महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के श्यामदेउरवा थाने में तैनात हेड कांस्टेबल हिमांशु पति त्रिपाठी का बुधवार को लखनऊ में इलाज के दौरान निधन हो गया। उनके असामयिक निधन की सूचना मिलते ही श्यामदेउरवा थाना परिसर सहित पूरे पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई। इस दुखद खबर से पुलिसकर्मी और स्थानीय लोग स्तब्ध नजर आए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 19 जनवरी को हेड कांस्टेबल हिमांशु पति त्रिपाठी किसी आवश्यक सरकारी कार्य से महराजगंज आए हुए थे। कार्य निपटाने के बाद वह अपनी बाइक से श्यामदेउरवा थाने लौट रहे थे। इसी दौरान कोतवाली थाना क्षेत्र के बरवा विद्यापति के पास सामने से आ रही एक अन्य बाइक से उनकी बाइक की जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में वह सड़क पर गिर पड़े और उनके सिर में गंभीर चोटें आईं।
घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने उन्हें तत्काल जिला अस्पताल महराजगंज पहुंचाया। हालत नाजुक होने पर चिकित्सकों ने उन्हें बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया। वहां से बेहतर उपचार के लिए उन्हें लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कई दिनों तक चले इलाज के बावजूद बुधवार को उनका निधन हो गया।
श्यामदेउरवा थानाध्यक्ष अभिषेक सिंह ने बताया कि हेड कांस्टेबल हिमांशु पति त्रिपाठी मूल रूप से देवरिया जनपद के निवासी थे और वर्ष 1994 बैच के आरक्षी थे। करीब एक वर्ष पूर्व उनकी तैनाती श्यामदेउरवा थाने में हुई थी। वे अपने कार्यकाल के दौरान अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और सौम्य व्यवहार के लिए जाने जाते थे।
उनके निधन से पुलिस विभाग ने एक अनुभवी, ईमानदार और समर्पित कर्मी को खो दिया है। साथी पुलिस कर्मियों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका योगदान हमेशा स्मरणीय रहेगा। पूरे पुलिस महकमे में शोक का माहौल है और हर आंख नम है।
सड़क हादसे में घायल हेड कांस्टेबल हिमांशु पति त्रिपाठी का लखनऊ में निधन
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026:परिवहन कार्यालय में सड़क सुरक्षा और राहवीर योजना पर जागरूकता कार्यक्रम
कुशीनगर(राष्ट्र की परम्परा)राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह जनवरी 2026 के तहत परिवहन कार्यालय, कुशीनगर में एक व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य आम नागरिकों को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करना और दुर्घटना के समय जीवनरक्षक सहायता को प्रोत्साहित करना रहा।कार्यक्रम में एआरटीओ कुशीनगर मो. अजीम एवं यात्री/मालकर अधिकारी बलवंत सिंह ने सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की मदद से जुड़ी राहवीर योजना की विस्तार से जानकारी दी।अधिकारियों ने बताया कि यदि कोई नागरिक सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को “गोल्डन आवर” यानी दुर्घटना के पहले एक घंटे के भीतर नजदीकी अस्पताल पहुंचाता है, तो उसे केंद्र सरकार की राहवीर योजना के अंतर्गत ₹25,000 की नकद पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है।
अधिकारियों ने कहा कि सड़क पर दुर्घटना के समय भय या झिझक छोड़कर मानवता के नाते आगे आना प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। राहवीर योजना ऐसे लोगों को सम्मानित कर समाज में सकारात्मक संदेश देने का कार्य करती है।इस दौरान सड़क सुरक्षा से जुड़े अहम नियमों पर भी जोर दिया गया, जिनमें दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का अनिवार्य प्रयोग, चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का उपयोग, निर्धारित गति सीमा का पालन, यातायात संकेतों का सम्मान और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करना शामिल है।कार्यक्रम में मौजूद नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और सड़क सुरक्षा एवं राहवीर योजना से संबंधित प्रश्न पूछकर जानकारी प्राप्त की। परिवहन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बड़ी संख्या में आमजनमानस की सहभागिता रही।अधिकारियों ने अपील की कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए हर व्यक्ति को स्वयं नियमों का पालन करना चाहिए और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए।
“पेटेंट से प्रोडक्ट तक” प्रदर्शनी में विश्वविद्यालय का नवाचार
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग में आयोजित “पेटेंट से प्रोडक्ट तक” प्रदर्शनी में शोध को व्यावहारिक उत्पाद में बदलने के नवाचार दिखाए गए। कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने नवाचारों का अवलोकन कर सराहना की।
प्रदर्शनी में तरल जैविक खाद (वर्मीवाश) बनाने की विधि प्रदर्शित की गई। यह विधि कम लागत, पर्यावरण-अनुकूल और छोटे किसानों के लिए लाभकारी है। वर्मीवाश को विशेष यंत्र से फिल्टर कर फसलों पर छिड़काव किया जाता है। 3–4 बार छिड़काव से फसलों की वृद्धि, रोग प्रतिरोधक क्षमता और उत्पादन बढ़ता है। इसमें नाइट्रोजन, पोटैशियम, कैल्शियम, खनिज लवण, एंजाइम, हार्मोन और विटामिन प्रचुर मात्रा में होते हैं।
वर्मीवाश बाजार में ₹30–40 प्रति लीटर और वर्मीकम्पोस्ट ₹10–15 प्रति किलोग्राम में उपलब्ध है। यह बेरोजगारों के लिए स्वरोजगार का अवसर भी प्रदान करता है। इस नवाचार को प्राणि विज्ञान विभाग के प्रो. केशव सिंह और निशात फ़ातिमा ने पेटेंट से उत्पाद तक विकसित किया।
IPR में प्रगति
विश्वविद्यालय ने पिछले दो वर्षों में 79 पेटेंट आवेदन, 65 कॉपीराइट और 1 ट्रेडमार्क आवेदन किए। कुलपति ने कहा कि मजबूत IPR प्रणाली नवाचार की गुणवत्ता और प्रभाव बढ़ाती है।
बाबू मैनेजर सिंह जयंती पर आयोजित मैराथन में इथियोपिया के फिरोनिशा रहे अव्वल
बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। द्वाबा के मालवीय कहे जाने वाले पूर्व विधायक बाबू मैनेजर सिंह की जयंती के अवसर पर आयोजित भव्य मैराथन प्रतियोगिता में देश-विदेश के धावकों ने उत्साह के साथ भाग लिया। खेल भावना और प्रतिस्पर्धा से भरपूर इस आयोजन में करीब एक हजार धावक शामिल हुए, जिससे पूरा क्षेत्र खेलमय माहौल में रंगा नजर आया।
