Tuesday, May 5, 2026
Home Blog Page 162

6 फ़रवरी को हुए महत्वपूर्ण निधन: लता मंगेशकर से मोतीलाल नेहरू तक, जानिए इतिहास के अमर नाम

6 फ़रवरी को हुए महत्वपूर्ण निधन: इतिहास के अमर अध्याय
इतिहास केवल तारीख़ों का क्रम नहीं होता, बल्कि उन महान व्यक्तित्वों की स्मृतियों का संग्रह होता है जिन्होंने अपने कार्यों से समाज, राष्ट्र और मानवता को नई दिशा दी। 6 फ़रवरी को हुए महत्वपूर्ण निधन हमें ऐसे ही असाधारण लोगों की याद दिलाते हैं, जिनका योगदान समय से कहीं आगे तक जीवित रहता है।
इस दिन भारत और विश्व ने संगीत, स्वतंत्रता संग्राम, विज्ञान, सिनेमा, साहित्य और प्रशासन के अनेक महान स्तंभ खोए। आइए जानते हैं 6 फ़रवरी को हुए महत्वपूर्ण निधन और उनके अमूल्य योगदान के बारे में विस्तार से।
🎵 लता मंगेशकर (निधन: 6 फ़रवरी 2022)
भारत रत्न से सम्मानित लता मंगेशकर भारतीय संगीत की आत्मा कही जाती थीं। उन्होंने छह दशकों से अधिक समय तक हिंदी और भारतीय भाषाओं में 30,000 से अधिक गीत गाए। उनकी आवाज़ भारतीय संस्कृति, भावना और देशभक्ति की पहचान बन गई।
6 फ़रवरी को हुए महत्वपूर्ण निधन में लता मंगेशकर का जाना पूरे देश के लिए एक युग का अंत था। उनका योगदान सदैव अमर रहेगा।

ये भी पढ़ें – 5 फरवरी का इतिहास: जानिए भारत और दुनिया की महत्त्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएँ

🇮🇳 गुरबख्श सिंह ढिल्लों (निधन: 6 फ़रवरी 2006)
आजाद हिन्द फौज के वरिष्ठ अधिकारी गुरबख्श सिंह ढिल्लों ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के साथ मिलकर ब्रिटिश शासन के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष किया। लाल किले में हुए ऐतिहासिक ट्रायल ने उन्हें राष्ट्रीय पहचान दिलाई।
6 फ़रवरी को हुए महत्वपूर्ण निधन में उनका नाम भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की वीरता को दर्शाता है।
🏛️ मोतीलाल नेहरू (निधन: 6 फ़रवरी 1931)
प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी और संविधान विशेषज्ञ मोतीलाल नेहरू आधुनिक भारत की राजनीतिक नींव रखने वालों में थे। वे जवाहरलाल नेहरू के पिता और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रभावशाली नेता रहे।
6 फ़रवरी को हुए महत्वपूर्ण निधन में मोतीलाल नेहरू का योगदान भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में मील का पत्थर है।
🎬 ऋत्विक घटक (निधन: 6 फ़रवरी 1976)
भारतीय सिनेमा के प्रयोगधर्मी निर्देशक ऋत्विक घटक ने फिल्मों को सामाजिक यथार्थ और मानवीय पीड़ा से जोड़ा। उनकी फिल्में आज भी सिनेमा अध्ययन का आधार हैं।
6 फ़रवरी को हुए महत्वपूर्ण निधन में उनका जाना भारतीय समानांतर सिनेमा के लिए बड़ी क्षति था।

ये भी पढ़ें – दीनदयाल उपाध्याय पुण्यतिथि पर विश्वविद्यालय व महाविद्यालयों में त्रिस्तरीय प्रतियोगिताएं

🪖 नायक यदुनाथ सिंह (निधन: 6 फ़रवरी 1948)
परमवीर चक्र से सम्मानित नायक यदुनाथ सिंह ने 1947 के कश्मीर युद्ध में अद्भुत साहस का परिचय दिया। उन्होंने अंतिम सांस तक दुश्मन से मुकाबला किया।
6 फ़रवरी को हुए महत्वपूर्ण निधन भारतीय सेना के सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक है।
🏫 प्रताप सिंह कैरों (निधन: 6 फ़रवरी 1965)
स्वतंत्रता सेनानी और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रताप सिंह कैरों ने राज्य के औद्योगिक और शैक्षिक विकास में अहम भूमिका निभाई।
6 फ़रवरी को हुए महत्वपूर्ण निधन में उनका योगदान पंजाब के आधुनिक इतिहास से जुड़ा है।
🔬 आत्माराम (निधन: 6 फ़रवरी 1983)
प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ. आत्माराम भारतीय विज्ञान और तकनीकी अनुसंधान परिषद के महानिदेशक रहे। उन्होंने स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा दिया।
6 फ़रवरी को हुए महत्वपूर्ण निधन में उनका योगदान आत्मनिर्भर भारत की वैज्ञानिक सोच से जुड़ा है।

ये भी पढ़ें – राज्य कर्मचारी का दर्जा दो… के नारे से गूंजा कलेक्ट्रेट परिसर

🧬 उपेन्द्रनाथ ब्रह्मचारी (निधन: 6 फ़रवरी 1946)
काला-आजार रोग के उपचार में क्रांतिकारी खोज करने वाले डॉ. उपेन्द्रनाथ ब्रह्मचारी भारत के अग्रणी चिकित्सक और वैज्ञानिक थे।
6 फ़रवरी को हुए महत्वपूर्ण निधन चिकित्सा विज्ञान के लिए अपूरणीय क्षति थी।
📊 विलियम विलसन हन्टर (निधन: 6 फ़रवरी 1900)
ब्रिटिश काल के प्रसिद्ध सांख्यिकीविद विलियम विलसन हन्टर ने भारत की जनगणना और प्रशासनिक दस्तावेज़ीकरण को व्यवस्थित किया।
🎭 कार्लो गोल्दोनी (निधन: 6 फ़रवरी 1793)
इतालवी नाटककार कार्लो गोल्दोनी ने यूरोपीय रंगमंच को यथार्थवादी दृष्टिकोण दिया। उनका प्रभाव विश्व साहित्य में आज भी देखा जाता है।
🔶 निष्कर्ष – 6 फ़रवरी को हुए महत्वपूर्ण निधन हमें यह याद दिलाते हैं कि महान व्यक्तित्व शरीर से विदा हो सकते हैं, लेकिन उनके विचार, कर्म और योगदान सदैव जीवित रहते हैं। यह दिन भारतीय और विश्व इतिहास में सम्मान और स्मरण का प्रतीक है।

खसरा-रूबेला से बचाव के लिए मऊ में विशेष टीकाकरण अभियान शुरू

मऊ में 16 फरवरी से एमआर टीकाकरण अभियान, 27 फरवरी तक हजारों बच्चों को मिलेगी खसरा-रूबेला से सुरक्षा


मऊ (राष्ट्र की परम्परा ) जनपद मऊ में बच्चों को गंभीर और जानलेवा बीमारियों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से एमआर टीकाकरण अभियान की शुरुआत 16 फरवरी से की जा रही है, जो 27 फरवरी तक चलेगा। इस विशेष अभियान के अंतर्गत 5 से 10 वर्ष आयु वर्ग के हजारों बच्चों को खसरा और रूबेला से बचाव के लिए एमआर वैक्सीन लगाई जाएगी। अभियान को प्रभावी और सफल बनाने के लिए जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधिकारियों ने अभियान की रूपरेखा, माइक्रो प्लान और लक्ष्य निर्धारण पर विस्तार से चर्चा की। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे।
सरकारी स्कूलों, मदरसों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर टीकाकरण
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी मोहम्मद सलीम ने बताया कि एमआर टीकाकरण अभियान के तहत जनपद के सभी सरकारी व सहायता प्राप्त विद्यालयों, परिषदीय स्कूलों, मदरसे, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को कवर किया जाएगा। कक्षा 1 से 5 तक अध्ययनरत बच्चों का टीकाकरण अनिवार्य रूप से किया जाएगा।
जो बच्चे विद्यालय नहीं जाते हैं, उन्हें आंगनबाड़ी केंद्रों और विशेष टीकाकरण सत्रों के माध्यम से चिन्हित कर वैक्सीन दी जाएगी।

