Tuesday, May 5, 2026
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सामूहिक विवाह का भव्य आयोजन, गरीब परिवारों को मिला सरकारी सहारा

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)l आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना देवरिया के अंतर्गत बुधवार को जनपद देवरिया में एक भव्य सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में कुल 80 जोड़ों का विवाह विधि-विधान के साथ सम्पन्न कराया गया, जिसमें 73 हिंदू एवं 07 मुस्लिम जोड़े शामिल रहे।
यह आयोजन शहर के प्रमुख स्थल प्रिंस पैलेस, कोटवा चौराहा, कसया रोड पर संपन्न हुआ, जहां बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और आम नागरिक उपस्थित रहे। समारोह का माहौल उत्सवपूर्ण रहा और नवविवाहित जोड़ों के चेहरों पर खुशियां साफ झलकती रहीं।
मुख्य अतिथि एवं गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक रामपुर कारखाना सुरेन्द्र चौरसिया रहे। उनके साथ परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, उपायुक्त मनरेगा सतीश राव, पुरुषोत्तम पाण्डेय मंडल उपाध्यक्ष, गौतम सिंह मंडल महामंत्री, प्रकाश पाण्डेय मंडल अध्यक्ष रामपुर कारखाना, नीरज श्रीवास्तव वरिष्ठ भाजपा नेता, जिला समाज कल्याण अधिकारी, संबंधित खंड विकास अधिकारी सहित शहर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
अतिथियों ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल और सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना देवरिया समाज में समानता, सम्मान और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने की दिशा में एक सशक्त पहल है।

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सामाजिक कुरीतियों पर प्रभावी प्रहार
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि यह योजना न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती है, बल्कि दहेज जैसी सामाजिक कुरीतियों पर भी प्रभावी प्रहार करती है। सामूहिक विवाह के माध्यम से विवाह को सादगीपूर्ण, सम्मानजनक और खर्चरहित बनाया जा रहा है, जिससे गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ता।
योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता
जिला समाज कल्याण अधिकारी सुधीर पाण्डेय ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना देवरिया के अंतर्गत प्रत्येक जोड़े पर कुल 1 लाख रुपये व्यय किए जाने का प्रावधान है। इसमें—
60 हजार रुपये कन्या के बैंक खाते में सीधे डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित किए जाते हैं।
25 हजार रुपये की उपहार सामग्री नवविवाहित जोड़े को प्रदान की जाती है।
15 हजार रुपये आयोजन, व्यवस्थाओं और समारोह पर खर्च किए जाते हैं।
उन्होंने बताया कि यह योजना पारदर्शिता और लाभार्थियों की गरिमा को ध्यान में रखते हुए संचालित की जा रही है।
6 फरवरी को होगा और भी बड़ा आयोजन
जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि जनपद देवरिया में 06 फरवरी 2026 को उत्सव लॉन, मेन रोड, सलेमपुर में एक और भव्य सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया जाएगा, जिसमें 151 जोड़ों का विवाह सम्पन्न कराया जाएगा।
इस कार्यक्रम में विकास खंड सलेमपुर, लार, बनकटा, भाटपाररानी, बरहज, भागलपुर के साथ-साथ नगर पालिका एवं नगर पंचायत सलेमपुर, लार, भाटपाररानी, गौरा और बरहज क्षेत्र के पात्र जोड़े शामिल होंगे।
गरीब परिवारों के लिए वरदान बनी योजना
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना देवरिया गरीब, असहाय और जरूरतमंद परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यह योजना न केवल बेटियों के विवाह में आर्थिक सहयोग प्रदान करती है, बल्कि समाज में बेटियों के सम्मान और सुरक्षा का संदेश भी देती है।
लाभार्थी परिवारों ने सरकार और प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना के बिना उनके लिए विवाह जैसे बड़े सामाजिक दायित्व को निभा पाना कठिन होता।
प्रशासन की बेहतर व्यवस्थाएं
सामूहिक विवाह समारोह में सुरक्षा, भोजन, बैठने, सजावट और धार्मिक विधि-विधान की बेहतर व्यवस्थाएं की गई थीं। सभी जोड़ों का विवाह उनके धर्म और रीति-रिवाज के अनुसार सम्पन्न कराया गया। आयोजन स्थल पर प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रिय मौजूदगी रही, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न हुआ।
समाज में सकारात्मक संदेश
यह आयोजन समाज में यह संदेश देता है कि सरकार गरीब और जरूरतमंद वर्ग के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना देवरिया सामाजिक समरसता, समान अवसर और सम्मानजनक जीवन की दिशा में एक मजबूत कदम है, जो आने वाले समय में और अधिक परिवारों के जीवन को खुशहाल बनाएगा।

यातायात सुरक्षा के लिए प्रभादेवी शिक्षण संस्थान की भव्य जन-जागरूकता महारैली

यातायात नियम हमारे रक्षक हैं, दुश्मन नहीं- महारैली में गूंजा संदेश

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। प्रभादेवी शिक्षण संस्थान द्वारा जिला मुख्यालय खलीलाबाद में यातायात सुरक्षा एवं जन-जागरूकता को लेकर एक भव्य महारैली का आयोजन किया गया, जिसमें स्नातक व स्नातकोत्तर कला, विज्ञान, वाणिज्य वर्ग, विधि संकाय तथा प्रभावती सुपर केयर हॉस्पिटल के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। महारैली का शुभारंभ एआरटीओ प्रियंवदा सिंह, सीओ यातायात प्रियम राजशेखर पाण्डेय, संस्थान के अध्यक्ष विनय कुमार चतुर्वेदी तथा प्रबंध निदेशिका पुष्पा चतुर्वेदी द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया।
रैली अपने निर्धारित समय प्रातः 10 बजे मोती चौराहा से प्रारंभ होकर गोला बाजार, समय माता मंदिर होते हुए मेहदावल बाईपास तक निकाली गई। पैदल मार्च के दौरान छात्र-छात्राएं पूरे उत्साह के साथ यातायात नियमों से जुड़े नारे लगाते नजर आए। तख्तियों पर लिखे ट्रैफिक स्लोगन और ट्रॉली पर सजी आकर्षक झांकियों के माध्यम से सड़क सुरक्षा का संदेश प्रभावी ढंग से आमजन तक पहुंचाया गया।

