Wednesday, May 6, 2026
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जेसीबी कार्रवाई के बीच थप्पड़ का वीडियो वायरल, जांच शुरू

देवरिया में अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान पुलिस का व्यवहार विवादों में, थप्पड़ मारने का वीडियो वायरल

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। देवरिया जिले के रामपुर कारखाना नगर पंचायत क्षेत्र में चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान पुलिस के कथित व्यवहार को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। शुक्रवार को हुई इस कार्रवाई के समय एक युवक को थप्पड़ मारने का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे इस वीडियो ने स्थानीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया को जन्म दिया है।
क्या है पूरा मामला
नगर पंचायत प्रशासन ने मुख्य मार्ग पर लंबे समय से चले आ रहे अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए कई बार नोटिस और चेतावनियां जारी की थीं। निर्धारित समय सीमा के बावजूद अतिक्रमण न हटने पर जेसीबी मशीन की मदद से सख्त कार्रवाई शुरू की गई। अभियान के दौरान मुख्य चौराहे से सटी मेन रोड पर आधा दर्जन से अधिक दुकानों के चबूतरे तोड़े गए, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
अचानक शुरू हुई कार्रवाई के कारण बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए। कई दुकानदार अपना सामान हटाते दिखे, वहीं कुछ लोगों ने विरोध भी दर्ज कराया। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई मुख्य मार्ग पर सीमेंटेड नाले के निर्माण के लिए आवश्यक थी, ताकि जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त किया जा सके।

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नाला निर्माण परियोजना का विवरण
नगर पंचायत के अनुसार करमैनी दुर्गा मंदिर से मुख्य चौराहा, फिर थाना परिसर के सामने से ईदगाह तक नाले का निर्माण पहले ही पूरा किया जा चुका है। अब मुख्य चौराहे से बहरामपुर मोड़ तक निर्माण कार्य प्रस्तावित है। इस हिस्से में सड़क की उत्तरी पटरी पर स्थित जनता इंटर कॉलेज के आसपास एक दर्जन से अधिक लोगों द्वारा अवैध कब्जा किया गया था, जिसे हटाने के लिए प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची थी।
थप्पड़ कांड और जांच
कार्रवाई के दौरान आरोप है कि प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र कुमार सिंह ने जेसीबी कार्रवाई का वीडियो बना रहे एक युवक को थप्पड़ मार दिया। यह घटना कैमरे में कैद हो गई और देखते ही देखते वीडियो वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
अपर पुलिस अधीक्षक आनंद कुमार पांडे ने बताया कि वीडियो की सत्यता की जांच कराई जा रही है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
जनता में प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। नागरिकों का कहना है कि अतिक्रमण हटाना जरूरी है, लेकिन पुलिस का व्यवहार संयमित होना चाहिए। वहीं प्रशासन का पक्ष है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई जरूरी थी।

बोर्ड परीक्षा से पहले कुशीनगर में बड़ा शिक्षा संकट, 700 छात्र प्रभावित

डीआईओएस कार्यालय की लापरवाही से छात्रों का भविष्य अधर में


कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से 18 फरवरी से शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षा से पहले कुशीनगर जिले में सामने आई एक गंभीर प्रशासनिक लापरवाही ने शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। इस चूक ने एक झटके में करीब 700 परीक्षार्थियों के भविष्य को अंधेरे में डाल दिया है। सालभर की मेहनत, सपने और उम्मीदें—सब कुछ विद्यालय और डीआईओएस कार्यालय की गैर-जिम्मेदाराना कार्यप्रणाली की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है।
जानकारी के अनुसार, परीक्षा से ऐन पहले छात्रों के पंजीकरण, विषय कोड अथवा परीक्षा केंद्र से जुड़ी आवश्यक औपचारिकताओं में भारी अनियमितता सामने आई है। इसके चलते सैकड़ों छात्र असमंजस की स्थिति में हैं कि वे परीक्षा दे भी पाएंगे या नहीं। अभिभावकों और छात्रों में भारी आक्रोश है, वहीं शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं।

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यह केवल एक प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि 700 छात्रों के भविष्य के साथ खुला खिलवाड़ है। परीक्षा जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में इस स्तर की लापरवाही ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारियों की जवाबदेही तय करना अब बेहद जरूरी हो गया है। छात्रों का कहना है कि उन्होंने समय से सभी दस्तावेज जमा किए थे, इसके बावजूद आज वे मानसिक तनाव और अनिश्चितता से जूझ रहे हैं।
अभिभावकों ने मांग की है कि दोषी अधिकारियों और संबंधित विद्यालय प्रबंधन पर तत्काल कार्रवाई हो तथा छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए विशेष व्यवस्था की जाए। यदि समय रहते समाधान नहीं निकला तो यह मामला बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है।
शिक्षाविदों का मानना है कि बोर्ड परीक्षा देश की शिक्षा प्रणाली की रीढ़ होती है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न केवल छात्रों का मनोबल तोड़ती है, बल्कि पूरे सिस्टम पर अविश्वास पैदा करती है। प्रशासन को चाहिए कि वह तुरंत हस्तक्षेप कर तकनीकी व प्रशासनिक त्रुटियों को दूर करे और छात्रों को परीक्षा में बैठने का पूरा अवसर दे।