42.195 किमी की फुल मैराथन में अफ्रीकी देश इथियोपिया के धावक फिरोनिशा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। उन्होंने यह दूरी मात्र 2 घंटे 8 मिनट में पूरी कर सभी को प्रभावित किया। मुजफ्फरनगर के अक्षय कुमार दूसरे तथा दिल्ली के अमरेश प्रजापति तीसरे स्थान पर रहे।
21 किमी की हाफ मैराथन में वाराणसी के पंकज कुमार ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि अयोध्या के प्रिंस राज यादव दूसरे और आगरा के मनीष सिंह तीसरे स्थान पर रहे। 10 किमी दौड़ में प्रिंस राज मिश्र पहले, वाराणसी के आशीष पाल दूसरे और बलिया के राकेश वर्मा तीसरे स्थान पर रहे। वहीं 5 किमी दौड़ में वाराणसी की सोनी ने पहला, लक्ष्मी चौहान ने दूसरा और रूबी पाल ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
फुल मैराथन विजेता फिरोनिशा को खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव ने 2.25 लाख रुपये का पुरस्कार प्रदान किया। दूसरे स्थान पर आए अक्षय कुमार को 1.25 लाख रुपये और तीसरे स्थान पर रहे अमरेश प्रजापति को 75 हजार रुपये दिए गए। अन्य सभी वर्गों में भी आकर्षक नकद पुरस्कार वितरित किए गए। प्रत्येक श्रेणी में 50वें स्थान तक आने वाले प्रतिभागियों को भी प्रोत्साहन राशि दी गई।
मैराथन का शुभारंभ सुबह 8 बजे वीर लोरिक स्टेडियम से गिरीश चंद्र यादव और परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया। फुल मैराथन का समापन बैरिया स्थित बाबू मैनेजर सिंह की प्रतिमा स्थल पर हुआ, जबकि पुरस्कार वितरण कार्यक्रम सुदिष्टपुरी स्थित सुदिष्ट बाबा स्कूल में आयोजित किया गया।
अपने संबोधन में गिरीश चंद्र यादव ने इस आयोजन को जनपद के लिए गौरव का विषय बताते हुए कहा कि भविष्य में इसे और भव्य रूप दिया जाएगा। उन्होंने बलिया के प्रत्येक ब्लॉक में स्टेडियम निर्माण की घोषणा भी की। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने आयोजन को युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि जिले में खेल और विकास से जुड़े कार्य तेजी से कराए जा रहे हैं। उन्होंने 70 वर्षीय धावक चंद्रभान सिंह और कक्षा तीन के छात्र कार्तिक राजभर को 50-50 हजार रुपये देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम के दौरान बाबू मैनेजर सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, खेल प्रेमियों और स्थानीय नागरिकों की मौजूदगी ने आयोजन को यादगार बना दिया।
नया नाम जोड़ना या सुधार करना अब आसान,विशेष चुनावी अभियान
औरैया, (राष्ट्र की परम्परा)। लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा प्रत्येक पात्र नागरिक को मताधिकार से जोड़ने के उद्देश्य से जनपद औरैया में मतदाता सूची विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान 2026 आयोजित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत एक दिवसीय विशेष कार्यक्रम दिनांक 31 जनवरी 2026 (शनिवार) को आयोजित होगा। यह जानकारी उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) अविनाश चन्द्र मौर्य ने दी।
उन्होंने बताया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देशानुसार यह अभियान जनपद की तीनों विधानसभा क्षेत्रों में एक साथ संचालित किया जाएगा। अभियान का समय पूर्वान्ह 10:30 बजे से अपरान्ह 4:30 बजे तक निर्धारित किया गया है। इस दौरान मतदाता सूची से संबंधित सभी प्रकार के दावे एवं आपत्तियां स्वीकार की जाएंगी।
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तीनों विधानसभा क्षेत्रों में रहेगा विशेष अभियान
इस विशेष अभियान के अंतर्गत जनपद औरैया की
202 – बिधूना विधानसभा क्षेत्र,
203 – दिबियापुर विधानसभा क्षेत्र,
204 – औरैया (अनुसूचित जाति) विधानसभा क्षेत्र
के सभी मतदान स्थलों पर बूथ लेवल अधिकारी (BLO) एवं पदाभिहीत अधिकारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे। नागरिक अपने नजदीकी मतदान स्थल पर जाकर सीधे बीएलओ से संपर्क कर सकते हैं।
मतदाता सूची का पठन और सत्यापन
निर्वाचन आयोग के नवीन दिशा-निर्देशों के अनुसार, अभियान के दिन सभी मतदान स्थलों पर आलेख्य (ड्राफ्ट) मतदाता नामावली का पठन किया जाएगा। इसके साथ ही अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृतक एवं डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची भी पढ़ी जाएगी, जिससे मतदाता स्वयं अपनी प्रविष्टियों की जांच कर सकें और समय रहते सुधार करा सकें।
फॉर्म 6, 7 और 8 की सुविधा
प्रत्येक बूथ पर बीएलओ के पास पर्याप्त मात्रा में
फॉर्म-6 (नया नाम जोड़ने हेतु),
फॉर्म-7 (नाम विलोपन हेतु),
फॉर्म-8 (संशोधन हेतु)
उपलब्ध रहेंगे। नए मतदाता, जिन्होंने हाल ही में 18 वर्ष की आयु पूर्ण की है, वे आवश्यक घोषणा पत्र के साथ फॉर्म-6 भरकर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा सकते हैं।
अधिकारियों का भ्रमण और समस्या समाधान
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक अधिकारी, सुपरवाइजर एवं पर्यवेक्षणीय अधिकारी मतदान स्थलों का भ्रमण करेंगे। वे मौके पर ही मतदाताओं की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करेंगे।
लोकतंत्र की मजबूती में जनभागीदारी जरूरी
उप जिला निर्वाचन अधिकारी अविनाश चन्द्र मौर्य ने नागरिकों से अपील की कि वे मतदाता सूची विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान 2026 में सक्रिय सहभागिता करें। उन्होंने कहा कि शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित मतदाता सूची ही निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव की आधारशिला होती है। प्रशासन का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे।
विष्णु भगवान -सृष्टि पालक श्रीहरि की दिव्य लीला
परिचय
विष्णु भगवान कथा सनातन धर्म की आत्मा है। विष्णु पुराण कथा में वर्णित श्रीहरि विष्णु लीला केवल धार्मिक आख्यान नहीं, बल्कि जीवन के गूढ़ सत्य और धर्म, कर्म व मोक्ष का मार्ग दिखाने वाली अमूल्य धरोहर है। शास्त्रोक्त मान्यताओं के अनुसार भगवान विष्णु सृष्टि के पालनकर्ता हैं। इस एपिसोड 12 में हम वैकुंठ लोक, श्रीहरि के स्वरूप, उनके गुणों और भक्तों के प्रति करुणा को विस्तार से समझेंगे। यह कथा न केवल आस्था बढ़ाती है बल्कि मन को स्थिर और विचारों को शुद्ध करती है।
