Monday, May 4, 2026
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त्योहारों और यूपी बोर्ड परीक्षा को लेकर कानून-व्यवस्था की समीक्षा, सख्त निर्देश जारी

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मऊ(राष्ट्र की परम्परा)। आगामी त्यौहारों एवं यूपी बोर्ड परीक्षाओं को सकुशल संपन्न कराने तथा जनपद में शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस लाइन मऊ के सभागार कक्ष में कानून-व्यवस्था एवं अपराध समीक्षा गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी की अध्यक्षता पुलिस उपमहानिरीक्षक आजमगढ़ परिक्षेत्र ने की। बैठक में पुलिस अधीक्षक , अपर पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ ग्रामीण , अपर पुलिस अधीक्षक मऊ सहित समस्त क्षेत्राधिकारी, प्रभारी निरीक्षक, थानाध्यक्ष एवं शाखा प्रभारी उपस्थित रहे।

बैठक में अपराध नियंत्रण एवं कानून-व्यवस्था के विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि छोटी-छोटी घटनाओं पर भी सतर्क दृष्टि रखें और आवश्यक विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करें। किसी भी गंभीर घटना की स्थिति में तत्काल घटनास्थल का निरीक्षण कर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाए। जनशिकायतों एवं आईजीआरएस प्रार्थना पत्रों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण करते हुए मौके का निरीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाए।

अपराधों की रोकथाम के लिए पैदल गश्त और पिकेट व्यवस्था सुदृढ़ करने, बीट प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने तथा पूर्व में संलिप्त अपराधियों का अभियान चलाकर सत्यापन करने के निर्देश दिए गए। उनके विरुद्ध प्रभावी निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया।

आगामी त्योहारों के मद्देनजर मंदिरों, मस्जिदों एवं भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर विशेष गश्त और पिकेट ड्यूटी लगाने को कहा गया। सोशल मीडिया पर सतर्क निगरानी रखते हुए अफवाहों का तत्काल खंडन करने तथा सभी थानों में पीस कमेटी की बैठकें आयोजित कर आमजन को आवश्यक दिशा-निर्देशों से अवगत कराने के निर्देश दिए गए। त्योहारों के दौरान प्रमुख मार्गों एवं धार्मिक स्थलों का भौतिक निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने पर भी जोर दिया गया।

मिशन शक्ति केंद्र के अंतर्गत महिला हेल्प डेस्क, एंटी रोमियो टीम एवं महिला बीट पुलिस को सक्रिय रूप से कार्य करने के निर्देश दिए गए। महिला शिकायतकर्ताओं के साथ विनम्र व्यवहार सुनिश्चित करने तथा छेड़खानी, यौन उत्पीड़न एवं साइबर अपराध के मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने को कहा गया।

यूपी बोर्ड परीक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। परीक्षा अवधि में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाते हुए विभिन्न परीक्षा केंद्रों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहने को कहा गया, ताकि परीक्षाएं शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष रूप से संपन्न हो सकें।

दो वांछित अभियुक्त गिरफ्तार, रुद्रपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)जनपद देवरिया में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रुद्रपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस टीम ने धोखाधड़ी समेत गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस द्वारा यह कार्रवाई मुखबिर की सूचना के आधार पर की गई।पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन के निर्देशन में अपराध नियंत्रण अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी आनंद कुमार पाण्डेय और क्षेत्राधिकारी हरिराम यादव के पर्यवेक्षण में रुद्रपुर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ा। पुलिस ने दोनों अभियुक्तों को सनकोटिया मंदिर के पास से गिरफ्तार किया।गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान किशन रावत निवासी जोतबनकट दूधनाथ टोला रामचक थाना रुद्रपुर तथा पिण्टू तिवारी उर्फ श्याम कुमार तिवारी निवासी तारासारा थाना रुद्रपुर के रूप में हुई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना रुद्रपुर में वर्ष 2025 में दर्ज मुकदमा संख्या 272/2025 में भारतीय दंड संहिता की कई गंभीर धाराओं जैसे धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश से संबंधित मामले दर्ज हैं।पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी किशन रावत के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। वर्ष 2021 में उसके खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट से संबंधित मुकदमे दर्ज हुए थे। इसके अलावा आरोपी पर गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई हो चुकी है।गिरफ्तारी टीम में उपनिरीक्षक विरेन्द्र कुमार के साथ कांस्टेबल सूरज यादव, आशीष यादव और राजेश यादव शामिल रहे। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई पूरी कर न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है। जनपद में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस का अभियान आगे भी जारी रहेगा।

यूपी बोर्ड परीक्षा 2026: आगरा में नकल पर सख्त पहरा

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यूपी बोर्ड परीक्षा 2026: आगरा प्रशासन की सख्त रणनीति, 1.21 लाख परीक्षार्थियों के लिए कड़ा सुरक्षा प्लान


