Monday, May 4, 2026
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चन्द्रदेव का क्षय और अमृत से पुनर्जागरण: शास्त्रीय विवेचन

शास्त्रोक्त चन्द्रदेव कथा – एपिसोड 13 | चन्द्रदेव का तप, क्षय-रोग और अमृत स्नान की दिव्य लीला

शास्त्रोक्त चन्द्रदेव कथा का यह 13वाँ एपिसोड चन्द्रदेव के जीवन की वह निर्णायक कड़ी प्रस्तुत करता है जहाँ अहंकार से क्षय, तप से शुद्धि और अमृत से पुनर्जागरण का अद्भुत समन्वय मिलता है। पुराणों में वर्णित यह प्रसंग केवल एक देवकथा नहीं, बल्कि जीवन-दर्शन है।
एपिसोड 13: चन्द्रदेव का क्षय और तप की शुरुआत
शास्त्रों के अनुसार, जब चन्द्रदेव ने अपने सौंदर्य और प्रभाव से उत्पन्न अहंकार में मर्यादाओं का उल्लंघन किया, तब उनका तेज क्षीण होने लगा। यह क्षय केवल देह का नहीं था—यह धर्मबोध का क्षय था। देवताओं ने इसे दैवी संकेत माना कि नियमभंग का परिणाम अवश्यंभावी है।
इस अवस्था में चन्द्रदेव ने आत्मचिंतन किया और प्रायश्चित का मार्ग चुना। उन्होंने निश्चय किया कि वे तप द्वारा अपने दोषों का शमन करेंगे। यहीं से शास्त्रोक्त चन्द्रदेव कथा का यह अध्याय नई दिशा लेता है—जहाँ दंड नहीं, सुधार प्रधान बनता है।
तपस्या का विधान और सोम-तत्व का बोध
चन्द्रदेव ने पवित्र स्थलों पर कठोर तप आरंभ किया। उपवास, मौन, ध्यान और नियम—इन सबका उद्देश्य था सोम-तत्व की शुद्धि। शास्त्र बताते हैं कि सोम केवल चन्द्र का द्रव्य नहीं, बल्कि जीवनरस है—वनस्पति, औषधि और मन की शांति उसी से जुड़ी है।
तप के दौरान चन्द्रदेव ने यह जाना कि शक्ति का स्रोत संयम है, और तेज का स्थायित्व विनय से आता है। यह प्रसंग आज के पाठक के लिए भी संदेश देता है कि सफलता तभी टिकती है जब उसके साथ अनुशासन हो।
देवताओं की करुणा और अमृत-स्नान का वरदान
चन्द्रदेव की तपस्या से देवगण प्रसन्न हुए। उन्होंने अमृत-स्नान का विधान बताया—एक ऐसा दिव्य अनुष्ठान, जिससे क्षय का अंत और तेज का पुनर्जागरण संभव हुआ।
अमृत-स्नान केवल औषधि नहीं था; वह कर्म-शुद्धि का प्रतीक था। स्नान के उपरांत चन्द्रदेव का प्रकाश धीरे-धीरे लौटने लगा। यही कारण है कि चन्द्रमा की कला घटती-बढ़ती दिखाई देती है—यह कथा कालचक्र और कर्मफल का जीवंत प्रतीक है।
चन्द्रकला का रहस्य और लोकजीवन
शास्त्रों में चन्द्रकला का घट-बढ़ केवल खगोलीय घटना नहीं मानी गई। यह मानसिक अवस्थाओं, ऋतुचक्र और औषधीय प्रभाव से जुड़ी है।
अमावस्या: आत्मचिंतन और शुद्धि
पूर्णिमा: पूर्णता, उत्सव और उन्नति
इसी कारण व्रत-उपवास, औषधि-संग्रह और कृषि-कार्य में चन्द्रचक्र का विशेष महत्व है। शास्त्रोक्त चन्द्रदेव कथा यहाँ लोकजीवन से सीधा संवाद करती है।
धर्म, मर्यादा और नेतृत्व का संदेश
एपिसोड 13 का केंद्रीय संदेश है—नेतृत्व में मर्यादा। चन्द्रदेव जैसे तेजस्वी देव भी नियमों से ऊपर नहीं। जब मर्यादा टूटी, क्षय आया; जब विनय अपनाया, पुनर्जागरण हुआ।
यह कथा आज के समाज में शक्ति-संतुलन, जिम्मेदारी और आत्मसंयम की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
आध्यात्मिक प्रतीक और मनोवैज्ञानिक अर्थ
क्षय-रोग: अहंकार से उत्पन्न आंतरिक रिक्तता
तप: आत्मशोधन और अनुशासन
अमृत: ज्ञान और करुणा
इन प्रतीकों के माध्यम से शास्त्र बताते हैं कि समस्या का समाधान बाहर नहीं, अंदर होता है।कथा-सार (त्वरित बिंदु),नियमभंग से तेज का क्षय,तप और प्रायश्चित से शुद्धि,अमृत-स्नान से पुनर्जागरण,चन्द्रकला में कर्मफल का संकेत,लोकजीवन में चन्द्रचक्र का प्रभाव।
शास्त्रोक्त चन्द्रदेव कथा – एपिसोड 13 हमें सिखाता है कि पतन अंत नहीं, सुधार की शुरुआत हो सकता है। विनय, संयम और प्रायश्चित से खोया हुआ तेज लौटता है। यही कारण है कि यह कथा आज भी प्रासंगिक है—व्यक्तिगत जीवन से लेकर सामाजिक नेतृत्व तक।

तंबाकू मुक्त भारत: कानून, नीति और राजनीतिक इच्छाशक्ति की परीक्षा

भारत में तंबाकू पूर्ण निषेध की तात्कालिक आवश्यकता: जनस्वास्थ्य, अर्थव्यवस्था और नैतिकता पर निर्णायक विधायी पहल
राष्ट्रीय तंबाकू निषेध अधिनियम 2026 एवं भारतीय तंबाकू उत्पाद निषेध विधेयक 2026 को बजट सत्र में तात्कालिक शेड्यूल करना क्यों ज़रूरी


तंबाकू आज केवल एक व्यक्तिगत आदत नहीं, बल्कि भारत सहित पूरे विश्व के लिए एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य आपदा बन चुका है। प्रतिवर्ष लाखों मौतें, असंख्य परिवारों की आर्थिक-सामाजिक तबाही और भावी पीढ़ियों के स्वास्थ्य पर मंडराता खतरा — यह सब तंबाकू महामारी के प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। भारत जैसे विशाल जनसंख्या वाले देश में इसकी भयावहता और भी गहरी है।

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ऐसे समय में यह प्रश्न अत्यंत प्रासंगिक है कि क्या केवल कर वृद्धि, चेतावनी चित्र और जागरूकता अभियान पर्याप्त हैं? या अब समय आ गया है कि भारत में तंबाकू पर पूर्ण, व्यापक और कठोर कानूनी निषेध लागू किया जाए।
प्रस्तावित राष्ट्रीय तंबाकू निषेध (निर्माण, बिक्री एवं उपभोग निषेध) एवं जनस्वास्थ्य संरक्षण अधिनियम, 2026 तथा भारतीय तंबाकू उत्पाद (निर्माण, भंडारण, परिवहन, बिक्री और आयात) निषेध विधेयक, 2026 को संसद के बजट सत्र में तात्कालिक रूप से प्रस्तुत करना आज की सबसे बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य आवश्यकता बन चुकी है।
तंबाकू महामारी: भारत के जनस्वास्थ्य पर बहुआयामी आघात
स्वास्थ्य की दृष्टि से तंबाकू का प्रभाव घातक और सर्वव्यापी है। धूम्रपान और धुआँ-रहित तंबाकू दोनों ही शरीर के लगभग हर अंग को प्रभावित करते हैं। फेफड़ों का कैंसर, मुख एवं गले का कैंसर, हृदयाघात, स्ट्रोक, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिज़ीज़ जैसी बीमारियाँ सीधे तौर पर तंबाकू सेवन से जुड़ी हैं।

