Monday, May 4, 2026
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उत्तराखंड में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: पुलिस विभाग के 20 अधिकारी ट्रांसफर

देहरादून (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तराखंड शासन ने पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 20 अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। गृह विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार विभिन्न जनपदों और इकाइयों में तैनात पुलिस उपाधीक्षकों (डीएसपी) और समकक्ष अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

जनपदों और विशेष इकाइयों में बदलाव

जारी सूची के अनुसार देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर सहित कई जिलों में तैनात अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है। कुछ अधिकारियों को जनपदों से हटाकर पीएसी, सतर्कता और सीआईडी जैसी विशेष इकाइयों में तैनात किया गया है, जबकि कुछ को जिला स्तर पर अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं।

लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात अधिकारियों को हटाकर नई जिम्मेदारी देने को प्रशासनिक सक्रियता बढ़ाने की कवायद माना जा रहा है।

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तत्काल प्रभाव से कार्यभार ग्रहण के निर्देश

शासन ने सभी स्थानांतरित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई तैनाती स्थल पर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए हैं। आदेश की प्रतियां पुलिस मुख्यालय और संबंधित अधिकारियों को भेज दी गई हैं।

कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने पर फोकस

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह फेरबदल प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया है। आगामी आयोजनों और सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए यह कदम अहम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार कानून-व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया।

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दिल्ली ट्रिपल मर्डर केस: पीरागढ़ी में कार से मिलीं 3 लाशें, पाखंडी बाबा कमरुद्दीन गिरफ्तार

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। राजधानी के पीरागढ़ी इलाके में कार से तीन लाशें मिलने के सनसनीखेज ट्रिपल मर्डर केस में पुलिस ने आरोपी पाखंडी बाबा कमरुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया है। 8 फरवरी को सामने आए इस मामले में जांच के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
दिल्ली पुलिस ने आरोपी को 5 दिन की रिमांड पर लिया है और पूछताछ के दौरान उसने अब तक 8 हत्याएं करने का दावा किया है। पुलिस इन दावों की सच्चाई की गहन जांच कर रही है।

सीसीटीवी फुटेज से खुली परतें

जांच में सामने आए सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, तीनों मृतक लोनी इलाके में सफेद टाटा टिगोर कार में आते दिखाई दिए थे। बाद में यही कार पीरागढ़ी में मिली, जिसमें तीनों के शव बरामद हुए।
दूसरे फुटेज में मृतक आरोपी के घर के पास कार खड़ी कर पैदल जाते नजर आए। पुलिस घटना से पहले और बाद की गतिविधियों की कड़ियां जोड़ रही है।

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तंत्र साधना के नाम पर साजिश?

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी कथित रूप से तंत्र साधना के नाम पर युवतियों को बुलाता था। वह हाइट, वजन, रंग और चेहरे से जुड़ी विशेष मांग करता था। उसके ठिकाने से कई तस्वीरें बरामद हुई हैं, जिनमें लड़कियां एक पर्ची पकड़े दिख रही हैं, जिस पर उनका नाम, लंबाई, वजन और रंग दर्ज है।
मृतक लक्ष्मी के मोबाइल फोन से भी इसी तरह की तस्वीरें मिली हैं। इसके अलावा तंत्र साधना से जुड़ी किताबें भी बरामद हुई हैं।

पुलिस की जांच जारी

दिल्ली पुलिस आरोपी के बयानों की पुष्टि और संभावित नेटवर्क की जांच में जुटी है। मामला पीरागढ़ी (दिल्ली) और लोनी (गाजियाबाद) से जुड़ा होने के कारण कई एंगल से पड़ताल की जा रही है।
इस सनसनीखेज मामले ने राजधानी में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है और पुलिस पूरे घटनाक्रम की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

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बाबा भोलेनाथ की आराधना से कैसे दूर होते हैं जीवन के कष्ट

महाशिवरात्रि 2026: बाबा भोलेनाथ ने त्यागा वैराग्य, अपनाया वैवाहिक जीवन – आचार्य अजय शुक्ल
15 फरवरी को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा महाशिवरात्रि पर्व

सलेमपुर, देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। हिन्दू पंचांग के अनुसार महाशिवरात्रि का पर्व फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। इस वर्ष यह पावन पर्व 15 फरवरी को पूरे देश में श्रद्धा, भक्ति और आस्था के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर आचार्य अजय शुक्ल ने महाशिवरात्रि के धार्मिक, आध्यात्मिक और पौराणिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
आचार्य अजय शुक्ल के अनुसार, महाशिवरात्रि केवल एक पर्व नहीं बल्कि जीवन में संतुलन और गृहस्थ धर्म की महत्ता को समझने का प्रतीक है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन बाबा भोलेनाथ ने वैराग्य का मार्ग त्यागकर वैवाहिक जीवन को स्वीकार किया और माता पार्वती के साथ विवाह बंधन में बंधे। शिवपुराण में वर्णित है कि इस दिव्य विवाह से सृष्टि के संतुलन और सृजन को नई दिशा मिली।

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शास्त्रों के अनुसार महाशिवरात्रि के दिन विवाहित दंपत्ति यदि सपत्नीक व्रत रखकर श्रद्धा से पूजा-अर्चना करते हैं तो उनके दाम्पत्य जीवन के कष्ट दूर होते हैं और गृहस्थ जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। वहीं अविवाहित श्रद्धालु इस दिन सच्चे मन से भगवान शिव की आराधना करें तो उन्हें उत्तम जीवनसाथी का वरदान प्राप्त होता है।
जलाभिषेक का सही समय और विधि
आचार्य अजय शुक्ल ने बताया कि बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक ब्रह्म मुहूर्त से लेकर प्रातः 11 बजे तक करना सर्वाधिक शुभ और फलदायी माना गया है। शास्त्रों में संध्या के समय जलाभिषेक को वर्जित बताया गया है। शुद्ध मन, पवित्र जल और सही विधि से की गई पूजा से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं।

