Sunday, May 3, 2026
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14 मार्च को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, तैयारियां तेज

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद देवरिया में 14 मार्च 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में गुरुवार को दीवानी न्यायालय परिसर में प्री-ट्रायल बैठक आयोजित हुई। बैठक का उद्देश्य विभिन्न विभागों के लंबित एवं प्री-लिटिगेशन मामलों को चिन्हित कर अधिकतम निस्तारण सुनिश्चित करना रहा, ताकि आमजन को त्वरित और सुलभ न्याय मिल सके।
बैठक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवरिया के तत्वावधान में उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों के अनुपालन में आयोजित की गई। अध्यक्षता के निर्देश जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष धनेंद्र प्रताप सिंह की ओर से दिए गए।
राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी ने सभी विभागों को अपने-अपने स्तर पर लंबित मामलों की सूची तैयार कर लोक अदालत में संदर्भित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपसी समझौते के आधार पर त्वरित निस्तारण से न्यायालयों का भार कम होगा और पक्षकारों को समय व धन की बचत होगी। 14 मार्च को अधिकाधिक वादों के निस्तारण के लिए विभागीय समन्वय को आवश्यक बताया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सिविल जज (सीडी) शैलजा मिश्रा ने व्यापक प्रचार-प्रसार और जनजागरूकता पर जोर देते हुए कहा कि विधिक साक्षरता शिविरों और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को लोक अदालत के लाभों से अवगत कराया जाए। उन्होंने सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने में लोक अदालत की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया।
लोक अदालत में बैंक ऋण वसूली, प्री-लिटिगेशन मामले, बीमा दावे, राजस्व प्रकरण, विद्युत व जल बकाया विवाद, सेवा मामलों में वेतन-भत्ते से जुड़े प्रकरण, सिविल वाद, श्रम विवाद, लघु आपराधिक मामले तथा अन्य समझौता योग्य मामलों का निस्तारण प्रस्तावित है। इन मामलों का समाधान आपसी सहमति से किया जाएगा।
लोक अदालत की विशेषता यह है कि इसमें अतिरिक्त न्यायालय शुल्क नहीं लगता। पूर्व में जमा शुल्क समझौते की स्थिति में वापस किया जा सकता है। लोक अदालत के निर्णय के विरुद्ध सामान्यतः अपील का प्रावधान नहीं होता, जिससे मामलों का शीघ्र अंतिम निस्तारण संभव हो पाता है।
बैठक में बैंकिंग, बीमा, विद्युत, जल निगम, राजस्व, परिवहन, श्रम, पुलिस समेत अन्य विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। अधिकारियों ने विभागीय स्तर पर विशेष कैंप आयोजित कर समझौता योग्य मामलों की सूची तैयार करने का निर्णय लिया, ताकि 14 मार्च को अधिकतम मामलों का निस्तारण हो सके।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने आमजन से अपील की है कि वे अपने लंबित मामलों के समाधान के लिए लोक अदालत का लाभ उठाएं और संबंधित विभाग या न्यायालय से संपर्क कर अपने प्रकरण को सूचीबद्ध कराएं।

देवरिया धार्मिक कार्यक्रम 2026: गोरखपुर से बनकटाशिव पहुंचेंगे मनोज सिन्हा

श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ 2026: मनोज सिन्हा करेंगे विग्रह प्राण प्रतिष्ठा, बनकटाशिव में भव्य आयोजन


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। बनकटाशिव, सल्लहपुर (भटनी) में आयोजित श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ 2026 का भव्य शुभारंभ 20 फरवरी 2026 को होगा। इस ऐतिहासिक आयोजन में श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ 2026 के अंतर्गत विग्रह प्राण प्रतिष्ठा समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में मनोज सिन्हा, केन्द्र शासित प्रदेश जम्मू एवं कश्मीर के महामहिम उपराज्यपाल, दोपहर 02:00 बजे अपने कर-कमलों से प्राण प्रतिष्ठा सम्पन्न करेंगे।
यह श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ 2026 धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण आयोजन माना जा रहा है, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।


आगमन और कार्यक्रम का समय
आयोजन समिति द्वारा जारी विवरण के अनुसार महामहिम उपराज्यपाल 20 फरवरी 2026 को दोपहर 12:10 बजे गोरखपुर एयरपोर्ट पर उतरेंगे। इसके पश्चात 12:20 बजे गोरखपुर–देवरिया मार्ग से सड़क द्वारा बनकटाशिव, सल्लहपुर (भटनी) के लिए प्रस्थान करेंगे।
दोपहर 02:00 बजे श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ 2026 के मुख्य अनुष्ठान के तहत विग्रह प्राण प्रतिष्ठा विधि-विधान से सम्पन्न होगी। कार्यक्रम समाप्ति के बाद महामहिम 03:10 बजे पुनः गोरखपुर एयरपोर्ट के लिए प्रस्थान करेंगे।