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वैकुंठ लोक का दिव्य स्वरूप
शास्त्रों के अनुसार वैकुंठ लोक वह धाम है जहाँ न दुख है, न भय और न ही काल का प्रभाव। यहाँ भगवान विष्णु शेषनाग पर योगनिद्रा में स्थित रहते हैं। उनके चरणों में माता लक्ष्मी विराजमान रहती हैं। वैकुंठ का प्रत्येक कण चेतना से परिपूर्ण है। विष्णु पुराण कथा बताती है कि जो भक्त मन, वचन और कर्म से श्रीहरि का स्मरण करता है, उसका अंतःकरण वैकुंठ के समान पवित्र हो जाता है।
श्रीहरि विष्णु का शास्त्रोक्त स्वरूप
भगवान विष्णु का स्वरूप अत्यंत शांत और सौम्य है। उनके चार हाथों में शंख, चक्र, गदा और पद्म सुशोभित रहते हैं।
शंख धर्म की उद्घोषणा करता है, चक्र अधर्म का नाश करता है, गदा बल और न्याय का प्रतीक है तथा पद्म वैराग्य और पवित्रता का संकेत देता है।
विष्णु भगवान कथा में यह स्पष्ट किया गया है कि श्रीहरि का स्वरूप स्वयं वेदों का साक्षात रूप है।
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मुख्य कथा: भक्त और भगवान का संवाद
शास्त्रों में एक प्रसंग आता है जब देवर्षि नारद वैकुंठ पधारते हैं। वे भगवान विष्णु से पूछते हैं कि सृष्टि में सबसे प्रिय क्या है। श्रीहरि मुस्कुराते हुए कहते हैं – “मुझे न यज्ञ प्रिय है, न तप, न दान; मुझे प्रिय है मेरा सच्चा भक्त।”
यह संवाद श्रीहरि विष्णु लीला का हृदय है। भगवान भक्त की भावना देखते हैं, बाहरी आडंबर नहीं।
भक्ति का शास्त्रोक्त महत्व
विष्णु पुराण कथा के अनुसार भक्ति ही वह साधन है जिससे जीव भवसागर से पार होता है। जब भक्त नाम-स्मरण करता है, तो स्वयं विष्णु भगवान उसके जीवन का भार उठा लेते हैं।
यह स्पष्ट होता है कि सच्ची भक्ति में अहंकार का स्थान नहीं होता। जो स्वयं को शून्य मान लेता है, वही श्रीहरि को पा लेता है।
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सृष्टि पालन में विष्णु की भूमिका
त्रिदेवों में भगवान विष्णु पालनकर्ता हैं। ब्रह्मा सृष्टि की रचना करते हैं और महादेव संहार करते हैं, परंतु सृष्टि का संतुलन श्रीहरि के हाथों में है।
विष्णु भगवान कथा बताती है कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान विष्णु अवतार लेते हैं। यही कारण है कि वे मत्स्य से लेकर कल्कि तक अनेक रूपों में प्रकट होते हैं।
लक्ष्मी-नारायण का दिव्य संबंध
माता लक्ष्मी केवल धन की देवी नहीं, वे करुणा और समृद्धि की प्रतीक हैं। विष्णु पुराण कथा में वर्णित है कि लक्ष्मी वहीं निवास करती हैं जहाँ धर्म और सत्य होता है।
हमें यह शिक्षा मिलती है कि धन तभी स्थायी होता है जब वह धर्म के साथ जुड़ा हो।
मानव जीवन के लिए संदेश
श्रीहरि विष्णु लीला हमें सिखाती है कि जीवन में संतुलन आवश्यक है। न अत्यधिक भोग, न कठोर त्याग। कर्म करते हुए भगवान का स्मरण ही मोक्ष का मार्ग है।
जो व्यक्ति प्रतिदिन विष्णु भगवान कथा का श्रवण करता है, उसके जीवन में शांति और स्थिरता आती है।
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कलियुग और विष्णु भक्ति
कलियुग में भक्ति ही सबसे सरल साधन है। शास्त्र कहते हैं कि नाम-स्मरण से ही भगवान प्रसन्न हो जाते हैं। विशेष रूप से बताया गया है कि कलियुग में विष्णु नाम का जाप समस्त पापों का नाश करता है।
शास्त्रोक्त निष्कर्ष
भगवान विष्णु केवल देवता नहीं, वे जीवन-दर्शन हैं। उनकी कथा सुनकर मन निर्मल होता है और बुद्धि विवेकशील बनती है।
विष्णु भगवान कथा, विष्णु पुराण कथा और श्रीहरि विष्णु लीला – ये तीनों मिलकर मानव को धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष का संतुलित मार्ग दिखाती हैं।
पाठक के लिए विशेष संदेश
यदि आप जीवन में शांति, सुरक्षा और स्थायित्व चाहते हैं, तो प्रतिदिन श्रीहरि का स्मरण करें। वैकुंठ दूर नहीं, वह आपके अंतःकरण में ही है।
अमर नाम और अविस्मरणीय योगदान
29 जनवरी का इतिहास: देश-दुनिया की महान विभूतियों के निधन की स्मृति
✍️ भूमिका
इतिहास केवल तिथियों का संकलन नहीं होता, बल्कि उन व्यक्तित्वों की स्मृति होता है जिन्होंने अपने कर्म, संघर्ष और विचारों से समाज को दिशा दी। 29 जनवरी का इतिहास भारत और विश्व के लिए विशेष महत्व रखता है क्योंकि इस दिन राजनीति, साहित्य, सिनेमा, प्रशासन और सामाजिक चेतना से जुड़े कई महान व्यक्तित्वों का निधन हुआ।
यह लेख 29 जनवरी को हुए निधन पर केंद्रित एक ऐतिहासिक दस्तावेज है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्मरण और प्रेरणा दोनों का कार्य करेगा।
🕯️ 29 जनवरी को हुए प्रमुख निधन (विस्तृत इतिहास)
🔸 महाराणा प्रताप (1597)
महाराणा प्रताप भारतीय इतिहास के उन योद्धाओं में से हैं जिनका नाम स्वाभिमान, स्वतंत्रता और राष्ट्रभक्ति का पर्याय है। मेवाड़ के शिशोदिया राजवंश के इस महान राजा ने मुगल सम्राट अकबर की अधीनता स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
हल्दीघाटी का युद्ध भले ही रणनीतिक रूप से निर्णायक न रहा हो, लेकिन महाराणा प्रताप का संघर्ष भारतीय आत्मसम्मान की अमर गाथा बन गया।
29 जनवरी का इतिहास महाराणा प्रताप के बलिदान को नमन करता है।
🔸 पीलू मोदी (1983)
पीलू मोदी भारत की स्वतंत्र पार्टी के प्रमुख नेता और मुक्त अर्थव्यवस्था के प्रबल समर्थक थे। उन्होंने समाजवाद की आलोचना करते हुए उदार आर्थिक नीतियों की वकालत की।
उनकी राजनीतिक सोच आज भी आर्थिक विमर्श में प्रासंगिक मानी जाती है।
29 जनवरी को हुए निधन में पीलू मोदी का नाम भारतीय संसदीय इतिहास में विशेष स्थान रखता है।
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🔸 सरला ग्रेवाल (2002)
सरला ग्रेवाल भारतीय प्रशासनिक सेवा की दूसरी महिला अधिकारी थीं। वे मध्य प्रदेश की राज्यपाल भी रहीं।
उन्होंने प्रशासन में महिला नेतृत्व को नई दिशा दी और सामाजिक न्याय, शिक्षा व महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया।
29 जनवरी का इतिहास भारतीय प्रशासन में महिलाओं की मजबूत उपस्थिति को रेखांकित करता है।
🔸 राम निवास मिर्धा (2010)
राम निवास मिर्धा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे। उन्होंने शिक्षा, ग्रामीण विकास और सामाजिक सुधारों के लिए कार्य किया।
