Monday, May 4, 2026
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भगवान राम, कृष्ण और महात्मा गांधी पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से बवाल, प्रदर्शन तेज

कर्नाटक (राष्ट्र की परम्परा)। कर्नाटक के सीमावर्ती बीदर जिले में भगवान श्रीराम, भगवान श्रीकृष्ण और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के संबंध में कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला सामने आने के बाद तनाव की स्थिति बन गई है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही विभिन्न क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए और पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है।

वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ा आक्रोश

जानकारी के अनुसार, हुलसूर तालुका के अट्टर्गा गांव के कुछ युवकों पर रेल यात्रा के दौरान कविता के रूप में देवी-देवताओं पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है। वीडियो वायरल होने के बाद मेहकर, सायगांव और अलवाई क्षेत्रों में लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली।

मेहकर पुलिस थाने के बाहर सैकड़ों नागरिक एकत्र हुए और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में सख्त धाराओं में मामला दर्ज करने की मांग की।

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आरोपियों की पहचान, पुलिस जांच शुरू

मामले में कालिदास सूर्यवंशी, राहुल खंडारे, कपिल गोडबोले समेत कुछ अन्य युवकों के नाम सामने आए हैं। शिकायत के आधार पर मेहकर पुलिस थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है।

पुलिस ने बताया कि कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

हिंदू संगठनों ने दी आंदोलन की चेतावनी

भालकी क्षेत्र में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि तत्काल कार्रवाई नहीं की गई तो पूरे जिले में उग्र आंदोलन किया जाएगा।

प्रशासन की अपील

जिला प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और सोशल मीडिया पर अपुष्ट जानकारी साझा न करने की अपील की है। फिलहाल बीदर जिले और महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा से सटे क्षेत्रों में स्थिति पर प्रशासन की कड़ी नजर बनी हुई है।
मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई पुलिस रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।

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Tamil Nadu News: चेन्नई में पारिवारिक आत्महत्या का प्रयास, पिता और बेटे की मौत, मां-बेटी की हालत गंभीर

तमिलनाडु (राष्ट्र की परम्परा)। तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। पेरम्बूर शंकराचार्य मठ क्षेत्र में रहने वाले सगायम सेबेस्टियन (Sagaya Sebastian) ने कथित तौर पर अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ आत्महत्या करने का प्रयास किया। इस घटना में पिता और बेटे की मौत हो गई, जबकि मां और बेटी का अस्पताल में इलाज जारी है।

कैंसर से जूझ रही थी पत्नी

जानकारी के अनुसार, सेबेस्टियन मदवरम स्थित एक निजी वेयरहाउस में अकाउंटेंट के रूप में कार्यरत थे। उनकी 37 वर्षीय पत्नी बियुला लंबे समय से उन्नत अवस्था के कैंसर से पीड़ित थीं। दंपति के दो बच्चे हैं—4 वर्षीय युवन और 8 वर्षीय इवांजलि।

बताया जा रहा है कि पत्नी की बिगड़ती हालत से परेशान होकर सेबेस्टियन ने परिवार सहित जीवन समाप्त करने का निर्णय लिया।

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केक में जहर मिलाने का आरोप

प्रारंभिक जांच के मुताबिक, घटना वाली रात सेबेस्टियन घर के पास एक दुकान से केक खरीदकर लाए। परिवार ने साथ में केक काटा और खाया। कुछ ही देर में बेटा युवन बेहोश हो गया। इसके बाद पत्नी और बेटी भी अचेत हो गईं।
पुलिस के अनुसार, सेबेस्टियन ने केक में कथित तौर पर जहर मिलाया था। परिवार के बेहोश होने के बाद उन्होंने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

बेटी ने दी पुलिस को सूचना

घटना के दौरान 8 वर्षीय इवांजलि ने किसी तरह पुलिस स्टेशन फोन कर सूचना दी। सूचना मिलते ही सेम्बियम पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया।

पुलिस को सेबेस्टियन फांसी के फंदे से लटके मिले, जबकि पत्नी और दोनों बच्चे जमीन पर अचेत अवस्था में पड़े थे।

अस्पताल में इलाज, जांच जारी

चारों को तुरंत पेरियार नगर सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने सेबेस्टियन और उनके बेटे युवन को मृत घोषित कर दिया। गंभीर हालत में बियुला और इवांजलि को राजीव गांधी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

पुलिस ने पिता और बेटे के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं और मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में पारिवारिक तनाव और पत्नी की गंभीर बीमारी को घटना का कारण बताया जा रहा है।

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PM मोदी–तारिक रहमान संवाद से मजबूत होंगे द्विपक्षीय रिश्ते

बांग्लादेश चुनाव नतीजे 2026: BNP की ऐतिहासिक जीत पर PM मोदी की बधाई, भारत–बांग्लादेश संबंधों में नए युग की शुरुआत



नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)बांग्लादेश चुनाव नतीजे 2026 ने दक्षिण एशियाई राजनीति में बड़ा बदलाव संकेत दिया है। संसदीय चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की निर्णायक बढ़त के बाद क्षेत्रीय कूटनीति पर नई बहस शुरू हो गई है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अहम जीत पर BNP के शीर्ष नेता तारिक रहमान को बधाई देते हुए कहा कि यह परिणाम बांग्लादेश के लोगों के भरोसे को दर्शाता है और भारत भविष्य में द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊँचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि भारत हमेशा “डेमोक्रेटिक, प्रोग्रेसिव और इनक्लूसिव” बांग्लादेश के समर्थन में खड़ा रहेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बांग्लादेश चुनाव नतीजे 2026 क्षेत्रीय स्थिरता और साझा विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करते हैं।

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BNP की जीत के मायने
हालांकि आधिकारिक नतीजों की घोषणा अभी बाकी है, लेकिन स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार BNP ने 300 सदस्यीय संसद में दो-तिहाई बहुमत हासिल कर लिया है। पार्टी अब तक 212 सीटें जीत चुकी है, जबकि जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11-दलीय गठबंधन को लगभग 70 सीटों पर संतोष करना पड़ा है।
बांग्लादेश चुनाव नतीजे 2026 यह संकेत देते हैं कि मतदाताओं ने राजनीतिक बदलाव और स्थिर नेतृत्व को प्राथमिकता दी है।
भारत–बांग्लादेश रिश्तों पर असर
BNP की नेता ज़ेबा अमीना खान ने स्पष्ट कहा कि भारत और बांग्लादेश पड़ोसी ही नहीं, दोस्त भी हैं। उन्होंने सीमा सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और आपसी सहयोग को दोनों देशों के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण बताया।
विशेषज्ञों का मानना है कि बांग्लादेश चुनाव नतीजे 2026 के बाद भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापार, सुरक्षा और कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में सहयोग और मजबूत हो सकता है।
पाकिस्तान की भूमिका पर विशेषज्ञों की राय
अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों के अनुसार पाकिस्तान की प्राथमिकता जमात-ए-इस्लामी जैसे दलों की ओर हो सकती है, लेकिन मौजूदा नतीजों ने इस संभावना को कमजोर किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि BNP की सरकार भारत के साथ व्यावहारिक और संतुलित रिश्ते बनाए रखने की दिशा में आगे बढ़ सकती है।
क्षेत्रीय राजनीति में नया अध्याय
कुल मिलाकर, बांग्लादेश चुनाव नतीजे 2026 केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि दक्षिण एशिया में कूटनीतिक संतुलन का संकेत हैं। भारत की सकारात्मक प्रतिक्रिया यह दर्शाती है कि नई सरकार के साथ सहयोग और संवाद की नीति जारी रहेगी।

कस्टमर केयर बनकर ठगी करने वाला गिरोह बेनकाब, 5 आरोपी जेल भेजे गए

मऊ में अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश, बिहार के 5 साइबर अपराधी गिरफ्तार


मऊ (राष्ट्र की परम्परा)मऊ पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में बिहार के रहने वाले 5 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है, जो खुद को कस्टमर केयर कर्मचारी बताकर एटीएम सुधार के नाम पर लोगों से ठगी कर रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 18 हजार रुपये नकद, कई एटीएम कार्ड और ठगी में इस्तेमाल होने वाली टूलकिट बरामद की है।
पुलिस के अनुसार, यह साइबर ठग गिरोह उत्तर प्रदेश सहित पूरे पूर्वांचल क्षेत्र में सक्रिय था और ऑनलाइन ठगी की कई घटनाओं को अंजाम दे चुका है। मऊ में भी एक महिला से 20,500 रुपये की साइबर ठगी की गई थी। पीड़िता की शिकायत पर साइबर थाना मऊ और साइबर सेल ने त्वरित जांच शुरू की, जिसके बाद यह बड़ी कार्रवाई संभव हो सकी।
रामपुर चकिया से गिरफ्तारी, साइबर सेल की सटीक रणनीति
जांच के दौरान साइबर सेल को अहम तकनीकी सुराग मिले। इन्हीं इनपुट्स के आधार पर रामपुर चकिया इलाके में घेराबंदी कर आरोपियों को दबोचा गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी फर्जी कॉल और मैसेज के जरिए लोगों को विश्वास में लेते थे और एटीएम से जुड़ी समस्या बताकर गोपनीय जानकारी हासिल कर लेते थे। इसके बाद खातों से रकम निकाल ली जाती थी।

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ठगी का तरीका और बरामदगी
गिरोह के सदस्य खुद को कस्टमर केयर एजेंट बताकर कॉल करते थे। एटीएम कार्ड अपडेट, ब्लॉक/अनब्लॉक या तकनीकी सुधार के नाम पर ओटीपी और कार्ड डिटेल्स हासिल कर लेते थे। पुलिस ने इनके पास से कई एटीएम कार्ड, मोबाइल डिवाइस और ठगी में प्रयुक्त डिजिटल टूलकिट बरामद की है, जिससे कई अन्य मामलों के खुलासे की संभावना है।
पुलिस की अपील: सतर्क रहें, सुरक्षित रहें
मऊ पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या लिंक पर भरोसा न करें। बैंक या कस्टमर केयर कभी भी फोन पर ओटीपी या कार्ड डिटेल्स नहीं मांगते। संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी साइबर थाना में दें।

