वाशिंगटन (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अर्मेनिया और अजरबैजान के बीच हुए शांति समझौते को वार्ता और कूटनीति के लिए एक “महत्वपूर्ण उपलब्धि” बताया है। उन्होंने कहा कि यह वही मार्ग है जिसकी भारत हमेशा वकालत करता रहा है। शनिवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए जयशंकर ने बताया कि उन्होंने अर्मेनियाई विदेश मंत्री अरारत मिर्जोयान से फोन पर बातचीत की और इस ऐतिहासिक समझौते के लिए उन्हें बधाई दी।उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास व्हाइट हाउस में आयोजित शांति शिखर सम्मेलन के दौरान अर्मेनिया और अजरबैजान के नेताओं ने दशकों पुराने संघर्ष को समाप्त करने के उद्देश्य से एक संधि पर हस्ताक्षर किए। जयशंकर ने कहा, “अर्मेनियाई विदेश मंत्री अरारत मिर्जोयान से बात करके अच्छा लगा। वाशिंगटन में हुए अर्मेनिया-अजरबैजान शांति संधि के लिए उन्हें बधाई दी। यह संवाद और कूटनीति के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है जिसकी भारत हमेशा वकालत करता है।”
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