उनका राजनीतिक जीवन सादगी और सेवा भाव का उदाहरण रहा।
29 जनवरी को हुए निधन में उनका योगदान जनसेवा के रूप में याद किया जाता है।
🔸 मोहम्मद अल्वी (2018)
मोहम्मद अल्वी उर्दू साहित्य के प्रतिष्ठित शायर और साहित्यकार थे। उनकी शायरी में आम आदमी का दर्द, सामाजिक यथार्थ और मानवीय संवेदनाएं स्पष्ट झलकती हैं।
उनकी रचनाएं उर्दू साहित्य की अमूल्य धरोहर हैं।
29 जनवरी का इतिहास साहित्य जगत के इस स्तंभ को श्रद्धांजलि देता है।
🔸 जॉर्ज फ़र्नांडिस (2019)
जॉर्ज फ़र्नांडिस भारतीय राजनीति के एक जुझारू नेता, ट्रेड यूनियन आंदोलन के अग्रदूत और भारत के रक्षा मंत्री रहे।
उन्होंने आपातकाल का विरोध किया और मजदूर अधिकारों के लिए संघर्ष किया।
29 जनवरी को हुए निधन भारतीय लोकतंत्र के एक मजबूत प्रहरी को याद करता है।
🔸 अरविंद जोशी (2021)
अरविंद जोशी भारतीय सिनेमा और टेलीविजन के चर्चित अभिनेता थे।
उन्होंने गंभीर भूमिकाओं से अपनी अलग पहचान बनाई और कला सिनेमा में उल्लेखनीय योगदान दिया।
29 जनवरी का इतिहास अभिनय जगत के इस सशक्त कलाकार को नमन करता है।
🔸 बाबा इकबाल सिंह (2022)
बाबा इकबाल सिंह किंगरा सिख समुदाय के सामाजिक-आध्यात्मिक नेता थे।
उन्होंने शिक्षा, नैतिक मूल्यों और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में जीवन समर्पित किया।
ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के विस्तार में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा।
29 जनवरी को हुए निधन सामाजिक चेतना के एक दीपक के बुझने का दिन है।
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📌 29 जनवरी का ऐतिहासिक महत्व
29 जनवरी का इतिहास हमें यह सिखाता है कि अलग-अलग क्षेत्रों में किए गए योगदान मिलकर राष्ट्र की नींव मजबूत करते हैं।
चाहे वह युद्धभूमि हो, संसद, साहित्य, सिनेमा या समाजसेवा — इन सभी विभूतियों ने अपने-अपने तरीके से इतिहास रचा।
आज का इतिहास 29 जनवरी: जानिए विश्व को प्रभावित करने वाली घटनाएँ
29 जनवरी का इतिहास: जानिए इस दिन घटीं भारत और दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएँ
📜 29 जनवरी का इतिहास | महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएँ
29 जनवरी का इतिहास विश्व और भारत दोनों के लिए कई मायनों में अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। इस दिन राजनीति, युद्ध, पत्रकारिता, विज्ञान, खेल और संस्कृति से जुड़ी अनेक घटनाएँ घटित हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा को प्रभावित किया।
29 जनवरी की महत्वपूर्ण घटनाएँ न केवल अतीत की झलक देती हैं, बल्कि वर्तमान को समझने में भी सहायक होती हैं।
🏰 16वीं–18वीं शताब्दी की ऐतिहासिक घटनाएँ
1528 में मुग़ल साम्राज्य के संस्थापक बाबर ने मेवाड़ के शक्तिशाली राजा राणा सांगा को पराजित कर चंदेरी के क़िले पर अधिकार किया। यह विजय उत्तर भारत में मुग़ल सत्ता की मजबूती का संकेत बनी।
1676 में रूस के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ा, जब थियोडोर तृतीय रूस के ज़ार बने। उनके शासनकाल ने रूसी राजनीति को नई दिशा दी।
1780 भारतीय पत्रकारिता के इतिहास में ऐतिहासिक दिन रहा। इसी दिन भारत का पहला अंग्रेज़ी समाचारपत्र हिकीज बंगाल गजट प्रकाशित हुआ। इसके संपादक जेम्स ऑगस्टस हिक्की थे। यह अख़बार अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का प्रतीक बना।
🌍 19वीं शताब्दी की प्रमुख घटनाएँ
1889 में ऑस्ट्रिया-हंगरी के युवराज आर्कड्यूक रूडोल्फ़ की आत्महत्या ने यूरोप की राजनीति और राजशाही को झकझोर दिया। यह घटना यूरोपीय इतिहास की सबसे दुखद घटनाओं में गिनी जाती है।
⚔️ 20वीं शताब्दी की निर्णायक घटनाएँ
1916 में प्रथम विश्व युद्ध के दौरान जर्मनी ने फ्रांस पर पहला बड़ा हमला किया।
1919 में चेक सेनाओं ने गैलीसिया में पोलैंड की सेना को पराजित किया।
1939 में रामकृष्ण मिशन सांस्कृतिक संस्थान की स्थापना हुई, जिसने भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत किया।
1947 में अमेरिका ने चीन में मध्यस्थता की भूमिका से खुद को अलग कर लिया।
1949 में ब्रिटेन ने इज़रायल को आधिकारिक मान्यता दी।
1953 में भारत की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने के उद्देश्य से संगीत नाटक अकादमी की स्थापना हुई।
1963 में फ्रांस के वीटो के कारण ब्रिटेन को यूरोपीय साझा बाज़ार में प्रवेश नहीं मिल सका।
🚆 विज्ञान, रक्षा और कूटनीति
1973 में अमेरिका, सोवियत संघ और 17 अन्य देशों ने यूरोप में सैन्य बल कटौती पर चर्चा के लिए विएना में बैठक की।
1976 में सोवियत संघ अंगोला में राजनीतिक समाधान पर सहमत हुआ।
1979 में भारत की पहली जंबो ट्रेन (तमिलनाडु एक्सप्रेस) को नई दिल्ली से चेन्नई के लिए रवाना किया गया, जो भारतीय रेल के इतिहास में मील का पत्थर बनी।
🚀 अंतरिक्ष, राजनीति और वैश्विक घटनाएँ
1986 में अमेरिकी अंतरिक्ष शटल चैलेंजर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें सभी 7 अंतरिक्ष यात्रियों की मृत्यु हुई।
1989 में सीरिया और ईरान ने लेबनान में संघर्ष रोकने के लिए समझौता किया।
1990 में पूर्वी जर्मनी के अपदस्थ नेता एरिक होनेकर को गिरफ़्तार किया गया।
1992 में भारत आसियान का क्षेत्रीय सहयोगी बना, जिससे एशिया-प्रशांत देशों से संबंध मजबूत हुए।
🏏 खेल, मनोरंजन और सामाजिक घटनाएँ
1993 में क्रिकेटर विनोद कांबली ने टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया।
1994 में भारत सरकार ने एयर कॉरपोरेशन एक्ट 1953 को समाप्त कर दिया।
1996 में फ्रांस के राष्ट्रपति जैक्स शिराक ने भविष्य में परमाणु परीक्षण रोकने की घोषणा की।
🗳️ 21वीं शताब्दी की घटनाएँ
2002 में श्रीनगर में दो उग्रवादी मारे गए।
2003 में इज़रायल चुनाव में एरियल शेरोन की लिकुड पार्टी विजयी हुई, वहीं हिमाचल विधानसभा भंग हुई।
2005 में नक्सलवादियों ने गया में पूर्व भाजपा अध्यक्ष वेंकैया नायडू के हेलिकॉप्टर पर हमला किया, हालांकि वे सुरक्षित बच गए।
इसी वर्ष सेरेना विलियम्स ने ऑस्ट्रेलियन ओपन महिला खिताब जीता।
2007 में अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी ने लंदन के रियलिटी शो बिग ब्रदर का खिताब जीता।
