Monday, May 4, 2026
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स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास लेखन पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी 19-20 को

  • प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के समय में हो सकता है फेरबदल
  • 1857 की क्रांति और प्लासी युद्ध के बीच होगी बड़ी बहस
  • 1857 के पूर्व एवं पश्चात के ऐतिहासिक साक्ष्यों की होगा नए सिरे से मंथन
    • दो दिवसीय राष्ट्रीय मंथन में उजागर हो सकते हैं नए ऐतिहासिक तथ्य
  • उत्तर प्रदेश राज्य अभिलेखागार, लखनऊ के तत्वावधान में लगेगी भव्य प्रदर्शनी
  • दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन करेगा इतिहास विभाग

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास विभाग तथा उत्तर प्रदेश राज्य अभिलेखागार के संयुक्त तत्वावधान में महायोगी श्री गुरु गोरक्षनाथ शोधपीठ में 19 व 20 फरवरी को दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित होगी। संगोष्ठी का विषय है— “भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की गूँज: इतिहास लेखन (आंदोलन की केंद्रभूमि उत्तर प्रदेश के संदर्भ में)”।
संगोष्ठी में अब तक इतिहास की पुस्तकों में दर्ज मान्यताओं पर पुनर्मंथन किया जाएगा। 1857 की क्रांति को भारत के प्रथम स्वतंत्रता आंदोलन के रूप में दर्ज किए जाने के संदर्भ में क्रांतिकारी फतेह बहादुर शाही की भूमिका सहित कई ऐतिहासिक तथ्यों पर नए सिरे से चर्चा होगी। क्रांतिकारी फतेह बहादुर शाही, बंधू सिंह, मोहम्मद हसन, बाबा दिग्विजयनाथ, बाबा राघव दास, हनुमान प्रसाद पोद्दार, दशरथ द्विवेदी, शिब्बनलाल सक्सेना, फिराक गोरखपुरी, हकीम आरिफ, गणेश शंकर विद्यार्थी, लाल मोहम्मद साईं आदि के योगदान का उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार यह चिंतन शिविर कई स्थापित ऐतिहासिक तथ्यों में रचनात्मक पुनर्व्याख्या का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।
संगोष्ठी में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली से लगभग 20 शोधार्थी और शिक्षक भाग लेंगे। विषय से संबंधित एक प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ एडवांस्ड स्टडी के निदेशक एवं भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद के सदस्य प्रो. हिमांशु चतुर्वेदी उपस्थित रहेंगे। सारस्वत अतिथि के रूप में अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ. बालमुकुंद पाण्डेय शामिल होंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद के सदस्य सचिव डॉ. ओम जी उपाध्याय तथा अन्य वक्ताओं में छपरा विश्वविद्यालय के प्रो. राजेश कुमार नायक, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के प्रो. हृदय नारायण और लखनऊ विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त आचार्य प्रो. आरूप चक्रवर्ती संगोष्ठी को संबोधित करेंगे।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि यह विभाग और विश्वविद्यालय के लिए गौरव का विषय है। ऐसे शैक्षणिक आयोजनों से शोधार्थियों को लाभ मिलता है और विश्वविद्यालय की शोध गुणवत्ता सुदृढ़ होती है। विभागाध्यक्ष एवं संयोजक प्रो. मनोज कुमार तिवारी ने बताया कि यह कार्यक्रम विभाग के लिए अवसर और उपलब्धि दोनों साबित होगा।

सीएचसी की सुरक्षा ध्वस्त, मरीजों की जगह कुत्तों का डेरा

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मेंहदावल की व्यवस्थाओं पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में अस्पताल के वार्ड के भीतर बेड पर आवारा कुत्ते आराम करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि जिस वार्ड में मरीजों को भर्ती किया जाना चाहिए, वहां साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब है। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि अस्पताल के बेड पर कुत्ते सो रहे हैं। यह दृश्य न केवल स्वास्थ्य मानकों की अनदेखी दर्शाता है, बल्कि मरीजों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़ा करता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में पहले ही बेड और सुविधाओं की कमी की शिकायतें रहती हैं। कई बार मरीजों और तीमारदारों को पर्याप्त चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाती। ऐसे में अस्पताल परिसर में आवारा पशुओं का खुलेआम घूमना और वार्ड तक पहुंच जाना बड़ी लापरवाही माना जा रहा है।
ग्रामीणों ने अस्पताल प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने और जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में संबंधित अधिकारियों का पक्ष अभी सामने नहीं आया है। हालांकि वीडियो वायरल होने के बाद जांच और कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

जनसुनवाई पोर्टल का दुरुपयोग खराब हैंडपंप पर फर्जी निस्तारण का आरोप

शाहजहांपुर(राष्ट्र की परम्परा)l जैतीपुर विकासखंड में जनसुनवाई व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। गोरा बकैनिया ग्राम पंचायत के ग्राम कटहा में एक साल से खराब पड़े सरकारी हैंडपंप की शिकायत पर कथित तौर पर फर्जी आख्या लगाकर निस्तारण कर दिया गया।
ग्राम कटहा निवासी सर्वेश के मकान के सामने लगा सरकारी हैंडपंप पिछले एक वर्ष से खराब है। कई बार स्थानीय स्तर पर शिकायत के बाद भी जब मरम्मत नहीं हुई, तो उन्होंने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि इसके बाद भी हैंडपंप ठीक नहीं कराया गया, बल्कि कर्मचारियों ने पोर्टल पर फर्जी आख्या लगाकर शिकायत का निस्तारण दिखा दिया।
सर्वेश का कहना है कि पंचायत सचिव ने उनके घर के सामने स्थित हैंडपंप की शिकायत पर गलत रिपोर्ट तैयार कर पवन कुमार (सहायक विकास अधिकारी पंचायत) को भेज दी। निस्तारण रिपोर्ट में मिस्त्री द्वारा हैंडपंप सही करते हुए एक फोटो भी संलग्न किया गया है, जिसे सर्वेश ने पूरी तरह फर्जी बताया है। उनका दावा है कि फोटो की लोकेशन दूसरी जगह की है।
पीड़ित ने उच्चाधिकारियों से फर्जी आख्या लगाने वाले कर्मचारी की जांच कर कार्रवाई की मांग की है, साथ ही शीघ्र हैंडपंप ठीक कराने की अपील की है। इस मामले में मनीष दत्त (खंड विकास अधिकारी) ने आश्वासन दिया है कि हैंडपंप को जल्द ही दुरुस्त करा दिया जाएगा और शिकायत की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

