Thursday, May 14, 2026
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नए UGC कानून के विरोध में गोरखपुर में जोरदार प्रदर्शन, विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता पर हमले का आरोप

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)। केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित नए UGC कानून के विरोध में बुधवार को गोरखपुर में व्यापक विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। टाउनहाल चौक स्थित गांधी प्रतिमा के पास विभिन्न संगठनों से जुड़े लोग एकत्र हुए और कानून को वापस लेने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों के हाथों में “UGC के काले कानून को वापस लो” जैसे बैनर और तख्तियां दिखाई दीं।
इस विरोध प्रदर्शन में अधिवक्ता, समाजसेवी, मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव, व्यापारी, आमजन, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के छात्र और छोटे राजनीतिक दलों के नेता शामिल रहे। “UGC कानून वापस लो”, “छात्र विरोधी कानून नहीं चलेगा” और “विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता पर हमला बंद करो” जैसे नारों से टाउनहाल चौक गूंजता रहा।
धरने पर बैठे लोगों ने आरोप लगाया कि नया UGC कानून छात्र हितों के खिलाफ है और इससे देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था कमजोर होगी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इस कानून के जरिए विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता समाप्त कर उन्हें सीधे सरकारी नियंत्रण में लाने की कोशिश की जा रही है, जिससे शैक्षणिक स्वतंत्रता पर गंभीर खतरा उत्पन्न होगा।
प्रदर्शन में शामिल इंजी. सुरेश श्रीवास्तव, राष्ट्रीय अध्यक्ष, कायस्थ सेना ने कहा कि यदि सरकार ने यह कानून वापस नहीं लिया तो उसे “नेपाल जैसे आंदोलन” का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि समाज के लोग अब सड़कों पर उतर चुके हैं।
वहीं रविन्द्र कुमार और राजेश नारायण दूबे (एडवोकेट) ने आरोप लगाया कि सत्ता में आने के बाद समाज के हितों के विरुद्ध कानून बनाए जा रहे हैं, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा।
मेडिकल मैनेजर अभिषेक श्रीवास्तव ने प्रधानमंत्री से अपील करते हुए कहा कि सरकार इस आंदोलन का संज्ञान ले और छात्रों को होने वाले नुकसान से बचाए, अन्यथा आंदोलन उग्र रूप ले सकता है।
छात्रों ने कहा कि नया UGC कानून शिक्षा के निजीकरण को बढ़ावा देगा। इसके लागू होने से विश्वविद्यालयों की फीस में भारी बढ़ोतरी की आशंका है, जिससे गरीब, मध्यम वर्ग और ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा और कठिन हो जाएगी। छात्रों का मानना है कि शिक्षा को बाजार की वस्तु बनाना संविधान में दिए गए समान अवसर के अधिकार के विरुद्ध है।
छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि UGC कानून के बहाने सरकार विश्वविद्यालयों के प्रशासनिक और अकादमिक निर्णयों में सीधा हस्तक्षेप करना चाहती है, जिससे पाठ्यक्रम निर्माण, शोध कार्य और नियुक्तियों में राजनीतिक दबाव बढ़ेगा। छात्रों ने एक स्वर में कहा कि वे अपने अधिकारों और शिक्षा के भविष्य की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।

प्रो. डॉ. लक्ष्मण प्रसाद को डी.लिट. की उपाधि, मऊ गौरवान्वित


मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के लिए यह अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण रहा, जब कोपागंज निवासी तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय में प्रोफेसर एवं निदेशक पद पर कार्यरत प्रो. डॉ. लक्ष्मण प्रसाद को उच्च शैक्षणिक सेवा एवं शिक्षा–शोध के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉक्टर ऑफ लिटरेचर (D.Lit.) की उपाधि प्रदान की गई।
यह प्रतिष्ठित उपाधि 28 जनवरी 2026 को छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ विश्वविद्यालय में आयोजित दीक्षांत समारोह में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमन डेका तथा शिक्षा मंत्री द्वारा प्रदान की गई। समारोह में देश-विदेश से आए शिक्षाविदों, शोधार्थियों एवं अनेक गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही।
प्रो. डॉ. लक्ष्मण प्रसाद ने उच्च शिक्षा, अनुसंधान, अकादमिक नेतृत्व एवं ज्ञान के प्रसार के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय भूमिका निभाई है। इग्नू विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने कला शिक्षा को समाज के व्यापक वर्ग तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

