🔶4 फ़रवरी का इतिहास 4 फ़रवरी का इतिहास भारत और विश्व के लिए कई ऐतिहासिक, राजनीतिक, वैज्ञानिक और सामाजिक घटनाओं का साक्षी रहा है। इस दिन मुग़ल शासन से लेकर आधुनिक तकनीक, स्वतंत्रता आंदोलनों, प्राकृतिक आपदाओं और वैश्विक उपलब्धियों तक अनेक निर्णायक घटनाएँ दर्ज हैं। 4 फ़रवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ न केवल इतिहास को समझने में मदद करती हैं, बल्कि वर्तमान को दिशा भी देती हैं।
📜 4 फ़रवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ (क्रमवार) 1620 – हंगरी के प्रिंस बेथलेन और रोम के सम्राट फर्डीनेंड द्वितीय के बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर हुए। 1628 – आगरा में शाहजहाँ का मुग़ल बादशाह के रूप में राज्याभिषेक हुआ। 1783 – इटली के कैलब्रिया क्षेत्र में आए विनाशकारी भूकंप में लगभग 50,000 लोगों की मृत्यु। 1797 – इक्वाडोर की राजधानी क्वीटो में भूकंप से 41,000 से अधिक लोगों की जान गई। 1847 – अमेरिका के मैरीलैंड में पहली टेलीग्राफ कंपनी की स्थापना हुई। 1881 – लोकमान्य तिलक के संपादन में दैनिक समाचार पत्र ‘केसरी’ का पहला अंक प्रकाशित हुआ।
1920 – लंदन से दक्षिण अफ्रीका के बीच पहली अंतरराष्ट्रीय विमान सेवा शुरू। 1924 – महात्मा गांधी को अस्वस्थता के कारण समय से पहले जेल से रिहा किया गया। 1932 – न्यूयॉर्क के लेक प्लेसिड में तीसरे शीतकालीन ओलंपिक का शुभारंभ। 1948 – सिलोन (वर्तमान श्रीलंका) को ब्रिटेन से स्वतंत्रता प्राप्त हुई। 1965 – अमेरिका ने नेवादा में परमाणु परीक्षण किया। 1976 – ग्वाटेमाला में भूकंप से 23,000 से अधिक लोगों की मौत। 1978 – जे. आर. जयवर्धने ने श्रीलंका के प्रथम राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। 1990 – केरल का एर्नाकुलम ज़िला भारत का पहला पूर्ण साक्षर ज़िला घोषित। 2000 – पहली बार विश्व कैंसर दिवस मनाया गया। 2004 – फेसबुक लॉन्च हुआ, जो आगे चलकर दुनिया का सबसे बड़ा सोशल नेटवर्क बना। 2014 – सत्या नडेला माइक्रोसॉफ्ट के नए सीईओ नियुक्त हुए। 2021 – चौरी-चौरा आंदोलन के 100 वर्ष पूरे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शताब्दी समारोह की शुरुआत की।
ये भी पढ़ें – जानिए 3 फरवरी को जन्मे महान लोग और उनकी ऐतिहासिक उपलब्धियाँ 🌍 ऐतिहासिक महत्व 4 फ़रवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ राजनीति, स्वतंत्रता, विज्ञान, मीडिया, शिक्षा और तकनीक के क्षेत्र में बड़े बदलावों का प्रतीक हैं। यह दिन हमें इतिहास से सीख लेकर भविष्य को बेहतर बनाने की प्रेरणा देता है।
मुंबई (राष्ट्र की परम्परा)Skoda Auto India ने अपनी सब-4 मीटर कॉम्पैक्ट एसयूवी Skoda Kylaq की पहली वर्षगांठ पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। महज एक साल के भीतर Skoda Kylaq बिक्री 50,000 यूनिट्स के पार पहुंच गई है, जो इस सेगमेंट में ब्रांड की बढ़ती स्वीकार्यता और भरोसे को दर्शाती है। इस मौके को और खास बनाते हुए कंपनी ने Skoda Kylaq नए वेरिएंट लॉन्च कर अपने मॉडल पोर्टफोलियो का विस्तार किया है, ताकि ग्राहकों को ज्यादा विकल्प, बेहतर फीचर्स और आकर्षक वैल्यू मिल सके। भारत के अत्यधिक प्रतिस्पर्धी कॉम्पैक्ट एसयूवी सेगमेंट में Skoda की यह सफलता 2025 के उसके अब तक के सबसे बेहतरीन बिक्री प्रदर्शन को और मजबूत करती है। Skoda Kylaq कॉम्पैक्ट SUV अब ब्रांड के लिए एक प्रमुख ग्रोथ ड्राइवर बन चुकी है, जिसने भारत में Skoda के 25 वर्षों की यात्रा में अहम योगदान दिया है।
Skoda Kylaq की सफलता के पीछे क्या है खास? लॉन्च के बाद से ही Skoda Kylaq भारत में उन ग्राहकों की पसंद बनी है, जो यूरोपीय डिज़ाइन, उच्च सुरक्षा मानकों और दमदार ड्राइविंग अनुभव की तलाश में हैं। आधुनिक तकनीक, सटीक इंजीनियरिंग और प्रतिस्पर्धी कीमतों के संतुलन ने Kylaq को अपने सेगमेंट में अलग पहचान दिलाई है। मजबूत बॉडी और यूरोपीय सुरक्षा मानक प्रीमियम इंटीरियर और आधुनिक कनेक्टेड फीचर्स शहरी और हाईवे ड्राइविंग के लिए संतुलित परफॉर्मेंस भरोसेमंद ब्रांड वैल्यू और कस्टमर सपोर्ट इन्हीं खूबियों के दम पर Skoda Kylaq बिक्री 50,000 यूनिट्स का आंकड़ा पार कर पाई है, जो किसी भी नए मॉडल के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। 2026 के लिए Kylaq वेरिएंट लाइन-अप का विस्तार ग्राहकों की बदलती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए Skoda Auto India ने 2026 के लिए Skoda Kylaq वेरिएंट्स को और व्यापक बनाया है। अब Kylaq रेंज को:4 वेरिएंट और 7 प्राइस पॉइंट्स से बढ़ाकर 6 वेरिएंट और 11 प्राइस पॉइंट्स तक विस्तारित किया गया है।
नए वेरिएंट कौन से हैं? Classic+ वेरिएंट यह Classic और Signature ट्रिम्स के बीच रखा गया है। उन ग्राहकों के लिए बेहतरीन विकल्प है, जो बेस वेरिएंट से थोड़ा ज्यादा फीचर चाहते हैं लेकिन बजट संतुलित रखना चाहते हैं। Prestige+ वेरिएंट यह Kylaq लाइन-अप का टॉप वेरिएंट है, जिसमें प्रीमियम फीचर्स, एडवांस टेक्नोलॉजी और ज्यादा कम्फर्ट मिलता है। यह उन ग्राहकों को ध्यान में रखकर पेश किया गया है, जो फुल-लोडेड Skoda Kylaq कॉम्पैक्ट SUV चाहते हैं। इस विस्तार से वेरिएंट्स के बीच स्पष्ट अंतर बनता है और खरीदार अपनी जरूरत व बजट के अनुसार सही Kylaq चुन सकते हैं।
Skoda Auto India का विज़न और बयान इस उपलब्धि पर टिप्पणी करते हुए Skoda Auto India के ब्रांड निदेशक आशीष गुप्ता ने कहा कि Kylaq भारत के प्रति Skoda की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि:“Skoda Kylaq हमारे लिए सबसे प्रतिस्पर्धी सेगमेंट में एक मजबूत प्रवेश का प्रमाण है। 50,000 यूनिट्स की बिक्री पार करना गर्व की बात है और यह Skoda ब्रांड पर बढ़ते भरोसे को दर्शाता है। नए वेरिएंट्स और सुव्यवस्थित रेंज के साथ हम यूरोपीय तकनीक को पहले से ज्यादा सुलभ बना रहे हैं और भारतीय सड़कों के लिए शानदार ड्राइविंग अनुभव दे रहे हैं।”
