Monday, May 4, 2026
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मूलांक 1 से 9: आज कौन सा अंक बदलेगा आपकी किस्मत?

🔮 आज का मूलांक राशिफल: मूलांक 1 से 9 की संपूर्ण जानकारी

आज की तिथि के अनुसार विशेष मूलांकआज का विशेष मूलांक: 8


✨ मूलांक 1 (1, 10, 19, 28 को जन्मे जातक)
मूलांक 1 का स्वामी सूर्य है। आज नेतृत्व क्षमता मजबूत रहेगी। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। आत्मविश्वास बढ़ेगा, लेकिन अहंकार से बचना जरूरी है।
उपाय: तांबे के पात्र में जल पीएं।

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✨ मूलांक 2 (2, 11, 20, 29)
चंद्रमा के प्रभाव से भावनात्मक संतुलन आज जरूरी रहेगा। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। निर्णय सोच-समझकर लें।
उपाय: सफेद वस्त्र धारण करें।
✨ मूलांक 3 (3, 12, 21, 30)
गुरु ग्रह का प्रभाव ज्ञान और सम्मान बढ़ाएगा। शिक्षा, प्रशासन और सलाह से जुड़े लोगों को लाभ होगा।
उपाय: पीले रंग का प्रयोग करें।
✨ मूलांक 4 (4, 13, 22, 31)
राहु के प्रभाव से आज अनावश्यक तनाव हो सकता है। धैर्य रखें और विवाद से दूर रहें।
उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें।
✨ मूलांक 5 (5, 14, 23)
बुध ग्रह के प्रभाव से संचार और व्यापार में लाभ होगा। नए संपर्क भविष्य में काम आएंगे।
उपाय: हरे फल का सेवन करें।
✨ मूलांक 6 (6, 15, 24)
शुक्र के प्रभाव से प्रेम, सौंदर्य और वैवाहिक जीवन में मधुरता आएगी। खर्च सोच-समझकर करें।
उपाय: इत्र या सुगंध का प्रयोग करें।
✨ मूलांक 7 (7, 16, 25)
केतु का प्रभाव आध्यात्मिक सोच को बढ़ाएगा। आत्मविश्लेषण का समय है।
उपाय: ध्यान और साधना करें।
🌑 मूलांक 8 (8, 17, 26) — आज का विशेष मूलांक
मूलांक 8 का प्रतिनिधित्व शनि देव करते हैं। आपने अपने कार्यक्षेत्र में जो नई नीतियां और योजनाएं बनाई हैं, आज उन पर अनुशासन, मेहनत और धैर्य से अमल करना बेहद आवश्यक रहेगा।
प्रॉपर्टी, जमीन-जायदाद या रुके हुए सरकारी कार्यों में गति आने के संकेत हैं। आज किया गया परिश्रम आने वाले समय में ठोस और स्थायी सफलता देगा।
उपाय: रात में गुड़ का सेवन न करें।
🔥 मूलांक 9 (9, 18, 27)
मंगल देव के प्रभाव से साहस और ऊर्जा बनी रहेगी। वरिष्ठों के अनुभव से जटिल समस्याओं का समाधान निकलेगा।
आज शांत स्वभाव और संतुलित निर्णय आपकी उन्नति का मार्ग खोलेंगे।
उपाय: अच्छे चरित्र और अनुशासन का पालन करें।
⚠️ महत्वपूर्ण सूचना
यह सामग्री सामान्य अंक ज्योतिष पर आधारित है। हम किसी भी प्रकार का प्रमाणित दावा नहीं करते। किसी भी निर्णय से पहले योग्य विशेषज्ञ या सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।

कुसुम योजना से बदलेगी खेती की तस्वीर, किसान दिवस में बड़ा ऐलान

औरैया किसान दिवस में सिंचाई और सोलर पम्प योजना पर प्रशासन की बड़ी पहल, किसानों को मिलेगा सीधा लाभ


औरैया (राष्ट्र की परम्परा)।जनपद औरैया में आयोजित किसान दिवस कार्यक्रम किसानों और प्रशासन के बीच संवाद का मजबूत मंच बनकर उभरा। कलेक्ट्रेट स्थित मानस सभागार में हुए इस कार्यक्रम में सिंचाई, बिजली आपूर्ति, सोलर पम्प योजना, पशुपालन, ऊसर भूमि सुधार और जायद फसल जैसे अहम मुद्दों पर प्रशासन ने ठोस कार्ययोजना प्रस्तुत की। जिलाधिकारी डॉ. इन्द्रमणि त्रिपाठी की अध्यक्षता में हुई बैठक में बड़ी संख्या में किसान, विभागीय अधिकारी और कृषि वैज्ञानिक शामिल हुए।
किसान दिवस का उद्देश्य केवल समस्याएं सुनना ही नहीं, बल्कि उनके त्वरित समाधान और दीर्घकालिक रणनीति तय करना भी रहा। प्रशासन ने साफ संदेश दिया कि किसान हित सर्वोपरि है और खेती को लाभकारी बनाने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जाएंगे।

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सिंचाई और बिजली आपूर्ति पर सख्त निर्देश
किसान दिवस बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि इस समय गेहूं और मक्का की फसल के लिए समय पर सिंचाई अत्यंत जरूरी है। विद्युत विभाग को निर्देश दिए गए कि सिंचाई फीडरों पर निर्धारित समय तक निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। वहीं सिंचाई विभाग को नहरों और माइनरों में पर्याप्त पानी छोड़ने का आदेश दिया गया, ताकि किसानों को समय पर पानी मिल सके।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार फसल की नाजुक अवस्था में पानी की कमी उत्पादन को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है, इसलिए प्रशासन सिंचाई व्यवस्था की निरंतर निगरानी करेगा।

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कुसुम योजना के तहत सोलर पम्प को बढ़ावा
किसानों की लंबे समय से चली आ रही बिजली निर्भरता को कम करने के लिए कुसुम योजना सोलर पम्प को किसान दिवस में विशेष प्राथमिकता दी गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में सिंचाई संसाधन सीमित हैं, वहां किसानों का क्लस्टर बनाकर सोलर पम्प लगाए जाएं। खासकर बीहड़ और दूरदराज के इलाकों में इस योजना को तेजी से लागू किया जाएगा।
सोलर पम्प से किसानों को कम लागत में सिंचाई सुविधा मिलेगी, बिजली बिल से राहत मिलेगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
पशुपालन विभाग की अहम पहल
बैठक में पशुपालन विभाग ने किसानों को नई सुविधाओं की जानकारी दी। कृत्रिम गर्भाधान और बीमार पशुओं के उपचार के लिए विकास भवन में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। किसानों की सुविधा के लिए मोबाइल नंबर 8445561780 जारी किया गया है।
इसके अलावा बीमार पशुओं के इलाज के लिए पशु एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध है, जिसका टोल फ्री नंबर 1962 है। जिलाधिकारी ने बताया कि 100 रुपये शुल्क पर सीमेन उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे पशुधन विकास को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही किसानों को पशुपालन किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए प्रेरित किया गया।