महारैली को संबोधित करते हुए एआरटीओ प्रियंवदा सिंह ने कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि समाज सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर है। सड़क सुरक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि उनका पहला और सबसे बड़ा लक्ष्य सड़क दुर्घटनाओं को शून्य करना है, क्योंकि सड़क सुरक्षा ही जीवन की सुरक्षा है।
सीओ यातायात प्रियम राजशेखर पाण्डेय ने कहा कि यातायात जागरूकता रैली के माध्यम से हर नागरिक को यह संदेश दिया जा रहा है कि यातायात नियमों की अनदेखी स्वयं और दूसरों की जान के लिए खतरा बन सकती है। यह रैली केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि यह याद दिलाने का प्रयास है कि घर पर कोई हमारा इंतजार कर रहा है। उन्होंने वर्ष 2026 को दुर्घटना-मुक्त बनाने के लक्ष्य को भी दोहराया।

संस्थान की प्रबंध निदेशिका पुष्पा चतुर्वेदी ने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल एक रैली नहीं, बल्कि जीवन को सुरक्षित बनाने का सामूहिक संकल्प है। सड़क पर की गई छोटी-सी लापरवाही और एक पल की जल्दबाजी पूरे परिवार को जीवनभर का दुख दे सकती है। उन्होंने कहा कि यातायात नियम हमारे दुश्मन नहीं, बल्कि हमारे रक्षक हैं और इनका पालन करना प्रत्येक नागरिक के लिए अनिवार्य है।

औरैया में गौशाला की लापरवाही उजागर, जिलाधिकारी ने लिया सख्त एक्शन

औरैया,(राष्ट्र की परम्परा)l जनपद औरैया के ब्लॉक एरवाकटरा स्थित ग्राम बीबीपुर की गौशाला में मृत गोवंशों से संबंधित सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो का जिलाधिकारी डा. इन्द्रमणि त्रिपाठी ने गंभीरता से संज्ञान लिया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल उप जिलाधिकारी बिधूना को स्थलीय निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति की जांच करने तथा विस्तृत आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जांच के दौरान सामने आई गंभीर अनियमितताओं ने औरैया गौशाला मामला को प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर उदाहरण बना दिया, जिसके बाद जिला प्रशासन ने दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की।
स्थलीय निरीक्षण में उजागर हुई चौंकाने वाली हकीकत
उप जिलाधिकारी बिधूना द्वारा गौशाला का निरीक्षण किए जाने पर पाया गया कि गौशाला परिसर में मृत गोवंशों का नियमानुसार अंतिम संस्कार नहीं किया गया था। यह स्थिति न केवल शासन के स्पष्ट निर्देशों का उल्लंघन थी, बल्कि मानवीय और धार्मिक दृष्टि से भी अत्यंत गंभीर मानी गई।
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि गौशाला में ठंड से बचाव हेतु समुचित प्रबंध नहीं किए गए थे। सर्द मौसम में गोवंशों के लिए आवश्यक संरक्षण उपायों की अनदेखी की गई, जिससे उनके बीमार पड़ने और मृत्यु की आशंका बढ़ गई।
चारे, साफ-सफाई और रख-रखाव में भारी कमी
जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि गौशाला में गोवंशों के प्रयोगार्थ पर्याप्त मात्रा में हरा चारा, भूसा एवं अन्य पोषक आहार की उपलब्धता नहीं थी। रख-रखाव की व्यवस्था भी अत्यंत खराब पाई गई।
इसके अतिरिक्त गौशाला परिसर में साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं थी। जगह-जगह गंदा पानी भरा हुआ पाया गया, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने की प्रबल संभावना व्यक्त की गई। यह स्थिति स्पष्ट रूप से यह दर्शाती है कि जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण और निगरानी नहीं की जा रही थी।
जिलाधिकारी की सख्त कार्रवाई, अधिकारियों पर गिरी गाज
औरैया गौशाला मामला में उप जिलाधिकारी बिधूना की जांच आख्या के आधार पर जिलाधिकारी डा. इन्द्रमणि त्रिपाठी ने तत्काल कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
संबंधित ग्राम के ग्राम विकास अधिकारी अनुज कुमार को गंभीर लापरवाही एवं कर्तव्यों के प्रति उदासीनता के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
विकास खण्ड एरवाकटरा के खण्ड विकास अधिकारी संजीव कुमार पाण्डेय को पर्यवेक्षणीय शिथिलता एवं पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने पर प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई।
पशु चिकित्साधिकारी एरवाकटरा डा. दिलीप कुमार को जिलाधिकारी द्वारा पूर्व में जारी आदेशों की अवहेलना एवं लापरवाही के आधार पर प्रतिकूल प्रविष्टि प्रदान की गई।
संबंधित ग्राम प्रधान को गौवंश संरक्षण स्थल के समुचित प्रबंधन और देख-रेख में लापरवाही पाए जाने पर उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
भविष्य में पुनरावृत्ति न हो, दिए गए सख्त निर्देश
जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति किसी भी दशा में स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को गौशालाओं के संचालन, निरीक्षण और देख-रेख में पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
तत्काल चिकित्सा सुविधा और शव निस्तारण
जिलाधिकारी के निर्देशन में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी द्वारा गौ आश्रय स्थल में संरक्षित गोवंशों को तत्काल चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराई गई। सभी गौवंशों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया, ताकि किसी भी बीमारी की समय रहते पहचान कर उपचार किया जा सके।
मृत गोवंशों का नियमानुसार एवं सम्मानजनक ढंग से शव निस्तारण भी करा दिया गया, जिससे भविष्य में किसी प्रकार की स्वास्थ्य या स्वच्छता संबंधी समस्या उत्पन्न न हो।
सभी गौ आश्रय स्थलों के नियमित निरीक्षण के निर्देश
प्रकरण से सबक लेते हुए जिलाधिकारी ने जनपद के सभी खण्ड विकास अधिकारियों एवं पशु चिकित्साधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में स्थित सभी गौ आश्रय स्थलों का नियमित निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि—
गोवंशों के लिए पर्याप्त चारा व पानी उपलब्ध हो
ठंड व गर्मी से बचाव के समुचित इंतजाम हों
साफ-सफाई की नियमित व्यवस्था हो
बीमार गोवंशों को समय पर चिकित्सीय सुविधा मिले
प्रशासन की सख्ती से मिला स्पष्ट संदेश
औरैया गौशाला मामला ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जिला प्रशासन गोवंश संरक्षण को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर त्वरित संज्ञान, जांच और कार्रवाई यह दर्शाती है कि प्रशासन जनभावनाओं और शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है।

