Monday, May 4, 2026
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स्कूल ऑटो पलटने से गुमला में मातम, सुरक्षा पर उठे सवाल

गुमला सड़क हादसा: स्कूल जा रहे बच्चों का ऑटो पलटा, 9 वर्षीय छात्रा की मौत, एक गंभीर


रांची (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)गुमला सड़क हादसा में बुधवार सुबह झारखंड के गुमला जिले के बसिया थाना क्षेत्र अंतर्गत महाराजगंज के पास दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। स्कूल जा रहे बच्चों से भरा एक ऑटो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। इस दर्दनाक हादसे में 9 वर्षीय आकांक्षा कुमारी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 8 वर्षीय अलमा केरकेट्टा गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे की खबर फैलते ही इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
गुमला सड़क हादसा के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, गंगड़ा गांव निवासी अजय गोप की बेटी आकांक्षा कुमारी रोज़ की तरह अन्य बच्चों के साथ ऑटो से महाराजगंज स्थित मदर अमृता पब्लिक स्कूल जा रही थी। रास्ते में अचानक चालक का वाहन पर से नियंत्रण हट गया। तेज झटका लगते ही ऑटो पलट गया और सड़क किनारे जा गिरा। ऑटो के नीचे दबने से दोनों बच्चियां गंभीर रूप से घायल हो गईं।

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हादसे के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे। लोगों की मदद से घायल बच्चियों को तत्काल बसिया रेफरल अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद आकांक्षा कुमारी को मृत घोषित कर दिया। वहीं अलमा केरकेट्टा की हालत नाजुक बनी हुई है, जिसे बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया है। आकांक्षा तीसरी कक्षा की छात्रा थी और पढ़ाई में काफी होनहार बताई जा रही थी।
गुमला सड़क हादसा की सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे। मासूम बच्ची की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में मातम पसरा हुआ है और हर आंख नम है। ग्रामीण परिजनों को ढांढस बंधाने में जुटे हैं।
इधर, सूचना पर बसिया पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल गुमला भेज दिया है। मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में ऑटो के अनियंत्रित होने को ही हादसे की प्रमुख वजह माना जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वाहन की गति, तकनीकी खराबी या सड़क की स्थिति इस दुर्घटना के पीछे कितनी जिम्मेदार थी।

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स्थानीय लोगों ने प्रशासन से स्कूल वाहनों की नियमित जांच, बच्चों को ले जाने वाले ऑटो पर सख्ती और सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति न हो। गुमला सड़क हादसा ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में बच्चों की सुरक्षित आवाजाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

गौशाला अव्यवस्था पर महाराजगंज में सड़क पर उतरे संगठन

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गौशालाओं की बदहाली पर फूटा गुस्सा, बजरंग दल–विहिप का चक्काजाम



महाराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद की गौशालाओं की बदहाली और गोवंशों की लगातार हो रही मौतों को लेकर मंगलवार को हिंदू संगठनों का आक्रोश खुलकर सामने आया। बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने नगर के सक्सेना चौक/तिराहे पर मृत गोवंश का कंकाल रखकर करीब डेढ़ घंटे तक चक्काजाम किया। इस दौरान प्रमुख मार्गों पर यातायात पूरी तरह ठप रहा और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।
निरीक्षण में सामने आई गंभीर लापरवाही
प्रदर्शन से पहले संगठन पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सदर क्षेत्र की चेंहरी तथा अहमदपुर हड़हवां गौशाला का निरीक्षण किया। आरोप है कि वहां मृत गोवंशों के अवशेष, गंदगी, चारे-पानी की कमी, चिकित्सा सुविधाओं का अभाव और देखरेख में भारी लापरवाही देखने को मिली। कार्यकर्ताओं का कहना है कि गौशालाओं की बदहाली के कारण गोवंश बीमार पड़ रहे हैं और उनकी मौतें हो रही हैं, जबकि जिम्मेदार विभाग आंख मूंदे हुए हैं।
सक्सेना चौक पर चक्काजाम, प्रशासन हरकत में
निरीक्षण के बाद शाम करीब 4:15 बजे कार्यकर्ता कंकाल लेकर सक्सेना चौक पहुंचे और नारेबाजी के साथ सड़क पर बैठ गए। गौशालाओं की बदहाली और सरकारी धन के कथित दुरुपयोग के आरोप लगाए गए। सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। करीब 5:35 बजे ज्ञापन सौंपे जाने के बाद धरना समाप्त हुआ और आवागमन सामान्य हुआ।
पोस्टमार्टम में चौंकाने वाला खुलासा
अहमदपुर हड़हवां गौशाला में मृत गोवंश का पशु चिकित्सकों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया गया। रिपोर्ट में पेट से अत्यधिक मात्रा में पॉलिथीन मिलने की पुष्टि हुई। परिसर में कई स्थानों पर प्लास्टिक कचरा फैला मिला। संगठनों का आरोप है कि खुले में पड़े कूड़े और पॉलिथीन के सेवन से गोवंश बीमार पड़ रहे हैं, जो गौशालाओं की बदहाली का स्पष्ट प्रमाण है।
चेतावनी और आगे की कार्रवाई
मौके पर प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि गौशालाओं की बदहाली दूर करने के लिए तत्काल ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो जिला मुख्यालय पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू करने और सुधारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