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भारत में गुटखा, पान मसाला और अन्य धुआँ-रहित तंबाकू उत्पादों के कारण मुख कैंसर के मामलों में खतरनाक वृद्धि देखी जा रही है। यह संकट केवल उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं है। पैसिव स्मोकिंग के कारण बच्चे, महिलाएँ और बुजुर्ग भी गंभीर जोखिम में हैं। गर्भवती महिलाओं पर इसका प्रभाव भ्रूण के विकास को प्रभावित करता है, जिससे कम वजन या जन्मजात विकृतियाँ उत्पन्न हो सकती हैं।
तंबाकू प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर करता है, जिससे टीबी जैसी संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। इस प्रकार तंबाकू एक ऐसी महामारी है जो गैर-संचारी और संक्रामक दोनों प्रकार की बीमारियों को बढ़ावा देती है।

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भारत में तंबाकू नियंत्रण कानून: क्यों साबित हो रहे हैं अपर्याप्त
भारत में पहले से ही सिगरेट्स एंड अदर टोबैको प्रोडक्ट्स एक्ट (COTPA) 2003, सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषेध, विज्ञापन प्रतिबंध और पैकेजिंग पर चेतावनी जैसे प्रावधान मौजूद हैं। कई राज्यों में गुटखा प्रतिबंध भी लागू है और भारत अंतरराष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण संधियों का पक्षकार है।
इसके बावजूद जमीनी हकीकत यह है कि तंबाकू उत्पाद आज भी आसानी से उपलब्ध, सस्ते और सामाजिक रूप से स्वीकार्य बने हुए हैं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में छोटे दुकानों, पान ठेलों पर गुटखा और बीड़ी खुलेआम बिक रहे हैं, जिससे किशोर और युवा वर्ग भी इसकी चपेट में आ रहा है। यह स्पष्ट करता है कि मौजूदा कानूनों में कठोर प्रवर्तन और पूर्ण निषेध की कमी है।

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सामाजिक और नैतिक संकट: तंबाकू से बढ़ती असमानता
सामाजिक दृष्टि से तंबाकू परिवारों में तनाव, आर्थिक दबाव और मानसिक पीड़ा का कारण बनता है। जब परिवार का कमाने वाला सदस्य तंबाकू जनित बीमारी से ग्रसित होता है, तो पूरा परिवार गरीबी और कर्ज के चक्र में फँस जाता है।
बीड़ी उद्योग जैसे क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिक, विशेषकर महिलाएँ और बाल श्रमिक, अत्यंत अमानवीय परिस्थितियों में काम करते हैं। वे स्वयं भी तंबाकू धूल और रसायनों के संपर्क में आकर गंभीर स्वास्थ्य जोखिम उठाते हैं। यह सामाजिक असमानता को और गहरा करता है।
नैतिक दृष्टि से यह प्रश्न गंभीर है कि जब तंबाकू से मृत्यु और गंभीर रोग होना निर्विवाद सत्य है, तब भी इसका उत्पादन और विपणन कैसे जारी रह सकता है। लाभ के लिए मानव जीवन की कीमत चुकाना किसी भी नैतिक समाज के मूल्यों के विपरीत है।

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आर्थिक तर्क का भ्रम: राजस्व से अधिक है राष्ट्रीय नुकसान
अक्सर तंबाकू के पक्ष में राजस्व का तर्क दिया जाता है। परंतु वास्तविकता यह है कि तंबाकू से होने वाला आर्थिक नुकसान, उससे मिलने वाले कर राजस्व से कहीं अधिक है।
इलाज पर होने वाला भारी खर्च, काम से अनुपस्थिति, उत्पादकता में गिरावट और समयपूर्व मृत्यु — यह सब मिलकर राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर गंभीर बोझ डालते हैं। गरीब परिवार अपनी सीमित आय का बड़ा हिस्सा तंबाकू पर खर्च करते हैं, जिससे बच्चों की शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य प्रभावित होता है। यह अंतरपीढ़ी गरीबी को जन्म देता है।
पूर्ण निषेध ही समाधान: 2026 के विधेयकों की ऐतिहासिक भूमिका
अब समय आ गया है कि भारत कर वृद्धि और चेतावनी तक सीमित नीति से आगे बढ़े। राष्ट्रीय तंबाकू निषेध अधिनियम 2026 और भारतीय तंबाकू उत्पाद निषेध विधेयक 2026 यदि लागू होते हैं, तो यह जनस्वास्थ्य की दिशा में ऐतिहासिक कदम होगा।

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अंतरराष्ट्रीय अनुभव बताते हैं कि सख्त प्रतिबंध, सादे पैकेजिंग और कठोर जुर्माने से तंबाकू सेवन में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। साथ ही, तंबाकू उद्योग से जुड़े श्रमिकों के पुनर्वास, वैकल्पिक रोजगार और किसानों के लिए वैकल्पिक फसलों की व्यवस्था कर आर्थिक प्रभाव को संतुलित किया जा सकता है।
निष्कर्ष
तंबाकू केवल व्यक्तिगत स्वतंत्रता का प्रश्न नहीं, बल्कि सार्वजनिक हित, सामाजिक न्याय और भावी पीढ़ियों की सुरक्षा का प्रश्न है। यदि भारत को स्वस्थ, उत्पादक और नैतिक रूप से सुदृढ़ राष्ट्र बनाना है, तो संसद के बजट सत्र में तंबाकू पर पूर्ण और कठोर निषेध कानून प्रस्तुत कर निर्णायक कदम उठाना अनिवार्य है।
यह कदम भारत को वैश्विक स्तर पर यह संदेश देगा कि मानव जीवन और जनस्वास्थ्य किसी भी राजस्व या औद्योगिक हित से ऊपर हैं।

लेखक / संकलनकर्ता
कर विशेषज्ञ स्तंभकार, साहित्यकार, अंतरराष्ट्रीय लेखक, चिंतक, कवि, संगीत माध्यमा, सीए (एटीसी), एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं
गोंदिया, महाराष्ट्र

रसड़ा युवक हत्याकांड में बड़ी कार्रवाई: मुठभेड़ में दो आरोपी गिरफ्तार, पैर में लगी गोली


बलिया (राष्ट्र की परम्परा) रसड़ा युवक हत्याकांड में पुलिस ने तेज़ और सख़्त कार्रवाई करते हुए रविवार को मुठभेड़ के दौरान दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई रसड़ा क्षेत्र में की गई, जहाँ शनिवार को चाकू से गोदकर एक युवक की हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव और दहशत का माहौल था। रसड़ा युवक हत्याकांड को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई थी।

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मुठभेड़ के दौरान बदमाशों के पैर में लगी गोली
पुलिस के अनुसार, घेराबंदी के दौरान संदिग्धों को रोकने की कोशिश की गई, लेकिन दोनों बदमाश भागने लगे। इसी दौरान फायरिंग हुई और आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई में दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी। घायल अवस्था में उन्हें तत्काल हिरासत में लेकर उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। रसड़ा युवक हत्याकांड में यह कार्रवाई कानून-व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में अहम मानी जा रही है।