बाल विवाह मुक्त भारत अभियान मऊ: स्कूलों में बच्चों

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मऊ।(राष्ट्र की परम्परा)
देश को बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति से मुक्त करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे बाल विवाह मुक्त भारत अभियान मऊ के अंतर्गत जनपद मऊ में 100 दिवसीय विशेष कार्यक्रम के तहत एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिलाधिकारी महोदय एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी महोदया के दिशा-निर्देश में महिला कल्याण विभाग द्वारा दिनांक 04 फरवरी 2026 को चन्द्रा पब्लिक स्कूल, मऊ में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर महिला कल्याण विभाग के हब फॉर इंपॉवरमेंट ऑफ वूमेन की समस्त टीम द्वारा छात्र-छात्राओं को बाल विवाह के दुष्परिणामों, उससे जुड़े कानूनों एवं सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य किशोर-किशोरियों को जागरूक कर उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाना तथा समाज में बाल विवाह के विरुद्ध मजबूत जन-आंदोलन तैयार करना रहा।
बाल विवाह कानूनन अपराध – बच्चों को दी गई स्पष्ट जानकारी
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित बाल कल्याण समिति की सदस्य/मजिस्ट्रेट श्रीमती अनीता सिंह यादव ने छात्र-छात्राओं को पॉक्सो अधिनियम एवं बाल विवाह निषेध कानून के बारे में सरल और स्पष्ट शब्दों में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यदि 18 वर्ष से कम आयु की लड़की या 21 वर्ष से कम आयु के लड़के का विवाह किया जाता है, तो वह बाल विवाह की श्रेणी में आता है, जो कानूनन गंभीर अपराध है।
उन्होंने बच्चों को बताया कि बाल विवाह कराने, उसमें सहयोग करने या उसे प्रोत्साहित करने वालों के खिलाफ 2 वर्ष का कठोर कारावास और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाए जाने का प्रावधान है। यह जानकारी छात्रों के लिए न केवल शिक्षाप्रद रही, बल्कि उन्हें अपने भविष्य को लेकर सजग बनाने वाली भी साबित हुई।
बाल विवाह रोकने में समाज की भूमिका पर जोर
श्रीमती अनीता सिंह यादव ने कहा कि बाल विवाह केवल एक कानूनी अपराध नहीं, बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य के साथ अन्याय है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से अपील की कि यदि उनके आसपास कहीं भी बाल विवाह होता दिखाई दे, तो वे चुप न रहें और तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर सूचना दें। समय पर दी गई सूचना से किसी बच्चे का भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है।
सरकारी योजनाओं की दी गई विस्तृत जानकारी
बाल विवाह मुक्त भारत अभियान मऊ के अंतर्गत बच्चों और किशोरियों को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई। महिला कल्याण विभाग की टीम ने बताया कि सरकार बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और भविष्य को सुरक्षित करने के लिए अनेक योजनाएं चला रही है, जिनमें प्रमुख रूप से—
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना
स्पॉन्सरशिप योजना
महिला हेल्पलाइन सेवा
वन स्टॉप सेंटर
इन योजनाओं के माध्यम से जरूरतमंद बच्चों और महिलाओं को आर्थिक सहायता, परामर्श, सुरक्षा और कानूनी सहयोग प्रदान किया जाता है।
‘बाल विवाह मुक्त भारत’ की दिलाई गई शपथ
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और कर्मचारियों को बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की शपथ दिलाई गई। शपथ के माध्यम से सभी ने यह संकल्प लिया कि वे स्वयं बाल विवाह नहीं करेंगे, न ही अपने आसपास किसी भी बाल विवाह को होने देंगे और आवश्यकता पड़ने पर इसकी सूचना संबंधित विभाग को देंगे।
विद्यालय परिसर में दिखा जागरूकता का सकारात्मक माहौल
चन्द्रा पब्लिक स्कूल परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान छात्रों में विशेष उत्साह और जिज्ञासा देखने को मिली। उन्होंने बाल विवाह, पॉक्सो एक्ट और सरकारी योजनाओं से संबंधित सवाल पूछे, जिनका महिला कल्याण विभाग की टीम द्वारा विस्तार से उत्तर दिया गया।
कार्यक्रम में रहे ये प्रमुख लोग उपस्थित
इस अवसर पर हब फॉर इंपॉवरमेंट ऑफ वूमेन टीम से—
जिला मिशन समन्वयक श्रीमती अर्चना राय
जेंडर स्पेशलिस्ट तृप्ति राय
जेंडर स्पेशलिस्ट राखी राय
एम.टी.एस. शाहबाज अली
सहित विद्यालय के प्रिंसिपल के. सी. पीटर, समस्त शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
बाल विवाह उन्मूलन की दिशा में मजबूत पहल
जनपद मऊ में चलाया जा रहा बाल विवाह मुक्त भारत अभियान मऊ समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक सशक्त प्रयास है। प्रशासन और महिला कल्याण विभाग का यह संयुक्त अभियान न केवल कानून की जानकारी दे रहा है, बल्कि बच्चों को आत्मविश्वासी और जागरूक नागरिक बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक समाज का हर वर्ग इस अभियान से नहीं जुड़ेगा, तब तक बाल विवाह जैसी कुप्रथा को पूरी तरह समाप्त करना संभव नहीं है। ऐसे में स्कूलों में आयोजित यह जागरूकता कार्यक्रम भविष्य की पीढ़ी को सुरक्षित और सशक्त बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है।

मृतक के परिजनों की मांगो को लेकर सपाइयो ने एस डी एम को सौपा ज्ञापन

बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
बुधवार को सैकड़ो की संख्या मे सपा कार्यकर्ताओ ने आमजनमानस के साथ सपा नेता विजय रावत एवं जिला पंचायत सदस्य राजेश यादव के नेतृत्व में, मोहन सेतु के निर्माण,कटान एवं मृतक के परिजनों की मांगो को लेकर परसिया देवार से पद यात्रा कर बरहज तहसील पहुँचकर एसडीएम विपिन कुमार द्विवेदी को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान पद यात्रा कर पीपे के पूल से गिरकर मृतक धरमू प्रसाद की माँ एवं पिता भी तहसील परिसर पहुँचे।
इस दौरान संबोधित करते हुए सपा नेता विजय रावत ने कहा कि यदि जल्द मोहन सेतु का निर्माण नहीं हुआ एवं परसिया देवार के कटान को रोकने का उपाय नहीं किया गया तो समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता आंदोलन को बाध्य होंगे।
समाजवादी युवजन सभा के जिलाध्यक्ष रणवीर यादव ने कहा की परसिया देवार में नदी के कटान से सैकड़ो एकड़ खेती योग्य भूमि नदी में विलीन हो चुकी है, जिससे किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इस लिए प्रशासन कटान रोकने के लिए तत्काल जरूरी कदम उठाए।
जिला पंचायत सदस्य राजेश यादव एवं छात्र सभा जिलाध्यक्ष मनोज यादव ने कहा की पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार एवं अभियंता की लापरवाही के कारण पीपे के पुल से गिरकर धरमू प्रसाद की मौत हो गई, प्रशासन तत्काल इसकी जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करें। 48 घंटे बाद भी मृतक का शव प्रशासन बरामद नहीं कर पाया है मृतक के शव को तत्काल ढूढ़ने के लिए प्रशासन उचित व्यवस्था करें।
इस दौरान दुष्यंत, विकास, अमित प्रधान, प्रवीण, दुर्गेश, सुशील, सुरेश चौरसिया, दिनेश, रणविजय सिंह, पवन सिंह वीरेंद्र यादव राम आशीष महातम यादव,रामसुखी निषाद चंद्रबली सहित बड़ी संख्या में महिलाएं भी उपस्थित रही।