निर्धारित समयसीमा में पूरा हो वृद्धाश्रम निर्माण: डीएम


संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के विकासखंड खलीलाबाद अंतर्गत ग्राम केरमुआ में निर्माणाधीन वृद्धाश्रम का जिलाधिकारी आलोक कुमार ने स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति, गुणवत्ता और मानकों की गहन समीक्षा की तथा कार्यदायी संस्था यूपीपीसीएल को स्पष्ट निर्देश दिए कि वृद्धाश्रम निर्माण कार्य को निर्धारित समयसीमा में हर हाल में पूरा किया जाए।
निरीक्षण के समय जिलाधिकारी ने ले-आउट और स्वीकृत नक्शे के अनुसार चल रहे निर्माण कार्य का परीक्षण कराया। उन्होंने कहा कि वृद्धाश्रम केवल एक भवन नहीं, बल्कि बुजुर्गों के सम्मानजनक जीवन की आधारशिला है। ऐसे में निर्माण की गुणवत्ता, सुरक्षा मानक, आवासीय सुविधाएं और स्वच्छता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार्य नहीं होगा।

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जिलाधिकारी ने संबंधित अभियंताओं और अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए, नियमित निगरानी रखी जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि वृद्धाश्रम निर्माण से क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिकों को सुरक्षित आवास, स्वास्थ्य सुविधाएं और सामाजिक संरक्षण मिलेगा, जो सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था को समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजना में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है, ताकि शासन की मंशा के अनुरूप वृद्धाश्रम का लाभ जरूरतमंद बुजुर्गों तक पहुंच सके।
प्रशासन का उद्देश्य है कि वृद्धाश्रम में रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों को भोजन, स्वास्थ्य, स्वच्छता, मनोरंजन और मानसिक सहयोग जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराई जाएं। इसके लिए भवन निर्माण के साथ-साथ मूलभूत सुविधाओं की योजना भी साथ-साथ तैयार की जा रही है।
जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी स्तर पर कार्य में देरी या मानक उल्लंघन पाया गया तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि वृद्धाश्रम निर्माण संत कबीर नगर जनपद की एक महत्वपूर्ण सामाजिक परियोजना है, जिसे समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करना प्रशासन की प्राथमिकता है।
स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन की इस पहल की सराहना की और उम्मीद जताई कि वृद्धाश्रम के निर्माण से क्षेत्र के बुजुर्गों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिलेगा। प्रशासन द्वारा किए गए इस निरीक्षण से निर्माण कार्य में तेजी आने की संभावना है।

सीसीटीवी निगरानी में संपन्न हुई यूपी बोर्ड की पहली परीक्षा

हिंदी के पेपर से यूपी बोर्ड परीक्षा का आगाज़, कड़ी निगरानी में शांतिपूर्ण शुरुआत

सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।उत्तर प्रदेश में यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 का आज औपचारिक शुभारंभ हुआ। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की वार्षिक परीक्षाएं पहले दिन पूरी तरह अनुशासित, नकलविहीन और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराई गईं। सुबह की पहली पाली में हाईस्कूल का हिंदी एवं सामान्य हिंदी प्रश्नपत्र आयोजित हुआ, जो प्रातः 8:30 बजे से 11:45 बजे तक चला। परीक्षा को लेकर परीक्षार्थियों में उत्साह के साथ हल्की घबराहट भी देखने को मिली।सलेमपुर तहसील क्षेत्र के प्रमुख परीक्षा केंद्र—बापू इंटर कॉलेज सलेमपुर और मुहम्मद हुसैन इंटर कॉलेज नवलपुर सहित अन्य विद्यालयों में यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 के लिए कड़े इंतजाम किए गए थे। परीक्षा शुरू होने से पहले ही केंद्रों के बाहर छात्र-छात्राओं की कतारें लग गईं। निर्धारित समय से पहले प्रवेश प्रक्रिया पूरी कराई गई और सघन तलाशी के बाद ही परीक्षार्थियों को परीक्षा कक्ष में प्रवेश मिला।नकलविहीन परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर केंद्र पर केंद्र व्यवस्थापक, बाह्य केंद्र व्यवस्थापक, मजिस्ट्रेट और स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात रहे। सीसीटीवी कैमरों से चौबीसों घंटे निगरानी की गई, जबकि प्रशासनिक अधिकारी लगातार भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे। इन उपायों से यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 में पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने में सफलता मिली।दोपहर बाद इंटरमीडिएट की परीक्षाएं भी अपने निर्धारित समय पर शुरू हुईं। परीक्षा केंद्रों के बाहर अभिभावकों की उपस्थिति नजर आई, जो अपने बच्चों के बेहतर प्रदर्शन की कामना करते दिखे। सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिस बल की तैनाती रही, जिससे पूरे क्षेत्र में शांति और व्यवस्था बनी रही।प्रशासन के अनुसार पहले दिन की परीक्षा के सफल आयोजन से आगामी दिनों के लिए व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ की जा रही है। परीक्षा कैलेंडर के अनुसार आगे भी सभी विषयों की परीक्षाएं इसी सख्ती और निगरानी में कराई जाएंगी। शिक्षा विभाग का कहना है कि यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

