संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर जिले का प्रसिद्ध तामेश्वरनाथ धाम सहित सभी शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। हजारों श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में पहुंचकर भगवान शिव का विधि-विधान से जलाभिषेक किया और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
स्थानीय मान्यता के अनुसार यह प्राचीन धाम महाभारत काल से जुड़ा हुआ है। यहां स्थापित स्वयंभू शिवलिंग के दर्शन मात्र से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। फाल्गुन मास की महाशिवरात्रि और श्रावण मास में यहां विशेष रूप से श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता है। जलाभिषेक के साथ मुंडन और अन्य धार्मिक संस्कार भी संपन्न कराए जाते हैं।
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श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए। मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा। वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और शांतिपूर्ण आयोजन सुनिश्चित किया।
जलाभिषेक के बाद श्रद्धालुओं ने मेले का आनंद भी लिया। महिलाओं ने घरेलू सामान की खरीदारी की, जबकि बच्चों ने झूलों और खिलौनों का लुत्फ उठाया। मेले में लगे विभिन्न स्टॉल और मनोरंजन के साधन आकर्षण का केंद्र बने रहे।
दिन चढ़ने के साथ ही श्रद्धालुओं की आस्था और प्रगाढ़ होती गई। भक्त जल, अक्षत, पुष्प, भंग और धतूरा अर्पित कर भगवान शिव की आराधना करते रहे। कई श्रद्धालु दंडवत प्रणाम करते हुए लंबी दूरी तय कर मंदिर पहुंचे। जनश्रुति है कि सच्चे मन से की गई प्रार्थना यहां अवश्य फलित होती है।
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