संत कबीर नगर(राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में 22 फरवरी 2026, रविवार को एचआरपीजी कॉलेज, खलीलाबाद में आयोजित होने वाले मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर की तैयारियों के संबंध में कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव/सिविल जज (सीनियर डिवीजन) सुनील कुमार सिंह तथा जिला विकास अधिकारी प्रेम प्रकाश त्रिपाठी उपस्थित रहे।
बैठक में शिविर के व्यापक प्रचार-प्रसार, कार्ययोजना और सफल आयोजन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सुनील कुमार सिंह ने बताया कि 22 फरवरी को हीरालाल रामनिवास स्नातकोत्तर महाविद्यालय, खलीलाबाद में आयोजित शिविर का उद्देश्य पात्र व्यक्तियों को जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाना तथा विभागीय स्टॉल/कैंप के माध्यम से योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी संबंधित विभाग शिविर में अपने-अपने विभागों की लाभार्थीपरक योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों को उपलब्ध कराएं और योजनाओं के प्रचार-प्रसार हेतु स्टॉल अनिवार्य रूप से लगाएं। उन्होंने समाज कल्याण, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, बाल विकास, बेसिक व माध्यमिक शिक्षा, कृषि, पिछड़ा वर्ग कल्याण, पंचायती राज, उद्योग, मत्स्य, पशुपालन, श्रम, युवा कल्याण, चिकित्सा, डूडा, प्रोबेशन, नेडा सहित सभी विभागों को सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सभी विभागों को 15 फरवरी तक लाभान्वित किए जाने वाले संभावित लाभार्थियों की सूची निर्धारित प्रारूप पर जिला विकास अधिकारी/नोडल अधिकारी को उपलब्ध कराने तथा मोबाइल नंबर 9415251214 पर सूचित करने को कहा गया है।
बैठक में अपर उपजिलाधिकारी सुधीर कुमार, उपायुक्त उद्योग राजकुमार शर्मा, एआरटीओ प्रियंवदा सिंह, श्रम प्रवर्तन अधिकारी मनोज कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एस.के. तिवारी, जिला पूर्ति अधिकारी राजीव कुमार, युवा कल्याण अधिकारी आराधना द्विवेदी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
22 फरवरी को लगने वाले वृहद विधिक सेवा शिविर की तैयारियों की डीएम ने की समीक्षा
Akhilesh Yadav का योगी सरकार पर हमला, बोले- पुलिस और अपराधी एक ही टीम में
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने प्रदेश की कानून व्यवस्था और पुलिस व्यवस्था पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “इधर हथेली गरम, उधर पुलिस नर्म” और आरोप लगाया कि प्रदेश में पुलिस और अपराधी एक ही टीम में शामिल हो गए हैं।
“बीजेपी है इस टीम की कैप्टन”
अखिलेश यादव ने कहा कि पहले पुलिस और अपराधी दो अलग-अलग टीमें होती थीं, लेकिन अब “संगठित अपराध में अपराधियों के साथ सरकार और पुलिस भी शामिल है।” उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी इस टीम की “कैप्टन” है।
सपा प्रमुख ने कहा, “जब एफआईआर ही दर्ज नहीं होगी तो अपराध के आंकड़े अपने आप नीचे आ जाएंगे।”
उन्होंने यह भी कहा कि “बीजेपी और पुलिस बेईमानी और भ्रष्टाचार के नए पर्यायवाची बन गए हैं।”
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कानून व्यवस्था पर सवाल
अखिलेश यादव ने दावा किया कि प्रदेश में संगठित अपराध बढ़ रहा है और पुलिस का खौफ खत्म हो गया है। उन्होंने कहा, “दावा किया जाता है कि चौराहे पर पुलिस मिलेगी, लेकिन बीजेपी यह नहीं बताती कि वह ले-देकर अगले चौराहे तक छोड़ भी देगी।”
स्वास्थ्य सेवाओं पर भी निशाना
सपा मुखिया ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की मंशा स्वास्थ्य सेवाओं को कमजोर करने की है ताकि लोग निजी अस्पतालों की ओर रुख करें।
उन्होंने कहा कि कई जिलों में गलत दवाएं दी जा रही हैं। मैनपुरी में कथित तौर पर गलत दवा वितरण और कफ सिरप व “Liver 52” से जुड़े मामलों का जिक्र करते हुए उन्होंने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया।
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UGC NET: बलिया की अंकिता ने रचा इतिहास
बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित यूजीसी नेट परीक्षा में ग्राम पंचायत रुद्रवार निवासी कु. अंकिता श्रीवास्तव ने कॉमर्स विषय में असिस्टेंट प्रोफेसर हेतु क्वालिफाई कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस सफलता से पूरे इलाके में हर्ष और गर्व का माहौल है।
परिणाम घोषित होते ही परिजनों, शिक्षकों, मित्रों और क्षेत्रवासियों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।
प्रारंभिक शिक्षा से ही रहीं मेधावी