आगरा (राष्ट्र की परम्परा)।यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 को नकलविहीन, शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए आगरा जिला प्रशासन ने व्यापक और सख्त रणनीति लागू कर दी है। 18 फरवरी से शुरू हो रही हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं को लेकर जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर सीधी कार्रवाई होगी।
सूरसदन प्रेक्षागृह में आयोजित समीक्षा बैठक में केंद्र व्यवस्थापक, जोनल, सेक्टर और स्टेटिक मजिस्ट्रेटों को परीक्षा संचालन से जुड़े सभी दिशा-निर्देशों की जानकारी दी गई। प्रशासन का फोकस साफ है—यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 पूरी तरह नकलमुक्त हो और हर परीक्षार्थी को सुरक्षित व निष्पक्ष माहौल मिले।

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1.21 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं होंगे शामिल
जिला प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार आगरा जिले में हाईस्कूल परीक्षा में 60,371 और इंटरमीडिएट परीक्षा में 61,551 परीक्षार्थी शामिल होंगे। इस तरह कुल 1,21,922 विद्यार्थी यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 में बैठेंगे। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए प्रशासन ने निगरानी और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
154 परीक्षा केंद्र, 6 जोन और 15 सेक्टर
पूरे जिले के 154 परीक्षा केंद्रों को छह जोन और 15 सेक्टरों में बांटा गया है। निगरानी के लिए छह जोनल मजिस्ट्रेट, 15 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 172 स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। इसके अलावा 18 अति संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर अतिरिक्त मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को तुरंत रोका जा सके।

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नकल और पेपर लीक पर जीरो टॉलरेंस
जिलाधिकारी ने साफ निर्देश दिए हैं कि नकल माफिया, फर्जी परीक्षार्थी और पेपर लीक जैसी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाए। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, पर्याप्त रोशनी, स्वच्छ शौचालय और पेयजल की व्यवस्था अनिवार्य की गई है। छात्राओं की तलाशी केवल महिला पुलिसकर्मी और महिला शिक्षिकाएं ही करेंगी।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह प्रतिबंधित
मोबाइल फोन, कैलकुलेटर, स्मार्ट वॉच और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। प्रवेश से पहले सघन जांच होगी और संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

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परीक्षा तिथि और समय
अपर जिलाधिकारी नगर यमुनाधर चौहान के अनुसार यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 18 फरवरी से 12 मार्च 2026 तक चलेगी।
सुबह की पाली: 8:30 से 11:45 बजे
दोपहर की पाली: 2:00 से 5:15 बजे
कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन
परीक्षा अवधि के दौरान डीआईओएस कार्यालय में कंट्रोल रूम सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक सक्रिय रहेगा। किसी भी समस्या के लिए हेल्पलाइन नंबर 9997156949 जारी किया गया है।
प्रशासन की प्राथमिकता
जिला प्रशासन का मानना है कि सख्त निगरानी, जिम्मेदार अधिकारियों और पारदर्शी व्यवस्था के चलते यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 पूरी तरह निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होगी।

आधा-अधूरा इंटरलॉकिंग, लाखों का भुगतान

बड़हरा राजा में इंटरलॉकिंग घोटाले’ की गूंज, ग्रामीणों ने मांगी उच्चस्तरीय जांच

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। सदर ब्लाक की ग्राम पंचायत बड़हरा राजा में इंटरलॉकिंग निर्माण कार्य को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि आधा-अधूरा कार्य होने के बावजूद लाखों रुपये का भुगतान कर दिया गया है। मामले ने तूल पकड़ लिया है और गांव में इसे लेकर आक्रोश व्याप्त है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बालकेश के घर से पूरब पलटू के घर होते हुए दक्षिण में उपेंद्र की झोपड़ी तक कराए गए इंटरलॉकिंग कार्य की गुणवत्ता और चौड़ाई पर गंभीर सवाल हैं। कहीं सड़क की चौड़ाई एक मीटर, कहीं आधा मीटर तो कहीं दो से तीन मीटर तक बताई जा रही है। आरोप है कि स्वीकृत बजट और स्टीमेट के विपरीत कार्य किया गया, जबकि कागजों में पूरी राशि खर्च दर्शा दी गई।
ग्रामीणों का दावा है कि इस मार्ग पर दुर्गा ट्रेडिंग कंपनी के नाम से बड़ी धनराशि निकाली गई। उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार 31 जनवरी 2026 को पंचम राज्य वित्त से ₹1,49,968 मजदूरों के नाम पर तथा पंद्रहवीं राज्य वित्त से ₹31,800 का भुगतान दर्शाया गया। इसके बाद 13 फरवरी 2026 को पुनः ₹1,20,368 की धनराशि निकासी का उल्लेख है। कुल मिलाकर तीन किश्तों में लाखों रुपये का भुगतान दिखाया गया है, जबकि मौके पर कार्य अधूरा बताया जा रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि मार्ग की अनुमानित लागत से अधिक खर्च दर्शाकर भुगतान कराया गया। कई स्थानों पर इंटरलॉकिंग अधूरी है, किनारों का समतलीकरण नहीं हुआ और जल निकासी की व्यवस्था भी नहीं की गई।
मामले ने नया मोड़ तब लिया जब ग्राम पंचायत के बालकेश ने दावा किया कि जिस मार्ग पर निर्माण हुआ है वह भूमि विवादित है और न्यायालय में विचाराधीन है। उन्होंने गाटा संख्या 468 को अपनी निजी जमीन बताया। यदि यह दावा सही पाया जाता है तो सार्वजनिक धन से निजी भूमि पर निर्माण कराए जाने का मामला और गंभीर हो सकता है।
ग्रामीणों ने कार्य की स्वीकृत स्टीमेट, लंबाई- चौड़ाई और खर्च का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की है ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। उनका कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो ग्राम निधि के दुरुपयोग की यह प्रवृत्ति अन्य कार्यों में भी दोहराई जा सकती है।
मामले में संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी। अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।
ग्राम पंचायत बड़हरा राजा का यह प्रकरण ग्रामीण विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर रहा है। यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह केवल एक गांव का नहीं, बल्कि व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करेगा।