शाहजहाँपुर में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का दौरा प्रशासन सतर्क

हेलीपैड पर डीएम व एसपी ने किया स्वागत

चाक-चौबंद सुरक्षा के बीच संपन्न हुआ कार्यक्रम

शाहजहाँपुर(राष्ट्र की परम्परा)lजनपद में मंगलवार को देश के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का आगमन हुआ। निर्धारित समय पर उनका हेलीकॉप्टर स्थानीय हेलीपैड पर उतरा, जहां जिला प्रशासन ने प्रोटोकॉल के तहत उनका औपचारिक एवं गरिमामय स्वागत किया।
हेलीपैड पर जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह और पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर प्रशासन और पुलिस विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
पूर्व राष्ट्रपति के दौरे को लेकर सुबह से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। हेलीपैड से लेकर कार्यक्रम स्थल तक पूरे मार्ग पर बैरिकेडिंग की गई थी तथा यातायात को नियंत्रित रखने के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ निगरानी व्यवस्था भी मजबूत रखी गई।
प्रोटोकॉल के अनुरूप समूचा कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। दौरे को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया और कहीं भी अव्यवस्था की स्थिति नहीं बनने दी गई।

दिल्ली से लौटते समय रहस्यमय ढंग से गायब हुआ रेडियोग्राफर, 12 दिन बाद भी सुराग नहीं

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के धनघटा थाना क्षेत्र के ग्राम गोपीपुर निवासी रेडियोग्राफर रजत पांडेय पुत्र सतीश पांडेय, 07 फरवरी 2026 को दिल्ली से खलीलाबाद लौटते समय संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए। घटना के 12 दिन बीत जाने के बाद भी उनका कोई पता नहीं चल सका है, जिससे परिजनों में चिंता बढ़ती जा रही है।
परिजनों के अनुसार रजत 07 फरवरी को दिल्ली से घर के लिए निकले थे, लेकिन वह खलीलाबाद नहीं पहुंचे। पुलिस द्वारा कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) के आधार पर उनकी अंतिम मोबाइल लोकेशन गोरखपुर स्थित पीडब्ल्यूडी ऑफिस के पास पाई गई। इसके बाद उनका मोबाइल फोन स्विच ऑफ हो गया और उनसे संपर्क पूरी तरह टूट गया।
मामले की सूचना पर पुलिस जांच में जुटी है। परिजन प्रशासन से शीघ्र बरामदगी की मांग कर रहे हैं।

तहसील बांसडीह में औचक निरीक्षण, व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने और जनसुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने मंगलवार को का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न कक्षों में पहुंचकर अभिलेखों के रखरखाव, साफ-सफाई तथा आमजन को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। अचानक निरीक्षण से कर्मचारियों में हलचल देखी गई।

जिलाधिकारी ने आलमारियों में रखी फाइलों का बारीकी से अवलोकन करते हुए अभिलेखों को सुव्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता और अनुशासन सर्वोपरि है। इसके बाद कंप्यूटरीकृत खतौनी कक्ष का निरीक्षण किया गया। यहां खतौनी की निर्धारित शुल्क व्यवस्था की जानकारी ली गई, जिसमें पांच प्रति के लिए 15 रुपये शुल्क निर्धारित है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि तय शुल्क से अधिक धनराशि लेने की शिकायत मिलने पर संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

एसडीएम को निर्देशित किया गया कि खतौनी काउंटर पर स्पष्ट और बड़े अक्षरों में शुल्क संबंधी पोस्टर लगाया जाए। पोस्टर में उल्लेख हो कि पांच प्रति तक 15 रुपये तथा उससे अधिक प्रति होने पर एक रुपये प्रति कॉपी की दर से शुल्क लिया जाएगा, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और अनियमितताओं पर रोक लगे।

निरीक्षण के दौरान तहसील परिसर में बंद पड़ी पुरानी पानी की टंकी और आरओ प्लांट को शीघ्र मरम्मत कर चालू कराने के निर्देश दिए गए, ताकि कर्मचारियों और फरियादियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सके। परिसर की खाली जमीन को पार्किंग स्थल के रूप में विकसित करने का भी निर्देश दिया गया, जिससे अव्यवस्था कम हो और आवागमन सुगम बने।

पुरानी तहसील भवन की जर्जर स्थिति को देखते हुए उसे कंडम घोषित करने की प्रक्रिया प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों और कर्मचारियों को जनसुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ करने की हिदायत दी गई।

इस अवसर पर एसडीएम बांसडीह अभिषेक प्रियदर्शी, तहसीलदार नीतिन कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। औचक निरीक्षण के बाद तहसील प्रशासन में सक्रियता बढ़ी है और आमजन को बेहतर सेवाएं मिलने की उम्मीद जगी है।

