Tuesday, May 5, 2026
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कोयला घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग का जाल, ईडी-सीबीआई की संयुक्त जांच

कोलकाता (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) कोयला तस्करी मामला: ईडी की बड़ी कार्रवाई, 4 करोड़ की संपत्ति जब्त, चिनमोय मंडल–किरण खान गिरफ्तार कोलकाता कोयला तस्करी मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ताजा कार्रवाई में बड़ी मात्रा में नकदी और सोने के आभूषण जब्त किए हैं। ईडी सूत्रों के मुताबिक, अब तक इस केस में चार करोड़ रुपये तक की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। यह कार्रवाई कोयला तस्करी, भ्रष्टाचार और अवैध धन शोधन से जुड़े नेटवर्क पर शिकंजा कसने की दिशा में अहम मानी जा रही है।
ईडी की छापेमारी में गिरफ्तार चिनमोय मंडल और किरण खान के ठिकानों से करीब 1.25 करोड़ रुपये नकद और लगभग 2.6 करोड़ रुपये मूल्य के सोने के आभूषण बरामद किए गए। इसके अलावा 28 लाख रुपये की छिपी हुई नकदी भी जब्त की गई है। जांच के दौरान एक अन्य कारोबारी के घर से करीब 1 करोड़ रुपये नकद मिलने की पुष्टि हुई है। कुल मिलाकर, कोलकाता कोयला तस्करी मामला में जब्ती की रकम लगातार बढ़ रही है।

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जांच एजेंसियों के अनुसार, यह जांच करीब दो महीने पहले शुरू हुई थी और शुरुआती आकलन में ही बड़े पैमाने पर अवैध लेनदेन के संकेत मिले थे। ईडी पहले ही यह स्पष्ट कर चुकी है कि कोयला चोरी और भ्रष्टाचार से जुड़ी कुल रकम 170 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है। ऐसे में यह आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में जब्ती और गिरफ्तारियों का आंकड़ा और बढ़ सकता है।
ईडी यह भी पता लगाने में जुटी है कि दो करोड़ रुपये से अधिक के सोने के आभूषण आखिर कहां से जुटाए गए। जांच में सामने आया है कि चिनमोय मंडल और किरण खान ने अनूप मांझी उर्फ ‘लाला’ के जरिए अपना कथित कोयला साम्राज्य खड़ा किया। दोनों आरोपियों को पहले ही ईडी की विशेष अदालत में पेश किया जा चुका है और न्यायिक प्रक्रिया जारी है।

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कोलकाता कोयला तस्करी मामला पहली बार 2020 में तब सामने आया, जब राज्य के विभिन्न रेलवे साइडिंग से कोयला चोरी की घटनाएं उजागर हुईं। शुरुआत में आयकर विभाग ने जांच की, बाद में मामला सीबीआई को सौंपा गया। इसी क्रम में मुख्य आरोपी अनूप मांझी उर्फ लाला का नाम सामने आया, जिसका नाम पहले गाय तस्करी मामले में भी जुड़ चुका था।
वर्तमान में इस पूरे मामले की जांच सीबीआई और ईडी, दोनों केंद्रीय एजेंसियां कर रही हैं। एजेंसियों का फोकस इस बात पर है कि तस्करी से कमाए गए पैसे का इस्तेमाल किन-किन माध्यमों से किया गया और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह केस राज्य की सबसे बड़ी कोयला तस्करी जांच में से एक साबित हो सकता है।

दादों: दामाद से बना पति, 10 महीने बाद बहनोई संग फरार हुई सास

अलीगढ़ (राष्ट्र की परम्परा)। रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक अजीब मामला सामने आया है। अप्रैल 2025 में बेटी की शादी से पहले ही होने वाले दामाद राहुल के साथ घर छोड़ने वाली अपना देवी करीब 10 महीने बाद उसे भी छोड़कर अपने बहनोई के साथ फरार हो गई। पीड़ित राहुल ने थाना दादों पहुंचकर पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया है। सगाई के बाद बढ़ीं नजदीकियां, दामाद-सास का रिश्ता बना प्रेम संबंध
जानकारी के अनुसार थाना दादों के गांव मछरिया नगला निवासी राहुल कुमार की शादी अप्रैल 2025 में थाना मडराक क्षेत्र के गांव मनोहरपुर में तय हुई थी। सगाई के बाद राहुल की बातचीत अपनी होने वाली सास अपना देवी से मोबाइल पर होने लगी।

धीरे-धीरे बातचीत बढ़ी और दोनों के बीच नजदीकियां प्रेम संबंध में बदल गईं। विवाह से करीब 12 दिन पहले अपना देवी अपने पति और परिवार को छोड़कर राहुल के साथ चली गई थीं।

पुलिस की दबिश के बाद थाने में किया साथ रहने का ऐलान

घटना के बाद महिला के पति ने रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए बिहार सहित कई राज्यों में दबिश दी। बाद में दोनों स्वयं दादों थाने पहुंचे। वहां से उन्हें मडराक थाने भेजा गया, जहां दोनों ने एक-दूसरे के साथ जीवन भर रहने की बात स्वीकार की।

लिखित बयान और सहमति के आधार पर पुलिस ने दोनों को साथ रहने की अनुमति दे दी थी।

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10 महीने बाद बहनोई के साथ चली गई महिला

करीब दस महीने तक साथ रहने के बाद राहुल ने आरोप लगाया कि वह बिहार के एक जिले में रहकर फेरी लगाकर कपड़े बेचता था। छह फरवरी को उसकी पत्नी अपना देवी उसे छोड़कर अपने बहनोई के साथ चली गई।
राहुल का आरोप है कि महिला दो लाख रुपये नकद और गहने भी साथ ले गई है।

थाना दादों ने बताया मामला क्षेत्राधिकार से बाहर

थाना प्रभारी सरिता द्विवेदी ने बताया कि पीड़ित बुधवार को थाने आया था और उसने कार्यालय में प्रार्थना पत्र दिया है। हालांकि घटना बिहार की होने के कारण यह मामला थाना क्षेत्र से बाहर है, इसलिए यहां से कार्रवाई संभव नहीं है।

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घटिया निर्माण पर रुका धार्मिक पोखरे का सुंदरीकरण, ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया पूरी

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के कोपागंज कस्बा क्षेत्र में थाने के पीछे स्थित ऐतिहासिक व धार्मिक पोखरे के सुंदरीकरण का कार्य घटिया निर्माण पाए जाने के कारण पिछले छह माह से बंद पड़ा है। नगर पंचायत ने गुणवत्ता विहीन कार्य को देखते हुए निर्माण कार्य रुकवा दिया है और संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया पूरी कर ली है।

