Monday, May 4, 2026
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श्री शास्त्री-कुटी लिलकर में नौ दिवसीय श्री सीताराम महायज्ञ का भव्य समापन

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)l तहसील क्षेत्र सिकन्दरपुर के लिलकर ग्राम स्थित श्री शास्त्री-कुटी में 5 फरवरी से प्रारम्भ नौ दिवसीय श्री सीताराम महायज्ञ का समापन शुक्रवार 13 फरवरी को यज्ञ पुरुष को पूर्णाहुति अर्पित करने के साथ सोल्लास सम्पन्न हो गया। ब्रह्मलीन संत श्री श्री 1008 परमहंस स्वामी गंगाधर शास्त्री जी महाराज की तपस्थली पर प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले इस महायज्ञ में क्षेत्र सहित दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का वातावरण व्याप्त रहा।वैदिक यज्ञाचार्य पं० जयनारायण शास्त्री एवं सहयोगी विप्र मंडली ने वेद मंत्रों के उच्चारण के साथ विधि-विधान से यज्ञ अनुष्ठान संपन्न कराया। हवन, पूजन एवं अन्य याज्ञिक कार्यक्रमों में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। प्रमुख यजमान के रूप में सर्वश्री पवन राय, नीरज राय, मारकण्डेय राय, अखिलेश राय तथा भृगुनाथ राय ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजन समिति में पंकज राय, व्यास जी राय, अयोध्यानाथ मिश्र, विनय मिश्र, नीरज मिश्र, राजेश राय, भरत वर्मा एवं चन्द्रजीत प्रजापति का योगदान सराहनीय रहा।महायज्ञ के साथ आयोजित श्रीराम कथा में कथा मर्मज्ञा सुश्री आरती पाठक ने प्रतिदिन प्रभु श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा और धर्म संदेश का भावपूर्ण वर्णन कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कथा पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे दिखाई दिए। आयोजन में अनेक संत-भगवंतों की गरिमामयी उपस्थिति रही। विशेष रूप से बाल ब्रह्मचारी मौन महाव्रतधारी संत श्री शिवेन्द्र ब्रह्मचारी उर्फ उड़िया बाबा, जो अद्वैत शिवशक्ति परमधाम एवं श्री वनखण्डीनाथ (श्री नागेश्वर नाथ महादेव) मठ के पीठाधीश्वर हैं, डूहा बिहरा से पधारकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।समापन अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। संतों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन कुशलतापूर्वक चन्द्रजीत प्रजापति ने किया।वर्तमान भौतिकवादी और व्यस्त जीवनशैली में ऐसे धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजन समाज में नैतिक मूल्यों, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक परंपराओं को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। श्री शास्त्री-कुटी में सम्पन्न यह महायज्ञ श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव बन गया।

‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ की बड़ी सफलता: एससी-एसटी एक्ट मामले में 4 दोषियों को 2 वर्ष की सजा

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)जनपद देवरिया में चलाए जा रहे “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। Deoria SC/ST Act Conviction के इस महत्वपूर्ण प्रकरण में न्यायालय ने चार अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए दो वर्ष के साधारण कारावास एवं दो-दो हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।यह मामला थाना सलेमपुर पर वर्ष 2007 में दर्ज मु0अ0सं0-500/2007 से संबंधित है, जिसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 323, 504, 506 तथा एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1)(10) के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था। लंबे समय से विचाराधीन इस प्रकरण में पुलिस द्वारा प्रभावी पैरवी और साक्ष्यों की सशक्त प्रस्तुति के चलते 12 फरवरी 2026 को माननीय न्यायालय ने फैसला सुनाया।दोषी करार दिए गए अभियुक्तों में शौकत अली, फिरोज, अफरोज तथा इन्द्रमणि यादव उर्फ इन्दल शामिल हैं। सभी आरोपी सलेंपुर थाना क्षेत्र के मझौलीराज गांव के निवासी हैं। Deoria SC/ST Act Conviction के इस फैसले को सामाजिक न्याय की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।इस मामले में विशेष लोक अभियोजक श्री संजय चौरसिया, कोर्ट मुहर्रिर कांस्टेबल विनय सोनार, पैरवीकार आरक्षी बृजेश कुमार तथा मॉनिटरिंग सेल प्रभारी श्री दुर्गेश कुमार सिंह की सक्रिय भूमिका सराहनीय रही।“ऑपरेशन कन्विक्शन” के माध्यम से देवरिया पुलिस लगातार गंभीर मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है। Deoria SC/ST Act Conviction का यह निर्णय न केवल कानून के प्रति विश्वास को मजबूत करता है, बल्कि अपराधियों को स्पष्ट संदेश भी देता है कि कानून से बचना संभव नहीं है।