पुलिस की बड़ी कार्रवाई, हत्या के प्रयास मामले में 7 आरोपी गिरफ्तार, चाकू बरामद

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)जिले में अपराध नियंत्रण अभियान के तहत भलुअनी थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए हत्या के प्रयास के मामले में वांछित सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक चाकू भी बरामद किया है। इस कार्रवाई को अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे सख्त अभियान का अहम हिस्सा माना जा रहा है।पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन के निर्देश पर चल रहे अभियान के अंतर्गत अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी सुनील कुमार सिंह के निर्देशन एवं क्षेत्राधिकारी बरहज राजेश चतुर्वेदी के पर्यवेक्षण में भलुअनी थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर करौंदी मोड़ क्षेत्र से सभी आरोपियों को धर दबोचा। गिरफ्तार अभियुक्तों में धीरज यादव, करन कुमार, भीम कुमार, भोलू यादव, सचिन कुमार, दीपक गौड़ और हरिओम गौतम शामिल हैं।पुलिस जांच में सामने आया कि 12 फरवरी 2026 को गैस सिलेंडर डिलीवरी के लिए जा रहे व्यक्ति पर अज्ञात हमलावरों ने पत्थर मारकर वाहन का शीशा तोड़ दिया था और चाकू से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। पीड़ित के बेटे की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान सामने आया कि घटना के पीछे जमीनी विवाद और आपसी रंजिश मुख्य कारण था।पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि अपने रिश्तेदार के जमीनी विवाद के चलते योजनाबद्ध तरीके से हमला किया गया था। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में से कुछ का पूर्व आपराधिक इतिहास भी रहा है, जिसमें चोरी, मारपीट और धोखाधड़ी जैसे मामले दर्ज हैं।पुलिस टीम द्वारा सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे अभियानों को लगातार जारी रखा जाएगा।

हाईस्कूल–इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 को लेकर पुलिस अलर्ट, केंद्रों का किया निरीक्षण

मऊ ( राष्ट्र की परम्परा) 18 फरवरी से प्रारंभ हो रही हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा 2026 को सकुशल, नकलविहीन एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है । परीक्षा शुरू होने से पूर्व केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए जनपद के कोपागंज थाना के प्रभारी निरीक्षक रविंद्रनाथ राय ने पुलिस बल के साथ विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया।
इसी क्रम में उन्होंने परमानंद इंटर कॉलेज, कसारा पहुंचकर ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। केंद्र के आसपास संदिग्ध व्यक्तियों पर कड़ी निगरानी रखने, अनावश्यक भीड़ न लगने देने तथा परीक्षा के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इसके बाद प्रभारी निरीक्षक ने मोहम्मद अली इंटर कॉलेज, करीमाबाद का भी निरीक्षण किया। यहां भी उन्होंने केंद्र व्यवस्थापकों एवं ड्यूटी पर मौजूद पुलिस कर्मियों से वार्ता कर परीक्षा की तैयारियों की जानकारी ली। केंद्र के प्रवेश द्वार, कक्षों की व्यवस्था तथा बाहरी सुरक्षा इंतजामों का बारीकी से निरीक्षण किया गया।
प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि परीक्षा को निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। केंद्रों के आसपास धारा 144 का कड़ाई से पालन कराया जाएगा तथा अराजक तत्वों पर विशेष नजर रखी जाएगी। परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाह या अव्यवस्था फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि परीक्षा केंद्रों के बाहर अनावश्यक भीड़ न लगाएं और बच्चों को समय से परीक्षा केंद्र तक पहुंचाएं। पुलिस प्रशासन द्वारा सभी संवेदनशील केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि छात्र-छात्राएं निर्भय होकर परीक्षा दे सकें।
पुलिस की सक्रियता से परीक्षार्थियों एवं अभिभावकों में विश्वास का माहौल देखने को मिल रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि बोर्ड परीक्षा की गरिमा से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

जर्जर सड़क एवं निर्माणाधीन मोहन सेतु को लेकर सपाइओ ने पदयात्रा की

तीन सूत्रीय मांग पर उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा

बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
मंगलवार को सपा कार्यकर्ताओं ने बरहज विधानसभा अध्यक्ष राम बहादुर यादव के नेतृत्व में भलुअनी स्थित पेट्रोल पंप से सैकड़ो की संख्या में उपस्थित होकर, सोनू घाट से बरहज तक की जर्जर सड़क व विकास की कड़ी कहा जाने वाला निर्माणाधीन मोहन सेतु को बनवाने एवं सोनाड़ी अस्पताल पर डाक्टरों के बैठने की की मांग को लेकर भलुअनी से 15 किलोमीटर की पदयात्रा निकालकर बरहज नगर की मुख्य सड़क से होते हुए तहसील पहुंचे,इस दौरान तहसील के अधिवक्ताओ ने सपा के वरिष्ठ नेताओं व कार्यकर्ताओ का जोरदार स्वागत किया ततपश्चात् सरकार विरोधी नारा लगाते हुए उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष राम बहादुर यादव ने कहा की जनता की चिंता करने वाली सरकार के पास जनता को देने के लिए कोई रोजगार नहीं है, सिर्फ लोगों के साथ छलावा किया जा रहा है जिसकी दिन है कि आज के युवा रोजगार के लिए पढ़ने लिखने के बाद भी दर दर भटकने को मजबूर हैं।
वही पार्टी के जिला उपाध्यक्ष अवधेश चौधर ने कहा कि आज की राजनैतिक स्थिति यह है कि भाजपा सरकार नेता प्रतिपक्ष को सदन में बोलने नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार ने 9 वर्ष पूर्ण कर ली है फिर भी परसिया देवर सहित अन्य जनपदों को जोड़ने वाला एवं विकास की कड़ी कहा जाने वाला मोहन सेतु का नौव पाया नहीं बनवा पाई, और सरकार की मंशा को जनता भली भांति समझ गई हैं। अतः आने वाले 2027 के विधानसभा चुनाव में हम समाजवादी लोग जनता के साथ मिलकर इस सरकार को सत्ता से उखाड़ फेकने का काम करेंगे। उन्होंने बताया कि यह सरकार केवल जाती के आधार पर एवं धार्मिक आधार पर लड़ाने का कार्य कर रही है, इस लिए यह सरकार कभी भी देश या प्रदेश के लोगों का भला नहीं कर सकती। जिसकी देन है कि बरहज की जनता निश्चित ही समाजवादी पार्टी का सहयोग कर भाजपा को सत्ता से उखाड़ फेंकने का काम करेगी।
इस दौरान गेना लाल यादव, विजय रावत, देवेंद्र कुशवाहा वीरेंद्र चौधरी, गोपी यादव, बेचू लाल चौधरी, रामनाथ चौहान, मनीष सिंह , अम्बिका चौधरी, राजेश ठाकुर, शंकर यादव, दिलीप यादव, राम प्रकाश चौधरी, अजय यादव, योगेंद्र भारती, चंद्रभूषण यादव, विकास विश्वकर्मा, मुरलीधर यादव, सहित सैकड़ो कार्यकर्ता मौजूद रहे।