81 लाख रुपये से होना था धार्मिक पोखरे का सुंदरीकरण

नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा के प्रयास से फरवरी 2025 में शासन द्वारा लगभग 81 लाख रुपये की धनराशि धार्मिक पोखरे के सुंदरीकरण के लिए स्वीकृत की गई थी। धनराशि मिलने के बाद ठेकेदार ने निर्माण कार्य शुरू कराया, लेकिन स्थानीय लोगों ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए।
लोगों का आरोप था कि निर्माण में मानक के अनुरूप सामग्री का उपयोग नहीं किया जा रहा है, जिससे कार्य की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।

जांच में गुणवत्ता विहीन निर्माण की पुष्टि

अधिशासी अधिकारी छोटेलाल त्रिपाठी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान प्रयुक्त सामग्री मानक के अनुरूप नहीं पाई गई। इसके बाद संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को भेजा गया है।
उन्होंने कहा कि स्वीकृति मिलते ही आगे की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी और नए सिरे से निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।

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धार्मिक आस्था से जुड़ा है पोखरा

कस्बावासियों के अनुसार यह पोखरा धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां वर्ष भर स्नान, पूजा-पाठ और छठ पूजा जैसे आयोजन होते हैं। छठ पर्व के दौरान नगर पंचायत द्वारा अस्थायी व्यवस्था की गई थी, लेकिन पर्व समाप्त होते ही निर्माण कार्य दोबारा ठप हो गया।

कार्य लंबे समय से बंद रहने के कारण लोगों में नाराजगी बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर गुणवत्तापूर्ण सुंदरीकरण पूरा हो जाता तो श्रद्धालुओं और नगरवासियों को बेहतर सुविधाएं मिलतीं।

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सुष्मिता सिंह बक्की रच रहीं विज्ञान और वेदों का संगम, 13,500 किमी दूर नासा पहुंचेगी पेंटिंग

संत कबीर नगर की बेटी स्पेस आर्टिस्ट कर रही है अमेरिका के ब्रह्माण्ड लैब के साथ अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट पर काम

नवनीत मिश्र
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के खलीलाबाद क्षेत्र के गंगा देवरिया गांव की स्पेस आर्टिस्ट सुष्मिता सिंह बक्की एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट पर कार्य कर रही हैं, जो आधुनिक विज्ञान, भारतीय प्राचीन दर्शन और कला का अद्भुत संगम प्रस्तुत करेगा। कंप्यूटर साइंस इंजीनियर सुष्मिता सिंह बक्की पिछले सात वर्षों से स्पेस आर्ट के क्षेत्र में सक्रिय हैं और अपनी कलाकृतियों के माध्यम से अंतरिक्ष में भारत के योगदान को वैश्विक मंच तक पहुंचाने का प्रयास कर रही हैं।
संयुक्त परिवार से आने वाली सुष्मिता सिंह बक्की के दादा गजेंद्र नाथ सिंह, पिता नित्यानंद सिंह और माता पूर्णिमा सिंह हैं। तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद सुष्मिता सिंह बक्की ने ब्रह्मांड और ऊर्जा जैसे गूढ़ विषयों को कला के माध्यम से अभिव्यक्त करने का मार्ग चुना।

प्रोजेक्ट के बारे में बताते हुए सुष्मिता सिंह बक्की कहतीं है रॉकेट वैज्ञानिक डॉ. क्षितिज मल्ल द्वारा शुरू किया गया यह विशेष प्रोजेक्ट “फ्लो ऑफ एनर्जी इन दि कॉसमॉस-भारत का योगदान” शीर्षक से संचालित हो रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य विश्व समुदाय को ऊर्जा से जुड़े भारत के प्राचीन सिद्धांतों से पुनः परिचित कराना है, जिन्हें सृष्टि की उत्पत्ति का मूल आधार माना गया है।
इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत सुष्मिता द्वारा बनाई गई एक विशेष पेंटिंग 13,500 किलोमीटर की दूरी तय कर संत कबीर नगर भारत से नासा, यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका जाएगी। यह पेंटिंग डॉ. क्षितिज मल्ल द्वारा स्थापित ‘ब्रह्माण्ड लैब’ का हिस्सा बनेगी।
इस श्रृंखला की खासियत बताते हुए सुष्मिता सिंह बक्की बताती हैं कि इस श्रृंखला की पहली पेंटिंग ‘दस महाविद्या’ और ब्रह्मांडीय ऊर्जा की अवधारणा को दर्शाती है। इसमें भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में वर्णित ऊर्जा के विभिन्न रूपों को आधुनिक अंतरिक्षीय दृष्टिकोण से जोड़ा गया है। सुष्मिता सिंह बक्की की यह कृति हाल ही में कई कला प्रदर्शनियों में प्रदर्शित हो चुकी है।

श्रृंखला की दूसरी पेंटिंग, जिस पर सुष्मिता सिंह बक्की कार्य कर रही हैं, ‘बिग बैंग थ्योरी’ और ‘हिरण्यगर्भ’ जैसे विषयों पर आधारित है। इस पेंटिंग के माध्यम से सुष्मिता सिंह बक्की आधुनिक विज्ञान और वैदिक चिंतन के बीच एक संवाद स्थापित करने का प्रयास कर रही हैं।
सुश्री सिंह का मानना है कि हर सभ्यता का अपना तरीका होता है जीवन और ब्रह्मांड के मूल आधारों को समझने का, और सुष्मिता सिंह बक्की का यह प्रोजेक्ट विज्ञान और परंपरा के बीच एक सेतु का कार्य करेगा।
सुष्मिता सिंह बक्की केवल स्पेस आर्ट तक सीमित नहीं हैं। वे लोक कला और सामाजिक विषयों पर भी कार्य कर चुकी हैं। सुष्मिता सिंह बक्की की चर्चित श्रृंखला “बियाह” को विशेष पहचान मिली थी। उनकी स्पेस आर्ट की बानगी इसरो के स्पेस एप्लीकेशन सेंटर, अहमदाबाद तक पहुंच चुकी है और सुष्मिता सिंह बक्की को नासा के वैज्ञानिकों से जुड़ने का अवसर भी प्राप्त हुआ है।
स्पेस आर्ट वह विधा है, जिसके माध्यम से सुष्मिता सिंह बक्की जैसे कलाकार ब्रह्मांड, ग्रहों, तारों और अंतरिक्ष अन्वेषण को दृश्य रूप प्रदान करते हैं। विज्ञान और कल्पना के इस संगम को सुष्मिता सिंह बक्की अपनी पेंटिंग्स के जरिए नई दिशा दे रही हैं।

