महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। भिटौली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा सिरसिया के पास स्थित नेशनल हाईवे 730 पर शुक्रवार रात लगभग 8:30 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। छोटी बसहिंया की ओर से तेज गति से आ रही एक स्कॉर्पियो ने सड़क किनारे खड़े युवक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
घायल युवक की पहचान सिरसिया निवासी इकरार पुत्र हजरत अली के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वाहन की रफ्तार इतनी अधिक थी कि टक्कर लगते ही इकरार कई फीट दूर जा गिरा। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।
स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए मानवता की मिसाल पेश की और बिना समय गंवाए घायल युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परतावल पहुंचाया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद बताया कि युवक की हालत गंभीर बनी हुई है और उसे चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। जरूरत पड़ने पर उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किए जाने की संभावना भी जताई गई है।
सूचना मिलते ही भिटौली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त चार पहिया वाहन को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
गौरतलब है कि एनएच-730 पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाएं गंभीर चिंता का विषय बन चुकी हैं। तेज रफ्तार, लापरवाही और यातायात नियमों की अनदेखी के कारण आए दिन लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने हाईवे पर स्पीड कंट्रोल, नियमित चेकिंग और सख्त यातायात निगरानी की मांग की है।
फिलहाल पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है और दोषी चालक के खिलाफ विधिक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
एनएच-730 पर तेज रफ्तार का कहर: स्कॉर्पियो की टक्कर से युवक गंभीर, चालक फरार
रविवार को किस राशि की चमकेगी किस्मत?
राशिफल 1 मार्च 2026: रविवार का दिन किन राशियों के लिए शुभ, पढ़ें मेष से मीन तक आज का राशिफल
🌞 राशिफल 1 मार्च 2026: ग्रह-नक्षत्रों की चाल क्या कहती है?
राशिफल 1 मार्च 2026 के अनुसार रविवार का दिन विशेष महत्व रखता है। रविवार को सूर्य देव की उपासना का विधान है और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन पूजा करने से मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार आज का राशिफल कुछ राशियों के लिए उन्नति और लाभ के संकेत दे रहा है, जबकि कुछ को संयम और सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
आइए विस्तार से जानते हैं 1 मार्च रविवार राशिफल में मेष से मीन तक सभी राशियों का भविष्यफल।
🔴 मेष राशि (Aries)
करियर: नई जिम्मेदारी मिल सकती है। सीनियर आपकी मेहनत की सराहना करेंगे।
धन: रुका हुआ पैसा मिलने के योग। आर्थिक स्थिति बेहतर।
प्रेम: छोटी बातों को तूल न दें। संवाद से गलतफहमी दूर होगी।
स्वास्थ्य: थकान और सिरदर्द से बचने के लिए आराम जरूरी।
👉 राशिफल 1 मार्च 2026 के अनुसार मेष राशि के लिए दिन सकारात्मक है।
🟢 वृषभ राशि (Taurus)
करियर: काम का दबाव रहेगा, लेकिन धीरे-धीरे नियंत्रण में आएगा।
धन: निवेश सोच-समझकर करें। जल्दबाजी से बचें।
प्रेम: ईगो टकराव से बचें।
स्वास्थ्य: पेट या गले की हल्की परेशानी संभव।
🟡 मिथुन राशि (Gemini)
करियर: नई जिम्मेदारी या अवसर मिल सकता है।
धन: अतिरिक्त आय के संकेत।
प्रेम: पार्टनर के साथ घूमने का प्लान बन सकता है।
स्वास्थ्य: देर रात तक जागने से बचें।
👉 आज का राशिफल मिथुन के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाला है।
🔵 कर्क राशि (Cancer)
करियर: नौकरी में बदलाव की चर्चा संभव।
धन: खर्चों पर नियंत्रण रखें।
प्रेम: धैर्य रखें, बहस से बचें।
स्वास्थ्य: सीने या पेट से जुड़ी समस्या हो सकती है।
🟠 सिंह राशि (Leo)
करियर: प्रमोशन या नई जिम्मेदारी की संभावना।
धन: आर्थिक लाभ के योग।
प्रेम: रिश्तों में मिठास।
स्वास्थ्य: नियमित व्यायाम लाभदायक।
👉 राशिफल 1 मार्च 2026 में सिंह राशि के लिए उन्नति के संकेत हैं।
ये भी पढ़ें – 1 मार्च की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ: ओटावा संधि से यूरो मुद्रा तक, इतिहास में दर्ज बड़े फैसले
⚪ कन्या राशि (Virgo)
करियर: जिम्मेदारियां बढ़ेंगी, मेहनत रंग लाएगी।
धन: आय के साथ खर्च भी बढ़ेगा।
प्रेम: भरोसा बनाए रखें।
स्वास्थ्य: दिनचर्या नियमित रखें।
⚖ तुला राशि (Libra)
