
चंद्र राशि:• 04:44 PM तक – मेष • उसके बाद – वृषभ
🌟 नक्षत्र, योग और करण
नक्षत्र:भरणी – 11:08 AM तक
कृत्तिका – उसके बाद
योग:शुक्ल योग – 03:12 AM तक
ब्रह्म योग – उसके बाद
करण:बालव – 08:14 AM तक
कौलव – 07:05 PM तक
तैतिल – उसके बाद
🚫 अशुभ काल (इन समयों में कार्य न करें)
राहुकाल: 03:22 PM – 04:44 PM
यमगण्ड: 09:56 AM – 11:17 AM
कुलिक काल: 12:39 PM – 02:01 PM
दुर्मुहूर्त:09:23 AM – 10:06 AM
11:20 PM – 12:13 AM
वर्ज्यम्: 10:17 PM – 11:46 PM
✅ शुभ मुहूर्त (आज के सर्वश्रेष्ठ समय)
ब्रह्म मुहूर्त: 05:36 AM – 06:24 AM
अमृत काल: 06:37 AM – 08:08 AM
अभिजीत मुहूर्त: 12:17 PM – 01:01 PM
🌼 विशेष योग
सर्वार्थसिद्धि योग:11:08 AM से 28 जनवरी 09:26 AM तक
👉 यह योग नौकरी, व्यापार, निवेश, परीक्षा, विवाह प्रस्ताव और नई शुरुआत के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
🕉️ आज का त्योहार
महानन्दा नवमी
यह तिथि देवी साधना, मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा के लिए श्रेष्ठ मानी जाती है।
चौघड़िया मुहूर्त
दिन का चौघड़िया
लाभ – 11:17 AM – 12:39 PM
अमृत – 12:39 PM – 02:01 PM
शुभ – 03:22 PM – 04:44 PM
रात का चौघड़िया
शुभ – 11:01 PM – 12:39 AM
अमृत – 12:39 AM – 02:17 AM
🔮 चंद्रबल और ताराबल
चंद्रबल (04:44 PM तक):
मेष, मिथुन, कर्क, तुला, वृश्चिक, कुंभ
चंद्रबल (उसके बाद):
वृषभ, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु, मीन
ताराबल:आज अधिकांश नक्षत्रों के लिए अनुकूल, विशेषकर नौकरी और शिक्षा के लिए।
📊 आज का दिन कैसा रहेगा? (नौकरी, व्यापार, शिक्षा, प्रेम)
💼 नौकरी और करियर
आज का दिन सरकारी नौकरी, इंटरव्यू, प्रमोशन और नई जॉब के लिए अनुकूल है। सर्वार्थसिद्धि योग विशेष लाभ देगा।
💰 व्यापार और निवेश
नया व्यापार शुरू करना, साझेदारी, शेयर मार्केट में लॉन्ग टर्म निवेश के लिए शुभ समय है। दोपहर 12:17 से 02:01 PM श्रेष्ठ।
📚 शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षा
विद्यार्थियों के लिए दिन फोकस और एकाग्रता बढ़ाने वाला है। पढ़ाई की नई योजना बनाने में सफलता मिलेगी।
❤️ प्रेम और वैवाहिक जीवन
प्रेम संबंधों में स्पष्टता आएगी। विवाह प्रस्ताव भेजने के लिए आज का दिन शुभ है। संध्या के बाद बातचीत बेहतर रहेगी।
🏛️ राजनीति और सामाजिक क्षेत्र
नेतृत्व क्षमता बढ़ेगी। जनसंपर्क, बैठक और रणनीति बनाने के लिए दिन अनुकूल है।
🔔 आज के विशेष उपाय

  • हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं
  • “ॐ नमः शिवाय” का 11 बार जाप करें
  • लाल वस्त्र धारण करें
  • क्रोध से बचें
    📌 निष्कर्ष पंचांग 27 जनवरी 2026 के अनुसार आज का दिन शुभ योगों से परिपूर्ण है। नौकरी, व्यापार, शिक्षा और प्रेम सभी क्षेत्रों में सफलता के संकेत हैं, बस राहुकाल में कार्य करने से बचें।

नदीम खान यौन शोषण मामला: जीरो FIR से मालवानी पुलिस तक, जानिए पूरी जांच प्रक्रिया

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रणवीर सिंह के सह-कलाकार नदीम खान गिरफ्तार: घरेलू सहायिका से 10 साल तक

मुंबई (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) सामने आई एक सनसनीखेज खबर ने फिल्म इंडस्ट्री और आम लोगों को झकझोर कर रख दिया है। फिल्म ‘धुरंधर’ में अभिनेता रणवीर सिंह के सह-कलाकार रहे नदीम खान को मुंबई पुलिस ने गंभीर आरोपों के तहत गिरफ्तार कर लिया है। अभिनेता पर उनकी ही घरेलू सहायिका से शादी का झांसा देकर करीब 10 साल तक दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 22 जनवरी को आरोपी को हिरासत में लिया।

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यह मामला सामने आने के बाद नदीम खान रेप केस, मुंबई पुलिस गिरफ्तारी, और बॉलीवुड अभिनेता पर यौन शोषण का आरोप जैसे कीवर्ड सोशल मीडिया और गूगल सर्च में तेजी से ट्रेंड कर रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 41 वर्षीय पीड़िता मुंबई में विभिन्न अभिनेताओं के घरों में घरेलू काम किया करती थी। इसी दौरान उसका संपर्क कई साल पहले अभिनेता नदीम खान से हुआ। महिला का आरोप है कि खान ने उससे शादी करने का वादा किया और इसी भरोसे का फायदा उठाते हुए उसने पिछले 10 वर्षों तक कई बार शारीरिक संबंध बनाए, जिन्हें पीड़िता ने जबरन और धोखे से किया गया यौन शोषण बताया है।
पीड़िता का कहना है कि आरोपी ने मालवानी और वर्सोवा स्थित अपने आवासों पर बार-बार उसके साथ दुष्कर्म किया। जब महिला ने शादी की बात को लेकर दबाव बनाया, तब अभिनेता ने साफ इनकार कर दिया। इसके बाद पीड़िता ने कानूनी रास्ता अपनाते हुए पुलिस से न्याय की गुहार लगाई।

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जीरो FIR और पुलिस की कार्रवाई
महिला ने सबसे पहले वर्सोवा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अधिकारी ने जानकारी दी कि चूंकि अपराध की शुरुआत मालवानी थाना क्षेत्र में हुई थी और पीड़िता भी वहीं की निवासी है, इसलिए वर्सोवा पुलिस ने जीरो FIR दर्ज कर मामले को मालवानी पुलिस को ट्रांसफर कर दिया।
इसके बाद मालवानी पुलिस ने केस को गंभीरता से लेते हुए आरोपी नदीम खान को गिरफ्तार किया। फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और उससे पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।

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फिल्म इंडस्ट्री में मचा हड़कंप
इस खबर के सामने आने के बाद बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री में हलचल मच गई है। रणवीर सिंह के साथ काम कर चुके अभिनेता पर लगे आरोपों ने इंडस्ट्री की छवि पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर लोग इस मामले को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं।
हालांकि, कानून के अनुसार आरोपी तब तक निर्दोष माना जाता है जब तक अदालत द्वारा दोष सिद्ध न हो जाए। पुलिस का कहना है कि चार्जशीट और मेडिकल रिपोर्ट सहित सभी सबूतों को एकत्र किया जा रहा है।

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कानूनी विशेषज्ञों की राय
कानूनी जानकारों के मुताबिक, शादी का झांसा देकर लंबे समय तक शारीरिक संबंध बनाना, यदि सहमति धोखे पर आधारित हो, तो इसे कानूनन अपराध माना जाता है। ऐसे मामलों में IPC की संबंधित धाराओं के तहत सख्त सजा का प्रावधान है। यदि आरोप साबित होते हैं तो अभिनेता को गंभीर कानूनी परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