ये भी पढ़ें – 15वें वित्त आयोग के कार्यों की समीक्षा: डीएम ने दी कई विकास योजनाओं को मंजूरी नाली, स्ट्रीट लाइट, आरओ प्लांट और सफाई व्यवस्था को मजबूत बनाने पर विशेष जोर

एमआर वैक्सीन क्यों है जरूरी
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीके यादव ने बताया कि एमआर वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और इससे बच्चों को किसी प्रकार की गंभीर समस्या नहीं होती। उन्होंने कहा कि यदि समय पर एमआर टीकाकरण नहीं किया गया, तो भविष्य में जन्मजात विकलांगता, अपंगता और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। यह टीका न केवल वर्तमान बल्कि आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य के लिए भी बेहद आवश्यक है।
प्रतिदिन 100 बच्चों का लक्ष्य, होगी सख्त निगरानी
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अभियान के दौरान प्रत्येक एएनएम को प्रतिदिन कम से कम 100 बच्चों का टीकाकरण करने का लक्ष्य दिया गया है। टीकाकरण टीमों का गठन कर उन्हें स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं। अभियान की दैनिक निगरानी की जाएगी और प्रगति रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी जाएगी।
विभागीय समन्वय और सख्त निर्देश
जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र ने कहा कि अभियान की सफलता के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और टीकाकरण टीमों को पूरा सहयोग मिले। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
अभिभावकों से विशेष अपील
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को निर्धारित तिथि पर नजदीकी टीकाकरण केंद्र पर अवश्य लाएं। एमआर टीकाकरण अभियान बच्चों के स्वस्थ, सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है।
बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष उपाध्याय, डीएमसी बलवंत सिंह, कामाख्या मौर्य सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

मणिकर्णिका घाट विवाद पर सपा का बड़ा हमला

उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित मणिकर्णिका घाट विवाद को लेकर सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की पत्नी और मैनपुरी से लोकसभा सांसद डिंपल यादव ने भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा जुबानी हमला बोला है। डिंपल यादव ने मणिकर्णिका घाट तोड़फोड़ मामला, संसद की कार्यवाही और केंद्रीय बजट 2026 को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

मणिकर्णिका घाट तोड़फोड़ मामला: पीएम मोदी पर उठे सवाल

डिंपल यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में स्थित मणिकर्णिका घाट पर जिस तरह से बुलडोजर चलाया गया, वह बेहद चिंताजनक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई में न केवल घाट को नुकसान पहुंचाया गया, बल्कि मंदिरों को ध्वस्त किया गया और लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा को खंडित किया गया।
डिंपल यादव ने कहा कि संभव है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी ही न हो।
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री मोदी मणिकर्णिका घाट विवाद पर सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया देंगे, लेकिन अब तक चुप्पी साधे हुए हैं।
उनका कहना था कि मणिकर्णिका घाट सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक है। ऐसे स्थल पर इस तरह की कार्रवाई से आम जनमानस आहत हुआ है।

“हम चाहते हैं कि सदन चले” – संसद गतिरोध पर डिंपल यादव

संसद में विपक्ष के हंगामे और कार्यवाही बाधित होने के सवाल पर डिंपल यादव ने साफ कहा कि समाजवादी पार्टी चाहती है कि सदन चले।
उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है और सभी प्रमुख दलों को देश के सामने सच्चाई रखने का मौका मिलना चाहिए।
डिंपल यादव ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी शायद नहीं चाहती कि मणिकर्णिका घाट विवाद की सच्चाई देश के सामने आए।
जब उनसे पूछा गया कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मुद्दे पर संसद में बोलेंगे, तो उन्होंने कहा— “कल देखेंगे।”

Read this: https://ce123steelsurvey.blogspot.com/2025/01/los-angeles.html?m=1

केंद्रीय बजट 2026 पर सपा सांसद की तीखी प्रतिक्रिया

केंद्रीय बजट 2026 को लेकर डिंपल यादव ने इसे पूरी तरह निराशावादी बजट करार दिया।
उन्होंने कहा कि इस बजट में आम आदमी के लिए कुछ भी खास नहीं है।
डिंपल यादव के अनुसार—

• बजट में महिलाओं के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं

• युवाओं के रोजगार को लेकर कोई स्पष्ट योजना नहीं

• विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कोई मजबूत नीति नहीं

• बजट की भाषा अत्यधिक तकनीकी है, जिसे आम नागरिक समझ नहीं सकता

उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसा बजट लाना चाहिए था जो आम लोगों की ज़िंदगी से जुड़ा हो, न कि केवल आंकड़ों और शब्दों का खेल।

राजनीतिक मायने और आने वाले असर

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वाराणसी मणिकर्णिका घाट विवाद अब सिर्फ एक स्थानीय मुद्दा नहीं रह गया है।
यह मामला धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और राजनीतिक जवाबदेही से जुड़ गया है।

डिंपल यादव के बयान से साफ है कि समाजवादी पार्टी इस मुद्दे को संसद से लेकर सड़क तक उठाने की रणनीति बना रही है।
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी की चुप्पी को विपक्ष एक बड़ा राजनीतिक हथियार बना सकता है।

ये भी पढ़े – भव्य कलश यात्रा से भक्ति रस की अविरल धारा बहती रही

सुलह से न्याय: आगरा में मध्यस्थता अभियान बना आमजन के लिए राहत

आगरा में मध्यस्थता अभियान 2.0 को मिला विस्तार, 15 फरवरी 2026 तक सुलह से निपटेंगे मुकदमे


आगरा (राष्ट्र की परम्परा)।जनपद आगरा में लंबित मुकदमों के शीघ्र और शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान 2.0 की अवधि को बढ़ाकर अब 15 फरवरी 2026 तक कर दिया गया है। यह अभियान माननीय जनपद न्यायाधीश संजय कुमार मलिक के मार्गदर्शन में संचालित हो रहा है, जिसका उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया को सरल, त्वरित और आमजन के अनुकूल बनाना है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आगरा की सचिव (पूर्णकालिक) विनीता सिंह-प्रथम ने बताया कि यह अभियान राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली तथा उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के दिशा-निर्देशों के अनुरूप चलाया जा रहा है। पहले चरण में मिले सकारात्मक परिणामों के बाद मध्यस्थता के लिए मामलों को संदर्भित करने की समय-सीमा 01 फरवरी 2026 से 15 फरवरी 2026 तक बढ़ाई गई है।
सुलह और समझौते पर विशेष जोर
राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान 2.0 के अंतर्गत सुलह वार्ता, आपसी समझौते और मध्यस्थता के माध्यम से अधिक से अधिक मामलों के निस्तारण पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए आगरा जनपद के सभी न्यायालयों के साथ-साथ वाह्य न्यायालयों से भी अनुरोध किया गया है कि वे सुलह योग्य मामलों को मध्यस्थता के लिए भेजें।
इस पहल से न केवल न्यायालयों पर बढ़ते बोझ में कमी आएगी, बल्कि वादकारियों को लंबी सुनवाई, आर्थिक खर्च और मानसिक तनाव से भी राहत मिलेगी।

ये भी पढ़ें – सूर्य पर विशाल और खतरनाक सनस्पॉट से वैज्ञानिक चिंतित, धरती पर असर की आशंका