एक मंच, अनेक योजनाएं: आगरा में विधिक सेवा मेगा कैम्प

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आगरा में जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ, 22 फरवरी को लगेगा विधिक सेवा मेगा कैम्प


आगरा (राष्ट्र की परम्परा)समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को न्याय, सरकारी योजनाओं और निःशुल्क विधिक सहायता से जोड़ने के उद्देश्य से आगरा विधिक साक्षरता सेवा शिविर 2026 का आयोजन 22 फरवरी 2026 को किया जाएगा। इस मेगा कैम्प की तैयारियां तेज हो गई हैं। आयोजन आगरा के दीवानी न्यायालय परिसर में प्रस्तावित है, जहां एक ही मंच पर कई विभागों की सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
शिविर का उद्देश्य उन नागरिकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है, जो जानकारी के अभाव में अब तक वंचित रह जाते हैं। इसमें दिव्यांगजन, महिलाएं, निर्धन परिवार, असंगठित क्षेत्र के श्रमिक और वरिष्ठ नागरिक प्रमुख रूप से लाभान्वित होंगे। यह आयोजन राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जा रहा है।

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योजनाओं से सीधे जुड़ेंगे पात्र लाभार्थी
मेगा कैम्प में पात्र व्यक्तियों का मौके पर पंजीकरण कर उन्हें त्वरित लाभ देने की व्यवस्था की गई है। प्रशासन का फोकस यह सुनिश्चित करने पर है कि आवश्यक दस्तावेजों के साथ आने वाले नागरिकों की समस्याओं का उसी दिन समाधान हो सके। अधिकारियों को पहले से तैयारी रखने और लाभ वितरण की प्रक्रिया सरल बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
कई विभागों के स्टॉल, एक ही छत के नीचे सेवाएं
शिविर में समाज कल्याण, दिव्यांग कल्याण, महिला एवं बाल विकास, श्रम, स्वास्थ्य, खाद्य आपूर्ति, कृषि, पशुपालन, उद्यान, विद्युत, अल्पसंख्यक, ग्राम उद्योग, नगर निगम सहित अनेक विभागों के सूचना व पंजीकरण स्टॉल लगाए जाएंगे। इससे नागरिकों को योजनाओं की जानकारी, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया एक ही स्थान पर मिलेगी।

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निःशुल्क स्वास्थ्य जांच भी उपलब्ध
स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण शिविर भी लगाया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार समय रहते जांच से बीमारियों की पहचान और उपचार संभव होगा, जिससे आमजन को बड़ा लाभ मिलेगा।
व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। उद्देश्य है कि अधिकतम पात्र नागरिकों तक शिविर की जानकारी पहुंचे और कोई भी लाभ से वंचित न रहे।

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न्याय और प्रशासन की संयुक्त पहल
इस आयोजन में न्यायिक अधिकारियों के साथ प्रशासनिक विभागों की सक्रिय भागीदारी रहेगी। प्रशासन का मानना है कि ऐसे शिविर न्याय तक आसान पहुंच और सरकारी योजनाओं की प्रभावी डिलीवरी में अहम भूमिका निभाते हैं।
नागरिकों से अपील है कि वे 22 फरवरी को आयोजित आगरा विधिक साक्षरता सेवा शिविर 2026 में समय पर पहुंचकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ भाग लें और योजनाओं का सीधा लाभ प्राप्त करें।

ऑपरेशन सदर्न स्पीयर: अमेरिकी कार्रवाई में 3 नावें निशाना, 11 की मौत; ड्रग तस्करी पर बड़ा सैन्य अभियान

Donald Trump के नेतृत्व में अमेरिका ने वेनेजुएला से जुड़े सैन्य तनाव के बीच ऑपरेशन सदर्न स्पीयर (Operation Southern Spear) को तेज कर दिया है। United States Southern Command के अनुसार प्रशांत महासागर और कैरिबियाई सागर में कथित ड्रग तस्करी में शामिल 3 नावों को निशाना बनाया गया, जिसमें 11 लोगों की मौत हुई।

पूर्वी प्रशांत और कैरिबियाई सागर में कार्रवाई

रिपोर्ट्स के मुताबिक:

• पूर्वी प्रशांत महासागर में 4-4 लोगों को ले जा रही 2 नावों पर हमला

• कैरिबियाई सागर में 3 लोगों को ले जा रही तीसरी नाव पर कार्रवाई

• कुल 3 नावें निशाना, 11 मौतें

अमेरिकी दक्षिणी कमान ने कहा कि खुफिया इनपुट के आधार पर ये नावें “ड्रग तस्करी के कुख्यात मार्गों” से गुजर रही थीं और मादक पदार्थों की अवैध गतिविधियों में शामिल थीं।

