Monday, May 4, 2026
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यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 आगरा: 154 केंद्र, 6 जोन, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था


आगरा (राष्ट्र की परम्परा)माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश, प्रयागराज द्वारा संचालित यूपी बोर्ड हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 जनपद आगरा में 18 फरवरी 2026 से प्रारंभ होकर 12 मार्च 2026 तक आयोजित की जाएगी। परीक्षा को नकलविहीन, शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियाँ पूरी कर ली हैं।
जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी के निर्देश पर आगरा जनपद के 154 परीक्षा केंद्रों को 06 जोन और 15 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। इसके अंतर्गत 06 जोनल मजिस्ट्रेट, 15 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 172 स्टैटिक मजिस्ट्रेट तथा 18 अति संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर अतिरिक्त स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है।

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परीक्षा समय और निगरानी व्यवस्था
बोर्ड परीक्षाएँ प्रतिदिन दो पालियों में होंगी—
प्रातः 8:30 से 11:45 बजे और अपराह्न 2:00 से 5:15 बजे।
सेक्टर मजिस्ट्रेट अपने-अपने सेक्टर के परीक्षा केंद्रों का नियमित भ्रमण कर अनुचित साधनों के प्रयोग, असामाजिक तत्वों की गतिविधियों और भीड़ नियंत्रण पर कड़ी निगरानी रखेंगे। नकल या प्रश्नपत्रों के पूर्व प्रकटन की किसी भी सूचना पर उ.प्र. सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 1998 के तहत त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
परीक्षा नियंत्रण कक्ष सक्रिय
परीक्षा व्यवस्था के सुचारू संचालन हेतु जिला विद्यालय निरीक्षक, आगरा के कार्यालय में परीक्षा नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जो परीक्षा अवधि में प्रतिदिन प्रातः 6:00 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक सक्रिय रहेगा।
नियंत्रण कक्ष दूरभाष: 9997156949

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स्ट्रॉन्ग रूम और प्रश्नपत्र सुरक्षा
प्रश्नपत्रों की गोपनीयता सर्वोपरि रहेगी। डबल लॉक स्ट्रॉन्ग रूम की चाबियाँ स्टैटिक मजिस्ट्रेट की अभिरक्षा में रहेंगी। प्रश्नपत्रों का खोलना/सील करना केंद्र व्यवस्थापक, वाह्य केंद्र व्यवस्थापक और स्टैटिक मजिस्ट्रेट—तीनों की उपस्थिति में ही होगा और पूरा विवरण लॉग बुक में दर्ज किया जाएगा।
प्रतिबंध और विशेष निर्देश
परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र परिसर में पाठ्य सामग्री, मोबाइल फोन, कैलकुलेटर, पेजर आदि ले जाने की अनुमति नहीं होगी। गणित, विज्ञान और अंग्रेज़ी विषयों की परीक्षाओं पर विशेष अनुश्रवण किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने सभी जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेटों को निर्देशित किया है कि वे निरंतर क्षेत्र भ्रमण करते हुए यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 आगरा को शांतिपूर्ण और नकलविहीन बनाने में कोई कसर न छोड़ें।

विधिक सहायता शिविर: कमजोर वर्गों को मिलेगा न्याय और योजनाओं का लाभ

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मऊ द्वारा 22 फरवरी को वृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का आयोजन


मऊ (राष्ट्र की परम्परा) जिला विधिक सेवा प्राधिकरण,द्वारा जनसामान्य को सूचित किया गया है कि उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ से प्राप्त निर्देशों के क्रम में तथा जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण,संजय कुमार यादव के मार्गदर्शन में 22 फरवरी 2026 को कम्युनिटी हॉल,में वृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का आयोजन किया जाएगा। यह शिविर समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के लिए न्याय और सरकारी योजनाओं तक सीधी पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

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इस विधिक सहायता एवं सेवा शिविर में जनपद के समस्त सरकारी विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर निर्बल वर्ग, महिलाएं, बच्चे, दिव्यांगजन, असंगठित क्षेत्र के श्रमिक, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रदर्शन, प्रचार-प्रसार और लाभ वितरण किया जाएगा। पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा, जिससे उन्हें बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
शिविर का मुख्य उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों को विधिक रूप से सशक्त बनाना, उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाना है। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आयोजित यह शिविर न्याय तक आसान पहुंच का प्रभावी माध्यम बनेगा।

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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, की सचिव साक्षी सिंह ने बताया कि शिविर में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पराविधिक स्वयंसेवकों के माध्यम से निरंतर जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। लोगों को न केवल शिविर की जानकारी दी जा रही है, बल्कि विभिन्न सरकारी योजनाओं की पात्रता, आवश्यक दस्तावेज और लाभ की प्रक्रिया भी विस्तार से समझाई जा रही है।
उन्होंने यह भी अवगत कराया कि 22 फरवरी 2026 को आयोजित होने वाले इस वृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर से पूर्व जनपद के विभिन्न विभागों द्वारा लघु शिविर लगाए जा रहे हैं। इन लघु शिविरों में पात्र लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें मुख्य शिविर में बुलाया जाएगा, ताकि उन्हें योजनाओं का सीधा और त्वरित लाभ मिल सके।

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यह शिविर उन लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी साबित होगा, जो आर्थिक या सामाजिक कारणों से न्यायिक प्रक्रिया और सरकारी योजनाओं की जानकारी से वंचित रह जाते हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरन का यह प्रयास जिले में न्याय, समानता और सामाजिक सशक्तिकरण को मजबूत आधार प्रदान करेगा।

सरकारी दफ्तर में खूनखराबा, बाबू की पिस्टल से अधिवक्ता की मौत

CCTV में कैद रामपुर हत्या कांड, पत्नी पर भी किया हमला

रामपुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) उत्तर प्रदेश के रामपुर जिला पंचायत कार्यालय में बुधवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक वरिष्ठ वकील फारुख की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना करीब डेढ़ बजे की है, जब जिला पंचायत में तैनात बाबू असगर अली और अधिवक्ता फारुख के बीच कहासुनी देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गई।
इस रामपुर गोलीकांड ने न सिर्फ सरकारी कार्यालयों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि पूरे शहर में भय और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है।
कैसे हुआ पूरा घटनाक्रम
मिली जानकारी के अनुसार, नगर कोतवाली नालापार निवासी अधिवक्ता फारुख (45 वर्ष) की पत्नी गौसिया जिला पंचायत कार्यालय में क्लर्क के पद पर कार्यरत हैं। दोपहर के समय गौसिया और बाबू असगर अली के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस हुई।
बहस के बाद गौसिया ने अपने पति फारुख को फोन कर कार्यालय बुलाया। फारुख सीधे असगर अली के केबिन में पहुंचे, जहां दोनों के बीच कहासुनी शुरू हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद इतना बढ़ गया कि हाथापाई हो गई और तभी असगर अली ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग कर दी।
तीन गोलियां चलीं, दो वकील को लगीं
पुलिस के मुताबिक, इस दौरान कुल तीन गोलियां चलीं।दो गोलियां अधिवक्ता फारुख को लगीं।एक गोली असगर अली को लगी,फारुख के सीने और फेफड़े में गोली लगने से मौके पर ही उनकी हालत गंभीर हो गई। उन्हें तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद आरोपी असगर अली ने खुद को भी घायल कर लिया और पुलिस ने उसे अपनी बोलेरो से जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
सीसीटीवी में कैद खौफनाक मंजर