करियर: भागदौड़ भरा दिन। समय प्रबंधन जरूरी।
धन: फिजूलखर्ची से बचें।
प्रेम: स्पष्ट संवाद रखें।
स्वास्थ्य: त्वचा या एलर्जी से सावधान।
🦂 वृश्चिक राशि (Scorpio)
करियर: आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है।
धन: आर्थिक स्थिति मजबूत।
प्रेम: पुराने मतभेद खत्म होंगे।
स्वास्थ्य: आंखों और सिरदर्द से सावधान।
🏹 धनु राशि (Sagittarius)
करियर: नई योजना शुरू हो सकती है।
धन: निवेश से पहले सलाह लें।
प्रेम: अविवाहितों के लिए अच्छा समय।
स्वास्थ्य: थकान से बचें।
🐐 मकर राशि (Capricorn)
करियर: मेहनत का फल मिलेगा।
धन: लाभ के योग।
प्रेम: भावनात्मक जुड़ाव बढ़ेगा।
स्वास्थ्य: तनाव से दूर रहें।
🌊 कुंभ राशि (Aquarius)
करियर: यात्रा के योग। नया अवसर मिल सकता है।
धन: सोच-समझकर निवेश करें।
प्रेम: समझदारी जरूरी।
स्वास्थ्य: कमर या जोड़ों का दर्द परेशान कर सकता है।
🐟 मीन राशि (Pisces)
करियर: नई दिशा मिल सकती है।
धन: आर्थिक सुधार के संकेत।
प्रेम: भावनात्मक गहराई बढ़ेगी।
स्वास्थ्य: ठंडी चीजों से बचें।
👉 1 मार्च रविवार राशिफल में मीन राशि के लिए संतुलन और शांति का संदेश है।
ये भी पढ़ें – 1 मार्च 2026 राहुकाल में भूलकर भी न करें ये कार्य
🔔 निष्कर्ष
राशिफल 1 मार्च 2026 के अनुसार रविवार का दिन कई राशियों के लिए प्रगति और सम्मान लेकर आ सकता है। सूर्य देव की आराधना आत्मबल और ऊर्जा प्रदान करेगी।
हालांकि निर्णय लेने से पहले व्यावहारिक सोच और संयम जरूरी है।
📌 डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारियों पर हम किसी भी प्रकार का प्रमाणित दावा नहीं करते। किसी योग्य ज्योतिषाचार्य या विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।
1 मार्च की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ: ओटावा संधि से यूरो मुद्रा तक, इतिहास में दर्ज बड़े फैसले
1 मार्च की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ – वैश्विक और राष्ट्रीय इतिहास
1 मार्च की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ विश्व राजनीति, विज्ञान, अर्थव्यवस्था और कूटनीति के कई ऐतिहासिक निर्णयों की साक्षी रही हैं। 1 मार्च का इतिहास यह दर्शाता है कि कैसे इस दिन लिए गए फैसलों ने अंतरराष्ट्रीय संबंधों और वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया। आइए विस्तार से जानते हैं आज का इतिहास 1 मार्च।
ये भी पढ़ें – महराजगंज के दरौली में भक्ति का सागर: श्रीमद्भागवत कथा में उमड़ा जनसैलाब
1996 – थर्मोन्यूक्लियर अध्ययन के लिए अंतरराष्ट्रीय पहल
भारत, रूस, चीन और ईरान ने विद्युत उत्पादन हेतु थर्मोन्यूक्लियर रिएक्टर स्थापित करने के उद्देश्य से “एशियन फ़ाउंडेशन फ़ॉर थर्मोन्यूक्लियर स्टडीज” नामक संस्थान की स्थापना पर सहमति जताई। यह पहल ऊर्जा क्षेत्र में वैज्ञानिक सहयोग की दिशा में बड़ा कदम था।
1999 – ओटावा संधि लागू
मानव संहारक बारूदी सुरंगों (एंटी पर्सनल माइन्स) के उत्पादन और उपयोग पर प्रतिबंध लगाने वाली अंतरराष्ट्रीय संधि, जिसे Ottawa Treaty कहा जाता है, 1 मार्च 1999 से लागू हुई। इस संधि का उद्देश्य युद्ध क्षेत्रों में आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।
ये भी पढ़ें – महराजगंज में रमजान का संदेश: रहमत, मगफिरत और निजात की राह
2000 – लीबिया में नया नेतृत्व
Mubarak Al-Shamikh को Mohammad Ahmed Al-Gayoom के स्थान पर लीबिया का नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया।
2001 – वैश्विक घटनाक्रम
उत्तर-पश्चिमी अमेरिका में शक्तिशाली भूकंप आया।
ब्रिटेन ने Lashkar-e-Taiba सहित 21 आतंकवादी संगठनों पर प्रतिबंध लगाया।
फिजी की अंतरिम सरकार को अवैध घोषित किया गया।
2002 – यूरो बना वैध मुद्रा
यूरो क्षेत्र के 10 देशों की पुरानी मुद्राएँ समाप्त हो गईं और Euro 30 करोड़ लोगों की आधिकारिक वैध मुद्रा बन गया। यह यूरोपीय आर्थिक एकीकरण का ऐतिहासिक क्षण था।
ये भी पढ़ें – La Paz के पास भीषण विमान हादसा, 15 की मौत
2004 – रूस और हैती में राजनीतिक बदलाव
रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin ने Mikhail Fradkov को प्रधानमंत्री नियुक्त किया।
वहीं हैती के राष्ट्रपति Jean-Bertrand Aristide देश छोड़कर दक्षिण अफ्रीका चले गए।
2005 – अंतरिक्ष मिशन
Soyuz-U रॉकेट को कजाकिस्तान के बैकानूर अंतरिक्ष केंद्र से सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया गया।
2006 – बुश की भारत यात्रा
अमेरिकी राष्ट्रपति George W. Bush राजकीय यात्रा पर भारत पहुंचे। यह दौरा भारत-अमेरिका संबंधों में नई दिशा देने वाला साबित हुआ।