अंकिता की प्रारंभिक शिक्षा ज्ञानकुंज एकेडमी, बंशीबाजार से हुई। बचपन से ही वे मेधावी, अनुशासित और परिश्रमी छात्रा रहीं। विद्यालय स्तर पर ही उन्होंने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया और पढ़ाई के प्रति गंभीरता व लक्ष्य के प्रति समर्पण ने उन्हें अलग पहचान दिलाई।
इंटरमीडिएट के बाद उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बी.कॉम और एम.कॉम की डिग्री उत्कृष्ट अंकों के साथ प्राप्त की। उच्च शिक्षा के दौरान ही उन्होंने यूजीसी नेट को अपना लक्ष्य बनाया और निरंतर तैयारी में जुटीं रहीं।
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मेहनत और आत्मविश्वास बना सफलता की कुंजी
कड़ी मेहनत, अनुशासन, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास के बल पर अंकिता ने यह उपलब्धि हासिल की। वे अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों और शुभचिंतकों को देती हैं। उनका कहना है कि परिवार का सहयोग और शिक्षकों का मार्गदर्शन ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रहा।
क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण
क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों ने इसे ग्राम पंचायत रुद्रवार के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया है। उनका मानना है कि ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों की यह सफलता समाज में सकारात्मक संदेश देती है और अन्य छात्र-छात्राओं को उच्च लक्ष्य निर्धारित करने की प्रेरणा देती है।
अंकिता की यह उपलब्धि पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है।
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पुलिस का विशेष चेकिंग अभियान, 18 स्थानों पर जांच, 338 लोगों से पूछताछ
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।जनपद देवरिया में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से बुधवार सुबह पुलिस ने मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक देवरिया संजीव सुमन के निर्देशन में यह विशेष अभियान 11 फरवरी 2026 को प्रातः 5 बजे से 8 बजे तक संचालित हुआ। अभियान का मकसद अपराध नियंत्रण, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर और आम नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ाना रहा।
सुबह के समय जब बड़ी संख्या में लोग मॉर्निंग वॉक और व्यायाम के लिए निकलते हैं, उसी दौरान पुलिस टीमों ने शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के पार्कों, चौराहों, बाजारों और संवेदनशील स्थलों पर सघन चेकिंग की। इस दौरान संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की गई और वाहनों की गहन जांच हुई।
18 स्थानों पर एक साथ कार्रवाई
मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान के तहत पूरे जनपद में 18 स्थानों पर एक साथ पुलिस बल तैनात रहा। अभियान में 338 व्यक्तियों से पूछताछ और 210 वाहनों की चेकिंग की गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई अपराध की रोकथाम के साथ-साथ संभावित घटनाओं को पहले ही रोकने की रणनीति का हिस्सा है।
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यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती
चेकिंग के दौरान तीन सवारी वाले दोपहिया वाहन, मॉडिफाइड साइलेंसर, बिना हेलमेट और नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने जैसे मामलों में कार्रवाई की गई। नाबालिग चालकों के मामलों में अभिभावकों को चेतावनी दी गई। मॉडिफाइड साइलेंसर के खिलाफ कार्रवाई से ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण को लेकर लोगों ने राहत महसूस की।
चोरी की गाड़ियां और अवैध गतिविधियां रडार पर
अभियान के दौरान पुलिस ने चोरी के वाहनों, अवैध असलहों और मादक पदार्थों की तस्करी पर विशेष नजर रखी। संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त व्यक्तियों से गहन पूछताछ की गई। पुलिस का कहना है कि इस तरह की सतर्कता से अपराधियों में डर और आम जनता में भरोसा पैदा होता है।
सामुदायिक पुलिसिंग को मिला बढ़ावा
इस अभियान का अहम उद्देश्य सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत करना भी रहा। थाना प्रभारियों ने आम नागरिकों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और कई छोटे विवाद मौके पर ही सुलझाए। पुलिस ने लोगों को जागरूक किया कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
मॉर्निंग वॉकर्स ने जताया संतोष