मऊ में मुफ्त कानूनी सहायता के लिए लगेगा मेगा शिविर, कई विभाग देंगे सेवाएं

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)आमजन को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से जनपद में मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर 22 फरवरी 2026 को आयोजित होगा, जिसकी तैयारियों के तहत प्री-मेगा कैंप एवं विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।
यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशों के अनुपालन में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मऊ के अंतर्गत शमीम रिजवी द्वारा की गई।
विकास भवन सभागार में हुआ प्री-मेगा विधिक जागरूकता शिविर
प्री-मेगा कैंप का आयोजन विकास भवन सभागार में किया गया, जिसमें सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण साक्षी सिंह के मार्गदर्शन में कार्यक्रम संचालित हुआ। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों और प्रतिनिधियों की उपस्थिति में आम नागरिकों को निःशुल्क विधिक सहायता और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
शिविर में जिला विकास अधिकारी के प्रतिनिधि के रूप में उमेश चंद्र तिवारी ने भाग लेते हुए विभिन्न वर्गों के लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों तक न्यायिक सहायता और सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाना रहा।
कमजोर वर्गों को मिलेगा विशेष लाभ
शिविर में महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग, श्रमिकों, किसानों तथा अन्य वंचित वर्गों को प्राथमिकता दी गई। उपस्थित अधिकारियों द्वारा इन वर्गों के लोगों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, श्रम कानून, महिला एवं बाल संरक्षण कानून, लोक अदालत और पीड़ित प्रतिकर योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान पात्र लाभार्थियों की पहचान कर उनकी आवेदन प्रक्रिया पूरी कराने में विधिक सहायता भी उपलब्ध कराई गई। इससे जरूरतमंद लोगों को योजनाओं का लाभ लेने में आसानी हुई।
22 फरवरी को लगेगा वृहद मेगा विधिक सहायता शिविर
प्री-मेगा कैंप के दौरान सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण साक्षी सिंह ने जानकारी दी कि आगामी 22 फरवरी 2026 को कम्युनिटी हाल, पुलिस अधीक्षक कार्यालय के समीप स्थित परिसर में मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर आम नागरिकों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।
शिविर में समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास, दिव्यांग सशक्तिकरण, श्रम, कृषि, स्वास्थ्य, राजस्व, बैंकिंग संस्थान, पुलिस, परिवहन और विद्युत विभाग सहित कई विभागों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
शिविर में मिलेंगी कई सुविधाएं
मेगा शिविर में आम नागरिकों को निःशुल्क विधिक परामर्श प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा स्वास्थ्य जांच, पेंशन योजनाओं से संबंधित जानकारी, बैंकिंग सेवाओं और ऋण सुविधाओं के बारे में मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि शिविर के दौरान नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को मौके पर ही आवेदन स्वीकार करने और समाधान की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
विधिक जागरूकता से बढ़ेगी न्याय तक पहुंच
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के शिविर समाज में विधिक जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अक्सर अपने अधिकारों और कानूनी सहायता योजनाओं की जानकारी नहीं होती। ऐसे आयोजनों से उन्हें न्यायिक व्यवस्था तक पहुंच आसान हो जाती है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित शिविरों का उद्देश्य समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को निःशुल्क कानूनी सहायता प्रदान करना है, जिससे वे अपने अधिकारों का प्रभावी रूप से उपयोग कर सकें।
सरकारी योजनाओं का मिलेगा सीधा लाभ
मेगा शिविर के माध्यम से विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ पात्र लोगों को मौके पर ही उपलब्ध कराया जाएगा। पेंशन योजनाएं, सामाजिक सुरक्षा योजनाएं, कृषि सहायता योजनाएं और श्रमिक कल्याण योजनाओं से संबंधित पंजीकरण की सुविधा भी शिविर में उपलब्ध होगी।
अधिकारियों का कहना है कि इससे सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में मदद मिलेगी और लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी।
समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने का प्रयास
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण साक्षी सिंह ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि समाज के कमजोर वर्गों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना चाहिए और विधिक सहायता का लाभ उठाने के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि 22 फरवरी को आयोजित होने वाले मेगा विधिक सहायता शिविर में अधिक से अधिक लोग भाग लें और उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाएं।
जन-जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर
प्रशासन द्वारा लोगों को शिविर की जानकारी देने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी से कार्यक्रम का उद्देश्य सफल होगा और जरूरतमंद लोगों को समय पर सहायता मिल सकेगी।
न्याय और विकास के बीच मजबूत सेतु
मेगा विधिक सहायता शिविर न्याय व्यवस्था और आम नागरिकों के बीच सेतु का कार्य करेगा। इससे न केवल लोगों को कानूनी सहायता मिलेगी बल्कि सरकारी योजनाओं का लाभ भी आसानी से उपलब्ध होगा। इस प्रकार के आयोजन सामाजिक न्याय और समावेशी विकास को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

