Friday, April 17, 2026
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सर्वार्थ सिद्धि योग में किए गए सभी कार्य होते हैं सिद्ध – आचार्य शुक्ल

इस बार महाअष्टमी पूजन 29 मार्च को व महानवमी पूजन 30 को

सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। चैत्र नवरात्र के पावन पर्व पर मां दुर्गा के नौ रूपों की विशेष आराधना की जाती है। इस व्रत में महाअष्टमी व महानवमी तिथि के दिन कन्याओं के पूजन के बाद व्रत का पारण किया जाता है। इस बार 30 मार्च को महानवमी के दिन सुबह 6 बजकर 14 मिनट से 31मार्च को प्रातः काल 6 बजकर 12 मिनट तक सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। इस काल में किए गए कोई भी कार्य सिद्ध होते हैं।आचार्य ने कहा कि अष्टमी तिथि 28 मार्च को सायं 7 बजकर 2 मिनट से शुरू होकर 29 मार्च को रात्रि 9 बजकर 7 मिनट पर समाप्त हो रही है। इसमें माँ दुर्गा का पूजन विधि विधान से करें। जो व्रती नौ दिन व्रत रहते हैं वह 30 मार्च को कन्याओं का पूजन कर व्रत का पारण करेंगे। अष्टमी या नवमी जिस दिन आप कन्या पूजन करना चाहते हैं तो सबसे पहले मां दुर्गा की आराधना कर कन्याओं को सप्रेम बुलाकर आसन पर बैठाकर स्वच्छ जल से पैर धोकर अछत पुष्प से उनकी पूजा कर, हलवा, चना और पूड़ी का भोग लगाएं। कन्याओं के भोग लगाने के बाद दक्षिणा देकर पैर छूकर आशीर्वाद प्राप्त करें। तत्पश्चात प्रसाद खाकर व्रत का पालन करें।

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