Tuesday, May 5, 2026
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मुंशी, मौलवी और आलिम परीक्षा 2026 को लेकर प्रशासन सतर्क

UP मदरसा बोर्ड परीक्षा 2026: 9 फरवरी से शुरू होंगी मुंशी, मौलवी और आलिम की परीक्षाएं, 3112 परीक्षार्थी होंगे शामिल


मऊ (राष्ट्र की परम्परा)।उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद, लखनऊ द्वारा आयोजित UP मदरसा बोर्ड परीक्षा 2026 की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। परिषद के अनुसार, मुंशी/मौलवी (सेकेण्डरी फारसी एवं अरबी) तथा आलिम (सीनियर सेकेण्डरी फारसी एवं अरबी) की बोर्ड परीक्षाएं 09 फरवरी 2026 से 14 फरवरी 2026 तक जनपद के सात निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएंगी। परीक्षा को शांतिपूर्ण, नकलविहीन और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं।

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जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सिंह प्रताप देव ने बताया कि UP मदरसा बोर्ड परीक्षा 2026 दो पालियों में कराई जाएगी। पहली पाली सुबह 08:00 बजे से 11:00 बजे तक तथा दूसरी पाली दोपहर 02:00 बजे से 05:00 बजे तक होगी। सभी केंद्रों पर प्रश्न पत्र, उत्तर पुस्तिकाएं और निगरानी व्यवस्था समय से सुनिश्चित कर ली गई है।
3112 परीक्षार्थी लेंगे भाग
परीक्षा वर्ष 2026 में जनपद मऊ से कुल 3112 परीक्षार्थी शामिल होंगे। इनमें 1912 छात्र और 1200 छात्राएं हैं। यह संख्या दर्शाती है कि UP मदरसा बोर्ड परीक्षा 2026 के प्रति छात्रों और अभिभावकों की रुचि लगातार बढ़ रही है और मदरसा शिक्षा मुख्यधारा से मजबूत रूप से जुड़ रही है।

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मुंशी, मौलवी और आलिम परीक्षा का महत्व
मुंशी/मौलवी और आलिम परीक्षाएं मदरसा शिक्षा प्रणाली की रीढ़ मानी जाती हैं। इन परीक्षाओं के माध्यम से छात्र फारसी और अरबी भाषा में शैक्षणिक दक्षता प्राप्त करते हैं, जो उच्च शिक्षा, धार्मिक अध्ययन और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में उपयोगी सिद्ध होती है। UP मदरसा बोर्ड परीक्षा 2026 के प्रमाण पत्र राज्य स्तर पर मान्य हैं और शैक्षणिक व व्यावसायिक अवसरों के द्वार खोलते हैं।

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पारदर्शिता और अनुशासन पर विशेष जोर
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा के दौरान अनुशासनहीनता या नकल पर शून्य सहनशीलता रहेगी। कक्ष निरीक्षक, केंद्र व्यवस्थापक और उड़न दस्तों को कड़े निर्देश दिए गए हैं। UP मदरसा बोर्ड परीक्षा 2026 को निष्पक्ष बनाने के लिए हर स्तर पर निगरानी की जाएगी और नियमों के उल्लंघन पर कठोर कार्रवाई होगी।
ऑनलाइन पोर्टल से मिलेगी जानकारी
परीक्षार्थी अपनी उपस्थिति और परीक्षा संबंधी जानकारी मदरसा बोर्ड पोर्टल के Student Corner में ऑनलाइन देख सकते हैं। यह सुविधा छात्रों और अभिभावकों के लिए पारदर्शिता और सुविधा दोनों सुनिश्चित करती है।

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परीक्षार्थियों के लिए जरूरी निर्देश
परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र पर कम से कम 30 मिनट पहले पहुंचने, प्रवेश पत्र और पहचान पत्र साथ रखने तथा अनुशासन का पालन करने की अपील की गई है। किसी भी प्रकार की अनुचित सामग्री ले जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अल्पसंख्यक शिक्षा को सशक्त करने की पहल
UP मदरसा बोर्ड परीक्षा 2026 का सफल आयोजन अल्पसंख्यक शिक्षा को सशक्त करने की दिशा में अहम कदम है। इससे छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ रोजगार और उच्च अध्ययन के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।

India-US Trade Deal: टैरिफ कटौती से रिश्तों को नई रफ्तार

India-US Trade Deal को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार देर रात बड़ा ऐलान किया। कई हफ्तों की अनिश्चितता के बाद भारत-अमेरिका ट्रेड डील को अंतिम रूप दिया गया है, जिसके तहत भारत पर लगाए गए भारी टैरिफ में बड़ी कटौती की गई है। अब यह शुल्क घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। इस फैसले को दोनों देशों के रिश्तों में एक अहम मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि दुनिया के दो बड़े लोकतंत्रों के बीच यह समझौता आपसी सहयोग को और मजबूत करेगा। उन्होंने इसे भारत-अमेरिका संबंधों के लिए सकारात्मक और दूरगामी प्रभाव वाला कदम बताया।

रूस से तेल खरीद पर टैरिफ विवाद खत्म

इससे पहले अमेरिका ने रूस से सस्ता कच्चा तेल खरीदने को लेकर भारत पर कुल 50 प्रतिशत तक का टैरिफ लगाया था। अब इस डील के बाद वह टैरिफ हटा दिया गया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर दावा किया कि भारत रूस से तेल की खरीद रोकने पर सहमत हो गया है।

हालांकि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आधिकारिक बयान में रूस से तेल खरीद को लेकर कोई सीधी टिप्पणी नहीं की। इस मुद्दे पर दोनों देशों की ओर से अलग-अलग संकेत मिलने के कारण स्थिति को लेकर अभी भी कुछ स्पष्टता का इंतजार किया जा रहा है।

India US Trade Deal की चार प्रमुख शर्तें

भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर सामने आई जानकारी के अनुसार, इस समझौते में चार अहम शर्तें शामिल हैं—

  1. भारतीय बाजार अमेरिकी उत्पादों के लिए और खुलेगा
    ट्रेड डील की शर्तों के मुताबिक भारत अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ और नॉन-टैरिफ बैरियर कम करेगा। इससे अमेरिकी कंपनियों के लिए भारतीय बाजार में प्रवेश और कारोबार करना आसान होगा।
  2. रूस से तेल खरीद पर लगाया गया अतिरिक्त टैरिफ हटेगा
    अमेरिका ने रूस से तेल खरीद को लेकर लगाए गए 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ को हटाने की बात कही है। हालांकि इस पर आधिकारिक स्तर पर अभी पूरी पुष्टि नहीं हुई है और अलग-अलग एजेंसियों से भिन्न जानकारी सामने आ रही है।
  3. यूक्रेन युद्ध से जोड़ा गया समझौता
  4. राष्ट्रपति ट्रंप ने इस डील को सीधे यूक्रेन युद्ध से जोड़ते हुए कहा कि रूस से तेल न खरीदने का दबाव मॉस्को पर पड़ेगा और इससे युद्ध खत्म करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत अमेरिका और संभवतः वेनेजुएला से अधिक तेल खरीदेगा।
  5. अमेरिकी उत्पादों की खरीद बढ़ाएगा भारत
  6. इस डील के तहत भारत अमेरिका से ऊर्जा, तकनीक, कृषि उत्पाद, कोयला, पेट्रोलियम, डिफेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, टेलीकॉम और एयरक्राफ्ट जैसे क्षेत्रों में खरीद बढ़ाएगा। इससे अमेरिकी निर्यात को बड़ा प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