ये भी पढ़ें – ट्रंप बोले—जरूरत पड़ी तो करूंगा दखल, पाकिस्तान नेतृत्व की सराहना
2007 – नेपाल के प्रथम बिशप
Amulyanath Sharma नेपाल के प्रथम बिशप बने।
2008 – प्रशासनिक और बैंकिंग क्षेत्र में बदलाव
उत्तर प्रदेश के कैबिनेट सचिव शशांक शेखर ने सचिवालय के शासकीय प्रधान का दायित्व छोड़ा।
ICICI Bank ने न्यूयॉर्क में अपनी शाखा खोली, जो भारतीय बैंकिंग क्षेत्र के वैश्विक विस्तार का प्रतीक था।
वैज्ञानिकों ने मंगल ग्रह पर बहते पानी के स्पष्ट प्रमाण नहीं मिलने का दावा किया।
2009 – मुख्य चुनाव आयुक्त की घोषणा
राष्ट्रपति Pratibha Patil ने चावला को अगला मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्त करने की घोषणा की।
ये भी पढ़ें – भाटपार रानी से कनाडा तक: उज्जवल दीक्षित की ग्लोबल उड़ान
2010 – भारत-सऊदी संबंध मजबूत
प्रधानमंत्री Manmohan Singh की सऊदी अरब यात्रा के दौरान प्रत्यर्पण संधि सहित व्यापार, विज्ञान-तकनीक और संस्कृति के क्षेत्र में 10 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए।
इसी दिन हॉकी विश्व कप के पहले मैच में भारत ने पाकिस्तान को 4-1 से हराया।
निष्कर्ष
1 मार्च की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ हमें यह बताती हैं कि यह दिन केवल कैलेंडर की एक तारीख नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति, आर्थिक एकीकरण, वैज्ञानिक प्रगति और कूटनीतिक उपलब्धियों का प्रतीक है। 1 मार्च का इतिहास विश्व स्तर पर लिए गए निर्णायक कदमों को याद दिलाता है।
जो पाठक आज का इतिहास 1 मार्च खोजते हैं, उनके लिए यह दिन वैश्विक परिवर्तन और ऐतिहासिक उपलब्धियों से भरा हुआ है।
1 मार्च 2026 राहुकाल में भूलकर भी न करें ये कार्य
तिथि विवरण
पंचांग 01 मार्च 2026 के अनुसार यह दिन फाल्गुन माह, शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि का है। रविवार के दिन त्रयोदशी तिथि के साथ प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है। आइए जानते हैं 1 मार्च 2026 रविवार पंचांग, शुभ-अशुभ समय, राहुकाल, मुहूर्त, नक्षत्र और योग की संपूर्ण जानकारी।
ये भी पढ़ें – इलाहाबाद हाई कोर्ट से राहत: POCSO केस में अविमुक्तेश्वरानंद की गिरफ्तारी पर रोक
1 मार्च 2026 का पंचांग (Ujjain, Madhya Pradesh, India)
वार: रविवार
तिथि: शुक्ल पक्ष त्रयोदशी (07:09 PM तक), तत्पश्चात चतुर्दशी
नक्षत्र: पुष्य (08:34 AM तक), बाद में आश्लेषा
योग: शोभन (02:32 PM तक), उसके बाद अतिगण्ड
करण: कौलव (07:54 AM तक), तैतिल (07:09 PM तक), बाद में गर
अयन: उत्तरायण
ऋतु: वसंत
सूर्य राशि: कुंभ
चंद्र राशि: कर्क (पूरा दिन-रात)
ये भी पढ़ें – भारतीय रेलवे का बड़ा फैसला: अग्निवीरों और पूर्व सैनिकों को नौकरी में आरक्षण
🌅 सूर्य और चंद्रमा का समय
सूर्योदय: 06:52 AM
सूर्यास्त: 06:26 PM
चंद्रोदय: 04:32 PM
चंद्रास्त: 05:57 AM (2 मार्च)
⏳ 1 मार्च 2026 का राहुकाल और अशुभ समय
पंचांग 01 मार्च 2026 के अनुसार रविवार का राहुकाल इस प्रकार है:
राहुकाल: 04:59 PM – 06:26 PM
यमगण्ड: 12:39 PM – 02:05 PM
कुलिक काल: 03:32 PM – 04:59 PM
दुर्मुहूर्त: 04:53 PM – 05:39 PM
वर्ज्यम्: 08:59 PM – 10:32 PM
ये भी पढ़ें – नरेंद्र मोदी का राजस्थान-गुजरात दौरा: 16,680 करोड़ की परियोजनाएं, HPV वैक्सीनेशन लॉन्च और सेमीकंडक्टर प्लांट उद्घाटन
✅ 1 मार्च 2026 के शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: 05:15 AM – 06:03 AM
अमृत काल: 06:17 AM – 07:50 AM
अभिजीत मुहूर्त: 12:16 PM – 01:02 PM
रवि पुष्य योग: 06:52 AM – 08:34 AM
सर्वार्थसिद्धि योग: 06:52 AM – 08:34 AM
विशेष: रविवार और पुष्य नक्षत्र का संयोग “रवि पुष्य योग” बनाता है, जो अत्यंत शुभ माना जाता है।
🌙 गण्डमूल और चंद्रबल
गण्डमूल नक्षत्र: आश्लेषा (08:34 AM से)
चंद्रबल (02 मार्च 06:51 AM तक):
वृषभ, कर्क, कन्या, तुला, मकर और कुंभ राशि वालों के लिए शुभ
ये भी पढ़ें – महराजगंज के पकड़ी सिसवां में गूंजी जय श्रीराम: 51 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा का भव्य लोकार्पण
📿 1 मार्च 2026 का व्रत और पर्व
प्रदोष व्रत (रविवार)
त्रयोदशी तिथि में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है। सायंकाल प्रदोष काल में शिव आराधना करने से कष्टों का निवारण और मनोकामना पूर्ति होती है।
🕉 दिन का चौघड़िया (रविवार)
उद्बेग: 06:52 AM – 08:19 AM
चर: 08:19 AM – 09:45 AM
लाभ: 09:45 AM – 11:12 AM
अमृत: 11:12 AM – 12:39 PM
काल: 12:39 PM – 02:05 PM
शुभ: 02:05 PM – 03:32 PM