इस रामपुर जिला पंचायत कार्यालय हत्या मामले में एक CCTV वीडियो भी सामने आया है, जिसमें फायरिंग के बाद आरोपी असगर अली, मृतक वकील फारुख की पत्नी गौसिया के सिर पर रिवॉल्वर से वार करता दिखाई दे रहा है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने लोगों को झकझोर कर रख दिया है।
अस्पताल में हंगामा, शीशे तोड़े
वकील फारुख की मौत की खबर मिलते ही परिजन जिला अस्पताल पहुंचे। गुस्साए परिजनों ने इमरजेंसी वार्ड में जमकर हंगामा किया और खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए।
स्थिति को संभालने के लिए एसपी विद्यासागर मिश्र, एएसपी अनुराग सिंह और डीएम अजय कुमार द्विवेदी मौके पर पहुंचे और परिजनों को शांत कराने का प्रयास किया।
परिवार का आरोप: साजिश के तहत हत्या
मृतक के भतीजे कामरान खान ने आरोप लगाया कि यह हत्या सोची-समझी साजिश के तहत की गई।उनका कहना है कि,“चाची को बहस के बाद चाचा को बुलाया गया। वहां बाबू असगर अली ने जानबूझकर गोली मारकर हत्या कर दी।”
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि घटना में जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी नीरज रस्तोगी की भूमिका संदिग्ध है।
एफआईआर दर्ज, पिस्टल बरामद
पुलिस ने इस मामले में असगर अली और नीरज रस्तोगी के खिलाफ सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
हत्या,उकसाने,अवैध फायरिंग,जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।पुलिस ने मौके से 32 बोर की पिस्टल भी बरामद कर ली है और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल की गहन जांच की है।
30 साल की वकालत, परिवार में मातम
अधिवक्ता फारुख पिछले 30 वर्षों से जिला कचहरी में प्रैक्टिस कर रहे थे। वे अपने पीछे पत्नी, एक बेटा और एक बेटी छोड़ गए हैं। दोनों बच्चे शहर के एक प्रतिष्ठित स्कूल में पढ़ते हैं।
उनकी हत्या से वकील समुदाय में भारी रोष है और बार एसोसिएशन ने घटना की कड़ी निंदा की है।
पुलिस का बयान
एडिशनल एसपी अनुराग सिंह ने बताया कि,
“यह एक गंभीर आपराधिक घटना है। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।”
रामपुर जिला पंचायत कार्यालय में वकील की गोली मारकर हत्या ने प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकारी दफ्तर में इस तरह की वारदात न केवल कानून-व्यवस्था की पोल खोलती है, बल्कि आम नागरिकों के मन में असुरक्षा की भावना भी बढ़ाती है।आने वाले दिनों में इस मामले की जांच और कानूनी कार्रवाई पर पूरे प्रदेश की नजर बनी रहेगी।

पार्किंग, मेट्रो और सुविधा—ताज महोत्सव 2026 का स्मार्ट सफर

ताज महोत्सव 2026: आगरा मेट्रो से जाएं, जाम से बचें, उत्सव का आनंद लें


आगरा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। विश्वविख्यात ताज महोत्सव 2026 इस वर्ष दर्शकों के लिए और भी सुविधाजनक होने जा रहा है। ताज संस्कृति, कला और हस्तशिल्प का यह भव्य उत्सव 27 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इस बार ताज महोत्सव का आयोजन फतेहाबाद रोड स्थित आईएचसीएल खंड परिसर में किया जा रहा है, जो आगरा सेल्फी पॉइंट के पास स्थित है।
आगंतुकों की सुविधा और ट्रैफिक जाम से राहत के लिए आगरा मेट्रो को सबसे बेहतर विकल्प बताया गया है। ताज ईस्ट गेट मेट्रो स्टेशन ताज महोत्सव ग्राउंड से महज 500 मीटर की दूरी पर स्थित है। मेट्रो से उतरने के बाद पैदल या अन्य स्थानीय साधनों से आसानी से कार्यक्रम स्थल तक पहुंचा जा सकता है।

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फतेहाबाद रोड पर यातायात डायवर्जन को देखते हुए, आगंतुक मनकामेश्वर मेट्रो स्टेशन, डॉ. आंबेडकर चौक मेट्रो स्टेशन और ताज महल मेट्रो स्टेशन से मेट्रो पकड़कर सीधे ताज ईस्ट गेट मेट्रो स्टेशन तक पहुंच सकते हैं। इससे समय की बचत होगी और उत्सव का आनंद बिना किसी परेशानी के लिया जा सकेगा।
यूपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) द्वारा यात्रियों के लिए कई मेट्रो स्टेशनों पर सुविधाजनक पार्किंग की व्यवस्था की गई है। यात्री अपने निजी वाहन सुरक्षित पार्क कर मेट्रो के माध्यम से ताज महोत्सव तक पहुंच सकते हैं। पार्किंग सुविधा निम्नलिखित मेट्रो स्टेशनों पर उपलब्ध है—
मनकामेश्वर मेट्रो स्टेशन, डॉ. आंबेडकर चौक मेट्रो स्टेशन, ताज महल मेट्रो स्टेशन, शहीद कैप्टन शुभम गुप्ता मेट्रो स्टेशन और ताज ईस्ट गेट मेट्रो स्टेशन।

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ताज महोत्सव 2026 में देश-विदेश के कलाकार, शिल्पकार और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। पारंपरिक हस्तशिल्प, लोकनृत्य, संगीत, खानपान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ यह उत्सव आगरा की पहचान को और मजबूत करेगा। ऐसे में आगरा मेट्रो से ताज महोत्सव तक पहुंचना न केवल आसान है, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल और सुरक्षित भी है।
यूपीएमआरसी और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने सभी नागरिकों और पर्यटकों से अपील की है कि वे ताज महोत्सव 2026 आगरा मेट्रो रूट का अधिकतम उपयोग करें, ताकि यात्रा सुगम, सुरक्षित और यादगार बन सके।

चोरी के आरोपी से सोना-चांदी और नकदी बरामद, पुलिस की बड़ी सफलता

24 घंटे में चोरी का खुलासा: महराजगंज पुलिस ने शातिर चोर को दबोचा, जेवरात व नकदी बरामद


महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।महराजगंज जिले में पुलिस की तेज़ और सटीक कार्रवाई एक बार फिर चर्चा में है। कोतवाली क्षेत्र में 10 फरवरी को हुई चोरी की वारदात का 24 घंटे में चोरी का खुलासा करते हुए पुलिस ने एक शातिर चोर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से सोने-चांदी के कीमती जेवरात, नकदी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद किया गया है। इस त्वरित कार्रवाई से जहां आम जनता में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है, वहीं अपराधियों में हड़कंप मच गया है।
पुलिस अधीक्षक सोमेन्द्र मीना के निर्देश पर जिले में वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के निर्देशन एवं क्षेत्राधिकारी जयप्रकाश त्रिपाठी के मार्गदर्शन में कोतवाली पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए मुकदमा संख्या 85/2026 (धारा 305(a)/331(4)/317(2) बीएनएसएस) में नामजद अभियुक्त को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान युसुफ अली (21 वर्ष) पुत्र वकील, निवासी ग्राम करमहां, थाना कोतवाली के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे गुरुवार तड़के उसके घर से दबोचा। पूछताछ में आरोपी ने चोरी की वारदात में संलिप्तता स्वीकार की है, साथ ही पुलिस को आशंका है कि वह पूर्व में भी चोरी की घटनाओं में शामिल रहा हो।
बरामद सामान का पूरा विवरण
पुलिस ने आरोपी के पास से भारी मात्रा में चोरी का सामान बरामद किया, जिसमें शामिल हैं—
पीली धातु (सोना): तीन जोड़ी झुमकी, एक जोड़ी बाली, मंगलसूत्र मय डोरी-लॉकेट, नथिया मय चैन, पांच अंगूठियां, एक लॉकेट, दो नाक की कील, दो गले की चेन मय लॉकेट, दो जोड़ी कान के टॉप्स मय लटकन।
सफेद धातु (चांदी): 12 जोड़ी पायल, एक जोड़ी पाजेब, 34 जोड़ी बिछिया, दो चांदी के सिक्के।
अन्य सामान: बोट कंपनी की एक स्मार्ट वॉच, दो पेन-ड्राइव (छल्ला सहित) और 12,000 रुपये नकद।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में उपनिरीक्षक धर्मेन्द्र जैन, उपनिरीक्षक अंकित कुमार सिंह, उपनिरीक्षक राम किशुन यादव, महिला उपनिरीक्षक निहारिका रंजन, हेड कांस्टेबल प्रमोद गौड़, बबलू गौड़ और अनूप यादव शामिल रहे। पुलिस अधीक्षक ने टीम की प्रशंसा करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
24 घंटे में चोरी का खुलासा कर महराजगंज पुलिस ने यह साफ संदेश दिया है कि जिले में अपराध के लिए कोई जगह नहीं है। यह कार्रवाई न सिर्फ पीड़ित के लिए राहत लेकर आई है, बल्कि आम नागरिकों के मन में सुरक्षा की भावना को भी मजबूत करती है।

रजत जयंती समारोह में शिक्षा और संगीत का अद्भुत संगम, छाया उत्सव का रंग

स्टेबिन बेन की सुरमयी शाम ने बांधा समां, ब्लूमिंग बड्स स्कूल की रजत जयंती पर देर रात तक झूमता रहा संत कबीर नगर

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)।शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण योगदान और अनुशासित शैक्षिक वातावरण के लिए पहचाने जाने वाले ब्लूमिंग बड्स स्कूल ने अपने स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने पर रजत जयंती समारोह का आयोजन अत्यंत भव्य, गरिमामय और यादगार अंदाज़ में किया। यह आयोजन केवल एक वर्षगांठ नहीं, बल्कि ब्लूमिंग बड्स स्कूल रजत जयंती समारोह के रूप में 25 वर्षों की निरंतर साधना, संस्कार, गुणवत्ता और उपलब्धियों की गौरवगाथा बनकर उभरा।
विद्यालय परिसर को आकर्षक रोशनी, भव्य मंच और सांस्कृतिक साज-सज्जा से सजाया गया था, जो किसी राष्ट्रीय स्तर के महोत्सव जैसा दृश्य प्रस्तुत कर रहा था। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में अभिभावक, छात्र-छात्राएं, शिक्षकगण और नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
सरस्वती वंदना से शुभारंभ, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
समारोह का शुभारंभ संरक्षक प्रतिष्ठा चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में प्रबंध निर्देशिका पुष्पा चतुर्वेदी, चेयरमैन विनय कुमार चतुर्वेदी और उप निदेशक अदिति शुक्ला सहित अतिथियों द्वारा सरस्वती पूजन एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। नन्हे विद्यार्थियों की भावपूर्ण सरस्वती वंदना ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

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इसके बाद विभिन्न कक्षाओं के विद्यार्थियों ने देशभक्ति, भारतीय लोकसंस्कृति, सामाजिक सरोकार और समकालीन विषयों पर आधारित नृत्य-नाटिका, समूह नृत्य और गीत प्रस्तुत किए। सधे हुए कदम, रंग-बिरंगे परिधान और प्रभावशाली अभिनय ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। तालियों की गूंज यह प्रमाण थी कि विद्यालय की सांस्कृतिक शिक्षा भी उतनी ही सशक्त है जितनी अकादमिक।
स्टेबिन बेन की लाइव प्रस्तुति बनी समारोह का शिखर आकर्षण
ब्लूमिंग बड्स स्कूल रजत जयंती समारोह का सबसे बड़ा आकर्षण रहा बॉलीवुड के लोकप्रिय गायक स्टेबिन बेन का लाइव कॉन्सर्ट। मंच पर आते ही उन्होंने “रुला के गया इश्क”, “थोड़ा थोड़ा प्यार”, “बारिश बन जाना”, “साहिबा”, “दो दिल मिल रहे हैं” और “बेदर्दी से” जैसे सुपरहिट गीतों से समां बांध दिया।

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स्टेबिन बेन की सुरमयी आवाज, भावनात्मक गायन और दर्शकों से सीधा जुड़ाव देखते ही बनता था। युवाओं से लेकर अभिभावकों तक हर आयु वर्ग के लोग गीतों की धुन पर झूमते नजर आए। मोबाइल फ्लैशलाइट्स की रोशनी से पूरा पंडाल तारों की छांव जैसा प्रतीत हो रहा था। देर रात तक संगीत, तालियों और उत्साह का यह सिलसिला चलता रहा, जिसने संत कबीर नगर को एक यादगार सांगीतिक शाम दी।
प्रशासनिक उपस्थिति और उत्कृष्ट व्यवस्थाएं
कार्यक्रम में प्रशासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे, जिससे आयोजन की गरिमा और सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत हुई। प्रवेश, यातायात, सुरक्षा और अनुशासन के पुख्ता इंतजामों की सभी आगंतुकों ने सराहना की।
पूरे आयोजन का कुशल संयोजन संस्थान के डायरेक्टर वैभव चतुर्वेदी द्वारा किया गया। उनके नेतृत्व, टीमवर्क और समय प्रबंधन के कारण कार्यक्रम सुव्यवस्थित, सुरक्षित और अत्यंत प्रभावशाली ढंग से संपन्न हुआ।