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समाज के लिए बड़ा संदेश
यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि घरेलू कामगार महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों को लेकर समाज कितना संवेदनशील है। लंबे समय तक शोषण सहने के बाद भी पीड़िता का सामने आना साहस का परिचायक है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में त्वरित पुलिस कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया पीड़ितों का भरोसा मजबूत करती है।

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आगे क्या?
आरोपी की पुलिस रिमांड बढ़ाई जा सकती है।पीड़िता का विस्तृत बयान और मेडिकल जांच होगा।कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन और अन्य डिजिटल सबूतों की जांच होगी।अदालत में चार्जशीट दाखिल करने की प्रक्रिया होगी।
मुंबई पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि मामले की जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाएगी।

मऊ बनेगा विकास और सुशासन का मॉडल जिला-शर्मा

मऊ, (राष्ट्र की परम्परा) 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर जनपद मऊ में देशभक्ति, अनुशासन और विकास की भावना का अद्भुत संगम देखने को मिला। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने पुलिस लाइन मऊ में आयोजित मुख्य गणतंत्र दिवस समारोह में ध्वजारोहण किया और भव्य परेड की सलामी ली। इस दौरान तिरंगे के सम्मान में पूरा परिसर राष्ट्रभक्ति के रंग में रंगा नजर आया।
ध्वजारोहण के उपरांत मंत्री शर्मा ने जनपदवासियों, प्रदेश और देशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिन हमें संविधान, लोकतंत्र और राष्ट्रीय एकता के मूल्यों को आत्मसात करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान हमारी शक्ति है और इसके आदर्शों पर चलकर ही हम सशक्त और विकसित राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं।

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स्वतंत्रता सेनानियों को नमन, उनके सपनों को साकार करने का संकल्प
अपने प्रेरणादायी संबोधन में ऊर्जा मंत्री ने भारत के महान स्वतंत्रता सेनानियों और महापुरुषों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि जिन बलिदानों के कारण हमें स्वतंत्रता मिली, उनके मूल्यों को जीवित रखना हम सभी का कर्तव्य है। पिछले 76 वर्षों में भारत ने हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और आज देश एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का वैश्विक उदय
मंत्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने शासन, विकास और राष्ट्रीय गौरव के नए प्रतिमान स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि वर्षों से लंबित पड़ी योजनाओं को आज गति मिली है और राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को नई पहचान और गरिमा प्राप्त हुई है। भारत आज न केवल आत्मनिर्भर बन रहा है, बल्कि वैश्विक मंच पर एक मजबूत शक्ति के रूप में उभर रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले वर्षों में भारत विश्व की पहली या दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है, जो हर भारतीय के लिए गर्व की बात है।
गरीब कल्याण और बुनियादी सुविधाओं में ऐतिहासिक सुधार
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक देश की बड़ी आबादी मूलभूत सुविधाओं से वंचित रही, लेकिन वर्तमान सरकार ने इस स्थिति को बदलने का कार्य किया है। करोड़ों लोगों को पक्के मकान, निःशुल्क राशन और उज्ज्वला योजना के अंतर्गत रसोई गैस उपलब्ध कराई गई है। इन योजनाओं ने गरीब और मध्यम वर्ग के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है।
बिजली आपूर्ति में क्रांतिकारी सुधार, प्रदेश को मिली नई ऊर्जा
ऊर्जा विभाग का जिक्र करते हुए मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बिजली व्यवस्था में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 22 घंटे तक निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। इससे न केवल आम जनता को राहत मिली है, बल्कि उद्योग, व्यापार और शिक्षा के क्षेत्र में भी तेजी आई है।
नया भारत – नया उत्तर प्रदेश का सपना साकार
मंत्री शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब ‘बीमारू राज्य’ की छवि से बाहर निकल चुका है। कानून व्यवस्था, निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना को मजबूत करते हुए हमें विभाजनकारी ताकतों से सतर्क रहना होगा।
मऊ का कायाकल्प: 10 हजार करोड़ की विकास योजनाएं
जनपद मऊ के विकास पर बोलते हुए मंत्री शर्मा ने कहा कि एक समय मऊ की पहचान माफिया गतिविधियों के कारण प्रभावित हो रही थी, लेकिन आज मऊ विकास और सुशासन का प्रतीक बन रहा है। वर्तमान में जनपद में लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं।
इन परियोजनाओं में सड़क निर्माण, नालियों का निर्माण, अंडरपास, आवासीय योजनाएं, शहरी सौंदर्यीकरण और ऊर्जा क्षेत्र के बड़े कार्य शामिल हैं। कई योजनाएं पूरी हो चुकी हैं और कई तेजी से प्रगति पर हैं।
“सुनहरा मऊ” बनाने का संकल्प
मंत्री शर्मा ने विश्वास दिलाया कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में मऊ की एक-एक इंच भूमि का विकास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लक्ष्य है मऊ को न केवल प्रदेश बल्कि देश के अग्रणी जिलों में शामिल करना और “सुनहरा मऊ” की परिकल्पना को साकार करना।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मोहा मन
गणतंत्र दिवस समारोह में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। गीत, नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित भी किया गया।
इस अवसर पर जिला जज, पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी, जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण, स्थानीय नागरिक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