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सितंबर 2025 से जारी अभियान

अमेरिकी सेना के मुताबिक, सितंबर 2025 से चल रहे Operation Southern Spear के तहत अब तक कथित तौर पर 145 से अधिक “नार्को-टेररिस्ट” मारे गए हैं।

अधिकारियों का दावा है कि यह अभियान तस्करी मार्गों पर सख्त निगरानी और अवैध मादक पदार्थों की आपूर्ति रोकने के लिए चलाया जा रहा है।

वीडियो जारी, विवाद भी बढ़ा

United States Southern Command ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कार्रवाई का वीडियो जारी किया है। हालांकि, यह अभियान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद का विषय भी बन गया है और मानवाधिकार संगठनों की प्रतिक्रिया पर नजर बनी हुई है।

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युवाओं के सपनों को पंख देगा Mukhyamantri Yuva Udyami Vikas Abhiyan, 20 फरवरी को महराजगंज में वृहद ऋण शिविर

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। Maharajganj में युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से Mukhyamantri Yuva Udyami Vikas Abhiyan की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत शिक्षित और प्रशिक्षित युवाओं को स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र, महराजगंज के अनुसार 20 फरवरी 2026 को प्रातः 11 बजे विकास भवन में वृहद ऋण शिविर का आयोजन किया जाएगा।

कौन ले सकता है योजना का लाभ?

• आवेदक महराजगंज जनपद का निवासी हो
• आयु 21 से 40 वर्ष
• न्यूनतम शैक्षिक योग्यता: कक्षा 8 उत्तीर्ण
• इंटरमीडिएट या समकक्ष उत्तीर्ण को प्राथमिकता
• कौशल प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को वरीयता

प्राथमिकता प्राप्त योजनाएं:

• Vishwakarma Shram Samman Yojana
• One District One Product
• Uttar Pradesh Skill Development Mission

कितनी मिलेगी आर्थिक सहायता?

• उद्योग/सेवा क्षेत्र में अधिकतम 5 लाख रुपये तक परियोजना
• 4 वर्षों तक 100% ब्याज उपादान
• न्यूनतम 10% स्वयं का अंशदान अनिवार्य
10% टर्म लोन
• अधिकतम 5 लाख तक 10% मार्जिन मनी सब्सिडी

दूसरे चरण में सफल उद्यमियों को 10 लाख रुपये तक विस्तार की सुविधा मिलेगी, जिस पर 3 वर्षों तक 50% ब्याज उपादान मिलेगा।
तंबाकू, गुटखा, पान और पटाखा निर्माण जैसी परियोजनाएं अनुमन्य नहीं हैं।

20 फरवरी को विकास भवन में ऋण शिविर

विकास भवन, महराजगंज में आयोजित शिविर में:

• ऑनलाइन आवेदन
• दस्तावेज सत्यापन
• बैंक समन्वय

एक ही स्थान पर पूरा किया जाएगा, जिससे युवाओं को भागदौड़ से राहत मिलेगी।
उपायुक्त उद्योग ने युवाओं से अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में शिविर में भाग लेकर योजना का लाभ उठाएं। उनका कहना है कि यह पहल युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाएगी।

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UP PCS Transfer: यूपी में 6 PCS अफसरों के तबादले, संजीव कुमार उपाध्याय बने नगर मजिस्ट्रेट अयोध्या

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लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। Uttar Pradesh सरकार ने मंगलवार देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए छह PCS अधिकारियों का तबादला कर दिया। जारी आदेश के अनुसार कई जिलों में महत्वपूर्ण पदों पर नए अधिकारियों की तैनाती की गई है।

किसे कहां मिली नई तैनाती?

• राजेश चंद: एसडीएम गाजीपुर से एडीएम (न्यायिक) मैनपुरी
• विकास यादव: संबद्ध राजस्व परिषद से एसडीएम Ambedkar Nagar
• बृजपाल सिंह: एसडीएम देवरिया से एडीएम (न्यायिक) Lakhimpur Kheri

अयोध्या में बड़ा बदलाव

• राजेश कुमार मिश्रा: नगर मजिस्ट्रेट Ayodhya से सचिव, अयोध्या विकास प्राधिकरण

• संजीव कुमार उपाध्याय: विशेष कार्याधिकारी, Prayagraj Development Authority से नगर मजिस्ट्रेट अयोध्या

• अर्चना अग्निहोत्री: संबद्ध राजस्व परिषद से एसडीएम Mau

प्रशासनिक हलचल तेज

प्रदेश में यह तबादले आगामी प्रशासनिक प्राथमिकताओं और सुशासन की रणनीति के तहत किए गए हैं। अधिकारियों की नई तैनाती के साथ संबंधित जिलों में कार्यशैली और प्रशासनिक व्यवस्थाओं में बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
सरकार की ओर से जारी आदेश के बाद संबंधित जिलों में पदभार ग्रहण करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

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अग्निवीर भर्ती 2026: 8वीं-10वीं पास युवाओं के लिए सुनहरा अवसर