शिव पूजा में प्रिय और वर्जित सामग्री
भगवान शिव को बेलपत्र, भांग, धतूरा, मदार पुष्प, अक्षत (अखंड चावल), चंदन अत्यंत प्रिय हैं। इन सामग्रियों से की गई पूजा से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
वहीं शास्त्रों के अनुसार लाल रंग के फूल, केतकी, चंपा और केवड़े के फूल शिवलिंग पर अर्पित करना निषिद्ध है। इसके साथ ही शिवलिंग पर सिंदूर चढ़ाना और श्रृंगार के बाद जलाभिषेक करना भी वर्जित माना गया है।
महाशिवरात्रि का पर्व श्रद्धालुओं को संयम, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करता है। सच्चे मन से की गई आराधना से बाबा भोलेनाथ अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसाते हैं और जीवन के समस्त कष्टों का निवारण करते हैं।

British Vogue कवर पर भारतीय सुंदरता का नया अध्याय

ब्रिटिश Vogue में छाईं भविता मांडवा: डस्की स्किन टोन के साथ भारतीय सुंदरता का नया वैश्विक चेहरा


नईदिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)भारतीय फैशन और सौंदर्य जगत के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण है। भविता मांडवा ने British Vogue के कवर पर जगह बनाकर न सिर्फ अपनी पहचान मजबूत की, बल्कि डस्की स्किन टोन के साथ भारतीय महिलाओं की सुंदरता को वैश्विक मंच पर नई परिभाषा दी। भविता, प्रियंका चोपड़ा के बाद दूसरी भारतीय महिला हैं, जिन्हें ब्रिटिश Vogue में यह सम्मान मिला है।

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डस्की स्किन के साथ ग्लोबल पहचान
भविता मांडवा की उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने उस सोच को चुनौती दी है, जहां सुंदरता को अक्सर गोरे रंग से जोड़ा जाता रहा है। Vogue कवर पर उनकी मौजूदगी इस बात का प्रमाण है कि भारतीय सौंदर्य की विविधता अब दुनिया स्वीकार कर रही है।
हैदराबाद से फैशन की वैश्विक उड़ान
25 वर्षीय, 5 फुट 9 इंच लंबी भविता का जन्म एक तेलुगू परिवार में हुआ। बचपन हैदराबाद में बीता और उन्होंने Jawaharlal Nehru Technological University से आर्किटेक्चर में ग्रेजुएशन किया। आगे की पढ़ाई के लिए वे न्यूयॉर्क गईं, जहां फैशन जगत से उनका जुड़ाव गहरा हुआ।
मैथ्यू ब्लेज़ी और Chanel तक का सफर
न्यूयॉर्क में ही भविता की मुलाकात मशहूर डिजाइनर Matthieu Blazy से हुई। इसके बाद उन्होंने 2025 के स्प्रिंग/समर शो में स्पेशल मॉडल के रूप में रैंप वॉक किया। यही नहीं, भविता ने Chanel के Metiers d’Art 2026 शो की ओपनिंग कर इतिहास रच दिया—ऐसा करने वाली वे पहली भारतीय महिला बनीं।

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British Vogue के कवर पर भविता ऑरेंज फर जैकेट में नजर आईं, जिस पर काले और सफेद रंग की धारियां थीं। खुले, लहराते बाल, आत्मविश्वास से भरी मुस्कान और हैंगिंग एमरल्ड इयररिंग्स ने उनके लुक को खास बना दिया। बैकग्राउंड का चमकीला नीला रंग और टैगलाइन Feel the joy, A new mood of spring इस स्प्रिंग सीजन की ऊर्जा को दर्शाता है।
रंगभेद पर भविता का स्पष्ट संदेश
अपने इंटरव्यू में भविता ने कहा कि Chanel शो की ओपनिंग उनके लिए बेहद खास थी। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि भारत में रंगभेद एक सच्चाई है, लेकिन उनकी यह उपलब्धि साबित करती है कि सुंदरता का पैमाना बदला जा सकता है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट का अहम फैसला: जन्म से तय होती है जाति, विवाह या धर्म परिवर्तन से नहीं बदलती

प्रयागराज (राष्ट्र की परम्परा)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि किसी व्यक्ति की जाति जन्म से निर्धारित होती है और विवाह या धर्म परिवर्तन से उसमें कोई बदलाव नहीं आता। अदालत ने कहा कि महिला का दूसरी जाति में विवाह हो जाने के बावजूद उसकी मूल जाति समाप्त नहीं होती।

यह टिप्पणी न्यायमूर्ति अनिल कुमार दशम ने दिनेश व अन्य की आपराधिक अपील खारिज करते हुए की। यह अपील एससी/एसटी एक्ट के विशेष न्यायाधीश, अलीगढ़ द्वारा पारित सम्मन आदेश के खिलाफ दायर की गई थी।

क्या था मामला?

शिकायतकर्ता महिला ने आरोप लगाया था कि आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया और अपमानित किया। घटना में तीन लोगों को चोटें आईं, जिनकी मेडिकल रिपोर्ट रिकॉर्ड पर मौजूद है।

विशेष न्यायाधीश ने आरोपियों को आईपीसी की धाराओं और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत तलब किया था।

आरोपियों की दलील

आरोपियों ने हाईकोर्ट में तर्क दिया कि शिकायतकर्ता जन्म से अनुसूचित जाति/जनजाति से संबंधित जरूर है, लेकिन जाट समुदाय में विवाह के बाद उसने अपनी मूल जाति का दर्जा खो दिया है। इसलिए एससी/एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई उचित नहीं है।
साथ ही, यह भी कहा गया कि शिकायत प्रतिशोध की भावना से दर्ज कराई गई।