पतिदेव की कहानी

वादा करो कि बेलन का उपयोग
चपाती बनाने के लिये ही करोगी,
वादा दिवस, पति देव की कहानी
सुनिये कहानी उन्हीं की ज़ुबानी।

प्रेम विवाह और उनकी ज़िंदगी,
घर से भाग कोर्ट में कर ली शादी,
कुछ दिन मौजें, फिर शुरू झगड़े,
प्रेम भूत उतरा और बोल बिगड़े।

वैलेंटाइन डे से शुरू प्रेम की पैंगें,
रोज़ डे, प्रपोज़ डे, चाकलेट डे,
टेडी डे, प्रोमिज डे, हग डे, किस डे,
वैलेंटाइन डे और बस फिर बेलन डे।

पाश्चात्य संस्कृति पाश्चात्य ढंग,
कोर्ट में शादी, कोर्ट में शादी भंग,
जब जवानी में कदम डगमगाया,
बिगड़ी जवानी, बिगड़ गया बुढ़ापा।

बिज़नेस शादी, शादी बिज़नेस,
टूट गया एग्रीमेंट, बिज़नेस ख़त्म,
बिज़नेस ख़त्म तो शादी भी ख़त्म,
जीवन में यूँ होता सब कुछ ख़त्म।

इसमें उलझे उलझे युवा वृद्ध सब
पुलवामा बलिदानी सैनिक जज़्बा,
भूल गये आज का शहीद दिवस,
आदित्य वैलेंटाइन याद विवश।

विद्यावाचस्पति डॉ कर्नल
आदिशंकर मिश्र, ‘आदित्य’

पाक्सो एक्ट मामले में वांछित आरोपी गिरफ्तार, पुलिस की सख्त कार्रवाई

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)।जनपद में अपराध नियंत्रण अभियान के तहत पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। रुद्रपुर थाना पुलिस ने पाक्सो एक्ट से जुड़े गंभीर मामले में वांछित चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी आनंद कुमार पाण्डेय और क्षेत्राधिकारी हरिराम यादव के पर्यवेक्षण में रुद्रपुर थाना पुलिस सक्रिय रूप से कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में पुलिस ने थाना रुद्रपुर में दर्ज मुकदमा संख्या 076/2026 से संबंधित आरोपी को पकड़ने में सफलता प्राप्त की।पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान अरबाज पुत्र करामत निवासी थाना क्षेत्र रुद्रपुर के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 64(1), 351(3) और पाक्सो एक्ट की धारा 3/4 के तहत मामला दर्ज था। पुलिस टीम को मुखबिर से आरोपी के ठिकाने की सूचना मिली थी, जिसके आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को सतुआभार क्षेत्र के पास से गिरफ्तार किया गया।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद नियमानुसार विधिक कार्रवाई पूरी की जा रही है और उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में अपराध और अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।गिरफ्तारी अभियान में उपनिरीक्षक बालगंगाधर शुक्ला और कांस्टेबल आशीष यादव ने अहम भूमिका निभाई। पुलिस की इस कार्रवाई को क्षेत्र में कानून व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

आगरा प्रशासन का बड़ा अभियान, अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर कसा शिकंजा