किन मामलों का होगा निस्तारण
अभियान के तहत उन मामलों को प्राथमिकता दी जा रही है जिनमें आपसी सहमति की संभावना अधिक है। इनमें प्रमुख रूप से—पारिवारिक विवाद, वैवाहिक और घरेलू मामले,संपत्ति व बंटवारे से जुड़े वाद,चेक बाउंस और धन वसूली के मामले,दीवानी वाद,अन्य सुलह योग्य विवाद,शामिल हैं। मध्यस्थता प्रक्रिया में दोनों पक्षों को निष्पक्ष वातावरण में अपनी बात रखने का अवसर मिलता है, जिससे विवाद का समाधान स्थायी और सौहार्दपूर्ण रूप से संभव होता है।
आमजन के लिए क्यों है फायदेमंद
राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान 2.0 आम नागरिकों के लिए एक सुनहरा अवसर है। वर्षों से लंबित मुकदमों का समाधान कम समय में हो सकता है। इससे न्यायालय शुल्क, वकीलों की फीस और अन्य खर्चों में उल्लेखनीय कमी आती है। साथ ही न्याय व्यवस्था पर आमजन का विश्वास भी मजबूत होता है।
15 फरवरी तक भेजी जा सकेंगी पत्रावलियां
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आगरा ने स्पष्ट किया है कि 15 फरवरी 2026 तक मध्यस्थता के लिए चिन्हित मामलों की पत्रावलियां भेजी जा सकती हैं। निर्धारित समय सीमा में प्राप्त मामलों को प्राथमिकता के आधार पर मध्यस्थता प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।
न्यायिक सुधार की दिशा में मजबूत कदम
यह अभियान “न्याय में देरी, न्याय से वंचित” की सोच को बदलने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है। सुलह, संवाद और समझौते के जरिए भारतीय न्याय प्रणाली को अधिक मानवीय, सुलभ और प्रभावी बनाने में राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान 2.0 मील का पत्थर साबित हो रहा है।

जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में गूंजा उत्साह, खिलाड़ियों ने बढ़ाया मान

कुशीनगर जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिता 2026: युवाओं ने दिखाया दमखम, खेल भावना और अनुशासन का शानदार संगम


कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)।युवाओं की खेल प्रतिभा को मंच देने और उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से मेरा युवा भारत (MY Bharat) कुशीनगर के तत्वावधान में जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिता का भव्य आयोजन जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम, कुशीनगर में किया गया। इस प्रतियोगिता में जनपद के सभी विकास खण्डों से आए सैकड़ों युवाओं ने उत्साह, अनुशासन और खेल भावना के साथ भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ भव्य शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ पंचायती राज अधिकारी आलोक कुमार प्रियदर्शी ने हनुमान जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल केवल शारीरिक विकास का साधन नहीं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और टीम वर्क का मजबूत आधार भी हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से निकलकर युवा जब खेल के माध्यम से पहचान बनाते हैं, तो यह पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत होता है।
छह खेल स्पर्धाओं में दिखा कड़ा मुकाबला
कुशीनगर जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिता के अंतर्गत टीम एवं व्यक्तिगत वर्ग की कुल छह खेल स्पर्धाएं आयोजित की गईं। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों के बीच जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिली और स्टेडियम तालियों की गूंज से भर उठा।
टीम स्पर्धा में विकास खण्ड पड़रौना की टीम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विशुनपुरा को पराजित कर विजेता का खिताब जीता। वहीं कबड्डी (बालिका वर्ग) में कसया विकास खण्ड की टीम ने कप्तानगंज को हराकर प्रथम स्थान प्राप्त किया।
दौड़ प्रतियोगिताओं में दिखी रफ्तार
व्यक्तिगत स्पर्धाओं में 200 मीटर और 400 मीटर दौड़ विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं।
400 मीटर (बालक वर्ग) में मुकेश पाल प्रथम, निखिल सिंह द्वितीय और रितिक गुप्ता तृतीय स्थान पर रहे।
200 मीटर (बालक वर्ग) में आदित्य चौधरी ने प्रथम स्थान हासिल किया।
बालिका वर्ग में भी खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। 400 मीटर में निशा साहनी और 200 मीटर में प्रीति यादव ने प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
विजेताओं को किया गया सम्मानित
समापन अवसर पर जिला युवा अधिकारी सचिन कुमार, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी मनीष कुमार गुप्ता, वरिष्ठ कोषाधिकारी सुनील यादव एवं जिला क्रीड़ा अधिकारी रवि कुमार निषाद सहित अन्य अतिथियों ने विजेता व उपविजेता खिलाड़ियों को टी-शर्ट, प्रमाण-पत्र, ट्रॉफी और मेडल प्रदान कर सम्मानित किया। अतिथियों ने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं युवाओं को नशे और नकारात्मक गतिविधियों से दूर रखकर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।
कोचों का अहम योगदान
कुश्ती कोच पंकज यादव, बॉक्सिंग कोच गोल्डन, बास्केटबॉल कोच पंकज और कबड्डी कोच नरसिंह शर्मा ने खिलाड़ियों को तकनीकी मार्गदर्शन देकर प्रतियोगिता को सफल बनाया।
माय भारत बजट क्विज का पोस्टर विमोचित
समापन समारोह में माय भारत बजट क्विज 2026 के पोस्टर का विमोचन किया गया। युवाओं से माय भारत पोर्टल के माध्यम से अधिक से अधिक सहभागिता की अपील की गई।
कुल मिलाकर, कुशीनगर जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिता युवाओं के सर्वांगीण विकास, आत्मविश्वास और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को मजबूत करने की दिशा में एक प्रभावी कदम साबित हुई।

मूलांक 1 से 9 तक का भविष्यफल: आज आपके अंक क्या कहते हैं?

🔮 आज का मूलांक राशिफल: 1 से 9 तक सभी मूलांकों का विस्तृत भविष्यफल
नौकरी, व्यवसाय, शिक्षा, करियर, प्रेम और राजनीति पर विशेष प्रभाव


अंक ज्योतिष के अनुसार जन्मतिथि के अंकों से बनने वाला मूलांक व्यक्ति के स्वभाव, निर्णय क्षमता, भाग्य और जीवन की दिशा को प्रभावित करता है। आज का दिन कौन-सा मूलांक किस क्षेत्र में आगे रहेगा और किसे सावधानी बरतनी चाहिए, आइए जानते हैं विस्तार से।

🔆 मूलांक 1 (1, 10, 19, 28) – सूर्य का प्रभाव
आज मूलांक 1 वालों के लिए आत्मसम्मान और नेतृत्व क्षमता की परीक्षा का दिन है। कार्यस्थल पर वरिष्ठ अधिकारियों या बॉस के साथ मतभेद की स्थिति बन सकती है। घर में भी किसी सदस्य के साथ विचारों का टकराव संभव है।
नौकरी व करियर:
सरकारी सेवा, प्रशासन, प्रबंधन और राजनीति से जुड़े लोगों को शब्दों में संयम रखना होगा। जल्दबाजी नुकसान करा सकती है।
व्यवसाय:
नए सौदे फिलहाल टालें। पुराने ग्राहकों से तालमेल बनाए रखें।
प्रेम व पारिवारिक जीवन:
अहंकार रिश्तों में दूरी ला सकता है।
उपाय: भूरी चीटियों को आटा डालें।
🌙 मूलांक 2 (2, 11, 20, 29) – चंद्र का प्रभाव
दिन की शुरुआत मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा के साथ होगी, लेकिन दोपहर बाद आलस्य और निर्णय में देरी बाधा बन सकती है।
शिक्षा व प्रतियोगिता:
विद्यार्थियों को फोकस बनाए रखना जरूरी है, नहीं तो पढ़ाई प्रभावित होगी।
नौकरी:
ऑफिस में काम टालने की आदत नुकसान दे सकती है।
प्रेम जीवन:
भावनात्मक संवेदनशीलता बढ़ेगी, संवाद जरूरी है।
उपाय: सफेद वस्तुओं का दान करें।
📚 मूलांक 3 (3, 12, 21, 30) – बृहस्पति का आशीर्वाद
भाग्य आज मूलांक 3 वालों का पूरा साथ देगा। घर-परिवार में शांति और संतुलन बना रहेगा।
करियर व शिक्षा:
शिक्षा, अध्यापन, काउंसलिंग, धर्म या सलाहकार क्षेत्र से जुड़े लोगों को सफलता मिलेगी।
व्यवसाय:
नई योजना शुरू करने का उत्तम समय।
प्रेम:
वैवाहिक जीवन मधुर रहेगा।
उपाय: चांदी की डिब्बी में शहद रखकर जेब में रखें।