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राज्य का पक्ष

राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि दोनों पक्षों की शिकायतें एक ही दिन और लगभग एक ही समय की हैं, इसलिए इसे प्रतिशोध नहीं कहा जा सकता। ट्रायल कोर्ट ने साक्ष्यों और बयानों के आधार पर ही सम्मन जारी किया है।

कोर्ट की अहम टिप्पणी

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि:

• जाति जन्म से निर्धारित होती है।
• विवाह से जाति में परिवर्तन नहीं होता।
• धर्म परिवर्तन से भी मूल जाति समाप्त नहीं होती।
• क्रॉस-केस होना शिकायत खारिज करने का आधार नहीं बन सकता।

सभी तथ्यों और कानूनी पहलुओं पर विचार के बाद अदालत ने आपराधिक अपील खारिज कर ट्रायल कोर्ट का सम्मन आदेश बरकरार रखा।

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शादी समारोह में विवाद बना हत्या की वजह, STF ने सिपाही को दबोचा

प्रयागराज नैनी हत्या मामला: मऊ पुलिस का सिपाही सुनील कनौजिया गिरफ्तार, STF की बड़ी कार्रवाई


मऊ/प्रयागराज (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। प्रयागराज के नैनी क्षेत्र में शादी समारोह के दौरान हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें एक युवक की मौत हो गई। इस सनसनीखेज प्रयागराज नैनी हत्या मामला में मऊ जिले के चिरैयाकोट थाने में तैनात सिपाही सुनील कनौजिया गिरफ्तार कर लिया गया है। यह गिरफ्तारी एसटीएफ द्वारा जौनपुर से की गई, जब आरोपी सिपाही ड्यूटी पर लौट रहा था। घटना के बाद से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है और मामले की जांच तेज़ कर दी गई है।
घटना नैनी के मडौका इलाके स्थित एक गेस्ट हाउस की है। रात लगभग 10 बजे बारात गेस्ट हाउस पहुंची थी। आरोप है कि कुछ बारातियों द्वारा पास के खाली प्लॉट में शौच किए जाने पर स्थानीय निवासी राजेश ने आपत्ति जताई। इसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई, जो कुछ ही देर में मारपीट में बदल गई। देखते ही देखते विवाद ने उग्र रूप ले लिया और कई लोग इसमें शामिल हो गए।
सूत्रों के मुताबिक, सिपाही सुनील कनौजिया अपने चाचा की बेटी की शादी में शामिल होने नैनी पहुंचा था। विवाद की सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचा और कथित तौर पर मारपीट में शामिल हो गया। राजेश के परिजनों के पहुंचने के बाद हालात और बिगड़ गए। गेस्ट हाउस में तोड़फोड़ हुई और अफरा-तफरी के बीच एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। इस प्रयागराज नैनी हत्या मामला ने स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है।

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छुट्टी विवाद भी जांच के दायरे में
जानकारी के अनुसार, सिपाही सुनील कनौजिया की छुट्टी 14 फरवरी से स्वीकृत थी, लेकिन वह उससे पहले ही बिना किसी पूर्व सूचना के शादी समारोह में शामिल होने पहुंच गया। इस गंभीर लापरवाही को लेकर विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि ड्यूटी नियमों का उल्लंघन कैसे हुआ और क्या इसमें उच्चाधिकारियों की जानकारी थी।
12 लोग हिरासत में, पूछताछ जारी
पुलिस ने इस मामले में नौ नामजद समेत कुल 12 लोगों को हिरासत में लिया है। सभी से गहन पूछताछ की जा रही है। एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम हर पहलू की जांच कर रही है, ताकि सुनील कनौजिया गिरफ्तार होने के बाद पूरे घटनाक्रम की कड़ियां स्पष्ट हो सकें। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह प्रयागराज नैनी हत्या मामला न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि पुलिस विभाग की आंतरिक अनुशासन व्यवस्था पर भी गंभीर चिंतन की आवश्यकता दर्शाता है। पीड़ित परिवार न्याय की मांग कर रहा है और प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

पीएम मोदी की मौजूदगी में भारत ने दिखाया सामरिक आत्मविश्वास

असम से भारत का शक्ति संदेश: डिब्रूगढ़ ELF पर वायुसेना का दमदार एयर शो, पीएम मोदी ने देखी रणनीतिक ताकत

डिब्रूगढ़ (राष्ट्र की परम्परा)भारत की सुरक्षा और सामरिक तैयारियों को लेकर एक बड़ा और स्पष्ट संदेश असम के डिब्रूगढ़ से सामने आया है। चीन, बांग्लादेश और म्यांमार सीमा के बेहद नजदीक स्थित मोरान बाइपास पर बनी इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) पर भारतीय वायुसेना ने शनिवार को भव्य एयर डिस्प्ले का आयोजन किया। इस ऐतिहासिक मौके पर नरेंद्र मोदी स्वयं मौजूद रहे और देश की वायु शक्ति का प्रत्यक्ष प्रदर्शन देखा।