2008 में लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने तीन सांसदों की सदस्यता समाप्त की।
ऑस्ट्रिया ने इराक से सेना वापस लेने की घोषणा की।
2009 में फिडेलिटी ने सत्यम कंप्यूटर के शेयर खरीदे।
2010 में भारत-रूस की संयुक्त परियोजना के तहत विकसित पाँचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान का सफल परीक्षण हुआ।
🔚 निष्कर्ष
29 जनवरी का इतिहास हमें यह सिखाता है कि कैसे एक ही दिन में राजनीति, युद्ध, संस्कृति, खेल और विज्ञान से जुड़े ऐतिहासिक बदलाव हुए।
29 जनवरी की महत्वपूर्ण घटनाएँ न केवल अतीत को जीवंत करती हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को सीख भी देती हैं।
इतिहास 29 जनवरी: जानिए इस दिन जन्मे दिग्गजों की कहानी
29 जनवरी को जन्मे महान व्यक्तित्व: भारत और उपमहाद्वीप के इतिहास को दिशा देने वाले नाम
🔷 महत्वपूर्ण इतिहास: 29 जनवरी को जन्मे महान व्यक्तित्व
29 जनवरी को जन्मे व्यक्ति भारतीय और उपमहाद्वीपीय इतिहास में विशेष स्थान रखते हैं। यह दिन आध्यात्म, न्याय, राजनीति और खेल जैसे विविध क्षेत्रों में योगदान देने वाले महान व्यक्तित्वों के जन्म के लिए जाना जाता है।
29 जनवरी जन्म इतिहास केवल तिथियों का संकलन नहीं, बल्कि उन जीवन कथाओं का दस्तावेज है, जिन्होंने समाज की दिशा और सोच को बदला।
आज का यह लेख 29 जनवरी को जन्मे महान व्यक्तित्व के जीवन, योगदान और ऐतिहासिक महत्व को सरल, तथ्यात्मक और शोधपरक तरीके से प्रस्तुत करता है।
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🔹 स्वामी प्रणबानंद महाराज (जन्म: 29 जनवरी 1896)
29 जनवरी को जन्मे व्यक्ति की सूची में स्वामी प्रणबानंद महाराज का नाम श्रद्धा और सेवा का प्रतीक है। वे भारत सेवा आश्रम संघ के संस्थापक थे। उनका जीवन मानव सेवा, आध्यात्मिक साधना और समाज सुधार को समर्पित रहा।
स्वामी प्रणबानंद महाराज ने देशभर में शिक्षा, स्वास्थ्य और आपदा राहत के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान भी उन्होंने सामाजिक चेतना को मजबूत किया।
29 जनवरी जन्म इतिहास में उनका योगदान सेवा और त्याग की प्रेरणा देता है।
🔹 जोगेंद्र नाथ मंडल (जन्म: 29 जनवरी 1904)
29 जनवरी को जन्मे महान व्यक्तित्व में जोगेंद्र नाथ मंडल का स्थान राजनीतिक और संवैधानिक इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण है। वे पाकिस्तान के पहले कानून मंत्री बने और दलित अधिकारों के प्रखर समर्थक रहे।
उन्होंने सामाजिक समानता, अल्पसंख्यक अधिकार और न्याय व्यवस्था में सुधार के लिए संघर्ष किया।
29 जनवरी को जन्मे व्यक्ति के रूप में उनका जीवन सामाजिक न्याय और राजनीतिक चेतना का उदाहरण है।
🔹 न्यायमूर्ति अजीत नाथ राय (जन्म: 29 जनवरी 1912)
29 जनवरी जन्म इतिहास में न्यायमूर्ति अजीत नाथ राय का नाम भारतीय न्यायपालिका से जुड़ा है। वे भारत के 14वें मुख्य न्यायाधीश रहे और कई ऐतिहासिक फैसलों का हिस्सा बने।
उनका कार्यकाल न्यायिक अनुशासन, संवैधानिक व्याख्या और कानून की व्यावहारिक समझ के लिए जाना जाता है।
29 जनवरी को जन्मे महान व्यक्तित्व के रूप में उन्होंने न्याय प्रणाली को नई दिशा दी।
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🔹 कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ (जन्म: 29 जनवरी 1970)
29 जनवरी को जन्मे व्यक्ति में आधुनिक भारत के खेल इतिहास का चमकता नाम है – राज्यवर्धन सिंह राठौड़। वे एथेंस ओलंपिक 2004 में शूटिंग में रजत पदक जीतने वाले भारत के प्रतिष्ठित निशानेबाज हैं।
सेना अधिकारी से खेल जगत और फिर राजनीति तक का उनका सफर युवाओं के लिए प्रेरणादायक है।
29 जनवरी जन्म इतिहास में उनका योगदान खेल और राष्ट्रसेवा दोनों क्षेत्रों में अमिट है।
🔷 29 जनवरी का ऐतिहासिक महत्व
आज का इतिहास 29 जनवरी बताता है कि यह दिन विचार, संघर्ष, साधना और उपलब्धियों का संगम है। इस दिन जन्मे व्यक्तित्वों ने समाज को नई दिशा दी और आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शन प्रस्तुत किया।
29 जनवरी को जन्मे महान व्यक्तित्व यह साबित करते हैं कि एक तिथि कई युगों को प्रभावित कर सकती है।
🔷 क्यों पढ़ें 29 जनवरी जन्म इतिहास? सामान्य ज्ञान और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी,स्कूल-कॉलेज प्रोजेक्ट और समाचार लेखन हेतु महत्वपूर्ण,सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंडिंग कंटेंट,इतिहास प्रेमियों के लिए प्रामाणिक संदर्भ
🔷 निष्कर्ष
29 जनवरी को जन्मे व्यक्ति केवल ऐतिहासिक नाम नहीं, बल्कि प्रेरणा के स्रोत हैं। उनके जीवन से हमें सेवा, न्याय, साहस और अनुशासन का संदेश मिलता है।
29 जनवरी जन्म इतिहास हमें यह सिखाता है कि एक व्यक्ति का योगदान समय की सीमाओं से परे होता है।
कौन-सा अंक दिलाएगा धन और कौन मांगता है सावधानी
मूलांक राशिफल आज: जानिए 1 से 9 तक सभी मूलांक वालों का करियर, पैसा, नौकरी, व्यवसाय, प्रेम और राजनीति का भविष्य
🔷 आज का मूलांक राशिफल अंक ज्योतिष पर आधारित है, जिसमें जन्मतिथि से तय मूलांक के अनुसार व्यक्ति के स्वभाव, भविष्य, करियर, पैसा, नौकरी, व्यवसाय, शिक्षा, प्रेम जीवन और सामाजिक-राजनीतिक स्थिति का आकलन किया जाता है।
अगर आप जानना चाहते हैं कि आज का दिन आपके लिए कितना शुभ है, कौन-सा मूलांक धन लाभ देगा और किसे सतर्क रहने की जरूरत है, तो यह विस्तृत मूलांक भविष्यफल आपके लिए बेहद उपयोगी है।
🔴 मूलांक 1 राशिफल (सूर्य देव)
मूलांक 1 (1, 10, 19, 28 जन्मतिथि) सूर्य से प्रभावित होता है।
आज का दिन नेतृत्व, सम्मान और पहचान दिलाने वाला रहेगा।
करियर व नौकरी:सरकारी नौकरी, प्रशासन, राजनीति और मैनेजमेंट से जुड़े लोगों को आज विशेष पहचान मिल सकती है। उच्च अधिकारी आपके कार्य से प्रभावित होंगे।
पैसा व व्यवसाय:आज लिया गया कोई ठोस व्यावसायिक निर्णय भविष्य में बड़ा लाभ देगा। निवेश सोच-समझकर करें।
प्रेम व परिवार:परिवार में आपका सम्मान बढ़ेगा। दांपत्य जीवन स्थिर रहेगा।
उपाय: लाल मुंह वाले बंदरों को चने खिलाएं।
🔵 मूलांक 2 राशिफल (चन्द्र देव)
मूलांक 2 (2, 11, 20, 29 जन्मतिथि) भावनात्मक और संवेदनशील होता है।
