देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।
Central Bank of India द्वारा संचालित स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी), पुरुषोत्तमपुर देवरिया में राज्य आरसेटी निदेशक दयाशंकर मिश्रा ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान में चल रहे 38 दिवसीय असिस्टेंट बुककीपर एवं 31 दिवसीय पशुपालन प्रशिक्षण कार्यक्रम का गहन अवलोकन किया और प्रशिक्षुओं से सीधे संवाद कर प्रशिक्षण की गुणवत्ता, सुविधाओं और भविष्य की संभावनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।
निरीक्षण के दौरान राज्य निदेशक ने प्रशिक्षण प्राप्त कर सफलतापूर्वक स्वरोजगार स्थापित कर चुके तीन पूर्व प्रशिक्षुओं से भी मुलाकात की। उन्होंने वर्तमान बैच के प्रतिभागियों को एक सफल उद्यमी की प्रेरक कहानी साझा करते हुए आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार के माध्यम से युवा न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं, बल्कि समाज में भी सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
राज्य निदेशक ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के अंतर्गत सभी प्रशिक्षुओं का पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि उन्हें वित्तीय सहायता उपलब्ध हो सके। उन्होंने वित्तीय वर्ष के लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने पर भी जोर दिया और इसे संस्थान के लिए महत्वपूर्ण प्राथमिकता बताया।
इस अवसर पर आरसेटी देवरिया के निदेशक विशाल गुप्ता, वरिष्ठ संकाय सदस्य सोमनाथ मिश्र, विनय शंकर मणि त्रिपाठी तथा कार्यालय सहायक अभिषेक तिवारी ने राज्य निदेशक का स्वागत किया। संस्थान प्रबंधन ने आश्वस्त किया कि 20 मार्च तक वित्तीय वर्ष के सभी निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त कर लिया जाएगा।
आत्मनिर्भर भारत की सोच को मजबूत करती एक दिवसीय कार्यशाला
छिंदवाड़ा/मध्यप्रदेश (राष्ट्र की परम्परा)। छिंदवाड़ा जिले के शासकीय महाविद्यालय बिछुआ में उद्यमिता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला स्वामी विवेकानंद करिअर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ एवं इन्नोवेशन एंड इनक्यूबेशन सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुई। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को रोजगारपरक सोच, स्टार्टअप संस्कृति और आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा से जोड़ना रहा।

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कार्यशाला की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य द्वारा की गई। प्रशिक्षण सत्र में शिखा साहू (शासकीय महाविद्यालय, सौसर) ने विद्यार्थियों को उद्यमिता, स्वरोजगार और नवाचार आधारित करियर विकल्पों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में उद्यमिता केवल व्यवसाय तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समस्या समाधान, नवाचार और सामाजिक जिम्मेदारी से भी जुड़ी हुई है।
वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. पूजा तिवारी ने छात्रों को आत्मनिर्भर बनने के लिए कौशल विकास, डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज का युवा यदि सही दिशा में मार्गदर्शन पाए, तो वह न केवल अपने लिए बल्कि समाज के लिए भी रोजगार सृजन कर सकता है।
कार्यक्रम का संचालन प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. फरहत मंसूरी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन डॉ. शहीदा बेगम मंसूरी द्वारा किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार के सदस्य रघुवीर उईके, दुजारी बोसम, डॉ. विवेक तिवारी, मनीष कुमार ठाकुर, डॉ. अनिल कोठे, यशोदा उईके सहित समस्त प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
विद्यार्थियों ने कार्यशाला में उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए उद्यमिता, स्टार्टअप और आत्मनिर्भरता से जुड़े प्रश्न पूछे। संवादात्मक सत्र में छात्रों को यह समझने का अवसर मिला कि कैसे वे अपने विचारों को व्यवसायिक रूप दे सकते हैं और स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।