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25 वर्षों की प्रेरक यात्रा और भविष्य का संकल्प
अपने संबोधन में प्रबंध निर्देशिका पुष्पा चतुर्वेदी ने कहा कि यह रजत जयंती केवल समय की उपलब्धि नहीं, बल्कि समर्पण, परिश्रम और निरंतर सीखने की भावना का परिणाम है। सीमित संसाधनों से शुरू हुई यह संस्था आज हजारों विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की नींव बन चुकी है। उन्होंने शिक्षा के साथ संस्कार और नवाचार को और सशक्त करने का संकल्प दोहराया।
चेयरमैन विनय कुमार चतुर्वेदी ने समारोह की सफलता के लिए सभी अतिथियों, अभिभावकों, प्रशासनिक अधिकारियों और विद्यालय परिवार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ब्लूमिंग बड्स स्कूल आने वाले वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएगा।

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संस्कार, गुणवत्ता और आधुनिक शिक्षा का सशक्त केंद्र
यह ब्लूमिंग बड्स स्कूल रजत जयंती समारोह इस बात का सजीव प्रमाण बना कि विद्यालय केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि संस्कार, अनुशासन, सांस्कृतिक चेतना और आधुनिक शिक्षा का सशक्त केंद्र है। स्टेबिन बेन की सुरमयी शाम और विद्यार्थियों की प्रतिभा ने इस आयोजन को इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज कर दिया।

किलाबंदी अभियान में 424 यात्री बिना टिकट पकड़े गए

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। मऊ रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को किलाबंदी टिकट चेकिंग अभियान चलाकर रेलवे प्रशासन ने बिना टिकट यात्रा करने वालों पर बड़ी कार्रवाई की। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक शेख रहमान के निर्देशन में हुए इस सघन अभियान के दौरान स्टेशन परिसर और ट्रेनों में एक साथ जांच की गई, जिससे बिना टिकट यात्रियों में हड़कंप मच गया।
इस मऊ स्टेशन टिकट चेकिंग अभियान में कुल 424 बिना टिकट यात्री पकड़े गए। रेलवे द्वारा इन यात्रियों से 1 लाख 61 हजार 555 रुपये का जुर्माना वसूला गया। अचानक हुई इस कार्रवाई का असर यह रहा कि स्टेशन के टिकट काउंटरों पर यात्रियों की लंबी कतारें लग गईं और बड़ी संख्या में लोगों ने वैध टिकट लेकर यात्रा करना सुनिश्चित किया।

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संयुक्त रूप से चलाए गए इस रेलवे किलाबंदी चेकिंग अभियान में वाराणसी रेड, गोरखपुर रेड, छपरा आईसीपी और मऊ आईसीपी के 25 टीटीई शामिल रहे। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र आरपीएफ और जीआरपी के 13 जवान भी पूरे अभियान के दौरान तैनात रहे। प्लेटफॉर्म, प्रतीक्षालय और ट्रेनों के भीतर गहन जांच की गई, जिससे अभियान को पूरी तरह सफल बताया जा रहा है।

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वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक शेख रहमान ने कहा कि बिना टिकट यात्रा न केवल रेलवे नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे रेलवे को आर्थिक नुकसान भी होता है। यह नुकसान अंततः यात्रियों की सुविधाओं और विकास कार्यों को प्रभावित करता है। उन्होंने यात्रियों से अपील की कि वे हमेशा वैध टिकट लेकर ही यात्रा करें और नियमों का पालन करें।
इस अभियान के दौरान एसीएम टीसी पी.एन. मिश्रा, मंडल वाणिज्य निरीक्षक विष्णुचंद्र मीना, अखिलेश सिंह, मुख्य टिकट निरीक्षक विवेक वाजपेयी, मारूफ खान, रामप्रभाव यादव, अमित राज, सईद अख्तर, सुधाकर मिश्रा, पवन राय, संतोष, राजेश, राजेंद्र, रघुनंदन, अमित सिंह, नसीम अहमद, ममता, रीना सहित कई कर्मचारी मौजूद रहे।
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आगे भी मऊ रेलवे स्टेशन टिकट चेकिंग जैसे किलाबंदी अभियान नियमित रूप से चलाए जाएंगे। इसका उद्देश्य बिना टिकट यात्रा पर प्रभावी अंकुश लगाना, राजस्व में वृद्धि करना और यात्रियों को नियमों के प्रति जागरूक करना है। इस तरह के अभियानों से ईमानदार यात्रियों को सुविधा मिलती है और व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहती है।

एनएच-730 पर तेज रफ्तार बनी मौत की वजह, ड्राइविंग सीख रहा युवक हादसे का शिकार

राष्ट्रीय राजमार्ग-730 पर भीषण सड़क हादसा: फॉर्च्यूनर–अल्टो की आमने-सामने टक्कर, युवक की मौत, दो गंभीर घायल


महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के महराजगंज जनपद में राष्ट्रीय राजमार्ग-730 सड़क हादसा गुरुवार को दर्दनाक रूप ले बैठा। भिटौली थाना क्षेत्र के गोरखपुर–महराजगंज संपर्क मार्ग पर तरकुलवा तिवारी के पास तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर और अल्टो कार की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। इस एनएच-730 सड़क दुर्घटना में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र स्थित आलम मोटर ट्रेनिंग सेंटर, परतावल के संचालक आलम हुसैन (60 वर्ष), निवासी तरकुलवा उर्फ भटगांवा, अपने प्रशिक्षु शाहरुख उर्फ पत्ते आलम (30 वर्ष) को अल्टो कार से ड्राइविंग सिखा रहे थे। वे परतावल से तरकुलवा तिवारी फैक्ट्री के सामने पहुंचे और सड़क पर वाहन मोड़कर लौटने की तैयारी कर रहे थे। तभी गोरखपुर की ओर से तेज रफ्तार में आ रही फॉर्च्यूनर ने अल्टो कार को सामने से टक्कर मार दी।

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टक्कर इतनी भीषण थी कि अल्टो कार कई बार पलटी खाते हुए सड़क किनारे गड्ढे में जा गिरी। वहीं फॉर्च्यूनर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित अख्तियार अली के मकान में घुस गई। इस दौरान दुकान का शटर और मकान की दीवार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। राष्ट्रीय राजमार्ग-730 हादसा इतना भयावह था कि आसपास के लोग दहशत में आ गए।
स्थानीय लोगों की सूचना पर भिटौली पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परतावल भेजा गया। शाहरुख की हालत गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने उसे मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर किया, जहां इलाज के दौरान करीब 11 बजे उसकी मौत हो गई। आलम हुसैन का इलाज जारी है। वहीं फॉर्च्यूनर चालक विनय गुप्ता, निवासी गोरखपुर, भी घायल बताए जा रहे हैं, जिनका उपचार गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में चल रहा है।

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थानाध्यक्ष मदन मोहन मिश्र ने बताया कि मृतक का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। परिजनों की तहरीर मिलने पर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी। इस महराजगंज सड़क हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से होने वाली दुर्घटनाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग राष्ट्रीय राजमार्ग पर गति नियंत्रण और सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