करियर व शिक्षा:छात्रों को ध्यान भटकने से बचना चाहिए। कला, मीडिया और लेखन क्षेत्र में सफलता मिलेगी।
पैसा:पुराना उधार वापस मिलने से आर्थिक स्थिति सुधरेगी।
प्रेम जीवन:भावनाओं में बहकर गलत रिश्तों में समय न गंवाएं।
उपाय: माता का आशीर्वाद लें।
🟡 मूलांक 3 राशिफल (बृहस्पति देव)
मूलांक 3 (3, 12, 21, 30) ज्ञान और गुरु तत्व का प्रतिनिधित्व करता है।
करियर व नौकरी:शिक्षा, सलाहकार, शिक्षक और धार्मिक क्षेत्र में कार्यरत लोगों के लिए दिन शुभ है।
परिवार व प्रेम:पति-पत्नी के बीच विश्वास बढ़ेगा। बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा।
मानसिक स्थिति:दिल की बात साझा करने से मानसिक शांति मिलेगी।
उपाय: बेसन के हलवे का सेवन करें।
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⚫ मूलांक 4 राशिफल (राहु देव)
मूलांक 4 (4, 13, 22, 31) संघर्ष और नवाचार का प्रतीक है।
व्यवसाय:दिन थोड़ा कमजोर रहेगा, लेकिन टेक्नोलॉजी या नए आइडिया में किया गया निवेश लाभ देगा।
करियर:आईटी, इंजीनियरिंग और स्टार्टअप से जुड़े लोग भविष्य की योजना बनाएं।
उपाय: धर्म स्थान में सेवा करें।
🟢 मूलांक 5 राशिफल (बुध देव)
मूलांक 5 (5, 14, 23) बुद्धि और संवाद से जुड़ा है।
नौकरी व व्यवसाय:शुरुआत में कार्य धीमा रहेगा लेकिन निरंतर प्रयास से सफलता मिलेगी।
पैसा:कागजी कामों में लापरवाही नुकसान दे सकती है।
परिवार:बहन के स्वास्थ्य को लेकर चिंता रह सकती है।
उपाय: तुलसी के पौधे की सेवा करें।
🔵 मूलांक 6 राशिफल (शुक्र देव)
मूलांक 6 (6, 15, 24) प्रेम और सुख-सुविधा का प्रतीक है।
प्रेम जीवन:प्रेमियों के लिए मुलाकात का योग है, लेकिन अनावश्यक बहस से बचें।
दांपत्य:वैवाहिक जीवन सुखद और संतुलित रहेगा।
करियर:फैशन, फिल्म, कला और डिजाइन से जुड़े लोगों को लाभ।
उपाय: उबले आलू सफेद गाय को खिलाएं।
🟣 मूलांक 7 राशिफल (केतु देव)
मूलांक 7 (7, 16, 25) आध्यात्मिक और शोध प्रवृत्ति का होता है।
स्वास्थ्य:बाहर का खाना एसिडिटी बढ़ा सकता है।
निवेश:आज नए निवेश से बचें।
करियर:रिसर्च, ज्योतिष और अध्यात्म से जुड़े लोगों को लाभ।
उपाय: “ॐ कें केतवे नमः” का जाप करें।
⚫ मूलांक 8 राशिफल (शनि देव)
मूलांक 8 (8, 17, 26) कर्म और न्याय का प्रतीक है।
व्यवसाय व राजनीति:
सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रियता बढ़ेगी।
करियर:नए व्यापारिक अवसरों पर विचार करने के लिए दिन शुभ है।
उपाय: शनि चालीसा का पाठ करें।
🔴 मूलांक 9 राशिफल (मंगल देव)
मूलांक 9 (9, 18, 27) ऊर्जा और साहस का प्रतिनिधि है।
करियर व नौकरी:प्रोफेशनल मामलों में भाग्य साथ देगा।
पैसा:व्यवसाय में लाभ और प्रगति के संकेत हैं।
परिवार:शाम को मांगलिक कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं।
उपाय: चने की दाल गाय को खिलाएं।
🔷 निष्कर्ष
आज का मूलांक राशिफल करियर, पैसा, नौकरी, व्यवसाय, प्रेम और भविष्य की दिशा समझने में मदद करता है। सही उपाय अपनाकर आप अपने दिन को और बेहतर बना सकते हैं।
हिंदू पंचांग 29 जनवरी 2026: राहुकाल, चौघड़िया और आज का ज्योतिष
पंचांग 29 जनवरी 2026: जाया एकादशी व रोहिणी व्रत, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और आज का सम्पूर्ण हिंदू कैलेंडर
🪔 पंचांग 29 जनवरी 2026 (गुरुवार) – आज का हिंदू कैलेंडर
पंचांग 29 जनवरी 2026 के अनुसार आज माघ शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है, जिसे जाया एकादशी के रूप में मनाया जाता है। यह तिथि भगवान विष्णु को समर्पित मानी जाती है और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पुण्यदायी होती है। आज रोहिणी व्रत भी है, जो विशेष फलदायी माना जाता है।
आज का दिन विक्रम संवत 2082 (कालयुक्त) और शक संवत 1947 (विश्वावसु) के अंतर्गत है। सूर्य मकर राशि में स्थित हैं और चंद्रमा शाम 06:30 बजे तक वृषभ राशि, इसके बाद मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे।
आज की तिथि, नक्षत्र और योग
तिथि: शुक्ल एकादशी – दोपहर 01:55 PM तक, इसके बाद द्वादशी
नक्षत्र: रोहिणी (07:31 AM तक), फिर मृगशीर्षा
योग: इन्द्र (08:27 PM तक), फिर वैधृति
करण: विष्टि, बव, बालव
वार: गुरुवार
पंचांग 29 जनवरी 2026 के अनुसार आज वैदिक ऋतु शिशिर है और अयन उत्तरायण चल रहा है।
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🌅 सूर्य और चंद्रमा का समय
सूर्योदय: 07:11 AM
सूर्यास्त: 06:07 PM
चंद्रोदय: 02:22 PM
चंद्रास्त: 04:44 AM (30 जनवरी)
⛔ अशुभ काल (आज किन समयों से बचें)
राहुकाल: 02:01 PM – 03:23 PM
यमगण्ड: 07:11 AM – 08:33 AM
दुर्मुहूर्त: 10:50 AM – 11:34 AM, 03:13 PM – 03:56 PM
इन समयों में शुभ कार्य करने से बचना चाहिए।
✅ शुभ मुहूर्त (आज के श्रेष्ठ समय)
अभिजीत मुहूर्त: 12:18 PM – 01:01 PM
अमृत काल: 09:25 PM – 10:53 PM
ब्रह्म मुहूर्त: 05:35 AM – 06:23 AM
पंचांग 29 जनवरी 2026 में ये समय विवाह, पूजा, निवेश और नए कार्यों के लिए श्रेष्ठ माने गए हैं।
🕉️ आज का महत्व: जाया एकादशी
जाया एकादशी का व्रत रखने से पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत से भूत-प्रेत बाधा भी समाप्त होती है। इस दिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ और दान-पुण्य विशेष फल देता है।
📌 निष्कर्ष
पंचांग 29 जनवरी 2026 धार्मिक, ज्योतिषीय और दैनिक जीवन के निर्णयों के लिए बेहद उपयोगी है। शुभ मुहूर्त और अशुभ काल जानकर आप अपने दिन को और बेहतर बना सकते हैं। जाया एकादशी और रोहिणी व्रत के संयोग से आज का दिन अत्यंत पावन है।
मनरेगा, एमएसपी और श्रम कानूनों को लेकर सड़क पर उतरेगा मजदूर-किसान संगठन
सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा) उत्तर प्रदेश खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन की जिला कमेटी की अहम बैठक मंगलवार को क्षेत्रीय कार्यालय सलेमपुर में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता कामरेड हरिवंश प्रसाद ने की। इस बैठक में संगठन की आगामी रणनीति, मजदूर-किसान हितों से जुड़े मुद्दों और केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ व्यापक आंदोलन पर विस्तार से चर्चा की गई।