आगरा (राष्ट्र की परम्परा)।आगरा में अवैध खनन पर कार्रवाई को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक स्तर पर प्रवर्तन अभियान तेज कर दिया है। प्रशासनिक स्तर पर लगातार चलाए जा रहे इस अभियान के तहत राजस्व, खनन, परिवहन तथा पुलिस विभाग की संयुक्त टीमों द्वारा प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। जिले में खनिज संपदा के अवैध दोहन, ओवरलोडिंग तथा बिना वैध अनुमति के परिवहन पर रोक लगाने के उद्देश्य से विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, अवैध खनन पर कार्रवाई के लिए रात्री गश्त और सघन जांच अभियान विशेष रूप से प्रभावी साबित हो रहे हैं। इसी क्रम में संयुक्त टास्क फोर्स द्वारा बीती रात महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई, जिसमें अवैध रूप से उपखनिज गिट्टी परिवहन कर रहे वाहनों को पकड़ा गया।
विशेष चेकिंग अभियान में 47 वाहनों की जांच
खनन विभाग और थाना सैंया पुलिस की संयुक्त टीम ने आगरा-ग्वालियर रोड पर सैंया चौराहे के समीप सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान करीब 47 वाहनों की बारीकी से जांच की गई। अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान दो वाहन बिना आईएसटीपी (इंटर स्टेट ट्रांजिट पास) और निर्धारित मानकों से अधिक ओवरलोड उपखनिज गिट्टी का परिवहन करते हुए पाए गए।
प्रशासन ने दोनों वाहनों को तत्काल प्रभाव से अवरुद्ध करते हुए थाना सैंया परिसर में नियमानुसार जब्त कर लिया। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इन वाहनों पर पहले से 12 ई-नोटिस लंबित थे। संबंधित वाहन चालकों से मौके पर ही सभी ई-नोटिस जमा करवाए गए।
अवैध खनन पर कार्रवाई से खनिज माफिया पर लगाम
जिला प्रशासन का मानना है कि आगरा में अवैध खनन पर कार्रवाई से खनिज माफिया की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगेगा। अवैध खनन से न केवल राजस्व की हानि होती है बल्कि पर्यावरणीय संतुलन पर भी गंभीर प्रभाव पड़ता है। ओवरलोडिंग से सड़कों की गुणवत्ता खराब होने के साथ-साथ सड़क दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ जाती है।
अधिकारियों ने बताया कि कई वाहन मालिक नियमों की अनदेखी कर अवैध तरीके से खनिज परिवहन करते हैं। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करते हुए प्रशासन दंडात्मक कार्यवाही के साथ-साथ वाहन जब्ती जैसे कठोर कदम उठा रहा है।
संयुक्त टास्क फोर्स की लगातार निगरानी
प्रशासन द्वारा गठित संयुक्त टास्क फोर्स जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रही है। यह टीम विशेष रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में आकस्मिक जांच अभियान चला रही है। टास्क फोर्स में राजस्व, खनन, परिवहन और पुलिस विभाग के अधिकारी शामिल हैं, जिससे कार्रवाई अधिक प्रभावी और पारदर्शी बन रही है।
जिला प्रशासन का कहना है कि आगरा में अवैध खनन पर कार्रवाई को निरंतर अभियान के रूप में चलाया जाएगा। भविष्य में भी रात्री चेकिंग, अचानक निरीक्षण और सघन प्रवर्तन जारी रहेगा।
ओवरलोडिंग के खिलाफ सख्त रुख
ओवरलोडिंग को लेकर प्रशासन ने शून्य सहिष्णुता नीति अपनाई है। अधिकारियों का कहना है कि ओवरलोड वाहनों से सड़क संरचना को भारी नुकसान पहुंचता है, जिससे सरकारी संसाधनों पर अतिरिक्त भार पड़ता है। इसके अलावा ओवरलोड वाहन यातायात व्यवस्था को प्रभावित करते हैं और दुर्घटनाओं का जोखिम भी बढ़ाते हैं।
खनन विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ भारी जुर्माना, वाहन जब्ती तथा अन्य कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
पर्यावरण संरक्षण भी अभियान का प्रमुख उद्देश्य
अवैध खनन पर कार्रवाई का एक प्रमुख उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण भी है। अवैध खनन से भूजल स्तर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है तथा प्राकृतिक संसाधनों का अनियंत्रित दोहन होता है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अवैध खनन में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि अवैध खनन से नदी तटों की संरचना प्रभावित होती है और इससे बाढ़ जैसी आपदाओं की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में प्रशासन की कार्रवाई पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
जन सहयोग की अपील
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं अवैध खनन या ओवरलोडिंग की गतिविधि दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित विभाग को दें। प्रशासन का मानना है कि जन सहयोग से ही अवैध खनन पर कार्रवाई को पूरी तरह सफल बनाया जा सकता है।
अधिकारियों ने कहा कि प्रशासन पूरी पारदर्शिता के साथ अभियान चला रहा है और दोषियों के खिलाफ बिना किसी दबाव के कार्रवाई की जाएगी।
भविष्य में और तेज होगा अभियान
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार आने वाले समय में इस अभियान को और अधिक व्यापक बनाया जाएगा। जिले के अन्य संवेदनशील मार्गों और क्षेत्रों में भी विशेष निगरानी बढ़ाई जाएगी। टास्क फोर्स को तकनीकी संसाधनों से लैस कर निगरानी तंत्र को मजबूत किया जा रहा है।
आगरा में अवैध खनन पर कार्रवाई को लेकर प्रशासन की सक्रियता से यह संदेश गया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