होसकोटे हाईवे पर SUV, बाइक और ट्रक की टक्कर से 7 मौतें

कर्नाटक सड़क हादसा: बेंगलुरु ग्रामीण में भीषण टक्कर, 7 की मौत, हाईवे पर मचा कोहराम


बैंगलोर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)कर्नाटक के बेंगलुरु ग्रामीण जिले में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। होसकोटे के बाहरी क्षेत्र में होसकोटे–डबासपेट राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई वाहनों की आपस में जोरदार भिड़ंत हो गई। इस कर्नाटक सड़क हादसा में कम से कम 7 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
कैसे हुआ हादसा
पुलिस के अनुसार, दुर्घटना एम. सत्यवारा गांव के पास हुई। एक SUV होसकोटे से देवनहल्ली की ओर जा रही थी। इसी दौरान वाहन चालक का संतुलन बिगड़ गया और SUV ने सामने चल रही मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पीछे से आ रहा एक कैंटर ट्रक भी इस दुर्घटना में शामिल हो गया। कुछ ही पलों में कर्नाटक सड़क हादसा एक बड़े त्रासदी में बदल गया।

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मृतकों की स्थिति
कर्नाटक पुलिस ने बताया कि SUV में सवार 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मोटरसाइकिल सवार ने भी दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान अभी औपचारिक रूप से नहीं हो सकी है, लेकिन प्राथमिक जानकारी के मुताबिक वे बेंगलुरु के कोथनूर इलाके के निवासी हो सकते हैं। सभी शवों को होसकोटे सरकारी अस्पताल भेज दिया गया है, जहां पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया जारी है।
पुलिस की कार्रवाई
हादसे के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात को नियंत्रित किया और क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाया। इस बेंगलुरु ग्रामीण सड़क दुर्घटना को लेकर FIR दर्ज कर ली गई है और दुर्घटना के कारणों की गहन जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और नियंत्रण खोना मुख्य वजह मानी जा रही है।

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सड़क सुरक्षा पर फिर सवाल
यह कर्नाटक सड़क हादसा एक बार फिर हाईवे पर तेज रफ्तार और लापरवाही के खतरों को उजागर करता है। लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाएं यह संकेत देती हैं कि यातायात नियमों के सख्त पालन और जागरूकता अभियान की सख्त जरूरत है। स्थानीय प्रशासन ने भी लोगों से सावधानी बरतने और सुरक्षित ड्राइविंग की अपील की है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बिहार सरकार एक्शन मोड में, अवैध कब्जों पर सख्ती

बिहार में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा हटाने का बड़ा अभियान, जीरो टॉलरेंस नीति लागू


पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। बिहार में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा को लेकर सरकार ने अब जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। राज्य के उपमुख्यमंत्री एवं राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने साफ चेतावनी दी है कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा अब किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट के जरिए स्पष्ट संदेश दिया कि सरकारी जमीन राज्य की अमूल्य संपत्ति है और इसके संरक्षण में किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी।

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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद तेज हुई कार्रवाई
सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा को लेकर सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेशों के बाद बिहार सरकार ने कार्रवाई की रफ्तार और बढ़ा दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अधिकारियों की लापरवाही से राज्य के हित प्रभावित नहीं होने चाहिए। इसी क्रम में प्रशासन को त्वरित, प्रभावी और पारदर्शी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
जिलों में बनेगा लैंड बैंक, विकास को मिलेगी गति
राज्य सरकार ने सभी जिलों में लैंड बैंक तैयार करने का आदेश दिया है। इसके तहत अंचलों में सरकारी जमीन की पहचान की जाएगी, अवैध कब्जों पर वाद दायर कर भूमि को रिकवर कराया जाएगा और पूरे अभियान की नियमित मॉनिटरिंग होगी। लैंड बैंक बनने से औद्योगिकीकरण को बढ़ावा मिलेगा, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को गति मिलेगी और आम जनता की जरूरतों के लिए भूमि उपलब्ध हो सकेगी।

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किन जमीनों पर पहले होगी कार्रवाई?
सरकार ने प्राथमिकता तय कर दी है। सबसे पहले:कैडेस्ट्रल सर्वे में दर्ज सरकारी जमीन,जिन जमीनों का विधिसम्मत बंदोबस्ती नहीं हुआ है,निजी व्यक्तियों के अवैध कब्जे में मौजूद सरकारी भूमि,इन सभी को कानूनी प्रक्रिया के तहत मुक्त कराया जाएगा।
सरकार का संकल्प: कब्जामुक्त बिहार
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने अपने संदेश में कहा कि NDA सरकार का स्पष्ट संकल्प है—कानून का राज और कब्जामुक्त बिहार। अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि सरकारी जमीन के मामलों में अब कोई समझौता नहीं होगा।