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डिब्रूगढ़ ELF: रणनीति, सुरक्षा और विकास का संगम
पूर्वोत्तर भारत की पहली इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी को इस तरह डिजाइन किया गया है कि आपात स्थितियों में सैन्य और नागरिक—दोनों प्रकार के विमानों की लैंडिंग और टेक-ऑफ संभव हो सके। यह ड्यूल-यूज इंफ्रास्ट्रक्चर प्राकृतिक आपदाओं, राहत-बचाव अभियानों और रणनीतिक जरूरतों के समय त्वरित तैनाती में अहम भूमिका निभाएगा।
यह सुविधा 40 टन तक के लड़ाकू विमानों और 74 टन अधिकतम टेक-ऑफ वजन वाले परिवहन विमानों को संभालने में सक्षम है—जो इसे सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण बनाती है।
वायुसेना का दमदार प्रदर्शन
एयर शो में भारतीय वायुसेना के अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों ने आसमान में शक्ति और सटीकता का शानदार प्रदर्शन किया। सुखोई एसयू-30 एमकेआई और राफेल की गर्जना ने साफ कर दिया कि भारत हर संभावित खतरे के प्रति पूरी तरह सतर्क और तैयार है। परिवहन विमानों और हेलिकॉप्टरों का हवाई प्रदर्शन भी इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहा।
ऐतिहासिक पल: ELF पर उतरे पीएम मोदी
असम के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण रहा जब प्रधानमंत्री मोदी स्वयं डिब्रूगढ़ के मोरान बाइपास स्थित ELF पर उतरे। मंच पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने उनका स्वागत किया। यह कदम न केवल सुरक्षा बल्कि पूर्वोत्तर में कनेक्टिविटी और विकास के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
विकास परियोजनाओं को नई रफ्तार
प्रधानमंत्री मोदी की असम यात्रा का उद्देश्य केवल सुरक्षा नहीं, बल्कि विकास को भी गति देना है। वे ब्रह्मपुत्र नदी पर बने नए कुमार भास्कर वर्मा सेतु का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद गुवाहाटी के लचित घाट पर 5,450 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया जाएगा। इन परियोजनाओं में कनेक्टिविटी, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, उच्च शिक्षा और शहरी परिवहन से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।
भारत के “चिकन नेक” क्षेत्र की सुरक्षा, सीमावर्ती राज्यों की कनेक्टिविटी और वायुसेना की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता—डिब्रूगढ़ ELF इन सभी का मजबूत आधार बनकर उभरा है। यह आयोजन न केवल सैन्य शक्ति का प्रदर्शन था, बल्कि एक स्पष्ट संदेश भी कि भारत अपनी सीमाओं और नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर स्तर पर तैयार है।

सब्जी मंडी से दिनदहाड़े स्पलेंडर बाइक चोरी, कसया में चोरों का बढ़ता आतंक

कसया / कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)।कसया थाना क्षेत्र के अंतर्गत नवीन सब्जी मंडी में दिनदहाड़े स्पलेंडर बाइक चोरी की घटना ने एक बार फिर स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थान से खुलेआम बाइक चोरी होना न सिर्फ आम नागरिकों में डर पैदा कर रहा है, बल्कि पुलिस गश्त और निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर भी सवालिया निशान लगा रहा है। यह सब्जी मंडी बाइक चोरी की घटना क्षेत्र में बढ़ते अपराध और चोरों के बढ़ते हौसले की ओर इशारा करती है।

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कैसे हुई दिनदहाड़े स्पलेंडर बाइक चोरी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रामकोला थाना क्षेत्र के ग्राम सिधावें (टोला पठानपट्टी) निवासी जयकिसुन मद्धेशिया शुक्रवार सुबह अपनी स्पलेंडर बाइक (UP57 U1628) लेकर रोज़ की तरह नवीन सब्जी मंडी कसया पहुंचे थे। उन्होंने मंडी परिसर में बाइक खड़ी की और सब्जी खरीदने चले गए। कुछ ही देर बाद लौटने पर उनकी बाइक मौके से गायब मिली।
भीड़, दुकानदार और आवाजाही—सब कुछ मौजूद होने के बावजूद दिनदहाड़े बाइक चोरी होना चोरों की बेखौफ मानसिकता को दर्शाता है।
खोजबीन के बाद थाने में दी तहरीर
पीड़ित ने पहले मंडी परिसर और आसपास के इलाकों में काफी देर तक बाइक की तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। अंततः उन्होंने कसया थाने में लिखित तहरीर देकर मामले में तत्काल कार्रवाई और स्पलेंडर बाइक बरामदगी की मांग की। पीड़ित का कहना है कि हाल के दिनों में कसया बाइक चोरी की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे आम लोगों में असुरक्षा का माहौल बन रहा है।

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सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
नवीन सब्जी मंडी जैसे सार्वजनिक और व्यस्त स्थान से सब्जी मंडी बाइक चोरी होना यह संकेत देता है कि सीसीटीवी कवरेज, गश्त और निगरानी को और मजबूत करने की जरूरत है। स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने मांग की है कि मंडी परिसर में अतिरिक्त कैमरे लगाए जाएं, नियमित पुलिस पेट्रोलिंग हो और संदिग्ध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
पुलिस से अपेक्षा
पीड़ित जयकिसुन मद्धेशिया सहित स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले का जल्द खुलासा हो, चोरों की पहचान कर गिरफ्तारी की जाए और चोरी गई स्पलेंडर बाइक शीघ्र बरामद की जाए। साथ ही, भविष्य में दिनदहाड़े बाइक चोरी जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

15% रिटर्न का जाल: कैसे फैला मैक्सीजोन चिटफंड नेटवर्क

रांची में 307 करोड़ चिटफंड घोटाला: मैक्सीजोन कंपनी के निदेशक चंद्रभूषण सिंह पर ईडी की चार्जशीट, संपत्ति जब्ती की मांग


रांची (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)झारखंड की राजधानी रांची में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 307 करोड़ रुपये से अधिक के चिटफंड घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मैक्सीजोन टच प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक चंद्रभूषण सिंह और उनकी पत्नी के खिलाफ विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग से अर्जित संपत्तियों को जब्त करने का भी अनुरोध अदालत से किया है। यह मामला झारखंड समेत कई राज्यों के हजारों निवेशकों से जुड़ा है, जिन्हें हर माह 15% रिटर्न का लालच देकर ठगा गया।
15% मासिक रिटर्न का झांसा, 16,927 निवेशक ठगे
ईडी की जांच में सामने आया है कि मैक्सीजोन चिटफंड कंपनी ने निवेश के बदले हर महीने 15% मुनाफे का वादा किया। इस झूठे आश्वासन के जरिए देशभर के करीब 16,927 निवेशकों से 307 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि वसूली गई। छापेमारी के दौरान बरामद लैपटॉप में मौजूद एक्सेल शीट्स के विश्लेषण से निवेशकों की संख्या, जमा रकम और लेन-देन का पूरा ब्योरा सामने आया।

