Tuesday, May 5, 2026
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राहुल गांधी पर हरदीप पुरी का हमला, एपस्टीन फाइल्स पर दी सफाई

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। संसद सत्र के दौरान केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को “निराधार आरोप लगाने की आदत” है और देश की राजनीति में दो तरह के नेता होते हैं।

पुरी ने कहा कि कुछ नेता राजनीतिक व्यवस्था के भीतर रहकर जिम्मेदारी निभाते हैं और सार्वजनिक सेवा के लिए अपना जीवन समर्पित करते हैं। ऐसे नेताओं की वजह से भारत ने वैश्विक स्तर पर बड़ी आर्थिक छलांग लगाई है।

राहुल गांधी पर हरदीप पुरी का तीखा प्रहार

हरदीप सिंह पुरी ने कहा, “नेताओं के दो प्रकार होते हैं। एक वे जो व्यवस्था के भीतर रहकर देश की सेवा करते हैं और दूसरा वे जो कभी-कभी देश में आते हैं और संसद में गंभीर चर्चा के दौरान वॉकआउट कर देते हैं।”

उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि आज भी भाषण देने के बाद सदन से चले गए। पुरी ने आरोप लगाया कि बेबुनियाद आरोप लगाना विपक्ष की आदत बन गई है।

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एपस्टीन फाइल्स पर हरदीप पुरी की सफाई

संसद में एपस्टीन फाइल्स के संदर्भ में अपना नाम लिए जाने पर पुरी ने स्पष्ट किया कि सभी तथ्य सार्वजनिक हैं। उन्होंने बताया कि मई 2009 से 2017 तक, जब वे संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत थे, उस अवधि के लगभग 30 लाख ई-मेल सार्वजनिक किए गए हैं।

पुरी ने कहा, “इन ई-मेल में केवल तीन या चार बैठकों का जिक्र है और मेरी सभी बातचीत पूरी तरह पेशेवर थी। यह स्वतंत्र बहुपक्षीय आयोग (Independent Commission on Multilateralism) और अन्य अंतरराष्ट्रीय कार्यों से संबंधित थी। मैंने केवल एक ई-मेल का आदान-प्रदान किया था।”

भारत की अर्थव्यवस्था पर बड़ा दावा

हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि जिम्मेदार नेतृत्व की वजह से भारत 10वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। उन्होंने दावा किया कि देश जल्द ही तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा।

उन्होंने कहा कि जनता के सामने सच्चाई स्पष्ट है और लगाए जा रहे आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।

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दिव्यांगजनों की प्रतिभा का उत्सव: दो दिवसीय प्रदर्शनी में उमड़ा जनसैलाब

देवरिया।(राष्ट्र की परम्परा)l दिव्यांगजन सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में दिव्य कला एवं कौशल प्रदर्शनी देवरिया 2026 का दो दिवसीय आयोजन 10 और 11 फरवरी 2026 को राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) परिसर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह आयोजन दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग एवं जिला प्रशासन के सहयोग से वैष्णवी सेवा शिक्षण संस्थान, उमानगर देवरिया द्वारा राज्य निधि के अंतर्गत किया गया। प्रदर्शनी का उद्देश्य दिव्यांगजनों की कला, कौशल और आत्मनिर्भरता को मंच प्रदान करना तथा समाज में उनकी सकारात्मक पहचान को मजबूत करना रहा।
कार्यक्रम का समापन बुधवार को उपनिदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, गोरखपुर मंडल अनुप कुमार सिंह द्वारा किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि दिव्य कला एवं कौशल प्रदर्शनी देवरिया 2026 जैसे आयोजन न केवल दिव्यांगजनों को आत्मविश्वास प्रदान करते हैं, बल्कि समाज को भी उनकी क्षमताओं से परिचित कराते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि दिव्यांगजन मुख्यधारा से जुड़ें और आत्मनिर्भर बनें।
12 स्टॉलों में सजी रचनात्मकता की झलक
प्रदर्शनी में कुल 12 स्टॉल लगाए गए, जिनमें दिव्यांगजनों द्वारा तैयार किए गए हस्तशिल्प उत्पाद, सजावटी वस्तुएं, घरेलू उपयोग की सामग्री, कपड़े, हस्तनिर्मित आभूषण, पेंटिंग्स, पेपर क्राफ्ट, मोमबत्तियां, राखियां, सजावटी आइटम और अन्य रचनात्मक उत्पाद प्रदर्शित किए गए। आगंतुकों ने इन उत्पादों की गुणवत्ता और कलात्मकता की सराहना की।
दिव्य कला एवं कौशल प्रदर्शनी देवरिया 2026 में प्रदर्शित वस्तुएं न केवल रचनात्मकता का उदाहरण थीं, बल्कि यह भी दर्शाती थीं कि उचित प्रशिक्षण और प्रोत्साहन मिलने पर दिव्यांगजन किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। कई स्टॉलों पर उत्पादों की बिक्री भी हुई, जिससे प्रतिभागियों को आर्थिक लाभ प्राप्त हुआ।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
प्रदर्शनी के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक और खेलकूद गतिविधियों का भी आयोजन किया गया। प्रतिभागियों ने गीत, संगीत, नृत्य, कविता पाठ और नाटक प्रस्तुत कर दर्शकों को भावविभोर कर दिया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से दिव्यांग बच्चों और युवाओं ने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी शारीरिक सीमा की मोहताज नहीं होती।
कार्यक्रम में आयोजित खेलकूद प्रतियोगिताओं ने प्रतिभागियों में उत्साह और प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ावा दिया। विजेताओं को प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
अधिकारियों और संस्थाओं की सहभागिता
दिव्य कला एवं कौशल प्रदर्शनी देवरिया 2026 में जिला विकास अधिकारी, जिला सेवायोजना अधिकारी, जिला समन्वयक समेकित शिक्षा, प्रधानाचार्य राजकीय मूक-बधिर बालिका इंटर कॉलेज कुशीनगर सहित गोरखपुर एवं देवरिया जनपद की विभिन्न सामाजिक और शैक्षणिक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने अपने-अपने स्टॉल के माध्यम से दिव्यांगजनों द्वारा निर्मित उत्पादों को प्रदर्शित किया और उनके कार्यों की सराहना की।
अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से समाज में जागरूकता बढ़ती है और दिव्यांगजनों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है। उन्होंने कहा कि दिव्य कला एवं कौशल प्रदर्शनी देवरिया 2026 जैसी पहलें ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना को साकार करती हैं।
प्रमाण-पत्र और पुरस्कार से बढ़ाया उत्साह
मुख्य अतिथि द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र और पुरस्कार प्रदान किए गए। सम्मान पाकर प्रतिभागियों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। यह सम्मान उनके लिए आगे बढ़ने की प्रेरणा बना।
कार्यक्रम के अंत में जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर किया जाएगा, ताकि दिव्यांगजनों को अपने हुनर को प्रदर्शित करने का अवसर मिलता रहे।
आत्मनिर्भरता की ओर मजबूत कदम
दिव्य कला एवं कौशल प्रदर्शनी देवरिया 2026 ने यह संदेश दिया कि दिव्यांगजन समाज का अभिन्न हिस्सा हैं और उनमें अपार संभावनाएं हैं। इस प्रकार के आयोजन न केवल उनकी प्रतिभा को पहचान दिलाते हैं, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त भी बनाते हैं। राज्य सरकार और जिला प्रशासन की पहल से दिव्यांगजनों के लिए स्वरोजगार, प्रशिक्षण और विपणन के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह की प्रदर्शनियों को नियमित रूप से आयोजित किया जाए और उत्पादों के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया जाए, तो दिव्यांगजन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकते हैं।
समाज में सकारात्मक संदेश
प्रदर्शनी में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों ने भाग लिया। लोगों ने दिव्यांगजनों की प्रतिभा को देखकर उत्साह व्यक्त किया और उनके उत्पादों की खरीदारी कर उनका मनोबल बढ़ाया। इससे समाज में समावेशिता और संवेदनशीलता का संदेश भी प्रसारित हुआ।
दिव्य कला एवं कौशल प्रदर्शनी देवरिया 2026 ने यह साबित कर दिया कि सही मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और प्रोत्साहन मिलने पर दिव्यांगजन भी सफलता की नई ऊंचाइयों को छू सकते हैं। यह आयोजन जिले में सामाजिक समरसता और सशक्तीकरण की दिशा में एक सराहनीय प्रयास के रूप में याद किया जाएगा।