देवरिया में रोजगार के नए अवसर, युवाओं के लिए लगेगा बड़ा जॉब फेयर

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और कौशल आधारित नियुक्तियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जनपद में एक बड़े रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन तथा आईटीआई विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 24 फरवरी 2026 को जनपद में भव्य रोजगार महोत्सव आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में निजी क्षेत्र की कई प्रतिष्ठित कंपनियां शामिल होकर बेरोजगार युवाओं को सीधे नौकरी का अवसर प्रदान करेंगी।
जिला प्रशासन और कौशल विकास मिशन के अधिकारियों के अनुसार यह रोजगार महोत्सव युवाओं के लिए करियर निर्माण का बड़ा मंच साबित होगा। इसमें विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाली 15 से अधिक कंपनियां प्रतिभाग करेंगी और हजारों रिक्त पदों पर चयन प्रक्रिया संचालित की जाएगी।
आईटी, मैन्युफैक्चरिंग और सेवा क्षेत्र में मिलेंगे अवसर
रोजगार महोत्सव के माध्यम से युवाओं को आईटी, मैन्युफैक्चरिंग और सेवा क्षेत्र में रोजगार प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम में शामिल होने वाली कंपनियां प्रशिक्षित और योग्य अभ्यर्थियों का मौके पर ही साक्षात्कार लेकर चयन करेंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान समय में कौशल आधारित रोजगार की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में रोजगार महोत्सव युवाओं को सीधे उद्योगों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन रहा है। इससे न केवल युवाओं को नौकरी मिलने में आसानी होगी बल्कि कंपनियों को भी प्रशिक्षित और योग्य कर्मचारी उपलब्ध हो सकेंगे।
राजकीय आईटीआई परिसर में होगा आयोजन
रोजगार महोत्सव का आयोजन राजकीय आईटीआई देवरिया परिसर में किया जाएगा। कार्यक्रम सुबह 10 बजे से प्रारंभ होगा और दिन भर चयन प्रक्रिया जारी रहेगी।
अधिकारियों ने बताया कि आयोजन स्थल पर कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे, जो अभ्यर्थियों की योग्यता और कौशल के आधार पर चयन करेंगे। इसके साथ ही अभ्यर्थियों को करियर मार्गदर्शन और रोजगार संबंधी जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी।
कई शैक्षिक योग्यताओं वाले अभ्यर्थी कर सकते हैं प्रतिभाग
रोजगार महोत्सव में हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक, आईटीआई तथा कौशल विकास मिशन से प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके अभ्यर्थी भाग ले सकते हैं। कार्यक्रम में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों को अपनी प्रोफाइल, बायोडाटा और सभी शैक्षिक प्रमाण पत्रों की मूल और छायाप्रति साथ लानी होगी।
अधिकारियों ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। इसलिए सभी पात्र अभ्यर्थियों से समय से पहुंचकर चयन प्रक्रिया में भाग लेने की अपील की गई है।
स्थानीय युवाओं को मिलेगा बड़ा लाभ
रोजगार महोत्सव के आयोजन से देवरिया सहित आसपास के क्षेत्रों के युवाओं को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। इससे युवाओं को अन्य शहरों में जाकर नौकरी तलाशने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के अवसर मिल सकेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के आयोजन स्थानीय आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देते हैं। जब युवाओं को रोजगार मिलता है तो उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और इसका सकारात्मक प्रभाव क्षेत्रीय विकास पर भी पड़ता है।
कौशल आधारित रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा लगातार युवाओं को विभिन्न ट्रेड में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। रोजगार महोत्सव के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को सीधे कंपनियों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
कौशल विकास मिशन के अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान समय में उद्योगों को कुशल मानव संसाधन की आवश्यकता होती है। ऐसे में मिशन द्वारा प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए रोजगार मेले महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
सरकार का लक्ष्य – बेरोजगारी दर में कमी
प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है। रोजगार महोत्सव भी इसी प्रयास का हिस्सा है। इसके माध्यम से युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार दिलाने के साथ-साथ स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी भी दी जाती है।
सरकार का उद्देश्य है कि युवाओं को प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और रोजगार के अवसर एक ही मंच पर उपलब्ध कराए जाएं ताकि वे आसानी से करियर चुन सकें और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।
अभ्यर्थियों के लिए जरूरी निर्देश
रोजगार महोत्सव में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों को समय से आयोजन स्थल पर पहुंचना होगा। साथ ही उन्हें अपने सभी आवश्यक दस्तावेज जैसे शैक्षिक प्रमाण पत्र, पहचान पत्र और बायोडाटा साथ लाना अनिवार्य होगा।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी और योग्य अभ्यर्थियों का चयन कंपनियों द्वारा निर्धारित मानकों के आधार पर किया जाएगा।
रोजगार महोत्सव से उद्योग और युवाओं दोनों को लाभ
रोजगार मेले का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इससे उद्योगों और युवाओं के बीच सीधा संवाद स्थापित होता है। कंपनियों को योग्य कर्मचारी मिलते हैं और युवाओं को नौकरी प्राप्त करने का अवसर मिलता है। इससे रोजगार प्रक्रिया तेज और सरल बनती है।
इसके अलावा रोजगार महोत्सव युवाओं को उद्योगों की आवश्यकताओं और वर्तमान रोजगार बाजार की मांग के बारे में जानकारी भी प्रदान करता है, जिससे वे अपने कौशल को बेहतर बना सकते हैं।
अधिक से अधिक युवाओं से भागीदारी की अपील
जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई और कौशल विकास मिशन ने जनपद के सभी पात्र युवाओं से रोजगार महोत्सव में भाग लेने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्यक्रम युवाओं के लिए सुनहरा अवसर साबित हो सकता है और इससे उनके करियर को नई दिशा मिल सकती है।