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प्रशासनिक तैयारियां और सुरक्षा व्यवस्था
महामहिम के आगमन को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह सतर्क है। संबंधित अधिकारियों एवं थानाध्यक्ष ने कार्यक्रम स्थल का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का सूक्ष्म निरीक्षण किया।
आयोजक प्रभात कुमार राय ने बताया कि उपराज्यपाल के सचिवालय द्वारा 17 फरवरी 2026 को मुख्य सचिव, जम्मू एवं कश्मीर सरकार तथा उत्तर प्रदेश सरकार को आधिकारिक सूचना प्रेषित की जा चुकी है। इससे स्पष्ट है कि श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ 2026 का आयोजन प्रशासनिक समन्वय के साथ सुव्यवस्थित रूप से किया जा रहा है।
क्षेत्र में उत्साह और भव्य स्वागत की तैयारी
श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ 2026 में महामहिम के आगमन की सूचना मिलते ही क्षेत्र में हर्ष की लहर दौड़ गई है। बनकटाशिव, सल्लहपुर, भटनी और आसपास के गांवों में स्वागत द्वार, सजावट, साफ-सफाई और श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है।
ग्रामीणों और आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि यह अवसर क्षेत्र की धार्मिक पहचान को नई ऊंचाई देगा। स्थानीय श्रद्धालु इसे ऐतिहासिक क्षण मान रहे हैं।
धार्मिक महत्व और सांस्कृतिक प्रभाव
श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ 2026 केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समरसता का प्रतीक भी है। महायज्ञ और विग्रह प्राण प्रतिष्ठा जैसे अनुष्ठान भारतीय सनातन परंपरा में विशेष स्थान रखते हैं।
प्राण प्रतिष्ठा के माध्यम से मंदिर में स्थापित विग्रह में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ दिव्यता का आवाहन किया जाता है। इस अवसर पर विद्वान आचार्यगण वैदिक रीति से यज्ञ संपन्न कराएंगे, जिससे पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण निर्मित होगा।
आयोजन समिति की अपील
आयोजक प्रभात कुमार राय ने श्रद्धालुओं से समय से पूर्व पहुंचकर कार्यक्रम में सहभागिता की अपील की है। उन्होंने बताया कि श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ 2026 को सफल और अनुशासित बनाने हेतु स्वयंसेवकों की टीम भी तैनात की गई है।
समिति ने सभी आगंतुकों से प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने और शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने का आग्रह किया है।

सल्लहपुर-भटनी में भव्य महायज्ञ, रामलीला और लंका दहन ने बांधा समां

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श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ बनकटाशिव: पंचम दिवस पर उमड़ा जनसैलाब, विग्रह प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में भक्ति और भव्यता का संगम


देवरिया, सल्लहपुर/भटनी(राष्ट्र की परम्परा ) श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ बनकटाशिव के पंचम दिवस पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सल्लहपुर, भटनी (देवरिया) स्थित नवनिर्मित भव्य मंदिर परिसर में चल रहे श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ बनकटाशिव एवं विग्रह प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया है। बनकटाशिव धाम अब जन आकांक्षाओं के अनुरूप आस्था का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।
मंदिर परिसर में प्रतिदिन परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। चारों ओर मंदिर की भव्यता और दिव्यता की चर्चा है। आयोजन समिति के अनुसार, आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है।

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ब्रह्ममुहूर्त से सायंकाल तक वेद मंत्रों की गूंज
पंचम दिवस पर ब्रह्ममुहूर्त से ही यज्ञ मंडप में वैदिक अनुष्ठान प्रारंभ हो गया। यज्ञाचार्य रंगनाथ त्रिपाठी जी एवं 27 आचार्यों ने वेदों और पुराणों के मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान संपन्न कराया। श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ बनकटाशिव के प्रमुख यजमान डॉ. नंदकिशोर तिवारी, नीलेश्वर राय, घनश्याम राय, विनय राय, सिद्धार्थ राय, राजेश राय, सुरेश राय, धन्नजय राय, सच्चिदानंद तिवारी,अशोक तिवारी सहित अन्य श्रद्धालु सपत्नीक यज्ञ में आहुतियां देते रहे।
पूरे यज्ञ मंडप में वैदिक मंत्रों की गूंज से वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। श्रद्धालुओं ने यज्ञ में भाग लेकर धर्म लाभ प्राप्त किया।

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भागवत कथा में मानव जीवन का महत्व
अयोध्या धाम से पधारी परम पूज्या लक्ष्मी प्रिया जी ने दोपहर में श्रीमद्भागवत कथा का रसपूर्ण वाचन किया। कथा के दौरान उन्होंने मनुष्य जीवन के महत्व, निःस्वार्थ प्रेम और समर्पण पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मानव जीवन दुर्लभ है और इसे धर्म, भक्ति एवं सेवा में लगाना चाहिए।
श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ बनकटाशिव के मंच से गीता और भागवत के संदेशों को सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया, जिससे उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथा के उपरांत भक्तों ने कथावाचिका के सरस और प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण की प्रशंसा की।

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भजन संध्या में भक्तिमय समा
सायं 6:30 बजे वृंदावन-मथुरा से पधारे भजन गायक ध्रुव शर्मा जी एवं स्वर्ण शर्मा ने युगल भजनों से वातावरण को भक्ति रस से सराबोर कर दिया। “अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम”, “मेरे बांके बिहारी”, “मेरी राधा गोरी-गोरी” जैसे लोकप्रिय भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे।
भजन संध्या के दौरान पंडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं की आंखों में भक्ति और आनंद की झलक स्पष्ट दिखाई दी।
मुख्य अतिथियों का सम्मान
भागवत कथा के दौरान मुख्य अतिथि डॉ. मंगलेश कुमार श्रीवास्तव (महापौर, गोरखपुर) एवं विशिष्ट अतिथि डॉ. संजयन त्रिपाठी (हिंदी विभागाध्यक्ष), डॉ. अजय श्रीवास्तव (पूर्व परीक्षा नियंत्रक, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय) और श्रीमती ऋतु शाही (महिला मोर्चा अध्यक्षा, देवरिया) को आयोजन समिति के प्रमुख प्रभात कुमार राय द्वारा अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
रामलीला में लंका दहन का मंचन
दोपहर 10 बजे से आयोजित रामलीला में हनुमान जी और विभीषण के मिलन तथा लंका दहन का सजीव मंचन किया गया। कलाकारों के प्रभावशाली अभिनय ने जनमानस को रोमांचित कर दिया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी दर्शक मंत्रमुग्ध होकर रामलीला का आनंद लेते रहे।
आयोजक का आभार और अपील
श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ बनकटाशिव के प्रमुख आयोजक प्रभात कुमार राय ने दूर-दराज से आए संत-महात्माओं, ग्रामवासियों और अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह महायज्ञ क्षेत्र की आध्यात्मिक उन्नति का प्रतीक है और सभी के सहयोग से ही यह सफल हो रहा है।