किसानों के लिए बड़ी पहल: 13 फरवरी को सेंट्रल बैंक का कृषि ऋण शिविर

औरैया (राष्ट्र की परम्परा)l जनपद के किसानों, पशुपालकों और कृषि उद्यमियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर सामने आया है। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया कृषि क्रेडिट आउटरीच कैंप औरैया का आयोजन 13 फरवरी 2026 को दोपहर 2:00 बजे किया जाएगा। एक्स यह विशेष शिविर नुमाइश मैदान के सामने स्थित पुरानी लकड़ी मंडी मैदान में आयोजित होगा।
अग्रणी जिला प्रबंधक ने जानकारी देते हुए बताया कि इस कैंप का उद्देश्य किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़े लाभार्थियों को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ना, उन्हें विभिन्न कृषि ऋण योजनाओं की विस्तृत जानकारी देना तथा सरल प्रक्रिया के माध्यम से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है।
यह आयोजन खास तौर पर उन किसानों और ग्रामीण उद्यमियों के लिए लाभकारी साबित होगा, जो खेती, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन, पोल्ट्री या अन्य कृषि आधारित गतिविधियों से जुड़े हैं और अपने व्यवसाय को विस्तार देना चाहते हैं।
किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया कृषि क्रेडिट आउटरीच कैंप औरैया के माध्यम से बैंक द्वारा कई प्रमुख योजनाओं की जानकारी और मौके पर ही मार्गदर्शन दिया जाएगा। इस दौरान बैंक अधिकारी किसानों की पात्रता जांचेंगे और आवश्यक दस्तावेजों के संबंध में मार्गदर्शन भी देंगे।
प्रमुख सुविधाएं:
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के तहत ऋण सुविधा
कम ब्याज दरों पर कृषि ऋण
सरल और त्वरित ऋण स्वीकृति प्रक्रिया
कृषि यंत्र एवं मशीनरी (ट्रैक्टर, थ्रेसर, हार्वेस्टर आदि) के लिए ऋण
सिंचाई उपकरण, ट्यूबवेल, ड्रिप सिस्टम हेतु वित्तीय सहायता
वेयरहाउसिंग और कोल्ड स्टोरेज निर्माण के लिए ऋण
पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन और पोल्ट्री के लिए विशेष वित्तीय योजनाएं
सरकारी योजनाओं के तहत सब्सिडी एवं गारंटी का लाभ (पात्रता के अनुसार)
FPO और समूह आधारित परियोजनाओं को मिलेगा प्रोत्साहन
इस शिविर में कृषक उत्पादक संगठनों (FPO) और समूह आधारित कृषि परियोजनाओं को भी विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाएगा। बैंक द्वारा ऐसे संगठनों को वित्तीय सहयोग प्रदान करने की प्रक्रिया, ऋण संरचना और अनुदान संबंधी जानकारी दी जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्र में सामूहिक खेती और एग्री-बिजनेस को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे किसानों की आय में वृद्धि और रोजगार के अवसरों का विस्तार होने की उम्मीद है।
कृषि आधारित उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया कृषि क्रेडिट आउटरीच कैंप औरैया में कृषि आधारित लघु उद्योगों पर भी फोकस रहेगा। इसमें शामिल हैं:
एग्री प्रोसेसिंग यूनिट
कोल्ड स्टोरेज एवं गोदाम निर्माण
फूड प्रोसेसिंग
डेयरी यूनिट स्थापना
मछली पालन टैंक निर्माण
पोल्ट्री फार्मिंग
इन क्षेत्रों में निवेश करने वाले उद्यमियों को बैंक की ओर से योजनाबद्ध तरीके से वित्तीय सहयोग प्रदान किया जाएगा।
मौके पर मिलेगी विशेषज्ञ सलाह
कैंप के दौरान बैंक के वरिष्ठ अधिकारी और ऋण विशेषज्ञ मौजूद रहेंगे, जो किसानों को निम्न विषयों पर मार्गदर्शन देंगे:
ऋण के लिए पात्रता मानदंड
आवश्यक दस्तावेजों की सूची
आवेदन प्रक्रिया
सब्सिडी और सरकारी योजनाओं का लाभ कैसे लें
पुनर्भुगतान की शर्तें
इससे किसानों को बैंक शाखा के बार-बार चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और एक ही स्थान पर सभी जानकारी उपलब्ध हो सकेगी।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की पहल
विशेषज्ञों का मानना है कि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया कृषि क्रेडिट आउटरीच कैंप औरैया जैसे आयोजन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
कृषि क्षेत्र में पूंजी की उपलब्धता बढ़ने से उत्पादन क्षमता में सुधार होगा, आधुनिक तकनीक अपनाने में मदद मिलेगी और किसानों की आय में वृद्धि संभव हो सकेगी।
सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का लाभ तभी संभव है जब किसानों को समय पर और सही जानकारी मिले। यह आउटरीच कैंप उसी दिशा में एक सकारात्मक पहल है।
किसानों से अपील
बैंक प्रशासन ने सभी पात्र किसानों, पशुपालकों, FPO सदस्यों और कृषि उद्यमियों से अपील की है कि वे 13 फरवरी को निर्धारित समय पर पहुंचकर इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाएं।
जो किसान पहले से ऋण लेने की योजना बना रहे हैं या KCC बनवाना चाहते हैं, वे अपने आवश्यक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, भूमि अभिलेख, बैंक पासबुक, फोटो आदि साथ लेकर आएं, ताकि मौके पर ही प्रक्रिया शुरू की जा सके।
क्यों महत्वपूर्ण है यह कैंप?
ग्रामीण विकास को गति देने की पहल
बैंकिंग सेवाओं तक सीधी पहुंच
कृषि क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा
युवाओं को कृषि उद्यमिता की ओर प्रेरित करना
सरकारी योजनाओं की जानकारी एक ही मंच पर
इस प्रकार, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया कृषि क्रेडिट आउटरीच कैंप औरैया किसानों और कृषि व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए एक सुनहरा अवसर है, जो उनकी आर्थिक प्रगति में सहायक सिद्ध हो सकता है।

परमधाम परिसर में महाशिवरात्रि पर भव्य शिवाचरण एवं धार्मिक आयोजन

सिकन्दरपुर /बलिया(राष्ट्र की परम्परा)l

अद्वैत शिवशक्ति परमधाम परिसर, इहा बिहरा में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर 15 फरवरी को भव्य शिवाचरण एवं विविध धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा। आयोजन समिति द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर विधिवत पूजन के उपरांत अखण्ड अष्टयाम संकीर्तन का शुभारम्भ होगा। इसके साथ ही रात्रि भर शिव नाम संकीर्तन, अभिषेक, आरती, स्तुति, हवन-पूर्णाहुति तथा अगले दिन विशाल भंडारे का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।परमधाम परिसर आध्यात्मिक साधना और शिवभक्ति का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां श्रद्धालुओं को उस ‘अमर कथा’ के श्रवण का अवसर मिलता है, जिसे श्रद्धा स्वरूपा जगदम्बा पार्वती और विश्वास स्वरूप जगत्पिता शंकर के मध्य संवाद के रूप में वर्णित किया गया है। आयोजन से जुड़े संतों का कहना है कि शंकर और शिव के स्वरूप में सूक्ष्म आध्यात्मिक अंतर है—जहां शंकर आराधक के रूप में पूजित हैं, वहीं शिव सर्वाराध्य, समस्त सृष्टि के कल्याणकारी तत्व के रूप में प्रतिष्ठित हैं।उल्लेखनीय है कि गत वर्ष परमधाम के प्रतिष्ठापक परम पूज्य स्वामी ईश्वरदास ब्रह्मचारी मौनी बाबा जी महाराज ब्रह्मलीन हो गए थे। उनके ब्रह्मलीन होने से शिष्यवृंद एवं श्रद्धालु अत्यंत मर्माहत हैं। हालांकि, उनके अनुयायियों का मानना है कि गुरुवर की अदृश्य कृपा और प्रेरणा आज भी परिसर और भक्तों को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान कर रही है। उनके बताए मार्ग पर चलकर शिष्यगण इस आयोजन को श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न कराने में जुटे हैं।धार्मिक मान्यता के अनुसार महादेव ने अपने सद्गुरु से जो ज्ञान प्राप्त किया, वही दिव्य कथा उन्होंने माता पार्वती को सुनाई। गुरु-शिष्य परंपरा की इसी अविच्छिन्न धारा के माध्यम से आज भी श्रद्धालु उस दुर्लभ ज्ञान का श्रवण-मनन कर रहे हैं। संत परंपरा में गुरु की महिमा को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। मदालसा की कथा इसका उदाहरण है, जिन्होंने अपने पुत्रों को ज्ञानमार्ग का उपदेश देकर भवबंधन से मुक्त किया था।संतों का कहना है कि गुरु की कृपा के बिना आध्यात्मिक उन्नति संभव नहीं है। जो व्यक्ति गुरु से छल या प्रपंच करता है, उसका जीवन अंधकारमय हो जाता है। कबीरदास का यह प्रसिद्ध दोहा आज भी मार्गदर्शक है—
“यह तन विष की बेलरी, गुरु अमृत की खान।
शीश दिये जो गुरु मिले, तो भी सस्ता जान॥”महाशिवरात्रि के इस आयोजन को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

