भारत बंद का केरल में व्यापक असर, जनजीवन ठप — परिवहन सेवाएँ ठप, बाजार बंद, सड़कें सुनसान

केरल (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) देशभर में केंद्र सरकार की श्रम विरोधी और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाते हुए 10 प्रमुख केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर आयोजित ‘भारत बंद’ का केरल में ज़बरदस्त असर देखने को मिला। इस बंद को कई किसान संगठनों का भी समर्थन प्राप्त है। इसके चलते केरल राज्य का सामान्य जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया।

व्यापक जनसहभागिता, जनजीवन ठप

राज्य के कोझिकोड, मलप्पुरम, कन्नूर और कासरगोड जैसे ज़िलों में भारत बंद का पूर्ण प्रभाव देखने को मिला। इन क्षेत्रों के अधिकांश कस्बे और बाज़ार पूरी तरह बंद रहे। सड़कों पर वाहन नदारद रहे जिससे सड़कें सुनसान दिखीं। आम लोग घरों में ही सिमटे रहे और आवश्यक सेवाओं को छोड़ अधिकतर संस्थान, दुकानें, कार्यालय और शैक्षणिक संस्थान बंद रहे।

परिवहन सेवाएँ ठप, बसों की आवाजाही रोकी गई

बंद के दौरान राज्य भर में सार्वजनिक परिवहन बुरी तरह प्रभावित हुआ। केएसआरटीसी (केरल राज्य सड़क परिवहन निगम) की बसों की आवाजाही प्रदर्शनकारियों द्वारा रोकी गई। कोच्चि और कोल्लम में प्रदर्शनकारियों ने केएसआरटीसी की कई बसों को बीच रास्ते में रोक दिया।
एक महत्वपूर्ण घटना में, सीआईटीयू (सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स) के सदस्यों ने कोच्चि से कोझिकोड जा रही एक लो-फ्लोर बस को जबरन रोककर यात्रियों को नीचे उतार दिया, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

संघर्ष का केंद्र – श्रम अधिकार और किसान मांगें

संयुक्त ट्रेड यूनियनों का आरोप है कि केंद्र सरकार निजीकरण को बढ़ावा दे रही है, श्रम कानूनों में उद्योगपतियों के हित में बदलाव कर रही है और सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानों को कमजोर कर रही है। इसके साथ ही, किसानों की समस्याओं और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी की मांग को लेकर भी यह बंद आयोजित किया गया।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि केंद्र की जनविरोधी नीतियाँ मज़दूरों, किसानों, छोटे व्यापारियों और आम जनता के हितों के खिलाफ हैं। भारत बंद का उद्देश्य देशभर में इन मुद्दों को लेकर चेतना फैलाना और सरकार पर दबाव बनाना है।

प्रशासन सतर्क, कोई बड़ी अप्रिय घटना नहीं

हालांकि कुछ स्थानों पर हल्का तनाव देखने को मिला, लेकिन पुलिस और प्रशासन की सतर्कता से स्थिति नियंत्रण में रही। संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए निगरानी बढ़ाई गई थी।

Editor CP pandey

Recent Posts

जल एवं पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से सम्पन्न हुआ सरयू आरती कार्यक्रम

चित्तौरा झील तट पर श्रद्धालुओं ने लिया जल संरक्षण का सामूहिक संकल्प बहराइच (राष्ट्र की…

7 hours ago

महाराजा सुहेलदेव विजयोत्सव कार्यक्रम का भव्य समापन

सांसद बहराइच रहे मुख्य अतिथि, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। चक्रवर्ती…

7 hours ago

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई शांति समिति की बैठक

बकरीद को परंपरागत और सौहार्दपूर्ण ढंग से मनाने की अपील बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। ईद-उल-अजहा…

7 hours ago

CNG से हाइड्रोजन तक हर ईंधन पर सरकार की नजर, नया नियम लागू

कानूनी मापन व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव: अब CNG, LPG और हाइड्रोजन पंपों पर नहीं होगी…

17 hours ago

मोहन सिंह सेतु का निर्माण पूर्ण कराये सरकार-कनकलता

बरहज(राष्ट्र की परम्परा)प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने22 मई को देवरिया आगमन के दौरान जनपद…

1 day ago

यूपी एस सी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न 25 केंद्रों पर 11,112 अभ्यर्थी शामिल

सीडीओ ,वीसी जीडीए व एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार रहे सक्रिय गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)संघ लोक सेवा…

1 day ago