निजी निवेश से विकसित होंगे एमएसएमई औद्योगिक पार्क, सरकार देगी आर्थिक सहायता

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई गति देने और रोजगार के अवसरों का विस्तार करने के उद्देश्य से निजी औद्योगिक पार्कों के विकास के लिए ‘PLEDGE’ योजना लागू कर दी गई है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम अनुभाग-2, लखनऊ द्वारा जारी शासनादेश के तहत यह योजना लागू की गई है। इस संबंध में इच्छुक निजी प्रवर्तकों से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से औद्योगिक आधारभूत संरचना मजबूत होने के साथ ही स्थानीय स्तर पर उद्योगों के विस्तार को बढ़ावा मिलने की संभावना जताई जा रही है।
सूचना विभाग के अनुसार, जिला उद्योग विभाग ने बताया कि प्रदेश में औद्योगिक भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने और उद्योगों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की गई है। योजना के अंतर्गत निजी क्षेत्र की भागीदारी से औद्योगिक पार्कों का निर्माण कराया जाएगा, जिससे निवेश को आकर्षित करने के साथ रोजगार सृजन को भी बल मिलेगा।
BOO मॉडल पर विकसित होंगे औद्योगिक पार्क
PLEDGE योजना के तहत निजी निवेशकों को Build, Own, Operate (BOO) मॉडल पर औद्योगिक पार्क विकसित करने की अनुमति दी गई है। इस मॉडल के अंतर्गत प्रवर्तक औद्योगिक पार्क का निर्माण, संचालन और रखरखाव स्वयं करेंगे। इससे उद्योगों के विकास में निजी क्षेत्र की भूमिका मजबूत होगी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तेजी आएगी।
योजना के तहत इच्छुक निजी प्रवर्तक 10 एकड़ से 50 एकड़ तक भूमि पर औद्योगिक पार्क विकसित करने के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत कर सकते हैं। प्रस्ताव के साथ भूमि स्वामित्व से संबंधित अभिलेख और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। प्रस्ताव जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केन्द्र, कुशीनगर में जमा किए जा सकेंगे।
एमएसएमई इकाइयों को मिलेगा प्राथमिकता
योजना का मुख्य उद्देश्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को औद्योगिक आधारभूत संरचना उपलब्ध कराना है। इसके तहत विकसित औद्योगिक पार्कों में न्यूनतम 75 प्रतिशत भूमि एमएसएमई इकाइयों के लिए आरक्षित रखना अनिवार्य होगा। साथ ही प्रत्येक एकड़ में कम से कम एक औद्योगिक इकाई को भूखंड आवंटित किया जाना आवश्यक होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे छोटे और मध्यम उद्योगों को जमीन की उपलब्धता आसान होगी और स्थानीय स्तर पर औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।
निजी प्रवर्तकों को मिलेगा वित्तीय सहयोग
PLEDGE योजना के तहत निजी निवेशकों को आंतरिक विकास कार्यों के लिए वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाएगी। योजना के अंतर्गत 10 से 50 एकड़ क्षेत्र में एमएसएमई पार्क विकसित करने वाले प्रवर्तकों को प्रति एकड़ अधिकतम 50 लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। यह सहायता 1 प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध कराई जाएगी।
वित्तीय सहायता परियोजना रिपोर्ट में दर्शाई गई लागत अथवा मांगी गई राशि में से जो कम होगी, उसी के आधार पर निर्धारित की जाएगी। इससे निजी निवेशकों को औद्योगिक पार्क विकसित करने में आर्थिक सहयोग मिलेगा।
संपर्क मार्ग और आधारभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान
योजना के तहत औद्योगिक पार्क तक पहुंच के लिए संपर्क मार्ग की गुणवत्ता को भी अनिवार्य बनाया गया है। प्रस्तावित भूमि का कम से कम 7 मीटर चौड़ी सड़क से जुड़ा होना आवश्यक होगा। इस सड़क में 7 मीटर चौड़ी ब्लैक टॉप रोड और 1.5 मीटर चौड़ा फुटपाथ शामिल होना चाहिए।
यदि पार्क 7 मीटर चौड़ी सड़क से जुड़ा होगा तो केवल ग्रीन और ऑरेंज श्रेणी के उद्योग स्थापित किए जा सकेंगे। वहीं 12 मीटर या उससे अधिक चौड़ी सड़क होने पर सभी श्रेणी के उद्योगों की स्थापना संभव होगी।
यदि औद्योगिक पार्क का क्षेत्रफल 15 से 50 एकड़ के बीच होगा तो लोक निर्माण विभाग द्वारा अधिकतम 2.5 किलोमीटर तक संपर्क मार्ग का निर्माण कराया जाएगा। इससे उद्योगों तक पहुंच आसान होगी और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
भूमि बंधक और संचालन की जिम्मेदारी निजी क्षेत्र पर
योजना के तहत निजी प्रवर्तक द्वारा प्रस्तावित भूमि राज्य सरकार के पक्ष में बंधक रखी जाएगी। औद्योगिक पार्क के विकास, भूखंड आवंटन, संचालन और आधारभूत संरचना के रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी निजी प्रवर्तकों की होगी।
मानचित्र स्वीकृति के लिए उद्योग विभाग के आयुक्त एवं निदेशक अथवा उनके अधिकृत अधिकारी सक्षम प्राधिकारी होंगे। औद्योगिक पार्क विकसित होने के बाद संबंधित विभागों के साथ विचार-विमर्श कर न्यूनतम सर्किल दर तय की जाएगी।
रोजगार सृजन और क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि PLEDGE योजना प्रदेश में औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे न केवल उद्योगों की संख्या बढ़ेगी बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे। औद्योगिक पार्कों के विकास से क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी और स्थानीय व्यापार को भी लाभ मिलेगा।
निवेशकों से प्रस्ताव आमंत्रित, विभाग से करें संपर्क
जिला उद्योग विभाग ने बताया कि योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिए इच्छुक निवेशक किसी भी कार्य दिवस में जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केन्द्र से संपर्क कर सकते हैं। प्रशासन का प्रयास है कि अधिक से अधिक निवेशक इस योजना का लाभ उठाएं और प्रदेश को औद्योगिक रूप से सशक्त बनाने में सहयोग करें।