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उद्योग जगत ने डील का किया स्वागत

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का भारतीय उद्योग जगत ने खुले दिल से स्वागत किया है। मंगलवार को देश के शीर्ष उद्योगपतियों ने कहा कि यह डील भारत की वृद्धि महत्वाकांक्षाओं को नई रफ्तार देगी और देश को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी विनिर्माण और नवाचार केंद्र बनाने में मदद करेगी।

भारती एंटरप्राइजेज के संस्थापक एवं चेयरमैन सुनील भारती मित्तल, आदित्य बिड़ला समूह के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला और महिंद्रा समूह के सीईओ अनीश शाह सहित कई दिग्गज उद्योगपतियों ने इसे ऐतिहासिक कदम बताया।

निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

महिंद्रा ग्रुप के सीईओ और प्रबंध निदेशक अनीश शाह ने कहा कि यह सौदा व्यापार और निवेश संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उनके मुताबिक यह समझौता भारत की मजबूत विकास यात्रा के साथ-साथ उसकी दीर्घकालिक आर्थिक महत्वाकांक्षाओं को भी ठोस समर्थन देगा।

वहीं सुनील भारती मित्तल ने कहा कि यह समझौता दोनों देशों के लिए बहुप्रतीक्षित और बेहद अहम उपलब्धि है। इससे निवेश और विकास के नए अवसर खुलेंगे और यह दिखाता है कि भारत वैश्विक व्यापार ढांचे के केंद्र में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

भारत-अमेरिका रिश्तों में नया अध्याय

India US Trade Deal को दोनों देशों के रिश्तों में नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है। टैरिफ में कटौती से भारतीय निर्यातकों को राहत मिलेगी, वहीं अमेरिकी कंपनियों को भारत जैसे बड़े बाजार में अधिक अवसर मिलेंगे।
कुल मिलाकर, यह डील न सिर्फ द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देगी, बल्कि ऊर्जा, रक्षा, तकनीक और विनिर्माण जैसे अहम क्षेत्रों में भारत-अमेरिका सहयोग को भी नई दिशा देगी।

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    US Trade Deal पर पीयूष गोयल का पलटवार, राहुल गांधी पर हमला

    US Trade Deal पर पीयूष गोयल का बड़ा बयान, बोले– भारत को सबसे अच्छी शर्तें मिलीं

    US Trade Deal: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिका के साथ हाल ही में हुई ट्रेड डील को भारत के लिए अब तक की सबसे अच्छी डील बताया है। उन्होंने कहा कि पड़ोसी देशों की तुलना में भारत को कहीं बेहतर शर्तें मिली हैं। यह बयान 2 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई फोन बातचीत और डील की आधिकारिक घोषणा के बाद आया है।

    पीयूष गोयल ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि उन्हें अर्थव्यवस्था की समझ नहीं है। उन्होंने कहा कि इस डील के तहत अमेरिका ने भारत पर लगने वाला टैरिफ 25% से घटाकर 18% कर दिया है, जो भारत-अमेरिका की मित्रता का परिणाम है और यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू हुआ है।

    “सदन में बेहद शर्मनाक नजारा देखा”

    पीयूष गोयल ने विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि सदन में जो कुछ हुआ, वह बेहद शर्मनाक था। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस और उसकी सहयोगी पार्टियों—टीएमसी, एसपी और डीएमके—ने स्पीकर की कुर्सी तक जाकर गलत व्यवहार किया। गोयल ने कहा कि विपक्ष देश की तरक्की से ज्यादा भ्रम फैलाने में लगा है।

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    पीएम मोदी की भूमिका पर क्या बोले गोयल

    गोयल ने बताया कि यह डील महीनों की बातचीत का नतीजा है, जिसमें कई जटिल मुद्दे शामिल थे। 50% रेसिप्रोकल टैरिफ सबसे बड़ी चुनौती थी। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के हितों को प्राथमिकता देते हुए यह समझौता कराया।

    उन्होंने कहा कि इस डील में कृषि, डेयरी, पशुपालन और किसानों के हितों की पूरी तरह रक्षा की गई है। इससे एमएसएमई, इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल, ज्वैलरी, मरीन सेक्टर को बड़ा फायदा होगा और लाखों लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर बनेंगे।

    राहुल गांधी ने क्या आरोप लगाए थे

    इससे पहले राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील में किसानों के हितों की अनदेखी की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों की मेहनत “बेच दी” और उन्हें संसद में बोलने नहीं दिया गया। राहुल गांधी ने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी डर के कारण विपक्ष की आवाज दबा रहे हैं।

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    WPL 2026 Eliminator Match Result: दिल्ली कैपिटल्स ने गुजरात जायंट्स को 7 विकेट से हराया

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    WPL 2026 Eliminator Match Result: वीमेंस प्रीमियर लीग 2026 (WPL 2026) के एलिमिनेटर मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गुजरात जायंट्स को 7 विकेट से हराकर फाइनल में जगह बना ली है। यह मुकाबला वडोदरा में खेला गया, जहां दिल्ली ने 26 गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया। अब WPL Final 2026 में दिल्ली कैपिटल्स का सामना रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू से होगा।

    गुजरात जायंट्स ने बनाया 168 रनों का स्कोर

    एलिमिनेटर मैच में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए गुजरात जायंट्स की टीम ने 20 ओवर में 168 रन बनाए। टीम की ओर से बेथ मूनी ने सबसे शानदार पारी खेलते हुए 51 गेंदों में 62 रन बनाए। उनके अलावा जॉर्जिया वेयरहैम ने 35 रनों का योगदान दिया।

    मैच के अंतिम ओवरों में काशवी गौतम ने 10 गेंदों में 18 रनों की तेजतर्रार कैमियो पारी खेली, लेकिन इसके बावजूद गुजरात की टीम बड़ा स्कोर खड़ा करने में सफल नहीं हो सकी और 168 रन पर ही सिमट गई।

    दिल्ली की विस्फोटक शुरुआत, जीत की मजबूत नींव

    169 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स की टीम को लिजेल ली और शेफाली वर्मा ने तूफानी शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने सिर्फ 7 ओवर में 89 रन जोड़ दिए और मुकाबले को पूरी तरह दिल्ली के पक्ष में मोड़ दिया।

    हालांकि दोनों बल्लेबाज जल्दी आउट हो गईं, लेकिन तब तक दिल्ली की जीत की नींव रखी जा चुकी थी।

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    जेमिमा रोड्रीग्स की कप्तानी पारी

    इसके बाद लॉरा वुल्वार्ट और कप्तान जेमिमा रोड्रीग्स ने पारी को संभालते हुए 68 रनों की अहम साझेदारी की। कप्तान रोड्रीग्स ने 23 गेंदों में 41 रनों की आक्रामक पारी खेलकर टीम को जीत के बेहद करीब पहुंचा दिया।
    रोड्रीग्स के आउट होने के बाद लॉरा वुल्वार्ट ने संयम बनाए रखा और 32 रन बनाकर नाबाद रहीं। दिल्ली कैपिटल्स ने 26 गेंद शेष रहते मुकाबला जीत लिया।