शिवबारात में गड़बड़ी फैलाई गई तो प्रशासन किसी कीमत पर नहीं बख्शेगी : थानाध्यक्ष

ईओ ने नगर की साफ सफाई का दिया आश्वासन

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)शिवरात्रि के आगामी त्यौहार को लेकर कोपागंज थाने के प्रांगण में थानाध्यक्ष रविंद्र नाथ राय की अध्यक्षता में शांति कमेटी की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक के दौरान रविवार 15 फर वरी को महाशिवरात्रि के अवसर पर नगर क्षेत्र में निकलने वाले जुलूस के दौरान लोगों से शांति व सौहार्द कायम करने की अपील की गई। साथ ही चेताया की अगर कोई शराव के नशे में माहौल को खराव करने की कोशिश किया तो उसे कतई बख्सा नही जायेगा ।
थानाध्यक्ष ने कहा कि शिवरात्रि के अवसर पर नगर क्षेत्र में निकलने वाले जुलूस के दौरान पुलिस प्रशासन की कड़ी चौकशी रहेगी।उन्होंने आमजन से भी जलूस को शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन का सहयोग करने का अपील किया ।कहां की जुलुस के दौरान नगर क्षेत्र में निकलने वाले जलूस व आगामी शिवरात्रि त्यौहार में खलल डालने वाले शरारती व उपद्रवी तत्वों के मंसूबे कामयाब नहीं होने दिए जाएंगे। कहां की छोटी मोटी घटना और अफवाहों पर कतई ध्यान न दें। त्यौहार पर किसी भी शरारती तत्वों द्वारा कोई गड़बड़ी फैलाई गई तो प्रशासन किसी कीमत पर नहीं बख्शेगी । वही लोगो ने जुलुस के रास्ते के साफ सफाई व छुट्टा जानवरो पर रोक का मुद्दा उठाया ।इस दौरान कमेटी के सदस्यों ने त्योहार पर होने वाले समस्याओं को समय रहते पूरा कर लिए जाने का अधिकारियों को सुझाव दिया। वहीं नगर पंचायत कोपागंज के ईओ ने सभी को नगर की साफ सफाई का भरोसा दिलाया तो वहीं विद्युत सबस्टेशन टड़ियाव व डॉडी के जेईयो ने भी विद्युत सुचारू रूप से चलने का आश्वासन दिया । पीस कमेटी के बैठक के दौरान चेयरमैन प्रतिनिधि अरशद रेयाज, बसपा नेता अफरोज आलम , अख़लाक़ अहमद इर्शाद लक्ष्मण अब्दुल वहीद दिनेश सोनकर कार्तिक राकेश यादव यसवंत जायसवाल व शिव परिवार के सभी पदाधिकारी मौजूद रहे ।

शांति व सौहार्द के साथ त्योहार मनाने की अपील, पीस कमेटी की बैठक सम्पन्न

सिकन्दरपुर /बलिया(राष्ट्र की परम्परा)l आगामी पर्व-त्योहारों को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने को लेकर पुलिस चौकी सिकन्दरपुर के प्रांगण में पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों ने नगरवासियों से आपसी भाईचारा बनाए रखते हुए त्यौहार मनाने की अपील की।उपजिलाधिकारी सिकन्दरपुर सुनील कुमार ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए भगवान नीलकंठ का उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार भगवान शिव ने विषपान कर संसार को संकट से बचाया, उसी प्रकार समाज के लोगों को भी धैर्य, संयम और सहनशीलता का परिचय देते हुए शांति बनाए रखनी चाहिए। त्योहार आपसी प्रेम और सद्भाव का प्रतीक होते हैं, इन्हें मिल-जुलकर मनाना चाहिए।प्रभारी सीओ रसड़ा ने बताया कि नगर क्षेत्र से दो स्थानों से शिव बारात निकाली जाएगी। उन्होंने सुझाव दिया कि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए दोनों जुलूसों में से एक को निर्धारित समय से दो घंटे पहले निकाला जाए, ताकि यातायात और व्यवस्था सुचारु बनी रहे। उन्होंने सभी आयोजकों से प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।इस अवसर पर थानाध्यक्ष सिकन्दरपुर मूलचंद चौरसिया, चौकी प्रभारी अश्वनी कुमार मिश्र, नगर पंचायत के ईओ मनोज कुमार पांडे सहित नगर के गणमान्य नागरिक एवं व्यापारी उपस्थित रहे। बैठक का उद्देश्य शांति व्यवस्था बनाए रखते हुए त्योहारों को सकुशल संपन्न कराना रहा।

