Thursday, May 14, 2026
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30 जनवरी का इतिहास: विश्व और भारत के लिए निर्णायक दिन


30 जनवरी का इतिहास केवल तारीखों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह वह दर्पण है जिसमें मानव सभ्यता के संघर्ष, बलिदान, सत्ता परिवर्तन, युद्ध, शांति और सामाजिक बदलाव स्पष्ट दिखाई देते हैं।
30 जनवरी की महत्वपूर्ण घटनाएँ न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व के राजनीतिक, सामाजिक और ऐतिहासिक विकास की कहानी कहती हैं।
भारत में यह दिन महात्मा गांधी के बलिदान के कारण शहादत और आत्मचिंतन का प्रतीक बन गया है, वहीं विश्व इतिहास में यह दिन साम्राज्यों के पतन, युद्धों के अंत और नए राष्ट्रों के उदय का साक्षी रहा है।

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प्राचीन और मध्यकालीन घटनाएँ (1522–1790)
1522 में ल्यूबेक और डेनमार्क के बीच युद्ध ने यूरोप की समुद्री राजनीति को नया मोड़ दिया। यह संघर्ष उत्तरी यूरोप में शक्ति संतुलन की लड़ाई का हिस्सा था।
1641 में पुर्तग़ाल ने मलक्का की खाड़ी और मलाया डचों को सौंप दी, जिससे एशिया में यूरोपीय व्यापारिक शक्तियों की दिशा बदल गई।
1648 में स्पेन और हॉलैंड के बीच शांति समझौता हुआ, जिसने लंबे समय तक चले युद्धों का अंत किया और आधुनिक राष्ट्र-राज्य प्रणाली को मजबूती दी।
1649 का वर्ष विश्व इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण है, जब इंग्लैंड के सम्राट चार्ल्स प्रथम को फांसी दी गई। यह घटना राजशाही के खिलाफ जनतांत्रिक चेतना का प्रतीक बनी।
1788 में ब्रिटिश राजवंश के दावेदार चार्ल्स एडवर्ड स्टुअर्ट का रोम में निधन हुआ, जिससे ब्रिटिश सत्ता संघर्ष का एक अध्याय समाप्त हुआ।
1790 में लाइफबोट के रूप में बनी पहली नाव का परीक्षण टायन नदी में किया गया, जिसने समुद्री सुरक्षा को नई दिशा दी।

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औपनिवेशिक और राष्ट्रवादी दौर (1902–1933)
1902 में ब्रिटेन और जापान के बीच आंग्ल-जापानी संधि पर हस्ताक्षर हुए। यह एशिया में साम्राज्यवादी राजनीति का बड़ा संकेत था।
1903 में भारत में लॉर्ड कर्ज़न द्वारा इंपीरियल लाइब्रेरी का उद्घाटन हुआ, जो आज राष्ट्रीय पुस्तकालय के रूप में प्रसिद्ध है।
1911 में कैनेडियन नेवल सर्विस का नाम बदलकर रॉयल कैनेडियन नेवी किया गया।
1913 में हाउस ऑफ लॉर्ड्स द्वारा आयरिश होम रूल बिल को खारिज किया जाना आयरलैंड के स्वतंत्रता संघर्ष का निर्णायक मोड़ बना।
1933 में एडॉल्फ हिटलर का जर्मनी का चांसलर बनना, दुनिया को द्वितीय विश्व युद्ध की ओर ले जाने वाली सबसे भयावह घटना साबित हुआ।

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युद्ध, शांति और बलिदान (1943–1957)
1943 में स्टालिनग्राड के पास जर्मन सेना की हार, द्वितीय विश्व युद्ध में निर्णायक मोड़ बनी।
30 जनवरी 1948 का दिन भारतीय इतिहास में महात्मा गांधी की हत्या के कारण अमर हो गया। यह दिन आज शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है।
1949 में रात्रि एयर मेल सेवा की शुरुआत हुई, जिसने संचार व्यवस्था को आधुनिक बनाया।
1957 में राष्ट्र संघ द्वारा दक्षिण अफ्रीका से नस्लभेदी नीति पर पुनर्विचार की अपील, मानवाधिकार आंदोलन की महत्वपूर्ण कड़ी बनी।

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सत्ता परिवर्तन और वैश्विक राजनीति (1964–1989)
1964 में दक्षिण वियतनाम में सैन्य तख्तापलट, शीत युद्ध की राजनीति का परिणाम था।
1971 और 1974 में इंडियन एयरलाइंस के फोकर फ्रेंडशिप विमान का अपहरण, भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए चेतावनी साबित हुआ।
1972 में पाकिस्तान का राष्ट्रमंडल से अलग होना, उसकी अंतरराष्ट्रीय नीति में बदलाव का संकेत था।
1979 में रोडेशिया का नया संविधान, अश्वेतों को सत्ता में भागीदारी का अधिकार देने वाला ऐतिहासिक कदम था।
1989 में अमेरिका द्वारा काबुल स्थित दूतावास बंद किया जाना, अफगान संकट की गंभीरता दर्शाता है।

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आधुनिक दौर की महत्वपूर्ण घटनाएँ (1991–2010)
1991 में इराकी सेना द्वारा सऊदी सीमा के पास हमला, खाड़ी युद्ध की भयावहता को उजागर करता है।
1997 में महात्मा गांधी की अस्थियों का संगम में विसर्जन, राष्ट्रीय भावनाओं से जुड़ा ऐतिहासिक क्षण था।
2001 में गुजरात भूकंप, आधुनिक भारत की सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदाओं में से एक रहा।
2007 में टाटा समूह द्वारा कोरस ग्रुप का अधिग्रहण, भारतीय उद्योग के वैश्विक विस्तार का प्रतीक बना।
2008 में तेलगी स्टांप घोटाले में सजा, न्यायिक इतिहास की बड़ी घटना रही।
2010 में रोजर फेडरर, सेरेना विलियम्स और लिएंडर पेस की ऑस्ट्रेलियन ओपन जीत, खेल इतिहास में दर्ज हुई।