    WPL इतिहास में दिल्ली का अनोखा रिकॉर्ड

    दिल्ली कैपिटल्स ने इस जीत के साथ WPL इतिहास में चौथी बार फाइनल में प्रवेश किया है। यह दिल्ली की टीम के लिए एक बड़ा रिकॉर्ड है, क्योंकि अब तक वह चारों सीजन में फाइनल तक पहुंचने वाली पहली टीम बन गई है। हालांकि, अब तक दिल्ली एक बार भी WPL खिताब जीतने में सफल नहीं हो सकी है।
    इस बार टीम ने यह उपलब्धि जेमिमा रोड्रीग्स की कप्तानी में हासिल की है, जिससे फैंस को उम्मीद है कि 2026 में दिल्ली का चैंपियन बनने का सपना पूरा हो सकता है।

    अब WPL Final 2026 में होगा बड़ा मुकाबला

    अब 5 फरवरी 2026 को खेले जाने वाले WPL Final 2026 में दिल्ली कैपिटल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू आमने-सामने होंगी। दोनों टीमें शानदार फॉर्म में हैं, ऐसे में फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है।

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    प्राचीन भारतीय अभिलेख और मुद्राएं इतिहास लेखन की रीढ़: प्रो. विपुला दुबे

    प्राचीन भारतीय अभिलेख एवं मुद्राएं-अभिरुचि कार्यशाला: राष्ट्रीय व्याख्यान श्रृंखला का शुभारंभ

    गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर एवं प्राचीन इतिहास, पुरातत्व एवं संस्कृति विभाग, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में सात दिवसीय “प्राचीन भारतीय अभिलेख एवं मुद्राएं–अभिरुचि कार्यशाला” राष्ट्रीय व्याख्यान श्रृंखला का शुभारंभ प्राचीन इतिहास विभाग में हुआ।
    कार्यशाला का उद्घाटन मुख्य अतिथि एवं विषय विशेषज्ञ प्रो. विपुला दुबे, पूर्व विभागाध्यक्ष, प्राचीन इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग तथा विशिष्ट अतिथि प्रो. कीर्ति पाण्डेय, संकाय प्रमुख, कला संकाय ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया।
    उद्घाटन सत्र में प्रो. विपुला दुबे ने प्राचीन भारतीय अभिलेखों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि अभिलेख इतिहास परंपरा के संवाहक हैं। द्वितीय सत्र में उन्होंने अशोककालीन अभिलेखों से लेकर मध्यकाल तक अभिलेखों के विकसित स्वरूप पर रोचक व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि अभिलेखों के माध्यम से प्रशासनिक प्रक्रिया, सामाजिक संरचना और ऐतिहासिक चेतना की स्पष्ट जानकारी मिलती है। जेम्स प्रिन्सेप द्वारा 1837–38 ईस्वी में ब्राह्मी लिपि के उद्वाचन से भारत में अभिलेखीय इतिहास लेखन में क्रांतिकारी परिवर्तन आया। अभिलेखों के बिना इतिहास लेखन तार्किक और प्रमाणिक नहीं हो सकता।
    कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए प्रो. राजवंत राव ने कहा कि लेखन कला का आरंभ पूर्वांचल में हुआ, जिसके प्रमाण कौड़ीराम–सहगौरा तथा कपिलवस्तु–पिपरहवा से प्राप्त अभिलेख हैं। उन्होंने बताया कि प्राचीन भारतीय मुद्राएं इतिहास लेखन के अत्यंत प्रमाणिक स्रोत हैं और अभिलेख व मुद्राएं इतिहास संरचना की रीढ़ हैं। सात दिवसीय इस कार्यशाला में प्रतिभागियों को भारतीय अभिलेखों और मुद्राओं के विस्तृत इतिहास से परिचित कराया जाएगा।
    कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रो. प्रज्ञा चतुर्वेदी ने मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों का स्वागत किया। प्रो. कीर्ति पाण्डेय ने अपने उद्बोधन में कहा कि अभिलेख और मुद्राओं पर आधारित यह कार्यशाला शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।
    कार्यशाला संयोजक डॉ. यशवंत सिंह राठौर, उप निदेशक, राजकीय बौद्ध संग्रहालय ने सात दिवसीय कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि अभिलेखों एवं मुद्राओं के माध्यम से इतिहास लेखन सर्वाधिक प्रमाणिक होता है। कार्यशाला में अभिलेखों के प्रकार, लिपियों का विकास, मुद्राओं के विकास जैसे विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने जानकारी दी कि 04 फरवरी से 09 फरवरी 2026 तक कार्यशाला का शेष आयोजन प्रतिदिन पूर्वाह्न 11:30 बजे से राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर के यशोधरा सभागार में होगा।
    कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर गोरखपुर परिक्षेत्र के लगभग 80 प्रतिभागियों सहित प्रो. नन्दिता सिंह, प्रो. दिग्विजयनाथ मौर्य, प्रो. प्यारे लाल मिश्र, डॉ. विनोद कुमार, डॉ. मणिन्द्र यादव सहित अनेक शिक्षाविदों की उपस्थिति रही।

    गणेश जी की यह कथा हर युवा को क्यों पढ़नी चाहिए?

    प्रस्तावना
    एपिसोड 11 में हमने सीखा कि धैर्य ही सच्ची विजय का आधार है।अब एपिसोड 12 में भगवान गणेश की एक शास्त्रोक्त, गहन और आज के जीवन से सीधी जुड़ी कथा सामने आती है,जो यह सिखाती है कि सही समय पर लिया गया निर्णय व्यक्ति को ऊँचाइयों तक पहुँचा देता है।भगवान गणेश केवल विघ्नहर्ता ही नहीं,बल्कि निर्णय,बुद्धि और विवेक के अधिष्ठाता देव हैं।यह कथा पुराणों में वर्णित है और आज भी उतनी ही प्रासंगिक है।

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    निर्णय की शक्ति—शास्त्रोक्त कथा
    कथा का प्रारंभ
    एक समय की बात है,देवताओं और ऋषियों के बीच यह प्रश्न उठा कि ऐसा कौन-सा देव है जो हर कार्य के आरंभ में सबसे पहले पूज्य हो।यह प्रश्न केवल सम्मान का नहीं,बल्कि विवेक और निर्णय क्षमता का भी था।देवताओं ने भगवान शिव से इसका समाधान माँगा।शिवजी ने मुस्कराते हुए कहा—“जो सबसे श्रेष्ठ निर्णय ले सकेगा,वही प्रथम पूज्य होगा।”
    यह सुनकर सभी देवताओं में हलचल मच गई।कार्तिकेय अपने पराक्रम और वेग पर गर्व करते थे,जबकि गणेश जी अपने शांत स्वभाव और गहन बुद्धि के लिए प्रसिद्ध थे।