औरैया में बीएलओ को सख्त निर्देश, लॉजिकल डिस्क्रीपेंसी का तत्काल निस्तारण करें

औरैया (राष्ट्र की परम्परा)जनपद में निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार चल रहे औरैया विशेष पुनरीक्षण अभियान के तहत जिलाधिकारी डॉ. इन्द्रमणि त्रिपाठी ने विभिन्न बूथों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को सख्त निर्देश दिए कि लॉजिकल डिस्क्रीपेंसी के सभी प्रकरणों का निस्तारण सायं तक हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।
इस दौरान जिलाधिकारी ने अनमैप्ड मतदाताओं की सुनवाई, पोर्टल पर साक्ष्य अपलोड करने और ग्रामीण स्तर पर जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के बाद उन्होंने पीएम विद्यालय कंचौसी पहुंचकर कक्षा एक के विद्यार्थियों के साथ पाठशाला लगाई और उनके अक्षर ज्ञान का परीक्षण किया।
लॉजिकल डिस्क्रीपेंसी पर सख्त रुख
औरैया विशेष पुनरीक्षण अभियान के अंतर्गत जिलाधिकारी ने बताया कि लॉजिकल डिस्क्रीपेंसी उन मामलों से संबंधित है, जिनमें मतदाता के माता-पिता का नाम वर्ष 2003 की निर्वाचक नामावली में दर्ज है, लेकिन तकनीकी कारणों से संबंधित मतदाता का नाम उनसे मैप नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने निर्देश दिए कि बीएलओ संबंधित मतदाता एवं उनके माता-पिता से संबंध के प्रमाण एकत्रित कर पोर्टल पर अपलोड करें और सभी लंबित मामलों का उसी दिन शत-प्रतिशत निस्तारण सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस कार्य में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
अनमैप्ड मतदाताओं की सुनवाई पर जोर
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि औरैया विशेष पुनरीक्षण अभियान के अंतर्गत अनमैप्ड मतदाताओं की अधिक से अधिक सुनवाई की जाए। इसके लिए राशन डीलर, ग्राम प्रधान और अन्य स्थानीय प्रतिनिधियों का सहयोग लिया जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि सुनवाई शिविरों की सूचना लाउडस्पीकर एवं मुनादी के माध्यम से गांव-गांव तक पहुंचाई जाए, ताकि कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर न रह जाए। प्रत्येक मामले को डुप्लीकेट, अनमैप्ड या लॉजिकल डिस्क्रीपेंसी जैसी श्रेणियों में वर्गीकृत कर प्रतिदिन संवाद स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए।
अनुपस्थित कार्मिकों पर नाराजगी
औरैया विशेष पुनरीक्षण अभियान के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि बीएलओ के सहायतार्थ लगाए गए कुछ ग्राम स्तरीय कर्मचारी सुनवाई शिविरों में अनुपस्थित थे। इस पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की और सुपरवाइजर्स को निर्देशित किया कि वे प्रतिदिन अनुपस्थित कार्मिकों की रिपोर्ट उपलब्ध कराएं।
उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर अनुपस्थित कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी और उनकी उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी।
विभिन्न बूथों और विद्यालयों का निरीक्षण
जिलाधिकारी ने आदर्श बाल वाटिका उमरसाना, पूर्व माध्यमिक विद्यालय जौरा, पूर्व माध्यमिक विद्यालय सौंधेमऊ, प्राथमिक विद्यालय दहगांव और पंचायत भवन दौही का निरीक्षण किया। उन्होंने बूथ व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
औरैया विशेष पुनरीक्षण अभियान के अंतर्गत चल रहे इस निरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध एवं अद्यतन बनाना है, ताकि आगामी निर्वाचन प्रक्रिया पारदर्शी और त्रुटिरहित हो सके।
पीएम श्री विद्यालय में लगाई पाठशाला
निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी मिशन ज्योतिर्गमय योजना के अंतर्गत संचालित पीएम श्री विद्यालय कंचौसी पहुंचे। यहां उन्होंने कक्षा एक के छात्र-छात्राओं के साथ संवाद कर उनके ज्ञान स्तर का परीक्षण किया।
जिलाधिकारी ने बच्चों से उनके नाम पूछे और अन्य छात्रों से श्यामपट्ट पर लिखवाया। साथ ही बच्चों से पहाड़ा भी सुना। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिया कि प्रारंभिक कक्षाओं के विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान दिया जाए और उन्हें सरल एवं सहज तरीके से अक्षर ज्ञान और शब्द ज्ञान में दक्ष बनाया जाए।
शिक्षा और निर्वाचन दोनों पर समान ध्यान
औरैया विशेष पुनरीक्षण अभियान के निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट दिखा कि जिलाधिकारी प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ शिक्षा की गुणवत्ता पर भी समान ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक शिक्षा मजबूत होगी तो भविष्य भी सुदृढ़ होगा।
शिक्षकों को निर्देश दिया गया कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए रोचक और गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धति अपनाई जाए।
पारदर्शी मतदाता सूची की दिशा में पहल
विशेष पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन करना और त्रुटियों को दूर करना है। औरैया विशेष पुनरीक्षण अभियान के तहत प्रशासन का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे और कोई अपात्र नाम शामिल न हो।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत की जाए और सभी प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए।
अधिकारियों की उपस्थिति
निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी (न्यायिक) अजीतमल अरसला नाज, नायब तहसीलदार अजीतमल, संबंधित ग्रामों के लेखपाल एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।
निष्कर्ष
जनपद में चल रहा औरैया विशेष पुनरीक्षण अभियान प्रशासन की सक्रियता और जवाबदेही का उदाहरण है। एक ओर जहां मतदाता सूची की त्रुटियों को दूर करने के लिए सख्त निर्देश दिए गए, वहीं दूसरी ओर विद्यालय पहुंचकर बच्चों का उत्साहवर्धन भी किया गया।
इस अभियान से न केवल निर्वाचन प्रक्रिया मजबूत होगी, बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता और शिक्षा के स्तर में भी सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा।

देवरिया में वित्तीय साक्षरता मेगा कैंप आयोजित

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। वित्तीय साक्षरता सप्ताह के तहत 11 फरवरी 2026 को तरकुलवा CFL के अंतर्गत ब्लॉक रामपुर कारखाना की ग्रामसभा सीरिसिया नंबर-01 में एक मेगा कैंप का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और बैंकिंग सेवाओं तथा सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

इस मेगा कैंप में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से LDO श्री शमसुद्दीन, LDM श्री आर.एस. प्रेम, आरसेटी के निदेशक विशाल गुप्ता, नजदीकी बैंक शाखाओं के शाखा प्रबंधकगण, डीसी प्रतिनिधि तथा आरोह फाउंडेशन देवरिया की टीम मौजूद रही। अधिकारियों ने ग्रामीणों को वित्तीय साक्षरता, KYC अपडेट का महत्व, साइबर फ्रॉड से बचाव के उपाय और सामाजिक सुरक्षा बीमा योजनाओं के बारे में विस्तार से जागरूक किया।

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कार्यक्रम के दौरान लोगों की बैंकिंग संबंधी समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया। अधिकारियों ने डिजिटल लेनदेन में सावधानी बरतने, किसी भी अनजान कॉल या लिंक पर बैंकिंग जानकारी साझा न करने और समय-समय पर KYC अपडेट कराने की अपील की।

इस मेगा कैंप के माध्यम से ग्रामीणों में बैंकिंग जागरूकता बढ़ी और वित्तीय योजनाओं के प्रति विश्वास मजबूत हुआ।

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निजी स्कूलों में गरीब बच्चों का कराएं नामांकन-खण्ड शिक्षा अधिकारी

मईल/देवरिया(राष्ट्र क़ी परम्परा)।
भागलपुर ब्लाक के समस्त मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत प्रवेश हेतु खण्ड शिक्षा अधिकारी ने निर्देशित किया है।
खण्ड शिक्षा अधिकारी सूरज कुमार के द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि शासन की मंशानुसार विकासखण्ड के समस्त निजी विद्यालयों में आरटीई एक्ट के तहत कक्षा 1 नामांकन होना है। जिसमे प्रयेक विद्यालय को कक्षा 1 में प्रवेश के हेतु 5- 5 छात्रों का लक्ष्य निर्धारिय गया है। पत्र के माध्यम से यह प्रक्रिया कई चरणों में पूर्ण करना है । जिसकी अंतिम तिथि 18 फरवरी निर्धारित की गई है। जनजागरूकता के लिए व्यापक प्रचार प्रसार पर भी जोर दिया गया है। मानक के अनुरूप छात्र छात्राओं को शत प्रतिशत नामांकन का लक्ष्य प्रत्येक विद्यालय को पूरा करना है।
इस सम्बन्ध में खण्ड शिक्षा अधिकारी सूरज कुमार ने बताया कि ” सरकार की मंशा अनुरूप अलाभित और दुर्बल वर्ग के बच्चों का नामांकन निजी विद्यालयों में होना है। जिसके लिए व्यापक प्रसार प्रसार और जनजागरूकता जरूरी है। लक्ष्य के अनुरूप प्रत्येक विद्यालय को नामांकन हेतु निर्देशित किया गया है।