यह बयान साफ करता है कि Skoda आने वाले समय में भी Skoda Kylaq भारत को और मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट में Skoda Kylaq की स्थिति भारत में सब-4 मीटर SUV सेगमेंट सबसे तेजी से बढ़ने वाला ऑटोमोबाइल सेगमेंट है। ऐसे में Skoda Kylaq बिक्री 50,000 यूनिट्स का आंकड़ा पार करना दिखाता है कि Kylaq ने ग्राहकों के बीच अपनी जगह बना ली है। बढ़ते विकल्प, बेहतर फीचर्स और प्रतिस्पर्धी कीमतें इसे आगे भी मजबूत बनाएंगी। पकड़ और मजबूत करती नजर आएगी।
द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी 2026: फाल्गुन मास में गणपति व्रत का संपूर्ण महत्व, शुभ मुहूर्त और व्रत कथा
हिंदू धर्म में संकष्टी चतुर्थी व्रत को संकटों से मुक्ति दिलाने वाला अत्यंत फलदायी व्रत माना गया है। यह व्रत प्रत्येक माह कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है और पूर्ण रूप से भगवान गणेश को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से गणपति जी की पूजा करने से जीवन के सभी विघ्न-बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का आगमन होता है। फाल्गुन मास में पड़ने वाली संकष्टी चतुर्थी को द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है, जिसका विशेष आध्यात्मिक महत्व है। आइए जानते हैं द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी 2026 की तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और इसकी पौराणिक व्रत कथा विस्तार से। द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी 2026 तिथि वैदिक पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि शुरू – 5 फरवरी 2026, मध्यरात्रि 12:09 बजे समाप्त – 6 फरवरी 2026, मध्यरात्रि 12:22 बजे उदयातिथि के आधार पर
👉 द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी व्रत 5 फरवरी 2026, गुरुवार को रखा जाएगा। द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी 2026 शुभ मुहूर्त व्रत और पूजा के लिए शुभ समय का विशेष महत्व होता है। ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:22 बजे से 6:15 बजे तक प्रातःकाल पूजा मुहूर्त: सुबह 7:07 बजे से 8:29 बजे तक अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:13 बजे से 12:57 बजे तक यदि किसी कारणवश प्रातः पूजा संभव न हो, तो अभिजीत मुहूर्त में गणपति पूजन करना भी अत्यंत फलदायी माना गया है।
द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी व्रत का महत्व द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी भगवान गणेश के उस स्वरूप से जुड़ी है जिसमें वे ब्राह्मणों और विद्वानों के प्रिय माने जाते हैं। “द्विज” का अर्थ होता है – ब्राह्मण या वेदों का ज्ञाता। इस दिन गणेश जी की पूजा करने से मानसिक तनाव दूर होता है कार्यों में आ रही बाधाएं समाप्त होती हैं करियर, व्यापार और शिक्षा में सफलता मिलती है परिवार में सुख-शांति बनी रहती है विशेष मान्यता है कि इस व्रत में चंद्र दर्शन और अर्घ्य अर्पण करने से जीवन के पुराने कष्ट भी समाप्त हो जाते हैं।
द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी पूजा विधि संकष्टी चतुर्थी व्रत की पूजा विधि सरल लेकिन अत्यंत प्रभावशाली मानी गई है। सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। घर के मंदिर या पूजा स्थल की सफाई करें। अब हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लें। एक चौकी पर पीला वस्त्र बिछाकर भगवान गणेश की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। इसके बाद क्रमशःसिंदूर,चंदन,अक्षत,पुष्प,दूर्वा,फल,मोदक अर्पित करें। घी का दीपक जलाएं और गणेश मंत्रों का जाप करें। इसके पश्चात संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा का पाठ करें और अंत में भगवान गणेश की आरती करें। दिनभर फलाहार रखें और रात्रि में चंद्रमा के दर्शन कर उन्हें अर्घ्य अर्पित करने के बाद व्रत का पारण करें।
द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा (विस्तृत) पौराणिक कथाओं के अनुसार, एक समय की बात है। एक नगर में एक विद्वान ब्राह्मण परिवार रहता था। वह अत्यंत धर्मपरायण था लेकिन उसके जीवन में लगातार संकट आते रहते थे। धन की कमी, रोग और मानसिक अशांति ने उसके जीवन को दुखमय बना दिया था। एक दिन एक साधु ने उसे द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी व्रत के बारे में बताया और कहा कि यदि वह श्रद्धा और नियमपूर्वक यह व्रत करेगा, तो भगवान गणेश उसकी सभी समस्याओं को हर लेंगे। ब्राह्मण ने फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष चतुर्थी को पूरे विधि-विधान से व्रत रखा। दिनभर उपवास किया, रात्रि में चंद्रमा को अर्घ्य दिया और गणपति जी की कथा सुनी। उसी रात उसे स्वप्न में भगवान गणेश के दर्शन हुए। गणपति जी ने कहा— “हे द्विज! तुम्हारी श्रद्धा से मैं प्रसन्न हूं। अब तुम्हारे जीवन से सभी संकट दूर होंगे।” कुछ ही समय में ब्राह्मण के जीवन में चमत्कारी परिवर्तन हुआ। रोग दूर हो गए, धन-धान्य की प्राप्ति हुई और उसका जीवन सुखमय हो गया। तभी से यह व्रत संकटों को हरने वाला संकष्टी चतुर्थी व्रत कहलाने लगा।
चंद्र दर्शन का विशेष महत्व संकष्टी चतुर्थी व्रत में चंद्र दर्शन को अनिवार्य माना गया है। बिना चंद्र दर्शन के व्रत पूर्ण नहीं माना जाता। चंद्रमा मन और भावनाओं का कारक है। उन्हें अर्घ्य देने से मानसिक शांति और भावनात्मक संतुलन प्राप्त होता है। द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी पर क्या करें, क्या न करें क्या करें। गणेश मंत्रों का जाप करें,सात्विक भोजन या फलाहार लें,चंद्रमा को अर्घ्य दें,क्या न करें,तामसिक भोजन से परहेज करें,व्रत के दिन क्रोध और कटु वचन से बचें।
सनातन धर्म में एकादशी व्रत को भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने का अत्यंत पावन साधन माना गया है। हर महीने आने वाली दो एकादशी तिथियां—शुक्ल और कृष्ण पक्ष—मानसिक शुद्धि, आध्यात्मिक उन्नति और जीवन की बाधाओं से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त करती हैं। फरवरी 2026 में पड़ने वाली विजया एकादशी और आमलकी एकादशी का विशेष धार्मिक महत्व है। इस लेख में हम आपको दोनों एकादशी व्रत की सही तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त, व्रत पारण का सटीक समय, साथ ही उनका आध्यात्मिक महत्व सरल और SEO-friendly भाषा में बता रहे हैं।