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    परीक्षा की घोषणा
    शिवजी ने घोषणा की—“जो भी पृथ्वी,आकाश और तीनों लोकों की परिक्रमा करके सबसे पहले लौट आएगा,वही प्रथम पूज्य कहलाएगा।”
    कार्तिकेय तुरंत अपने वाहन मयूर पर सवार होकर तीव्र गति से निकल पड़े।गणेश जी वहीं शांत बैठे रहे।देवताओं को लगा कि गणेश जी ने प्रतियोगिता में भाग ही नहीं लिया।
    गणेश जी का अद्भुत निर्णय
    गणेश जी ने सोचा—“शास्त्रों में माता-पिता को संपूर्ण सृष्टि के समान माना गया है।यदि मैं उनके चरणों की परिक्रमा कर लूँ,तो यह सम्पूर्ण ब्रह्मांड की परिक्रमा के समान होगी।”
    उन्होंने तुरंत अपने माता-पिता,भगवान शिव और माता पार्वती,की तीन बार परिक्रमा की और हाथ जोड़कर बैठ गए।
    यह निर्णय न तो जल्दबाजी का था और न ही अहंकार से भरा।यह शुद्ध विवेक और शास्त्रीय ज्ञान पर आधारित था।

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    परिणाम
    कुछ समय बाद कार्तिकेय थके हुए लौटे।उन्होंने देखा कि गणेश जी पहले से विराजमान हैं।जब शिवजी ने गणेश जी के निर्णय का रहस्य बताया,तो सभी देवता आश्चर्यचकित रह गए।शिवजी ने घोषणा की—“गणेश का निर्णय ही श्रेष्ठ है।इसीलिए वे प्रथम पूज्य होंगे।”
    यहीं से भगवान गणेश को ‘प्रथम पूज्य’ का स्थान प्राप्त हुआ।
    कथा से मिलने वाली शिक्षाएँ

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    1. निर्णय की शक्ति
      यह गणेश जी की शास्त्रोक्त कथा बताती है कि तेज गति से अधिक महत्त्वपूर्ण है सही दिशा में लिया गया निर्णय।आज के जीवन में भी जल्दबाजी अक्सर नुकसान देती है।
    2. शास्त्र और विवेक का संतुलन
      गणेश जी ने न केवल बुद्धि का प्रयोग किया,बल्कि शास्त्रीय मर्यादा का भी पालन किया।यही कारण है कि उनका निर्णय सर्वमान्य बना।
    3. अहंकार बनाम विनम्रता
      कार्तिकेय का पराक्रम प्रशंसनीय था,पर गणेश जी की विनम्रता और विवेक ने उन्हें विजयी बनाया।
      आज के जीवन में प्रासंगिकता
      आज का मनुष्य भी उसी दुविधा में है—तेजी या समझदारी।करियर,व्यापार,रिश्ते या समाज,हर जगह सही निर्णय ही सफलता की कुंजी है।भगवान गणेश की यह पुराण कथा हमें सिखाती है कि पहले सोचें,फिर कदम उठाएँ।
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    5. भगवान गणेश क्यों हैं निर्णय के देवता
      पुराणों में गणेश जी को ‘बुद्धिप्रिय’ कहा गया है।उनका बड़ा मस्तक व्यापक सोच का प्रतीक है,बड़े कान सुनने की क्षमता,और सूँड सूक्ष्म विश्लेषण का संकेत देती है।यही कारण है कि गणेश जी ज्ञान,विवेक और निर्णय शक्ति के देव माने जाते हैं।
      पूजा और साधना में संदेश
      गणेश पूजा का अर्थ केवल विघ्न दूर करना नहीं,बल्कि भीतर के भ्रम को समाप्त करना भी है।जब व्यक्ति निर्णय लेने से पहले गणेश जी का स्मरण करता है,तो उसका मन स्थिर और स्पष्ट हो जाता है।
      निष्कर्ष
      एपिसोड 12 की यह गणेश जी शास्त्रोक्त कथा हमें स्पष्ट संदेश देती है—सही निर्णय,धैर्य और विवेक से लिया गया हो,तो वही जीवन की सबसे बड़ी जीत है।भगवान गणेश का मार्ग आज भी हर युग में उतना ही उपयोगी है।

    भोपाल में 11वीं की छात्रा से दुष्कर्म आरोपी की कोर्ट में पेशी के दौरान पिटाई, वीडियो वायरल

    1मध्य प्रदेश/भोपाल (राष्ट्र की परम्परा)। भोपाल जिले में 11वीं कक्षा की छात्रा से दुष्कर्म के आरोपी की अदालत में पेशी के दौरान हुई घटना ने न्यायिक प्रक्रिया और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 3 फरवरी को जब पुलिस आरोपी को दो दिन की रिमांड पूरी होने के बाद जिला अदालत में पेश करने लेकर पहुंची, उसी दौरान कोर्ट परिसर में अप्रत्याशित हंगामा हो गया। पेशी के समय वकीलों के एक समूह ने आरोपी को घेर लिया और उसके साथ मारपीट की, जिससे पूरे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें आरोपी को घेरकर पीटा जाता देखा जा सकता है। वीडियो सामने आने के बाद यह मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है और न्यायिक सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बहस शुरू हो गई है।

    क्या है पूरा मामला

    पुलिस के अनुसार, आरोपी पर आरोप है कि उसने 11वीं कक्षा की छात्रा को जबरदस्ती कार में बैठाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इतना ही नहीं, आरोपी ने पीड़िता का वीडियो भी बनाया और बाद में उसे ब्लैकमेल करने की कोशिश की। जानकारी के मुताबिक, आरोपी ने छात्रा को धर्म परिवर्तन कराने की धमकी भी दी थी। इस गंभीर मामले में पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर दो दिन की रिमांड पर लिया था ताकि जांच से जुड़े अहम पहलुओं को खंगाला जा सके और सबूत सुरक्षित किए जा सकें।

    रिमांड पूरी होने के बाद 3 फरवरी को आरोपी को जिला अदालत में पेश किया गया, लेकिन इसी दौरान हालात बेकाबू हो गए।

    अदालत परिसर में कैसे बिगड़ी स्थिति

    जैसे ही आरोपी को अदालत परिसर में लाया गया, वहां मौजूद कुछ वकीलों ने उसे घेर लिया। देखते ही देखते स्थिति हिंसक हो गई और आरोपी के साथ मारपीट शुरू हो गई। अचानक हुए इस घटनाक्रम से कोर्ट परिसर में हड़कंप मच गया। पुलिस ने आरोपी को बचाने और हालात पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन भीड़ और आक्रोश के कारण स्थिति संभालना आसान नहीं रहा।
    इस दौरान पुलिस और वकीलों के बीच तीखी बहस भी हुई, जिसका वीडियो भी सामने आया है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह पुलिस आरोपी को भीड़ से निकालने की कोशिश कर रही है और माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।

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    पहले से थी तैयारी या अचानक फूटा गुस्सा?

    इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या वकीलों ने पहले से ही आरोपी के साथ मारपीट की योजना बना रखी थी या फिर यह गुस्सा अचानक फूट पड़ा। पेशी के दौरान जिस तरह से आरोपी को घेरा गया, उसने कई तरह की आशंकाओं को जन्म दिया है। हालांकि इस पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

    न्यायिक अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए घटना पर संज्ञान लिया है और कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर समीक्षा की जा रही है। अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए जाने की बात भी कही जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

    न्यायिक प्रक्रिया पर उठे सवाल

    इस पूरे घटनाक्रम ने न्यायिक प्रक्रिया की निष्पक्षता और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कानून के तहत आरोपी दोषी साबित होने तक निर्दोष माना जाता है और उसे अदालत में सुरक्षित पेश करना प्रशासन की जिम्मेदारी होती है। कोर्ट परिसर में हुई इस मारपीट ने यह बहस छेड़ दी है कि क्या न्यायिक स्थानों पर सुरक्षा पर्याप्त है और क्या कानून अपने तय दायरे में रहकर काम कर पा रहा है।

    रिमांड पर है आरोपी, जांच जारी

    घटना के बाद आरोपी को अदालत द्वारा निर्धारित रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच पूरी गंभीरता से की जा रही है और सभी साक्ष्यों को सुरक्षित किया जा रहा है। साथ ही, पीड़िता की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।

    पुलिस और न्यायालय दोनों ने स्पष्ट किया है कि आरोपी के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी और मामले को किसी भी दबाव या भावनात्मक माहौल से प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।

    यह घटना न सिर्फ एक गंभीर आपराधिक मामले की ओर इशारा करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कानून और व्यवस्था को बनाए रखने के लिए न्यायिक परिसरों में सुरक्षा और अनुशासन कितना जरूरी है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो ने इस पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है, जिस पर प्रशासन और न्यायिक तंत्र की अगली कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।

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    मुंबई एयरपोर्ट पर एयर इंडिया–इंडिगो विमान के पंख टकराए

    मुंबई (राष्ट्र की परम्परा)। मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर मंगलवार को एक गंभीर विमान हादसा टल गया, जब एयर इंडिया और इंडिगो के दो विमानों के पंख आपस में टकरा गए। यह घटना उस समय हुई जब एयर इंडिया का विमान रनवे से पुशबैक कर रहा था और उसी दौरान लैंडिंग के बाद टैक्सी कर रहा इंडिगो का विमान उसके बेहद करीब आ गया। टक्कर के बाद सुरक्षा कारणों से दोनों विमानों को ग्राउंड कर दिया गया है। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है।

    घटना के बाद कुछ समय के लिए एयरपोर्ट ऑपरेशंस प्रभावित रहे। मामले की जानकारी मिलते ही डीजीसीए (DGCA) के अधिकारी मौके पर पहुंच गए और जांच शुरू कर दी गई है।

    DGCA के अधिकारी मौके पर, जांच जारी

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, एयर इंडिया की फ्लाइट AI2732 (A320, VT-TYF) उड़ान भरने के लिए C1 से M4 की ओर टैक्सी कर रही थी। उसी समय इंडिगो का A320 विमान (VT-IFV) लैंडिंग के बाद B1 टैक्सीवे से जुड़ रहा था। इसी दौरान दोनों विमानों के दाहिने पंखों के सिरे आपस में टकरा गए।

    घटना की सूचना मिलते ही DGCA के मुंबई कार्यालय के अधिकारी मौके पर पहुंचे और सुरक्षा मानकों के तहत जांच प्रक्रिया शुरू की गई।

    कैसे हुआ हादसा

    एयर इंडिया की फ्लाइट AI 2732 मुंबई से कोयंबटूर के लिए टेक-ऑफ से पहले पुशबैक की प्रक्रिया में थी। उसी दौरान इंडिगो की फ्लाइट 6E 791, जो हैदराबाद से मुंबई पहुंची थी, लैंडिंग के बाद टैक्सी कर रही थी। टैक्सीवे पर दोनों विमानों के बीच आवश्यक दूरी न बन पाने के कारण उनके पंखों के सिरे टकरा गए।

    एयर इंडिया ने अपने बयान में कहा कि दोनों विमानों के पंखों के सिरे आपस में छू गए, जिससे उनके विमान के पंख को नुकसान पहुंचा। इसके बाद यात्रियों को सुरक्षित रूप से विमान से उतार लिया गया और उन्हें गंतव्य तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।

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    इंडिगो और एयर इंडिया का बयान

    इंडिगो की ओर से जारी बयान में कहा गया कि 3 फरवरी 2026 को हैदराबाद से मुंबई आने वाली उनकी फ्लाइट 6E 791 लैंडिंग के बाद टैक्सी करते समय दूसरी एयरलाइन के विमान से टकरा गई। सभी यात्री सुरक्षित हैं और पार्किंग के बाद विमान से उतर गए हैं। एयरक्राफ्ट का मेंटेनेंस इंस्पेक्शन किया जा रहा है और तय प्रोटोकॉल के अनुसार संबंधित अधिकारियों को तुरंत सूचित कर दिया गया है।

    वहीं, एयर इंडिया ने भी स्पष्ट किया कि सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए दोनों विमानों को ग्राउंड कर दिया गया है और मामले की जांच में पूरा सहयोग किया जा रहा है।

    यात्रियों की सुरक्षा प्राथमिकता

    इस घटना के बाद एयरपोर्ट पर सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत तत्काल कार्रवाई की गई। यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए एयरलाइंस ने वैकल्पिक इंतजाम किए। DGCA की जांच के बाद ही विमानों को दोबारा संचालन की अनुमति दी जाएगी।

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    पीपे के पुल पर रेलिंग न होने से बढ़ा खतरा, सुरक्षा इंतजामों पर सवाल

    बरहज में बड़ा हादसा: साइकिल अनियंत्रित होकर सरयू नदी में गिरे युवक की तलाश जारी, दूसरे दिन भी SDRF जुटी नहीं मिला युवक

    बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। देवरिया जनपद के बरहज क्षेत्र में सोमवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हो गया। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का फॉर्म भरवाने के बाद गांव लौट रहे एक युवक की साइकिल अनियंत्रित होकर पीपे के पुल से सीधे सरयू नदी में जा गिरी। युवक साइकिल समेत नदी में डूब गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और प्रशासन को सूचना दी गई।
    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सोमवार दोपहर लगभग ढाई बजे परसिया देवार निवासी धरमु प्रसाद (35), पुत्र स्वर्गीय हरिराम प्रसाद, बरहज से अपने गांव की ओर साइकिल से जा रहे थे। जैसे ही वे पीपे के पुल पर पहुंचे, संतुलन बिगड़ने से उनकी साइकिल रेलिंग विहीन पुल से फिसलकर सरयू नदी में गिर गई। तेज धारा के कारण युवक देखते ही देखते पानी में समा गया।
    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया। सोमवार को स्थानीय गोताखोरों की मदद से काफी देर तक खोजबीन कराई गई, लेकिन युवक का कोई सुराग नहीं मिल सका। मंगलवार को SDRF की टीम को बुलाया गया। SDRF ने सघन तलाशी अभियान चलाते हुए नदी से युवक की साइकिल बरामद कर ली, लेकिन समाचार लिखे जाने तक युवक का पता नहीं चल पाया था। दूसरे दिन भी तलाश अभियान जारी रहा।
    घटना को लेकर इलाके में आक्रोश फैल गया। मंगलवार सुबह समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने सरयू नदी किनारे धरना-प्रदर्शन किया। सपा नेता विजय रावत और मुरली मनोहर जायसवाल के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने लोक निर्माण विभाग और ठेकेदार पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि पुल पर रेलिंग न लगाए जाने की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ है, जो सीधे तौर पर जिम्मेदारों की घोर उदासीनता को दर्शाता है।
    प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि दोषी ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए तथा पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। धरना-प्रदर्शन में पूर्व जिलाध्यक्ष गेना लाल यादव, विकास यादव, रामबाहाल यादव, ग्राम प्रधान ओमप्रकाश यादव, मंजनाथ यादव सहित बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे।
    स्थानीय लोगों का कहना है कि पीपे के पुल से पहले भी कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए। अब इस हादसे ने पुलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया है कि तलाश अभियान जारी रहेगा और मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