रोग: 03:32 PM – 04:59 PM
उद्बेग: 04:59 PM – 06:26 PM
ये भी पढ़ें – तनाव भरे दौर में अध्यात्म का अमृत: भीतर की शांति ही सच्ची सफलता
🔎 निष्कर्ष
पंचांग 01 मार्च 2026 के अनुसार यह दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। त्रयोदशी तिथि, प्रदोष व्रत, रवि पुष्य योग और सर्वार्थसिद्धि योग के कारण यह दिन पूजा-पाठ, खरीदारी और नए कार्यों की शुरुआत के लिए शुभ माना गया है। हालांकि राहुकाल और यमगण्ड के समय शुभ कार्यों से बचना चाहिए।
नोट: उपरोक्त पंचांग जानकारी वैदिक गणनाओं पर आधारित है। किसी भी प्रकार की प्रमाणित दावा हम नहीं करते, किसी योग्य ज्योतिषाचार्य से परामर्श अवश्य लें।
ट्रंप बोले—जरूरत पड़ी तो करूंगा दखल, पाकिस्तान नेतृत्व की सराहना
वाशिंगटन (राष्ट्र की परम्परा)। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ते तनाव पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने संकेत दिया कि यदि हालात बिगड़ते हैं तो अमेरिका हस्तक्षेप करने को तैयार है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके पाकिस्तान के साथ “बहुत अच्छे संबंध” हैं।
‘मैं हस्तक्षेप करूंगा, लेकिन…’
ट्रंप ने कहा, “मैं हस्तक्षेप करूंगा, लेकिन मेरे पाकिस्तान के साथ बहुत अच्छे रिश्ते हैं। वहां के प्रधानमंत्री और सेना प्रमुख शानदार नेता हैं। मैं उनका सम्मान करता हूं।”
उन्होंने Shehbaz Sharif और Asim Munir की खुलकर तारीफ की और पाकिस्तान की मौजूदा स्थिति को सकारात्मक बताया।
ट्रंप के इस बयान को क्षेत्रीय राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह ऐसे समय आया है जब सीमा पर हालात तनावपूर्ण हैं।
ये भी पढ़े – महराजगंज में रमजान का संदेश: रहमत, मगफिरत और निजात की राह
सीमा पर बढ़ा तनाव
Pakistan और Afghanistan के बीच हाल के दिनों में सीमावर्ती इलाकों में झड़पों की खबरें सामने आई हैं। दोनों देशों के बीच बढ़ती तनातनी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान खींचा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका की संभावित मध्यस्थता क्षेत्रीय स्थिरता के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।
संतुलित कूटनीतिक संकेत
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार ट्रंप का बयान संतुलित संदेश देता है। एक ओर उन्होंने हस्तक्षेप की संभावना जताई, वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान के साथ मजबूत संबंधों को रेखांकित किया।
अब निगाहें इस पर हैं कि अमेरिका इस क्षेत्रीय विवाद में कितनी सक्रिय भूमिका निभाता है और क्या वह दोनों देशों के बीच तनाव कम करने में सफल होता है।
ये भी पढ़े – La Paz के पास भीषण विमान हादसा, 15 की मौत
La Paz के पास भीषण विमान हादसा, 15 की मौत
ला पाज (राष्ट्र की परम्परा)। Bolivia की राजधानी La Paz के पास शुक्रवार को एक बड़ा विमान हादसा हो गया। एक मालवाहक (कार्गो) विमान उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें कम से कम 15 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। यह जानकारी दमकल विभाग के प्रमुख पावेल टोवर ने दी।
रनवे से फिसलकर हाईवे पर पहुंचा विमान
हादसा उस समय हुआ जब विमान रनवे से फिसलकर पास के शहर El Alto की एक व्यस्त हाईवे पर जा घुसा। विमान ने सड़क पर चल रही कई गाड़ियों को टक्कर मार दी। अधिकारियों के अनुसार कम से कम 15 वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मृतकों में विमान में सवार लोग शामिल हैं या सड़क पर मौजूद वाहन चालक और यात्री।
वायुसेना का हरक्यूलिस विमान क्रैश
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक यह Bolivian Air Force का हरक्यूलिस विमान था। बताया जा रहा है कि विमान देश के केंद्रीय बैंक से नए छपे नोट अन्य शहरों में पहुंचाने के मिशन पर था।
दुर्घटना के बाद विमान में भीषण आग लग गई, जिसे दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद बुझाया।
ये भी पढ़े – तनाव भरे दौर में अध्यात्म का अमृत: भीतर की शांति ही सच्ची सफलता
हाईवे पर बिखरे नोट और मलबा
सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में हाईवे पर विमान का मलबा, बुरी तरह क्षतिग्रस्त वाहन और बड़ी मात्रा में बिखरे नोट दिखाई दे रहे हैं। एयरपोर्ट के बाहर फैली नकदी को देखने और उठाने के लिए सैकड़ों लोग मौके पर पहुंच गए।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को दंगा-रोधी उपकरणों का इस्तेमाल करना पड़ा।
उड़ानें रोकी गईं, जांच शुरू