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30 जनवरी का महत्व आज भी क्यों प्रासंगिक है?
30 जनवरी का इतिहास हमें सत्ता, अहंकार और हिंसा के परिणामों की याद दिलाता है।
महात्मा गांधी का बलिदान आज भी सत्य, अहिंसा और मानवता का मार्ग दिखाता है।
यह दिन हमें बताता है कि इतिहास केवल बीता हुआ समय नहीं, बल्कि भविष्य की दिशा तय करने वाला मार्गदर्शक है।
निष्कर्ष
30 जनवरी की महत्वपूर्ण घटनाएँ विश्व इतिहास की रीढ़ हैं।
यह दिन संघर्ष, बलिदान, चेतावनी और प्रेरणा—सभी का संगम है।
इतिहास को जानना केवल ज्ञान नहीं, बल्कि समाज को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी भी है।

आज आपका मूलांक क्या कहता है भविष्य के बारे में

🔶 आज का मूलांक राशिफल: अंक ज्योतिष से जानिए पैसा, नौकरी, व्यवसाय, करियर और प्रेम जीवन का भविष्य

अंक ज्योतिष के अनुसार व्यक्ति की जन्म तिथि उसके स्वभाव, निर्णय क्षमता, सफलता और जीवन की दिशा को प्रभावित करती है। आज का मूलांक राशिफल आपके रुपये-पैसे, नौकरी, व्यापार, शिक्षा, करियर, राजनीति और प्रेम जीवन से जुड़े कई महत्वपूर्ण संकेत देता है। आइए जानते हैं मूलांक 1 से 9 तक का विस्तृत भविष्यफल और उपाय।

🔴 मूलांक 1 राशिफल (Mulank 1 Today)
जन्म तिथि: 1, 10, 19, 28
स्वामी ग्रह: सूर्य देव
आज मूलांक 1 वालों के लिए आत्मविश्वास से भरा दिन है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत अब रंग लाने लगी है। नौकरी में पदोन्नति, सम्मान या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यवसायियों को नए कॉन्ट्रैक्ट और सरकारी क्षेत्र से लाभ मिलने के योग हैं।
राजनीति से जुड़े लोगों की छवि मजबूत होगी। प्रेम जीवन में अहंकार से बचें।
उपाय: लाल रंग के फूल शिवलिंग पर अर्पित करें।

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🌙 मूलांक 2 राशिफल (Mulank 2 Today)
जन्म तिथि: 2, 11, 20, 29
स्वामी ग्रह: चंद्र देव
आज किया गया सही निर्णय भविष्य में बड़ा लाभ देगा। व्यवसाय और निवेश में स्थिरता आएगी। नौकरीपेशा लोगों को सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। विद्यार्थियों के लिए एकाग्रता बढ़ेगी।
प्रेम संबंधों में भावनात्मक जुड़ाव गहरा होगा।
उपाय: पीपल के वृक्ष पर दूध अर्पित करें।
🟡 मूलांक 3 राशिफल (Mulank 3 Today)
जन्म तिथि: 3, 12, 21, 30
स्वामी ग्रह: बृहस्पति
आज आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं। अटका हुआ धन वापस मिल सकता है। शिक्षा, प्रशासन, राजनीति और सलाहकार क्षेत्र में सफलता मिलेगी।
घर के बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद आपके निर्णयों को सही दिशा देगा। प्रेम जीवन में स्थिरता रहेगी।
उपाय: गुरुजनों और शिक्षकों का सम्मान करें।
🌪️ मूलांक 4 राशिफल (Mulank 4 Today)
जन्म तिथि: 4, 13, 22, 31
स्वामी ग्रह: राहु
आज अचानक कुछ चुनौतियां सामने आ सकती हैं। नौकरी में बदलाव या स्थानांतरण के संकेत हैं। व्यापार में जोखिम से बचें। राजनीति में विरोधी सक्रिय रहेंगे।
धैर्य और रणनीति से काम लेंगे तो नुकसान नहीं होगा।
उपाय: ससुराल पक्ष से संबंध मधुर रखें।

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🟢 मूलांक 5 राशिफल (Mulank 5 Today)
जन्म तिथि: 5, 14, 23
स्वामी ग्रह: बुध
आज कार्यभार अधिक रहेगा, लेकिन मैनेजमेंट स्किल्स आपको आगे बढ़ाएंगी। मीडिया, मार्केटिंग, लेखन और टेक्नोलॉजी क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए अच्छा दिन है।
प्रेम जीवन में संवाद की कमी तनाव दे सकती है।
उपाय: मुख्य द्वार पर आम के पत्तों का तोरण लगाएं।
💗 मूलांक 6 राशिफल (Mulank 6 Today)
जन्म तिथि: 6, 15, 24
स्वामी ग्रह: शुक्र
व्यवसाय में उतार-चढ़ाव के बावजूद जीवनसाथी का सहयोग संबल देगा। कला, फैशन, फिल्म और रियल एस्टेट से जुड़े लोगों को लाभ होगा।
प्रेम संबंधों में मिठास बढ़ेगी।
उपाय: दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।

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🔮 मूलांक 7 राशिफल (Mulank 7 Today)
जन्म तिथि: 7, 16, 25
स्वामी ग्रह: केतु
आज कार्यस्थल पर प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है। आपके काम से कुछ लोग असहज महसूस करेंगे। गोपनीयता बनाए रखें।
शोध, अध्यात्म और तकनीकी क्षेत्र में सफलता के योग हैं।
उपाय: केसर का तिलक लगाएं।
मूलांक 8 राशिफल (Mulank 8 Today)
जन्म तिथि: 8, 17, 26
स्वामी ग्रह: शनि
लंबे समय से अटके कार्यों में गति आएगी। नौकरी और व्यवसाय में स्थायित्व मिलेगा। राजनीति में मेहनत का फल मिलने का समय है।
धैर्य ही आपकी सबसे बड़ी ताकत बनेगी।
उपाय: काली उड़द दाल का दान करें।

