महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। प्रदेश के हजारों मनरेगा कर्मियों के लिए यह खबर राहत भरी है। अब उनके ईपीएफ अंशदान की रकम कभी भी 14 दिन से ज्यादा नहीं रुकेगी। पैसा सीधे उनके बैंक खाते में पहुंचेगा।
वित्त मंत्रालय के आदेश पर उत्तर प्रदेश ग्राम्य विकास विभाग ने सभी जिलों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। इसमें साफ कहा गया है कि होल्डिंग अकाउंट में राशि अटकाना बंद करें। यदि भुगतान में देरी की गई,तो जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी।आयुक्त ग्राम्य विकास जी.एस. प्रियदर्शी और उपायुक्त मनरेगा चंद्र शेखर ने चेतावनी दी है कि कर्मियों की मेहनत की कमाई में अब किसी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस फैसले से मनरेगा कर्मियों को समय पर उनका हक मिलेगा। कर्मियों के बीच इस आदेश से खुशी और विश्वास की लहर दौड़ गई है। इस संबंध में डीसी मनरेगा गौरवेन्द्र सिंह ने बताया कि सभी विकासखंडों में पत्र जारी कर दिया गया है कि तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित करें।
उत्तर प्रदेश ग्राम रोजगार सेवक संघ महराजगंज के जिलाध्यक्ष ब्रह्मानंद ने पत्र का स्वागत करते हुए कहा कि मनरेगा कार्मिकों का ईपीएफ धनराशि समय से उनके यूएन खाते में ट्रांसफर किया जाना मनरेगा कार्मिकों के हित में है प्रदेश सरकार व जीएस प्रियदर्शी आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग का फैसला अति महत्वपूर्ण स्वागत योग्य है। इस आदेश से खासकर रोजगार सेवक बहुत उत्साहित है, कि अब उनके ईपीएफ की धनराशि बिना समय गंवाए उनके यूएन खाते में समय से पहुंच जायेगा। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन से हमारी यह मांग है कि इस आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करते हुए ग्राम रोजगार सेवकों के मानदेय से कटी हुई ईपीएफ की धनराशि विकासखंड के एसएएन खाते से उनके यूएन खाते में 14 दिनों के अंदर भिजवाया जाए, जिससे ईपीएफ धनराशि की पारदर्शिता बनी रहे।जब समय से ईपीएफ धनराशि कार्मिक के खाते में जमा होगा तो ईपीएफ कार्यालय समुचित ब्याज का निर्धारण भी कर सकेगा जिससे कार्मिकों को लाभ मिल सकेगा।
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