सीडीओ ने किया ब्लॉक का औचक निरीक्षण, गंदगी व जर्जर भवनों पर सख्त निर्देश

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शाहजहांपुर (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के उद्देश्य से मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) डॉ. अपराजिता सिनसिनेवार ने गुरुवार को जैतीपुर ब्लॉक मुख्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान परिसर में फैली गंदगी और जर्जर भवनों की स्थिति पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

दोपहर करीब तीन बजे पहुंचीं सीडीओ ने ब्लॉक परिसर का पैदल निरीक्षण किया। नवनिर्मित आंगनबाड़ी केंद्र और महिला शौचालय के आसपास गंदगी पाए जाने पर तत्काल साफ-सफाई सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परिसर की स्वच्छता और सुव्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

सीडीओ ने खंड विकास अधिकारी मनीष दत्त को निर्देशित किया कि ब्लॉक परिसर की नियमित साफ-सफाई कराई जाए। साथ ही जर्जर हो चुके भवनों की शीघ्र नीलामी प्रक्रिया शुरू कर परिसर को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जाए।

इसके अतिरिक्त ब्लॉक मुख्यालय पर ‘प्रेरणा कैंटीन’ शुरू करने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि कर्मचारियों एवं आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

कमजोर वर्गों को निःशुल्क कानूनी सहायता और सरकारी योजनाओं से जोड़ने हेतु 22 फरवरी को औरैया में मेगा विधिक सेवा शिविर

औरैया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में आमजन को उनके विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने तथा पात्र व्यक्तियों को सरकारी योजनाओं से सीधे जोड़ने के उद्देश्य से 22 फरवरी 2026 (रविवार) को एक विशाल मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का आयोजन किया जाएगा। यह शिविर ककोर स्थित तिरंगा मैदान में प्रातः 10 बजे से सायं 4 बजे तक आयोजित होगा।

कार्यक्रम उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशों एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है। आयोजन की जिम्मेदारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण औरैया को सौंपी गई है।

प्रभारी सचिव ने बताया कि यह बृहद शिविर समाज के कमजोर, वंचित, निर्धन, दिव्यांग, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, श्रमिकों तथा अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी होगा। शिविर का मुख्य उद्देश्य विधिक जागरूकता के साथ-साथ पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ना और समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है।

शिविर में निःशुल्क विधिक परामर्श, न्यायालय में लंबित मामलों पर मार्गदर्शन, लोक अदालत संबंधी जानकारी, महिला एवं बाल अधिकारों पर सलाह, श्रमिकों के अधिकारों की जानकारी, पेंशन योजनाओं से जुड़ने में सहायता, प्रमाण पत्र संबंधी मार्गदर्शन तथा भूमि, संपत्ति और घरेलू हिंसा से जुड़े मामलों पर कानूनी सलाह उपलब्ध कराई जाएगी।

विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहेंगे, जिससे लोगों को एक ही स्थान पर समाधान मिल सके। महिलाओं, दिव्यांगजनों और बुजुर्गों के लिए अलग सहायता डेस्क की भी व्यवस्था की जाएगी।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने आवश्यक दस्तावेजों के साथ अधिक से अधिक संख्या में शिविर में पहुंचकर इसका लाभ उठाएं।

अटल वयो अभ्युदय योजना के तहत 50 वरिष्ठ नागरिकों की होगी निःशुल्क मोतियाबिंद सर्जरी