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अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन और माध्यमिक शिक्षा परिषद पर टिकी हैं कि वे इस संकट से छात्रों को कैसे उबारते हैं। यदि त्वरित निर्णय नहीं लिया गया, तो इसका सीधा असर छात्रों के करियर और जिले की शिक्षा छवि पर पड़ेगा।

जर्जर हथिनी–सरवां सड़क से ग्रामीणों की बढ़ी मुश्किलें

हथिनी–सरवां मार्ग की मरम्मत जरूरी: जर्जर सड़क से बढ़ रहा हादसों का खतरा, मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग


मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। मऊ–बलिया–लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर ट्रेलरों और भारी वाहनों की लगातार बढ़ती आवाजाही ने दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ा दिया है। ऐसे में जनपद मुख्यालय तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक ग्रामीण मार्गों का महत्व और बढ़ जाता है। रतनपुरा विकासखंड के लिए हथिनी–सरवां मार्ग एक सुरक्षित और सुविधाजनक संपर्क मार्ग माना जाता है, लेकिन मरम्मत और पीचकरण के अभाव में यह सड़क बेहद जर्जर हो चुकी है।

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3 किमी की सड़क, हजारों लोगों की परेशानी
यदि लगभग 3 किलोमीटर लंबे हथिनी–सरवां मार्ग का पीचकरण करा दिया जाए, तो रतनपुरा क्षेत्र के लोग राष्ट्रीय राजमार्ग 128 बी पर निर्भर हुए बिना सीधे और सुरक्षित रूप से मऊ जनपद मुख्यालय पहुंच सकते हैं। लोक निर्माण विभाग द्वारा केवल गड्ढों की पटाई कर दी गई है, लेकिन डामरीकरण न होने से सड़क पर धूल, गिट्टी और उबड़-खाबड़ सतह बनी हुई है, जिससे रोजाना आवागमन जोखिम भरा हो गया है।
25 से अधिक गांव प्रभावित
समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव ठाकुर रमेश सिंह चौहान ने बताया कि रतनपुरा, सेहबरपुर, गाढ़ा, मुस्तफाबाद, पिपरासाथ, पिंडोहरी, मखना, लसरा, बीबीपुर, खालिसपुर, इटौरा सहित करीब 25 गांवों के लोग इसी मार्ग से हथिनी–सरवां होते हुए मऊ मुख्यालय जाते हैं। सड़क की बदहाली के कारण लोगों को मजबूरी में राष्ट्रीय राजमार्ग 128 बी का उपयोग करना पड़ता है, जहां ट्रेलरों की अधिकता से हादसे लगातार बढ़ रहे हैं।

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बजट के अभाव में अटका काम
लोक निर्माण विभाग का कहना है कि बजट उपलब्ध न होने के कारण सड़क का जीर्णोद्धार संभव नहीं हो पा रहा। विभाग ने जनप्रतिनिधियों से पहल कर बजट उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है, ताकि इस महत्वपूर्ण ग्रामीण मार्ग का कायाकल्प किया जा सके।
मुख्यमंत्री को पत्र, जल्द कार्रवाई की मांग
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष रामाश्रय मौर्य ने योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर हथिनी–सरवां मार्ग की तत्काल मरम्मत और पीचकरण कराने की मांग की है। पत्र में सड़क की जर्जर हालत, बढ़ती दुर्घटनाएं और ग्रामीणों की परेशानियों का उल्लेख करते हुए शीघ्र हस्तक्षेप का अनुरोध किया गया है।

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जनहित और सुरक्षा का सवाल
हथिनी–सरवां मार्ग का दुरुस्तीकरण न केवल रतनपुरा क्षेत्र के लोगों के लिए राहत लेकर आएगा, बल्कि राष्ट्रीय राजमार्ग 128 बी पर यातायात का दबाव भी कम करेगा। इससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी और ग्रामीण क्षेत्रों को सुरक्षित, सुगम आवागमन मिलेगा। स्थानीय नागरिकों ने भी प्रशासन से मांग की है कि जनहित को देखते हुए इस सड़क का तत्काल पीचकरण कराया जाए।

पीएम मोदी का संदेश: विकसित भारत के लिए औपनिवेशिक सोच से मुक्ति जरूरी

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नए प्रधानमंत्री कार्यालय सेवा तीर्थ का उद्घाटन किया। इसके साथ ही केंद्रीय सचिवालय परिसर की दो नई इमारतों को कर्तव्य भवन 1 और कर्तव्य भवन 2 के नाम से राष्ट्र को समर्पित किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक जैसी पुरानी इमारतें औपनिवेशिक काल की मानसिकता और गुलामी का àप्रतीक थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकसित भारत की यात्रा में औपनिवेशिक सोच से मुक्ति बेहद आवश्यक है।