मिशन शक्ति फेज-5.0 देवरिया: स्कूलों से बाजार तक महिलाओं को सुरक्षा का भरोसा

देवरिया।(राष्ट्र की परम्परा)
मिशन शक्ति फेज-5.0 देवरिया के अंतर्गत महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जनपद देवरिया पुलिस द्वारा व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया गया। यह अभियान पुलिस अधीक्षक देवरिया संजीव सुमन के निर्देशन में जनपद के समस्त थानों की मिशन शक्ति एवं एण्टी रोमियो टीमों द्वारा संचालित किया गया, जिसमें शैक्षणिक संस्थानों, सार्वजनिक स्थलों और धार्मिक स्थानों पर महिलाओं व छात्राओं को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं आपातकालीन हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी दी गई।
उत्तर प्रदेश शासन द्वारा संचालित मिशन शक्ति फेज-5.0 देवरिया अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना, उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता सुनिश्चित करना है। इसी क्रम में दिनांक 04 फरवरी 2026 को जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
शैक्षणिक संस्थानों में चला जागरूकता अभियान
थाना गौरीबाजार क्षेत्र में मिशन शक्ति टीम द्वारा बखरा इंटर कॉलेज में छात्राओं, महिलाओं और बालिकाओं को जागरूक किया गया। इस कार्यक्रम में उपनिरीक्षक अखिलेश कुमार, आरक्षी संजीत, महिला आरक्षी सरिता दूबे एवं महिला आरक्षी लीलावती उपस्थित रहीं। टीम ने छात्राओं को सरकार द्वारा महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण हेतु चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी और उन्हें यह बताया गया कि किसी भी प्रकार की परेशानी, उत्पीड़न या आपात स्थिति में वे बिना किसी भय के पुलिस सहायता प्राप्त कर सकती हैं।
कार्यक्रम के दौरान डायल-112, महिला हेल्पलाइन-181, वुमेन पावर लाइन-1090, चाइल्ड हेल्पलाइन-1098, सीएम हेल्पलाइन-1076, वन स्टॉप सेंटर-181, स्वास्थ्य सेवा हेल्पलाइन-102, एंबुलेंस सेवा-108 एवं साइबर हेल्पलाइन-1930 जैसे महत्वपूर्ण नंबरों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही इन सेवाओं के उपयोग की प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया गया।
दयानंद इंटर कॉलेज में मिशन शक्ति कार्यक्रम
इसी क्रम में थाना मईल क्षेत्र में महिला उपनिरीक्षक अंकित सिंह, आरक्षी कमलेश यादव एवं महिला आरक्षी किरन चौहान द्वारा दयानंद इंटर कॉलेज, पनिका बाजार में मिशन शक्ति फेज-5.0 देवरिया के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। छात्राओं को महिला सुरक्षा, साइबर अपराध से बचाव, घरेलू हिंसा, छेड़छाड़ एवं बाल सुरक्षा जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
टीम ने छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने, अपने अधिकारों को पहचानने और किसी भी असहज स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन सेवाओं का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में उपस्थित छात्राओं ने सवाल पूछे, जिनका टीम द्वारा सरल और व्यावहारिक समाधान भी बताया गया।
सार्वजनिक व धार्मिक स्थलों पर पंपलेट वितरण
मिशन शक्ति फेज-5.0 देवरिया के अंतर्गत जनपद के समस्त थानों की एण्टी रोमियो एवं मिशन शक्ति टीमों द्वारा अपने-अपने थाना क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थलों, बाजारों, बस स्टैंड, चौराहों एवं धार्मिक स्थानों पर महिलाओं व बालिकाओं को पंपलेट वितरित किए गए। इन पंपलेटों के माध्यम से हेल्पलाइन नंबरों, महिला सुरक्षा कानूनों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
पुलिस टीमों ने महिलाओं से संवाद कर उन्हें यह विश्वास दिलाया कि पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए हर समय तत्पर है और किसी भी प्रकार की समस्या में वे बिना झिझक पुलिस से संपर्क कर सकती हैं।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में मजबूत कदम
पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन के निर्देशन में चलाया गया यह अभियान न केवल महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रयास है, बल्कि समाज में सकारात्मक संदेश भी देता है। मिशन शक्ति फेज-5.0 देवरिया महिलाओं को आत्मविश्वास, सुरक्षा और स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ाने का सशक्त माध्यम बन रहा है।
जनपद पुलिस का यह प्रयास यह दर्शाता है कि महिला सुरक्षा केवल कानून तक सीमित नहीं, बल्कि जागरूकता, संवाद और विश्वास के माध्यम से ही एक सुरक्षित समाज का निर्माण संभव है।
जनता से अपील
देवरिया पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि कहीं भी महिलाओं या बालिकाओं के साथ किसी प्रकार की असुरक्षा, उत्पीड़न या अपराध की सूचना मिले, तो तुरंत संबंधित हेल्पलाइन नंबरों पर सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