बी, सी और डी ग्रेड योजनाओं पर डीएम सख्त

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। विकास कार्यों में ढिलाई अब बर्दाश्त नहीं होगी। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने कैंप कार्यालय में सीएम डैशबोर्ड पर विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए साफ कहा कि बी, सी और डी ग्रेड किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं। जिन योजनाओं में प्रगति खराब है, उनमें संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
समीक्षा बैठक में पंचायतीराज, कृषि, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल कल्याण, सहकारिता, पर्यटन, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, उद्योग समेत कई विभागों की परियोजनाओं की प्रगति की विस्तार से जांच की गई। पर्यटन परियोजनाओं में देरी पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने कार्यदायी संस्था से समन्वय कर परियोजनाओं को समयबद्ध पूरा करने के निर्देश दिए। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को भवन निर्माण कार्यों की रफ्तार बढ़ाने के लिए कहा गया।
छात्रवृत्ति योजनाओं में अपेक्षित प्रगति न होने पर असंतोष जताते हुए डीएम ने प्रभावी कार्यवाही कर सुधार के निर्देश दिए। पंचायत सहायकों के माध्यम से फैमिली आईडी बनाने की प्रक्रिया तेज करने को कहा गया।
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत इस माह लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश देते हुए उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने को कहा। पीएम कुसुम योजना में खराब प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उपनिदेशक कृषि को स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए।
दुग्ध एवं मत्स्य विभाग को सहकारी समितियों और सदस्य संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए। सीएमओ को 102 और 108 एंबुलेंस सेवा का रिस्पांस टाइम बेहतर करने के निर्देश देते हुए कहा गया कि जरूरतमंद तक एंबुलेंस समय पर पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाए। कन्या सुमंगला योजना के तहत पुनः सत्यापन के लंबित आवेदनों को इसी माह निस्तारित करने को कहा गया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह, सीएमओ डॉ. नवनाथ प्रसाद, परियोजना निदेशक रामदरश चौधरी, उपायुक्त श्रम रोजगार गौरवेंद्र सिंह, एआर कोऑपरेटिव सुनील गुप्ता, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी कन्हैया यादव, सहायक पर्यटन अधिकारी प्रभाकर मणि त्रिपाठी, श्रेया मिश्रा सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
डीएम ने अंत में स्पष्ट कहा कि सभी अधिकारी अपने-अपने विभाग की योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करें और यह सुनिश्चित करें कि जनहित की योजनाओं में किसी प्रकार की लापरवाही न हो।

पटना पुलिस अलर्ट, वैलेंटाइन डे को लेकर बढ़ाई गई सुरक्षा

पटना में वैलेंटाइन डे का विरोध: हिंदू शिव भवानी सेना ने कपल्स को थमाई हनुमान चालीसा, पुलिस अलर्ट

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) वैलेंटाइन डे विरोध के बीच आज बिहार की राजधानी में उस वक्त अजीबोगरीब नजारा देखने को मिला, जब हिंदू शिव भवानी सेना के कार्यकर्ताओं ने सार्वजनिक स्थानों पर घूम रहे कपल्स का विरोध किया। यह घटनाक्रम पटना के प्रमुख स्थल बुद्ध स्मृति पार्क के आसपास देखा गया, जहां कई प्रेमी जोड़े वैलेंटाइन डे के मौके पर पहुंचे थे।
कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर कपल्स का हाथ छुड़वाकर उन्हें हनुमान चालीसा थमाई। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। देखा जा सकता है कि पार्क में मौजूद एक कपल को देखकर संगठन के कार्यकर्ता युवक के हाथ में हनुमान चालीसा देते हैं और भारतीय संस्कृति का हवाला देते हुए वैलेंटाइन डे का विरोध करते हैं।

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भारतीय संस्कृति बनाम वैलेंटाइन डे
हिंदू शिव भवानी सेना के कार्यकर्ताओं का कहना है कि वैलेंटाइन डे भारतीय संस्कृति का हिस्सा नहीं है। संगठन के अनुसार, सार्वजनिक स्थानों पर “अश्लीलता” बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यदि कोई सामाजिक मर्यादा तोड़ने की कोशिश करेगा तो उसका विरोध किया जाएगा। कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि उनका उद्देश्य युवाओं को भारतीय संस्कारों की ओर मोड़ना है।
पोस्टर विवाद और चेतावनी
14 फरवरी से पहले ही संगठन ने पटना वैलेंटाइन डे विरोध का ऐलान कर दिया था। सेना के अध्यक्ष लव कुमार सिंह उर्फ रुद्र ने शहर की सड़कों पर पोस्टर लगवाए थे। पोस्टर में प्रेमी जोड़ों को कड़ी चेतावनी देते हुए लिखा गया था—
“जहां मिलेंगे बाबू-सोना, तोड़ देंगे कोना-कोना।”
लव कुमार सिंह ने यह भी कहा था कि वैलेंटाइन डे की बजाय पुलवामा के वीर शहीदों को सम्मान दिया जाना चाहिए।

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प्रशासन और पुलिस अलर्ट
इस घटनाक्रम के बाद पटना पुलिस और जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। सार्वजनिक स्थलों, पार्कों और कॉलेज परिसरों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि माहौल बिगाड़ने या कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया पर बहस तेज
पटना में वैलेंटाइन डे विरोध का यह वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है। कुछ लोग इसे संस्कृति की रक्षा बता रहे हैं, तो कई यूजर्स इसे निजी स्वतंत्रता में हस्तक्षेप मान रहे हैं। कुल मिलाकर, पटना वैलेंटाइन डे विरोध अब केवल शहर तक सीमित नहीं, बल्कि देशभर में चर्चा का विषय बन गया है।