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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सेवा तीर्थ उद्घाटन केवल एक भवन का लोकार्पण नहीं है, बल्कि यह नए भारत की कार्यसंस्कृति और सोच का प्रतीक है। यह कार्यालय ‘सेवा, सुशासन और संवेदनशीलता’ की भावना को मजबूत करेगा। उन्होंने बताया कि कर्तव्य भवन आधुनिक प्रशासनिक जरूरतों के अनुरूप बनाए गए हैं, जहां पारदर्शिता, दक्षता और जनसेवा को प्राथमिकता दी जाएगी।
सेवा तीर्थ: नए भारत की प्रशासनिक पहचान
प्रधानमंत्री ने कहा कि सेवा तीर्थ नाम अपने आप में प्रशासन के मूल उद्देश्य को दर्शाता है—जनसेवा। यह नया प्रधानमंत्री कार्यालय अत्याधुनिक तकनीक, पर्यावरण अनुकूल संरचना और भारतीय वास्तुकला के मूल्यों का समावेश है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह भवन आने वाले दशकों तक सुशासन की रीढ़ बनेगा और नीति निर्माण को और अधिक प्रभावी बनाएगा।

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कर्तव्य भवन से बदलेगी प्रशासनिक कार्यसंस्कृति
कर्तव्य भवन 1 और 2 के उद्घाटन के साथ ही केंद्रीय सचिवालय का स्वरूप पूरी तरह आधुनिक हो गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘कर्तव्य’ शब्द यह याद दिलाता है कि सरकार का हर निर्णय और हर कदम नागरिकों के प्रति जवाबदेह है। कर्तव्य भवन में कार्यरत अधिकारी अधिक समन्वय, बेहतर सुविधाओं और तेज़ निर्णय प्रक्रिया के साथ काम कर सकेंगे।
औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति का आह्वान
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सेवा तीर्थ उद्घाटन और कर्तव्य भवन भारत की उस सोच का प्रतीक हैं, जो आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का निर्माण तभी संभव है, जब हम गुलामी की विरासत से आगे बढ़ें और अपनी पहचान, संस्कृति और मूल्यों पर गर्व करें।

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प्रधानमंत्री ने यह भी जोड़ा कि ये नई इमारतें आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेंगी और शासन में जनभागीदारी को और मजबूत बनाएंगी। सेवा तीर्थ उद्घाटन के साथ भारत ने प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक और मजबूत कदम बढ़ाया है।

भारत–बांग्लादेश रिश्तों में संभावित बदलाव

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बांग्लादेश चुनाव परिणाम 2026: BNP की बड़ी जीत, तारिक रहमान के नेतृत्व में नई शुरुआत की उम्मीद


ढ़ाका/नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)बांग्लादेश चुनाव परिणाम 2026 में ऐतिहासिक मोड़ देखने को मिला है। Bangladesh Nationalist Party (BNP) ने आम चुनाव में प्रचंड जीत दर्ज की है। राजनीतिक संकेतों के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व की कमान तारिक रहमान के हाथों में आने की संभावना प्रबल है। यह परिणाम देश में पिछले डेढ़ वर्ष से चली आ रही राजनीतिक अस्थिरता और सामाजिक बेचैनी के अंत की उम्मीद जगाता है।
BNP की इस जीत को जनता के व्यापक समर्थन के रूप में देखा जा रहा है। चुनावी अभियान के दौरान युवाओं, मध्यम वर्ग और व्यवसायिक समुदाय ने स्थिर शासन, रोजगार और पारदर्शिता को प्राथमिक मुद्दे के रूप में उठाया। बांग्लादेश चुनाव परिणाम 2026 ने स्पष्ट कर दिया है कि मतदाता बदलाव चाहते थे और उन्होंने निर्णायक जनादेश दिया।

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युवाओं की अपेक्षाएं और नई सरकार की प्राथमिकताएं
नतीजों के बाद सबसे बड़ा सवाल युवाओं की अपेक्षाओं को लेकर है। शिक्षा, रोजगार, डिजिटल अवसर और महंगाई नियंत्रण—ये ऐसे मुद्दे हैं जिन पर नई सरकार से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद है। BNP नेतृत्व ने चुनाव पूर्व वादों में स्टार्टअप इकोसिस्टम, कौशल विकास और निवेश-अनुकूल नीतियों का संकेत दिया था। बांग्लादेश चुनाव परिणाम 2026 के बाद इन वादों की समयबद्ध डिलीवरी सरकार की विश्वसनीयता तय करेगी।
भारत–बांग्लादेश संबंधों पर प्रभाव
राजनीतिक बदलाव का असर क्षेत्रीय कूटनीति पर भी पड़ेगा। भारत–बांग्लादेश संबंधों में व्यापार, सीमा प्रबंधन, जल-साझेदारी और कनेक्टिविटी अहम एजेंडा बने रहेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि नई सरकार व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाते हुए आर्थिक सहयोग को गति दे सकती है। बांग्लादेश चुनाव परिणाम 2026 से दोनों देशों के बीच संवाद के नए अध्याय खुलने की संभावना है।

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नेतृत्व की विरासत और राजनीतिक संकेत
BNP की विचारधारा और संगठनात्मक अनुभव पार्टी को स्थिर शासन की दिशा में बढ़त देता है। पार्टी की वरिष्ठ नेता खालिदा जिया की राजनीतिक विरासत और तारिक रहमान की रणनीतिक सक्रियता—दोनों का समन्वय आने वाले समय में नीतिगत स्पष्टता ला सकता है। सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और निवेशकों का भरोसा बहाल करना सरकार की प्राथमिक सूची में रहेगा।