विजया एकादशी 2026: तिथि, महत्व और शुभ मुहूर्त विजया एकादशी का व्रत शत्रुओं पर विजय, कार्यों में सफलता और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा के लिए किया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से किया गया व्रत जीवन की बड़ी से बड़ी कठिनाइयों को भी दूर कर देता है। विजया एकादशी कब है? तिथि आरंभ: 12 फरवरी 2026, गुरुवार, प्रातः 11:33 बजे से तिथि समापन: 13 फरवरी 2026, शुक्रवार, दोपहर 01:30 बजे तक उदया तिथि के अनुसार व्रत: 13 फरवरी 2026, शुक्रवार
विजया एकादशी पूजा का शुभ समय पूजा मुहूर्त: प्रातः 06:26 से 09:15 बजे तक विजया एकादशी व्रत पारण समय पारण: 14 फरवरी 2026, शनिवार (द्वादशी) समय: प्रातः 07:50 से 09:15 बजे तक आमलकी एकादशी 2026: तिथि, महत्व और पूजा मुहूर्त आमलकी एकादशी भगवान विष्णु और आंवले के वृक्ष को समर्पित होती है। शास्त्रों के अनुसार, आंवले के वृक्ष में स्वयं भगवान विष्णु का वास माना गया है। इस दिन आंवले के वृक्ष की पूजा करने से पापों से मुक्ति, आरोग्य और दीर्घायु का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
आमलकी एकादशी कब है? तिथि आरंभ: 26 फरवरी 2026, गुरुवार, रात्रि 12:07 बजे से तिथि समापन: 27 फरवरी 2026, शुक्रवार, रात्रि 09:59 बजे तक उदया तिथि के अनुसार व्रत: 27 फरवरी 2026, शुक्रवार आमलकी एकादशी पूजा का शुभ समय पूजा मुहूर्त: प्रातः 06:15 से 09:09 बजे तक आमलकी एकादशी व्रत पारण समय पारण: 28 फरवरी 2026, शनिवार समय: प्रातः 07:41 से 09:08 बजे तक
एकादशी व्रत का धार्मिक लाभ एकादशी व्रत रखने से मन, शरीर और आत्मा की शुद्धि होती है। इस दिन स्नान-दान, विष्णु सहस्रनाम पाठ, तुलसी पूजन और व्रत कथा श्रवण करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। माना जाता है कि एकादशी व्रत करने वाला व्यक्ति जन्म-मृत्यु के बंधन से मुक्त होकर मोक्ष की ओर अग्रसर होता है।
धन, नौकरी, व्यवसाय, करियर, शिक्षा, राजनीति और प्रेम जीवन का संपूर्ण अंक ज्योतिष विश्लेषण
अंक ज्योतिष के अनुसार जन्म तिथि के आधार पर तय होता है आपका मूलांक, जो आपके स्वभाव, निर्णय क्षमता और भाग्य को प्रभावित करता है। आज 4 फरवरी 2026 को सभी मूलांक 1 से 9 के लिए ग्रहों की स्थिति अलग-अलग प्रभाव डाल रही है। जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा और कौन-सा उपाय भाग्य को मजबूत करेगा।
🔴 मूलांक 1 (1, 10, 19, 28) – सूर्य आज आत्मविश्वास बना रहेगा लेकिन गलत सलाह नुकसान दे सकती है। धन: खर्च सोच-समझकर करें नौकरी/करियर: स्वयं के निर्णय सफल होंगे व्यवसाय: पार्टनर की बातों की जांच जरूरी प्रेम: अहंकार से दूरी बनाएं स्वास्थ्य: पिता के स्वास्थ्य की चिंता उपाय: लाल कलावा धारण करें
🌙 मूलांक 2 (2, 11, 20, 29) – चंद्र मन आज थोड़ा अस्थिर रह सकता है। धन: बढ़ते खर्च चिंता बढ़ाएंगे नौकरी: अधिकारियों से बहस से बचें व्यवसाय: भावनाओं में निर्णय न लें शिक्षा: ध्यान भटक सकता है प्रेम: भावुकता बढ़ेगी उपाय: मंदिर में पानी से भरा कलश रखें
🟡 मूलांक 3 (3, 12, 21, 30) – बृहस्पति आज का दिन शुभ संकेत लेकर आ सकता है। नौकरी: तबादला या पदोन्नति की खबर धन: स्थिर आय के योग व्यवसाय: प्रॉपर्टी चर्चा संभव राजनीति: वरिष्ठों का सहयोग परिवार: बड़ों का आशीर्वाद उपाय: बेसन के हलवे का सेवन करें 🟤 मूलांक 4 (4, 13, 22, 31) – राहु आज फोकस और रणनीति आपकी ताकत बनेगी। करियर: लक्ष्य पूरे होंगे व्यवसाय: नई योजना सफल विदेश: विदेशी संपर्क लाभ देंगे शिक्षा: टेक्निकल विषयों में सफलता उपाय: जौ को दूध में धोकर जल में प्रवाहित करें
🟢 मूलांक 5 (5, 14, 23) – बुध कम्युनिकेशन आपकी सबसे बड़ी ताकत बनेगा। नौकरी: प्रशंसा और सहयोग व्यवसाय: नया प्रोजेक्ट प्लान धन: आय में सुधार प्रेम: बातचीत से रिश्ते मजबूत उपाय: घर में खराब वाद्ययंत्र न रखें ⚪ मूलांक 6 (6, 15, 24) – शुक्र आज भाग्य पूरी तरह साथ देगा। धन: अटके पैसे मिल सकते हैं नौकरी: तरक्की के संकेत प्रेम/विवाह: तालमेल बढ़ेगा घर: सजावट और सुधार उपाय: सफेद या सुगंधित वस्त्र पहनें
🔴 मूलांक 9 (9, 18, 27) – मंगल आज सावधानी ही सुरक्षा है। धन: जोखिम से बचें निवेश: जल्दबाजी नुकसान दे सकती है नौकरी: धैर्य जरूरी प्रेम: गुस्से पर नियंत्रण रखें उपाय: हनुमान जी को बूंदी अर्पित करें
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 4 फरवरी 2026 का दिन ग्रह-नक्षत्रों की विशेष चाल के कारण कई राशियों के लिए धन, नौकरी, व्यवसाय, प्रेम और करियर के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाला है। आज चंद्रमा की स्थिति मानसिक निर्णयों को प्रभावित करेगी, वहीं मंगल और बुध का प्रभाव कार्यक्षेत्र और आर्थिक मामलों में तेजी ला सकता है। आइए जानते हैं आज का राशिफल 4 फरवरी 2026, सभी 12 राशियों के लिए
विस्तार से — ♈ मेष राशि राशिफल 4 फरवरी 2026 आज का दिन धैर्य और समझदारी से आगे बढ़ने का है। धन:आज अचानक खर्च बढ़ सकता है, इसलिए बजट बनाकर चलना जरूरी है। निवेश सोच-समझकर करें। नौकरी और करियर:कार्यस्थल पर आपके प्रयासों की सराहना होगी, लेकिन जल्दबाजी नुकसान करा सकती है। प्रमोशन से जुड़ी बातचीत संभव है। व्यवसाय:नए सौदे फायदेमंद रहेंगे, लेकिन कागजी काम सावधानी से करें। प्रेम और परिवार: परिवार के साथ समय बिताने से मानसिक शांति मिलेगी। प्रेम संबंधों में स्पष्टता जरूरी है। स्वास्थ्य:थकान और सिरदर्द हो सकता है, पर्याप्त आराम लें। ♉ वृषभ राशि राशिफल 4 फरवरी 2026 आज संतुलन और धैर्य आपकी सबसे बड़ी ताकत होगी। धन:छोटी बचत आज भविष्य में बड़ा सहारा बन सकती है। फिजूलखर्ची से बचें। नौकरी:काम का दबाव रहेगा, लेकिन मेहनत रंग लाएगी। वरिष्ठ अधिकारी सहयोगी रहेंगे। व्यवसाय:व्यापार में धीमी लेकिन स्थिर प्रगति होगी। पुराने ग्राहकों से लाभ मिलेगा। प्रेम:रिश्तों में भरोसा बढ़ेगा। अविवाहितों को प्रस्ताव मिल सकता है। स्वास्थ्य:खानपान पर ध्यान दें, पेट से जुड़ी परेशानी हो सकती है।