यह कार्यशाला महाविद्यालय की शैक्षणिक एवं नवाचार गतिविधियों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई। विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से छात्रों को उद्यमिता और स्टार्टअप संस्कृति के प्रति नई प्रेरणा मिली। आयोजन ने यह स्पष्ट किया कि सही मार्गदर्शन और प्रशिक्षण से युवा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
तमसा तट पर मऊ महादेव घाट का होगा भव्य उद्घाटन
मऊ(राष्ट्र की परम्परा)उत्तर प्रदेश सरकार के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा मऊ जनपद के दौरे पर रहेंगे। उनके कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण नगर पालिका परिषद मऊ क्षेत्र के अंतर्गत तमसा नदी के तट पर स्थित मऊ महादेव मंदिर परिसर में नवनिर्मित घाट का लोकार्पण है।ए के शर्मा मऊ दौरा 2026 को लेकर स्थानीय प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। तमसा तट पर विकसित यह आधुनिक घाट श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों के लिए बड़ी सौगात माना जा रहा है।
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निर्माण कार्य के अंतर्गत घाट की सीढ़ियों का सुदृढ़ीकरण, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता प्रबंधन तथा जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इससे पर्व-त्योहारों और विशेष अवसरों पर आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित वातावरण मिलेगा।यह परियोजना धार्मिक आस्था और आधुनिक सुविधाओं के संतुलित विकास का उदाहरण प्रस्तुत करती है। ए के शर्मा मऊ दौरा 2026 के दौरान इस घाट के उद्घाटन से न केवल क्षेत्र की सुंदरता में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय पर्यटन को भी नया आयाम मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे छोटे व्यापारियों, दुकानदारों और सेवा क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।दौरे के क्रम में मंत्री स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं गणमान्य नागरिकों से मुलाकात कर विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे। वे जनसमस्याओं को सुनकर समाधान के लिए आवश्यक निर्देश भी देंगे। दिनभर विभिन्न कार्यक्रमों में सहभागिता के बाद मंत्री देर शाम लखनऊ के लिए रवाना होंगे।ए के शर्मा मऊ दौरा 2026 को जनपद के विकास और धार्मिक पर्यटन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
शिक्षा से वंचित बच्चों के लिए उम्मीद की किरण बना जागरूकता अभियान
संतकबीरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत अलाभित समूह एवं दुर्बल वर्ग के बच्चों को कक्षा 1/पूर्व प्राथमिक कक्षा में प्रवेश दिलाने के उद्देश्य से जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अभियान के तहत लॉटरी प्रणाली के प्रचार-प्रसार हेतु एक विशेष प्रचार वाहन को भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष नीतू सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
यह जागरूकता वाहन जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण कर अभिभावकों को शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act) के अंतर्गत निजी विद्यालयों में आरक्षित सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया, पात्रता और आवेदन से जुड़ी संपूर्ण जानकारी देगा। अभियान का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और समय रहते आवेदन कर योजना का लाभ उठा सके।
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प्रचार वाहन से घर-घर पहुंचेगी RTE प्रवेश की जानकारी
प्रचार वाहन के माध्यम से अभिभावकों को बताया जाएगा कि अलाभित एवं दुर्बल वर्ग के बच्चों के लिए निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं, जिन पर प्रवेश लॉटरी प्रणाली के जरिए पारदर्शी तरीके से किया जाता है। अभियान में यह भी स्पष्ट किया जा रहा है कि आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह निशुल्क है और किसी बिचौलिये की आवश्यकता नहीं है।
अधिक से अधिक पात्र परिवारों तक सूचना पहुंचाने का आह्वान