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विशेषज्ञों की राय
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह जनादेश “स्थिरता + विकास” के फॉर्मूले के पक्ष में है। प्रशासनिक सुधार, चुनावी वादों की पारदर्शी निगरानी और समावेशी नीति—इन तीन स्तंभों पर सरकार की सफलता निर्भर करेगी। बांग्लादेश चुनाव परिणाम 2026 न केवल घरेलू राजनीति बल्कि दक्षिण एशिया की सामरिक तस्वीर को भी प्रभावित करेगा।

अवैध असलहा व संदिग्ध वाहनों पर पुलिस की कड़ी नजर

देवरिया में सख्त सुरक्षा घेरा: 16 स्थानों पर 330 लोगों व 175 वाहनों की जांच, सुबह-सुबह चला विशेष अभियान


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा) जनपद देवरिया में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से देवरिया मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान का प्रभावी संचालन किया गया। यह विशेष अभियान प्रातः 5:00 बजे से 8:00 बजे तक जिले के विभिन्न संवेदनशील और प्रमुख क्षेत्रों में चलाया गया। अभियान का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन के निर्देशन में किया गया, जिसका मुख्य लक्ष्य आमजन में सुरक्षा की भावना को सुदृढ़ करना और संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना रहा।

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अभियान के दौरान जिले के कुल 16 प्रमुख स्थानों पर सघन चेकिंग की गई। पुलिस टीमों ने 330 व्यक्तियों और 175 वाहनों की जांच की। इस दौरान संदिग्ध व्यक्तियों से गहन पूछताछ की गई और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई भी सुनिश्चित की गई।
देवरिया मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान के तहत विशेष रूप से दोपहिया वाहनों पर तीन सवारी, नाबालिगों द्वारा वाहन संचालन, मॉडिफाइड साइलेंसर, बिना हेलमेट और संदिग्ध वाहनों पर फोकस किया गया। साथ ही अवैध असलहा एवं मादक पदार्थों की रोकथाम को लेकर भी सख्ती बरती गई, जिससे किसी भी आपराधिक गतिविधि को प्रारंभिक स्तर पर ही रोका जा सके।

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पुलिस अधिकारियों ने मॉर्निंग वॉक पर निकले नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित कर अभियान के उद्देश्य की जानकारी दी। इस संवाद ने सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूती दी और नागरिकों में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाया। स्थानीय लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर संतोष व्यक्त करते हुए पुलिस की इस पहल की सराहना की।
प्रशासन का कहना है कि देवरिया मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान जैसे प्रयास आगे भी निरंतर जारी रहेंगे। ऐसे अभियानों से जिले में शांति, सुरक्षा और कानून के प्रति सम्मान का वातावरण बना रहेगा। यह पहल अपराधियों में भय और आम नागरिकों में भरोसा पैदा करने की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है।

संत कबीर नगर: पंचवटी शिव मंदिर में महाशिवरात्रि पर भव्य कीर्तन व विशाल भंडारा

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर पंचवटी शिव मंदिर, कबीर चौरा धाम में विराट भंडारा एवं पूर्व संध्या पर भव्य कीर्तन का आयोजन किया जाएगा। मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना और भक्ति कार्यक्रम की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

पूर्व संध्या पर भव्य कीर्तन

महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर आयोजित कीर्तन में श्रद्धालु भक्ति गीतों और भजनों के माध्यम से भगवान शिव की आराधना करेंगे। आयोजन समिति के अनुसार, कीर्तन में बड़ी संख्या में भक्तों के शामिल होने की संभावना है।

महाशिवरात्रि पर विशेष पूजन और जलाभिषेक

महाशिवरात्रि के दिन श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक, पूजन-अर्चन कर प्रसाद ग्रहण करेंगे। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।

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लगेगा विराट भंडारा

महाशिवरात्रि के अवसर पर भक्तों के लिए विराट भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा। आयोजन समिति ने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से कार्यक्रम में शामिल होकर पुण्य लाभ प्राप्त करने की अपील की है।

समिति और भक्तों का सहयोग

कार्यक्रम की समस्त व्यवस्थाएं पंचवटी शिव मंदिर परिवार एवं स्थानीय भक्तगणों के सहयोग से संपन्न कराई जा रही हैं।

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महाशिवरात्रि 2026: आगरा के कैलाश मंदिर में डीएम ने परखी तैयारियां

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आगरा (राष्ट्र की परम्परा)। महाशिवरात्रि पर्व के मद्देनजर आगरा के प्राचीन कैलाश मंदिर में जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी ने मंदिर परिसर का निरीक्षण कर सुरक्षा, स्वच्छता और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जायजा लिया।

सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर विशेष जोर

डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महाशिवरात्रि पर संभावित भारी भीड़ को देखते हुए पर्याप्त पुलिस बल और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए। एंट्री और एग्जिट मार्गों को व्यवस्थित रखने, बैरिकेडिंग और संकेत बोर्ड लगाने के निर्देश भी दिए गए।

श्रद्धालुओं की सुविधा प्राथमिकता

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने जल व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने को कहा। भक्तों को प्रवेश से लेकर दर्शन और प्रस्थान तक सुगम अनुभव मिले, इसके लिए मार्गदर्शन काउंटर और स्वयंसेवकों की तैनाती के निर्देश दिए गए।