साइबर ठगी के शिकार को मिली बड़ी राहत, ₹35,000 की पूरी रकम वापस

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। साइबर अपराध के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए महराजगंज पुलिस ने एक बार फिर त्वरित कार्रवाई कर पीड़ित को बड़ी राहत दिलाई है। पुलिस अधीक्षक सोमेन्द्र मीना के निर्देश पर साइबर फ्रॉड के मामलों में तेजी से कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के निर्देशन एवं क्षेत्राधिकारी सदर जयप्रकाश त्रिपाठी के मार्गदर्शन में थाना कोतवाली की साइबर सेल टीम ने सराहनीय सफलता हासिल की।
ग्राम गिंठहा, थाना कोतवाली निवासी श्याम सुन्दर गौड़ ने 08 अक्टूबर 2025 को ऑनलाइन साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके बैंक खाते से ₹35,000/- की ठगी कर ली गई है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए साइबर सेल टीम ने तत्काल तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई शुरू की। डिजिटल ट्रैकिंग और समन्वित प्रयासों के जरिए ठगी गई पूरी धनराशि को होल्ड कराया गया और अंततः 14 फरवरी 2026 को पीड़ित के बैंक खाते में सुरक्षित रूप से वापस करा दिया गया।
बरामदगी करने वाली टीम में उ.नि. सूरज कुमार, का0 आनन्द सिंह चौहान, का0 अमरनाथ गौड़ तथा म0का0 साधना चौबे शामिल रहे।
यह कार्रवाई जनपद पुलिस की सक्रियता, संवेदनशीलता और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार हो रही सख्ती से यह संदेश स्पष्ट है कि ठगी करने वालों की अब खैर नहीं।

समाधान दिवस में भूमि विवाद मामलों पर प्रशासन सख्त, पुलिस और राजस्व टीम को संयुक्त जांच के निर्देश

औरैया (राष्ट्र की परम्परा)जन समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान को प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन लगातार सक्रिय नजर आ रहा है। इसी क्रम में जिला अधिकारी द्वारा आयोजित समाधान दिवस में लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनके निष्पक्ष और समयबद्ध समाधान के निर्देश दिए गए। समाधान दिवस में शिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रशासन और पुलिस विभाग को संयुक्त रूप से कार्य करने पर विशेष बल दिया गया।
जनपद औरैया में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा जनता की शिकायतों का मौके पर समाधान सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी ने थाना अयाना में आयोजित समाधान दिवस में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने फरियादियों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को सुना और संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
समाधान दिवस के दौरान बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचे। जिलाधिकारी ने स्वयं आवेदन पत्र प्राप्त करते हुए प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से संज्ञान में लिया। उन्होंने संबंधित हल्का इंचार्ज और लेखपाल को निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों की स्थलीय जांच कर निर्धारित समय सीमा के भीतर नियमानुसार समाधान सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण में केवल औपचारिक कार्रवाई न की जाए, बल्कि वास्तविक स्थिति का गहन अध्ययन कर स्थाई समाधान किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि समाधान दिवस का उद्देश्य केवल शिकायत दर्ज करना नहीं बल्कि समस्याओं का स्थायी और संतोषजनक समाधान करना है।
समाधान दिवस में सबसे अधिक शिकायतें भूमि विवाद और अवैध कब्जे से संबंधित प्राप्त हुईं। इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित थाना प्रभारी और राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे पुलिस और राजस्व टीम के समन्वय से मौके पर जाकर जांच करें। उन्होंने कहा कि भूमि विवाद जैसे मामलों में जल्दबाजी में निर्णय लेने के बजाय दोनों पक्षों की उपस्थिति में निष्पक्ष जांच की जाए, जिससे भविष्य में विवाद की पुनरावृत्ति न हो।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि किसी भी शिकायत के निस्तारण में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जब शिकायतों का समाधान सभी पक्षों की संतुष्टि के साथ किया जाता है, तभी प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास मजबूत होता है। इसलिए प्रत्येक शिकायत के निस्तारण में निष्पक्षता और संवेदनशीलता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उन्होंने समाधान दिवस में उपस्थित अधिकारियों से कहा कि स्थलीय निरीक्षण के दौरान शिकायतकर्ता और संबंधित पक्षों को भी मौके पर बुलाया जाए। इससे वास्तविक स्थिति का सही आकलन किया जा सकेगा और निर्णय अधिक प्रभावी तथा न्यायसंगत होगा। जिलाधिकारी ने कहा कि राजस्व और पुलिस विभाग का आपसी समन्वय विवादों के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि शिकायतों के निस्तारण की प्रगति की नियमित निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी शिकायत का समाधान निर्धारित समय में नहीं हो पाता है तो उसके कारणों की स्पष्ट जानकारी प्रस्तुत की जाए और समस्या का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही या देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
समाधान दिवस में जिलाधिकारी ने शिकायतकर्ताओं से संवाद करते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का समाधान निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से किया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी समस्याओं को समाधान दिवस जैसे मंचों पर प्रस्तुत करें, जिससे प्रशासन उन्हें प्राथमिकता के आधार पर समाधान कर सके।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों का रिकॉर्ड व्यवस्थित तरीके से संधारित किया जाए। इससे भविष्य में शिकायतों की समीक्षा करने और उनके समाधान की स्थिति का मूल्यांकन करने में सुविधा होगी।
समाधान दिवस के दौरान थाना प्रशासन, राजस्व विभाग के अधिकारी, लेखपाल और शिकायतकर्ता उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे शिकायतों के निस्तारण में सक्रिय भूमिका निभाएं और आपसी समन्वय बनाए रखें।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, समाधान दिवस का उद्देश्य जनता को उनकी समस्याओं के समाधान के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान करना है। इस पहल से न केवल शिकायतों का त्वरित समाधान संभव हो रहा है बल्कि प्रशासन और जनता के बीच विश्वास भी मजबूत हो रहा है।
जिलाधिकारी द्वारा समाधान दिवस में शिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए दिए गए निर्देश प्रशासनिक जवाबदेही को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं। इससे उम्मीद जताई जा रही है कि भूमि विवाद और अवैध कब्जे जैसी जटिल समस्याओं का समाधान अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।
प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में समाधान दिवस को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए नियमित निरीक्षण और समीक्षा की जाएगी। इससे जन समस्याओं का समाधान अधिक पारदर्शी और प्रभावी तरीके से किया जा सकेगा।