ये भी पढ़ें – माटी कला स्वरोजगार और जीविकोपार्जन का बेहतर संसाधन

🔮 मूलांक 4 (4, 13, 22, 31) – राहु का प्रभाव
परिवार में अनुशासन और जिम्मेदारी का माहौल रहेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
नौकरी:
टेक्निकल, आईटी, मीडिया और रिसर्च क्षेत्र में प्रगति।
राजनीति:
रणनीति और पर्दे के पीछे की भूमिका में सफलता।
प्रेम:
भावनाएं व्यक्त करने में संकोच रहेगा।
उपाय: गले में चांदी धारण करें।
💼 मूलांक 5 (5, 14, 23) – बुध की कृपा
आज का दिन व्यापार के लिए बेहद शुभ है। बिक्री, मार्केटिंग और संचार से जुड़े लोगों को लाभ होगा।
व्यवसाय:
नए ऑर्डर, डील और क्लाइंट मिलने की संभावना।
नौकरी:
प्रेजेंटेशन और इंटरव्यू में सफलता।
प्रेम:
नई जान-पहचान संभव।
उपाय: हरे कपड़े छोटी कन्याओं को दान करें।
❤️ मूलांक 6 (6, 15, 24) – शुक्र का प्रभाव
आज प्रेम, विवाह और सौंदर्य से जुड़े मामलों में शुभ संकेत हैं।
विवाह:
विवाह योग्य जातकों को अच्छा प्रस्ताव मिल सकता है।
नौकरी:
नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को खुशखबरी मिल सकती है।
व्यवसाय:
फैशन, डिजाइन, होटल, कला क्षेत्र में लाभ।
उपाय: लक्ष्मी-नारायण मंदिर में घी और चावल दान करें।
🌌 मूलांक 7 (7, 16, 25) – केतु का प्रभाव
आज सामाजिक गतिविधियों से लाभ होगा। नए संपर्क भविष्य में फायदेमंद साबित होंगे।
करियर:
रिसर्च, ज्योतिष, अध्यात्म और डेटा एनालिसिस से जुड़े लोगों के लिए अच्छा दिन।
परिवार:
बहन के स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें।
प्रेम:
अचानक भावनात्मक दूरी संभव।
उपाय: नशा, झूठ और गलत संगति से दूर रहें।
🏗️ मूलांक 8 (8, 17, 26) – शनि का न्याय
भूमि, संपत्ति या निवेश से जुड़ा कोई बड़ा फैसला आपके पक्ष में जा सकता है।
नौकरी:
सरकारी, इंजीनियरिंग, निर्माण क्षेत्र में स्थिरता।
शिक्षा:
बच्चे पढ़ाई को लेकर गंभीर रहेंगे।
प्रेम:
धैर्य से रिश्ते मजबूत होंगे।
उपाय: रात में गुड़ का सेवन न करें।
🔥 मूलांक 9 (9, 18, 27) – मंगल का प्रभाव
भाइयों और सहयोगियों से सहयोग मिलेगा। ऊर्जा और आत्मविश्वास बढ़ेगा।
करियर:
डिफेंस, पुलिस, खेल और टेक्निकल क्षेत्र में लाभ।
प्रेम:
शाम को किसी मांगलिक या पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर।
राजनीति:
जनसमर्थन और सक्रियता बढ़ेगी।
उपाय: राम रक्षा स्तोत्र का पाठ करें।

जानें किन राशियों को धन-लाभ, नौकरी में तरक्की और किन्हें रहना होगा सतर्क

🔱 आज का राशिफल 5 फरवरी 2026: जानें किन राशियों को धन-लाभ, नौकरी में तरक्की और किन्हें रहना होगा सतर्क


वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रह-नक्षत्रों की चाल मानव जीवन के हर क्षेत्र—धन, नौकरी, व्यवसाय, शिक्षा, राजनीति, प्रेम और स्वास्थ्य—पर गहरा प्रभाव डालती है।5 फरवरी 2026, गुरुवार का दिन कई राशियों के लिए शुभ संकेत लेकर आया है, वहीं कुछ राशि वालों को सतर्कता बरतने की जरूरत होगी।
आज का राशिफल चंद्रमा, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति के आधार पर तैयार किया गया है, जिससे आपको दिनभर के निर्णय लेने में सहायता मिले।
मेष राशि (Aries Rashifal 5 February 2026)
मेष राशि वालों के लिए आज का दिन काफी व्यस्त रहने वाला है।
नौकरीपेशा लोगों पर काम का दबाव बढ़ सकता है और ऑफिस में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं।
धन की स्थिति सामान्य रहेगी, लेकिन अनावश्यक खर्च से बचें।
व्यवसाय से जुड़े लोगों को बड़े फैसले लेने से पहले सलाह-मशविरा करना चाहिए।
प्रेम जीवन में पार्टनर का सहयोग मिलेगा।
स्वास्थ्य को लेकर अधिक तनाव न लें, समय-समय पर ब्रेक जरूरी है।
👉 शुभ संकेत: करियर में प्रगति
👉 सावधानी: मानसिक दबाव से बचें

ये भी पढ़ें – 🔱 आज का राशिफल 4 फरवरी 2026: जानिए किन राशियों को धन-नौकरी में लाभ और किन्हें बरतनी होगी सावधानी

वृषभ राशि (Taurus Rashifal 5 February 2026)
आज का दिन वृषभ राशि वालों के लिए मिश्रित फलदायी है।
निवेश से पहले पूरी जांच-पड़ताल जरूरी है, वरना नुकसान संभव है।
घर-परिवार में खुशी का माहौल रहेगा।
विदेश यात्रा या विदेशी संपर्क से लाभ के संकेत हैं।
करियर में आगे बढ़ने के लिए मेहनत बढ़ानी होगी।
पुराने निवेश से उम्मीद के अनुसार रिटर्न नहीं मिलेगा।
👉 शुभ संकेत: पारिवारिक सुख
👉 सावधानी: निवेश में जल्दबाजी न करें
मिथुन राशि (Gemini Rashifal 5 February 2026)
मिथुन राशि वालों के लिए आज का दिन उतार-चढ़ाव भरा रहेगा।
ऑफिस और घर के बीच संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
ऑफिस की राजनीति से दूरी बनाकर रखें।
खर्च बढ़ सकता है, इसलिए बजट पर कंट्रोल जरूरी है।
प्रेम जीवन में सुधार के योग हैं।
आज पार्टनर के साथ समय बिताना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।
👉 शुभ संकेत: रिश्तों में मधुरता
👉 सावधानी: ऑफिस पॉलिटिक्स से बचें
कर्क राशि (Cancer Rashifal 5 February 2026)
कर्क राशि वालों के लिए आज का दिन बेहद शुभ रहने वाला है।
हाल ही में किए गए निवेश या डील से बड़ा धन-लाभ संभव है।
लव लाइफ में चल रही परेशानियां खत्म होंगी।
करियर में सकारात्मक बदलाव आएगा।
स्वास्थ्य बेहतर रहेगा, योग और ध्यान से और लाभ मिलेगा।
👉 शुभ संकेत: धन और प्रेम में सफलता
👉 सावधानी: निवेश सोच-समझकर करें

