Monday, May 4, 2026
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आज के दिन इतिहास में क्या-क्या बदल गया?

🕯️ 18 फरवरी का इतिहास: आज के दिन हुए प्रमुख निधन


✍️ 18 फरवरी का इतिहास निधन भारतीय और विश्व इतिहास में विशेष स्थान रखता है। इस दिन राजनीति, धर्म, संगीत, विज्ञान और सिनेमा से जुड़े कई महान व्यक्तित्वों का निधन हुआ, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में अमिट छाप छोड़ी। यह लेख 18 फरवरी का इतिहास निधन विषय पर शोध-आधारित, पाठक-अनुकूल और अनुरूप तैयार किया गया है।

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📜 18 फरवरी को हुए प्रमुख निधन (विस्तृत जानकारी)
🏛️ नसीरुद्दीन महमूद (1266)
मामलुक (गुलाम) वंश के आठवें सुल्तान नसीरुद्दीन महमूद को प्रशासनिक सादगी और धार्मिक प्रवृत्ति के लिए जाना जाता है। शासनकाल में वास्तविक सत्ता बलबन के हाथों में रही, लेकिन दिल्ली सल्तनत के स्थायित्व में उनका काल महत्वपूर्ण माना जाता है। 18 फरवरी का इतिहास निधन में उनका नाम प्रमुखता से दर्ज है।
⚔️ क़ुबलई ख़ान (1294)
महान मंगोल शासक क़ुबलई ख़ान ने चीन में युआन वंश की स्थापना की। प्रशासनिक सुधारों, व्यापार और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए प्रसिद्ध यह शासक एशिया के इतिहास में केंद्रीय भूमिका निभाता है। 18 फरवरी का इतिहास निधन वैश्विक इतिहास से भी जुड़ता है।

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🐎 तैमूर लंग (1405)
मध्य एशिया का शक्तिशाली विजेता तैमूर लंग अपनी सैन्य रणनीतियों और साम्राज्य विस्तार के लिए जाना जाता है। भारत, फारस और मध्य एशिया में उसके अभियानों का दीर्घकालिक प्रभाव पड़ा।
✝️ मार्टिन लूथर (1546)
जर्मन धर्मसुधारक मार्टिन लूथर ने प्रोटेस्टेंट आंदोलन की नींव रखी। चर्च सुधारों, बाइबिल अनुवाद और धार्मिक स्वतंत्रता की अवधारणा में उनका योगदान ऐतिहासिक है। 18 फरवरी का इतिहास निधन धार्मिक इतिहास में भी मील का पत्थर है।
🔭 अनिल कुमार दास (1961)
प्रख्यात भारतीय वैज्ञानिक और खगोलशास्त्री अनिल कुमार दास, कोडाइकनाल वेधशाला के निदेशक रहे। सौर अध्ययन और खगोलीय अनुसंधान में उनका योगदान भारतीय विज्ञान के लिए महत्वपूर्ण है।
🎬 एंडी डिवाइन (1977)
हॉलीवुड अभिनेता एंडी डिवाइन अपनी हास्य भूमिकाओं और विशिष्ट आवाज़ के लिए पहचाने जाते थे। क्लासिक अमेरिकी सिनेमा में उनका योगदान आज भी याद किया जाता है।
🎶 अब्दुल राशिद ख़ान (2016)
पद्म भूषण से सम्मानित हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक अब्दुल राशिद ख़ान ने संगीत जगत को नई ऊँचाइयाँ दीं। उनकी गायकी परंपरा और शास्त्रीय अनुशासन का अनुपम उदाहरण है। 18 फरवरी का इतिहास निधन भारतीय संगीत के लिए भावुक स्मृति है।
📌 निष्कर्ष
18 फरवरी का इतिहास निधन हमें उन महान व्यक्तित्वों की याद दिलाता है, जिनकी विरासत आज भी समाज को दिशा देती है। इतिहास को समझना भविष्य को बेहतर बनाने का मार्ग प्रशस्त करता है।
⚠️ अस्वीकरण
हम किसी भी प्रकार के 100% प्रमाणित दावे का समर्थन नहीं करते। सामग्री गहन छानबीन के बाद तैयार की गई है, फिर भी किसी प्रकार की त्रुटि के लिए हम जिम्मेदार नहीं हैं।

राशिफल: धन-करियर में बड़ा बदलाव संभव

🔮 बुधवार को बदलेगी ग्रहों की चाल, जानिए मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का आज का राशिफल (18 फरवरी 2026)
राशिफल के अनुसार आज बुधवार, 18 फरवरी 2026 का दिन ग्रहों की दृष्टि से बेहद खास है। ग्रहों की चाल में बदलाव का असर सभी 12 राशियों पर दिखाई देगा। किसी राशि के लिए आज धन और करियर में तरक्की के संकेत हैं, तो कुछ राशियों को स्वास्थ्य और निर्णयों में सावधानी बरतनी होगी। आइए जानते हैं आज का राशिफल और क्या कहते हैं आपके भाग्य के सितारे।

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मेष राशि (Aries Rashifal Today)
आज का दिन मेष राशि वालों के लिए शुभ संकेत लेकर आया है।
धन लाभ के प्रबल योग बन रहे हैं। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यवसाय में विस्तार होगा। छोटी यात्रा लाभकारी रहेगी। पारिवारिक वातावरण सुखद रहेगा।
स्वास्थ्य: जल्दबाजी से बचें।
प्रेम: प्रेम जीवन में मधुरता बनी रहेगी।
वृषभ राशि (Taurus Rashifal Today)
आज आप खरीदारी या निवेश की योजना बना सकते हैं।
आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी लेकिन खर्चों पर नियंत्रण जरूरी है। कार्यक्षेत्र में स्थिरता बनी रहेगी। परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा।
स्वास्थ्य: सामान्य
प्रेम: रिश्तों में स्थिरता आएगी।