साथ ही बैठने और विश्राम की व्यवस्था, साफ-सफाई और कचरा निस्तारण के पुख्ता इंतजाम करने को कहा गया।

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स्वास्थ्य सेवाओं की रहेगी उपलब्धता

डीएम बंगारी ने मंदिर परिसर में प्राथमिक चिकित्सा केंद्र और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मेडिकल टीम और आवश्यक उपकरण मौके पर उपलब्ध रहेंगे ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

यातायात और पार्किंग व्यवस्था

मंदिर के आसपास यातायात सुचारू रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस और स्वयंसेवकों की तैनाती की जाएगी। वाहनों की सुव्यवस्थित पार्किंग के लिए अलग स्थान निर्धारित किए गए हैं।

प्रशासन की आमजन से अपील

जिलाधिकारी ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे निर्धारित मार्गों और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें, ताकि महाशिवरात्रि पर्व शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।

धार्मिक महत्व

कैलाश मंदिर आगरा का ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल है। महाशिवरात्रि पर यहां हजारों श्रद्धालु भगवान शिव की पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। प्रशासन का उद्देश्य इस पर्व को सुरक्षित, स्वच्छ और सुव्यवस्थित बनाना है।

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शंकराचार्य विवाद पर CM योगी का विधानसभा में बयान, कानून-व्यवस्था पर सख्त संदेश

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लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहली बार विधानसभा में विस्तार से अपनी प्रतिक्रिया दी। शुक्रवार (13 फरवरी) को सदन में बोलते हुए उन्होंने परंपरा, मर्यादा और कानून-व्यवस्था को लेकर स्पष्ट संदेश दिया।

“हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं बन सकता”

सीएम योगी ने कहा कि आदि जगद्गुरु शंकराचार्य की परंपरा में किसी भी पीठ के लिए योग्य व्यक्ति का चयन विद्वत परिषद की स्वीकृति के बाद ही होता है। उन्होंने कहा:
“हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं बन सकता। हर व्यक्ति हर पीठ के आचार्य के रूप में जाकर वातावरण खराब नहीं कर सकता। उन मर्यादाओं का पालन सबको करना होगा।”

उनका यह बयान अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े हालिया विवाद के संदर्भ में देखा जा रहा है।

वाराणसी लाठीचार्ज पर विपक्ष पर निशाना

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए पूछा कि यदि संबंधित संत शंकराचार्य थे तो वाराणसी में लाठीचार्ज और एफआईआर क्यों दर्ज की गई। उन्होंने विपक्ष की नैतिकता पर सवाल उठाए।

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श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि

सीएम योगी ने कहा कि जहां करोड़ों श्रद्धालु एकत्र हों, वहां सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि एग्जिट गेट या पंटून मार्ग से किसी को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा सकती, क्योंकि इससे भगदड़ की स्थिति बन सकती है और श्रद्धालुओं की जान जोखिम में पड़ सकती है।

उन्होंने दो टूक कहा:
“हम कानून के शासन पर विश्वास करते हैं। उसका पालन करना भी जानते हैं और करवाना भी जानते हैं। लोगों को गुमराह करना बंद कीजिए।”

आगे बढ़ सकती है सियासत

विधानसभा में दिए गए इस बयान के बाद शंकराचार्य विवाद पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में और गर्मा सकता है।

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आगरा में प्री मेगा विधिक सेवा शिविर, नागरिकों को मिली योजनाओं की जानकारी

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आगरा (राष्ट्र की परम्परा)। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार जनपद आगरा में 22 फरवरी 2026 को प्रस्तावित बृहद विधिक साक्षरता/सेवा शिविर (मेगा शिविर) से पूर्व 13 फरवरी 2026 को खेरागढ़ तहसील सभागार में प्री मेगा विधिक सेवा शिविर आयोजित किया गया।
यह आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आगरा के नेतृत्व में सम्पन्न हुआ।

अधिकारियों ने दी योजनाओं की जानकारी

कार्यक्रम की अध्यक्षता विनीता सिंह-1, सचिव (पूर्णकालिक) जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आगरा ने की। मुख्य अतिथि के रूप में विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अचल प्रताप सिंह उपस्थित रहे।

शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपनी-अपनी योजनाओं की जानकारी दी:

• श्रम विभाग: श्रमिक कल्याण योजनाओं की जानकारी
• विद्युत विभाग: एकमुश्त समाधान योजना और राहत प्रावधान
• जिला प्रोबेशन अधिकारी: महिला सशक्तिकरण, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, विधवा पेंशन
• स्वास्थ्य विभाग: निःशुल्क टीकाकरण, टेलीमेडिकल सेवाएं, आयुष्मान कार्ड एवं स्वास्थ्य जांच

शिविर में स्वास्थ्य परीक्षण एवं डेंटल चेकअप भी किया गया तथा लाभार्थियों को दवाइयां वितरित की गईं।