13 फरवरी अंतिम तिथि: दशमोत्तर छात्रवृत्ति आवेदन में सुधार का मौका

कुशीनगर(राष्ट्र की परम्परा)जनपद के विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है। राज्य सरकार द्वारा संचालित दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना (कक्षा 11-12 को छोड़कर) के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के ऑनलाइन आवेदन में त्रुटि सुधार के लिए संशोधित समय-सारिणी जारी कर दी गई है। दशमोत्तर छात्रवृत्ति त्रुटि सुधार 2026 के अंतर्गत छात्र-छात्राओं को 13 फरवरी तक अपने आवेदन में हुई गलतियों को सुधारने का अंतिम मौका दिया गया है।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी भरत लाल गौंड ने बताया कि शासनादेश दिनांक 24 दिसंबर 2025 के अनुसार छात्र 10 फरवरी से 13 फरवरी 2026 तक अपने लॉगिन आईडी के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन में त्रुटि सुधार कर सकते हैं। इसके बाद संशोधित आवेदनों को संबंधित शिक्षण संस्थान 18 फरवरी 2026 तक सत्यापित कर अग्रसारित करेंगे।
किन छात्रों के लिए लागू है योजना
दशमोत्तर छात्रवृत्ति त्रुटि सुधार 2026 प्रक्रिया कक्षा 11-12 को छोड़कर अन्य दशमोत्तर पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत छात्रों पर लागू है। इस योजना का लाभ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, सामान्य वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग के पात्र छात्र-छात्राओं को दिया जाता है।
शुल्क प्रतिपूर्ति और छात्रवृत्ति की यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करने में महत्वपूर्ण सहारा साबित होती है।
त्रुटि सुधार की प्रक्रिया क्या है?
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के अनुसार, दशमोत्तर छात्रवृत्ति त्रुटि सुधार 2026 के तहत छात्र स्वयं अपने ऑनलाइन पोर्टल लॉगिन से आवेदन में हुई त्रुटियों को ठीक कर सकते हैं।
त्रुटि सुधार के दौरान छात्र निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान दें—
व्यक्तिगत विवरण (नाम, जन्मतिथि, वर्ग आदि)
बैंक खाता विवरण
शैक्षणिक विवरण
कोर्स और संस्थान संबंधी जानकारी
अंकपत्र संबंधी प्रविष्टियां
छात्रों को सलाह दी गई है कि वे आवेदन संशोधन के बाद सभी सूचनाओं की पुनः जांच अवश्य करें।
संस्थानों की जिम्मेदारी
दशमोत्तर छात्रवृत्ति त्रुटि सुधार 2026 के अंतर्गत शिक्षण संस्थानों की भी अहम भूमिका तय की गई है।
अपात्र छात्रों के आवेदन निरस्त किए जाएंगे।
पात्र छात्रों के संशोधित आवेदन सत्यापित कर अग्रसारित किए जाएंगे।
मास्टर डाटा (कोर्स, फीस और सीट) लॉक होने के बाद ही आवेदन अग्रसारण संभव होगा।
यदि किसी स्तर पर आवेदन लंबित पाया जाता है तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। इससे स्पष्ट है कि इस बार शासन ने प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाया है।
परीक्षा परिणाम से जुड़ी अहम जानकारी
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने स्पष्ट किया कि दशमोत्तर छात्रवृत्ति त्रुटि सुधार 2026 के अंतर्गत केवल उन्हीं छात्रों के आवेदन अग्रसारित किए जाएंगे जिनका वार्षिक या सेमेस्टर परीक्षा परिणाम घोषित हो चुका है और वे उत्तीर्ण अथवा प्रोन्नत (Promoted with marks) हैं।
यदि परीक्षा परिणाम घोषित नहीं हुआ है तो संबंधित संस्था को “Result Not Yet Declared” विकल्प का चयन करना होगा। परिणाम घोषित होने के बाद छात्रों के पूर्णांक एवं प्राप्तांक अंकित करना अनिवार्य होगा।
अंतिम तिथि का इंतजार न करें छात्र
अधिकारियों ने विद्यार्थियों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें। दशमोत्तर छात्रवृत्ति त्रुटि सुधार 2026 की प्रक्रिया 13 फरवरी को समाप्त हो जाएगी। समय सीमा के बाद किसी प्रकार का संशोधन संभव नहीं होगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकांश छात्र अंतिम दिन आवेदन संशोधन करते हैं, जिससे पोर्टल पर अधिक लोड के कारण तकनीकी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में समय रहते आवेदन में सुधार करना ही बेहतर विकल्प है।
व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने सभी शिक्षण संस्थानों से अपील की है कि वे संशोधित समय-सारिणी का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें।
दशमोत्तर छात्रवृत्ति त्रुटि सुधार 2026 की जानकारी प्रत्येक पात्र छात्र तक पहुंचनी चाहिए, ताकि कोई भी विद्यार्थी केवल तकनीकी त्रुटि के कारण छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति से वंचित न रह जाए।
शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम
दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना राज्य सरकार की प्रमुख शैक्षिक योजनाओं में से एक है। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है।
दशमोत्तर छात्रवृत्ति त्रुटि सुधार 2026 का यह विशेष अवसर उन छात्रों के लिए राहत लेकर आया है, जिनके आवेदन में किसी प्रकार की त्रुटि रह गई थी। समय पर संशोधन कर वे अपनी छात्रवृत्ति सुनिश्चित कर सकते हैं।
क्या करें छात्र?
तुरंत आधिकारिक पोर्टल पर लॉगिन करें
आवेदन की प्रत्येक प्रविष्टि को ध्यानपूर्वक जांचें
आवश्यक दस्तावेज अपडेट करें
संशोधन के बाद आवेदन फाइनल सबमिट करें
संस्थान से सत्यापन की स्थिति की जानकारी लेते रहें
निष्कर्ष
कुशीनगर जनपद के छात्र-छात्राओं के लिए दशमोत्तर छात्रवृत्ति त्रुटि सुधार 2026 एक सुनहरा अवसर है। 13 फरवरी तक ऑनलाइन आवेदन में संशोधन कर वे अपनी छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति सुनिश्चित कर सकते हैं।
शासन और जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी न होने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। ऐसे में छात्र और संस्थान दोनों को सजग और सक्रिय रहना होगा।

पं. दीनदयाल उपाध्याय का जीवन सादगी, समर्पण और राष्ट्रनिष्ठा का अनुपम उदाहरण-कुलपति

त्रिस्तरीय प्रतियोगिताओं में विजयी प्रतिभागियों एवं सम्बन्धित शिक्षकों को सम्मानित किया गया

गोरखपुर(राष्ट्र क़ी परम्परा)
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के दीनदयाल उपाध्याय शोधपीठ द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर शोधपीठ परिसर में “पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति व्याख्यान एवं पुरस्कार वितरण समारोह” का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के प्राध्यापकगण, शोधार्थी, छात्र-छात्राएँ तथा विभिन्न सामाजिक एवं शैक्षिक संगठनों से जुड़े गणमान्य व्यक्ति बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम मे विश्विद्यालय सहित जिलों के विभिन्न नोडल केंद्रों पर 01 फरवरी से 10 फरवरी तक आयोजित विभिन्न त्रिस्तरीय प्रतियोगिताओं में विजयी प्रतिभागियों को उनकी मेधा के लिए अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया, साथ ही इन प्रतियोगिताओ मे विश्वविद्यालय एवं विभिन्न जिलों के महाविद्यालयों में प्रतियोगिता कराने वाले प्राचार्य गण एवं शिक्षको को प्रमाणपत्र एवँ स्मृति चिन्ह भेट कर सम्मानित किया गया l
इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गोरक्षप्रांत के प्रांत प्रचारक रमेश ने पं. दीनदयाल उपाध्याय के जीवन-दर्शन, उनके एकात्म मानववाद के सिद्धांत तथा समकालीन परिप्रेक्ष्य में उसकी प्रासंगिकता पर अत्यंत प्रेरक एवं विचारोत्तेजक व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय का चिंतन भारतीय संस्कृति की आत्मा से अनुप्राणित था और उनका एकात्म मानववाद आज भी राष्ट्र निर्माण के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे भारतीय चिंतन परंपरा को समझते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की किरण पहुँचाने का संकल्प लें।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय का जीवन सादगी, समर्पण और राष्ट्रनिष्ठा का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने विश्वविद्यालय में भारतीय ज्ञान परंपरा एवं राष्ट्रवादी चिंतन पर आधारित शोध एवं विमर्श को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया।
शोध पीठ की निदेशक प्रो. सुषमा पाण्डेय ने कहा कि शोधपीठ द्वारा आयोजित ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में वैचारिक जागरूकता और नैतिक मूल्यों के संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, शोधपीठ द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण को समृद्ध करने तथा पं. दीनदयाल उपाध्याय के राष्ट्रवादी चिंतन को नई पीढ़ी तक पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा।
समारोह के दौरान विभिन्न शैक्षणिक एवं शोध उपलब्धियों के लिए चयनित प्रतिभाओं को पुरस्कार एवं सम्मान पत्र प्रदान किए गए। पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं ने विश्वविद्यालय परिवार का आभार व्यक्त करते हुए इसे अपने लिए प्रेरणास्रोत बताया। कार्यक्रम में त्रिस्तरीय प्रतियोगिताओं के जिलों के सभी नोडल अधिकारीयों प्रो. ओम प्रकाश सिंह, प्रो. बृजेश पांडेय, प्रो. ममता मणि त्रिपाठी, डॉ. रंजनलता, समन्वयक डॉ. आमोद राय को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया l
अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन शोधपीठ की निदेशक प्रो. सुषमा पाण्डेय द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संयोजन/समन्वयक डा. आमोद कुमार राय द्वारा किया गया। कार्यक्रम की प्रस्तावना उप-निदेशक डॉ. शैलेश सिंह द्वारा पढ़ा गया, संचालन डॉ. सूर्यकान्त त्रिपाठी द्वारा प्रभावी ढंग से किया, गया तथा अंत में धन्यवाद ज्ञापन उप-निदेशक डॉ. अमित उपाध्याय ने कियाl उक्त अवसर पर प्रो. चंद्रशेखर, प्रो. कीर्ति पाण्डेय, प्रो. उमा श्रीवास्तव, प्रो. शरद मिश्र, प्रो. विनोद सिंह, डॉ. राजेश सिंह, डॉ. मितू सिंह, डॉ. ममता चौधरी, डॉ. ज्योतिबाला, डॉ. अर्जुन सोनकर, डॉ. मुकेश सिंह, डॉ. मनीष पाण्डेय डॉ. आशीष शुक्ला, अजय तिवारी डॉ. विनीत पाण्डेय, डॉ. अरबिन्द पाण्डेय, रजनीकांत यादव, नित्या गुरुंग, रीमा यादव, अक्षिता यादव, अंशुमान दूबे, पीयूष मिश्र, अनीश सिंह, आदि की भूमिका सराहनीय रहीं l

