आगरा। (राष्ट्र की परम्परा)सामाजिक समरसता और संविधान निर्माता के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाली 31वीं भीमनगरी की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में रविवार को जूता प्रदर्शनी केन्द्र, कोठी मीना बाजार के निकट स्थित स्थल पर भीमनगरी समारोह आयोजन समिति-2026 के कार्यालय का विधिवत उद्घाटन किया गया।
उद्घाटन समारोह में केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल, उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, विधायक जी. एस. धर्मेश तथा जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने संयुक्त रूप से फीता काटकर कार्यालय का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
सामाजिक जागरूकता और समरसता का बनेगा केंद्र
भीमनगरी का आयोजन हर वर्ष सामाजिक चेतना और संविधान के मूल्यों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया जाता है। आयोजकों ने बताया कि इस वर्ष भीमनगरी को और अधिक भव्य तथा आकर्षक स्वरूप देने की योजना बनाई गई है, जिससे समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने का प्रयास किया जा सके।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल ने कहा कि बाबा साहब डॉ. अंबेडकर ने देश को संविधान देकर समानता और न्याय का मार्ग दिखाया। उन्होंने कहा कि भीमनगरी जैसे आयोजन नई पीढ़ी को सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनते हैं।
आयोजन को भव्य बनाने का संकल्प
उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि बाबा साहब के विचार आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने कहा कि 31वीं भीमनगरी के आयोजन को ऐतिहासिक बनाने के लिए सरकार और प्रशासन पूरा सहयोग देगा। उन्होंने युवाओं से बाबा साहब के आदर्शों को अपनाने और शिक्षा को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया।
विधायक जी. एस. धर्मेश ने भी अपने संबोधन में कहा कि भीमनगरी केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक जागरूकता का अभियान है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन से समाज में समानता, शिक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।
विकास कार्यों के लिए सौंपा गया मांग पत्र
उद्घाटन समारोह के दौरान भीमनगरी आयोजन समिति द्वारा जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी को विभिन्न विकास कार्यों से संबंधित मांग पत्र सौंपा गया। समिति ने आयोजन स्थल पर सड़क, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता, पेयजल और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की मांग रखी।
जिलाधिकारी ने आयोजन समिति को आश्वस्त करते हुए कहा कि भीमनगरी से जुड़े सभी विकास कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे किए जाएंगे। उन्होंने संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश देने का भरोसा भी दिलाया।
सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों का होगा आयोजन
भीमनगरी समारोह के दौरान कई सांस्कृतिक, शैक्षिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आयोजकों के अनुसार इस वर्ष कार्यक्रम में—
सामाजिक जागरूकता से जुड़े प्रदर्शनी स्टॉल
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
शिक्षा और रोजगार मार्गदर्शन शिविर
सामाजिक समरसता पर विचार गोष्ठियां
संविधान और बाबा साहब के जीवन पर आधारित प्रदर्शनियां
जैसे कार्यक्रम शामिल किए जाएंगे।
आयोजन समिति का मानना है कि इन कार्यक्रमों से युवाओं और आम नागरिकों को संविधान और सामाजिक न्याय के प्रति जागरूक किया जा सकेगा।
बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी की तैयारी
भीमनगरी आयोजन समिति ने बताया कि हर वर्ष लाखों श्रद्धालु और दर्शक इस आयोजन में शामिल होते हैं। इस बार भी बड़ी संख्या में लोगों के आगमन की संभावना को देखते हुए प्रशासन और आयोजन समिति संयुक्त रूप से तैयारियों में जुटी हुई है।
आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष कार्यक्रम को अधिक व्यवस्थित और आकर्षक बनाने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जाएंगी, जिससे आगंतुकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
समाज को जोड़ने का सशक्त माध्यम
विशेषज्ञों का मानना है कि भीमनगरी जैसे आयोजन सामाजिक समरसता और जागरूकता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बाबा साहब के विचार आज भी समाज के हर वर्ग को प्रेरित करते हैं और समानता तथा शिक्षा के महत्व को मजबूत करते हैं।
आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि उनका लक्ष्य केवल एक भव्य आयोजन करना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाना है। उन्होंने कहा कि भीमनगरी समाज को जोड़ने और नई पीढ़ी को प्रेरित करने का सशक्त माध्यम बन रही है।