डीएम ने वीसी के जरिए परखी अधिकारियों की हाजिरी, जनसुनवाई में लापरवाही पर सख्ती

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। शासन की मंशा के अनुरूप जनसुनवाई व्यवस्था को सुदृढ़ एवं जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने शुक्रवार को प्रातः 10:10 बजे औचक रूप से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से जिला स्तरीय, तहसील स्तरीय एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति की जांच की।
जिलाधिकारी ने वीसी के दौरान एक–एक अधिकारी का नाम पुकार कर वीडियो कॉल के जरिए उनके कार्यालय में मौजूद होने की पुष्टि की। इस आकस्मिक निरीक्षण से प्रशासनिक अमले में हड़कंप की स्थिति देखी गयी। जांच के दौरान बीडीओ लक्ष्मीपुर, धानी एवं परतावल वीसी में अनुपस्थित पाए गए। इसके अतिरिक्त जिलास्तरीय अधिकारियों में डीसी राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, उपनिदेशक कृषि, जिला उद्यान अधिकारी, डायट प्राचार्य, श्रम प्रवर्तन अधिकारी तथा डीसी राज्य कर भी अनुपस्थित रहे।
अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की प्राथमिकता के अनुरूप अधिकारी प्रतिदिन प्रातः 10:00 बजे से 12:00 बजे तक अनिवार्य रूप से अपने कार्यालय में उपस्थित रहकर जनसुनवाई करें और आमजन की समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि जनपद में आम नागरिकों की शिकायतों का निस्तारण सर्वोच्च प्राथमिकता पर है। अधिकारी समय से कार्यालय पहुंचें, जनसुनवाई को औपचारिकता न समझें, बल्कि संवेदनशीलता एवं गंभीरता के साथ समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने दो टूक कहा कि जनसुनवाई में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि भविष्य में भी इसी प्रकार आकस्मिक रूप से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थिति की जांच की जाती रहेगी। प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।
जिलाधिकारी की इस कार्रवाई को प्रशासनिक सख्ती के रूप में देखा जा रहा है, जिससे अधिकारियों में समय पालन एवं जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण को लेकर गंभीरता बढ़ने की उम्मीद है।

पुलिस अधीक्षक ने साप्ताहिक परेड का निरीक्षण कर दिए दिशा-निर्देश

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। पुलिस अधीक्षक इलामारन ने पुलिस लाइन में शुक्रवार को आयोजित साप्ताहिक परेड की सलामी लेकर निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने पर जोर देते हुए फोर्स को मानसिक और शारीरिक रूप से सदैव तत्पर रहने की हिदायत दी। साथ ही दंगा नियंत्रण से जुड़े सभी उपकरण सक्रिय अवस्था में अपने साथ रखने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

निरीक्षण के दौरान ड्रोन कैमरा, फॉरेंसिक वैन, चारपहिया व दोपहिया पीआरवी वाहनों की साफ-सफाई, हूटर, लाइट, एमडीटी, मेडिकल किट, फायर एक्सटिंग्विशर और एंटी राइट इक्विपमेंट आदि की जांच की गई। पीआरवी कर्मियों को गंभीर तथा महिला संबंधी घटनाओं की सूचना पर तत्काल मौके पर पहुंचकर प्राथमिक कार्रवाई सुनिश्चित करने, घटनास्थल को सुरक्षित रखने के लिए क्राइम सीन किट का सही उपयोग करने तथा रिस्पॉन्स टाइम और जीपीएस प्रतिशत में सुधार लाने के निर्देश भी दिए गए।

इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने पुलिस लाइन परिसर का भ्रमण कर विभिन्न शाखाओं और परिसर की साफ-सफाई का गहन निरीक्षण किया। बैरकों एवं अन्य सुविधाओं की तैयारियों का जायजा लेते हुए रिक्रूट आरक्षियों के प्रशिक्षण हेतु मूलभूत सुविधाओं की कमियों को शीघ्र दूर करने और व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी लाइन दिनेश दत्त मिश्र, क्षेत्राधिकारी घोसी जितेन्द्र कुमार सिंह, प्रतिसार निरीक्षक अरुण कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

16 फरवरी को ‘स्वच्छ पर्यावरण एवं स्वस्थ जीवन’ पर जनपद स्तरीय विज्ञान प्रतियोगिता

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)। विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने और विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के उद्देश्य से 16 फरवरी 2026 को जनपद कुशीनगर में ‘स्वच्छ पर्यावरण एवं स्वस्थ जीवन’ विषय पर जनपद स्तरीय विज्ञान प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। यह कार्यक्रम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, उत्तर प्रदेश के निर्देशानुसार आयोजित हो रहा है।

हनुमान इंटर कॉलेज, पडरौना में होगा आयोजन

यह प्रतियोगिता जिला विद्यालय निरीक्षक एवं जिला विज्ञान क्लब के समन्वय से हनुमान इंटर कॉलेज, पडरौना में प्रातः 10 बजे से शुरू होगी। इसमें कक्षा 6 से 12 तक के छात्र-छात्राएं भाग ले सकेंगे।

कार्यक्रम के अंतर्गत निम्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी:

• निबंध लेखन
• पेंटिंग/चित्रकला
• स्लोगन लेखन

सभी प्रतियोगिताओं का केंद्रीय विषय ‘स्वच्छ पर्यावरण एवं स्वस्थ जीवन’ रहेगा।

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वैज्ञानिक सोच और पर्यावरण संरक्षण पर जोर

आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों और आमजन में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता अभियान, स्वस्थ जीवनशैली और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देना है। साथ ही समाज में व्याप्त अंधविश्वास और कुरीतियों के खिलाफ वैज्ञानिक जागरूकता फैलाने का भी प्रयास किया जाएगा।

अधिकारियों ने जनपद के सभी माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों से अधिक से अधिक विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की है, ताकि विज्ञान लोकप्रियकरण कार्यक्रम को सफल बनाया जा सके।
यह प्रतियोगिता विद्यार्थियों की रचनात्मक क्षमता को निखारने के साथ-साथ उन्हें स्वच्छ पर्यावरण और स्वस्थ जीवन के महत्व को समझने एवं समाज में सकारात्मक संदेश देने का मंच प्रदान करेगी।

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बहराइच: जुमे की नमाज के दौरान नवाबगंज में सतर्क रही पुलिस

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बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से थाना नवाबगंज क्षेत्र में जुमे की नमाज के दौरान पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। क्षेत्र की सभी मस्जिदों के बाहर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए, जिससे नमाज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सकी।

मस्जिदों के बाहर तैनात रही पुलिस फोर्स

थाना नवाबगंज पुलिस ने शासन-प्रशासन के निर्देशों के अनुरूप क्षेत्र के गांव-जवार में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मस्जिदों पर पुलिस जवानों की ड्यूटी लगाई।

थाना प्रभारी नवाबगंज रमाशंकर यादव फोर्स के साथ कस्बा नवाबगंज स्थित हज्जिन मस्जिद के बाहर मुस्तैद रहे। उन्होंने बताया कि सभी धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर विशेष सतर्कता बरती गई।

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दर्जनभर गांवों में अदा हुई नमाज

नवाबगंज बाजार सहित क्षेत्र के दर्जन से अधिक गांवों—मरकजी हज्जिन मस्जिद, बाजार वाली मस्जिद, बक्शी गांव, किशुन गांव, सती जोर, भटपुरवा, जमादार गांव, रामनगर और जामा मस्जिद मिर्जापुर तिलक आदि—में जुमे की नमाज अदा की गई।
प्रशासन ने मस्जिदों के धर्म गुरुओं से संवाद कर सुरक्षा व्यवस्था का भरोसा दिलाया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।