ऊर्जा को सृष्टि का मूल आधार मानते हुए सुष्मिता सिंह बक्की का यह प्रयास भारत के सिद्धांतों को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

यह बजट योगी सरकार की विदाई का बजट: सुभाष चंद्र


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव सुभाष चंद्र श्रीवास्तव ने प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2026–27 के बजट पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह बजट योगी सरकार की विदाई का बजट है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले नौ वर्षों में सरकार ने अपने बजटों में जो घोषणाएं कीं, उनका कोई ठोस परिणाम अब तक धरातल पर दिखाई नहीं देता। उन्होंने कहा कि सरकार अपने अंतिम वर्ष में जो बड़े-बड़े वादे कर रही है, उन्हें शेष एक वर्ष में पूरा करना संभव नहीं दिखता।
सुभाष चंद्र ने कहा कि संकल्प पत्र में महंगाई पर नियंत्रण, सरकारी विभागों में रिक्त पदों को भरने और किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया गया था, लेकिन इनमें से कोई भी वादा पूरी तरह साकार नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि मौजूदा बजट में भी महंगाई और बेरोजगारी दूर करने का कोई स्पष्ट रोडमैप नहीं है।
औद्योगिक निवेश के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सरकार 50 लाख करोड़ रुपये के एमओयू की बात कर रही है, जबकि अब तक केवल लगभग एक लाख करोड़ रुपये का निवेश ही धरातल पर आ पाया है। ऐसे में एक वर्ष में शेष 49 लाख करोड़ रुपये का निवेश संभव नहीं प्रतीत होता।
उन्होंने अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते में कृषि और डेयरी क्षेत्र को दी गई ढील का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे उत्पन्न संभावित संकट से प्रदेश के किसानों को बचाने के लिए बजट में कोई ठोस कार्ययोजना नहीं दिखाई देती।
सुभाष चंद्र ने आरोप लगाया कि यह बजट महंगाई बढ़ाने वाला है और प्रदेश के शिक्षित बेरोजगारों के साथ विश्वासघात करता है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनावी वर्ष के इस बजट में पूर्वांचल की 42 प्रतिशत आबादी की अनदेखी की गई है।

आगामी त्योहारों को लेकर शांति समिति की बैठक सम्पन्न

शाहजहांपुर (राष्ट्र की परम्परा )l थाना गढ़िया रंगीन में बुधवार को आगामी त्योहारों के मद्देनज़र शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, ग्राम प्रधानों एवं जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस अवसर पर सी ओ तिलहर ज्योति यादव द्वारा उपस्थित लोगों को जानकारी दी गई और उनसे आगामी त्योहारों—होली, महाशिवरात्रि एवं रमजान—के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या या असुविधा के बारे में खुलकर बताने का आग्रह किया गया। उन्होंने आश्वस्त किया कि यदि किसी को कोई दिक्कत होती है तो वह सीधे उनसे या प्रशासन से संपर्क कर सकता है, समस्या का तत्काल समाधान किया जाएगा।
बैठक में थाना प्रभारी निरीक्षक हरकेश सिंह ने सभी से आपसी भाईचारा, सौहार्द और शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि त्योहारों को मिल-जुलकर शांतिपूर्ण ढंग से मनाना हम सभी की जिम्मेदारी है। बैठक में थाना स्टाफ भी मौजूद रहा और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर जागरूकता अभियान तेज, युवाओं ने निभाई अहम भूमिका