गणमान्य लोगों की रही मौजूदगी
उद्घाटन समारोह में भीमनगरी केंद्रीय समिति के करतार सिंह भारतीय, धर्मेंद्र सोनी सहित आयोजन समिति के कई पदाधिकारी और समाज के गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने मिलकर कार्यक्रम की सफलता के लिए सहयोग और समन्वय बनाए रखने का संकल्प लिया।
सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बनेगी भीमनगरी
31वीं भीमनगरी का आयोजन बाबा साहब के आदर्शों और संविधान के मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा। यह आयोजन सामाजिक समानता, शिक्षा और जागरूकता को बढ़ावा देने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करेगा।
आयोजकों को उम्मीद है कि इस बार भी भीमनगरी जनभागीदारी और सांस्कृतिक विविधता का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत करेगी।
बाबा साहब की जयंती पर आगरा में होगी भव्य भीमनगरी, तैयारियां तेज
एफएसएसएआई ने स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को सिखाए खाद्य सुरक्षा के नियम
आगरा। (राष्ट्र की परम्परा)खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) उत्तर क्षेत्र द्वारा स्ट्रीट फूड विक्रेताओं के लिए एक व्यापक प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम संजय पैलेस स्थित सूरसदन प्रेक्षागृह में आयोजित हुआ, जिसमें जनपद के एक हजार से अधिक स्ट्रीट फूड विक्रेताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का आयोजन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया गया, जिसका उद्देश्य आम नागरिकों तक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना तथा स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को खाद्य सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूक करना रहा।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ कार्यशाला का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल और विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर कई वरिष्ठ प्रशासनिक एवं खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में एफएसएसएआई के संयुक्त निदेशक (प्रशिक्षण प्रभाग) अंकेश्वर मिश्रा, नगर मजिस्ट्रेट वेद सिंह चौहान, सहायक आयुक्त (खाद्य) उत्तर प्रदेश एफएसडीए सैयद शाहनाज हैदर आबिदी, एफएसएसएआई की प्रबंधक निमिशा तोमर तथा सहायक आयुक्त (खाद्य–II) महेंद्र श्रीवास्तव सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को दिया गया व्यवहारिक प्रशिक्षण
कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को खाद्य सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। प्रशिक्षण में विशेष रूप से निम्न विषयों पर ध्यान केंद्रित किया गया—
खाद्य पदार्थों को स्वच्छता मानकों के अनुरूप तैयार करना
मिलावट रहित खाद्य सामग्री का उपयोग
सुरक्षित खाद्य भंडारण और संरक्षण तकनीक
व्यक्तिगत स्वच्छता और कार्यस्थल की साफ-सफाई
ग्राहकों के साथ विनम्र और जिम्मेदार व्यवहार
प्रशिक्षकों ने बताया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए साफ पानी का उपयोग, उचित तापमान पर खाद्य सामग्री का संरक्षण तथा उपकरणों की नियमित सफाई बेहद आवश्यक है।
मंत्री ने दिलाई स्वच्छता और गुणवत्ता की शपथ
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल ने कहा कि भारत में स्ट्रीट फूड संस्कृति देश की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि स्ट्रीट फूड विक्रेताओं की जिम्मेदारी केवल भोजन बेचने तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा भी उनसे जुड़ी होती है।
उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे सभी रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को स्वच्छता, गुणवत्ता और ईमानदारी के साथ खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की शपथ दिलाई। साथ ही प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले विक्रेताओं को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित भी किया गया।
खाद्य सुरक्षा से मजबूत होगी जनस्वास्थ्य व्यवस्था
कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार की कार्यशालाओं का उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना ही नहीं बल्कि खाद्य सुरक्षा के राष्ट्रीय मानकों को जमीनी स्तर तक लागू करना भी है। इससे उपभोक्ताओं को सुरक्षित भोजन मिलेगा और खाद्य जनित बीमारियों में कमी आएगी।
विशेषज्ञों ने बताया कि खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करने से स्ट्रीट फूड विक्रेताओं का व्यवसाय भी मजबूत होगा और ग्राहक विश्वास में वृद्धि होगी।
स्ट्रीट फूड विक्रेताओं की आजीविका को मिलेगा प्रोत्साहन