क्यों श्रीकृष्ण मंत्र को माना जाता है सबसे प्रभावशाली

21 दिन में मनोकामना पूर्ण करने वाला श्रीकृष्ण का शक्तिशाली मंत्र: प्रेमानंद जी महाराज का दिव्य रहस्य

सनातन धर्म में मंत्र-जाप को आत्मशुद्धि, मानसिक शांति और जीवन की बाधाओं से मुक्ति का सबसे प्रभावी साधन माना गया है। भगवान श्रीकृष्ण के मंत्र विशेष रूप से भक्तों के जीवन में प्रेम, शांति और स्थिरता लाने के लिए प्रसिद्ध हैं। वृंदावन के पूज्य संत प्रेमानंद जी महाराज के अनुसार, यदि श्रीकृष्ण के एक विशेष मंत्र का निरंतर 21 दिनों तक पूर्ण श्रद्धा और नियमों के साथ जाप किया जाए, तो साधक को शीघ्र शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं।
यह लेख उसी शक्तिशाली श्रीकृष्ण मंत्र, उसके अर्थ, लाभ, जाप विधि और नियमों को सरल और प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत करता है, ताकि पाठक इसे पढ़कर सहजता से अपने जीवन में अपनाने का संकल्प ले सकें।
प्रेमानंद जी महाराज द्वारा बताया गया श्रीकृष्ण का शक्तिशाली मंत्र
प्रेमानंद जी महाराज के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण का यह मंत्र अत्यंत प्रभावशाली माना गया है, क्योंकि इसमें श्रीकृष्ण के चार दिव्य नामों का एक साथ आह्वान किया गया है।
मंत्र
“ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने।
प्रणतः क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नमः॥”

यह मंत्र जितना शक्तिशाली है, उतना ही कठिन भी, क्योंकि इसके जाप में पूर्ण एकाग्रता, शुद्ध मन और समर्पण आवश्यक है।
श्रीकृष्ण मंत्र का आध्यात्मिक अर्थ
इस मंत्र का भावार्थ अत्यंत गूढ़ और प्रभावशाली है।