यह भी पढ़ें http://डीएम ने फीता काटकर व दीप प्रज्ज्वलित कर किया संत कबीर मगहर महोत्सव-2026 का भव्य शुभारंभ https://rkpnewsup.com/the-dm-inaugurated-the-sant-kabir-maghar-festival-2026-in-a-grand-manner-by-cutting-the-ribbon-and-lighting-the-lamp/उनकी इस उपलब्धि से कोपागंज, मऊ जनपद सहित समूचे शैक्षणिक जगत में प्रसन्नता एवं गर्व का वातावरण बना हुआ है। क्षेत्र के शिक्षाविदों, सामाजिक संगठनों एवं शुभचिंतकों ने प्रो. डॉ. लक्ष्मण प्रसाद को इस विशिष्ट उपलब्धि पर बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं।

संत के आशीर्वाद से बदली किस्मत, निःसंतान ब्राह्मण को मिला पुत्र प्राप्ति का वरदान

सिकन्दरपुर बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

एक धर्मनिष्ठ ब्राह्मण वर्षों से संतान सुख के लिए व्याकुल था। घर में धन, मान-सम्मान और धार्मिक वातावरण होने के बावजूद संतान के बिना उसका जीवन अधूरा लग रहा था। वह अक्सर संत-महात्माओं के पास जाकर अपनी व्यथा सुनाता, पर हर बार उसे निराशा ही हाथ लगती।
एक दिन वह एक ज्ञानी संत के पास पहुँचा और विनती करने लगा—“महाराज, मुझे प्रवचन, ज्ञान या वैराग्य नहीं चाहिए। मेरे आंगन में छोटे-छोटे बच्चों की किलकारियाँ गूंजें, बस यही मेरी एकमात्र इच्छा है। पुत्र के बिना गृहस्थ जीवन सूना लगता है।”संत ने ध्यान लगाकर उसके भाग्य का विचार किया और गंभीर स्वर में बोले—“हे ब्राह्मण, तुम्हारे ललाट पर स्पष्ट लिखा है—‘सप्तजन्मावधि तव पुत्रो नैव च नैव च’अर्थात सात जन्मों तक तुम्हें संतान सुख प्राप्त नहीं होगा।”यह सुनते ही ब्राह्मण व्याकुल हो उठा। उसने संत के चरण पकड़ लिए और रोते हुए बोला, “महाराज! मैं तो इसी जन्म के दुख से टूट चुका हूँ। यदि संतान न मिली तो मैं प्राण त्याग दूँगा। परंतु मेरे मरने से आप पर ब्रह्महत्या का दोष लगेगा।”ब्राह्मण की दयनीय स्थिति देखकर संत का हृदय पिघल गया। उन्होंने मन ही मन ईश्वर से प्रार्थना की और अंततः अपनी झोली से एक फल निकालकर ब्राह्मण को देते हुए बोले—“इदं भक्षय पल्या त्वं ततः पुत्रो भविष्यति”अर्थात यह फल अपनी पत्नी को खिला देना, इससे तुम्हें पुत्र प्राप्ति होगी।ब्राह्मण की खुशी का ठिकाना न रहा। उसने हाथ जोड़कर पूछा, “महाराज, क्या इसके लिए कोई विशेष नियम पालन करना होगा?”संत ने कहा, “नियम कठिन नहीं हैं—पवित्रता का पालन करना, दिन में एक समय भोजन करना, और घर में कलह न होने देना। यदि श्रद्धा और संयम रखोगे तो ईश्वर की कृपा अवश्य होगी।”ब्राह्मण ने संत को साष्टांग प्रणाम किया और हर्षित मन से घर की ओर लौट पड़ा। यह कथा दर्शाती है कि सच्ची श्रद्धा, संतों का आशीर्वाद और दृढ़ विश्वास असंभव को भी संभव बना सकता है। उक्त बातें साध्वी साक्षी श्याम श्रीधाम वृंदावन से पधारे बुधवार की सुबह अपने मुखारविंद से प्रस्तुत की

कड़ाके की ठंड में आवारा गोवंश बेहाल, ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा

प्रशासन पर लापरवाही के आरोप

शाहजहांपुर(राष्ट्र की परम्परा)
गढ़िया रंगीन क्षेत्र ग्राम पंचायत रपड़िया में कड़ाके की ठंड के चलते आवारा गोवंश की हालत चिंताजनक बनी हुई है। क्षेत्र में गौशाला की समुचित व्यवस्था न होने के कारण गोवंश खुले आसमान के नीचे सड़कों और खेतों में ठिठुरने को मजबूर हैं। हालात को देखते हुए ग्रामीण विपिन श्रीवास्तव और रविंद्र श्रीवास्तव ने मानवीय पहल करते हुए गोवंश के लिए अलाव जलाया तथा चारा खिलाकर उनकी देखभाल की।
ग्रामीणों का कहना है कि गौशाला के अभाव में आए दिन गोवंश ठंड, भूख और सड़क दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शीघ्र गौशाला निर्माण, ठंड से बचाव की व्यवस्था और नियमित चारे की आपूर्ति की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि समय रहते इंतजाम नहीं हुए तो गोवंशों की मौतों की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