कार्यशाला में यह भी बताया गया कि खाद्य सुरक्षा मानकों को अपनाने से स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को अधिक ग्राहक मिलेंगे और उनकी आय में भी वृद्धि होगी। सरकार का उद्देश्य स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को संगठित क्षेत्र से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि भविष्य में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे ताकि खाद्य सुरक्षा को जन-जन तक पहुंचाया जा सके।
‘स्वस्थ भारत, सुरक्षित आहार’ अभियान को मिला बल
इस कार्यशाला को ‘स्वस्थ भारत, सुरक्षित आहार’ अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के साथ-साथ खाद्य व्यवसाय से जुड़े छोटे व्यापारियों को भी नई पहचान और मजबूती मिलेगी।
कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों ने खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करने और स्वच्छता को प्राथमिकता देने का संकल्प लिया
शादी की खुशियां मातम में बदलीं, गड्ढे में गिरी बाइक से दो युवकों की मौत
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के मेंहदावल थाना क्षेत्र के बेलौली गांव के पास देर रात एक बाइक अनियंत्रित होकर करीब 12 फीट गहरे गड्ढे में गिर गई, जिससे दो युवकों की इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए बाइक को कब्जे में ले लिया है।
मृतकों की पहचान 25 वर्षीय रामकेश उर्फ छोटू यादव (बढ़या ठाठर टोला मधईपुर) और 22 वर्षीय सोहन उर्फ गोलू (बरूईपुर) के रूप में हुई है। दोनों दोस्त मोबाइल ठीक कराने गोरखपुर जिले के जसवल बाजार गए थे और रात में घर लौट रहे थे। बेलौली गांव में एक जनप्रतिनिधि के आवास से लगभग 200 मीटर आगे उनकी बाइक अचानक असंतुलित हो गई और सड़क किनारे बने गहरे गड्ढे में जा गिरी।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने एम्बुलेंस बुलाकर दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मेंहदावल पहुंचाया। चिकित्सकों ने रामकेश को मृत घोषित कर दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल सोहन को जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी भी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया बाइक अनियंत्रित होकर गड्ढे में गिरने की बात सामने आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सोहन के पिता ने बताया कि वह मुंबई में निजी नौकरी करता था और शादी की तैयारियों के लिए दस दिन पहले घर आया था। सोमवार को उसकी सगाई और 11 मार्च को विवाह तय था। घटना से कुछ देर पहले उसने घर पहुंचने की सूचना दी थी, लेकिन बाद में पुलिस से हादसे की जानकारी मिली।
रामकेश पंजाब के लुधियाना में टेलरिंग का काम करता था। चार वर्ष पूर्व उसकी शादी हुई थी और उसका दो वर्ष का बेटा है। परिवार की जीविका खेती पर निर्भर है। दो भाइयों और दो बहनों में वह चौथे स्थान पर था। इस हादसे से दोनों परिवारों में शोक छा गया है।
महाशिवरात्रि पर शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब, देर रात तक चला जलाभिषेक
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। महाशिवरात्रि पर्व पर जिले भर के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही शिवालयों में भक्तों की लंबी कतारें लग गईं। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से भगवान शिव का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और बेलपत्र अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
जिला मुख्यालय खलीलाबाद के दक्षिण स्थित महाभारत कालीन तामेश्वरनाथ शिव मंदिर सहित विभिन्न प्रमुख मंदिरों में विशेष सजावट की गई थी। मंदिर परिसरों को आकर्षक रोशनी और फूलों से सजाया गया। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा। दिन भर रुद्राभिषेक, भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना का क्रम चलता रहा।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन की ओर से सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए गए थे। मंदिरों के बाहर बैरिकेडिंग, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था की गई थी। पुलिस बल तैनात रहा और प्रमुख स्थानों पर निगरानी रखी गई।
महिलाएं, पुरुष और युवा बड़ी संख्या में उपवास रखकर पूजा में शामिल हुए। कई स्थानों पर भंडारे और प्रसाद वितरण का भी आयोजन हुआ। देर रात तक भक्तों का मंदिरों में आना-जाना जारी रहा।
महाशिवरात्रि के अवसर पर पूरा जिला शिवमय नजर आया और आस्था, श्रद्धा व उल्लास के बीच पर्व शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर जिले भर जगह जगह श्रद्धालुओं द्वारा भंडारे का भी आयोजन किया गया।
भव्य कलश यात्रा और भजन संध्या से सजेगा देवरिया का भटनी क्षेत्र
भक्ति के रंग में रंगा भटनी: श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ और प्राण-प्रतिष्ठा से बनेगा आध्यात्मिक इतिहास