1 अप्रैल तक करें आवेदन: 8वीं–10वीं पास युवाओं के लिए सेना में बंपर भर्ती


नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा जॉब डेस्क)देश सेवा का जज़्बा रखने वाले 8वीं और 10वीं पास युवाओं के लिए भारतीय सेना में भर्ती होने का बड़ा अवसर सामने आया है। सेना भर्ती कार्यालय मेरठ द्वारा अग्निवीर भर्ती 2026 की अधिसूचना जारी कर दी गई है। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और आवेदन की अंतिम तिथि 1 अप्रैल तय की गई है। इच्छुक अभ्यर्थी केवल आधिकारिक पोर्टल Join Indian Army के माध्यम से ही आवेदन कर सकते हैं।
यह भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन, पारदर्शी और कंप्यूटर आधारित होगी, जिससे किसी भी प्रकार के मानवीय हस्तक्षेप या अनियमितता की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी। भर्ती कार्यालय ने युवाओं से अपील की है कि वे किसी भी दलाल, एजेंट या फर्जी वेबसाइट के झांसे में न आएं।
🔎 किन श्रेणियों में होगी भर्ती
इस अग्निवीर भर्ती अभियान के अंतर्गत विभिन्न ट्रेड और पदों पर आवेदन आमंत्रित किए गए हैं, जिससे अलग-अलग शैक्षिक योग्यता वाले युवाओं को अवसर मिल सके।

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अग्निवीर जनरल ड्यूटी (GD)

  • अग्निवीर क्लर्क / स्टोर कीपर टेक्निकल (SKT)
  • अग्निवीर टेक्निकल
  • अग्निवीर ट्रेड्समैन (10वीं पास)
  • अग्निवीर ट्रेड्समैन (8वीं पास)
    अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी शैक्षिक योग्यता और पात्रता के अनुसार ही श्रेणी का चयन करें।
    🖥️ चयन प्रक्रिया: पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी
    अग्निवीर भर्ती 2026 की चयन प्रक्रिया कई चरणों में पूरी होगी:
  • सबसे पहले उम्मीदवार को Join Indian Army पोर्टल पर अकाउंट बनाना होगा
  • निर्धारित समय के भीतर ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरना होगा
  • प्रति आवेदन 250 रुपये शुल्क ऑनलाइन जमा करना होगा
  • आवेदन के बाद कॉमन एंट्रेंस एग्जाम (CEE) के लिए प्रवेश पत्र डाउनलोड होगा
  • CEE में सफल अभ्यर्थियों की मेरिट सूची जारी की जाएगी
  • मेरिट के आधार पर आगे की शारीरिक व चिकित्सकीय जांच होगी
    📑 आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
    ऑनलाइन पंजीकरण से पहले अभ्यर्थी निम्न दस्तावेज तैयार रखें:
  • आधार कार्ड
  • आधार से लिंक मोबाइल नंबर
  • 10वीं की मार्कशीट
  • उच्चतम शैक्षिक योग्यता प्रमाण पत्र
  • मूल निवास प्रमाण पत्र
  • जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • हस्ताक्षर की स्कैन कॉपी
  • वैध ई-मेल आईडी
    ⚠️ भर्ती कार्यालय की सख्त चेतावनी
    सेना भर्ती कार्यालय ने साफ शब्दों में कहा है कि भारतीय सेना में भर्ती पूरी तरह नि:शुल्क होती है। चयन केवल योग्यता, परीक्षा और शारीरिक दक्षता के आधार पर किया जाता है। यदि कोई व्यक्ति भर्ती के नाम पर पैसे या सिफारिश की मांग करता है, तो इसकी सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या भर्ती कार्यालय को दें।
    🇮🇳 अग्निवीर योजना: युवाओं के लिए नया रास्ता
    अग्निवीर योजना के तहत चयनित युवाओं को सेना में अनुशासित जीवन, आधुनिक प्रशिक्षण, आकर्षक वेतन पैकेज और देश सेवा का गौरव प्राप्त होता है। चार वर्ष की सेवा के दौरान अर्जित अनुभव आगे के करियर में भी उपयोगी सिद्ध होता है।

यूपी बोर्ड परीक्षा से एक दिन पहले 10वीं की छात्रा ने की आत्महत्या

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आगरा (राष्ट्र की परम्परा)। Agra के थाना न्यू आगरा क्षेत्र के नगला बूढ़ी इलाके में यूपी बोर्ड परीक्षा से एक दिन पहले 10वीं की एक छात्रा ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और फोरेंसिक जांच कराई।

मृतका की पहचान 15 वर्षीय शिवानी के रूप में हुई है, जो Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Parishad (यूपी बोर्ड) की हाईस्कूल छात्रा थी। बुधवार को उसकी बोर्ड परीक्षा थी।