जनपद में हरियाली बढ़ाने के लिए विभागवार तय हुआ पौधरोपण लक्ष्य

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)जनपद में पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र बढ़ाने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभागार में जिला वृक्षारोपण समिति, पर्यावरण समिति, आर्द्र भूमि समिति एवं जिला गंगा समिति की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र ने करते हुए सभी विभागों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पौधरोपण से संबंधित तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। शासन स्तर से वर्ष 2026-27 के लिए जनपद को कुल 30 लाख 51 हजार 481 पौधरोपण का लक्ष्य दिया गया है, जिसे पूरा करने के लिए विभागवार जिम्मेदारियां तय की गई हैं।
बैठक में वन अधिकारी पीके पांडे ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद में सर्वाधिक पौधरोपण की जिम्मेदारी वन विभाग को सौंपी गई है। वन विभाग को 15 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया है। इसके अतिरिक्त कृषि विभाग को 1 लाख 81 हजार, उद्यान विभाग को 1 लाख 13 हजार, ग्राम्य विकास विभाग को 8 लाख 8 हजार 821, पंचायती राज विभाग को 93 हजार तथा राजस्व विभाग को 76 हजार पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अन्य विभागों को भी सहयोगात्मक भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए हैं।
भूमि चिन्हांकन और गड्ढा खुदाई कार्य पर विशेष जोर
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पौधरोपण अभियान को सफल बनाने के लिए समय से भूमि चिन्हांकन और गड्ढों की खुदाई का कार्य पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि चिन्हित भूमि का विवरण जल्द से जल्द विभागीय पोर्टल पर अपलोड किया जाए ताकि पौधरोपण कार्य में किसी प्रकार की देरी न हो।
वन विभाग द्वारा यह भी बताया गया कि वर्ष 2020 से वर्ष 2023 के बीच किए गए पौधरोपण कार्यों का सत्यापन शासन द्वारा गठित विशेष टीम करेगी। जिलाधिकारी ने इस पर गंभीरता दिखाते हुए सभी विभागों को वर्ष 2024-25 में लगाए गए पौधों का सत्यापन रिपोर्ट तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
नदियों में मूर्ति विसर्जन से बढ़ रहा प्रदूषण
बैठक में जिला गंगा समिति की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने धार्मिक अवसरों पर नदियों में मूर्ति विसर्जन से बढ़ रहे जल प्रदूषण पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मूर्तियों के निर्माण में प्लास्टर ऑफ पेरिस, रासायनिक रंग और वार्निश जैसे अविघटनीय पदार्थों का उपयोग किया जाता है, जो नदी के जल को प्रदूषित कर रहे हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि इन पदार्थों के कारण जल में बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (BOD) और केमिकल ऑक्सीजन डिमांड (COD) का स्तर बढ़ जाता है। इससे जल में घुलित ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है, जो जलीय जीव-जंतुओं और मछलियों के लिए गंभीर खतरा बन जाती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इस समस्या पर नियंत्रण नहीं किया गया तो नदी की पारिस्थितिकी तंत्र पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है।
नदियों को बचाने के लिए कृत्रिम कुंडों में विसर्जन का निर्देश
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आगामी धार्मिक आयोजनों के दौरान मूर्तियों का विसर्जन प्राकृतिक जल स्रोतों के बजाय निर्धारित स्थलों और कृत्रिम कुंडों में कराया जाए। उन्होंने विशेष रूप से तमसा नदी और घाघरा नदी सहित अन्य नदियों में प्रदूषण रोकने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि धार्मिक आयोजनों से पहले ही स्थानीय स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं ताकि लोग पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी समझ सकें और निर्धारित स्थानों पर ही विसर्जन करें।
जलीय जीवन और मानव स्वास्थ्य पर पड़ता है असर
बैठक में बताया गया कि नदी में विसर्जित मूर्तियों से निकलने वाले रासायनिक तत्व पानी को विषैला बना देते हैं। इससे न केवल जलीय जीवों की मृत्यु दर बढ़ती है बल्कि यह जल मानव उपयोग के लिए भी असुरक्षित हो जाता है। भारी धातुओं और रासायनिक अवशेषों से जल गुणवत्ता प्रभावित होती है, जिससे पेयजल स्रोतों पर भी खतरा उत्पन्न हो सकता है।
जिलाधिकारी ने कहा कि स्वच्छ नदियां पर्यावरण संतुलन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं और इसे सुरक्षित रखने के लिए प्रशासन के साथ-साथ आम जनता की भागीदारी भी जरूरी है।
सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विवेक कुमार श्रीवास्तव, जिला कृषि अधिकारी सोम प्रकाश गुप्ता, डीसी मनरेगा राजीव कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी कुमार अमरेंद्र सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए पौधरोपण लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा करने तथा नदी प्रदूषण रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
पर्यावरण संरक्षण के लिए जनभागीदारी जरूरी
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि वृक्षारोपण और जल संरक्षण दोनों ही पर्यावरण संतुलन के लिए बेहद जरूरी हैं। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण की समस्या और गंभीर हो सकती है। उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि वे पौधरोपण अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें और नदियों को प्रदूषण मुक्त बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की परीक्षा: 231 शिक्षक तैनात, 15 केंद्र बने अभेद्य किले