पार्कों और सड़कों पर टहल रहे नागरिकों, खासकर महिलाओं और बुजुर्गों ने पुलिस की इस पहल की सराहना की। लोगों का कहना है कि सुबह के समय पुलिस की सक्रिय मौजूदगी से सुरक्षा का एहसास बढ़ा है।
अपराध नियंत्रण की दीर्घकालिक रणनीति
पुलिस अधीक्षक के अनुसार, देवरिया मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं, बल्कि अपराध नियंत्रण की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। आने वाले समय में भी ऐसे अभियान नियमित रूप से चलाए जाएंगे।
निष्कर्ष
देवरिया में चलाया गया यह विशेष पुलिस चेकिंग अभियान कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में प्रभावी कदम साबित हुआ। 18 स्थानों पर जांच, सैकड़ों लोगों और वाहनों की चेकिंग तथा आमजन से संवाद ने यह संदेश दिया कि पुलिस पूरी तरह सतर्क और जनसुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध है।
40 साल बाद बीएमसी में भाजपा का परचम, रितु तावड़े बनीं महापौर
भाजपा की ऐतिहासिक जीत: रितु तावड़े बनीं बीएमसी की निर्विरोध महापौर, ठाकरे युग का अंत

मुंबई (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)मुंबई की नगर निगम राजनीति में एक ऐतिहासिक मोड़ सामने आया है। भाजपा पार्षद रितु तावड़े को बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) की निर्विरोध महापौर चुना गया है। यह पिछले चार दशकों में पहली बार है जब भारतीय जनता पार्टी इस प्रतिष्ठित पद तक पहुंची है। शिवसेना (यूबीटी) द्वारा महापौर पद के लिए उम्मीदवार न उतारने के फैसले के बाद चुनाव निर्विरोध संपन्न हुआ, जिससे मुंबई के सबसे धनी नगर निकाय पर ठाकरे परिवार का लगभग 25 वर्षों का वर्चस्व समाप्त हो गया।
महापौर चुनाव के साथ ही शिवसेना नेता संजय घड़ी को उप महापौर चुना गया है। इस घटनाक्रम को मुंबई की स्थानीय राजनीति में सत्ता संतुलन बदलने वाला कदम माना जा रहा है।
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घाटकोपर पश्चिम क्षेत्र से तीन बार की पार्षद रहीं 53 वर्षीय रितु तावड़े जमीनी राजनीति, नगर प्रशासन और जन कल्याण के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव रखती हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, रितु तावड़े एक सक्रिय और जनसंपर्क से जुड़ी हुई नेता हैं, जिन्होंने प्रशासनिक दक्षता और स्थानीय नागरिकों के साथ मजबूत संबंधों के कारण अलग पहचान बनाई है।
उन्होंने वर्ष 2012 में वार्ड 127 से पार्षद चुने जाने के बाद पहली बार बीएमसी में प्रवेश किया था। इसके बाद 2017 में वार्ड 121 (घाटकोपर) से पुनः जीत दर्ज की। हाल ही में 15 जनवरी को हुए नगर निगम चुनाव में उन्होंने वार्ड 132 से जीत हासिल कर अपनी राजनीतिक स्थिति और मजबूत कर ली।
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पार्षद के रूप में कार्य करने के साथ-साथ रितु तावड़े बीएमसी की शिक्षा समिति की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। इस भूमिका में उन्होंने नगर निगम स्कूलों की गुणवत्ता, बुनियादी ढांचे और शैक्षणिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई अहम फैसले लिए।
227 सदस्यीय बीएमसी चुनाव परिणामों की बात करें तो भाजपा ने 89 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर सामने आई। उसकी सहयोगी शिवसेना (शिंदे गुट) को 29 सीटें मिलीं। इस तरह 118 पार्षदों के समर्थन के साथ भाजपा-नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने महापौर पद पर आसानी से कब्जा कर लिया।
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वहीं, शिवसेना (यूबीटी) जिसे 1997 से लगातार 25 वर्षों तक मुंबई नगर निगम पर शासन का अनुभव रहा है, इस बार 65 सीटों पर सिमट गई। उसके सहयोगी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) को 6 और शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी को केवल 1 सीट मिली।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रितु तावड़े का बीएमसी महापौर बनना न केवल भाजपा के लिए बड़ी उपलब्धि है, बल्कि यह मुंबई की नगर राजनीति में एक नए युग की शुरुआत का संकेत भी देता है। अब सबकी नजर इस पर टिकी है कि उनके नेतृत्व में बीएमसी विकास, पारदर्शिता और जनहित के मुद्दों पर किस दिशा में आगे बढ़ती है।
लावारिस शव मिलने पर पुलिस अलर्ट,खंगाले जा रहे गुमशुदगी रिकॉर्ड
झाड़ियों में मिला लावारिस युवक का शव, सिकंदरपुर–बलिया में फैली सनसनी