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और समग्र कल्याण को ध्यान में रखते हुए संचालित अटल वयो अभ्युदय योजना के अंतर्गत आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 25 फरवरी 2026 कर दी गई है। जिला समाज कल्याण अधिकारी सुधीर पाण्डेय ने बताया कि अब तक कोई आवेदन प्राप्त न होने के कारण पात्र गैर-सरकारी एवं स्वैच्छिक संगठनों को एक और अवसर प्रदान किया गया है।
यह योजना सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित है तथा जनपद स्तर पर इसका क्रियान्वयन समाज कल्याण विभाग के माध्यम से किया जाएगा। योजना के तहत ‘वरिष्ठ नागरिकों हेतु राज्य कार्ययोजना’ लागू की जा रही है, जिसका उद्देश्य बुजुर्गों को स्वास्थ्य सुविधाएं, मानसिक एवं सामाजिक सहयोग और उत्पादक गतिविधियों से जोड़ना है।
योजना के अंतर्गत 50 पात्र वरिष्ठ नागरिकों की निःशुल्क मोतियाबिंद सर्जरी कराई जाएगी। साथ ही वृद्धावस्था जनित बीमारियों की जांच, डिमेंशिया स्क्रीनिंग, गैर-संचारी रोगों की पहचान तथा आवश्यक दवाओं का निःशुल्क वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। स्वास्थ्य शिविरों में बीपी, शुगर, अर्थराइटिस और कैल्शियम जांच की भी व्यवस्था रहेगी।
इसके अतिरिक्त वरिष्ठ नागरिकों के लिए उत्पादक वृद्धावस्था गतिविधियां, अंतर-पीढ़ीगत संवाद कार्यक्रम, डिजिटल एवं वित्तीय साक्षरता अभियान, योग एवं ध्यान सत्र, मानसिक कौशल सुधार कार्यशालाएं तथा कला एवं संगीत आधारित गतिविधियां संचालित की जाएंगी, ताकि उन्हें सामाजिक रूप से सक्रिय रखा जा सके।
योजना के क्रियान्वयन के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति के माध्यम से उपयुक्त संगठनों का चयन किया जाएगा। इच्छुक संस्थाएं अपने आवेदन आवश्यक दस्तावेजों सहित कार्यालय जिला समाज कल्याण अधिकारी, विकास भवन, देवरिया में जमा कर सकती हैं। प्राप्त आवेदनों की जांच के बाद समिति अंतिम निर्णय लेगी।
प्रशासन ने पात्र संस्थाओं से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि 25 फरवरी 2026 तक आवेदन प्रस्तुत करें, ताकि जनपद के वरिष्ठ नागरिकों को योजना का अधिकतम लाभ मिल सके।

वृहद ऋण शिविर कल, युवाओं को मिलेगा स्वरोजगार का अवसर

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के युवाओं, उद्यमियों और स्वरोजगार की तलाश कर रहे नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण पहल के तहत देवरिया वृहद ऋण शिविर 2026 का आयोजन 20 फरवरी को विकास भवन सभागार में किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न सरकारी ऋणपरक योजनाओं के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराकर स्वरोजगार को बढ़ावा देना है।

उपायुक्त उद्योग, देवरिया के अनुसार शिविर सायं 4:00 बजे से प्रारंभ होगा। इसमें विभिन्न बैंकों के सहयोग से चयनित लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति प्रमाण-पत्र एवं डेमो चेक वितरित किए जाएंगे। अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम), जिला समन्वयक तथा बैंक शाखाओं के अधिकारी उपस्थित रहकर आवेदकों का मार्गदर्शन करेंगे।

शिविर में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना तथा स्टैंड अप इंडिया योजना सहित अन्य योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। इन योजनाओं के माध्यम से लघु उद्योग, सेवा क्षेत्र और स्टार्टअप गतिविधियों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे स्वरोजगार के अवसर बढ़ सकें।

कार्यक्रम के दौरान स्वीकृत आवेदनों वाले लाभार्थियों को औपचारिक रूप से प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे। साथ ही नए आवेदकों को पात्रता, आवश्यक दस्तावेज एवं आवेदन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी जाएगी, ताकि अधिक से अधिक लोग स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकें।

प्रशासन की ओर से आयोजन की तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। इच्छुक नागरिकों से निर्धारित तिथि पर उपस्थित होकर शिविर का लाभ उठाने की अपील की गई है। यह आयोजन युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और जनपद में स्वरोजगार को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

22 फरवरी को बलिया में मेगा विधिक सहायता शिविर, प्रचार वाहन रवाना

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)।फोकस वर्ड – विधिक सहायता शिविरटैग – जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बलिया, मेगा शिविर, सरकारी योजनाएं, जनसहभागिता

उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बलिया द्वारा 22 फरवरी 2026 (रविवार) को प्रातः 10 बजे मेगा/बृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर आयोजित किया जाएगा। यह शिविर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित गंगा बहुउद्देशीय सभागार में संपन्न होगा।

शिविर के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बलिया अनिल कुमार झा ने गुरुवार को प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वाहन दीवानी न्यायालय परिसर से निकलकर जनपद की सभी तहसीलों में जाकर शिविर के उद्देश्य और लाभ की जानकारी देगा तथा अधिक से अधिक लोगों को भागीदारी के लिए प्रेरित करेगा। प्रचार अभियान का संचालन सचिव (पूर्णकालिक) संजय कुमार गोंड कर रहे हैं।

मेगा विधिक सेवा शिविर का मुख्य उद्देश्य समाज के निर्बल और जरूरतमंद वर्ग तक न्यायिक सहायता तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाना है। शिविर में दिव्यांगजन, महिलाएं, बच्चे, निर्धन परिवार, असंगठित क्षेत्र के श्रमिक, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के नागरिकों को लाभकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा।

इस दौरान वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन, कन्या सुमंगला, प्रधानमंत्री आवास, श्रमिक पेंशन, विश्वकर्मा सम्मान सहित किसान एवं दिव्यांगजन हित से जुड़ी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। संबंधित विभागों के अधिकारी मौके पर उपस्थित रहकर पात्र लाभार्थियों का मार्गदर्शन और आवश्यक प्रक्रिया में सहयोग प्रदान करेंगे।

कार्यक्रम में अपर जनपद न्यायाधीश, न्यायिक मजिस्ट्रेट, अधिवक्ता, कर्मचारी, सुरक्षाकर्मी, पैरालीगल वॉलेंटियर्स और वादकारी भी मौजूद रहेंगे। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने आमजन से अपील की है कि 22 फरवरी को प्रातः 10 बजे गंगा बहुउद्देशीय सभागार, कलेक्ट्रेट परिसर, बलिया में पहुंचकर शिविर का लाभ उठाएं और अन्य लोगों को भी जानकारी दें।

