Monday, May 4, 2026
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भारत–नेपाल सीमा पर हाई अलर्ट: पुलिस व एसएसबी का मेगा सघन चेकिंग अभियान

महाशिवरात्रि और नेपाल में चुनाव प्रक्रिया को लेकर बढ़ी चौकसी, सीमा स्तंभ 524/12 तक पैदल गश्त

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के थाना सोनौली अंतर्गत पुलिस चौकी खनुआ क्षेत्र में सीमावर्ती सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के उद्देश्य से पुलिस एवं सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की संयुक्त टीम द्वारा व्यापक सघन चेकिंग एवं पैदल गश्त अभियान चलाया गया। महाशिवरात्रि पर्व के दौरान संभावित भीड़-भाड़, सुरक्षा चुनौतियों तथा नेपाल में जारी चुनाव प्रक्रिया को दृष्टिगत रखते हुए यह विशेष अभियान हाई अलर्ट के बीच संचालित किया गया।
सहायक कमांडेंट हरदीडाली के नेतृत्व में गठित संयुक्त टीम ने कस्बा हरदीडाली से भारत–नेपाल सीमा तक आने-जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों, वैकल्पिक रास्तों, कच्ची पगडंडियों, खेतों के संपर्क मार्गों और संवेदनशील बिंदुओं की गहन जांच की। टीम ने विशेष रूप से मुर्दहिया घाट स्थित सीमा स्तंभ संख्या 524/12 के आस-पास सघन तलाशी अभियान चलाया। जवानों ने पैदल गश्त करते हुए झाड़ियों, नदी किनारे के क्षेत्रों और संभावित आवागमन स्थलों का बारीकी से निरीक्षण किया, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की संभावना को समाप्त किया जा सके।
अभियान के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों से पूछ-ताछ की गई तथा दोपहिया और चारपहिया वाहनों की सघन जांच कर दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। पहचान पत्रों की जांच के साथ ही सुरक्षा मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया गया। सीमावर्ती क्षेत्र में आने-जाने वाले लोगों को सख्त हिदायत दी गई कि वे आवश्यक दस्तावेज साथ रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना पुलिस को दें।
संयुक्त टीम ने स्थानीय व्यापारियों, ग्रामीणों और सीमा क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों से संवाद स्थापित कर उन्हें सीमावर्ती सुरक्षा व्यवस्था के महत्व के बारे में जागरूक किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि तस्करी, अवैध आवाजाही और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पुलिस और एसएसबी पूरी तरह प्रतिबद्ध है। त्योहारों और विशेष परिस्थितियों में सतर्कता और भी बढ़ा दी जाती है, ताकि शांति एवं कानून व्यवस्था प्रभावित न हो।
अधिकारियों के अनुसार सीमावर्ती क्षेत्रों में नियमित रूप से ऐसे संयुक्त अभियान चलाए जाते रहेंगे। इससे न केवल अपराध और तस्करी पर नियंत्रण मजबूत होगा, बल्कि आम नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा भी कायम रहेगा।
उक्त सघन गश्त एवं चेकिंग अभियान चौकी प्रभारी खनुआ, थाना सोनौली पुलिस टीम तथा एसएसबी जवानों के समन्वित प्रयासों से शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

अवैध गर्भपात की कीमत: फाफामऊ की युवती वेंटिलेटर पर, प्रेमी फरार

प्रयागराज (राष्ट्र की परम्परा)। प्रेम के नाम पर धोखा और लापरवाही की एक दर्दनाक घटना सामने आई है। फाफामऊ क्षेत्र की 20 वर्षीय युवती अवैध गर्भपात के बाद गंभीर हालत में वेंटिलेटर पर जिंदगी की जंग लड़ रही है। उसे गंभीर स्थिति में स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल (एसआरएन) में भर्ती कराया गया है।

झोलाछाप के पास कराया गर्भपात, बिगड़ी हालत

जानकारी के अनुसार, युवती शादी से पहले गर्भवती हो गई थी। आरोप है कि उसका तथाकथित प्रेमी उसे गर्भ गिराने के लिए एक झोलाछाप के पास ले गया। ऑपरेशन के दौरान युवती की बच्चेदानी और आंतें गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गईं।

स्थिति बिगड़ने पर युवक फरार हो गया। बाद में मां उसे एसआरएन अस्पताल लेकर पहुंची, लेकिन डॉक्टरों के अनुसार भर्ती प्रक्रिया के दौरान ही मां भी वहां से चली गई।

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तीन घंटे चला ऑपरेशन, बच्चेदानी निकाली गई

प्रमुख अधीक्षक डॉ. नीलम सिंह के निर्देश पर डॉक्टरों की टीम ने युवती का आपातकालीन ऑपरेशन किया। टीम में डॉ. संतोष सिंह, डॉ. आत्रेई साहा, डॉ. अनामिका पांडेय, डॉ. खालिद, डॉ. विवेक और डॉ. आदित्य शामिल रहे।
डॉ. संतोष सिंह के अनुसार, युवती की बच्चेदानी बुरी तरह क्षतिग्रस्त थी और आंतों में छेद हो गया था। करीब तीन घंटे तक चले ऑपरेशन में बच्चेदानी निकालनी पड़ी और आंतों की मरम्मत की गई।