सिकंदरपुर / बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। आदर्श नगर पंचायत सिकंदरपुर के मोहल्ला मिल्की के पास सिकंदरपुर–बेल्थरा रोड किनारे बुधवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब राहगीरों ने सड़क से सटी झाड़ियों में एक लावारिस युवक का शव पड़ा देखा। खबर फैलते ही कस्बे और आसपास के ग्रामीण इलाकों में सनसनी फैल गई और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई।
सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी अश्वनी कुमार मिश्रा पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए भीड़ हटाई और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। आसपास के लोगों से युवक की पहचान कराने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक शव की शिनाख्त नहीं हो सकी। पुलिस के अनुसार मृतक की उम्र करीब 30 से 35 वर्ष के बीच प्रतीत हो रही है।
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मौके से नीडिल और सिरिंज बरामद
पुलिस को घटनास्थल से काले रंग की पॉलिथीन में रखी नीडिल और सिरिंज भी मिली है। इससे प्रथम दृष्टया मामला नशे से जुड़ा होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया कि मौत के वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएंगे। फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव
कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को जिला अस्पताल बलिया पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही, आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी रिपोर्ट खंगाली जा रही हैं, ताकि मृतक की पहचान हो सके। पुलिस टीम क्षेत्र के सीसीटीवी, स्थानीय सूचना तंत्र और सोशल माध्यमों से भी सुराग जुटाने में लगी है।
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क्षेत्र में चर्चाओं का दौर
घटना के बाद से इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। स्थानीय लोगों ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए सच्चाई सामने लाने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि जांच के सभी पहलुओं—स्वास्थ्य, नशा, आपराधिक एंगल—को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अपील: यदि किसी को युवक की पहचान से जुड़ी कोई जानकारी हो, तो तत्काल नजदीकी थाने को सूचित करें।
अपहरण के बाद हाई-स्पीड चेज, 11 राउंड फायरिंग
रांची कचहरी चौक हिंसा: किन्नरों से मारपीट, युवक का अपहरण, पुलिस मुठभेड़ में आरोपी घायल
रांची (राष्ट्र की परम्परा)झारखंड की राजधानी रांची के कोतवाली थाना क्षेत्र के कचहरी चौक के पास देर रात एक मामूली कहासुनी ने भयावह रूप ले लिया। दो युवकों और किन्नर समुदाय के बीच शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते मारपीट, कुचलने की कोशिश, अपहरण और पुलिस मुठभेड़ तक पहुंच गया। इस रांची कचहरी चौक हिंसा की घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और राजधानी की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए।
पुलिस के अनुसार, कचहरी चौक के समीप एक गली में बोलेरो
(JH01DFD-5302) में आरोपी युवक किन्नरों के साथ शराब पी रहे थे। किन्नरों की पहचान लेवनी और स्वीटी के रूप में हुई है। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने दोनों किन्नरों को गाड़ी से उतारकर बेरहमी से पीटा। सिटी एसपी पारस राणा ने बताया कि आरोपियों ने एक किन्नर को उठाकर पटक दिया और बोलेरो को दो-तीन बार आगे-पीछे कर कुचलने की कोशिश की, जिससे एक किन्नर का पैर टूट गया।
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जब स्थानीय युवकों ने विरोध किया तो आरोपियों ने उन पर भी हमला किया। इसी दौरान तेज रफ्तार बोलेरो से बंटी नामक युवक को कुचल दिया गया। गंभीर रूप से घायल बंटी को आरोपियों ने बोलेरो की डिक्की में डालकर अपहरण कर लिया और मौके से फरार होने लगे। सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई और शहर के विभिन्न इलाकों में नाकेबंदी की गई।
भागते समय आरोपियों ने एक प्रशिक्षु डीएसपी की गाड़ी में टक्कर मार दी, जिससे अंगरक्षक हवलदार प्रमोद भगत घायल हो गए। पुलिसकर्मियों को कुचलने की कोशिश के बावजूद टीम ने पीछा जारी रखा। मांडर के बास्की गांव की ओर बोलेरो को घेरने पर पीए सिस्टम से सरेंडर की चेतावनी दी गई, लेकिन आरोपी नहीं रुके। आम नागरिकों की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने टायर को निशाना बनाकर 11 राउंड फायरिंग की। एक गोली चालक इश्तियाक अंसारी (25) की कमर में लगी और गाड़ी रुक गई।