ये भी पढ़ें – आज का मूलांक राशिफल: नौकरी, पैसा और प्रेम में कौन रहेगा आगे

सिंह राशि (Leo Rashifal 5 February 2026)
आज सिंह राशि वालों में आलस्य हावी रह सकता है।
काम को टालने की आदत नुकसानदायक हो सकती है।
रिलेशनशिप में सकारात्मक सोच जरूरी है।
गॉसिप और बेवजह की चर्चाओं से दूर रहें।
जो लोग राजनीति या नेतृत्व से जुड़े हैं, उन्हें सोच-समझकर बोलना होगा।
👉 शुभ संकेत: नई जिम्मेदारियां
👉 सावधानी: आलस्य से बचें
कन्या राशि (Virgo Rashifal 5 February 2026)
कन्या राशि वालों के लिए दिन संतुलित रहेगा।
स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें।
खर्चों पर नियंत्रण जरूरी है।
करियर में चीजें धीरे-धीरे आपके पक्ष में होंगी।
छात्रों को पढ़ाई में फोकस बढ़ाना चाहिए।
👉 शुभ संकेत: करियर में स्थिरता
👉 सावधानी: स्वास्थ्य और खर्च
तुला राशि (Libra Rashifal 5 February 2026)
तुला राशि वालों के जीवन में आज बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
निवेश से पहले रिसर्च करना बेहद जरूरी है।
नौकरी या व्यापार के सिलसिले में विदेश यात्रा के योग बन रहे हैं।
स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।
👉 शुभ संकेत: नई संभावनाएं
👉 सावधानी: वित्तीय फैसले सोच-समझकर लें
वृश्चिक राशि (Scorpio Rashifal 5 February 2026)
वृश्चिक राशि वालों को आज काम में विशेष सतर्कता बरतनी होगी।
एक साथ कई जिम्मेदारियां आने से दबाव बढ़ सकता है।
धैर्य और प्लानिंग से काम लें।
राजनीति और प्रशासन से जुड़े लोगों के लिए दिन महत्वपूर्ण है।
👉 शुभ संकेत: प्रभाव में वृद्धि
👉 सावधानी: जल्दबाजी न करें

ये भी पढ़ें – कैंसर को चुनौती देता साहस: समाज के लिए प्रेरणा बने कर्नल मिश्रा दंपत्ति

धनु राशि (Sagittarius Rashifal 5 February 2026)
धनु राशि वालों के लिए आज का दिन खुशखबरी लेकर आएगा।
शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षा में सफलता मिल सकती है।
इनकम के नए स्रोत बनेंगे।
लाइफ पार्टनर के साथ समय बिताएं।
👉 शुभ संकेत: शिक्षा और आय
👉 सावधानी: समय प्रबंधन
मकर राशि (Capricorn Rashifal 5 February 2026)
मकर राशि वालों को सीनियर्स की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है।
हालांकि दिन पॉजिटिव एनर्जी से भरा रहेगा।
धन का आगमन होगा, लेकिन खर्च भी बढ़ेगा।
आर्थिक स्थिति कुल मिलाकर मजबूत रहेगी।
👉 शुभ संकेत: आर्थिक मजबूती
👉 सावधानी: ऑफिस रिलेशन

ये भी पढ़ें – बुनकर वाहिनी से बुनाई व्यवसाय के कारीगरों की उम्मीदें हुई बलवती

कुंभ राशि (Aquarius Rashifal 5 February 2026)
कुंभ राशि वालों को समय पर काम पूरा न करने से परेशानी हो सकती है।
डेडलाइन तय करें और उसी पर काम करें।
बाहर का खाना नुकसानदेह हो सकता है।
डाइजेशन से जुड़ी समस्या हो सकती है।
👉 शुभ संकेत: नई जिम्मेदारियां
👉 सावधानी: सेहत और समय
मीन राशि (Pisces Rashifal 5 February 2026)
मीन राशि वालों के लिए समय अनुकूल है।
ऑफिस गॉसिप से दूरी रखें।
रिश्तों में पारदर्शिता बनाए रखें।
बड़ी खरीदारी से पहले अच्छे से जांच करें।
👉 शुभ संकेत: स्थिरता
👉 सावधानी: खर्च पर नियंत्रण

5 फरवरी 2026 पंचांग: आज कौन सा काम करें और क्या न करें

आज का पंचांग 5 फरवरी 2026: चतुर्थी व्रत, शुभ चौघड़िया, राहुकाल और कन्या राशि का विशेष प्रभाव


आज का पंचांग 5 फरवरी 2026, गुरुवार का दिन धार्मिक, ज्योतिषीय और मुहूर्त की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि, चतुर्थी व्रत, कन्या राशि में चंद्रमा, शुभ चौघड़िया, राहुकाल, दिशा शूल, विवाह मुहूर्त और ग्रह परिवर्तन जैसे कई विशेष संयोग बन रहे हैं।
जो लोग आज शुभ कार्य, व्रत-उपवास, विवाह, यात्रा या नए कार्य की योजना बना रहे हैं, उनके लिए आज का पंचांग 5 फरवरी 2026 जानना बेहद जरूरी है।

ये भी पढ़ें – आज का पंचांग 4 फरवरी 2026: राहुकाल से पहले जान लें दिन का शुभ-अशुभ समय

आज का पंचांग: 5 फरवरी 2026 (गुरुवार)
विक्रम संवत – 2082
संवत्सर नाम – सिद्धार्थ
शक संवत – 1947
हिजरी सन् – 1447
मुहम्मद मास – 16 सावान
अयन – उत्तरायण
ऋतु – शिशिर
मास – फाल्गुन
पक्ष – कृष्ण पक्ष
तिथि, नक्षत्र, योग और करण
तिथि – चतुर्थी तिथि रात्रि 12:23 तक, इसके बाद पंचमी
नक्षत्र – उत्तराफाल्गुनी रात्रि 10:57 तक, फिर हस्त
योग – सुकर्मा योग रात्रि 12:04 तक, फिर धृति योग
करण – बव करण दिन 12:16 तक, बाद में बालव करण
आज चतुर्थी तिथि होने के कारण गणेश पूजन और चतुर्थी व्रत का विशेष महत्व है।

ये भी पढ़ें – 🔱 आज का राशिफल 4 फरवरी 2026: जानिए किन राशियों को धन-नौकरी में लाभ और किन्हें बरतनी होगी सावधानी

आज का चौघड़िया मुहूर्त
आज के दिन शुभ कार्यों के लिए निम्न चौघड़िया विशेष फलदायी माने गए हैं:
शुभ – सूर्योदय से 8:36 तक
चर – 11:19 से 12:41 तक
लाभ – 12:41 से 2:03 तक
अमृत – 2:03 से 3:24 तक
शुभ – 4:46 से सूर्यास्त तक
इन समयों में व्यापार, गृह प्रवेश, पूजा-पाठ और नए कार्य आरंभ करना उत्तम रहेगा।
राहुकाल, दिशा शूल और उपाय
राहुकाल – दोपहर 1:30 से 3:00 तक
इस दौरान शुभ कार्य आरंभ नहीं करना चाहिए।
राहुकाल उपाय – यदि कार्य टालना संभव न हो तो केले का सेवन करके कार्य प्रारंभ करें।
दिशा शूल – आज दक्षिण दिशा में दिशा शूल है।
दिशा शूल उपाय – यदि दक्षिण दिशा में यात्रा आवश्यक हो तो दही या फलाहार करके यात्रा करें।
चतुर्थी व्रत और विशेष धार्मिक महत्व
आज चतुर्थी व्रत रखा जाएगा। चतुर्थी तिथि भगवान श्री गणेश को समर्पित होती है। मान्यता है कि आज विधिपूर्वक गणेश पूजन करने से:
विघ्न बाधाएं दूर होती हैं
बुद्धि और विवेक में वृद्धि होती है
कार्यों में सफलता मिलती है
चंद्रोदय (जयपुर) – रात्रि 9:41 बजे

ये भी पढ़ें – आज का मूलांक राशिफल: नौकरी, पैसा और प्रेम में कौन रहेगा आगे

चंद्रमा की स्थिति और राशि प्रभाव
आज चंद्रमा पूरे दिन और रात्रि कन्या राशि में स्थित रहेगा।
कन्या राशि में चंद्रमा का गोचर:
बुद्धि और विश्लेषण क्षमता बढ़ाता है
लेखन, अध्ययन और अकाउंटिंग कार्यों के लिए शुभ
नौकरी और शिक्षा क्षेत्र में प्रगति के योग
ग्रह परिवर्तन आज
आज एक महत्वपूर्ण ग्रह परिवर्तन भी हो रहा है:
शुक्र का कुंभ राशि में प्रवेश – रात्रि 1:11 बजे
यह परिवर्तन प्रेम संबंधों, कला, सौंदर्य, फैशन और आर्थिक मामलों में सकारात्मक प्रभाव डालता है।
विवाह मुहूर्त 5 फरवरी 2026