मनरेगा और आजीविका मिशन की समीक्षा, ई-केवाईसी व 100 दिन रोजगार पर सख्त निर्देश

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित हुई।
बैठक में जिलाधिकारी श्री कुमार ने बिंदुवार समीक्षा करते हुए मनरेगा श्रमिकों के ई-केवाईसी कार्य में तेजी लाने, पिछले वर्षों के अपूर्ण कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने तथा पात्र श्रमिकों को 100 दिवस का रोजगार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लंबित कार्यों और भुगतान संबंधी मामलों में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों के गठन, उनके बैंक खाते खोलने की प्रगति तथा मनरेगा जॉब कार्ड धारकों और राशन कार्ड धारकों को समूहों से जोड़ने की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मेहदावल के ब्लॉक मिशन मैनेजर का कार्य संतोषजनक न पाए जाने पर जिलाधिकारी ने अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए कार्य में सुधार लाने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला विकास अधिकारी प्रेम प्रकाश त्रिपाठी, उपायुक्त श्रम रोजगार प्रभात द्विवेदी, उपायुक्त स्वत: रोजगार प्रवीण शुक्ला सहित सभी खंड विकास अधिकारी, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी और ब्लॉक मिशन मैनेजर उपस्थित रहे।

रामकोला के बिहुली गांव में आधा दर्जन किसानों की फसल जली, लाखों का नुकसान

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कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)। कुशीनगर में गन्ना खेत में आग लगने की बड़ी घटना सामने आई है। रामकोला थाना क्षेत्र के बिहुली गांव में अचानक लगी आग से आधा दर्जन गन्ना किसानों की खड़ी फसल जलकर राख हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बगल के खेत में गन्ने की सूखी पत्तियां जलाई जा रही थीं, तभी आग बेकाबू होकर दूसरे खेतों तक पहुंच गई। इस कुशीनगर में गन्ना खेत में आग की घटना से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
घटना रामकोला थाना क्षेत्र के गांव बिहुली की है, जहां सुसीली यादव उर्फ हेमंत पुत्र सत्तन यादव समेत करीब आधा दर्जन किसानों की गन्ने की फसल आग की चपेट में आ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक खेत में गन्ने की पत्तियां साफ करने के दौरान आग जलाई गई थी, लेकिन तेज हवा के कारण आग तेजी से फैल गई और आसपास के खेतों को अपनी चपेट में ले लिया। कुशीनगर में गन्ना खेत में आग फैलते ही ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई।
ग्रामीणों ने तत्काल बाल्टियों, पंपसेट और ट्रैक्टर की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक कई बीघा गन्ना जल चुका था। कुशीनगर में गन्ना खेत में आग की इस घटना से किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया। किसानों का कहना है कि गन्ना उनकी मुख्य नकदी फसल है और इसी पर पूरे साल की आजीविका निर्भर रहती है।

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लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान
स्थानीय किसानों के अनुसार, जली हुई फसल की कीमत लाखों रुपये में आंकी जा रही है। सुसीली यादव उर्फ हेमंत ने बताया कि फसल कटाई के लिए तैयार थी और कुछ ही दिनों में गन्ना मिल में भेजा जाना था। कुशीनगर में गन्ना खेत में आग लगने से उन्हें भारी आर्थिक झटका लगा है। अन्य प्रभावित किसानों ने भी प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि खेतों में पत्तियां जलाने की प्रथा अक्सर अपनाई जाती है, लेकिन सावधानी नहीं बरती जाती। तेज हवा और सूखी फसल के कारण आग तेजी से फैल जाती है। कुशीनगर में गन्ना खेत में आग की यह घटना प्रशासन और किसानों दोनों के लिए चेतावनी है कि ऐसी गतिविधियों में सतर्कता बेहद जरूरी है।
प्रशासन को सूचना, जांच की मांग

घटना की सूचना स्थानीय पुलिस और राजस्व विभाग को दी गई है। राजस्व टीम द्वारा नुकसान का आकलन किए जाने की बात कही जा रही है। किसानों ने मांग की है कि कुशीनगर में गन्ना खेत में आग से प्रभावित सभी किसानों को तत्काल राहत राशि प्रदान की जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
विशेषज्ञों का कहना है कि खेतों में अवशेष जलाने से न केवल आग की घटनाएं बढ़ती हैं, बल्कि पर्यावरण को भी नुकसान होता है। कृषि विभाग समय-समय पर किसानों को जागरूक करता रहा है कि वे पत्तियां जलाने के बजाय वैकल्पिक तरीकों का उपयोग करें। इसके बावजूद ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं।
किसानों के लिए सावधानी जरूरी
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, गन्ने की पत्तियां जलाते समय अग्निशमन के इंतजाम, पानी की उपलब्धता और हवा की दिशा का ध्यान रखना चाहिए। खेतों के बीच फायर लाइन बनाना भी आवश्यक है, ताकि आग एक खेत से दूसरे खेत तक न फैले। कुशीनगर में गन्ना खेत में आग जैसी घटनाएं तभी रोकी जा सकती हैं जब सामूहिक स्तर पर सतर्कता बरती जाए।
फिलहाल प्रभावित किसान प्रशासनिक मदद की आस लगाए हुए हैं। यदि समय रहते राहत नहीं मिली, तो उन्हें कर्ज और आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है। यह घटना न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति पर असर डालती है, बल्कि पूरे क्षेत्र की कृषि व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है।
कुशीनगर में गन्ना खेत में आग की इस घटना ने एक बार फिर खेतों में अवशेष जलाने की खतरनाक प्रवृत्ति को उजागर किया है। प्रशासन, कृषि विभाग और किसानों को मिलकर ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।