संतोष बी.एड कॉलेज में सामूहिक सूर्यनमस्कार कार्यक्रम का हुआ आयोजन

रांची (राष्ट्र की परम्परा)
क्रीड़ा भारती रांची महानगर के द्वारा सामूहिक रूप से संतोष बी.एड कॉलेज / इंटर कॉलेज / स्नेह कुल हाई स्कूल में सूर्यनमस्कार कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं एवं विद्यार्थियों में स्वास्थ्य, अनुशासन एवं योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
इस अवसर पर कार्यक्रम की मुख्य अतिथि आर्चरी की इंटरनेशनल प्लेयर भगवती चानू एवं इंटरनेशनल कोच डी. साईसवरी जी उपस्थित रहीं।
मुख्य अतिथि आर्चरी की इंटरनेशनल प्लेयर भगवती चानू ने बताया कि योग एवं सूर्यनमस्कार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नियमित सूर्यनमस्कार से शरीर स्वस्थ, मन एकाग्र तथा जीवन ऊर्जावान बनाता है।शरीर के लिए, सूर्य नमस्कार एक संपूर्ण और संतुलित व्यायाम है जो सभी प्रमुख मांसपेशियों, जोड़ों और महत्वपूर्ण अंगों को लाभ पहुंचाता है। इस क्रम में प्रत्येक आसन का अपना प्रतिरूप भी है, जिससे यह एक संतुलित व्यायाम बन जाता है।
वही इंटरनेशनल कोच डी. साईसवरी जी ने बताया कि सूर्य नमस्कार के कई शारीरिक लाभ हैं। नियमित अभ्यास से शक्ति, स्फूर्ति, हल्कापन और चपलता बढ़ती है। इसके अलावा, ऐसा कहा जाता है कि जिस प्रकार प्रकाश की उपस्थिति में अंधकार नहीं टिक सकता, उसी प्रकार सूर्य नमस्कार के अभ्यास से रोग भी लंबे समय तक नहीं टिक सकता।
कार्यक्रम का आयोजन क्रीड़ा भारती की उपाध्यक्ष रश्मि जी की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में क्रीड़ा भारती के प्रान्त युवा प्रमुख मोनू शुक्ला प्रान्त सह मंत्री विशाल भास्कर जी योगासन प्रमुख पूजा सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों एवं उपस्थित जनसमूह ने सामूहिक रूप से सूर्यनमस्कार कर योग को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। क्रीड़ा भारती रांची महानगर द्वारा भविष्य में भी ऐसे स्वास्थ्यवर्धक कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाने की बात कही गई।

डीएम ने फीता काटकर व दीप प्रज्ज्वलित कर किया संत कबीर मगहर महोत्सव-2026 का भव्य शुभारंभ

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान संत की परिनिर्वाण स्थली मगहर में आयोजित छह दिवसीय संत कबीर मगहर महोत्सव-2026 का भव्य शुभारंभ बुधवार को हुआ। जिलाधिकारी आलोक कुमार और पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने संत कबीरदास की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर, समाधि व मजार पर पूजा-अर्चना के उपरांत फीता काटकर तथा दीप प्रज्ज्वलित कर महोत्सव का उद्घाटन किया।
उद्घाटन कार्यक्रम के बाद अतिथियों का पुष्प गुच्छ व संत कबीरदास की प्रतिमा भेंट कर स्वागत किया गया। विद्यालय के बच्चों द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत किए जाने के साथ महोत्सव का विधिवत शुभारंभ हुआ।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने महोत्सव के सुव्यवस्थित एवं गरिमामयी आयोजन के लिए आयोजकगण, प्रशासन एवं मीडिया कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने संत कबीर दास के विचारों को जीवन को उत्साहपूर्ण, सकारात्मक और खुशहाल बनाने वाला बताते हुए कहा कि मगहर सदैव आध्यात्मिक व सांस्कृतिक चेतना का केंद्र रहा है। पर्यटन की दृष्टि से भी मगहर का विशेष महत्व है। उन्होंने जनपदवासियों से पूरे महोत्सव का आनंद लेने और आयोजन को सफल बनाने में सहयोग की अपील की।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि कबीर मगहर महोत्सव पिछले 37 वर्षों से लगातार आयोजित होना जनपद के लिए गौरव का विषय है। संत कबीर दास धार्मिक सद्भाव, सामाजिक एकता और अंधविश्वास के विरोध के प्रतीक थे। मगहर में उनकी मजार और समाधि दोनों यह संदेश देती हैं कि उनके विचारों से सभी समुदाय समान रूप से प्रेरित रहे हैं। उन्होंने महोत्सव के दौरान सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था का आश्वासन दिया।
महोत्सव स्थल पर बेसिक शिक्षा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, कृषि, वन, पशुपालन, महिला कल्याण, उद्यान, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, उद्योग, बाल विकास पुष्टाहार सहित विभिन्न विभागों द्वारा योजनाओं व उत्पादों के प्रचार-प्रसार हेतु प्रदर्शनी लगाई गई, जिसका जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने अवलोकन किया।
इस अवसर पर कबीर चौरा के महंत हरिशरण दास, नगर पंचायत मगहर अध्यक्ष प्रतिनिधि नुरूज्ज़मा अंसारी, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) जयप्रकाश, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) चंद्रेश कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, शिक्षक, छात्र-छात्राएं, कलाकार एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