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हथियार और बाइक बरामद, पूछताछ जारी
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एक तमंचा, कारतूस और दो बाइक बरामद की गई हैं। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में कई अहम सुराग हाथ लगे हैं, जिनके आधार पर रसड़ा युवक हत्याकांड की साजिश और अन्य संलिप्त लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। इससे पहले इस मामले में दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।
हत्या से फैली सनसनी, पुलिस की सख़्ती
शनिवार को हुई युवक की नृशंस हत्या ने बलिया जिले में सनसनी फैला दी थी। चाकू से गोदकर की गई हत्या के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए इलाके में गश्त बढ़ाई और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त बल तैनात किया। रसड़ा युवक हत्याकांड में त्वरित गिरफ्तारी से लोगों ने राहत की सांस ली है।

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शांति व्यवस्था पर पुलिस की नजर
पुलिस प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। कानून के मुताबिक आगे की विधिक कार्रवाई जारी है और आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा। रसड़ा युवक हत्याकांड में दोषियों को सख़्त सजा दिलाने के लिए पुख़्ता साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

आज जन्मे दिग्गज: कला से क्रिकेट तक 16 फ़रवरी का सफ़र

16 फ़रवरी को जन्मे प्रसिद्ध व्यक्ति: इतिहास, कला, राजनीति और खेल के चमकते सितारे


16 फ़रवरी को जन्मे व्यक्ति भारतीय इतिहास और आधुनिक भारत—दोनों में अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं। मराठा साम्राज्य के प्रशासन से लेकर भारतीय क्रिकेट, साहित्य, कला और राजनीति तक—इस तारीख़ ने देश को ऐसे व्यक्तित्व दिए जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में स्थायी योगदान दिया। आइए, 16 फ़रवरी को जन्मे प्रसिद्ध व्यक्ति और उनके जीवन–कर्म पर एक नज़र डालते हैं।

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🏛️ थोरले माधवराव पेशवा (1745)
मराठा साम्राज्य के चौथे पेशवा थोरले माधवराव पेशवा ने कम उम्र में ही प्रशासनिक कुशलता दिखाई। आर्थिक सुधार, सैन्य अनुशासन और स्थिर शासन उनकी पहचान रहे। उनके कार्यकाल ने मराठा सत्ता को पुनर्गठित करने में अहम भूमिका निभाई।
📚 राजेन्द्रलाल मित्रा (1822)
भारत विद्या के प्रख्यात विद्वान राजेन्द्रलाल मित्रा ने भारतीय इतिहास, पुरातत्त्व और भाषाशास्त्र में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने भारतीय सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठा दिलाने का कार्य किया।
🏏 वसीम जाफ़र (1978)
भारतीय क्रिकेट के भरोसेमंद बल्लेबाज़ वसीम जाफ़र घरेलू क्रिकेट के दिग्गज रहे। रणजी ट्रॉफी में उनके रिकॉर्ड आज भी प्रेरणा हैं। संन्यास के बाद कोचिंग और विश्लेषण के माध्यम से वे क्रिकेट को नई दिशा दे रहे हैं।

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🗳️ एल. गणेशन (1945)
तमिलनाडु से भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एल. गणेशन संगठनात्मक कौशल और वैचारिक प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते हैं। राष्ट्रीय राजनीति में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है।
🎨 गुलाम मोहम्मद शेख़ (1937)
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध चित्रकार, लेखक और कला समालोचक गुलाम मोहम्मद शेख़ ने आधुनिक भारतीय कला को नई दृष्टि दी। उनकी कृतियों में परंपरा और आधुनिकता का सुंदर समन्वय दिखता है।

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🏛️ वी. सी. पाण्डे (1932)
अरुणाचल प्रदेश, बिहार और झारखंड के राज्यपाल रहे वी. सी. पाण्डे प्रशासनिक अनुभव और संवैधानिक मर्यादाओं के पालन के लिए जाने जाते हैं।
✍️ विश्वनाथ त्रिपाठी (1931)
हिंदी साहित्य के प्रमुख आलोचक, कवि और गद्यकार विश्वनाथ त्रिपाठी ने हिंदी आलोचना को नई संवेदना और दृष्टि दी। उनका लेखन अकादमिक और पाठकीय—दोनों स्तरों पर प्रभावी है।

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🔎 क्यों खास है 16 फ़रवरी?
16 फ़रवरी को जन्मे व्यक्ति इतिहास, साहित्य, कला, खेल और राजनीति—हर क्षेत्र में भारत की पहचान को समृद्ध करते हैं। यह तारीख़ नेतृत्व, रचनात्मकता और अनुशासन का प्रतीक बनती है।
⚠️ अस्वीकरण
यह जानकारी विभिन्न स्रोतों के गहन अध्ययन और छानबीन के आधार पर प्रस्तुत की गई है। फिर भी किसी प्रकार की त्रुटि की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। हम किसी भी 100% प्रमाणित दावे का दावा नहीं करते।

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16 फ़रवरी का इतिहास:1914 से 2013 तक की प्रमुख घटनाएँ