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ऊसर भूमि सुधार और जिप्सम वितरण
किसान दिवस में ऊसर भूमि की समस्या पर भी गंभीर चर्चा हुई। जिन क्षेत्रों में ऊसर भूमि अधिक है, वहां क्लस्टर बनाकर किसानों को जिप्सम उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। इससे भूमि की उर्वरता बढ़ेगी और खेती योग्य क्षेत्र में इजाफा होगा। यह योजना खासतौर पर सीमांत किसानों के लिए लाभकारी साबित हो सकती है।
जायद फसल और बीज उपलब्धता
कृषि विभाग को निर्देश दिया गया कि जायद सीजन के लिए मूंगफली, मक्का, उड़द और मूंग जैसी फसलों के बीज समय पर किसानों तक पहुंचाए जाएं। किसानों से अपील की गई कि वे मौसम आधारित खेती अपनाएं और आधुनिक तकनीकों का उपयोग करें, जिससे उत्पादन और आय दोनों बढ़ सके।
फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य है। प्रशासन ने किसानों से जल्द से जल्द पंजीकरण कराने की अपील की, ताकि योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से सीधे किसानों तक पहुंच सके।

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किसानों की आय बढ़ाने की बहुआयामी रणनीति
किसान दिवस कार्यक्रम में कृषि, उद्यान, मत्स्य, पशुपालन और विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ कृषि वैज्ञानिकों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। वैज्ञानिकों ने आधुनिक खेती तकनीक, फसल प्रबंधन और लागत घटाने के उपाय बताए।
कार्यक्रम से यह स्पष्ट हुआ कि औरैया किसान दिवस, सिंचाई व्यवस्था, और सोलर पम्प योजना के माध्यम से प्रशासन किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठा रहा है।

जानिए 19 फरवरी को जन्मे वो नाम जिन्होंने दुनिया बदली

📌 19 फरवरी को जन्मे महान व्यक्तित्व: इतिहास, विज्ञान, राजनीति और कला के चमकते सितारे

📖 19 फरवरी का इतिहास: जन्मे ऐसे व्यक्तित्व जिन्होंने दुनिया बदली


19 फरवरी भारतीय और विश्व इतिहास में एक विशेष दिन है। इस दिन राजनीति, विज्ञान, कला, सिनेमा और समाज सेवा के क्षेत्र में अमिट छाप छोड़ने वाले अनेक महान व्यक्तित्वों का जन्म हुआ। इन महान लोगों के विचार, संघर्ष और योगदान आज भी करोड़ों लोगों को प्रेरणा देते हैं।


🧠 निकोलस कॉपरनिकस (1473)
निकोलस कॉपरनिकस यूरोप के महान खगोलशास्त्री और गणितज्ञ थे। उन्होंने सूर्य केंद्रित ब्रह्मांड सिद्धांत प्रस्तुत कर विज्ञान की दुनिया में क्रांतिकारी बदलाव किया। उनके सिद्धांत ने आधुनिक खगोल विज्ञान की नींव रखी।
⚔️ छत्रपति शिवाजी महाराज (1630)
छत्रपति शिवाजी महाराज मराठा साम्राज्य के संस्थापक और गुरिल्ला युद्ध नीति के जन्मदाता थे। उन्होंने स्वराज्य, प्रशासनिक सुधार और सैन्य रणनीति के माध्यम से एक सशक्त राष्ट्र की कल्पना को साकार किया।
🎭 डेविड गैरिक (1717)
डेविड गैरिक अंग्रेज़ रंगमंच के प्रसिद्ध अभिनेता और मंच संचालक थे। उन्होंने अभिनय को अधिक यथार्थवादी और संवेदनशील रूप दिया, जिससे आधुनिक थिएटर का विकास हुआ।
🎬 के. विश्वनाथ (1930)
के. विश्वनाथ दक्षिण भारतीय सिनेमा के प्रतिष्ठित निर्देशक रहे। उनकी फ़िल्में भारतीय संस्कृति, संगीत और मानवीय मूल्यों को गहराई से दर्शाती हैं। उन्हें दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
🗿 राम वी. सुतार (1925)
राम वी. सुतार भारत के सुप्रसिद्ध शिल्पकार हैं। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी सहित अनेक भव्य मूर्तियां उनकी कला का उदाहरण हैं, जो भारतीय शिल्पकला को वैश्विक पहचान देती हैं।
🎥 सोनू वालिया (1964)
सोनू वालिया भारतीय फ़िल्म अभिनेत्री हैं। उन्होंने हिंदी सिनेमा में अभिनय के साथ-साथ मॉडलिंग के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाई।
🗳️ राजीव कुमार (1960)
राजीव कुमार भारत के 25वें मुख्य चुनाव आयुक्त रहे। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी और लोकतांत्रिक बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
🏛️ बेअंत सिंह (1922)
बेअंत सिंह पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री थे। उन्होंने राज्य में शांति, प्रशासनिक स्थिरता और विकास के लिए अहम कार्य किए।
🇮🇳 बलवंतराय मेहता (1900)
बलवंतराय मेहता गुजरात के दूसरे मुख्यमंत्री और पंचायती राज व्यवस्था के प्रणेता माने जाते हैं। ग्रामीण भारत के सशक्तिकरण में उनका योगदान ऐतिहासिक है।
गोकुलभाई भट्ट (1898)
गोकुलभाई भट्ट राजस्थान के प्रसिद्ध क्रांतिकारी और समाजसेवी थे। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम और सामाजिक सुधार में सक्रिय भूमिका निभाई।
👑 इंदिरा राजे (1892)
इंदिरा राजे बड़ौदा रियासत की राजकुमारी थीं। वे सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय रहीं।
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उपरोक्त जानकारी विभिन्न ऐतिहासिक स्रोतों, पुस्तकों और सार्वजनिक संदर्भों के आधार पर गहन छानबीन के बाद तैयार की गई है। फिर भी किसी प्रकार की त्रुटि के लिए हम जिम्मेदार नहीं हैं।

आज के दिन इतिहास में: 19 फरवरी की अनसुनी घटनाएँ

19 फरवरी का इतिहास: आज की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ, प्रसिद्ध व्यक्तित्व और ऐतिहासिक मोड़



🕰️ आज के दिन का इतिहास: 19 फरवरी की प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएँ
19 फरवरी इतिहास में कई बड़े राजनीतिक, सामाजिक, सैन्य और सांस्कृतिक बदलावों का साक्षी रहा है। भारत से लेकर विश्व तक, इस दिन अनेक ऐसी घटनाएँ हुईं जिन्होंने इतिहास की दिशा तय की।

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📜 प्राचीन एवं मध्यकालीन घटनाएँ
1389 – दिल्ली सल्तनत के शासक गयासुद्दीन तुग़लक़ द्वितीय की हत्या हुई, जिससे सत्ता संघर्ष और तेज हुआ।
1570 – फ़्रांसीसी सेना की सहायता से एंजाऊ के ड्यूक ने दक्षिणी नीदरलैंड पर आक्रमण किया।
1618 – वेनिस शांति संधि के अंतर्गत वेनिस और ऑस्ट्रिया के बीच युद्ध समाप्त हुआ।
1630 – महान योद्धा और कुशल प्रशासक छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म जुन्नेर में हुआ।
1674 – ब्रिटिश सेनाएँ डच युद्ध से हट गईं, जिससे यूरोपीय शक्ति संतुलन बदला।
1719 – मुग़ल शासक फर्रुख़ सियर की हत्या कर दी गई।
⚔️ औपनिवेशिक काल और स्वतंत्रता आंदोलन
1807 – तुर्की के विरुद्ध युद्ध में रूस को सहायता देने के लिए ब्रिटिश सैनिक पहुँचे।
1891 – राष्ट्रवादी समाचार पत्र अमृत बाज़ार पत्रिका दैनिक के रूप में प्रकाशित होने लगी।
1895 – हिंदी के प्रसिद्ध प्रकाशक मुंशी नवलकिशोर का निधन हुआ।
1915 – स्वतंत्रता आंदोलन के प्रखर नेता गोपाल कृष्ण गोखले का निधन।
🌍 द्वितीय विश्व युद्ध और वैश्विक घटनाएँ
1942 – द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापानी वायुसेना ने ऑस्ट्रेलिया के डार्विन शहर पर हमला किया, जिसमें 243 लोगों की मृत्यु हुई।
1959 – साइप्रस की स्वतंत्रता को लेकर यूनान, तुर्की और ब्रिटेन के बीच समझौता हुआ।
1963 – सोवियत संघ क्यूबा से अपने अधिकांश सैनिक हटाने पर सहमत हुआ।
🚆 आधुनिक भारत और विश्व
1978 – प्रसिद्ध गायक पंकज मलिक का निधन।
1986 – भारत में पहली बार कम्प्यूटरीकृत रेलवे आरक्षण टिकट प्रणाली शुरू हुई।
1989 – लेबनान के गृहयुद्ध को समाप्त करने हेतु मुस्लिम-ईसाई नेताओं ने अरब लीग से बातचीत शुरू की।
1991 – रोमानिया में राष्ट्रपति के इस्तीफे की मांग को लेकर बड़े प्रदर्शन हुए।
1993 – हैती के पास समुद्र में 1500 यात्रियों से भरा जहाज़ डूबा।
1997 – चीन के शीर्ष नेता देंग शियाओपिंग का निधन।
1999 – वैज्ञानिकों ने पहली बार प्रकाश की गति को नियंत्रित रूप से धीमा करने में सफलता पाई।
🌐 21वीं सदी की प्रमुख घटनाएँ
2000 – तुवालू संयुक्त राष्ट्र का 189वां सदस्य बना।
2001 – ब्राजील की जेलों में भीषण दंगे, 7000 से अधिक कैदी बंधक बने।
2003 – इंडोनेशिया ने आम चुनावों में 30% महिला उम्मीदवार अनिवार्य किए।
2004 – स्टॉकहोम संधि को 50 से अधिक देशों ने मंज़ूरी दी।
2006 – पाकिस्तान ने हत्फ़-II (अब्दाली) मिसाइल का परीक्षण किया।
2007 – भारत-बांग्लादेश के बीच आतंकवाद विरोधी सहयोग पर सहमति बनी।
2008 – संस्कृत कवि स्वामी श्रीरामभद्राचार्य को वाचस्पति सम्मान मिला।
2009 – केंद्र सरकार ने उत्कृष्ट संस्थानों को आरक्षण से बाहर रखने वाले विधेयक को समाप्त किया।
2012 – मैक्सिको के न्यूवो लियोन जेल दंगे में 44 लोगों की मौत।
📌 क्यों खास है 19 फरवरी?
19 फरवरी का इतिहास हमें यह सिखाता है कि सत्ता परिवर्तन, युद्ध, सुधार और तकनीकी विकास—सब एक ही दिन में अलग-अलग युगों में घटित हो सकते हैं। यह दिन भारतीय इतिहास के साथ-साथ वैश्विक राजनीति और समाज में भी विशेष स्थान रखता है।
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पंचांग 19 फरवरी 2026: आज का शुभ-अशुभ मुहूर्त, फुलेरा दूज, राहुकाल और चौघड़िया

🗓️ आज का पंचांग | 19 फरवरी 2026, गुरुवार
आज फाल्गुन शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि है। आज फुलेरा दूज और रामकृष्ण जयंती का पावन संयोग बन रहा है। दिन धार्मिक, मांगलिक और आध्यात्मिक कार्यों के लिए विशेष माना जा रहा है।

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🔑 मुख्य पंचांग विवरण
तिथि: शुक्ल द्वितीया (03:59 PM तक), उपरांत तृतीया
नक्षत्र: पूर्वभाद्रपदा (08:51 PM तक), उपरांत उत्तरभाद्रपदा
योग: सिद्ध (08:42 PM तक), बाद में साध्य
करण: कौलव → तैतिल → गर
वार: गुरुवार
सूर्य राशि: कुंभ
चंद्र राशि: कुंभ (02:59 PM तक), उपरांत मीन
अयन: उत्तरायण
द्रिक ऋतु: वसंत
विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त)
शक संवत: 1947 (विश्वावसु
🌅 सूर्य और चंद्रमा का समय
सूर्योदय: 07:00 AM
सूर्यास्त: 06:20 PM
चन्द्रोदय: 07:58 AM
चन्द्रास्त: 08:16 PM
आज के अशुभ काल
राहुकाल: 02:05 PM – 03:30 PM
यमगण्ड: 07:00 AM – 08:25 AM
कुलिक: 09:50 AM – 11:15 AM
दुर्मुहूर्त:
10:47 AM – 11:32 AM
03:19 PM – 04:04 PM
वर्ज्यम्: 06:09 AM – 07:42 AM
आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: 12:17 PM – 01:03 PM
अमृत काल: 12:59 PM – 02:33 PM
ब्रह्म मुहूर्त: 05:23 AM – 06:11 AM
दिन का चौघड़िया
शुभ: 07:00 – 08:25
रोग: 08:25 – 09:50
उद्बेग: 09:50 – 11:15
चर: 11:15 – 12:40
लाभ: 12:40 – 02:05
अमृत: 02:05 – 03:30
काल: 03:30 – 04:55
शुभ: 04:55 – 06:20
🌙 रात का चौघड़िया
अमृत: 06:20 – 07:55
चर: 07:55 – 09:30
रोग: 09:30 – 11:05
काल: 11:05 – 12:40
लाभ: 12:40 – 02:15
उद्बेग: 02:15 – 03:49
शुभ: 03:49 – 05:24
अमृत: 05:24 – 06:59
🔮 चंद्रबल और ताराबल
चंद्रबल (02:59 PM तक)
मेष, वृषभ, सिंह, कन्या, धनु, कुंभ
इसके बाद
वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर, मीन
ताराबल (08:51 PM तक)
भरणी, रोहिणी, आद्रा, पुष्य, आश्लेषा, पूर्व फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तरभाद्रपदा, रेवती
🎉 आज के पर्व और व्रत
फुलेरा दूज
रामकृष्ण जयंती
⚠️ महत्वपूर्ण सूचना
यह पंचांग सामान्य धार्मिक एवं ज्योतिषीय जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है।
हम किसी भी प्रकार का प्रमाणित दावा नहीं करते।
किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले संबंधित विशेषज्ञ या योग्य व्यक्ति से परामर्श अवश्य लें।

देवरिया में किसान दिवस: योजनाओं की जानकारी और समस्याओं के समाधान पर जोर

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में किसानों की आय बढ़ाने, कृषि योजनाओं की जानकारी गांव स्तर तक पहुंचाने और खेती से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विकास भवन स्थित गांधी सभागार में किसान दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने की। विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने किसानों की समस्याएं सुनकर उनके समाधान के निर्देश दिए और संचालित योजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की।

किसान दिवस को कृषि क्षेत्र में संवाद और समाधान का प्रभावी मंच माना जा रहा है। बैठक की शुरुआत उप कृषि निदेशक द्वारा पिछली बैठक में प्राप्त शिकायतों के अनुपालन की जानकारी से हुई। किसानों को बताया गया कि जो कृषक फसल बीमा योजना का लाभ नहीं लेना चाहते हैं, वे संबंधित बैंक में लिखित सूचना देकर बीमा प्रक्रिया रोक सकते हैं, अन्यथा बीमा स्वतः हो जाएगा। प्रशासन ने फसल बीमा को प्राकृतिक आपदाओं से आर्थिक सुरक्षा का प्रभावी माध्यम बताया।

बैठक में गेहूं कटाई के दौरान कंबाइन हार्वेस्टर और भूसा मशीन से आग लगने की आशंका का मुद्दा भी उठा। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने मार्च के प्रथम सप्ताह में मशीन मालिकों और संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा मानकों पर रणनीति तैयार करने की बात कही।

जिला कृषि अधिकारी ने जायद सीजन में अंतःफसली खेती अपनाने पर जोर देते हुए उड़द और मूंग की खेती के लिए निःशुल्क बीज मिनीकिट उपलब्ध कराए जाने की जानकारी दी। आवेदन विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन किए जा सकते हैं और लक्ष्य से अधिक आवेदन होने की स्थिति में पात्र किसानों का चयन ई-लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। अंतःफसली खेती से एक ही खेत से कई फसलों का उत्पादन संभव होता है, जिससे आय बढ़ने के साथ भूमि की उर्वरता भी बनी रहती है।

जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि वर्तमान सत्र में अब तक 2 करोड़ 46 लाख रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान किया जा चुका है और मार्च में भुगतान प्रक्रिया को और तेज किया जाएगा। गन्ना बीज प्राप्त करने के लिए किसानों को संबंधित गन्ना पर्यवेक्षक से संपर्क करने की सलाह दी गई।

सिंचाई व्यवस्था पर अधिशासी अभियंता नहर ने जानकारी दी कि जिले में संचालित 57 नहरों में टेल तक पानी पहुंचाया जा रहा है, जिनमें 16 नहरें पड़ोसी जिले से आती हैं। किसी भी प्रकार की बाधा की स्थिति में तत्काल समाधान का आश्वासन दिया गया। वहीं सहायक अभियंता नलकूप ने बताया कि 1051 नलकूपों में से 28 विद्युत दोष के कारण बंद हैं, जिन्हें प्राथमिकता के आधार पर ठीक कराने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रभारी जिला उद्यान अधिकारी ने एकीकृत बागवानी योजना के अंतर्गत फल, फूल और सब्जी की खेती पर अनुदान तथा स्प्रिंकलर और ड्रिप सिंचाई प्रणाली पर 90 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध होने की जानकारी दी। योजना का लाभ पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर दिया जा रहा है, जिससे जल संरक्षण और उत्पादन वृद्धि दोनों संभव हैं।

बैठक में पशुधन सुरक्षा को लेकर खुरपका-मुंहपका रोग के टीकाकरण अभियान की ग्रामवार जानकारी उपलब्ध कराने की मांग भी उठी, जिस पर प्रशासन ने आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही फैमिली आईडी और आयुष्मान योजना की जानकारी देते हुए बताया गया कि जनपद में लगभग छह लाख आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं और 70 वर्ष से अधिक आयु के पात्र किसानों को भी योजना का लाभ दिया जा रहा है।

किसान संगठनों ने सहकारिता और पीसीएफ कार्यालयों में दूरभाष संपर्क व्यवस्था मजबूत करने की मांग रखी, जिस पर अधिकारियों ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए सुधार के निर्देश दिए। बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों, कृषि विशेषज्ञों और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों की सहभागिता रही। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसान दिवस केवल शिकायत निस्तारण का मंच नहीं, बल्कि किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक और आयवर्धक योजनाओं से जोड़ने का माध्यम भी है। देवरिया में आयोजित यह कार्यक्रम कृषि विकास और किसान सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।

प्यार का दर्दनाक अंजाम!मामा-भांजी के रिश्ते में पनपा प्रेम बना मौत की वजह — युवती की मौत, युवक इलाज के बाद पुलिस हिरासत में

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)।जनपद के महराजगंज में प्रेम प्रसंग का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां जहरीला पदार्थ खाने से युवती की मौत हो गई, जबकि युवक इलाज के बाद पुलिस अभिरक्षा में है।मामला कोठीभार थाना क्षेत्र के ग्राम बरवा डिगंबर का है। जानकारी के अनुसार बरवा डिगंबर निवासी इंद्रेश पुत्र ढोढ़ई का थाना भिटौली क्षेत्र के रुदलापुर निवासी शालू (24 वर्ष) पुत्री दयाशंकर से मोबाइल के माध्यम से प्रेम संबंध चल रहा था। दोनों दूर के रिश्ते में मामा-भांजी बताए जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पूर्व दोनों घर से लापता हो गए थे। इधर, इंद्रेश पहले से शादीशुदा है और उसके बच्चे भी हैं। युवती के परिजन लगातार उसकी तलाश में जुटे थे।
सूत्रों के अनुसार, जब दोनों गांव लौट रहे थे, उसी दौरान रास्ते में ही जहरीला पदार्थ खा लिया। गांव पहुंचने के बाद उनकी हालत अचानक बिगड़ गई। परिजनों को जानकारी होते ही अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक शालू की मौत हो चुकी थी। पुलिस की अभिरक्षा में इंद्रेश को गंभीर हालत में अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के बाद उसकी स्थिति में सुधार हुआ। उपचार पूर्ण होने के बाद उसे पुलिस अभिरक्षा में लेकर थाने लाया गया है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और युवती के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु मर्चरी भेज दिया। मृतका के माता-पिता व परिजन भी मौके पर पहुंचे और पुलिस को तहरीर दी। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। प्रेम, सामाजिक बंधन और पारिवारिक दबाव के बीच एक युवती की जान चली गई, जबकि युवक अब कानून की प्रक्रिया का सामना कर रहा है।
अब निगाहें जांच पर टिकी हैं—क्या सामने आएगा सच और मृतका के परिजनों को कैसा न्याय मिलेगा?

किसान दिवस: सहफसली खेती और डिजिटल कृषि योजनाओं पर प्रशासन का फोकस

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले में आयोजित किसान दिवस कार्यक्रम ने कृषि विकास, किसानों की आय वृद्धि और आधुनिक खेती तकनीकों के प्रसार को नई दिशा दी। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में फरवरी माह का किसान दिवस सम्पन्न हुआ, जिसमें किसानों की समस्याओं के समाधान के साथ-साथ कृषि से जुड़े नए अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कृषि योजनाओं का लाभ समय पर किसानों तक पहुंचाने के लिए डिजिटल प्रणाली और विभागीय समन्वय को और मजबूत किया जाएगा।

बैठक की शुरुआत पिछली किसान दिवस बैठक में प्राप्त छह शिकायतों की समीक्षा से हुई। उप कृषि निदेशक ने बताया कि सभी मामलों का विभागीय स्तर पर निस्तारण कर दिया गया है।n जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों के समाधान की समयबद्ध मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

कार्यक्रम में सहफसली खेतीn को विशेष प्राथमिकता दी गई। कृषि विभाग ने गन्ने के साथ उर्द और मूंग की सहफसली खेती को बढ़ावा देने के लिए निःशुल्क बीज वितरण योजना की जानकारी दी। विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो चुकी है और पात्र किसानों को प्रति हेक्टेयर 20 किलोग्राम बीज दिया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार जिले के लगभग 1485 किसान अभी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि सहफसली खेती से एक ही खेत में एक से अधिक फसल लेकर अतिरिक्त आय अर्जित की जा सकती है, साथ ही मिट्टी की उर्वरता भी बेहतर होती है।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बिना फार्मर रजिस्ट्री के किसी भी किसान को सरकारी कृषि योजनाओं का लाभ नहीं मिल सकेगा। प्रशासन गांव स्तर पर विशेष अभियान चलाकर अधिक से अधिक किसानों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की तैयारी कर रहा है, जिससे पारदर्शिता और लाभ वितरण की प्रक्रिया सरल हो सके।

बैठक में छुट्टा पशुओं और वन्य जीवों से फसल को हो रहे नुकसान का मुद्दा भी उठा। अधिकारियों ने बताया कि संबंधित अधिनियम के तहत किसान विकास खंड स्तर पर आवेदन कर सकते हैं और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

किसानों को योजनाओं की बेहतर जानकारी देने के लिए प्रत्येक किसान दिवस पर कम से कम दो विभागों द्वारा 8 से 10 स्लाइड की पीपीटी प्रस्तुति अनिवार्य की गई है। इसमें कृषि कैलेंडर, मौसम आधारित खेती और अनुदान योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।

उर्वरक वितरण में पीओएस मशीन पर अंगूठा न लगने और एसएमएस न मिलने की समस्या पर जिलाधिकारी ने तकनीकी रूप से प्रभावित किसानों की सूची तैयार कर उच्च स्तर पर भेजने के निर्देश दिए। सहकारिता विभाग को मोबाइल नंबर संशोधन कर त्वरित समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया।

बरवा क्रय केंद्र पर धान खरीद बंद होने की शिकायत पर प्रशासन ने विशेष राहत देते हुए 50 कुंतल धान खरीद की अनुमति प्रदान की। जायद मक्का बीज सरकारी बीज भंडारों पर अनुदान के साथ उपलब्ध होने की जानकारी भी दी गई।

पराली प्रबंधन को लेकर ग्राम स्तर पर माइक्रोप्लान तैयार करने और ग्राम प्रधान, लेखपाल तथा सचिव की संयुक्त समिति गठित करने के निर्देश दिए गए। आगजनी की स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए निगरानी तंत्र विकसित किया जाएगा।

रामकोला बी चीनी मिल से गन्ना पर्ची वितरण में अनियमितता की शिकायत पर जिला गन्ना अधिकारी को जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी गन्ना मिलों की समीक्षा बैठक अगले किसान दिवस के साथ आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर दिया गया। नलकूप विभाग की कार्यशाला स्थापित करने हेतु शासन स्तर पर प्रस्ताव भेजने तथा नगरपालिका क्षेत्र में बोरिंग सुविधा के लिए नियमों का परीक्षण कर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि किसान दिवस केवल शिकायतों का मंच नहीं, बल्कि किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, सरकारी योजनाओं और आय बढ़ाने के अवसरों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम है। सहफसली खेती, डिजिटल फार्मर रजिस्ट्री और पारदर्शी सूचना प्रणाली जैसी पहलें कृषि क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन लाकर किसानों की आय में स्थायी वृद्धि का आधार बनेंगी।

‘एक जनपद-एक व्यंजन’ से पूर्वांचल के स्वाद को मिलेगी नई पहचान

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में उत्तर प्रदेश शासन द्वारा प्रस्तावित ‘ओडीओसी’ अभियान का शुभारंभ

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के गृह विज्ञान विभाग द्वारा उत्तर प्रदेश शासन की महत्वाकांक्षी पहल “ओडीओसी- एक जनपद एक व्यंजन” के अंतर्गत गोरखपुर मंडल के पारंपरिक व्यंजनों की पहचान, प्रलेखन और प्रोत्साहन हेतु प्रथम चरण का आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “वोकल फॉर लोकल” और “लोकल टू ग्लोबल” अवधारणा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा तथा राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के संरक्षण में आयोजित हुआ। कुलपति प्रो. पूनम टंडन कार्यक्रम की संरक्षक रहीं और प्रो. दिव्या रानी सिंह अभियान की नोडल अधिकारी हैं।
गृह विज्ञान विभाग द्वारा तैयार प्रस्ताव सर्वेक्षण, साक्षात्कार और शोध के आधार पर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और महाराजगंज के पारंपरिक व्यंजनों का वैज्ञानिक प्रलेखन, पोषण विश्लेषण, मानकीकरण, संरक्षण, ब्रांडिंग और उद्यमिता से जुड़ाव सुनिश्चित करना है।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि यह पहल युवाओं के लिए खाद्य उद्योग और स्वरोजगार के नए अवसर खोलेगी। बदलती जीवनशैली के बीच पारंपरिक और पौष्टिक आहार की ओर लौटना समय की आवश्यकता है। योजना का उद्देश्य केवल व्यंजनों की सूची तैयार करना नहीं, बल्कि उनसे जुड़ी सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को संरक्षित करना भी है।
जनपदवार चयनित व्यंजनों में गोरखपुर से दाल पीठा, घाठी, तिसी का लड्डू, गुजिया और महुअर, देवरिया से रिखवाचा, पुआ, बखीर, दाल भरी पुड़ी और सत्तू, कुशीनगर से लकठा और गुड़ आधारित मिठाइयाँ तथा महाराजगंज से चूड़ा मटर, रामकटोरी और कसार शामिल हैं। ये व्यंजन पूर्वांचल की कृषि परंपरा, त्योहारों और सामाजिक जीवन से गहराई से जुड़े हैं।

ओडीओसी दस्तावेज का विमोचन कर शासन को प्रेषित किया गया है। भविष्य में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के तहत इस योजना को और विस्तार देने की संभावना है। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने पारंपरिक खाद्य विरासत को “लोकल टू ग्लोबल” की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
भविष्य की कार्ययोजना में वैज्ञानिक मानकीकरण, रेसिपी प्रकाशन, प्रशिक्षण, स्टार्टअप मॉडल, ई-कॉमर्स ब्रांडिंग और GI टैग की संभावनाओं पर कार्य शामिल है।

मूलभूत सुविधाओं को लेकर बरहज रेलवे स्टेशन पर कांग्रेस का अनिश्चितकालीन धरना

बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। ब्रिटिश काल में बने बरहज रेलवे स्टेशन पर मूलभूत सुविधाओं के अभाव को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

कांग्रेस प्रवक्ता रविप्रताप सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ता बरहज स्थित लाजपत भवन से मार्च करते हुए रेलवे स्टेशन पहुंचे और वहां पेयजल व शौचालय जैसी आवश्यक सुविधाओं की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए।

धरने के दौरान मऊ से आए रेलवे अधिकारी डीसीआई अखिलेश सिंह से वार्ता की गई। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि स्टेशन पर न तो शुद्ध पेयजल की व्यवस्था है और न ही यात्रियों के लिए शौचालय की समुचित सुविधा उपलब्ध है। इस संबंध में वाराणसी रेल मंडल के डीआरएम से कई बार वार्ता हो चुकी है और जल्द सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन भी मिला था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

चंद्रभूषण पाण्डेय ने कहा कि जब तक स्टेशन पर मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित नहीं की जातीं, तब तक धरना जारी रहेगा। वरिष्ठ नेता भोला तिवारी ने चेतावनी दी कि यदि रेल प्रशासन ने मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो कांग्रेस कार्यकर्ता जनता के साथ मिलकर रेलवे चक्का जाम करने को बाध्य होंगे।

धरने में भोला तिवारी, चंद्रभूषण पाण्डेय, जितेंद्र जायसवाल, रमेश तिवारी, नागेंद्र शुक्ल, चंद्रमोहन पाण्डेय, रामसनेही, शिव कुमारी देवी, उषा देवी, किरन देवी, अफजल अंसारी सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

भागवत कथा, भजन संध्या और रामलीला ने रचा आध्यात्मिक उत्सव

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बनकटाशिव सल्लहपुर देवरिया में श्रीलक्ष्मी नारायण महायज्ञ का भव्य चौथा दिन, श्रद्धा-भक्ति से गूंजा नवनिर्मित मंदिर परिसर


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा )। बनकटाशिव (धाम जैसा अनुभूत होने वाला स्थल) सल्लहपुर, देवरिया में आयोजित श्रीलक्ष्मी नारायण महायज्ञ एवं विग्रह प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का चतुर्थ दिवस बुधवार, 18 फरवरी 2026 को पूर्णतः श्रद्धा, भक्ति और दिव्यता के वातावरण में संपन्न हुआ। सुबह से देर शाम तक श्रद्धालुओं की निरंतर भीड़ से नवनिर्मित मंदिर परिसर उज्ज्वलित और जीवंत दिखाई दिया। वेदों के मंत्र, यज्ञ की आहुतियां, भागवत कथा, भजन संध्या और रात्रिकालीन रामलीला ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

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यज्ञ मंडप में सामूहिक मंत्रोच्चार, विधि-विधान से संपन्न हुआ अनुष्ठान
प्रातःकाल यज्ञ मंडप में यज्ञाचार्य रंगनाथ त्रिपाठी के सान्निध्य में 27 आचार्यों द्वारा सामूहिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ विधि-विधान संपन्न कराया गया। इस पावन अनुष्ठान के प्रमुख यजमान नंदकिशोर तिवारी, नीलेश्वर राय एवं अन्य यजमान सपत्नीक उपस्थित रहे। सुदूर क्षेत्रों से आए बच्चे, युवतियां, महिलाएं और बुजुर्ग श्रद्धालु यज्ञ मंडप की परिक्रमा करते हुए निरंतर पुण्यलाभ अर्जित करते दिखे। वेदों और पुराणों के श्लोकों से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा।


भागवत कथा में माया-मुक्ति पर प्रेरक प्रसंग
दोपहर बाद अयोध्या धाम से पधारी परम पूज्य सुश्री लक्ष्मी प्रिया द्वारा भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। कथा के प्रमुख प्रसंग में उन्होंने मनुष्य जीवन में माया के प्रभाव, उससे मुक्ति के उपाय और भक्ति-मार्ग की महत्ता को सरल व प्रभावी शब्दों में समझाया। कथा श्रवण के दौरान श्रद्धालु भावविभोर होकर आध्यात्मिक रस में डूबे रहे।

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भजन संध्या में भक्ति-रस की अविरल धारा
सायं 6 बजे से मध्य प्रदेश के इंदौर से पधारे सुप्रसिद्ध भजन गायक सुधीर व्यास ने भजन संध्या में अपनी मधुर वाणी से पंडाल को मंत्रमुग्ध कर दिया।
उन्होंने “एक चमक ए दमक सब कुछ सरकार तुम्हीं से है”, “मां अंजनी का लाल है”, “एक अरज मेरी सुन लो सरकार मेरे दाता”, “श्री राम जी हमारे सब काम कर रहे हैं” और “जितना दिया सरकार ने” जैसे लोकप्रिय भजनों की प्रस्तुति देकर अतिथियों, विशिष्ट अतिथियों और श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।


मुख्य व विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
दोपहर में आयोजित भागवत कथा के अवसर पर मुख्य अतिथि प्रकाश चौबे, विशिष्ट अतिथि बलराम यादव तथा राम आशीष राय की उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। सभी माननीय अतिथियों को यज्ञ समिति के अध्यक्ष द्वारा अंगवस्त्र व स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
रात्रिकालीन रामलीला में जीवंत मंचन
रात 10 बजे से रामलीला का मंचन हुआ, जिसमें हनुमान जी द्वारा माता सीता की खोज, सीता-मिलन और अशोक वाटिका जैसे प्रसंगों का सजीव नाट्य रूपांतरण प्रस्तुत किया गया। कलाकारों के प्रभावशाली अभिनय और दृश्यांकन ने दर्शकों को त्रेता युग का अनुभव करा दिया।

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आयोजक का आभार और सहयोग की अपील
महायज्ञ के प्रमुख आयोजक श्रद्धेय प्रभात कुमार राय ने दूर-दराज से पधारे श्रद्धालुओं, नगरवासियों, संत-महात्माओं एवं अतिथियों के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से यह महायज्ञ ऐतिहासिक रूप ले सका। उन्होंने आगामी दिनों में भी कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जनसहयोग की अपील की।
श्रीलक्ष्मी नारायण महायज्ञ एवं विग्रह प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का चौथा दिन भक्ति, अनुशासन और सांस्कृतिक चेतना का अनुपम संगम रहा। यज्ञ, कथा, भजन और रामलीला के माध्यम से सनातन परंपरा का सशक्त संदेश जन-जन तक पहुंचा।

महाराजा सुहेलदेव के आदर्शों पर चलने का लिया संकल्प, डूहा बिहरा में श्रद्धा से मनाई गई 1017वीं जयंती

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

सिकंदरपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्रामसभा डूहा बिहरा स्थित डेरा पर बुधवार को सम्राट राष्ट्रवीर महाराजा सुहेलदेव राजभर की 1017वीं जयंती श्रद्धा, उत्साह और सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं युवाओं की सहभागिता रही। पूरे आयोजन का वातावरण राष्ट्रभक्ति और सामाजिक एकता के भाव से ओतप्रोत रहा।समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद रमाशंकर राजभर को शामिल होना था, लेकिन संसद सत्र चलने के कारण वे कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सके। उन्होंने अपने संदेश के माध्यम से उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए महाराजा सुहेलदेव के आदर्शों पर चलने तथा समाज को संगठित रखने का आह्वान किया।कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में सुनीता राजभर जी एवं डॉ. सतीश राजभर जी उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने महाराजा सुहेलदेव के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके अदम्य साहस, वीरता तथा राष्ट्र रक्षा में दिए गए अमूल्य योगदान को स्मरण किया।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि महाराजा सुहेलदेव ने विदेशी आक्रमणकारियों से देश की रक्षा कर समाज को गौरव प्रदान किया। उनका जीवन संघर्ष, त्याग और राष्ट्रप्रेम की अनुपम मिसाल है, जो आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है।कार्यक्रम के आयोजक रामजीत राजभर ‘पम्पी’ ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी जयंती समारोह का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि महाराजा सुहेलदेव की जयंती बसंत पंचमी के दिन होती है, किंतु विशेष परिस्थितियों के कारण इस बार कार्यक्रम अन्य तिथि पर आयोजित किया गया।समारोह में उपस्थित लोगों ने महाराजा सुहेलदेव के बताए मार्ग पर चलने और समाज में एकता, भाईचारा तथा राष्ट्रप्रेम की भावना को सुदृढ़ करने का संकल्प लिया। पूरा कार्यक्रम श्रद्धा, सम्मान और प्रेरणा से परिपूर्ण रहा।

किसान हित में प्रशासन सख्त, योजनाओं के क्रियान्वयन पर तेज हुई निगरानी

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। किसानों की समस्याओं के समाधान और सरकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से विकास भवन सभागार में किसान दिवस का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र ने की। कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए किसानों ने अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं, जिनका गंभीरता से संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान जिला कृषि अधिकारी सोम प्रकाश गुप्ता ने पिछले किसान दिवस में किसानों द्वारा उठाई गई शिकायतों के निस्तारण की स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जा रहा है, जिससे कृषि कार्यों में आने वाली बाधाओं को कम किया जा सके।
किसानों की आय बढ़ाने के लिए तकनीक और अनुदान पर जोर
किसान दिवस में जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों की आय में वृद्धि करना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आधुनिक तकनीक और सरकारी अनुदान योजनाओं के सही समन्वय से ही किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं को केवल कागजों तक सीमित न रखते हुए उन्हें धरातल पर लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को योजनाओं का लाभ देने में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
ई-केवाईसी लंबित होने पर रुकेगी किस्त, जल्द पूरा करने के निर्देश
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना पर विशेष चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने बताया कि जिन किसानों की ई-केवाईसी प्रक्रिया लंबित है, उनकी किस्त अटक सकती है। इसलिए कृषि विभाग को निर्देश दिया गया कि शिविर लगाकर सभी पात्र किसानों की ई-केवाईसी जल्द से जल्द पूरी कराई जाए।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी पात्र किसान योजना से वंचित न रहे।
फसल बीमा योजना से किसानों को मिलेगा प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा कवच
किसान दिवस के दौरान किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की जानकारी भी दी गई। जिलाधिकारी ने कहा कि बदलते मौसम और प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल नुकसान की घटनाएं बढ़ रही हैं। ऐसे में किसानों को अधिक से अधिक संख्या में फसल बीमा योजना से जोड़ना जरूरी है।
उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों को योजना की पूरी जानकारी देकर उन्हें बीमा कवरेज लेने के लिए प्रेरित करें, ताकि नुकसान होने की स्थिति में उन्हें आर्थिक राहत मिल सके।
कुसुम योजना से सिंचाई लागत में कमी और ऊर्जा बचत
बैठक में किसानों को कुसुम योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने बताया कि इस योजना के तहत किसानों को सोलर पंप लगाने पर 60 से 90 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। इससे किसानों की सिंचाई लागत कम होगी और बिजली के बिल से राहत मिलेगी।
उन्होंने किसानों को सोलर पैनल लगाने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि इससे न केवल कृषि लागत घटेगी बल्कि किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर भी प्राप्त होंगे।
ड्रोन तकनीक से आधुनिक खेती को मिलेगा बढ़ावा
किसान दिवस में आधुनिक कृषि तकनीकों पर भी चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने किसानों को उर्वरक और कीटनाशकों के छिड़काव के लिए ड्रोन तकनीक के उपयोग के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ड्रोन तकनीक से कम समय में अधिक क्षेत्र में छिड़काव संभव है, जिससे उत्पादन लागत घटेगी और फसल की गुणवत्ता में सुधार होगा।
उन्होंने कृषि विभाग को निर्देश दिया कि किसानों को ड्रोन तकनीक का प्रशिक्षण दिया जाए और इसके उपयोग को बढ़ावा दिया जाए।
तहसील स्तर पर शिकायतों का 7 दिन में समाधान अनिवार्य
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि तहसील स्तर पर किसानों से संबंधित शिकायतों का निस्तारण सात कार्य दिवस के भीतर किया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए विभागीय स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी।
कृषि ऋण वितरण में बाधा नहीं आने देने का भरोसा
बैठक में जिलाधिकारी ने किसानों को आश्वस्त किया कि कृषि से संबंधित ऋण वितरण में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बैंकों को निर्देशित किया गया है कि पात्र किसानों को समय पर ऋण उपलब्ध कराया जाए, जिससे कृषि कार्य प्रभावित न हो।
फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य कराने की अपील
मुख्य विकास अधिकारी विवेक कुमार श्रीवास्तव ने किसानों से अपील की कि वे फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य रूप से कराएं। उन्होंने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री कराने से किसानों को कृषि से संबंधित सभी सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़कर पारदर्शी और सरल व्यवस्था बनाने की दिशा में काम कर रही है।
किसानों को योजनाओं से जोड़ने के लिए प्रशासन की प्रतिबद्धता
किसान दिवस के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और प्रशासन की प्राथमिकता है कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े किसानों तक पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुनकर उनका समाधान किया जाए।
बैठक में जनपद के प्रगतिशील किसान, कृषि विभाग के अधिकारी और संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे। किसानों ने प्रशासन द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि योजनाओं का लाभ जल्द ही उन्हें धरातल पर मिलेगा।

रानीगंज में किन्नर रेखा रहस्यमय ढंग से लापता, बाजार में आक्रोश


सीसीटीवी में पुल तक दिखीं, झाड़ियों में मिला मोबाइल; 48 घंटे में खुलासे की मांग

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

रानीगंज बाजार में पिछले करीब 45 वर्षों से रह रही दाऊदपुर थाना क्षेत्र के जगतिया निवासी किन्नर रेखा के अचानक लापता हो जाने से इलाके में सनसनी फैल गई है। घटना को लेकर किन्नर समुदाय के साथ-साथ व्यापारियों में भी भारी आक्रोश व्याप्त है। मामले में बैरिया थाने में गुमशुदगी की तहरीर दी गई है और पुलिस जांच में जुटी हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुरानी लेन कामरहाटी थाना बेलधारिया, पश्चिम बंगाल निवासी बाबरी अंसारी ने बैरिया थाने में तहरीर देकर बताया कि मंगलवार की सुबह वे क्षेत्र के रामगढ़ में थीं। इसी दौरान वाहन चालक अभिजीत के मोबाइल पर रेखा मां का फोन आया। फोन पर उन्होंने दयाछपरा में बधाई लेने जाने की बात कही। इसके बाद बाबरी और अन्य लोग रानीगंज बाजार स्थित किराये के मकान पर पहुंचे, लेकिन वहां रेखा मां नहीं मिलीं।
काफी प्रयास के बावजूद उनका मोबाइल पहले स्विच ऑफ मिला। बाद में घंटी जाने के बावजूद किसी ने कॉल रिसीव नहीं किया। परिजनों और साथियों ने आसपास के क्षेत्रों में काफी खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज की जांच में पता चला कि सुबह करीब 11:40 बजे रेखा को रानीगंज पुल के पूर्वी फाटक के पास देखा गया था। इसके बाद उनका कोई लोकेशन ट्रेस नहीं हो सका। बुधवार को रानीगंज-चेताछपरा मार्ग की झाड़ियों में उनका मोबाइल फोन बरामद हुआ, जिससे घटना को लेकर आशंकाएं और गहरा गई हैं।
घटना की सूचना मिलते ही बुधवार सुबह जिले सहित अन्य जनपदों से बड़ी संख्या में किन्नर समुदाय के लोग रानीगंज पहुंच गए। उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और शीघ्र कार्रवाई की मांग की। मौके पर पहुंची पुलिस ने समझा-बुझाकर स्थिति को शांत कराया और मामले के शीघ्र खुलासे का आश्वासन दिया।इसी बीच भाजपा के पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे और किन्नरों से वार्ता कर भरोसा दिलाया कि पुलिस निष्पक्ष जांच कर रही है और जल्द ही सच्चाई सामने लाई जाएगी।रानीगंज बाजार के व्यापारियों में भी घटना को लेकर रोष है। व्यापारी जितेंद्र सर्राफ, रोशन गुप्त, प्रेमचंद सर्राफ, अनिल सोनी, पंकज वर्मा, प्रकाश मौर्य और त्रिलोकी सोनी समेत अन्य लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटे के भीतर मामले का खुलासा नहीं हुआ तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।चर्चा यह भी है कि घटना के समय रेखा के शरीर पर लाखों रुपये के आभूषण थे। सूचना मिलने पर उनके भतीजे गोल्डन और भाभी असगरी भी मौके पर पहुंचकर जांच में सहयोग कर रहे हैं। पूरे क्षेत्र में दहशत और चिंता का माहौल है।

कम्हरिंया खुर्द में नौ दिवसीय हनुमंत महायज्ञ का शुभारंभ, पंचांग पूजन से गूंजा गांव

वैदिक मंत्रोच्चारण और मंडप प्रवेश के साथ शुरू हुआ धार्मिक अनुष्ठान, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। फरेंदा क्षेत्र के कम्हरिया खुर्द गांव में आयोजित नौ दिवसीय हनुमंत महायज्ञ के तहत मंगलवार को पंचांग पूजन और मंडप प्रवेश की विधि विधिवत संपन्न हुई। सुबह आठ बजे से शुरू हुए वैदिक मंत्रोच्चारण ने पूरे गांव के वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मंत्रों की गूंज से क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठा।
यज्ञाचार्य पंडित कृष्ण मोहन तिवारी के नेतृत्व में सर्वप्रथम भगवान गणेश का पूजन किया गया। इसके बाद पंचांग पूजन और मंडप प्रवेश की रस्म पूरी की गई। पीले वस्त्र धारण किए यजमानों को विधि-विधान से यज्ञशाला में प्रवेश कराया गया। वैदिक मंत्रों के बीच यज्ञशाला में प्रवेश का दृश्य अत्यंत मनोहारी और श्रद्धा से परिपूर्ण रहा।
धूप, दीप और नैवेद्य की सुगंध तथा मंत्रोच्चारण की दिव्य ध्वनि से पूरा वातावरण पवित्र हो उठा। आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यज्ञ स्थल पर पहुंचने लगे। यज्ञ समिति के सदस्यों और ग्रामीणों ने पूरे आयोजन में सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यक्रम में अनुशासन और भक्ति का सुंदर समन्वय देखने को मिला।
आयोजकों के अनुसार यह महायज्ञ नौ दिनों तक चलेगा, जिसमें प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, प्रवचन और भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाएगा। क्षेत्र की शांति, समृद्धि और जनकल्याण की भावना से इस महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है।
कार्यक्रम में मुख्य यजमान के रूप में सुनील पांडेय, सत्यभामा पांडेय, ओंकारनाथ पांडेय, सर्वजीत यादव, विनोद गुप्ता, कृष्ण मोहन गुप्ता, भोला चौरसिया, राजेंद्र गुप्ता, बैजनाथ चौरसिया, इंदल गौड़, सुरेंद्र गुप्ता और दुर्गेश चौरसिया सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कम्हरिया खुर्द में चल रहा यह हनुमंत महायज्ञ इन दिनों क्षेत्र की आस्था का केंद्र बना हुआ है। श्रद्धालुओं की उमड़ती भीड़ और भक्तिभाव से ओतप्रोत वातावरण यह दर्शाता है कि ग्रामीण अंचल में धार्मिक परंपराओं के प्रति आज भी गहरी आस्था और उत्साह कायम है।