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मौके से इश्तियाक अंसारी और उसका साथी गुरफान अंसारी गिरफ्तार किए गए। गुरफान नगड़ी के नारो गांव का निवासी है, जबकि इश्तियाक देवड़ी पिस्का का रहने वाला है। क्षतिग्रस्त बोलेरो पर करीब सात गोलियों के निशान मिले। पुलिस के मुताबिक, इश्तियाक का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है; उसके खिलाफ फरवरी 2024 में दंगा, सरकारी काम में बाधा, धार्मिक भावना आहत करने, आर्म्स एक्ट और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान के मामले दर्ज हैं।
घायल इश्तियाक को पहले सदर अस्पताल और बाद में रिंची अस्पताल में भर्ती कराया गया। सुबह करीब 7:30 बजे दोनों आरोपियों को पूरी तरह पुलिस कस्टडी में ले लिया गया। घटना के बाद किन्नर समुदाय और स्थानीय लोगों में आक्रोश है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि मामले की गहन जांच कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह सनसनीखेज वारदात रांची कचहरी चौक हिंसा के रूप में शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न छोड़ गई है।
नगर निकाय चुनाव 2026: JAC बोर्ड परीक्षाओं की तिथियों में बड़ा बदलाव
JAC Exam Date Change 2026: नगर निकाय चुनाव के चलते इंटर, 8वीं, 9वीं और 11वीं की परीक्षा तिथियों में बदलाव
रांची (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) ने नगर निकाय चुनाव 2026 को ध्यान में रखते हुए जैक बोर्ड परीक्षा 2026 के कार्यक्रम में अहम बदलाव किया है। सबसे बड़ा बदलाव जैक इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 की तिथि को लेकर किया गया है। पहले यह परीक्षा 23 फरवरी को प्रस्तावित थी, लेकिन अब इसे 24 फरवरी 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में परिषद ने आधिकारिक पत्र जारी कर सभी संबंधित पक्षों को सूचित कर दिया है।
जैक की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, 23 फरवरी 2026 को झारखंड में नगर निकाय चुनाव निर्धारित हैं। चुनावी प्रक्रिया के दौरान प्रशासनिक व्यवस्थाओं और परीक्षा संचालन में संभावित बाधाओं को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। परिषद ने विद्यार्थियों से अपील की है कि वे संशोधित तिथि के अनुसार अपनी तैयारी सुनिश्चित करें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।
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JAC Class 8 Board Exam 2026: नई तिथि और एडमिट कार्ड अपडेट
जैक कक्षा आठवीं बोर्ड परीक्षा 2026 की तिथि भी संशोधित की गई है। अब यह परीक्षा 2 मार्च 2026 को आयोजित होगी। कक्षा 8वीं के विद्यार्थियों के प्रवेश पत्र 20 फरवरी 2026 से जैक की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराए जाएंगे।
इसके साथ ही, स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे विद्यार्थियों के आंतरिक मूल्यांकन (Internal Assessment) के अंक 5 से 15 मार्च 2026 के बीच ऑनलाइन अपलोड करें।
JAC Class 9 Exam 2026: दो दिन, दो पालियां
जैक कक्षा नौवीं परीक्षा 2026 अब 6 और 7 मार्च 2026 को आयोजित होगी। परीक्षा दो पालियों में संपन्न कराई जाएगी। कक्षा 9वीं के एडमिट कार्ड 24 फरवरी 2026 से जैक की वेबसाइट पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध रहेंगे। परिषद ने सभी विद्यालयों को समय पर प्रवेश पत्र विद्यार्थियों तक पहुंचाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
JAC Class 11 Board Exam 2026: OMR पैटर्न और अतिरिक्त समय
जैक कक्षा 11वीं बोर्ड परीक्षा 2026 का आयोजन 25 फरवरी से 28 फरवरी 2026 के बीच किया जाएगा। परीक्षा दो पालियों में OMR शीट पर होगी।
हर विषय में 40 अंकों के बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) पूछे जाएंगे, जबकि 10 अंकों का आंतरिक मूल्यांकन निर्धारित रहेगा।
जैक ने यह भी स्पष्ट किया है कि कक्षा 11वीं के परीक्षार्थियों को प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा, ताकि वे बेहतर तरीके से प्रश्नों को समझ सकें।
छात्रों और अभिभावकों के लिए जरूरी अपील
जैक ने सभी विद्यार्थियों, अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन से अपील की है कि वे संशोधित परीक्षा कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए अपनी तैयारी और व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। परिषद ने यह भी कहा है कि सभी परीक्षाएं नई घोषित तिथियों पर ही आयोजित होंगी। ऐसे में छात्रों को सलाह दी गई है कि वे JAC की आधिकारिक वेबसाइट से नियमित रूप से अपडेट लेते रहें।
पटना से पूरे बिहार तक सस्ता होगा रेंट एग्रीमेंट, जानिए पूरा गणित
बिहार में रेंट एग्रीमेंट होगा सस्ता, किरायेदारों को बड़ी राहत, रजिस्ट्रेशन फीस में 50% तक कटौती की तैयारी
पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)बिहार में घर या दुकान किराये पर लेना अब न सिर्फ कानूनी रूप से सुरक्षित होगा, बल्कि जेब पर भी हल्का पड़ेगा। राज्य सरकार के मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने रेंट एग्रीमेंट और लीज रजिस्ट्रेशन शुल्क में 50 प्रतिशत तक कटौती की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इसके लिए उच्च स्तरीय कमेटी का गठन कर दिया गया है, जो जल्द ही नई दरों का प्रस्ताव सरकार को सौंपेगी।
यह फैसला लागू होने के बाद पटना समेत पूरे बिहार के 10 लाख से अधिक किरायेदारों को सीधा फायदा मिलेगा। अभी तक महंगी फीस के कारण लोग रेंट एग्रीमेंट रजिस्ट्रेशन से बचते रहे हैं, जिससे विवाद की स्थिति में उन्हें कानूनी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
अब तक क्यों नहीं बनते थे रेंट एग्रीमेंट
पटना नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार शहर में 3.10 लाख रजिस्टर्ड होल्डिंग टैक्स वाले मकान हैं, जिनमें 10 लाख से ज्यादा किरायेदार रहते हैं। कानूनन सभी के लिए रेंट एग्रीमेंट रजिस्ट्रेशन जरूरी है, लेकिन वर्तमान में सालाना औसतन सिर्फ 5 हजार एग्रीमेंट ही रजिस्टर्ड हो पाते हैं।
इसकी सबसे बड़ी वजह ऊंची स्टांप ड्यूटी और निबंधन फीस रही है।
अभी कितना खर्च आता है
वर्तमान व्यवस्था के अनुसार,कुल किराये का 0.5% स्टांप ड्यूटी
2% निबंधन शुल्क,अगर कुल किराया 10 लाख रुपये है, तो
5,000 रुपये स्टांप ड्यूटी,20,000 रुपये निबंधन शुल्क,यानी कुल 25,000 रुपये खर्च होते हैं।
प्रस्तावित बदलाव से कितनी होगी बचत
सरकार के प्रस्ताव के मुताबिक,स्टांप ड्यूटी 0.5% ही रहेगी,निबंधन शुल्क घटाकर 1% किया जाएगा,इस तरह 10 लाख रुपये के किराया मूल्य पर
कुल खर्च घटकर करीब 15,000 रुपये रह जाएगा,यानी सीधे 10,000 रुपये की बचत
कानूनी विशेषज्ञों की राय
रिटायर्ड डीआईजी रजिस्ट्रेशन शेखर नीलम के अनुसार, रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत एक साल से कम अवधि का रेंट एग्रीमेंट भी बिना रजिस्ट्रेशन कानूनी रूप से मान्य नहीं होता।
वहीं वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल कुमार उद्योगी बताते हैं कि नोटरी एग्रीमेंट का विवाद की स्थिति में कोई कानूनी महत्व नहीं होता, केवल रजिस्टर्ड रेंट एग्रीमेंट ही मान्य होता है।
रेंट एग्रीमेंट रजिस्ट्रेशन में आएगा उछाल
फीस कम होने और जागरूकता बढ़ने से उम्मीद है कि आने वाले समय में रेंट एग्रीमेंट रजिस्ट्रेशन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी होगी। इससे
मकान मालिक और किरायेदार दोनों सुरक्षित होंगे
किराया विवाद कम होंगे ।सरकार को भी पारदर्शी राजस्व मिलेगा
तेज रफ्तार कार ने बाइक को मारी टक्कर, दो की मौके पर मौत
बलिया (राष्ट्र की परम्परा)।जनपद के गड़वार–फेफना मार्ग पर मंगलवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। चांदपुर चट्टी के पास तेज रफ्तार कार–बाइक टक्कर में बाइक सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि दोनों को संभलने का मौका नहीं मिला।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पंदह गांव निवासी 38 वर्षीय प्रमोद कुमार राय और 51 वर्षीय अनंत राय बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रही तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद दोनों गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े और घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।
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सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। दुर्घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद कार चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने क्षतिग्रस्त बाइक और कार को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना हादसे का प्रमुख कारण माना जा रहा है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि फरार चालक की पहचान कर शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जा सके।
एक ही गांव के दो लोगों की मौत की खबर मिलते ही पंदह गांव में शोक की लहर दौड़ गई। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से दोषी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने गड़वार–फेफना मार्ग पर रात के समय तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण के लिए पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने और स्पीड कंट्रोल उपाय लागू करने की भी अपील की।
पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है। परिजनों की तहरीर मिलते ही संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता दी जाएगी।
अपराध पर शिकंजा, नए साल का पांचवां एनकाउंटर
पटना एनकाउंटर: कुख्यात सूर्या डॉन पुलिस मुठभेड़ में घायल, NMCH में भर्ती
पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। बुधवार की सुबह राजधानी पटना में अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कुख्यात अपराधी राजीव कुमार उर्फ सूर्या डॉन को मुठभेड़ में घायल कर गिरफ्तार कर लिया। यह एनकाउंटर गायघाट इलाके में हुआ, जहां पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने उसे घेर लिया। मुठभेड़ के दौरान सूर्या डॉन के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (NMCH) में भर्ती कराया गया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सूर्या डॉन पर डकैती, लूट, चोरी, अवैध हथियार रखने और रंगदारी जैसे कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह खाजेकला थाना क्षेत्र का रहने वाला है और लंबे समय से पुलिस की रडार पर था।
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कैसे हुआ पटना एनकाउंटर
जानकारी के मुताबिक, आलमगंज थाना और एसटीएफ को इनपुट मिला था कि सूर्या डॉन गायघाट इलाके में छिपा हुआ है और नाविकों से रंगदारी वसूलने पहुंचा है। सूचना मिलते ही पुलिस और एसटीएफ ने इलाके की घेराबंदी की। खुद को घिरता देख अपराधी ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी।
जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की। इस दौरान लगभग तीन राउंड गोलियां चलीं, जिसमें एक गोली सूर्या डॉन के पैर में लगी। घायल होने के बाद उसे मौके पर ही काबू में ले लिया गया।
मौके से हथियार बरामद, FSL जांच में जुटी
एनकाउंटर के बाद पुलिस ने मौके से देसी कट्टा और जिंदा गोली बरामद की है। घटनास्थल की वैज्ञानिक जांच के लिए एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम भी पहुंची और साक्ष्य जुटाए। पूरे इलाके में तलाशी अभियान चलाया गया ताकि किसी अन्य अपराधी की मौजूदगी से इनकार किया जा सके।
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इलाके में दहशत, पुलिस अलर्ट
सुबह-सुबह हुए इस एनकाउंटर से गायघाट और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल बन गया। हालांकि, पुलिस की त्वरित कार्रवाई से स्थिति को नियंत्रण में ले लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि नए साल में यह पटना का पांचवां पुलिस एनकाउंटर है, जो अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख को दर्शाता है।
पुलिस का बयान
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि एनकाउंटर पूरी तरह आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई थी। अपराधी की ओर से पहले फायरिंग की गई, जिसके बाद पुलिस को जवाबी कदम उठाना पड़ा। फिलहाल सूर्या डॉन का इलाज चल रहा है और स्वस्थ होने के बाद उससे आगे की पूछताछ की जाएगी।
USTR ने हटाया PoK वाला भारत का नक्शा
वॉशिंगटन/नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। भारत-अमेरिका ट्रेड डील के ऐलान के बीच एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिका के ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) कार्यालय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से वह नक्शा हटा दिया है, जिसमें पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (PoK) और अक्साई चिन को भारत की सीमा के भीतर दिखाया गया था।
यह नक्शा पिछले हफ्ते ट्रेड डील की घोषणा के समय साझा किया गया था और इसके सामने आते ही कूटनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई थी।
क्या था विवाद?
हटाए गए नक्शे में PoK और अक्साई चिन को स्पष्ट रूप से भारत का हिस्सा दिखाया गया था। इससे पहले अमेरिकी सरकारी नक्शों में आमतौर पर PoK को अलग दर्शाया जाता रहा है, ताकि पाकिस्तान की आपत्तियों को ध्यान में रखा जा सके।
नए नक्शे में ऐसी कोई विभाजक रेखा नहीं थी, जिससे यह संकेत मिलता था कि विवादित क्षेत्र भारत की सीमा के भीतर हैं। इसे लेकर सवाल उठने लगे कि यह तकनीकी गलती थी या फिर भारत-अमेरिका संबंधों में बदलाव का संकेत।
USTR ने हटाई पोस्ट
बढ़ती बहस के बीच USTR ने अपने आधिकारिक X (पूर्व ट्विटर) अकाउंट से संबंधित पोस्ट पूरी तरह हटा दी। हालांकि, इस बदलाव को लेकर अमेरिकी पक्ष की ओर से कोई औपचारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है।
अक्साई चिन और PoK क्यों अहम?