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इसका अर्थ है—
वासुदेव के पुत्र, भगवान श्रीकृष्ण को, जो हरि हैं, परमात्मा हैं, शरणागत भक्तों के सभी क्लेशों और दुखों का नाश करने वाले हैं, उन गोविंद को मैं बार-बार नमन करता हूं।
यह मंत्र केवल शब्दों का समूह नहीं, बल्कि भक्त और भगवान के बीच सीधा आध्यात्मिक संबंध स्थापित करता है।
21 दिनों तक श्रीकृष्ण मंत्र जाप करने के प्रमुख लाभ
नियमित रूप से 21 दिनों तक इस मंत्र का जाप करने से जीवन में कई सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलते हैं।

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मानसिक शांति और तनाव से मुक्ति
इस मंत्र के निरंतर जाप से मन की अशांति, चिंता और तनाव धीरे-धीरे समाप्त होने लगते हैं। साधक को भीतर से शांति और स्थिरता का अनुभव होता है।
मनोकामना पूर्ति का मार्ग
पूर्ण श्रद्धा और नियमों के साथ किए गए मंत्र जाप से मनोकामनाओं की पूर्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। प्रेमानंद जी महाराज के अनुसार, 21 दिनों में शुभ संकेत मिलने लगते हैं।

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आध्यात्मिक शक्ति में वृद्धि
इस मंत्र से आत्मिक बल बढ़ता है और साधक का ध्यान संसारिक भटकाव से हटकर परमात्मा से जुड़ता है।
पारिवारिक क्लेश और कलह का निवारण
जो लोग पारिवारिक तनाव, रिश्तों में खटास या गृहक्लेश से परेशान हैं, उनके लिए यह मंत्र विशेष रूप से लाभकारी माना गया है। इसके प्रभाव से घर में प्रेम, सामंजस्य और शांति लौटती है।
श्रीकृष्ण मंत्र जाप की सही विधि और नियम
यदि इस मंत्र का पूर्ण फल प्राप्त करना है, तो कुछ सरल नियमों का पालन आवश्यक है।

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जाप का सही समय
सुबह स्नान के बाद या शाम को गोधूलि वेला में शांत और स्वच्छ स्थान पर बैठकर मंत्र जाप करें।
जप माला का प्रयोग
तुलसी की माला से कम से कम 108 बार मंत्र का जाप करें। तुलसी भगवान श्रीकृष्ण को अत्यंत प्रिय मानी जाती है।
संकल्प और श्रद्धा
मंत्र जाप शुरू करने से पहले भगवान श्रीकृष्ण से अपनी समस्या के समाधान का संकल्प लें और पूरे विश्वास के साथ जाप करें।
मन की एकाग्रता
जाप के दौरान मन में केवल श्रीकृष्ण और राधा रानी का स्मरण होना चाहिए। किसी भी प्रकार का नकारात्मक विचार या सांसारिक चिंता मन में न आने दें।

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क्यों कठिन माना जाता है यह मंत्र
यह मंत्र इसलिए कठिन कहा गया है क्योंकि इसमें शुद्ध भाव, निरंतरता और अनुशासन की आवश्यकता होती है। यदि जाप के दौरान मन भटकता है, तो इसका पूर्ण प्रभाव प्राप्त नहीं हो पाता। लेकिन जो साधक नियमपूर्वक इसे करता है, उसे निश्चित रूप से आध्यात्मिक और मानसिक लाभ मिलते हैं।
भक्त और भगवान का सीधा संबंध
यह मंत्र केवल पाठ नहीं, बल्कि समर्पण का भाव है। जब साधक पूरी श्रद्धा से भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण करता है, तो उसके दुख, भय और मानसिक उलझनें स्वतः ही समाप्त होने लगती हैं। यही कारण है कि इसे क्लेशनाशक मंत्र कहा गया है।
निष्कर्ष
भगवान श्रीकृष्ण का यह शक्तिशाली मंत्र जीवन की परेशानियों से मुक्ति, मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति का सरल मार्ग है। यदि साधक प्रेमानंद जी महाराज द्वारा बताए गए नियमों के अनुसार 21 दिनों तक निरंतर जाप करता है, तो उसके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन निश्चित रूप से देखने को मिलते हैं। यह मंत्र विश्वास, भक्ति और समर्पण का प्रतीक है, जो भक्त को सीधे परमात्मा से जोड़ता है।