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वैधानिक अधिकार के बिना जमा स्वीकार
जांच एजेंसी के अनुसार, मैक्सीजोन टच प्राइवेट लिमिटेड के पास आम जनता से जमा स्वीकार करने का कोई वैधानिक अधिकार नहीं था। इसके बावजूद बड़े पैमाने पर निवेश कराया गया। एजेंट नेटवर्क बनाकर नए निवेशकों को जोड़ने पर कमीशन का लालच दिया गया, जिससे यह नेटवर्क तेजी से फैला और घोटाले की रकम बढ़ती चली गई।
21 बैंक खातों से मनी लॉन्ड्रिंग
ईडी की रिपोर्ट बताती है कि धन के स्रोत को छिपाने के लिए आरोपियों ने एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और इंडसइंड बैंक सहित कम से कम 21 खातों का इस्तेमाल किया। रकम को बार-बार इधर-उधर घुमाकर “को-मिंगल” किया गया, ताकि असली स्रोत और अंतिम उपयोग का पता न चल सके। आरोपियों ने अपने सहयोगियों को 15 करोड़ रुपये नकद और करीब 2 करोड़ रुपये का सोना भी सौंपा।
बिल्डरों को नकद भुगतान, 285 करोड़ का हिसाब गायब
जांच में यह भी सामने आया कि एमआर मित्तल्स इंफ्राटेक और केडब्ल्यू होम्स जैसे बिल्डरों को नकद भुगतान किया गया। इससे पहले ईडी ने अदालत को बताया था कि चंद्रभूषण सिंह और उनकी पत्नी ने बयान में अपराध से अर्जित धन की अहम जानकारी छिपाई, खासकर बिना हिसाब के 285 करोड़ रुपये के ठिकाने के बारे में, ताकि जांच को भटकाया जा सके।
अदालत में सख्त रुख, निवेशकों को राहत की उम्मीद
ईडी की चार्जशीट और संपत्ति जब्ती की मांग के बाद मामले में कानूनी कार्रवाई तेज हो गई है। निवेशकों को उम्मीद है कि जब्त संपत्तियों के जरिए उनकी मेहनत की कमाई वापस मिल सकेगी। यह मामला चिटफंड योजनाओं के नाम पर हो रही धोखाधड़ी के खिलाफ एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।

अल्पसंख्यकों की भागीदारी और जमात का उभार: चुनाव 2026 के बड़े संकेत

बांग्लादेश चुनाव 2026: BNP की ऐतिहासिक वापसी, तारिक रहमान की अगुवाई में सत्ता परिवर्तन से साउथ एशिया में नई हलचल


बांग्लादेश चुनाव 2026 के नतीजों ने न केवल ढाका बल्कि पूरे दक्षिण एशिया की राजनीति में हलचल मचा दी है। लगभग दो दशक बाद Bangladesh Nationalist Party (BNP) ने ज़बरदस्त वापसी करते हुए 13वें संसदीय चुनाव में स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है। तारिक रहमान के नेतृत्व में BNP ने 299 में से 212 सीटों पर जीत दर्ज की है, जिससे यह साफ हो गया है कि जनता ने सत्ता परिवर्तन के पक्ष में निर्णायक जनादेश दिया है।
प्रख्यात बांग्लादेशी अख़बार द डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, यह जीत न सिर्फ राजनीतिक बदलाव का संकेत है बल्कि लंबे समय से जारी अस्थिरता के बाद देश में नई दिशा तय करने वाली मानी जा रही है। बांग्लादेश चुनाव 2026 के नतीजों पर भारत, पाकिस्तान, नेपाल और श्रीलंका सहित पूरे साउथ एशिया की नजर बनी हुई है।

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🟠 जमात-ए-इस्लामी का उभार: नया विपक्ष
इस चुनाव की एक और बड़ी कहानी रही Jamaat-e-Islami Bangladesh का उभार। वर्षों तक हाशिए पर रही जमात ने 77 सीटें जीतकर खुद को मुख्य विपक्षी दल के रूप में स्थापित कर लिया है। खासतौर पर ढाका की 15 में से 6 सीटों पर जीत ने उनकी शहरी पकड़ को उजागर किया है।
हालांकि, महिलाओं के अधिकार और रूढ़िवादी नीतियों को लेकर जमात के पुराने रुख के कारण वह BNP को सत्ता की दौड़ में पछाड़ नहीं सकी। बावजूद इसके, जमात ने चुनाव नतीजों में देरी और कथित धांधली के आरोप लगाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है, जिससे आने वाले दिनों में राजनीतिक तनाव बढ़ सकता है।