• PoK (पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर): भारत इसे जम्मू-कश्मीर का अभिन्न हिस्सा मानता है, जबकि पाकिस्तान इस पर दावा करता है।
• अक्साई चिन: पूर्वोत्तर लद्दाख का क्षेत्र, जिस पर चीन दावा करता है, लेकिन भारत इसे अपना क्षेत्र बताता है।
हटाए गए नक्शे में दोनों क्षेत्रों को भारत के हिस्से के रूप में दिखाया गया था।
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ट्रेड डील से जुड़ा संदर्भ
हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच टैरिफ को लेकर तनातनी रही थी। अब:
• अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर टैरिफ 50% से घटाकर 18% कर दिया है
• यह दर एशियाई देशों में सबसे कम बताई जा रही है
इससे द्विपक्षीय व्यापार सहयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
भारत का स्पष्ट रुख
भारत कई बार स्पष्ट कर चुका है कि जम्मू-कश्मीर का पूरा क्षेत्र उसका अभिन्न हिस्सा है। विदेश मंत्रालय (MEA) अमेरिका समेत अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों द्वारा भारत की सीमाओं, विशेषकर जम्मू-कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश, को गलत तरीके से दिखाए जाने पर आपत्ति दर्ज कराता रहा है।
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DDU Gorakhpur University की बड़ी पहल, दुग्ध उद्योग इकाइयों के थर्ड पार्टी निरीक्षण के लिए नामित
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। DDU Gorakhpur University को उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति–2022 के तहत प्रदेश में प्रस्तावित दुग्ध प्रसंस्करण एवं दुग्ध उद्योग इकाइयों के सत्यापन के लिए थर्ड पार्टी निरीक्षण पैनल गठन हेतु नामित किए जाने का प्रस्ताव प्राप्त हुआ है।
इस पहल से दुग्ध क्षेत्र की परियोजनाओं के तकनीकी मूल्यांकन और भौतिक सत्यापन में विश्वविद्यालय की अहम भूमिका तय मानी जा रही है।
दुग्ध उद्योग को मिलेगा बढ़ावा
यह कदम प्रदेश में दुग्ध आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन देने, निवेश आकर्षित करने और डेयरी सेक्टर के आधुनिकीकरण को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ संकाय सदस्य डेयरी तकनीक, अभियांत्रिकी और संबंधित विषयों में तकनीकी सहयोग प्रदान करेंगे। इससे प्रस्तावित इकाइयों की गुणवत्ता और मानकों का प्रभावी परीक्षण सुनिश्चित होगा।
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कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने क्या कहा?
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि नीति–2022 के प्रभावी क्रियान्वयन में विश्वविद्यालय की सहभागिता प्रदेश के कृषि और दुग्ध आधारित उद्योगों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय समाजोन्मुखी शिक्षा, कौशल विकास और उद्योग–शैक्षणिक सहयोग को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
विशेषज्ञों की भागीदारी से परियोजनाओं का पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण सत्यापन सुनिश्चित होगा, जिससे आधुनिक डेयरी अवसंरचना, रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। साथ ही विद्यार्थियों को डेयरी प्रौद्योगिकी, उद्यमिता और शोध के क्षेत्र में नए अवसर प्राप्त होंगे।
प्रक्रिया शुरू
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस संबंध में आवश्यक प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। संबंधित विभागों के विशेषज्ञों को नामित करने की कार्रवाई शीघ्र पूरी की जाएगी।
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अधूरी नाली बनी आफत, सिंदुरिया-झनझनपुर मार्ग पर घंटों जाम
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। मिठौरा ब्लाक क्षेत्र में विकास कार्यों की सुस्ती अब आमजन के लिए मुसीबत बनती जा रही है। सिंदुरिया चौराहे से झनझनपुर जाने वाले मुख्य मार्ग पर अधूरी नाली निर्माण के चलते मंगलवार की शाम यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। करीब एक घंटे तक सड़क पर लंबा जाम लगा रहा, जिससे राहगीर, वाहन चालक और दुकानदार हलकान नजर आए।
सड़क पहले से ही संकरी है, ऊपर से नाली निर्माण अधूरा छोड़ दिए जाने के कारण रास्ता और सिकुड़ गया है। परिणामस्वरूप दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। दोपहिया से लेकर चारपहिया वाहनों तक को निकलने में भारी मशक्कत करनी पड़ी,जिससे लोगों में नाराजगी देखी गई।
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स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि मंगलवार और शनिवार को साप्ताहिक बाजार लगने से इस मार्ग पर भीड़ सामान्य दिनों से कहीं अधिक रहती है। ऐसे में अधूरा निर्माण कार्य जाम की समस्या को और विकराल बना देता है। जाम के कारण ग्राहक बाजार तक समय से नहीं पहुंच पाते, जिससे कारोबार पर सीधा असर पड़ रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि जाम की स्थिति के दौरान पुलिस की सक्रियता पर्याप्त नहीं रहती, जिससे हालात और बिगड़ जाते हैं। कई बार लोगों को खुद उतरकर ट्रैफिक संभालना पड़ता है।
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स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि नाली निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण कराया जाए तथा बाजार के दिनों में विशेष यातायात व्यवस्था लागू की जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो यह समस्या भविष्य में और गंभीर रूप ले सकती है।फिलहाल, अधूरी नाली और बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था क्षेत्रवासियों के लिए रोज का सिरदर्द बन चुकी है। अब देखना यह है कि प्रशासन कब जागता है और आमजन को इस जाम की जंजीरों से राहत दिलाता है।