16 फ़रवरी का इतिहास विश्व, भारत और समकालीन राजनीति-संस्कृति के कई निर्णायक पड़ावों को समेटे हुए है। यह दिन विमानन की शुरुआती उड़ानों से लेकर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति, साहित्य, खेल और विज्ञान तक—कई क्षेत्रों में यादगार घटनाओं का साक्षी रहा।
1914: विमानन इतिहास में मील का पत्थर
लॉस एंजिलिस और सैन फ्रांसिस्को के बीच पहली बार एक विमान ने सफल उड़ान भरी। यह उपलब्धि आधुनिक वाणिज्यिक विमानन की नींव मानी जाती है, जिसने दूरियों को कम किया और वैश्विक संपर्क को तेज़ किया।
1918: लिथुआनिया की स्वतंत्रता
यूरोप के बाल्टिक क्षेत्र में लिथुआनिया ने खुद को स्वतंत्र घोषित किया। यह घोषणा प्रथम विश्व युद्ध के बाद यूरोपीय राजनीति में उभरते राष्ट्रवाद का प्रतीक बनी।
1959: क्यूबा में सत्ता परिवर्तन
क्रांति के बाद फिदेल कास्त्रो ने फुलगेनसियो बतिस्ता को अपदस्थ कर क्यूबा की सत्ता संभाली। इस घटना ने लैटिन अमेरिका की राजनीति और शीतयुद्ध की दिशा को प्रभावित किया।
1969: मिर्ज़ा ग़ालिब की स्मृति
उर्दू-फारसी के महान शायर मिर्ज़ा ग़ालिब की 100वीं पुण्यतिथि पर भारत सरकार ने डाक टिकट जारी किया—यह साहित्यिक विरासत के सम्मान का प्रतीक था।
1982: नेहरू गोल्ड कप फुटबॉल
कोलकाता में पहली बार जवाहरलाल नेहरू इंटरनेशनल गोल्ड कप फुटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन हुआ, जिसने भारत में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल को नई पहचान दी।
1986: पुर्तग़ाल का नया अध्याय
मारियो सोरेस पुर्तग़ाल के पहले असैनिक राष्ट्रपति निर्वाचित हुए—लोकतांत्रिक परंपराओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में अहम कदम।
1987: भारतीय नौसेना की शक्ति में वृद्धि
पनडुब्बी-रोधी क्षमता वाले मिसाइल को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया, जिससे समुद्री सुरक्षा और रणनीतिक संतुलन मज़बूत हुआ।
1990: नामीबिया के पहले राष्ट्रपति
सैम नुजोमा नामीबिया के पहले राष्ट्रपति बने—अफ्रीका में उपनिवेशवाद-विरोधी संघर्ष की सफलता का प्रतीक।
1994: सुमात्रा में विनाशकारी भूकंप
इंडोनेशिया के सुमात्रा में 6.5 तीव्रता के भूकंप से लगभग 200 लोगों की मौत हुई—आपदा प्रबंधन की चुनौतियाँ सामने आईं।
2001: इराक पर हवाई हमले
अमेरिकी और ब्रिटिश विमानों ने इराक पर हमला किया, जिससे पश्चिम एशिया की भू-राजनीति में तनाव बढ़ा।
2003: डॉली भेड़
विश्व की पहली क्लोन भेड़ डॉली को दया-मृत्यु दी गई। यह घटना जैव-प्रौद्योगिकी और नैतिक बहसों में मील का पत्थर बनी।
2004: भारत-पाक वार्ता
इस्लामाबाद में भारत और पाकिस्तान के अधिकारियों के बीच वार्ता शुरू हुई—द्विपक्षीय संवाद की दिशा में सकारात्मक संकेत।
2008: भारत में नीतिगत पहल और सम्मान
मध्य प्रदेश शासन ने पार्श्व गायक नितिन मुकेश को लता मंगेशकर पुरस्कार दिया।
टाटा मोटर्स ने सेना के लिए लाइट स्पेशलिस्ट व्हीकल उतारा।
बिहार में नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना शुरू की।
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में मिराज विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ।
2009: अंतरिम बजट
कार्यवाहक वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने 2009-10 का अंतरिम बजट पेश किया।
2010: साहित्य और कला सम्मान
साहित्य अकादमी पुरस्कारों की घोषणा हुई। सम्मानितों में कैलाश वाजपेयी, मनमोहन झा, बद्रीनाथ चतुर्वेदी शामिल रहे।
संगीत नाटक अकादमी फ़ैलो (अकादमी रत्न) से पंडित जसराज, डॉ. श्रीराम लागू और यामिनी कृष्णमूर्ति समेत छह विभूतियाँ सम्मानित हुईं।
2013: पाकिस्तान में आतंकी हमला
पाकिस्तान के हजारा कस्बे के बाज़ार में बम विस्फोट में 84 लोगों की मौत और 190 घायल—आतंकवाद की भयावहता उजागर।
निष्कर्ष
16 फ़रवरी का इतिहास मानव उपलब्धियों, संघर्षों और सीखों का दर्पण है—जो हमें अतीत से भविष्य के लिए दिशा देता है।
अस्वीकरण
उपरोक्त ऐतिहासिक विवरण गहन छानबीन के आधार पर प्रस्तुत है। फिर भी किसी भी प्रकार की त्रुटि के लिए हम जिम्मेदार नहीं हैं।

मूलांक राशिफल 16 फरवरी 2026: किस मूलांक की चमकेगी किस्मत

🔮 आज का मूलांक राशिफल 16 फरवरी 2026: जानें सभी मूलांक वालों का दिन कैसा रहेगा


आज का मूलांक राशिफल 16 फरवरी 2026 | अंक ज्योतिष भविष्यफल
अंक ज्योतिष के अनुसार जन्मतिथि के आधार पर व्यक्ति का मूलांक निकाला जाता है। मूलांक व्यक्ति के स्वभाव, निर्णय क्षमता, करियर, आर्थिक स्थिति और दैनिक जीवन पर गहरा प्रभाव डालता है।
आइए जानते हैं आज का मूलांक राशिफल 16 फरवरी 2026 सभी मूलांक 1 से 9 के लिए विस्तार से।

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मूलांक 1 (जन्म तिथि: 1, 10, 19, 28)
प्रतिनिधि ग्रह – सूर्य देव
आज सरकारी नौकरी से जुड़े लोगों के लिए दिन शुभ संकेत दे रहा है। लंबे समय से अटके कार्यों में प्रगति होगी और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में थोड़ी चुनौतियां रहेंगी, धैर्य बनाए रखें। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें।
उपाय: रविवार या प्रतिदिन गाय को गुड़ व रोटी खिलाएं।
मूलांक 2 (जन्म तिथि: 2, 11, 20, 29)
प्रतिनिधि ग्रह – चंद्र देव
आज पैसों के लेन-देन में सावधानी बेहद जरूरी है। किसी करीबी रिश्तेदार से गलतफहमी हो सकती है। अचानक खर्च बढ़ने से मानसिक तनाव महसूस हो सकता है। भावनाओं में बहकर निर्णय न लें।
उपाय: सार्वजनिक स्थान पर जल की व्यवस्था कराएं।

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मूलांक 3 (जन्म तिथि: 3, 12, 21, 30)
प्रतिनिधि ग्रह – बृहस्पति देव
दिनचर्या में अनुशासन लाने से स्वास्थ्य और आत्मविश्वास दोनों में सुधार होगा। घर के बड़े-बुजुर्गों का मार्गदर्शन मिलेगा। शिक्षा और ज्ञान से जुड़े लोगों के लिए दिन अनुकूल है।
उपाय: गुरु, शिक्षक और बुजुर्गों का सम्मान करें।
मूलांक 4 (जन्म तिथि: 4, 13, 22, 31)
प्रतिनिधि ग्रह – राहु देव
युवा वर्ग को करियर को लेकर पूरी एकाग्रता बनाए रखनी होगी। लापरवाही भविष्य में नुकसान पहुंचा सकती है। संतान इंटरनेट के माध्यम से नई विदेशी भाषा सीखने में रुचि ले सकती है।
उपाय: खराब या बेकार विद्युत उपकरण घर में न रखें।

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मूलांक 5 (जन्म तिथि: 5, 14, 23)
प्रतिनिधि ग्रह – बुध देव
कार्यस्थल पर फिलहाल वर्तमान जिम्मेदारियों पर ही ध्यान दें। कोई बड़ा निर्णय लेने से पहले अनुभवी व्यक्ति की सलाह लेना लाभदायक रहेगा। वाणी और व्यवहार से लाभ मिलेगा।
उपाय: साफ-सुथरी और मीठी वाणी का प्रयोग करें।
मूलांक 6 (जन्म तिथि: 6, 15, 24)
प्रतिनिधि ग्रह – शुक्र देव
आज पारिवारिक वातावरण सुखद और शांत रहेगा। घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहेगी। प्रेम संबंधों में छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज करना बेहतर रहेगा, वरना तनाव बढ़ सकता है।
उपाय: कपूर की टिकिया जल में प्रवाहित करें।
मूलांक 7 (जन्म तिथि: 7, 16, 25)
प्रतिनिधि ग्रह – केतु देव
बच्चों की संगति और गतिविधियों पर नजर रखना जरूरी है। शाम को परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थल पर जाने का योग बन सकता है, जिससे मानसिक शांति मिलेगी।
उपाय: केसर का तिलक लगाएं।

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मूलांक 8 (जन्म तिथि: 8, 17, 26)
प्रतिनिधि ग्रह – शनि देव
आज किसी बड़े फैसले में असमंजस की स्थिति बन सकती है। जल्दबाजी नुकसानदेह हो सकती है। अनुभवी व्यक्ति की सलाह से लिया गया निर्णय लाभ देगा। प्रॉपर्टी में निवेश का विचार बन सकता है।
उपाय: चौमुखी दीपक में सरसों के तेल का दीप जलाएं।
मूलांक 9 (जन्म तिथि: 9, 18, 27)
प्रतिनिधि ग्रह – मंगल देव
सरकारी नौकरी से जुड़े लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। नियमों के विरुद्ध कोई भी कार्य भविष्य में परेशानी का कारण बन सकता है। क्रोध पर नियंत्रण रखें।
उपाय: भाई-बहन से अनावश्यक विवाद न करें।
⚠️ महत्वपूर्ण सूचना
यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। हम किसी भी प्रकार के प्रमाणित या कानूनी दावे नहीं करते। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले योग्य विशेषज्ञ या सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।

सोमवार का पंचांग: पूजा-पाठ और व्रत के लिए कितना शुभ है आज का दिन?