वांग यी का वैश्विक व्यवस्था पर हमला: जंगल के कानून नहीं, बहुपक्षवाद चाहिए

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चीन–OIC वार्ता: वांग यी का ‘जंगल के कानून’ पर तीखा हमला, बहुपक्षवाद और मध्य पूर्व शांति पर जोर

बीजिंग (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)चीन के विदेश मंत्री वांग यी और इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) के महासचिव हिसैन इब्राहिम ताहा के बीच हुई अहम मुलाकात ने वैश्विक कूटनीति में नई बहस छेड़ दी है। इस उच्चस्तरीय बैठक में जहां चीन–इस्लामी देशों के रिश्तों को और मजबूत करने पर सहमति बनी, वहीं वांग यी ने वैश्विक राजनीति में “जंगल के कानून” की वापसी की कड़ी आलोचना करते हुए सच्चे बहुपक्षवाद की वकालत की।

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वांग यी ने कहा कि OIC इस्लामी जगत का सबसे बड़ा और प्रभावशाली संगठन है और चीन इस्लामी देशों के साथ अपने रिश्तों को हमेशा विशेष महत्व देता रहा है। उन्होंने शिनजियांग और ताइवान के मुद्दे पर चीन के रुख का समर्थन करने के लिए OIC का आभार जताया और कहा कि यह समर्थन अंतरराष्ट्रीय मंच पर बेहद अहम है।
जंगल के कानून’ पर वांग यी का सख्त संदेश
वांग यी ने वैश्विक हालात पर चिंता जताते हुए कहा कि कुछ शक्तियां अपने हितों के लिए नियमों को ताक पर रख रही हैं। उन्होंने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों का जिक्र करते हुए कहा कि मनमाने टैरिफ, आर्थिक प्रतिबंध, और व्यापारिक रोक दुनिया को फिर से जंगल के कानून की ओर धकेल रहे हैं।
उनका कहना था कि जब कोई देश जब चाहे, जिस पर चाहे प्रतिबंध लगा दे, व्यापार रोके या दबाव बनाए, तो यह अंतरराष्ट्रीय नियमों और संयुक्त राष्ट्र की भावना के खिलाफ है। ऐसे में विकासशील देशों को मिलकर अपने अधिकारों और हितों की रक्षा करनी होगी।

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बेल्ट एंड रोड परियोजना और विकासशील देशों की साझेदारी
चीन–OIC बैठक में बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। वांग यी ने सुझाव दिया कि दोनों पक्षों को उच्च गुणवत्ता वाली बेल्ट एंड रोड परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, जिससे एशिया, अफ्रीका और मध्य पूर्व के देशों में आधारभूत ढांचे, व्यापार और रोजगार को बढ़ावा मिले।
उन्होंने कहा कि चीन इस्लामी देशों के साथ मिलकर विकास आधारित सहयोग, आर्थिक साझेदारी, और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई ऊंचाइयों तक ले जाना चाहता है।
मध्य पूर्व संकट और राजनीतिक समाधान पर जोर
यह बैठक ऐसे समय में हुई जब मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ रहा है। वांग यी ने क्षेत्रीय संघर्षों के राजनीतिक समाधान की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि सैन्य टकराव किसी भी समस्या का स्थायी हल नहीं हो सकता।
उन्होंने स्पष्ट किया कि चीन मध्य पूर्व में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए रचनात्मक भूमिका निभाता रहेगा। खासतौर पर फिलिस्तीनी मुद्दे पर चीन के प्रयासों की सराहना OIC महासचिव ताहा ने भी की।