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मिथुन राशि (Gemini Rashifal Today)
आज का दिन मिथुन राशि के लिए अनुकूल है।
छात्रों को पढ़ाई में सफलता मिलेगी। नौकरी में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा। धन आगमन के योग हैं लेकिन खर्च भी बढ़ सकते हैं।
स्वास्थ्य: तनाव से बचें।
प्रेम: प्रेम संबंध मजबूत होंगे।
कर्क राशि (Cancer Rashifal Today)
भावनात्मक उतार-चढ़ाव का दिन है।
घर-परिवार में शांति बनी रहेगी। आर्थिक मामलों में सावधानी रखें। कार्यक्षेत्र में मेहनत रंग लाएगी।
स्वास्थ्य: खान-पान संतुलित रखें।
प्रेम: रोमांस बढ़ेगा।
सिंह राशि (Leo Rashifal Today)
आज आत्मविश्वास से भरपूर रहेंगे।
नेतृत्व क्षमता उभरेगी। धन लाभ के संकेत हैं। मित्रों और परिवार का सहयोग मिलेगा।
स्वास्थ्य: क्रोध से बचें।
प्रेम: उत्साह बना रहेगा।
कन्या राशि (Virgo Rashifal Today)
धीमी लेकिन मजबूत प्रगति का दिन।
अनुशासन और योजना से सफलता मिलेगी। आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी।
स्वास्थ्य: दिनचर्या सुधारें।
प्रेम: धैर्य बनाए रखें।
तुला राशि (Libra Rashifal Today)
आज का दिन तुला राशि के लिए बेहद सकारात्मक है।
प्रेम, शिक्षा और रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। करियर में बड़े अवसर मिल सकते हैं।
स्वास्थ्य: अच्छा
प्रेम: यादगार पल मिलेंगे।
वृश्चिक राशि (Scorpio Rashifal Today)
सफलता आपके करीब है।
ऊर्जा में वृद्धि होगी। कार्यों में स्पष्टता आएगी। धन प्रबंधन बेहतर रहेगा।
स्वास्थ्य: सुधार के योग
प्रेम: रिश्तों में गहराई आएगी।
धनु राशि (Sagittarius Rashifal Today)
उत्साह और उपलब्धियों का दिन।
संचार कौशल मजबूत रहेगा। व्यापार और नौकरी में लाभ मिलेगा।
स्वास्थ्य: सामान्य
प्रेम: सकारात्मक बदलाव आएंगे।
मकर राशि (Capricorn Rashifal Today)
कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
मेहनत का पूरा फल मिलेगा। करियर में उन्नति के संकेत हैं।
स्वास्थ्य: ध्यान रखें
प्रेम: स्थिरता बनी रहेगी।
कुंभ राशि (Aquarius Rashifal Today)
चंद्रमा के प्रभाव से दिन खास रहेगा।
सम्मान बढ़ेगा। व्यापार में नए अवसर मिल सकते हैं।
स्वास्थ्य: अच्छा
प्रेम: आकर्षण बढ़ेगा।
मीन राशि (Pisces Rashifal Today)
आध्यात्मिक और भावनात्मक संतुलन बना रहेगा।
कार्य में स्थिरता और धन प्रवाह सामान्य रहेगा। परिवार का सहयोग मिलेगा।
स्वास्थ्य: सामान्य
प्रेम: भावनात्मक जुड़ाव गहरा होगा।
⚠️ महत्वपूर्ण सूचना
यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। हम किसी भी प्रकार का प्रमाणित दावा नहीं करते। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले योग्य विशेषज्ञ या सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।

UPMSP Board Exam 2026: 8033 केंद्रों पर हाई अलर्ट, नकल रोकने के लिए विशेष टीम तैनात

Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Parishad (UPMSP) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च 2026 तक आयोजित की जाएंगी। इस बार परीक्षा लगभग 15 कार्य-दिवस में पूर्ण कराने की तैयारी है।

प्रदेश भर में 8033 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जबकि कुल 53,37,778 परीक्षार्थी बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगे।

नकल रोकने के लिए सख्त इंतजाम

बोर्ड ने इस बार नकल रोकने के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं:

• मुख्य और अनुपूरक (सप्लीमेंट्री) उत्तर पुस्तिका के हर पृष्ठ पर अनुक्रमांक लिखना अनिवार्य
• उत्तर पुस्तिकाओं की केंद्रवार कोडिंग
• मुख्य पृष्ठ पर केवल यूनिक (केंद्र) कोड की मुहर
• केंद्र व्यवस्थापक के हस्ताक्षर व पदनाम की मुहर नहीं लगेगी
• मुख्य विषयों के प्रश्नपत्रों के अतिरिक्त सेट की व्यवस्था

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मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पर प्रतिबंध

स्ट्रैटिक मजिस्ट्रेट व केंद्र व्यवस्थापक को छोड़कर कोई भी कर्मचारी मोबाइल नहीं रख सकेगा

• स्ट्रांग रूम में मोबाइल पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा
• यदि किसी कक्ष निरीक्षक या शिक्षक का पाल्य उसी केंद्र पर परीक्षा दे रहा है, तो उसे परीक्षा कार्य से अलग किया जाएगा
• प्रत्येक केंद्र पर एक आंतरिक और एक बाह्य केंद्र व्यवस्थापक तैनात रहेंगे

परिषद ने जारी किए टोल-फ्री नंबर

छात्रों और अभिभावकों की समस्याओं के समाधान के लिए परिषद ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं:

• 📞 18001805310
• 📞 18001805312

परीक्षार्थी परीक्षा से संबंधित किसी भी जानकारी या समस्या के लिए इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।

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18 फ़रवरी को जन्मे महान व्यक्तित्व आज के प्रमुख जन्मदिन

भारत और विश्व इतिहास में 18 फ़रवरी का दिन कई महान व्यक्तित्वों के जन्म के कारण विशेष महत्व रखता है। खेल, कला, साहित्य, संगीत, सिनेमा, अध्यात्म और स्वतंत्रता संग्राम—हर क्षेत्र में इन विभूतियों ने अमिट छाप छोड़ी। नीचे प्रस्तुत है 18 फ़रवरी को जन्मे प्रमुख व्यक्तियों की विस्तृत, खोज-अनुकूल और पाठक-हितैषी जानकारी।

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🏹 मनु भाकर (जन्म: 2002)
भारत की उभरती हुई महिला निशानेबाज़, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय शूटिंग प्रतियोगिताओं में देश का नाम रोशन किया। कम उम्र में ओलंपिक और विश्व मंच पर शानदार प्रदर्शन के लिए जानी जाती हैं।

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दमयंती बेशरा (जन्म: 1962)
महिला सशक्तिकरण की सशक्त आवाज़। सामाजिक असमानताओं के विरुद्ध संघर्ष और महिलाओं के अधिकारों पर मुखर कार्य के लिए पहचानी जाती हैं।

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🎶 गुरमीत बावा (1944–2021)
प्रसिद्ध पंजाबी लोक गायिका, जिन्होंने पारंपरिक पंजाबी लोकगीतों को वैश्विक पहचान दिलाई।
🎼 अब्दुल हलीम जाफ़र ख़ाँ (1927–2016)
संगीत की दुनिया के दिग्गज सितार वादक। भारतीय शास्त्रीय संगीत में उनका योगदान अविस्मरणीय है।

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🎬 नलिनी जयवंत (1926–2010)
हिंदी सिनेमा की प्रतिष्ठित अभिनेत्रियों में से एक, जिनकी अभिनय शैली आज भी सराही जाती है।
📚 कृष्णा सोबती (1925–2019)
आधुनिक हिंदी साहित्य की प्रमुख लेखिका। उनकी रचनाएँ स्त्री-विमर्श और सामाजिक यथार्थ को सशक्त रूप से प्रस्तुत करती हैं।

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🎥 निम्मी (1933–2020)
स्वर्णिम युग की चर्चित अभिनेत्री, जिन्होंने कई यादगार फिल्मों में अभिनय किया।
🇮🇳 मदन लाल ढींगरा (1883–1909)
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के वीर क्रांतिकारी, जिन्होंने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध साहसिक संघर्ष किया।
🗽 जयनारायण व्यास (1899–1984)
स्वतंत्रता सेनानी और राजनेता, जिन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए कार्य किया।