औरैया(राष्ट्र की परम्परा)जनपद औरैया में न्यायिक जागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए विकास भवन, ककोर परिसर में विधि छात्र-छात्राओं द्वारा राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान 2.0 औरैया के अंतर्गत एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य आमजनमानस को मध्यस्थता (मेडिएशन) और राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से विवादों के त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण निस्तारण के लिए प्रेरित करना था।
यह आयोजन माननीय जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मयंक चौहान तथा जिलाधिकारी डॉ. इन्द्रमणि त्रिपाठी के निर्देशानुसार संपन्न हुआ। कार्यक्रम का संचालन तारकेश्वरी प्रसाद सिंह, प्रभारी सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण/सिविल जज (सी.डी.) के कुशल मार्गदर्शन में किया गया।
नुक्कड़ नाटक के माध्यम से दिया गया कानूनी जागरूकता का संदेश
विकास भवन ककोर में आयोजित इस कार्यक्रम में लॉ विद्यार्थियों ने पूर्व अभ्यास और गहन तैयारी के बाद मंचन किया। नाटक की विषयवस्तु राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान 2.0 औरैया तथा राष्ट्रीय लोक अदालत की उपयोगिता पर आधारित रही। छात्रों ने संवाद, अभिनय और सामाजिक परिस्थितियों के जीवंत चित्रण के माध्यम से यह संदेश दिया कि आपसी समझौते से विवादों का समाधान न केवल समय और धन की बचत करता है, बल्कि सामाजिक सौहार्द को भी मजबूत बनाता है।
नाटक में पारिवारिक विवाद, घरेलू हिंसा के मामले, चेक बाउंस प्रकरण, मोटर दुर्घटना से संबंधित दावे, विद्युत विवाद, शमनीय आपराधिक प्रकरण और लघु प्रकृति के वादों जैसे विषयों को प्रमुखता से दर्शाया गया। इन सभी मामलों को मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाने की प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया गया, जिससे आम नागरिकों को कानूनी प्रक्रिया की जटिलताओं से राहत का मार्ग दिखाई दिया।
लंबित वादों के त्वरित निस्तारण पर जोर
राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान 2.0 औरैया के अंतर्गत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य न्यायालयों में लंबित मामलों का त्वरित और सौहार्दपूर्ण समाधान सुनिश्चित करना है। प्रभारी सचिव ने बताया कि मध्यस्थता की प्रक्रिया में दोनों पक्षों की सहमति से समाधान खोजा जाता है, जिससे रिश्तों में कड़वाहट कम होती है और न्यायिक प्रक्रिया का बोझ भी घटता है।
राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से विभिन्न प्रकार के मामलों का एक ही दिन में निस्तारण संभव होता है। इससे वादकारियों को वर्षों तक चलने वाली अदालती प्रक्रिया से मुक्ति मिलती है और न्याय सुलभ व सरल बनता है।
अधिकारियों एवं विधि शिक्षकों की उपस्थिति
इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी सतीश कुमार पाण्डेय, जिला पंचायत राज अधिकारी श्रीकान्त यादव, जिला समाज कल्याण अधिकारी रविन्द्र कुमार शशि, विनीता पाण्डेय (सदस्य, स्थायी लोक अदालत), हिमांशू दुबे, नेहा शुक्ला, प्रभा शुक्ला एवं अवधेश शुक्ला (प्रवक्ता, विधि कॉलेज) सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में विधि छात्र-छात्राओं—पीयूष कुमार, मोनिका, मोना, पियूष सिंह, अभिषेक यादव, दिव्यांशी, वियोम, प्राची सिंह, मुस्कान, नाजिस, दीपिका राजपूत, शर्मिला, सरिता, प्रिया, वर्षा, अक्षिता, मासूम एवं अन्य विद्यार्थियों—ने सक्रिय भूमिका निभाई। उनके प्रभावशाली अभिनय और संवाद प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया।
युवा विधि छात्रों की सराहनीय पहल
विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान 2.0 औरैया जैसे अभियानों में युवाओं की भागीदारी समाज में कानूनी साक्षरता बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है। विधि छात्रों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक ने यह स्पष्ट कर दिया कि न्याय केवल अदालतों तक सीमित नहीं है, बल्कि संवाद और समझौते के जरिए भी प्राप्त किया जा सकता है।
कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने विधि छात्रों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की रचनात्मक गतिविधियां समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
आमजन से की गई अपील
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से जनपदवासियों से अपील की गई कि जिनके मामले न्यायालयों में लंबित हैं, वे राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान 2.0 औरैया के अंतर्गत अपने वादों को सुलह-समझौते के माध्यम से निस्तारित कराएं। इससे न केवल समय और संसाधनों की बचत होगी, बल्कि सामाजिक रिश्तों में मधुरता भी बनी रहेगी।
मध्यस्थता प्रक्रिया पूर्णतः स्वैच्छिक और गोपनीय होती है। इसमें दोनों पक्षों की सहमति से समाधान निकाला जाता है, जिससे भविष्य में विवाद की संभावना कम हो जाती है।
न्याय सुलभ बनाने की दिशा में प्रभावी कदम
विकास भवन ककोर में आयोजित यह कार्यक्रम न्याय व्यवस्था को जनसुलभ और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक सार्थक पहल साबित हुआ। राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान 2.0 औरैया न केवल न्यायालयों के लंबित मामलों को कम करने का प्रयास है, बल्कि यह सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय हित को भी सुदृढ़ करने का माध्यम है।
जनपद औरैया में इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों से यह उम्मीद की जा रही है कि अधिक से अधिक लोग वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR) की प्रक्रिया को अपनाएंगे और न्यायिक प्रणाली पर बढ़ते बोझ को कम करने में सहयोग करेंगे।

क्या आप जानते हैं 12 फ़रवरी को इतिहास ने कितने महान व्यक्तित्व खोए?


📰 12 फ़रवरी को हुए प्रमुख निधन का ऐतिहासिक विवरण
भारत और विश्व इतिहास में 12 फ़रवरी को हुए निधन कई ऐसे महान व्यक्तित्वों से जुड़े हैं, जिन्होंने राजनीति, उद्योग, राष्ट्रवाद और शासन व्यवस्था में अमिट छाप छोड़ी। यह दिन इतिहास के पन्नों में विशेष स्थान रखता है।
🔹 राहुल बजाज (निधन: 12 फ़रवरी 2022)
राहुल बजाज भारत के सबसे सफल उद्योगपतियों में गिने जाते थे। बजाज ऑटो को वैश्विक पहचान दिलाने में उनकी अहम भूमिका रही। उनके नेतृत्व में बजाज समूह ने टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर सेक्टर में क्रांति ला दी।
राहुल बजाज का निधन 12 फ़रवरी को हुए प्रमुख निधन में आधुनिक भारत के औद्योगिक युग की एक बड़ी क्षति माना जाता है।
🔹 गोपी कुमार पोदिला (निधन: 12 फ़रवरी 2010)
गोपी कुमार पोदिला एक प्रसिद्ध विद्वान और भारतीय-अमेरिकी वैज्ञानिक थे। विज्ञान और शोध के क्षेत्र में उनके योगदान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया।
12 फ़रवरी को हुए निधन में उनका नाम अकादमिक जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति के रूप में दर्ज है।
🔹 सूफ़ी अम्बा प्रसाद (निधन: 12 फ़रवरी 1919)
सूफ़ी अम्बा प्रसाद एक प्रखर राष्ट्रवादी नेता थे। उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई और ब्रिटिश शासन के विरुद्ध आवाज उठाई।
12 फ़रवरी को हुए प्रमुख निधन में उनका योगदान आज भी प्रेरणास्रोत माना जाता है।

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🔹 नवाब सैयद मोहम्मद बहादुर (निधन: 12 फ़रवरी 1919)
नवाब सैयद मोहम्मद बहादुर एक प्रमुख भारतीय राजनीतिज्ञ थे। उन्होंने 1913 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कराची सम्मेलन की अध्यक्षता की थी।
12 फ़रवरी को हुए निधन में उनका नाम भारतीय राजनीतिक इतिहास में विशेष सम्मान के साथ लिया जाता है।
🔹 लॉर्ड डफ़रिन (निधन: 12 फ़रवरी 1902)
लॉर्ड डफ़रिन लॉर्ड रिपन के बाद भारत के वायसराय बने। उनके कार्यकाल में प्रशासनिक सुधार और साम्राज्यवादी नीतियों का विस्तार हुआ।
12 फ़रवरी को हुए प्रमुख निधन में वे ब्रिटिश भारत के महत्वपूर्ण शासकों में गिने जाते हैं।
🔹 महादजी शिन्दे (निधन: 12 फ़रवरी 1794)
महादजी शिन्दे रणोजी सिंधिया के उत्तराधिकारी थे और मराठा साम्राज्य के एक शक्तिशाली सेनानायक माने जाते थे। उत्तर भारत में मराठा प्रभाव स्थापित करने में उनकी भूमिका ऐतिहासिक रही।
12 फ़रवरी को हुए निधन मराठा इतिहास का एक निर्णायक मोड़ था।
🔹 जहाँदारशाह (निधन: 12 फ़रवरी 1713)
जहाँदारशाह, मुगल सम्राट बहादुरशाह प्रथम के पुत्रों में से एक थे। उनका शासनकाल अल्पकालिक रहा, लेकिन मुगल राजनीति में आंतरिक संघर्षों का प्रतीक माना जाता है।
12 फ़रवरी को हुए प्रमुख निधन में उनका नाम मुगल इतिहास से जुड़ा हुआ है।
⚠️ अस्वीकरण (Disclaimer)
प्रस्तुत ऐतिहासिक जानकारी विभिन्न विश्वसनीय स्रोतों के गहन अध्ययन व छानबीन के आधार पर तैयार की गई है। फिर भी किसी प्रकार की त्रुटि या तथ्यात्मक भिन्नता के लिए हम 100 प्रतिशत प्रमाणित दावा नहीं करते और न ही किसी प्रकार की जिम्मेदारी लेते हैं।