कुशीनगर सदर तहसील में महिला जनसुनवाई, 40 मामलों की हुई सुनवाई

कुशीनगर।(राष्ट्र की परम्परा)
प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ होने वाले उत्पीड़न की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और पीड़ित महिलाओं को शीघ्र एवं न्यायसंगत राहत उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग द्वारा निरंतर महिला जनसुनवाई एवं निरीक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में 04 फरवरी 2026 को जनपद कुशीनगर की सदर तहसील पड़रौना में महिला जनसुनवाई का आयोजन किया गया, जिसने महिलाओं की समस्याओं को सीधे शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का सशक्त मंच प्रदान किया।
इस महिला जनसुनवाई की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग, लखनऊ की माननीय सदस्य जनक नन्दनी ने की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों की सुनवाई कर पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाना तथा सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति की समीक्षा करना रहा।
प्रशासनिक अधिकारियों की रही सक्रिय भागीदारी
महिला जनसुनवाई के दौरान विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। इनमें अभिषेक मिश्र, तहसीलदार (राजस्व विभाग), राजेश कुमार, नायब तहसीलदार, श्री डी.सी. त्रिपाठी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, ओमप्रकाश तिवारी सुमन सिंह, मुकेश (पी.आर.ओ., माननीय सदस्य राज्य महिला आयोग), नलिन सिंह (डी.एम.सी.), रीता यादव (सेंटर मैनेजर), वंदना, राजू कुमार, सुनीता पाण्डेय सहित चाइल्ड हेल्पलाइन के प्रतिनिधि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
अधिकारियों की उपस्थिति से यह स्पष्ट संदेश गया कि महिला उत्पीड़न के मामलों को लेकर प्रशासन पूरी तरह गंभीर है और हर स्तर पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
40 प्रकरण हुए प्राप्त, 5 का मौके पर निस्तारण
महिला जनसुनवाई कुशीनगर के दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं ने अपनी समस्याएं खुलकर सामने रखीं। प्राप्त प्रार्थना पत्रों में कुल 40 प्रकरण दर्ज किए गए। इनमें बाल पुष्टाहार से संबंधित 01, ग्राम विकास विभाग से 02, राजस्व विभाग से 09, पुलिस विभाग से 10, राशन कार्ड से 10, आवास प्रकरण से 07 तथा बैंक से संबंधित 01 मामला शामिल रहा।
माननीय सदस्य महोदया के निर्देश पर 05 मामलों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जिससे पीड़ित महिलाओं को तत्काल राहत मिली। शेष मामलों को संबंधित विभागों को भेजते हुए 07 दिवस के भीतर आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए, ताकि किसी भी प्रकरण में अनावश्यक देरी न हो।
सरकारी योजनाओं की गहन समीक्षा
जनसुनवाई के दौरान माननीय सदस्य द्वारा राशन कार्ड, जननी सुरक्षा योजना, पुष्टाहार वितरण, पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली, आवास योजनाएं और बैंक से जुड़े मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि पात्र महिलाओं को योजनाओं का लाभ हर हाल में मिलना चाहिए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण तभी संभव है जब महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और कानूनी सुरक्षा एक साथ मिले।
वन स्टॉप सेंटर और संस्थानों का औचक निरीक्षण
महिला जनसुनवाई के उपरांत माननीय सदस्य द्वारा वन स्टॉप सेंटर, कुशीनगर, दत्तक ग्रहण इकाई, संयुक्त जिला चिकित्सालय, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय खिरकिया पड़रौना तथा विभिन्न आंगनवाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए, ताकि महिलाओं और बालिकाओं को मिलने वाली सुविधाओं की गुणवत्ता में और सुधार किया जा सके।
जनजागरूकता चौपाल से महिलाओं में बढ़ा आत्मविश्वास
विकास भवन में आयोजित जनजागरूकता चौपाल के माध्यम से माननीय सदस्य ने स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण महिलाओं से संवाद किया। इस दौरान महिलाओं को उनके कानूनी अधिकार, महिला आयोग की भूमिका और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
महिलाओं को यह संदेश दिया गया कि वे किसी भी प्रकार के उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने से न डरें, प्रशासन और महिला आयोग उनके साथ खड़ा है।
गोद भराई, अन्नप्राशन और वृक्षारोपण कार्यक्रम
इसके बाद आंगनवाड़ी केंद्र, जंगल खिरकिया, पड़रौना में गोद भराई एवं अन्नप्राशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आंगनवाड़ी कार्यकत्री श्रीमती पिंकी गुप्ता की उपस्थिति में 04 गर्भवती महिलाओं को पुष्टाहार वितरित किया गया तथा 02 नवजात शिशुओं का अन्नप्राशन कराया गया।
कार्यक्रम के समापन पर माननीय सदस्य द्वारा वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में अहम पहल
महिला जनसुनवाई कुशीनगर न केवल समस्याओं के समाधान का मंच साबित हुई, बल्कि इसने महिलाओं में आत्मविश्वास और जागरूकता भी बढ़ाई। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के कार्यक्रम महिला उत्पीड़न की रोकथाम और त्वरित न्याय की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकते हैं।

मऊ में इंसानियत शर्मसार: बहू ने आशिकों से कराई ससुर की हत्या, पुलिस ने अभियुक्तों को किया गिरफ्तार

मऊ( राष्ट्र की परम्परा )जनपद मऊ से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है। सरायलखंसी थाना क्षेत्र के चोरपाकला अंतर्गत गरथवली गांव में जयसिंहपुर निवासी एक व्यक्ति की गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस जघन्य वारदात के पीछे जो सच्चाई सामने आई है, उसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि मृतक की बहू ने अपने प्रेम संबंधों के चलते अपने आशिकों के साथ मिलकर ससुर की हत्या की साजिश रची। योजना के तहत अभियुक्तों ने धारदार हथियार से गला रेतकर वारदात को अंजाम दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही सरायलखंसी पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी बहू समेत हत्या में शामिल सभी अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने अपना जुर्म कबूल किया है। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त हथियार भी बरामद कर लिया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आपसी पारिवारिक विवाद और अवैध संबंध इस हत्या की मुख्य वजह बताई जा रही है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है और अभियुक्तों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
इस दर्दनाक घटना से क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल है।

औरैया में 31 मार्च तक चलेगा राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान, हजारों मामलों के निस्तारण का लक्ष्य