हाथियों का आतंक: चूरचू प्रखंड के आंगो गोंदवार भुइया टोली गांव में 6 की मौत, दो मासूम शामिल

चूरचू प्रखंड में हाथियों का कहर: एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत


हजारीबाग (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)झारखंड के हजारीबाग जिले के चूरचू प्रखंड स्थित आंगो गोंदवार भुइया टोली गांव में गुरुवार देर रात जंगली हाथियों के हमले ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। हजारीबाग हाथी हमला की इस दर्दनाक घटना में एक ही परिवार के चार सदस्यों समेत कुल छह लोगों की मौत हो गई, जिनमें दो मासूम बच्चे भी शामिल हैं। घटना के बाद गांव में दहशत, मातम और आक्रोश का माहौल है।

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क्या हुआ उस रात
आंगो थाना प्रभारी के अनुसार, रात करीब दो बजे पांच हाथियों का झुंड गांव में घुस आया। सबसे पहले हाथियों ने धनेश्वर राम (60) को सूंड से उठाकर पास के आंगन में फेंक दिया। उन्हें बचाने के लिए जब सूरज राम और उनके परिवार के लोग बाहर निकले, तो हाथियों ने हमला कर दिया। कुछ ही पलों में कई लोग कुचले गए।
हजारीबाग हाथी हमला में जान गंवाने वालों में सूरज राम (60), मधु देवी (22), मधु देवी का डेढ़ साल का बेटा, उनकी चार साल की बेटी, सुमन देवी (20) और धनेश्वर राम (60) शामिल हैं। चार साल की बच्ची ने इलाज के दौरान शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दम तोड़ दिया। बताया गया कि सुमन देवी दो दिन पहले ही मायके आई थीं।
प्रशासन और वन विभाग की कार्रवाई
सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वन अधिकारियों ने कहा कि मुआवजे की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी और प्रभावित परिवारों को नियमानुसार सहायता दी जाएगी। साथ ही हाथियों की निगरानी बढ़ाने, संवेदनशील इलाकों में गश्त और ग्रामीणों को सतर्क करने की बात कही गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि हजारीबाग हाथी हमला की घटनाएं बढ़ रही हैं और स्थायी समाधान जरूरी है।

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क्यों बढ़ रहे हाथी-मानव संघर्ष
विशेषज्ञों के अनुसार, जंगलों का सिमटना, पारंपरिक हाथी कॉरिडोर में बाधा, रात के समय भोजन-पानी की तलाश और रोशनी/शोर से हाथियों का उकसना—ये सभी कारण हजारीबाग हाथी हमला जैसी घटनाओं को बढ़ाते हैं। ग्रामीण इलाकों में समय पर अलर्ट, सोलर फेंसिंग, बीट गार्ड की तैनाती और सामुदायिक जागरूकता से जोखिम कम किया जा सकता है।
आगे क्या जरूरी
ग्रामीणों ने मांग की है कि हाथियों को सुरक्षित कॉरिडोर में वापस ले जाने, रैपिड रिस्पॉन्स टीम की स्थायी तैनाती, और मुआवजे के साथ पुनर्वास में तेजी लाई जाए। प्रशासन से अपेक्षा है कि हजारीबाग हाथी हमला की पुनरावृत्ति रोकने के लिए त्वरित और दीर्घकालिक कदम उठाए जाएं।

ड्यूटी से लौटे CISF जवान ने घर में देखा भयावह दृश्य

रामगढ़ के पतरातू में CISF कॉलोनी में महिला की आत्महत्या, PVUNL परिसर में शोक—पुलिस जांच जारी


रामगढ़ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) रामगढ़ (झारखंड) के पतरातू क्षेत्र से एक हृदयविदारक खबर सामने आई है। सीआईएसएफ कॉलोनी, जो पीवीयूएनएल के निर्माणाधीन पावर प्लांट परिसर के अंतर्गत आती है, वहां एक महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद कॉलोनी में गहरा शोक और स्तब्धता का माहौल है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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क्या है पूरा मामला
पुलिस के अनुसार, मृतका की पहचान रामा देवी (40 वर्ष) के रूप में हुई है। उनके पति अमर सिंह सीआईएसएफ में कार्यरत हैं और घटना के समय ड्यूटी पर थे। जानकारी के मुताबिक, अमर सिंह सेकेंड शिफ्ट की ड्यूटी पूरी कर जब अपने आवास लौटे, तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी देर तक खटखटाने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर उन्होंने कॉलोनी के अन्य लोगों को बुलाया।
स्थानीय लोगों की मदद से दरवाजा तोड़ा गया। अंदर प्रवेश करते ही रामा देवी कमरे में फंदे से झूलती मिलीं। यह दृश्य देखकर मौजूद लोग सन्न रह गए। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
अस्पताल में मृत घोषित
पुलिस और स्थानीय लोगों की सहायता से महिला को फंदे से उतारकर पीवीयूएनएल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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कॉलोनी में मातम, कारण अज्ञात
घटना के बाद सीआईएसएफ कॉलोनी में मातम पसरा हुआ है। पड़ोसियों के अनुसार, रामा देवी का स्वभाव सामान्य था और किसी गंभीर परेशानी की जानकारी किसी को नहीं थी। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है।