सरोजिनी नायडू से वरुण भाटी तक: 13 फरवरी को जन्मे प्रेरणास्रोत

🔹 13 फरवरी को जन्मे प्रमुख महान व्यक्ति
🔸 सरोजिनी नायडू (जन्म: 13 फरवरी 1879 – निधन: 1949)
भारत की प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी, कवयित्री और वक्ता सरोजिनी नायडू को भारत कोकिला के नाम से जाना जाता है। वे भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन की अग्रणी नेता रहीं और स्वतंत्र भारत की पहली महिला राज्यपाल बनीं। उनकी कविताओं में राष्ट्रप्रेम और मानवीय संवेदनाएं स्पष्ट दिखाई देती हैं।
🔸 फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ (जन्म: 13 फरवरी 1911)
उर्दू साहित्य के महान शायर फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ अपनी इंक़लाबी और रूमानी शायरी के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध हैं। उनकी रचनाओं में सामाजिक न्याय, प्रेम और क्रांति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। वे आधुनिक उर्दू साहित्य के स्तंभ माने जाते हैं।

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🔸 गोपाल प्रसाद व्यास (जन्म: 13 फरवरी 1915)
हिंदी साहित्य के वरिष्ठ कवि, व्यंग्यकार और लेखक गोपाल प्रसाद व्यास ने साहित्य और पत्रकारिता दोनों क्षेत्रों में अहम योगदान दिया। उनकी रचनाएं समाज की सच्चाइयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करती हैं।
🔸 जगजीत सिंह अरोड़ा (जन्म: 13 फरवरी 1916)
जगजीत सिंह अरोड़ा भारतीय सेना के वरिष्ठ कमांडर रहे, जिन्होंने 1971 के युद्ध में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में भारत को निर्णायक विजय मिली।
🔸 ओडूविल उन्नीकृष्णन (जन्म: 13 फरवरी 1944 – निधन: 2006)
मलयालम सिनेमा के चर्चित अभिनेता ओडूविल उन्नीकृष्णन अपनी सशक्त अभिनय शैली और चरित्र भूमिकाओं के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने दक्षिण भारतीय सिनेमा को नई पहचान दी।
🔸 विनोद मेहरा (जन्म: 13 फरवरी 1945)
बॉलीवुड के लोकप्रिय अभिनेता विनोद मेहरा ने 1970-80 के दशक में कई सफल फिल्मों में अभिनय किया। उनकी सादगी और अभिनय ने दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई।
🔸 रश्मि प्रभा (जन्म: 13 फरवरी 1958)
रश्मि प्रभा समकालीन हिंदी कविता की सशक्त आवाज़ हैं। उनकी कविताएं स्त्री संवेदना और सामाजिक यथार्थ को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
🔸 कमलेश भट्ट ‘कमल’ (जन्म: 13 फरवरी 1959)
समकालीन हिंदी कवि कमलेश भट्ट कमल अपनी भावनात्मक और विचारोत्तेजक कविताओं के लिए जाने जाते हैं।
🔸 वरुण भाटी (जन्म: 13 फरवरी 1995)
भारत के अंतरराष्ट्रीय ऊँची कूद (High Jump) एथलीट वरुण भाटी ने एशियाई स्तर पर देश का नाम रोशन किया है। वे भारतीय एथलेटिक्स के उभरते सितारों में शामिल हैं।

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🟢 निष्कर्ष
13 फरवरी को जन्मे व्यक्ति भारतीय इतिहास, साहित्य, राजनीति, खेल और कला के क्षेत्र में अमूल्य योगदान देने वाले रहे हैं। इन महान व्यक्तित्वों की उपलब्धियां आज भी आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती हैं।
⚠️ डिस्क्लेमर
उपरोक्त जानकारी विभिन्न विश्वसनीय स्रोतों और गहन छानबीन के आधार पर तैयार की गई है। फिर भी किसी प्रकार की त्रुटि के लिए हम जिम्मेदार नहीं हैं। हम किसी भी प्रकार के 100% प्रमाणित दावे का दावा नहीं करते।

आज के दिन हुए निधन: 13 फरवरी की ऐतिहासिक स्मृतियाँ

📌 13 फरवरी को हुए प्रमुख निधन: इतिहास में दर्ज महान व्यक्तित्वों को श्रद्धांजलि

13 फरवरी भारतीय और विश्व इतिहास में एक ऐसा दिन है, जब विभिन्न क्षेत्रों में अमूल्य योगदान देने वाले कई महान व्यक्तित्वों का निधन हुआ। साहित्य, संगीत, खेल, पर्यावरण, कला और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े इन लोगों ने अपने-अपने क्षेत्र में अमिट छाप छोड़ी। आज के इस लेख में 13 फरवरी को हुए प्रमुख निधन के बारे में विस्तृत और प्रमाणिक जानकारी प्रस्तुत की जा रही है।
🕯️ 13 फरवरी को हुए प्रमुख निधन – विस्तृत विवरण
दत्ताजी राव गायकवाड़ (2024)
भारतीय क्रिकेट के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी दत्ताजी राव गायकवाड़ ने देश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट खेला। वे तकनीकी रूप से सशक्त बल्लेबाज माने जाते थे और भारतीय क्रिकेट के विकास में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा।

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डॉ. राजेन्द्र कुमार पचौरी (2020)
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध पर्यावरणविद डॉ. पचौरी जलवायु परिवर्तन पर वैश्विक बहस का प्रमुख चेहरा रहे। वे IPCC के अध्यक्ष भी रहे और पर्यावरण संरक्षण के लिए आजीवन कार्य किया।
ओ. एन. वी. कुरुप (2016)
मलयालम साहित्य के महान कवि और गीतकार ओ. एन. वी. कुरुप की रचनाएं मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक यथार्थ को गहराई से दर्शाती हैं। उन्हें ज्ञानपीठ पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।
डॉ. तुलसीराम (2015)
दलित साहित्य को नई दिशा देने वाले डॉ. तुलसीराम अपने आत्मकथात्मक लेखन के लिए प्रसिद्ध थे। उनकी रचनाओं ने सामाजिक असमानता पर गहन विमर्श को जन्म दिया।
अख़लाक़ मुहम्मद ख़ान ‘शहरयार’ (2012)
उर्दू के मशहूर शायर शहरयार की ग़ज़लों और नज़्मों में प्रेम, दर्शन और जीवन का गहरा अनुभव झलकता है। फ़िल्मी गीतों के माध्यम से भी उन्होंने विशेष पहचान बनाई।