अंकुर भारती बने युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय पैनलिस्ट बधाई

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
रुद्रपुर विधानसभा क्षेत्र के निवासी अंकुर भारती व कुशीनगर जिले के निवासी वजीर नजम को युवा कांग्रेस के नेशनल पैनलिस्ट बनाए जाने पर युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर के टाउन हॉल स्थित कार्यालय पर बैठक कर बधाई दिया। युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष गोविन्द मिश्र ने कहा कि कांग्रेस में ही जमीन से जुड़े कार्यकर्ताओं का सम्मान है।अंकुर भारती कांग्रेस के कार्यक्रम में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेते रहे हैं। उसी निष्ठा का यह प्रतिफल है कि उनको राष्ट्रीय पैनलिस्ट बनाया गया है। युवा कांग्रेस के सोशल मीडिया के प्रदेश संयोजक व जिला उपाध्यक्ष सत्यम पांडेय ने कहा कि इस मनोनयन से युवा वर्ग व नौजवानों की आवाज पूरी दमदारी से राष्ट्रीय स्तर पर अंकुर भारती व वजीर नजम उठाएंगे। बैठक को युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष अजय सिंह सैथवार, महासचिव अमूल्य रत्न मणि, जे पी यादव,सचिव नवनीत पाण्डेय , विपिन राय, जिला उपाध्यक्ष हर्षित सिंह, विराट यादव, अशोक कुमार,रोहित मिश्रा, देवेन्द्र तिवारी, अभिषेक वर्मा, शरद मणि त्रिपाठी, कार्तिकेय मिश्रा, जावेद अख्तर, सूफी सलीम,आदि ने सम्बोधित किया।

व्यवसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए समीक्षा बैठक

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
जिले में व्यवसायिक शिक्षा और कौशल विकास को नई गति देने के उद्देश्य से विकास भवन सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला विकास अधिकारी सतीश कुमार सिंह ने की। बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत व्यवसायिक पाठ्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करने, संसाधनों के बेहतर उपयोग और छात्रों को रोजगारोन्मुख शिक्षा से जोड़ने पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में बताया गया कि जनपद गोरखपुर में कुल 45 व्यवसायिक संस्थान एवं 9 केंद्रीय विद्यालय, यानी कुल 54 शैक्षणिक संस्थानों में व्यवसायिक शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। इन संस्थानों में छात्रों को तकनीकी, व्यावहारिक और कौशल आधारित शिक्षा प्रदान की जा रही है, जिससे वे पढ़ाई के साथ-साथ आत्मनिर्भर बन सकें।
जिला विकास अधिकारी सतीश कुमार सिंह ने बैठक में जानकारी दी कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत शासन द्वारा व्यवसायिक एवं कौशल विकास पाठ्यक्रमों को सुदृढ़ करने के लिए जनपद को 2 करोड़ 70 लाख की धनराशि अवमुक्त की गई है। इस राशि का उपयोग आधुनिक उपकरणों की खरीद, प्रशिक्षण कार्यक्रमों के संचालन, प्रयोगशालाओं के सुदृढ़ीकरण तथा शिक्षकों के क्षमता विकास में किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें, ताकि धनराशि का समयबद्ध और पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित हो सके। साथ ही यह भी कहा गया कि व्यवसायिक शिक्षा को स्थानीय जरूरतों और रोजगार की संभावनाओं से जोड़ा जाए, जिससे छात्रों को प्रशिक्षण के बाद सीधे रोजगार या स्वरोजगार के अवसर मिल सकें।
बैठक में डीआईओएस अमरकांत सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी वशिष्ठ नारायण सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी अभिनव मिश्रा, मुख्य कोषाधिकारी प्रवीण चन्द्र सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों से जुड़ी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और भविष्य की कार्ययोजना पर अपने सुझाव रखे।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि आने वाले समय में स्कूलों और व्यवसायिक संस्थानों में नए-नए कोर्स शुरू किए जाएंगे, जो उद्योगों और बाजार की मांग के अनुरूप होंगे। बैठक के अंत में जिला विकास अधिकारी ने सभी अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे व्यवसायिक शिक्षा को मजबूत बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं, ताकि गोरखपुर के युवा कौशलयुक्त बनकर जिले और प्रदेश के विकास में योगदान दे।