♊ मिथुन राशि राशिफल 4 फरवरी 2026 आज विचारों की अधिकता आपको उलझा सकती है। धन:अनावश्यक खर्च से बचें। उधार देने से पहले सोचें। करियर और नौकरी:नए आइडिया आपको पहचान दिला सकते हैं। मीडिया, आईटी और शिक्षा से जुड़े लोगों के लिए दिन अच्छा है। व्यवसाय:नया प्रयोग लाभ देगा, लेकिन एक समय में एक ही काम करें। प्रेम:बातचीत से रिश्ते मजबूत होंगे, शब्दों में संयम रखें। स्वास्थ्य:नींद की कमी महसूस हो सकती है। ♋ कर्क राशि राशिफल 4 फरवरी 2026 आज आपका झुकाव परिवार और निजी जीवन की ओर रहेगा। धन:आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी। घर से जुड़े खर्च संभव हैं। नौकरी:कार्य में धैर्य रखें, जल्द परिणाम की अपेक्षा न करें। व्यवसाय:रियल एस्टेट या घरेलू व्यापार से लाभ हो सकता है। प्रेम:भावनात्मक जुड़ाव बढ़ेगा। स्वास्थ्य:तनाव से बचें, योग लाभकारी रहेगा।
♌ सिंह राशि राशिफल 4 फरवरी 2026 आज जिम्मेदारियों का बोझ बढ़ सकता है। धन: आय स्थिर रहेगी, लेकिन बचत पर ध्यान दें। नौकरी: नेतृत्व क्षमता उभरेगी, पर अहंकार से बचें। व्यवसाय:सरकारी या बड़े संस्थानों से लाभ संभव है। प्रेम: रिश्तों में थोड़ा समझौता जरूरी है। स्वास्थ्य:थकावट महसूस हो सकती है। ♍ कन्या राशि राशिफल 4 फरवरी 2026 आज मेहनत का पूरा फल मिलने के योग हैं। धन: आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। बड़ा निवेश फिलहाल टालें। नौकरी और शिक्षा: प्रतियोगी परीक्षाओं और पढ़ाई में सफलता मिल सकती है। व्यवसाय:प्लानिंग से काम करें, लाभ होगा। प्रेम: परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। स्वास्थ्य: काम का दबाव कम रखें।
♎ तुला राशि राशिफल 4 फरवरी 2026 आज का दिन व्यवस्थित और संतुलित रहेगा। धन: लेन-देन साफ रहेगा, रुका पैसा मिल सकता है। नौकरी: तारीफ और सम्मान मिल सकता है। व्यवसाय:पार्टनरशिप में लाभ के योग हैं। प्रेम: छोटी बातों को नजरअंदाज करें। स्वास्थ्य: दिनचर्या सही रखें। ♏ वृश्चिक राशि राशिफल 4 फरवरी 2026 आज बदलाव आपके पक्ष में रहेंगे। धन: आर्थिक सुधार के संकेत हैं। करियर:नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यवसाय: पुराने निवेश से लाभ मिलेगा। प्रेम:दोस्ती प्रेम में बदल सकती है। स्वास्थ्य:ऊर्जा बनी रहेगी।
♐ धनु राशि राशिफल 4 फरवरी 2026 आज संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है। धन:खर्च और आय में तालमेल रखें। नौकरी: वर्क-लाइफ बैलेंस पर ध्यान दें। व्यवसाय: यात्रा से लाभ संभव है। प्रेम: गलतफहमी दूर होगी। स्वास्थ्य: हल्की सुस्ती रह सकती है। ♑ मकर राशि राशिफल 4 फरवरी 2026 आज बड़े बदलाव का संकेत मिल रहा है। धन: आर्थिक स्थिति सुधरेगी। करियर:नई जिम्मेदारी भविष्य में उन्नति दिलाएगी। व्यवसाय: लंबी अवधि की योजना सफल होगी। प्रेम: स्पष्ट बातचीत जरूरी है। स्वास्थ्य:पहले से बेहतर महसूस करेंगे।
♒ कुंभ राशि राशिफल 4 फरवरी 2026 आज धैर्य ही सफलता की कुंजी है। धन:खर्च पर नियंत्रण जरूरी है। नौकरी: काम धीमा लेकिन सही दिशा में होगा। व्यवसाय: नई योजना पर काम शुरू कर सकते हैं। प्रेम:संवाद से रिश्ते सुधरेंगे। स्वास्थ्य:सामान्य रहेगा। ♓ मीन राशि राशिफल 4 फरवरी 2026 आज का दिन शांत और भावनात्मक रहेगा। धन: आर्थिक संतुलन बनाए रखें। करियर: धीरे-धीरे स्पष्टता आएगी। व्यवसाय:रचनात्मक कार्यों से लाभ होगा। प्रेम: भावनात्मक जुड़ाव बढ़ेगा। स्वास्थ्य: मानसिक शांति पर ध्यान दें।
4 फरवरी 2026 का पंचांग: आज तृतीया तिथि, सिंह राशि में चंद्रमा, राहुकाल में न करें शुभ कार्य
4 फरवरी 2026 का पंचांग आज के दिन के शुभ-अशुभ मुहूर्त, तिथि, नक्षत्र, योग, राहुकाल और सूर्योदय-सूर्यास्त की संपूर्ण जानकारी देता है। बुधवार का दिन होने के कारण गणेश और बुध से जुड़े कार्यों के लिए विशेष माना जाता है, लेकिन राहुकाल में किसी भी शुभ कार्य से बचना आवश्यक है।
सूर्योदय: 07:08 प्रातः सूर्यास्त: 06:03 सायं तिथि: कृष्ण पक्ष तृतीया – 12:09 ए एम, 5 फरवरी तक वार: बुधवार चंद्रमा की स्थिति: सिंह राशि नक्षत्र: पूर्वाफाल्गुनी – रात 10:12 बजे तक योग: अतिगण्ड – 01:05 ए एम, 5 फरवरी तक राहुकाल: 12:35 अपराह्न से 01:57 अपराह्न विक्रम संवत: 2082 कालयुक्त शक संवत: 1947 विश्वावसु
आज के दिन क्या करें और क्या न करें 4 फरवरी 2026 का पंचांग बताता है कि आज सिंह राशि में चंद्रमा का संचार आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को बढ़ाता है। रचनात्मक कार्य, सरकारी योजनाओं पर विचार और प्रतिष्ठा से जुड़े निर्णय आज लाभकारी हो सकते हैं। हालांकि, राहुकाल के समय कोई भी नया शुभ कार्य, खरीदारी, यात्रा या पूजा-पाठ शुरू न करें। यह समय अशुभ माना जाता है और कार्यों में बाधा आ सकती है।
तिथि और नक्षत्र का प्रभाव तृतीया तिथि सौंदर्य, कला, पारिवारिक सामंजस्य और रचनात्मक गतिविधियों के लिए अनुकूल मानी जाती है। पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र भोग-विलास, आराम और सामाजिक संबंधों को मजबूत करने का संकेत देता है। इसलिए आज का दिन मानसिक रूप से सकारात्मक रह सकता है। क्यों जरूरी है रोज पंचांग देखना 4 फरवरी 2026 का पंचांग न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि दैनिक निर्णयों के लिए भी मार्गदर्शक होता है। शुभ समय में किए गए कार्य सफलता की संभावना बढ़ाते हैं, वहीं अशुभ काल से बचाव नुकसान को कम करता है।
नकली बीजों पर लगाम: बीज विधेयक 2025 से किसान संरक्षण, गुणवत्ता नियमन और वैश्विक कृषि शासन की ओर भारत का निर्णायक कदम
गोंदिया | विशेष लेख
वर्तमान डिजिटल और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के युग में विश्व अर्थव्यवस्था के विस्तार के साथ-साथ नकली और निम्न गुणवत्ता वाले उत्पादों का प्रसार एक गंभीर अंतरराष्ट्रीय चुनौती बन चुका है। दवाइयों, खाद्य पदार्थों, तकनीकी उपकरणों के साथ-साथ कृषि आदानों—विशेषकर नकली बीजों—का संकट किसानों और उपभोक्ताओं दोनों के लिए बहुआयामी नुकसान का कारण बन रहा है। यह नुकसान केवल आर्थिक नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन, आजीविका और दीर्घकालिक खाद्य सुरक्षा तक फैलता है।