    दिल्ली में घना कोहरा बरकरार, अधिकतम तापमान 22.5°C, AQI ‘खराब’ श्रेणी में

    नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। राजधानी दिल्ली में मंगलवार (3 फरवरी) को दिनभर घना कोहरा छाया रहा। इस दौरान अधिकतम तापमान 22.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.2 डिग्री अधिक रहा। मौसम विभाग (IMD) ने बुधवार (4 फरवरी) के लिए भी घने कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, वायु गुणवत्ता लगातार खराब श्रेणी में बनी हुई है।

    IMD के अनुसार, दिल्ली के आधार केंद्र सफदरजंग वेधशाला पर न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पूरे दिन ठंडी हवाओं और कोहरे के कारण ठंड का अहसास बना रहा, जबकि दृश्यता में भी भारी गिरावट देखी गई।

    केंद्रवार तापमान का हाल

    केंद्रवार आंकड़ों के मुताबिक, पालम में अधिकतम तापमान 19.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से कम रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री सेल्सियस रहा।
    लोदी रोड पर अधिकतम तापमान 21.8 डिग्री और न्यूनतम 9.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
    रिज स्टेशन में अधिकतम तापमान 21.7 डिग्री और न्यूनतम 11.0 डिग्री सेल्सियस रहा।
    आयानगर में अधिकतम तापमान 21.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
    पिछले 24 घंटों के दौरान किसी भी स्टेशन पर बारिश दर्ज नहीं की गई।

    सुबह 100 मीटर तक सिमटी दृश्यता

    मौसम विभाग ने बताया कि मंगलवार सुबह पालम और सफदरजंग दोनों क्षेत्रों में दृश्यता घटकर महज 100 मीटर रह गई थी। बुधवार के लिए आईएमडी ने न्यूनतम तापमान 9 डिग्री और अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जताया है, साथ ही घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।

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    वायु गुणवत्ता बनी चिंता का कारण

    केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, मंगलवार को दिल्ली का 24 घंटे का औसत AQI 272 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है।

    समीर ऐप के आंकड़ों के मुताबिक, राजधानी में वायु गुणवत्ता असमान रही। 16 निगरानी केंद्रों पर AQI ‘खराब’, 16 पर ‘बहुत खराब’ और सात केंद्रों पर शाम के समय ‘मध्यम’ श्रेणी में दर्ज किया गया।

    CPCB के मानकों के अनुसार,

    • 0–50: अच्छा
    • 51–100: संतोषजनक
    • 101–200: मध्यम
    • 201–300: खराब
    • 301–400: बहुत खराब
    • 401–500: गंभीर

    5–6 फरवरी के बीच सुधर सकता है AQI

    वायु गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली के अनुसार, बुधवार को भी वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में रहने का अनुमान है। हालांकि, 5 से 6 फरवरी के बीच AQI में सुधार होने और इसके ‘मध्यम’ श्रेणी में पहुंचने की संभावना जताई गई है।
    मंगलवार सुबह नौ बजे शहर का AQI 256 दर्ज किया गया था। स्टेशनवार आंकड़ों के अनुसार, 19 स्टेशनों पर वायु गुणवत्ता ‘खराब’, 10 पर ‘अत्यंत खराब’ और 10 पर ‘मध्यम’ श्रेणी में रही।

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    कटरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 54 ग्राम स्मैक के साथ तस्कर गिरफ्तार, शाहजहांपुर में नशा तस्करी पर प्रहार

    शाहजहांपुर (राष्ट्र की परम्परा)।पुलिस अधीक्षक शाहजहांपुर के स्पष्ट निर्देशों के तहत जनपद में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे सघन अभियान को एक बड़ी सफलता मिली है। कटरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई में 54 ग्राम स्मैक के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय नशा तस्करों में हड़कंप मच गया है और पुलिस के सख्त रुख का स्पष्ट संदेश गया है।
    थाना कटरा पुलिस टीम ने नियमित गश्त और खुफिया सूचना के आधार पर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए आरोपी को पकड़ा। तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से 54 ग्राम स्मैक बरामद हुई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत काफी अधिक बताई जा रही है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मुजीब पुत्र (जानकारी अनुसार), निवासी नादिरशाह, थाना कटरा के रूप में हुई है।
    पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और उनकी भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है, ताकि नशा तस्करी की पूरी कड़ी को तोड़ा जा सके।

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    कटरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई केवल एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि नशा मुक्त समाज की दिशा में एक ठोस कदम है। पुलिस अधीक्षक ने टीम की तत्परता, समन्वय और पेशेवर कार्यशैली की सराहना की है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि भविष्य में भी इसी सख्ती और सतर्कता के साथ अभियान जारी रखा जाए, ताकि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाया जा सके।
    स्थानीय नागरिकों ने भी इस कार्रवाई की प्रशंसा की है। उनका कहना है कि नशा तस्करी पर प्रभावी रोक से क्षेत्र में सुरक्षा और सामाजिक शांति मजबूत होगी। पुलिस का मानना है कि जनसहयोग और सतत निगरानी से ही अवैध मादक पदार्थों के कारोबार को जड़ से खत्म किया जा सकता है।
    इस पूरे अभियान में तकनीकी इनपुट, स्थानीय सूचना तंत्र और त्वरित कार्रवाई की अहम भूमिका रही। कटरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई आने वाले समय में अन्य तस्करों के लिए कड़ा संदेश है कि कानून से बच पाना संभव नहीं। पुलिस प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

    मेगा शिविर से पहले कस्तूरबा विद्यालय किरावली में प्री मेगा विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन

    आगरा(राष्ट्र की परम्परा)जनपद में 22 फरवरी 2026 को प्रस्तावित वृहद विधिक साक्षरता एवं सेवा शिविर (मेगा शिविर) की तैयारियों के क्रम में मंगलवार को कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, किरावली (अछनेरा, आगरा) में प्री मेगा विधिक साक्षरता शिविर आगरा का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के दिशा-निर्देशों के अंतर्गत आयोजित हुआ।शिविर का आयोजन माननीय जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आगरा श्री संजय कुमार मलिक के मार्गदर्शन में किया गया।

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    कार्यक्रम की अध्यक्षता सचिव (पूर्णकालिक) जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आगरा विनीता सिंह-1 ने की।शिविर में नायब तहसीलदार सुश्री शुभ्रा अवस्थी ने कन्या सुमंगला योजना, वोटर कार्ड संशोधन एवं तहसील स्तर पर संचालि जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से डॉ. सुष्मिता ने सर्वाइकल कैंसर, टीकाकरण पंजीकरण, स्वास्थ्य परीक्षण तथा आयुष्मान भारत योजना पर विस्तृत जानकारी साझा की।महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रतिनिधि पूजा कुशवाहा ने गर्भवती महिलाओं को मिलने वाले पुष्टाहार एवं आर्थिक सहायता योजनाओं की जानकारी दी। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के देवेंद्र वर्मा ने राशन कार्ड और 60 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों के लिए आयुष्मान कार्ड पात्रता के बारे में बताया।शिविर के दौरान पात्र महिलाओं एवं बच्चों को पुष्टाहार सामग्री वितरित की गई। सचिव विनीता सिंह ने उपस्थित लोगों से योजनाओं का लाभ लेने हेतु जनसेवा केंद्र या संबंधित विभाग में पंजीकरण कराने की अपील की। साथ ही पराविधिक स्वयंसेवकों को मेगा शिविर के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए।