12 फ़रवरी: जब इतिहास ने बदली दुनिया की दिशा

📌 12 फ़रवरी की महत्वपूर्ण घटनाएँ | 12 February World History in Hindi

12 फ़रवरी का इतिहास न केवल भारत बल्कि विश्व राजनीति, विज्ञान, स्वतंत्रता आंदोलनों और सामाजिक परिवर्तनों से गहराई से जुड़ा हुआ है। इस दिन कई ऐतिहासिक फैसले, युद्ध, खोजें और महान व्यक्तित्वों से जुड़ी घटनाएँ घटित हुईं, जिन्होंने दुनिया की दिशा बदल दी।
🕰️ 12 फ़रवरी की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएँ
🔹 मध्यकालीन और औपनिवेशिक इतिहास
1266 – दिल्ली सल्तनत के सुल्तान नसीरुद्दीन महमूद का निधन हुआ।
1502 – प्रसिद्ध पुर्तगाली नाविक वास्को-द-गामा भारत की दूसरी समुद्री यात्रा के लिए लिस्बन से रवाना हुए।
1544 – इंग्लैंड में लेडी जेन ग्रे को राजद्रोह के आरोप में मृत्युदंड सुनाया गया।
1577 – नीदरलैंड में गृहयुद्ध समाप्त करने के आदेश जारी किए गए।
1689 – विलियम तृतीय और मेरी द्वितीय इंग्लैंड के राजा-रानी घोषित हुए।

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🔹 आधुनिक विश्व राजनीति और युद्ध
1762 – ब्रिटिश नौसेना ने कैरेबियाई द्वीप मार्टिनिक पर कब्जा किया।
1818 – चिली को स्पेन से स्वतंत्रता मिली।
1912 – चीन में मंचु वंश का शासन समाप्त हुआ।
1938 – जर्मनी की सेना ने ऑस्ट्रिया में प्रवेश किया (ऐनशलुस)।
1953 – सूडान को लेकर ब्रिटेन-मिस्र समझौता हुआ।
1974 – नोबेल पुरस्कार विजेता अलेक्जेंडर सोल्जेनित्सिन की गिरफ्तारी।
🔹 भारत और दक्षिण एशिया से जुड़ी घटनाएँ
1922 – महात्मा गांधी ने असहयोग आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया।
1928 – बारदोली सत्याग्रह की घोषणा।
1975 – भारत को आधिकारिक रूप से चेचक-मुक्त घोषित किया गया।
1999 – बिहार में राष्ट्रपति शासन लागू।
2008 – यूपी सरकार ने यूपीकोका विधेयक पारित किया।
2009 – भारतीय वैज्ञानिकों ने विश्व का पहला भैंस क्लोन विकसित किया।

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🔹 विज्ञान, मानवाधिकार और वैश्विक घटनाएँ
1809 – महान वैज्ञानिक चार्ल्स डार्विन का जन्म।
1988 – द्वितीय विश्वयुद्ध से जुड़े नरसंहार मामलों में एड्रिया आर्टुकोविक प्रत्यर्पित।
1996 – यासर अराफात ने फिलिस्तीन के पहले राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली।
1998 – अमेरिकी कंपनी को बासमती चावल पेटेंट दिया गया।
2013 – उत्तर कोरिया का तीसरा परमाणु परीक्षण।
📖 क्यों महत्वपूर्ण है 12 फ़रवरी का इतिहास?
12 फ़रवरी की ऐतिहासिक घटनाएँ हमें यह समझने में मदद करती हैं कि कैसे युद्ध, विज्ञान, राजनीति और जन आंदोलनों ने आधुनिक विश्व की नींव रखी। यह दिन छात्रों, प्रतियोगी परीक्षाओं और इतिहास प्रेमियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

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⚠️ अस्वीकरण (Disclaimer)
हम किसी भी प्रकार के 100 प्रतिशत प्रमाणित दावे का दावा नहीं करते। यह सामग्री गहन अध्ययन व उपलब्ध ऐतिहासिक स्रोतों के आधार पर तैयार की गई है, फिर भी किसी संभावित त्रुटि के लिए हम उत्तरदायी नहीं होंगे।

12 फ़रवरी को जन्मे महान व्यक्तित्व: इतिहास, योगदान और विरासत


12 फरवरी का इतिहास भारतीय और विश्व इतिहास में विशेष महत्व रखता है।
इस दिन राजनीति, समाज सुधार, साहित्य, विज्ञान, कला और खेल जगत से जुड़े कई महान व्यक्तित्वों का जन्म हुआ, जिन्होंने अपने कार्यों से युग को दिशा दी। आज हम 12 फ़रवरी को जन्मे प्रमुख व्यक्तित्वों के जीवन, योगदान और ऐतिहासिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाल रहे हैं।


🟢 12 फ़रवरी को जन्मे प्रमुख व्यक्तित्व
🔸 नाना फड़नवीस (1742)
मराठा साम्राज्य के कुशल प्रशासक और रणनीतिकार नाना फड़नवीस ने पानीपत के तृतीय युद्ध के बाद बिखरते मराठा प्रशासन को संभाला। वे पेशवा शासन के स्तंभ माने जाते हैं।
🔸 स्वामी दयानंद सरस्वती (1824)
आर्य समाज के संस्थापक और महान समाज सुधारक। उन्होंने वेदों की ओर लौटने का संदेश दिया और सती प्रथा, बाल विवाह व अंधविश्वासों के खिलाफ आंदोलन चलाया।
🔸 सी. एफ. एंड्रयूज (1871)
ईसाई मिशनरी, शिक्षाविद और महात्मा गांधी के करीबी सहयोगी। उन्हें “दीनबंधु” कहा जाता था। उन्होंने भारत की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए कार्य किया।
🔸 सुभाष मुखोपाध्याय (1919)
प्रसिद्ध बांग्ला कवि, जिनकी रचनाओं में सामाजिक चेतना और आम जनजीवन की झलक मिलती है।
🔸 प्राण (1920)
हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता। खलनायक, चरित्र अभिनेता और नायक – हर भूमिका में अमिट छाप छोड़ी।
🔸जी. लक्ष्मणन (1924)
द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) से जुड़े प्रमुख राजनेता, जिन्होंने तमिल राजनीति में अहम भूमिका निभाई।
🔸 धीरेन्द्र ब्रह्मचारी (1924)
प्रसिद्ध योगाचार्य, जिन्होंने योग को जन-जन तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
🔸 न्यायमूर्ति ललित मोहन शर्मा (1928)
भारत के 24वें मुख्य न्यायाधीश, जिन्होंने न्यायपालिका की गरिमा और स्वतंत्रता को सुदृढ़ किया।