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🎨 मैक्स क्लिंजर (1857–1920)
जर्मन कलाकार—चित्रकला, शिल्पकला और खुदाई कला में उनका विशेष स्थान है।
🕉️ रामकृष्ण परमहंस (1836–1886)
भारत के महान संत एवं विचारक; स्वामी विवेकानन्द के गुरु, जिन्होंने आध्यात्मिक चेतना को नई दिशा दी।
🏛️ रफ़ी अहमद क़िदवई (1894–1954)
स्वतंत्रता सेनानी और प्रख्यात राजनीतिज्ञ, जिन्होंने राष्ट्र निर्माण में योगदान दिया।

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🌸 चैतन्य महाप्रभु (1486–1534)
भक्तिकाल के प्रमुख संत; प्रेम-भक्ति और कीर्तन परंपरा के प्रवर्तक।
🎵 ख़य्याम (1927–2019)
बॉलीवुड के प्रसिद्ध संगीतकार, जिनकी धुनों में गहराई और शास्त्रीय सौंदर्य झलकता है।
📌 डिस्क्लेमर
हम किसी भी प्रकार का 100% प्रमाणित दावा नहीं करते। सामग्री गहन छानबीन के बाद तैयार की गई है, फिर भी किसी संभावित त्रुटि के लिए हम जिम्मेदार नहीं हैं।

मूलांक 1 से 9 तक: आज किसे मिलेगा लाभ और किसे रहना होगा सतर्क?

🔮 आज का मूलांक राशिफल (Numerology Today in Hindi) | 1 से 9 तक सभी मूलांक का विस्तृत फल
📅 आज का अंक ज्योतिष भविष्यफल | मूलांक 1 से 9 | Numerology Prediction Today

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🟡 मूलांक 1 (Numerology Number 1 Today)
जन्म तिथि: 1, 10, 19, 28
स्वामी ग्रह: सूर्य देव
आज कार्यक्षेत्र में योजनाबद्ध तरीके से कार्य पूरे होंगे। समय पर निर्णय लेने की आपकी क्षमता आपको आगे बढ़ाएगी। वरिष्ठों और विशेष रूप से पिता का सहयोग मिलेगा। पारिवारिक माहौल सकारात्मक रहेगा। स्वास्थ्य में चल रही परेशानी में सुधार के संकेत हैं।
उपाय: रविवार या प्रतिदिन गाय को गुड़ और रोटी खिलाएं।
🟡 मूलांक 2 (Numerology Number 2 Today)
जन्म तिथि: 2, 11, 20, 29
स्वामी ग्रह: चन्द्र देव
नौकरीपेशा जातकों के लिए दिन अनुकूल है। अधिकारियों से संबंध बेहतर रहेंगे। व्यापार से जुड़े लोगों को छोटी दूरी की यात्रा करनी पड़ सकती है, जो लाभकारी सिद्ध होगी। मानसिक संतुलन अच्छा रहेगा।
उपाय: पानी से भरा कुम्भ मंदिर में स्थापित करें।
🟡 मूलांक 3 (Numerology Number 3 Today)
जन्म तिथि: 3, 12, 21, 30
स्वामी ग्रह: बृहस्पति देव
नई साझेदारी या व्यापारिक समझौते के योग बन रहे हैं। आज लिए गए निर्णय भविष्य में आर्थिक लाभ देंगे। आय के नए स्रोत बन सकते हैं और आर्थिक स्थिति में मजबूती आएगी।
उपाय: मंदिर में हलवे का प्रसाद वितरित करें।
🟡 मूलांक 4 (Numerology Number 4 Today)
जन्म तिथि: 4, 13, 22, 31
स्वामी ग्रह: राहु देव
कार्यस्थल पर मनचाहा परिणाम न मिलने से असंतोष हो सकता है। धैर्य बनाए रखें। बच्चों को मौसम से जुड़ी स्वास्थ्य समस्या हो सकती है। घरेलू वातावरण सामान्य रहेगा।
उपाय: सफेद चंदन का तिलक लगाएं।

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🟡 मूलांक 5 (Numerology Number 5 Today)
जन्म तिथि: 5, 14, 23
स्वामी ग्रह: बुध देव
कर्मचारियों या सहकर्मियों के साथ विचारों में मतभेद संभव है। संवाद में स्पष्टता रखें। समझदारी से स्थिति आपके पक्ष में आ सकती है। व्यापार में सावधानी आवश्यक है।
उपाय: गुड़-चना का प्रसाद बांटें।
🟡 मूलांक 6 (Numerology Number 6 Today)
जन्म तिथि: 6, 15, 24
स्वामी ग्रह: शुक्र देव
परिवार के साथ घूमने-फिरने और खरीदारी के योग हैं। दांपत्य जीवन में मधुरता बढ़ेगी। भावनात्मक संतुलन मजबूत रहेगा और रिश्तों में मजबूती आएगी।
उपाय: उबले आलू सफेद गाय को खिलाएं।
🟡 मूलांक 7 (Numerology Number 7 Today)
जन्म तिथि: 7, 16, 25
स्वामी ग्रह: केतु देव
कोई भी नई व्यापारिक योजना शुरू करने से पहले पुनः समीक्षा करें। जल्दबाजी नुकसान दे सकती है। स्वास्थ्य में घुटनों के दर्द की समस्या रह सकती है।
उपाय: केले के वृक्ष का पूजन करें।
🟡 मूलांक 8 (Numerology Number 8 Today)
जन्म तिथि: 8, 17, 26
स्वामी ग्रह: शनि देव
काम का दबाव अभी बना रह सकता है। व्यापार में मशीनरी खराब होने से उत्पादन प्रभावित हो सकता है। वाहन चलाते समय विशेष सतर्कता बरतें।
उपाय: शमी के पौधे की सेवा करें।
🟡 मूलांक 9 (Numerology Number 9 Today)
जन्म तिथि: 9, 18, 27
स्वामी ग्रह: मंगल देव
व्यापारिक परिस्थितियां अनुकूल हैं। सही दिशा में प्रयास सफलता दिलाएंगे। भाइयों के साथ संबंध मजबूत होंगे और सहयोग मिलेगा।
उपाय: हनुमान जी को चमेली का तेल अर्पित करें।
⚠️ महत्वपूर्ण सूचना
यह सामग्री ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। हम किसी भी प्रकार के प्रमाणित या चिकित्सकीय/वित्तीय दावे नहीं करते। कृपया किसी योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।

महाराजगंज: चनकौली ग्राम पंचायत में धनराशि गड़बड़ी का आरोप, डीएम सख्त – 7 दिन में जांच रिपोर्ट तलब

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। Maharajganj जिले के सिसवां विकास खंड अंतर्गत चनकौली ग्राम पंचायत में विकास कार्यों में कथित वित्तीय अनियमितता और शासकीय धनराशि के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। शिकायत के बाद जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है और सात दिनों के भीतर स्पष्ट रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

क्या है पूरा मामला?