औरैया।(राष्ट्र की परम्परा)
जनपद न्यायालय औरैया में माननीय उच्चतम न्यायालय, नई दिल्ली एवं माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के निर्देशों के क्रम में “राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान” को व्यापक स्तर पर संचालित किया जा रहा है। यह अभियान न्यायिक प्रक्रिया को सरल, सुलभ और समयबद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अभियान का उद्देश्य आपसी सुलह-समझौते के माध्यम से लंबित वादों का शीघ्र निस्तारण कर आम नागरिकों को त्वरित न्याय प्रदान करना है।
यह राष्ट्रव्यापी मध्यस्थता अभियान 02 जनवरी 2026 से प्रारंभ होकर 31 मार्च 2026 तक लगातार संचालित रहेगा। अभियान की अध्यक्षता मंयक चौहान, माननीय जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, औरैया द्वारा की जा रही है। वहीं, अभियान का कुशल संचालन श्री तारकेश्वरी प्रसाद सिंह, प्रभारी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं सिविल जज (सी०डी०), औरैया के नेतृत्व में किया जा रहा है।
सुलह-समझौते से मिलेगा त्वरित और स्थायी समाधान
“राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान औरैया” के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के मामलों को आपसी बातचीत और सहमति के आधार पर निस्तारित किया जा रहा है। इस अभियान में विशेष रूप से पारिवारिक विवाद, घरेलू हिंसा के मामले, चेक बाउंस प्रकरण, मोटर दुर्घटना दावा वाद, बिजली से संबंधित विवाद, शमनीय आपराधिक मामले एवं लघु प्रकृति के दीवानी वाद शामिल किए गए हैं।
मध्यस्थता की प्रक्रिया में दोनों पक्षों को खुलकर अपनी बात रखने का अवसर मिलता है, जिससे वर्षों से लंबित मामलों का समाधान बिना लंबी कानूनी प्रक्रिया के संभव हो पाता है। इससे न केवल न्यायालयों पर बोझ कम होता है, बल्कि पक्षकारों के समय और धन की भी बचत होती है।
न्यायालय और विधिक सेवा प्राधिकरण की सक्रिय भूमिका
जनपद न्यायालय औरैया तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण इस अभियान को सफल बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। अभियान के प्रचार-प्रसार हेतु विधिक साक्षरता शिविरों, पम्पलेट वितरण, बैनर-पोस्टर और जनसंपर्क कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, शरदोत्सव प्रदर्शनी / नुमाइश में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा एक विशेष स्टॉल भी लगाया गया है, जहां आमजन को मध्यस्थता अभियान की जानकारी दी जा रही है।
स्टॉल के माध्यम से लोगों को यह बताया जा रहा है कि किस प्रकार वे अपने लंबित मामलों को सुलह-समझौते के जरिए आसानी से निस्तारित करा सकते हैं और अनावश्यक मुकदमेबाजी से बच सकते हैं।
आमजन से अपील: मध्यस्थता का लाभ उठाएं
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, औरैया की ओर से जनपद के समस्त नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने-अपने लंबित मामलों को मध्यस्थता के माध्यम से निस्तारित कराने हेतु आगे आएं। यह अभियान पूरी तरह निःशुल्क, सरल और पारदर्शी है, जिसमें किसी भी प्रकार का अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ता।
अधिकारियों का कहना है कि मध्यस्थता न केवल विवादों का समाधान करती है, बल्कि सामाजिक सौहार्द और आपसी विश्वास को भी मजबूत करती है। यही कारण है कि इसे “राष्ट्र के लिए” एक महत्वपूर्ण अभियान का रूप दिया गया है।
न्यायिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम
विशेषज्ञों के अनुसार, “राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान औरैया” न्यायिक सुधारों की दिशा में एक प्रभावशाली पहल है। इससे न केवल लंबित मामलों की संख्या में कमी आएगी, बल्कि न्यायालयों की कार्यक्षमता भी बढ़ेगी। आम नागरिकों को शीघ्र न्याय मिलना लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती का प्रतीक है।
यह अभियान न्यायपालिका और समाज के बीच विश्वास की एक नई कड़ी स्थापित कर रहा है, जहां विवाद को टकराव नहीं, बल्कि संवाद के माध्यम से सुलझाने पर जोर दिया जा रहा है।
निष्कर्ष
जनपद न्यायालय औरैया में संचालित “राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान” निश्चित रूप से आम जनता के हित में एक सराहनीय पहल है। यदि नागरिक इस अवसर का लाभ उठाते हैं, तो न केवल उनके व्यक्तिगत विवादों का समाधान होगा, बल्कि यह अभियान राष्ट्र निर्माण में भी एक सकारात्मक योगदान देगा।

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को रामनगरी से चेतावनी- शब्द वापस लें, वरना अयोध्याधाम में नो एंट्री

सीएम योगी की तुलना पर परमहंस आचार्य का कड़ा विरोध

अयोध्याधाम (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की कथित टिप्पणी पर संत समाज में नाराजगी तेज हो गई है। अयोध्याधाम स्थित तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगतगुरु परमहंस आचार्य ने इस बयान को अमर्यादित बताते हुए कड़ा ऐतराज जताया और सार्वजनिक रूप से माफी की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक शंकराचार्य अपने शब्द वापस नहीं लेते, तब तक उन्हें रामनगरी अयोध्या में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
परमहंस आचार्य ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तुलना मुगल शासकों से करना न केवल अनुचित है, बल्कि इससे सनातन धर्म के अनुयायियों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ केवल प्रदेश के मुख्यमंत्री ही नहीं हैं, बल्कि गोरक्ष पीठ के पीठाधीश्वर भी हैं और उनके प्रति इस तरह की भाषा पूरी तरह निंदनीय है।
उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या से यह स्पष्ट संदेश जाना चाहिए कि सार्वजनिक जीवन में मर्यादा बनाए रखना सभी के लिए अनिवार्य है। मतभेद हो सकते हैं, असहमति भी व्यक्त की जा सकती है, लेकिन अपमानजनक और तुलनात्मक भाषा किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जा सकती।
परमहंस आचार्य ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के गोरक्षा आंदोलन को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि केवल गाय को राष्ट्र माता घोषित करने से संपूर्ण गोवंश की रक्षा संभव नहीं है। यदि बैल, बछड़ा और नंदी की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती, तो गौहत्या पर पूर्ण रोक का दावा अधूरा ही रहेगा।
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से अपील की कि गोवंश को राष्ट्रीय और राज्य धरोहर घोषित किया जाए, ताकि व्यापक स्तर पर संरक्षण सुनिश्चित हो सके। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि यह आंदोलन राजनीतिक प्रभाव में संचालित हो सकता है, जिसका उद्देश्य सरकार को कमजोर करना है। परमहंस आचार्य ने कहा कि इस तरह की गतिविधियां न तो सनातन धर्म के हित में हैं और न ही समाज के।

सूर्य पर विशाल और खतरनाक सनस्पॉट से वैज्ञानिक चिंतित, धरती पर असर की आशंका

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सूर्य की सतह पर बना एक बेहद बड़ा और अस्थिर सनस्पॉट इन दिनों वैज्ञानिकों की चिंता का कारण बना हुआ है। इस सनस्पॉट को रीजन 4366 नाम दिया गया है, जिसने बीते दो दिनों में कई तेज़ और शक्तिशाली सौर ज्वालाएं (Solar Flares) छोड़ी हैं। इनमें हाल के वर्षों की सबसे ताकतवर ज्वालाएं भी शामिल हैं।