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🔥 मूलांक 9 राशिफल (Mulank 9 Today)
जन्म तिथि: 9, 18, 27
स्वामी ग्रह: मंगल
मित्रों के माध्यम से शुभ समाचार मिलेगा। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के योग हैं। व्यवसाय में नई साझेदारी बन सकती है।
प्रेम जीवन में उत्साह और ऊर्जा बनी रहेगी।
उपाय: हनुमान जी को बूंदी का प्रसाद अर्पित करें।
📌 निष्कर्ष – आज का मूलांक राशिफल जीवन के हर क्षेत्र में मार्गदर्शन देता है। सही उपाय और सकारात्मक सोच से आप चुनौतियों को अवसर में बदल सकते हैं। अंक ज्योतिष आपके निर्णयों को सशक्त बनाने का माध्यम है।

आज का पंचांग 30 जनवरी 2026: प्रदोष व्रत, राहुकाल और शुभ मुहूर्त जानिए

30 जनवरी 2026 का पंचांग: शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल, चौघड़िया, तिथि, नक्षत्र और व्रत की सम्पूर्ण जानकारी

📜 30 जनवरी 2026 का पंचांग – विस्तृत विवरण
30 जनवरी 2026 का पंचांग भारतीय वैदिक परंपरा के अनुसार दैनिक जीवन, धार्मिक अनुष्ठानों, व्रत, विवाह, व्यापार, यात्रा और शुभ कार्यों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
आज का दिन माघ शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि से प्रारंभ होकर त्रयोदशी में प्रवेश करता है।
पंचांग तिथि एवं संवत विवरण
तिथि – माघ शुक्ल पक्ष द्वादशी (11:09 AM तक)
उपरांत त्रयोदशी
वार – शुक्रवार
विक्रम संवत – 2082 (कालयुक्त)
शक संवत – 1947 (विश्वावसु)
चंद्र मास – माघ (अमांत एवं पूर्णिमांत)
30 जनवरी 2026 का पंचांग धार्मिक दृष्टि से विशेष है क्योंकि आज प्रदोष व्रत भी रखा जाएगा।

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🌟 नक्षत्र, योग और करण
नक्षत्र – आद्रा (03:27 AM तक), बाद में पुनर्वसु
योग – वैधृति (04:58 PM तक), फिर विष्कुम्भ
करण –
बालव (11:09 AM तक)
कौलव (09:47 PM तक)
तैतिल (रात्रि)
नक्षत्र और योग का प्रभाव आज के पंचांग 30 जनवरी 2026 को विशेष बनाता है।
☀️ सूर्य एवं चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय – 7:11 AM
सूर्यास्त – 6:08 PM
चन्द्रोदय – 3:27 PM
चन्द्रास्त – 5:45 AM (31 जनवरी)
सूर्य राशि – मकर
चंद्र राशि – मिथुन (पूरा दिन व रात)
⏳ शुभ मुहूर्त (Auspicious Time)
30 जनवरी 2026 का पंचांग शुभ कार्यों के लिए निम्न समय बताता है:
अभिजीत मुहूर्त – 12:18 PM से 01:01 PM
अमृत काल – 06:18 PM से 07:46 PM
ब्रह्म मुहूर्त – 05:35 AM से 06:23 AM
इन समयों में पूजा, निवेश, नया कार्य आरंभ करना अत्यंत शुभ माना गया है।

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⚠️ अशुभ काल (Inauspicious Time)
राहुकाल – 11:17 AM से 12:40 PM
यमगण्ड – 03:24 PM से 04:46 PM
दुर्मुहूर्त –
09:22 AM – 10:06 AM
01:01 PM – 01:45 PM
30 जनवरी 2026 के पंचांग के अनुसार इन समयों में शुभ कार्यों से बचना चाहिए।
🕉️ व्रत और त्योहार
प्रदोष व्रत
विश्वकर्मा जयंती
प्रदोष व्रत में भगवान शिव की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है।
🧭 दिन और रात का चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
चर – 07:11 AM – 08:33 AM
लाभ – 08:33 AM – 09:55 AM
अमृत – 09:55 AM – 11:17 AM
काल – 11:17 AM – 12:40 PM
शुभ – 12:40 PM – 02:02 PM

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रात का चौघड़िया
लाभ – 09:24 PM – 11:02 PM
अमृत – 02:17 AM – 03:55 AM
30 जनवरी 2026 का पंचांग चौघड़िया के अनुसार यात्रा और व्यापार में मार्गदर्शन देता है।
🌙 चंद्रबल और ताराबल
चंद्रबल (31 जनवरी सुबह तक)
मेष, मिथुन, सिंह, कन्या, धनु, मकर
ताराबल – आज अधिकांश नक्षत्रों के लिए अनुकूल
🔍 ज्योतिषीय दृष्टि से 30 जनवरी 2026 का महत्व
मिथुन राशि में चंद्रमा संवाद, व्यापार और शिक्षा के लिए अनुकूल
शुक्रवार होने से सौंदर्य, कला और धन से जुड़े कार्य सफल
प्रदोष व्रत से मानसिक शांति और रोग निवारण
इस प्रकार 30 जनवरी 2026 का पंचांग धार्मिक, ज्योतिषीय और व्यावहारिक—तीनों दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
📌 निष्कर्ष
यदि आप पूजा-पाठ, व्रत, यात्रा, व्यापार, विवाह या नया कार्य शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो 30 जनवरी 2026 का पंचांग आपके लिए सम्पूर्ण मार्गदर्शक है।
सही मुहूर्त और अशुभ काल की जानकारी जीवन को सफल बनाती है।