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने आमजन से अपील की कि वे इस जानकारी को अपने आसपास के जरूरतमंद परिवारों तक जरूर पहुंचाएं। समय पर जानकारी मिलने से बच्चों का भविष्य सुरक्षित होगा और शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर सुनिश्चित किए जा सकेंगे।
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इस अवसर पर जिला महामंत्री विनोद पांडेय, सांथा ब्लाक प्रमुख अरविन्द जायसवाल, प्रभारी सीडीपीओ अभिलाषा मिश्रा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि अलाभित एवं दुर्बल वर्ग के बच्चों के प्रवेश हेतु जागरूकता अभियान सामाजिक समानता की दिशा में एक मजबूत कदम है।
“महात्मा बुद्ध एवं गुरु गोरखनाथ का जीवन दर्शन” पुस्तक का विमोचन
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के महायोगी गुरु श्रीगोरखनाथ शोधपीठ द्वारा प्रकाशित पुस्तक “महात्मा बुद्ध एवं गुरु गोरखनाथ का जीवन दर्शन” का विमोचन कुलपति प्रो. पूनम टंडन के करकमलों से किया गया। इस अवसर पर शोधपीठ के उपनिदेशक डॉ. कुशल नाथ मिश्र, सहायक निदेशक डॉ. सोनल सिंह, सहायक ग्रंथालयी डॉ. मनोज कुमार द्विवेदी तथा रिसर्च एसोसिएट डॉ. सुनील कुमार उपस्थित रहे।
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विमोचन अवसर पर कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि यह पुस्तक महात्मा बुद्ध और गुरु गोरखनाथ के जीवन-दर्शन को व्यापक रूप से प्रस्तुत करती है तथा भारतीय आध्यात्मिक परंपरा की गहराई को समझने में सहायक सिद्ध होगी।
पुस्तक के संपादक एवं शोधपीठ के उपनिदेशक डॉ. कुशल नाथ मिश्र ने बताया कि यह ग्रंथ मार्च माह में आयोजित द्विदिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में प्रस्तुत शोधपत्रों का द्वितीय संकलन है। इसमें नाथ पंथ और बौद्ध धर्म के मध्य समानताओं तथा उनकी वैचारिक एकरूपताओं पर विस्तार से प्रकाश डाला गया है।
कार्यक्रम में शोधपीठ के शोध अध्येता डॉ. हर्षवर्धन सिंह एवं चिन्मयानन्द मल्ल भी उपस्थित रहे। पुस्तक का संपादन डॉ. कुशल नाथ मिश्र एवं डॉ. सोनल सिंह ने किया है, जबकि सहायक संपादन डॉ. मनोज कुमार द्विवेदी, डॉ. सुनील कुमार एवं डॉ. हर्षवर्धन सिंह द्वारा किया गया है।
ई-रिक्शा और ऑटो चालकों पर कसा शिकंजा, 114 ई-चालान
देवरिया यातायात पुलिस चेकिंग अभियान: 114 वाहनों पर कार्रवाई, 12 वाहन सीज, नियम तोड़ने वालों पर सख्ती
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।देवरिया में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। देवरिया यातायात पुलिस चेकिंग अभियान के तहत शहर के विभिन्न इलाकों में सघन वाहन जांच की गई, जिसमें नियमों का उल्लंघन करने वाले 114 वाहनों का ई-चालान काटा गया और 12 वाहनों को सीज किया गया। यह कार्रवाई सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और यातायात नियमों के कड़ाई से पालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में यातायात प्रभारी के नेतृत्व में चलाए गए इस देवरिया यातायात पुलिस चेकिंग अभियान के दौरान शहर के प्रमुख चौराहों, ओवरब्रिज और व्यस्त मार्गों पर विशेष निगरानी रखी गई। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि यातायात नियमों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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शहर के प्रमुख इलाकों में सघन जांच
देवरिया यातायात पुलिस चेकिंग अभियान के अंतर्गत गोरखपुर ओवरब्रिज, कसया ओवरब्रिज, मालवीय रोड और बस स्टैंड क्षेत्र में वाहन चालकों की जांच की गई। सड़क किनारे अवैध रूप से सवारी भरने वाले बस, ऑटो और ई-रिक्शा चालकों पर विशेष कार्रवाई हुई। यातायात बाधित करने और नियम तोड़ने पर चालान व सीज की कार्रवाई की गई।
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ई-रिक्शा संचालन पर विशेष फोकस
शहर में बढ़ती ई-रिक्शा संख्या को देखते हुए देवरिया यातायात पुलिस चेकिंग अभियान में ई-रिक्शा की वैधता पर खास ध्यान दिया गया।
पंजीकरण व नंबरिंग की जांच,तकनीकी स्थिति का निरीक्षणओवरलोडिंग पर कार्रवाई ,कई ई-रिक्शा बिना अनुमति या ओवरलोडिंग करते पाए गए, जिन पर तत्काल ई-चालान किया गया।
क्यों जरूरी है सख्ती?