हिंदू पंचांग 16 फरवरी 2026: आज फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी, सर्वार्थसिद्धि योग, जानें शुभ-अशुभ समय
🔍 आज का पंचांग | 16 फरवरी 2026, सोमवार
(Hindu Panchang Today 16 February 2026)
आज का दिन फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि का है। सोमवार होने के कारण चंद्र और शिव तत्व का प्रभाव विशेष रूप से माना जाता है। आज सर्वार्थसिद्धि योग भी बन रहा है, जो कई शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।

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🗓️ आज की तिथि व संवत विवरण
तिथि: कृष्ण पक्ष चतुर्दशी
⏰ समाप्ति: शाम 05:34 बजे तक
➡️ इसके बाद अमावस्या आरंभ
विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त)
शक संवत: 1947 (विश्वावसु)
चंद्र मास:अमांत – माघ
पूर्णिमांत – फाल्गुन
वैदिक / द्रिक ऋतु: शिशिर
अयन: उत्तरायण
🌟 नक्षत्र, योग और करण
✨ नक्षत्र – श्रवण – रात 08:47 PM तक
धनिष्ठा – उसके बाद
✨ योग- वरीयान योग – रात 01:49 AM तक
परिघ योग – उसके बाद

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✨ करण – शकुनि – 05:34 PM तक
चतुष्पद – 05:36 AM तक
नाग – उसके बाद
🌙 सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्य राशि: कुंभ
चंद्र राशि: मकर (पूरा दिन-रात)
चन्द्रोदय: 06:11 AM
चन्द्रास्त: 05:23 PM
🌅 सूर्योदय और सूर्यास्त
सूर्योदय: 07:02 AM
सूर्यास्त: 06:19 PM

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⚠️ आज के अशुभ काल (इन समयों में शुभ कार्य से बचें)
राहुकाल: 08:27 AM – 09:51 AM
यम गण्ड: 11:16 AM – 12:40 PM
कुलिक काल: 02:05 PM – 03:30 PM
दुर्मुहूर्त: 01:03 PM – 01:48 PM
03:18 PM – 04:03 PM
वर्ज्यम्: 12:52 AM – 02:30 AM
✅ आज के शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: 05:25 AM – 06:13 AM
अभिजीत मुहूर्त: 12:18 PM – 01:03 PM
अमृत काल: 09:57 AM – 11:37 AM

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🧘 विशेष योग व फल
सर्वार्थसिद्धि योग: ⏰ 07:02 AM से 08:47 PM तक
आनन्दादि योग: सिद्धि योग (शुभ)
आज का दिन पूजा-पाठ, ध्यान, जप, व्रत संकल्प के लिए अनुकूल माना जाता है।
⚠️ चंद्राष्टम नक्षत्र (इन नक्षत्रों वालों को सावधानी)
मृगशिरा (अंतिम 2 चरण)
आर्द्रा
पुनर्वसु (प्रथम 3 चरण)
⚖️ महत्वपूर्ण सूचना (Disclaimer)
प्रस्तुत पंचांग सामान्य धार्मिक-ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है।
हम किसी भी प्रकार का प्रमाणित दावा नहीं करते।
किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पूर्व योग्य ज्योतिषाचार्य या विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।

राशिफ़ल में जानिए आज आपका दिन बनाएगा या बिगाड़ेगा ?

🟠 मेष से मीन तक का दैनिक राशिफल, जानें कैसा रहेगा आपका सोमवार, 16 फरवरी 2026 का दिन ग्रह-नक्षत्रों की दृष्टि से विशेष माना जा रहा है।

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🔴 मेष राशि (Aries Aaj Ka Rashifal) यात्रा के योग बन रहे हैं। परिवार के साथ धार्मिक स्थल पर जाने का अवसर मिल सकता है। नया व्यापार शुरू करने से पहले अनुभवी लोगों से सलाह अवश्य लें। माता-पिता के आशीर्वाद से कार्यों में सफलता मिलेगी। पुराने लेन-देन से लाभ संभव है।
🟢 वृषभ राशि (Taurus Aaj Ka Rashifal) नौकरीपेशा लोगों को इंक्रीमेंट या प्रमोशन के संकेत हैं। लंबे समय से नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को शुभ समाचार मिल सकता है। भाई-बहनों का पूरा सहयोग मिलेगा और पारिवारिक रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी।
🟡 मिथुन राशि (Gemini Aaj Ka Rashifal व्यापार में नई चुनौतियाँ सामने आएंगी, जिनसे आप सफलतापूर्वक निपटेंगे। रुके हुए कार्य पूरे होंगे। ऑफिस में सलाह मिलेगी, लेकिन निर्णय स्वयं लें। परिवार का पूरा सहयोग मिलेगा।
🔵 कर्क राशि (Cancer Aaj Ka Rashifal) किसी अन्य व्यक्ति की वजह से कार्यों में देरी हो सकती है। जीवनसाथी से मधुर संवाद रखें। खर्चों पर नियंत्रण जरूरी है। शाम के समय बच्चों के साथ अच्छा समय बितेगा। गणेश आरती करने से मानसिक शांति मिलेगी।
🦁 सिंह राशि (Leo Aaj Ka Rashifal) काम के सिलसिले में यात्रा संभव है। निजी बातें किसी से साझा न करें। आय में वृद्धि के योग हैं। दांपत्य जीवन में प्रयास करने की जरूरत है। महिलाएं स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें।

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🌾 कन्या राशि (Virgo Aaj Ka Rashifal) अचानक धनलाभ के योग हैं। ऑफिस मीटिंग में आपकी प्रस्तुति सराही जाएगी। संतान से सहयोग मिलेगा। मॉडलिंग और क्रिएटिव क्षेत्र से जुड़े लोगों को अच्छा अवसर मिल सकता है।
⚖️ तुला राशि (Libra Aaj Ka Rashifal) दिन अनुकूल रहेगा। व्यापार में प्रगति होगी। घर में सुधार या खरीदारी संभव है। बजट का ध्यान रखें। दूर के रिश्तेदार का आगमन हो सकता है। ऑफिस में वरिष्ठों से अनावश्यक बातचीत से बचें।
🦂 वृश्चिक राशि (Scorpio Aaj Ka Rashifal) बदलाव को लेकर विचार करेंगे। सहकर्मी पूरा सहयोग देंगे। कला और रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए दिन शुभ है। माता-पिता का सहयोग मिलेगा। मंदिर में मिश्री का दान शुभ रहेगा।