हालांकि खतरा अभी टला नहीं है और मरीज को वेंटिलेटर पर रखा गया है।

डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी

डॉ. नीलम सिंह ने बताया कि युवती की हालत अत्यंत नाजुक है और गहन निगरानी में उपचार चल रहा है। अस्पताल प्रशासन ने उसे बचाने के लिए हर संभव प्रयास करने की बात कही है।
यह मामला अवैध गर्भपात और झोलाछाप चिकित्सकों की खतरनाक प्रथा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

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मेरठ में बनेगा देश का पहला UAV और ड्रोन रनवे

मेरठ (राष्ट्र की परम्परा)। सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को नई मजबूती देने के लिए सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) मेरठ में देश का पहला समर्पित मानव रहित विमान (UAV) और ड्रोन रनवे बनाएगा। 406 करोड़ रुपये की इस परियोजना का टेंडर जारी कर दिया गया है।

किला रोड पर लगभग 900 एकड़ क्षेत्र में बनने वाला यह रनवे रक्षा, निगरानी, ड्रोन परीक्षण और प्रशिक्षण के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। दिल्ली के निकट स्थित मेरठ छावनी को रणनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है।

रणनीतिक दृष्टि से अहम परियोजना

सरकार ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचे को और मजबूत करने की दिशा में कदम तेज किए हैं। मेरठ में बनने वाला यह विशेष रनवे भविष्य की सैन्य जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार आधुनिक युद्ध में ड्रोन और रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट की भूमिका तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में समर्पित UAV रनवे भविष्य के युद्ध परिदृश्य में निर्णायक साबित हो सकता है।

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परियोजना की प्रमुख विशेषताएं

•कुल लागत: 406 करोड़ रुपये

• क्षेत्रफल: लगभग 900 एकड़

• लंबाई: 2110 मीटर

• चौड़ाई: 45 मीटर

• निर्माण अवधि: लगभग 7 वर्ष

यहां से रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट के साथ-साथ C-295 और C-130 जैसे परिवहन विमानों का संचालन भी संभव होगा।

आपदा प्रबंधन में भी मिलेगा लाभ

यह रनवे केवल सैन्य उपयोग तक सीमित नहीं रहेगा। प्राकृतिक आपदाओं के समय राहत एवं बचाव कार्य, दूरदराज क्षेत्रों में आवश्यक सामग्री पहुंचाने और निगरानी अभियानों में भी इसका उपयोग किया जा सकेगा।
बीआरओ के अनुसार, यह परियोजना भारतीय सेना के लिए एक रणनीतिक हब के रूप में कार्य करेगी और देश की हवाई चौकसी क्षमता को नई मजबूती देगी।

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यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण में अवैध खनन व निर्माण पर सख्ती

यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध खनन और अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। लगातार मिल रही शिकायतों और बढ़ती अनियमितताओं को देखते हुए व्यापक स्तर पर निगरानी और कार्रवाई की नई व्यवस्था लागू की गई है।

अतिरिक्त तैनाती और गश्त व्यवस्था मजबूत

प्राधिकरण के सेक्टर 18, 20, 22डी, 24, 24ए, 22ई, 21, 28, 29, 32 और 33 में पहले से 85 भूतपूर्व सेवानिवृत्त सैनिक अवैध खनन रोकने के लिए तैनात थे।

अब सीईओ के निर्देश पर सेक्टर 05, 08, 08डी, 09 और 11 में भी प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के लिए 10 अतिरिक्त भूतपूर्व गनमैन और सैनिकों की तैनाती की गई है।
गश्त व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 4 बोलेरो वाहनों के अलावा 1 नया बोलेरो वाहन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। सभी तैनात जवान नियमित भ्रमण कर अवैध गतिविधियों पर नजर रखेंगे।

धारा 10 के तहत होगी कार्रवाई

प्राधिकरण के सुरक्षा बल को अवैध खनन के साथ-साथ अवैध निर्माण पर भी नियंत्रण की जिम्मेदारी दी गई है।

सुरक्षा बल प्रतिदिन संबंधित पुलिस, परियोजना विभाग और भूलेख विभाग को रिपोर्ट सौंपेंगे। लेखपाल और तहसीलदार सुरक्षा बल की रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार धारा 10 के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण का ध्वस्तीकरण सुनिश्चित करेंगे।

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जवाबदेही तय, व्हाट्सएप समूह बनेगा

संबंधित क्षेत्र के लेखपाल और परियोजना अभियंता को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि उनके क्षेत्र में अवैध निर्माण पाए जाने पर उन्हें जिम्मेदार माना जाएगा।
विभागों के बीच बेहतर समन्वय के लिए एक व्हाट्सएप समूह भी बनाया जाएगा, जिससे सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान हो सके और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

अधिकारियों को सख्त निर्देश

सीईओ की पहल के क्रम में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी राजेश कुमार ने शनिवार को सभी भूतपूर्व गनमैन और सैनिकों की बैठक लेकर नए दिशा-निर्देशों से अवगत कराया और सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए।

इस अभियान से साफ संकेत है कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध खनन और अवैध निर्माण को अब किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन की यह कार्रवाई क्षेत्र में कानून व्यवस्था और विकास कार्यों को व्यवस्थित बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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अलीगढ़ की चर्चित सास-दामाद प्रेम कहानी में नया मोड़

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में पिछले साल सुर्खियों में आई सास-दामाद प्रेम कहानी एक बार फिर चर्चा में है। करीब दस महीने पहले अपने होने वाले दामाद के साथ घर छोड़कर गई महिला अब अपने ही बहनोई के साथ फरार होने के आरोपों में घिर गई है। मामला तब फिर गरमा गया जब राहुल नामक युवक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा और सख्त कार्रवाई की मांग की।

क्या है ताजा घटनाक्रम?