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बहराइच: झोपड़ी में घुसा हिंसक जानवर, 7 वर्षीय श्याम मिश्रा गंभीर घायल

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बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। थाना रुपईडीहा क्षेत्र के रामनगर गांव में बृहस्पतिवार देर रात एक अज्ञात हिंसक जानवर ने फूस की झोपड़ी में घुसकर मां के पास सो रहे सात वर्षीय श्याम मिश्रा पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल बालक को प्राथमिक उपचार के बाद लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर किया गया है।

मां के साहस से बची बच्चे की जान

गांव निवासी अजय मिश्रा का पुत्र श्याम मिश्रा रात करीब दो बजे अपनी मां पूजा देवी के साथ सो रहा था। तभी फूस की टटिया चीरकर एक अज्ञात जंगली जानवर अंदर घुस आया और बच्चे के सिर को जबड़े में दबाकर खींचने लगा।

बच्चे की चीख सुनकर जागी मां ने साहस दिखाते हुए जानवर से संघर्ष किया और किसी तरह बेटे को छुड़ा लिया। हालांकि खींचतान में बच्चे के सिर का ऊपरी हिस्सा गंभीर रूप से जख्मी हो गया।

पहले सीएचसी, फिर जिला अस्पताल से लखनऊ रेफर

शोर सुनकर परिवार के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंचे, जिसके बाद जानवर भाग निकला। परिजन तत्काल घायल बच्चे को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चर्दा ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया। बाद में बेहतर इलाज के लिए लखनऊ ट्रामा सेंटर भेज दिया गया।

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गांव में दहशत, वन विभाग की टीम तैनात

घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और हमलावर जानवर को पकड़ने की मांग की है।
वन क्षेत्राधिकारी रुपईडीहा अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि घटनास्थल की जमीन कड़ी होने के कारण पंजों के निशान स्पष्ट नहीं मिल पाए हैं।

वन विभाग की टीम आसपास और वन क्षेत्र के बाहर तैनात कर दी गई है तथा हमलावर वन्यजीव के पदचिह्नों की तलाश की जा रही है। अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि हमला किस प्रजाति के जानवर ने किया।

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नेपाल-भारत बॉर्डर डिस्ट्रिक्ट को-ऑर्डिनेशन बैठक नेपालगंज में सम्पन्न

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बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। भारत-नेपाल अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा, शांति व्यवस्था और प्रभावी समन्वय को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से नेपालगंज, बांके (नेपाल) में नेपाल-भारत बॉर्डर डिस्ट्रिक्ट को-ऑर्डिनेशन बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में नेपाल राष्ट्र के बांके व बर्दिया तथा भारत के बहराइच जनपद के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत दोनों देशों के राष्ट्रगान से हुई।

सीमा सुरक्षा और अपराध नियंत्रण पर मंथन

बैठक में सीमा स्तंभों की सुरक्षा व रखरखाव, नो-मेंस लैंड की पवित्रता बनाए रखने, मानव तस्करी, मादक पदार्थों की तस्करी, नकली मुद्रा, अवैध व्यापार और आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।

जिलाधिकारी बहराइच अक्षय त्रिपाठी ने भारत-नेपाल के ऐतिहासिक एवं मैत्रीपूर्ण संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि खुली और वनाच्छादित सीमा दोनों देशों के नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन इसकी संवेदनशीलता को देखते हुए सतत निगरानी और समन्वित कार्रवाई आवश्यक है।

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संयुक्त गश्त और सूचना आदान-प्रदान पर सहमति

बैठक में सीमा से सटे संवेदनशील एवं वन क्षेत्रों में संयुक्त एवं सघन गश्त बढ़ाने, रात्रिकालीन पेट्रोलिंग को प्रभावी बनाने और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखने पर सहमति बनी। सीमा शुल्क, वन, पुलिस और अर्धसैनिक बलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर अवैध तस्करी पर संयुक्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया।