मैं, एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी (गोंदिया, महाराष्ट्र), यह मानता हूं कि कृषि क्षेत्र में नकली बीजों का प्रभाव सबसे अधिक घातक है, क्योंकि यहां नुकसान एक किसान तक सीमित नहीं रहता, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, राष्ट्रीय कृषि प्रणाली और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला तक पहुंचता है। नकली या घटिया बीज पूरी फसल को नष्ट कर सकते हैं, जिससे किसान की आय, ऋण चुकाने की क्षमता और मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है। इसी पृष्ठभूमि में बीज विधेयक 2025 भारत सरकार का एक निर्णायक और समयोचित विधायी कदम है।
बीज विधेयक 2025: पुराने कानून का आधुनिक विकल्प बीज विधेयक 2025 वर्ष 1966 के पुराने बीज अधिनियम का स्थान लेने के लिए लाया गया है, जो आज के जटिल, निजी-निवेश आधारित और वैश्विकीकृत बीज बाजार के अनुरूप अपर्याप्त सिद्ध हो रहा था। पिछले दशकों में निजी कंपनियों, हाइब्रिड किस्मों, उन्नत तकनीकों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के विस्तार के बावजूद नियामक ढांचा पीछे रह गया। इसी अंतर का लाभ उठाकर नकली बीज कारोबार पनपा। नया विधेयक इस असंतुलन को दूर कर कृषि बाजार में पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्ता संस्कृति स्थापित करता है।
अनिवार्य पंजीकरण और गुणवत्ता मानक विधेयक का सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान यह है कि बाजार में बिकने वाली सभी बीज किस्मों का अनिवार्य पंजीकरण होगा—चाहे वे सार्वजनिक संस्थानों द्वारा विकसित हों या निजी कंपनियों द्वारा। बिना नियामक स्वीकृति कोई बीज किसानों तक नहीं पहुंचेगा। इसके साथ-साथ बीज उत्पादकों, प्रसंस्करण इकाइयों, डीलरों और नर्सरियों का पंजीकरण भी अनिवार्य होगा, जिससे पूरी आपूर्ति श्रृंखला निगरानी में रहेगी। अंतरराष्ट्रीय अनुभव बताता है कि ऐसी ट्रैकिंग व्यवस्था नकली उत्पादों पर सबसे प्रभावी रोक है—और बीज विधेयक 2025 भारत को वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के समकक्ष खड़ा करता है।
कीमत नियंत्रण, लेबलिंग और ‘साथी पोर्टल’ आपातकालीन परिस्थितियों—प्राकृतिक आपदा, जलवायु संकट या महामारी—में बीजों की कृत्रिम कमी और कीमतों में उछाल आम समस्या रही है। बीज विधेयक 2025 सरकार को कीमतें नियंत्रित करने का अधिकार देता है, जिससे किसानों का शोषण रोका जा सके। इसके अतिरिक्त, अनिवार्य लेबलिंग के तहत बीज की किस्म, अंकुरण क्षमता, शुद्धता, उत्पादन वर्ष जैसी जानकारियां स्पष्ट रूप से देना आवश्यक होगा। इससे किसान सूचित निर्णय ले सकेंगे और धोखाधड़ी घटेगी। डिजिटल युग को ध्यान में रखते हुए ‘साथी पोर्टल’ पर पंजीकरण अनिवार्य किया गया है, जो उत्पादकों, डीलरों और नियामक एजेंसियों के बीच एक साझा मंच बनेगा—निगरानी, शिकायत निवारण और डेटा-आधारित नीति-निर्माण को गति देगा।
किसान अधिकारों की पूर्ण सुरक्षा एक प्रमुख आशंका यह थी कि कहीं यह कानून किसानों की पारंपरिक प्रथाओं को सीमित न कर दे। विधेयक इस विषय में स्पष्ट है—किसानों और उनकी पारंपरिक किस्मों पर ये प्रावधान लागू नहीं होते। यह कानून पादप किस्मों के संरक्षण एवं किसान अधिकार अधिनियम, 2001 और जैविक विविधता अधिनियम, 2002 के अनुरूप किसानों के अधिकारों—बीज उगाने, सहेजने, आदान-प्रदान और बेचने—की रक्षा करता है। यह संतुलन इस विधेयक की बड़ी ताकत है।
कठोर दंड और वैश्विक भरोसा– नकली बीजों की बिक्री पर 20 लाख रुपये तक का जुर्माना और कारावास का प्रावधान एक मजबूत निवारक संदेश देता है कि कृषि क्षेत्र में धोखाधड़ी अब बर्दाश्त नहीं होगी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कृषि इनपुट्स की गुणवत्ता को लेकर जो सख्ती अपनाई जा रही है, बीज विधेयक 2025 उसी दिशा में भारत का सशक्त कदम है।
वैश्विक परिप्रेक्ष्य और निष्कर्ष आज जब खाद्य सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और सतत विकास वैश्विक एजेंडा हैं, तब बीजों की गुणवत्ता निर्णायक भूमिका निभाती है। बीज विधेयक 2025 न केवल घरेलू किसानों के हितों की रक्षा करता है, बल्कि भारत की कृषि आपूर्ति श्रृंखला को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाकर अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भरोसा बढ़ाता है।
अतः स्पष्ट है कि बीज विधेयक 2025 नकली माल के खिलाफ भारत की व्यापक नीति का कृषि क्षेत्र में ठोस प्रतिबिंब है। यह कानून किसानों को ठगी से बचाने, बाजार में अनुशासन लाने और दीर्घकालिक ग्रामीण अर्थव्यवस्था व खाद्य सुरक्षा को स्थिरता देने की क्षमता रखता है। इसे केवल कानून नहीं, बल्कि भारत की कृषि नीति में संरचनात्मक सुधार के रूप में देखा जाना चाहिए।
कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)जनपद कुशीनगर में अवैध खनन एवं बिना वैध प्रपत्रों के खनिज परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। निदेशक, भूत्तव एवं खनिकर्म निदेशालय, उत्तर प्रदेश, लखनऊ तथा जिलाधिकारी कुशीनगर के निर्देशों के क्रम में दिनांक 29 और 30 जनवरी 2026 को जनपद के विभिन्न स्थानों पर औचक छापेमारी अभियान चलाया गया। इस अभियान का नेतृत्व प्रभारी अधिकारी, क्षेत्रीय कार्यालय गोरखपुर द्वारा किया गया। संयुक्त टीम में खान अधिकारी कुशीनगर, खान निरीक्षक गोरखपुर एवं महराजगंज तथा खनिज मोहर्रिर देवरिया शामिल रहे। कार्रवाई का उद्देश्य अवैध खनन पर रोक लगाना और शासन को हो रहे राजस्व नुकसान को रोकना रहा। टोल प्लाजा से लेकर प्रमुख मार्गों पर सघन जांच छापेमारी अभियान के तहत उत्तर प्रदेश उपखनिज परिहार नियमावली 2021 के सुसंगत प्रावधानों के अंतर्गत कुशीनगर जनपद के विभिन्न संवेदनशील स्थलों पर खनिज लदे वाहनों की गहन जांच की गई। इनमें प्रमुख रूप से— टोल प्लाजा हाटा, कसया क्षेत्र, जटहा, पडरौना, जैसे स्थान शामिल रहे। इन क्षेत्रों में भारी मात्रा में खनिज परिवहन होने की शिकायतों को देखते हुए विशेष सतर्कता बरती गई। बिना परिवहन प्रपत्र और ISTP के पकड़े गए वाहन जांच के दौरान कुल 08 वाहन ऐसे पाए गए, जो बिना वैध परिवहन प्रपत्र एवं बिना आई.