देवरिया में अंतरजनपदीय चोरी गिरोह का पर्दाफाश, चार आरोपी गिरफ्तार

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।जनपद देवरिया में अपराध नियंत्रण को लेकर चलाए जा रहे अभियान के तहत भलुअनी पुलिस देवरिया को बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना भलुअनी पुलिस ने चार अंतरजनपदीय चोरों को गिरफ्तार कर चोरी के जेवरात और नकदी बरामद की है। पुलिस की इस कार्रवाई से न केवल एक बड़ी नकबजनी की घटना का खुलासा हुआ है, बल्कि जनपद के विभिन्न थानों में दर्ज कुल चार मामलों का भी सफल अनावरण किया गया है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक देवरिया संजीव सुमन के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी बरहज राजेश चतुर्वेदी के पर्यवेक्षण में की गई।
नकबजनी की वारदात का हुआ खुलासा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वादी राजेश्वर प्रसाद निवासी पठखौली, थाना भलुअनी के घर में 1/2 फरवरी 2026 की रात अज्ञात चोरों ने नकब लगाकर चोरी की घटना को अंजाम दिया था। मामले में थाना भलुअनी पर मु0अ0सं0 018/2026 धारा 331(4), 305(A) बीएनएस तथा बढ़ोतरी धारा 317(2), 317(5) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
घटना की गंभीरता को देखते हुए भलुअनी पुलिस देवरिया ने सुरागरसी और मुखबिर की सूचना के आधार पर जांच तेज की। इसी क्रम में ग्राम सोनाड़ी मोड़ के पास से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण
भलुअनी पुलिस देवरिया द्वारा गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों के नाम इस प्रकार हैं—
कमलेश चौहान पुत्र स्व. रमेश चौहान, निवासी मधवापुर, थाना रेउसा, जनपद सीतापुर
दीपू चौहान पुत्र पृथ्वी पाल, निवासी कनकारी, थाना तम्बौर, जनपद सीतापुर
गोपाल चौहान पुत्र दुर्ग्विजय, निवासी गोहरी, थाना थानगांव, जनपद सीतापुर
प्रदीप कुमार पुत्र स्व. हृदयनारायण, निवासी वार्ड नं. 4 हिराजपट्टी, थाना मधुबन, जनपद मऊ
पुलिस के अनुसार, इन अभियुक्तों ने जनपद देवरिया सहित अन्य जनपदों में भी नकबजनी की घटनाओं को अंजाम दिया था।
बरामदगी का विवरण
गिरफ्तारी के दौरान भलुअनी पुलिस देवरिया ने अभियुक्तों के कब्जे से निम्नलिखित सामान बरामद किया—
15,000 रुपये नकद
06 जोड़ी बिछिया
03 जोड़ी पायल
02 अंगूठी
04 नाक की कील (पीली धातु)
03 जिउतिया
01 जोड़ी कान की झाली (पीली धातु)
01 झुमका (पीली धातु)
बरामद आभूषणों की पहचान पीड़ित द्वारा की गई है। पुलिस ने बरामद माल को कब्जे में लेकर विधिक कार्यवाही प्रारंभ कर दी है।
चार मुकदमों का सफल अनावरण
भलुअनी पुलिस देवरिया की इस कार्रवाई से थाना सलेमपुर, थाना सुरौली और थाना गौरीबाजार में दर्ज नकबजनी के कुल चार अभियोगों का भी सफल खुलासा हुआ है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह अलग-अलग जनपदों में घूम-घूमकर चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था।
मुख्य आरोपी का लंबा आपराधिक इतिहास
गिरफ्तार अभियुक्त कमलेश चौहान का आपराधिक इतिहास बेहद लंबा और गंभीर है। उसके खिलाफ सीतापुर जनपद के विभिन्न थानों में चोरी, लूट, गैंगस्टर एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट सहित 25 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।
इसी प्रकार दीपू चौहान और गोपाल चौहान के खिलाफ भी कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज पाए गए हैं। प्रदीप कुमार पर भी वर्तमान प्रकरण में संलिप्तता पाई गई है।
पुलिस के अनुसार, गिरोह का मुख्य सरगना कमलेश चौहान है, जो लंबे समय से संगठित रूप से अपराध में सक्रिय था।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस सफल कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम का नेतृत्व थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार पाण्डेय ने किया। टीम में उपनिरीक्षक मनोज कुमार उपाध्याय, उपनिरीक्षक हरिशंकर यादव, हेड कांस्टेबल वीरेन्द्र सिंह, कांस्टेबल देवेन्द्र यादव, अनिल सिंह और विशाल चौहान शामिल रहे।
वरिष्ठ अधिकारियों ने भलुअनी पुलिस देवरिया की तत्परता और पेशेवर जांच की सराहना की है।
अपराध नियंत्रण को लेकर सख्त संदेश
पुलिस अधीक्षक देवरिया ने स्पष्ट किया है कि जनपद में अपराध और अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। अंतरजनपदीय गिरोहों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
भलुअनी पुलिस देवरिया की इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि अपराधी चाहे किसी भी जनपद के हों, कानून से बच नहीं सकते। पुलिस की सक्रियता से स्थानीय नागरिकों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है।
कानून व्यवस्था को मिलेगी मजबूती
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई से अपराधियों के मनोबल पर असर पड़ता है और कानून व्यवस्था सुदृढ़ होती है। अंतरजनपदीय अपराध पर अंकुश लगाने के लिए विभिन्न जिलों के बीच समन्वय और खुफिया तंत्र की सक्रियता महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
जनपद देवरिया में हाल के दिनों में अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस द्वारा चलाया जा रहा अभियान लगातार सकारात्मक परिणाम दे रहा है। भलुअनी पुलिस देवरिया की यह सफलता उसी कड़ी का एक अहम हिस्सा है।