राहुल पुत्र होरीलाल ने 11 फरवरी 2026 को दादों थाना में शिकायत दी कि उसकी प्रेमिका अनीता देवी 6 फरवरी को अपने बहनोई देवेंद्र के साथ घर से चली गई।

राहुल का आरोप है कि अनीता लगभग दो लाख रुपये नकद, एक मंगलसूत्र और दो अंगूठियां भी साथ ले गई। उसका दावा है कि दोनों पिछले दस महीनों से बिहार के सीतामढ़ी जिले के बेला थाना क्षेत्र में पति-पत्नी की तरह रह रहे थे।

राहुल के मुताबिक, 6 फरवरी की सुबह वह फेरी लगाने निकला था और उसके बाद अनीता घर से चली गई। उसने आरोप लगाया कि अनीता पहले भी रिश्ते तोड़कर नए संबंध बनाती रही है और अब तीसरे व्यक्ति के साथ रहने चली गई है।

पुलिस से लगाई गुहार, लगाए अंधविश्वास के आरोप

राहुल ने स्थानीय पुलिस पर धीमी कार्रवाई का आरोप लगाते हुए एसएसपी कार्यालय में भी गुहार लगाई। उसने अनीता, उसके बहनोई देवेंद्र और अन्य पर षड्यंत्र का आरोप लगाया।

उसका दावा है कि उसे वशीकरण, ताबीज और गंडा-तंत्र के जरिए अपने प्रभाव में रखा गया और उसके जेवर व मोबाइल भी हड़प लिए गए।

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अनीता देवी का पलटवार

मामले का दूसरा पक्ष भी सामने आया है। अनीता देवी ने दादों थाने में राहुल पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

अनीता के मुताबिक अप्रैल 2025 में उसकी बेटी की शादी तय थी, लेकिन शादी से दस दिन पहले राहुल उसे अपने साथ ले गया। 17 अप्रैल 2025 को दोनों लौटे और पुलिस की मौजूदगी में साथ रहने का फैसला किया।

अनीता का आरोप है कि बिहार में उसे बंदी बनाकर रखा गया, प्रताड़ित किया गया और परिवार से संपर्क नहीं करने दिया गया। उसका कहना है कि वह किसी तरह वहां से निकलकर अलीगढ़ पहुंची और अब सामान्य जीवन जीना चाहती है।

पहले भी सुर्खियों में रहा मामला

पिछले वर्ष यह मामला तब चर्चा में आया था जब एक सास अपनी बेटी के होने वाले पति के साथ चली गई थी। पुलिस की मध्यस्थता के बाद दोनों ने साथ रहने का निर्णय लिया था।

अब बहनोई के साथ फरार होने के आरोपों ने मामले को नया मोड़ दे दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल प्रेम प्रसंग नहीं, बल्कि पारिवारिक और सामाजिक विघटन का उदाहरण बनता जा रहा है।

पुलिस का क्या कहना है?

अलीगढ़ पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों से तहरीर प्राप्त हो चुकी है। मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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उत्तर प्रदेश में सियासी बयानबाजी तेज, केशव मौर्य का राहुल और अखिलेश पर हमला

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उत्तर प्रदेश सरकार में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को लेकर तीखा बयान दिया है। उन्होंने राहुल गांधी को गैर जिम्मेदार बताते हुए कहा कि “देश का दुर्भाग्य है कि संसद सदस्य बनने लायक नहीं व्यक्ति आज नेता प्रतिपक्ष बना बैठा है।”

शनिवार को अम्बेडकरनगर में विकास कार्यों की समीक्षा और जी राम जी योजना चौपाल कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने विपक्ष पर दुष्प्रचार का आरोप लगाया। साथ ही 2027 में दोबारा भाजपा सरकार बनने का दावा भी किया।

राहुल गांधी पर तीखा प्रहार

भीटी क्षेत्र के खजुरी में आयोजित चौपाल को संबोधित करते हुए मौर्य ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सत्ता हासिल करने के लिए विपक्ष लगातार भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है।

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अखिलेश यादव पर भी हमला

उपमुख्यमंत्री ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि “बिहार चुनाव के बाद से उनका मानसिक संतुलन बिगड़ा हुआ है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान आतंकियों के मुकदमे वापस लेने की कोशिश की गई थी, जबकि बाद में कई मामलों में दोषियों को फांसी और आजीवन कारावास की सजा मिली।

आरक्षण और संविधान पर दावा

केशव मौर्य ने कहा कि संविधान और आरक्षण पूरी तरह सुरक्षित हैं और आगे भी सुरक्षित रहेंगे। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा की विभिन्न राज्यों में सफलता से विपक्ष बौखलाया हुआ है।

सपा के पीडीए फॉर्मूले को उन्होंने “फर्जी” बताते हुए कहा कि यह पिछड़ों और गरीबों के हित में नहीं बल्कि परिवारवाद को बढ़ावा देने की नीति है।
उन्होंने भरोसा जताया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा अवध सहित पूरे उत्तर प्रदेश में फिर कमल खिलाएगी।

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लखनऊ में मिशन-27 की तैयारी, सपा में बड़े नेताओं की एंट्री

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लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। मिशन-2027 की तैयारियों के बीच समाजवादी पार्टी ने बड़ा सियासी दांव चला है। पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रेस वार्ता में स्पष्ट संकेत दिए कि 2027 की लड़ाई के लिए संगठन अभी से पूरी ताकत झोंक रहा है। इस दौरान विभिन्न दलों से आए कई नेताओं ने सपा की सदस्यता ग्रहण की, जिसे पार्टी पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) रणनीति को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मान रही है।