संत कबीर की धरती पर ‘माया का प्रकोप’

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भव्यता के पीछे का सच: मगहर महोत्सव में स्थानीय कलाकारों के साथ अन्याय

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। संत कबीर की निर्वास्थली मगहर में चल रहे कबीर मगहर महोत्सव को इस वर्ष पहले से अधिक भव्य स्वरूप देने के लिए सरकारी स्तर पर अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध कराए जाने की बात कही जा रही है, लेकिन इसी बीच स्थानीय कलाकारों के पारिश्रमिक में भारी कटौती का मामला सामने आना कई सवाल खड़े कर रहा है। प्रसिद्ध भजन गायक गोरखनाथ मिश्र ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से इस मुद्दे को सार्वजनिक करते हुए आयोजन समिति और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
श्री मिश्र के अनुसार वर्ष 2025 के कबीर मगहर महोत्सव में उन्होंने आयोजन समिति के आमंत्रण पर अपनी टीम के साथ प्रस्तुति दी थी। उस समय उन्हें अंगवस्त्र और प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया था और 20 हजार रुपए का पारिश्रमिक प्रदान किया गया था। यह सम्मान और पारिश्रमिक उनके लिए केवल आर्थिक नहीं, बल्कि कला के प्रति सम्मान का प्रतीक था।
लेकिन इस वर्ष 2026 में आयोजित हो रहे मगहर महोत्सव के लिए उन्हें पहले मात्र 2100 रुपए भुगतान की बात कही गई। बाद में यह राशि बढ़ाकर 5100 रुपए किए जाने की सूचना दी गई। श्री मिश्र के वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि उनकी टीम में म्यूजीशियन कलाकार और कई सहयोगी कलाकार शामिल रहते हैं, जिनका न्यूनतम पारिश्रमिक ही लगभग 12 हजार रुपए बैठता है। ऐसे में 5100 रुपए में कार्यक्रम करना न तो संभव है और न ही कलाकारों के आत्मसम्मान के अनुरूप।
उन्होंने अपने पोस्ट में बताया है कि इस विषय में जिलाधिकारी से बातचीत करने पर यह कहा गया कि धन की उपलब्धता सीमित है, इसलिए पूर्व वर्ष की तरह भुगतान संभव नहीं है। वहीं धनघटा और मेंहदावल क्षेत्र के विधायकों द्वारा उनका नाम कार्यक्रम में शामिल कराने के प्रयास भी किए गए। परंतु वे भी असफल रहे और आयोजन समिति की हठधर्मिता के चलते उन्हें महोत्सव में प्रस्तुति देने से वंचित होना पड़ रहा है।
यह मामला केवल एक कलाकार तक सीमित नहीं है, बल्कि मगहर महोत्सव जैसे प्रतिष्ठित सांस्कृतिक आयोजन में स्थानीय प्रतिभाओं के साथ हो रहे व्यवहार को उजागर करता है। सवाल यह है कि जब मंच भव्य बनाए जा रहे हैं, बाहरी आयोजनों पर खर्च हो रहा है, तो स्थानीय कलाकारों के मेहनताना में कटौती क्यों?
संत कबीरदास ने सदियों पहले चेताया था “माया महा ठगनी हम जानी”। आज उन्हीं संत कबीर की धरती पर यह पंक्ति फिर जीवंत होती दिख रही है, जहां भव्यता के आवरण में कलाकारों का श्रम, सम्मान और आत्मसम्मान ठगा जा रहा है। मगहर महोत्सव में उभरा यह विवाद संस्कृति के नाम पर हो रहे अन्याय की ओर इशारा करता है।

लंबे समय से अनुपस्थित कर्मचारी को अंतिम चेतावनी

आगरा (राष्ट्र की परम्परा)।बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी कार्यालय, आगरा ने लंबे समय से ड्यूटी से अनुपस्थित चल रही एक महिला कर्मचारी को अंतिम चेतावनी जारी की है। कार्यालय के अनुसार, रीना यादव, पुत्री स्वर्गीय महेश चंद यादव, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी कार्यालय, आगरा में अनुसेवक के पद पर नियुक्त हैं।रीना यादव की नियुक्ति 15 अक्टूबर 2012 को हुई थी, लेकिन वह 1 नवंबर 2015 से बिना किसी पूर्व सूचना या वैध कारण के लगातार अनुपस्थित चल रही हैं। विभाग द्वारा कई बार संपर्क और नोटिस भेजे जाने के बावजूद न तो कोई स्पष्टीकरण प्राप्त हुआ और न ही कार्यालय में उपस्थिति दर्ज कराई गई।विभागीय स्तर पर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई, जिसमें लगाए गए सभी आरोप जांच में प्रमाणित पाए गए। इसके बाद सेवा से पृथक करने का नोटिस भी जारी किया गया, लेकिन संबंधित कर्मचारी की ओर से कोई उत्तर नहीं दिया गया।बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी ने स्पष्ट किया है कि यदि संबंधित कर्मचारी तत्काल अपने कार्यस्थल पर उपस्थित नहीं होती हैं, तो उनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी। यह नोटिस अंतिम अवसर के रूप में जारी किया गया है।प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि सरकारी सेवाओं में अनुशासन सर्वोपरि है और लंबे समय तक बिना सूचना के अनुपस्थित रहना सेवा नियमों का गंभीर उल्लंघन है। विभाग ने संकेत दिया है कि भविष्य में ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह प्रकरण सरकारी कार्यालयों में कार्य संस्कृति और जवाबदेही के महत्व को रेखांकित करता है।टैग: आगरा, चकबंदी विभाग, अनुशासनात्मक कार्रवाई, सरकारी कर्मचारी