एस.टी.पी. (ISTP) के खनिज का परिवहन कर रहे थे। यह नियमों का सीधा उल्लंघन है और इसे गंभीर अपराध की श्रेणी में रखा गया है। प्रशासनिक टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए नियमों के अनुसार दंडात्मक प्रक्रिया शुरू की। वाहन सीज, थानों की अभिरक्षा और भारी जुर्माना कार्रवाई के दौरान— 01 वाहन पर पूर्व से ₹1.75 लाख का बकाया नोटिस लंबित पाए जाने पर उसे थाना कसया की अभिरक्षा में सौंपा गया। 02 अन्य वाहनों को थाना कोतवाली पडरौना की अभिरक्षा में दिया गया। शेष 05 वाहनों से मौके पर ही ₹2.42 लाख की जुर्माना राशि खनन मद में वसूल की गई। इसके अतिरिक्त, जनपद आजमगढ़ से संबंधित ₹46,120 की बकाया नोटिस राशि भी मौके पर ही जमा कराई गई, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि कार्रवाई केवल स्थानीय ही नहीं, बल्कि अंतरजनपदीय अवैध खनन नेटवर्क पर भी प्रभावी रही। उत्तर प्रदेश उपखनिज परिहार नियमावली 2021 का कड़ाई से पालन अधिकारियों ने बताया कि उपखनिज परिहार नियमावली 2021 के तहत बिना प्रपत्र खनिज परिवहन करने पर भारी जुर्माने और वाहन सीज करने का प्रावधान है। इस नियमावली का उद्देश्य खनिज संसाधनों का संतुलित दोहन, पर्यावरण संरक्षण और राजस्व की सुरक्षा करना है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। राजस्व हानि रोकने की दिशा में अहम कदम अवैध खनन और बिना अनुमति खनिज परिवहन से शासन को करोड़ों रुपये का नुकसान होता है। इस प्रकार की सघन जांच और औचक छापेमारी से— अवैध खनन माफिया पर अंकुश लगेगा सरकारी राजस्व की रक्षा होगी पर्यावरण को होने वाले नुकसान में कमी आएगी नियमों का पालन सुनिश्चित होगा प्रशासनिक अधिकारियों ने इसे राजस्व संरक्षण अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। भविष्य में और सख्त कार्रवाई के संकेत खान विभाग के अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भी जनपद कुशीनगर सहित आसपास के जिलों में इसी प्रकार के अचानक छापेमारी अभियान चलाए जाएंगे। विशेष रूप से— रात्रिकालीन खनिज परिवहन सीमावर्ती जिलों से आने वाले वाहन बिना ISTP चल रहे ट्रक पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। खनन व्यवसायियों को स्पष्ट चेतावनी प्रशासन ने सभी खनन व्यवसायियों और वाहन संचालकों से अपील की है कि वे— वैध खनन पट्टा रखें परिवहन के दौरान सभी आवश्यक प्रपत्र साथ रखें ISTP प्रणाली का अनिवार्य उपयोग करें अन्यथा उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें वाहन जब्ती और भारी आर्थिक दंड शामिल है। जनहित और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी कार्रवाई यह कार्रवाई केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि जनहित और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी हुई है। अवैध खनन से नदियों, भूमि और प्राकृतिक संसाधनों को गंभीर क्षति पहुंचती है। ऐसे में प्रशासन की यह पहल आम नागरिकों के हित में एक मजबूत संदेश देती है।
कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)l जनपद में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के तहत मतदाता सूची को पारदर्शी, त्रुटिरहित और अद्यतन बनाने के लिए प्रशासन ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उप जिला निर्वाचन अधिकारी वैभव मिश्रा ने मतदाता सूची से जुड़े फार्म-6, 6क, 7 और 8 की प्रक्रिया को लेकर नागरिकों को विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य पात्र नागरिकों को मताधिकार से जोड़ना और अपात्र नामों को सूची से हटाकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना है। मतदाता सूची में नया नाम दर्ज कराने के लिए फार्म-6 के साथ घोषणा पत्र भरना अनिवार्य किया गया है। आवेदन करते समय नाम और पता शुद्ध वर्तनी में, नवीनतम स्पष्ट फोटो तथा सक्रिय मोबाइल नंबर देना आवश्यक होगा। किसी भी प्रकार की त्रुटि पाए जाने पर आवेदन निरस्त किया जा सकता है या नोटिस जारी किया जाएगा। आयु प्रमाण के लिए जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, हाईस्कूल या इंटरमीडिएट प्रमाण पत्र, पासपोर्ट सहित अन्य वैध दस्तावेज मान्य होंगे। 18 से 21 वर्ष आयु के वे आवेदक जो दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं, उन्हें माता-पिता अथवा गुरु के हस्ताक्षरयुक्त शपथ पत्र के साथ अधिकारी के समक्ष उपस्थित होना होगा। माता-पिता के न होने की स्थिति में ग्राम प्रधान या नगर निकाय सदस्य द्वारा जारी प्रमाण पत्र मान्य होगा। 21 वर्ष या उससे अधिक आयु के आवेदकों के लिए केवल घोषणा पत्र पर्याप्त होगा। निवास प्रमाण के लिए एक वर्ष पुराना बिजली, पानी या गैस बिल, आधार कार्ड, बैंक या डाकघर की पासबुक, पासपोर्ट, भूमि अभिलेख, पंजीकृत किरायानामा अथवा विक्रय विलेख स्वीकार किए जाएंगे। दस्तावेज उपलब्ध न होने की स्थिति में स्थल सत्यापन कराया जाएगा। फार्म-6 के साथ दिए जाने वाले घोषणा पत्र में वर्ष 2003 की अंतिम मतदाता सूची में स्वयं या माता-पिता, दादा-दादी अथवा नाना-नानी में से किसी एक का विवरण देना अनिवार्य होगा। सही विवरण मिलने पर नोटिस जारी नहीं किया जाएगा, जबकि विवरण न मिलने या मेल न खाने की स्थिति में नोटिस निर्गत किया जाएगा। नोटिस जारी होने पर जन्म तिथि या जन्म स्थान के प्रमाण के लिए निर्धारित 13 दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। जन्म तिथि के आधार पर अतिरिक्त शर्तें भी लागू की गई हैं। 01 जुलाई 1987 से पूर्व जन्म लेने वालों के लिए एक दस्तावेज पर्याप्त होगा, जबकि इसके बाद जन्म की स्थिति में माता-पिता के प्रमाण भी अनिवार्य होंगे। विदेश में जन्म लेने वाले आवेदकों को नागरिकता या भारतीय मिशन द्वारा जारी प्रमाण पत्र देना होगा। पात्र नागरिक voters.eci.gov.in वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा ऑफलाइन फार्म भरकर संबंधित बीएलओ या निर्वाचन कार्यालय में जमा किया जा सकता है। मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए फार्म-7 का प्रयोग किया जाएगा। मृत्यु, अवयस्कता, स्थायी स्थानांतरण, दोहरा नामांकन या नागरिकता संबंधी मामलों में यह फार्म भरा जा सकता है। गलत या भ्रामक सूचना देने पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा-31 के तहत कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे समय रहते सही दस्तावेज प्रस्तुत कर मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने में सहयोग करें, जिससे निष्पक्ष चुनाव और मजबूत लोकतंत्र सुनिश्चित किया जा सके।