इस गंभीर हादसे के बाद प्रशासन ने एहतियातन एयरपोर्ट से आने-जाने वाली सभी उड़ानों को अस्थायी रूप से रोक दिया है। दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
ये भी पढ़े – महराजगंज के दरौली में भक्ति का सागर: श्रीमद्भागवत कथा में उमड़ा जनसैलाब
महराजगंज में रमजान का संदेश: रहमत, मगफिरत और निजात की राह
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। माह-ए-रमजान इबादत, सब्र और आत्मशुद्धि का पवित्र महीना माना जाता है। इस दौरान मुसलमान 29 या 30 दिनों तक रोजा रखकर अल्लाह की बंदगी करते हैं और संयम, करुणा व भाईचारे की भावना को मजबूत करते हैं। इस्लामी परंपरा के अनुसार रमजान को तीन अशरों में बांटा गया है, जिनमें हर अशरे का विशेष आध्यात्मिक महत्व है।
पहला अशरा: रहमत की बरकत
रमजान के पहले दस दिन रहमत का अशरा कहलाते हैं। ग्राम सभा नयनसर के सोनौली मस्जिद के पेश इमाम हाफिज मोहम्मद सलमान और बृजमनगंज नगर पंचायत स्थित मस्जिद के पेश इमाम कारी सादिक रज़ा नेपाली के अनुसार, इन दिनों अल्लाह की विशेष कृपा बरसती है। ज्यादा से ज्यादा इबादत, जकात और सदका देकर जरूरतमंदों की मदद करना इस अशरे का मुख्य संदेश है।
दूसरा अशरा: मगफिरत की दुआ
11वें से 20वें रोजे तक का समय मगफिरत यानी गुनाहों की माफी का माना जाता है। यह आत्ममंथन और तौबा का दौर होता है, जब इंसान अपने कर्मों का मूल्यांकन कर सच्चे दिल से अल्लाह से माफी मांगता है और बेहतर जीवन का संकल्प लेता है।
ये भी पढ़े – तनाव भरे दौर में अध्यात्म का अमृत: भीतर की शांति ही सच्ची सफलता
तीसरा अशरा: निजात की तलाश
रमजान का अंतिम अशरा 21वें रोजे से चांद दिखने तक चलता है और इसे सबसे अहम माना जाता है। इसमें जहन्नुम की आग से निजात की दुआ की जाती है। इसी दौरान शब-ए-कद्र की पवित्र रात आती है, जिसे हजार महीनों से बेहतर बताया गया है। कई लोग एहतकाफ में बैठकर निरंतर इबादत में लीन रहते हैं।
नीयत की पाकीजगी पर जोर
धर्मगुरुओं का कहना है कि रमजान का असली मकसद दिखावा नहीं, बल्कि अल्लाह की रज़ा हासिल करना है। रोजा केवल भूखा-प्यासा रहने का नाम नहीं, बल्कि बुरी आदतों से दूर रहकर आत्मसंयम, परोपकार और इंसानियत की राह अपनाने का माध्यम है।
रमजान का पैगाम समाज में प्रेम, शांति और आपसी सद्भाव को बढ़ावा देना है, जो इंसानियत और भाईचारे को मजबूत करता है।
ये भी पढ़े – महराजगंज के दरौली में भक्ति का सागर: श्रीमद्भागवत कथा में उमड़ा जनसैलाब
महराजगंज के दरौली में भक्ति का सागर: श्रीमद्भागवत कथा में उमड़ा जनसैलाब
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। दरौली ग्राम सभा इन दिनों आध्यात्मिक रंग में रंगी नजर आ रही है। यहां आयोजित पावन श्रीमद्भागवत महापुराण कथा ने पूरे गांव को धर्ममय बना दिया है। कथा व्यास अखिलेश कृष्ण शास्त्री की ओजस्वी वाणी से वातावरण भक्तिरस में सराबोर हो उठा है।
धर्म, कर्म और भक्ति का संदेश
कथा के दौरान शास्त्री जी श्रद्धालुओं को धर्म, कर्म और भक्ति का महत्व समझाते हुए जीवन को सार्थक बनाने का संदेश दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि भौतिकता की अंधी दौड़ में मनुष्य आत्मिक शांति से दूर होता जा रहा है, ऐसे में ईश्वर भक्ति ही सच्चे संतुलन का मार्ग है।
श्रीकृष्ण लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन
प्रवचन में भगवान श्रीकृष्ण की बाल एवं दिव्य लीलाओं का सरल और प्रेरक वर्णन किया जा रहा है। अहंकार, लोभ और मोह त्यागकर ईश्वर की शरण में जाने का आह्वान करते हुए उन्होंने बताया कि सच्ची भक्ति से ही आत्मिक आनंद और मोक्ष की प्राप्ति संभव है।
ये भी पढ़े – महराजगंज के पकड़ी सिसवां में गूंजी जय श्रीराम: 51 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा का भव्य लोकार्पण
भजन-कीर्तन से भक्तिमय माहौल
कथा स्थल पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। भजन-कीर्तन, हरिनाम संकीर्तन और जयकारों से पूरा वातावरण गूंज रहा है। महिलाएं, पुरुष, बुजुर्ग और युवा सभी श्रद्धा भाव से कथा श्रवण कर आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त कर रहे हैं।
सनातन संस्कृति को सुदृढ़ करने का प्रयास
कथा के यजमान रमाशंकर प्रजापति ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य सनातन संस्कृति के मूल्यों को मजबूत करना और समाज में नैतिक चेतना जगाना है। ग्रामीणों का मानना है कि ऐसे धार्मिक आयोजन नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने का कार्य करते हैं।
दरौली की पावन धरती पर बह रही यह “ज्ञान गंगा” समाज को सदाचार, एकता और आध्यात्मिकता की राह दिखा रही है।