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🔸 अजीत सिंह (1939)
वरिष्ठ भारतीय राजनेता और किसान राजनीति के प्रमुख चेहरा रहे।
🔸 बदरुद्दीन अजमल (1950)
असम के प्रभावशाली राजनीतिज्ञ और सामाजिक कार्यकर्ता।
🔸 चित्रवीणा एन. रविकिरण (1967)
विश्व प्रसिद्ध भारतीय शास्त्रीय संगीतकार और चित्रवीणा वादक।
🔸 अजय नायडू (1972)
भारतीय-अमेरिकी अभिनेता, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय सिनेमा में पहचान बनाई।
🔸 मोहम्मद हुसामुद्दीन (1994)
भारतीय मुक्केबाज़, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया।
🔸 चार्ल्स डार्विन (1809)
महान वैज्ञानिक और प्रकृतिवादी, जिन्होंने Evolution Theory देकर विज्ञान की दिशा बदल दी।
🔍 क्यों खास है 12 फ़रवरी?
12 फ़रवरी को जन्मे व्यक्तित्वों ने भारत और विश्व को विचार, विज्ञान, संस्कृति, राजनीति और समाज सुधार के क्षेत्र में नई दिशा दी। यही कारण है कि यह तिथि इतिहास में विशेष स्थान रखती है।
⚠️ अस्वीकरण (Disclaimer)
उपरोक्त जानकारी विभिन्न विश्वसनीय स्रोतों, ऐतिहासिक अभिलेखों एवं सार्वजनिक संदर्भों के आधार पर गहन छानबीन के बाद प्रस्तुत की गई है। फिर भी किसी प्रकार की त्रुटि या तथ्यात्मक भिन्नता के लिए हम जिम्मेदार नहीं हैं।

आज का राशिफल 12 फरवरी 2026: गुरुवार को चमकेगा भाग्य या बढ़ेंगी मुश्किलें?

12 फरवरी 2026, गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और श्री नारायण को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन पूजा-अर्चना करने से धन-धान्य और सुख-समृद्धि बनी रहती है।
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, आज का दिन कुछ राशियों के लिए अत्यंत शुभ रहेगा, जबकि कुछ राशि वालों को सावधानी बरतने की जरूरत है। आइए जानते हैं राशिफल 12 फरवरी 2026।

🔷 आज का राशिफल 12 फरवरी 2026
मेष राशि
आज संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है। प्रेम संबंधों में संयम रखें और कार्यक्षेत्र में टीमवर्क से लाभ मिलेगा। धन खर्च सोच-समझकर करें और सेहत को प्राथमिकता दें।
वृषभ राशि
रिश्तों में स्पष्टता आएगी। करियर में नया दृष्टिकोण आपको चुनौतियों से बाहर निकालेगा। आत्मविश्वास बढ़ेगा और निर्णय सही साबित होंगे।
मिथुन राशि
आर्थिक स्थिरता के लिए भविष्य की योजना बनाना जरूरी है। मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए संतुलित दिनचर्या अपनाएं।
कर्क राशि
आज विकास के नए अवसर मिल सकते हैं। कार्य और निजी जीवन में संतुलन बनाकर चलें। नई संभावनाएं आपको आगे बढ़ाएंगी।
सिंह राशि
दिन संभावनाओं से भरा है। प्रेम जीवन में गहराई आएगी। करियर में नई चुनौतियां सफलता का मार्ग खोल सकती हैं। अचानक धन लाभ संभव है।
कन्या राशि
छोटी स्वास्थ्य समस्याओं को नजरअंदाज न करें। सकारात्मक बदलाव अपनाएं। रोमांटिक गतिविधियों से रिश्तों में मजबूती आएगी।

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तुला राशि
सेहत का ध्यान रखें और शरीर की सुनें। सिंगल जातकों को नया साथी मिल सकता है। अवसरों का पूरा लाभ उठाएं।
वृश्चिक राशि
प्रेम जीवन में सुखद समय बीतेगा। स्किल-बेस्ड कार्यों में सफलता मिलेगी। वित्त और स्वास्थ्य दोनों पर ध्यान जरूरी है।
धनु राशि
ऑफिस में नई चुनौतियां मिलेंगी। सकारात्मक सोच आपको आगे बढ़ाएगी। नए अवसरों के संकेत हैं।
मकर राशि
प्रियजनों और सहकर्मियों से संवाद बनाए रखें। धन को लेकर सतर्क रहें और लॉन्ग-टर्म प्लानिंग करें। स्वास्थ्य संतुलन जरूरी है।
कुंभ राशि
प्रेम जीवन में खुशियां रहेंगी। नई जिम्मेदारियां उत्पादकता बढ़ाएंगी। खर्चों पर नियंत्रण रखें।
मीन राशि
करियर से जुड़े फैसलों में दृढ़ रहें। प्रेम संबंधों में व्यवहार अहम रहेगा। आर्थिक स्थिति अच्छी है, लेकिन स्वास्थ्य पर ध्यान दें।
🔷 निष्कर्ष
राशिफल 12 फरवरी 2026 के अनुसार गुरुवार का दिन कई राशियों के लिए शुभ संकेत लेकर आया है। सही निर्णय, संयम और सकारात्मक सोच से दिन को बेहतर बनाया जा सकता है।
⚠️ महत्वपूर्ण डिस्क्लेमर
यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है।
हम किसी भी प्रकार के पूर्ण या प्रमाणित दावे नहीं करते।
किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले संबंधित क्षेत्र के योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।