ग्राम पंचायत चनकौली निवासी रामसनेही पुत्र गोपाल ने 12 जनवरी 2026 को प्रशासन को लिखित शिकायत देकर ग्राम प्रधान पर सरकारी योजनाओं की धनराशि में गड़बड़ी और विकास कार्यों में अनियमितता के गंभीर आरोप लगाए थे।

शिकायत में पंचायत में कराए गए कार्यों की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए कहा गया है कि योजनाओं के क्रियान्वयन में नियमों की अनदेखी की गई और वित्तीय प्रक्रियाओं का पालन नहीं हुआ।

डीएम का सख्त एक्शन

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल जांच के आदेश जारी किए। जांच के लिए दो अधिकारियों को नामित किया गया है:

• जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी कन्हैया यादव
• सिंचाई खंड-द्वितीय के सहायक अभियंता रजत गुप्ता

निर्देश दिया गया है कि जांच शिकायतकर्ता की मौजूदगी में कराई जाएगी, ताकि निष्पक्षता बनी रहे।

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7 दिन में देनी होगी रिपोर्ट

डीएम कार्यालय से जारी आदेश में कहा गया है कि जांच अधिकारी प्रत्येक आरोप की स्थलीय जांच करेंगे और संबंधित अभिलेखों की गहन समीक्षा करेंगे। सात दिनों के भीतर स्पष्ट निष्कर्ष सहित रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
यदि जांच अवधि में किसी अधिकारी का स्थानांतरण होता है तो संबंधित पदाधिकारी जांच प्रक्रिया पूरी करेंगे।

बीडीओ को दिए गए विशेष निर्देश

Siswa Development Block के खंड विकास अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि जांच टीम को सभी वित्तीय अभिलेख, भुगतान विवरण और संबंधित दस्तावेज तत्काल उपलब्ध कराए जाएं।
मामले की प्रतिलिपि जिला पंचायत राज अधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी को भी भेजी गई है।

गांव में चर्चा तेज

जांच की खबर मिलते ही चनकौली ग्राम पंचायत में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि निष्पक्ष जांच से सच्चाई सामने आएगी। यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो पंचायत स्तर पर कड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार शासन की मंशा स्पष्ट है कि ग्राम विकास योजनाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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📜 18 फ़रवरी का इतिहास: देश-दुनिया की वे घटनाएँ जिन्होंने समय की दिशा बदली

🗓️ 18 फ़रवरी की प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएँ


18 फ़रवरी का दिन भारतीय और विश्व इतिहास में कई राजनीतिक, वैज्ञानिक, सैन्य और सामाजिक बदलावों का साक्षी रहा है। इस दिन घटित घटनाओं ने न केवल तत्काल प्रभाव डाला बल्कि भविष्य की वैश्विक राजनीति और समाज को भी दिशा दी।

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🔎 18 फ़रवरी की प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएँ (Major Historical Events on 18 February)

🏰 1614 – मुग़ल काल की निर्णायक घटना
मुग़ल सम्राट जहांगीर ने मेवाड़ पर अधिकार स्थापित किया। यह घटना राजपूत-मुग़ल संबंधों के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ मानी जाती है।
🌎 1695 – अमेरिका में फ़्रांसीसी उपनिवेश
फ़्रांसीसी खोजी रॉबर्ट डी ला सैले ने टेक्सास में एक बस्ती बसाई, जिसने बाद में उत्तरी अमेरिका में फ़्रांसीसी प्रभाव को बढ़ाया।

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✈️ 1911 – भारत में एयरमेल सेवा की ऐतिहासिक शुरुआत
इलाहाबाद में भारत की पहली आधिकारिक एयरमेल उड़ान सम्पन्न हुई। 10 किलोमीटर की इस उड़ान में 6500 पत्र नैनी तक पहुँचाए गए—यह भारतीय विमानन इतिहास की नींव थी।
🌌 1930 – ब्रह्मांड की खोज
अमेरिकी खगोलशास्त्री क्लाइड टॉमबॉ ने प्लूटो की खोज की, जिसे लंबे समय तक सौरमंडल का नौवां ग्रह माना गया।

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1946 – भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की चिंगारी
मुंबई में रॉयल इंडियन नेवी विद्रोह हुआ। इस आंदोलन ने ब्रिटिश शासन की नींव को गंभीर रूप से हिला दिया।
🌍 1965 – गाम्बिया को स्वतंत्रता
गाम्बिया यूनाइटेड किंगडम से स्वतंत्र राष्ट्र बना और अफ्रीका के उपनिवेशवाद-विरोधी संघर्ष को नई ताक़त मिली।
❄️ 1979 – सहारा में बर्फबारी
इतिहास में पहली और अब तक की अंतिम बार सहारा रेगिस्तान में हिमपात दर्ज किया गया—यह एक दुर्लभ प्राकृतिक घटना थी।

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🏅 1998 – भारत रत्न सम्मान
सी. सुब्रह्मण्यम को हरित क्रांति में अतुलनीय योगदान के लिए भारत रत्न से सम्मानित किया गया।
🚆 2007 – समझौता एक्सप्रेस त्रासदी
दिल्ली-लाहौर समझौता एक्सप्रेस में बम धमाके से 68 लोगों की मृत्यु हुई, जिसने भारत-पाक रिश्तों को झकझोर दिया।

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🏛️ 2014 – तेलंगाना गठन का ऐतिहासिक निर्णय
लोकसभा में आंध्र प्रदेश के विभाजन का प्रस्ताव पारित हुआ और तेलंगाना देश का 29वां राज्य बना।
🎂 18 फ़रवरी के प्रमुख जन्मदिन (Famous Birthdays on 18 February)

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🎤 1941 – इमा थॉमस
प्रसिद्ध अमेरिकी सोल गायिका Irma Thomas का जन्म हुआ, जिन्हें “Soul Queen of New Orleans” कहा जाता है।
📌 क्यों खास है 18 फ़रवरी का दिन?
भारत की पहली एयरमेल उड़ान

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प्लूटो की खोज
नौसेना विद्रोह जैसी ऐतिहासिक घटनाएँ
राजनीतिक, वैज्ञानिक और सामाजिक परिवर्तन

फाल्गुन शुक्ल प्रतिपदा 2026: पंचांग के अनुसार आज का पूरा दिन कैसा रहेगा

📌 पंचांग 18 फरवरी 2026: आज का शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल, चौघड़िया और चंद्रबल

आज का पंचांग | 18 फरवरी 2026, बुधवार
फाल्गुन शुक्ल पक्ष प्रतिपदा – विक्रम संवत 2082

18 फरवरी 2026, बुधवार को फाल्गुन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। आज चंद्रमा कुंभ राशि में संचार करेगा। दिन में चंद्र दर्शन का विशेष महत्व है। धार्मिक, आध्यात्मिक और दैनिक कार्यों के लिए आज का पंचांग जानना अत्यंत उपयोगी है।

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🕉️ तिथि एवं संवत विवरण
तिथि: शुक्ल प्रतिपदा (04:57 PM तक), उपरांत द्वितीया
विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त)
शक संवत: 1947 (विश्वावसु)
चंद्र मास: फाल्गुन
ऋतु: शिशिर
अयन: उत्तरायण
🌙 नक्षत्र, योग और करण
🔹 नक्षत्र
शतभिषा – 09:16 PM तक
इसके बाद पूर्वभाद्रपदा

