नगर निकायों में विकास कार्यों की समीक्षा, अपर जिलाधिकारी ने दिए सख्त निर्देश

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)l नगर निकायों में कराए जा रहे विकास एवं जनकल्याणकारी कार्यों की प्रगति की समीक्षा को लेकर अपर जिलाधिकारी एवं प्रभारी अधिकारी नगरीय निकाय सत्यप्रिय सिंह की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक अपर जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में जनपद के समस्त नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी उपस्थित रहे, जहां शासन द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति, राजस्व वसूली, स्वच्छता व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
अपर जिलाधिकारी ने बैठक के दौरान नगर निकायों द्वारा कराए गए कार्यों का एक-एक कर सत्यापन किया और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की सभी योजनाओं को शत-प्रतिशत पूर्णता के साथ धरातल पर उतारा जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कर एवं करेंत्तर देयों की शत-प्रतिशत वसूली के निर्देश
समीक्षा बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी ने कर एवं करेंत्तर देयों की स्थिति की गहन समीक्षा की। उन्होंने सभी अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित किया कि नगर निकायों में लंबित कर वसूली को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। राजस्व वसूली में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
उन्होंने कहा कि नगर निकायों की वित्तीय स्थिति सुदृढ़ करने के लिए कर संग्रहण अत्यंत आवश्यक है, जिससे विकास कार्यों को समय पर पूरा किया जा सके।
विकास योजनाओं की प्रगति पर विशेष फोकस
बैठक में 15वें वित्त आयोग एवं अवस्थापना निधि से स्वीकृत विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। अपर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराया जाए।
इसके अलावा वंदन योजना, मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना, मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना, पंडित दीनदयाल नगर विकास योजना एवं आकांक्षी योजना सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं के अंतर्गत चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि योजनाओं का लाभ वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचे, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही न हो।
स्वच्छता व्यवस्था में लापरवाही पर चेतावनी

अपर जिलाधिकारी सत्यप्रिय सिंह ने कूड़ा निस्तारण और साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी नगर निकाय क्षेत्र में गंदगी या कूड़ा जमा नहीं होना चाहिए। यदि साफ-सफाई व्यवस्था में लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिशासी अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य से जुड़ा विषय है। स्वच्छ नगर ही स्वस्थ समाज की नींव रखता है।
पालीथिन जब्ती एवं जागरूकता अभियान के निर्देश

बैठक का एक प्रमुख बिंदु पालीथिन मुक्त नगर अभियान रहा। अपर जिलाधिकारी ने सभी नगर निकायों में पालीथिन जब्ती अभियान चलाने और आमजन को पालीथिन के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के सख्त निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित प्लास्टिक और पालीथिन का उपयोग पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों के लिए गंभीर खतरा है। इसके खिलाफ निरंतर अभियान चलाकर न केवल जब्ती की जाए, बल्कि दुकानदारों और नागरिकों को इसके विकल्प अपनाने के लिए भी प्रेरित किया जाए।
निराश्रित गोवंश संरक्षण पर जोर
बैठक में निराश्रित गोवंश के संरक्षण की व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। अपर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि नगर निकाय क्षेत्र में संचालित गौशालाओं में भूसा, चारा, पानी और अन्य आवश्यक सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि गोवंश संरक्षण शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी प्रकार की कोताही स्वीकार्य नहीं होगी।
प्रधानमंत्री आवास योजना और पीएम स्वनिधि की समीक्षा
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 और पीएम स्वनिधि योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अपर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि पात्र लाभार्थियों को समय पर योजनाओं का लाभ दिलाया जाए और किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी न हो।
उन्होंने कहा कि ये योजनाएं शहरी गरीबों और छोटे व्यापारियों के आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़ी हैं, इसलिए इनके क्रियान्वयन में विशेष संवेदनशीलता बरती जाए।
नगर निकायों को दी गई स्पष्ट चेतावनी
अपर जिलाधिकारी ने बैठक के अंत में दो टूक शब्दों में कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। लापरवाही, उदासीनता या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने सभी अधिशासी अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे अपने-अपने निकायों में नियमित निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को बेहतर बनाएं और जनता को बेहतर नागरिक सुविधाएं प्रदान करें।
बैठक में रहे सभी अधिशासी अधिकारी उपस्थित
इस समीक्षा बैठक में जनपद के सभी नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के माध्यम से प्रशासन ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि नगर विकास, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

rkpNavneet Mishra

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