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🏹 धनु राशि (Sagittarius Aaj Ka Rashifal) दिन लाभदायक रहेगा। व्यापारियों के रुके काम तेजी से आगे बढ़ेंगे। वकीलों को सफलता मिल सकती है। भूमि से जुड़े पुराने मामलों में लाभ संभव है। छात्रों को परिवार से मार्गदर्शन मिलेगा।
🐐 मकर राशि (Capricorn Aaj Ka Rashifal) मिला-जुला दिन रहेगा। ऑनलाइन कार्य शुरू करने का विचार बनेगा। आध्यात्मिक रुचि बढ़ेगी। पारिवारिक विवाद समाप्त हो सकते हैं। आर्थिक मामलों में जीवनसाथी का सहयोग लें।
🌊 कुंभ राशि (Aquarius Aaj Ka Rashifal) दिन बहुत अच्छा रहेगा। मान-सम्मान और प्रसिद्धि मिल सकती है। विवाह योग्य लोगों के लिए रिश्ते का प्रस्ताव आ सकता है। स्वास्थ्य के लिए नियमित व्यायाम लाभदायक रहेगा।

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🐟 मीन राशि (Pisces Aaj Ka Rashifal) दिन सुनहरे अवसर लेकर आएगा। इलेक्ट्रॉनिक और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों को लाभ होगा। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति के संकेत हैं। दांपत्य जीवन में विश्वास मजबूत होगा।
⚠️ अस्वीकरण (Disclaimer)यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। हम किसी भी प्रकार के प्रमाणित दावे नहीं करते। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले योग्य विशेषज्ञ या सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।

न्याय रथ को जिला जज रणधीर सिंह ने दिखाई हरी झंडी, अंतिम छोर तक पहुंचेगा न्याय

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। “न्याय चला निर्धन से मिलने” की भावना को साकार करते हुए राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा भेजा गया 12 सीटर ‘फोर्स’ वाहन सोमवार को जनपद पहुंच गया। वाहन को जनपद न्यायाधीश रणधीर सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और इसके उद्देश्य की सफलता की कामना की।
प्रदेश के विभिन्न जिलों में न्याय सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए न्याय रथ भेजे जा रहे हैं। संत कबीर नगर में इसके आगमन से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और न्यायिक परिसर में उत्साह का माहौल रहा।
न्याय रथ का मुख्य उद्देश्य जिले के दूरस्थ और वंचित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को निःशुल्क विधिक सहायता, परामर्श और न्याय संबंधी जानकारी उपलब्ध कराना है, ताकि जरूरतमंदों को समय पर न्याय मिल सके।
इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय नासिर अहमद, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं न्यायिक अधिकारी सुनील कुमार सिंह, अपर जिला जज गजेंद्र सिंह, कृष्ण कुमार, न्यायिक अधिकारी अशोक कसौधन, लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के चीफ अंजय कुमार श्रीवास्तव, नाजिर बृजेश सिंह सहित अन्य न्यायिक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

भारत बनाम पाकिस्तान टी20 विश्व कप 2026: कोलंबो में एकतरफा जीत, ईशान किशन का तूफान, गेंदबाजों ने तोड़ी पाकिस्तानी कमर


कोलंबो (राष्ट्र की परम्परा खेल डेस्क)। भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मुकाबला सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि करोड़ों भावनाओं की टक्कर होता है। लेकिन ICC T20 World Cup 2026 के ग्रुप ए मुकाबले में यह रोमांच पूरी तरह भारत के पक्ष में रहा। भारत ने पाकिस्तान को आर. प्रेमदासा स्टेडियम, कोलंबो में खेले गए मैच में एकतरफा अंदाज़ में शिकस्त दी। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 7 विकेट पर 175 रन बनाए, जवाब में पाकिस्तान की टीम 114 रन पर सिमट गई।
ईशान किशन का कहर, भारत को मजबूत शुरुआत
भारत की जीत के सबसे बड़े नायक सलामी बल्लेबाज ईशान किशन रहे, जिन्हें शानदार बल्लेबाजी के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया। स्पिन के अनुकूल पिच पर ईशान ने 40 गेंदों में 77 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 10 चौके और 3 छक्के शामिल रहे।
पहले ही ओवर में अभिषेक शर्मा के आउट होने के बाद ईशान ने मोर्चा संभाला और तिलक वर्मा के साथ दूसरे विकेट के लिए 87 रनों की अहम साझेदारी की। ईशान ने पाकिस्तान के प्रमुख तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी की शुरुआती गेंदों पर आक्रामक अंदाज़ दिखाते हुए साफ संदेश दे दिया कि वह किसी दबाव में नहीं हैं।
मिडिल ऑर्डर का योगदान
ईशान के आउट होने के बाद भी भारत की रन गति नहीं थमी। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने 32 रन की उपयोगी पारी खेली, जबकि शिवम दुबे ने 27 रन जोड़कर स्कोर को मजबूती दी। अंतिम ओवरों में रिंकू सिंह ने शाहीन की गेंदों पर चौका-छक्का लगाकर भारत को 170 के पार पहुंचाया।
पाकिस्तान की स्पिन रणनीति रही नाकाम
धीमी पिच को देखते हुए पाकिस्तान ने स्पिन गेंदबाजों पर भरोसा जताया और कुल 18 ओवर स्पिन से कराए। सईम अयूब 25 रन देकर तीन विकेट लेकर सबसे सफल गेंदबाज रहे, जबकि सलमान अली आगा और उस्मान तारिक को एक-एक सफलता मिली। हालांकि भारतीय बल्लेबाजों ने संयम और आक्रामकता का सही संतुलन बनाकर पाकिस्तानी योजना को विफल कर दिया।
बुमराह–हार्दिक की शुरुआती मार
175 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की शुरुआत बेहद खराब रही। जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पांड्या ने नई गेंद से घातक गेंदबाजी करते हुए सलामी बल्लेबाजों को जल्दी पवेलियन भेजा। पावरप्ले में ही पाकिस्तान दबाव में आ गया।
स्पिन तिकड़ी ने तोड़ी कमर
मिडिल ओवर्स में भारतीय स्पिनरों ने पाकिस्तान की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। अक्षर पटेल ने दो विकेट चटकाए, जबकि वरुण चक्रवर्ती और कुलदीप यादव ने अहम सफलताएं हासिल कीं। एक विकेट तिलक वर्मा के खाते में भी गया। नतीजा यह रहा कि पूरी पाकिस्तानी टीम 114 रन पर ढेर हो गई।
टॉस और टीम संयोजन
पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। भारत ने अर्शदीप सिंह को बाहर रखकर कुलदीप यादव को अंतिम एकादश में शामिल किया, जो पूरी तरह सही साबित हुआ। वहीं पाकिस्तान की ओर से शाहीन अकेले विशेषज्ञ तेज गेंदबाज के रूप में उतरे।
मैच का संक्षिप्त स्कोर
भारत: 175/7 (20 ओवर)
पाकिस्तान: 114 ऑल आउट
भारत की जीत: 61 रन से
मैन ऑफ द मैच: ईशान किशन
क्यों खास रही यह जीत? भारत की बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में संतुलन,ईशान किशन की मैच जिताऊ पारी,स्पिनरों का दबदबा,पाकिस्तान की रणनीति का पूरी तरह फ्लॉप होना

सिकन्दरपुर में शिवरात्रि पर निकली भव्य शिव बारात, झांकियों ने मोहा मनसिकन्दरपुर/बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

