
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को भाजपा और प्रशासनिक तंत्र पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनता के अधिकारों से खिलवाड़ हो रहा है।
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने चुनाव आयोग को 18,000 हलफ़नामे (एफ़िडेविट) सौंपे थे, जिनमें मतदाताओं के हक़मारी और गड़बड़ियों के ठोस सबूत मौजूद हैं। लेकिन अब तक आयोग और ज़िला प्रशासन की ओर से केवल 14 शपथपत्रों पर ही आधी-अधूरी सफ़ाई दी गई है।
उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा—
“18,000 हलफ़नामों में से अगर 14 भी कम कर दें तो भी 17,986 का हिसाब बाक़ी है। यही है हक़ का गणित। भाजपा-चुनाव आयोग-ज़िलाधिकारी की तिकड़ी, लाख जुगाड़ और दबाव बनाने के बावजूद सच छिपा नहीं सकती।”
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग करके लोकतंत्र को कमजोर करने में जुटा है। लेकिन समाजवादी पार्टी जनता के हक़ और वोट की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी।
उन्होंने नारा दिया—“न चलेगी हक़मारी, न मतमारी… इस बार PDA सरकार हमारी।” अखिलेश यादव का यह बयान साफ़ करता है कि आगामी चुनाव में सपा सत्ता पक्ष और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को बड़ा मुद्दा बनाने जा रही है।