बाजार से लौटी मां ने देखा बंद कमरा

परिजनों के अनुसार, छात्रा दोपहर में घर पर अपनी सहेली के साथ थी। मां सीमा बाजार चली गई थीं। करीब दो घंटे बाद लौटीं तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। शोर मचाने पर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए।
मकान मालिक ने 112 पर सूचना दी। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो छात्रा पंखे के कुंडे से दुपट्टे के फंदे पर लटकी मिली। यह दृश्य देखकर परिवार में चीख-पुकार मच गई।

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सुसाइड नोट नहीं मिला, मोबाइल जांच में

पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। छात्रा का मोबाइल फोन कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है। थाना प्रभारी के अनुसार, दोपहर तक छात्रा सामान्य थी।

पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आत्महत्या के पीछे परीक्षा का तनाव कारण था या कोई अन्य वजह। परिजनों और परिचितों से पूछताछ की जा रही है।

शादी की तैयारियों के बीच मातम

जिस मकान में परिवार रहता है, उसके मालिक के बेटे की शादी की तैयारियां चल रही थीं। घर में रिश्तेदारों का आना-जाना लगा था। इसी बीच हुई इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक और स्तब्धता का माहौल है।

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की जांच जारी है।

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महाराजगंज में डीआईजी एस. चनप्पा का वार्षिक निरीक्षण, होली-रमजान पर सख्त अलर्ट

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। Maharajganj में मंगलवार को गोरखपुर परिक्षेत्र के डीआईजी एस. चनप्पा ने वार्षिक निरीक्षण कर जिले की पुलिस व्यवस्था का व्यापक जायजा लिया। इस दौरान Somendra Meena (पुलिस अधीक्षक) भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, अभिलेख प्रबंधन और त्योहारों की तैयारियों की गहन समीक्षा की गई।

पुलिस लाइन और थानों का निरीक्षण

डीआईजी ने पुलिस लाइन पहुंचकर रैतिक परेड की सलामी ली, जिसमें राजपत्रित अधिकारी, पुलिसकर्मी और रिक्रूट आरक्षी शामिल हुए। इसके बाद आरटीसी, बैरक, शस्त्रागार, मैस और परिसर की साफ-सफाई का निरीक्षण किया गया।

Purandarpur Police Station और Ghughli Police Station में मालखाना, हवालात, शस्त्रागार और सुरक्षा व्यवस्था की जांच की गई।
डीआईजी ने अभिलेखों और रजिस्टरों को अद्यतन रखने तथा कार्यप्रणाली को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के निर्देश दिए।

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होली-रमजान को लेकर विशेष सतर्कता

आगामी होली और रमजान को देखते हुए डीआईजी ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए:

• होलिका दहन स्थलों और जुलूस मार्गों का पूर्व निरीक्षण
• ढीले बिजली तारों जैसी संभावित खतरनाक स्थितियों को ठीक कराना
• डीजे संचालन में ध्वनि मानकों का कड़ाई से पालन
• हर्ष फायरिंग और नई परंपराओं पर पूर्ण प्रतिबंध

उन्होंने स्पष्ट कहा कि त्योहारों में अराजकता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

साइबर अपराध और अवैध गतिविधियों पर अभियान

डीआईजी ने कच्ची व मिलावटी शराब के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। नेपाल सीमा से जुड़े संदिग्ध गतिविधियों पर सतर्क निगरानी और गोकशी पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने को कहा।

साइबर अपराध पर अंकुश के लिए गांडीव, NCRP और यक्ष ऐप के प्रशिक्षण और अनिवार्य उपयोग पर विशेष जोर दिया गया।

कानून-व्यवस्था को लेकर प्रमुख निर्देश

• वांछित वारंटियों की गिरफ्तारी में तेजी
• महिला संबंधी अपराधों पर प्राथमिकता
• पुराने विवादों का सत्यापन
• सीएम डैशबोर्ड की नियमित समीक्षा
• सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता की जांच
• ट्रैफिक जाम और मैरिज हॉल पार्किंग व्यवस्था पर निगरानी

निरीक्षण के दौरान ग्राम प्रहरियों को कम्बल, टॉर्च और टी-सेट वितरित कर उन्हें जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार त्योहारों के मद्देनजर जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष रणनीति लागू की जाएगी।

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दुनिया भर में YouTube ठप: Downdetector पर रिकॉर्ड शिकायतें

भारत-अमेरिका समेत दुनिया भर में यूट्यूब ठप, लाखों यूज़र्स प्रभावित
दुनिया के सबसे बड़े वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म YouTube को 17–18 फरवरी 2026 की रात एक बड़े YouTube Global Outage 2026 का सामना करना पड़ा। भारत, अमेरिका और कई अन्य देशों में लाखों यूज़र्स वीडियो लोड न होने, ऐप एक्सेस फेल होने और “Something went wrong” जैसे एरर मैसेज की शिकायत करते दिखे। यह आउटेज किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वैश्विक स्तर पर असर दिखा।
YouTube Down Today: क्या था आउटेज का कारण
आउटेज शुरू होते ही Google ने TeamYouTube के ज़रिए आधिकारिक बयान जारी कर समस्या को स्वीकार किया। कंपनी के अनुसार, YouTube के रिकमेंडेशन सिस्टम में आई तकनीकी गड़बड़ी के कारण होमपेज, YouTube ऐप, YouTube Music और YouTube Kids पर वीडियो दिखाई नहीं दे रहे थे। बाद में हेल्प पेज पर अपडेट साझा किया गया कि होमपेज को बहाल कर दिया गया है, लेकिन सिस्टम को पूरी तरह स्थिर करने का काम जारी है।