भटनी/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा) जनपद देवरिया के भटनी क्षेत्र अंतर्गत बनकटा शिव, सल्लहपुर इन दिनों पूरी तरह भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो चुका है। श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ एवं विग्रह प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। रविवार से प्रारंभ होने जा रहा यह सात दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान क्षेत्र के इतिहास में एक अविस्मरणीय अध्याय जोड़ने वाला है।
मंदिर परिसर, यज्ञ मंडप, मार्ग और आसपास का पूरा इलाका धार्मिक ध्वजों, तोरण द्वारों और आकर्षक सजावट से भव्य रूप में सुसज्जित है। ग्रामीणों से लेकर दूर-दराज के श्रद्धालुओं तक में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक महाकुंभ जैसा वातावरण बन चुका है।
ये भी पढ़ें – महाशिवरात्रि पर शिव पुराण से दिव्य शिव कथा: भोलेनाथ की कृपा, विवाह और मोक्ष का रहस्य
भव्य कलश यात्रा से होगा महायज्ञ का शुभारंभ
यज्ञ समिति के अध्यक्ष प्रभात राय ने बताया कि रविवार को नवनिर्मित भव्य मंदिर परिसर, जो छोटी गंडक नदी के तट पर स्थित है, वहां से कलश यात्रा का शुभारंभ होगा। श्रद्धालु देवरिया घाट से पवित्र जल भरकर भक्ति पथ पर आगे बढ़ेंगे।
कलश यात्रा मठिया टोला, टेघरा, कल्हवारिया, सल्लहपुर राम गुलाम टोला, महुराव और सेमरी टोला सहित विभिन्न गांवों से होते हुए पुनः यज्ञ मंडप पहुंचेगी। इस दौरान हजारों महिला-पुरुष, युवक-युवतियां और बुजुर्ग श्रद्धालु भगवा ध्वज, मंगल गीत और जयघोष के साथ शामिल होंगे।
यह कलश यात्रा केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि सामूहिक आस्था और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बनकर उभरेगी।
ये भी पढ़ें – संत कबीर नगर के तामेश्वरनाथ धाम में महाशिवरात्रि पर उमड़ा जनसैलाब, हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा शिवधाम
श्रीमद्भागवत कथा से सात दिन गूंजेगा यज्ञ स्थल
श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ के दौरान प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से सायं 5 बजे तक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा। कथा वाचन करेंगी अयोध्या धाम की सुप्रसिद्ध व्यास पूज्या लक्ष्मी प्रिया जी।
15 फरवरी से 21 फरवरी तक चलने वाली यह कथा श्रद्धालुओं को भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के पथ पर अग्रसर करेगी। कथा के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, धर्म और मानव जीवन के मूल्यों का विस्तार से वर्णन किया जाएगा।
20 फरवरी को होगा विग्रह प्राण-प्रतिष्ठा का पावन अनुष्ठान
महायज्ञ का सबसे महत्वपूर्ण दिन 20 फरवरी होगा, जब प्रातः 8 बजे विधि-विधान के साथ विग्रह प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न कराई जाएगी। इस अवसर पर वैदिक मंत्रोच्चार, हवन और विशेष पूजन होगा।
यह क्षण मंदिर और क्षेत्रवासियों के लिए अत्यंत पुण्यदायी और ऐतिहासिक माना जा रहा है। श्रद्धालुओं का मानना है कि प्राण-प्रतिष्ठा के बाद मंदिर से सकारात्मक ऊर्जा का संचार पूरे क्षेत्र में होगा।
ये भी पढ़ें – पिकअप–बाइक हादसे में आग का तांडव, महिला की मौके पर मौत
भजन संध्या से सजेगी हर शाम
महायज्ञ के दौरान प्रतिदिन सायं 6:30 बजे से रात्रि 9:30 बजे तक भव्य भजन संध्या का आयोजन होगा, जिसमें देश के ख्यातिलब्ध भजन गायक अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
भजन कलाकारों का क्रम
15–16 फरवरी: राजीव सिंह मधुबन (बिहार),17 फरवरी: स्वाति मिश्रा (मुंबई),18 फरवरी: सुधीर व्यास (उज्जैन, मध्य प्रदेश),19 फरवरी: बृज भूषण एवं दर्शना (वृंदावन, मथुरा),20 फरवरी: कुमार सत्यम (मुंबई)
21 फरवरी: कविता एवं शोभिता पाण्डेय (पटना, बिहार)
भजन संध्या के दौरान पूरा यज्ञ स्थल हरि नाम संकीर्तन और भक्ति रस में डूब जाएगा।
ये भी पढ़ें – शिवरात्रि की पूर्व संध्या पर मऊ को ऐतिहासिक सौगात: 9.38 करोड़ से बने भव्य घाटों का लोकार्पण
प्रशासन रहेगा सतर्क, सुरक्षा का होगा पुख्ता इंतजाम
बनकटा शिव क्षेत्र अपनी पौराणिक महत्ता और महाशिवरात्रि मेले के लिए पहले से ही प्रसिद्ध है। इस बार श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ और प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर ऐतिहासिक भीड़ की संभावना को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। यातायात व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और आपात सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों का लगातार निरीक्षण जारी है।
ये भी पढ़ें – गाजे-बाजे के साथ निकली भव्य शिव बारात लोगों ने की फूलों की वर्षा