विमान दुर्घटना ने छीनी जौनपुर की बेटी की जिंदगी

बारामती हादसे में जौनपुर की पिंकी माली की मौत

जौनपुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। महाराष्ट्र के पुणे जिले के बारामती में हुए भीषण विमान हादसे ने जौनपुर जिले के भैंसा गांव की बेटी पिंकी माली की जिंदगी छीन ली। इस दर्दनाक दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार सहित कुल पांच लोगों की मौत हो गई। घटना की खबर मिलते ही जौनपुर से लेकर मुंबई तक शोक की लहर फैल गई।
सूत्रों के अनुसार, बारामती में रनवे के समीप विमान की आपात लैंडिंग के दौरान यह हादसा हुआ। लैंडिंग के समय विमान संतुलन खो बैठा और दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे में जान गंवाने वाली पिंकी माली पेशे से फ्लाइट अटेंडेंट थीं। वह जौनपुर जिले की केराकत तहसील अंतर्गत भैंसा गांव की रहने वाली थीं। उनके पिता शिव कुमार माली हैं। परिवार के अनुसार, पिंकी के दादा बाबू राम का निधन पिछले वर्ष हो चुका है। पिंकी विवाहित थीं और परिवार के साथ मुंबई में रह रही थीं।
अपना दल (एस) के राष्ट्रीय सचिव पप्पू माली ने इस घटना पर गहरा शोक जताया। उन्होंने बताया कि पिंकी के पिता शिव कुमार माली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से लंबे समय से जुड़े हैं। पप्पू माली ने कहा कि हाल ही में जुलाई माह में मुंबई में उनकी पिंकी के परिवार से मुलाकात हुई थी और इस हादसे की खबर से वे अत्यंत व्यथित हैं।
जैसे ही विमान दुर्घटना की सूचना भैंसा गांव पहुंची, पूरे गांव में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों और रिश्तेदारों की भीड़ सांत्वना देने के लिए घर पर जुटी हुई है। सभी ने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और परिवार को इस कठिन समय में संबल देने की कामना की।

जीवन सरल व सादा रखना है

मेलों की भीड़ में कितने भी हों,
पर पहचाने कोई कोई जाते हैं,
दुनिया में लाखों के मेले लगते हैं,
पर हंस उड़ते हैं तो अकेले उड़ते हैं।

संत और बसंत एक समान होते हैं,
जैसे जब संत का आगमन होता है,
तो हमारा समाज सुधर जाता है,
वसंत आने से संसार खिल जाता है।

किसी को क्षमा करने का यह अर्थ
नहीं होता कि उसे स्वीकार किया है,
न उसका व्यवहार स्वीकार होता है,
न उसका विश्वास किया जाता है।

उसे क्षमा इसलिए किया जाता है,
क्योंकि स्वयं को आगे बढ़ना है,
जीवन सरल व सादा रखना है,
आदित्य जटिलता रहित जीना है।

  • डॉ. कर्नल
    आदिशंकर मिश्र, ‘आदित्य’

कोर्ट परिसर में हथियार और बम की धमकी, प्रशासन अलर्ट मोड में

पटना सिविल कोर्ट में हथियारबंद युवक गिरफ्तार, बिहार के 5 जिलों की सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)बिहार में सिविल कोर्ट की सुरक्षा को लेकर एक साथ कई गंभीर घटनाएं सामने आई हैं। पटना सिविल कोर्ट में हथियारबंद युवक गिरफ्तार होने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बुधवार को दो युवक हथियार लेकर सिविल कोर्ट परिसर में घुसने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन एंट्री गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने समय रहते उन्हें रोक लिया। जांच के दौरान एक युवक को हथियार के साथ पकड़ लिया गया, जबकि उसका साथी मौके से फरार हो गया।

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पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार युवक से पूछताछ की जा रही है और फरार आरोपी की तलाश के लिए छापेमारी तेज कर दी गई है। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि युवक कोर्ट परिसर में किसी आपराधिक मंशा से घुसने की कोशिश कर रहा था। फिलहाल पूरे पटना सिविल कोर्ट की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
बिहार के 5 जिलों में सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी
इसी बीच बिहार के 5 जिलों की सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से प्रशासन में हड़कंप मच गया। भागलपुर, सीवान, बेगूसराय, मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर की सिविल कोर्ट को ई-मेल के जरिए धमकी दी गई।