मऊ में किशोरी क्लब की शुरुआत, बालिकाओं को खेल सामग्री वितरण

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)।जनपद मऊ में बालिकाओं के सर्वांगीण विकास और सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान मऊ के अंतर्गत तथा बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत महिला कल्याण विभाग द्वारा कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, पलीगढ़ (विकास खंड रानीपुर) में किशोरी क्लब की स्थापना की गई। यह कार्यक्रम जिलाधिकारी के निर्देश एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी के कुशल नेतृत्व में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं को शिक्षा के साथ-साथ खेल, स्वास्थ्य और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ते हुए उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास को प्रोत्साहित करना है। इस अवसर पर छात्राओं को विभिन्न खेल सामग्रियों का वितरण भी किया गया और उन्हें बाल विवाह मुक्त भारत की शपथ दिलाई गई।
किशोरी क्लब: बालिकाओं के सर्वांगीण विकास की पहल
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान मऊ के तहत स्थापित किशोरी क्लब का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं के मनोरंजन, स्वास्थ्य और व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा देना है। अधिकारियों ने बताया कि विद्यालयी शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियां बच्चों के समग्र विकास के लिए आवश्यक हैं।
किशोरी क्लब के माध्यम से छात्राओं को नियमित रूप से खेल, संवाद, समूह गतिविधियों और जागरूकता कार्यक्रमों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। इससे उनमें आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जागरूकता का विकास होगा।
खेल सामग्री का वितरण
कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं को क्लब संचालन हेतु विभिन्न खेल सामग्री प्रदान की गई। इनमें कैरम बोर्ड, लूडो, फुटबॉल, हॉकी, शतरंज और वॉलीबॉल जैसी सामग्री शामिल रही।
अधिकारियों ने कहा कि खेल गतिविधियां न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाती हैं, बल्कि मानसिक विकास और टीम भावना को भी मजबूत करती हैं। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का विकास संभव है, इसी संदेश के साथ छात्राओं को खेलों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया।
बेटियां हर क्षेत्र में बना रही हैं पहचान
महिला कल्याण विभाग की हब फॉर इंपॉवरमेंट ऑफ वूमेन टीम से जिला मिशन समन्वयक अर्चना राय ने कहा कि आज की बेटियां हर क्षेत्र में सफलता के नए आयाम स्थापित कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि खेल के मैदान से लेकर विज्ञान एवं तकनीक, कॉर्पोरेट जगत और देश की सीमाओं की रक्षा तक, बेटियां अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान मऊ का उद्देश्य इसी क्षमता को पहचान कर उसे आगे बढ़ाना है।
विभागीय योजनाओं की दी गई जानकारी
कार्यक्रम के दौरान जेंडर स्पेशलिस्ट श्रीमती तृप्ति राय ने महिला एवं बाल विकास से संबंधित विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना
निराश्रित महिला पेंशन योजना
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना
उन्होंने छात्राओं और उपस्थित अभिभावकों को साइबर अपराध से बचाव के बारे में भी जागरूक किया। साथ ही महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई, जिनमें 1930 (साइबर हेल्पलाइन), 181 (महिला हेल्पलाइन), 1090 (महिला पावर लाइन), 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन), 112 (आपातकालीन सेवा) और 1076 (मुख्यमंत्री हेल्पलाइन) शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान मऊ केवल जागरूकता कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह बालिकाओं को सुरक्षा, शिक्षा और आत्मनिर्भरता से जोड़ने का व्यापक प्रयास है।
बाल विवाह मुक्त भारत अभियान पर विशेष जोर
जेंडर स्पेशलिस्ट राखी राय ने बाल विवाह के दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कम उम्र में विवाह बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य के लिए हानिकारक है।
उन्होंने बताया कि विवाह की कानूनी आयु लड़की के लिए 18 वर्ष और लड़के के लिए 21 वर्ष निर्धारित है। इससे पहले विवाह करना कानूनन अपराध है। बालिकाओं को बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की शपथ दिलाई गई, जिसमें उन्होंने संकल्प लिया कि वे स्वयं भी कम उम्र में विवाह नहीं करेंगी और समाज में भी इसके प्रति जागरूकता फैलाएंगी।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान मऊ के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में ग्राम प्रधान श्री नंद कुमार यादव, वार्डन श्रीमती नेहा गुप्ता, श्रीमती मीरा देवी, श्रीमती प्रतीक्षा, श्रीमती संध्या सहित विद्यालय की समस्त शिक्षिकाएं और छात्राएं उपस्थित रहीं।
अधिकारियों ने कहा कि प्रशासन, विद्यालय और जनप्रतिनिधियों के संयुक्त प्रयास से ही बालिकाओं के सशक्तिकरण का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
शिक्षा और खेल का संतुलन जरूरी
कार्यक्रम में यह संदेश प्रमुख रूप से दिया गया कि शिक्षा के साथ-साथ खेल और अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में रुचि रखना भी जरूरी है। इससे बालिकाओं में आत्मविश्वास, अनुशासन और सकारात्मक सोच का विकास होता है।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान मऊ के अंतर्गत इस प्रकार के कार्यक्रम बालिकाओं को न केवल शैक्षणिक रूप से मजबूत बनाएंगे, बल्कि उन्हें सामाजिक चुनौतियों से मुकाबला करने के लिए भी तैयार करेंगे।
समाज में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद
विशेषज्ञों का मानना है कि किशोरी क्लब जैसी पहलें ग्रामीण क्षेत्रों में बालिकाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती हैं। इससे वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अग्रसर होंगी और समाज में व्याप्त कुप्रथाओं जैसे बाल विवाह के खिलाफ मजबूत आवाज उठा सकेंगी।
जनपद मऊ में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान मऊ के तहत की गई यह पहल महिला सशक्तिकरण और बालिका सुरक्षा की दिशा में एक सराहनीय कदम मानी जा रही है। आने वाले समय में ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से अधिक से अधिक बालिकाओं को लाभान्वित करने की योजना है।

22 फरवरी को कुशीनगर में वृहद विधिक सेवा शिविर, एक ही मंच पर मिलेंगी सरकारी योजनाएं

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)।जनपद में सामाजिक न्याय और जनकल्याण को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। मेगा विधिक सहायता शिविर कुशीनगर का आयोजन 22 फरवरी 2026 (रविवार) को दीवानी न्यायालय परिसर में किया जाएगा। इस वृहद कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर विकास भवन सभागार में एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई, जिसमें लगभग 40 से अधिक विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
यह आयोजन उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार तथा जनपद न्यायाधीश संजीव कुमार त्यागी के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कुशीनगर द्वारा किया जा रहा है। बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी वंदिता श्रीवास्तव ने की, जबकि कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रभात सिंह ने प्रस्तुत की।
वंचित वर्गों को एक मंच पर मिलेगा न्याय और योजनाओं की जानकारी
मेगा विधिक सहायता शिविर कुशीनगर का उद्देश्य समाज के निर्बल एवं वंचित वर्गों—दिव्यांगजन, महिलाएं, बच्चे, अनुसूचित जाति एवं जनजाति, असंगठित क्षेत्र के श्रमिक, निर्धन परिवार—को केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी और उनका वास्तविक लाभ एक ही मंच पर उपलब्ध कराना है।
सचिव प्रभात सिंह ने बताया कि इस शिविर में कानूनी सहायता, परामर्श और योजनाओं से जुड़ी समस्याओं का समाधान मौके पर ही किया जाएगा। नागरिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें विधिक संरक्षण भी प्रदान किया जाएगा।
दो चरणों में होगा आयोजन
मेगा विधिक सहायता शिविर कुशीनगर को दो चरणों में आयोजित किया जाएगा—
पहला चरण: लघु शिविर
ग्राम एवं ब्लॉक स्तर पर लघु शिविरों का आयोजन
पात्र लाभार्थियों का चिन्हांकन
योजनाओं का प्रचार-प्रसार
आवेदन पत्रों का संकलन
दूसरा चरण: मेगा शिविर (22 फरवरी 2026)
दीवानी न्यायालय परिसर, कुशीनगर में मुख्य कार्यक्रम
चिन्हित लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ
विधिक समस्याओं का समाधान
स्वास्थ्य जांच और सहायक उपकरण वितरण
इस दो-स्तरीय रणनीति का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित न रह जाए।
इन योजनाओं की मिलेगी जानकारी
मेगा विधिक सहायता शिविर कुशीनगर के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
महिला सशक्तिकरण योजनाएं
सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाएं
निर्धन एवं दुर्घटना बीमा योजनाएं
असंगठित श्रमिक कल्याण योजनाएं
कृषि एवं पशुपालन योजनाएं
स्वरोजगार एवं बैंकिंग योजनाएं
जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम
शिक्षा एवं छात्रवृत्ति योजनाएं
इसके अतिरिक्त, आम नागरिकों की विधिक समस्याओं जैसे पारिवारिक विवाद, संपत्ति विवाद, घरेलू हिंसा, श्रम संबंधी विवाद आदि पर भी विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।
स्वास्थ्य सेवाएं भी होंगी उपलब्ध
मेगा विधिक सहायता शिविर कुशीनगर को बहुआयामी स्वरूप देते हुए जिला चिकित्सालय द्वारा विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन भी प्रस्तावित है। इसमें—
दंत परीक्षण
नेत्र परीक्षण
सामान्य स्वास्थ्य जांच
आवश्यक परामर्श
की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे नागरिकों को स्वास्थ्य और विधिक सेवाएं एक ही स्थान पर प्राप्त होंगी।
दिव्यांगजनों के लिए विशेष व्यवस्था
शिविर में दिव्यांगजनों के लिए सहायक उपकरण वितरण की भी व्यवस्था की गई है। पात्र लाभार्थियों को विभागीय सत्यापन के उपरांत उपकरण प्रदान किए जाएंगे। यह पहल सामाजिक समावेशन और समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
विभागों को दिए गए स्पष्ट निर्देश
मुख्य विकास अधिकारी वंदिता श्रीवास्तव ने बैठक में सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे—
ग्राम स्तर तक योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करें
पात्र लाभार्थियों का समय से चिन्हांकन करें
मेगा शिविर से पूर्व लघु शिविर आयोजित करें
आवेदन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाएं
उन्होंने कहा कि मेगा विधिक सहायता शिविर कुशीनगर तभी सफल होगा जब प्रत्येक विभाग सक्रिय भूमिका निभाएगा और अंतिम व्यक्ति तक जानकारी पहुंचाएगा।
आवेदन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कुशीनगर ने आमजन से अपील की है कि वे—
योजनाओं से संबंधित आवेदन शिविर से पूर्व या शिविर के दिन प्रस्तुत कर सकते हैं
पूर्व में आवेदन कर चुके व्यक्ति संबंधित रसीद साथ लाएं
पहचान पत्र एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज अनिवार्य रूप से साथ रखें
सही दस्तावेज होने पर पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
40 से अधिक विभागों की सहभागिता
बैठक में ग्राम्य विकास, बेसिक शिक्षा, पंचायती राज, कृषि, आईसीडीएस, माध्यमिक शिक्षा, पशुपालन, अर्थ एवं संख्या, एलडीएम सहित 40 से अधिक विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर परियोजना निदेशक पीयूष, जिला विकास अधिकारी अरुण कुमार पांडेय, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रामजियावन मौर्य, जिला पंचायतराज अधिकारी आलोक प्रियदर्शी, जिला कृषि अधिकारी मेनका सिंह, डीएसटीओ श्रवण कुमार, श्रम प्रवर्तन अधिकारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
सामाजिक न्याय की दिशा में बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि मेगा विधिक सहायता शिविर कुशीनगर जनपद में सामाजिक न्याय की अवधारणा को जमीनी स्तर पर साकार करने का प्रभावी माध्यम साबित होगा। यह शिविर न केवल योजनाओं का लाभ दिलाएगा, बल्कि नागरिकों को उनके विधिक अधिकारों के प्रति भी जागरूक करेगा।
यदि इस पहल का सफल क्रियान्वयन होता है तो हजारों जरूरतमंद परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा और प्रशासनिक व्यवस्था में जनता का विश्वास और मजबूत होगा।