समिति की जनमानस से अपील: पधार कर पुण्य के सहभागी बनें
आयोजन समिति ने समस्त क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस आध्यात्मिक महोत्सव को सफल बनाएं और पुण्य के भागी बनें। समिति का कहना है कि यह आयोजन केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना का भी प्रतीक है।
सिंदुरिया में टूटी सड़क पर फूटा गुस्सा: सड़क, नाली और सफाई को लेकर ग्रामीणों का प्रदर्शन
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। मिठौरा क्षेत्र की ग्राम पंचायत सिंदुरिया में रविवार को बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया। सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीण विजय यादव के नेतृत्व में दर्जनों लोगों ने प्रदर्शन करते हुए ग्राम प्रधान और सचिव पर उपेक्षा का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने गांव में नाली निर्माण, इंटरलॉकिंग और नियमित साफ-सफाई की तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
प्रदर्शन में शामिल श्यामबदन, प्रदीप कुमार, गायत्री, सुनीता देवी, मनोज कुमार, गौतम, प्रतिमा देवी, बविता, राजाराम भारती, सरिता देवी, श्यामलाल, रंजीत, सहनाज, मो. लतीफ, हाशबुन निशा, खुशबुन निशा, हारुन और रेहाना सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि ग्रामसभा के दक्षिण मुहल्ले में हारून के घर से समीम के घर तक करीब दस वर्ष पूर्व खड़ंजा मार्ग बना था। देखरेख के अभाव और स्थानीय राजनीति के चलते सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। आज स्थिति यह है कि बारिश में कीचड़ और जलभराव से राहगीरों का निकलना दूभर हो जाता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि बीते एक दशक में किसी भी ग्राम प्रधान या जनप्रतिनिधि ने इस मार्ग के पुनर्निर्माण की पहल नहीं की। इतना ही नहीं, सड़क किनारे बनी नालियां भी वर्षों से साफ नहीं हुई हैं, जिससे गंदा पानी जमा रहता है और बदबू व मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे उच्चाधिकारियों से शिकायत कर बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उनका कहना है कि विकास योजनाओं की बातें कागजों तक सीमित हैं, जबकि जमीनी हकीकत बदहाल है।
इस संबंध में सहायक पंचायत अधिकारी मिठौरा कौशल किशोर सिंह ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं था। हालांकि उन्होंने आश्वासन दिया कि सड़क और नाली की स्थिति की जांच कर शीघ्र ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ताकि ग्रामीणों को आवागमन में हो रही दिक्कतों से राहत मिल सके।
अब देखना यह है कि प्रशासन का यह आश्वासन जमीनी हकीकत में कब बदलता है या ग्रामीणों का आक्रोश और तेज होता है।
करोड़ों की संपत्ति विवाद में खूनी संघर्ष
कार टक्कर के बाद मारी गई गोली
शाहजहांपुर(राष्ट्र क़ी परम्परा)
दिल्ली और शाहजहांपुर में फैली करोड़ों रुपये की संपत्ति को लेकर चल रहा विवाद, रविवार को जानलेवा हिंसा में बदल गया। थाना गढ़िया रंगीन क्षेत्र के खमरिया गांव में एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पहले थार और टियागो कार के बीच टक्कर हुई। इसी दौरान पीछे से आ रही एक स्कॉर्पियो भी दोनों वाहनों से जा टकराई। टक्कर के बाद विवाद बढ़ गया और स्कॉर्पियो सवारों ने तमंचा निकालकर फायरिंग कर दी। गोली लगने से एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतक और आरोपितों के बीच दिल्ली व शाहजहांपुर में संपत्ति को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी रंजिश में वारदात को अंजाम दिए जाने की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने जारी किए सख्त निर्देश
उत्तर पुस्तिका में धनराशि मिलने पर होगी कड़ी कार्रवाई, 18 फरवरी से शुरू होंगी बोर्ड परीक्षाएं
बलिया(राष्ट्र की परम्परा)
वर्ष 2026 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं की शुचिता और पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। परिषद के सचिव भगवती सिंह द्वारा जारी आदेश के क्रम में जनपद बलिया के सभी 132 परीक्षा केंद्रों के केंद्र व्यवस्थापकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षार्थी उत्तर पुस्तिका में किसी भी प्रकार की धनराशि न रखें। यदि ऐसा पाया जाता है तो इसे अनुचित साधन माना जाएगा और संबंधित परीक्षार्थी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