विकास की सौगात: पंडित अलगू राय शास्त्री के नाम पर बस स्टेशन, करोड़ों की परियोजनाओं का लोकार्पण

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और संविधान सभा के सदस्य स्वर्गीय पंडित अलगू राय शास्त्री की जयंती पर मऊ जिले को महत्वपूर्ण विकास सौगात मिली। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने मऊ बस डिपो का नामकरण जनभावनाओं के अनुरूप पंडित अलगू राय शास्त्री बस स्टेशन के रूप में किया और कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।
कार्यक्रम के दौरान बस स्टेशन परिसर में लगभग चार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले आधुनिक अतिथि गृह का शिलान्यास किया गया। इसके साथ ही स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंडित अलगू राय शास्त्री की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया गया तथा परिसर में विकसित मिनी पार्क के सौंदर्यीकरण कार्य का लोकार्पण भी किया गया।
अपने संबोधन में मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि पंडित अलगू राय शास्त्री बस स्टेशन अब केवल यातायात का केंद्र नहीं रहेगा, बल्कि यह राष्ट्रभक्ति, इतिहास और जनसेवा का प्रतीक बनेगा। उन्होंने भावुक क्षणों में बताया कि उनके जीवन के लगभग दस वर्ष इस बस स्टेशन से जुड़े रहे हैं, जिससे उनका इस स्थान से गहरा आत्मीय संबंध है।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता केवल नामकरण या भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं, स्वच्छ वातावरण और सुव्यवस्थित सार्वजनिक स्थल उपलब्ध कराना है। इसी सोच के तहत बस स्टेशन का कायाकल्प किया गया है, जो मऊ जिले के समग्र विकास को नई दिशा देगा।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजन और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों ने इस पहल को ऐतिहासिक और जनभावनाओं से जुड़ा कदम बताया।

गन्ने के साथ दलहन खेती को बढ़ावा, किसानों को मुफ्त उर्द-मूंग बीज मिनीकिट

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने और फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से निःशुल्क दलहन बीज मिनीकिट योजना 2025-26 संचालित कर रही है। योजना के तहत गन्ने के साथ दलहनी फसलों की अंतःफसली खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को उर्द और मूंग के निःशुल्क बीज मिनीकिट उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
जनपद के उप कृषि निदेशक अतिंद्र सिंह ने बताया कि योजना का लाभ वही किसान ले सकते हैं जो कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकृत हैं। पात्र किसान पोर्टल के माध्यम से बीज मिनीकिट की ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं।
योजना के अंतर्गत प्रति एकड़ 8 किलोग्राम तथा प्रति हेक्टेयर 20 किलोग्राम उर्द एवं मूंग बीज मिनीकिट दिए जा रहे हैं। बुकिंग प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद चयनित लाभार्थियों को POS मशीन के माध्यम से पूरी तरह निःशुल्क बीज वितरित किए जाएंगे।
यह योजना विशेष रूप से उन किसानों के लिए लाभकारी है जो गन्ने की खेती के साथ अतिरिक्त आय के लिए दलहनी फसलों को अपनाना चाहते हैं। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे 31 जनवरी 2026 से पहले
agridarshan.up.gov.in पर पंजीकरण एवं बुकिंग प्रक्रिया पूरी कर लें।
यह योजना न केवल किसानों की लागत घटाने में सहायक होगी, बल्कि मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने और उत्पादन सुधार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

बंदियों की सुविधाओं और विधिक सहायता का गहन निरीक्षण


कुशीनगर(राष्ट्र की परम्परा)l जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कुशीनगर के सचिव प्रभात सिंह ने गुरुवार को जिला कारागार देवरिया का निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य कुशीनगर जनपद के निरुद्ध बंदियों की स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं और उन्हें दी जा रही विधिक सहायता का मूल्यांकन करना था।

निरीक्षण में सामने आया कि कारागार में कुशीनगर से कुल 844 बंदी निरुद्ध हैं। इनमें 88 सिद्धदोषी (85 पुरुष, 3 महिला), 743 विचाराधीन (680 पुरुष, 25 महिला, 37 अल्पवयस्क) और अन्य 13 बंदी (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत 4 पुरुष, 7 सिविल बंदी, 2 विदेशी नागरिक) शामिल हैं। महिला बंदियों के साथ 3 छोटे बच्चे भी जेल में रह रहे हैं।

सचिव ने कारागार के बैरक, पाकशाला, चिकित्सालय, महिला बैरक और लीगल एड क्लिनिक का निरीक्षण किया। भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता, चिकित्सा सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और विधिक सहायता का बारीकी से मूल्यांकन किया गया। जेल अधीक्षक को निर्देश दिए गए कि सभी व्यवस्थाएं जेल मैनुअल के अनुसार सुनिश्चित की जाएं।

सचिव ने बंदियों से संवाद कर उनकी समस्याएं पूछीं, लेकिन किसी ने गंभीर शिकायत नहीं की। उन्होंने बताया कि जिन बंदियों के पास निजी अधिवक्ता नहीं हैं, वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कुशीनगर के माध्यम से निःशुल्क सरकारी अधिवक्ता प्राप्त कर सकते हैं। विचाराधीन बंदियों के मामलों की समीक्षा करते हुए रिहाई योग्य बंदियों के संबंध में आवश्यक कार्रवाई कराई गई। लीगल एड क्लिनिक के पीएलवी को निर्देश दिए गए कि वे बंदियों के प्रार्थना-पत्र समय से प्राधिकरण को भेजें, ताकि कोई भी बंदी न्याय से वंचित न रहे।

एसआईआर के तहत राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों संग डीएम की अहम बैठक, मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने पर विशेष जोर