आदर्श नगर पंचायत सिकन्दरपुर में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी भव्य शिव बारात धूमधाम से निकाली गई। नगर के दो स्थानों से निकली बारात ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया। सबसे पहले किला का पोखरा से मनोज कुमार मोदनवाल की अध्यक्षता में शिव बारात निकली। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष के साथ नगर भ्रमण पर निकली। इसके लगभग दो घंटे बाद चतुर्भुज नाथ मंदिर से दूसरी शिव बारात का शुभारंभ हुआ। दोनों बारातों में आकर्षक झांकियों की विशेष सजावट की गई थी। भगवान शिव, माता पार्वती, गणेश, कार्तिकेय तथा विभिन्न देवी-देवताओं की मनोहारी झांकियों ने लोगों का मन मोह लिया। जगह-जगह पुष्प वर्षा कर श्रद्धालुओं ने बारात का स्वागत किया। डीजे और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन पर श्रद्धालु थिरकते नजर आए।नगर पंचायत के लोग बड़ी संख्या में बारात में शामिल होकर आनंद उठाते रहे। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सभी उत्साह के साथ कार्यक्रम का हिस्सा बने। पूरे नगर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर प्रसाद वितरण और जलपान की भी व्यवस्था की गई थी।वहीं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस अधिकारी लगातार गश्त करते रहे और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी गई। प्रशासन की मुस्तैदी के कारण कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।शिवरात्रि के इस पावन अवसर पर निकली शिव बारात ने नगरवासियों को भक्ति और उल्लास से सराबोर कर दिया।

पंदह मोड़ पर टेंपो पलटा, चार घायल; दो की हालत गंभीर

सिकंदरपुर /बलिया(राष्ट्र की परम्परा)l बलिया–सिकंदरपुर मार्ग पर पंदह मोड़ के सामने रविवार की शाम टेंपो पलटने से चार लोग घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकंदरपुर पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद दो की हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
सभी लोग प्रयागराज से स्नान कर घर लौट रहे थे। वे बलिया से टेंपो में सवार होकर सिकंदरपुर की ओर आ रहे थे। जैसे ही वाहन पंदह मोड़ के पास पहुंचा, सामने से तेज रफ्तार में आ रहा एक ट्रक अचानक विपरीत दिशा में आ गया। ट्रक को सामने देख टेंपो चालक ने टक्कर से बचने के लिए वाहन को अपनी दिशा में मोड़ने का प्रयास किया, लेकिन तेज गति और अचानक ब्रेक लगाने के कारण वाहन असंतुलित होकर सड़क पर पलट गया।हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और घायलों को बाहर निकालकर एंबुलेंस व निजी वाहनों की मदद से सिकन्दरपुर अस्पताल पहुंचाया। दुर्घटना में 50 वर्षीय पूनम पांडे पत्नी धनंजय पांडे, 35 वर्षीय गिरजा पांडे पत्नी सुनील पांडे, 13 वर्षीय सनी पाण्डेय पुत्र सुनील पांडे तथा 40 वर्षीय प्रमिला पाण्डेय पत्नी विमलेश पाण्डेय घायल हो गए। चिकित्सकों के अनुसार 50 वर्षीय पूनम पांडे और 13 वर्षीय सनी पाण्डेय को गंभीर चोटें आई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है। अन्य दो घायलों की हालत स्थिर बताई जा रही है।सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी लेकर जांच शुरू कर दी। हादसे के चलते कुछ समय के लिए मार्ग पर यातायात बाधित रहा, जिसे बाद में सामान्य कराया गया। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तेज रफ्तार और रांग साइड चलने वाले वाहनों पर सख्ती से कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।सभी घायल उच्वार गांव के है

बाबा साहब की जयंती पर आगरा में होगी भव्य भीमनगरी, तैयारियां तेज

आगरा। (राष्ट्र की परम्परा)सामाजिक समरसता और संविधान निर्माता के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाली 31वीं भीमनगरी की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में रविवार को जूता प्रदर्शनी केन्द्र, कोठी मीना बाजार के निकट स्थित स्थल पर भीमनगरी समारोह आयोजन समिति-2026 के कार्यालय का विधिवत उद्घाटन किया गया।
उद्घाटन समारोह में केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल, उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, विधायक जी. एस. धर्मेश तथा जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने संयुक्त रूप से फीता काटकर कार्यालय का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
सामाजिक जागरूकता और समरसता का बनेगा केंद्र
भीमनगरी का आयोजन हर वर्ष सामाजिक चेतना और संविधान के मूल्यों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया जाता है। आयोजकों ने बताया कि इस वर्ष भीमनगरी को और अधिक भव्य तथा आकर्षक स्वरूप देने की योजना बनाई गई है, जिससे समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने का प्रयास किया जा सके।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल ने कहा कि बाबा साहब डॉ. अंबेडकर ने देश को संविधान देकर समानता और न्याय का मार्ग दिखाया। उन्होंने कहा कि भीमनगरी जैसे आयोजन नई पीढ़ी को सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनते हैं।
आयोजन को भव्य बनाने का संकल्प
उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि बाबा साहब के विचार आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने कहा कि 31वीं भीमनगरी के आयोजन को ऐतिहासिक बनाने के लिए सरकार और प्रशासन पूरा सहयोग देगा। उन्होंने युवाओं से बाबा साहब के आदर्शों को अपनाने और शिक्षा को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया।
विधायक जी. एस. धर्मेश ने भी अपने संबोधन में कहा कि भीमनगरी केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक जागरूकता का अभियान है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन से समाज में समानता, शिक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।
विकास कार्यों के लिए सौंपा गया मांग पत्र
उद्घाटन समारोह के दौरान भीमनगरी आयोजन समिति द्वारा जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी को विभिन्न विकास कार्यों से संबंधित मांग पत्र सौंपा गया। समिति ने आयोजन स्थल पर सड़क, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता, पेयजल और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की मांग रखी।
जिलाधिकारी ने आयोजन समिति को आश्वस्त करते हुए कहा कि भीमनगरी से जुड़े सभी विकास कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे किए जाएंगे। उन्होंने संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश देने का भरोसा भी दिलाया।
सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों का होगा आयोजन
भीमनगरी समारोह के दौरान कई सांस्कृतिक, शैक्षिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आयोजकों के अनुसार इस वर्ष कार्यक्रम में—
सामाजिक जागरूकता से जुड़े प्रदर्शनी स्टॉल
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
शिक्षा और रोजगार मार्गदर्शन शिविर
सामाजिक समरसता पर विचार गोष्ठियां
संविधान और बाबा साहब के जीवन पर आधारित प्रदर्शनियां
जैसे कार्यक्रम शामिल किए जाएंगे।
आयोजन समिति का मानना है कि इन कार्यक्रमों से युवाओं और आम नागरिकों को संविधान और सामाजिक न्याय के प्रति जागरूक किया जा सकेगा।
बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी की तैयारी
भीमनगरी आयोजन समिति ने बताया कि हर वर्ष लाखों श्रद्धालु और दर्शक इस आयोजन में शामिल होते हैं। इस बार भी बड़ी संख्या में लोगों के आगमन की संभावना को देखते हुए प्रशासन और आयोजन समिति संयुक्त रूप से तैयारियों में जुटी हुई है।
आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष कार्यक्रम को अधिक व्यवस्थित और आकर्षक बनाने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जाएंगी, जिससे आगंतुकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
समाज को जोड़ने का सशक्त माध्यम
विशेषज्ञों का मानना है कि भीमनगरी जैसे आयोजन सामाजिक समरसता और जागरूकता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बाबा साहब के विचार आज भी समाज के हर वर्ग को प्रेरित करते हैं और समानता तथा शिक्षा के महत्व को मजबूत करते हैं।
आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि उनका लक्ष्य केवल एक भव्य आयोजन करना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाना है। उन्होंने कहा कि भीमनगरी समाज को जोड़ने और नई पीढ़ी को प्रेरित करने का सशक्त माध्यम बन रही है।
गणमान्य लोगों की रही मौजूदगी
उद्घाटन समारोह में भीमनगरी केंद्रीय समिति के करतार सिंह भारतीय, धर्मेंद्र सोनी सहित आयोजन समिति के कई पदाधिकारी और समाज के गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने मिलकर कार्यक्रम की सफलता के लिए सहयोग और समन्वय बनाए रखने का संकल्प लिया।
सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बनेगी भीमनगरी
31वीं भीमनगरी का आयोजन बाबा साहब के आदर्शों और संविधान के मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा। यह आयोजन सामाजिक समानता, शिक्षा और जागरूकता को बढ़ावा देने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करेगा।
आयोजकों को उम्मीद है कि इस बार भी भीमनगरी जनभागीदारी और सांस्कृतिक विविधता का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत करेगी।