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पुलिस जांच का दायरा
पतरातू पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। पारिवारिक, सामाजिक और अन्य सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए परिजनों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का मानना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।
यह घटना सुरक्षा बलों की कॉलोनी में रहने वाले परिवारों के लिए भी चिंता का विषय बन गई है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और जांच में सहयोग करने की अपील की है।

बांग्लादेश आम चुनाव 2026: BNP की ऐतिहासिक जीत, तारिक रहमान बन सकते हैं अगले प्रधानमंत्री

ढाका (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)बांग्लादेश आम चुनाव 2026 के नतीजों ने दक्षिण एशिया की राजनीति में हलचल मचा दी है। करीब 18 महीने पहले जुलाई 2024 के छात्र आंदोलन के बाद सत्ता से बाहर हुई शेख हसीना के युग के बाद यह पहला आम चुनाव था। गुरुवार 12 फरवरी 2026 को हुए मतदान के बाद सामने आए रुझानों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने शानदार बढ़त बनाते हुए बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है।
299 सीटों वाली जातीय संसद में BNP गठबंधन 181 सीटों पर आगे चल रहा है। वहीं कभी सहयोगी रही जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11 दलों के गठबंधन को 61 सीटों से संतोष करना पड़ा है। निर्दलीय व अन्य छोटे दलों को लगभग 6 सीटें मिली हैं।

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चुनाव आयोग की औपचारिक घोषणा बाकी
हालांकि रुझान स्पष्ट रूप से BNP की जीत की ओर इशारा कर रहे हैं, लेकिन बांग्लादेश चुनाव आयोग की ओर से अंतिम नतीजों की औपचारिक घोषणा अभी शेष है। आयोग के अनुसार कई सीटों पर डेटा प्रोसेसिंग जारी है और जल्द ही फाइनल रिजल्ट जारी किया जाएगा।

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अवामी लीग के बिना हुआ चुनाव
यह चुनाव BNP और जमात-ए-इस्लामी के बीच सीधी टक्कर माना जा रहा है। अवामी लीग पर प्रतिबंध के चलते वह चुनावी मैदान से बाहर रही। शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद पिछले 18 महीनों से मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार देश का प्रशासन संभाल रही थी।
इस चुनाव के साथ ‘जुलाई नेशनल चार्टर’ के तहत 84-सूत्रीय सुधार पैकेज पर जनमत संग्रह भी कराया गया, जिसे लोकतांत्रिक बदलाव की दिशा में अहम माना जा रहा है।

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कौन हैं तारिक रहमान
BNP ने पहले ही संकेत दे दिया था कि जीत की स्थिति में तारिक रहमान देश के अगले प्रधानमंत्री होंगे।
17 साल के निर्वासन के बाद हाल ही में लंदन से बांग्लादेश लौटे।
पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे हैं और पार्टी की कमान संभाल चुके हैं।
बोगुरा-6 सीट से भारी अंतर से जीत दर्ज की
जीत के बावजूद उन्होंने कार्यकर्ताओं से संयम बरतने और दिवंगत मां की स्मृति में दुआ करने की अपील की।

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एक नए राजनीतिक युग की शुरुआत
बांग्लादेश आम चुनाव 2026 को ‘दो बेगमों की राजनीति’ के अंत के रूप में देखा जा रहा है। खालिदा जिया के निधन और अवामी लीग के प्रतिबंध के बाद देश अब एक नए राजनीतिक अध्याय में प्रवेश कर रहा है। BNP की जीत न सिर्फ सत्ता परिवर्तन है, बल्कि बांग्लादेश की राजनीति की दिशा तय करने वाला ऐतिहासिक मोड़ भी मानी जा रही है।

पुलिस का अलर्ट मोड, नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई

मॉर्निंग वॉकर चेकिंग अभियान: देवरिया में सुबह 5 बजे से पुलिस अलर्ट, 314 लोगों व 177 वाहनों की जांच


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। देवरिया मॉर्निंग वॉकर चेकिंग अभियान के तहत जनपद में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस ने शुक्रवार तड़के व्यापक जांच अभियान चलाया। यह विशेष अभियान सुबह 5 बजे से 8 बजे तक जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में एक साथ संचालित किया गया। अभियान का उद्देश्य आमजन के बीच सुरक्षा की भावना को सुदृढ़ करना, अपराध पर अंकुश लगाना और सामुदायिक पुलिसिंग को प्रभावी बनाना रहा।
अभियान का संचालन पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन के निर्देशन में किया गया। सभी थाना प्रभारियों व पुलिस टीमों ने मॉर्निंग वॉक पर निकले नागरिकों से संवाद स्थापित कर सुरक्षा का भरोसा दिलाया। इस दौरान देवरिया मॉर्निंग वॉकर चेकिंग अभियान के अंतर्गत जिले के कुल 16 स्थानों पर सघन जांच की गई, जिसमें 314 व्यक्तियों और 177 वाहनों की जांच की गई।