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बैठक को संबोधित करते हुए माकपा के जिला मंत्री कामरेड जयप्रकाश यादव ने कहा कि 30 जनवरी (महात्मा गांधी शहादत दिवस) से लेकर 23 मार्च (भगत सिंह शहादत दिवस) तक खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन द्वारा गांव-गांव जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के जरिए ग्रामीण मजदूरों, किसानों और आम जनता को केंद्र सरकार की नीतियों के दुष्परिणामों से अवगत कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि अभियान के प्रमुख मुद्दों में वी.बी.जी. रामजी योजना को रद्द करना, पुरानी मनरेगा व्यवस्था को बहाल करना, चार श्रम संहिताओं जैसे मजदूर विरोधी कानूनों की वापसी, बिजली विधेयक 2025 को निरस्त करना और बीज विपणन कानून 2024 को वापस लेना शामिल है। इसके साथ-साथ किसानों के लिए कर्ज मुक्ति, एमएसपी की कानूनी गारंटी, जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा और माइक्रोफाइनेंस के उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष को भी अभियान का हिस्सा बनाया जाएगा।
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खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष कामरेड सतीश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि इस पखवाड़े के दौरान संगठन विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सदस्यता अभियान को तेज किया जाएगा और संघर्षों के लिए आवश्यक फंड संग्रह किया जाएगा, ताकि आंदोलन को मजबूत और प्रभावी बनाया जा सके।
किसान सभा के जिला मंत्री प्रेमचंद यादव ने नवनिर्वाचित जिला कमेटी सदस्यों को बधाई दी और आगामी संघर्षों के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। उन्होंने जानकारी दी कि 2 फरवरी को जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा और 12 फरवरी को प्रस्तावित देशव्यापी आम हड़ताल का पूर्ण समर्थन किया जाएगा। यह हड़ताल मजदूर-किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ एक बड़ा कदम होगी।
बैठक को खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन के जिला मंत्री रामनिवास यादव ने भी संबोधित किया और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने पर जोर दिया। बैठक में जिला कमेटी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें सुशील यादव, कामरेड परमहंस भारती, कामरेड बिरजू गुप्ता, कामरेड दर्शन प्रजापति, नियाज अहमद, दुर्गेश पासवान, रीता देवी, मैना देवी, छोटकी देवी, लीलावती देवी, शिव कुमारी देवी, तारा देवी, राजकुमारी देवी, उषा देवी, बलिंदर मौर्य, प्रदीप कुमार, गंगा देवी, शिवशंकर यादव, बाबूराम प्रसाद, केदारनाथ सहित अन्य शामिल रहे।
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बैठक का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन मजदूरों और किसानों के हक की लड़ाई को और तेज करेगी तथा लोकतंत्र और सामाजिक सद्भाव की रक्षा के लिए गांव-गांव संगठित संघर्ष खड़ा किया जाएगा।
राशिफल: इन 4 राशियों की आज खुलेगी किस्मत
🔮 29 जनवरी 2026 का राशिफल: मेष से मीन तक जानें कैसा रहेगा आपका दिन, धन-नौकरी-प्रेम-करियर का पूरा हाल
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुल 12 राशियाँ होती हैं और ग्रह-नक्षत्रों की चाल के आधार पर दैनिक राशिफल का आकलन किया जाता है।
29 जनवरी 2026, गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और बृहस्पति देव को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गुरुवार को श्रीहरि विष्णु की पूजा करने से धन, वैभव, सुख-समृद्धि और ज्ञान की प्राप्ति होती है।
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, 29 जनवरी का दिन कुछ राशियों के लिए आर्थिक लाभ, करियर में उन्नति और प्रेम जीवन में मजबूती लेकर आएगा, वहीं कुछ राशियों को धैर्य और सतर्कता से काम लेना होगा।
आइए जानते हैं 29 जनवरी 2026 का राशिफल, जिसमें धन, नौकरी, व्यवसाय, शिक्षा, करियर, राजनीति और प्रेम जीवन से जुड़ी हर अहम जानकारी शामिल है।
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♈ मेष राशि (Aries Rashifal 29 January 2026)
29 जनवरी का दिन मेष राशि वालों के लिए मिश्रित फलदायी रहेगा।
पुराने प्रेम संबंधों से दूरी बनाए रखना आपके लिए बेहतर होगा, अन्यथा शाम के समय मानसिक तनाव बढ़ सकता है।
धन: अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखें। निवेश से पहले विशेषज्ञ सलाह लें।
नौकरी/करियर:नई जिम्मेदारियाँ मिल सकती हैं, जिससे आप व्यस्त रहेंगे। बॉस आपकी मेहनत नोटिस करेंगे।
व्यवसाय:व्यापार में धीरे-धीरे प्रगति होगी। जल्दबाजी में कोई फैसला न लें।
प्रेम:पार्टनर से संवाद बनाए रखें, गलतफहमियों से बचें।
स्वास्थ्य:फिटनेस और योग से तनाव कम होगा।
♉ वृषभ राशि (Taurus Rashifal 29 January 2026)
29 जनवरी का दिन वृषभ राशि वालों के लिए आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण रहेगा।
धन:बड़े फाइनेंशियल डिसीजन लेने का योग बन रहा है। प्रॉपर्टी या निवेश से लाभ संभव है।
नौकरी:ऑफिस में स्थिरता बनी रहेगी। सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा।
व्यवसाय:पुराने क्लाइंट से लाभ होगा।
प्रेम:विचारों में मतभेद के बावजूद साथी का साथ मिलेगा।
स्वास्थ्य:मानसिक तनाव से दूर रहें।
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♊ मिथुन राशि (Gemini Rashifal 29 January 2026)
29 जनवरी मिथुन राशि वालों के लिए बेहद शुभ दिन साबित हो सकता है।
धन:आर्थिक सफलता दिन की सबसे बड़ी उपलब्धि रहेगी।
नौकरी/करियर:लक्ष्य की ओर तेज़ी से बढ़ेंगे। प्रमोशन की संभावना।
शिक्षा:छात्रों के लिए पढ़ाई में मन लगेगा।
प्रेम:रिश्तों में मिठास बढ़ेगी।
स्वास्थ्य:सेहत उत्तम रहेगी।
♋ कर्क राशि (Cancer Rashifal 29 January 2026)
29 जनवरी को कर्क राशि वालों को हर मुद्दे को गंभीरता से लेने की जरूरत है।
धन: प्रॉपर्टी से जुड़ी बातचीत हो सकती है।
नौकरी:काम को टालना नुकसानदेह हो सकता है।
प्रेम:लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप में अधिक प्रयास करना होगा।
स्वास्थ्य:नींद की कमी से परेशानी हो सकती है।
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♌ सिंह राशि (Leo Rashifal 29 January 2026)