पुलिस अधीक्षक बहराइच राम नयन सिंह ने सीमा पार सक्रिय आपराधिक नेटवर्क के विरुद्ध लक्षित कार्रवाई, थाना-चौकी स्तर पर नियमित संपर्क और फील्ड स्तर पर एसएसबी व सशस्त्र पुलिस बल के बीच फ्लैग मीटिंग आयोजित करने पर बल दिया।

नेपाल के चुनाव 2026 में सहयोग का आश्वासन

बैठक में नेपाल में प्रस्तावित संघीय संसदीय चुनाव 2026 को स्वतंत्र, निष्पक्ष और सकुशल सम्पन्न कराने में हर संभव सहयोग प्रदान करने पर भी सहमति बनी। नेपाल पक्ष के अधिकारियों ने भी आपात परिस्थितियों में त्वरित समन्वय और पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

बैठक के अंत में दोनों देशों के अधिकारियों ने स्मृति चिन्हों का आदान-प्रदान किया और फोटो सेशन में भाग लिया।

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बोर्ड परीक्षाओं के बीच ध्वनि प्रदूषण पर सख्ती, 42 डीजे संचालकों को नोटिस

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बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनजर शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने के लिए सिकंदरपुर पुलिस ने ध्वनि प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को पुलिस ने 42 डीजे संचालकों को नोटिस जारी कर नियमों का पालन करने की चेतावनी दी। उल्लंघन की स्थिति में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने और भारी जुर्माना लगाने की बात कही गई है।

रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक पूर्ण प्रतिबंध

पुलिस द्वारा जारी नोटिस में ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2000 तथा पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 का हवाला देते हुए स्पष्ट किया गया है कि रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक किसी भी प्रकार का डीजे या ध्वनि विस्तारक यंत्र बजाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक भी ध्वनि स्तर 45 से 55 डेसीबल के निर्धारित मानक के भीतर ही होना चाहिए। इसके लिए सक्षम प्राधिकारी से पूर्व लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

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नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई

पुलिस ने निर्देश दिया है कि डीजे या स्पीकर 10 फीट से अधिक ऊंचाई पर नहीं लगाए जाएंगे और साउंड सिस्टम निर्धारित सीमा के भीतर ही संचालित किया जाएगा।

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत दोषी पाए जाने पर पांच वर्ष तक की सजा और एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

विद्यार्थियों के हित में कार्रवाई

प्रभारी निरीक्षक मूलचंद चौरसिया ने बताया कि सभी 42 डीजे संचालकों को नियमों की विस्तृत जानकारी दे दी गई है। उन्होंने कहा कि परीक्षा अवधि में विद्यार्थियों को शांत वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।
पुलिस प्रशासन ने डीजे संचालकों और आम नागरिकों से नियमों का पालन करने की अपील की है और स्पष्ट किया है कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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नवानगर की प्रधान शीला सिंह का आकस्मिक निधन, क्षेत्र में शोक की लहर

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। विकास खंड नवानगर अंतर्गत ग्राम पंचायत भरथाव की वर्तमान प्रधान एवं प्रधान संघ नवानगर की उपाध्यक्ष शीला सिंह का बृहस्पतिवार की रात आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

अचानक बिगड़ी तबीयत, हृदय गति रुकने से निधन

परिजनों के अनुसार, गुरुवार रात लगभग 10 बजे शीला सिंह के पेट में अचानक तेज दर्द उठा। जब तक परिवार के लोग उपचार की व्यवस्था कर पाते, उनकी हृदय गति रुक गई और मौके पर ही उनका निधन हो गया। इस अप्रत्याशित घटना से परिवार में कोहराम मच गया और गांव में मातम छा गया।

जनसेवा के लिए जानी जाती थीं

शीला सिंह, पूर्व प्रधान स्वर्गीय अवधेश सिंह की धर्मपत्नी थीं। वे ग्राम पंचायत भरथाव की प्रधान होने के साथ-साथ प्रधान संघ नवानगर की उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी निभा रही थीं।