परिषद के अनुसार 18 फरवरी से प्रारंभ होकर 12 मार्च 2026 तक चलने वाली बोर्ड परीक्षाएं पूरी तरह निष्पक्ष और नियमबद्ध ढंग से संपन्न कराई जाएंगी। उत्तर पुस्तिकाओं के संकलन एवं मूल्यांकन की प्रक्रिया को भी पूर्णतः पारदर्शी बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया है। परिषद ने यह भी स्पष्ट किया है कि पूर्व में कुछ मामलों में परीक्षार्थियों द्वारा गलतफहमी या अनुचित लाभ की आशा में उत्तर पुस्तिकाओं में रुपए रखे जाने की घटनाएं सामने आई थीं, जो परीक्षा की गरिमा और अनुशासन के विपरीत है।जारी निर्देश में कहा गया है कि परीक्षा शुरू होने से पूर्व सभी केंद्र व्यवस्थापक कक्ष निरीक्षकों के माध्यम से परीक्षार्थियों को स्पष्ट रूप से जागरूक करें कि उत्तर पुस्तिका में रुपए या किसी भी प्रकार की अवांछित सामग्री रखना दंडनीय अपराध है। यदि मूल्यांकन या संकलन के दौरान किसी उत्तर पुस्तिका में धनराशि पाई जाती है तो उसे तत्काल राजकोष में जमा कराया जाएगा तथा संबंधित परीक्षार्थी के विरुद्ध उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024 के तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी।जिला विद्यालय निरीक्षक देवेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि जनपद के सभी 132 परीक्षा केंद्रों को इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश भेज दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। यदि किसी उत्तर पुस्तिका में धनराशि पाई जाती है तो संबंधित परीक्षार्थी के साथ-साथ ड्यूटी पर तैनात कक्ष निरीक्षक के विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देशित किया कि परीक्षा केंद्रों पर सतर्कता बढ़ाई जाए तथा परीक्षार्थियों को परीक्षा नियमों के प्रति सजग किया जाए, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हो सके। परिषद के इस सख्त रुख को परीक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
शहीद जवान का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचा
सुखपुरा/बलिया(राष्ट्र की परम्परा)।
r“जब तक सूरज चांद रहेगा, राजकुमार तेरा नाम रहेगा… राजकुमार अमर रहे” के गगनभेदी नारों से रविवार को धनौती गांव और आसपास का पूरा इलाका गूंज उठा। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में शनिवार की सुबह हुए भीषण सड़क हादसे में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के चार जवानों की दर्दनाक मृत्यु हो गई थी। इनमें जनपद बलिया के सुखपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत धनौती निवासी कॉन्स्टेबल राजकुमार गोंड भी शामिल थे।
रविवार दोपहर लगभग बारह बजे जैसे ही शहीद जवान का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचा, हजारों की संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। हर आंख नम थी और हर चेहरा गमगीन। गांव की गलियां सिसकियों और श्रद्धांजलि के नारों से गूंज उठीं। पार्थिव शरीर के साथ आए सीआरपीएफ के जवानों तथा उत्तर प्रदेश पुलिस के जवानों ने पूरे सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम सलामी दी। वर्दीधारी साथियों की नम आंखों के बीच जब सलामी दी गई तो वातावरण अत्यंत भावुक हो उठा।बताया जाता है कि राजकुमार गोंड छुट्टी समाप्त होने के बाद ड्यूटी पर लौटने के लिए अपने साथियों के साथ कार से रेलवे स्टेशन जा रहे थे। इसी दौरान छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें चार जवानों की मौके पर ही मौत हो गई।मृतक जवान के घर का दृश्य बेहद मार्मिक था। पत्नी पूजा देवी बेसुध होकर विलाप करती रहीं। तीन माह का मासूम पुत्र हर्ष और पांच वर्षीया पुत्री श्रेयांशी अभी यह समझ भी नहीं पा रहे कि उनके सिर से पिता का साया उठ चुका है। पिता शमशेर और माता शिव कुमारी का रो-रोकर बुरा हाल था। परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।छत्तीसगढ़ के जगदलपुर स्थित कोबरा बटालियन 201 के कमांडेंट अखिलेश कुमार शर्मा, सीआरपीएफ के इंस्पेक्टर मुहम्मद शाजिद अंसारी, एसआई राम लखन सोनकर सहित कई अधिकारियों व जवानों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने भी पुष्पचक्र अर्पित कर शहीद को नमन किया। धनौती ही नहीं, बल्कि पूरा क्षेत्र अपने वीर सपूत की असामयिक मृत्यु से स्तब्ध है। लोगों ने कहा कि राजकुमार गोंड का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा और उनका नाम सदा सम्मान के साथ लिया जाएगा। पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। गांव में शोक की लहर है, लेकिन साथ ही अपने लाल पर गर्व भी है, जिसने देश सेवा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
गाजे-बाजे के साथ निकली भव्य शिव बारात लोगों ने की फूलों की वर्षा
देवी-देवताओं की झांकियां व नृत्य ने लोगों का मन मोहा