29 जनवरी सिंह राशि वालों के लिए संयम का दिन है।
करियर:ऑफिस में अपेक्षाओं पर खरा उतरने का दबाव रहेगा।
धन:आय सामान्य रहेगी।
प्रेम:अहंकार से बचें, प्रेमी के साथ समय बिताएँ।
स्वास्थ्य:सिर दर्द या थकान हो सकती है।
♍ कन्या राशि (Virgo Rashifal 29 January 2026)
29 जनवरी का दिन कन्या राशि वालों के लिए प्रैक्टिकल अप्रोच मांगता है।
नौकरी:मशीन या टेक्निकल कार्यों में सावधानी जरूरी।
धन:इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस खरीदने का योग।
प्रेम:रिश्तों में स्थिरता रहेगी।
स्वास्थ्य:आंखों और कमर का ध्यान रखें।
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♎ तुला राशि (Libra Rashifal 29 January 2026)
29 जनवरी तुला राशि के व्यापारियों के लिए सफलता का दिन है।
व्यवसाय:नया आइडिया लॉन्च कर सकते हैं।
नौकरी:प्रोफेशनल स्किल्स दिखाने का मौका मिलेगा।
प्रेम:विवादित विषयों से दूरी रखें।
स्वास्थ्य:मानसिक संतुलन बना रहेगा।
♏ वृश्चिक राशि (Scorpio Rashifal 29 January 2026)
29 जनवरी वृश्चिक राशि वालों को धैर्य से काम लेने की सलाह है।
करियर:सीनियर आपकी ईमानदारी पर सवाल उठा सकते हैं, शांत रहें।
धन:खर्च बढ़ सकता है।
प्रेम:पुराने मतभेद सुलझ सकते हैं।
♐ धनु राशि (Sagittarius Rashifal 29 January 2026)
29 जनवरी धनु राशि वालों के लिए करियर में बड़ा अवसर ला सकता है।
नौकरी:नोटिस पीरियड में हैं तो नई नौकरी का ऑफर मिल सकता है।
धन:पैसों के फैसले सोच-समझकर लें।
प्रेम:रिश्ते मजबूत होंगे।
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♑ मकर राशि (Capricorn Rashifal 29 January 2026)
29 जनवरी मकर राशि वालों के लिए सतर्कता का दिन है।
नौकरी:ऑफिस पॉलिटिक्स से बचें।
व्यवसाय:नया व्यापार लाभ दे सकता है।
प्रेम:रिश्ते को आगे बढ़ाने से पहले थोड़ा इंतजार करें।
♒ कुंभ राशि (Aquarius Rashifal 29 January 2026)
29 जनवरी कुंभ राशि वालों को रोमांस और रचनात्मकता पर ध्यान देना चाहिए।
करियर:कलाकारों को आलोचना का सामना करना पड़ सकता है।
व्यवसाय:कपड़ा, फर्नीचर, प्लास्टिक से जुड़े व्यापार में लाभ।
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♓ मीन राशि (Pisces Rashifal 29 January 2026)
29 जनवरी मीन राशि वालों के लिए नई शुरुआत का संकेत देता है।
धन:आर्थिक समृद्धि बढ़ेगी।
करियर:ऑफिस में बहस से बचें।
प्रेम:नए अवसर मिल सकते हैं।
स्वास्थ्य:ऊर्जा बनी रहेगी।
📌 डिस्क्लेमर – यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।
हत्या के प्रयास मामले में वांछित अभियुक्त गिरफ्तार
देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)l जनपद में अपराध नियंत्रण को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना मईल पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। हत्या के प्रयास के एक गंभीर मामले में लंबे समय से फरार चल रहे एक वांछित अभियुक्त को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक देवरिया संजीव सुमन के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) सुनील कुमार सिंह एवं क्षेत्राधिकारी बरहज राजेश चतुर्वेदी के पर्यवेक्षण में की गई।पुलिस के अनुसार थाना मईल पर पंजीकृत मुकदमा संख्या 158/2025, धारा 352 व 109(1) बीएनएस से संबंधित अभियुक्त अतुल पाण्डेय उर्फ छोटे को 28 जनवरी 2026 को मुखबिर की सूचना पर भागलपुर चौराहे से गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त भागलपुर थाना मईल, जनपद देवरिया का निवासी है। गिरफ्तारी के बाद उसके विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जा रही है।यह मामला 13 जुलाई 2025 का है, जब पैमाइश को लेकर हुए विवाद के दौरान अभियुक्तों द्वारा वादी और उसके परिवार पर जानलेवा हमला करते हुए गोली चलाने का आरोप लगाया गया था। इस संबंध में वादी राणाप्रताप तिवारी द्वारा थाना मईल में तहरीर दी गई थी, जिसके आधार पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।गिरफ्तार अभियुक्त का आपराधिक इतिहास भी काफी लंबा है। उसके विरुद्ध थाना मईल में मारपीट, धमकी और गंभीर अपराधों से जुड़े कुल पांच मुकदमे पहले से दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार इस मामले में नामजद दो अन्य अभियुक्त—नन्दन मिश्रा उर्फ शिवेन्द्र मिश्रा और रियाज—अब भी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पीएम आवास योजना शहरी 2.0 के तहत मऊ में 650 महिलाओं को मिले स्वीकृति पत्र
मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। प्रदेश सरकार के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने मऊ जनपद के दौरे के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत चयनित लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र वितरित किए। नगर पालिका परिषद मऊ क्षेत्र के लिए आयोजित यह कार्यक्रम बहुद्देशीय भवन मंगलम में संपन्न हुआ, जहां बड़ी संख्या में लाभार्थी महिलाएं और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ए.के. शर्मा ने कहा कि आज़ादी के बाद पहली बार केंद्र सरकार ने गरीब और वंचित वर्ग की बुनियादी जरूरतों—रोटी, कपड़ा और मकान—को प्राथमिकता देते हुए योजनाबद्ध तरीके से समाधान किया है। उन्होंने बताया कि देशभर में लगभग 80 करोड़ लोगों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है, जो सामाजिक सुरक्षा की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।
उन्होंने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत नगर पालिका परिषद मऊ क्षेत्र में करीब 2000 लाभार्थियों के बैंक खातों में प्रथम किस्त की धनराशि भेजी जा चुकी है। इनमें बड़ागांव और काझाखुर्द क्षेत्र की लगभग 650 महिलाएं शामिल हैं, जिन्हें स्वयं मंत्री द्वारा स्वीकृति पत्र सौंपे गए।
मंत्री ए.के. शर्मा ने पीओ डूडा को निर्देश दिए कि कोई भी पात्र व्यक्ति आवास योजना के लाभ से वंचित न रहे। साथ ही आवास निर्माण के साथ नाली, सड़क, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश भी दिए।
कार्यक्रम के दौरान लाभार्थी महिलाओं ने योजना का लाभ मिलने पर खुशी जताई। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।