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🔹 योग
शिव योग – 10:44 PM तक
इसके बाद सिद्ध योग
🔹 करण
बव – 04:58 PM तक
बालव – 04:31 AM तक
कौलव – इसके बाद
🌅 सूर्य और चंद्रमा का समय
सूर्योदय: 07:01 AM
सूर्यास्त: 06:20 PM
चंद्रोदय: 07:24 AM
चंद्रास्त: 07:18 PM

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⚠️ अशुभ काल (आज इन समयों से बचें)
राहुकाल: 12:40 PM – 02:05 PM
यमगण्ड: 08:26 AM – 09:50 AM
दुर्मुहूर्त: 12:18 PM – 01:03 PM
वर्ज्यम्: 03:33 AM – 05:07 AM

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शुभ काल (महत्वपूर्ण कार्यों के लिए)
ब्रह्म मुहूर्त: 05:24 AM – 06:12 AM
अमृत काल: 01:21 PM – 02:57 PM
⏰ दिन का चौघड़िया
लाभ: 07:01 – 08:26
अमृत: 08:26 – 09:50
शुभ: 11:15 – 12:40
चर: 03:30 – 04:55
लाभ: 04:55 – 06:20

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🌙 रात का चौघड़िया
शुभ: 07:55 – 09:30
अमृत: 09:30 – 11:05
चर: 11:05 – 12:40
🔮 चंद्रबल और ताराबल
✔ चंद्रबल (19 फरवरी सुबह 7 बजे तक)
मेष, वृषभ, सिंह, कन्या, धनु, कुंभ
✔ ताराबल (09:16 PM तक)
अश्विनी, कृत्तिका, पुनर्वसु, पुष्य, मघा, उत्तर फाल्गुनी, चित्रा, अनुराधा, मूल, धनिष्ठा, पूर्वभाद्रपदा, उत्तरभाद्रपदा
📖 आज का विशेष
त्योहार: चंद्र दर्शन
आनंदादि योग: मानस (09:16 PM तक), पद्म

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⚠️ आवश्यक सूचना
यह पंचांग सामान्य धार्मिक एवं ज्योतिषीय जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है। हम किसी भी प्रकार के प्रमाणित या निर्णायक दावे नहीं करते। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पूर्व योग्य विद्वान या विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।

स्वास्थ्य के नाम पर निजीकरण का खेल

✍️ लेखक: संजय पराते


सरकार आदिवासी हितों की बड़ी-बड़ी बातें करती है, लेकिन बजट और नीतियों की परतें जैसे-जैसे खुलती हैं, यह साफ़ होता जाता है कि विकास का मौजूदा मॉडल कॉरपोरेट केंद्रित है, न कि आदिवासी कल्याण आधारित। संसद में पेश बजट के आँकड़े बताते हैं कि आदिवासियों के नाम पर योजनाएँ तो हैं, पर ज़मीन पर उनका असर बेहद सीमित है।
योजना आयोग के निर्देश के अनुसार अनुसूचित जनजातियों पर कुल बजट का 8.6 प्रतिशत खर्च होना चाहिए, लेकिन 2025-26 में यह घटकर मात्र 2.58 प्रतिशत रह गया। इतना ही नहीं, जो राशि काग़ज़ों पर दिखाई गई, उसका बड़ा हिस्सा खर्च ही नहीं हुआ। लगभग 1.3 लाख करोड़ रुपये के आबंटन में से हज़ारों करोड़ रुपये बिना उपयोग लौट गए। यह स्थिति आदिवासी विरोधी नीतियों की ओर इशारा करती है।
आईआईटी जैसे संस्थानों में अनुसूचित जनजाति छात्रों के नाम पर सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च दिखाए गए, जबकि वास्तविकता यह है कि कई संस्थानों में इन छात्रों की भागीदारी तय आरक्षण से बहुत कम है। इसी तरह सेमीकंडक्टर इकाइयों और निजी क्षेत्र की परियोजनाओं को भी आदिवासी कल्याण के खाते में जोड़ दिया गया, जिसका उनसे कोई सीधा संबंध नहीं है।

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जनमन योजना और धरती आबा अभियान: नाम बड़े, काम छोटे
पीवीटीजी समुदायों के लिए घोषित जनमन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान में भी यही कहानी दोहराई गई। घोषित बजट का बड़ा हिस्सा खर्च नहीं हुआ, जिससे स्पष्ट है कि ये योजनाएँ प्राथमिकता में नहीं हैं।
एकलव्य स्कूल और छात्रवृत्ति: वादों की पोल
एकलव्य विद्यालयों के लिए आवंटित धन का पूरा उपयोग नहीं हुआ। सैकड़ों स्कूल अब भी अधूरे हैं या शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति की राशि का भी बड़ा हिस्सा खर्च नहीं किया गया। यह सब आदिवासी शिक्षा के प्रति सरकारी उदासीनता को दर्शाता है।
देश में बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था
हाल की मीडिया रिपोर्टें बताती हैं कि कैसे गरीब परिवार इलाज के खर्च में टूट जाते हैं। सार्वजनिक स्वास्थ्य पर सरकार का खर्च जीडीपी का सिर्फ 1.5 प्रतिशत है, जिसके कारण निजी अस्पतालों पर निर्भरता बढ़ी है। नतीजा यह है कि हर साल करोड़ों लोग स्वास्थ्य खर्च के कारण गरीबी में धकेले जा रहे हैं।

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स्वास्थ्य सेवाओं का निजीकरण, बीमा आधारित मॉडल और कॉरपोरेट अस्पतालों का विस्तार दो-स्तरीय व्यवस्था को मज़बूत कर रहा है—जहाँ अमीरों को बेहतर इलाज और आम जनता को अपर्याप्त सुविधाएँ मिलती हैं। इसका सबसे गहरा असर आदिवासी और दलित समुदायों पर पड़ता है।
नीति बदलाव की ज़रूरत
स्वास्थ्य को मौलिक अधिकार बनाने, सार्वजनिक स्वास्थ्य पर खर्च बढ़ाकर जीडीपी का कम से कम 5 प्रतिशत करने, निजी अस्पतालों को सख़्ती से नियंत्रित करने और सार्वजनिक स्वास्थ्य ढाँचे को मज़बूत करने की ज़रूरत है। तभी एक न्यायपूर्ण और समावेशी स्वास्थ्य प्रणाली संभव है।

महराजगंज पुलिस दुर्घटना: दबिश से लौट रही गोरखपुर पुलिस की स्कॉर्पियो पेड़ से टकराई, दरोगा की मौत, पाँच घायल