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में मतदाता सूची को अद्यतन, शुद्ध एवं पारदर्शी बनाए जाने के उद्देश्य से विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य मतदाता सूची पुनरीक्षण की अब तक की प्रगति से राजनीतिक दलों को अवगत कराना तथा इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना रहा।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि एसआईआर के अंतर्गत मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने, अपात्र अथवा मृत मतदाताओं के नाम हटाने तथा विवरणों में सुधार की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित की जा रही है। उन्होंने फॉर्म–06, फॉर्म–07 एवं फॉर्म–08 से संबंधित आंकड़ों को साझा करते हुए बताया कि 28 अक्टूबर से अब तक कुल 43,755 फॉर्म–06 प्राप्त हुए हैं, जिनमें 43,517 ऑनलाइन एवं 238 ऑफलाइन आवेदन शामिल हैं। इसी प्रकार नाम विलोपन के लिए कुल 1,482 फॉर्म–07 प्राप्त हुए हैं, जिनमें केवल एक आवेदन ऑनलाइन दर्ज हुआ है। वहीं संशोधन के लिए कुल 10,975 फॉर्म–08 भरे गए हैं, जिनमें 10,840 ऑनलाइन तथा 135 ऑफलाइन हैं।उन्होंने कहा कि ऑनलाइन आवेदनों की अधिक संख्या यह दर्शाती है कि मतदाता डिजिटल माध्यमों के प्रति जागरूक हो रहे हैं, जो निर्वाचन प्रक्रिया को सरल, तेज और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने नो- मैपिंग मतदाताओं, दावे एवं आपत्तियों की सुनवाई, सत्यापन और निस्तारण की निर्धारित समयसीमा की जानकारी देते हुए बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।
बैठक में उपस्थित राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने एसआईआर प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित बताते हुए जिला प्रशासन के प्रयासों की सराहना की। जिलाधिकारी ने 31 जनवरी एवं 05 फरवरी को आयोजित होने वाले विशेष अभियान की जानकारी देते हुए सभी राजनीतिक दलों से अधिक से अधिक पात्र मतदाताओं को जोड़ने में सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इन तिथियों पर बीएलओ और सुपरवाइज़र पूरे समय तैनात रहेंगे तथा किसी भी पात्र नागरिक को मतदाता सूची में नामांकन से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।
इस दौरान बैठक में सहायक निर्वाचन अधिकारी नंद प्रकाश मौर्य, सपा जिला सचिव शमशुल हुदा, बसपा उपाध्यक्ष तबाकर हुसैन, कांग्रेस जिला महासचिव अफजल अब्बासी, भाजपा नगर अध्यक्ष आकाश श्रीवास्तव, जिला महामंत्री गोविंद जायसवाल सहित भाजपा युवा मोर्चा एवं अन्य राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहें।

सिकंदरपुर में मतदाता सूची, विकास कार्य व सार्वजनिक संपत्ति को लेकर सपा का प्रशासन पर आरोप को लेकर ज्ञापन सौंपा गया

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

समाजवादी पार्टी, विधानसभा सिकंदरपुर इकाई ने जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी बलिया को एक ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र में मतदाता सूची पुनरीक्षण, सार्वजनिक निर्माण कार्यों तथा ग्राम समाज की भूमि से जुड़े कई गंभीर आरोप लगाए हैं। ज्ञापन के माध्यम से पार्टी नेताओं ने प्रशासन से तत्काल जांच कर कार्रवाई की मांग की है, अन्यथा धरना–प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
सपा का आरोप है कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष पुनरीक्षण अभियान (SIR) के दौरान सत्ता पक्ष के दबाव में कुछ बीएलओ के माध्यम से पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) वर्ग के मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने का प्रयास किया जा रहा है। पार्टी ने विशेष रूप से सिकंदरपुर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत सिवानकलां गांव का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में मतदाताओं के विरुद्ध फार्म-7 भरवाए जा रहे हैं, जबकि संबंधित लोग अपने घरों पर मौजूद हैं। सपा ने एईआरओ स्तर के एक अधिकारी की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। दूसरा मामला ग्राम सभा सिवानकलां में पंचायत भवन पर बन रहे अंबेडकर प्रेरणा द्वार से जुड़ा है। सपा के अनुसार 6 दिसंबर 2025 को असामाजिक तत्वों द्वारा शिलापट्ट तोड़ दिया गया था, जिसका वीडियो और फोटो प्रशासन को उपलब्ध कराया गया। आरोप है कि आश्वासन के बावजूद अब तक न तो शिलापट्ट दोबारा लगाया गया और न ही दोषियों पर कार्रवाई हुई, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है।तीसरा मुद्दा सिकंदरपुर नगर पंचायत क्षेत्र में हास्पिटल रोड से नगरा रोड तक स्वीकृत सीसी रोड निर्माण से संबंधित है। पार्टी का कहना है कि एक निजी व्यक्ति द्वारा लगभग 50 मीटर सड़क निर्माण रुकवा दिया गया है, जबकि राजस्व विभाग पैमाइश कर इसे सार्वजनिक मार्ग बता चुका है। ईओ द्वारा पुलिस बल की मांग किए जाने के बाद भी कार्य अधूरा है।
चौथा आरोप सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास स्थित प्राचीन कलवारी गड़ही पर अवैध कब्जे और मिट्टी पाटकर प्लॉटिंग किए जाने को लेकर है। सपा ने इसे भूमाफियाओं की करतूत बताते हुए तत्काल कब्जा हटाने और जलस्रोत को सुरक्षित रखने की मांग की है।पार्टी ने चेतावनी दी है कि शीघ्र कार्रवाई न होने पर तहसील प्रांगण में धरना–प्रदर्शन किया