बरहज/देवरिया(राष्ट्र क़ी परम्परा)महाशिवरात्रि पर रविवार को एक ओर जहां मंदिरों में भोर से ही पूजा अर्चना का दौर चलता रहा। वहीं दूसरी तरफ नगर के श्रीराम जानकी नीलकंठ महादेव मंदिर से भगवान शंकर की भव्य शिव बारात मंदिर समिति द्वारा निकाली गयी। गाजे-बाजे और हाथी-घोड़े के साथ निकली भगवान शिव की भव्य बारात को देखने के लिए लोग उमड़ पड़े। बारात में शामिल भगवान शिव तथा उनके गणों की झांकी सभी के आकर्षण का केंद्र बनी रही। इस दौरान भगवान शिव के जयकारे भी लगते रहे। अपरान्ह को मंदिर परिसर से विशाल रथ पर निकली शिव की बारात में शामिल बाराती पैदल ही चल रहे थे। बारात नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। बैंड बाजे तथा हाथी-घोड़े के साथ निकली इस शिव बारात में शामिल भक्त हर हर महादेव के नारे भी लगते रहे। ज्यों-ज्यों बारात आगे बढ़ती गयी, इसमें शामिल भक्तों की संख्या में बढ़ती चली गयी। मंदिर परिसर से निकली भगवान शिव की बारात पटेल नगर, हनुमान गढ़ी, थाना रोड, मेन रोड, रुद्रपुर रोड पैना रोड से होकर गुजरी। इस दौरान भगवान शिव के भक्ति गीतों की धुन पर बाराती झूमते रहे और भगवान शिव के जयकारे भी गूंजते रहे। जिस मार्ग से बारात गुजर रही थीं छतों से लोग बारातियों का फूल वर्षा करके स्वागत कर रहे थें। दर्जनों शिव भक्त स्टॉल लगाकर बारातियों के लिए जलपान की व्यवस्था किए हुए थे । शिव बारात में सतर्कता व सुरक्षा के दृष्टिगत उपजिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी, प्रभारी निरीक्षक के साथ पुलिस बल के जवान भी चलते रहे। इस अवसर पर पुजारी दिनेश पाठक, रामकेश्वर जायसवाल, हरिशंकर चौरसिया, अमरेन्द्र गुप्ता , अजीत जायसवाल, प्रदीप जायसवाल, श्याम जायसवाल, जितेन्द्र भारत, विवेक गुप्ता, अनिल वर्मा, प्रदीप मद्धेशिया, अनिल चौरसिया, मनोज गुप्ता, उमेश यादव, अमित शर्मा, धर्मेन्द्र जायसवाल, राजकुमार निषाद, हीरालाल गुप्ता, मुन्ना रावत, जयराम चौहान, देवता गोड़िया, संजय मद्धेशिया, अर्जुन जायसवाल, मनोज पटवा, पंकज विश्वकर्मा, मुकेश पटेल, रामू चौहान सहित हजारों शिव भक्त मौजुद रहें।
आर सेटी कुशीनगर में कौशल-विकास को नई दिशा
स्टेट डायरेक्टर दया शंकर मिश्र का विजिट, प्रशिक्षण गुणवत्ता पर दिया विशेष जोर
कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)। ग्रामीण स्वरोजगार को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत आर सेटी कुशीनगर में स्टेट डायरेक्टर दया शंकर मिश्र का आधिकारिक विजिट हुआ। इस दौरान उन्होंने संस्थान का निरीक्षण किया और संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की गुणवत्ता, पाठ्यक्रम की उपयोगिता तथा ट्रेनीज के कौशल-विकास की प्रगति का बारीकी से आकलन किया। यह आर सेटी कुशीनगर विजिट जिले में कौशल-आधारित रोजगार सृजन के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है।
ये भी पढ़ें – “युवाओं के सपनों को मिला संबल: आरसेटी देवरिया में राज्य निदेशक का औचक निरीक्षण, स्वरोजगार को लेकर दिए महत्वपूर्ण निर्देश”
निरीक्षण के दौरान स्टेट डायरेक्टर ने प्रशिक्षण कक्षाओं, प्रैक्टिकल सत्रों और संसाधनों का जायजा लिया। उन्होंने आर सेटी कुशीनगर प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल ट्रेनीज से संवाद कर उनकी सीख, चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं को समझा। मार्गदर्शन देते हुए उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण केवल प्रमाणपत्र तक सीमित न रहे, बल्कि स्थायी स्वरोजगार की दिशा में ठोस परिणाम दे। उन्होंने डिजिटल साक्षरता, वित्तीय अनुशासन और बाजार-उन्मुख स्किल्स पर विशेष ध्यान देने की बात कही।
इस अवसर पर संस्थान के निदेशक श्रीकांत वर्मा ने आर सेटी की उपलब्धियों, प्लेसमेंट/स्वरोजगार परिणामों और आगामी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आर सेटी कुशीनगर में प्रशिक्षण को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप अपडेट किया जा रहा है ताकि युवाओं को सीधे रोजगार के अवसर मिलें। निरीक्षण के दौरान पूरा आर सेटी स्टाफ उपस्थित रहा और टीमवर्क के साथ प्रशिक्षण संचालन की प्रक्रिया साझा की गई।
ये भी पढ़ें – पीएम के नाम पर फ्लाइट टिकट बुकिंग: नियम क्या कहते हैं?
स्टेट डायरेक्टर दया शंकर मिश्र ने प्रशिक्षकों से कहा कि वे उद्योग-सम्बंधित कौशल, उद्यमिता विकास और फील्ड-आधारित सीख पर फोकस बढ़ाएं। उन्होंने ट्रेनीज को प्रेरित करते हुए कहा कि निरंतर अभ्यास, सही मार्गदर्शन और अनुशासन से वे आत्मनिर्भर बन सकते हैं। आर सेटी कुशीनगर निरीक्षण से स्पष्ट है कि संस्थान गुणवत्ता और परिणाम—दोनों पर समान रूप से काम कर रहा है।
कार्यक्रम के अंत में फीडबैक सत्र हुआ, जिसमें प्रशिक्षण में सुधार, मॉड्यूल अपडेट और स्थानीय बाजार से जोड़ने पर सुझाव दिए गए। यह आर सेटी कुशीनगर विजिट न केवल संस्थान के लिए बल्कि जिले के युवाओं के लिए भी उत्साहवर्धक रहा।
भारत–नेपाल सीमा पर हाई अलर्ट: पुलिस व एसएसबी का मेगा सघन चेकिंग अभियान
महाशिवरात्रि और नेपाल में चुनाव प्रक्रिया को लेकर बढ़ी चौकसी, सीमा स्तंभ 524/12 तक पैदल गश्त