विशेषज्ञों के अनुसार, छोटे शहरों में अवैध पार्किंग, बिना हेलमेट व सीट बेल्ट वाहन चलाना और ओवरलोडिंग जैसी समस्याएं दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बनती हैं। ऐसे में देवरिया यातायात पुलिस चेकिंग अभियान जैसी सख्त पहल सड़क सुरक्षा को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाती है।
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आम जनता से अपील
यातायात पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें, वैध दस्तावेज साथ रखें और सुरक्षित ड्राइविंग अपनाएं। प्रशासन का मानना है कि जनसहयोग से ही सड़क दुर्घटनाओं में स्थायी कमी लाई जा सकती है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
सूत्रों के अनुसार, देवरिया यातायात पुलिस चेकिंग अभियान आगे भी नियमित रूप से चलता रहेगा। भीड़भाड़ वाले इलाकों, स्कूल-कॉलेज मार्गों और बाजार क्षेत्रों में विशेष चेकिंग की जाएगी।
नाबालिग को बेचने की साजिश, पुलिस ने समय रहते बचाया
बलिया/गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से सामने आया किशोरी दुष्कर्म मामला अब एक बड़े मानव तस्करी रैकेट की ओर इशारा कर रहा है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी केवल दुष्कर्म तक सीमित नहीं थे, बल्कि पीड़िता को बलिया ले जाकर बेचने की पूरी तैयारी कर चुके थे। इस गोरखपुर किशोरी दुष्कर्म मामले ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता को बहला-फुसलाकर पहले गोरखपुर में बंधक बनाया गया। इसके बाद उसके साथ दुष्कर्म किया गया और फिर मानव तस्करी के नेटवर्क के तहत उसे दूसरे जिले में ले जाने की साजिश रची गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी एक संगठित गिरोह से जुड़े हो सकते हैं, जो लंबे समय से मानव तस्करी जैसे अपराधों में सक्रिय हैं। यह मानव तस्करी का मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि इसमें नाबालिग को निशाना बनाया गया।
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पुलिस जांच में क्या आया सामने
जांच टीम ने तकनीकी साक्ष्य, कॉल डिटेल और स्थानीय इनपुट के आधार पर आरोपियों की पहचान की। पूछताछ में खुलासा हुआ कि किशोरी को बलिया में बेचने के लिए संभावित ग्राहकों से संपर्क किया जा चुका था। समय रहते पुलिस की कार्रवाई से एक बड़ा अपराध टल गया। इस गोरखपुर किशोरी दुष्कर्म मामले में कई धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
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सामाजिक और कानूनी असर
यह मामला केवल एक अपराध नहीं, बल्कि समाज के लिए चेतावनी है। मानव तस्करी जैसे अपराधों का नेटवर्क अक्सर सीमावर्ती जिलों में सक्रिय रहता है, जहां निगरानी की कमी का फायदा उठाया जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई, पीड़ितों की काउंसलिंग और कठोर सजा ही अपराधियों को रोक सकती है। मानव तस्करी पर लगाम लगाने के लिए पुलिस और समाज दोनों को सतर्क रहना होगा।
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पीड़िता की सुरक्षा और आगे की कार्रवाई
पीड़िता को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है और मेडिकल व मनोवैज्ञानिक सहायता दी जा रही है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी। यह गोरखपुर किशोरी दुष्कर्म मामला आने वाले समय में मानव तस्करी के खिलाफ बड़े अभियान का आधार बन सकता है।
PM-Surya Ghar: Muft Bijli Yojana: 300 यूनिट फ्री बिजली, 60% तक सब्सिडी, ऐसे करें आवेदन
मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी PM-Surya Ghar: Muft Bijli Yojana अब तेजी से जमीन पर उतर रही है। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में अपर जिलाधिकारी सत्यप्रिय सिंह ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और अधिकतम जनभागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस योजना का उद्देश्य देशभर के करोड़ों परिवारों को सौर ऊर्जा से जोड़ना और हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराना है।
क्या है पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना?
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को अपनी छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार सोलर सिस्टम की स्थापना पर आकर्षक सब्सिडी प्रदान कर रही है, जिससे लागत में भारी कमी आती है।
यह योजना केवल बिजली बिल घटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन में कमी की दिशा में भी बड़ा कदम है।
हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली
• पात्र परिवारों को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली
• 300 यूनिट तक खपत पर बिजली बिल शून्य
• अतिरिक्त बिजली ग्रिड में बेचकर आय का अवसर
इससे मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
सब्सिडी संरचना: कितना मिलेगा अनुदान?
सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी इस प्रकार है:
• 2 किलोवाट तक के सोलर सिस्टम पर 60% तक सब्सिडी
• 3 किलोवाट तक अतिरिक्त क्षमता पर 40% सब्सिडी
यह राशि निर्धारित प्रक्रिया के तहत सीधे लाभार्थी को प्रदान की जाएगी, जिससे शुरुआती निवेश का बोझ कम होगा।
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ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम
• कोयला आधारित बिजली पर निर्भरता कम होगी
• कार्बन उत्सर्जन में कमी
• स्वच्छ एवं अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा
• स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर
विशेषज्ञों के अनुसार, 2–3 किलोवाट का सोलर सिस्टम एक सामान्य परिवार की जरूरतें पूरी कर सकता है। 4–5 साल में लागत की भरपाई संभव है और उसके बाद 15–20 साल तक लगभग मुफ्त बिजली मिल सकती है।
आवेदन प्रक्रिया: ऐसे करें रजिस्ट्रेशन
योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन है।
जरूरी दस्तावेज:
• आधार कार्ड
• हालिया बिजली बिल
•छत के स्वामित्व का प्रमाण
इच्छुक नागरिक आधिकारिक पोर्टल http://pmsuryaghar.gov.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। आवेदन स्वीकृत होने के बाद अधिकृत विक्रेता द्वारा सोलर पैनल स्थापना की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
प्रशासन की अपील
अपर जिलाधिकारी ने बड़े होटलों, रेस्टोरेंट, पेट्रोल पंप, मेडिकल स्टोर, ईंट भट्टा संचालकों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भी सोलर पैनल लगाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों से भी योजना का लाभ लेकर दूसरों को प्रेरित करने की अपील की गई है।
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Madhya Pradesh News: अंधविश्वास में दो रिश्तेदारों की निर्मम हत्या, आरोपी गिरफ्तार
Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के अथर्वा गांव में अंधविश्वास के नाम पर दो लोगों की बेरहमी से हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस दोहरे हत्याकांड से पूरे इलाके में दहशत और शोक का माहौल है। पुलिस ने मुख्य आरोपी छत्रपति सिंह को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है।
पूजा के बहाने बुलाया, फिर किया हमला
जानकारी के अनुसार, अथर्वा गांव निवासी छत्रपति सिंह ने अपने घर में विशेष पूजा का आयोजन किया था। उन्होंने पड़ोसी दंपति फूल कुमारी सिंह और केमला सिंह को पूजा में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। पूजा के लिए घर के प्रवेश द्वार पर मिट्टी का मंच भी तैयार किया गया था।
बताया जा रहा है कि पूजा शुरू होने के कुछ ही मिनट बाद छत्रपति सिंह ने अचानक दंपति पर तेज धारदार हथियार से हमला कर दिया। आरोप है कि उन्होंने दोनों का सिर धड़ से अलग कर दिया।
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बीच-बचाव करने पहुंचे दो लोग भी घायल
चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी सुमित्रा सिंह और रामभजन सिंह मौके पर पहुंचे, लेकिन आरोपी ने उन पर भी हमला कर दिया। दोनों घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
घर से बरामद हुआ पूजा सामग्री
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान घर से कथित तौर पर जादू-टोने से जुड़ी सामग्री बरामद की गई है। पुलिस ने बताया कि मृतक और घायल सभी आरोपी के रिश्तेदार थे।
अंधविश्वास बना वारदात की वजह
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हाल ही में आरोपी की पत्नी का गर्भपात हुआ था। इसके बाद आरोपी ने ज्योतिष से सलाह ली, जहां कथित तौर पर उसे ‘अनुष्ठान’ और ‘नरबलि’ की बात बताई गई। माना जा रहा है कि इसी अंधविश्वास के चलते आरोपी ने इस वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस ने मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। फॉरेंसिक टीम ने मौके से बरामद नारियल और अन्य पूजा सामग्री की जांच शुरू कर दी है। साथ ही आरोपी के परिवार से पूछताछ कर उसकी हाल की गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