एफएसएसएआई ने स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को सिखाए खाद्य सुरक्षा के नियम

आगरा। (राष्ट्र की परम्परा)खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) उत्तर क्षेत्र द्वारा स्ट्रीट फूड विक्रेताओं के लिए एक व्यापक प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम संजय पैलेस स्थित सूरसदन प्रेक्षागृह में आयोजित हुआ, जिसमें जनपद के एक हजार से अधिक स्ट्रीट फूड विक्रेताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का आयोजन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया गया, जिसका उद्देश्य आम नागरिकों तक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना तथा स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को खाद्य सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूक करना रहा।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ कार्यशाला का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल और विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर कई वरिष्ठ प्रशासनिक एवं खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में एफएसएसएआई के संयुक्त निदेशक (प्रशिक्षण प्रभाग) अंकेश्वर मिश्रा, नगर मजिस्ट्रेट वेद सिंह चौहान, सहायक आयुक्त (खाद्य) उत्तर प्रदेश एफएसडीए सैयद शाहनाज हैदर आबिदी, एफएसएसएआई की प्रबंधक निमिशा तोमर तथा सहायक आयुक्त (खाद्य–II) महेंद्र श्रीवास्तव सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को दिया गया व्यवहारिक प्रशिक्षण
कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को खाद्य सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। प्रशिक्षण में विशेष रूप से निम्न विषयों पर ध्यान केंद्रित किया गया—
खाद्य पदार्थों को स्वच्छता मानकों के अनुरूप तैयार करना
मिलावट रहित खाद्य सामग्री का उपयोग
सुरक्षित खाद्य भंडारण और संरक्षण तकनीक
व्यक्तिगत स्वच्छता और कार्यस्थल की साफ-सफाई
ग्राहकों के साथ विनम्र और जिम्मेदार व्यवहार
प्रशिक्षकों ने बताया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए साफ पानी का उपयोग, उचित तापमान पर खाद्य सामग्री का संरक्षण तथा उपकरणों की नियमित सफाई बेहद आवश्यक है।
मंत्री ने दिलाई स्वच्छता और गुणवत्ता की शपथ
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल ने कहा कि भारत में स्ट्रीट फूड संस्कृति देश की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि स्ट्रीट फूड विक्रेताओं की जिम्मेदारी केवल भोजन बेचने तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा भी उनसे जुड़ी होती है।
उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे सभी रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को स्वच्छता, गुणवत्ता और ईमानदारी के साथ खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की शपथ दिलाई। साथ ही प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले विक्रेताओं को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित भी किया गया।
खाद्य सुरक्षा से मजबूत होगी जनस्वास्थ्य व्यवस्था
कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार की कार्यशालाओं का उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना ही नहीं बल्कि खाद्य सुरक्षा के राष्ट्रीय मानकों को जमीनी स्तर तक लागू करना भी है। इससे उपभोक्ताओं को सुरक्षित भोजन मिलेगा और खाद्य जनित बीमारियों में कमी आएगी।
विशेषज्ञों ने बताया कि खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करने से स्ट्रीट फूड विक्रेताओं का व्यवसाय भी मजबूत होगा और ग्राहक विश्वास में वृद्धि होगी।
स्ट्रीट फूड विक्रेताओं की आजीविका को मिलेगा प्रोत्साहन
कार्यशाला में यह भी बताया गया कि खाद्य सुरक्षा मानकों को अपनाने से स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को अधिक ग्राहक मिलेंगे और उनकी आय में भी वृद्धि होगी। सरकार का उद्देश्य स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को संगठित क्षेत्र से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि भविष्य में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे ताकि खाद्य सुरक्षा को जन-जन तक पहुंचाया जा सके।
‘स्वस्थ भारत, सुरक्षित आहार’ अभियान को मिला बल
इस कार्यशाला को ‘स्वस्थ भारत, सुरक्षित आहार’ अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के साथ-साथ खाद्य व्यवसाय से जुड़े छोटे व्यापारियों को भी नई पहचान और मजबूती मिलेगी।
कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों ने खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करने और स्वच्छता को प्राथमिकता देने का संकल्प लिया

शादी की खुशियां मातम में बदलीं, गड्ढे में गिरी बाइक से दो युवकों की मौत

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के मेंहदावल थाना क्षेत्र के बेलौली गांव के पास देर रात एक बाइक अनियंत्रित होकर करीब 12 फीट गहरे गड्ढे में गिर गई, जिससे दो युवकों की इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए बाइक को कब्जे में ले लिया है।
मृतकों की पहचान 25 वर्षीय रामकेश उर्फ छोटू यादव (बढ़या ठाठर टोला मधईपुर) और 22 वर्षीय सोहन उर्फ गोलू (बरूईपुर) के रूप में हुई है। दोनों दोस्त मोबाइल ठीक कराने गोरखपुर जिले के जसवल बाजार गए थे और रात में घर लौट रहे थे। बेलौली गांव में एक जनप्रतिनिधि के आवास से लगभग 200 मीटर आगे उनकी बाइक अचानक असंतुलित हो गई और सड़क किनारे बने गहरे गड्ढे में जा गिरी।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने एम्बुलेंस बुलाकर दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मेंहदावल पहुंचाया। चिकित्सकों ने रामकेश को मृत घोषित कर दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल सोहन को जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी भी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया बाइक अनियंत्रित होकर गड्ढे में गिरने की बात सामने आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सोहन के पिता ने बताया कि वह मुंबई में निजी नौकरी करता था और शादी की तैयारियों के लिए दस दिन पहले घर आया था। सोमवार को उसकी सगाई और 11 मार्च को विवाह तय था। घटना से कुछ देर पहले उसने घर पहुंचने की सूचना दी थी, लेकिन बाद में पुलिस से हादसे की जानकारी मिली।
रामकेश पंजाब के लुधियाना में टेलरिंग का काम करता था। चार वर्ष पूर्व उसकी शादी हुई थी और उसका दो वर्ष का बेटा है। परिवार की जीविका खेती पर निर्भर है। दो भाइयों और दो बहनों में वह चौथे स्थान पर था। इस हादसे से दोनों परिवारों में शोक छा गया है।