विकास भवन में प्रशासनिक सख्ती, मुख्य विकास अधिकारी ने की व्यवस्थाओं की समीक्षा

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जनहितकारी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आज मुख्य विकास अधिकारी द्वारा विकास भवन स्थित विभिन्न विभागीय कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण के दौरान उन्होंने न केवल कार्यालयों की कार्यप्रणाली का जायजा लिया बल्कि अधिकारियों और कर्मचारियों की समयपालन, जनसुनवाई व्यवस्था और पत्रावलियों के रखरखाव की स्थिति का भी विस्तार से मूल्यांकन किया।
मुख्य विकास अधिकारी का औचक निरीक्षण प्रशासनिक सुदृढ़ता और जन शिकायतों के त्वरित समाधान की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से समय से कार्यालय पहुंचें तथा अपने कर्तव्यों का ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें।
निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने विकास भवन के विभिन्न विभागों का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यालयों में रखी महत्वपूर्ण पत्रावलियों की जांच की और दस्तावेजों के रखरखाव की गुणवत्ता का मूल्यांकन किया। उन्होंने पाया कि कई स्थानों पर रिकॉर्ड व्यवस्था को और बेहतर बनाए जाने की आवश्यकता है। इस पर उन्होंने संबंधित कार्यालय अध्यक्षों को निर्देश दिया कि पत्रावलियों का व्यवस्थित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए, जिससे भविष्य में किसी भी प्रशासनिक या विभागीय कार्य में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मुख्य विकास अधिकारी ने विशेष रूप से जनसुनवाई व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक कार्यदिवस में निर्धारित समय सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक जनसुनवाई अवश्य आयोजित की जाए। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई सरकार और जनता के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम है। यदि शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण किया जाता है तो प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास मजबूत होता है।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जनसुनवाई के दौरान प्राप्त होने वाली शिकायतों को केवल औपचारिकता के तौर पर दर्ज न किया जाए बल्कि उनका गंभीरता से अध्ययन करते हुए त्वरित और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति रजिस्टर की भी जांच की। उन्होंने पाया कि अधिकांश अधिकारी समय से उपस्थित थे, जिसे उन्होंने सराहा। साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि समयपालन प्रशासनिक अनुशासन का मूल आधार है और सभी कर्मचारियों को इसे गंभीरता से अपनाना होगा।
इस निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों में संचालित विकास योजनाओं की अद्यतन प्रगति की भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन की वर्तमान स्थिति, लाभार्थियों तक पहुंच और योजनाओं में आ रही चुनौतियों के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना ही प्रशासन का मुख्य उद्देश्य होना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विकास योजनाओं के कार्यान्वयन में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने योजनाओं की नियमित समीक्षा करने और प्रगति रिपोर्ट समय से प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी योजना के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की बाधा आ रही है तो उसे तत्काल उच्च स्तर पर अवगत कराया जाए, जिससे समय रहते समाधान किया जा सके।
मुख्य विकास अधिकारी का औचक निरीक्षण कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए प्रशासनिक सतर्कता का संदेश भी माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई विकास कार्यों को प्रभावित करती है, जिससे आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए सभी अधिकारी और कर्मचारी अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा और पारदर्शिता के साथ निर्वहन करें।
उन्होंने यह भी कहा कि कार्यालयों में स्वच्छता और सुव्यवस्थित कार्य वातावरण बनाए रखना भी प्रशासनिक जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्यालय परिसर को साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखा जाए, जिससे कर्मचारियों को बेहतर कार्य वातावरण मिल सके।
निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों से संवाद करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में प्रत्येक कर्मचारी की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कर्मचारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने कार्यों को केवल जिम्मेदारी नहीं बल्कि सेवा भावना के साथ करें।
मुख्य विकास अधिकारी का औचक निरीक्षण प्रशासनिक सक्रियता और जवाबदेही को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस निरीक्षण के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि विकास भवन के विभिन्न विभागों में कार्यप्रणाली और अधिक प्रभावी होगी तथा जन शिकायतों के समाधान में तेजी आएगी।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, भविष्य में भी इस प्रकार के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे ताकि सरकारी कार्यालयों में अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखी जा सके। यह पहल न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करेगी बल्कि जनता को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने में भी सहायक सिद्ध होगी।