    बजट क्विज़ प्रतियोगिता 2026 का शुभारंभ, युवाओं को बजट से जोड़ने की अनूठी पहल

    आगरा(राष्ट्र की परम्परा)माई भारत (MY Bharat) युवा कार्यक्रम, खेल मंत्रालय भारत सरकार के तत्वावधान में केंद्रीय बजट 2026 पर आधारित बजट क्विज़ प्रतियोगिता 2026 का आयोजन जनपद आगरा सहित पूरे देश में किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य युवाओं को देश की बजट प्रक्रिया, आर्थिक नीतियों और वित्तीय प्रावधानों से जोड़ना है।इस अवसर पर माननीय विधायक छोटेलाल वर्मा एवं जिलाधिकारी श्री अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने बजट क्विज़ प्रतियोगिता 2026 के पोस्टर का विधिवत विमोचन किया। दोनों अतिथियों ने युवाओं से इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।जिला युवा अधिकारी डॉ. श्रवण कुमार सहगल ने जानकारी देते हुए बताया कि बजट क्विज़ प्रतियोगिता 2026 का मुख्य लक्ष्य केंद्रीय बजट को आम नागरिकों, विशेषकर युवाओं के लिए सरल, सुलभ और समझने योग्य बनाना है। यह पहल युवाओं को यह समझने में मदद करेगी कि बजट का सीधा प्रभाव उनके दैनिक जीवन, शिक्षा, रोजगार और विकास योजनाओं पर कैसे पड़ता है।प्रतियोगिता की शुरुआत 3 फरवरी 2026 से होगी और यह 17 फरवरी 2026 तक चलेगी। यह बहु-चरणीय प्रतियोगिता होगी, जिसमें पहले चरण में राष्ट्रीय स्तर पर ऑनलाइन क्विज़ आयोजित किया जाएगा। इसके बाद चयनित प्रतिभागी राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश स्तर पर निबंध प्रतियोगिता में भाग लेंगे।विशेष बात यह है कि राज्य और केंद्र शासित प्रदेश स्तर पर चयनित विजेताओं को केंद्रीय बजट 2026 पर माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वर्चुअल संवाद का अवसर मिलेगा। यह प्रतियोगिता MY Bharat पोर्टल पर पंजीकृत युवाओं के लिए खुली है।माई भारत की यह पहल युवाओं में वित्तीय साक्षरता बढ़ाने और उन्हें नीति निर्माण की प्रक्रिया से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

    4 फ़रवरी को जन्मे महान व्यक्ति: कला, राजनीति, संगीत और विज्ञान के इतिहास में अमर नाम

    ✍️ भूमिका
    भारत और विश्व इतिहास में कुछ तिथियां ऐसी होती हैं, जिनका महत्व केवल कैलेंडर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वे महान व्यक्तित्वों की जन्मस्थली बन जाती हैं। 4 फ़रवरी को जन्मे व्यक्ति इसी श्रेणी में आते हैं। इस दिन जन्म लेने वाले लोगों ने संगीत, नृत्य, राजनीति, विज्ञान, साहित्य और सिनेमा जैसे विविध क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देकर समाज और संस्कृति को नई दिशा दी।
    यह लेख 4 फ़रवरी को जन्मे महान व्यक्तियों का इतिहास विस्तार से प्रस्तुत करता है, जिससे पाठक न केवल उनके जीवन से परिचित होंगे, बल्कि प्रेरणा भी प्राप्त करेंगे।

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    🌟 4 फ़रवरी को जन्मे महान व्यक्तियों का विस्तृत इतिहास
    🎼 पंडित भीमसेन जोशी (1922 – 2011)
    भारतीय शास्त्रीय संगीत के आकाश में पंडित भीमसेन जोशी एक ऐसा नक्षत्र हैं, जिनकी आवाज़ आज भी रागों में जीवित है। वे किराना घराने के प्रमुख गायक थे। उनकी गायकी में भक्ति, साधना और आत्मा की गहराई झलकती थी।
    उन्होंने खयाल गायकी को जन-जन तक पहुंचाया। उनके योगदान के लिए उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया। 4 फ़रवरी को जन्मे व्यक्ति में पंडित भीमसेन जोशी का नाम संगीत प्रेमियों के लिए श्रद्धा का विषय है।
    💃 पंडित बिरजू महाराज (1938 – 2022)
    कथक नृत्य को अंतरराष्ट्रीय मंच दिलाने वाले पंडित बिरजू महाराज भारतीय शास्त्रीय नृत्य की आत्मा थे। उनकी प्रस्तुति में भाव, लय और कथावाचन का अद्भुत संगम देखने को मिलता था।
    उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा को जीवित रखा और कथक को नई पीढ़ी से जोड़ा। 4 फ़रवरी को जन्मे महान व्यक्तियों में उनका योगदान नृत्य जगत के लिए अमूल्य है।

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    🩰 पद्मा सुब्रह्मण्यम (जन्म 1943)
    भरतनाट्यम की महान नृत्यांगना पद्मा सुब्रह्मण्यम ने नृत्य को केवल कला नहीं, बल्कि शोध और दर्शन का माध्यम बनाया। उन्होंने करणा मूवमेंट्स पर गहन अध्ययन किया और शास्त्रीय नृत्य को अकादमिक मजबूती दी।
    4 फ़रवरी को जन्मे व्यक्ति में वे भारतीय संस्कृति की जीवंत प्रतिनिधि हैं।
    🎭 उर्मिला मातोंडकर (जन्म 1974)
    भारतीय सिनेमा की बहुमुखी अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर ने व्यावसायिक और समानांतर सिनेमा दोनों में सशक्त भूमिकाएं निभाईं। उनके अभिनय में संवेदनशीलता और गहराई देखने को मिलती है।
    वे फिल्म इंडस्ट्री के साथ-साथ सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में भी सक्रिय रही हैं।

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    🖋️ मख़दूम मोहिउद्दीन (1908 – 1969)
    प्रसिद्ध क्रांतिकारी शायर मख़दूम मोहिउद्दीन की शायरी सामाजिक न्याय, संघर्ष और क्रांति की आवाज़ थी। उनकी रचनाओं में आम आदमी की पीड़ा और उम्मीद दोनों झलकती हैं।
    4 फ़रवरी को जन्मे महान व्यक्तियों में उनका स्थान साहित्य और विचारधारा के स्तर पर अत्यंत महत्वपूर्ण है।
    🏛️ एम. ए. अय्यंगार (1891 – 1978)
    भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी और लोकसभा अध्यक्ष रहे एम. ए. अय्यंगार ने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा में अहम भूमिका निभाई। संसदीय परंपराओं को सुदृढ़ करने में उनका योगदान ऐतिहासिक है।
    🧠 कनक साहा (जन्म 1977)
    खगोल भौतिकी और खगोल विज्ञान के क्षेत्र में प्रसिद्ध विद्वान कनक साहा ने ब्रह्मांड और तारकीय संरचनाओं पर उल्लेखनीय शोध किया। वे आधुनिक भारत के वैज्ञानिक गौरव हैं।