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Downdetector रिपोर्ट: कितने यूज़र्स हुए प्रभावित
आउटेज ट्रैकिंग वेबसाइट Downdetector के आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका में पीक समय पर 3.20 लाख से ज़्यादा शिकायतें दर्ज हुईं। भारत में भी सुबह के कुछ ही मिनटों में 19 हजार से अधिक यूज़र्स ने समस्या रिपोर्ट की। यह साफ संकेत था कि YouTube Global Outage 2026 एक बड़े प्लेटफॉर्म-साइड इश्यू के कारण हुआ।
यूज़र्स का अनुभव और सोशल मीडिया रिएक्शन
यूज़र्स ने बताया कि ऐप और वेबसाइट दोनों पर वीडियो नहीं चल रहे थे, सर्च रिज़ल्ट खाली दिख रहे थे और बार-बार एरर आ रहा था। इसी दौरान YouTube TV और कुछ अन्य Google सेवाओं में भी दिक्कतें सामने आईं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अलग-अलग देशों से एक जैसे अनुभव साझा किए गए, जिससे आउटेज की गंभीरता और व्यापकता स्पष्ट हुई।

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क्यों अहम है यह खबर
YouTube हर महीने 2.5 बिलियन से अधिक एक्टिव यूज़र्स के साथ दुनिया का सबसे बड़ा वीडियो-शेयरिंग प्लेटफॉर्म है। ऐसे में कुछ घंटों का भी डाउन होना कंटेंट क्रिएटर्स, मीडिया हाउस और आम दर्शकों—तीनों पर सीधा असर डालता है। इस आउटेज ने एक बार फिर दिखाया कि बड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर तकनीकी निर्भरता कितनी गहरी है।

उत्सव या उत्पात? डीजे की बेकाबू ध्वनि से हर आयु वर्ग संकट में

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शादी-ब्याह, जुलूस और सामाजिक आयोजनों में तेज डीजे अब “ट्रेंड” बन चुका है। देर रात तक गूंजती हाई बास और म्यूज़िक भले ही कुछ समय के लिए उत्साह पैदा करें, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार यह बढ़ता ध्वनि प्रदूषण (Noise Pollution) समाज के हर आयु वर्ग के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है।

बच्चों और बुजुर्गों पर ज्यादा असर

चिकित्सकों का कहना है कि लगातार उच्च डेसिबल ध्वनि सुनने से:

• बच्चों की सुनने की क्षमता प्रभावित हो सकती है
• कान बजना (Tinnitus) जैसी समस्या उत्पन्न हो सकती है
• बुजुर्गों में श्रवण संबंधी परेशानी बढ़ सकती है
• गर्भवती महिलाओं और हृदय रोगियों के लिए जोखिम बढ़ता है

विशेषज्ञों के अनुसार तेज ध्वनि से हृदय गति असंतुलित, रक्तचाप बढ़ना और तनाव स्तर में वृद्धि जैसी समस्याएँ भी सामने आती हैं।

मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर

केवल शारीरिक ही नहीं, मानसिक स्वास्थ्य पर भी डीजे की तेज आवाज का प्रभाव देखा गया है:

• अनिद्रा
• चिड़चिड़ापन
• एकाग्रता में कमी
• लगातार तनाव

कई घटनाओं में भीड़ और अत्यधिक ध्वनि के संयुक्त प्रभाव से युवाओं के अचानक गिरने की खबरें भी सामने आई हैं। यह संकेत है कि ध्वनि प्रदूषण केवल “शोर” नहीं, बल्कि गंभीर स्वास्थ्य संकट बन सकता है।

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बंद स्थानों में और अधिक खतरा

क्लब, पब और सिनेमा हॉल जैसे बंद स्थानों में ध्वनि का प्रभाव और तीव्र हो जाता है। सीमित जगह में उच्च डेसिबल ध्वनि सीधे कानों और तंत्रिका तंत्र पर असर डालती है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि मनोरंजन का उद्देश्य आनंद और विश्राम है, न कि स्वास्थ्य पर बोझ डालना।

प्रशासन से सख्ती की मांग

Central Pollution Control Board द्वारा निर्धारित डेसिबल सीमा के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जरूरत है। ध्वनि प्रदूषण संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

जागरूकता अभियान चलाकर आयोजकों और आम नागरिकों को बताया जाना चाहिए कि तेज ध्वनि केवल उत्सव का हिस्सा नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए खतरा भी हो सकती है।

संतुलन ही समाधान

उत्सव मनाना सभी का अधिकार है, लेकिन दूसरों की शांति और स्वास्थ्य की कीमत पर नहीं। मध्यम ध्वनि में भी उत्सव का आनंद लिया जा सकता है — यही एक स्वस्थ और जिम्मेदार समाज की पहचान है।