आज का मूलांक राशिफल: जानिए आपका अंक क्या कहता है आपके भविष्य के बारे में

🔶 आज का मूलांक राशिफल: जानिए 1 से 9 तक के मूलांक का भविष्य, उपाय और शुभ संकेत

🔸 मूलांक 1 (1, 10, 19, 28) – सूर्य देव
आज मूलांक 1 वालों के लिए दिन सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर रहेगा। घर में रिश्तेदारों के आगमन से खुशियों का माहौल बनेगा और पारिवारिक संबंध मजबूत होंगे। व्यापार में तेजी आएगी, जिससे आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी। नेतृत्व क्षमता में वृद्धि होगी और मान-सम्मान भी मिलेगा।
उपाय: प्रतिदिन गायत्री मंत्र का जाप करें।
🔸 मूलांक 2 (2, 11, 20, 29) – चंद्र देव
नौकरीपेशा लोगों के लिए आज का दिन राहत लेकर आएगा। लंबे समय से की गई मेहनत अब रंग लाती दिखाई देगी। मानसिक संतुलन बेहतर रहेगा और कार्यस्थल पर वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा।
उपाय: चांदी धारण करें या चंद्रमा को जल अर्पित करें।
🔸 मूलांक 3 (3, 12, 21, 30) – बृहस्पति देव
आज आपको अतीत की नकारात्मक बातों से बाहर निकलकर वर्तमान पर ध्यान देने की जरूरत है। वैवाहिक जीवन में मधुरता बनी रहेगी। धार्मिक या आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी।
उपाय: मंदिर में पुजारी को पीले वस्त्र दान करें।
🔸 मूलांक 4 (4, 13, 22, 31) – राहु देव
आज व्यर्थ के विवादों से दूरी बनाकर रखें। रिश्तों में गलतफहमी की संभावना है, इसलिए संयम जरूरी होगा। संतान की विदेश में उच्च शिक्षा की इच्छा सामने आ सकती है।
उपाय: रसोई में बैठकर भोजन करें।

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🔸 मूलांक 5 (5, 14, 23) – बुध देव
कार्यस्थल पर सतर्कता बेहद जरूरी है। सहकर्मियों की गतिविधियों पर नजर रखें। कोई छोटी सी लापरवाही नुकसान का कारण बन सकती है। संचार कौशल मजबूत होगा।
उपाय: पक्षियों को दाना डालें।
🔸 मूलांक 6 (6, 15, 24) – शुक्र देव
व्यवसाय में कुछ सकारात्मक बदलाव करने की आवश्यकता महसूस होगी। जीवनसाथी के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। शाम को खरीदारी या मनोरंजन का कार्यक्रम बन सकता है।
उपाय: मंदिर में दही दान करें।
🔸 मूलांक 7 (7, 16, 25) – केतु देव
युवाओं के लिए योग और ध्यान लाभकारी रहेगा। मानसिक शांति मिलेगी और फोकस बढ़ेगा। परिवार के साथ संबंध और अधिक मधुर बनाने का प्रयास करेंगे।
उपाय: काला-सफेद कंबल मंदिर में दान करें।
🔸 मूलांक 8 (8, 17, 26) – शनि देव
आज आपकी दिनचर्या में सकारात्मक बदलाव आएगा। आत्मविश्वास बढ़ेगा। विद्यार्थियों को पढ़ाई में ध्यान बनाए रखने के लिए अतिरिक्त प्रयास करना होगा।
उपाय: काले वस्त्र दान करें।
🔸 मूलांक 9 (9, 18, 27) – मंगल देव
नकारात्मक विचारों से दूर रहें। आत्मविश्वास बनाए रखना आज बेहद जरूरी है। सकारात्मक सोच से ही सफलता का मार्ग खुलेगा।
उपाय: लाल रंग के वस्त्र धारण करें।
⚠️ महत्वपूर्ण सूचना (Disclaimer)
यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। हम किसी भी प्रकार के प्रमाणित या वैज्ञानिक दावे नहीं करते। किसी भी निर्णय से पहले योग्य विशेषज्ञ या सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।

आज का पंचांग 12 फरवरी 2026: जानें शुभ-अशुभ समय और राहुकाल

📌 पंचांग 12 फरवरी 2026: आज का शुभ-अशुभ समय, तिथि, नक्षत्र, राहुकाल और चौघड़िया


📅 आज का पंचांग – 12 फरवरी 2026, गुरुवार
आज का पंचांग 12 फरवरी 2026 के अनुसार फाल्गुन कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है। गुरुवार का दिन धार्मिक, आध्यात्मिक और गुरु संबंधी कार्यों के लिए विशेष माना जाता है। आज ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति कई कार्यों में सफलता दिलाने वाली है, वहीं कुछ समय अशुभ भी माने गए हैं।
🔱 आज की तिथि और संवत विवरण
तिथि: फाल्गुन कृष्ण दशमी (दोपहर 12:22 PM तक), उपरांत एकादशी
विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त)
शक संवत: 1947 (विश्वावसु)
अमांत मास: माघ
पूर्णिमांत मास: फाल्गुन
वार: गुरुवार
🌙 नक्षत्र, योग और करण
नक्षत्र: ज्येष्ठा (01:42 PM तक), उपरांत मूल
योग: हर्षण (03:05 AM तक), उपरांत वज्र योग
करण:
विष्टि (12:22 PM तक)
बव (01:27 AM तक)
बालव
☀️ सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय: 07:05 AM
सूर्यास्त: 06:17 PM
चन्द्रोदय: 03:02 AM
चन्द्रास्त: 01:37 PM
चंद्र राशि:
वृश्चिक (01:42 PM तक)
उपरांत धनु
सूर्य राशि: मकर (13 फरवरी सुबह 04:06 AM तक)
आज के शुभ और अशुभ मुहूर्त
❌ अशुभ काल
राहुकाल: 02:04 PM – 03:28 PM
यम गण्ड: 07:05 AM – 08:29 AM
कुलिक: 09:53 AM – 11:17 AM
दुर्मुहूर्त:
10:49 AM – 11:33 AM
03:17 PM – 04:02 PM
वर्ज्यम्: 10:32 PM – 12:18 AM