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🟢 अल्पसंख्यकों की भागीदारी ने खींचा वैश्विक ध्यान
बांग्लादेश चुनाव 2026 में अल्पसंख्यक समुदाय की भागीदारी पर पूरी दुनिया की नजर थी। इस लिहाज से BNP का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा। पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले चार अल्पसंख्यक उम्मीदवारों ने जीत दर्ज कर संसद में जगह बनाई।
गयेश्वर चंद्र रॉय ने ढाका-3 सीट से जमात के शाहीनूर इस्लाम को 15,000 से अधिक मतों से हराया।
नितई रॉय चौधरी ने मगुरा-2 सीट से कंफर्टेबल जीत दर्ज की और वे BNP में अल्पसंख्यकों का बड़ा चेहरा माने जा रहे हैं।
एडवोकेट दीपेन देवान ने रांगामाटी संसदीय सीट से जीत हासिल की।
इसके अलावा सचिंग प्रू ने बंदरबन निर्वाचन क्षेत्र से BNP के लिए एक और सीट जोड़ी।
वहीं, जमात-ए-इस्लामी की ओर से एकमात्र हिंदू उम्मीदवार कृष्णा नंदी को हार का सामना करना पड़ा। विशेषज्ञों का मानना है कि अल्पसंख्यकों की यह जीत BNP के समावेशी राजनीतिक संदेश को मजबूती देती है।
🔵 ऐतिहासिक जनमत संग्रह: संविधान में बड़े बदलाव
चुनाव के साथ-साथ हुए जनमत संग्रह ने बांग्लादेश चुनाव 2026 को और भी ऐतिहासिक बना दिया। चुनाव आयोग के अनुसार, करीब 4.8 करोड़ मतदाताओं ने संविधान सुधारों के पक्ष में ‘हां’ में वोट दिया, जबकि 2.25 करोड़ लोगों ने ‘ना’ कहा।
इन सुधारों के तहत:कोई भी व्यक्ति 10 साल से अधिक समय तक प्रधानमंत्री नहीं रह सकेगा। न्यायपालिका को अधिक स्वतंत्रता दी जाएगी।
दो सदनों वाली संसद (Bicameral Parliament) के गठन का रास्ता साफ हो गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ये सुधार भविष्य में सत्ता के केंद्रीकरण को रोकने और लोकतंत्र को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
🟣 अवामी लीग का बाहर होना और सत्ता परिवर्तन
अगस्त 2024 में हुए छात्र आंदोलनों के बाद Awami League को चुनाव लड़ने से बैन कर दिया गया था। इसका सीधा फायदा BNP और जमात को मिला। लंबे समय से सत्ता में रही अवामी लीग के बाहर होने से मतदाताओं के पास स्पष्ट विकल्प मौजूद था, जिसका असर नतीजों में साफ दिखा।
🔴 मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार और आगे का रास्ता
नोबेल विजेता Muhammad Yunus की अंतरिम सरकार अब सत्ता औपचारिक रूप से तारिक रहमान को सौंपने की तैयारी में है। तारिक रहमान फिलहाल प्रधानमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे हैं।
भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी तारिक रहमान को जीत की बधाई दी है और उम्मीद जताई है कि भारत-बांग्लादेश संबंध और मजबूत होंगे। यह संदेश दोनों देशों के बीच कूटनीतिक स्थिरता का संकेत माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, बांग्लादेश चुनाव 2026 केवल सत्ता परिवर्तन की कहानी नहीं है, बल्कि यह लोकतांत्रिक सुधार, अल्पसंख्यक भागीदारी और क्षेत्रीय राजनीति में नए संतुलन का संकेत देता है। आने वाले महीनों में तारिक रहमान की सरकार किन नीतियों पर आगे बढ़ती है, इस पर न सिर्फ बांग्लादेश बल्कि पूरा दक्षिण एशिया नजर बनाए रखेगा।

मनरेगा की पहचान बदलने पर कांग्रेस का विरोध तेज

मनरेगा का नाम बदलना मजदूरों के भविष्य से खिलवाड़ – राघवेंद्र प्रताप सिंह


मऊ (राष्ट्र की परम्परा)।उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष एवं जनपद मऊ के मनरेगा बचाओ संग्राम पदयात्रा के प्रभारी राघवेंद्र प्रताप सिंह ने केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना का नाम बदले जाने को मजदूरों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करार दिया। उन्होंने कहा कि मनरेगा जैसे जनकल्याणकारी कार्यक्रम की पहचान बदलना केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि देश के करोड़ों श्रमिकों के अधिकारों और भरोसे पर चोट है।
बलिया से मऊ जाते समय बलिया–मऊ सीमा पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व महासचिव घनश्याम सहाय के नेतृत्व में राघवेंद्र प्रताप सिंह का फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में कांग्रेसजन मौजूद रहे।
केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला
अपने संबोधन में राघवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि केंद्र और प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण किसान, मजदूर, बुनकर, दलित, छात्र और नौजवान—समाज का हर तबका परेशान है। रोजगार, महंगाई और सामाजिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सरकार विफल साबित हुई है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की पूर्व सरकारों ने गरीबों और मजदूरों के सशक्तिकरण के लिए मनरेगा जैसी ऐतिहासिक योजना लागू की थी, जिसने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को स्थिरता दी। आज उसी योजना का नाम बदलकर सरकार श्रमिकों की भावनाओं और अधिकारों के साथ खिलवाड़ कर रही है, जिसे कांग्रेस कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।
मनरेगा बचाओ’ आंदोलन जारी रहेगा
राष्ट्र की परम्परा से बातचीत में राघवेंद्र प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस मजदूरों के हक की लड़ाई सड़क से संसद तक लड़ेगी। मनरेगा बचाओ संग्राम पदयात्रा का उद्देश्य ग्रामीण रोजगार, समय पर भुगतान, कार्यदिवसों की गारंटी और योजना की मूल पहचान की रक्षा है।
कार्यक्रम में जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष इंतेखाब आलम, अनिल जायसवाल, प्रेमचंद चौहान, रविप्रकाश सिंह, भवानी सिंह, रामभवन, अजीत कुमार, सुदर्शन चौहान और रामप्रवेश यादव सहित अनेक नेता व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

जेसीबी कार्रवाई के बीच थप्पड़ का वीडियो वायरल, जांच शुरू

देवरिया में अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान पुलिस का व्यवहार विवादों में, थप्पड़ मारने का वीडियो वायरल