आज उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में विवाह मुहूर्त उपलब्ध है। यह नक्षत्र विवाह के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है, जिससे दांपत्य जीवन सुखमय रहता है।
आज जन्मे बच्चों का राशिफल और नामाक्षर

ये भी पढ़ें – विजया और आमलकी एकादशी की तिथि, पूजा मुहूर्त और पारण समय

आज जन्म लेने वाले बच्चों के लिए विशेष जानकारी:
राशि – कन्या
नक्षत्र –
10:57 तक – उत्तराफाल्गुनी
इसके बाद – हस्त
चरण (पाद) – रजत पाद
नामाक्षर – टो, प, पी, पु, ष

ये भी पढ़ें – फाल्गुन मास की संकष्टी चतुर्थी क्यों है सबसे खास? जानिए पूरी कथा
कन्या राशि के बच्चों का स्वभाव
कन्या राशि का स्वामी बुध होता है। इस राशि में जन्मे जातक:
बुद्धिमान और विश्लेषणात्मक होते हैं
लेखन, बैंकिंग, अकाउंटिंग, शिक्षा और ज्योतिष में कुशल
वाणी में मधुरता और व्यंग्य क्षमता
संवेदनशील, कल्पनाशील और अध्ययनशील स्वभाव
ये लोग जीवन में अनुशासन और नैतिकता को महत्व देते हैं।
आज का पंचांग 5 फरवरी 2026 क्यों है खास
चतुर्थी व्रत और गणेश पूजन
कन्या राशि में चंद्रमा
शुभ चौघड़िया की उपलब्धता
विवाह मुहूर्त
शुक्र का राशि परिवर्तन
इन सभी कारणों से आज का पंचांग 5 फरवरी 2026 धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत शुभ है।

मानसिक शांति के लिए बेपरवाही क्यों ज़रूरी है

बेपरवाही का मंत्र: चाह गई तो चिंता मिटी, मानसिक शांति पाने का सरल उपाय


🧠 भूमिका
“चाह गई चिंता मिटी, मनुआ बेपरवाह।”
यह दोहा आज के तनावग्रस्त जीवन में मानसिक शांति का सबसे सटीक सूत्र है।
मनुष्य आजीवन कामनाओं का दास बनकर लोभ, मोह, माया, क्रोध और काम के चक्र में फँसा रहता है। छोटी-छोटी बातों से उपजा तनाव उसे भीतर से खोखला करता चला जाता है। ऐसे में बेपरवाही का मंत्र ही वह अस्त्र है, जो मन को पुनः केंद्रित कर मानसिक शांति प्रदान करता है।
📌 बड़े बुजुर्गों की सीख और आधुनिक जीवन
वर्ष 1972 की फिल्म अपना प्रेम का गीत —
“कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना”
आज भी उतना ही प्रासंगिक है।
हम जीवन की परेशानियों का दोष कभी समाज, कभी पड़ोस और कभी ईश्वर पर डाल देते हैं, जबकि वास्तविक समस्या हमारी अतिचिंता और अति-परवाह होती है।

ये भी पढ़ें – कैंसर को चुनौती देता साहस: समाज के लिए प्रेरणा बने कर्नल मिश्रा दंपत्ति

बुजुर्गों की कहावतें —
“दूर के ढोल सुहावने लगते हैं”
“एक उंगली उठाओ तो तीन अपनी ओर होती हैं”
आज भी जीवन का आईना हैं।
🔑 बेपरवाही का अर्थ क्या है?
बेपरवाही का अर्थ लापरवाही नहीं, बल्कि अनावश्यक चिंता से मुक्ति है।
लगातार चिंता और संदेह मानसिक तनाव बढ़ाते हैं, जिससे न तो हम सही निर्णय ले पाते हैं और न ही जीवन का आनंद।
✔️ भावनात्मक संतुलन
✔️ मानसिक मजबूती
✔️ आत्मविश्वास
✔️ बाहरी आलोचना से अप्रभावित रहना
यही बेपरवाही का मंत्र है।
🧍‍♂️ शारीरिक भाषा और मानसिक बेपरवाही
केवल शब्दों से नहीं, हाव-भाव से भी शांति झलकनी चाहिए।
यदि हम ऊपर से शांत और भीतर से उथल-पुथल में हैं, तो शरीर सच्चाई उजागर कर देता है —
बंधी मुट्ठियाँ, तनी मांसपेशियाँ, तेज आवाज़।

ये भी पढ़ें – बुनकर वाहिनी से बुनाई व्यवसाय के कारीगरों की उम्मीदें हुई बलवती

➡️ समाधान:
अपने शरीर को ऊपर से नीचे तक शिथिल करें।
जैसे-जैसे शरीर शांत होगा, मन भी बेपरवाह होता जाएगा।
📖 रहीम का दोहा और उसका जीवन-संदेश
चाह गई चिंता मिटी, मनुआ बेपरवाह।
जिनको कछू न चाहिए, वे साहन के साह।।
🔹 अर्थ:
कामनाएँ ही चिंता का मूल हैं।
जिस दिन चाह समाप्त होती है, उसी दिन मन मुक्त हो जाता है।
जो कुछ नहीं चाहता, वही वास्तव में सबसे समृद्ध होता है।

ये भी पढ़ें – माटी कला स्वरोजगार और जीविकोपार्जन का बेहतर संसाधन

😊 स्वयं को गंभीरता से न लें
जीवन तब सरल हो जाता है जब हम यह समझ लेते हैं कि
👉 हर बात जीवन-मरण का प्रश्न नहीं होती।
हर परिस्थिति में हास्य खोजिए,
हर समस्या में सीख तलाशिए।
बेपरवाह व्यक्ति भावनाहीन नहीं होता,
वह केवल अति-प्रतिक्रिया से मुक्त होता है।
⚠️ बेपरवाही में संतुलन ज़रूरी
अत्यधिक बेपरवाही से रिश्तों को ठेस पहुँच सकती है।
इसलिए—
✔️ दूसरों की भावनाओं के प्रति संवेदनशील रहें
✔️ शांति रखें, पर संवेदना न खोएँ
✔️ आत्मबल बनाएं, अहंकार नहीं

ये भी पढ़ें – शिक्षा बजट में वृद्धि जीडीपी दर से भी कम, केंद्र सरकार की उदासीनता उजागर

🧾 निष्कर्ष
यदि हम पूरे विश्लेषण पर दृष्टि डालें तो स्पष्ट होता है कि
साधारण बातों से उपजे तनाव को दूर करने का सबसे सरल उपाय — बेपरवाही का मंत्र है।
थोड़ा-सा मानसिक पुनर्केंद्रीकरण
और जीवन बन सकता है शांत, संतुलित और सुखी।
✍️ लेखक परिचय
संकलनकर्ता एवं लेखक:- एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी
(कर विशेषज्ञ स्तंभकार | साहित्यकार | अंतरराष्ट्रीय लेखक | चिंतक | कवि | संगीत माध्यमा | सीए(एटीसी))📍 गोंदिया, महाराष्ट्र

एपस्टीन का काला जाल—मोदी के नाम पर वैश्विक साजिश?

एपस्टीन फाइल्स: लोकतंत्र का आईना या सत्ता का कवर-अप?