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विधिक अधिकारों पर जागरूकता

ग्राम न्यायालय, खेरागढ़ के न्याया अधिकारी अभय राजवंशी ने नागरिकों को निःशुल्क विधिक सहायता और कानूनी अधिकारों की जानकारी दी।
मुख्य अतिथि अचल प्रताप सिंह ने गिरफ्तारी से पूर्व अधिकार, वकील नियुक्त करने के अधिकार और परिवार को सूचना देने के नियमों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

22 फरवरी को होगा मेगा शिविर

समापन सत्र में सचिव विनीता सिंह-1 ने 22 फरवरी 2026 को आयोजित होने वाले मेगा विधिक सेवा शिविर की जानकारी दी। साथ ही 14 मार्च 2026 को प्रस्तावित राष्ट्रीय लोक अदालत और मध्यस्थता अभियान 2.0 के बारे में भी अवगत कराया।

नागरिकों से अपील की गई कि वे संबंधित विभागों और जन सेवा केंद्रों में पंजीकरण कराकर योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करें।

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औरैया: डीएम डॉ. इन्द्रमणि त्रिपाठी का ग्राम पंचायतों में औचक निरीक्षण, किसान रजिस्ट्री व शिक्षा पर सख्त निर्देश

औरैया (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी डॉ. इन्द्रमणि त्रिपाठी ने ग्राम पंचायत सौहरी गढ़िया, बिरूहूनी एवं ऊंचा का व्यापक निरीक्षण कर फार्मर रजिस्ट्री, विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण और शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता का जायजा लिया। अधिकारियों और ग्रामीणों के साथ संवाद करते हुए उन्होंने किसानों के हितों और पंचायत स्तर की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए सख्त निर्देश जारी किए।

फार्मर रजिस्ट्री में तेजी, अपात्रों की पहचान के निर्देश

जिलाधिकारी ने प्रधान और कोटेदार के माध्यम से अधिक से अधिक किसानों की फार्मर रजिस्ट्री कराने के निर्देश दिए, ताकि पात्र किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।

उन्होंने बूथ लेवल अधिकारियों को निर्देशित किया कि मतदाताओं को नोटिस उपलब्ध कराते समय उनकी आपत्तियों की सुनवाई कर आवश्यक प्रपत्र पोर्टल पर अपलोड करें और लॉजिकल डिस्क्रीपेंसी को शत-प्रतिशत निस्तारित करें।
साथ ही अपात्र लाभार्थियों के नाम सूची से हटाने और नाम, आधार या खतौनी में त्रुटि होने पर संशोधन कराने के निर्देश भी दिए।

जलभराव और अतिक्रमण पर मौके पर कार्रवाई

ग्राम पंचायत सौहरी गढ़िया के मजरा मदन सिंह का पुरवा में सड़क पर जलभराव और तालाब पर अतिक्रमण की शिकायत पर डीएम ने मौके पर निरीक्षण किया।

लेखपाल को निर्देश दिए गए कि तालाब की पैमाइश कराकर मिशन समाधान के तहत अतिक्रमण हटाया जाए। सड़क समस्या के समाधान के लिए भी प्रधान को जिम्मेदारी सौंपी गई।

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शिक्षा की गुणवत्ता परखी

डीएम ने उच्च प्राथमिक विद्यालय मिश्रीपुर का निरीक्षण कर कक्षा 8 के विद्यार्थियों से बीजगणित, ज्यामिति और विज्ञान से जुड़े प्रश्न पूछे। संतोषजनक उत्तर मिलने पर शिक्षकों की सराहना की।

कक्षा 6 के छात्रों से भी विज्ञान, सामान्य ज्ञान और अंकगणित के प्रश्न पूछे गए। विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों में बेहतर प्रदर्शन पर प्रधानाध्यापक और शिक्षकों को बधाई दी गई।

पंचायत सचिवालय में अव्यवस्था पर नाराजगी

ग्राम पंचायत ऊंचा के मिनी सचिवालय में अव्यवस्थाएं मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताई। सचिव को एक सप्ताह में रंग-रोगन और खिड़की मरम्मत का कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए।

साथ ही बाउंड्री वॉल निर्माण और अतिक्रमण हटाकर छात्रों के लिए खेल मैदान विकसित करने की जिम्मेदारी तय की गई।

प्रशासन की प्राथमिकता: किसान, शिक्षा और पारदर्शिता

निरीक्षण के दौरान लेखपाल, ग्राम प्रधान और ग्रामीण उपस्थित रहे। डीएम ने स्पष्ट कहा कि योजनाओं का लाभ सीधे किसानों और विद्यार्थियों तक पहुंचे, यह प्रशासन की प्राथमिकता है।
इस निरीक्षण से यह संदेश गया कि जिला प्रशासन ग्रामीण विकास, पारदर्शिता और शिक्षा सुधार को लेकर पूरी तरह गंभीर है।

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पन्नून हत्या साजिश केस: निखिल गुप्ता ने न्यूयॉर्क कोर्ट में कबूला जुर्म

न्यूयॉर्क/नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। अमेरिका में रहने वाले खालिस्तान समर्थक कार्यकर्ता गुरपतवंत सिंह पन्नून की हत्या की साजिश के मामले में बड़ा मोड़ आया है। भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता ने न्यूयॉर्क की फेडरल कोर्ट में अपना जुर्म कबूल कर लिया है।

यह पुष्टि US Attorney’s Office for the Southern District of New York की ओर से की गई है।

क्या है पूरा मामला?