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राजेंद्र नाथ (2008)
हिंदी सिनेमा के लोकप्रिय हास्य कलाकार राजेंद्र नाथ ने कई दशकों तक दर्शकों को हँसाया। उनकी सहज कॉमिक टाइमिंग उन्हें विशिष्ट बनाती थी।
उस्ताद अमीर ख़ाँ (1974)
हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के महान गायक उस्ताद अमीर ख़ाँ ने इंदौर घराने को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। उनकी गायकी आज भी संगीत प्रेमियों के लिए प्रेरणा है।
असित कुमार हाल्दार (1964)
प्रसिद्ध आधुनिक चित्रकार असित कुमार हाल्दार ने भारतीय कला को वैश्विक पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उनकी चित्रकला में भावनात्मक गहराई दिखाई देती है।
सर सुंदर लाल (1918)
प्रसिद्ध विधिवेत्ता और सार्वजनिक कार्यकर्ता सर सुंदर लाल सामाजिक सुधार और शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय रहे।
बुधु भगत (1832)
लरका विद्रोह के प्रमुख नेता बुधु भगत ने आदिवासी अधिकारों के लिए संघर्ष किया और ब्रिटिश शासन के विरुद्ध क्रांतिकारी आंदोलन का नेतृत्व किया।
📚 13 फरवरी का इतिहास क्यों है महत्वपूर्ण?
13 फरवरी को हुए निधन हमें यह याद दिलाते हैं कि समाज, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण में इन विभूतियों का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। यह दिन नई पीढ़ी को प्रेरणा लेने का अवसर भी प्रदान करता है।
⚠️ अस्वीकरण (Disclaimer)
प्रस्तुत जानकारी विभिन्न ऐतिहासिक स्रोतों एवं गहन छानबीन के आधार पर तैयार की गई है। फिर भी किसी भी प्रकार की त्रुटि के लिए हम पूर्णतः जिम्मेदार नहीं हैं। हम किसी भी प्रकार के 100 प्रतिशत प्रमाणित दावे का समर्थन नहीं करते।

आज का इतिहास 13 फ़रवरी: युद्ध, विज्ञान और राजनीति की बड़ी कहानियाँ

📜 13 फ़रवरी की महत्त्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएँ

🗓️ आज का इतिहास: 13 फ़रवरी की प्रमुख घटनाएँ

13 फ़रवरी का इतिहास विश्व और भारत दोनों के लिए कई निर्णायक, राजनीतिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक घटनाओं का साक्षी रहा है। इस दिन घटित घटनाओं ने इतिहास की दिशा बदली और आने वाली पीढ़ियों को प्रभावित किया। नीचे 13 फ़रवरी की महत्त्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएँ क्रमवार और विस्तृत रूप में प्रस्तुत की जा रही हैं।

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🔎 13 फ़रवरी की महत्त्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएँ
🏰 मध्यकालीन और औपनिवेशिक काल
1542 – इंग्लैंड के राजा हेनरी अष्टम की पत्नी रानी कैथरीन हॉवर्ड को देशद्रोह के आरोप में फाँसी दी गई।
1575 – फ्रांस के राजा हेनरी तृतीय का रेम्स में भव्य राज्याभिषेक हुआ।
1601 – लंदन से ईस्ट इंडिया कम्पनी की पहली समुद्री यात्रा का नेतृत्व सर जेम्स लैंकास्टर ने किया।
1633 – महान खगोलशास्त्री गैलीलियो गैलीलि अपने मुकदमे के लिए रोम पहुँचे और उन्हें हिरासत में लिया गया।
1688 – स्पेन ने पुर्तगाल को स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता दी।
⚔️ युद्ध, सत्ता परिवर्तन और राजनीति
1689 – विलियम और मैरी इंग्लैंड के संयुक्त शासक घोषित किए गए।
1713 – दिल्ली के सुल्तान जहाँदारशाह की गला घोंटकर हत्या कर दी गई।
1739 – करनाल के युद्ध में नादिरशाह ने मुग़ल शासक मुहम्मद शाह को पराजित किया।
1788 – भारत में अत्याचारों के आरोप में वारेन हेस्टिंग्स पर इंग्लैंड में मुकदमा शुरू हुआ।
1856 – ईस्ट इंडिया कम्पनी ने अवध (लखनऊ सहित) पर अधिकार कर लिया।

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🧪 विज्ञान, शिक्षा और आविष्कार
1795 – अमेरिका की पहली स्टेट यूनिवर्सिटी नॉर्थ कैरोलिना यूनिवर्सिटी की स्थापना।
1880 – थॉमस एल्वा एडिसन ने Edison Effect की पुष्टि की।
1920 – अमेरिका में नीग्रो नेशनल बेसबॉल लीग की स्थापना।
1959 – बच्चों की पसंदीदा बार्बी डॉल पहली बार बाज़ार में आई।
2001 – क्षुद्रग्रह इरोस पर पहला मानव रहित अंतरिक्ष यान उतरा।
🇮🇳 भारत और समकालीन विश्व
1931 – नई दिल्ली को आधिकारिक रूप से भारत की राजधानी घोषित किया गया।
1966 – सोवियत संघ ने पूर्वी कज़ाखस्तान में परमाणु परीक्षण किया।
1974 – नोबेल पुरस्कार विजेता अलेक्ज़ेंडर सोल्ज़ेनित्सिन को सोवियत संघ से निष्कासित किया गया।
1989 – सोवियत सेना ने अफ़ग़ानिस्तान से वापसी शुरू की।
2003 – फिल्म निर्देशक यश चोपड़ा को दादा साहब फाल्के पुरस्कार प्रदान किया गया।
📌 13 फ़रवरी का इतिहास क्यों है खास?
13 फ़रवरी की महत्त्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएँ राजनीति, विज्ञान, युद्ध, शिक्षा और संस्कृति से जुड़ी हैं। यह दिन इतिहास प्रेमियों, प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों और सामान्य पाठकों के लिए विशेष महत्व रखता है।
⚠️ अस्वीकरणप्रस्तुत महत्वपूर्ण इतिहास गहन अध्ययन और उपलब्ध ऐतिहासिक स्रोतों के आधार पर तैयार किया गया है। फिर भी किसी प्रकार की त्रुटि के लिए हम पूर्णतः जिम्मेदार नहीं हैं।

आज का राशिफल: जानिए किस राशि की चमकेगी किस्मत

🌟 आज का राशिफल | दैनिक राशिफल (Dainik Rashifal Today) राशिफल की गणना ग्रह-नक्षत्रों की चाल, पंचांग और ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर की जाती है। दैनिक राशिफल आपको नौकरी, व्यापार, धन, परिवार, प्रेम और स्वास्थ्य से जुड़े संभावित परिणामों के लिए पहले से तैयार करता है। आज का राशिफल पढ़कर आप दिनभर की योजनाओं को बेहतर तरीके से बना सकते हैं।
मेष राशि (Aries)
आज का दिन भाग्य का पूरा साथ दिलाने वाला है। किसी मनोरंजक कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिल सकता है। वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा। धार्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी। आर्थिक समस्याएं धीरे-धीरे सुलझेंगी।
वृष राशि (Taurus)
व्यवसाय से जुड़ी पुरानी परेशानियों का समाधान मिलेगा। प्रतियोगिता में सफलता के योग हैं। प्रेम जीवन सामान्य रहेगा। मेहनत और धैर्य से काम लें।
मिथुन राशि (Gemini)
आज दूसरों की भावनाओं को समझना जरूरी होगा। टीमवर्क से ऑफिस की बड़ी समस्या हल होगी। आत्मसंतोष की अनुभूति होगी।
कर्क राशि (Cancer)
खुद को साबित करने के कई मौके मिलेंगे। सही निर्णय लेने से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। अवसरों को पहचानें, लापरवाही न करें।

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सिंह राशि (Leo)
किसी परिचित की आर्थिक मदद करनी पड़ सकती है। अनुभवी लोगों की सलाह फायदेमंद रहेगी। किसी करीबी से थोड़ी दूरी बन सकती है।
कन्या राशि (Virgo)
जिम्मेदारियों का दबाव रहेगा। पुराने घरेलू कार्य पूरे होंगे। प्रेमी के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। व्यापार में जोखिम से बचें।
तुला राशि (Libra)
पुरानी देनदारियों को चुकाने का दिन है। खर्चों पर नियंत्रण रखें। आपके नए विचारों की सराहना होगी।
♏ वृश्चिक राशि (Scorpio)
दिन व्यस्त रहेगा। जरूरी कॉल और मेल्स का जवाब देना होगा। पुराने मित्र से मुलाकात संभव है। उधार देने से पहले सोचें।
धनु राशि (Sagittarius)
कार्यस्थल पर नए अधिकार मिल सकते हैं। रचनात्मक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। घर के बड़ों से विवाद से बचें।
मकर राशि (Capricorn)
नई योजनाओं को लेकर ऊर्जा बनी रहेगी। प्रेम संबंधों में सकारात्मक पहल का समय है। प्रमोशन या वेतन वृद्धि की चर्चा हो सकती है।
कुंभ राशि (Aquarius)
दिन लाभदायक रहेगा। छोटी-मोटी आमदनी संभव है। करियर में अनुभव आगे चलकर बड़ा फायदा देगा।

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मीन राशि (Pisces)
अपने काम पर ध्यान रखें। आलोचनाओं से दूर रहें। सामाजिक दायरा बढ़ेगा। मान-सम्मान में वृद्धि के योग हैं।
⚠️ महत्वपूर्ण सूचना
यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। किसी भी प्रकार का प्रमाणित दावा नहीं किया जाता। कृपया महत्वपूर्ण निर्णय से पहले किसी योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।

जन्म तारीख से जानें आज का पूरा हाल

🔮 आज का मूलांक राशिफल: 1 से 9 तक सभी मूलांकों का विस्तृत अंक ज्योतिष विश्लेषण

🧿 मूलांक क्या होता है?
अंक ज्योतिष में जन्म तिथि के आधार पर निकाला गया अंक मूलांक कहलाता है। मूलांक 1 से 9 तक होते हैं और हर मूलांक किसी न किसी ग्रह से प्रभावित होता है। आज का मूलांक राशिफल आपके करियर, स्वास्थ्य, प्रेम और दैनिक निर्णयों में मार्गदर्शन देता है।
☀️ मूलांक 1 (जन्म तिथि: 1, 10, 19, 28)
ग्रह: सूर्य देव
आज का दिन नए कार्य की योजना बनाने से पहले सतर्क रहने का संकेत देता है। किसी भी निवेश, साझेदारी या दस्तावेज से जुड़ा निर्णय लेने से पहले पूरी जानकारी जुटाना जरूरी है। लापरवाही से आर्थिक या मानसिक नुकसान संभव है।
उपाय: रविवार को लाल वस्त्र, गुड़, गेहूं, तांबा या लाल झंडा दान करें।
🌙 मूलांक 2 (जन्म तिथि: 2, 11, 20, 29)
ग्रह: चंद्र देव
कार्यस्थल पर कोई भी बड़ा निर्णय अकेले न लें। आज अनुभवी व्यक्ति की सलाह आपके लिए फायदेमंद रहेगी। भावनाओं में बहकर लिए गए फैसले नुकसानदायक हो सकते हैं।
उपाय: चावल में हल्दी मिलाकर जल में प्रवाहित करें।

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📿 मूलांक 3 (जन्म तिथि: 3, 12, 21, 30)
ग्रह: बृहस्पति देव
आज किसी पर भी बिना जांच-पड़ताल भरोसा न करें। कागजी कार्यों में विशेष सतर्कता जरूरी है। नौकरी परिवर्तन की कोशिश कर रहे युवाओं के लिए शुभ संकेत मिल रहे हैं।
उपाय: बेसन के हलवे का सेवन करें।
🌪️ मूलांक 4 (जन्म तिथि: 4, 13, 22, 31)
ग्रह: राहु देव
नौकरी और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े लोगों के लिए राहत भरी खबर मिल सकती है। दांपत्य जीवन में सामंजस्य और समझ बनी रहेगी।
उपाय: झूठ, छल और गलत मार्ग से दूरी बनाएं।
🌿 मूलांक 5 (जन्म तिथि: 5, 14, 23)
ग्रह: बुध देव
महिलाओं को स्वास्थ्य को लेकर सावधानी रखनी चाहिए। खान-पान और दिनचर्या में सुधार जरूरी है। व्यापार विस्तार के लिए निवेश का विचार भविष्य में लाभ दे सकता है।
उपाय: हरा धनिया, पालक, हरी मूंग दाल, सेब और हरी सब्जियां खाएं।

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💖 मूलांक 6 (जन्म तिथि: 6, 15, 24)
ग्रह: शुक्र देव
दांपत्य जीवन में प्रेम और सामंजस्य बना रहेगा। प्रेम संबंधों में भावनात्मक मजबूती आएगी। आज का दिन रिश्तों को मजबूत करने वाला है।
उपाय: सफेद या चमकीले कपड़े पहनें।
🔱 मूलांक 7 (जन्म तिथि: 7, 16, 25)
ग्रह: केतु देव
स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से राहत मिलेगी। धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में मन लगेगा, जिससे मानसिक शांति प्राप्त होगी।
उपाय: केले के वृक्ष का पूजन करें।
🛠️ मूलांक 8 (जन्म तिथि: 8, 17, 26)
ग्रह: शनि देव
खान-पान में लापरवाही से बचें। कार्यक्षेत्र में विरोधी सक्रिय रह सकते हैं, लेकिन आपकी सूझबूझ और धैर्य से परिस्थितियां आपके पक्ष में रहेंगी।
उपाय: शनि चालीसा का पाठ करें।

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🔥 मूलांक 9 (जन्म तिथि: 9, 18, 27)
ग्रह: मंगल देव
आज यात्रा टालना आपके हित में रहेगा। अनावश्यक भागदौड़ और जोखिम से दूरी रखें, अन्यथा परेशानी हो सकती है।
उपाय: लाल रंग की वस्तुओं का दान करें।
📌 महत्वपूर्ण सूचना
यह अंक ज्योतिषीय जानकारी सामान्य मान्यताओं पर आधारित है। हम किसी भी प्रकार के प्रमाणित या वैज्ञानिक दावे नहीं करते। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले योग्य विशेषज्ञ या परामर्शदाता से सलाह अवश्य लें।

आज का पंचांग 13 फरवरी 2026: जानिए एकादशी व्रत, राहुकाल और शुभ योग

पंचांग 13 फरवरी 2026: आज फाल्गुन कृष्ण एकादशी, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और चौघड़िया