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16 स्थानों पर एक साथ सख्ती
सुबह के शांत समय में किए गए इस अभियान में संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की गई और वाहनों की तलाशी ली गई। पुलिस टीमों ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की, वहीं नागरिकों को नियमों के पालन के लिए जागरूक भी किया। देवरिया मॉर्निंग वॉकर चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस की मौजूदगी से इलाके में अनुशासन और सुरक्षा का स्पष्ट संदेश गया।
इन बिंदुओं पर रही खास नजर
अभियान के दौरान पुलिस ने निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया—
तीन सवारी चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई,मॉडिफाइड साइलेंसर वाले दोपहिया वाहनों का चालान,नाबालिगों द्वारा वाहन संचालन पर सख्ती
चोरी के वाहनों की पहचान और सत्यापन,अवैध असलहा व मादक पदार्थों की रोकथाम

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सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा
पुलिस अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों को अभियान की रूपरेखा समझाई और बताया कि देवरिया मॉर्निंग वॉकर चेकिंग अभियान जैसे प्रयास नियमित रूप से जारी रहेंगे। मॉर्निंग वॉकरों और स्थानीय नागरिकों ने इस पहल की सराहना की और सुबह के समय बेहतर सुरक्षा व्यवस्था पर संतोष जताया।

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शांति, सुरक्षा और विश्वास सर्वोच्च प्राथमिकता
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जनपद में शांति, सुरक्षा और नागरिकों का विश्वास कायम रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। देवरिया मॉर्निंग वॉकर चेकिंग अभियान जैसे सक्रिय कदमों से अपराधियों में भय और आमजन में भरोसा मजबूत होगा। प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने का अनुरोध किया।

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फर्रुखाबाद के कर्बला में तोड़फोड़ और आगजनी, कब्र क्षतिग्रस्त

फर्रुखाबाद (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के मऊदरवाजा थाना क्षेत्र अंतर्गत चिलसरा रोड स्थित कर्बला (नजफ) में बुधवार रात अराजकतत्वों ने घुसकर तोड़फोड़ और आगजनी की घटना को अंजाम दिया। हमलावरों ने एक कब्र को क्षतिग्रस्त कर दिया और दरगाह के एक हिस्से में आग लगा दी, जिससे ताजिया और अलम जलकर राख हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। एसपी आरती सिंह, एसडीएम सदर रजनीकांत पांडेय, प्रभारी तहसीलदार सनी कनौजिया और सीओ सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच की।

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सुबह खुला मामला, दमकल ने पाया आग पर काबू

बृहस्पतिवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे कर्बला की देखरेख करने वाले शारिक हुसैन रिजवी को ताला खोलने पहुंचे साबिर हुसैन ने घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही थाना पुलिस को अवगत कराया गया।
करीब 10 बजे पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे, तब तक बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो चुके थे। दमकल विभाग ने पहुंचकर आग पर पूरी तरह काबू पाया।

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संदिग्धों से पूछताछ, अज्ञात पर मुकदमा दर्ज

व्यवस्थापकों शारिक हुसैन रिजवी, सदाकत हुसैन, इबरार अली और साजिद हुसैन ने थाने में तहरीर दी है। उन्होंने बताया कि कर्बला सुबह नौ बजे खुलता है और शाम सात बजे बंद कर दिया जाता है।

एसपी आरती सिंह ने बताया कि घटना के खुलासे के लिए सर्विलांस, थाना पुलिस और एसओजी की तीन टीमें गठित की गई हैं। अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

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लोगों में आक्रोश, लेकिन संयम बरता गया

घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग कर्बला पहुंचे और आक्रोश व्यक्त किया। हालांकि व्यवस्थापकों की सूझबूझ और संयम के चलते स्थिति नियंत्रण में रही। लोगों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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श्री राम कथा में श्रद्धा का सैलाब

श्री राम कथा का सातवां विश्राम: भक्ति, भाव और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत महायज्ञ


सिकंदरपुर/बलिया (राष्ट्र की परम्परा)सिकंदरपुर क्षेत्र के लीलकर गांव में ब्रह्मलीन संत परमहंस श्री स्वामी गंगाधर शास्त्री जी महाराज की पावन तपोस्थली पर आयोजित श्री सीताराम महायज्ञ का आठवां दिन और श्री राम कथा का सातवां विश्राम दिवस भक्तिभाव, अनुशासन और आध्यात्मिक चेतना का अनुपम संगम बना। नौ दिवसीय इस महायज्ञ की पूर्णाहुति 13 फरवरी को वैदिक विधि-विधान से संपन्न होगी।