कई दलों से आए नेता, सपा में हुआ स्वागत

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपना दल (एस) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार पाल सपा में शामिल हुए।
इसके अलावा कांग्रेस छोड़कर पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने भी समाजवादी पार्टी का दामन थामा।
बसपा से जुड़े रहे अनीस अहमद उर्फ फूल बाबू ने भी सपा ज्वाइन की।

डॉ. दानिश खान (पूर्व विधानसभा प्रत्याशी) और पूर्व विधायक दीनानाथ कुशवाहा की एंट्री को भी संगठन विस्तार के तौर पर देखा जा रहा है। एक साथ कई प्रभावशाली चेहरों का जुड़ना 2027 से पहले सपा की राजनीतिक सक्रियता को दर्शाता है।

‘पीडीए को मजबूत करेंगी ये ज्वाइनिंग’ — अखिलेश यादव

अखिलेश यादव ने कहा कि नई ज्वाइनिंग पीडीए को मजबूत करने का काम करेंगी। उन्होंने बताया कि होली मिलन से पहले पीडीए का विशेष मिलन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष का अपमान किया जा रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग दूसरों से सर्टिफिकेट मांगते हैं, पहले अपना सर्टिफिकेट दिखाएं।

उन्होंने शंकराचार्य के सम्मान का मुद्दा उठाते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में गेरुआ वस्त्र धारण करने वाले को सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है और जो भी पीड़ित या अपमानित है, पीडीए उसके साथ खड़ा है।

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‘अगर पार्टी मजबूत है तो हम सब मजबूत हैं’ — नसीमुद्दीन सिद्दीकी

सपा में शामिल होने के बाद नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि उनका उद्देश्य समाज को मजबूत करना, कानून व्यवस्था सुधारना और प्रदेश का विकास करना है।
उन्होंने महिलाओं, किसानों, युवाओं और छात्रों के अधिकारों की बात करते हुए कहा कि सिर्फ बयानबाजी से काम नहीं चलता, जमीन पर काम करना जरूरी है।

2027 पर सीधा फोकस

नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कार्यकर्ताओं से अनुशासन पर जोर देते हुए कहा कि पहले पार्टी का अनुशासन, फिर राष्ट्रीय अध्यक्ष का आदेश और उसके बाद विचारधारा—इसी क्रम में आगे बढ़ना होगा।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि लक्ष्य साफ है—2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनानी है और राष्ट्रीय अध्यक्ष को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाना है। रणनीति आगे तय होगी, लेकिन अभी से पूरी ताकत झोंकनी होगी।

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पीएम के नाम पर फ्लाइट टिकट बुकिंग: नियम क्या कहते हैं?

14 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम दौरे पर थे। इसी दौरान कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर गुवाहाटी से इंफाल की एक फ्लाइट टिकट साझा की, जिसमें यात्री के नाम में प्रधानमंत्री का नाम दर्ज था। कांग्रेस का कहना था कि जब पीएम असम में हैं तो उन्हें हिंसा प्रभावित मणिपुर भी जाना चाहिए। टिकट की तस्वीर वायरल होते ही यह बहस छिड़ गई कि क्या कोई भी व्यक्ति प्रधानमंत्री के नाम पर टिकट बुक कर सकता है?

टिकट बुकिंग बनाम यात्रा: फर्क समझिए

एयरलाइन टिकट बुक करना और विमान में बैठकर यात्रा करना दो अलग प्रक्रियाएं हैं।

• ऑनलाइन बुकिंग के समय आमतौर पर नाम, उम्र और बुनियादी पहचान संबंधी जानकारी दर्ज की जाती है।

• सिस्टम यह स्वतः जांच नहीं करता कि दर्ज नाम किसी वीआईपी या सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति का है या नहीं।

• तकनीकी रूप से कोई भी व्यक्ति किसी भी नाम से टिकट बुक करने की कोशिश कर सकता है।

लेकिन यह सिर्फ बुकिंग स्तर तक सीमित रहता है।

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एयरपोर्ट पर असली जांच

भारत में घरेलू उड़ान के लिए:

• चेक-इन के समय वैध फोटो पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य है।

• टिकट पर दर्ज नाम और आईडी पर लिखा नाम पूरी तरह मेल खाना चाहिए।

• नाम में अंतर होने पर बोर्डिंग पास जारी नहीं किया जाता।

प्रधानमंत्री जैसे संरक्षित व्यक्ति सामान्य कमर्शियल फ्लाइट से यात्रा नहीं करते। उनकी यात्रा विशेष विमान और कड़ी सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत होती है। ऐसे में यदि किसी ने उनके नाम से टिकट बुक भी कर लिया हो, तो वह केवल कागजी या डिजिटल रिकॉर्ड तक सीमित रहेगा।

क्या यह गैरकानूनी है?