अपने मिलनसार स्वभाव, सरल व्यक्तित्व और जनसेवा के प्रति समर्पण के कारण वे क्षेत्र में काफी लोकप्रिय थीं। उनके कार्यकाल में सड़क, नाली, आवास और अन्य मूलभूत सुविधाओं के विस्तार सहित कई महत्वपूर्ण विकास कार्य पूरे हुए, जिससे ग्रामीणों को सीधा लाभ मिला।

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श्रद्धांजलि देने उमड़ा जनसैलाब

उनके आकस्मिक निधन की सूचना मिलते ही जनप्रतिनिधि, प्रधानगण, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके आवास पर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित करने लगे। सभी ने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

लोगों ने कहा कि शीला सिंह एक कर्मठ, संवेदनशील और जनहित के प्रति समर्पित जनप्रतिनिधि थीं। उनका निधन क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है।
परिवार के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार शनिवार को किया जाएगा।

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आत्महत्या रोकथाम पर गोरखपुर विश्वविद्यालय की संवेदनशील पहल, 1000 विद्यार्थियों ने लिया भाग

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग द्वारा “आत्महत्या रोकथाम एवं मानसिक स्वास्थ्य संवर्धन” विषय पर एक महत्वपूर्ण पीयर एजुकेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और आत्महत्या की रोकथाम के उपायों पर सार्थक संवाद स्थापित करना था।

SDG-3 और SDG-4 के अनुरूप हाइब्रिड आयोजन

कार्यक्रम सुबह 10:30 बजे विभाग के यूजी लैब में आयोजित किया गया। यह आयोजन सतत विकास लक्ष्य—SDG-3 (उत्तम स्वास्थ्य एवं कल्याण) और SDG-4 (गुणवत्तापूर्ण शिक्षा) के अनुरूप हाइब्रिड मोड में संपन्न हुआ।
विश्वविद्यालय परिसर के विद्यार्थियों के साथ-साथ संबद्ध महाविद्यालयों के नोडल अधिकारी और छात्र-छात्राएं ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। लगभग 1000 विद्यार्थियों की भागीदारी ने कार्यक्रम की व्यापकता को दर्शाया।

विशेषज्ञों ने बताए आत्महत्या के कारण और समाधान

कुलपति प्रो. पूनम टंडन के संरक्षण में आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रियंका गौतम ने किया।

अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. अनुभूति दुबे ने आत्महत्या के प्रमुख कारणों—शैक्षणिक दबाव, पारिवारिक तनाव, भावनात्मक असंतुलन, सामाजिक अलगाव और अवसाद—पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने चेतावनी संकेतों की पहचान, समय पर परामर्श, सहानुभूतिपूर्ण संवाद और पेशेवर काउंसलिंग की आवश्यकता पर जोर दिया।

विभागाध्यक्ष एवं राष्ट्रीय कार्यबल के नोडल अधिकारी प्रो. धनंजय कुमार ने सकारात्मक सोच, तनाव प्रबंधन, आत्म-जागरूकता और स्वस्थ जीवनशैली को मानसिक स्वास्थ्य संवर्धन का आधार बताया। उन्होंने पीयर एजुकेशन को विद्यार्थियों के बीच सहयोगात्मक और संवेदनशील वातावरण निर्माण का प्रभावी माध्यम बताया।

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संवादात्मक सत्र में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी

कार्यक्रम के अंत में आयोजित संवादात्मक सत्र में विद्यार्थियों और नोडल अधिकारियों ने प्रश्न पूछे और अपने विचार साझा किए। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. प्रियंका गौतम ने प्रस्तुत किया।

जागरूकता ही सबसे बड़ा उपाय

कार्यक्रम ने स्पष्ट संदेश दिया कि आत्महत्या की रोकथाम के लिए जागरूकता, सहानुभूति, संवाद और समय पर हस्तक्षेप अत्यंत आवश्यक हैं। विश्वविद्यालय की यह पहल विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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“युवाओं के सपनों को मिला संबल: आरसेटी देवरिया में राज्य निदेशक का औचक निरीक्षण, स्वरोजगार को लेकर दिए महत्वपूर्ण निर्देश”