बलिया(राष्ट्र की परम्परा)
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा को नकलमुक्त और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सिकंदरपुर तहसील में प्रशासन ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की परीक्षाओं के मद्देनजर 15 परीक्षा केंद्रों को अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है। 231 बेसिक शिक्षकों की तैनाती, 24 घंटे पुलिस पहरा और ‘त्रिनेत्र’ सीसीटीवी निगरानी के बीच परीक्षा संपन्न कराई जाएगी। तहसील क्षेत्र को तीन सेक्टर और चार जोन में विभाजित कर व्यापक सुरक्षा प्लान लागू किया गया है। कुल 15,128 परीक्षार्थी—हाईस्कूल के 7,266 तथा इंटरमीडिएट के 7,862 छात्र-छात्राएं—इन केंद्रों पर परीक्षा देंगे। सभी केंद्रों को संवेदनशील मानते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। नकल पर सख्ती से अंकुश लगाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग के 231 शिक्षकों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनमें नवानगर ब्लॉक से 121, पन्दह से 95 और मनियर से 15 शिक्षक परीक्षा ड्यूटी में लगाए गए हैं। इनकी भूमिका केवल कक्ष निरीक्षण तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि केंद्रों पर अनुशासन बनाए रखने, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और त्वरित सूचना तंत्र को मजबूत करने की भी होगी।
प्रश्नपत्र केंद्रों पर पहुंचते ही पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित कर दी गई है। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर 24 घंटे पुलिस जवान मुस्तैद रहेंगे। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, स्ट्रांग रूम की निगरानी और उत्तर पुस्तिकाओं के सुरक्षित संकलन तक हर चरण पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी। साथ ही सभी केंद्रों को ‘त्रिनेत्र’ सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है, जिनकी निगरानी निरंतर की जाएगी ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई संभव हो सके।
पूरे परीक्षा संचालन की कमान जोनल मजिस्ट्रेट एवं उपजिलाधिकारी सिकंदरपुर सुनील कुमार के हाथों में है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि परीक्षा केंद्रों पर किसी भी प्रकार कीअनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नकल कराने, नकल की कोशिश करने या परीक्षा व्यवस्था में बाधा डालने वालों के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा अवधि के दौरान क्षेत्र में धारा 163 लागू कर दी गई है। केंद्रों के आसपास फोटोस्टेट की दुकानों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। बाहरी तत्वों की आवाजाही पर रोक रहेगी तथा सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर भी प्रशासन की कड़ी नजर रहेगी।
तीन सेक्टर, चार जोन, 15 परीक्षा केंद्र, 231 बेसिक शिक्षक, 24 घंटे पुलिस पहरा और ‘त्रिनेत्र’ की चौकसी के बीच सिकंदरपुर तहसील में इस बार बोर्ड परीक्षा को लेकर अभूतपूर्व सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है—नकल या अव्यवस्था की जरा सी भी कोशिश भारी पड़ेगी।

श्री श्याम शक्ति धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब

आठवें मूर्ति स्थापना दिवस पर निकली भव्य निशान यात्रा, फूलों की वर्षा से गूंजा नौतनवां

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। नौतनवां नगर स्थित श्री श्याम शक्ति धाम मंदिर के आठवें मूर्ति स्थापना दिवस वार्षिकोत्सव पर मंगलवार को श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस अवसर पर भव्य निशान यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पूरे नगर को भक्तिमय बना दिया।
सुबह 9 बजे श्री राम जानकी मंदिर ठाकुरद्वारा से ढोल-नगाड़ों और भजन-कीर्तन के साथ निशान यात्रा का शुभारंभ हुआ। यात्रा में खाटू श्याम की मनमोहक झांकी आकर्षण का केंद्र रही। मारवाड़ी समाज के महिला-पुरुषों और बच्चों समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा का निशान लेकर चल रहे थे।
नगर के प्रमुख मार्गों—जयसवाल मोहल्ला, हनुमान चौक, काली मंदिर चौराहा, रेलवे स्टेशन चौराहा, घंटा चौक, अस्पताल चौराहा और गांधी चौक—से होते हुए यात्रा पुनः मंदिर पहुंची, जहां विधिवत पूजन के बाद निशान अर्पित किया गया। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। बाबा श्याम और जय शिव श्याम के जयकारों से पूरा नगर गूंज उठा।
मंदिर परिसर में गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी एवं जायसवाल सभा अतिथि भवन के पदाधिकारियों द्वारा केसर दूध और मैंगो फ्रूटी का प्रसाद वितरित किया गया। चेयरमैन बृजेश मणि त्रिपाठी ने सभासदों के साथ श्रद्धालुओं पर फूलों की वर्षा कर प्रसाद वितरण में सहभागिता निभाई।
शाम को आयोजित श्याम जागरण, भजन संध्या, नृत्य-नाटक एवं धार्मिक प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। देर रात तक भक्तिमय वातावरण में कार्यक्रम चलता रहा, जिसके उपरांत प्रसाद वितरण किया गया।
कार्यक्रम में मंदिर समिति अध्यक्ष पवन बेरीवाल, अनिल तुलस्यान, पूर्व विधायक कुंवर कौशल सिंह उर्फ मुन्ना सिंह, शिव अग्रवाल, नंदलाल जायसवाल, अजय, विवेक चोखानी, कमल पोद्दार, शंकर मोदी, गौतम जोशी, जितेंद्र जायसवाल, सुमित पोद्दार, जेपी गर्ग, पंकज श्रीवास्तव, राजा वर्मा, गोपाल खेतान, व्यापार मंडल अध्यक्ष राधेश्याम सिंह सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
वार्षिकोत्सव के अवसर पर पूरे नगर में उत्सव जैसा माहौल रहा और भक्तों ने बाबा श्याम के चरणों में शीश नवाकर सुख-समृद्धि की कामना की।