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राम राज्याभिषेक प्रसंग से भावपूर्ण समापन
कथा वाचिका आरती पाठक ने राम राज्याभिषेक के मार्मिक प्रसंग के साथ कथा को विराम दिया। उन्होंने राजा दशरथ के जीवन-संदेश को रेखांकित करते हुए बताया कि शुभ कार्यों को टालना जीवन की बड़ी भूल हो सकती है। “समय का सदुपयोग ही सच्चा धर्म है”—इस संदेश ने श्रोताओं को गहराई से स्पर्श किया।
कैकेयी प्रसंग और त्याग का मर्म
कथा में कैकेयी प्रसंग का भावनात्मक चित्रण करते हुए सुश्री पाठक ने त्याग और नियति के रहस्य को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि लोक-निंदा सहकर भी यदि किसी का जीवन-उद्देश्य पूर्ण होता है, तो वह त्याग महान होता है। इसके बाद राम-केवट संवाद, शूर्पणखा प्रसंग, खर-दूषण वध, मारीच वध, शबरी की नवधा भक्ति, बालि वध, सुग्रीव राज्याभिषेक, मेघनाद व कुंभकरण वध तथा रावण संहार से होते हुए श्रीराम राज्याभिषेक तक की सजीव झांकियां भजनों के साथ प्रस्तुत की गईं। वातावरण “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंज उठा।

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जनप्रतिनिधियों व संतों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में पूर्व विधायक भगवान पाठक, प्रधान संघ अध्यक्ष जितेंद्र यादव, प्रवक्ता दुर्गेश राय सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। आज के यजमान दुर्गेश राय रहे।
यज्ञाचार्य जय नारायण शास्त्री जी महाराज ने कथा वाचिका को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। ब्रह्मचारी पीठाधीश्वर एवं महामंडलेश्वर कृष्ण दास जी का विशेष आशीर्वाद प्राप्त हुआ। साथ ही अद्वैत शिव शक्ति परमधाम के पीठाधीश्वर शिवेंद्र ब्रह्मचारी, दामोदर दास महाराज, कन्हैया दास जी महाराज, बलिराम दास जी महाराज सहित अनेक संत-महंतों की उपस्थिति से आयोजन दिव्यता से भर उठा।

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अगले वर्ष हनुमान महायज्ञ की घोषणा
महायज्ञ के व्यवस्थापक पंकज राय ने घोषणा की कि अगले वर्ष श्री हनुमान महायज्ञ का भव्य आयोजन किया जाएगा, जिस पर श्रद्धालुओं ने हर्ष व्यक्त किया।कथा का मूल संदेश,समय की महत्ता समझना,शुभ कार्यों को टालने से बचना,त्याग, मर्यादा और धर्म का आचरण,रामराज्य की अवधारणा को जीवन में उतारना।
लीलकर की तपोभूमि पर भक्ति, अनुशासन और आध्यात्मिक चेतना का यह संगम न केवल धार्मिक अनुष्ठान है, बल्कि सामाजिक एकता और नैतिक जागरण का संदेश भी देता है।

आगरा: वेलेंटाइन वीक में पति की हत्या, आत्महत्या का रूप देने की कोशिश

आगरा (राष्ट्र की परम्परा)। एकता थाना क्षेत्र के लोधई गांव में वेलेंटाइन वीक के दौरान एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा हुआ है। अवैध संबंधों का विरोध करने पर पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति लवकेश (24) की हत्या कर दी। वारदात को आत्महत्या दिखाने के लिए शव को साड़ी के फंदे से पंखे पर लटका दिया गया।

पुलिस ने आरोपी पत्नी गौरी और उसके प्रेमी सुंदर को हिरासत में ले लिया है। मामले की जांच जारी है।

अंतिम संस्कार के बाद हुआ शक

लोधई गांव निवासी लवकेश बिजली मिस्त्री थे। पिता सुरेश चंद तोमर बेलनगंज में नौकरी करते हैं। 10 फरवरी की तड़के सूचना मिली कि लवकेश ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है। परिजनों ने किसी विवाद की जानकारी न होने पर अंतिम संस्कार कर दिया।

अगले दिन उठावनी के दौरान पत्नी की गतिविधियों पर परिवार को संदेह हुआ। पूछताछ और पुलिस बुलाने की बात पर वह घबरा गई और हत्या की बात स्वीकार कर ली।

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पांच महीने से चल रहा था संबंध

डीसीपी सिटी Syed Ali Abbas ने बताया कि पूछताछ में सामने आया है कि गौरी का अपने चचेरे देवर सुंदर से पिछले पांच महीने से संबंध था। 9 फरवरी की रात पति ने दोनों को देख लिया। इसके बाद सुंदर ने तकिए से लवकेश का मुंह दबाया और गौरी ने हाथ-पैर पकड़े रखे।

मौत होने के बाद दोनों ने साड़ी का फंदा बनाकर शव को पंखे से लटका दिया, ताकि मामला आत्महत्या लगे।

कॉल डिटेल खंगाल रही पुलिस

पुलिस ने दोनों आरोपियों के बयान दर्ज कर लिए हैं। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। प्रेमी सुंदर को उसके कार्यस्थल से गिरफ्तार किया गया।
घटना के बाद गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है।

परिवार में मचा कोहराम

लवकेश पांच बहनों में इकलौते भाई थे। उनकी मौत से बहनें बेसुध हैं। परिवार ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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एसपी अनुज चौधरी ने अभिनेता राजपाल यादव की मदद को बढ़ाया हाथ