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।
Central Bank of India द्वारा संचालित स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी), पुरुषोत्तमपुर देवरिया में राज्य आरसेटी निदेशक दयाशंकर मिश्रा ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान में चल रहे 38 दिवसीय असिस्टेंट बुककीपर एवं 31 दिवसीय पशुपालन प्रशिक्षण कार्यक्रम का गहन अवलोकन किया और प्रशिक्षुओं से सीधे संवाद कर प्रशिक्षण की गुणवत्ता, सुविधाओं और भविष्य की संभावनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।
निरीक्षण के दौरान राज्य निदेशक ने प्रशिक्षण प्राप्त कर सफलतापूर्वक स्वरोजगार स्थापित कर चुके तीन पूर्व प्रशिक्षुओं से भी मुलाकात की। उन्होंने वर्तमान बैच के प्रतिभागियों को एक सफल उद्यमी की प्रेरक कहानी साझा करते हुए आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार के माध्यम से युवा न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं, बल्कि समाज में भी सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
राज्य निदेशक ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के अंतर्गत सभी प्रशिक्षुओं का पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि उन्हें वित्तीय सहायता उपलब्ध हो सके। उन्होंने वित्तीय वर्ष के लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने पर भी जोर दिया और इसे संस्थान के लिए महत्वपूर्ण प्राथमिकता बताया।
इस अवसर पर आरसेटी देवरिया के निदेशक विशाल गुप्ता, वरिष्ठ संकाय सदस्य सोमनाथ मिश्र, विनय शंकर मणि त्रिपाठी तथा कार्यालय सहायक अभिषेक तिवारी ने राज्य निदेशक का स्वागत किया। संस्थान प्रबंधन ने आश्वस्त किया कि 20 मार्च तक वित्तीय वर्ष के सभी निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त कर लिया जाएगा।

आत्मनिर्भर भारत की सोच को मजबूत करती एक दिवसीय कार्यशाला

छिंदवाड़ा/मध्यप्रदेश (राष्ट्र की परम्परा)। छिंदवाड़ा जिले के शासकीय महाविद्यालय बिछुआ में उद्यमिता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला स्वामी विवेकानंद करिअर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ एवं इन्नोवेशन एंड इनक्यूबेशन सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुई। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को रोजगारपरक सोच, स्टार्टअप संस्कृति और आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा से जोड़ना रहा।

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कार्यशाला की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य द्वारा की गई। प्रशिक्षण सत्र में शिखा साहू (शासकीय महाविद्यालय, सौसर) ने विद्यार्थियों को उद्यमिता, स्वरोजगार और नवाचार आधारित करियर विकल्पों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में उद्यमिता केवल व्यवसाय तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समस्या समाधान, नवाचार और सामाजिक जिम्मेदारी से भी जुड़ी हुई है।
वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. पूजा तिवारी ने छात्रों को आत्मनिर्भर बनने के लिए कौशल विकास, डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज का युवा यदि सही दिशा में मार्गदर्शन पाए, तो वह न केवल अपने लिए बल्कि समाज के लिए भी रोजगार सृजन कर सकता है।
कार्यक्रम का संचालन प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. फरहत मंसूरी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन डॉ. शहीदा बेगम मंसूरी द्वारा किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार के सदस्य रघुवीर उईके, दुजारी बोसम, डॉ. विवेक तिवारी, मनीष कुमार ठाकुर, डॉ. अनिल कोठे, यशोदा उईके सहित समस्त प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
विद्यार्थियों ने कार्यशाला में उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए उद्यमिता, स्टार्टअप और आत्मनिर्भरता से जुड़े प्रश्न पूछे। संवादात्मक सत्र में छात्रों को यह समझने का अवसर मिला कि कैसे वे अपने विचारों को व्यवसायिक रूप दे सकते हैं और स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।
यह कार्यशाला महाविद्यालय की शैक्षणिक एवं नवाचार गतिविधियों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई। विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से छात्रों को उद्यमिता और स्टार्टअप संस्कृति के प्रति नई प्रेरणा मिली। आयोजन ने यह स्पष्ट किया कि सही मार्गदर्शन और प्रशिक्षण से युवा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