मऊ में किशोरी क्लब शुरू, खेल सामग्री का वितरण

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत जनपद मऊ में किशोरी क्लब की स्थापना कर बालिकाओं के सर्वांगीण विकास की दिशा में अहम कदम उठाया गया। महिला कल्याण विभाग की पहल पर कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, बड़राव में आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं को खेल एवं रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।
यह कार्यक्रम जिलाधिकारी के निर्देश और जिला प्रोबेशन अधिकारी के नेतृत्व में आयोजित हुआ, जिसमें बाल विवाह मुक्त भारत अभियान को भी प्रमुखता दी गई।

बालिकाओं के शारीरिक और मानसिक विकास पर जोर

मऊ किशोरी क्लब का उद्देश्य छात्राओं को शिक्षा के साथ खेलकूद, नेतृत्व विकास और सामाजिक जागरूकता से जोड़ना है। वक्ताओं ने कहा कि खेल गतिविधियां आत्मविश्वास, टीम भावना और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को बढ़ाती हैं।

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को कैरम बोर्ड, लूडो, फुटबॉल, हॉकी, शतरंज और वॉलीबॉल सहित विभिन्न खेल सामग्री वितरित की गई।

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“बेटियां हर क्षेत्र में आगे”

महिला कल्याण विभाग की जिला मिशन समन्वयक अर्चना राय ने कहा कि आज बेटियां खेल, विज्ञान, तकनीक और सुरक्षा जैसे हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। किशोरी क्लब जैसी पहल उन्हें और अधिक सशक्त बनाएगी।

सरकारी योजनाओं की जानकारी

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना और मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना की जानकारी दी गई। साथ ही साइबर अपराध से बचाव और महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर—1930, 181, 1090, 1098, 112 और 1076—के बारे में भी जागरूक किया गया।

बाल विवाह मुक्त भारत की शपथ

जेंडर स्पेशलिस्ट राखी राय ने बाल विवाह के दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए छात्राओं को जागरूक किया। कार्यक्रम के अंत में सभी छात्राओं ने बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की शपथ ली।

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खतौनी में बड़ी गड़बड़ी: हजारों ग्रामीणों की जमीन सरकारी दर्ज, डीएम ने दिए जांच के निर्देश

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले की धनघटा तहसील के छपरा पूर्वी गांव में राजस्व अभिलेखों की गंभीर त्रुटि उजागर हुई है, जहां हजारों लोगों की निजी भूमि सरकारी रिकॉर्ड में ‘सरकारी’ अथवा अकृषि श्रेणी में दर्ज हो गई है। जिलाधिकारी आलोक कुमार ने मामले को प्रथम दृष्टया सही मानते हुए उपजिलाधिकारी धनघटा को कैंप लगाकर शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक, छपरा पूर्वी और कोचरी, परगना महुली पूरब की कई गाटा संख्याएं श्रेणी 6-2 के अंतर्गत अकृषि भूमि, सड़क, रेलवे भवन आदि के रूप में अंकित हैं। इस वजह से वास्तविक खातेदारों के नाम खतौनी में दर्ज नहीं हो पाए हैं। बैनामा और वरासत से संबंधित प्रविष्टियां भी रिकॉर्ड में शामिल नहीं हो सकी हैं।
दाखिल-खारिज और रजिस्ट्री की प्रक्रिया बाधित होने से लोगों को लगातार परेशानी झेलनी पड़ रही है। स्थानीय स्तर पर कई बार शिकायत करने के बाद भी समाधान न होने पर ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर अपनी समस्या रखी।
ग्रामीणों की मांग है कि खतौनी में दर्ज गलत श्रेणियों को संशोधित कर सभी प्रभावित भूमिधरों के नाम सही ढंग से दर्ज किए जाएं, ताकि राजस्व अभिलेखों में पारदर्शिता बहाल हो सके।

थाना खुखुन्दू में पुलिस अधीक्षक की सख्ती, रिकॉर्ड और कानून-व्यवस्था की गहन समीक्षा