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भागलपुर में धमकी मिलने के बाद एसएसपी प्रमोद कुमार के नेतृत्व में कोर्ट परिसर और आसपास के इलाकों की सघन तलाशी ली गई। हालांकि, कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है।
सीवान में मामला और गंभीर तब हो गया जब एसपी और डीएम को सीधे धमकी भरा ई-मेल भेजा गया। इसके बाद दोपहर 12 बजे तक कोर्ट में आम लोगों और वकीलों की एंट्री रोक दी गई और व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया गया।

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मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर और बेगूसराय में हाई अलर्ट
समस्तीपुर सिविल कोर्ट को भी ई-मेल से धमकी मिलने के बाद पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया। एसपी स्वयं कोर्ट पहुंचे और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की।
मुजफ्फरपुर सिविल कोर्ट में धमकी के बाद पूरा परिसर खाली कराया गया। एसएसपी कांतेष कुमार मिश्रा ने बताया कि डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ता कोर्ट परिसर की बारीकी से जांच कर रहा है। इस मामले में धमकी भरे ई-मेल की जांच के लिए सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई है।
बेगूसराय में भी सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी के बाद अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जिला जज के निर्देश पर माइक से घोषणा कर सभी वकीलों, मुवक्किलों और कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया। जांच एजेंसियां हर एंगल से मामले की पड़ताल कर रही हैं।

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निष्कर्ष
पटना सिविल कोर्ट में हथियारबंद युवक गिरफ्तार होने की घटना और बिहार के 5 जिलों की सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी ने राज्य की न्यायिक सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। हालांकि, पुलिस और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन जांच पूरी होने तक हाई अलर्ट जारी रहेगा।

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में AI शिक्षा को बढ़ावा, एमएस-बीटेक-बीसीए में नए पाठ्यक्रम शुरू

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने उच्च शिक्षा को भविष्य की तकनीकी जरूरतों से जोड़ते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाया है। विश्वविद्यालय द्वारा एआई को शिक्षा, अनुसंधान और कौशल विकास का केंद्र बनाते हुए व्यापक कार्ययोजना पर अमल शुरू कर दिया गया है।

विश्वविद्यालय प्रशासन का लक्ष्य है कि एआई को केवल तकनीकी विषयों तक सीमित न रखते हुए सभी संकायों और पाठ्यक्रमों में समाहित किया जाए, ताकि प्रत्येक विद्यार्थी एआई की बुनियादी समझ के साथ उसके व्यावहारिक उपयोग में भी दक्ष बन सके। कुलपति प्रो. पूनम टंडन के अनुसार पाठ्यक्रम संरचना में आवश्यक बदलाव किए जा रहे हैं, जिससे छात्र भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।

गोरखपुर विश्वविद्यालय में एम.एस. (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और बी.सी.ए. स्तर पर एआई पाठ्यक्रम पहले ही शुरू किए जा चुके हैं। ये पाठ्यक्रम राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (NIELIT) के सहयोग से संचालित हो रहे हैं और छात्रों को उद्योगोन्मुखी तकनीकी दक्षता प्रदान कर रहे हैं। इसके साथ ही विश्वविद्यालय ने बी.टेक. (Artificial Intelligence) कार्यक्रम की भी शुरुआत की है, जो आधुनिक रोजगार बाजार की मांगों के अनुरूप तैयार किया गया है।

कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विद्यार्थी स्वयं (SWAYAM) प्लेटफॉर्म के माध्यम से एआई से जुड़े विभिन्न ऑनलाइन पाठ्यक्रमों में भी पंजीकरण कर रहे हैं। इससे छात्रों को अकादमिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव और तकनीकी कौशल विकसित करने का अवसर मिल रहा है।

प्रधानमंत्री उषा योजना (PM-USHA) के तहत विश्वविद्यालय परिसर में एक अत्याधुनिक एआई लैब की स्थापना की जा रही है। यह लैब प्रशिक्षण, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में विश्वविद्यालय की क्षमताओं को नई दिशा देगी और छात्रों को अत्याधुनिक तकनीक पर काम करने का मंच उपलब्ध कराएगी।

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इसी क्रम में डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय, लखनऊ में आयोजित “एआई मंथन-2026 : उच्च एवं तकनीकी शिक्षा में चुनौतियाँ और अवसर” कार्यक्रम में गोरखपुर विश्वविद्यालय की टीम ने कुलपति प्रो. पूनम टंडन के नेतृत्व में प्रभावी भागीदारी की। इस कार्यक्रम में उच्च शिक्षा में एआई की भूमिका, प्रशासनिक सुधार और शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं में तकनीक के उपयोग पर विस्तृत चर्चा हुई।

तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों ने एआई टूल्स, जेनरेटिव एआई, साइबर सुरक्षा, परीक्षा मूल्यांकन और छात्र सहायता सेवाओं में एआई के उपयोग जैसे विषयों पर विचार साझा किए। उद्योग विशेषज्ञों के साथ पैनल चर्चा में विश्वविद्यालयों में एआई आधारित सुविधाओं के विकास और अनुसंधान सहयोग पर विशेष जोर दिया गया।

कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वर्तमान और भविष्य की शिक्षा का आधार है। विश्वविद्यालय का प्रयास है कि एआई को सभी पाठ्यक्रमों का अभिन्न हिस्सा बनाया जाए, जिससे विद्यार्थी बदलते तकनीकी परिदृश्य में स्वयं को सक्षम और प्रतिस्पर्धी बना सकें।

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ईरान की ओर बढ़ा अमेरिकी नौसेना का बेड़ा, ट्रंप के बयान से वैश्विक युद्ध की आशंका बढ़ी

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने बयान से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी नौसेना का एक बड़ा बेड़ा ईरान की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिससे वैश्विक स्तर पर युद्ध की आशंका को लेकर चिंता बढ़ गई है।

यह बयान ट्रंप ने मंगलवार, 27 जनवरी 2026 को अमेरिका के आयोवा राज्य के क्लाइव शहर में अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए दिया। इस दौरान उन्होंने अमेरिकी सैन्य शक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि एक “खूबसूरत आर्माडा” इस समय ईरान की ओर बढ़ रही है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वह चाहते हैं कि ईरान किसी समझौते के लिए आगे आए।

अपने भाषण में ट्रंप ने दावा किया कि जून 2025 में अमेरिका ने ईरान के कई परमाणु ठिकानों पर हमला किया था, जिससे उसकी परमाणु क्षमता को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। हालांकि, इन हमलों से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को कितना नुकसान हुआ, इस पर अब भी अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों में मतभेद बने हुए हैं।

गौरतलब है कि अपने पहले कार्यकाल के दौरान ट्रंप ने ईरान परमाणु समझौते (JCPOA) को एकतरफा तौर पर रद्द कर दिया था और इसके बाद ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए गए थे। इन प्रतिबंधों से ईरान की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ा था।

अमेरिकी सैन्य गतिविधियों के जवाब में ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई की, तो उसे “भारी और पछतावे वाली प्रतिक्रिया” का सामना करना पड़ेगा।

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ईरान की राजधानी तेहरान में हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं। वहां एक विशाल होर्डिंग लगाया गया है, जिसमें एक अमेरिकी विमानवाहक पोत को नष्ट अवस्था में दिखाया गया है। होर्डिंग पर फारसी और अंग्रेजी में लिखा है— “अगर तुम हवा बोओगे, तो तूफान काटोगे।”

अमेरिकी रक्षा विभाग के अनुसार, USS अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत और उसके साथ कई मिसाइलों से लैस युद्धपोत हाल ही में मध्य पूर्व क्षेत्र में पहुंच चुके हैं। इससे इलाके में हजारों अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी और बढ़ गई है।

हालांकि ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह सैन्य तैनाती “सिर्फ एहतियात के तौर पर” की गई है और इसका इस्तेमाल जरूरी नहीं कि किया ही जाए।

इसी बीच ईरान के अंदर सरकार विरोधी प्रदर्शनों की स्थिति भी गंभीर बनी हुई है। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, अब तक इन प्रदर्शनों और सुरक्षा कार्रवाई में 6,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें महिलाएं, बच्चे और आम नागरिक शामिल हैं।

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Ajit Pawar Plane Crash के बाद Jaipur में Air India Landing फेल

जयपुर/नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार के विमान हादसे के कुछ ही घंटों बाद एक और विमान घटना सामने आने से हड़कंप मच गया। बुधवार, 28 जनवरी 2026 को दिल्ली से Jaipur जा रहे एयर इंडिया के विमान AI-1719 की जयपुर एयरपोर्ट पर पहली लैंडिंग असफल हो गई। विमान में पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राजस्थान कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा सवार थे। हालांकि दूसरी कोशिश में विमान की सुरक्षित लैंडिंग करा ली गई और सभी यात्री सुरक्षित हैं।

पहली लैंडिंग क्यों हुई फेल?

एयर इंडिया का विमान दोपहर करीब 1:05 बजे जयपुर एयरपोर्ट पर उतारने का प्रयास किया गया। जैसे ही विमान रनवे को छूने वाला था, पायलट ने स्थिति को असुरक्षित मानते हुए तुरंत गो-अराउंड का फैसला लिया।
एयरपोर्ट सूत्रों के मुताबिक, पहली कोशिश के दौरान अनस्टेबल अप्रोच की स्थिति बन गई थी। संभावित कारणों में रनवे कंडीशन या तकनीकी समस्या बताई जा रही है।

दूसरी कोशिश में सुरक्षित लैंडिंग

पहली असफल लैंडिंग के बाद विमान लगभग 10 मिनट तक हवा में चक्कर लगाता रहा। इसके बाद पायलट ने दूसरी बार प्रयास किया, जिसमें विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। एयर इंडिया ने पुष्टि की है कि विमान में सवार सभी यात्री और क्रू सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं।
इस घटना में सुखजिंदर सिंह रंधावा को कोई नुकसान नहीं हुआ है।

क्या होता है गो-अराउंड?