फिरोजाबाद (राष्ट्र की परम्परा)। अपनी बेबाक कार्यशैली के लिए चर्चित Anuj Chaudhary ने बॉलीवुड अभिनेता Rajpal Yadav की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। बृहस्पतिवार रात एसपी देहात अनुज चौधरी ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक वीडियो साझा कर राजपाल यादव को समर्थन देते हुए 51 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की।

“एक प्रशंसक और नागरिक के नाते साथ खड़ा हूं” – अनुज चौधरी

सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में एसपी अनुज चौधरी ने कहा कि राजपाल यादव एक बेहतरीन कलाकार हैं, जिन्होंने दशकों तक लोगों का मनोरंजन किया है। उन्होंने कहा कि जब कोई कलाकार कठिन दौर से गुजर रहा हो, तो समाज का दायित्व बनता है कि वह उसके साथ खड़ा हो।
उन्होंने राजपाल यादव के संघर्षों का जिक्र करते हुए उनके जल्द ही संकट से बाहर आने की कामना की।

कानूनी मामले में उलझे हैं राजपाल यादव

गौरतलब है कि अभिनेता राजपाल यादव इन दिनों पुराने चेक बाउंस और कर्ज अदायगी से जुड़े एक मामले में कानूनी पेचीदगियों का सामना कर रहे हैं। इसी बीच एसपी अनुज चौधरी की ओर से मिली आर्थिक सहायता और सार्वजनिक समर्थन चर्चा का विषय बन गया है।

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पहले भी चर्चा में रहा है कार्यकाल

अनुज चौधरी इससे पहले संभल में सीओ पद पर रहते हुए भी अपनी कार्यशैली को लेकर चर्चा में रहे थे। वे एक अंतरराष्ट्रीय पहलवान रह चुके हैं और अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित भी हैं।
उनके इस कदम को सोशल मीडिया पर सराहा जा रहा है।

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सरयू नदी पर मोहन सिंह सेतु: देवरिया, बलिया और मऊ के विकास की नई उम्मीद


देवरिया बरहज में मोहन सिंह सेतु निर्माण को लेकर पूर्व सांसद कनकलता सिंह की मांग, मुख्यमंत्री योगी से की मुलाकात


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। पूर्व समाजवादी पार्टी राज्यसभा सांसद कनकलता सिंह ने देवरिया जनपद के दाक्षिणांचल क्षेत्र के ऐतिहासिक, धार्मिक और व्यापारिक महत्व को रेखांकित करते हुए बरहज में मोहन सिंह सेतु निर्माण को शीघ्र पूर्ण कराने की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भेंट कर परियोजना में आ रही बाधाओं को दूर करने का आग्रह किया, ताकि क्षेत्रीय विकास को नई गति मिल सके।
कनकलता सिंह ने कहा कि दाक्षिणांचल में स्थित बाबा राघवदास की कर्मभूमि और देवराहा बाबा की तपोभूमि न केवल धार्मिक आस्था के केंद्र रहे हैं, बल्कि ऐतिहासिक रूप से व्यापारिक गतिविधियों के भी प्रमुख स्थल रहे हैं। पुराने समय में सरयू नदी के माध्यम से नावों द्वारा आयात-निर्यात होता था, जिससे बरहज व्यापार का बड़ा केंद्र बना। इन्हीं व्यावसायिक संभावनाओं को देखते हुए बरहज को रेल मार्ग से भी जोड़ा गया था।
उन्होंने बताया कि 24 नवंबर 2013 को समाजवादी पार्टी के मुख्य सचेतक सांसद मोहन सिंह के निधन के बाद, तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने बरहज में सरयू नदी पर उनके नाम से पक्का पुल बनाने की घोषणा की थी। वर्ष 2014 में मोहन सिंह सेतु निर्माण का कार्य शुरू हुआ, लेकिन समय के साथ तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से परियोजना में रुकावटें आती चली गईं।
पूर्व सांसद के अनुसार, यदि मोहन सिंह सेतु बरहज बनकर तैयार हो जाता है, तो यह क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इससे बरहज का दक्षिणी द्वार खुलेगा और बलिया, बनारस, गाजीपुर, मऊ सहित नदी पार बसे सैकड़ों गांवों को सीधा लाभ मिलेगा। आवागमन सुगम होने से व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति होगी।
कनकलता सिंह ने कहा कि देवरिया बरहज विकास की दृष्टि से यह पुल अत्यंत आवश्यक है। किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी, युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और आम जनमानस को समय व धन की बचत होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हस्तक्षेप से मोहन सिंह सेतु निर्माण कार्य शीघ्र पूरा होगा और क्षेत्र के विकास का सपना साकार होगा।
पूर्व सांसद ने यह भी कहा कि यह परियोजना केवल एक पुल नहीं, बल्कि दाक्षिणांचल के सामाजिक और आर्थिक उत्थान का आधार है। बरहज सरयू नदी पुल के बन जाने से क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान और मजबूत होगी तथा आने वाली पीढ़ियों को विकास और सुविधाओं का प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।