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OIC का एक-चीन सिद्धांत पर समर्थन
OIC महासचिव हिसैन इब्राहिम ताहा ने बैठक के दौरान साफ कहा कि संगठन एक-चीन सिद्धांत का दृढ़ता से समर्थन करता है। उन्होंने शिनजियांग में विकास और स्थिरता की सराहना की और चीन के आंतरिक मामलों में किसी भी विदेशी हस्तक्षेप को सिरे से खारिज किया।
ताहा ने कहा कि OIC चीन के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करना चाहता है ताकि एशिया और मध्य पूर्व में शांति, स्थिरता और समृद्धि सुनिश्चित की जा सके।
ईरान, अमेरिका और बढ़ता सैन्य तनाव
बीजिंग में हुई इस कूटनीतिक बातचीत के समानांतर, मध्य पूर्व में हालात और भी संवेदनशील होते दिखे। एक ईरानी अधिकारी ने चेतावनी दी कि ईरान पर किसी भी हमले को “पूर्ण युद्ध” माना जाएगा।
इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि एहतियात के तौर पर अमेरिकी सेना का एक बड़ा नौसैनिक बेड़ा मध्य पूर्व की ओर रवाना किया जा रहा है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, एक विमानवाहक पोत और कई मिसाइल विध्वंसक जल्द ही क्षेत्र में तैनात किए जाएंगे।
ईरान की ओर से यह भी दावा किया गया कि आर्थिक तंगी के चलते हुए विरोध प्रदर्शनों में हजारों लोगों की जान गई है, जिससे हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं।

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संयुक्त राष्ट्र और सच्चे बहुपक्षवाद की वकालत
वांग यी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दुनिया को किसी एक देश के नियमों पर नहीं, बल्कि संयुक्त राष्ट्र की केंद्रीय भूमिका और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत चलना चाहिए। उन्होंने इसे ही “सच्चा बहुपक्षवाद” बताया।
उनका कहना था कि लक्ष्य एक ऐसी निष्पक्ष और न्यायपूर्ण वैश्विक व्यवस्था बनाना है, जहां सभी देशों—खासकर विकासशील राष्ट्रों—की आवाज सुनी जाए।

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चीन–OIC संबंधों का बढ़ता कद
बीजिंग में हुई यह मुलाकात साफ संकेत देती है कि चीन और इस्लामिक सहयोग संगठन आने वाले समय में वैश्विक राजनीति में एक मजबूत साझेदारी के रूप में उभर सकते हैं। शिनजियांग, ताइवान, बेल्ट एंड रोड, मध्य पूर्व शांति और बहुपक्षवाद जैसे मुद्दों पर दोनों पक्षों की साझा सोच, अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई दिशा तय कर सकती है।

बीजापुर नक्सली हमला: रायपुर में भर्ती घायल जवान, हालत स्थिर

छत्तीसगढ़ बीजापुर में नक्सली प्रेशर बम धमाके, 11 सुरक्षाकर्मी घायल

बीजापुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलियों द्वारा लगाए गए कई प्रेशर बम धमाकों में 11 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। यह घटना तेलंगाना सीमा से सटे उसूर थाना क्षेत्र के अंतर्गत कर्रेगुट्टा पहाड़ियों के घने जंगलों में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सामने आई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, धमाके रविवार को सर्च ऑपरेशन के समय हुए।
घायलों में 10 जवान जिला रिजर्व गार्ड (DRG) और एक जवान केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की कोबरा बटालियन से है। कोबरा 210वीं बटालियन के घायल उप निरीक्षक की पहचान रुद्रेश सिंह के रूप में हुई है। सभी घायलों को रायपुर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