आज 13 फरवरी 2026, शुक्रवार को फाल्गुन कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि है। आज का पंचांग धार्मिक, ज्योतिषीय और दैनिक कार्यों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। पंचांग के अनुसार आज चंद्रमा धनु राशि में संचार करेगा और मूल नक्षत्र का प्रभाव दिन के अधिकांश समय रहेगा।

🪔 आज का पंचांग 13 फरवरी 2026 (Aaj Ka Panchang)
तिथि: फाल्गुन कृष्ण एकादशी (02:26 PM तक), तत्पश्चात द्वादशी
वार: शुक्रवार
नक्षत्र: मूल (04:12 PM तक), उसके बाद पूर्वाषाढ़ा
योग: वज्र (03:23 AM तक), फिर सिद्धि योग
करण: बालव, कौलव, तैतिल
चंद्र राशि: धनु
सूर्य राशि: कुंभ
अयन: उत्तरायण
ऋतु: शिशिर
संवत: विक्रम संवत 2082 (कालयुक्त), शक संवत 1947 (विश्वावसु)
🌅 सूर्य और चंद्रमा का समय
सूर्योदय: 07:04 AM
सूर्यास्त: 06:17 PM
चन्द्रोदय: 03:54 AM
चन्द्रास्त: 02:30 PM
आज का अशुभ समय (Aaj Ka Rahu Kaal)
राहुकाल: 11:16 AM – 12:41 PM
यमगण्ड: 03:29 PM – 04:53 PM
कुलिक काल: 08:28 AM – 09:52 AM
दुर्मुहूर्त:
09:19 AM – 10:04 AM
01:03 PM – 01:48 PM
आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: 12:18 PM – 01:03 PM
अमृत काल: 09:13 AM – 10:59 AM
ब्रह्म मुहूर्त: 05:27 AM – 06:15 AM
दिन का चौघड़िया
लाभ: 08:28 AM – 09:52 AM
अमृत: 09:52 AM – 11:16 AM
शुभ: 12:41 PM – 02:05 PM
चर: 04:53 PM – 06:17 PM

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🌙 रात का चौघड़िया
लाभ: 09:29 PM – 11:04 PM
शुभ: 12:40 AM – 02:16 AM
अमृत: 02:16 AM – 03:52 AM
🔯 चंद्रबल और ताराबल
चंद्रबल (राशि): मिथुन, कर्क, तुला, धनु, कुंभ, मीन
ताराबल (04:12 PM तक): भरणी, कृत्तिका, मृगशीर्षा, पुनर्वसु सहित 15 नक्षत्र
गण्डमूल नक्षत्र: मूल (04:12 PM तक)
📌 आज का पंचांग क्यों है खास?
एकादशी व्रत और धार्मिक कार्यों के लिए महत्वपूर्ण दिन
सिद्धि योग बनने से कार्यों में सफलता की संभावना
धनु राशि वालों के लिए विशेष फलदायी समय
कुंभ संक्रांति का प्रभाव

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⚠️ अस्वीकरण (Disclaimer)
यह पंचांग सामान्य धार्मिक एवं ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है। हम किसी भी प्रकार का प्रमाणित या चिकित्सीय/ज्योतिषीय दावा नहीं करते। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले संबंधित योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।

शांत दिमाग, विस्फोटक बल्लेबाजी: ईशान किशन का नया अवतार

अनुशासन ने बदली कहानी: ईशान किशन का बड़ा खुलासा, टीम इंडिया को मिला नया मैच विनर


नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) ष्भारतीय क्रिकेट टीम के उभरते सितारे और बाएं हाथ के विस्फोटक विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने अपने करियर को लेकर एक बड़ा और अहम खुलासा किया है। किशन ने साफ स्वीकार किया कि उनके व्यक्तित्व में आए अनुशासन और सोच में बदलाव ने उन्हें एक बेहतर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बनाया है। अतीत की गलतियों से सीख लेते हुए अब वह मैदान पर अधिक गंभीर, शांत और केंद्रित नजर आते हैं, जिसका सीधा फायदा उनके प्रदर्शन और टीम इंडिया को मिल रहा है।

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पिछले महीने भारतीय टीम में वापसी के बाद से ईशान किशन ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन के दम पर उन्होंने विकेटकीपर बल्लेबाज के विकल्प के तौर पर अपनी दावेदारी मजबूत कर ली है। हालिया मुकाबले में नामीबिया के खिलाफ खेली गई उनकी तूफानी पारी इसकी बड़ी मिसाल है, जहां उन्होंने महज 24 गेंदों में 61 रन ठोक दिए। इस पारी की बदौलत भारत ने पावरप्ले में एक विकेट पर 86 रन बनाते हुए टी20 विश्व कप इतिहास का अपना सर्वोच्च स्कोर दर्ज किया।
अभिषेक शर्मा की अनुपस्थिति में टीम को तेज शुरुआत दिलाते हुए किशन ने दिखा दिया कि वह बड़े मौकों के खिलाड़ी हैं। भारत की जीत के बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में अपने बदले हुए रवैये पर खुलकर बात की। उन्होंने माना कि अब वह पहले की तरह हर समय मजाक नहीं करते और मैदान पर पूरा ध्यान सिर्फ खेल पर रहता है।
किशन ने कहा कि पहले उनका व्यवहार कई बार उनके करियर के आड़े आया, यहां तक कि केंद्रीय अनुबंध भी हाथ से चला गया। लेकिन उसी दौर ने उन्हें आत्ममंथन का मौका दिया। अब वह बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग पर फोकस रखते हैं और गैरजरूरी चीजों को प्राथमिकता नहीं देते। उनके अनुसार, यही अनुशासन उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाता है।
बल्लेबाजी के नजरिए से भी ईशान किशन में बड़ा बदलाव दिख रहा है। वह अब सिर्फ बड़े शॉट्स पर निर्भर नहीं रहते, बल्कि जरूरत पड़ने पर एक-दो रन लेना भी उतना ही जरूरी समझते हैं। उनका मानना है कि अच्छी गेंदों का सम्मान करना और जल्दबाजी से बचना अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सफलता की कुंजी है।
नामीबिया के खिलाफ मुकाबले में जेजे स्मिट के एक ओवर में चार छक्के जड़कर उन्होंने अपनी विस्फोटक क्षमता भी दिखाई, लेकिन इसके पीछे उनकी सोच पूरी तरह संतुलित रही। किशन का कहना है कि वह पिच पर शांत रहकर गेंद पर नजर रखते हैं और उन्हीं शॉट्स को खेलने की कोशिश करते हैं जिनमें वह सहज हैं।
अब ईशान किशन अतिरिक्त अभ्यास सत्रों के बजाय मैच की परिस्थितियों को समझने और मानसिक संतुलन बनाए रखने पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। यही वजह है कि उनका खेल पहले से ज्यादा परिपक्व और असरदार नजर आ रहा है। टीम इंडिया को उनसे आने वाले बड़े टूर्नामेंट्स में भी ऐसी ही उम्मीदें रहेंगी।