54 वर्षीय निखिल गुप्ता ने मैनहैटन की फेडरल कोर्ट में स्वीकार किया कि उन्होंने पन्नून की हत्या के लिए 15 हजार डॉलर एडवांस के रूप में दिए थे। उन्हें लगा था कि वे एक सुपारी किलर को भुगतान कर रहे हैं, लेकिन वह व्यक्ति अमेरिकी एजेंसियों का अंडरकवर अधिकारी निकला।

गुप्ता ने पहले खुद को बेगुनाह बताया था, लेकिन अब हत्या की सुपारी देने, हत्या की साजिश रचने और मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश जैसे तीन आरोपों में दोष कबूल कर लिया है। इन आरोपों में अधिकतम 40 साल तक की सजा हो सकती है। सजा का ऐलान 29 मई को जज विक्टर मारेरो करेंगे।
गुप्ता को जून 2024 में चेक गणराज्य से प्रत्यर्पित कर अमेरिका लाया गया था और तब से वे ब्रुकलिन की जेल में बंद हैं।

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साजिश कैसे रची गई?

अमेरिकी चार्जशीट के मुताबिक, मई 2023 में “सीसी-1” नामक व्यक्ति ने गुप्ता से संपर्क किया। बाद में अमेरिकी एजेंसियों ने उसकी पहचान विकाश यादव के रूप में की।

बताया गया कि यादव पहले केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल से जुड़े रहे थे और बाद में रिसर्च एंड एनालिसिस विंग से संबद्ध कार्य देख रहे थे। अक्टूबर 2024 में अमेरिकी न्याय विभाग ने उन पर औपचारिक आरोप लगाए। वे फिलहाल भारत में बताए जा रहे हैं।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, गुप्ता ने एक अंडरकवर एजेंट को सुपारी किलर समझकर 1 लाख डॉलर में सौदा तय किया और जून 2023 में 15 हजार डॉलर एडवांस दिए।

निज्जर हत्या से भी जुड़ाव

अमेरिकी एजेंसियों ने इस साजिश को खालिस्तान समर्थक नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या से भी जोड़ा है। निज्जर की जून 2023 में कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
चार्जशीट के मुताबिक, निज्जर की हत्या के बाद कथित रूप से वीडियो और संदेश साझा किए गए, जिसमें पन्नून को अगला लक्ष्य बताया गया।

भारत सरकार का पक्ष

अक्टूबर 2024 में आरोप सामने आने के बाद भारत सरकार ने कहा था कि मामले में अमेरिकी इनपुट को गंभीरता से लिया गया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा था कि चार्जशीट में नामित व्यक्ति अब भारत सरकार में कार्यरत नहीं है।
भारत ने नवंबर 2023 में एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की थी। गृह मंत्रालय ने जनवरी 2025 में बताया कि जांच रिपोर्ट सौंप दी गई है और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की गई है।

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22 फरवरी को लगेगा मेगा विधिक सेवा सहायता शिविर, तैयारियां तेज

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में 22 फरवरी को आयोजित होने वाले वृहद/मेगा विधिक सेवा सहायता शिविर की तैयारियों को लेकर मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी ने समीक्षा बैठक की।
बैठक में उपस्थित न्यायिक अधिकारी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सुनील कुमार सिंह ने विभिन्न विभागों से समन्वय स्थापित कर अधिक से अधिक पात्र लोगों को सरकार की अनुमन्य योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर दिया।
विकास भवन में आयोजित बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविर के माध्यम से अधिकतम लाभार्थियों को चिन्हित कर योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने विभागवार प्रगति की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

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बैठक में जिला विकास अधिकारी प्रेम प्रकाश त्रिपाठी, लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के चीफ अन्जय कुमार श्रीवास्तव, डीसी मनरेगा प्रभात कुमार द्विवेदी, कृषि विभाग के राकेश कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

शिक्षा से सशक्तिकरण की ओर कदम, बाल विवाह के खिलाफ एकजुट छात्राएं

विद्यालय स्तर पर चला सशक्त अभियान, बाल विवाह रोकथाम को लेकर छात्राएं हुईं जागरूक


मऊ (राष्ट्र की परम्परा)।देशव्यापी बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत मऊ जिले के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, एमिलीया मऊ में बाल विवाह रोकथाम को लेकर एक प्रभावशाली जागरूकता एवं शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को बाल विवाह के दुष्परिणामों, उनके कानूनी अधिकारों तथा सरकारी योजनाओं से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना रहा।
कार्यक्रम में विशेषज्ञ वक्ताओं ने बताया कि बाल विवाह मुक्त भारत अभियान केवल सरकारी पहल नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की व्यापक मुहिम है, जिसमें विद्यालयों और छात्राओं की सक्रिय भूमिका बेहद अहम है। छात्राओं को सामाजिक, शैक्षिक, स्वास्थ्य और कानूनी प्रभावों की विस्तार से जानकारी दी गई, जिससे उनमें जागरूकता और आत्मविश्वास दोनों बढ़े।