सिर्फ किसी नाम से टिकट बुक कर देना अपने आप में अपराध नहीं है।
लेकिन यदि कोई व्यक्ति फर्जी दस्तावेज, धोखाधड़ी या पहचान के दुरुपयोग के जरिए यात्रा की कोशिश करता है, तो यह कानून के दायरे में आ सकता है।
इस मामले में साझा की गई टिकट एक राजनीतिक संदेश के तौर पर थी। वास्तविक यात्रा होना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं था।

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सोहगीबरवां वन्य जीव प्रभाग में वन दरोगाओं का सम्बद्धीकरण अधर में

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। सोहगीबरवां वन्य जीव प्रभाग में वन दरोगाओं के सम्बद्धीकरण का आदेश जारी हुए करीब दो सप्ताह बीत चुके हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। कागजों में आदेश लागू दिखाया जा रहा है, जबकि फील्ड में तैनाती को लेकर भ्रम बना हुआ है, जिससे विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।

31 जनवरी 2026 को प्रभागीय वनाधिकारी द्वारा जारी पत्र संख्या 3798/16-पीसी के अनुसार लक्ष्मीपुर रेंज में तैनात वन दरोगा अशोक कुमार गुप्ता को शिवपुर रेंज तथा शिवपुर रेंज में तैनात वन दरोगा राम प्रसाद को लक्ष्मीपुर रेंज से सम्बद्ध किया गया था। आदेश में स्पष्ट उल्लेख था कि सम्बद्धीकरण तत्काल प्रभाव से लागू होगा और कार्यभार ग्रहण करने के बाद ही फरवरी माह का वेतन देय होगा। साथ ही संबंधित अधिकारियों को अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए थे।

सूत्रों के अनुसार औपचारिक प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, लेकिन वास्तविक तैनाती को लेकर अभी भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। इससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या आदेश का पूर्ण अनुपालन हुआ या केवल कागजी कार्रवाई तक ही सीमित रह गया। आदेश में यह भी उल्लेख था कि किसी प्रकार का प्रत्यावेदन स्वीकार नहीं होगा और यात्रा भत्ता देय नहीं होगा।

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वन विभाग से जुड़े जानकारों का कहना है कि वन्य जीव प्रभाग जैसे संवेदनशील क्षेत्र में फील्ड स्टाफ की समयबद्ध तैनाती अत्यंत आवश्यक है। देरी की स्थिति में गश्त, निगरानी और अवैध कटान पर नियंत्रण जैसी गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। स्थानीय स्तर पर मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और विभाग की पारदर्शिता पर प्रश्न उठ रहे हैं।

प्रभागीय वनाधिकारी निरंजन सुर्वे ने बताया कि प्रक्रिया जारी है और शीघ्र ही सम्बद्धीकरण पूरी तरह लागू करा दिया जाएगा। देरी के कारणों पर उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी समस्या (डायबिटीज) को वजह बताया है। हालांकि विभागीय हलकों में चर्चा है कि यदि जल्द स्पष्टता नहीं आई तो मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंच सकता है।

अब देखना यह है कि आदेश की सख्ती कागजों तक सीमित रहती है या वास्तव में फील्ड स्तर पर भी प्रभावी रूप से लागू होती है।

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लोहिया नगर में अधूरी नाली और सड़क से बढ़ा आक्रोश, जलभराव से परेशान लोग

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। नगर क्षेत्र के लोहिया नगर मोहल्ले में नाली एवं सड़क निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिए जाने से स्थानीय नागरिकों में भारी नाराजगी है। सदर कोतवाली और पशु अस्पताल के समीप स्थित इस बस्ती में अधूरे निर्माण के कारण जलभराव, कीचड़ और गंदगी की समस्या गंभीर रूप लेती जा रही है।

खुदाई के बाद रुका काम, आवागमन बाधित

मोहल्ले के निवासियों—रूपेंद्र नाथ, अजय, संजय, वीराराम, भोला नाथ और कुलदीप समेत अन्य लोगों—का कहना है कि नाली की खुदाई कर कार्य बीच में ही रोक दिया गया है। सड़क भी आधी-अधूरी बनी है, जिससे राहगीरों, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को आने-जाने में दिक्कत हो रही है।

स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द निर्माण पूरा नहीं हुआ तो गंदगी का अंबार लग जाएगा और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

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बजट का हवाला, जनता में असंतोष

क्षेत्रीय सभासद सदरे आलम से संपर्क करने पर उन्होंने बजट की कमी का हवाला दिया। हालांकि, मोहल्लावासियों का कहना है कि किसी भी विकास कार्य को शुरू करने से पहले बजट की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए थी।

लोगों का आरोप है कि अधूरा निर्माण न केवल सरकारी धन की बर्बादी है, बल्कि जनता के लिए मुसीबत भी बन गया है।

बारिश में बढ़ जाती है परेशानी

बारिश या नाली जाम होने पर गंदा पानी सड़कों पर फैल जाता है। इससे दुर्गंध और मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले का संज्ञान लेते हुए निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कराया जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके।

प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें

अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस समस्या के समाधान के लिए कितनी तत्परता दिखाते हैं। फिलहाल लोहिया नगर के लोग अधूरे निर्माण और अधूरे वादों के बीच राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

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अमेरिकी सैनिकों की मौत का बदला: सीरिया में ISIS पर US का बड़ा अटैक, कई ठिकाने तबाह

वॉशिंगटन/दमिश्क (राष्ट्र की परम्परा)। अमेरिका ने सीरिया में आतंकी संगठन Islamic State (ISIS) के खिलाफ सैन्य कार्रवाई तेज कर दी है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड United States Central Command (CENTCOM) ने ‘ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक’ के तहत चल रहे अभियान का नया वीडियो और विवरण जारी किया है।

यह कार्रवाई दिसंबर 2025 में पलमायरा में हुए हमले के बाद शुरू हुई, जिसमें दो अमेरिकी सैनिकों और एक अमेरिकी इंटरप्रेटर की मौत हो गई थी। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि अपने सैनिकों पर हमले का जवाब सख्ती से दिया जाएगा।