असम चुनाव से पहले PM मोदी का बड़ा तोहफा: कुमार भास्कर वर्मा सेतु का उद्घाटन

असम (राष्ट्र की परम्परा)। असम में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी सरगर्मी के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को असम दौरे के दौरान ब्रह्मपुत्र नदी पर बने कुमार भास्कर वर्मा सेतु का उद्घाटन किया। यह पुल गुवाहाटी को नॉर्थ गुवाहाटी से जोड़ता है और पूर्वोत्तर भारत का पहला एक्स्ट्राडोज्ड ब्रिज माना जा रहा है।

6-लेन का आधुनिक पुल, 3,030 करोड़ की लागत

करीब 3,030 करोड़ रुपये की लागत से बने इस 6-लेन पुल के शुरू होने से गुवाहाटी और नॉर्थ गुवाहाटी के बीच यात्रा समय घटकर लगभग 7 मिनट रह जाएगा। इससे रोजाना आने-जाने वाले हजारों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
यह पुल ब्रह्मपुत्र नदी पर निर्मित है, जो असम की जीवनरेखा मानी जाती है।

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क्यों खास है कुमार भास्कर वर्मा सेतु?

असम भूकंप संभावित क्षेत्र में आता है, इसलिए पुल को अत्याधुनिक तकनीक से तैयार किया गया है:

• बेस आइसोलेशन टेक्नोलॉजी का उपयोग, जो भूकंप के झटकों को कम करता है।

• मजबूत और टिकाऊ संरचना के लिए हाई-परफॉर्मेंस केबल्स।

• ब्रिज हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम (BHMS), जो पुल की स्थिति पर लगातार नजर रखेगा और संभावित खतरे का पहले से संकेत देगा।

विकास और कनेक्टिविटी को मिलेगी रफ्तार

इस पुल के शुरू होने से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि व्यापार, पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को भी नई गति मिलेगी। चुनावी साल में इसे केंद्र सरकार की बड़ी विकास परियोजना के रूप में देखा जा रहा है।

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CM योगी आदित्यनाथ का सख्त संदेश: गलत रिपोर्ट पर दर्ज होगी FIR

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी भी मामले की जांच में यदि गलत रिपोर्ट लगाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हर प्रकरण की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच अनिवार्य है तथा लापरवाही अक्षम्य होगी।

जनता दर्शन में सुनीं 150 लोगों की समस्याएं

शनिवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने करीब 150 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिए कि शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

गलत रिपोर्ट पर होगी कार्रवाई

जनता दर्शन में कुछ फरियादियों ने आरोप लगाया कि उनके मामलों में गलत रिपोर्ट लगा दी गई है। इस पर सीएम ने अधिकारियों से कहा कि जांच कर दोषी के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी स्तर पर जानबूझकर प्रकरण लंबित रखा गया या हीलाहवाली की गई तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तय है।

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जमीन कब्जे और इलाज सहायता पर निर्देश

मुख्यमंत्री ने जमीन कब्जाने की शिकायतों पर विधिसम्मत कठोर कदम उठाने के निर्देश दिए। वहीं इलाज के लिए आर्थिक सहायता मांगने वालों के मामले में अस्पताल का इस्टीमेट शीघ्र तैयार कर शासन को भेजने को कहा, ताकि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से सहायता प्रदान की जा सके।

बच्चों को दिया स्नेह, गोशाला में की गोसेवा

जनता दर्शन में आए बच्चों को मुख्यमंत्री ने दुलार दिया और पढ़ाई के लिए प्रेरित किया। प्रवास के दौरान उन्होंने गुरु गोरखनाथ के दर्शन किए और मंदिर की गोशाला में पहुंचकर गोसेवा की।

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नोएडा में वैलेंटाइन डे पर सनसनी: कार में मिले प्रेमी युगल के शव

नोएडा (राष्ट्र की परम्परा)। वैलेंटाइन डे के दिन नोएडा के सेक्टर 107 से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। एक कार के अंदर प्रेमी युगल के शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। प्रारंभिक जांच में मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा बताया जा रहा है।

कार के अंदर मिला खूनी मंजर

शनिवार दोपहर बाद राहगीरों ने सेक्टर 107 में एक कार खड़ी देखी, जिसके भीतर दो लोग बेसुध पड़े थे। अंदर का दृश्य संदिग्ध और खून से सना था। सूचना मिलते ही नोएडा पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कार से बाहर निकालकर कब्जे में लिया।

मृतकों की पहचान

पुलिस के अनुसार मृतक युवक की पहचान दिल्ली के त्रिलोकपुरी निवासी सुमित के रूप में हुई है, जबकि युवती की पहचान रेखा के रूप में की गई है। कार से एक पिस्तौल भी बरामद हुई है। आशंका है कि इसी हथियार से पहले युवती की गोली मारकर हत्या की गई और बाद में युवक ने खुद को गोली मार ली।

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पोस्टमार्टम और जांच जारी

पुलिस ने घटनास्थल को सील कर फॉरेंसिक जांच कराई और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों को सूचना दे दी गई है।
प्रारंभिक जांच में प्रेम प्रसंग और आपसी विवाद की बात सामने आ रही है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है।

इलाके में दहशत

वैलेंटाइन डे जैसे दिन हुई इस घटना से सेक्टर 107 और आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही मामले की पूरी सच्चाई सामने लाई जाएगी।

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