देवरिया, (राष्ट्र की परम्परा)जनपद में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में देवरिया पुलिस वार्षिक निरीक्षण के तहत थाना खुखुन्दू का व्यापक मूल्यांकन किया गया। पुलिस अधीक्षक संज़ीव सुमन ने स्वयं थाने पहुंचकर व्यवस्थाओं, अभिलेखों, सुरक्षा इंतजामों और जनसंपर्क प्रणाली की विस्तार से समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
इस निरीक्षण का उद्देश्य न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करना था, बल्कि पुलिसिंग को और अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनोन्मुखी बनाना भी रहा।
थाना परिसर से अभिलेखों तक, हर बिंदु की हुई जांच
देवरिया पुलिस वार्षिक निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने थाना परिसर का सूक्ष्म निरीक्षण किया। उन्होंने मालखाना, हवालात, शस्त्रागार, महिला सहायता कक्ष, आरक्षी बैरक, भोजनालय, बीट सूचना रजिस्टर, आगंतुक रजिस्टर और मिशन शक्ति केंद्र का क्रमवार अवलोकन किया।
अभिलेखों के अद्यतन रख-रखाव पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक प्रविष्टि समय से दर्ज हो तथा रिकॉर्ड प्रणाली में किसी प्रकार की त्रुटि न रहे। उन्होंने कहा कि अभिलेखों की शुद्धता ही पुलिस प्रशासन की विश्वसनीयता का आधार है।
अपराध नियंत्रण और पारदर्शिता पर जोर
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक संज़ीव सुमन ने थानाध्यक्ष और समस्त पुलिसकर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि अपराध नियंत्रण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। नियमित गश्त, संदिग्ध व्यक्तियों की निगरानी और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि पुलिस-जन संवाद को मजबूत करना समय की आवश्यकता है। ग्राम चौपालों, जनसुनवाई कार्यक्रमों और बीट प्रणाली के माध्यम से जनता से निरंतर संपर्क बनाए रखा जाए, ताकि छोटी समस्याएं बड़े विवाद का रूप न लें।
लंबित विवेचनाओं की समीक्षा
देवरिया पुलिस वार्षिक निरीक्षण के तहत थाने पर लंबित विवेचनाओं की भी गहन समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिया कि प्रत्येक विवेचक समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण जांच सुनिश्चित करे।
उन्होंने कहा कि विवेचना में देरी पीड़ितों के न्याय की प्रक्रिया को प्रभावित करती है। इसलिए हर मामले में निष्पक्षता, पारदर्शिता और तत्परता अनिवार्य है। वारंटों की तामील, शांति भंग की कार्यवाही और जनशिकायतों के निस्तारण की प्रगति पर भी उन्होंने संतोषजनक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
महिला सुरक्षा और मिशन शक्ति पर विशेष ध्यान
महिला सहायता कक्ष और मिशन शक्ति केंद्र की कार्यप्रणाली का अवलोकन करते हुए पुलिस अधीक्षक ने महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों को संवेदनशीलता के साथ लेने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। किसी भी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और पीड़ित को विश्वास में लेकर उचित कानूनी सहायता प्रदान की जाए।
पुलिसकर्मियों के कल्याण पर भी फोकस
निरीक्षण के दौरान आरक्षी बैरक, मेस और शस्त्रागार की स्थिति का भी आकलन किया गया। भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और रहने की व्यवस्था पर पुलिस अधीक्षक ने विशेष ध्यान दिया।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि पुलिसकर्मी स्वस्थ और संतुष्ट रहेंगे, तभी वे बेहतर सेवा दे पाएंगे। थानाध्यक्ष को आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
कानून-व्यवस्था की स्थिति पर विस्तृत चर्चा
थाना क्षेत्र में वर्तमान कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा करते हुए पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिया कि रात्रि गश्त को प्रभावी बनाया जाए। अपराध संभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जाए और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण केवल सख्ती से नहीं, बल्कि सामुदायिक सहयोग से संभव है। पुलिस और जनता के बीच विश्वास का वातावरण बनाना प्रत्येक पुलिसकर्मी की जिम्मेदारी है।
डिजिटल रिकॉर्ड और बीट प्रणाली को सुदृढ़ करने पर बल
देवरिया पुलिस वार्षिक निरीक्षण के दौरान बीट सूचना प्रणाली को और अधिक सक्रिय करने पर जोर दिया गया। प्रत्येक बीट प्रभारी को अपने क्षेत्र की अद्यतन जानकारी रखने और नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन को सुदृढ़ करने और ऑनलाइन शिकायत प्रणाली को प्रभावी बनाने की भी बात कही गई, ताकि आम नागरिकों को थाने के चक्कर न लगाने पड़ें।
अधिकारियों की मौजूदगी
निरीक्षण के दौरान क्षेत्राधिकारी सलेमपुर मनोज कुमार और थानाध्यक्ष दिनेश कुमार मिश्र भी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक को निरीक्षण संबंधी बिंदुओं की जानकारी दी और सुधारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया।
जनविश्वास बढ़ाने की पहल
देवरिया पुलिस वार्षिक निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य केवल औपचारिक समीक्षा नहीं, बल्कि पुलिसिंग की गुणवत्ता में सुधार लाना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के नियमित निरीक्षण से न केवल कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आती है, बल्कि जवाबदेही भी सुनिश्चित होती है। इससे आम नागरिकों में सुरक्षा और विश्वास की भावना मजबूत होती है।