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के थाना सोनौली अंतर्गत पुलिस चौकी खनुआ क्षेत्र में सीमावर्ती सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के उद्देश्य से पुलिस एवं सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की संयुक्त टीम द्वारा व्यापक सघन चेकिंग एवं पैदल गश्त अभियान चलाया गया। महाशिवरात्रि पर्व के दौरान संभावित भीड़-भाड़, सुरक्षा चुनौतियों तथा नेपाल में जारी चुनाव प्रक्रिया को दृष्टिगत रखते हुए यह विशेष अभियान हाई अलर्ट के बीच संचालित किया गया।
सहायक कमांडेंट हरदीडाली के नेतृत्व में गठित संयुक्त टीम ने कस्बा हरदीडाली से भारत–नेपाल सीमा तक आने-जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों, वैकल्पिक रास्तों, कच्ची पगडंडियों, खेतों के संपर्क मार्गों और संवेदनशील बिंदुओं की गहन जांच की। टीम ने विशेष रूप से मुर्दहिया घाट स्थित सीमा स्तंभ संख्या 524/12 के आस-पास सघन तलाशी अभियान चलाया। जवानों ने पैदल गश्त करते हुए झाड़ियों, नदी किनारे के क्षेत्रों और संभावित आवागमन स्थलों का बारीकी से निरीक्षण किया, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की संभावना को समाप्त किया जा सके।
अभियान के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों से पूछ-ताछ की गई तथा दोपहिया और चारपहिया वाहनों की सघन जांच कर दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। पहचान पत्रों की जांच के साथ ही सुरक्षा मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया गया। सीमावर्ती क्षेत्र में आने-जाने वाले लोगों को सख्त हिदायत दी गई कि वे आवश्यक दस्तावेज साथ रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना पुलिस को दें।
संयुक्त टीम ने स्थानीय व्यापारियों, ग्रामीणों और सीमा क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों से संवाद स्थापित कर उन्हें सीमावर्ती सुरक्षा व्यवस्था के महत्व के बारे में जागरूक किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि तस्करी, अवैध आवाजाही और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पुलिस और एसएसबी पूरी तरह प्रतिबद्ध है। त्योहारों और विशेष परिस्थितियों में सतर्कता और भी बढ़ा दी जाती है, ताकि शांति एवं कानून व्यवस्था प्रभावित न हो।
अधिकारियों के अनुसार सीमावर्ती क्षेत्रों में नियमित रूप से ऐसे संयुक्त अभियान चलाए जाते रहेंगे। इससे न केवल अपराध और तस्करी पर नियंत्रण मजबूत होगा, बल्कि आम नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा भी कायम रहेगा।
उक्त सघन गश्त एवं चेकिंग अभियान चौकी प्रभारी खनुआ, थाना सोनौली पुलिस टीम तथा एसएसबी जवानों के समन्वित प्रयासों से शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
अवैध गर्भपात की कीमत: फाफामऊ की युवती वेंटिलेटर पर, प्रेमी फरार
प्रयागराज (राष्ट्र की परम्परा)। प्रेम के नाम पर धोखा और लापरवाही की एक दर्दनाक घटना सामने आई है। फाफामऊ क्षेत्र की 20 वर्षीय युवती अवैध गर्भपात के बाद गंभीर हालत में वेंटिलेटर पर जिंदगी की जंग लड़ रही है। उसे गंभीर स्थिति में स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल (एसआरएन) में भर्ती कराया गया है।
झोलाछाप के पास कराया गर्भपात, बिगड़ी हालत
जानकारी के अनुसार, युवती शादी से पहले गर्भवती हो गई थी। आरोप है कि उसका तथाकथित प्रेमी उसे गर्भ गिराने के लिए एक झोलाछाप के पास ले गया। ऑपरेशन के दौरान युवती की बच्चेदानी और आंतें गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गईं।
स्थिति बिगड़ने पर युवक फरार हो गया। बाद में मां उसे एसआरएन अस्पताल लेकर पहुंची, लेकिन डॉक्टरों के अनुसार भर्ती प्रक्रिया के दौरान ही मां भी वहां से चली गई।
ये भी पढ़े – मेरठ में बनेगा देश का पहला UAV और ड्रोन रनवे
तीन घंटे चला ऑपरेशन, बच्चेदानी निकाली गई
प्रमुख अधीक्षक डॉ. नीलम सिंह के निर्देश पर डॉक्टरों की टीम ने युवती का आपातकालीन ऑपरेशन किया। टीम में डॉ. संतोष सिंह, डॉ. आत्रेई साहा, डॉ. अनामिका पांडेय, डॉ. खालिद, डॉ. विवेक और डॉ. आदित्य शामिल रहे।
डॉ. संतोष सिंह के अनुसार, युवती की बच्चेदानी बुरी तरह क्षतिग्रस्त थी और आंतों में छेद हो गया था। करीब तीन घंटे तक चले ऑपरेशन में बच्चेदानी निकालनी पड़ी और आंतों की मरम्मत की गई।
हालांकि खतरा अभी टला नहीं है और मरीज को वेंटिलेटर पर रखा गया है।
डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी
डॉ. नीलम सिंह ने बताया कि युवती की हालत अत्यंत नाजुक है और गहन निगरानी में उपचार चल रहा है। अस्पताल प्रशासन ने उसे बचाने के लिए हर संभव प्रयास करने की बात कही है।
यह मामला अवैध गर्भपात और झोलाछाप चिकित्सकों की खतरनाक प्रथा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
Read this: https://ce123steelsurvey.blogspot.com/2025/12/important-geography-questions-for-up.html?m=1