मामले ने एक बार फिर अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के नाम पर होने वाले अपराधों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
देवास में 8 करोड़ का सहकारी ऋण घोटाला दर्ज
भोपाल (राष्ट्र की परम्परा)। मध्य प्रदेश के देवास जिले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने राजोदा प्राथमिक कृषि सहकारी साख संस्था और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अधिकारियों के खिलाफ 8 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। वर्ष 2016 से 2019 के बीच किसानों के नाम पर फर्जीवाड़ा कर ऋण वितरण और बीमा क्लेम में गड़बड़ी सामने आई है।
किसानों की जमीन बढ़ाकर स्वीकृत किया गया अतिरिक्त ऋण
ईओडब्ल्यू उज्जैन इकाई की जांच में खुलासा हुआ कि किसानों की वास्तविक भूमि से लगभग 400 हेक्टेयर अधिक भूमि दर्शाकर 5 करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त ऋण मंजूर किया गया।
इसके अलावा बिना साख सीमा स्वीकृत किए 3 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण भी वितरित किया गया। यह सब किसानों की जानकारी के बिना किया गया, जिससे सरकारी योजनाओं का दुरुपयोग हुआ।
एक ही सीजन में कई बार कराया गया फसल बीमा
जांच में यह भी सामने आया कि करीब 300 किसानों की फसल का एक ही सीजन में एक से अधिक बार बीमा कराया गया। इसके जरिए 65 लाख रुपये से अधिक का बीमा क्लेम लिया गया।
कई आवेदन पत्रों में आरोपियों के मोबाइल नंबर दर्ज पाए गए, जिससे फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई।
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सचिव पर खातों से निकासी का आरोप
समिति के तत्कालीन सचिव महेश जैन पर आरोप है कि उन्होंने किसानों के खातों से निकासी पर्चियों पर स्वयं हस्ताक्षर कर 1 करोड़ 12 लाख रुपये से अधिक की राशि निकाल ली।
ऑडिट रिपोर्ट में समिति की कैशबुक में 20 लाख रुपये से अधिक की अनियमितता भी उजागर हुई है।
इन अधिकारियों पर दर्ज हुआ मामला
ईओडब्ल्यू ने महेश जैन (तत्कालीन सचिव), दिलीप नागर (तत्कालीन पर्यवेक्षक), अनिल दुबे (तत्कालीन शाखा प्रबंधक), रामकन्या बाई (अध्यक्ष) सहित अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामले को लेकर सहकारी बैंकिंग व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। जांच एजेंसी अब संबंधित दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की गहन पड़ताल कर रही है।
विकास भवन निरीक्षण: सीडीओ के कड़े तेवर, कई कर्मचारियों का वेतन रोकने का आदेश
बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। विकास भवन में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) के औचक निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। अभिलेख प्रबंधन, फाइलों की अव्यवस्था और आधारभूत सुविधाओं में कमी पर नाराजगी जताते हुए सीडीओ ने संबंधित कर्मचारियों को कड़ी चेतावनी दी और कुछ का वेतन रोकने के निर्देश जारी किए।
अभिलेख प्रबंधन में लापरवाही पर सख्ती
सबसे पहले कक्ष संख्या 16 स्थित डीडीओ कार्यालय का निरीक्षण किया गया। अलमारियों पर पत्रावलियों का विवरण अंकित न पाए जाने पर सीडीओ ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। संबंधित कर्मियों का वेतन रोकने के निर्देश देते हुए कहा कि सरकारी अभिलेखों का सुव्यवस्थित रख-रखाव अनिवार्य है।
निरीक्षण के दौरान डीएसडब्ल्यूओ, डीडीडब्ल्यूओ, डीपीआरओ और कृषि रक्षा कार्यालय सहित कक्ष संख्या 9, 10, 12, 14, 15 और 19 की अलमारियों पर विवरण स्लिप नहीं मिली। सीडीओ ने तत्काल सभी फाइलों का नामकरण सुनिश्चित करने और ‘रजिस्टर ऑफ फाइल’ तैयार करने का आदेश दिया।
स्टोर रूम और कंप्यूटर कक्ष में अव्यवस्था
सीवीओ और डीआरडीए के स्टोर रूम में अव्यवस्था पाए जाने पर केवल आवश्यक फाइलें रखने और अनुपयोगी अभिलेख हटाने के निर्देश दिए गए। स्टोर में उपलब्ध सामग्री की सूची गेट पर चस्पा करने को भी कहा गया।
डेस्टो कंप्यूटर कक्ष में फाइलों को व्यवस्थित रखने और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कंप्यूटर की मांग भेजने के निर्देश दिए गए। कक्ष संख्या 4 के पटल सहायकों को अपनी टेबल पर नाम पट्टिका लगाने को कहा गया।