पंचायत मतदाता सूची पुनरीक्षण में लापरवाही पर प्रशासन की कड़ी कार्रवाई

कुशीनगर(राष्ट्र की परम्परा)पंचायत निर्वाचक नामावली के वृहद पुनरीक्षण अभियान के तहत चल रहे कुशीनगर डुप्लीकेट मतदाता सत्यापन कार्य में धीमी प्रगति पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत एवं नगरीय निकाय)/जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने विकास खंड सेवरही, सुकरौली और फाजिलनगर के खंड विकास अधिकारियों से तीन दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार डी-डुप्लीकेट मतदाताओं का सत्यापन और ऑनलाइन फीडिंग 20 फरवरी 2026 तक शत-प्रतिशत पूर्ण किया जाना अनिवार्य है। लेकिन 16 फरवरी तक की समीक्षा में तीनों विकास खंडों की स्थिति बेहद निराशाजनक पाई गई, जिससे जनपद की प्रदेश स्तरीय रैंकिंग पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
क्या है पूरा मामला?
पंचायत निर्वाचक नामावली के शुद्धिकरण के उद्देश्य से राज्य निर्वाचन आयोग ने संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं की पहचान कर उनका भौतिक सत्यापन और ऑनलाइन डेटा अपडेट करने का विशेष अभियान चलाया है। आयोग के पत्र संख्या 631, दिनांक 20 अगस्त 2025 के माध्यम से सभी खंड विकास अधिकारियों को इस कार्य का नोडल अधिकारी नामित किया गया था।
इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी मतदाता का नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज न हो। यह प्रक्रिया लोकतांत्रिक व्यवस्था की पारदर्शिता और निष्पक्षता को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
तीन विकास खंडों की प्रगति चिंताजनक
जिला प्रशासन द्वारा की गई समीक्षा में सामने आया कि कुशीनगर डुप्लीकेट मतदाता सत्यापन अभियान में तीन विकास खंड निर्धारित लक्ष्य से काफी पीछे हैं।
सेवरही विकास खंड
संभावित डुप्लीकेट मतदाता: 75,096
ऑनलाइन फीडिंग पूर्ण: 1,559
प्रगति प्रतिशत: लगभग 2.08%
सुकरौली विकास खंड
संभावित डुप्लीकेट मतदाता: 60,680
ऑनलाइन फीडिंग पूर्ण: 4,074
प्रगति प्रतिशत: लगभग 6.71%
फाजिलनगर विकास खंड
संभावित डुप्लीकेट मतदाता: 69,719
ऑनलाइन फीडिंग पूर्ण: 5,532
प्रगति प्रतिशत: लगभग 7.93%
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि निर्धारित समयसीमा के मुकाबले कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। प्रशासन ने इसे गंभीर लापरवाही की श्रेणी में माना है।
बीएलओ स्तर पर भी ढिलाई
समीक्षा में यह भी पाया गया कि बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा सत्यापन रिपोर्ट जमा करने की गति भी संतोषजनक नहीं है। कई स्थानों पर भौतिक सत्यापन अधूरा है, जबकि कुछ मामलों में ऑनलाइन फीडिंग में तकनीकी और मानवीय त्रुटियां सामने आई हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग ने भी जनपद की धीमी प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया है, जिसके बाद जिला प्रशासन ने सख्ती बरतने का निर्णय लिया।
तीन दिन में जवाब, नहीं तो कानूनी कार्रवाई
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने संबंधित तीनों खंड विकास अधिकारियों को तीन दिवस के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया या निर्धारित समय में प्रस्तुत नहीं किया गया, तो उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम 1947 की धारा 12 (ख)(घ) के अंतर्गत विधिक कार्रवाई की जाएगी।
यह कदम प्रशासन की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है जिसमें चुनावी प्रक्रियाओं की शुचिता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है।
क्यों जरूरी है डुप्लीकेट मतदाता सत्यापन?
लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता सूची का शुद्ध और अद्यतन होना अनिवार्य है। यदि एक ही व्यक्ति का नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज हो जाता है, तो यह चुनावी पारदर्शिता को प्रभावित कर सकता है।
कुशीनगर डुप्लीकेट मतदाता सत्यापन अभियान के जरिए प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि आगामी पंचायत चुनाव निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हों।
विशेषज्ञों के अनुसार, डिजिटल फीडिंग और आधार आधारित पहचान प्रणाली के उपयोग से भविष्य में इस प्रकार की विसंगतियों को काफी हद तक रोका जा सकता है।
प्रशासन का सख्त संदेश
जिला निर्वाचन अधिकारी ने जनपद के सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि डी-डुप्लीकेट मतदाता सत्यापन एवं ऑनलाइन फीडिंग का कार्य हर हाल में निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण किया जाए।
साथ ही, यह भी कहा गया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, आगामी दिनों में विकास खंड स्तर पर विशेष मॉनिटरिंग टीमों की तैनाती की जा सकती है ताकि शेष कार्य को मिशन मोड में पूरा कराया जा सके।
प्रदेश स्तर पर छवि सुधारने की चुनौती
राज्य निर्वाचन आयोग की समीक्षा में जनपद की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई है। ऐसे में प्रशासन के सामने न केवल समयसीमा में कार्य पूर्ण करने की चुनौती है, बल्कि प्रदेश स्तर पर बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करने की भी जिम्मेदारी है।
यदि समय पर डाटा फीडिंग और सत्यापन कार्य पूरा नहीं हुआ, तो इससे न केवल चुनावी प्रक्रिया प्रभावित होगी बल्कि संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होगी।
आगे की रणनीति
दैनिक प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य
बीएलओ की विशेष बैठकें
तकनीकी सहायता टीम की तैनाती
ब्लॉक स्तर पर समीक्षा बैठकें
लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण
प्रशासन का लक्ष्य है कि 20 फरवरी 2026 तक कुशीनगर डुप्लीकेट मतदाता सत्यापन कार्य 100 प्रतिशत पूर्ण कर लिया जाए।

Mau में सनसनी: पशु अस्पताल परिसर में बच्चे की खोपड़ी मिलने से हड़कंप

मऊ ( राष्ट्र की परम्परा) जनपद के नगर कोतवाली थाना क्षेत्र के मुंशी पुरा मुहल्ले में स्थित पशु अस्पताल की बाउंड्री परिसर में एक बच्चे की खोपड़ी मिलने से सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। खोपड़ी किसकी है और यहां कैसे पहुंची, इसे लेकर इलाके में दहशत और तरह-तरह की चर्चाएं हैं। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है।