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। देवरिया जिले के रामपुर कारखाना नगर पंचायत क्षेत्र में चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान पुलिस के कथित व्यवहार को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। शुक्रवार को हुई इस कार्रवाई के समय एक युवक को थप्पड़ मारने का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे इस वीडियो ने स्थानीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया को जन्म दिया है।
क्या है पूरा मामला
नगर पंचायत प्रशासन ने मुख्य मार्ग पर लंबे समय से चले आ रहे अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए कई बार नोटिस और चेतावनियां जारी की थीं। निर्धारित समय सीमा के बावजूद अतिक्रमण न हटने पर जेसीबी मशीन की मदद से सख्त कार्रवाई शुरू की गई। अभियान के दौरान मुख्य चौराहे से सटी मेन रोड पर आधा दर्जन से अधिक दुकानों के चबूतरे तोड़े गए, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
अचानक शुरू हुई कार्रवाई के कारण बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए। कई दुकानदार अपना सामान हटाते दिखे, वहीं कुछ लोगों ने विरोध भी दर्ज कराया। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई मुख्य मार्ग पर सीमेंटेड नाले के निर्माण के लिए आवश्यक थी, ताकि जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त किया जा सके।

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नाला निर्माण परियोजना का विवरण
नगर पंचायत के अनुसार करमैनी दुर्गा मंदिर से मुख्य चौराहा, फिर थाना परिसर के सामने से ईदगाह तक नाले का निर्माण पहले ही पूरा किया जा चुका है। अब मुख्य चौराहे से बहरामपुर मोड़ तक निर्माण कार्य प्रस्तावित है। इस हिस्से में सड़क की उत्तरी पटरी पर स्थित जनता इंटर कॉलेज के आसपास एक दर्जन से अधिक लोगों द्वारा अवैध कब्जा किया गया था, जिसे हटाने के लिए प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची थी।
थप्पड़ कांड और जांच
कार्रवाई के दौरान आरोप है कि प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र कुमार सिंह ने जेसीबी कार्रवाई का वीडियो बना रहे एक युवक को थप्पड़ मार दिया। यह घटना कैमरे में कैद हो गई और देखते ही देखते वीडियो वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
अपर पुलिस अधीक्षक आनंद कुमार पांडे ने बताया कि वीडियो की सत्यता की जांच कराई जा रही है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
जनता में प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। नागरिकों का कहना है कि अतिक्रमण हटाना जरूरी है, लेकिन पुलिस का व्यवहार संयमित होना चाहिए। वहीं प्रशासन का पक्ष है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई जरूरी थी।

बोर्ड परीक्षा से पहले कुशीनगर में बड़ा शिक्षा संकट, 700 छात्र प्रभावित

डीआईओएस कार्यालय की लापरवाही से छात्रों का भविष्य अधर में


कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से 18 फरवरी से शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षा से पहले कुशीनगर जिले में सामने आई एक गंभीर प्रशासनिक लापरवाही ने शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। इस चूक ने एक झटके में करीब 700 परीक्षार्थियों के भविष्य को अंधेरे में डाल दिया है। सालभर की मेहनत, सपने और उम्मीदें—सब कुछ विद्यालय और डीआईओएस कार्यालय की गैर-जिम्मेदाराना कार्यप्रणाली की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है।
जानकारी के अनुसार, परीक्षा से ऐन पहले छात्रों के पंजीकरण, विषय कोड अथवा परीक्षा केंद्र से जुड़ी आवश्यक औपचारिकताओं में भारी अनियमितता सामने आई है। इसके चलते सैकड़ों छात्र असमंजस की स्थिति में हैं कि वे परीक्षा दे भी पाएंगे या नहीं। अभिभावकों और छात्रों में भारी आक्रोश है, वहीं शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं।

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यह केवल एक प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि 700 छात्रों के भविष्य के साथ खुला खिलवाड़ है। परीक्षा जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में इस स्तर की लापरवाही ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारियों की जवाबदेही तय करना अब बेहद जरूरी हो गया है। छात्रों का कहना है कि उन्होंने समय से सभी दस्तावेज जमा किए थे, इसके बावजूद आज वे मानसिक तनाव और अनिश्चितता से जूझ रहे हैं।
अभिभावकों ने मांग की है कि दोषी अधिकारियों और संबंधित विद्यालय प्रबंधन पर तत्काल कार्रवाई हो तथा छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए विशेष व्यवस्था की जाए। यदि समय रहते समाधान नहीं निकला तो यह मामला बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है।
शिक्षाविदों का मानना है कि बोर्ड परीक्षा देश की शिक्षा प्रणाली की रीढ़ होती है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न केवल छात्रों का मनोबल तोड़ती है, बल्कि पूरे सिस्टम पर अविश्वास पैदा करती है। प्रशासन को चाहिए कि वह तुरंत हस्तक्षेप कर तकनीकी व प्रशासनिक त्रुटियों को दूर करे और छात्रों को परीक्षा में बैठने का पूरा अवसर दे।

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अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन और माध्यमिक शिक्षा परिषद पर टिकी हैं कि वे इस संकट से छात्रों को कैसे उबारते हैं। यदि त्वरित निर्णय नहीं लिया गया, तो इसका सीधा असर छात्रों के करियर और जिले की शिक्षा छवि पर पड़ेगा।

जर्जर हथिनी–सरवां सड़क से ग्रामीणों की बढ़ी मुश्किलें

हथिनी–सरवां मार्ग की मरम्मत जरूरी: जर्जर सड़क से बढ़ रहा हादसों का खतरा, मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग


मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। मऊ–बलिया–लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर ट्रेलरों और भारी वाहनों की लगातार बढ़ती आवाजाही ने दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ा दिया है। ऐसे में जनपद मुख्यालय तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक ग्रामीण मार्गों का महत्व और बढ़ जाता है। रतनपुरा विकासखंड के लिए हथिनी–सरवां मार्ग एक सुरक्षित और सुविधाजनक संपर्क मार्ग माना जाता है, लेकिन मरम्मत और पीचकरण के अभाव में यह सड़क बेहद जर्जर हो चुकी है।