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मृतक होमगार्ड के परिजनों को 38 लाख की सहायता राशि प्रदान

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी आलोक कुमार ने कलेक्ट्रेट कक्ष में होमगार्ड कंपनी सेमरियावां के मृतक होमगार्ड फूलचंद के आश्रितों को कुल 38 लाख रुपये की प्रतीकात्मक सहायता राशि प्रदान की।
इसमें 30 लाख रुपये की बीमा राशि मृतक की पत्नी कुसुमलता को दी गई। शिक्षा सहायता के तहत बेटी साक्षी को 4 लाख रुपये और बेटी अंशिका को 4 लाख रुपये का प्रतीकात्मक चेक सौंपा गया। इसके अतिरिक्त होमगार्ड मुख्यालय की ओर से 5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि भी स्वीकृत की गई है।

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उल्लेखनीय है कि कुल 38 लाख रुपये की धनराशि का भुगतान एक्सिस बैंक द्वारा किया गया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) जयप्रकाश, जिला होमगार्ड कमांडेंट शैलेंद्र कुमार मिश्रा, एपीसी ऋषिमुनि सिंह, ब्रांच हेड एक्सिस बैंक नागेंद्र कुमार यादव और कॉर्पोरेट मैनेजर नीरज मिश्रा सहित अन्य अधिकारी एवं परिजन उपस्थित रहे।

MSME पहल से पारंपरिक व्यवसायों को नई पहचान

कुशीनगर में विश्वकर्मा कारीगरों को मिला बड़ा अवसर, प्रशिक्षण व ऋण सुविधाओं से आत्मनिर्भरता की नई राह

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)।पारंपरिक शिल्पकारों और कारीगरों को आधुनिक तकनीक, वित्तीय सहायता और बाज़ार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में पीएम विश्वकर्मा योजना जागरूकता कार्यक्रम कुशीनगर का सफल आयोजन विशुनपुरा विकास खंड सभागार में किया गया। यह कार्यक्रम एमएसएमई-विकास कार्यालय, कानपुर के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ, जिसमें जनपद के 100 से अधिक पारंपरिक कारीगरों ने सक्रिय भागीदारी की।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिल्पकारों को पीएम विश्वकर्मा योजना से जोड़ते हुए उन्हें कौशल प्रशिक्षण, ऋण सुविधा, टूलकिट, डिजिटल विपणन और तकनीकी सहायता की विस्तृत जानकारी देना था। इस अवसर पर गुड़िया व खिलौना निर्माता, सोनार, लोहार, बढ़ई, मोची, धोबी, नाई, दर्जी सहित अनेक पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े कारीगर उपस्थित रहे।

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पारंपरिक कारीगरों को सशक्त बनाने की पहल
कार्यक्रम का संचालन सहायक निदेशक नीरज कुमार ने किया। स्वागत भाषण में अविनाश कुमार अपूर्व ने योजना की रूपरेखा बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार की यह पहल पारंपरिक कारीगरों को आर्थिक व तकनीकी रूप से मजबूत बनाने का प्रभावी माध्यम है। योजना के तहत प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण, वित्तीय सहयोग और विपणन के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है।
उद्योग विभाग और डिजिटल मार्केटिंग पर फोकस
सहायक आयुक्त उद्योग ए.के. सुमन ने योजना के लाभों के साथ राज्य सरकार की अन्य स्वरोज़गार योजनाओं की जानकारी दी और कारीगरों को अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
उद्यमी डॉ. संजय भारती ने डिजिटल युग में ई-कॉमर्स, सोशल मीडिया और ऑनलाइन भुगतान के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़कर कारीगर अपने उत्पाद देश-विदेश तक पहुंचा सकते हैं, जिससे आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।

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बैंकिंग, डाक और प्रशिक्षण सहयोग
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक रोशन कुमार ने कम ब्याज दर पर उपलब्ध ऋण, आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी दी। वहीं भारतीय डाक विभाग के प्रतिनिधि अमर कुमार ने उत्पादों की देशव्यापी डिलीवरी में डाक सेवाओं की भूमिका बताई।
डीपीएमयू कुशीनगर के मनीष राव ने कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों से उत्पाद गुणवत्ता और बाज़ार मांग बढ़ने की जानकारी साझा की।

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योजना की प्रगति और उपलब्धियां
योजना समन्वयक नीरज कुमार ने प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि देशभर में निर्धारित लक्ष्य से पहले ही लाखों शिल्पकार योजना से जुड़ चुके हैं। उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में लाभार्थियों को प्रशिक्षण, ऋण और टूलकिट उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे हजारों परिवारों को स्थायी आजीविका मिली है।
कार्यक्रम के अंत में अमरेश कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया। विशेषज्ञों का मानना है कि पीएम विश्वकर्मा योजना जागरूकता कार्यक्रम कुशीनगर पारंपरिक कारीगरों के लिए रोजगार, सम्मान और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन रहा है।