पलमायरा हमले के बाद शुरू हुआ अभियान

CENTCOM के अनुसार यह ऑपरेशन 19 दिसंबर 2025 को शुरू किया गया। 13 दिसंबर को पलमायरा में एक हमलावर ने गोलीबारी की थी। हमलावर के चरमपंथी संगठनों से जुड़े होने की जानकारी सामने आई थी और उसे मौके पर ही मार गिराया गया।

अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान हमले के जिम्मेदार नेटवर्क को जवाब देने और ISIS को दोबारा संगठित होने से रोकने के लिए शुरू किया गया।

फरवरी में 10 सटीक हवाई हमले

3 फरवरी से 12 फरवरी के बीच अभियान के नए चरण में 10 सटीक हवाई हमले किए गए। इन हमलों में 30 से ज्यादा ISIS ठिकानों को निशाना बनाया गया।

निशाने पर रहे प्रमुख ठिकाने:

• हथियारों के गोदाम
• संचार नेटवर्क
• रसद और लॉजिस्टिक्स केंद्र

CENTCOM के अनुसार, ऑपरेशन शुरू होने के बाद से अब तक कम से कम 50 ISIS लड़ाके मारे गए या गिरफ्तार किए गए हैं।

किन-किन विमानों का हुआ इस्तेमाल?

इस अभियान में अमेरिकी वायुसेना के कई आधुनिक लड़ाकू विमान और ड्रोन शामिल रहे, जिनमें—

• F-15E Strike Eagle
• A-10 Warthog
• AC-130J Ghostrider
• MQ-9 Reaper ड्रोन

इसके अलावा जॉर्डन के F-16 विमानों ने भी सहयोग किया।

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कड़ा संदेश: “हमारे सैनिकों को नुकसान पहुंचाया तो जवाब मिलेगा”

CENTCOM ने बयान जारी कर कहा कि यदि अमेरिकी सैनिकों को नुकसान पहुंचाया गया तो जिम्मेदार लोगों को दुनिया के किसी भी कोने में ढूंढकर निशाना बनाया जाएगा।

तत्कालीन रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने इसे व्यापक युद्ध नहीं, बल्कि “सीमित और सटीक कार्रवाई” बताया। उन्होंने इसे हमले का “निर्णायक जवाब” करार दिया।

5,700 संदिग्धों को इराक भेजा गया

क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए अमेरिका और उसके सहयोगियों ने सीरिया की जेलों में बंद 5,700 से अधिक ISIS संदिग्धों को इराक भेजा है। अधिकारियों का कहना है कि इससे जेल तोड़कर भागने की आशंका कम होगी और संगठन को दोबारा मजबूत होने से रोका जा सकेगा।

अमेरिका का कहना है कि सीरिया में बदलते हालात के बीच ISIS को फिर से सक्रिय होने से रोकना उसकी प्राथमिकता है और ‘ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक’ इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा है।

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दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में OL और ODL पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन शुरू

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गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर ऑनलाइन एंड डिस्टेंस एजुकेशन के अंतर्गत ऑनलाइन लर्निंग (OL) और ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ODL) कार्यक्रमों में फरवरी-2026 सत्र के लिए स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। इच्छुक अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

इन पाठ्यक्रमों में मिलेगा प्रवेश

विश्वविद्यालय द्वारा स्नातक और परास्नातक स्तर पर निम्न कोर्स संचालित किए जा रहे हैं—

• B.Com
• M.Com
• BBA
• MBA
• M.A. (इंग्लिश, इकोनॉमिक्स, एजुकेशन, पॉलिटिकल साइंस, सोशियोलॉजी)
• M.A./M.Sc गणित

इन सभी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों को विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित पात्रता मानदंड पूरा करना अनिवार्य है।

नौकरीपेशा, गृहिणी तथा अन्य इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए यह कार्यक्रम विशेष रूप से उपयोगी है। डुअल डिग्री प्राप्त करने के इच्छुक छात्र-छात्राएं भी इन कार्यक्रमों में आवेदन कर सकते हैं।

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आवेदन प्रक्रिया कैसे करें?

• विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट https://ddugu.ac.in/ पर जाएं।

• Online Learning (OL) / Open & Distance Learning (ODL) लिंक पर क्लिक करें।

• ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरें और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
प्रवेश से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।

सहायता और परामर्श

प्रवेश प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर अभ्यर्थी वेबसाइट पर दिए गए हेल्पलाइन नंबर या लिंक के माध्यम से काउंसलर से संपर्क कर सकते हैं। आवश्यकता पड़ने पर विश्वविद्यालय परिसर में जाकर सीधे परामर्श भी लिया जा सकता है।

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2026 पासपोर्ट रैंकिंग में भारत: संकेत, सबक और भविष्य की राह

हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2026: भारत की 10 पायदान की छलांग, कूटनीतिक सफलता या चेतावनी?