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    🌍 क्लिमेंट वोरोशिलोव (1881 – 1969)
    सोवियत संघ के राष्ट्रपति रहे क्लिमेंट वोरोशिलोव वैश्विक राजनीति के प्रभावशाली व्यक्तित्वों में से एक थे। उनका योगदान अंतरराष्ट्रीय इतिहास में दर्ज है।
    🏛️ कृष्ण पाल गुर्जर (जन्म 1957)
    भारत की सोलहवीं लोकसभा के सांसद कृष्ण पाल गुर्जर ने संसदीय राजनीति और सामाजिक विकास में सक्रिय भूमिका निभाई है।
    🔍 4 फ़रवरी का ऐतिहासिक महत्व
    4 फ़रवरी को जन्मे व्यक्ति यह सिद्ध करते हैं कि
    यह दिन केवल एक तारीख नहीं, बल्कि प्रतिभा, साधना और नेतृत्व का प्रतीक है। कला से लेकर विज्ञान तक, इस दिन जन्मे महान लोगों ने समाज को दिशा दी।
    🧠 निष्कर्ष
    4 फ़रवरी को जन्मे महान व्यक्तियों का इतिहास हमें यह सिखाता है कि निरंतर अभ्यास, समर्पण और उद्देश्य से किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त की जा सकती है। इन विभूतियों का जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत है।

    4 फ़रवरी को हुए ऐतिहासिक निधन: भारत के अमर व्यक्तित्व जिन्होंने इतिहास रचा

    प्रस्तावना
    भारतीय इतिहास केवल जन्मतिथियों से नहीं, बल्कि उन महान व्यक्तित्वों के निधन दिवसों से भी आकार लेता है, जिन्होंने अपने जीवन से देश, समाज, विज्ञान, कला, संगीत और खेल जगत को नई दिशा दी।
    4 फ़रवरी को हुए निधन ऐसे ही महान लोगों की स्मृति से जुड़ा दिन है। यह तिथि हमें याद दिलाती है कि भले ही ये लोग शारीरिक रूप से हमारे बीच न हों, लेकिन उनका योगदान आज भी जीवित है।
    इस लेख में हम 4 फ़रवरी को हुए प्रमुख ऐतिहासिक निधन को विस्तार से, सरल भाषा में और प्रमाणिक रूप से प्रस्तुत कर रहे हैं, ताकि पाठक न सिर्फ जानकारी पाए, बल्कि प्रेरणा भी ले सके।

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    वाणी जयराम (निधन: 4 फ़रवरी 2023)
    प्रसिद्ध भारतीय पार्श्वगायिका वाणी जयराम को “आधुनिक भारत की मीरा” कहा जाता है। उन्होंने हिंदी, तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़, मराठी और बंगाली सहित कई भाषाओं में हज़ारों गीत गाए।
    भक्ति संगीत, शास्त्रीय रचनाएँ और फिल्मी गीत — तीनों में उनका योगदान अतुलनीय रहा।
    वाणी जयराम का निधन 4 फ़रवरी को हुए निधन की सूची में भारतीय संगीत के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जाता है।
    द्विजेंद्र नारायण झा (निधन: 4 फ़रवरी 2021)
    द्विजेंद्र नारायण झा प्राचीन और मध्यकालीन भारतीय इतिहास के अग्रणी विद्वान थे।
    उन्होंने भारतीय इतिहास को तर्क, शोध और अकादमिक दृष्टि से समझने की नई परंपरा विकसित की।
    4 फ़रवरी को हुए ऐतिहासिक निधन में उनका नाम भारतीय बौद्धिक जगत के लिए विशेष महत्व रखता है।

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    विकास शर्मा (निधन: 4 फ़रवरी 2021)
    विकास शर्मा भारतीय समाचार चैनल रिपब्लिक भारत टीवी के लोकप्रिय एंकर थे।
    उनकी तेज़, तथ्यपरक और प्रभावशाली पत्रकारिता ने उन्हें दर्शकों के बीच पहचान दिलाई।
    4 फ़रवरी को हुए निधन में उनका जाना भारतीय मीडिया जगत के लिए एक बड़ा झटका था।
    भगवान दादा (निधन: 4 फ़रवरी 2002)
    भगवान दादा हिंदी सिनेमा के शुरुआती दौर के प्रसिद्ध अभिनेता, निर्माता और निर्देशक थे।
    उन्होंने सामाजिक विषयों पर आधारित फिल्मों से सिनेमा को नई दिशा दी।
    4 फ़रवरी को हुए ऐतिहासिक निधन में उनका नाम भारतीय फिल्म इतिहास में सम्मान से लिया जाता है।

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    पंकज रॉय (निधन: 4 फ़रवरी 2001)
    पंकज रॉय भारतीय क्रिकेट के महान बल्लेबाज़ों में गिने जाते हैं।
    उन्होंने भारतीय क्रिकेट को तकनीकी मजबूती और अनुशासन सिखाया।
    4 फ़रवरी को हुए निधन में उनका योगदान भारतीय खेल इतिहास का अहम अध्याय है।
    दौलत सिंह कोठारी (निधन: 4 फ़रवरी 1993)
    दौलत सिंह कोठारी भारत के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक और रक्षा विज्ञान सलाहकार रहे।
    उन्होंने वैज्ञानिक अनुसंधान और शिक्षा प्रणाली को आधुनिक रूप देने में अहम भूमिका निभाई।
    4 फ़रवरी को हुए ऐतिहासिक निधन में उनका स्थान विज्ञान और नीति दोनों क्षेत्रों में विशेष है।
    सत्येन्द्र नाथ बोस (निधन: 4 फ़रवरी 1974)
    सत्येन्द्र नाथ बोस विश्वविख्यात गणितज्ञ और भौतिक वैज्ञानिक थे।
    बोस-आइंस्टीन सिद्धांत और बोसॉन कण उनके नाम पर ही रखे गए।
    4 फ़रवरी को हुए निधन का यह नाम भारतीय विज्ञान का गौरव है।
    हमीदुल्लाह ख़ान (निधन: 4 फ़रवरी 1960)
    हमीदुल्लाह ख़ान भोपाल रियासत के अंतिम नवाब थे।
    उनका शासनकाल राजनीतिक संक्रमण और सामाजिक बदलाव का साक्षी रहा।
    4 फ़रवरी को हुए ऐतिहासिक निधन में उनका उल्लेख भारतीय रियासती इतिहास से जुड़ा है।

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    इतिहास में 4 फ़रवरी का महत्व
    4 फ़रवरी को हुए निधन यह दर्शाते हैं कि भारत ने हर क्षेत्र में ऐसे व्यक्तित्व दिए, जिन्होंने देश की पहचान वैश्विक स्तर पर बनाई।
    संगीत से विज्ञान, पत्रकारिता से क्रिकेट और इतिहास से सिनेमा — यह तिथि विविधता और योगदान की मिसाल है।
    निष्कर्ष
    4 फ़रवरी को हुए ऐतिहासिक निधन हमें यह सिखाते हैं कि जीवन की सार्थकता पद या प्रसिद्धि में नहीं, बल्कि समाज के लिए किए गए योगदान में होती है।
    इन महान आत्माओं को स्मरण करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।