कई जिलों के डीएम बदले, शासन स्तर पर भी तबादले
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए कई आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। इस फेरबदल में देवरिया, जौनपुर, मऊ, महाराजगंज, फिरोजाबाद, मुरादाबाद, संभल और प्रतापगढ़ समेत कई जिलों के जिलाधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। शासन स्तर पर भी विशेष सचिव, विकास प्राधिकरण, नगर निगम और आयोगों में तैनात अधिकारियों के कार्यक्षेत्र बदले गए हैं।
प्रदेश सरकार द्वारा जारी सूची के अनुसार मधुसूदन हुल्गी को देवरिया का नया जिलाधिकारी बनाया गया है। इससे पहले वे मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेष सचिव और उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद में अपर आवास आयुक्त के पद पर तैनात थे। वहीं देवरिया की जिलाधिकारी रहीं दिव्या मित्तल को राजस्व विभाग में विशेष सचिव की जिम्मेदारी दी गई है।
डा. दिनेश चन्द्र को जौनपुर, प्रवीण मिश्रा को मऊ, संतोष कुमार शर्मा को महाराजगंज, रमेश रंजन को फिरोजाबाद, अनुज सिंह को मुरादाबाद, राजेंद्र पेंसिया को संभल तथा शिव सहाय अवस्थी को प्रतापगढ़ का जिलाधिकारी बनाया गया है।
इसके अलावा शासन स्तर पर भी कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। आनन्द वर्धन को गोरखपुर विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष बनाया गया है, जबकि गौरव सिंह सोगरवाल को नगर आयुक्त नगर निगम गोरखपुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अंकित खंडेलवाल को नगर आयुक्त नगर निगम आगरा बनाया गया है।
सैमुअल पाल एन. को प्रबंध निदेशक केस्को के साथ अपर आयुक्त राज्य कर कानपुर प्रथम का दायित्व दिया गया है। अभिषेक पाण्डेय को अपर भूमि व्यवस्था आयुक्त राजस्व परिषद नियुक्त किया गया है। डॉ. अल्का वर्मा को निदेशक (प्रशासन) चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं बनाया गया है। नेहा जैन को विशेष सचिव आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग तथा प्रबंध निदेशक यूपी डेस्को की जिम्मेदारी मिली है। समीर को विशेष सचिव वित्त विभाग एवं रजिस्ट्रार फर्म, चिट्स एवं सोसायटी बनाया गया है। सी. इन्दुमती को विशेष सचिव चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग तथा संयुक्त प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश राज्य चीनी निगम नियुक्त किया गया है।
डा. वन्दना वर्मा को निदेशक महिला कल्याण विभाग एवं प्रबंध निदेशक महिला कल्याण निगम, अंकुर कौशिक को मुख्य कार्यपालक अधिकारी उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण तथा अवनीश सक्सेना को सचिव उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग बनाया गया है।
सरकार के इस प्रशासनिक फेरबदल को आगामी विकास योजनाओं, प्रशासनिक कसावट और जनसेवा को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। कई जिलों में नए अधिकारियों की नियुक्ति से विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