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बाल विवाह के दुष्परिणामों पर विस्तार से चर्चा
विशेषज्ञों ने बताया कि बाल विवाह से बालिकाओं की शिक्षा बाधित होती है और कम उम्र में मातृत्व के कारण गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न होती हैं। इससे सामाजिक असमानता और आर्थिक निर्भरता भी बढ़ती है। छात्राओं ने सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान पाया, जिससे बाल विवाह रोकथाम के प्रति उनकी समझ और मजबूत हुई।
शपथ ग्रहण से मिला सशक्त संदेश
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण सामूहिक शपथ रहा। छात्राओं ने न केवल स्वयं बाल विवाह न करने, बल्कि समाज में भी इसे रोकने का संकल्प लिया। यह संदेश दिया गया कि बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की सफलता समाज की सामूहिक भागीदारी से ही संभव है।
सरकारी योजनाओं और हेल्पलाइन की जानकारी
छात्राओं को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, स्पॉन्सरशिप योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और सखी वन स्टॉप सेंटर जैसी योजनाओं की जानकारी दी गई।
इसके साथ 181, 1090, 1076, 112 और 1930 जैसे हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी साझा की गई, ताकि किसी भी आपात स्थिति में सहायता मिल सके। इससे छात्राओं में सुरक्षा और भरोसे की भावना विकसित हुई।
पोस्टर और सहभागिता से बढ़ी जागरूकता
विद्यालय परिसर में बाल विवाह निषेध और महिला सशक्तिकरण से जुड़े पोस्टर लगाए गए। महिला सशक्तिकरण विभाग से जुड़े अधिकारियों ने छात्राओं को शिक्षा के महत्व और आत्मनिर्भरता पर प्रेरित किया। शिक्षिकाओं और छात्राओं की सक्रिय भागीदारी से कार्यक्रम सफल रहा।

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शिक्षा ही समाधान
कार्यक्रम में यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि बालिकाओं की शिक्षा ही बाल विवाह रोकथाम का सबसे प्रभावी माध्यम है। शिक्षित और सशक्त बालिकाएं ही समाज को इस कुप्रथा से मुक्त कर सकती हैं।
निष्कर्ष
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, एमिलीया मऊ में आयोजित यह आयोजन बाल विवाह मुक्त भारत अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूत करने वाला साबित हुआ। जागरूकता, शपथ और योजनाओं की जानकारी से छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ा और समाज को सकारात्मक संदेश मिला।

ज्वेलरी दुकान में हथियारबंद बदमाशों का तांडव, हवाई फायरिंग

समस्तीपुर ज्वेलरी लूट:50 लाख की वारदात, हवाई फायरिंग से दहशत


समस्तीपुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) ज्वेलरी लूट की बड़ी घटना ने जिले को हिला कर रख दिया है। खानपुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार को बदमाशों ने एक ज्वेलरी दुकान से 50 लाख रुपये से अधिक के सोना-चांदी पर हाथ साफ कर दिया। समस्तीपुर ज्वेलरी लूट के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और लोगों में भय का माहौल बन गया।
क्या है पूरा मामला
यह वारदात श्रीपुरगाहर पूर्वी पंचायत के गाहर चौक स्थित प्रियंका ज्वेलरी दुकान में हुई। जानकारी के अनुसार, तीन नकाबपोश बदमाश ग्राहक बनकर दुकान में दाखिल हुए। वे अपाचे बाइक से आए थे। अंदर पहुंचते ही उन्होंने दुकान संचालक भोला साह को पिस्टल दिखाकर बंधक बना लिया। इसके बाद करीब 300 ग्राम सोना और 20 किलो चांदी लूट ली गई। विरोध करने पर बदमाशों ने चार से पांच राउंड हवाई फायरिंग की और मौके से फरार हो गए। समस्तीपुर ज्वेलरी लूट की इस वारदात ने व्यापारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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पुलिस की कार्रवाई
सूचना मिलते ही खानपुर थानाध्यक्ष शिव पूजन कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने मौके से दो खोखा बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच के आधार पर बदमाशों के भागने की दिशा रोसड़ा की ओर बताई जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। तकनीकी शाखा और एसएसएल टीम ने भी साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस का दावा है कि समस्तीपुर ज्वेलरी लूट में शामिल अपराधियों की पहचान जल्द की जाएगी।

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सड़क जाम और जनआक्रोश
घटना से आक्रोशित स्थानीय लोगों ने रोसड़ा-हथौड़ी पथ को जाम कर दिया। सड़क पर आगजनी की गई, जिससे करीब दो घंटे तक यातायात बाधित रहा। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। जाम की सूचना पर सदर डीएसपी-2 संजय कुमार मौके पर पहुंचे और लोगों को जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया। आश्वासन के बाद जाम हटाया गया और यातायात बहाल हुआ।

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सुरक्षा पर सवाल
हुई समस्तीपुर ज्वेलरी लूट ने यह साफ कर दिया है कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। व्यापारियों ने पुलिस गश्त बढ़ाने, बाजारों में सीसीटीवी नेटवर्क मजबूत करने और त्वरित रिस्पॉन्स सिस्टम लागू करने की मांग की है। फिलहाल पुलिस की कई टीमें छापेमारी में जुटी हैं और दावा किया जा रहा है कि जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।