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घायलों की स्थिति और इलाज
पुलिस के मुताबिक, रुद्रेश सिंह और DRG के दो जवानों को पैर में गंभीर चोटें आई हैं, जबकि तीन अन्य कर्मियों की आंखों में छर्रे लगे हैं। रायपुर स्थित रामकृष्ण केयर अस्पताल में इलाज कर रहे चिकित्सकों ने बताया कि तीन जवानों का ऑपरेशन किया जा चुका है और एक अन्य का ऑपरेशन जारी है। डॉक्टरों के अनुसार सभी घायल खतरे से बाहर हैं।

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कर्रेगुट्टा क्षेत्र: नक्सलियों का गढ़
कर्रेगुट्टा पहाड़ियों का इलाका लंबे समय से माओवादियों का सुरक्षित ठिकाना माना जाता रहा है। नवंबर 2025 में सुरक्षाबलों ने यहां ताड़पाला गांव में अपना कैंप स्थापित किया था, जिससे नक्सली गतिविधियों पर दबाव बढ़ा। यह इलाका रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां घने जंगल और दुर्गम पहाड़ियां नक्सलियों को छिपने का अवसर देती हैं।
पिछले बड़े ऑपरेशन की पृष्ठभूमि
अप्रैल–मई 2025 में केंद्रीय और राज्य सुरक्षाबलों ने कर्रेगुट्टा पहाड़ियों के आसपास 21 दिनों का व्यापक अभियान चलाया था। इस ऑपरेशन में कम से कम 31 नक्सली ढेर किए गए थे। अभियान के दौरान 35 हथियार, 450 बारूदी सुरंगें, बड़ी संख्या में डेटोनेटर, विस्फोटक उपकरण, चिकित्सा आपूर्ति, बिजली उपकरण और नक्सली दस्तावेज जब्त किए गए थे। यह कार्रवाई नक्सल नेटवर्क की कमर तोड़ने की दिशा में बड़ी सफलता मानी गई थी।

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सुरक्षा एजेंसियों की रणनीति
लगातार मिल रही सूचनाओं के आधार पर DRG और CRPF कोबरा की संयुक्त टीमें इलाके में सर्च और एरिया डॉमिनेशन अभियान चला रही हैं। सुरक्षा एजेंसियां IED/प्रेशर बम जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए आधुनिक उपकरणों और विशेष प्रशिक्षण का इस्तेमाल कर रही हैं। अधिकारियों ने बताया कि इलाके में सघन तलाशी जारी है और नक्सलियों के मूवमेंट पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

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निष्कर्ष
बीजापुर नक्सली हमला एक बार फिर बताता है कि क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियां बरकरार हैं, लेकिन सुरक्षाबलों की सतत कार्रवाई से नक्सल नेटवर्क पर दबाव बढ़ा है। प्रेशर बम धमाके के बावजूद जवानों की स्थिति स्थिर है और अभियान जारी है। आने वाले दिनों में इलाके में सुरक्षा और कड़ी किए जाने की संभावना है।

सी.बी. एकेडमी में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया गणतंत्र दिवस

7। जनपद के भानपुर क्षेत्र अंतर्गत बरगदवा गांव स्थित सी.बी. एकेडमी विद्यालय में गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास और देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय के बच्चों द्वारा प्रभात फेरी निकाली गई, जिसके माध्यम से लोगों को संविधान और राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रबंधक ने संविधान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संविधान हर भारतीय का सबसे बड़ा हथियार है, जो नागरिकों की आवाज और अधिकारों का सुरक्षा कवच है। इसी मजबूत नींव पर भारतीय गणतंत्र खड़ा है।
उन्होंने आगे कहा कि समानता और सौहार्द से ही गणतंत्र सशक्त होगा। संविधान की रक्षा करना ही भारतीय गणतंत्र की रक्षा है और यही हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों को सच्ची श्रद्धांजलि है।
इस अवसर पर प्रधानाचार्य सुशीला शर्मा, अध्यापक शिवकरण चौधरी, भुइधर चौधरी, अजय कुमार यादव, सोभा, रीमा, निरुपमा सहित अन्य अध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में बच्चे उपस्थित रहे।