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा डेस्क )पुलिस दुर्घटना उत्तर प्रदेश के महराजगंज जनपद में एक दर्दनाक सड़क हादसे के रूप में सामने आई है। कुशीनगर में दबिश देकर लौट रही गोरखपुर पुलिस की स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर पेड़ से जा टकराई। इस हादसे में गोरखपुर के रामगढ़ताल थाने में तैनात दरोगा संतोष कुमार की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि पाँच पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
घटना का पूरा विवरण
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गोरखपुर पुलिस की एक टीम कुशीनगर में दबिश की कार्रवाई पूरी कर देर रात वापस गोरखपुर लौट रही थी। जैसे ही वाहन श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र अंतर्गत कतरारी चौकी के पास पहुंचा, अचानक वाहन चालक का नियंत्रण बिगड़ गया। तेज रफ्तार स्कॉर्पियो सड़क किनारे खड़े पेड़ से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कॉर्पियो का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
इस महराजगंज पुलिस दुर्घटना के तुरंत बाद आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया गया।

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हादसे में कौन-कौन थे सवार
दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो में कुल छह पुलिसकर्मी सवार थे। इनमें—
दरोगा संतोष कुमार (रामगढ़ताल थाना, गोरखपुर)एसआई रमेश चंद
महिला दरोगा गीता,वाहन चालक,पुलिस टीम के अन्य दो सदस्य
सभी को गंभीर हालत में तत्काल बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर भेजा गया। इलाज के दौरान दरोगा संतोष कुमार ने दम तोड़ दिया, जिससे पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई।
इलाज और प्रशासनिक कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही महराजगंज और गोरखपुर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचे। डॉक्टरों की टीम ने घायलों का इलाज शुरू किया। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें आईसीयू में रखा गया है।
अधिकारियों ने दुर्घटना के कारणों की जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और संभावित झपकी को हादसे का कारण माना जा रहा है, हालांकि विस्तृत जांच रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
पुलिस विभाग में शोक की लहर
महराजगंज पुलिस दुर्घटना में दरोगा संतोष कुमार की मौत की खबर मिलते ही गोरखपुर पुलिस लाइन और रामगढ़ताल थाने में शोक व्याप्त हो गया। साथी पुलिसकर्मियों ने उन्हें कर्तव्यनिष्ठ और अनुशासित अधिकारी बताया। विभाग की ओर से उनके परिवार को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया गया है।

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स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत मदद कर घायलों को बाहर निकाला। लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। सड़क किनारे पेड़ और अपर्याप्त प्रकाश व्यवस्था हादसों की वजह बनती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की मांग की है।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह महराजगंज पुलिस दुर्घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा और रात्रि गश्त के दौरान पुलिस कर्मियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबी ड्यूटी के बाद थकान और नींद दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बनती है। ऐसे में पुलिस वाहनों के लिए विशेष विश्राम व्यवस्था और ड्राइवरों की शिफ्ट प्रणाली जरूरी है।
महराजगंज पुलिस दुर्घटना न केवल एक सड़क हादसा है, बल्कि यह पुलिसकर्मियों की सुरक्षा और कार्य परिस्थितियों पर गंभीर मंथन की मांग करता है। कर्तव्य निभाते हुए जान गंवाने वाले दरोगा संतोष कुमार को पूरा विभाग नमन करता है। उम्मीद है कि जांच के बाद आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

औरैया में 22 फरवरी को मेगा विधिक जागरूकता शिविर, पात्रों को मिलेगा योजनाओं का सीधा लाभ

औरैया (राष्ट्र की परम्परा)। जनसामान्य को सरकारी योजनाओं और निःशुल्क कानूनी सहायता का लाभ दिलाने के उद्देश्य से जनपद में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। औरैया मेगा विधिक जागरूकता शिविर 2026 का आयोजन 22 फरवरी को तिरंगा मैदान, ककोर में किया जाएगा। यह आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण औरैया की ओर से किया जा रहा है। शिविर का मकसद आम लोगों को न्याय और सरकारी योजनाओं तक आसान पहुंच उपलब्ध कराना है।
यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर तथा जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष मयंक चौहान के मार्गदर्शन में आयोजित होगा। शिविर को सफल बनाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों और विभिन्न विभागों के बीच लगातार समन्वय बैठकों का दौर चल रहा है।
प्रभारी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं सिविल जज (सीनियर डिवीजन) तारकेश्वरी प्रसाद सिंह ने बताया कि शिविर को प्रभावी और परिणामदायी बनाने के लिए विशेष मॉनिटरिंग समिति का गठन किया गया है। समिति अध्यक्ष विकास गोस्वामी ने मुख्य विकास अधिकारी संतकुमार के साथ बैठक कर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में प्री-कैंप आयोजित कर पात्र लाभार्थियों की पहचान और पंजीकरण सुनिश्चित करें, ताकि शिविर के दिन मौके पर ही योजनाओं का लाभ दिया जा सके।
शिविर में सामाजिक सुरक्षा पेंशन, श्रम विभाग की योजनाएं, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, किसान कल्याण तथा अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित जानकारी और लाभ उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही निःशुल्क विधिक सहायता सेवाओं के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। लोगों को यह भी समझाया जाएगा कि वे किन परिस्थितियों में मुफ्त कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं और आवेदन की प्रक्रिया क्या है।
परिवारिक विवाद, महिला उत्पीड़न, भूमि विवाद, श्रमिक अधिकार और सामाजिक न्याय से जुड़े मामलों में भी मार्गदर्शन दिया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इस विधिक जागरूकता शिविर से न्याय व्यवस्था को आम नागरिकों के और करीब लाने में मदद मिलेगी।
अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए गांवों और नगर क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से पात्र लाभार्थियों को चिन्हित कर शिविर में आमंत्रित किया जाएगा।
तैयारियों की समीक्षा बैठक में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सैफ अहमद, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश महेश कुमार, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट निधि सिसौदिया, सिविल जज नाजिम अकबर, अपर सिविल जज अनिल चौधरी और अपर सिविल जज शालिनी त्यागी मौजूद रहीं। सभी अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं और विधिक सहायता का लाभ पहुंचे।
जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र नागरिक योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। यह विधिक जागरूकता शिविर प्रशासन की जनहित के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक माना जा रहा है।

श्रीमद्भागवत कथा और भजन संध्या ने बांधा श्रद्धालुओं को

देवरिया में श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ का भव्य आयोजन, तृतीय दिवस पर उमड़ा श्रद्धा का जनसैलाब

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के सल्लहपुर, बनकटाशिव स्थित नवनिर्मित मंदिर परिसर में आयोजित श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ एवं विग्रह प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के तीसरे दिन श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह की पहली किरण के साथ ही यज्ञ मंडप की परिक्रमा, वैदिक मंत्रोच्चार और अग्निहोत्र की पावन लपटों ने पूरे क्षेत्र को धर्ममय वातावरण से सराबोर कर दिया। कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालु 24 घंटे अनवरत परिक्रमा करते रहे, जिससे आयोजन की दिव्यता और जन-आस्था का प्रमाण मिला।