लेखक: डॉ. सत्यवान सौरभ

एपस्टीन फाइल्स, एपस्टीन कवर-अप, लोकतंत्र और पारदर्शिता, मोदी एपस्टीन विवाद, वैश्विक सत्ता नेटवर्क


अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा सार्वजनिक की जा रही एपस्टीन फाइल्स केवल एक आपराधिक प्रकरण का खुलासा नहीं हैं; वे आधुनिक लोकतंत्रों की पारदर्शिता, जवाबदेही और सत्ता-संरचना पर कठोर प्रश्न उठाती हैं। जेफरी एपस्टीन—वित्तीय वैभव, राजनीतिक पहुँच और यौन शोषण के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का प्रतीक—की मृत्यु के वर्षों बाद सामने आए दस्तावेज़ यह दिखाते हैं कि किस तरह लोकतंत्र और पारदर्शिता के दावों के पीछे गोपनीय नेटवर्क काम करते हैं।
नवंबर 2025 में अमेरिकी कांग्रेस ने एपस्टीन फाइल्स पारदर्शिता अधिनियम पारित किया। जनवरी 2026 तक 33 लाख से अधिक पृष्ठ सार्वजनिक हुए—ई-मेल संवाद, उड़ान लॉग, संपर्क सूचियाँ, वित्तीय लेन-देन और जांच एजेंसियों की आंतरिक रिपोर्टें। इन दस्तावेज़ों में केवल अमेरिका ही नहीं, बल्कि कई देशों के राजनीतिक, कारोबारी और कूटनीतिक संदर्भ उभरे। भारत का उल्लेख सामने आने से एपस्टीन फाइल्स पर बहस और तीखी हो गई।

ये भी पढ़ें – देवरिया SIR-2026 में फर्जीवाड़े का आरोप, एक पते पर 7 नाम जोड़ने से मचा हड़कंप

एपस्टीन नेटवर्क: अपराध से आगे सत्ता का सवाल
न्यूयॉर्क, फ्लोरिडा और कैरिबियन तक फैला एपस्टीन का नेटवर्क साधारण अपराध नहीं था। 2019 में उसकी रहस्यमय मौत के बाद वर्षों तक फाइल्स सील रहीं। पीड़ितों के दबाव, मीडिया की पड़ताल और न्यायिक हस्तक्षेप के बाद दस्तावेज़ सार्वजनिक हुए। जुलाई 2025 के पहले बैच में गिस्लेन मैक्सवेल मुकदमे से जुड़े नाम सामने आए। ट्रंप, क्लिंटन और ब्रिटिश शाही परिवार के संदर्भ पहले से चर्चा में थे; नए खुलासों ने वैश्विक सत्ता नेटवर्क पर रोशनी डाली।

ये भी पढ़ें – स्मार्ट मीटर परियोजना में वेतन संकट: दो माह से भुगतान नहीं, कर्मचारियों में आक्रोश

भारत का संदर्भ: दावे, खंडन और जांच की मांग
एपस्टीन फाइल्स में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अप्रत्यक्ष उल्लेख, उद्योगपति अनिल अंबानी से जुड़े कुछ ई-मेल और पूर्व राजनयिक हर्ष पुरी के नाम आने का दावा किया गया। 2017 के कुछ संवादों में अंतरराष्ट्रीय बैठकों और प्रभाव-निर्माण में एपस्टीन से सलाह लेने के संकेत बताए गए। एक ई-मेल में भारत-इज़रायल कूटनीतिक संवाद के दौरान अमेरिकी नेतृत्व पर प्रभाव का दावा भी दर्ज है।
भारत सरकार ने इन दावों को निराधार बताया। लेकिन लोकतंत्र में विश्वसनीयता केवल खंडन से नहीं, बल्कि स्वतंत्र और पारदर्शी जांच से बनती है। यदि आरोप असत्य हैं, तो निष्पक्ष जांच से परहेज़ क्यों? यही लोकतंत्र और पारदर्शिता की कसौटी है।

ये भी पढ़ें – कैंसर को चुनौती देता साहस: समाज के लिए प्रेरणा बने कर्नल मिश्रा दंपत्ति

अमेरिका में भी सवाल: पारदर्शिता बनाम सत्ता
अमेरिका में भी दस्तावेज़ जारी करने में देरी और आंशिक गोपनीयता पर सवाल उठे। रिपब्लिकन सांसद थॉमस मैसी और डेमोक्रेट नेताओं ने न्यायिक निगरानी की मांग की। इससे स्पष्ट है कि सबसे पुराने लोकतंत्र भी एपस्टीन कवर-अप जैसे आरोपों से अछूते नहीं।
भारतीय लोकतंत्र और विश्वास का संकट
भारत में यह बहस गहरी है। पंचायती राज में महिला आरक्षण के बावजूद कई जगह प्रॉक्सी नेतृत्व दिखता है—औपचारिक ढाँचे के पीछे अनौपचारिक नेटवर्क निर्णय लेते हैं। एपस्टीन फाइल्स इसी प्रवृत्ति का वैश्विक रूप हैं। कोहिनूर, राफेल या चुनावी बॉन्ड जैसे मामलों में अधूरी पारदर्शिता विश्वास को कमजोर करती है।

ये भी पढ़ें – बुनकर वाहिनी से बुनाई व्यवसाय के कारीगरों की उम्मीदें हुई बलवती

वैश्विक पूंजीवाद और अभिजात्य नेटवर्क
ये फाइल्स पूंजी और सत्ता के गठजोड़ को उजागर करती हैं—जहाँ कानून अक्सर कमजोर पड़ता है। भारत जैसे उभरते लोकतंत्र के लिए यह चेतावनी है। विदेशी निवेश और वैश्वीकरण के दौर में संस्थागत मजबूती ही छिपे प्रभाव-जालों का मुकाबला कर सकती है।
राजनीतिक असर और संस्थागत भूमिका
2029 के आम चुनावों से पहले ऐसे खुलासे विमर्श को प्रभावित कर सकते हैं। विपक्ष का कर्तव्य सवाल उठाना है, पर संसद में तथ्यात्मक बहस और आवश्यकता पड़ने पर सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी संस्थागत विश्वास को बनाए रखेगी।

ये भी पढ़ें – माटी कला स्वरोजगार और जीविकोपार्जन का बेहतर संसाधन

समाधान का रोडमैप
भारत से जुड़े सभी संदर्भों की स्वतंत्र जांच।
संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों के विदेशी संपर्कों का नियमित सार्वजनिक प्रकटीकरण।
RTI और राजनीतिक फंडिंग में पूर्ण पारदर्शिता
G-20 जैसे मंचों पर साइबर और वित्तीय पारदर्शिता को एजेंडा बनाना।
निष्कर्ष: एपस्टीन फाइल्स केवल एक व्यक्ति की कहानी नहीं; वे बताती हैं कि लोकतंत्र की असली परीक्षा सत्ता से सवाल पूछने में है। जवाबदेही ही गणराज्य का मूलमंत्र है—यही लोकतंत्र और पारदर्शिता का रास्ता है।

विद्यार्थियों में उत्साह, स्वयं पाठ्यक्रमों में बढ़ी भागीदारी

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)। दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में स्वयं (SWAYAM) पाठ्यक्रम छात्रों के लिए सीखने का नया उत्साह लेकर आए हैं। कक्षाओं के बाद छात्र मंच पर वीडियो व्याख्यान देख रहे हैं, साप्ताहिक क्विज़ हल कर रहे हैं और आंतरिक मूल्यांकन की तैयारी में जुटे हैं।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 के अनुरूप इस सत्र से स्नातक द्वितीय सेमेस्टर में कौशल संवर्धन पाठ्यक्रम (SEC), चतुर्थ सेमेस्टर में क्षमता संवर्धन पाठ्यक्रम (AEC) और स्नातकोत्तर द्वितीय सेमेस्टर में अंतर-विभागीय ओपन इलेक्टिव लागू किए गए हैं। विद्यार्थी व्यक्तित्व विकास, रोजगारपरक कौशल, AI, साइबर सुरक्षा, मोबाइल संचार, पर्यावरण अध्ययन, योग और सकारात्मक मनोविज्ञान जैसे विषयों में अध्ययन कर रहे हैं।
विद्यार्थियों में सबसे ज्यादा उत्साह इस बात को लेकर है कि हर सप्ताह उन्हें स्वयं मंच पर वीडियो व्याख्यान और क्विज़ मिल रहे हैं, जिन पर वे नियमित रूप से कार्य कर रहे हैं।
विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि आंतरिक मूल्यांकन अनिवार्य है। छात्र कम से कम 40 प्रतिशत अंक हासिल किए बिना सेमेस्टर परीक्षा में नहीं बैठ पाएंगे।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने बताया कि स्वयं पाठ्यक्रम विश्वविद्यालय में डिजिटल, लचीली और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों की सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि उच्च शिक्षा अब राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 के अनुरूप नए स्वरूप में आगे बढ़ रही है।
स्वयं नोडल अधिकारी प्रो. अजय कुमार शुक्ला ने कहा कि पंजीकरण बढ़ रहा है, लेकिन जिन छात्रों ने अभी तक पंजीकरण नहीं किया, वे शीघ्र स्वयं पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करें, क्योंकि कुछ पाठ्यक्रमों की पंजीकरण तिथि समाप्त होने को है।
विश्वविद्यालय ने दोहराया कि स्वयं पाठ्यक्रम अनिवार्य हैं। जो छात्र पंजीकरण नहीं करेंगे या आंतरिक मूल्यांकन पूरा नहीं करेंगे, वे परीक्षा में सम्मिलित नहीं हो पाएंगे और संबंधित क्रेडिट भी नहीं मिलेंगे।