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विद्युत और आधारभूत सुविधाओं पर ध्यान
कक्ष संख्या 9, 19, 20 और स्टोर रूम में प्रकाश की कमी पाई गई, जिसे शीघ्र ठीक कराने के निर्देश दिए गए। कक्ष संख्या 8 (एई एमआई) में पर्दे लगाने को कहा गया।
कक्ष संख्या 5 (डीआरडीए हॉल) में वर्षवार और विधानसभावार फाइलों को व्यवस्थित करने तथा पुरानी अलमारियों और अनुपयोगी फाइलों की नीलामी ‘बीड’ प्रक्रिया से कराने का आदेश दिया गया।
स्पेस यूटिलाइजेशन और अन्य निर्देश
सीडीओ ने विकास भवन और मनरेगा कार्यालय की लॉबी को बंद कर कार्यालयी उपयोग में लाने के निर्देश दिए। छत पर लगे सोलर पैनलों की नियमित सफाई और वाटर टैंक के खराब ऑटो-कट सिस्टम को तुरंत ठीक कराने को कहा गया।
मुख्य गेट और एनआरएलएम गेट पर नोटिस बोर्ड लगाने तथा डीसी चैम्बर में विभागीय लोगो प्रदर्शित करने के निर्देश भी दिए गए।
अंत में सीडीओ ने स्पष्ट किया कि सभी पटल सहायक अपनी फाइलों का विवरण अद्यतन रखें, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और सरकारी कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए।
महाराजगंज: पेड़ से लटका मिला 16 वर्षीय युवक का शव, पुलिस जांच में जुटी
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में शुक्रवार तड़के एक 16 वर्षीय किशोर का शव पेड़ से लटका मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना सिंदुरिया थाना क्षेत्र के झनझनपुर चौराहा की है।
सुबह टहलने निकले ग्रामीणों ने देखा शव
प्राप्त जानकारी के अनुसार, झनझनपुर चौराहा निवासी 16 वर्षीय राज शर्मा पुत्र गुड्डू शर्मा का शव झनझनपुर-बागापार मुख्य मार्ग के उत्तर दिशा में एक पेड़ से लटका मिला। सुबह टहलने निकले ग्रामीणों की नजर जब शव पर पड़ी तो उन्होंने शोर मचाया, जिसके बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।
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मौके पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम
घटना की सूचना मिलते ही सिंदुरिया थाना पुलिस टीम मौके पर पहुंची। कुछ देर बाद फोरेंसिक टीम ने भी पहुंचकर साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस को मौके से मृतक का मोबाइल फोन और सफेद रंग की चप्पल बरामद हुई है, जिन्हें साक्ष्य के रूप में कब्जे में ले लिया गया है।
बताया जा रहा है कि मृतक लाल रंग की टी-शर्ट और काले रंग की जींस पहने हुए था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
सभी पहलुओं से जांच
पुलिस के अनुसार मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। आत्महत्या सहित अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मोबाइल फोन की जांच के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
परिवार में मचा कोहराम
मृतक राज शर्मा मूल रूप से चौक थाना क्षेत्र के ग्राम सभा महेशपुर के निवासी थे। वर्ष 2009 में परिवार झनझनपुर चौराहे पर जमीन खरीदकर बस गया था। परिवार घर पर ही फर्नीचर का कार्य कर जीविकोपार्जन करता है।
घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है। पिता गुड्डू शर्मा, माता शीला देवी, बड़ा भाई करन और छोटा भाई अंश का रो-रोकर बुरा हाल है।
एक माह में पांचवीं हत्या, देहरादून में बढ़ता अपराध बना चुनौती
देहरादून गैंगवार: सिल्वर सिटी मॉल के पास हिस्ट्रीशीटर विक्रम शर्मा की गोली मारकर हत्या, शहर में दहशत
देहरादून (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)उत्तराखंड की राजधानी देहरादून एक बार फिर अपराध की सनसनी से कांप उठी। शुक्रवार सुबह करीब 10:00 से 10:15 बजे के बीच राजपुर रोड स्थित सिल्वर सिटी मॉल के पास झारखंड के जमशेदपुर निवासी कुख्यात हिस्ट्रीशीटर विक्रम शर्मा की अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। यह वारदात दिनदहाड़े हुई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