ये भी पढ़े- भारतीय रेलवे का बड़ा फैसला: अग्निवीरों और पूर्व सैनिकों को नौकरी में आरक्षण
तनाव भरे दौर में अध्यात्म का अमृत: भीतर की शांति ही सच्ची सफलता
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। तेजी से बदलते आधुनिक दौर में सुविधाएं बढ़ी हैं, लेकिन मानसिक शांति घटती जा रही है। प्रतिस्पर्धा, करियर का दबाव, आर्थिक असुरक्षा, पारिवारिक अपेक्षाएं और सोशल मीडिया की तुलना ने व्यक्ति को भीतर से थका दिया है। बाहरी उपलब्धियों के बावजूद चिंता, अवसाद और अकेलापन आज आम समस्या बन चुके हैं। ऐसे समय में अध्यात्म केवल धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि संतुलित और तनावमुक्त जीवन का व्यावहारिक मार्ग बनकर उभर रहा है।
अध्यात्म: पलायन नहीं, संतुलन का मार्ग
अध्यात्म का अर्थ संसार छोड़ देना नहीं, बल्कि परिस्थितियों के बीच मानसिक संतुलन स्थापित करना है। यह हमें वर्तमान में जीने और स्वयं को समझने की प्रेरणा देता है। अक्सर तनाव का कारण परिस्थितियां नहीं, बल्कि उनके प्रति हमारी प्रतिक्रिया होती है। ध्यान, प्रार्थना और मौन चिंतन इस प्रतिक्रिया को सकारात्मक दिशा देने में सहायक होते हैं।
ये भी पढ़े – नरेंद्र मोदी का राजस्थान-गुजरात दौरा: 16,680 करोड़ की परियोजनाएं, HPV वैक्सीनेशन लॉन्च और सेमीकंडक्टर प्लांट उद्घाटन
गीता का संदेश आज भी प्रासंगिक
भारतीय ज्ञान परंपरा में मानसिक संतुलन को सफल जीवन की आधारशिला माना गया है। श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को सिखाया—कर्म करो, फल की चिंता मत करो। यह सिद्धांत आज के कॉर्पोरेट जीवन, शिक्षा व्यवस्था और पारिवारिक संघर्षों में भी उतना ही लागू होता है। जब व्यक्ति परिणाम से अधिक कर्म पर ध्यान देता है, तो मानसिक दबाव स्वतः कम होने लगता है।
आधुनिक विज्ञान भी मानता है तनाव का खतरा
चिकित्सा विज्ञान के अनुसार उच्च रक्तचाप, अनिद्रा, अवसाद और हृदय रोग जैसी समस्याएं मानसिक तनाव से जुड़ी हैं। योग, ध्यान और सकारात्मक चिंतन न केवल मन को शांत करते हैं, बल्कि शरीर की प्रतिरोधक क्षमता और ऊर्जा स्तर को भी बढ़ाते हैं।
समाज में अध्यात्म की बढ़ती जरूरत
अध्यात्म को केवल पूजा-पाठ तक सीमित रखने के बजाय जीवनशैली का हिस्सा बनाना होगा। विद्यालयों में योग और नैतिक शिक्षा, परिवारों में संवाद और संस्कार, तथा समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना समय की मांग है। भीतर से संतुलित व्यक्ति ही परिवार और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियां बेहतर ढंग से निभा सकता है।
ये भी पढ़े – महराजगंज के पकड़ी सिसवां में गूंजी जय श्रीराम: 51 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा का भव्य लोकार्पण
महराजगंज के पकड़ी सिसवां में गूंजी जय श्रीराम: 51 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा का भव्य लोकार्पण
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। पकड़ी सिसवा गांव में शुक्रवार को आस्था और भक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जब 51 फीट ऊंची पवनपुत्र हनुमान जी की विशाल प्रतिमा का विधिवत लोकार्पण किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर हजारों श्रद्धालु मंदिर परिसर में उमड़ पड़े और पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया।
वैदिक मंत्रोच्चार और हवन-पूजन से शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार, हवन और पूजन से हुई। आयोजनकर्ता सतीश पाण्डेय के नेतृत्व में विद्वान पंडितों ने मां शतचंडी प्रांगण में विधिवत अनुष्ठान संपन्न कराया। जयकारों से गूंजते माहौल ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
सदर विधायक ने किया लोकार्पण
प्रतिमा का लोकार्पण सदर विधायक जय मंगल कन्नौजिया के कर-कमलों द्वारा किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
ये भी पढ़े – नरेंद्र मोदी का राजस्थान-गुजरात दौरा: 16,680 करोड़ की परियोजनाएं, HPV वैक्सीनेशन लॉन्च और सेमीकंडक्टर प्लांट उद्घाटन
विशाल भंडारा और सांस्कृतिक संध्या
लोकार्पण के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
शाम को आयोजित सांस्कृतिक संध्या में प्रख्यात कलाकार अमित अंजन ने भक्ति गीतों और लोक धुनों से माहौल को भक्तिमय बना दिया। देर रात तक श्रद्धालु भक्ति संगीत पर झूमते रहे।
2021 में शुरू हुआ था निर्माण
जानकारी के अनुसार प्रतिमा निर्माण कार्य वर्ष 2021 में शुरू हुआ था और 27 फरवरी 2026 को पूर्ण हुआ। यह भव्य प्रतिमा अब क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र बनने के साथ धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा देगी।