एविएशन विशेषज्ञों के अनुसार, गो-अराउंड एक मानक सुरक्षा प्रक्रिया है।
जब पायलट को किसी भी कारण से लैंडिंग सुरक्षित नहीं लगती—जैसे खराब रनवे, मौसम या तकनीकी दिक्कत—तो वह विमान को दोबारा हवा में ले जाता है। इसे ही गो-अराउंड कहा जाता है और इसे यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है।

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कुछ घंटे पहले हुआ था अजित पवार का प्लेन क्रैश

इसी दिन सुबह महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का चार्टर्ड विमान Learjet 45 पुणे जिले के बारामती में लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
विमान में अजित पवार सहित कुल 5 लोग सवार थे, जिनकी इस हादसे में मौत हो गई। विमान रनवे से फिसलकर आग की चपेट में आ गया था।
अजित पवार मौजूदा सरकार में वित्त और योजना मंत्री थे और फरवरी में होने वाले बजट सत्र में 2026-27 का बजट पेश करने वाले थे।
अजित पवार के विमान हादसे और उसके कुछ घंटों बाद जयपुर में हुई यह घटना देशभर में विमान सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

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UGC बिल के विरोध में सलेमपुर में सवर्ण समाज का जोरदार प्रदर्शन, राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा

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सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)।
UGC बिल के विरोध में मंगलवार को सलेमपुर नगर में सवर्ण समाज के लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में एकत्रित प्रदर्शनकारियों ने भारत के महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन तहसील प्रशासन के माध्यम से सौंपते हुए इस बिल को वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान “योगी मोदी होश में आओ” जैसे नारे भी लगाए गए।

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सुबह से ही सलेमपुर डाक बंगले परिसर में सवर्ण समाज के लोग एकत्र होने लगे। इसके बाद सैकड़ों की संख्या में लोग नारेबाजी करते हुए सोहनाग मोड़, गांधी चौक होते हुए सलेमपुर तहसील पहुंचे, जहां एक सभा का आयोजन किया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सलेमपुर प्रभारी निरीक्षक महेंद्र कुमार चतुर्वेदी पुलिस बल के साथ मौके पर उपस्थित रहे।


सभा में वक्ताओं ने UGC बिल को उच्च शिक्षा, छात्रों और शिक्षकों के हितों के खिलाफ बताया। वक्ताओं का कहना था कि यह बिल भले ही उच्च शिक्षा में सुधार के उद्देश्य से लाया गया हो, लेकिन इसके प्रावधान समाज को बांटने वाले हैं। उनका आरोप था कि UGC बिल में सामान्य वर्ग के छात्रों के प्रति भेदभाव है और इसमें जातिगत भेदभाव की परिभाषा को लेकर गंभीर चिंताएं हैं।
उन्होंने कहा कि सामान्य वर्ग के हितों के लिए बिल में किसी प्रकार का ठोस प्रतिनिधित्व नहीं है। आशंका जताई गई कि इस बिल का दुरुपयोग कर सामान्य वर्ग के छात्रों को प्रताड़ित किया जा सकता है, जिससे राष्ट्रीय एकता भी प्रभावित हो सकती है। साथ ही यह बिल सामान्य वर्ग के छात्रों को उच्च शिक्षा से वंचित करने का मार्ग प्रशस्त करेगा।
सभा के पश्चात महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार सलेमपुर अलका सिंह को सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई कि राष्ट्रपति सरकार को निर्देशित करें कि UGC बिल को वापस लिया जाए और सभी वर्गों के छात्रों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
प्रदर्शन के दौरान एक भाजपा नेता विशेष रूप से चर्चा में रहे, जो हाथ में चूड़ियां और सिर पर कफन के प्रतीकात्मक रूप में धोती बांधकर सभा में पहुंचे। उन्होंने कहा कि वे संसद में गए सवर्ण समाज के सांसदों के लिए चूड़ियां और कफन लेकर आए हैं।
इस प्रदर्शन में डॉ. शैलेंद्र कुमार मिश्र, नरसिंह तिवारी, सौरभ पांडेय, उमेश तिवारी, अमित सिंह, शिवाकांत तिवारी, नवीन तिवारी, प्रतीक कुमार मिश्रा, वाचस्पति त्रिपाठी, शैलेंद्र सिंह, नितिन सिंह, अशोक पांडेय, सल्टू पांडेय सहित बड़ी संख्या में सवर्ण समाज के लोग शामिल रहे।