वीज़ा-फ्री सुविधा में बढ़ोतरी, दो देशों की कटौती और वैश्विक परिप्रेक्ष्य में गहन विश्लेषण


वैश्विक दौर में पासपोर्ट अब सिर्फ यात्रा का दस्तावेज़ नहीं, बल्कि किसी देश की कूटनीतिक विश्वसनीयता, आर्थिक मजबूती और अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा का प्रतीक बन चुका है। Henley & Partners द्वारा जारी हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2026 में भारत ने 10 पायदान की उल्लेखनीय छलांग लगाते हुए 85वें से 75वें स्थान तक का सफर तय किया है। यह उपलब्धि भारत की सक्रिय कूटनीति और वैश्विक स्वीकार्यता में सुधार का संकेत देती है।
भारतीय पासपोर्ट धारकों को अब 56 देशों में वीज़ा-फ्री या वीज़ा-ऑन-अराइवल की सुविधा मिल रही है। हालांकि, इसी अवधि में दो देशों द्वारा वीज़ा-फ्री सुविधा समाप्त किया जाना एक गंभीर चेतावनी भी है। यह सवाल स्वाभाविक है कि जब दो देशों की सुविधा घटी, तो रैंकिंग कैसे सुधरी? और 2006 में मिली 71वीं सर्वोच्च रैंक अब तक क्यों नहीं दोहराई जा सकी?

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हेनले पासपोर्ट इंडेक्स क्या है?
हेनले पासपोर्ट इंडेक्स विश्व के लगभग 200 पासपोर्ट को इस आधार पर रैंक करता है कि उनके नागरिक कितने देशों में बिना पूर्व वीज़ा प्रवेश कर सकते हैं। यह रैंकिंग इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के डेटा पर आधारित होती है और पूरी तरह तुलनात्मक (relative) होती है—यानी किसी एक देश की स्थिति दूसरों के प्रदर्शन से भी प्रभावित होती है।
दो देश घटे, फिर भी रैंक कैसे सुधरी?
यह विरोधाभास दिखता है, पर वास्तविकता में रैंकिंग सापेक्ष होती है। यदि अन्य देशों की वीज़ा-फ्री पहुंच में ज्यादा गिरावट आती है, तो सीमित सुधार या स्थिरता के बावजूद भारत की रैंक ऊपर जा सकती है।
तारीफ़ का पहलू: अफ्रीका, दक्षिण-पूर्व एशिया और कैरिबियन देशों के साथ भारत के संबंध मजबूत हुए।
आलोचना का पहलू: 56 देशों की पहुंच अब भी वैश्विक औसत और शीर्ष देशों से कम है।

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किन दो देशों ने वीज़ा-फ्री सुविधा समाप्त की?
ईरान: नवंबर 2025 में धोखाधड़ी, मानव तस्करी और फर्जी नौकरी मामलों के कारण वीज़ा-फ्री सुविधा बंद।
बोलीविया: पहले वीज़ा-ऑन-अराइवल, अब 2026 से ई-वीज़ा अनिवार्य, जिससे यह वीज़ा-फ्री श्रेणी से बाहर हो गया।
यह घटनाक्रम बताता है कि पासपोर्ट की ताकत सिर्फ कूटनीति से नहीं, बल्कि नागरिकों के आचरण और आव्रजन प्रबंधन से भी जुड़ी है।
शीर्ष देशों से तुलना
पहला स्थान: सिंगापुर – 192 देश
दूसरा: जापान, दक्षिण कोरिया – 187
तीसरा: स्वीडन, यूएई
चौथा: फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्पेन, स्विट्ज़रलैंड
पांचवां: ऑस्ट्रिया, ग्रीस, माल्टा, पुर्तगाल
स्पष्ट है कि भारत अभी भी शीर्ष देशों से काफी पीछे है।
2006 की सर्वोच्च रैंक क्यों नहीं दोहराई गई?
2006 में वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य आज जितना सख्त नहीं था। पिछले दो दशकों में आतंकवाद, अवैध आव्रजन, शरणार्थी संकट और डिजिटल निगरानी के कारण वीज़ा नियम सख्त हुए हैं। जनसंख्या-समृद्ध देशों पर अतिरिक्त जांच स्वाभाविक हो गई है।
दक्षिण एशिया और वैश्विक संदर्भ
दक्षिण एशिया में भारत की स्थिति पाकिस्तान (97वें स्थान) से बेहतर है, लेकिन वैश्विक औसत से अब भी पीछे है। यह दर्शाता है कि क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक अवसरों के साथ-साथ वैश्विक भरोसा भी अहम है।

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हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2026 में भारत की 10 पायदान की छलांग निश्चित रूप से प्रशंसनीय है। यह कूटनीतिक सक्रियता और वैश्विक छवि में सुधार का संकेत देती है। वहीं, दो देशों द्वारा वीज़ा-फ्री सुविधा समाप्त होना चेतावनी है कि नागरिक आचरण, प्रवासी प्रबंधन और अंतरराष्ट्रीय विश्वास पर सतत ध्यान जरूरी है।
यह रैंकिंग भारत के लिए अवसर भी है और आत्ममंथन का क्षण भी, ताकि आने वाले वर्षों में वह न केवल 2006 की रैंक को पार करे, बल्कि वैश्विक गतिशीलता में नई पहचान स्थापित करे।

T20 वर्ल्ड कप 2026: आज भारत बनाम पाकिस्तान महामुकाबला, जानें पिच रिपोर्ट, वेदर और संभावित प्लेइंग 11

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कोलंबो (राष्ट्र की परम्परा)। टी20 वर्ल्ड कप 2026 के 10वें संस्करण में आज क्रिकेट जगत की सबसे बड़ी भिड़ंत होने जा रही है। ICC T20 World Cup का 27वां मुकाबला भारत और पाकिस्तान के बीच खेला जाएगा। यह हाई-वोल्टेज मैच कोलंबो के R. Premadasa Stadium में शाम 7 बजे से शुरू होगा, जबकि टॉस 6:30 बजे होगा।