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यज्ञ के तृतीय दिवस पर विशेष अनुष्ठान
महायज्ञ के तीसरे दिन मुख्य यज्ञाचार्य रंगनाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में 27 विद्वान आचार्यों ने सामूहिक पूजन एवं विशेष यज्ञ-विधान संपन्न कराया।
मुख्य यजमान डॉ. नंद किशोर तिवारी एवं नीलेश्वर राय ने सपत्नीक आहुतियां अर्पित कर लोक-कल्याण की कामना की। मंत्रोच्चार की गूंज, शंखनाद और हवन-कुंड से उठती पावन आहुति ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।

श्रीमद्भागवत कथा: मोक्ष के मार्ग पर ओजस्वी प्रवचन
दोपहर सत्र में अयोध्या धाम से पधारीं प्रखर वक्ता लक्ष्मीप्रिया ने श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराया। उन्होंने कलियुग में हरि नाम संकीर्तन को मुक्ति और मोक्ष का सरल मार्ग बताते हुए जीवन में भक्ति, सेवा और सदाचार के महत्व को रेखांकित किया। उनकी ओजस्वी वाणी से पंडाल में उपस्थित श्रोता गहरे आध्यात्मिक भाव में डूब गए।

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भजनों की संध्या: स्वाति मिश्रा ने बांधा समां
संध्या काल में सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने आयोजन की शोभा बढ़ाई। मुंबई से पधारीं प्रख्यात भजन गायिका स्वाति मिश्रा ने जैसे ही प्रसिद्ध भजन “मेरा आप की कृपा से सब काम हो रहा है” प्रस्तुत किया, पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। “मेरे तन में भी राम, मन में भी राम” जैसे भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमते नजर आए।
विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति कार्यक्रम में राजनीतिक एवं प्रशासनिक जगत की कई विशिष्ट हस्तियों ने शिरकत की।मुख्य अतिथि के रूप में पी.के. राय (सेवरही, कुशीनगर) तथा विशिष्ट अतिथि सहजानन्द राय उपस्थित रहे।इसके अलावा दिशा श्रीवास्तव और गिरीश चन्द्र त्रिपाठी का यज्ञ समिति द्वारा पारंपरिक सम्मान किया गया।

आयोजक का संदेश: क्षेत्र की सुख-समृद्धि हेतु समर्पित
महायज्ञ के मुख्य आयोजक एवं प्रबंधक प्रभात कुमार राय ने बाहर से पधारे संतों, श्रद्धालुओं एवं अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ क्षेत्र की शांति, समृद्धि और सामाजिक सौहार्द के लिए समर्पित है।
मुख्य आकर्षण: सजीव रामलीला
रात्रि 10 बजे से पात्रों द्वारा सजीव रामलीला का मंचन किया जा रहा है, जो बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। रामायण के प्रसंगों का जीवंत चित्रण दर्शकों को आध्यात्मिक अनुभूति से जोड़ रहा है।

त्योहारों से पहले प्रशासन सख्त, कुशीनगर में शांति समिति बैठक में जारी हुए दिशा-निर्देश

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)आगामी धार्मिक और सांस्कृतिक पर्वों को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराने के उद्देश्य से जनपद प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में कुशीनगर शांति समिति बैठक का आयोजन जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक केशव कुमार की उपस्थिति में किया गया। बैठक में प्रशासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों तथा गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया।
बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी रमजान, होलिका दहन, होली, नवरात्रि और रामनवमी जैसे महत्वपूर्ण पर्वों के दौरान कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना और समाज में भाईचारा कायम रखना रहा। अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि सभी त्योहार परंपरागत तरीके से ही मनाए जाएं तथा किसी भी नई परंपरा या विवाद को जन्म देने वाली गतिविधि को सख्ती से रोका जाएगा।
त्योहारों में भाईचारा बनाए रखने की अपील
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने कुशीनगर शांति समिति बैठक में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि त्योहार सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समृद्धि के प्रतीक होते हैं। उन्होंने सभी समुदायों से आपसी भाईचारा बनाए रखते हुए त्योहारों को मनाने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले वर्षों में जिन स्थानों पर विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई थी, वहां विशेष निगरानी रखी जाए।
उन्होंने पुलिस प्रशासन को निर्देश दिया कि ऐसे व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें आवश्यक धाराओं में पाबंद किया जाए, जो पूर्व में विवादों में शामिल रहे हों। इसके अलावा प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को क्षेत्रीय स्तर पर सतर्क रहकर कार्य करने और आवश्यकता पड़ने पर वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत सूचना देने के निर्देश दिए गए।
होली और होलिका दहन को लेकर विशेष दिशा-निर्देश
बैठक में होली और होलिका दहन को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि होली के दौरान किसी व्यक्ति पर जबरन रंग न लगाया जाए और शराब पीकर किसी भी प्रकार की अभद्रता को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुरानी रंजिश के आधार पर विवाद उत्पन्न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कुशीनगर शांति समिति बैठक में होलिका दहन स्थलों को लेकर उत्पन्न होने वाले विवादों को आपसी सहमति और शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने पर भी जोर दिया गया। प्रशासन ने संबंधित विभागों को समय रहते सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए।
जलापूर्ति और साफ-सफाई पर विशेष जोर
जिलाधिकारी ने होलिका दहन के दिन निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही रमजान के दौरान नमाज स्थलों पर साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था करने का निर्देश संबंधित विभागों को दिया गया। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं में किसी प्रकार की समस्या नहीं होनी चाहिए।
डीजे और ध्वनि प्रदूषण पर निगरानी
बैठक में शोभायात्राओं और जुलूसों के दौरान डीजे की ध्वनि को लेकर भी महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि डीजे की आवाज न्यायालय द्वारा निर्धारित डेसीबल सीमा के भीतर ही रखी जाए। यदि कोई व्यक्ति कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करता हुआ पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्ती
त्योहारों के दौरान भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए परिवहन विभाग को विशेष निर्देश दिए गए। कुशीनगर शांति समिति बैठक में तय किया गया कि शहरी क्षेत्रों में भारी और ओवरलोड वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई जाएगी। इसके साथ ही शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त चालान की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सोशल मीडिया अफवाहों से सतर्क रहने की अपील
पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि त्योहारों के दौरान सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों से सतर्क रहना बेहद जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी पर ध्यान न दें और ऐसी सामग्री को साझा करने से बचें।
उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों को अच्छे संस्कार देने और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने में सहयोग करने का आग्रह किया। पुलिस अधीक्षक ने यह भी कहा कि आयोजक समितियों को पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करना चाहिए, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो।
पारंपरिक तरीके से होंगे जुलूस और आयोजन
कुशीनगर शांति समिति बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि होलिका दहन और शोभायात्राएं केवल पारंपरिक तरीके से ही आयोजित की जाएंगी। पुलिस कर्मियों को अपने क्षेत्रों में नियमित भ्रमण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि नमाज केवल निर्धारित स्थलों पर ही पढ़ी जाएगी और सार्वजनिक मार्गों पर नमाज की अनुमति नहीं होगी।
प्रशासन ने मांगे सुझाव
बैठक के दौरान प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने पीस कमेटी के सदस्यों तथा समाज के प्रतिनिधियों से सुझाव भी लिए। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि त्योहारों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में अपर जिलाधिकारी वैभव मिश्रा, अपर पुलिस अधीक्षक, सभी उपजिलाधिकारी, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तथा विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
कानून व्यवस्था बनाए रखने को प्रशासन प्रतिबद्ध
जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से कहा कि प्रशासन त्योहारों के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्क रहेगा। शरारती तत्वों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और आवश्यकतानुसार उन्हें पाबंद किया जाएगा।
प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि त्योहार सामाजिक सौहार्द और एकता का संदेश देते हैं, इसलिए सभी लोग मिल-जुलकर इन पर्वों को शांति और सद्भाव के साथ मनाएं।

