वॉशिंगटन (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)।अमेरिका में जारी सरकारी शटडाउन तीसरे हफ्ते में पहुंच गया है, और इसका सबसे गहरा असर अब एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स पर दिखने लगा है। ये वही कर्मचारी हैं जिन्हें “जरूरी सेवा कर्मी (Essential Workers)” माना जाता है, लेकिन अब वे बिना वेतन के दिन-रात काम करने को मजबूर हैं।
1 अक्टूबर से फंडिंग रुकने के बाद से कंट्रोलर्स को सैलरी नहीं मिली है। फोर्ब्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकांश कर्मचारी घर का खर्च, ईंधन और खाने के बिल भरने में संघर्ष कर रहे हैं। हालात इतने खराब हैं कि कई कंट्रोलर अब उबर ड्राइविंग, फूड डिलीवरी और रेस्तरां में पार्ट टाइम नौकरी करने को मजबूर हो गए हैं।
यह भी पढ़ें – 🗳️ बिहार में गूंजेगा मोदी-शाह का चुनावी बिगुल: 24 अक्टूबर से पीएम की एंट्री, दो चरणों में होगी वोटिंग
नेशनल एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स एसोसिएशन (NATCA) के अध्यक्ष निक डैनियल्स ने कहा, “हमें भरोसा दिलाया गया है कि कभी न कभी वेतन मिलेगा, लेकिन IOU (कर्ज के वादे) से जीवन नहीं चलता।”
फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) के अनुसार, शटडाउन से पहले ही 91% कंट्रोल सेंटर्स में स्टाफ की कमी थी, और अब स्थिति और बदतर हो चुकी है। कई जगहों पर आधे से ज्यादा कर्मचारी बीमार बताकर छुट्टी पर चले गए हैं। NATCA अब कर्मचारियों की मदद के लिए बिना ब्याज के लोन सुविधा दे रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह आर्थिक दबाव अब उड़ानों की सुरक्षा और संचालन को प्रभावित कर सकता है। केवल रविवार को ही 7,800 से अधिक उड़ानें लेट हुईं और 117 उड़ानें रद्द की गईं। महीने की शुरुआत में दर्ज 23,000 देरी के मामलों में से आधे स्टाफ की कमी से जुड़े थे, जबकि सामान्य हालात में यह आंकड़ा केवल 5% रहता है।
डैनियल्स ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा, “नेताओं को यह संकट तुरंत खत्म करना चाहिए, क्योंकि कर्मचारी अब बिना वेतन के और काम नहीं कर सकते।”
यह भी पढ़ें – सर्दियों में रहें फिट: डॉ. गिरिजेश मिश्र से जानिए शरीर को गर्म और तंदुरुस्त रखने के प्राकृतिक उपाय
लेखक: अरुण कुमार मिश्रा फोटो AI मां दुर्गा की आराधना, भक्ति और बंगाल की संस्कृति…
फोटो goo लेखक: पंडित सुधीर तिवारी ‘अंतिम बाबा’ हरतालिका तीज हिंदू धर्म का एक अत्यंत…
दैनिक राशिफल | सभी 12 राशियों का भविष्यफल आज का दिन कुछ राशियों के लिए…
नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। कथित चुनावी अनियमितताओं, मतदाता सूची में गड़बड़ी और विशेष…
पेंशनरों के हक पर नहीं चलेगी कैंची! आठवें वेतन आयोग में भेदभाव के खिलाफ देवरिया…
1,796 विद्यार्थियों में अव्वल रहीं मीरा ठक्कर, अंतरराष्ट्रीय पत्र लेखन प्रतियोगिता में गुजरात में पहला…