जनपद देवरिया में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से यातायात पुलिस देवरिया द्वारा एक व्यापक चेकिंग अभियान चलाया गया। यह अभियान पुलिस अधीक्षक देवरिया संजीव सुमन के निर्देश पर दिनांक 03 फरवरी 2026 को पूरे शहर क्षेत्र में संचालित किया गया। अभियान का नेतृत्व यातायात प्रभारी श्री गुलाब सिंह ने यातायात पुलिस टीम के साथ किया। इस विशेष अभियान के अंतर्गत यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) के तहत कड़ी कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान कुल 109 वाहनों का ई-चालान किया गया, जबकि 07 वाहनों को सीज किया गया। यह कार्रवाई सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन की सख्त मंशा को दर्शाती है। ई-रिक्शा चेकिंग अभियान: वैध कागजात पर विशेष जोर यातायात पुलिस द्वारा कोतवाली क्षेत्र में ई-रिक्शा वाहनों की विशेष रूप से जांच की गई। अभियान के दौरान जिन ई-रिक्शा चालकों के पास सभी वैध दस्तावेज पाए गए, उनके वाहनों पर नंबरिंग की प्रक्रिया पूरी की गई। वहीं, जिन वाहनों के कागजात अधूरे या अमान्य पाए गए, उनके विरुद्ध चालान व सीज की कार्रवाई की गई। प्रशासन का मानना है कि बिना पंजीकरण और दस्तावेजों के चलने वाले ई-रिक्शा न केवल यातायात व्यवस्था को बाधित करते हैं, बल्कि दुर्घटनाओं का बड़ा कारण भी बनते हैं। इस कार्रवाई से अवैध रूप से संचालित ई-रिक्शा पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। नगर पालिका के साथ संयुक्त अभियान, अतिक्रमण हटाया गया यातायात पुलिस देवरिया एवं नगर पालिका परिषद देवरिया द्वारा संयुक्त रूप से जलकल रोड क्षेत्र में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। सड़क किनारे अवैध कब्जों के कारण यातायात बाधित हो रहा था, जिससे जाम की स्थिति बनती थी और दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती थी। संयुक्त कार्रवाई के दौरान सड़क को अतिक्रमण मुक्त कराया गया, जिससे आम नागरिकों और वाहन चालकों को आवागमन में राहत मिली। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इस तरह के अभियान लगातार जारी रहेंगे। नो पार्किंग जोन में खड़े वाहनों पर सख्त कार्रवाई अभियान के दौरान न्यू कॉलोनी क्षेत्र में स्थित डॉ. गुलाम रसूल, आस्था हॉस्पिटल और डॉ. दाऊद अंसारी के सामने नो पार्किंग में खड़े वाहनों पर विशेष कार्रवाई की गई। इन स्थानों पर अस्पतालों के सामने अनधिकृत पार्किंग के कारण एम्बुलेंस और मरीजों को आवागमन में परेशानी हो रही थी। यातायात पुलिस ने नो पार्किंग नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों का एमवी एक्ट के तहत चालान किया और वाहन चालकों को भविष्य में नियमों का पालन करने की सख्त चेतावनी दी। सोनूघाट और सलेमपुर रोड पर भारी वाहनों का चालान इसके अतिरिक्त सोनूघाट और सलेमपुर रोड पर सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई। सड़क पर खड़े भारी वाहन जाम और दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बनते हैं। यातायात पुलिस ने ऐसे वाहनों का चालान कर चालकों को निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करने की हिदायत दी। यातायात पुलिस का स्पष्ट संदेश: नियम तोड़ने पर बख्शा नहीं जाएगा इस अभियान के माध्यम से यातायात पुलिस देवरिया ने स्पष्ट संदेश दिया है कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन का उद्देश्य दंड देना नहीं, बल्कि लोगों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता पैदा करना है। यातायात पुलिस अधिकारियों ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे: वाहन चलाते समय सभी वैध दस्तावेज साथ रखें हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें नो पार्किंग और यातायात संकेतों का पालन करें अवैध रूप से वाहन न चलाएं अभियान से होने वाले प्रमुख लाभ इस प्रकार के नियमित चेकिंग अभियानों से: यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित होता है सड़क दुर्घटनाओं में कमी आती है अवैध वाहनों पर नियंत्रण स्थापित होता है आम जनता में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ती है भविष्य में भी जारी रहेगा अभियान यातायात पुलिस देवरिया ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भी शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में इसी प्रकार के विशेष चेकिंग अभियान चलाए जाएंगे। नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों को किसी भी स्थिति में राहत नहीं दी जाएगी।