आस्था और एकता का प्रतीक
श्रद्धालुओं का कहना है कि यह प्रतिमा केवल धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि क्षेत्र की एकता, सांस्कृतिक चेतना और अटूट आस्था का जीवंत उदाहरण है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।
ये भी पढ़े – भारतीय रेलवे का बड़ा फैसला: अग्निवीरों और पूर्व सैनिकों को नौकरी में आरक्षण
नरेंद्र मोदी का राजस्थान-गुजरात दौरा: 16,680 करोड़ की परियोजनाएं, HPV वैक्सीनेशन लॉन्च और सेमीकंडक्टर प्लांट उद्घाटन
नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को राजस्थान और गुजरात के अहम दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे महिलाओं के स्वास्थ्य, युवाओं के रोजगार और भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे।
राजस्थान: 16,680 करोड़ की विकास परियोजनाएं
अजमेर में सुबह 11:30 बजे प्रधानमंत्री 16,680 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे।
इनमें शहरी विकास, स्वच्छ पेयजल, सड़क नेटवर्क, सिंचाई, ऊर्जा और औद्योगिक बुनियादी ढांचे से जुड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। इस मौके पर वे जनसभा को भी संबोधित करेंगे।
14 साल की लड़कियों के लिए HPV वैक्सीनेशन अभियान
महिलाओं के स्वास्थ्य की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री ‘ह्यूमन पेपिलोमावायरस’ (HPV) वैक्सीनेशन का राष्ट्रव्यापी अभियान लॉन्च करेंगे।
यह पहल सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है और देशभर की किशोरियों के दीर्घकालिक स्वास्थ्य सुरक्षा में अहम भूमिका निभाएगी।
सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर को रफ्तार
प्रधानमंत्री कई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, जिनमें शामिल हैं:
• जयपुर–बांदीकुई 4-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे
• अमृतसर–जामनगर इकोनॉमिक कॉरिडोर का हिस्सा
• दिल्ली–वडोदरा 8-लेन एक्सप्रेसवे सेक्शन
• जोधपुर में 4-लेन एलिवेटेड रोड
• बारां में नए स्टेट हाईवे का शिलान्यास
ये भी पढ़े – भारतीय रेलवे का बड़ा फैसला: अग्निवीरों और पूर्व सैनिकों को नौकरी में आरक्षण
पेयजल और ऊर्जा क्षेत्र में मजबूती
हर घर तक स्वच्छ जल पहुंचाने के लक्ष्य के तहत नोनेरा और परवन अकवाड़ पेयजल परियोजनाओं की नींव रखी जाएगी।
साथ ही, पांच 220 केवी और दो 400 केवी ग्रिड सबस्टेशन का शिलान्यास कर बिजली आपूर्ति को सुदृढ़ किया जाएगा।
21,800 युवाओं को नियुक्ति पत्र
प्रधानमंत्री राजस्थान के विभिन्न सरकारी विभागों में चयनित 21,800 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित करेंगे। इसे रोजगार सृजन की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
गुजरात: सेमीकंडक्टर मिशन को बढ़ावा
दोपहर 3:45 बजे प्रधानमंत्री साणंद पहुंचेंगे, जहां वे Micron Technology की सेमीकंडक्टर असेंबली, टेस्ट और पैकेजिंग (ATMP) फैसिलिटी का उद्घाटन करेंगे।
22,500 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली यह परियोजना भारत के सेमीकंडक्टर मिशन के तहत मंजूर पहला बड़ा प्रोजेक्ट है।
यह प्लांट 5 लाख स्क्वायर फीट क्षेत्र में फैला है और यहां ‘मेड-इन-इंडिया’ मेमोरी मॉड्यूल का उत्पादन होगा, जो वैश्विक बाजारों में निर्यात किए जाएंगे।
आगे का कार्यक्रम
राजस्थान और गुजरात दौरे के बाद प्रधानमंत्री 28 फरवरी की रात चेन्नई पहुंचेंगे और 1 मार्च 2026 को तमिलनाडु व पुडुचेरी के दौरे पर रहेंगे।
ये भी पढ़े – इलाहाबाद हाई कोर्ट से राहत: POCSO केस में अविमुक्तेश्वरानंद की गिरफ्तारी पर रोक
भारतीय रेलवे का बड़ा फैसला: अग्निवीरों और पूर्व सैनिकों को नौकरी में आरक्षण
देश के लाखों युवाओं के लिए बड़ी खबर है। भारतीय सेना और भारतीय रेलवे ने मिलकर अग्निवीरों और पूर्व सैनिकों को सेवानिवृत्ति के बाद बेहतर रोजगार अवसर देने के लिए नया सहयोग ढांचा तैयार किया है। चार साल की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों के लिए यह फैसला बड़ी राहत माना जा रहा है।
रेलवे ने भर्ती प्रक्रिया में पूर्व सैनिकों और पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण देने का ऐलान किया है। इससे पहले केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और दिल्ली पुलिस में भी अग्निवीरों को आरक्षण दिया जा चुका है। अब रेलवे में यह सुविधा मिलने से युवाओं के सामने एक और मजबूत सरकारी विकल्प खुल गया है।
किन पदों पर मिलेगा आरक्षण?