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चश्मदीदों के मुताबिक, हमलावर पहले से ही मॉल के भीतर घात लगाकर बैठे थे। जैसे ही विक्रम शर्मा जिम से निकलकर एस्केलेटर की ओर बढ़ा, दो बदमाशों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। तीन गोलियां लगते ही विक्रम शर्मा मौके पर गिर पड़ा और उसकी वहीं मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी बाइक पर सवार होकर फरार हो गए।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, विक्रम शर्मा एक कुख्यात गैंगस्टर था। उसके खिलाफ अलग-अलग राज्यों में 50 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे, जिनमें 30 से ज्यादा हत्या के मुकदमे शामिल बताए जा रहे हैं। करीब दस साल पहले झारखंड पुलिस उसे गिरफ्तार कर ले गई थी, जहां वह लंबे समय तक जेल में बंद रहा। हाल ही में वह जमानत पर बाहर आया था और देहरादून में किराए के फ्लैट में रहकर कथित तौर पर अंडरग्राउंड गतिविधियों में सक्रिय था।
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देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मामला गैंगवार से जुड़ा प्रतीत होता है। घटना के बाद देहरादून पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीमें गठित की गई हैं। झारखंड पुलिस से भी संपर्क कर लिया गया है, ताकि पुराने रंजिश और आपराधिक नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ा जा सके। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और शहर के प्रवेश व निकास मार्गों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।
गौरतलब है कि यह वारदात ऐसे समय में हुई है जब बीते एक महीने के भीतर देहरादून में यह पांचवीं हत्या बताई जा रही है। शांत वादियों के लिए पहचाने जाने वाले इस शहर में लगातार बढ़ती हिंसक घटनाओं ने आम लोगों में भय का माहौल बना दिया है। स्थानीय व्यापारी और नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जता रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की गहन जांच जारी है।
भगवान राम, कृष्ण और महात्मा गांधी पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से बवाल, प्रदर्शन तेज
कर्नाटक (राष्ट्र की परम्परा)। कर्नाटक के सीमावर्ती बीदर जिले में भगवान श्रीराम, भगवान श्रीकृष्ण और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के संबंध में कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला सामने आने के बाद तनाव की स्थिति बन गई है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही विभिन्न क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए और पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है।
वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ा आक्रोश
जानकारी के अनुसार, हुलसूर तालुका के अट्टर्गा गांव के कुछ युवकों पर रेल यात्रा के दौरान कविता के रूप में देवी-देवताओं पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है। वीडियो वायरल होने के बाद मेहकर, सायगांव और अलवाई क्षेत्रों में लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली।
मेहकर पुलिस थाने के बाहर सैकड़ों नागरिक एकत्र हुए और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में सख्त धाराओं में मामला दर्ज करने की मांग की।
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आरोपियों की पहचान, पुलिस जांच शुरू
मामले में कालिदास सूर्यवंशी, राहुल खंडारे, कपिल गोडबोले समेत कुछ अन्य युवकों के नाम सामने आए हैं। शिकायत के आधार पर मेहकर पुलिस थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस ने बताया कि कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
हिंदू संगठनों ने दी आंदोलन की चेतावनी
भालकी क्षेत्र में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि तत्काल कार्रवाई नहीं की गई तो पूरे जिले में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और सोशल मीडिया पर अपुष्ट जानकारी साझा न करने की अपील की है। फिलहाल बीदर जिले और महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा से सटे क्षेत्रों में स्थिति पर प्रशासन की कड़ी नजर बनी हुई है।
मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई पुलिस रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।