बारिश की संभावना के चलते पिच और मौसम दोनों इस मुकाबले में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

भारत vs पाकिस्तान हेड टू हेड रिकॉर्ड

टी20 इंटरनेशनल में भारत और पाकिस्तान अब तक 16 बार आमने-सामने आ चुके हैं।

• भारत: 13 जीत

• पाकिस्तान: 3 जीत

पिछले साल एशिया कप में भी भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ सभी मुकाबले जीते थे।

पिच रिपोर्ट: स्पिन और स्विंग दोनों का रहेगा असर

आर प्रेमदासा स्टेडियम की पिच पारंपरिक रूप से स्पिनर्स के लिए मददगार मानी जाती है। हालांकि आज मौसम के कारण शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को स्विंग मिल सकती है।

भारत के लिए जसप्रीत बुमराह अहम साबित हो सकते हैं।
पाकिस्तान के लिए शाहीन शाह अफरीदी नई गेंद से खतरनाक रहेंगे।
अगर पहली बल्लेबाजी करने वाली टीम 200+ का स्कोर बना लेती है, तो लक्ष्य का पीछा करना मुश्किल हो सकता है। यहां गेंद टर्न ज्यादा करती है, ऐसे में अक्षर पटेल, वरुण चक्रवर्ती और कुलदीप यादव जैसे स्पिनर्स निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।

👉 टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करना फायदेमंद हो सकता है।

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वेदर रिपोर्ट: क्या बारिश बिगाड़ेगी खेल?

कोलंबो में दिनभर बारिश की संभावना जताई गई है, लेकिन शाम 6 बजे के बाद बारिश की संभावना घटकर करीब 10% रह जाती है। स्टेडियम का ड्रेनेज सिस्टम अच्छा है, इसलिए हल्की बारिश के बाद भी मैच समय पर शुरू होने की उम्मीद है।

भारत की संभावित प्लेइंग 11

ईशान किशन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, रिंकू सिंह, अक्षर पटेल, वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह।

पाकिस्तान की संभावित प्लेइंग 11

सईम अयूब, साहिबजादा फरहान, सलमान अली आगा (कप्तान), बाबर आजम, मोहम्मद नवाज, शादाब खान, फहीम अशरफ, उस्मान खान (विकेटकीपर), शाहीन शाह अफरीदी, अबरार अहमद, उस्मान तारिक।

लाइव प्रसारण और स्ट्रीमिंग डिटेल्स

टीवी प्रसारण: Star Sports नेटवर्क
लाइव स्ट्रीमिंग: JioHotstar ऐप और वेबसाइट

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US-Iran Relations: बढ़ते तनाव के बीच बातचीत को तैयार अमेरिका, ट्रंप-खामेनेई मुलाकात के संकेत

वॉशिंगटन/तेहरान (राष्ट्र की परम्परा)। US-Iran Relations: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और अमेरिकी नौसेना की बढ़ती मौजूदगी के बीच अमेरिका ने साफ किया है कि वह अब भी ईरान के साथ बातचीत के जरिए समाधान चाहता है। अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने कहा कि यदि अवसर मिला तो राष्ट्रपति Donald Trump ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei से मिलने के लिए तैयार हैं।

“दुश्मन से बात करना कमजोरी नहीं”

रुबियो ने कहा कि ट्रंप का मानना है कि बड़े विवादों को सुलझाने के लिए सीधे संवाद जरूरी है। किसी विरोधी नेता से मुलाकात करना रियायत या झुकना नहीं होता, बल्कि समाधान की दिशा में कदम होता है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर आयतुल्लाह अली खामेनेई बातचीत की इच्छा जताते हैं, तो ट्रंप मिलने को तैयार रहेंगे। इसका अर्थ यह नहीं होगा कि अमेरिका ईरान की नीतियों से सहमत है, बल्कि संवाद के माध्यम से रास्ता निकालने की कोशिश होगी।

सैन्य मौजूदगी बढ़ी, लेकिन दरवाजे खुले

रुबियो का बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य ताकत बढ़ाई है। उनका कहना है कि यह कदम एहतियातन उठाया गया है, ताकि ईरान की ओर से संभावित खतरे को रोका जा सके।

उन्होंने दोहराया कि अमेरिका किसी भी हालत में ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं देगा। उनका कहना है कि इससे क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा को गंभीर खतरा होगा।
इसके बावजूद, ट्रंप प्रशासन बातचीत और समझौते को प्राथमिकता दे रहा है।

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संभावित वार्ता में कौन होगा शामिल?

रुबियो ने संकेत दिया कि संभावित वार्ता में अमेरिकी विशेष दूत Steve Witkoff और Jared Kushner भी शामिल हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति की पहली पसंद हमेशा कूटनीतिक समाधान रही है।

चीन और सहयोगी देशों पर भी टिप्पणी

रुबियो ने यह भी कहा कि सहयोगी देशों का चीन के साथ संवाद बढ़ाना सामान्य कूटनीतिक प्रक्रिया है। उन्होंने कनाडा के प्रधानमंत्री Mark Carney, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer और जर्मनी के चांसलर Friedrich Merz के चीन दौरे को सामान्य बताया।

उन्होंने कहा कि बड़ी शक्तियों के बीच संवाद टकराव से बचने के लिए जरूरी है। ट्रंप पहले भी चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping से मिल चुके हैं और भविष्य में फिर बीजिंग जा सकते हैं।

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