भर्ती प्रक्रिया रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) और रेलवे भर्ती केंद्रों के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षा द्वारा होगी।
🔹 लेवल-1 पद (ग्रुप डी के समान)
पूर्व सैनिकों को 20% आरक्षण
पूर्व अग्निवीरों को 10% आरक्षण
🔹 लेवल-2 और उससे ऊपर के पद
पूर्व सैनिकों को 10% आरक्षण
पूर्व अग्निवीरों को 5% आरक्षण
• 14,788 पद पहले से आरक्षित
रेल मंत्रालय के अनुसार हालिया भर्ती चक्र में पूर्व सैनिकों के लिए 14,788 पद आरक्षित किए गए थे।
• 6,485 पद लेवल-1
• 8,303 पद लेवल-2 और उससे ऊपर
अब अग्निवीरों को भी इसी व्यवस्था में शामिल किया जा रहा है।
ये भी पढ़े – होली अवकाश में बदलाव, 28 फरवरी को भी खुलेंगे बैंक व सरकारी कार्यालय
5,000 से ज्यादा पदों पर जल्द भर्ती
रेलवे जल्द ही 5,000 से अधिक पूर्व सैनिकों की भर्ती करने की तैयारी में है। नियमित भर्ती प्रक्रिया पूरी होने तक उन्हें संविदा आधार पर पॉइंट्समैन के पद पर नियुक्त किया जाएगा।
फिलहाल जोन और मंडल स्तर पर 5,000 से ज्यादा लेवल-1 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। 9 मंडलों ने सेना संगठनों के साथ समझौता भी कर लिया है, जिससे प्रक्रिया को रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
युवाओं के लिए क्या है मायने?
अग्निवीरों का पहला बैच इस साल चार साल का कार्यकाल पूरा कर रहा है। ऐसे में यह निर्णय उनके भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकारी नौकरी में आरक्षण मिलने से हजारों युवाओं को स्थिर करियर का अवसर मिलेगा।
ये भी पढ़े – इलाहाबाद हाई कोर्ट से राहत: POCSO केस में अविमुक्तेश्वरानंद की गिरफ्तारी पर रोक
इलाहाबाद हाई कोर्ट से राहत: POCSO केस में अविमुक्तेश्वरानंद की गिरफ्तारी पर रोक
प्रयागराज/वाराणसी (राष्ट्र की परम्परा)। नाबालिगों के यौन शोषण से जुड़े POCSO मामले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को फिलहाल बड़ी राहत मिली है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर आदेश सुरक्षित रखते हुए गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है। यह आदेश जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा की पीठ ने लंबी सुनवाई के बाद दिया।
नीचे जानिए इस पूरे मामले की 10 बड़ी बातें:
• गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक
हाई कोर्ट ने अग्रिम जमानत अर्जी पर अंतिम फैसला सुरक्षित रखते हुए अविमुक्तेश्वरानंद और मुकुंदानंद की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।
• जांच में सहयोग का निर्देश
कोर्ट ने दोनों को जांच में पूरा सहयोग करने का निर्देश दिया है। पुलिस विवेचना जारी रहेगी।
• 12 मार्च तक लिखित दलीलें
अदालत ने पक्षकारों को 12 मार्च तक लिखित प्रस्तुतियां दाखिल करने का निर्देश दिया है।
• 21 फरवरी को दर्ज हुआ था केस
झूंसी थाना में 21 फरवरी को स्पेशल जज (POCSO एक्ट) के आदेश पर एफआईआर दर्ज हुई थी।
ये भी पढ़े – डीडीयू विश्वविद्यालय ने घोषित किया विभिन्न पाठ्यक्रमों का सेमेस्टर परिणाम
• माघ मेला और महाकुंभ से जुड़ा आरोप
मामला माघ मेला और महाकुंभ के दौरान कथित शोषण के आरोपों से जुड़ा बताया गया है।
• बचाव पक्ष का दावा
बचाव पक्ष ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे साजिश बताया। एक कथित पीड़ित को बालिग होने का दावा भी किया गया।
• सरकार ने किया विरोध
राज्य सरकार की ओर से अग्रिम जमानत अर्जी का कड़ा विरोध किया गया।
• कोर्ट में भारी भीड़
सुनवाई के दौरान कोर्ट नंबर 72 खचाखच भरा रहा। दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने विस्तृत बहस की।
• समर्थकों ने मनाई खुशी
फैसले की सूचना मिलते ही वाराणसी स्थित मठ में समर्थकों ने भजन-कीर्तन और गरबा कर खुशी जताई। उन्होंने इसे “सत्य की जीत” बताया।
• मार्च के तीसरे हफ्ते में फैसला संभव
अदालत का अंतिम फैसला मार्च के तीसरे सप्ताह में आने की संभावना है।
Read this: होली अवकाश में बदलाव, 28 फरवरी को भी खुलेंगे बैंक व सरकारी कार्यालय
होली अवकाश में बदलाव, 28 फरवरी को भी खुलेंगे बैंक व सरकारी कार्यालय
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)l प्रदेश में होली पर्व को लेकर घोषित सार्वजनिक अवकाश में बदलाव किया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सामान्य प्रशासन अनुभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार 03 मार्च 2026 (मंगलवार) को होली के अवसर पर अवकाश रहेगा, लेकिन इसके स्थान पर 28 फरवरी 2026 (शनिवार) को सभी सरकारी कार्यालय, बैंक, संस्थान एवं कोषागार सामान्य कार्य दिवस की तरह खुले रहेंगे।
निर्गोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 के अंतर्गत घोषित अवकाश के समायोजन के तहत यह निर्णय लिया गया है। शासन ने स्पष्ट किया है कि 28 फरवरी को प्रदेश के समस्त शासकीय कार्यालयों और बैंकों में नियमित रूप से कार्य संपादित होगा, ताकि प्रशासनिक एवं वित्तीय कार्य प्रभावित न हों।
शासन के इस निर्णय से आमजन को सेवाएं पूर्ववत मिलती रहेंगी और होली अवकाश के कारण लंबित कार्यों के निस्तारण में भी सुविधा होगी।