उदित नारायण इंटर कॉलेज में सड़क सुरक्षा शपथ कार्यक्रम, 445 विद्यार्थियों ने लिया नियमों के पालन का संकल्प

कुशीनगर(राष्ट्र की परम्परा)राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह जनवरी 2026 के अंतर्गत गुरुवार को उदित नारायण इंटर कॉलेज, पड़रौना में सड़क सुरक्षा को लेकर एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर एनसीसी, स्काउट-गाइड, आपदा मित्र एवं विद्यालय के छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों के महत्व से अवगत कराते हुए सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई गई।कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना को मजबूत करना और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना रहा। इस दौरान विशेषज्ञों द्वारा बताया गया कि वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग जीवन रक्षक साबित होता है। साथ ही नशे की अवस्था में वाहन न चलाने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने, ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन से दूरी बनाए रखने तथा कोहरे के समय फॉग लाइट के प्रयोग जैसे महत्वपूर्ण नियमों की जानकारी दी गई।जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी राजीव यादव ने राहवीर योजना पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर यानी दुर्घटना के बाद पहले एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिक को सरकार की ओर से 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि एवं प्रशस्ति पत्र दिया जाता है। यह योजना आमजन को मानवता के लिए आगे आने को प्रेरित करती है।एआरटीओ कुशीनगर मो. अजीम ने कहा कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन केवल कानून नहीं बल्कि जीवन की सुरक्षा का माध्यम है। वहीं विद्यालय के प्रधानाचार्य अरविंद्र कुमार सिंह ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वयं नियमों का पालन करें और समाज में भी जागरूकता फैलाएं।इस कार्यक्रम में एनसीसी प्रभारी रवि यादव, स्काउट-गाइड प्रभारी नीरज बांका सहित शिक्षक, अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। अभियान के तहत कुल 445 छात्र-छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई और सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी का संकल्प लिया।

यूजीसी के नए कानून के विरोध में सिकंदरपुर तहसील परिसर में जोरदार प्रदर्शन


सिकंदरपुर /बलिया(राष्ट्र की परम्परा)
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के प्रस्तावित नए कानून के विरोध में गुरुवार को सिकंदरपुर तहसील परिसर में सामान्य वर्ग के छात्रों, अधिवक्ताओं तथा विभिन्न सामाजिक व राजनीतिक विचारधाराओं से जुड़े लोगों ने एकजुट होकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने उपजिलाधिकारी सिकंदरपुर श्री सुनील कुमार को राज्यपाल, उत्तर प्रदेश के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपकर कानून को वापस लेने की मांग की।प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि यूजीसी का यह नया प्रावधान न्यायसंगत नहीं है और यह संविधान द्वारा प्रदत्त समानता के अधिकार की भावना के विपरीत है। छात्रों और अधिवक्ताओं का कहना था कि इस प्रकार के कानून से विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के बीच जातिगत विभाजन की भावना को बढ़ावा मिलेगा, जिससे शैक्षणिक वातावरण प्रभावित होगा। उनका तर्क था कि शिक्षा का मूल उद्देश्य सभी को समान अवसर प्रदान करना है, न कि समाज को वर्गों में विभाजित करना।प्रदर्शनकारियों ने कहा कि किसी भी नीति या कानून का उद्देश्य समावेशी विकास होना चाहिए। यदि शिक्षा व्यवस्था में असमानता या भेदभाव की भावना उत्पन्न होती है, तो इसका नकारात्मक प्रभाव आने वाली पीढ़ियों पर पड़ेगा। उन्होंने सरकार से अपील की कि इस कानून पर पुनर्विचार किया जाए और शिक्षा व्यवस्था को समानता एवं न्याय के संवैधानिक सिद्धांतों के अनुरूप संचालित किया जाए।इस विरोध प्रदर्शन को सिकंदरपुर बार एसोसिएशन का पूर्ण समर्थन प्राप्त हुआ। साथ ही जननायक विश्वविद्यालय, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू), गोरखपुर विश्वविद्यालय तथा इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रों ने भी आंदोलन के प्रति समर्थन जताया।इस अवसर पर प्रमुख रूप से भोला सिंह, अमरनाथ सिंह, विवेक राय, अजय श्रीवास्तव, धर्मेन्द्र सिंह (एडवोकेट), अंगद सिंह, लक्ष्मण पाण्डेय, सुरेश सिंह, सम्भव राय, विश्वजीत सिंह, अशोक श्रीवास्तव (एडवोकेट), सुशील सिंह (एडवोकेट), उदय सिंह (एडवोकेट), राजन सिंह, विक्की सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित रहे। अंत में सभी प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में यूजीसी के नए कानून को वापस लेने की मांग दोहराई।

एन एच-29 पर सर्विस लेन व मेजर जंक्शन की मांग, ग्रामीणों ने दी भूख हड़ताल की चेतावनी