पुलिस निरीक्षण पर जनता का विरोध, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

आईजीआरएस शिकायत पर निरीक्षण करने पहुँचे दरोगा से नोकझोंक, देवरिया में पुलिस-जनसंवाद पर फिर उठे सवाल

वीडियो को rkpnews प्रमाणित नहीं करता


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)।जनपद के रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र में आईजीआरएस (जनसुनवाई पोर्टल) पर दर्ज एक शिकायत की जांच करने पहुँचे पुलिस दरोगा को मौके पर मौजूद लोगों के विरोध और नोकझोंक का सामना करना पड़ा। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे स्थानीय प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
घटना के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है। लोग पुलिस के रवैये, शिकायत निस्तारण की प्रक्रिया और जनसुनवाई प्रणाली की प्रभावशीलता को लेकर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। वहीं पुलिस विभाग का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है।

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क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के एक गांव से संबंधित आईजीआरएस शिकायत दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसकी समस्या पर स्थानीय स्तर पर सुनवाई नहीं हो रही है। इसी क्रम में थाने से एक दरोगा को स्थलीय निरीक्षण के लिए भेजा गया।
मौके पर पहुंचते ही वहां पहले से मौजूद कुछ लोगों से दरोगा की तीखी बहस हो गई। बहस इतनी बढ़ गई कि किसी ने मोबाइल फोन से पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया और सोशल मीडिया पर डाल दिया। कुछ ही घंटों में वीडियो फेसबुक, व्हाट्सएप और एक्स जैसे प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया।

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वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ी हलचल
वीडियो वायरल होते ही स्थानीय स्तर पर ही नहीं बल्कि जनपद भर में इस घटना की चर्चा होने लगी। कुछ लोग दरोगा के व्यवहार को अनुचित बता रहे हैं।वहीं कुछ का कहना है कि शिकायतकर्ता पक्ष ने जानबूझकर माहौल खराब किया।
इस तरह यह मामला अब पुलिस बनाम जनता संवाद के तौर पर देखा जा रहा है।
आईजीआरएस शिकायत प्रणाली पर सवाल
आईजीआरएस उत्तर प्रदेश सरकार की वह व्यवस्था है, जिसके माध्यम से आम नागरिक अपनी शिकायत सीधे शासन तक पहुंचा सकता है। लेकिन इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि
क्या शिकायतों का निस्तारण जमीनी स्तर पर सही तरीके से हो रहा है?
क्या निरीक्षण के दौरान पुलिस और जनता के बीच बेहतर संवाद की जरूरत है?
विशेषज्ञों का मानना है कि आईजीआरएस की सफलता तभी संभव है, जब शिकायतकर्ता और जांच अधिकारी दोनों एक-दूसरे के प्रति संयम और सहयोग दिखाएं।

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पुलिस का पक्ष
सूत्रों के अनुसार, पुलिस अधिकारियों ने वायरल वीडियो का संज्ञान लिया है। प्रारंभिक तौर पर बताया जा रहा है कि:दरोगा शिकायत के निस्तारण के लिए ही मौके पर गए थे।नोकझोंक के कारणों की जांच की जा रही है।
यदि किसी भी पक्ष की गलती पाई जाती है, तो नियमानुसार कार्रवाई होगी।
पुलिस का यह भी कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर पूरे मामले की आंतरिक जांच कराई जाएगी, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया घटना को लेकर गांव और आसपास के क्षेत्र में तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
कुछ लोगों का कहना है कि पुलिस को शांतिपूर्वक जांच करनी चाहिए थी। वहीं कुछ लोगों का मानना है कि शिकायतकर्ता पक्ष ने कैमरे के सामने माहौल को जानबूझकर उग्र बनाया।
इससे एक बात स्पष्ट है कि पुलिस-जनता संवाद में विश्वास की कमी अब एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है।

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सोशल मीडिया पर असर
वायरल वीडियो के कारण देवरिया पुलिस एक बार फिर सोशल मीडिया की सुर्खियों में है।डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लोग प्रशासन से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। यह मामला Google Discover और सोशल मीडिया ट्रेंड में भी दिखाई देने लगा है, जिससे इसकी पहुंच और बढ़ गई है।
रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र की यह घटना केवल एक नोकझोंक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आईजीआरएस शिकायत व्यवस्था, पुलिस कार्यशैली और जनसंवाद जैसे अहम मुद्दों को उजागर करती है।
अब देखना यह होगा कि पुलिस प्रशासन इस मामले में क्या ठोस कदम उठाता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या सुधार करता है।

जर्जर सड़क और मोहन सेतु निर्माण को लेकर 15 किमी पदयात्रा, तहसील में ज्ञापन

बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। )7समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को भलुअनी से बरहज तहसील तक 15 किलोमीटर की पदयात्रा निकालकर सोनू घाट–बरहज मार्ग की जर्जर सड़क, निर्माणाधीन मोहन सेतु को शीघ्र पूरा कराने तथा सोनाड़ी अस्पताल में डॉक्टरों की नियमित तैनाती की मांग को लेकर उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
पदयात्रा का नेतृत्व बरहज विधानसभा अध्यक्ष राम बहादुर यादव ने किया। भलुअनी स्थित पेट्रोल पंप से शुरू हुई यात्रा बरहज नगर की मुख्य सड़क से होते हुए तहसील परिसर पहुंची। इस दौरान अधिवक्ताओं ने कार्यकर्ताओं का स्वागत किया और सरकार विरोधी नारे लगाए गए।
राम बहादुर यादव ने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं को रोजगार देने में विफल रही है और पढ़े-लिखे युवा भटकने को मजबूर हैं। जिला उपाध्यक्ष अवधेश चौधर ने कहा कि नौ वर्ष पूरे होने के बाद भी परसिया देवर सहित अन्य क्षेत्रों को जोड़ने वाला मोहन सेतु पूर्ण नहीं हो सका है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता बदलाव करेगी।
पदयात्रा में गेना लाल यादव, विजय रावत, देवेंद्र कुशवाहा, वीरेंद्र चौधरी, गोपी यादव, बेचू लाल चौधरी, रामनाथ चौहान, मनीष सिंह, अम्बिका चौधरी, राजेश ठाकुर, शंकर यादव, दिलीप यादव, राम प्रकाश चौधरी, अजय यादव, योगेंद्र भारती, चंद्रभूषण यादव, विकास विश्वकर्मा, मुरलीधर यादव सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे