Friday, March 13, 2026
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सलेमपुर में व्यापारियों का होली मिलन समारोह, प्रेम-सद्भाव का संदेश

सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। नगर के ईचौना पूर्वी वार्ड में उद्योग व्यापार मण्डल के तत्वावधान में होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व तहसील अध्यक्ष एवं नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष सुधाकर गुप्त ने किया।

समारोह के दौरान व्यापारियों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं और आपसी एकता व भाईचारे का संदेश दिया।
अपने संबोधन में सुधाकर गुप्त ने कहा कि होली द्वेष और कटुता को त्यागकर प्रेम और सद्भाव बढ़ाने का पर्व है। यह त्योहार जीवन में रंग, उत्साह और उल्लास भरने का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि जहां-जहां सनातन धर्म और संस्कृति को मानने वाले लोग हैं, वहां होली प्रमुख पर्व के रूप में मनाई जाती है।

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उन्होंने आह्वान किया कि हम सभी इस पर्व को परंपरागत मूल्यों के साथ उसी उत्साह से मनाएं, जैसा हमारे पूर्वज मनाते आए हैं।
इस अवसर पर संजय पांडेय, रवि रौनियार, पप्पू रौनियार, भरत जी, धीरज सिंह, कृपाल गुप्ता, अशोक रौनियार, कर्मवीर रौनियार, मेवालाल, मनोज मद्देशिया, महेश जायसवाल, बीनू मद्देशिया और विश्वनाथ तिवारी सहित अनेक व्यापारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम हर्षोल्लास और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

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सिकन्दरपुर में होली मिलन समारोह, संगठनात्मक एकता का प्रदर्शन

सिकन्दरपुर/बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। होली के पावन अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सिकन्दरपुर नगर, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) नगर इकाई, बजरंग दल एवं विश्व हिंदू परिषद के संयुक्त तत्वावधान में भव्य होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नगर व आसपास के क्षेत्रों से आए सैकड़ों स्वयंसेवकों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष बना दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत एवं वंदना से हुई। इसके बाद मुख्य वक्ता एवं सह जिला संघचालक लालबचन तिवारी ने उपस्थित स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि होली केवल रंगों का पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, भाईचारे और संगठनात्मक एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह पर्व आपसी भेदभाव मिटाकर समाज को एक सूत्र में पिरोने की प्रेरणा देता है।

अपने उद्बोधन में उन्होंने संगठन की शक्ति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब व्यक्ति स्वार्थ से ऊपर उठकर राष्ट्र और समाज के लिए कार्य करता है, तभी संगठन सशक्त बनता है। स्वयंसेवकों को राष्ट्रहित, सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा तथा समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए।

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उन्होंने विशेष रूप से युवा शक्ति की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि यदि युवा सकारात्मक दिशा में संगठित हों, तो राष्ट्र निर्माण को नई गति मिल सकती है। इस अवसर पर समाज में सौहार्द बनाए रखने, कमजोर वर्गों के उत्थान तथा सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने का आह्वान किया गया।
समारोह के दौरान कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं और गले मिलकर प्रेम व भाईचारे का संदेश दिया। पूरे कार्यक्रम में अनुशासन, उत्साह और संगठनात्मक एकता स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

अंत में सभी स्वयंसेवकों ने समाज में सकारात्मक वातावरण बनाए रखने और राष्ट्रभावना को सुदृढ़ करने का संकल्प लिया। हर्षोल्लास और सौहार्दपूर्ण माहौल में कार्यक्रम का समापन हुआ।

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यमुना एक्सप्रेसवे हादसा: डबल डेकर बस ने इको कार को मारी टक्कर, 6 की मौत, 13 घायल

हाथरस (राष्ट्र की परम्परा)। 3 मार्च तड़के करीब 4 बजे यमुना एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। सादाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव गढ़ी हरिया के पास एक निजी डबल डेकर बस ने इको कार को पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में इको कार में सवार 13 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से 6 की मौके पर ही मौत हो गई।

टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। मृतकों के शवों को जिला अस्पताल भेज दिया गया, जबकि घायलों को खंदौली थाना क्षेत्र के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

कैसे हुआ हादसा?

प्राप्त जानकारी के अनुसार निजी डबल डेकर बस दिल्ली से गोरखपुर जा रही थी। इसी दौरान गढ़ी हरिया के पास यमुना एक्सप्रेसवे पर बस ने आगे चल रही इको कार को पीछे से टक्कर मार दी। हादसे के बाद कुछ समय के लिए यातायात भी बाधित रहा।
इको कार में सवार सभी लोग दिल्ली से राजस्थान के राजाखेड़ा की ओर जा रहे थे।

हादसे में मृतक

  1. विजय पुत्र सुखराम बघेल (30 वर्ष), निवासी सुडरई, थाना शमशाबाद, आगरा
  2. पिंकी पत्नी विजय (38 वर्ष), निवासी शमशाबाद, आगरा
  3. नाथू देवी पत्नी अमर सिंह (65 वर्ष), निवासी रोई खास, शमशाबाद, आगरा
  4. दिनेश पुत्र हुकम सिंह (55 वर्ष), निवासी गंगोलियापुरा, थाना राजाखेड़ा, धौलपुर (राजस्थान)
  5. सुनीता पत्नी दिनेश (51 वर्ष), निवासी गंगोलियापुरा, राजाखेड़ा, धौलपुर
  6. लोकेश पुत्र भूरी सिंह (35 वर्ष), निवासी चमोली घर, राजाखेड़ा, धौलपुर

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हादसे में घायल

• मनोज पुत्र सुरेश चंद्र (29 वर्ष), बाजना, राजाखेड़ा, धौलपुर

• रानी पत्नी मनोज (28 वर्ष), बाजना, राजाखेड़ा, धौलपुर

• वीरेंद्र पुत्र राम प्रकाश (37 वर्ष), गद्रपुरा, राजाखेड़ा, धौलपुर

• पूनम पुत्री पप्पू (15 वर्ष), राजाखेड़ा, धौलपुर

• आर्यन पुत्र अजय (10 वर्ष), बहा, आगरा

• कुमारी मारी अंशु पुत्री अजय (7 वर्ष)

• प्राची पुत्री विजय (3 वर्ष)

• आयुष पुत्र विजय (2 वर्ष)

• आयुष पुत्र वीरेंद्र (13 वर्ष)

• जयदीप पुत्र मनोज (4 वर्ष)

प्रशासन की कार्रवाई

पुलिस ने बस चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक आशंका तेज रफ्तार और लापरवाही को माना जा रहा है।

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    महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। होलिका दहन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सत्य, भक्ति और साहस की अमर गाथा है। फाल्गुन पूर्णिमा की रात्रि में जलती होलिका भारतीय संस्कृति के उस गहन दर्शन को प्रकट करती है, जहां अग्नि दहन ही नहीं, बल्कि शुद्धिकरण और नवसृजन का प्रतीक बनती है।

    हर वर्ष जलती होलिका यह संदेश देती है कि अन्याय और अहंकार चाहे कितने भी प्रबल क्यों न हों, अंततः विजय सत्य और आस्था की ही होती है।

    पौराणिक कथा: जब भक्ति ने अहंकार को पराजित किया

    पौराणिक मान्यताओं के अनुसार असुरराज हिरण्यकश्यप ने कठोर तपस्या कर वरदान प्राप्त किया और स्वयं को ईश्वर से भी ऊपर समझने लगा। उसने राज्य में अपनी पूजा का आदेश दिया, लेकिन उसका पुत्र प्रह्लाद बचपन से ही भगवान विष्णु का अनन्य भक्त था।

    पुत्र की अटूट भक्ति से क्रोधित होकर हिरण्यकश्यप ने उसे मृत्यु के मुख में धकेलने का षड्यंत्र रचा। उसकी बहन होलिका को वरदान था कि अग्नि उसे जला नहीं सकती। योजना के तहत वह प्रह्लाद को गोद में लेकर अग्नि में बैठी, लेकिन परिणाम विपरीत हुआ—होलिका जलकर राख हो गई और प्रह्लाद सुरक्षित बाहर आ गए।

    यह कथा केवल धार्मिक आख्यान नहीं, बल्कि यह स्पष्ट संदेश है कि अहंकार का अंत निश्चित है और सच्ची आस्था की रक्षा स्वयं ईश्वर करते हैं।

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    होलिका दहन का सामाजिक और आध्यात्मिक महत्व

    होलिका दहन हमें तीन महत्वपूर्ण सीख देता है:

    • अहंकार का पतन निश्चित है।
    • सच्ची श्रद्धा किसी भी संकट से बड़ी होती है।
    • सत्य और धर्म की राह कठिन जरूर, पर विजय उसी की होती है।

    आज के दौर में, जब समाज में तनाव, प्रतिस्पर्धा और द्वेष बढ़ रहे हैं, यह पर्व आत्ममंथन का अवसर बन जाता है। यह हमें प्रेरित करता है कि हम अपने भीतर के क्रोध, ईर्ष्या और अहंकार को अग्नि में समर्पित करें और सकारात्मकता की ओर कदम बढ़ाएं।

    युवाओं के लिए संदेश

    प्रह्लाद की अडिग भक्ति बताती है कि परिस्थिति चाहे कितनी भी कठिन हो, विश्वास और साहस से हर चुनौती का सामना किया जा सकता है। यह संदेश आज के युवाओं के लिए विशेष रूप से प्रेरणादायक है।

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    मिडिल ईस्ट संकट: 14 देशों से निकलने का अलर्ट

    मिडिल ईस्ट में अमेरिका और इजरायल की ईरान पर संयुक्त स्ट्राइक्स के बाद हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। बढ़ते हमलों और सुरक्षा खतरों के बीच अमेरिकी प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए 14 देशों में रह रहे अपने नागरिकों को तुरंत देश छोड़ने की एडवाइजरी जारी की है।

    US State Department की ओर से जारी अलर्ट में कहा गया है कि “सीरियस सेफ्टी रिस्क्स” को देखते हुए अमेरिकी नागरिक उपलब्ध कमर्शियल फ्लाइट या अन्य साधनों से तुरंत वहां से निकल जाएं।

    रियाद में अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमला

    ताजा घटनाक्रम में Riyadh स्थित अमेरिकी दूतावास पर दो ड्रोन से हमला किया गया। सऊदी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक इमारत में हल्की आग लगी और कुछ संपत्ति को नुकसान पहुंचा, हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

    दूतावास ने रियाद, जेद्दा और धहरान में रह रहे अमेरिकी नागरिकों को “Shelter in Place” यानी घर के अंदर सुरक्षित रहने की सलाह दी है। दूतावास परिसर में आने से भी मना किया गया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में आग और धुएं के दृश्य सामने आए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है।

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    14 देशों के लिए ट्रैवल अलर्ट

    एडवाइजरी में जिन देशों का नाम शामिल है, वे हैं:
    Bahrain, Egypt, Iran, Iraq, Israel, West Bank और Gaza Strip, Jordan, Kuwait, Lebanon, Oman, Qatar, Saudi Arabia, Syria, United Arab Emirates और Yemen

    स्टेट डिपार्टमेंट ने स्पष्ट किया है कि कई एयरपोर्ट बंद हैं और फ्लाइट्स रद्द हो रही हैं, लेकिन जो कमर्शियल ऑप्शन उपलब्ध हों, उनका तुरंत उपयोग किया जाए।

    इमरजेंसी टास्क फोर्स एक्टिव

    अमेरिका ने अपने नागरिकों की सुरक्षित निकासी के लिए इमरजेंसी टास्क फोर्स सक्रिय कर दी है। हालांकि फिलहाल प्राथमिकता कमर्शियल फ्लाइट्स के जरिए निकासी पर है।
    विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात और बिगड़ते हैं तो यह संकट पूरे खाड़ी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है।

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    महामृत्युंजय मंत्र: भय से मुक्ति और आत्मबल का दिव्य पथ

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    महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। “ॐ त्र्यंबकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्…” — यह केवल एक मंत्र नहीं, बल्कि भारतीय आध्यात्मिक चेतना का वह अमृत स्रोत है, जो भय, रोग और निराशा के अंधकार में भी आशा की ज्योति प्रज्वलित करता है। सनातन परंपरा में इसे मृत्यु पर विजय दिलाने वाला महामंत्र माना गया है।

    वैदिक परंपरा में उल्लेख

    महामृत्युंजय मंत्र का वर्णन प्राचीन वैदिक ग्रंथों जैसे ऋग्वेद और यजुर्वेद में मिलता है। वैदिक ऋषियों ने ध्वनि और चेतना के सूक्ष्म संबंध को समझते हुए इस मंत्र की रचना की थी।

    “उर्वारुकमिव बन्धनान्” का अर्थ है—जैसे पका हुआ फल सहज ही डंठल से अलग हो जाता है, वैसे ही जीवात्मा मृत्यु और भय के बंधनों से मुक्त हो जाए। यहां मृत्यु का अर्थ केवल शारीरिक अंत नहीं, बल्कि अज्ञान, मोह और मानसिक भय से मुक्ति भी है।

    शिव से जुड़ा दिव्य संबंध

    भारतीय दर्शन में भगवान शिव को संहार और पुनर्सृजन का देवता माना गया है। वे विनाश के माध्यम से नवसृजन का संदेश देते हैं। महामृत्युंजय मंत्र उन्हीं को समर्पित है, इसलिए इसे जीवन के हर संकट में शक्ति का स्रोत माना जाता है।

    यह मंत्र सिखाता है कि अंत ही आरंभ का द्वार है, और हर कठिनाई के बाद नई संभावना जन्म लेती है।

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    आधुनिक जीवन में प्रासंगिकता

    आज के वैज्ञानिक और तर्कप्रधान युग में भी इस मंत्र की उपयोगिता कम नहीं हुई है। नियमित जप और ध्यान से—

    • मानसिक तनाव कम होता है
    • मन की एकाग्रता बढ़ती है
    • सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है
    • आत्मविश्वास में वृद्धि होती है

    ध्वनि-तरंगों का कंपन मस्तिष्क को शांति देता है और व्यक्ति के भीतर स्थिरता लाता है। यही कारण है कि बीमारी या संकट के समय लोग इस मंत्र का सहारा लेकर मानसिक शक्ति प्राप्त करते हैं।

    आस्था से आत्मबल तक

    धार्मिक कथाओं और लोकमान्यताओं में इस मंत्र की प्रभावशीलता के अनेक उदाहरण मिलते हैं। श्रद्धा और विश्वास के साथ किया गया जप व्यक्ति को विपरीत परिस्थितियों से उबरने की शक्ति देता है।

    आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में महामृत्युंजय मंत्र केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन और आत्मिक अनुशासन का माध्यम बन सकता है। यह हमें याद दिलाता है कि जीवन क्षणभंगुर है, पर आत्मा अमर है।

    संदेश स्पष्ट है — भय से ऊपर उठकर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाइए।
    यदि इस मंत्र को दैनिक जीवन का हिस्सा बना लिया जाए, तो यह भीतर छिपी अद्भुत शक्ति को जागृत कर सकता है।

    शिव कृपा का यह अमृत आज भी उतना ही प्रभावी है, जितना वेदकाल में था, और आने वाली पीढ़ियों को भी आत्मबल का मार्ग दिखाता रहेगा। 🕉️

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    Iran-Israel तनाव: मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ईरान समेत कई देशों में फंसे भारतीयों की वापसी के लिए सरकार और एयरलाइंस सक्रिय हो गई हैं। हमलों के कारण कई देशों में उड़ानों पर अस्थायी रोक लगा दी गई थी। ऐसे में अब इंडिगो 3 मार्च 2026 से जेद्दा से भारत के लिए 10 स्पेशल फ्लाइट्स संचालित करेगा।

    सिविल एविएशन मंत्रालय के अनुसार, यह रिलीफ ऑपरेशन जरूरी मंजूरी और मौजूदा एयरस्पेस की स्थिति पर निर्भर करेगा। इंडिगो जेद्दा में भारत के कॉन्सुलेट जनरल के साथ समन्वय कर यात्रियों की वापसी सुनिश्चित करेगा।
    भारत और खाड़ी क्षेत्र के बीच अन्य एयरलाइंस भी एयरस्पेस की शर्तों के आधार पर सीमित परिचालन कर रही हैं।

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    Air India Express मस्कट से फिर शुरू करेगा ऑपरेशन

    एयर इंडिया एक्सप्रेस ने भी 3 मार्च से मस्कट से अपनी उड़ान सेवाएं फिर शुरू करने की घोषणा की है। एयरलाइन के मुताबिक मस्कट से दिल्ली, कोच्ची, कोझिकोड, मुंबई और तिरुचिरापल्ली के लिए उड़ानें संचालित की जाएंगी।

    पहली फ्लाइट तिरुचिरापल्ली के लिए सुबह 10:25 बजे रवाना होगी। यात्रियों को अपनी उड़ानों की ताजा जानकारी एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट पर देखने की सलाह दी गई है।

    कई खाड़ी देशों के लिए उड़ानें रद्द

    एयरलाइंस के अनुसार बहरीन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब और यूएई के लिए कई उड़ानें 3 मार्च 2026 तक रद्द रहेंगी। एयरलाइंस ने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है।
    सरकार ने फंसे हुए भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं।

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    Lunar Eclipse 2026: साल का सबसे बड़ा पूर्ण चंद्रग्रहण आज, जानें कहां-कब दिखेगा ‘ब्लड मून’

    Lunar Eclipse 2026: आज साल का सबसे बड़ा पूर्ण चंद्रग्रहण (Full Lunar Eclipse) लग रहा है, जिसे आम भाषा में ‘ब्लड मून’ कहा जाता है। इस दौरान चंद्रमा सुर्ख लाल और नारंगी आभा में नजर आएगा। यह खगोलीय घटना तब होती है जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच आकर अपनी छाया चंद्रमा पर डालती है।
    पूर्ण चंद्र ग्रहण केवल पूर्णिमा के दिन ही संभव है, जब तीनों खगोलीय पिंड लगभग एक सीध में होते हैं। जब चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की गहरी छाया (उम्ब्रा) में प्रवेश कर जाता है, तब पूर्ण चंद्रग्रहण होता है।

    क्यों लाल दिखता है चंद्रमा?

    पूर्ण चंद्रग्रहण के दौरान चंद्रमा का लाल दिखाई देना एक वैज्ञानिक प्रक्रिया का परिणाम है।
    जब सूर्य का प्रकाश पृथ्वी के वायुमंडल से गुजरता है, तो नीली रोशनी ज्यादा बिखर जाती है, जबकि लाल और नारंगी तरंगदैर्घ्य कम बिखरते हैं। यही लाल रोशनी पृथ्वी के वातावरण से मुड़कर चंद्रमा तक पहुंचती है और उसे रक्तिम रंग प्रदान करती है।
    इसी वजह से इसे ‘ब्लड मून’ कहा जाता है।

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    ग्रहण का समय

    आरंभ: दोपहर 3:20 बजे
    समाप्ति: शाम 6:48 बजे

    भारत में अधिकतर जगहों पर चंद्रमा उदय के समय अंतिम चरण दिखाई देगा
    पूर्वोत्तर भारत और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में पूर्ण अवस्था की अंतिम झलक स्पष्ट देखी जा सकेगी।
    दक्षिण भारत के शहरों जैसे चेन्नई और कन्याकुमारी में यह करीब 30 मिनट तक दिखाई दे सकता है।

    किन देशों में दिखेगा?

    यह पूर्ण चंद्रग्रहण एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका और यूरोप के कुछ हिस्सों में अलग-अलग चरणों में दिखाई देगा। अनुमान है कि दुनिया की लगभग 40% आबादी इस खगोलीय घटना का कम से कम एक हिस्सा देख सकेगी।

    खास क्यों है यह ग्रहण?

    • साल 2028 के बाद ऐसा संयोग फिर बनेगा
    • वैज्ञानिकों और खगोल प्रेमियों के लिए दुर्लभ अवसर
    • बिना किसी विशेष उपकरण के नंगी आंखों से देखा जा सकता है

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    नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। India Meteorological Department (IMD) ने मार्च से मई 2026 के हॉट वेदर सीजन को लेकर जारी ताजा पूर्वानुमान में संकेत दिया है कि इस बार देश के अधिकांश हिस्सों में गर्मी सामान्य से अधिक रह सकती है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी के साथ कई क्षेत्रों में लू (हीटवेव) के दिनों में इजाफा होने की संभावना जताई गई है।

    अधिकतम तापमान रहेगा सामान्य से ऊपर

    आईएमडी के अनुसार, मार्च से मई के दौरान देश के अधिकतर इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है। हालांकि उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में तापमान सामान्य या सामान्य से कम भी रह सकता है, लेकिन व्यापक स्तर पर इस बार अधिक तपन की आशंका है।

    गर्म रहेंगी रातें भी

    दक्षिणी प्रायद्वीप के कुछ क्षेत्रों को छोड़कर देश के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है। इसका मतलब है कि रात में भी ज्यादा राहत नहीं मिलेगी और “गर्म रातों” की स्थिति बन सकती है।

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    इन क्षेत्रों में ज्यादा लू

    मार्च से मई 2026 के दौरान पूर्वी और पूर्व-मध्य भारत, दक्षिण-पूर्वी प्रायद्वीपीय क्षेत्रों तथा उत्तर-पश्चिम और पश्चिम-मध्य भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक लू वाले दिन हो सकते हैं।

    विशेष रूप से मार्च में गुजरात और आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में लू का असर ज्यादा रहने की संभावना जताई गई है।

    मार्च में सामान्य बारिश

    आईएमडी के मुताबिक मार्च 2026 में देशभर में औसत वर्षा सामान्य रह सकती है। सामान्य वर्षा का मतलब है कि यह दीर्घकालिक औसत (LPA) के 83% से 117% के बीच हो सकती है। 1971-2020 के आंकड़ों के अनुसार मार्च में औसत वर्षा करीब 29.9 मिमी दर्ज की जाती है।

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    पश्चिमी विक्षोभ और तेज हवाएं

    4 मार्च से सक्रिय होने वाला पश्चिमी विक्षोभ मौसम में क्षेत्रीय बदलाव ला सकता है। उत्तर-पश्चिम भारत में 3-5 दिनों के दौरान तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है।

    हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में 20-30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिससे फसलों पर असर पड़ सकता है।

    सरकार और नागरिकों के लिए सलाह

    आईएमडी ने राज्य सरकारों को कूलिंग सेंटर बनाने, पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की सलाह दी है।
    नागरिकों को दोपहर की धूप से बचने, अधिक पानी पीने, हल्के सूती कपड़े पहनने और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की हिदायत दी गई है।

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    वॉशिंगटन/तेहरान (राष्ट्र की परम्परा)। ईरान की सुप्रीम लीडरशिप को खत्म करने के दावे के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने सोमवार को बयान जारी कर कहा कि ईरान पर हमले का आदेश उन्होंने ही दिया था। उनका दावा है कि यह कदम तेहरान के परमाणु विकास और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को रोकने के लिए उठाया गया।

    ट्रंप ने कहा, “हम ईरान को परमाणु संपन्न देश नहीं बनने देंगे। वह तेजी से उसी दिशा में बढ़ रहा था।” हालांकि, उन्होंने अपने दावों के समर्थन में कोई सार्वजनिक सबूत पेश नहीं किया।

    “हमला करना हमारा सबसे अच्छा मौका था”

    न्यूज एजेंसी Reuters के मुताबिक, ट्रंप ने दो वीडियो संदेश जारी किए। इनमें उन्होंने कहा कि ईरान से बड़ा खतरा उत्पन्न होने वाला था और हमला करना “हमारा आखिरी और सबसे अच्छा मौका” था।

    ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी मुहिम चार से पांच हफ्ते चल सकती है, हालांकि यह और लंबी भी हो सकती है। उनके अनुसार, अभियान का मुख्य उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना और लंबी दूरी के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को नाकाम करना है। ईरान पहले ही परमाणु हथियार विकसित करने के आरोपों से इनकार करता रहा है।

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    10 ईरानी जहाज मार गिराने का दावा

    ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने 10 ईरानी जहाजों को समुद्र में डुबो दिया है और बड़े स्तर पर लड़ाकू ऑपरेशन जारी हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई का लक्ष्य ईरान की मिसाइल क्षमताओं और नौसैनिक ताकत को कमजोर करना है।

    इसके अलावा ट्रंप ने कहा कि अमेरिका का तीसरा मकसद ईरान को मिलिटेंट समूहों को समर्थन देने से रोकना है। उन्होंने अभियान के दौरान चार अमेरिकी सैनिकों की मौत का भी जिक्र किया।

    क्षेत्र में बढ़ता तनाव

    इस बयान के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ने की आशंका है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि सैन्य कार्रवाई लंबी चली तो इसका असर वैश्विक सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और कूटनीतिक संबंधों पर पड़ सकता है।

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    Abu Dhabi: ईरानी हमले के बीच 9 मार्च तक बंद रहेगा BAPS हिंदू मंदिर, 2 साल पहले PM मोदी ने किया था उद्घाटन

    Abu Dhabi: मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अबू धाबी स्थित BAPS Hindu Mandir Abu Dhabi को एहतियातन 9 मार्च तक विजिटर्स के लिए बंद कर दिया गया है। मंदिर प्रशासन ने सोमवार को आधिकारिक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी।

    बयान में कहा गया है कि मौजूदा सुरक्षा परिस्थितियों और राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से सहयोग और समझदारी बरतने की अपील की है।

    सुरक्षा के मद्देनजर एहतियाती कदम

    मंदिर की ओर से जारी वक्तव्य में कहा गया, “मौजूदा स्थिति और राष्ट्रीय सुरक्षा को देखते हुए एहतियात के तौर पर अबू धाबी स्थित बीएपीएस हिंदू मंदिर 9 मार्च तक विजिटर्स के लिए बंद रहेगा। इस दौरान स्वामी सभी की शांति, सुरक्षा और कल्याण के लिए मंदिर में प्रार्थना करते रहेंगे।”

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    क्षेत्र में ईरान से जुड़े हमलों और बढ़ते सैन्य तनाव के बीच यह कदम एहतियातन उठाया गया है। हालांकि स्थानीय प्रशासन की ओर से मंदिर को लेकर किसी विशेष खतरे की सार्वजनिक पुष्टि नहीं की गई है।

    PM मोदी ने किया था उद्घाटन

    गौरतलब है कि इस भव्य मंदिर का उद्घाटन दो वर्ष पहले भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने किया था। यह मंदिर खाड़ी क्षेत्र में भारतीय समुदाय और वैश्विक श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है।
    मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हालात सामान्य होने के बाद पुनः दर्शन के लिए तिथि घोषित की जाएगी।

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    3 मार्च को हुए निधन: इतिहास के पन्नों में दर्ज महान हस्तियां

    3 मार्च को हुए निधन भारतीय और विश्व इतिहास में विशेष महत्व रखते हैं। इस दिन कई ऐसी महान हस्तियों ने दुनिया को अलविदा कहा, जिनका प्रभाव राजनीति, साहित्य, इतिहास और समाज पर गहराई से पड़ा। आइए जानते हैं 3 मार्च पुण्यतिथि पर उन प्रमुख व्यक्तित्वों के बारे में, जिनकी स्मृति आज भी प्रेरणा देती है।
    औरंगजेब (1707)
    मुग़ल साम्राज्य के छठे बादशाह औरंगजेब का निधन 3 मार्च 1707 को हुआ। उन्होंने लगभग 49 वर्षों तक शासन किया। उनके शासनकाल में साम्राज्य का विस्तार तो हुआ, लेकिन धार्मिक नीतियों और कठोर प्रशासन के कारण उन्हें इतिहास में एक विवादित शासक के रूप में भी देखा जाता है। 3 मार्च को हुए निधन में उनका नाम सबसे प्रमुख रूप से लिया जाता है।
    हरि नारायण आपटे (1919)
    मराठी साहित्य के प्रसिद्ध उपन्यासकार, नाटककार और कवि हरि नारायण आपटे का निधन 3 मार्च 1919 को हुआ। उन्होंने सामाजिक विषयों पर आधारित कई लोकप्रिय रचनाएँ लिखीं और मराठी साहित्य को नई दिशा दी।
    बालकृष्ण शिवराम मुंजे (1948)
    स्वतंत्रता सेनानी और हिंदू महासभा के अध्यक्ष रहे डॉ. बी.एस. मुंजे का निधन 3 मार्च 1948 को हुआ। वे राष्ट्रवादी विचारधारा के प्रमुख समर्थक थे और सामाजिक-राजनीतिक आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाई।

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    फ़िराक़ गोरखपुरी (1982)
    प्रसिद्ध उर्दू शायर फ़िराक़ गोरखपुरी (रघुपति सहाय) का निधन 3 मार्च 1982 को हुआ। उनकी ग़ज़लें और नज़्में आज भी साहित्य प्रेमियों के बीच लोकप्रिय हैं। वे ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित थे।
    मोहिंदर सिंह रंधावा (1986)
    इतिहासकार, वनस्पतिशास्त्री और प्रशासक मोहिंदर सिंह रंधावा का निधन 3 मार्च 1986 को हुआ। उन्होंने भारतीय कला, संस्कृति और बागवानी के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया।
    जी.एम.सी. बालायोगी (2002)
    पूर्व लोकसभा अध्यक्ष जी.एम.सी. बालायोगी का निधन 3 मार्च 2002 को हुआ। वे भारतीय संसद के इतिहास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नेताओं में गिने जाते हैं।
    यादवेन्द्र शर्मा ‘चन्द्र’ (2009)
    राजस्थान के प्रसिद्ध उपन्यासकार और नाटककार यादवेन्द्र शर्मा ‘चन्द्र’ का निधन 3 मार्च 2009 को हुआ। उन्होंने क्षेत्रीय साहित्य को राष्ट्रीय पहचान दिलाई।

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    डॉ. राष्ट्रबंधु (2015)
    बाल साहित्य के प्रख्यात साहित्यकार डॉ. राष्ट्रबंधु का निधन 3 मार्च 2015 को हुआ। उन्होंने बच्चों के लिए प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक साहित्य की रचना की।
    सत्यब्रत मुखर्जी (2023)
    पद्म भूषण से सम्मानित वरिष्ठ राजनीतिज्ञ सत्यब्रत मुखर्जी का निधन 3 मार्च 2023 को हुआ। वे जनसेवा और राजनीतिक ईमानदारी के लिए जाने जाते थे।
    3 मार्च को हुए निधन का ऐतिहासिक महत्व
    3 मार्च को हुए निधन केवल तिथियाँ नहीं हैं, बल्कि इतिहास के ऐसे पड़ाव हैं जिन्होंने समाज, साहित्य और राजनीति की दिशा तय की। 3 मार्च इतिहास में दर्ज ये पुण्यतिथियाँ हमें इन महान हस्तियों के योगदान को याद करने का अवसर देती हैं।
    आज के दिन निधन की यह सूची नई पीढ़ी को प्रेरित करती है कि वे अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देकर अमर विरासत छोड़ें।

    आज का मूलांक राशिफल: जानिए अंक 1 से 9 तक किसके लिए खुलेंगे सफलता के द्वार

    आज का मूलांक राशिफल: अंक 1 से 9 तक का विस्तृत भविष्यफल
    आज का मूलांक राशिफल आपके दिन की दिशा तय करने में मदद करेगा। जानिए आपके मूलांक के अनुसार धन, करियर, स्वास्थ्य, प्रेम और पारिवारिक जीवन के संकेत क्या कहते हैं। पढ़ें पूरा आज का मूलांक राशिफल और जानें शुभ अंक व शुभ रंग।
    अंक 1 का मूलांक राशिफल
    आज का दिन आपके लिए विशेष साबित हो सकता है। नए कार्यों से मनचाहा लाभ मिलने के संकेत हैं। किसी आवश्यक वस्तु की खरीदारी कर सकते हैं। मां के लिए कुछ खास करने का विचार मन में आएगा, जिससे भावनात्मक संतुलन बना रहेगा। मन प्रसन्न रहेगा और स्वास्थ्य बेहतर महसूस होगा।
    शुभ अंक: 2
    शुभ रंग: सफेद
    अंक 2 का मूलांक राशिफल
    आज का मूलांक राशिफल संकेत देता है कि आपको कोई नया संदेश या अवसर मिल सकता है। व्यापार में नए संपर्क बनेंगे। धन लाभ के लिए मेहनत अधिक करनी होगी। कोई प्रिय व्यक्ति मिलने आ सकता है। विद्यार्थियों के लिए दिन सफलता देने वाला रहेगा।
    शुभ अंक: 6
    शुभ रंग: लाल

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    अंक 3 का मूलांक राशिफल
    मूलांक 3 वालों के लिए समय खुशियों से भरा रहेगा। किसी शुभ समाचार की प्राप्ति हो सकती है। दोपहर बाद यात्रा के योग बन रहे हैं। पूरा दिन सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर रहेगा।
    शुभ अंक: 4
    शुभ रंग: केसरिया
    अंक 4 का मूलांक राशिफल
    नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन के संकेत मिल सकते हैं। आपके प्रयासों का सम्मान होगा। पारिवारिक मामलों में सोच-समझकर निर्णय लें। अचानक कोई सुखद समाचार मन प्रसन्न करेगा।
    शुभ अंक: 7
    शुभ रंग: गुलाबी
    अंक 5 का मूलांक राशिफल
    आज तनाव थोड़ा बढ़ सकता है। दोस्तों से बातचीत मानसिक राहत देगी। धन संबंधी मामलों में सतर्कता जरूरी है। लोहे से बनी वस्तुएं खरीदने से बचें। नौकरीपेशा लोगों की आय के नए स्रोत बन सकते हैं।
    शुभ अंक: 2
    शुभ रंग: सफेद

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    अंक 6 का मूलांक राशिफल
    आज धैर्य की परीक्षा हो सकती है। प्रेम संबंधों में संतुलन बनाए रखने की जरूरत है। यात्रा के दौरान सावधानी बरतें। संयम और समझदारी से काम लेने पर दिन सामान्य रहेगा।
    शुभ अंक: 7
    शुभ रंग: गहरा नीला
    अंक 7 का मूलांक राशिफल
    परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। दोस्तों के साथ व्यापार को लेकर सकारात्मक चर्चा हो सकती है। साझेदारी में नया कार्य शुरू करने का विचार बन सकता है। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।
    शुभ अंक: 18
    शुभ रंग: केसरिया
    अंक 8 का मूलांक राशिफल
    दिन सामान्य रहेगा। निवेश से लाभ के संकेत हैं। सेहत को लेकर सतर्क रहें, पुरानी तकलीफ उभर सकती है। किसी खास वस्तु की खरीदारी का विचार बन सकता है।
    शुभ अंक: 9
    शुभ रंग: हरा
    अंक 9 का मूलांक राशिफल
    प्रॉपर्टी से जुड़ा मामला आपके पक्ष में जा सकता है। कोर्ट केस में सफलता के संकेत हैं। घर पर किसी मेहमान का आगमन हो सकता है। स्थानांतरण के योग बन रहे हैं। कार्यक्षेत्र में सराहना मिलेगी।

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    शुभ अंक: 15
    शुभ रंग: गुलाबी
    आज का मूलांक राशिफल बताता है कि दिन कई लोगों के लिए अवसर और सकारात्मक बदलाव लेकर आया है। अपने मूलांक राशिफल के अनुसार निर्णय लें और शुभ अंक व रंग का ध्यान रखें।

    3 मार्च को जन्मे व्यक्ति: इतिहास, कला, सेना और खेल जगत की महान विभूतियाँ

    3 मार्च को जन्मे व्यक्ति भारत और विश्व इतिहास में विशेष स्थान रखते हैं। इस दिन जन्मी कई महान हस्तियों ने उद्योग, संगीत, सेना, चिकित्सा, खेल और सिनेमा जगत में अमिट छाप छोड़ी। आइए जानते हैं 3 मार्च को जन्मे व्यक्ति के बारे में विस्तृत और पठनीय जानकारी।
    योगेश कथुनिया (जन्म 1997)
    भारतीय पैरालम्पिक एथलीट योगेश कथुनिया ने डिस्कस थ्रो में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से पैरालम्पिक में पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया। 3 मार्च को जन्मे व्यक्ति में उनका नाम खेल जगत की प्रेरणादायक शख्सियतों में गिना जाता है।
    राइफलमैन संजय कुमार (जन्म 1976)
    कारगिल युद्ध के वीर नायक राइफलमैन संजय कुमार को अदम्य साहस के लिए परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। दुश्मनों के बीच घुसकर मोर्चा संभालने वाले इस जांबाज सैनिक का नाम भारतीय सेना के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। 3 मार्च को जन्मे व्यक्ति में वे वीरता के प्रतीक हैं।

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    जसपाल भट्टी (1955–2012)
    प्रसिद्ध हास्य अभिनेता जसपाल भट्टी ने व्यंग्य के माध्यम से सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों को उठाया। उनके लोकप्रिय कार्यक्रम ‘फ्लॉप शो’ ने भारतीय टेलीविजन पर अलग पहचान बनाई। 3 मार्च को जन्मे व्यक्ति में उनका योगदान मनोरंजन जगत के लिए अविस्मरणीय है।
    हिम्मतराव बावस्कर (जन्म 1951)
    महाराष्ट्र के चिकित्सक हिम्मतराव बावस्कर को लाल बिच्छू के डंक से होने वाली मौतों पर शोध के लिए जाना जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सेवा देकर उन्होंने अनगिनत जीवन बचाए। 3 मार्च को जन्मे व्यक्ति में उनका नाम चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में सम्मान के साथ लिया जाता है।
    ग़ुलाम मुस्तफ़ा ख़ान (1931–2021)
    हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के महान गायक ग़ुलाम मुस्तफ़ा ख़ान ने भारतीय संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उन्हें पद्म विभूषण सहित अनेक सम्मानों से नवाजा गया। 3 मार्च को जन्मे व्यक्ति में उनका नाम संगीत साधना का प्रतीक है।

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    रवि (1926–2012)
    हिंदी फिल्मों के प्रसिद्ध संगीतकार रवि ने अनेक सुपरहिट गीतों को संगीत दिया। उनके मधुर संगीत ने 1950–70 के दशक की फिल्मों को अमर बना दिया। 3 मार्च को जन्मे व्यक्ति में उनका योगदान फिल्म संगीत के इतिहास में महत्वपूर्ण है।
    रामकृष्ण खत्री (1902–1996)
    स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख क्रांतिकारी रामकृष्ण खत्री ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। उनका जीवन देशभक्ति और त्याग की मिसाल है। 3 मार्च को जन्मे व्यक्ति में उनका नाम स्वतंत्रता सेनानियों की सूची में गौरव से लिया जाता है।
    अचंत लक्ष्मीपति (1880–1962)
    आयुर्वेदिक औषधियों के प्रचार-प्रसार के लिए प्रसिद्ध अचंत लक्ष्मीपति ने पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया। 3 मार्च को जन्मे व्यक्ति में उनका योगदान आयुर्वेद के क्षेत्र में ऐतिहासिक है।

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    जमशेद जी टाटा (1839–1904)
    भारतीय उद्योग जगत के अग्रदूत जमशेद जी टाटा ने टाटा समूह की स्थापना की और देश में औद्योगिक क्रांति की नींव रखी। उनका विजन आज भी भारत की अर्थव्यवस्था को दिशा देता है। 3 मार्च को जन्मे व्यक्ति में वे सबसे प्रभावशाली उद्योगपतियों में गिने जाते हैं।
    3 मार्च को जन्मे व्यक्ति विविध क्षेत्रों में अपनी असाधारण उपलब्धियों के कारण याद किए जाते हैं। चाहे वह उद्योग जगत के जमशेद जी टाटा हों, वीर सैनिक राइफलमैन संजय कुमार हों या प्रेरणादायक एथलीट योगेश कथुनिया — सभी ने अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्टता की मिसाल पेश की।

    पंचांग 03 मार्च 2026: फाल्गुन पूर्णिमा, होलिका दहन का शुभ मुहूर्त, राहुकाल और चंद्र राशि जानें

    पंचांग 03 मार्च 2026 (Panchang 03 March 2026)
    दिनांक: 03/03/2026, मंगलवार
    पक्ष: फाल्गुन शुक्ल पक्ष पूर्णिमा
    संवत: विक्रम संवत 2082 (कालयुक्त)
    शक संवत: 1947 (विश्वावसु)
    ऋतु: वसंत (द्रिक), शिशिर (वैदिक)
    अयन: उत्तरायण
    पंचांग 03 मार्च 2026 के अनुसार यह दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। फाल्गुन पूर्णिमा पर होलिका दहन का पर्व मनाया जाएगा। साथ ही पूर्णिमा व्रत, सत्य व्रत और चैतन्य महाप्रभु जयंती का विशेष महत्व है।
    🌕 तिथि और नक्षत्र
    पूर्णिमा तिथि: 02 मार्च 05:55 PM से 03 मार्च 05:07 PM तक
    कृष्ण पक्ष प्रतिपदा: 03 मार्च 05:07 PM से 04 मार्च 04:49 PM तक
    मघा नक्षत्र: 03 मार्च 07:31 AM तक
    पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र: 07:31 AM के बाद
    पंचांग 03 मार्च 2026 में मघा नक्षत्र सुबह तक रहेगा, जो गण्डमूल नक्षत्र की श्रेणी में आता है। इसके बाद पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।

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    ☀️ सूर्योदय और चंद्रमा की स्थिति
    सूर्योदय: 06:20 AM
    सूर्यास्त: 05:53 PM
    चंद्रोदय: 05:55 PM
    चंद्रास्त: 04 मार्च 06:35 AM
    सूर्य राशि: कुंभ
    चंद्र राशि: सिंह (पूरा दिन-रात)
    पंचांग 03 मार्च 2026 के अनुसार चंद्रमा सिंह राशि में संचार करेगा, जिससे मिथुन, सिंह, तुला, वृश्चिक, कुंभ और मीन राशि वालों को चंद्रबल प्राप्त होगा।
    🕉 योग और करण
    सुकर्मा योग: 10:24 AM तक
    धृति योग: 10:24 AM के बाद
    बव करण: 05:07 PM तक
    बालव करण: 04 मार्च 04:54 AM तक
    कौलव करण: उसके बाद
    पंचांग 03 मार्च 2026 में सुकर्मा और धृति योग शुभ माने जाते हैं, जो नए कार्यों की शुरुआत के लिए सकारात्मक संकेत देते हैं।

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    अशुभ काल
    राहुकाल: 02:59 PM – 04:26 PM
    यमगण्ड: 09:13 AM – 10:40 AM
    कुलिक काल: 12:06 PM – 01:33 PM
    दुर्मुहूर्त: 08:39 AM – 09:25 AM, 10:51 PM – 11:41 PM
    वर्ज्यम्: 03:33 PM – 05:09 PM
    पंचांग 03 मार्च 2026 के अनुसार इन समयों में मांगलिक कार्यों से बचना चाहिए।
    शुभ मुहूर्त
    अभिजीत मुहूर्त: 11:43 AM – 12:29 PM
    अमृत काल: 05:08 AM – 06:43 AM, 01:12 AM – 02:49 AM
    ब्रह्म मुहूर्त: 04:43 AM – 05:31 AM
    होलिका दहन के लिए पूर्णिमा तिथि और प्रदोष काल का विशेष महत्व है।
    🔥 होलिका दहन का महत्व
    होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस दिन भक्त प्रह्लाद की कथा का स्मरण किया जाता है। पूर्णिमा की रात्रि में विधिपूर्वक पूजा कर अग्नि प्रज्ज्वलित की जाती है।
    पंचांग 03 मार्च 2026 के अनुसार प्रदोष काल में होलिका दहन करना शुभ रहेगा।
    📿 प्रमुख व्रत और पर्व
    होलिका दहन
    पूर्णिमा व्रत
    सत्य व्रत
    चैतन्य महाप्रभु जयंती
    होलाष्टक समाप्त

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    🌙 चौघड़िया (संक्षेप में)
    दिन का शुभ समय: लाभ (10:40 AM – 12:06 PM), अमृत (12:06 PM – 01:33 PM), शुभ (02:59 PM – 04:26 PM से पूर्व का शुभ चौघड़िया ध्यान दें)
    रात्रि का शुभ समय: शुभ (10:32 PM – 12:06 AM), अमृत (12:06 AM – 01:39 AM)
    📊 पंचांग 03 मार्च 2026 धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। फाल्गुन पूर्णिमा, होलिका दहन, शुभ योग और सिंह राशि में चंद्रमा का संचार इस दिन को विशेष बनाता है। यदि आप किसी शुभ कार्य की योजना बना रहे हैं तो अभिजीत मुहूर्त और अमृत काल का चयन करें।