तमसा तट पर मऊ महादेव घाट का होगा भव्य उद्घाटन

मऊ(राष्ट्र की परम्परा)उत्तर प्रदेश सरकार के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा मऊ जनपद के दौरे पर रहेंगे। उनके कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण नगर पालिका परिषद मऊ क्षेत्र के अंतर्गत तमसा नदी के तट पर स्थित मऊ महादेव मंदिर परिसर में नवनिर्मित घाट का लोकार्पण है।ए के शर्मा मऊ दौरा 2026 को लेकर स्थानीय प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। तमसा तट पर विकसित यह आधुनिक घाट श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों के लिए बड़ी सौगात माना जा रहा है।

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निर्माण कार्य के अंतर्गत घाट की सीढ़ियों का सुदृढ़ीकरण, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता प्रबंधन तथा जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इससे पर्व-त्योहारों और विशेष अवसरों पर आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित वातावरण मिलेगा।यह परियोजना धार्मिक आस्था और आधुनिक सुविधाओं के संतुलित विकास का उदाहरण प्रस्तुत करती है। ए के शर्मा मऊ दौरा 2026 के दौरान इस घाट के उद्घाटन से न केवल क्षेत्र की सुंदरता में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय पर्यटन को भी नया आयाम मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे छोटे व्यापारियों, दुकानदारों और सेवा क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।दौरे के क्रम में मंत्री स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं गणमान्य नागरिकों से मुलाकात कर विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे। वे जनसमस्याओं को सुनकर समाधान के लिए आवश्यक निर्देश भी देंगे। दिनभर विभिन्न कार्यक्रमों में सहभागिता के बाद मंत्री देर शाम लखनऊ के लिए रवाना होंगे।ए के शर्मा मऊ दौरा 2026 को जनपद के विकास और धार्मिक पर्यटन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

शिक्षा से वंचित बच्चों के लिए उम्मीद की किरण बना जागरूकता अभियान

संतकबीरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत अलाभित समूह एवं दुर्बल वर्ग के बच्चों को कक्षा 1/पूर्व प्राथमिक कक्षा में प्रवेश दिलाने के उद्देश्य से जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अभियान के तहत लॉटरी प्रणाली के प्रचार-प्रसार हेतु एक विशेष प्रचार वाहन को भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष नीतू सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
यह जागरूकता वाहन जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण कर अभिभावकों को शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act) के अंतर्गत निजी विद्यालयों में आरक्षित सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया, पात्रता और आवेदन से जुड़ी संपूर्ण जानकारी देगा। अभियान का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और समय रहते आवेदन कर योजना का लाभ उठा सके।

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प्रचार वाहन से घर-घर पहुंचेगी RTE प्रवेश की जानकारी
प्रचार वाहन के माध्यम से अभिभावकों को बताया जाएगा कि अलाभित एवं दुर्बल वर्ग के बच्चों के लिए निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं, जिन पर प्रवेश लॉटरी प्रणाली के जरिए पारदर्शी तरीके से किया जाता है। अभियान में यह भी स्पष्ट किया जा रहा है कि आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह निशुल्क है और किसी बिचौलिये की आवश्यकता नहीं है।
अधिक से अधिक पात्र परिवारों तक सूचना पहुंचाने का आह्वान
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने आमजन से अपील की कि वे इस जानकारी को अपने आसपास के जरूरतमंद परिवारों तक जरूर पहुंचाएं। समय पर जानकारी मिलने से बच्चों का भविष्य सुरक्षित होगा और शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर सुनिश्चित किए जा सकेंगे।

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इस अवसर पर जिला महामंत्री विनोद पांडेय, सांथा ब्लाक प्रमुख अरविन्द जायसवाल, प्रभारी सीडीपीओ अभिलाषा मिश्रा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि अलाभित एवं दुर्बल वर्ग के बच्चों के प्रवेश हेतु जागरूकता अभियान सामाजिक समानता की दिशा में एक मजबूत कदम है।