अमेरिकी एजेंसी NOAA के स्पेस वेदर प्रेडिक्शन सेंटर के अनुसार, 5 फरवरी को पृथ्वी पर भू-चुंबकीय गतिविधियां तेज़ हो सकती हैं। इसके चलते सामान्य इलाकों में भी नॉर्दर्न लाइट्स (ऑरोरा) दिखाई देने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि इसकी अभी पूरी पुष्टि नहीं हुई है।

अचानक उभरा और तेजी से फैला रीजन 4366

रीजन 4366 कुछ ही दिनों पहले अचानक सूर्य की सतह पर उभरा और बेहद कम समय में तेजी से फैल गया। वैज्ञानिकों के अनुसार, इसका आकार 1859 के ऐतिहासिक कैरिंगटन इवेंट के दौरान बने सनस्पॉट के लगभग आधे के बराबर है। उस समय आए सौर तूफान ने धरती पर बड़े पैमाने पर प्रभाव डाला था।

तेजी से बढ़ने के कारण यह सनस्पॉट अत्यधिक अस्थिर हो गया है। बीते 24 घंटों में इससे 20 से अधिक सौर ज्वालाएं निकल चुकी हैं, जिनमें कई M-क्लास और X-क्लास की ज्वालाएं शामिल हैं। X-क्लास को सौर ज्वालाओं की सबसे शक्तिशाली श्रेणी माना जाता है।

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दो सालों में सबसे बड़ा सौर विस्फोट

रविवार शाम करीब 6:57 बजे, इसी सनस्पॉट से X8.1 श्रेणी की सौर ज्वाला निकली। यह अक्टूबर 2024 के बाद की सबसे तेज़ सौर ज्वाला मानी जा रही है। इस विस्फोट के बाद दक्षिण प्रशांत क्षेत्र में रेडियो संचार में बाधा दर्ज की गई।

इस शक्तिशाली विस्फोट के साथ सूर्य से गैस और ऊर्जावान कणों का एक बड़ा बादल भी निकला, जिसे कोरोनल मास इजेक्शन (CME) कहा जाता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि यह CME धरती के नज़दीक से गुज़रा, तो पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र में तेज़ हलचल हो सकती है।

धरती पर क्या हो सकता है असर

अगर यह सौर गतिविधि धरती को प्रभावित करती है, तो आसमान में रंग-बिरंगे ऑरोरा दिखाई दे सकते हैं। वहीं दूसरी ओर रेडियो संचार, GPS सेवाओं और सैटेलाइट सिस्टम में अस्थायी दिक्कतें भी आ सकती हैं।
नासा के मुताबिक, सूर्य इस समय अपने 11 वर्षीय सौर चक्र के सबसे सक्रिय चरण में है, जो 2026 तक जारी रह सकता है। ऐसे में आने वाले समय में और भी शक्तिशाली सौर तूफान देखने को मिल सकते हैं।

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शिक्षा बजट में वृद्धि जीडीपी दर से भी कम, केंद्र सरकार की उदासीनता उजागर

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। देश की नाममात्र सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में बीते वर्ष करीब 9.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, लेकिन इसके मुकाबले केंद्रीय बजट 2026 में शिक्षा क्षेत्र के लिए केवल 8.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। यह वृद्धि न सिर्फ अपेक्षाकृत कम है, बल्कि अर्थव्यवस्था की विकास दर से भी नीचे है। इसके परिणामस्वरूप जीडीपी के अनुपात में शिक्षा पर सरकारी खर्च घटकर लगभग 0.35 से 0.4 प्रतिशत के चिंताजनक स्तर पर आ गया है।

इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए समान शिक्षा आंदोलन, उत्तर प्रदेश के सह संयोजक डॉ. चतुरानन ओझा ने कहा कि सरकार भले ही “ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था” और “जनसांख्यिकीय लाभांश” की बात करती हो, लेकिन शिक्षा क्षेत्र में घटता निवेश यह साफ दर्शाता है कि यह सरकार की वास्तविक प्राथमिकताओं में शामिल नहीं है। उन्होंने कहा कि जब किसी क्षेत्र की बजटीय वृद्धि अर्थव्यवस्था की तुलना में धीमी होती है, तो व्यावहारिक रूप से उसे राष्ट्रीय संसाधनों का लगातार कम हिस्सा मिलता चला जाता है।

डॉ. ओझा ने बताया कि दशकों से किए जा रहे वादों के बावजूद शिक्षा को आज भी कुल केंद्रीय बजट का लगभग 2.5 प्रतिशत ही आवंटित किया जा रहा है। यह स्थिति सरकार की नीतिगत सोच पर गंभीर सवाल खड़े करती है। एक ओर युवाओं, नवाचार और ज्ञान को देश की ताकत बताया जाता है, वहीं दूसरी ओर शिक्षा पर बेहद सीमित खर्च किया जाना एक बड़ा विरोधाभास है।

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उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ का उल्लेख करते हुए कहा कि कोठारी आयोग (1966) के समय से शिक्षा पर जीडीपी का 6 प्रतिशत खर्च करने की सिफारिश की जाती रही है, लेकिन लगभग छह दशक बीत जाने के बाद भी यह लक्ष्य हासिल नहीं हो सका है। इस दौरान छात्र नामांकन में भारी वृद्धि हुई है, शैक्षणिक संस्थानों, आधारभूत ढांचे और शिक्षकों की जरूरतें भी बढ़ी हैं, जबकि शिक्षा के निजीकरण में लगातार तेजी आई है।

डॉ. ओझा ने कहा कि बजट भाषणों में अक्सर “विश्व-स्तरीय संस्थानों” की बात की जाती है, लेकिन आम स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों—जहां देश के अधिकांश छात्र शिक्षा ग्रहण करते हैं—की अनदेखी लगातार जारी है। सरकार की कथनी और करनी के बीच का यही अंतर सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था के भविष्य के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है।

अंत में उन्होंने चेतावनी दी कि शिक्षा में लगातार कम निवेश का सीधा बोझ धीरे-धीरे आम परिवारों पर डाला जा रहा है। इसके दीर्घकालिक और नकारात्मक दुष्परिणाम आने वाले वर्षों में देश को सामाजिक और आर्थिक स्तर पर भुगतने पड़ सकते हैं।

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15वें वित्त आयोग के कार्यों की समीक्षा: डीएम ने दी कई विकास योजनाओं को मंजूरी नाली, स्ट्रीट लाइट, आरओ प्लांट और सफाई व्यवस्था को मजबूत बनाने पर विशेष जोर