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3 किमी की सड़क, हजारों लोगों की परेशानी
यदि लगभग 3 किलोमीटर लंबे हथिनी–सरवां मार्ग का पीचकरण करा दिया जाए, तो रतनपुरा क्षेत्र के लोग राष्ट्रीय राजमार्ग 128 बी पर निर्भर हुए बिना सीधे और सुरक्षित रूप से मऊ जनपद मुख्यालय पहुंच सकते हैं। लोक निर्माण विभाग द्वारा केवल गड्ढों की पटाई कर दी गई है, लेकिन डामरीकरण न होने से सड़क पर धूल, गिट्टी और उबड़-खाबड़ सतह बनी हुई है, जिससे रोजाना आवागमन जोखिम भरा हो गया है।
25 से अधिक गांव प्रभावित
समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव ठाकुर रमेश सिंह चौहान ने बताया कि रतनपुरा, सेहबरपुर, गाढ़ा, मुस्तफाबाद, पिपरासाथ, पिंडोहरी, मखना, लसरा, बीबीपुर, खालिसपुर, इटौरा सहित करीब 25 गांवों के लोग इसी मार्ग से हथिनी–सरवां होते हुए मऊ मुख्यालय जाते हैं। सड़क की बदहाली के कारण लोगों को मजबूरी में राष्ट्रीय राजमार्ग 128 बी का उपयोग करना पड़ता है, जहां ट्रेलरों की अधिकता से हादसे लगातार बढ़ रहे हैं।

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बजट के अभाव में अटका काम
लोक निर्माण विभाग का कहना है कि बजट उपलब्ध न होने के कारण सड़क का जीर्णोद्धार संभव नहीं हो पा रहा। विभाग ने जनप्रतिनिधियों से पहल कर बजट उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है, ताकि इस महत्वपूर्ण ग्रामीण मार्ग का कायाकल्प किया जा सके।
मुख्यमंत्री को पत्र, जल्द कार्रवाई की मांग
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष रामाश्रय मौर्य ने योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर हथिनी–सरवां मार्ग की तत्काल मरम्मत और पीचकरण कराने की मांग की है। पत्र में सड़क की जर्जर हालत, बढ़ती दुर्घटनाएं और ग्रामीणों की परेशानियों का उल्लेख करते हुए शीघ्र हस्तक्षेप का अनुरोध किया गया है।

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जनहित और सुरक्षा का सवाल
हथिनी–सरवां मार्ग का दुरुस्तीकरण न केवल रतनपुरा क्षेत्र के लोगों के लिए राहत लेकर आएगा, बल्कि राष्ट्रीय राजमार्ग 128 बी पर यातायात का दबाव भी कम करेगा। इससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी और ग्रामीण क्षेत्रों को सुरक्षित, सुगम आवागमन मिलेगा। स्थानीय नागरिकों ने भी प्रशासन से मांग की है कि जनहित को देखते हुए इस सड़क का तत्काल पीचकरण कराया जाए।

पीएम मोदी का संदेश: विकसित भारत के लिए औपनिवेशिक सोच से मुक्ति जरूरी

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नए प्रधानमंत्री कार्यालय सेवा तीर्थ का उद्घाटन किया। इसके साथ ही केंद्रीय सचिवालय परिसर की दो नई इमारतों को कर्तव्य भवन 1 और कर्तव्य भवन 2 के नाम से राष्ट्र को समर्पित किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक जैसी पुरानी इमारतें औपनिवेशिक काल की मानसिकता और गुलामी का àप्रतीक थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकसित भारत की यात्रा में औपनिवेशिक सोच से मुक्ति बेहद आवश्यक है।

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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सेवा तीर्थ उद्घाटन केवल एक भवन का लोकार्पण नहीं है, बल्कि यह नए भारत की कार्यसंस्कृति और सोच का प्रतीक है। यह कार्यालय ‘सेवा, सुशासन और संवेदनशीलता’ की भावना को मजबूत करेगा। उन्होंने बताया कि कर्तव्य भवन आधुनिक प्रशासनिक जरूरतों के अनुरूप बनाए गए हैं, जहां पारदर्शिता, दक्षता और जनसेवा को प्राथमिकता दी जाएगी।
सेवा तीर्थ: नए भारत की प्रशासनिक पहचान
प्रधानमंत्री ने कहा कि सेवा तीर्थ नाम अपने आप में प्रशासन के मूल उद्देश्य को दर्शाता है—जनसेवा। यह नया प्रधानमंत्री कार्यालय अत्याधुनिक तकनीक, पर्यावरण अनुकूल संरचना और भारतीय वास्तुकला के मूल्यों का समावेश है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह भवन आने वाले दशकों तक सुशासन की रीढ़ बनेगा और नीति निर्माण को और अधिक प्रभावी बनाएगा।

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कर्तव्य भवन से बदलेगी प्रशासनिक कार्यसंस्कृति
कर्तव्य भवन 1 और 2 के उद्घाटन के साथ ही केंद्रीय सचिवालय का स्वरूप पूरी तरह आधुनिक हो गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘कर्तव्य’ शब्द यह याद दिलाता है कि सरकार का हर निर्णय और हर कदम नागरिकों के प्रति जवाबदेह है। कर्तव्य भवन में कार्यरत अधिकारी अधिक समन्वय, बेहतर सुविधाओं और तेज़ निर्णय प्रक्रिया के साथ काम कर सकेंगे।
औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति का आह्वान
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सेवा तीर्थ उद्घाटन और कर्तव्य भवन भारत की उस सोच का प्रतीक हैं, जो आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का निर्माण तभी संभव है, जब हम गुलामी की विरासत से आगे बढ़ें और अपनी पहचान, संस्कृति और मूल्यों पर गर्व करें।

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प्रधानमंत्री ने यह भी जोड़ा कि ये नई इमारतें आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेंगी और शासन में जनभागीदारी को और मजबूत बनाएंगी। सेवा तीर्थ उद्घाटन के साथ भारत ने प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक और मजबूत कदम बढ़ाया है।