मेगा विधिक सहायता शिविर 22 फरवरी को, प्रशासनिक तैयारियां तेज

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सुनील कुमार सिंह की अध्यक्षता में 22 फरवरी को प्रस्तावित मेगा विधिक सहायता शिविर की तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में नोडल अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, तहसीलदार और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। शिविर के प्रचार-प्रसार, कार्ययोजना और सफल आयोजन पर चर्चा हुई।

निर्णय हुआ कि सभी विभाग अपने लाभार्थियों की जानकारी 15 फरवरी तक जिला विकास अधिकारी को उपलब्ध कराएँ। शिविर का आयोजन हीरालाल रामनिवास स्नातकोत्तर महाविद्यालय, खलीलाबाद में होगा।

अधिकारियों को लाभार्थियों को लाने-ले जाने और दस्तावेज उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

भव्य कलश यात्रा से भक्ति रस की अविरल धारा बहती रही

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के रतनपुरा प्रखंड स्थित दतौड़ा ग्राम पंचायत में अवस्थित शिव मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के अवसर पर बुधवार को मंदिर परिसर से भव्य कलश यात्रा निकाली गई।
सैकड़ों स्त्री-पुरुष और बालक पीला वस्त्र धारण कर सिर पर कलश लेकर हर हर महादेव के जय घोष के साथ कलश यात्रा में शामिल हुए। यह यात्रा कुंज वन कुटीर बुढ़वा बाबा के मंदिर तक गई, जहां मंत्रोच्चार के साथ अभिसिंचित पोखरे का जल कलश में भरा गया।
मुख्य यजमान डॉक्टर सुनील कुमार चौरसिया और प्रमिला चौरसिया ने संपूर्ण धार्मिक कार्यक्रम वैदिक मंत्रोच्चार और विधि विधान के साथ संपन्न कराया। बिहार से पधारे आचार्य पंडित दीनदयाल पाठक, मारकंडे मिश्र और प्रमोद पाठक ने कलश यात्रा के दौरान विधिवत पूजन किया।
कलश यात्रा में विभिन्न ग्राम पंचायतों की महिलाएं धार्मिक गीत गाते हुए शामिल रहीं। गाजे-बाजे के साथ यह यात्रा लगभग 4 किलोमीटर की दूरी तय कर लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी। रास्ते में बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्रद्धालुओं का स्वागत हर हर महादेव के गगनभेदी उदघोष के साथ करते रहे।
आगामी कार्यक्रम में 5 फरवरी गुरुवार को रुद्राभिषेक और 6 फरवरी शुक्रवार को प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन होगा। इसके बाद 7 जनवरी को मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इस धार्मिक उत्सव से संपूर्ण क्षेत्र में भक्ति रस की अविरल सरिता प्रवाहित होती रही।

शोध पात्रता परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन 8 फरवरी से शुरू

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय एवं उससे सम्बद्ध महाविद्यालयों में सत्र 2025-26 के लिए पीएचडी में प्रवेश हेतु शोध पात्रता परीक्षा (आरईटी) के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 8 फरवरी से प्रारंभ होगी। इस सत्र में कुल 1011 सीटों पर प्रवेश लिया जाएगा।

विश्वविद्यालय परिसर में 241 तथा सम्बद्ध महाविद्यालयों में 625 नियमित सीटों पर पीएचडी में प्रवेश किया जाना है। इसके अलावा स्ववित्तपोषित कार्यक्रमों की 90 सीटों और पार्ट टाइम पीएचडी की 55 सीटों पर भी प्रवेश होगा।

प्रवेश प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. हर्ष सिन्हा ने बताया कि गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी विदेशी छात्रों के प्रवेश के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 21 फरवरी निर्धारित की गई है, जबकि प्रवेश परीक्षा मार्च के प्रथम सप्ताह में आयोजित की जाएगी।

कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि विश्वविद्यालय ने हाल के वर्षों में शोध के क्षेत्र में अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के कारण विभिन्न राष्ट्रीय रैंकिंग में विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने बताया कि इस सत्र से पहली बार इंजीनियरिंग, फार्मेसी, वाणिज्य, प्रबंधन और कृषि विषयों में स्ववित्तपोषित शोध कार्यक्रम भी शुरू किए जा रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि शोध पात्रता परीक्षा के माध्यम से विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों को श्रेष्ठ शोधार्थी प्राप्त होंगे।

अभिलेख और मुद्राओं से इतिहास लेखन होता है प्रमाणिक: डॉ. यशवन्त सिंह राठौर

प्राचीन भारतीय मुद्राओं की निर्माण तकनीक और विकास पर राष्ट्रीय व्याख्यान सम्पन्न

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)।‘‘प्राचीन भारतीय अभिलेख एवं मुद्राएं – अभिरुचि कार्यशाला’’ राष्ट्रीय व्याख्यान श्रृंखला के अंतर्गत प्राचीन इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के डॉ. मणिन्द्र यादव ने ‘‘प्राचीन भारतीय मुद्राओं की निर्माण तकनीक एवं विकास’’ विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया।
डॉ. मणिन्द्र यादव ने मानव सभ्यता में विनिमय व्यवस्था की शुरुआत पर प्रकाश डालते हुए वस्तु-विनिमय प्रणाली से लेकर धातु मुद्राओं के विकास तक की ऐतिहासिक यात्रा को सरल और रोचक ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि समय के साथ आर्थिक आवश्यकताओं के अनुरूप मुद्रा प्रणाली का क्रमिक विकास कैसे हुआ।
व्याख्यान में मौर्यकालीन सिक्कों, उनकी निर्माण तकनीक, धातुओं के चयन, चिह्नों और प्रतीकों के महत्व तथा तत्कालीन आर्थिक व्यवस्था में उनकी भूमिका पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही उस दौर की लेन-देन व्यवस्था और राज्य द्वारा मुद्रा नियंत्रण प्रणाली पर भी विस्तार से जानकारी दी गई।
डॉ. मणिन्द्र यादव ने पीपीटी के माध्यम से मुद्रा तकनीक के इतिहास को प्रस्तुत करते हुए प्राचीन सिक्कों से संबंधित चित्र और आकृतियां भी प्रदर्शित कीं, जिससे प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान हुआ।
कार्यशाला के संयोजक एवं राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर के उप निदेशक डॉ. यशवन्त सिंह राठौर ने कहा कि अभिलेखों और मुद्राओं के आधार पर किया गया इतिहास लेखन अत्यंत प्रमाणिक और विश्वसनीय होता है। उन्होंने बताया कि मुद्राओं की निर्माण तकनीक और उनके विकास के विभिन्न चरणों को समझना इतिहास अध्ययन के लिए आवश्यक है।
राष्ट्रीय व्याख्यान श्रृंखला के द्वितीय दिन आयोजित इस सत्र में लगभग 85 प्रतिभागियों के साथ-साथ कार्यालय के कार्मिक भी उपस्थित रहे।