देवरिया में डीसीसी-डीएलआरसी समीक्षा बैठक, बैंकों को ऋण वितरण बढ़ाने के सख्त निर्देश

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।जनपद देवरिया में आयोजित डीसीसी डीएलआरसी बैठक देवरिया के दौरान बैंकिंग व्यवस्था, ऋण वितरण और सरकारी योजनाओं की प्रगति को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मुख्य विकास अ धिकारी (सीडीओ) राजेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में विकास भवन स्थित गांधी सभागार में दिसंबर 2025 तिमाही की जिला स्तरीय सलाहकार समिति (DCC) और जिला स्तरीय समीक्षा समिति (DLRC) की संयुक्त बैठक संपन्न हुई। इस अहम बैठक में विभिन्न बैंकों की उपलब्धियों, वार्षिक ऋण योजना, सरकारी योजनाओं के अंतर्गत ऋण वितरण और सीडी रेशियो की विस्तार से समीक्षा की गई।
वार्षिक ऋण योजना में 84.37 प्रतिशत उपलब्धि
डीसीसी डीएलआरसी बैठक देवरिया में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार दिसंबर 2025 तक जनपद में 5,63,069.65 लाख रुपये के वार्षिक ऋण लक्ष्य के सापेक्ष 4,75,072.25 लाख रुपये का ऋण वितरण किया गया, जो कुल लक्ष्य का 84.37 प्रतिशत है। बैठक में इस उपलब्धि को संतोषजनक बताया गया, हालांकि कुछ क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता भी रेखांकित की गई।
कृषि क्षेत्र में 73.40 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई, जबकि कुल प्राथमिकता क्षेत्र में 53.17 प्रतिशत की प्रगति सामने आई। अधिकारियों ने कहा कि कृषि आधारित अर्थव्यवस्था वाले जिले में कृषि ऋण वितरण को और अधिक बढ़ाया जाना चाहिए, ताकि किसानों को समय पर वित्तीय सहायता मिल सके।
सीडी रेशियो बढ़ाने के निर्देश
डीसीसी डीएलआरसी बैठक देवरिया का प्रमुख मुद्दा जनपद का ऋण-जमा अनुपात (सीडी रेशियो) रहा। वर्तमान में यह 42.91 प्रतिशत दर्ज किया गया, जो राज्य के औसत 59 प्रतिशत से काफी कम है। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी बैंकों को सीडी रेशियो बढ़ाने के निर्देश दिए।
विशेष रूप से उन बैंकों को चेतावनी दी गई जिनका सीडी रेशियो 40 प्रतिशत से कम है। उन्हें अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने, ऋण वितरण बढ़ाने और पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि बैंक स्थानीय स्तर पर पर्याप्त ऋण वितरण नहीं करेंगे तो विकास की गति प्रभावित होगी।
स्वयं सहायता समूहों को सीसीएल ऋण में तेजी
डीसीसी डीएलआरसी बैठक देवरिया में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के अंतर्गत गठित स्वयं सहायता समूहों को कैश क्रेडिट लिमिट (CCL) ऋण वितरण में तेजी लाने पर जोर दिया गया। सीडीओ ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उन्हें वित्तीय रूप से सशक्त बनाना प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैंक सखी और समूह सखी के माध्यम से गांव स्तर पर खाताधारकों से संपर्क कर लंबित मामलों का निस्तारण करने तथा जमा राशि वापसी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
प्रमुख सरकारी योजनाओं की समीक्षा
डीसीसी डीएलआरसी बैठक देवरिया में विभिन्न सरकारी योजनाओं के अंतर्गत ऋण स्वीकृति और वितरण की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई। जिन योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया, उनमें शामिल हैं—
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)
स्वयं सहायता समूह ऋण
व्यवसाय ऋण
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना
पीएमएफएमई (PMFME)
एक जनपद एक उत्पाद (ODOP)
माटी कला योजना
पीएम स्वनिधि योजना
बैठक में निर्देश दिए गए कि सभी योजनाओं के अंतर्गत ऋण आवेदनों का त्वरित निस्तारण किया जाए और पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध स्वीकृति दी जाए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि रोजगार सृजन और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन अत्यंत आवश्यक है।
आरबीआई अधिकारी ने दिया विशेष जोर
भारतीय रिजर्व बैंक के अग्रणी अधिकारी ने ‘आपकी कुंजी आपका अधिकार’ अभियान के तहत शाखावार सूची उपलब्ध रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खाताधारकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और निष्क्रिय खातों की राशि की वापसी सुनिश्चित करना बैंकिंग व्यवस्था की जिम्मेदारी है।
ग्राम पंचायत स्तर पर बैंक सखी और समूह सखी के माध्यम से खाताधारकों से सीधा संवाद स्थापित करने पर भी जोर दिया गया। साथ ही ऋण आवेदनों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखने और पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
पुराने नोट व नए सिक्कों के लिए विशेष कैंप का प्रस्ताव
डीसीसी डीएलआरसी बैठक देवरिया में अग्रणी जिला प्रबंधक आर.एस. प्रेम ने प्रत्येक शाखा में पुराने नोट बदलने और नए सिक्कों के वितरण के लिए विशेष कैंप आयोजित करने का प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा हुई और इसे आम जनता की सुविधा के लिए उपयोगी बताया गया।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति
बैठक में ओएसडी माननीय सांसद देवरिया सदर अभिषेक पाण्डेय, भारतीय रिजर्व बैंक के अग्रणी जिला अधिकारी समशुद्दीन, अग्रणी जिला प्रबंधक आर.एस. प्रेम, डीसी राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन आलोक पाण्डेय, जिला विकास अधिकारी सुशील कुमार सिंह, पीडी डीआरडीए अनिल कुमार, उद्योग विभाग से एस. सिद्दीकी, जिला खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी वीरेन्द्र प्रसाद, मत्स्य निरीक्षक रितेश कुमार शाही, जिला विकास प्रबंधक नाबार्ड सूरज शुक्ला, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. श्रीनिवास प्रसाद सहित विभिन्न बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी और जिला बैंक समन्वयक मौजूद रहे।
विकास को गति देने की दिशा में अहम बैठक
कुल मिलाकर डीसीसी डीएलआरसी बैठक देवरिया जिले की आर्थिक गतिविधियों को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हुई। बैठक में स्पष्ट संकेत दिए गए कि बैंकिंग क्षेत्र को अधिक सक्रिय भूमिका निभानी होगी। सीडी रेशियो बढ़ाने, ऋण वितरण में पारदर्शिता लाने और सरकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बैठक में दिए गए निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन होता है तो जनपद में रोजगार सृजन, स्वरोजगार और कृषि विकास को नई गति मिलेगी। आने वाले महीनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बैंकिंग संस्थाएं तय लक्ष्यों को किस प्रकार पूरा करती हैं।