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शुभ काल
अभिजीत मुहूर्त: 12:18 PM – 01:03 PM
ब्रह्म मुहूर्त: 05:28 AM – 06:16 AM
🕉️ दिन का चौघड़िया
शुभ – 07:05 AM से 08:29 AM
चर – 11:17 AM से 12:41 PM
लाभ – 12:41 PM से 02:04 PM
अमृत – 02:04 PM से 03:28 PM
शुभ – 04:52 PM से 06:16 PM
🌌 चंद्रबल और ताराबल
चंद्रबल (01:42 PM तक)
वृषभ, मिथुन, कन्या, वृश्चिक, मकर, कुंभ
चंद्रबल (01:42 PM बाद)
मिथुन, कर्क, तुला, धनु, कुंभ, मीन
ताराबल
आज ज्यादातर नक्षत्रों के लिए ताराबल अनुकूल बना हुआ है, जिससे यात्रा, व्यापार और धार्मिक कार्यों में सफलता के योग हैं।
⚠️ गण्डमूल नक्षत्र प्रभाव
ज्येष्ठा: 01:42 PM तक
मूल: 01:42 PM के बाद
आज गण्डमूल नक्षत्र का प्रभाव होने से शुभ कार्य सोच-समझकर करना बेहतर रहेगा।
📢 आज का विशेष संकेत
आज एकादशी तिथि का प्रारंभ हो रहा है, इसलिए व्रत-पूजन, ध्यान और दान-पुण्य के लिए दिन उत्तम माना गया है। गुरुवार होने से बृहस्पति से जुड़े कार्य विशेष फलदायी रहेंगे।
⚠️ महत्वपूर्ण सूचना
यह पंचांग सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है। किसी भी प्रकार के निर्णय या धार्मिक अनुष्ठान से पहले योग्य पंडित या ज्योतिषाचार्य से परामर्श अवश्य लें। हम किसी भी प्रकार का प्रमाणित दावा नहीं करते।

सैटेलाइट से खुलासा: कतर में अमेरिकी मिसाइल सिस्टम हाई अलर्ट पर

दोहा/वॉशिंगटन (राष्ट्र की परम्परा)। अमेरिका ने कतर के अल उदैद एयर बेस पर पैट्रियट मिसाइल सिस्टम को मोबाइल ट्रक लॉन्चर्स पर तैनात कर दिया है। जनवरी 2026 से ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच यह बड़ा कदम उठाया गया है। हालिया सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा हुआ है कि अमेरिकी सेना ने पैट्रियट मिसाइलों को ट्रकों पर माउंट कर उनकी मोबिलिटी बढ़ा दी है, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें तुरंत किसी भी स्थान पर शिफ्ट किया जा सके।

अल उदैद एयर बेस अमेरिका का मिडिल ईस्ट में सबसे बड़ा सैन्य ठिकाना है, जहां से पूरे क्षेत्र में ऑपरेशंस संचालित होते हैं।

सैटेलाइट तस्वीरों में बड़ा बदलाव

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ये सैटेलाइट इमेज प्लैनेट लैब्स द्वारा जारी की गई हैं। 17 जनवरी 2026 और 1 फरवरी 2026 की तस्वीरों की तुलना में दिखा कि पैट्रियट सिस्टम अब M983 HEMTT ट्रकों पर लगाए गए हैं, जबकि पहले वे सेमी-स्टैटिक लॉन्चर्स पर थे।

1 फरवरी की तस्वीरों में कम से कम 10 MIM-104 पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम ट्रकों पर तैनात दिखाई दिए। इसके अलावा बेस पर सैन्य विमान भी बढ़े हैं, जिनमें RC-135 रेकॉनिसेंस प्लेन, C-130 हर्क्यूलिस, KC-135 स्ट्रैटोटैंकर और C-17 ग्लोबमास्टर शामिल हैं।

क्यों बढ़ाई गई मोबिलिटी?

फॉरेंसिक इमेज एनालिस्ट विलियम गुडहिंद के अनुसार, ट्रकों पर मिसाइल तैनात करने से पैट्रियट सिस्टम की मोबिलिटी काफी बढ़ गई है। अगर ईरान हमला करता है तो इन्हें तुरंत दूसरी जगह ले जाकर डिफेंसिव पोजिशन में बदला जा सकता है। यह कदम अमेरिका की बढ़ती सैन्य तैयारी को दर्शाता है।

अमेरिका-ईरान तनाव गहराया

जनवरी 2026 से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को लेकर कड़ी चेतावनी दी है। वहीं, 2025 में इजराइल और ईरान के बीच हुए दो हफ्तों के संघर्ष में अमेरिका भी शामिल हुआ था।

ईरान के रेवोल्यूशनरी गार्ड्स ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने हमला किया तो क्षेत्र में मौजूद किसी भी अमेरिकी बेस को निशाना बनाया जाएगा। ईरान के पास तेहरान, केरमानशाह और गल्फ कोस्ट के पास अंडरग्राउंड मिसाइल कॉम्प्लेक्स मौजूद हैं।

मिडिल ईस्ट में बढ़ा अमेरिकी सैन्य जमावड़ा

जॉर्डन, सऊदी अरब, ओमान और डिएगो गार्सिया समेत कई ठिकानों पर अमेरिकी सैन्य गतिविधियां बढ़ी हैं। सैटेलाइट तस्वीरों में F-15E, A-10, C-130, C-17 और C-5 जैसे विमान दिखाई दिए हैं। वहीं ईरान की तरफ से IRIS शाहिद बागेरी ड्रोन कैरियर भी सक्रिय दिखा है।

पेंटागन ने क्या कहा?

इस पूरे घटनाक्रम पर पेंटागन ने अभी आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यह डिप्लॉयमेंट अमेरिका की डिफेंसिव और स्ट्राइक रेडीनेस को बढ़ाता है, लेकिन क्षेत्र में युद्ध का खतरा भी बढ़ा सकता है।

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ठंड बढ़ेगी! देवरिया में कल कैसा रहेगा मौसम, जानें अपडेट

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देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। पूर्वी उत्तर प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार कल देवरिया समेत गोरखपुर मंडल के कई जिलों में बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना है। तेज हवाओं के साथ तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में यह बदलाव हो रहा है। दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है।

देवरिया में कैसा रहेगा मौसम?

देवरिया जिले में सुबह हल्का कोहरा देखने को मिल सकता है। दोपहर बाद आसमान में बादल छाए रहेंगे और कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी की संभावना है। अधिकतम तापमान में 2–3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है।

किसानों के लिए अलर्ट

बारिश की संभावना को देखते हुए किसानों को फसल की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम करने की सलाह दी गई है। खासकर सब्जी और गेहूं की फसल पर असर पड़ सकता है।

ठंड बढ़ने के संकेत

बारिश और बादलों के कारण रात के तापमान में कमी आएगी, जिससे ठंड का असर बढ़ सकता है। लोगों को सुबह और रात में गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी गई है।

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