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बलिया(राष्ट्र की परम्परा)जिले में शहरी विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत प्रस्तावित विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक में जिले के विभिन्न नगर निकायों से जुड़े प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा कई महत्वपूर्ण योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई। जिलाधिकारी ने साफ कहा कि सभी कार्य जनसुविधा और गुणवत्ता को ध्यान में रखकर ही कराए जाएं। नगर पालिका परिषद रसड़ा में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आरओ वॉटर प्लांट लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्लांट ऐसे सार्वजनिक और सुलभ स्थानों पर लगाए जाएं, जहां अधिक से अधिक नागरिकों को लाभ मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने रसड़ा तहसील क्षेत्र में जल निकासी की समस्या को प्राथमिकता में रखते हुए नाली निर्माण और पानी निकासी से जुड़े नए प्रस्ताव भी शीघ्र प्रस्तुत करने को कहा। नगर पंचायत चितबड़ागांव में सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों की खरीद, डस्टबिन की व्यवस्था तथा सार्वजनिक स्थानों पर आरओ प्लांट लगाने के प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सफाई कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न हो और नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।बैठक में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था पर भी विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि जहां भी स्ट्रीट लाइट लगाने का प्रस्ताव हो, वहां उच्च गुणवत्ता की और पर्याप्त रोशनी देने वाली लाइट ही लगाई जाएं, ताकि दुर्घटनाओं की संभावना कम हो और नागरिकों को सुरक्षा का एहसास हो।नगर पंचायत बैरिया के तहसील परिसर स्थित पार्क के सौंदर्यीकरण को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। उन्होंने बेहतर प्रकाश व्यवस्था, शौचालयों की मरम्मत और महिलाओं के लिए अलग शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। इसके अलावा नगर पंचायत रेवती, सिकंदरपुर, बेल्थरारोड सहित सभी निकायों में खुले नालों को ढकने और कच्चे नालों को पक्का करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि नालों की नियमित सफाई और सुरक्षा उपाय अनिवार्य रूप से किए जाएं, ताकि कोई दुर्घटना न हो।जिलाधिकारी ने मुख्य राजस्व अधिकारी को निर्देशित किया कि सभी अधिशासी अधिकारियों से विकास कार्यों के विस्तृत लिखित प्रस्ताव प्राप्त किए जाएं। साथ ही सफाई व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए हाईटेक मशीनों और सड़कों की सफाई हेतु आधुनिक उपकरणों की खरीद के प्रस्ताव भी तैयार किए जाएं।बैठक में सीआरओ त्रिभुवन, विभिन्न नगर निकायों के चेयरमैन तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। समीक्षा बैठक के माध्यम से जिले में शहरी बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में ठोस पहल की गई।

माटी कला स्वरोजगार और जीविकोपार्जन का बेहतर संसाधन

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कुम्हारी कला को आधुनिकतम स्वरूप दिए जाने की आवश्यकता .डॉ हरेंद्र प्रजापति

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)मंडलीय ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केंद्र ,धर्मागतपुर, रतनपुरा, के परिसर में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माटी कला बोर्ड के पूर्व सदस्य डॉक्टर हरेंद्र कुमार प्रजापति ने कहा कि कुम्हारी कला को आधुनिकतम स्वरूप दिए जाने की आवश्यकता है। क्योंकि परंपरागत पुरातन चाक के स्थान पर इलेक्ट्रिक चाक अपनी पहचान बनाते हुए पूरी तरह से माटी कला में स्थापित हो चुका है, जिससे माटी कला से जुड़े लोग कुल्हड़, मटका, इत्यादि बनाकर बेहतर ढंग से जीविकोपार्जन कर सकते है, तथा स्वावलंबन की दिशा मे अपना बेहतर कैरियर और भविष्य संवार करके अग्रसर हो सकते है।

माटी कला बोर्ड के पूर्व सदस्य डॉक्टर हरेंद्र कुमार प्रजापति ने कहा कि पहले लोग 200 कुल्हड़ तैयार करके अपना जीविकोपार्जन करते थे, परंतु आज स्थिति ऐसी है की माटी कला की वस्तुएं दिल्ली के बाजार एवं रेस्टोरेंट तथा अन्य स्थानों पर अपनी बेहतर उपस्थिति दर्ज करा रही है। वहीं सऊदी अरब, लंदन और न्यूयॉर्क जैसे विदेशों में इसकी मांग बढ़ रही है। इसलिए प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद आप लोग माटी कला की वस्तुएं बनाकर बेहतर भविष्य का निर्माण करें। और स्वावलंबी बने, तथा बच्चों का बेहतर भविष्य बनावें।

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कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि फतेह बहादुर गुप्त ने अपने संबोधन में कहा कि आने वाला दिन माटी कला की वस्तुओं का है ,और इसका बहुत बड़ा भविष्य और बाजार है। रेलवे में कुल्हड़ का बहुतायत प्रयोग करने के लिए तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद ने विभाग को आदेशित किया था, तब से बाजार में कुल्हड़ की मांग बढ़ी हुई है। कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्र के प्रधानाचार्य अभय कुमार द्विवेदी तथा संचालन बब्बन जी ने किया। अन्य वक्ताओं में शैलेंद्र सिंह, महेंद्र प्रजापति, मिथिलेश यादव ने भी प्रशिक्षणार्थियों का मार्गदर्शन किया।

बुनकर वाहिनी से बुनाई व्यवसाय के कारीगरों की उम्मीदें हुई बलवती

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मऊ (राष्ट्र की परम्परा)पावरलूम बुनकरों की समस्याओं को मुखरता से उठाने वाले एकबाल अहमद जो बुनकर वाहिनी के अध्यक्ष भी हैं. उन्होंने यूपी सरकार की उस घोषणा का स्वागत,किया है जिसमें कहा गया है कि किसानो की भांति बुनकरों को भी सन्मान निधि देने की बातें कही गई है । एकबाल अहमद ने इस मौके पर कहा कि बुनकर भी किसानों की तरह देश के उत्थान में बड़ी भूमिका निभाते है।

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इनके लिए योजनायें तो बनती है लेकिन जो सुविधाएं मिलनी चाहिए अभी तक नहीं दी गई है.सूबे की योगी सरकार ने बुनकरों को विशेष पैकेज देने का जो एलान किया है. उससे बुनकरों को उम्मीद जगी है. सम्मान निधि मिला तो बुनकरो के परिवार में खुशियां आ सकती है.