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनहित से जुड़ी सुविधाओं की गुणवत्ता परखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने मंगलवार को महराजगंज बस स्टेशन का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बस स्टेशन की समग्र व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न होने पाए। निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने बसों के संचालन और रख-रखाव, यात्रियों के विश्रामालय, विभिन्न कार्यालयों, महिला एवं पुरुष प्रतीक्षालय, पेयजल और साफ-सफाई व्यवस्था का गहन अवलोकन किया। कार्यालयों में गंदगी और फाइलों की अव्यवस्था देख उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई तथा संबंधित कर्मचारियों को फटकार लगाते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए। बस स्टेशन परिसर की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित कराने के लिए उन्होंने नगर पालिका परिषद को सतत निगरानी के निर्देश दिए। साथ ही परिसर में संचालित दुकानों और कैंटीन को नियमानुसार व स्वच्छ वातावरण में संचालित कराने को कहा। महिला एवं पुरुष प्रतीक्षालयों के निरीक्षण के दौरान उन्होंने यात्रियों के बैठने, प्रकाश, स्वच्छ शौचालय और सुरक्षा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। निरीक्षण के दौरान बसों की संख्या और रूट की जानकारी लेते हुए अधिकारियों ने बताया कि महराजगंज डिपो की 60 बसों सहित कुल लगभग 100 बसें गोरखपुर, फरेंदा और ठूठीबारी मार्ग पर संचालित की जा रही हैं। इस पर जिलाधिकारी ने यात्रियों की मांग के अनुसार रूट और समय-सारिणी तय करने, समय पालन सुनिश्चित करने तथा शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। निरीक्षण के समय नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी, जिला सूचना अधिकारी सहित परिवहन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी के इस औचक निरीक्षण से बस स्टेशन प्रशासन में हड़कंप मच गया और अधिकारियों-कर्मचारियों को व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने का सख्त संदेश मिला।
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। कौन कहता है कि आसमान में छेद नहीं होता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों—इस पंक्ति को चरितार्थ कर दिखाया है सदर विधानसभा क्षेत्र की अमवा भैंसी ग्राम सभा निवासी प्रदीप पटेल ने। कड़ी मेहनत, अनुशासन और सतत परिश्रम के बल पर उन्होंने न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे जनपद का नाम रोशन किया है। प्रदीप पटेल ने वर्ष 2009 बैच की पीसीएस परीक्षा उत्तीर्ण करने के उपरांत लेखा परीक्षा अधिकारी के रूप में अपने सेवाकाल की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने अम्बेडकरनगर, बलरामपुर, गोंडा, गोरखपुर, सिद्धार्थनगर एवं कुशीनगर के पडरौना तहसील में वित्त एवं लेखा अधिकारी के रूप में उत्कृष्ट सेवाएं दीं। वर्तमान में वह इलाहाबाद में सहायक निदेशक पद पर अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे थे। सोमवार की देर रात उन्हें ई-मेल के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उन्हें लखनऊ सचिवालय स्थित स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग में उपनिदेशक ऑडिट (डिप्टी डायरेक्टर) के पद पर पदोन्नति प्रदान की गई है। यह खबर मिलते ही उनके परिवार, गांव और शुभचिंतकों में हर्ष की लहर दौड़ गई। जब प्रदीप पटेल ने यह शुभ समाचार अपने गांव में निवास कर रहे माता-पिता को दिया तो माता-पिता सहित समस्त परिवार भावुक हो उठा। वहीं रिश्तेदारों और गांववासियों में भी खुशी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही मित्रों और शुभचिंतकों ने फोन कॉल और संदेशों के माध्यम से बधाइयों का तांता लगा दिया। अपनी सफलता पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदीप पटेल ने कहा कि आज मैं जिस मुकाम पर पहुंचा हूं, उसका सबसे बड़ा श्रेय मेरे माता-पिता, गुरुजनों और मित्रों को जाता है। उनके मार्गदर्शन, आशीर्वाद और सहयोग के बिना यह संभव नहीं था। उन्हें बधाई देने वालों में पिता उत्रीचंद्र पटेल, मामा पुरुषोत्तम पटेल, आईएफएस अनिल कुमार पटेल, सदर विधायक जय मंगल कनौजिया, जिला पंचायत अध्यक्ष रविकांत पटेल सहित विनोद कुमार गुप्ता, देवेश कुमार श्रीवास्तव, हेमंत कुमार पांडेय, सितारे हिंद पटेल, कौशल वर्मा, शिवकुमार पटेल, अखिलेश शर्मा, संजय गुप्ता, बलराम निगम, अश्वनी पटेल, सत्य प्रकाश सिंह, प्रतिमा राय, अर्चना सिंह, निमिषा सिंह, सूरज सिंह चौहान, अनिरुद्ध प्रसाद गुप्ता, सत्य प्रकाश वर्मा, हरिकेश बहादुर यादव, सुनील श्रीवास्तव, सरवन पटेल, सुनील पटेल, विजय कुमार पटेल, राजेश कुमार पटेल सहित सैकड़ों मित्रों, परिजनों एवं शुभचिंतकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
शाहजहांपुर (राष्ट्र की परम्परा)। थाना सदर बाजार क्षेत्र स्थित स्वागत होटल में एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान ऋषिकेश निवासी युवक के रूप में की जा रही है। होटल स्टाफ की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पुलिस ने संबंधित कमरे का निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए। प्रारंभिक जांच में मौत के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। पुलिस होटल कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है, वहीं मृतक के परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल मामले की हर पहलू से गंभीरता से जांच की जा रही है।
दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा। शाहजहांपुर के एक उद्योगपति की कंपनी से लिए गए कर्ज की रकम तय समय पर वापस न करने के मामले में फिल्म अभिनेता राजपाल यादव की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने अभिनेता को जेल भेजने का आदेश दिया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को निर्देश दिया कि राजपाल यादव को शुक्रवार शाम चार बजे तिहाड़ जेल में पेश किया जाए। सुनवाई के दौरान अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि अभिनेता की ओर से न्यायालय को गुमराह किया गया है। उद्योगपति की कंपनी द्वारा दी गई रकम की अदायगी को लेकर कई बार नोटिस जारी किए गए और भुगतान के लिए पर्याप्त अवसर भी दिए गए, लेकिन इसके बावजूद राशि वापस नहीं की गई। इसे गंभीरता से लेते हुए अदालत ने कड़ा रुख अपनाया और जेल भेजने का आदेश जारी कर दिया। कोर्ट के इस फैसले के बाद कानूनी हलकों में मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। वहीं, अभिनेता की कानूनी स्थिति को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। अब आगे की कार्रवाई तिहाड़ जेल में पेशी के बाद तय की जाएगी।