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)जनपद मऊ के कोपागंज ब्लॉक अंतर्गत ग्राम शहरोज से होकर गुजर रहे गोरखपुर–वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग 29 पर सर्विस लेन व मेजर जंक्शन न बनाए जाने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। इसको लेकर प्रदेश सचिव समाजवादी युवजन सभा (उ.प्र.) एवं क्षेत्र पंचायत सदस्य उमाशंकर राय उर्फ पं. सोनू राय के नेतृत्व में ग्रामीणों ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री भारत सरकार को ज्ञापन भेजकर समस्या के समाधान की मांग की है।
ज्ञापन में बताया गया है कि एन एच-29 लगभग बनकर तैयार हो चुका है, लेकिन ग्राम शहरोज की मुख्य निकासी मार्ग को बिना सर्विस लेन सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ दिया गया है। जिस स्थान पर गांव का रास्ता राजमार्ग से मिलता है, वह स्थान घुमावदार होने के कारण अत्यंत दुर्घटनाप्रवण है। यहां अब तक कई सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें कई लोगों की जान भी जा चुकी है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग न सिर्फ शहरोज बल्कि आसपास के कई गांवों का मुख्य रास्ता है। साथ ही इसी मार्ग से प्राचीन बारह दुवरिया शिव मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं का आवागमन होता है। इसके बावजूद एन एच आई और प्रशासन द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से इशरावती देवी (ग्राम प्रधान), प्रवीण राय, रामाशीष, केदार गौड़, विशाल, अच्छेलाल, मंजीत, अमित कन्नौजिया, रोशन तिवारी, राजू तिवारी, शाहिल तिवारी, धनंजय, विनय शर्मा, राजन शर्मा, अभिषेक प्रजापति, हरिश्चंद्र साहनी, मनीष राय, संजय त्रिपाठी, रमेश, अजीत तिवारी, राधिका देवी, शिवानंद तिवारी, दीपक राजभर, राजेंद्र राजभर सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी शामिल रहे।
उमाशंकर राय ने चेतावनी दी कि यदि 10 दिनों के भीतर सर्विस लेन व मेजर जंक्शन निर्माण की कार्रवाई शुरू नहीं की गई तो ग्रामीण अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी।

पीएम विश्वकर्मा योजना जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन, कारीगरों को मिला आत्मनिर्भरता का संदेश

मऊ(राष्ट्र की परम्परा)भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) के अंतर्गत शाखा एमएसएमई विकास एवं सुविधा कार्यालय, वाराणसी द्वारा प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत लाभार्थियों के लिए एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), सहादतपुर, मऊ में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष प्रवीण गुप्ता ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया।कार्यक्रम में स्वागत संबोधन आर.के. बरनवाल, सहायक निदेशक, एमएसएमई विकास कार्यालय, वाराणसी द्वारा किया गया। इसके पश्चात शिव भारद्वाज, सहायक आयुक्त उद्योग, जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र, मऊ तथा अरुण यादव, प्रधानाचार्य, राजकीय आईटीआई, मऊ ने उपस्थित कारीगरों और शिल्पकारों को संबोधित किया। वक्ताओं ने बताया कि पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत लाभार्थी 5 दिवसीय निःशुल्क प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं, साथ ही शासन द्वारा ₹4 लाख तक की वित्तीय सहायता एवं ₹15,000 मूल्य की निःशुल्क टूलकिट भी उपलब्ध कराई जाती है।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रवीण गुप्ता ने कहा कि यह योजना पारंपरिक कारीगरों, दस्तकारों और शिल्पकारों के लिए आत्मनिर्भर बनने की दिशा में मील का पत्थर है। उन्होंने अधिक से अधिक पात्र लोगों से योजना का लाभ उठाने की अपील की।तकनीकी सत्र में अनिल कुमार सिन्हा, एलडीएम, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, मऊ ने ऋण एवं बैंकिंग सुविधाओं की जानकारी दी। वहीं ज्योति, ब्रांच मैनेजर, इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक, मऊ ने विपणन सहयोग पर प्रकाश डाला। पैकेजिंग और ब्रांडिंग विषय पर प्रशांत विश्वकर्मा, शोधार्थी, डिजाइन इनोवेशन सेंटर, बीएचयू, वाराणसी ने उपयोगी जानकारी साझा की। अंत में वी.के. राणा, सहायक निदेशक,एमएसएमई-डीएफओ, वाराणसी ने धन्यवाद ज्ञापन किया।कार्यक्रम में लगभग 150 पीएम विश्वकर्मा योजना लाभार्थियों सहित कई अधिकारी, विशेषज्ञ एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

यातायात पुलिस का सख्त अभियान, 146 वाहनों का ई-चालान, 11 सीज

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से यातायात पुलिस देवरिया चेकिंग अभियान के तहत शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों पर व्यापक कार्रवाई की गई। यह अभियान पुलिस अधीक्षक देवरिया संजीव सुमन के निर्देश पर चलाया गया, जिसमें यातायात प्रभारी गुलाब सिंह अपनी टीम के साथ सक्रिय रहे।अभियान के दौरान मालवीय रोड, गोरखपुर रोड, बस स्टैंड क्षेत्र सहित सोनूघाट और सलेमपुर रोड पर सघन वाहन चेकिंग की गई। बिना फिटनेस प्रमाणपत्र, बिना ड्राइविंग लाइसेंस और नियमों की अनदेखी कर चल रहे ऑटो व ई-रिक्शा वाहनों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत चालान और सीज की कार्रवाई की गई। वहीं सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े भारी वाहनों पर भी कड़ी कार्रवाई की गई।यातायात पुलिस देवरिया चेकिंग अभियान के तहत जिला अस्पताल रोड पर यातायात को व्यवस्थित करने के लिए स्प्रिंग पोस्ट भी लगाए गए, जिससे जाम की समस्या से राहत मिल सके। इसके अतिरिक्त यातायात पुलिस और सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी देवरिया द्वारा शहर क्षेत्र के 12 किलोमीटर सर्किल में संचालित ई-रिक्शा वाहनों के दस्तावेजों की जांच की गई। जिन वाहनों के कागजात पूर्ण और वैध पाए गए, उन्हें नंबरिंग कर शहर में संचालन की अनुमति दी गई अभियान की समाप्ति पर यातायात पुलिस देवरिया चेकिंग अभियान के दौरान कुल 146 वाहनों का ई-चालान किया गया, जबकि 11 वाहनों को सीज किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।यातायात पुलिस का स्पष्ट संदेश यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें, वैध दस्तावेज साथ रखें और सुरक्षित ड्राइविंग को प्राथमिकता दें, अन्यथा सख्त कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।